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झारखंड

बोकारो के मल्लिकार्जुन मिश्रा ने जंप रोप में जीते 2 अंतरराष्ट्रीय गोल्ड,...

Last Updated:July 03, 2026, 14:07 IST Bokaro’s Mallikarjun Wins 2 Gold In Jump Rope: बोकारो के मल्लिकार्जुन मिश्रा ने श्रीलंका में साउथ एशियन यूथ गेम्स-2026 में जंप रोप स्किपिंग में दो स्वर्ण पदक जीतकर, राज्य और देश का नाम रोशन किया. वे अपने परिवार से पहले हैं जिसने खेलों में करियर बनाया. बोकारो. बोकारो के सेक्टर-3 निवासी युवा खिलाड़ी मल्लिकार्जुन मिश्रा ने हाल ही में श्रीलंका में आयोजित साउथ एशियन यूथ गेम्स-2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए जंप रोप स्किपिंग के फ्रीस्टाइल और स्पीड स्प्रिंट वर्ग में दो स्वर्ण पदक जीतकर बोकारो और झारखंड का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है. उनकी इस उपलब्धि से पूरे जिले में खुशी का माहौल है. इस जंप रोप प्रतियोगिता के फ्रीस्टाइल वर्ग में भारत ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि नेपाल दूसरे और बांग्लादेश तीसरे स्थान पर रहा. वहीं, स्पीड स्प्रिंट वर्ग में भी भारत ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया. इस स्पर्धा में बांग्लादेश दूसरे और भूटान तीसरे स्थान पर रहा. परिवार में पहले जिसने चुना खेललोकल 18 से खास बातचीत में मल्लिकार्जुन मिश्रा ने बताया कि उन्हें जंप रोप स्किपिंग के बारे में पहली बार कक्षा 5 में अपने स्कूल के शिक्षक से जानकारी मिली थी. उसी दिन उन्होंने तय कर लिया था कि वे इसी खेल में अपना भविष्य बनाएंगे. वहीं, उनके परिवार में कोई भी खेल से नहीं जुड़ा है और वे अपने परिवार के पहले खिलाड़ी हैं, जिन्होंने खेल को अपना करियर चुना है. ट्रेनिंग बेहद जरूरीमल्लिकार्जुन बताते हैं कि जंप रोप टूर्नामेंट में ट्रेनिंग सबसे जरूरी होती है. इसलिए वह रोजाना दो से तीन घंटे तक कठिन ट्रेनिंग करते हैं और कई बार चोट, इंजरी और दर्द का सामना करने के बावजूद उन्होंने कभी अभ्यास नहीं छोड़ा और हमेशा अपना बेस्ट देने की कोशिश की. दो स्वर्ण पदक जीतने के बाद मल्लिकार्जुन का अगला लक्ष्य 2027 में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत के लिए पदक जीतना है. इसके साथ ही वे जूनियर ओलंपिक की तैयारी में भी जुटना चाहते हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम और भी ऊंचा करना चाहते हैं. माता-पिता, कोच को दिया श्रेयमल्लिकार्जुन ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता और कोच राहुल प्रताप को दिया. उन्होंने कहा कि माता-पिता के लगातार सहयोग और कोच के मार्गदर्शन के बिना यह सफलता संभव नहीं थी. आखिर में अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि को लेकर उन्होंने बताया कि उनके पिता ब्रज भूषण मिश्रा बोकारो स्टील प्लांट के हॉट स्ट्रिप मिल (एचएसएम) में चार्जमैन के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता कुसुम मिश्रा गृहिणी हैं और परिवार के सहयोग और नियमित अभ्यास ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bokaro,Jharkhand Source link

झारखंड

चतरा में शिक्षक पर यौन शोषण का आरोप:पीड़िता ने न्याय न मिलने...

चतरा जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र से यौन शोषण का एक मामला सामने आया है। एक शिक्षक पर युवती को शादी का झांसा देकर डेढ़ साल तक यौन शोषण करने का आरोप है। आरोपी की गिरफ्तारी न होने से आहत पीड़िता ने 24 घंटे के भीतर थाना परिसर में आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। यह घटना हंटरगंज थाना क्षेत्र के नावाडीह गांव की है। पीड़िता के अनुसार, आरोपी गौतम कुमार, जो किशोरी साव का पुत्र है, ने उसे एक निजी स्कूल में पढ़ाने का प्रस्ताव दिया था। स्कूल में ही दोनों के बीच फोन नंबरों का आदान-प्रदान हुआ, जिसके बाद आरोपी ने उसे अपने प्रेम जाल में फंसा लिया। पीड़िता का आरोप है कि गौतम कुमार ने शादी का झांसा देकर डेढ़ साल तक उसका यौन शोषण किया। अब जब पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है, तो न्याय के लिए भटक रही पीड़िता ने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए थाना परिसर में आत्मदाह करने की बात कही है। होटल ले जाकर शारीरिक संबंध बनाया आरोप है कि जब वह नाबालिग थी, तभी से आरोपी ने शादी का पक्का वादा कर कई बार होटल ले जाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इस दौरान उसे गर्भनिरोधक दवाइयां भी दी जाती रहीं। लेकिन जब पीड़िता ने शादी करने का दबाव बनाया, तो आरोपी अपने वादे से मुकर गया। मामले को सुलझाने के लिए गांव में दो बार पंचायत भी बैठी। पंचायत के सामने आरोपी ने संबंध होने की बात स्वीकारी और 24 जून को शादी के लिए राजी भी हुआ, लेकिन तय दिन उसके परिजनों ने शादी से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद आरोपी पक्ष द्वारा केस रफा-दफा करने के लिए 6 से 7 लाख रुपए का प्रलोभन और धमकियां दी जाने लगीं। पंचायत से कानूनी कदम उठाने की अनुमति मिलने के बाद पीड़िता ने हंटरगंज थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। केस दर्ज होने के बावजूद अब तक आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पीड़िता एसपी कार्यालय से लेकर थाने तक न्याय की गुहार लगा रही है। तीन दिन पहले ही प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पंचायत में बात बिगड़ने के बाद से ही आरोपी घर से फरार है, जिसकी धर-पकड़ के लिए पुलिस लगातार छापेमारी अभियान चला रही है। -प्रभात कुमार, हंटरगंज थाना प्रभारी। Source link

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गुमला के घोड़ाटांगर मोड़ पर टेंपो पलटा:बिहार निवासी नाबालिग की मौत, सांप...

गुमला जिले के घाघरा थाना क्षेत्र में घोड़ाटांगर मोड़ के पास शुक्रवार को एक टेंपो पलट गया। इस हादसे में बिहार के गया जिले के रहने वाले एक नाबालिग बच्चे की मौत हो गई। मृतक की पहचान आयुष कुमार सिंह के रूप में हुई है। हादसा उस वक्त हुआ जब आयुष अपने माता-पिता और अन्य परिजनों के साथ एक शादी समारोह से लौटकर सिरकोट गांव स्थित अपने ननिहाल जा रहा था। टेंपो पलटने के बाद परिजन उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, घाघरा ले गए, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि घोड़ाटांगर मोड़ के पास पीपल के पेड़ के पास सड़क पार कर रहे एक सांप को बचाने के प्रयास में चालक ने टेंपो से नियंत्रण खो दिया। टेंपो अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया, जिससे आयुष गंभीर रूप से घायल हो गया। टेंपो में लगभग 8 से 10 लोग सवार थे। अन्य सभी यात्रियों को मामूली खरोंचें आईं, जबकि आयुष को गंभीर चोटें लगी थीं। घटना की सूचना मिलने पर घाघरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ऑटो को जब्त कर लिया है और मामले की छानबीन कर रही है। Source link

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नोएडा में 290 करोड़ से 300 मीटर का बना सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक,...

Last Updated:July 03, 2026, 13:28 IST नोएडा में 290 करोड़ रुपये की लागत से बना 300 मीटर का सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक एथलीटों के लिए बेकार साबित हुआ है, क्योंकि पेशेवर ट्रैक 400 मीटर का होता है. सचिन एक एथलीट है जिनका इवेंट 5हजार मीटर और 10हजार मीटर है. लोकल 18 से बात करते हुए उन्होंने कहा कि नोएडा में कोई सिंथेटिक ट्रैक न होने चलते हमें दिल्ली के अक्षरधाम या जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में प्रैक्टिस के लिए जाना पड़ता है. लंबे अरसे की कोशिशों के बाद स्टेडियम में एक ट्रैक बनवाया गया है, जो किसी काम का नहीं है. नोएडा: नोएडा के युवा उसैन बोल्ट और पीटी ऊषा जैसा बनने के लिए मंच तलाशते थे और इसकी लंबे समय से स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्राधिकरण से मांग थी कि एक सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक बनवाकर सुविधा मुहैया करवाई जाए. जिसका संज्ञान लेते हुए स्प्रिंट रेसिंग ट्रैक बनकर लगभग तैयार हो चुका है, लेकिन अब ये खास प्रोजेक्ट यहां के ऐथलीट और उनके कोच के बीच चर्चाओं का विषय बन गया है. इनका कहना है कि ये सिंथेटिक ट्रैक नहीं दुनिया का आठवां अजूबा है. क्योंकि ये मानको के तौर पर नहीं बनाया गया. इसमें कोई प्रतियोगिता आयोजित नहीं करवाई जा सकती और सबसे बड़ी वजह है कि ये 300 मीटर ट्रैक है जोकि दुनिया में आपको कहीं नहीं मिलेगा. 300 मीटर का एथलेटिक ट्रैक बना है सचिन एक एथलीट है जिनका इवेंट 5हजार मीटर और 10हजार मीटर है. लोकल 18 से बात करते हुए उन्होंने कहा कि नोएडा में कोई सिंथेटिक ट्रैक न होने चलते हमें दिल्ली के अक्षरधाम या जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में प्रैक्टिस के लिए जाना पड़ता है. लंबे अरसे की कोशिशों के बाद स्टेडियम में एक ट्रैक बनवाया गया है, जो किसी काम का नहीं है. उसकी सबसे बड़ी वजह है कि प्रोफेशनल ट्रैक 400 मीटर का होता है पूरे विश्व में आपको 300 मीटर का ट्रैक नहीं मिलेगा, लेकिन नोएडा प्राधिकरण ने इसे बनवाया है. इसके पीछे की क्या मंशा और दबाव रहा होगा ये नहीं पता लेकिन पल्ला झाड़ने वाली कहावत सिद्ध हुई है ऐसा इस ट्रैक से नजर आ रहा है. वही अशोक सैनी जोकि डिस्ट्रिक्ट एथलेटिक्स एसोसिएशन के ज्वाइंट सिक्रेटरी है. उनका कहना है इस ट्रैक को बनवाने और यहां के एथलीट्स को सुविधा देने के लिए हमने शासन प्रशासन को कई बार चिट्ठी लिखी. सालों इंतजार के बाद इन्होंने इस ट्रैक को बनवाया. बनवाने से पहले भी हमने हमारी एसोसिएशन और डिस्ट्रिक्ट ओलंपिक एसोशिएशन ने इन्हें ट्रैक के बारे में टेक्निकल बारीकियां और जरूरी चीजों के बारे में बताया, उस समय इन्होंने हमें ये कहकर टाल दिया कि एक मीटिंग होगी उसके बाद ही इसका मैप और डिजाइन पास किया जाएगा. लेकिन पता नहीं कौन से प्रोफेशनल से इन्होंने ये ट्रैक का मैप और डिजाइन पास करवाकर बनवा दिया समझ नहीं आया जो अब शायद किसी काम का नहीं है. 290 करोड़ का आया खर्चा अशोक सैनी बताते है कि डिस्ट्रिक्ट लेवल पर 200मीटर का एथलीट के लिए चल जाता है और लेकिन आप स्टेट, नेशनल, इंटरनेशनल, एशियाई और ओलंपिक में 400 मीटर ही चलता है. पूरे विश्व में आपको 300 मीटर का ट्रैक कहीं नहीं मिलेगा. अगर 400 मीटर नहीं है वहां किसी तरह की प्रतियोगिता कराना मतलब लोहे के चने चबाना जैसा है. या संभव ही नहीं है. साथ ही इन्होंने बताया कि एथलेटिक्स का मतलब होता है ट्रैक एंड फील्ड ट्रैक इन्होंने बनाकर पूरा कर दिया लेकिन फील्ड इवेंट्स में इन्होंने कुछ नही बनाया है और अब ग्रास लगाने की तैयारी है जो बाद में बनाना मुश्किल होगा. वही नोएडा प्राधिकरण की माने तो इस प्रोजेक्ट में करीब 290 करोड़ की लागत आई है. फील्ड इवेंट में जम्प और थ्रो इवेंट्स होते है, जंप इवेंट्स में लॉन्ग जंप, ट्रिपल जंप, हाई जंप, पोल वॉल् वही थ्रो इवेंट्स में डिस्कस थ्रो, शॉट पुट, जैवलिन थ्रो, हैमर थ्रो होते हैं. इन आठ में से एक भी इवेंट के लिए इन्होंने किसी मंच को तैयार नहीं किया है. वही ट्रैक पर की गई मार्किंग में भारी कमी और एथलीट के लिए कंफ्यूजन पैदा करने वाली है. पहली लाइन को पूरी तरह जोड़ा नहीं गया है और जहां फिनिशिंग लाइन होती वहां डॉट डॉट मार्किंग होती है वो कुछ नहीं है, मार्किंग टेक्निकल तरीके से नहीं हुई है जो किसी एथलीट के लिए बड़ी दुविधा वाली और डिस्क्वालीफाई के चांस बढ़ेंगे. About the Author Rajneesh Kumar Yadav मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Noida,Gautam Buddha Nagar,Uttar Pradesh Source link

झारखंड

JPSC PCS Pre Result 2026: झारखंड पीसीएस प्रीलिम्स का रिजल्ट जारी, jpsc.gov.in...

Last Updated:July 03, 2026, 13:03 IST JPSC PCS Pre Result 2026: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने लाखों अभ्यर्थियों का इंतजार खत्म हो गया है.झारखंड संयुक्त सेवा (PCS) प्रारंभिक परीक्षा 2025 का रिजल्ट जारी कर दिया है. प्रीलिम्स परीक्षा में सफल उम्मीदवार अब मुख्य परीक्षा (Mains) के लिए आवेदन कर सकते हैं. आयोग ने 9 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन का मौका दिया है जबकि मुख्य परीक्षा 18, 19 और 20 जुलाई 2026 को आयोजित होगी.अभ्यर्थी अपना रिजल्ट और मेरिट लिस्ट आयोग की आधिकारिक वेबसाइट jpsc.gov.in पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं. ख़बरें फटाफट JPSC PCS Pre Result 2026,JPSC Prelims Result 2026: झारखंड पीसीएस प्रीलिम्स परीक्षा के नतीजे घोषित. JPSC PCS Pre Result 2026: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने संयुक्त असैनिक सेवा (PCS) प्रारंभिक परीक्षा 2025 का रिजल्ट जारी कर दिया है. जिन उम्मीदवारों ने यह परीक्षा दी थी वे अब आयोग की आधिकारिक वेबसाइट jpsc.gov.in पर जाकर अपना रिजल्ट और मेरिट लिस्ट पीडीएफ फॉर्मेट में डाउनलोड कर सकते हैं.प्रारंभिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थी अब मुख्य परीक्षा (Mains) में शामिल होंगे.इसके लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.आयोग ने स्पष्ट किया है कि मेंस परीक्षा के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 9 जुलाई 2026 है. ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी हुई मेरिट लिस्ट जेपीएससी ने प्रीलिम्स परीक्षा का परिणाम पीडीएफ फॉर्मेट में जारी किया है. इसमें उन सभी अभ्यर्थियों के रोल नंबर दिए गए हैं, जिन्होंने मुख्य परीक्षा के लिए क्वालिफाई किया है. उम्मीदवार आयोग की वेबसाइट पर जाकर यह सूची डाउनलोड कर सकते हैं और अपना रोल नंबर चेक कर सकते हैं. मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन शुरू प्रीलिम्स परीक्षा में सफल होने वाले उम्मीदवारों के लिए मुख्य परीक्षा का ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गया है.आवेदन लिंक 3 जुलाई 2026 से एक्‍टिव कर दिया गया है. सभी योग्य अभ्यर्थियों को 9 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन पूरा करना होगा. आयोग ने सलाह दी है कि अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन कर लें ताकि किसी तकनीकी परेशानी से बचा जा सके. 18 से 20 जुलाई तक होगी मुख्य परीक्षा जेपीएससी की ओर से जारी आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार संयुक्त असैनिक सेवा मुख्य परीक्षा 18, 19 और 20 जुलाई 2026 को आयोजित की जाएगी.परीक्षा दो शिफ्ट में होगी. पहली शिफ्ट सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक आयोजित की जाएगी. ऐसे डाउनलोड करें JPSC PCS Prelims Result 2026 रिजल्ट देखने के लिए उम्मीदवारों को सबसे पहले jpsc.gov.in वेबसाइट पर जाना होगा.इसके बाद होमपेज पर P.T.Result of the Recruitment of Jharkhand Combined Civil Services Examination (Regular)-2025 लिंक पर क्लिक करें.लिंक खुलते ही मेरिट लिस्ट पीडीएफ स्क्रीन पर दिखाई देगी.उम्मीदवार इसमें अपना रोल नंबर खोज सकते हैं.भविष्य की जरूरत को देखते हुए रिजल्ट का प्रिंट आउट या पीडीएफ अपने पास सुरक्षित रखना भी बेहतर रहेगा. अब मेंस की तैयारी पर दें पूरा ध्यान प्रीलिम्स परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों के लिए अब अगला और सबसे महत्वपूर्ण चरण मुख्य परीक्षा है चूंकि मेंस परीक्षा 18 जुलाई से शुरू हो रही है इसलिए अभ्यर्थियों के पास तैयारी के लिए सीमित समय है. ऐसे में आवेदन प्रक्रिया समय पर पूरी करने के साथ-साथ परीक्षा की तैयारी भी तेज करनी होगी.झारखंड लोक सेवा आयोग ने उम्मीदवारों से कहा है कि वे परीक्षा से जुड़ी सभी नई सूचनाओं और अपडेट के लिए नियमित रूप से आयोग की आधिकारिक वेबसाइट देखते रहें. About the Author Dhiraj Raiअसिस्टेंट एडिटर <strong>न्यूज़18 हिंदी (Network 18) डिजिटल</strong> में असिस्टेंट एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. न्‍यूज 18 में एजुकेशन, करियर, सक्‍सेस स्‍टोरी पर काम करते हैं. करीब 16 साल से अधिक मीडिया में सक्रिय है. <strong>दै…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

झारखंड

2,204 Qualify for Main Exam July 18-20

रांची51 मिनट पहले कॉपी लिंक झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने झारखंड संयुक्त सेवा प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा 2025 का परिणाम जारी कर दिया है। इसमें कुल 2,204 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए हैं। यह परीक्षा इसी वर्ष 19 अप्रैल को आयोजित की गई थी। आयोग ने यह परिणाम झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम जारी करने पर लगी रोक हटाए जाने के बाद जारी किया है। दरअसल, सिविल सेवा परीक्षा में उम्र सीमा में छूट देने का मामला हाईकोर्ट में चला गया था, जिसके बाद कोर्ट ने पीटी रिजल्ट जारी करने का निर्देश दिया था। प्रारंभिक परीक्षा में सफल घोषित उम्मीदवारों को अब मुख्य परीक्षा देनी होगी। परिणाम के साथ ही उन उम्मीदवारों की सूची भी जारी कर दी गई है जो अगले चरण की परीक्षा में भाग लेंगे। प्रत्येक पाली की अवधि 3 घंटे की हो मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया 3 जुलाई से शुरू हो चुकी है और उम्मीदवार 9 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। JPSC ने मुख्य परीक्षा की तारीखें भी जारी कर दी हैं। यह परीक्षा 18, 19 और 20 जुलाई 2026 को रांची जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। मुख्य परीक्षा तीनों दिन दो पालियों में संपन्न होगी। प्रत्येक पाली की अवधि 3 घंटे की होगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक होगी। 18 जुलाई को प्रथम पाली में पहला पत्र और दूसरी पाली में दूसरा पत्र होगा। 19 जुलाई को तीसरे और चौथे पत्र की परीक्षा होगी, जबकि 20 जुलाई को पांचवें और छठे पत्र की परीक्षा आयोजित की जाएगी। 950 अंकों की मुख्य परीक्षा के बाद 100 अंकों का साक्षात्कार भी होगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

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राजद के पूर्व एमएलसी सुबोध कुमार और दो कर्मी गिरफ्तार:आटा चक्की में...

रांची के ओरमांझी स्थित तरंगनी लिकर प्राइवेट लिमिटेड के शराब बॉटलिंग प्लांट का लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सहायक उत्पाद आयुक्त के नेतृत्व में हुई छापेमारी में फैक्ट्री परिसर से 303 पेटी (2646 लीटर) नकली विदेशी शराब और 70 लीटर बीयर जब्त की गई थी। इस मामले में फैक्ट्री के मालिक और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पूर्व एमएलसी सुबोध कुमार उर्फ सुबोध राय के साथ उनके दो कर्मचारी रविकांत राय और देवेंद्र भगत को गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट में पेशी के बाद तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। बरामद शराब में आफ्टर डार्क, 8 पीएम और रॉयल मेंशन जैसे ब्रांड शामिल हैं। कार्रवाई के बाद सहायक उत्पाद आयुक्त उमाशंकर सिंह ने रांची उपायुक्त और उत्पाद विभाग को प्लांट का लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा करते हुए पत्र भेजा है। विभाग का कहना है कि जांच में फैक्ट्री के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। फिलहाल उत्पाद विभाग ने पूरे प्लांट को सील कर दिया है। आटा चक्की में मजदूरी करता था सुबोध रांची में नकली शराब मामले में गिरफ्तारी के बाद पूर्व राजद एमएलसी सुबोध कुमार उर्फ सुबोध राय के शराब कारोबार की जांच अब बिहार के वैशाली जिले तक पहुंच गई है। वैशाली पुलिस उसके पुराने कारोबारी नेटवर्क और अवैध शराब कारोबार से जुड़े संभावित संबंधों की पड़ताल कर रही है। पुलिस अवैध शराब निर्माण और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की जांच में जुटी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब दो दशक पहले सुबोध कुमार प्रखंड क्षेत्र के अंधारी गाछी स्थित एक आटा चक्की में मजदूरी करता था। इसी दौरान उसने अपने एक संबंधी की मदद से देसी शराब के कारोबार में कदम रखा। शुरुआत में शराब की डिलीवरी और बिक्री का काम किया और धीरे-धीरे क्षेत्र में देसी शराब कारोबार का बड़ा नाम बन गया। बाद में उसने हरिहर चौक पर अंग्रेजी शराब की दुकान का लाइसेंस लिया। आरोप है कि इसी दौरान अवैध देसी शराब निर्माण का नेटवर्क भी संचालित होता रहा। इस अवधि में उसके भाई विकास कुमार का नाम भी शराब से जुड़े मामलों में सामने आया था और उसे जेल भी जाना पड़ा था। राजनीतिक प्रभाव बढ़ा, 2016 में राजद ने बनाया एमएलसी राजनीतिक रूप से सुबोध का प्रभाव तब बढ़ा, जब उसका संपर्क राष्ट्रीय जनता दल के शीर्ष नेतृत्व से हुआ। इसके बाद वह 2016 से 2022 तक विधान परिषद (एमएलसी) का सदस्य रहा। उसका छोटा भाई विकास कुमार लगातार तीसरी बार पोझा पंचायत का मुखिया चुना गया है। एमएलसी का कार्यकाल समाप्त होने के बाद सुबोध ने अपने कारोबार का विस्तार किया। Source link

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मॉनसून की पहली बारिश और फरीदाबाद की भीमसेन कॉलोनी…तैरकर ही कीजिए पार!

Last Updated:July 03, 2026, 12:33 IST फरीदाबाद की भीमसेन कॉलोनी में पहली ही बारिश ने स्मार्ट सिटी के दावों की पोल खोल दी. सीवर ओवरफ्लो होने से गलियां गंदे पानी से लबालब हैं, कई घरों में भी पानी घुस रहा है. बच्चों का स्कूल जाना और लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि दो साल से शिकायतों के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हुआ. फरीदाबाद: पहली ही बारिश से फरीदाबाद की भीमसेन कॉलोनी की तस्वीर स्मार्ट सिटी के दावों पर सवाल खड़े कर रही है. कॉलोनी की गलियों में सीवर का गंदा पानी भरा हुआ है. कई जगह हालात ऐसे हैं कि लोगों के लिए घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है. सुबह के समय सीवर ओवरफ्लो होने से गलियां पूरी तरह गंदे पानी से भर जाती हैं. कई बार यह पानी लोगों के घरों के अंदर तक पहुंच जाता है. सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और नौकरी पर जाने वाले लोगों को हो रही है. 1 जुलाई से स्कूल खुल चुके हैं, लेकिन कई बच्चों को गंदे पानी की वजह से स्कूल नहीं भेजा जा पा रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह परेशानी पिछले करीब दो साल से बनी हुई है. शिकायत करने पर सीवर की सफाई तो हो जाती है, लेकिन अगले ही दिन फिर वही हाल हो जाता है. बरसात के दिनों में गलियों का बहुत बुरा हाल Local18 से बातचीत में भीमसेन कॉलोनी की स्थानीय निवासी कमलेश बताती हैं यह बहुत पुरानी कॉलोनी है. बरसात के दिनों में गलियों का बहुत बुरा हाल हो जाता है. बिना बारिश के भी सीवर का गंदा पानी घरों में घुस जाता है. कई बार पानी बेड तक पहुंच जाता है. अभी बिना बारिश के ही ऐसे हाल हैं तो बरसात में क्या होगा. सुबह-सुबह गटर भर जाता है. निकलने में बहुत दिक्कत होती है. बच्चे स्कूल नहीं जा पाते और कई बार छुट्टी करवानी पड़ती है. स्थानीय निवासी विद्या बताती हैं कई बार नाली में जाली लगाकर पानी को रोक दिया जाता है. इसी वजह से नाली ओवरफ्लो हो जाती है और गंदा पानी गलियों में फैल जाता है. कोई पक्का समाधान नहीं हो रहा भीमसेन कॉलोनी की एक और स्थानीय निवासी कमलेश बताती हैं मकान गटर के सामने है. गटर का गंदा पानी कमरे के अंदर तक चला जाता है. शिकायत करने पर सुबह सीवर साफ कर दिया जाता है लेकिन शाम तक फिर भर जाता है. पिछले एक-दो साल से यही हालत है. कोई पक्का समाधान नहीं हो रहा. गंदगी और मल पानी के ऊपर तैरता रहता है जिससे बहुत परेशानी होती है. घर में रहना भी मुश्किल हो गया है स्थानीय निवासी हिमांशु बताते हैं मकान के सामने हमेशा गंदा पानी भरा रहता है. घर से निकलना मुश्किल हो जाता है. बदबू पूरे घर में फैल जाती है. पैदल निकलना संभव नहीं होता…बाइक या स्कूटी से ही जाना पड़ता है. घर में रहना भी मुश्किल हो गया है. जब से मोहना रोड पर एलिवेटेड पुल का निर्माण शुरू हुआ है तभी से यह समस्या बढ़ी है. सीवर विभाग की टीम आती है पानी निकालकर फोटो खींचती है और चली जाती है. अगले दिन फिर वही हाल हो जाता है. पक्का समाधान किया जाए स्थानीय निवासी पप्पी बताती हैं शादी को 25 साल हो गए और इतने समय से इसी कॉलोनी में रह रही हैं. परिवार भी कई सालों से यहीं रह रहा है. करीब दो साल पहले एलिवेटेड पुल का काम शुरू होने के बाद से यह परेशानी बढ़ गई. पार्षद दीपक यादव से भी कई बार शिकायत की गई. शिकायत के बाद सफाई की गाड़ी आ जाती है, लेकिन यह सिर्फ एक-दो दिन का समाधान होता है. अगले दिन फिर सीवर का गंदा पानी गलियों में भर जाता है. कॉलोनी के लोगों की मांग है कि इस समस्या का हमेशा के लिए पक्का समाधान किया जाए, ताकि लोगों को गंदगी और बदबू के बीच रहने के लिए मजबूर न होना पड़े. About the Author Vivek Kumar विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Faridabad,Faridabad,Haryana Source link

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JPSC PT Result 2025: जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित, जानें कब...

Last Updated:July 03, 2026, 12:13 IST झारखंड लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2025 का रिजल्ट जारी कर दिया है. जिसमें कुल 2,204 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया है. यह प्रारंभिक परीक्षा 19 अप्रैल को आयोजित की गई थी. जिसके माध्यम से कुल 103 पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं. पीटी परीक्षा में सफल रहे इन सभी अभ्यर्थियों के लिए अब मुख्य परीक्षा आगामी 18 से 20 जुलाई तक आयोजित की जाएगी. ख़बरें फटाफट जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा-2025 का परिणाम घोषित कर दिया है. झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा प्रारंभिक परीक्षा के रिजल्ट पर लगी रोक हटाए जाने के बाद आयोग ने यह परिणाम जारी किया है. इस परीक्षा में कुल 2,204 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया है. गौरतलब है कि यह पीटी परीक्षा 19 अप्रैल को आयोजित की गई थी. जिसके माध्यम से कुल 103 पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं. 18 से 20 जुलाई तक दो पालियों में होगी मुख्य परीक्षा आयोग ने मुख्य (मेंस) परीक्षा का शेड्यूल भी जारी कर दिया है. यह परीक्षा 18 से 20 जुलाई तक तीनों दिन दो-दो पालियों में आयोजित की जाएगी. 18 जुलाई: पहली पाली में प्रथम पत्र और दूसरी पाली में द्वितीय पत्र की परीक्षा होगी. 19 जुलाई: पहली पाली में तृतीय पत्र और दूसरी पाली में चतुर्थ पत्र की परीक्षा होगी. 20 जुलाई: पहली पाली में पंचम पत्र और दूसरी पाली में षष्ठम पत्र की परीक्षा ली जाएगी. जेपीएससी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति ऑनलाइन आवेदन शुरू, 9 जुलाई है अंतिम तिथिप्रारंभिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के लिए मुख्य परीक्षा में शामिल होने के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू हो गई है. आवेदन करने की अंतिम तिथि 9 जुलाई को शाम 5:00 बजे तक निर्धारित की गई है. आयोग ने इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिए हैं. 14 जुलाई तक कार्यालय में जमा करने होंगे दस्तावेजअभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन की डाउनलोड की गई प्रति और उसमें दी गई जानकारियों के अनुसार सभी आवश्यक प्रमाण पत्रों की स्पष्ट व स्व-अभिप्रमाणित छायाप्रति आयोग कार्यालय में जमा करनी होगी. इसे 14 जुलाई की शाम 5:00 बजे तक “परीक्षा नियंत्रक, झारखंड लोक सेवा आयोग, सर्कुलर रोड, रांची, 834001” के पते पर स्पीड पोस्ट, पंजीकृत डाक या हाथों-हाथ अनिवार्य रूप से जमा कराना होगा. आयोग ने स्पष्ट किया है कि परिणाम में किसी भी प्रकार की टंकण या अन्य त्रुटि सामने आने पर सुधार का अधिकार उसके पास सुरक्षित रहेगा. About the Author Prashun Singh मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

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गिरिडीह में मिला 7 फीट लंबा अजगर:13 KG का अजगर रिहायशी इलाके...

गिरिडीह शहर के धरियाडीह इलाके में शुक्रवार को एक सात फीट लंबा भारतीय अजगर मिला। सर्प मित्र रॉकी नवल अजगर का सफल रेस्क्यू किया साथ ही उन्होंने उस शख्स के लिए भीड़ से ताली भी बजवाई, जिसने उन्हें फोन कर अजगर के रेस्क्यू करने के लिए सूचना दी। रॉकी नवल ने बताया कि जहां लोग सांप को देखते ही उसे मार डालते हैं, इस अजगर को बचाने के लिए कॉल करना बड़ी बात है। रॉकी नवल के अनुसार, इस अजगर का वजन लगभग 13 किलोग्राम है। दरअसल, आवासीय क्षेत्र के पास झाड़ियों में अजगर दिखने से लोगों में हड़कंप मच गया। विशालकाय अजगर को देखकर स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। देखते ही देखते मौके पर भीड़ जमा हो गई। आसपास रहने वाले लोग अपने बच्चों और पालतू जानवरों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हो गए। लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी स्थानीय निवासियों ने तुरंत सर्प मित्र रॉकी नवल को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही रॉकी नवल अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। इसके बाद रॉकी नवल ने सावधानी और धैर्य के साथ रेस्क्यू अभियान चलाया। कुछ देर की मशक्कत के बाद अजगर को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित पकड़ लिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। अजगर के सुरक्षित रेस्क्यू होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। बाद में उसे उसके प्राकृतिक आवास के अनुकूल स्थान पर छोड़ दिया गया। अजगर एक शक्तिशाली शिकारी होता है सर्प मित्र रॉकी नवल ने बताया कि पकड़ा गया भारतीय अजगर एक दुर्लभ वन्यजीव है, जो अब कम देखने को मिलता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रजाति के सांप में जहर नहीं होता, लेकिन यह एक शक्तिशाली शिकारी होता है। यह छोटे जानवरों और बच्चों के लिए खतरा बन सकता है, इसलिए ऐसे सांप दिखने पर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। सांप दिखे तो उसे मारने का प्रयास बिल्कुल न करें: रॉकी नवल उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कहीं भी सांप दिखाई दे तो घबराएं नहीं और उसे मारने का प्रयास बिल्कुल न करें। ऐसा करने से इंसान और वन्यजीव दोनों के लिए खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने सलाह दी कि सबसे पहले सुरक्षित दूरी बनाएं और तुरंत सर्प मित्र या संबंधित विभाग को सूचना दें, ताकि प्रशिक्षित लोग मौके पर पहुंचकर सुरक्षित रेस्क्यू कर सकें। Source link

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