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झारखंड

रांची राज अस्पताल विवाद में सीएम का संज्ञान:पैर में लगी चोट का...

राजधानी रांची स्थित राज अस्पताल में हुए विवाद पर सीएम हेमंत सोरेन ने संज्ञान लिया है। उन्होंने रांची उपायुक्त को जांच करने का निर्देश दिया है। जिस पर उपायुक्त ने कार्रवाई करते हुए रांची के सिविल सर्जन को जांच करने को कहा है। जानकारी के मुताबिक लातेहार निवासी 18 वर्षीय राजू कुमार रंजन को 24 मई को सड़क हादसे के बाद पैर में चोट लगने पर यहां भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने घोर लापरवाही बरती। उनका कहना है कि भर्ती रहने के दौरान 2 से 3 दिन तक जख्म की नियमित ड्रेसिंग नहीं की गई, जिससे पैर में संक्रमण फैल गया। धीरे-धीरे संक्रमण बढ़ता गया और युवक की हालत बिगड़ती चली गई। स्थिति गंभीर होने पर उसे आईसीयू में शिफ्ट किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि समय पर उचित इलाज मिलता तो युवक की जान बचाई जा सकती थी। पोस्टमार्टम रिम्स में कराया गया मामला उस वक्त और तूल पकड़ गया जब अस्पताल प्रबंधन ने मृतक के परिजनों को 22 लाख रुपए का बिल थमा दिया। इससे नाराज परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों व प्रबंधन पर लापरवाही के साथ-साथ अनावश्यक बिलिंग का आरोप लगाया। परिजनों ने सवाल उठाया कि जब चोट केवल पैर में थी, तो संक्रमण सिर तक कैसे पहुंच गया। उनका कहना है कि इलाज के नाम पर गंभीर लापरवाही हुई। खर्च को बेवजह बढ़ाया गया। बढ़ते विवाद और दबाव के बीच शव का पोस्टमार्टम रिम्स में कराया गया, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। सीएम संज्ञान के बाद प्रशासन सक्रिय मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पूरे प्रकरण का संज्ञान लिया है। उन्होंने रांची उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री को मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। उपायुक्त ने सिविल सर्जन को जांच की जिम्मेदारी सौंपते हुए निष्पक्ष रिपोर्ट देने को कहा है। साथ ही जिला स्तर पर एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है, जो अस्पताल के रिकॉर्ड, इलाज की प्रक्रिया और लगाए गए आरोपों की विस्तृत जांच करेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। Source link

शिक्षा

सीनियर टीचर भर्ती के 886 पद घटाए:अब 9 हजार 651 पदों के...

राजस्थान लोक सेवा आयोग ने सीनियर टीचर भर्ती के 886 पद घटा दिए गए है। अब यह भर्ती कुल 9,651 पदों पर की जाएगी। इस परीक्षा में 12 लाख तीस हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए आवेदन किया है। पूर्व में ये भर्ती 10537 पदों पर होनी थी। 12 से 18 जुलाई 2026 तक होने वाली ये परीक्षा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही होगी। विषयवार पदों की नवीनतम संख्या के संबंध में आयोग ने शुद्धि-पत्र जारी कर दिया है। विज्ञापन की शेष शर्तें पहले की तरह ही यथावत रहेंगी। विस्तृत सूचना एवं शुद्धि-पत्र आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है उच्च न्यायालय में हुई सुनवाई राजस्थान हाईकोर्ट, जयपुर खंड पीठ में आज परीक्षा को स्थगित करने और फॉर्म री-ओपन करने के संबंध में दायर याचिकाओं पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान- आयोग सचिव ने कोर्ट में बताया कि विज्ञापन जारी करने की तिथि को प्रभावी नियमों के अनुसार भर्ती के अंतर्गत मूल पदों में अधिकतम 50 प्रतिशत तक की ही वृद्धि की जा सकती है। इससे पहले जारी शुद्धि-पत्र संख्या 10/2026-27 के जरिए पदों की संख्या बढ़ाकर 10,537 कर दी गई थी, जो कि 50 प्रतिशत से अधिक थी। इसको संशोधित करते हुए इस भर्ती के अन्तर्गत नियमानुसार 50 प्रतिशत तक की ही वृद्धि करते हुए पद भरे जाएंगे। इसके लिए शुद्धि-पत्र जारी कर पदों की संशोधित संख्या को अधिसूचित कर दिया जाएगा। शुद्धि-पत्र जारी कोर्ट में सुनवाई के बाद आयोग की ओर से शुद्धि-पत्र संख्या 11/2026-27 जारी भी कर दिया गया है, जिसके तहत 50 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ाए गए अतिरिक्त पदों को हटाकर अब कुल पद 9,651 अधिसूचित किए गए हैं। वर्गवार वर्गीकरण जल्द जारी करेंगे इस भर्ती का मूल विज्ञापन (संख्या 07/2025-26) पिछले साल 17 जुलाई 2025 को 10 विषयों के कुल 6,500 पदों के लिए जारी किया गया था। इसके लिए 19 अगस्त से 17 सितंबर 2025 तक ऑनलाइन आवेदन लिए गए थे। बाद में माध्यमिक शिक्षा विभाग से प्राप्त प्रस्ताव अनुसार पदों को बढ़ाकर पहले 10,537 किया गया था, जिसे नियमानुसार पुनः संशोधित कर 9,651 किया गया है। वर्गवार वर्गीकरण जल्द जारी किया जाएगा। अलग-अलग सब्जेक्ट की परीक्षाओं को चार ग्रुप में बांटा ग्रुप A- इसमें सोशल साइंस विषय है। इसके अभ्यर्थियों की 12 जुलाई को सुबह 10 से 12 बजे तक सामान्य ज्ञान की परीक्षा होगी। दोपहर 3 से 5:30 बजे तक सोशल साइंस की परीक्षा होगी। ग्रुप B- इसमें हिंदी विषय है। इस सब्जेक्ट के अभ्यर्थियों की 13 जुलाई को सुबह 10 से 12 बजे तक सामान्य ज्ञान की परीक्षा होगी। दोपहर 3 से 5:30 बजे तक हिंदी की परीक्षा होगी। ग्रुप C- इसमें साइंस और संस्कृत सब्जेक्ट है। इन विषयों के सभी अभ्यर्थियों की 14 जुलाई को सुबह 10 से 12 बजे तक सामान्य ज्ञान की परीक्षा होगी। इसके बाद दोपहर 3 से 5:30 बजे तक साइंस विषय की परीक्षा होगी। 15 जुलाई को सुबह 10 से 12:30 बजे तक संस्कृत विषय के अभ्यर्थियों की परीक्षा होगी। ग्रुप D- इसमें गणित, इंग्लिश, उर्दू, पंजाबी, सिंधी और गुजराती सब्जेक्ट रखे गए हैं। इन सब्जेक्ट के सभी अभ्यर्थियों की 16 जुलाई को सुबह 10 से 12 बजे तक सामान्य ज्ञान की परीक्षा होगी। इसके बाद दोपहर 3 से 5:30 बजे तक गणित विषय के अभ्यर्थियों की परीक्षा आयोजित की जाएगी। 17 जुलाई को सुबह 10 से 12:30 बजे तक इंग्लिश और दोपहर 3 से 5:30 बजे तक उर्दू विषय के अभ्यर्थियों की परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। 18 जुलाई को सुबह 10 से 12:30 बजे तक पंजाबी और दोपहर 3 से 5:30 बजे तक सिंधी और गुजराती सब्जेक्ट के अभ्यर्थियों की परीक्षा होगी। Source link

झारखंड

जमशेदपुर से साणंद तक तनीषा की उड़ान:झारखंड की बेटी है सेमीकंडक्टर चिप...

जमशेदपुर के बागबेड़ा रोड नंबर-4 की रहने वाली तनीषा गौतम देश के सेमीकंडक्टर इतिहास के सबसे अहम क्षण की गवाह बनने जा रही हैं। भारत के सेमीकंडक्टर मिशन में एक नया अध्याय जुड़ने के इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के साणंद स्थित सीजी सेमीकॉन ओसैट प्लांट का उद्घाटन करेंगे। इसी अवसर पर भारत में निर्मित पहली ‘मेड इन इंडिया’ कमर्शियल सेमीकंडक्टर चिप की पहली खेप वैश्विक बाजार के लिए रवाना की जाएगी। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के केंद्र में तनीषा जैसी युवा इंजीनियर हैं, जिन्होंने इस चिप के निर्माण में अहम भूमिका निभाई है। जमशेदपुर की तनीषा बनीं अहम चेहरा इस गौरवशाली मौके पर तनीषा गौतम चर्चा के केंद्र में रहेंगी। वह उस कोर टीम की सदस्य हैं, जिसने इस कमर्शियल सेमीकंडक्टर चिप के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वर्तमान में वह साणंद स्थित सीजी सेमीकॉन ओसैट प्लांट में जूनियर इंजीनियर के रूप में कार्यरत हैं। उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री सेमीकंडक्टर चिप निर्माण से जुड़े 15 कर्मचारियों की टीम से संवाद करेंगे, जिसमें तनीषा भी शामिल होंगी। इस दौरान उन्हें तकनीकी चुनौतियों, अपने अनुभव और भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग के भविष्य को लेकर प्रधानमंत्री के समक्ष अपने विचार रखने का अवसर मिलेगा। संघर्षां भरा रहा है तनीषा का सफर तनीषा गौतम की सफलता की कहानी प्रेरणादायक है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा केंद्रीय विद्यालय, टाटानगर से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने जमशेदपुर स्थित एनटीटीएफ-टीएसटीआई से इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने हैदराबाद स्थित डॉ. रेड्डीज़ से की। जहां उन्होंने तकनीकी अनुभव हासिल किया। बाद में वह देश के सबसे महत्वाकांक्षी कमर्शियल सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट से जुड़ गईं और आज इस ऐतिहासिक उपलब्धि का हिस्सा बनीं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया है। जिन्होंने हर कठिन परिस्थिति में उनका साथ दिया। पैरेंट्स बोले – परिवार के लिए गर्व का क्षण तनीषा की इस उपलब्धि से उनके परिवार में खुशी का माहौल है। उनके पिता त्रिपुरारी गौतम और मां प्रेमलता कुमारी ने इसे पूरे परिवार के लिए गर्व का क्षण बताया। उनकी मां ने बताया कि तनीषा बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी थीं, लेकिन इंग्लिश मीडियम में पढ़ाई के कारण आर्थिक चुनौतियां सामने आईं। इसके बावजूद उन्होंने बैंक से लोन लेकर बेटी की पढ़ाई जारी रखी और कभी उसे रुकने नहीं दिया। आज उसी मेहनत का परिणाम है कि तनीषा देश के सबसे बड़े सेमीकंडक्टर मिशन का हिस्सा बनी हैं। परिवार ने बताया कि अगस्त महीने में जब तनीषा छुट्टी पर घर आएंगी, तब उनके स्वागत के लिए खास तैयारी की जाएगी। तनीषा की सफलता से न सिर्फ उनका परिवार, बल्कि पूरा जमशेदपुर गौरवान्वित है। Source link

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India Pakistan Track 2 Diplomacy : ‘उरी, पुलवामा, पहलगाम भूले नहीं हम’...

भारत और पाकिस्तान के बीच कथित ट्रैक-2 बातचीत की अटकलों के बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष राम माधव ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि भारत की पाकिस्तान के साथ बातचीत शुरू करने की फिलहाल कोई वजह नहीं है, क्योंकि इस्लामाबाद अब भी आतंकवाद को अपनी सरकारी नीति के एक औजार की तरह इस्तेमाल कर रहा है. इंडियन एक्सप्रेस अखबार में लिखे अपने लेख में राम माधव ने कहा कि हाल में श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में आयोजित सम्मेलन को भारत-पाकिस्तान के बीच ट्रैक-2 वार्ता बताना एक सुनियोजित ‘साइकोलॉजिकल ऑपरेशन’ (Psyop) या दुष्प्रचार अभियान का हिस्सा लगता है. इसका मकसद भारत में भ्रम और संदेह पैदा करना था. कोलंबो सम्मेलन पर क्या बोले राम माधव? राम माधव ने साफ किया कि कोलंबो में आयोजित सम्मेलन कोई भारत-पाकिस्तान द्विपक्षीय बैठक नहीं था. यह दक्षिण एशिया से जुड़े मुद्दों पर होने वाला एक बहुपक्षीय सम्मेलन था, जिसमें भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, अमेरिका, ब्रिटेन और अफगानिस्तान सहित कई देशों के विशेषज्ञ, पूर्व राजनयिक, सैन्य अधिकारी और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे. उन्होंने बताया कि उन्होंने सम्मेलन में केवल एक सत्र को संबोधित किया और उसके बाद लौट आए. उनके मुताबिक, पाकिस्तान की ओर से औपचारिक बातचीत की इच्छा जरूर दिखाई गई, लेकिन भारत ने इसमें कोई रुचि नहीं दिखाई. राम माधव ने यह भी कहा कि भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री पहले ही साफ कर चुके हैं कि यह सम्मेलन ट्रैक-2 कूटनीति का हिस्सा नहीं था. मोदी सरकार की पाकिस्तान नीति का किया जिक्र राम माधव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पहले कार्यकाल में पाकिस्तान के साथ संबंध सुधारने की गंभीर कोशिश की थी. उन्होंने 2014 में तत्कालीन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया और 2015 में अचानक लाहौर भी पहुंचे. लेकिन इसके बाद उड़ी और पुलवामा जैसे आतंकी हमले हुए. राम माधव ने कहा कि इन घटनाओं के बाद मोदी सरकार ने पाकिस्तान के साथ लगभग सभी प्रत्यक्ष संवाद सीमित करने का फैसला किया. पहलगाम हमला और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र राम माधव ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमला इस बात का प्रमाण है कि पाकिस्तान की सोच में कोई बदलाव नहीं आया है. उनके मुताबिक, इसी के जवाब में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाकर पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की और बड़ी संख्या में आतंकियों को मार गिराया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस कार्रवाई के बाद स्पष्ट कर दिया था कि आतंकवाद के खिलाफ इसी तरह की सख्त प्रतिक्रिया अब भारत का ‘न्यू नॉर्मल’ होगी. ‘शांति की बातें और जमीन पर आतंक’ राम माधव ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के शांति संबंधी बयानों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शांति की बात करता है, लेकिन जमीन पर उसका व्यवहार अलग है. उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान अब भी आतंकवादी ढांचे को संरक्षण दे रहा है. उन्होंने कहा कि सीमा पार से घुसपैठ की लगातार कोशिशें हो रही हैं, जबकि भारतीय सुरक्षा एजेंसियां उन्हें लगातार नाकाम कर रही हैं. राम माधव ने कहा कि भारत की नीति पूरी तरह स्पष्ट है. जब तक पाकिस्तान आतंकवाद का समर्थन और इस्तेमाल बंद नहीं करता, तब तक दोनों देशों के बीच सार्थक बातचीत संभव नहीं है. उन्होंने दोहराया कि “बातचीत और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते” और यही भारत का लगातार रहा रुख है. Source link

झारखंड

गैंगस्टर प्रिंस खान के घर पर चला बुलडोजर, तैनात रही 6 थानों...

Last Updated:July 04, 2026, 13:48 IST गैंगस्टर प्रिंस खान के घर बुलडोजर एक्शन लिया गया. उसका मकान पुलिस ने की निगरानी में जमींदोज किया गया. इस दौरान छह थानों की पुलिस मौके पर मौजूद रही. साथ ही कई वरिष्ठ अफसर भी मौके पर पहुंचे. मालूम हो कि महज 48 घंटे पहले गैंगस्टर ने विदेशी मोबाइल नंबर से निरसा विधायक अरूप चटर्जी को धमकी भरा मैसेज भेजा था. उसके बाद पुलिस ने यह एक्शन लिया. गैंगस्टर प्रिंस खान के घर पर बुलडोजर चलाया गया. धनबादः झारखंड में पहली बार किसी कुख्यात अपराधी के घर बुलडोजर एक्शन किया गया. धनबाद पुलिस ने शनिवार को फरार गैंगस्टर प्रिंस खान के वासेपुर स्थित घर को बुलडोजर से ध्वस्त करना शुरू कर दिया. इस कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया. मौके पर तीन डीएसपी समेत छह थानों की पुलिस तैनात रही. सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए मीडिया को भी घटनास्थल से दूर रखा गया. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार के निर्देश पर की गई. इस दौरान डीएसपी प्रकाश सोय, सीसीआर डीएसपी ऋत्विक श्रीवास्तव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे. पूरे अभियान की वीडियोग्राफी भी कराई गई, ताकि कार्रवाई का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सके. बताया जा रहा है कि गैंगस्टर प्रिंस खान के खिलाफ पुलिस पहले से कई मामलों में कार्रवाई कर रही थी, लेकिन हाल ही में निरसा विधायक अरूप चटर्जी को मिली जान से मारने की धमकी के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ सख्त रुख अपनाया. बड़ी संख्या में पुलिस तैनात रही. गैंगस्टर ने दी थी धमकीशुक्रवार को प्रिंस खान ने कथित तौर पर विधायक के मोबाइल पर धमकी भरा मैसेज भेजा था. इसके साथ ही उसने पिस्टल से फायरिंग का एक वीडियो भी भेजा. रंगदारी की मांग करते हुए 24 घंटे के भीतर अंजाम भुगतने की धमकी दी थी. धमकी भरे कॉल और मैसेज +27613737683 नंबर से भेजे गए थे, जिसे दक्षिण अफ्रीका का नंबर बताया जा रहा है. धमकी मिलने के बाद विधायक अरूप चटर्जी ने मुख्यमंत्री, गृह विभाग, डीजीपी और धनबाद एसएसपी को इसकी जानकारी दी थी. घटना से पहले धनबाद की राजनीति भी काफी गरमाई हुई थी. सांसद और विधायक में चल रही जुबानी जंगपिछले एक सप्ताह से धनबाद सांसद और निरसा विधायक के बीच जुबानी जंग चल रही थी. विधायक अरूप चटर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सांसद ढुलू महतो पर गैंगस्टर प्रिंस खान से संबंध होने का आरोप लगाया था. आरोप लगाने के करीब 48 घंटे बाद ही विधायक को धमकी मिलने से मामला और गंभीर हो गया. हालांकि, पुलिस का कहना है कि बुलडोजर की कार्रवाई किसी राजनीतिक घटनाक्रम से जुड़ी नहीं है. बल्कि कानून के तहत चल रही प्रक्रिया का हिस्सा है. फिलहाल प्रिंस खान फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. About the Author Mahesh Amrawanshi Journalist with a sharp focus on Bihar and Jharkhand, covering politics, crime, and trending stories with a strong ground-level perspective. Passionate about listening to stories, understanding them deeply, and…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Dhanbad,Jharkhand Source link

झारखंड

स्कॉर्पियो की टक्कर से बाइक सवार की मौत:एक साल पहले हुई थी...

गोड्डा जिले के नगर थाना क्षेत्र में शनिवार को एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। यह घटना पुनसिया गांव के पास गोड्डा-हंसडीहा फोरलेन सड़क पर हुई। मृतक की पहचान पुनसिया गांव निवासी राजन कुमार (पिता हरिमोहन मंडल) के रूप में हुई है। गोड्डा की ओर से आ रही एक काले रंग की स्कॉर्पियो ने पल्सर बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। ड्राइवर स्कॉर्पियो छोड़ हुआ फरार टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक दो टुकड़ों में बट गई और उसके पुर्जे 200 फीट से अधिक दूर जा गिरे। हादसे के बाद स्कॉर्पियो चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। राजन कुमार अपने नए घर की ओर जा रहे थे, जो राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे बन रहा है। उनके पिता हरिमोहन मंडल पुनसिया गांव के प्रधान हैं। राजन की शादी एक साल पहले कुरमन गांव में हुई थी। गोड्डा-हंसडीहा फोरलेन सड़क जाम दुर्घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन और स्थानीय ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने गोड्डा-हंसडीहा फोरलेन सड़क को जाम कर दिया, जिससे आवागमन बाधित हो गया। नगर थाना पुलिस को घटना की सूचना दी गई। सूचना मिलने पर नगर थाना प्रभारी दिनेश महली पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों और ग्रामीणों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया। पुलिस ने स्कॉर्पियो को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। फरार चालक की तलाश जारी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की। Source link

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धनबाद में गैंगस्टर प्रिंस खान के घर पर चला बुलडोजर:निरसा विधायक अरूप...

धनबाद पुलिस ने शनिवार को भगोड़े गैंगस्टर प्रिंस खान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। वासेपुर स्थित उसके घर पर बुलडोजर चला। यह कार्रवाई एसएसपी प्रभात कुमार के निर्देश पर की गई। मौके पर डीएसपी प्रकाश सोय सहित तीन डीएसपी, सीसीआर डीएसपी ऋत्विक श्रीवास्तव और छह थानों की पुलिस तैनात थी। पूरे इलाके को पुलिस छावनी में बदल दिया गया था और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पूरे अभियान की कराई गई वीडियोग्राफी सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पुलिस ने मीडिया को घटनास्थल से दूर रखा। बुलडोजर से मकान को पूरी तरह ध्वस्त करने की कार्रवाई लगातार जारी रही। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे अभियान की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। यह भी बताया गया है कि 3 जुलाई शुक्रवार को ही में निरसा विधायक अरूप चटर्जी को धमकी मिलने के बाद प्रिंस खान के खिलाफ कार्रवाई तेज की गई है। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई कानून के तहत की जा रही प्रक्रिया का हिस्सा है। प्रिंस ने अरुप को धमकाया-पैसा चाहिए, दोबारा मैसेज नहीं…24 घंटे में रिजल्ट देंगे प्रिंस ने शुक्रवार की दोपहर 12 बजे विधायक को मोबाइल पर मैसेज कर जान मारने की धमकी दी थी। धमकी भरे मैसेज भेजने के बाद उसने पिस्टल से फायरिंग का वीडियो भी विधायक के मेबाइल पर भेजा। कहा-’उसे पैसा चाहिए। दोबारा मैसेज नहीं करेगा। रिजल्ट भी 24 घंटे के अंदर देगा।’ कॉल और मैसेज +27613737683 नंबर से भेजा गया, जो साउथ अफ्रीका का बताया जा रहा है। धमकी मिलने के बाद विधायक ने मुख्यमंत्री, गृह मंत्रालय, डीजीपी एवं धनबाद एसएसपी को मामले की जानकारी दी। बता दें कि सप्ताहभर से धनबाद सांसद ओर विधायक के बीच जुबानी जंग चल रही है। विधायक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सांसद ढुलू का प्रिंस के साथ संबंध होने का आरोप लगाया था। आरोप लगाने के 48 घंटे के अंदर विधायक को धमकी मिली । जेल में ढुलू और प्रिंस की हुई थी दोस्ती: अरुप अरुप ने कहा कि उन्हें प्रिंस खान ने धमकी भरा मैसेज किया है। ढुलू महतो के साथ चल रहे विवाद और उनके खिलाफ की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस के 48 घंटे के अंदर प्रिंस की धमकी से साफ है कि सांसद से उसके संबंध है। जेल में रहने के दौरान ढुलू महतो की प्रिंस खान से दोस्ती हुई थी। उसी के इशारे पर प्रिंस खान भागा और और धमकी दे रहा है। उन्होंने एनआईए एवं सीबीआई से इसकी जांच करने की मांग की है। प्रिंस खान द्वारा भेजा गया धमकी भरा मैसेज सुन ले रे अरुप चटर्जी… मैं बोल रहा हूं प्रिंस खान दुबई से…। हमको भी पैसा चाहिए नहीं तो दोबारा कॉल मैसेज नहीं करेंगे…। 24 घंटे में रिजल्ट देंगे…। सुना तेरा कोयला का काम अच्छा-खासा चल रहा है। वहीं, प्रिंस ने 31 सेकेंड का ऑडियो भी भेजा। इसमें वह कह रहा है-नंबर ब्लॉक कर या बंद कर… नंबर ब्लॉक करने से तुम जिंदा तो रहेगा ना। क्लीयर बोल देना…दोबारा फोन या मैसेज नहीं करेंगे। रिजल्ट देंगे। मैनेज करो। Source link

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Telegram App News : टेलीग्राम पर सरकार सख्त, फिल्मों और OTT कंटेंट...

फिल्मों और ओटीटी प्लेटफॉर्म के कंटेंट की बढ़ती ऑनलाइन पाइरेसी को लेकर केंद्र सरकार ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलिग्राम (Telegram) के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. खबर है कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने टेलीग्राम को नोटिस जारी कर पायरेटेड फिल्मों और ओटीटी कंटेंट की शेयरिंग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया है. सूत्रों के अनुसार, मंत्रालय ने टेलीग्राम से इस संबंध में 15 दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट भी मांगी है. मंत्रालय ने अपने नोटिस में कहा है कि टेलीग्राम पर पायरेटेड फिल्मों, ओटीटी कंटेंट और अन्य कॉपीराइट संरक्षित ऑडियो-विजुअल सामग्री का बड़े पैमाने पर प्रसार हो रहा है. ऐसे में प्लेटफॉर्म को केवल शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पाइरेसी रोकने के लिए मजबूत और सक्रिय व्यवस्था विकसित करनी होगी. पाइरेसी रोकने के लिए सिस्टम मजबूत करने के निर्देश सरकार ने टेलीग्राम को निर्देश दिया है कि वह पायरेटेड कंटेंट की पहचान, उसकी रिपोर्टिंग, उस तक पहुंच को रोकने और उसे हटाने के लिए अपने सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाए. इसके अलावा मंत्रालय ने उन चैनलों, ग्रुप्स, बॉट्स, अकाउंट्स, एडमिनिस्ट्रेटर्स और उनसे जुड़े अन्य नेटवर्क के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करने को कहा है, जो बार-बार कॉपीराइट उल्लंघन करने वाले कंटेंट का प्रसार कर रहे हैं. 15 दिन में देनी होगी रिपोर्ट सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने टेलीग्राम से 15 दिनों के भीतर यह बताने को कहा है कि उसने पाइरेसी रोकने के लिए क्या-क्या कदम उठाए हैं. साथ ही प्लेटफॉर्म से यह भी पूछा गया है कि फिल्म निर्माताओं, ओटीटी प्लेटफॉर्म, कंटेंट प्रोड्यूसर्स और कानून लागू करने वाली एजेंसियों की शिकायतों के निपटारे के लिए उसका ग्रिवेंस रिड्रेसल सिस्टम किस तरह काम करता है. अब केवल शिकायत मिलने पर कार्रवाई काफी नहीं सरकार का मानना है कि हर बार अलग-अलग चैनलों की पहचान कर उन्हें हटाना पर्याप्त नहीं है. मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और आईटी नियम, 2021 के तहत एक इंटरमीडियरी के रूप में टेलीग्राम पर वक्त रहते कार्रवाई करना कानूनी जिम्मेदारी है. मंत्रालय ने नोटिस में कहा है कि केवल सरकार की तरफ से किसी चैनल की पहचान किए जाने का इंतजार करना पर्याप्त नहीं माना जाएगा. प्लेटफॉर्म को स्वयं ऐसी व्यवस्था विकसित करनी होगी, जिससे कॉपीराइट उल्लंघन करने वाले कंटेंट और नेटवर्क की पहचान कर समय रहते कार्रवाई की जा सके. पहले भी हुई थी कार्रवाई सरकारी सूत्रों के अनुसार, इससे पहले भी सरकार पायरेटेड कंटेंट प्रसारित करने वाले टेलीग्राम के 3,000 से अधिक चैनलों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है. हालांकि अब सरकार की रणनीति केवल अलग-अलग चैनलों पर कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्लेटफॉर्म की जवाबदेही तय करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है. सरकार का कहना है कि ऑनलाइन पाइरेसी से केवल फिल्म उद्योग ही नहीं, बल्कि ओटीटी प्लेटफॉर्म, ब्रॉडकास्टर्स, प्रोड्यूसर्स, डिस्ट्रीब्यूटर्स और देश की पूरी क्रिएटर इकोनॉमी प्रभावित होती है. नई फिल्में और वेब सीरीज रिलीज होने के कुछ ही घंटों में टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर अवैध रूप से उपलब्ध हो जाती हैं, जिससे कंटेंट निर्माताओं को भारी आर्थिक नुकसान होता है. कॉपीराइट उल्लंघन आपराधिक अपराध मंत्रालय ने अपने नोटिस में यह भी स्पष्ट किया है कि भारत में कॉपीराइट उल्लंघन केवल सिविल विवाद नहीं, बल्कि कॉपीराइट अधिनियम, 1957 और सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952 के तहत एक आपराधिक अपराध भी है. ऐसे में डिजिटल प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी है कि वे कानून के अनुरूप समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें. सरकार के इस कदम को डिजिटल पाइरेसी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है. Source link

झारखंड

बरसात में बकरियों के पेट के कीड़े बन सकते हैं मौत का...

होमताजा खबरकृषि बरसात में बकरियों के पेट के कीड़े बन सकते हैं मौत का कारण, जानें बचाव के उपाय Last Updated:July 04, 2026, 12:31 IST बरसात में लापरवाही से बकरियों के पेट में कीड़े पनपने का खतरा बढ़ जाता है. डॉक्टर अनिल कुमार के अनुसार गीली घास चरने से परजीवी पेट में चले जाते हैं. इससे बकरियां एनीमिया, डायरिया और ‘बॉटल जॉ’ जैसी जानलेवा बीमारियों की शिकार हो जाती हैं. बचाव के लिए समय पर डी-वॉर्मिंग दवा दें। बाड़े में जलजमाव न होने दें और साफ पानी व सूखा चारा खिलाएं. ख़बरें फटाफट बोकारोः बरसात के मौसम में देखभाल की कमी और लापरवाही के कारण बकरियों में पेट के कीड़ों की समस्या तेजी से बढ़ सकती है. समय पर इलाज और उचित प्रबंधन नहीं होने पर यह समस्या बड़ी हो सकती है. यह एनीमिया डायरिया और बॉटल जॉ जैसी गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकती है. कई बार संक्रमण इतना गंभीर हो जाता है कि बकरी की मौत तक हो सकती है. ऐसे में इसे लेकर बोकारो के चास पेट क्लीनिक के पशु चिकित्सक डॉ. अनिल कुमार ने बरसात के दौरान बकरियों में पेट के कीड़ों के रोकथाम और प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है. डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि बरसात के दिनों में बकरियों के खानपान और रखरखाव पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है. बाड़े के आसपास जलजमाव, बहता पानी और साफ-सफाई की कमी के कारण परजीवी कीड़े तेजी से पनपते हैं. जिस कारण घोंघे और अन्य परजीवियों के जीवन चक्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. परजीवियों के लार्वा हैं खतरनाकवहीं, बरसात में इन परजीवियों के लार्वा नई और गीली घास पर चिपक जाते हैं. जिन्हें चरते समय बकरियां निगल लेती हैं इसके बाद ये परजीवी पेट और आंतों में पहुंचकर धीरे-धीरे संक्रमण फैलाने लगते हैं जिससे बकरियां बीमार हो जाती हैं. बरसात में पेट के कीड़ों के गंभीर संक्रमण के कारण बॉटल जॉ बीमारी हो सकती है. जिससे बकरियों के शरीर से लगातार खून और प्रोटीन की कमी होने से शरीर में द्रव नीचे की ओर जमा होने लगता है. बकरियों के निचले जबड़े और गले में सूजन आ जाती है जिसे बकरियों को खानपान में परेशानी होती है और वह कमजोर हो जाती हैं. बकरी के पेट और आंतों में परजीवी कीड़ों की संख्या बहुत अधिक हो जाती है, तो वे आंतों की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचाते हैं. इससे बकरियां भोजन ठीक से पच नहीं पाता और बकरी को बार-बार पतला या पानी जैसा मल आने लगता है. डायरिया कारण उसका वजन घटने लगता है और बकरियां कमजोर होकर बीमार पड़ जाती है. ताजा पानी और सूखा चारा जरूरीऐसे में आखिर में डॉ अनिल कुमार न पशुपालकों को सलाह दी कि बरसात के दौरान बकरियों को हमेशा सूखी और साफ जगह पर रखें और छत ऐसी हो कि बारिश का पानी अंदर न आए. बाड़े के आसपास जलजमाव न होने दें और सबसे जरूरी है समय-समय पर पशु को डी-वॉर्मिंग दवा दें. बाहरी परजीवियों से बचाव के लिए परजीवीनाशक दवाओं का उपयोग करें. इसके अलावा बकरियों को हमेशा साफ और ताजा पीने का पानी उपलब्ध कराएं और हरे चारे के साथ संतुलित मात्रा में सूखा चारा जरूर खिलाएं. About the Author Prashun Singh मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bokaro,Jharkhand Source link

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जम्मू, हरिद्वार और दिल्ली जानेवाली ट्रेनें 10 अगस्त तक फुल:अब तक टिकट...

चारधाम यात्रा जारी है और 28 अगस्त तक चलने वाली 3 जुलाई से अमरनाथ यात्रा भी शुरू हो गई है। वहीं, 16 जुलाई को पुरी में विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा महोत्सव है। धनबाद से बड़ी संख्या में लोग परिवार संग इन तीर्थ स्थानों को जाते हैं। लेकिन, जिन लोगों ने अब तक ट्रेन का टिकट नहीं बनवाया, उनके लिए मुश्किल होने वाली है। धनबाद होकर दिल्ली, हरिद्वार-ऋषिकेश और जम्मू जानेवाली सभी ट्रेनों में 10 अगस्त तक वेट लिस्ट की स्थिति है। तत्काल टिकट मिलना मुश्किल कोलकाता-जम्मूतवी में तो अगस्त के अंत तक सीट खाली नहीं है। इसके अलावे धनबाद से कालका और गोमो से भुवनेश्वर व पुरी जाने वाली ट्रेनें भी फुल हो चुकी हैं। धनबाद से मुंबई, राजस्थान, गुजरात जानेवाली अधिकतर ट्रेनों में भी 20 जुलाई तक वेटिंग की स्थिति है। तत्काल का विकल्प है, लेकिन धनबाद से कोटा कम होने की वजह से तत्काल टिकट मिलना मुश्किल है। Source link

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