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झारखंड

मस्कट में चमकेगी झारखंड की हॉकी:यूथ एशियन चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम...

हॉकी इंडिया ने ओमान के मस्कट में आयोजित होने वाली यूथ हॉकी 5ए-साइड एशियन चैंपियनशिप 2026 के लिए 10-10 सदस्यीय भारतीय महिला और पुरुष टीम की घोषणा कर दी है। इनमें झारखंड के छह खिलाड़ियों को जगह मिली है।महिला टीम में राज्य की पांच खिलाड़ियों का चयन हुआ है, जबकि पुरुष टीम में एक खिलाड़ी को मौका मिला है। भारतीय महिला टीम में झारखंड की संदीपा कुमारी, पुष्पा मांझी, श्रुति कुमारी, नीलम टोपनो और खिल्ली कुमारी का चयन किया गया है। वहीं आशीष तनी पूर्ति को भारतीय टीम में शामिल किया गया है। महिला टीम का चयन मध्य प्रदेश के भोपाल में 4 से 18 जुलाई तक आयोजित राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर किया गया है। वहीं पुरुष टीम का चयन चंडीगढ़ में चल रहे राष्ट्रीय शिविर से किया गया। यूथ हॉकी 5ए-साइड एशियन चैंपियनशिप का आयोजन 20 से 25 जुलाई तक होगा। हॉकी झारखंड के अध्यक्ष भोलानाथ सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय टीम में झारखंड के छह खिलाड़ियों का चयन इस बात का प्रमाण है कि राज्य में हॉकी को बढ़ावा देने के लिए सरकार और हॉकी झारखंड द्वारा जमीनी स्तर पर किए जा रहे प्रयास सफल हो रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश और राज्य का नाम रोशन करेंगे। बुलंदियों पर है झारखंड की महिला हॉकी खिलाड़ी महिला हॉकी में झारखंड की यह पहली सफलता नहीं है। हाल ही में जूनियर भारतीय महिला हॉकी टीम के यूनाइटेड किंगडम एक्सपोजर दौरे के लिए भी झारखंड की चार खिलाड़ियों का चयन हुआ है। इसके अलावा एशियन गेम्स के लिए घोषित भारतीय महिला टीम में भी राज्य की चार खिलाड़ी हैं। इस तरह वर्तमान में सीनियर, जूनियर और सब-जूनियर भारतीय महिला हॉकी टीमों में झारखंड की कुल 13 महिला खिलाड़ी शामिल हैं, जो राज्य की हॉकी परंपरा और प्रतिभा का बड़ा प्रमाण है। Source link

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जब यूपी के CM ने अपनी ही पार्टी के दिग्गज नेता को...

Last Updated:July 15, 2026, 11:39 IST Hemwati Nandan Bahuguna Chandra Bhanu Gupta Story: UP CM के गजब किस्से के आज के भाग में कहानी उत्तर प्रदेश की राजनीति के दो ऐसे नेताओं की, जो कभी कांग्रेस के सबसे बड़े चेहरे माने जाते थे. दोनों मुख्यमंत्री बने, दोनों का अपना दबदबा था, लेकिन दोनों के रिश्तों में ऐसी खटास आई कि राजनीति की सबसे चौंकाने वाली कहानियों में से एक जन्म ले गई. एक किताब में दावा है कि सालों बाद एक मुख्यमंत्री ने खुद अपने प्रतिद्वंद्वी नेता से ऐसा राज शेयर किया, जिसे सुनकर कोई भी हैरान हो सकता है. आखिर क्या था वह किस्सा? आइए जानते हैं. ख़बरें फटाफट सत्ता का ऐसा नशा कि बदल दिए बैलेट बॉक्स! यूपी के इतिहास का सबसे बड़ा राजनीतिक खुलासा उत्तर प्रदेश की राजनीति में ऐसी कई पुरानी दुश्मनियां हैं, जिनके बारे में लोग जानते हैं. लेकिन कुछ कहानियां इतनी हैरान करने वाली हैं कि किसी को भी यकीन करना मुश्किल हो सकता है. खासकर तब तो और भी जब अगर कोई कहे कि किसी मुख्यमंत्री ने अपने विरोधी को हराने के लिए ‘बैलेट बॉक्स’ (मतपेटी) ही बदलवा दिए थे. तो कोई भी चौंक जाएगा. पर यह सच है. ऐसा दावा एक किताब में किया गया है. तो ‘यूपी सीएम के गजब किस्से’ की इस पार्ट में हम आपको यही कहानी बताएंगे. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Lucknow,Uttar Pradesh Source link

झारखंड

अंतिम सांस तक जेल में ही रहेंगे दोनों दोषी, झारखंड हाईकोर्ट का...

Last Updated:July 15, 2026, 11:04 IST ADJ Uttam Anand Murder Case: धनबाद के बहुचर्चित जज उत्तम आनंद हत्याकांड में झारखंड हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट ने धनबाद की सीबीआई कोर्ट की सुनाई गई सजा को सही ठहराते हुए दोनों दोषियों की अपील खारिज कर दी. अदालत ने कहा कि यह कोई आकस्मिक घटना नहीं थी, बल्कि जानबूझकर की गई हत्या थी. जज उत्तम आनंद हत्याकांड में झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दोनों दोषियों की ताउम्र जेल की सजा बरकरार रांची. झारखंड उच्च न्यायालय (Jharkhand High Court) ने धनबाद के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश यानी एडीजे (ADJ) उत्तम आनंद हत्याकांड मामले में बड़ा फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट ने इस जघन्य हत्याकांड के दोनों मुख्य दोषियों, लखन वर्मा और राहुल वर्मा की क्रिमिनल अपील याचिकाओं को पूरी तरह से खारिज कर दिया है. उच्च न्यायायल ने धनबाद की विशेष सीबीआई कोर्ट द्वारा दोनों अपराधियों को सुनाई गई अंतिम सांस तक जेल में रहने यानी ताउम्र कैद की सजा को बिल्कुल सही ठहराते हुए बरकरार रखा है. उच्च न्यायालय ने साफ तौर पर कहा कि यह कोई सड़क दुर्घटना या आकस्मिक घटना नहीं थी, बल्कि न्यायाधीश को रास्ते से हटाने के लिए जानबूझकर सोची-समझी साजिश के तहत की गई जघन्य हत्या थी. सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन पक्ष के तर्कों को सही पाया और माना कि आटो से टक्कर मारने की यह वारदात कोई आकस्मिक नहीं थी, बल्कि दोषियों ने पूरी प्लानिंग के साथ जज उत्तम आनंद को पीछे से टक्कर मारी थी, ताकि उनकी जान ली जा सके. दोषियों की तरफ से सजा को कम करने या बरी करने के लिए दायर की गई याचिका में कोई भी ठोस कानूनी आधार नहीं पाया गया, जिसके चलते कोर्ट ने उनकी अपील को सिरे से खारिज कर दिया. हाई इसके साथ ही झारखंड हाईकोर्ट की खंडपीठ ने निचली अदालत के 6 अगस्त 2022 को दिए गए फैसले पर अपनी अंतिम मुहर लगा दी. वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्य बने फैसले का मुख्य आधार बता दें कि इस पूरे मामले की तफ्तीश केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई (CBI) ने की थी. हाईकोर्ट ने अपने फैसले में सीबीआई द्वारा कोर्ट के समक्ष पेश किए गए वैज्ञानिक, फॉरेंसिक और तकनीकी साक्ष्यों को बेहद मजबूत और सटीक माना है. जांच एजेंसी ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज की थ्री-डी मैपिंग, ऑटो की गति का विश्लेषण, मोबाइल लोकेशन और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट को अदालत के सामने पेश किया था. इन पुख्ता डिजिटल और तकनीकी सबूतों से यह पूरी तरह साबित हो गया कि ऑटो चालक ने जानबूझकर सड़क किनारे दौड़ रहे जज उत्तम आनंद को निशाना बनाया था. धनबाद सीबीआई कोर्ट का 6 अगस्त 2022 का फैसला सही झारखंड हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि धनबाद की विशेष सीबीआई अदालत ने 6 अगस्त 2022 को जो फैसला दिया था वह कानूनी रूप से पूरी तरह न्यायसंगत है. बता दें कि निचली अदालत ने लखन वर्मा और राहुल वर्मा को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 (हत्या) और धारा 201 (साक्ष्य छिपाने) के तहत दोषी पाते हुए मरते दम तक जेल की कोठरी में रहने की कड़ी सजा सुनाई थी. अब जब इस मामले में उच्च न्यायालय ने भी अपना फैसला दे दिया है तो दोनों दोषियों को अपनी पूरी जिंदगी जेल की सलाखों के पीछे ही गुजारनी होगी. जज उत्तम आनंद हत्याकांड के बारे में जानिए आपको बता दें कि जज उत्तम आनंद की हत्या की यह पूरी घटना 28 जुलाई 2021 की है. उस दिन इस हत्या की वारदात को तब अंजाम दिया गया जब एडीजे उत्तम आनंद कोर्ट जाने से पहले रणधीर वर्मा चौक के पास सड़क किनारे मॉर्निंग वॉक कर रहे थे. इसी दौरान पीछे से आ रहे एक ऑटो रिक्शा ने जानबूझकर बेहद करीब आकर उन्हें जोरदार टक्कर मार दी, जिससे सिर में गंभीर चोट लगने के कारण अस्पताल में उनकी मौत हो गई. शुरुआत में इसे एक साधारण सड़क दुर्घटना माना जा रहा था, लेकिन घटना का रोंगटे खड़े कर देने वाला सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद सुप्रीम कोर्ट और झारखंड हाईकोर्ट के कड़े रुख पर जांच सीबीआई को सौंपी गई. सीबीआई ने गहन वैज्ञानिक जांच के बाद खुलासा किया कि ऑटो चालक लखन वर्मा और उसके सहयोगी राहुल वर्मा ने सोची-समझी साजिश के तहत जज उत्तम आनंद की हत्या की थी, जिसके बाद धनबाद की विशेष अदालत ने अगस्त 2022 में दोनों को ताउम्र कैद की सजा सुनाई थी. जज उत्तम आनंद केस में अब भी अनसुलझे हैं सवाल हालांकि, मामले में कई ऐसे पहलू भी हैं जो अनसुलझे हैं. सीबीआई की जांच के अनुसार, धनबाद के जज उत्तम आनंद की हत्या के मामले में दोनों दोषियों ने किसी मास्टरमाइंड या ठोस वजह का खुलासा नहीं किया, जिससे हत्या के मकसद पर सस्पेंस बना हुआ है. वहीं, सीबीआई का मानना था कि यह मोबाइल चोरी की कोशिश थी, जबकि परिवार को इसमें बड़े माफिया की साजिश का संदेह है. हालांकि, सीसीटीवी साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने इसे इरादतन हत्या मानते हुए सजा सुनाई, यह स्पष्ट करते हुए कि सजा के लिए स्पष्ट मकसद साबित करना अनिवार्य नहीं है.बहरहाल, हाईकोर्ट ने अपने फैसले में सीबीआई के पेश किए गए वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों को महत्वपूर्ण आधार माना और कहा कि इन साक्ष्यों से अभियोजन का मामला मजबूत साबित होता है और दोषसिद्धि पर कोई संदेह नहीं रह जाता. About the Author Vijay jha पत्रकारिता क्षेत्र में 22 वर्षों से कार्यरत. प्रिंट, इलेट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन. नेटवर्क 18, ईटीवी, मौर्य टीवी, फोकस टीवी, न्यूज वर्ल्ड इंडिया, हमार टीवी, ब्लूक्राफ्ट डिजिट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

झारखंड

Dhanbad News | Dhulu Mahto & Arup Chatterjee Face-off Over Nirsa Flyover

धनबाद के निरसा में एनएच-19 पर प्रस्तावित एलिवेटेड फ्लाईओवर निर्माण को लेकर को सियासी माहौल गरमा गया है। फ्लाईओवर के समर्थन और विरोध में भाजपा और माले ने अलग-अलग कार्यक्रमों की घोषणा कर दी है, जिससे क्षेत्र में टकराव की आशंका बढ़ गई है। . भाजपा की ओर से सांसद ढुलू महतो और बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो के नेतृत्व में बेलचड़ी बंद पेट्रोल पंप से देवियाना गेट स्थित निर्माण स्थल तक पदयात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद सभा का आयोजन भी होगा। भाजपा का कहना है कि फ्लाईओवर बनने से एनएच-19 पर लगने वाले जाम और सड़क दुर्घटनाओं की समस्या में कमी आएगी, जिससे आम लोगों को राहत मिलेगी। माले का विरोध, भ्रष्टाचार और अनियमितता के आरोप वहीं दूसरी ओर, निरसा विधायक अरूप चटर्जी के नेतृत्व में माले कार्यकर्ता भी सड़क पर उतरने की तैयारी में हैं। माले की ओर से निरसा कार्यालय से पैदल मार्च निकालते हुए देवियाना-गोपालगंज के बीच धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। पार्टी का आरोप है कि फ्लाईओवर निर्माण कार्य में भारी अनियमितता, भ्रष्टाचार, अवैध बालू तस्करी और माफियाओं का हस्तक्षेप हो रहा है। माले ने निर्माण कार्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। दोनों दलों के कार्यक्रम लगभग एक ही समय और एक ही मार्ग पर होने के कारण इलाके में राजनीतिक तनाव साफ देखा जा रहा है। प्रशासन चौकस, सुरक्षा के कड़े इंतजाम स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए निरसा क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब खुद निरसा थाना पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। कई थानों की पुलिस फोर्स, वज्र वाहन, रबर बुलेट दस्ता, आंसू गैस टीम और लाठी पार्टी को तैनात किया गया है। अधिकारियों ने दोनों कार्यक्रम स्थलों और रूट का निरीक्षण भी किया है। एहतियात के तौर पर पुलिस ने 100 से अधिक लोगों के खिलाफ धारा 107 के तहत कार्रवाई की है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं। गड़बड़ी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ——————————————– इसे भी पढ़ें… एलिवेटेड रोड निर्माण स्थल बनेगा सियासी अखाड़ा:कल निरसा में सांसद ढुलू करेंगे महाजुटान, विधायक अरुप का भी वहीं पदयात्रा सांसद ढुलू महतो और विधायक अरुप चटर्जी के बीच निरसा क्षेत्र में वर्चस्व की लड़ाई अब सड़क तक पहुंच गई है। दोनों ने एक ही जगह और एक ही दिन 15 जुलाई को सड़क पर शक्ति प्रदर्शन करने की घोषणा की है। सांसद ने भाजपा और एटक कार्यकर्ताओं के साथ निरसा में जीटी रोड पर एलिवेटेड रोड के निर्माण स्थल पर महाजुटान का ऐलान किया है। वे अरुप पर निर्माण में बाधक बनने का आरोप लगा रहे हैं। वहीं, विधायक ने कहा है कि इस प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार के जरिए सांसद और उनके लोग अपनी जेबें भरना चाहते हैं। इसके खिलाफ भाकपा माले और बिहार कोलियरी कामगार यूनियन के बैनर तले निर्माण स्थल तक विशाल पदयात्रा निकाली जाएगी, ताकि निर्माण पारदर्शिता व गुणवत्ता के साथ हो सके। यहां पढ़ें पूरी खबर… Source link

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गिरिडीह में घर के बाहर खड़ी कार में लगाई आग:देर रात सर्कस...

गिरिडीह के बेंगाबाद मेन बाजार स्थित सर्कस मैदान के पास मंगलवार देर रात अज्ञात अपराधियों ने घर के बाहर खड़ी मारुति सुजुकी फ्रॉन्क्स कार को आग लगा दी। देखते ही देखते वाहन धू-धू कर जलने लगा। स्थानीय लोगों ने आग की लपटें उठती देख शोर मचाया और मौके पर जुटने लगे, लेकिन तब तक आग काफी फैल चुकी थी। इस घटना ने बाजार क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मालिक ने बताई पूरी घटना, बुझाने की कोशिश बेकार वाहन मालिक माशूम कुमार ने बताया कि वे 13 जुलाई को तिसरी से अपने घर लौटे थे। अपनी कार को घर के बाहर ही खड़ा किया था। मंगलवार की देर रात अचानक कुछ असामाजिक तत्वों ने उनकी कार में आग लगा दी। जब तक उन्हें घटना की जानकारी मिली और वे मौके पर पहुंचे, तब तक आग पूरी तरह विकराल रूप ले चुकी थी। स्थानीय लोगों की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक वाहन पूरी तरह जल चुका था। उन्होंने बताया कि यह घटना उनके लिए बड़ा नुकसान है। घटना की सूचना उन्होंने तुरंत बेंगाबाद थाना पुलिस को दी। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे सूचना मिलते ही बेंगाबाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी। थाना प्रभारी अमन कुमार ने बताया कि पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है, ताकि आग लगाने वाले आरोपियों की पहचान की जा सके। उन्होंने कहा कि घटना को अंजाम देने वालों को जल्द ही चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अन्य साक्ष्यों को भी जुटाने में लगी है। थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया कि इस मामले का जल्द खुलासा किया जाएगा। Source link

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समुद्र में फंसा 250 करोड़ का माल, मिडिल ईस्ट संकट ने बढ़ाई...

Last Updated:July 15, 2026, 10:43 IST Kanpur News: होर्मुज जलमार्ग पर बढ़े तनाव का असर कानपुर के निर्यात कारोबार पर दिखाई देने लगा है. कारोबारियों के अनुसार 200 से 250 करोड़ रुपये का माल समुद्र और विभिन्न बंदरगाहों पर फंसा हुआ है. सबसे ज्यादा असर लेदर उद्योग पर पड़ा है, जबकि शिपिंग में देरी और संभावित अतिरिक्त सुरक्षा शुल्क से निर्यातकों की चिंता और बढ़ गई है. कानपुर: मिडिल ईस्ट देशों के साथ कारोबार करने वाले कानपुर के निर्यातकों के लिए एक बार फिर मुश्किलें बढ़ गई हैं. होर्मुज जलमार्ग पर हालात बिगड़ने के बाद कई कॉमर्शियल जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिसका असर सीधे कानपुर के कारोबार पर पड़ रहा है. कारोबारियों के मुताबिक करीब 200 से 250 करोड़ रुपये का माल समुद्र में या दूसरे बंदरगाहों पर फंस गया है और फिलहाल उसके आगे बढ़ने की कोई साफ तस्वीर नहीं है.फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (फियो) के सहायक निदेशक आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि इस समय निर्यातकों के पास इंतजार करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है. जब तक हालात सामान्य नहीं होते, तब तक मिडिल ईस्ट देशों के साथ कारोबार पहले की तरह चल पाना मुश्किल होगा. 10-15 दिन पहले भेजा गया सामान भी अटका कारोबारियों का कहना है कि 10 से 15 दिन पहले जो माल जहाजों के जरिए भेजा गया था, वह अब बीच रास्ते या दूसरे बंदरगाहों पर रुक गया है. अचानक हालात बदलने से शिपिंग कंपनियों को अपने रूट बदलने पड़े हैं, जिससे सामान पहुंचने में देरी हो रही है और खर्च भी बढ़ रहा है. इसका सबसे ज्यादा असर कानपुर के लेदर कारोबार पर पड़ रहा है. इसके अलावा कपड़ा, केमिकल, प्लास्टिक उत्पाद, खाद्य सामग्री और अन्य सामान का निर्यात भी प्रभावित हुआ है. कई कारोबारी फिलहाल नए ऑर्डर लेने से भी बच रहे हैं, क्योंकि उन्हें नहीं पता कि माल समय पर पहुंचेगा या नहीं. कुछ दिनों की राहत के बाद फिर बढ़ीं मुश्किलें निर्यातकों के लिए इस साल की शुरुआत से ही हालात आसान नहीं रहे हैं. फरवरी से जून के बीच भी कारोबार पर असर पड़ा था. इसके बाद 15 जून से हालात कुछ बेहतर हुए और कारोबार धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगा था. लेकिन अब एक बार फिर पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव ने कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है.कारोबारियों का कहना है कि अगर यही स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो इसका असर फैक्ट्रियों के कामकाज और रोजगार पर भी पड़ सकता है. बढ़ सकता है कारोबार का खर्च निर्यातकों की चिंता सिर्फ माल फंसने तक सीमित नहीं है. जहाजों पर अतिरिक्त सुरक्षा शुल्क लगाए जाने की चर्चा भी चल रही है. अगर ऐसा होता है तो माल भेजने का खर्च और बढ़ जाएगा, जिसका सीधा असर निर्यातकों की जेब पर पड़ेगा.काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट के पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष असद इराकी का कहना है कि इस समय कारोबारी सिर्फ हालात सुधरने का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से निर्यातकों को लगातार वैश्विक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और अब उन्हें सरकार से राहत और मदद की उम्मीद है. About the Author Vivek Kumar विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Kanpur,Kanpur Nagar,Uttar Pradesh Source link

झारखंड

जब खत्म होने को आया सीजन, तब भी पलामू के इस बागान...

होमताजा खबरकृषि जब खत्म होने को आया सीजन, तब भी पलामू के इस बागान में लदे हैं आम! खूब कमाई Last Updated:July 15, 2026, 09:59 IST Palamu Off Season Mango Sale: आम का सीजन लगभग खत्म हो गया है पर पलामू के चेड़बार गांव में किसान तारकेश्वर सिंह के बाग में अभी भी आमों की तुड़ाई और इससे अच्छी कमाई चल रही है. इन्होंने आम्रपाली और मल्लिका किस्म के आम लगाए थे जो देर से फलते हैं. केमिकल फ्री होने के कारण आसपास के जिलों से भी लोग इनके पास आम खरीदने आ रहे हैं. ख़बरें फटाफट पलामू. बदलते मौसम में जहां अधिकांश जगहों पर आम का सीजन लगभग खत्म हो चुका है, वहीं पलामू जिले के चैनपुर प्रखंड के चेड़बार गांव में एक किसान का आम का बाग अब भी फलों से लदा हुआ है. यहां देर से पकने वाली आम्रपाली और मल्लिका किस्म के आमों की तुड़ाई लगातार जारी है. खास बात यह है कि पूरी तरह रसायनमुक्त इन आमों की बाजार में जबरदस्त मांग है और किसान इन्हें 80 रुपये प्रति किलो की दर से बेच रहे हैं. ऑफ-सीजन में ताजे और मीठे आम मिलने से दूर-दूर से लोग सीधे बाग में पहुंचकर खरीदारी कर रहे हैं. रोजाना दो क्विंटल तक हो रही बिक्रीकिसान तारकेश्वर सिंह ने लोकल 18 को बताया कि आम्रपाली और मल्लिका दोनों ही देर से पकने वाली किस्में हैं. इसलिए जब दूसरे बागों में आम खत्म हो जाते हैं, तब इनके बाग में तुड़ाई जारी रहती है. वर्तमान में हर दिन करीब दो क्विंटल आम की बिक्री हो रही है. अब तक करीब 60 क्विंटल आम बिक चुके हैं, जबकि अभी भी 20 से 25 क्विंटल आम पेड़ों पर मौजूद हैं, जिनकी तुड़ाई और बिक्री जारी है. रसायनमुक्त होने से बढ़ी मांगउन्होंने बताया कि बाग में तैयार होने वाले आम पूरी तरह प्राकृतिक तरीके से उगाए गए हैं. इनमें किसी प्रकार के हानिकारक रसायनों का उपयोग नहीं किया गया है. यही वजह है कि इनका स्वाद बेहद मीठा है और ग्राहक इन्हें पसंद कर रहे हैं. किसान का कहना है कि शहरों में मिलने वाले आमों की तुलना में यहां कम कीमत पर शुद्ध और ताजे आम उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे खरीदार सीधे बाग तक पहुंच रहे हैं. चार जिलों से पहुंच रहे खरीदारचेड़बार गांव का यह बाग अब स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के जिलों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन गया है. रांची, पलामू, गढ़वा और लातेहार से लोग यहां आम खरीदने पहुंच रहे हैं. कई ग्राहक हर वर्ष इसी बाग से आम खरीदना पसंद करते हैं, क्योंकि उन्हें यहां गुणवत्ता और स्वाद दोनों मिलते हैं. देर से पकने वाली किस्में किसानों के लिए फायदेमंदउन्होंने यह भी कहा कि आम्रपाली और मल्लिका जैसी देर से पकने वाली किस्में किसानों के लिए बेहतर विकल्प हैं. जब बाजार में सामान्य आम की आवक कम हो जाती है, तब इन किस्मों को बेहतर कीमत मिलती है. इससे किसानों की आय बढ़ती है और उन्हें लंबे समय तक आम की बिक्री का अवसर मिलता है. चेड़बार का यह बाग इसका जीवंत उदाहरण है कि सही किस्मों का चयन कर किसान ऑफ-सीजन में भी अच्छी कमाई कर सकते हैं. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

झारखंड

म्यूटेशन से जमीन का मालिकाना हक तय नहीं हो सकता: झारखंड हाईकोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) की प्रक्रिया के आधार पर किसी जमीन का मालिकाना हक तय नहीं किया जा सकता। म्यूटेशन, जमाबंदी और लगान रसीदें सिर्फ राजस्व रिकॉर्ड के लिए होती हैं। इनसे किसी व्यक्ति का कानूनी स्वामित्व साबित नहीं होता। अगर किसी जमीन पर दो पक्ष मालिकाना हक का दावा करते हैं, तो उसका फैसला सिविल कोर्ट ही कर सकती है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने हजारीबाग के दारू अंचल के मौजा काबिलासी की करीब 24.79 एकड़ जमीन से जुड़े पुराने विवाद की सुनवाई करते हुए किशोरी साह समेत आठ लोगों की अपील खारिज कर दी। -शेष पेज 13 पर अदालत ने एकलपीठ के फैसले को सही ठहराया सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि म्यूटेशन की प्रविष्टियां और लगान रसीदें केवल राजस्व अभिलेखों के रखरखाव के लिए होती हैं। इनका उद्देश्य स्वामित्व तय करना नहीं है। मालिकाना हक के विवाद में साक्ष्यों की विस्तृत जांच जरूरी है और यह काम सिविल कोर्ट ही कर सकता है। इसी आधार पर कोर्ट ने एकलपीठ के फैसले को सही ठहराते हुए अपील खारिज कर दी। Source link

झारखंड

CID will also investigate the illegal withdrawal of Rs 1.21 crore in...

रांची4 घंटे पहले कॉपी लिंक झारखंड में हुए ट्रेजरी घोटाले में अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। सीआईडी ने अब खूंटी और देवघर जिले में हुए 1.21 करोड़ रुपए की अवैध निकासी मामले को भी टेकओवर कर लिया है। रांची स्थित सीआईडी थाने में 13 जुलाई को दोनों मामलों की एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही सीआईडी के पास अब ट्रेजरी घोटाले से जुड़े सात केस दर्ज हो चुके हैं। खूंटी जिले का मामला सारिदकेल तोरपा स्थित एसआईआरबी-02 वाहिनी मुख्यालय की लेखा शाखा में 22.69 लाख रुपए की अवैध निकासी का है। वहीं देवघर जिले के सरवां स्थि​त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी करीब 99 लाख रुपए की अवैध वेतन निकासी की गई है। इन दोनों मामलों की जांच पहले पुलिस कर रही थी। जिसे अब सीआईडी ने टेकओवर कर जांच शुरू कर दी है। इससे पहले सीआईडी बोकारो एसपी ऑफिस, हजारीबाग एसपी ऑफिस, चाईबासा एसपी ऑफिस, रांची में पशुपालन विभाग और रामगढ़ में हुई अवैध निकासी मामले की जांच कर रही है। गौरतलब है कि सीआईडी के साथ ही वित्त विभाग की विशेष टीम भी मामले की जांच कर रही है। ईडी ने भी ईसीआईआर दर्ज कर इस मामले की जांच शुरू कर दी है। हालंकि ईडी की जांच अभी प्रारंभिक स्तर पर है। देवघर… लिपिक ने 2017 से 2019 के बीच 99 लाख की निकासी की देवघर के सरवां स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 99 लाख रुपए के अवैध ​वेतन निकासी का मामला सामने आने के बाद देवघर डीसी ने जांच कराई। फिर केंद्र के चिकित्सा प्रभारी डॉ. ब्रजकिशोर सिन्हा की रिपोर्ट पर पूर्व लेखा लिपिक सविता कुमारी के खिलाफ सरवा थाने में एफआईआर दर्ज की गई। सविता कुमारी बाद में सिविल सर्जन कार्यालय देवघर में पदस्थापित थी। आरोप है कि उसने ट्रेजरी से 99.06 लाख रुपए की अवैध निकासी की। वर्ष 2017 से 2019 के बीच सविता ने अपने खाता संख्या 31505009828 में आलोक बनर्जी, सुलोचना कुमारी, कुमारी लक्खी एवं अन्य कर्मियों के नाम से 28.73 लाख रुपए ट्रांसफर कर लिया। फिर जिवलाल मेहरा, सुरसुरी देवी एवं अन्य कर्मियों के नाम से 19.33 लाख रुपए बिन्दु कुमारी के खाता संख्या 20170161917 में ट्रांसफर किया गया। खूंटी मामला… गिरफ्तार आरोपी शुभम कुमार से पूछताछ की तैयारी, 1 फरार सारिदकेल तोरपा स्थित एसआईआरबी-02 वाहिनी मुख्यालय की लेखा शाखा में अवैध निकासी मामला सामने आने के बाद खूंटी के कोषागार पदाधिकारी के लिखित आवेदन पर खूंटी थाना में 21 मई को एफआईआर (कांड संख्या 72/26) दर्ज की गई थी। इस मामले में अकाउंटेंट अजीत कुमार सिंह और शुभम सिंह को आरोपी बनाया गया था। इस अवैध निकासी का खुलासा मजिस्ट्रेट विपिन चंद्र विश्वास, ट्रेजरी अफसर शिव कुमार सिंह व अपर समाहर्ता की टीम की जांच में हुआ था। जांच टीम ने रिपोर्ट में कहा था कि सरकारी नियमों को ताक पर रखकर आरोपियों के खाते में अवैध रूप से 22.69 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए गए। एफआईआर दर्ज होने के बाद पटना के बिहटा थानाक्षेत्र के घोडाटाप निवासी शुभम सिंह को 19 जून को गिरफ्तार किया गया था। जबकि दूसरा आरोपी अजीत कुमार सिंह फरार है। अब सीआईडी की एसआईटी शुभम को रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट से अनुमति मांगेगी। हजारीबाग-बोकारो मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ दायर हो चुकी चार्जशीट ट्रेजरी घोटाले में सीआईडी बोकारो और हजारीबाग मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुका है। अब चाईबासा मामले में इस महीने चार आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी है। वहीं रांची जिले में पशुपालन विभाग में हुए अवैध निकासी मामले में भी सीआईडी की जांच तेज है। आरोपी मुनींद्र कुमार को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी चल रही है। आरोपी मुनींद्र के विरुद्ध रांची में कोतवाली और खेलगांव थाना में दो एफआईआर दर्ज है। जिला विभाग अवैध निकासी रामगढ़ पशुपालन विभाग 34.25 लाख चाईबासा एसपी ऑफिस 44 लाख देवघर सीएचसी 99 लाख अब आरोपियों को रिमांड पर लेने की तैयारी खूंटी के एसआईआरबी-02 वाहिनी विभाग से 22.69 लाख की अवैध निकासी जिला विभाग अवैध निकासी हजारीबाग एसपी ऑफिस 31 करोड़ बोकारो एसपी ऑफिस 11 करोड़ रांची पशुपालन विभाग 2.94 करोड़ दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ Source link

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Tanvi Sharma Merchant Navy Success Story: 12वीं के बाद नहीं चुनी इंजीनियरिंग-डॉक्टरी,...

नई दिल्ली (Tanvi Sharma Merchant Navy Success Story). 12वीं बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट आते ही देश के ज्यादातर घरों में इंजीनियरिंग, मेडिकल और नामी कॉलेजों की चर्चा शुरू हो जाती है. हर दूसरा स्टूडेंट नीट या जेईई की कोचिंग की तैयारी में जुट जाता है. लेकिन जम्मू-कश्मीर के राजौरी की रहने वाली 18 साल की तन्वी शर्मा ने लीक से हटकर कुछ ऐसा करने का सोचा, जिसकी आम तौर पर कोई उम्मीद नहीं करता. उन्होंने भीड़ का हिस्सा बनने के बजाय मर्चेंट नेवी को अपने करियर के रूप में चुना. तन्वी शर्मा का फैसला बिल्कुल सही साबित हो चुका है. 12वीं पास करने के कुछ ही हफ्तों बाद उन्होंने मर्चेंट नेवी की परीक्षा पास कर ली है. मर्चेंट नेवी की तैयारी के लिए आम तौर पर लोग कोचिंग का सहारा लेते हैं. लेकिन तन्वी शर्मा ने ऐसा नहीं किया था. उन्होंने सिर्फ एक महीने की सेल्फ स्टडी से यह मुकाम हासिल किया. अब अगस्त से उनकी ट्रेनिंग भी शुरू होने जा रही है. तन्वी शर्मा की सक्सेस स्टोरी पढ़कर जानिए कि मात्र 18 साल की उम्र में उन्होंने अपनी मेहनत से इतिहास कैसे रचा. भीड़ से बिल्कुल अलग चुनी राह स्कूल खत्म करने के बाद तन्वी शर्मा के पास करियर के कई आसान और जाने-पहचाने रास्ते मौजूद थे. उनके नंबर इतने अच्छे थे कि वे आसानी से मेडिकल या इंजीनियरिंग की तरफ कदम बढ़ा सकती थीं. लेकिन वे कुछ अलग करना चाहती थीं. वह बिल्कुल अनोखी पहचान बनाना चाहती थीं. तन्वी शर्मा आने वाली पीढ़ी के सामने मिसाल पेश करना चाहती थीं कि कामयाबी सिर्फ उन्हीं रास्तों पर नहीं मिलती, जहां सब जा रहे हैं. आप चाहें तो लीक से हटकर भी करियर बना सकते हैं. सिर्फ एक महीने में पलट दी किस्मत आज के समय में जेईई और नीट जैसे कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स को पास करने के लिए स्टूडेंट्स सालों-साल कोचिंग में बिता देते हैं. वहीं तन्वी शर्मा ने सिर्फ अपनी किताबों पर भरोसा किया. उन्होंने महज 1 महीने तक पूरे फोकस के साथ खुद पढ़ाई की. उनका कहना है कि पढ़ाई के घंटों से ज्यादा आपकी लगन मायने रखती है. जब तक आपके अंदर अपने लक्ष्य को पाने की आग और जुनून नहीं होगा, तब तक बाहरी रिसोर्सेस भी आपका भला नहीं कर सकते. किताबों से बाहर की असल चुनौतियां मर्चेंट नेवी की परीक्षा पास करना तन्वी के सफर का एक हिस्सा मात्र था. असली परीक्षा तो इसके बाद शुरू हुई. सिलेक्शन के अलग-अलग चरणों के लिए तन्वी शर्मा को अकेले ही देश के कोने-कोने में सफर करना पड़ा. इंटरव्यू और मेडिकल टेस्ट के लिए वे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और गोवा जैसे बड़े शहरों में गईं. स्कूल से तुरंत निकली एक लड़की के लिए घर से दूर अनजान शहरों में रहकर खुद को शांत और फोकस्ड रखना बड़ी चुनौती थी. इसे भी उन्होंने बखूबी पार किया. सफलता के पीछे मां का हाथ विभिन्न मीडिया इंटरव्यूज में तन्वी शर्मा से पूछा गया कि वह अपनी कामयाबी का श्रेय किसे देती हैं. उन्होंने बिना झिझक अपनी मां का नाम लिया. मर्चेंट नेवी एग्जाम की तैयारी के मुश्किल दिनों से लेकर अलग-अलग शहरों के लंबे और थका देने वाले दौरों तक, तन्वी की मां हमेशा उनके साथ ढाल बनकर खड़ी रहीं. माता-पिता के इसी भरोसे ने तन्वी शर्मा को हर कदम पर हौसला दिया और वह इतनी कम उम्र में अपनी सक्सेस स्टोरी रच पाईं. शुरू होने जा रहा है नया सफर अगस्त 2026 में तन्वी शर्मा मर्चेंट नेवी जॉइन करेंगी. उनका यह नया सफर अनुशासन, जिम्मेदारी और रोमांच से भरा होगा. यह नया सफर उनके गृहनगर की सीमाओं से बहुत दूर समंदर की लहरों पर शुरू होगा. तन्वी शर्मा की सक्सेस स्टोरी उन हजारों युवाओं के लिए मिसाल है जो लीक से अलग हटकर नहीं सोच पाते हैं. उन्हें लगता है कि भीड़ के पीछे भागे बिना सफल नहीं हुआ जा सकता. सच तो यह है कि कभी-कभी सबसे खूबसूरत मंजिलें अलग रास्ता चुनने से ही मिलती हैं. मर्चेंट नेवी में करियर कैसे बनाएं? मर्चेंट नेवी में करियर की शुरुआत के लिए इंडियन मैरीटाइम यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (IMU-CET) पास करना होता है. 12वीं (PCM यानी फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स) के बाद होने वाली इस प्रवेश परीक्षा में बेसिक साइंस, मैथ्स, इंग्लिश और जनरल एप्टीट्यूड से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं. लिखित परीक्षा पास करने के बाद सख्त मेडिकल टेस्ट, फिजिकल फिटनेस स्टैंडर्ड और इंटरव्यू के चरणों से गुजरना पड़ता है. इसके बाद ही मर्चेंट नेवी के प्री-सी ट्रेनिंग कोर्सेज (जैसे DNS या BSc नॉटिकल साइंस) में एडमिशन और शिपिंग कंपनियों में स्पॉन्सरशिप मिलती है. Source link

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