बोकारो के मल्लिकार्जुन मिश्रा ने जंप रोप में जीते 2 अंतरराष्ट्रीय गोल्ड,...
Last Updated:July 03, 2026, 14:07 IST Bokaro’s Mallikarjun Wins 2 Gold In Jump Rope: बोकारो के मल्लिकार्जुन मिश्रा ने श्रीलंका में साउथ एशियन यूथ गेम्स-2026 में जंप रोप स्किपिंग में दो स्वर्ण पदक जीतकर, राज्य और देश का नाम रोशन किया. वे अपने परिवार से पहले हैं जिसने खेलों में करियर बनाया. बोकारो. बोकारो के सेक्टर-3 निवासी युवा खिलाड़ी मल्लिकार्जुन मिश्रा ने हाल ही में श्रीलंका में आयोजित साउथ एशियन यूथ गेम्स-2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए जंप रोप स्किपिंग के फ्रीस्टाइल और स्पीड स्प्रिंट वर्ग में दो स्वर्ण पदक जीतकर बोकारो और झारखंड का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है. उनकी इस उपलब्धि से पूरे जिले में खुशी का माहौल है. इस जंप रोप प्रतियोगिता के फ्रीस्टाइल वर्ग में भारत ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि नेपाल दूसरे और बांग्लादेश तीसरे स्थान पर रहा. वहीं, स्पीड स्प्रिंट वर्ग में भी भारत ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया. इस स्पर्धा में बांग्लादेश दूसरे और भूटान तीसरे स्थान पर रहा. परिवार में पहले जिसने चुना खेललोकल 18 से खास बातचीत में मल्लिकार्जुन मिश्रा ने बताया कि उन्हें जंप रोप स्किपिंग के बारे में पहली बार कक्षा 5 में अपने स्कूल के शिक्षक से जानकारी मिली थी. उसी दिन उन्होंने तय कर लिया था कि वे इसी खेल में अपना भविष्य बनाएंगे. वहीं, उनके परिवार में कोई भी खेल से नहीं जुड़ा है और वे अपने परिवार के पहले खिलाड़ी हैं, जिन्होंने खेल को अपना करियर चुना है. ट्रेनिंग बेहद जरूरीमल्लिकार्जुन बताते हैं कि जंप रोप टूर्नामेंट में ट्रेनिंग सबसे जरूरी होती है. इसलिए वह रोजाना दो से तीन घंटे तक कठिन ट्रेनिंग करते हैं और कई बार चोट, इंजरी और दर्द का सामना करने के बावजूद उन्होंने कभी अभ्यास नहीं छोड़ा और हमेशा अपना बेस्ट देने की कोशिश की. दो स्वर्ण पदक जीतने के बाद मल्लिकार्जुन का अगला लक्ष्य 2027 में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत के लिए पदक जीतना है. इसके साथ ही वे जूनियर ओलंपिक की तैयारी में भी जुटना चाहते हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम और भी ऊंचा करना चाहते हैं. माता-पिता, कोच को दिया श्रेयमल्लिकार्जुन ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता और कोच राहुल प्रताप को दिया. उन्होंने कहा कि माता-पिता के लगातार सहयोग और कोच के मार्गदर्शन के बिना यह सफलता संभव नहीं थी. आखिर में अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि को लेकर उन्होंने बताया कि उनके पिता ब्रज भूषण मिश्रा बोकारो स्टील प्लांट के हॉट स्ट्रिप मिल (एचएसएम) में चार्जमैन के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता कुसुम मिश्रा गृहिणी हैं और परिवार के सहयोग और नियमित अभ्यास ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Bokaro,Jharkhand Source link






