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मुरमुरे-मखाना कड़ाही में जाते ही क्यों मारने लगते हैं छलांग? – News18...

होमवीडियोदेश देश की पाठशाला: मुरमुरे-मखाना कड़ाही में जाते ही क्यों मारने लगते हैं छलांग? X देश की पाठशाला: मुरमुरे-मखाना कड़ाही में जाते ही क्यों मारने लगते हैं छलांग?   न्यूज18 इंडिया के शो देश की पाठशाला में सुशांत सिन्हा ने एक बेहद दिलचस्प और वैज्ञानिक जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि पॉपकॉर्न, मखाना और राइस पफ (मुरमुरे) भूनने से पहले बहुत सख्त होते हैं लेकिन गर्म करने पर ये फूटकर हल्के और स्वादिष्ट स्नैक्स में बदल जाते हैं. इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण इन दानों के भीतर छिपी नमी है. जब इन्हें गर्म किया जाता है तो अंदर मौजूद पानी भाप में बदल जाता है, जिससे अंदरूनी दबाव (प्रेशर) बढ़ता है और दाना फूटकर उलट जाता है. पॉपकॉर्न की बाहरी परत सख्त होती है, जिससे वह दबाव बढ़ने पर तेज आवाज के साथ फूटता है. वहीं, मखाने का बाहरी कवच पॉपकॉर्न से भी ज्यादा कठोर होता है, इसलिए वह गर्मी से खुद नहीं फूटता; उसे गर्म करने के तुरंत बाद लकड़ी के पट्टे से पीटा जाता है जिससे वह मखाने का रूप लेता है. इसके विपरीत, राइस पफ यानी धान (चावल) के अंदर स्टार्च होता है जो गर्म होने पर भाप तो बनाता है, लेकिन इसकी बाहरी कोटिंग पतली होने के कारण यह बिना आवाज किए ही फूटकर लाई बन जाता है.<br>न्यूज18 इंडिया के शो देश की पाठशाला में सुशांत सिन्हा ने एक बेहद दिलचस्प और वैज्ञानिक जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि पॉपकॉर्न, मखाना और राइस पफ (मुरमुरे) भूनने से पहले बहुत सख्त होते हैं लेकिन गर्म करने पर ये फूटकर हल्के और स्वादिष्ट स्नैक्स में बदल जाते हैं. इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण इन दानों के भीतर छिपी नमी है. जब इन्हें गर्म किया जाता है तो अंदर मौजूद पानी भाप में बदल जाता है, जिससे अंदरूनी दबाव (प्रेशर) बढ़ता है और दाना फूटकर उलट जाता है. पॉपकॉर्न की बाहरी परत सख्त होती है, जिससे वह दबाव बढ़ने पर तेज आवाज के साथ फूटता है. वहीं, मखाने का बाहरी कवच पॉपकॉर्न से भी ज्यादा कठोर होता है, इसलिए वह गर्मी से खुद नहीं फूटता; उसे गर्म करने के तुरंत बाद लकड़ी के पट्टे से पीटा जाता है जिससे वह मखाने का रूप लेता है. इसके विपरीत, राइस पफ यानी धान (चावल) के अंदर स्टार्च होता है जो गर्म होने पर भाप तो बनाता है, लेकिन इसकी बाहरी कोटिंग पतली होने के कारण यह बिना आवाज किए ही फूटकर लाई बन जाता है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

झारखंड

लागत बढ़ने के बाद डिजाइन में किए गए कई बदलाव:सदर अस्पताल… बोन...

विभाग की मंजूरी के बाद शुरू होगा, लागत 6.45 करोड़ से 10 करोड़ रुपए हुई राज्य के पहले सरकारी बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट के निर्माण का रास्ता अब अंतिम प्रशासनिक मंजूरी पर आकर टिक गया है। रांची के सदर अस्पताल में बनने वाली इस यूनिट की लागत 6.45 करोड़ से बढ़कर करीब 10 करोड़ रुपए हो गई है। एल-1 हुई कंपनी ने सबसे कम यही रेट यूनिट तैयार करने के लिए दिया है। लागत बढ़ने के साथ यूनिट के प्लान और डिजाइन में भी कई बदलाव हुए हैं। इसी वजह से अब तक निर्माण शुरू नहीं हो सका है। सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि संशोधित डिजाइन अब पूरी तरह तैयार कर लिया गया है। मंगलवार को इसे स्वास्थ्य विभाग को भेजा जाएगा। विभाग से डिजाइन और बढ़ी हुई लागत को मंजूरी मिलते ही चयनित एजेंसी को कार्यादेश जारी कर निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। मंजूरी मिलते ही तीन माह में पूरा करना होगा प्रबंधन के अनुसार, विभाग से संशोधित डीपीआर और बढ़ी हुई लागत को मंजूरी मिलने के बाद चयनित एजेंसी को निर्माण कार्य शुरू करने की अनुमति दी जाएगी। एजेंसी को कार्य शुरू होने के बाद 3 माह के भीतर यूनिट तैयार कर पूरी तरह संचालित करने योग्य बनाना होगा। झारखंड के मरीजों को लाभ बीएमटी यूनिट शुरू होने के बाद झारखंड के हजारों मरीजों को दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और अन्य महानगर नहीं जाना पड़ेगा। सदर अस्पताल के हेमेटोलॉजिस्ट डॉ. अभिषेक रंजन समेत विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम रांची में ही बोन मैरो ट्रांसप्लांट कर सकेगी। इससे मरीजों का समय और पैसा दोनों बचेगा। सातवें तल्ले पर होगा मेडिकल जोन बोन मैरो ट्रांसप्लांट के दौरान संक्रमण का खतरा सबसे बड़ी चुनौती होता है। इसी कारण सदर अस्पताल की सातवीं मंजिल पर यूनिट विकसित की जा रही है। यहां नियंत्रित वातावरण, आइसोलेशन जोन, क्लीन रूम, सीमित प्रवेश व्यवस्था और आईसीयू स्तर की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके एयर फिल्ट्रेशन सिस्टम भी लगाया जाएगा। महंगे इलाज का बोझ घटेगा प्रस्तावित यूनिट में हाई-एफिशिएंसी एयर फिल्ट्रेशन सिस्टम, संक्रमण नियंत्रण की आधुनिक व्यवस्था, सेंसर आधारित हैंड-फ्री स्टेशन जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। वर्तमान में निजी अस्पतालों में बोन मैरो ट्रांसप्लांट पर 15 से 30 लाख रुपये या उससे अधिक खर्च आता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह इलाज लगभग असंभव हो जाता है। सदर अस्पताल में यह सुविधा शुरू होने से काफी कम खर्च में ट्रांसप्लांट हो सकेगा। Source link

झारखंड

तुपुदाना पुलिस ने 6 आरोपी को किया गिरफ्तार:पहले धुर्वा डैम फिर तुपुदाना...

रांची के धुर्वा और फिर तुपुदाना में दो नाबालिग लड़कियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कांड में शामिल दो नाबालिग समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार वयस्कों में तुपुदाना के शुभम महतो, देव प्रसाद नायक व गुलाब महतो शामिल हैं। तुपुदाना थाना पुलिस ने पीड़िताओं के बयान के आधार पर आरोपियों से पूछताछ की और सभी को न्यायिक हिरासत में जेल व बाल सुधार गृह भेज दिया है। मिली जानकारी के अनुसार शनिवार शाम करीब 4 बजे जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के लटमा की रहने वाली दो सहेलियां घूमने के लिए बिरसा चौक पहुंची थीं। वहां से वे स्मार्ट सिटी चली गईं, जहां उनकी मुलाकात तीन लड़कों से हुईं। तीनों उसे स्मार्ट सिटी परिसर घुमाने की बात कह कर धुर्वा डैम ले गए। जहां जंगल साइड ले जाकर बारी-बारी से दुष्कर्म किया और लड़की को वहीं छोड़ फरार हो गए। तुपुदाना ले जाकर फिर से किया रेप कुछ देर बाद लड़कियों के पास 3 और लड़के पहुंचे। पीड़िताओं को सुरक्षित घर पहुंचाने का झांसा दिया और कार में बैठा लिया। इसके बाद आरोपी उन्हें धुर्वा डैम जंगल साइड ले गए और वहां दोबारा दुष्कर्म किया। इसके बाद लड़कों ने दोनों लड़कियों को तुपुदाना स्थित एक किराए के मकान में ले गए व रातभर उनके साथ बारी-बारी सामूहिक दुष्कर्म किया, जिससे दोनों की स्थिति बिगड़ गई। किसी तरह बच कर भागी एक नाबालिग रविवार सुबह करीब चार बजे एक पीड़िता किसी तरह कमरे से बाहर निकलने में सफल रही और उसने तुरंत डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। तुपुदाना पुलिस ने दोनों लड़कियों को कमरे से मुक्त कराया और मौके से तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया। Source link

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प्लेन के टॉयलेट में तस्करों की सीक्रेट जगह, जहां छिपाया जाता है...

दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर कस्टम्स अधिकारियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंकॉक से आए एक भारतीय यात्री को गिरफ्तार किया है. प्रोफाइलिंग के आधार पर यात्री को ग्रीन चैनल पर रोका गया, लेकिन उसके बैग से कुछ नहीं मिला. इसके बाद जिस विमान से वह आया था, उसकी तलाशी ली गई. जांच के दौरान विमान के दोनों पिछले टॉयलेट से 3.47 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड बरामद हुआ है. पूछताछ में यात्री ने खुद पैकेट छिपाने की बात कबूल कर ली. कस्टम्स ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. वीडियो में देखें कि आरोपी ने किस तरह प्लेन के टॉयलेट में हाइड्रोपोनिक वीड छिपाया था. Source link

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सावन में खरीदना है हरे रंग का हार, एक्सप्लोर करें जमशेदपुर का...

Last Updated:July 14, 2026, 09:21 IST Jamshedpur Sawan Special Jewelry: सावन से पहले जमशेदपुर के साकची में हरे रंग की ज्वेलरी की मांग तेजी से बढ़ी है. इसी के साथ दुकानदार भी कई तरह के आइटम बेच रहे हैं जो हर बजट में फिट बैठते हैं. आपको भी सावन में खास ग्रीन या मैचिंग ज्यूलरी खरीदनी है तो मनिहारी लाइन जा सकते हैं. सावन का पावन महीना कुछ ही दिनों में शुरू होने वाला है. यह महीना भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना के लिए विशेष माना जाता है. खासकर महिलाओं के लिए सावन का अपना अलग महत्व होता है. इस दौरान महिलाएं व्रत रखती हैं, पूजा करती हैं और सोलह श्रृंगार के साथ खुद को सजाती-संवारती हैं. यही वजह है कि सावन शुरू होने से पहले ही बाजारों में श्रृंगार सामग्री की खरीदारी तेज हो जाती है. महिलाएं हरे रंग की चूड़ियां, बिंदी, साड़ी और ज्वेलरी खरीदने के लिए बाजारों का रुख कर रही हैं. जमशेदपुर के साकची स्थित प्रसिद्ध मनिहारी लाइन में भी इन दिनों सावन स्पेशल ज्वेलरी की भरपूर वैरायटी देखने को मिल रही है. यहां खास तौर पर महिलाओं के लिए हरे रंग की डिजाइनर ज्वेलरी का नया कलेक्शन आया है, जो ग्राहकों को खूब आकर्षित कर रहा है. बाजार में सुबह से शाम तक महिलाओं की अच्छी-खासी भीड़ देखी जा रही है. दुकानदारों का कहना है कि हर वर्ष सावन के दौरान हरे रंग की ज्वेलरी की मांग सबसे अधिक रहती है. मनिहारी लाइन में इस बार ग्रीन स्टोन नेकलेस, रानी हार, शॉर्ट हार, चोकर सेट, कुंदन नेकलेस और ऑक्सीडाइज्ड ग्रीन ज्वेलरी की विशेष वैरायटी उपलब्ध है. इन हार और नेकलेस में हरे रंग की खूबसूरत डिटेलिंग की गई है, जो इन्हें पूरी तरह सावन स्पेशल लुक देती है. कई डिजाइनों में हरे मोती, पत्तियों की आकृति और फ्लोरल पैटर्न का इस्तेमाल किया गया है, जो महिलाओं को काफी पसंद आ रहा है. Add News18 as Preferred Source on Google सबसे खास बात यह है कि इन आकर्षक ज्वेलरी सेटों की कीमत भी बेहद किफायती रखी गई है. डिजाइनर नेकलेस और शॉर्ट हार की शुरुआती कीमत मात्र 250 रुपये से शुरू हो जाती है. वहीं रानी हार, मल्टीलेयर नेकलेस और भारी डिजाइन वाले सेट 500 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक उपलब्ध हैं. कम कीमत में शानदार लुक मिलने के कारण महिलाओं के बीच इनकी मांग लगातार बढ़ रही है. दुकानदारों के अनुसार इस बार सावन को ध्यान में रखते हुए विशेष ग्रीन कलेक्शन तैयार किया गया है. कई ग्राहक अपने परिधान से मेल खाते हुए हार और नेकलेस चुन रही हैं. युवतियों के बीच ग्रीन चोकर सेट और मिनिमल डिजाइन वाले नेकलेस लोकप्रिय हैं, जबकि विवाहित महिलाएं रानी हार और पारंपरिक डिजाइन के सेट को अधिक पसंद कर रही हैं. अगर आप भी इस सावन सोलह श्रृंगार को खास बनाना चाहती हैं तो साकची की मनिहारी लाइन आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है. यहां कम कीमत में आकर्षक और ट्रेंडी ज्वेलरी की बड़ी रेंज उपलब्ध है. हरे रंग के इन खूबसूरत हार और नेकलेस के साथ महिलाएं सावन के त्योहार में अपने श्रृंगार को और भी खास तथा यादगार बना सकती हैं. Source link

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एक माह में चोरी और लूट की 24 वारदातें:हजारीबाग, जमशेदपुर, बंगाल में...

राजधानी असुरक्षित, करोड़ों की संपत्ति साफ राजधानी में लगातार चोरी की घटनाएं हो रही हैं। बीते एक माह में चोरी, लूट और छिनतई की 24 वारदातें हो चुकी हैं। करोड़ों की संपत्ति पर चोर हाथ साफ कर चुके हैं। पिछले 48 घंटे में ही अलग-अलग थाना क्षेत्रों में आधा दर्जन से अधिक घटनाएं सामने आईं। कहीं बंद दुकानों के ताले टूटे, तो कहीं राह चलते लोगों को निशाना बनाया गया। लगातार हो रही वारदातों से लोगों में दहशत है। सवाल उठ रहा है कि अपराधियों में पुलिस का खौफ क्यों नहीं है। पुलिस चोरों की तलाश हजारीबाग, जमशेदपुर, बंगाल और दूसरे जिलों-राज्यों में कर रही है, जबकि वारदातें रांची में लगातार जारी हैं। सामने आए सीसीटीवी फुटेज में चोरों की कद-काठी और चोरी का तरीका काफी हद तक मिलता-जुलता दिख रहा है। करीब एक माह पहले बीआईटी मेसरा थाना क्षेत्र के पीपी ज्वेलर्स और चार जुलाई को नगड़ी के अंकित ज्वेलर्स में हुई लाखों की चोरी का भी अब तक खुलासा नहीं हो सका है। पिछले 24 से 48 घंटे में… कहीं चोरी, कहीं लूट केस 1 : खाद और बीज दुकान में ग्रिल क​ाट कर नकदी ले गए चोर बेड़ो थाना क्षेत्र के खाद बीज दुकान को चोरों ने रवि​वार शाम को निशाना बनाया। मालिक असित केसरी ने बताया कि सोमवार को दुकान खोला तो ग्रिल कटी हुई थी। नकदी समेत कई सामान गायब थे। बेड़ो थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। केस 2 : बंद घर का एस्बेस्टस तोड़ लाखों के गहने ले उड़े चोर न्यू जगन्नाथपुर कॉलोनी में बंद घर को निशाना बनाते हुए चोरों ने एसबेस्टस तोड़ लाखों के जेवर चुरा लिये। पीड़ित सुरेश यादव ने जगन्नाथपुर थाना में मामला दर्ज कराया है। सुरेश यादव ने बताया कि अलमीरा खोल चोरी की गई। केस 3 : बंद घर से नकदी समेत 4 लाख रुपए के गहने की चोरी खेलगांव स्थित सैनिक कॉलोनी के एक घर से चोरों ने नकदी समेत करीब 4 लाख के गहनों की चोरी कर ली। पीड़ित पवन कुमार ने खेलगांव थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। प्राथमिकी के अनुसार घटना के वक्त परिवार रांची में नहीं था। केस 4 : अमित ज्वेलर्स से 12 लाख रुपए के जेवर की चोरी नगड़ी थाना क्षेत्र स्थित अमित ज्वेलर्स से चोरों ने 12 लाख रुपए के जेवरात चुरा लिए। सोना-चांदी व्यवसायी बबलू सोनी ने बताया कि चोरों ने पहले सोनी ज्वेलर्स में चोरी का प्रयास किया। वहां ये विफल रहे। इसके बाद अमित ज्वेलर्स को निशाना बनाया। नहीं हो रही पेट्रोलिंग पुलिस संसाधनों को मजबूत करते हुए 4 महीने पहले रांची पुलिस को 80 बोलेरो और करीब 103 बाइक उपलब्ध कराया गया है। बोलेरो को पीसीआर में शामिल करते हुए पुलिस पेट्रोलिंग मजबूत करने के उद्देश्य से गाड़ी दी गई है। लेकिन दुर्भाग्य है कि नई गाड़ी मिलने के बाद भी पुलिस पेट्रोलिंग में कोई तेजी नहीं आई है। सिटी के कुछ प्रमुख इलाकों में पुलिस रात में कुछ बहुत चक्कर जरूर लगाती है। लेकिन बाहरी इलाकों में पुलिस रात 11 बजे के बाद नजर भी नहीं आती। जबकि चोरी की सभी घटनाओं को रात एक से तीन बजे के आस-पास अंजाम दिया जा रहा है। Source link

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रांची यूनिवर्सिटी करेगा जीएसटी की रिकवरी:3.60 करोड़ रुपए का चेक तुरंत मांगा...

रांची यूनिवर्सिटी में भी परीक्षा संबंधी कार्यों के नाम पर आउटसोर्सिंग एजेंसी को 18% जीएसटी के साथ अब तक करोड़ों रुपए का भुगतान किया गया है। विशेष ऑडिट की आपत्ति के बाद विवि ने स्वीकार किया है कि 2022 से अब तक आउटसोर्सिंग एजेंसी एनसीसीएफ को किए गए सभी भुगतानों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही जीएसटी मद में दी गई राशि की रिकवरी की जाएगी। इतना ही नहीं 8 जुलाई 2026 को जारी करीब 3.60 करोड़ रुपए के भुगतान को भी रोकने की कवायद शुरू कर दी गई है। विश्वविद्यालय ने एजेंसी से कहा है कि यदि चेक अभी बैंक में क्लियर नहीं हुआ है तो उसे वापस किया जाए। यह मामला इसलिए भी बड़ा है क्योंकि चार वर्षों से परीक्षा कार्यों पर दिए गए जीएसटी की रिकवरी के लिए कार्यवाही शुरू कर दी गई है। भर पहले 3.60 करोड़ का भुगतान भी घेरे में : रांची वि​श्वविद्यालय प्रशासन ने 8 जुलाई को आउटसोर्सिंग एजेंसी को करीब 3.60 करोड़ रुपए का भुगतान जारी किया। इस भुगतान में भी 18% जीएसटी शामिल है। विश्वविद्यालय ने इसे तुरंत वापस करने को कहा है। एनपीयू से शुरू हुई कहानी रांची विश्वविद्यालय पहुंची नीलांबर-पीतांबर विवि में सबसे पहले विशेष विशेष ऑडिट के दौरान परीक्षा संबंधी कार्यों पर जीएसटी भुगतान को लेकर सवाल उठाया गया। इसे दैनिक भास्कर में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। इसके बाद आरयू प्रशासन ने भुगतान की फाइलें निकालकर हिसाब-किताब शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों में विनोबा भावे विवि समेत अन्य विवि में पहुंचना तय है। उठ रहे कई सवाल चार वर्षों तक नियमों की सही व्याख्या क्यों नहीं हुई? भुगतान से पहले वित्त और लेखा शाखा ने कानूनी राय ली थी या नहीं? यदि जीएसटी देय नहीं था तो एजेंसी ने टैक्स क्यों जोड़ा? जीएसटी की वापसी कैसे होगी? भुगतान का आकलन किया जा रहा… अबतक जीएसटी मद में जितनी राशि का भुगतान हुआ है, उसका आकलन किया जा रहा है। नियम के अनुसार जो राशि वापस ली जा सकती है, उसकी वसूली की जाएगी। 8 जुलाई को जारी चेक को भी वापस कराने के लिए आउटसोर्सिंग एजेंसी को कहा गया है। – डॉ स्मृति सिंह, पीआरओ आरयू Source link

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असम का ये भिखारी निकला बहुत बड़ा खिलाड़ी, अंटी में दबा रखा...

होमताजा खबरदेश असम का ये भिखारी निकला बड़ा खिलाड़ी, अंटी में दबा रखा था ₹54 करोड़ का सोना Last Updated:July 14, 2026, 23:28 IST भिखारी बनकर सड़कों में घूमने वाले इस शख्‍स की दौलत आपके पैर के नीचे जमीन खिसकाने के लिए काफी है. जी हां, असम पुलिस ने एक ऐसे भिखारी को गिरफ्तार किया है, जिसका घर करोड़ों रुपए के सोने से भरा हुआ था. क्‍या था इस भिखारी का असली खेल, जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर… असम पुलिस ने गुवहाटी में एक भिखारी के कब्‍जे से 54 करोड़ रुपए का सोना जब्‍त किया है. Assam’s Millionaire Beggar: भिखारी बनकर सबकी आंखों में धूल झोक रहा यह शख्‍स असल जिंदगी में बहुत बड़ा खिलाड़ी निकला. सड़क दर सड़क भीख मांगने वाले इस शख्‍स ने न केवल रहने के लिए एक घर ले रखा था, बल्कि उसके अंदर इतना सोना जमा कर रखा था कि किसी की भी आंखें चौंधिया जाएं. जी हां, यह मामला असम के गुवहाटी से जुड़ा है. पुलिस ने इस भिखारी के कब्‍जे से करीब 37.064 किलो सोना बरामद किया है. बरामद किए गए सोने की कीमत करीब 54 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है. पुलिस का दावा है कि पूर्वोत्तर भारत में अब तक की यह सबसे बड़ी सोना की बरामदगी में से एक है. पुलिस ने आरोपी भिखाखी की पहचान अक्षय परशुराम बनसोडे के तौर पर की है. वह मूल से महाराष्‍ट्र के सांगली का रहने वाला है. किराए के मकान पर मारा छापागुवाहाटी पुलिस कमिश्नरेट की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) और लतासिल थाना पुलिस के ज्‍वाइंट ऑपरेशन में खारघुली इलाके के एक मकान पर छापेमारी की गई थी. छापेमारी के दौरान, इस मकान से 37.064 किलो संदिग्ध सोने की ईंटें और टुकड़े बरामद किए गए. पुलिस के मुताबिक बरामद किए गए सोने की कीमत 54 करोड़ रुपये से अधिक है. छापेमारी के दौरान 13 ग्राम चांदी के टुकड़े, चार मोबाइल फोन, 3,755 रुपये नकद और सोना छिपाने के लिए इस्तेमाल किए गए बैग भी बरामद किया गया है. भिखारी बनकर करता था तस्करीगिरफ्तार आरोपी अक्षय परशुराम बनसोडे (32) महाराष्ट्र के सांगली जिले का रहने वाला है. वह कुछ समय से गुवाहाटी के गांधीबस्ती इलाके में किराए पर रह रहा था. जांच में सामने आया कि वह शहर में लोगों का शक न हो, इसलिए शारीरिक रूप से दिव्यांग भिखारी का भेष बनाकर घूमता था. असल में वह म्‍यांमार के रास्‍ते सोने की तस्‍करी करता था. A CGPD team of SOG and Latasil PS jointly raided a hideout in Kharghuli, leading to the recovery of a massive cache of suspected gold bars and pieces weighing 37.064 kg, valued at over ₹54 crore — one of the largest such recovery in the Northeast. Source link

झारखंड

₹40 किलो वाली इस सब्जी के सामने मुर्गा-मटन भी फेल, इस तरह...

रांची. रांची में खासतौर पर ओल काफी मिलता है. दरअसल, इसे चिकन की तरह बनाया जाता है और खाने में काफी स्वादिष्ट लगता है. अगर इसकी ग्रेवी आप खाएंगे तो बता नहीं पाएंगे कि यह चिकन की ग्रेवी है या ओल की. अगर मेहमान आ रहे हों, तो आप उनके लिए इसे बना सकते हैं. इसे बनाने का एक खास तरीका है. रांची की गृहिणी उषा बताती हैं, इसे बनाने के लिए आपको बाजार से ओल खरीदकर लाना पड़ेगा. यह रांची के मार्केट में आराम से ₹40 किलो मिल जाता है. आप आधा किलो लेते हैं, तो 6 लोग आराम से खा लेंगे. फिर इसे छोटे-छोटे पीस में काट लीजिए और बनाने से पहले दो-तीन स्टेप जरूर फॉलो कीजिए. इन स्टेप को कीजिए फॉलो • ओल की सब्जी बनाने के लिए सबसे पहले इसे गर्म पानी में अच्छी तरह उबाल लीजिए. ओल मुंह में काटता है, इसलिए इसे इस तरह उबालें कि यह आसानी से टूट जाए. उबालते समय पानी में दो चम्मच नमक भी डाल दीजिए. • इसके बाद जब यह अच्छे से उबल जाए, तो नीचे उतार लीजिए और इसे डीप फ्राई कर लीजिए. एकदम गोल्डन फ्राई और कुरकुरा होने पर इसे एक अलग बर्तन में रख दीजिए. अब इसकी ग्रेवी बनानी है. • ग्रेवी बनाने के लिए सबसे पहले मसाला तैयार करना पड़ेगा. मसाले में प्याज, टमाटर, अदरक, लहसुन, जीरा पाउडर, धनिया पाउडर, काली मिर्च पाउडर, मिर्च पाउडर, मीट मसाला और हल्दी ले लीजिए. इन सभी को मिक्सी में पीस दीजिए. • इसके बाद गैस पर कढ़ाई चढ़ाकर तेल डालें. तेल अच्छी मात्रा में डालिए, ताकि मसाला अच्छे से फ्राई हो जाए. तेल में जीरा और तेज पत्ते का तड़का लगाए और पिसा मसाला डाल दें. जब मसाला अच्छी तरह फ्राई हो जाए, तो इसमें दो कप पानी डाल दीजिए. • जब पानी में उबाल आ जाए और ग्रेवी अच्छी तरह तैयार हो जाए, तो इसमें बारीक कटा धनिया पत्ता डाल दीजिए. इसके बाद जो डीप फ्राई करके ओल अलग रखा हुआ है, उसे भी इसमें डाल दीजिए. • इसके बाद 2 मिनट बाद ही इसे नीचे उतार लीजिए. ध्यान रहे, ग्रेवी में डालने के बाद इसे अधिक न पकाएं. क्योंकि यह पहले से पका हुआ होता है और ज्यादा पकाने पर टूट जाएगा. नीचे उतारकर चावल के साथ सर्व कीजिए. आप चाहें तो इसमें स्वादानुसार उबले और फ्राई किए आलू भी डाल सकते हैं. Source link

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SIR ड्यूटी से शिक्षा बेहाल:स्कूल में बच्चे शिक्षक खोज रहे, शिक्षक वोटर...

रांची के कई सरकारी स्कूलों में शिक्षक नहीं, कहीं बच्चे सोते मिले, कहीं मिड-डे मील के बाद छुट्टी, स्कूल आनेवाले बच्चों की संख्या भी घटी निर्वाचन आयोग ने दावा किया है कि एसआईआर में किसी भी शिक्षक को नही लगाया जाएगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार इस संबंध में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव को पत्र तक लिख चुके हैं। पर सच्चाई इसके विपरीत है। रांची समेत राज्य के राज्य के सभी जिलों में बड़े पैमाने पर शिक्षक बीएलओ के काम में लगे हुए हैं। नतीजा स्कूल खाली हैं। बच्चे सुबह इस आस में स्कूल पहुंच रहे हैं कि आज पढ़ाई होगी, पर टीचर नहीं होने के कारण वे निराश घर लौट रहे हैं। सोमवार को दैनिक भास्कर रांची के ऐसे ही स्कूलों तक पहुंचा, जहां बच्चे शिक्षकों की राह तकते दिखे। वहीं शिक्षक किसी अन्य स्कूल में बने बूथ पर वोटरों को ढूंढते दिखे। कोई शिक्षक नहीं, बच्चे बेंच पर सोते मिले रांची के आनंद नगर स्थित नव प्राथमिक विद्यालय में सोमवार की दोपहर कक्षा केजी से दूसरी तक के बच्चे बेंच पर सोते मिले। कारण पूछा तो पता चला कि पढ़ाने वाला कोई शिक्षक मौजूद नहीं था। विद्यालय में केजी से पांचवीं तक के लिए केवल दो शिक्षक हैं और दोनों एसआईआर के काम में लगे हैं। प्रभारी प्राचार्या संगीता सोनी स्कूल परिसर में ही मतदाता सूची से संबंधित काम कर रही थीं। कभी-कभी पढ़ाने के लिए दीदी आ रहीं… सोमवार को दैनिक भास्कर जब निवारणपुर स्थित बीएसवी मध्य एवं उच्च विद्यालय पहुंचा तो किसी भी क्लास में टीचर नहीं थे। पूछने पर पता चला कि प्राचार्य अनंत प्रसाद ओल्ड एचबी रोड स्थित डाकघर में बीएलओ के काम में लगे हुए हैं। बच्चों ने बताया कि टीचर के नहीं रहने से पढ़ाई नहीं हो रही है। कभी-कभी पढ़ाने के लिए बाहर से दीदी (बीएड स्टूडेंट) आ रही हैं। मिड-डे-मील खिलाकर बच्चों की छुट्टी नवसृजित प्राथमिक विद्यालय, करकट्टा, कांके के प्रभारी प्राचार्य अमोल टोप्पो सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के शिक्षक बीएलओ के रुप में कार्यरत गोविंद बिहारी के सहायक के रुप में काम कर रहे है। सोमवार को स्कूल में शिक्षक नहीं होने से बच्चे मिड-डे मील खाकर घर चले गए। राजकीय प्राथमिक विद्यालय, कडरू में भी बच्चों को मिड-डे-मील खिलाकर छुट्टी दे दी गई। टर्मिनल परीक्षा होने वाली है, रिजल्ट खराब होने पर शोकॉज उत्क्रमित हाई स्कूल पाली, रातू की शिक्षिका कुमारी अर्चना झा कक्षा 9वीं-10वीं को हिंदी पढ़ाती हैं। उन्होंने बताया कि 1 जुलाई से वॉलेंटियर के रुप में काम कर रहे हैं। स्कूल में शिक्षक नहीं है, बच्चों की उपस्थिति कम हो गई है। हर महीने रेल परीक्षा होती है, टर्मिनल परीक्षा भी जल्द होने वाली है। साइंस, इंग्लिश और मैथ तक के टीचर बीएलओ का काम कर रहे हैं। 70% तक सिलेबस अभी बाकी है। रिजल्ट खराब होने पर शोकॉज किया जाता है। Source link

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