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झारखंड

ब्रेन मलेरिया का प्रकोप, 64 नए मरीज मिले:अब तक 5 की मौत,...

पूर्वी सिंहभूम के पोटका प्रखंड क्षेत्र में ब्रेन मलेरिया का संक्रमण गंभीर स्थिति में पहुंच गई है। गुरुवार को 25 गांवों के 1223 ग्रामीणों की जांच में 64 नए मरीज मिले हैं। नए मरीजों में चार की स्थिति गंभीर होने पर उन्हें पोटका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। जबकि 60 मरीजों को दवा देकर घर पर रहकर ही इलाज कराने की सलाह मेडिकल टीम द्वारा दी गई है। उधर, सिविल सर्जन की अध्यक्षता में हुई आपात बैठक में अगले आदेश तक मलेरिया नियंत्रण अभियान से जुड़े सभी स्वास्थ्यकर्मियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लिया जायजा वहीं, ब्रेन मलेरिया से पीड़ित एमजीएम में इलाजरत आदित्यपुर की 12 वर्षीय गुड़िया दास की भी मौत हो गई है। मलेरिया की स्थिति दिनों दिन बिगड़ने पर केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पोटका के प्रभावित गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। साथ ही ग्रामीणों को निर्देश दिया कि रात्रि में मच्छरदानी का उपयोग करें, घर के आसपास जल जमाव नहीं होने दें और ठंड के साथ बुखार होने पर तत्काल जांच व इलाज कराने का निर्देश दिया है। लोगों को बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने को कहा गया है। किशोरी पहले ही सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित थी पोटका के बाद अब आदित्यपुर में भी ब्रेन मलेरिया के मामले सामने आने लगे हैं। गुरुवार को आदित्यपुर की 12 वर्षीय किशोरी गुड़िया दास की एमजीएम अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। वह ब्रेन मलेरिया से पीड़ित थी और गंभीर हालत में मंगलवार को अस्पताल में भर्ती कराई गई थी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, गुड़िया पहले से सिकल सेल एनीमिया से भी पीड़ित थी। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से बुखार या ठंड लगने जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल मलेरिया की जांच कराने और इलाज शुरू कराने की अपील की है। पोटका के 11 गांवों और स्कूलों में विशेष फॉगिंग अभियान आपात बैठक में तैयार माइक्रोप्लान के अनुसार कल से 13 जुलाई तक पोटका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र के 11 गांवों में चरणबद्ध फॉगिंग अभियान चलाया जाएगा। अभियान की शुरुआत कुंदरुकोचा गांव से होगी। इसके बाद नरदा, ग्वालकाटा, हरिना, झरिया, जोजोगोड़ा, टांगराइन, छोटा रामगढ़ और ढेंगाम समेत अन्य गांवों में फॉगिंग की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने सभी आवासीय विद्यालयों में भी एक चरण की विशेष फॉगिंग कराने का निर्णय लिया है। इसके अलावा सभी प्रभावित गांवों में शाम के समय दूसरी बार फॉगिंग कराई जाएगी। लोगों को मलेरिया से बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए माइकिंग और नुक्कड़-नाटक के माध्यम से विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। Source link

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मिहिजाम फुटपाथ की दुकान में लगी भीषण आग:चार लाख रुपए की संपत्ति...

जामताड़ा जिले के मिहिजाम थाना क्षेत्र स्थित चित्तरंजन स्टेशन रोड पर गुरुद्वारा गेट के पास गुरुवार और शुक्रवार की देर रात क़रीब 2 बजे एक फुटपाथ पर लगी चाय की दुकान में भीषण आग लग गई। इस घटना में लाखों रुपए की संपत्ति जलकर राख हो गई। यह दुकान चंदू साव की बताई जा रही है। आग लगने की सूचना मिलते ही मिहिजाम पुलिस मौके पर पहुंची और अग्निशमन विभाग को सूचित किया गया। चित्तरंजन और जामताड़ा से पहुंची दमकल की गाड़ियों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक दुकान में रखा अधिकांश सामान जलकर नष्ट हो चुका था। पीड़ित दुकानदार चंदू साव ने आरोप लगाया है कि किसी ने शराब के नशे में जानबूझकर उनकी दुकान में आग लगाई है। चंदू साव के अनुसार, उनके परिवार का जीविकोपार्जन पूरी तरह इसी दुकान पर निर्भर था और आग लगने से उनका एकमात्र रोजगार समाप्त हो गया है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और उचित मुआवजा देने की मांग की है। अग्निशमन विभाग के कर्मियों ने बताया कि टीम ने समय रहते आग पर काबू पा लिया, जिससे आग आसपास की अन्य दुकानों तक फैलने से रोक दी गई। पुलिस आग लगने के कारणों की जांच में जुटी है। Source link

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घर पर बनाएं स्वादिष्ट नारियल की बर्फी, इस आसान रेसिपी से मिनटों...

Last Updated:July 03, 2026, 10:27 IST मीठा पसंद करने वालों के लिए नारियल की बर्फी एक शानदार विकल्प है. इसे बनाने के लिए कद्दूकस किया हुआ नारियल, दूध, चीनी और इलायची को धीमी आंच पर गाढ़ा होने तक पकाएं. मिश्रण को घी लगी ट्रे में फैलाकर ठंडा करें और मनचाहे आकार में काट लें. यह स्वादिष्ट मिठाई सभी प्रकार के मौकों के लिए बेहतरीन है. नारियल बर्फी एक पारंपरिक भारतीय मिठाई है, जो कद्दूकस किए हुए नारियल, दूध और चीनी से बनाई जाती है. इसका स्वाद हल्का मीठा और खुशबूदार होता है. इसे घर पर बनाना बहुत आसान है और कुछ ही मिनटों में तैयार हो जाती है. ऊपर से पिस्ता या बादाम डालने से इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है. त्योहारों या खास मौकों पर यह मिठाई बहुत पसंद की जाती है. नारियल बर्फी भारतीय मिठाइयों में एक बेहद लोकप्रिय और पारंपरिक मिठाई है. इसका स्वाद हल्का मीठा, खुशबूदार और बहुत ही सॉफ्ट होता है. खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती, फिर भी इसका स्वाद इतना लाजवाब होता है कि हर उम्र के लोग इसे बड़े शौक से खाते हैं. नारियल से बनी मिठाइयों की खास पहचान उनकी खुशबू और सॉफ्ट टेक्सचर होता है, जब ताजा नारियल, दूध और चीनी को साथ में पकाया जाता है, तो एक ऐसी मिठास बनती है, जो सीधे दिल तक पहुंच जाती है. यही वजह है कि त्योहारों, खास मौकों और मेहमानों के लिए नारियल बर्फी अक्सर बनाई जाती है. Add News18 as Preferred Source on Google पुराने समय में घरों में मिठाइयां ज्यादातर घर पर ही बनाई जाती थीं, तब नारियल बर्फी भी कढ़ाई में धीमी आंच पर बनती थी और इसकी खुशबू पूरे घर में फैल जाती थी. आज भी कई लोग बाजार की मिठाई खरीदने के बजाय घर पर ही इसे बनाना पसंद करते हैं, क्योंकि घर की बनी मिठाई ज्यादा ताजी, साफ और स्वाद में बेहतर होती है. अगर आप भी ऐसी मिठाई बनाना चाहते हैं, जो जल्दी तैयार हो जाए और स्वाद में भी शानदार हो, तो नारियल बर्फी एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है. नारियल बर्फी बनाने के लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती. कुछ साधारण चीजों से ही यह मिठाई आसानी से बन जाती है. इसके लिए आपको ताजा कद्दूकस किया हुआ नारियल, चीनी, दूध और देसी घी चाहिए होता है. स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए इलायची पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है. ऊपर से सजाने के लिए आप कटे हुए पिस्ता या बादाम डाल सकते हैं. इससे बर्फी देखने में भी खूबसूरत लगती है और स्वाद भी और बेहतर हो जाता है. अगर ताजा नारियल उपलब्ध न हो, तो सूखा नारियल भी इस्तेमाल किया जा सकता है. सबसे पहले एक कढ़ाई को गैस पर रखें और उसमें थोड़ा सा घी डालकर गर्म करें. अब इसमें कद्दूकस किया हुआ नारियल डालें और हल्का सा भून लें. इसे ज्यादा देर तक नहीं भूनना है, बस थोड़ा सा गर्म करना है, ताकि नारियल की खुशबू आने लगे. इसके बाद इसमें दूध डालें और मध्यम आंच पर पकाएं. अब इसमें चीनी डाल दें और मिश्रण को लगातार चलाते रहें, ताकि यह कढ़ाई में चिपके नहीं. कुछ ही मिनट में यह मिश्रण गाढ़ा होने लगेगा. जब यह मिश्रण कढ़ाई छोड़ने लगे, तो इसमें इलायची पाउडर डाल दें. अब एक प्लेट या ट्रे को हल्का सा घी लगाकर चिकना कर लें और तैयार मिश्रण उसमें फैला दें. ऊपर से कटे हुए पिस्ता या बादाम डालकर हल्का दबा दें. इसे थोड़ी देर ठंडा होने दें. जब यह सेट हो जाए, तो इसे चाकू की मदद से चौकोर या डायमंड आकार में काट लें. आपकी स्वादिष्ट नारियल बर्फी तैयार है. अगर आप चाहते हैं कि बर्फी बिल्कुल बाजार जैसी बने, तो नारियल को ज्यादा देर तक न पकाएं, वरना उसका रंग बदल सकता है. मिश्रण को लगातार चलाते रहना जरूरी है, ताकि वह नीचे से जले नहीं. अगर आप ज्यादा रिच स्वाद चाहते हैं, तो दूध की जगह कंडेंस्ड मिल्क का इस्तेमाल भी कर सकते हैं. बर्फी को ट्रे में फैलाते समय उसकी मोटाई बराबर रखें, ताकि सभी टुकड़े एक जैसे बनें. नारियल बर्फी खासतौर पर त्योहारों और खास मौकों पर बनाई जाती है. दिवाली, रक्षाबंधन और जन्माष्टमी जैसे त्योहारों में यह मिठाई बहुत लोकप्रिय होती है. कई लोग इसे मेहमानों के स्वागत के लिए भी बनाते हैं, क्योंकि यह जल्दी बन जाती है और स्वाद में भी शानदार होती है. अगर आपको मीठा खाने का मन हो और ज्यादा मेहनत भी न करनी पड़े, तो नारियल बर्फी एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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गांव में शुरू करें यह बिजनेस, किसानों और युवाओं के लिए बेहतरीन...

Last Updated:July 03, 2026, 10:25 IST Business Ideas: पलामू में किसान कोल्ड प्रेस ऑयल मिल लगाकर आय बढ़ा सकते हैं. यह कम पूंजी में शुरू होने वाला व्यवसाय है, जिसकी बाजार में हमेशा मांग रहती है. कोल्ड प्रेस तेल स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों की पसंद बन गया है. ख़बरें फटाफट पलामू: बदलते दौर में किसान खेती के साथ -साथ व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए कुछ मशीन को लगाकर अपने आय को बढ़ा सकते है. अगर आप कम पूंजी में ऐसा स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं, जिसकी बाजार में हमेशा मांग बनी रहे, तो कोल्ड प्रेस ऑयल मिल एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है. बदलती जीवनशैली के बीच लोग अब रिफाइंड तेल की जगह शुद्ध और प्राकृतिक तेल को प्राथमिकता दे रहे हैं. यही वजह है कि कोल्ड प्रेस तकनीक से निकाले गए सरसों, तिल और मूंगफली के तेल की मांग लगातार बढ़ रही है. यह कारोबार न सिर्फ अच्छी आमदनी का जरिया बन रहा है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रहा है. कोल्ड प्रेस तकनीक से सुरक्षित रहता है तेल का पोषण रवि भारती ने लोकल 18 को बताया कि पारंपरिक कन्वेंशनल एक्सपेलर मशीन में तेल निकालने के दौरान अधिक तापमान पैदा होता है. इससे तेल के कई प्राकृतिक पोषक तत्व और स्वाद प्रभावित हो जाते हैं. इसके विपरीत कोल्ड प्रेस मशीन सामान्य कमरे के तापमान पर तेल निकालती है, जिससे तेल में मौजूद प्राकृतिक पोषक तत्व, सुगंध और गुणवत्ता सुरक्षित रहती है. यही कारण है कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग अब कोल्ड प्रेस तेल को अधिक पसंद कर रहे हैं. पहले होती है सरसों की सफाई उन्होंने कहा कि तेल निकालने से पहले सरसों की अच्छी तरह सफाई की जाती है. इसमें डंठल, मिट्टी और अन्य अशुद्धियों को अलग किया जाता है. इसके बाद साफ सरसों को कोल्ड प्रेस मशीन में डाला जाता है. यह मशीन सिंगल क्रश प्रक्रिया में ही करीब 95 प्रतिशत तक तेल निकालने की क्षमता रखती है. पूरी प्रक्रिया बिना अधिक गर्मी के पूरी होती है, जिससे तेल की गुणवत्ता बनी रहती है. एक घंटे में 120 किलो सरसों की होती है प्रोसेसिंग साथ ही आगे बताया कि इस कोल्ड प्रेस मशीन की क्षमता भी काफी बेहतर मानी जाती है. करीब 4.5 लाख रुपये कीमत वाली यह मशीन एक घंटे में लगभग 120 किलोग्राम सरसों की प्रोसेसिंग कर 35 से 40 लीटर तक तेल निकाल सकती है. इससे कम समय में अधिक उत्पादन संभव हो जाता है, जिससे कारोबार की लागत भी नियंत्रित रहती है. धीरे-धीरे बढ़ रहा कारोबार उन्होंने कहा कि वर्तमान में यह यूनिट सप्ताह में 4 दिन संचालित हो रही है. अभी प्रतिदिन लगभग 3 से 4 क्विंटल सरसों की पेराई हो रही है, लेकिन मांग लगातार बढ़ने के साथ उत्पादन बढ़ाने की तैयारी भी की जा रही है. बेहतर ब्रांडिंग, आकर्षक पैकेजिंग और स्थानीय बाजार के साथ ऑनलाइन बिक्री पर ध्यान दिया जाए तो कोल्ड प्रेस ऑयल मिल का यह व्यवसाय ग्रामीण युवाओं और किसानों के लिए लाभदायक स्टार्टअप बन सकता है. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

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हिमांशु सिंह हत्याकांड के विरोध में एनडीए कार्यकर्ता सड़कों पर:जमशेदपुर बंद का...

करनी सेना के नेता हिमांशु सिंह की हत्या और शहर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं के विरोध में शुक्रवार को एनडीए द्वारा आहूत जमशेदपुर बंद का व्यापक असर देखा गया। सुबह से ही शहर के विभिन्न इलाकों में दुकानें बंद रहीं। बंद के समर्थन में भाजपा और एनडीए के कार्यकर्ता सुबह से ही सड़कों पर उतर आए। उन्होंने शहर के प्रमुख बाजारों और चौक-चौराहों पर प्रदर्शन करते हुए लोगों से बंद का समर्थन करने की अपील की। साकची, बिष्टुपुर, जुगसलाई, मानगो और गोलमुरी जैसे प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाले। अधिकांश व्यापारियों ने खुद दुकानें बंद रखीं कई स्थानों पर खुली दुकानों के संचालकों से शांतिपूर्ण तरीके से दुकानें बंद करने का आग्रह किया गया। अधिकांश व्यापारियों ने बंद का समर्थन करते हुए अपनी दुकानें बंद रखीं, जिससे सुबह के समय बाजारों में सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम चहल-पहल रही। साकची गोलचक्कर और बिष्टुपुर बाजार जैसे प्रमुख स्थानों पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्र हुए। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शहर की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हिमांशु सिंह हत्याकांड ने पूरे शहर को झकझोर दिया है, और लगातार हो रही हत्या, लूट, छिनतई जैसी आपराधिक घटनाओं से आम लोगों में असुरक्षा का माहौल है। कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की मांग बंद समर्थकों ने हत्याकांड के सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और शहर में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की। बंद को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क रहे। इधर, शहर के संवेदनशील इलाकों, प्रमुख चौक-चौराहों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर भारी संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस की गश्ती टीमें भी सक्रिय हैं। आवश्यक सेवाएं सामान्य रूप से संचालित बंद के कारण सुबह के समय कई इलाकों में यातायात आंशिक रूप से प्रभावित रहा, हालांकि आवश्यक सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहीं। प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने, अफवाहों से बचने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की। एसएसपी के नेतृत्व में देर रात फ्लैग मार्च वहीं, गुरुवार देर रात तक एसएसपी के नेतृत्व में साकची और बिष्टुपुर क्षेत्र में व्यापक फ्लैग मार्च निकाला गया। फ्लैग मार्च साकची थाना से शुरू होकर गर्मनाला, बिष्टुपुर मेन रोड, पीएम मॉल, खरकई गोलचक्कर, वीमेंस कॉलेज, रीगल गोलचक्कर और टाटा स्टील जनरल ऑफिस होते हुए पुनः साकची थाना पहुंचकर समाप्त हुआ। Source link

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पलामू में पड़ोसी ने की नवजात की हत्या:नशे में धुत आरोपी ने...

पलामू में एक पड़ोसी ने धारदार हथियार से दंपती पर हमला कर उनके तीन माह के नवजात की जान ले ली। इस हमले में बच्चे के माता-पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना गुरुवार की देर रात हैदरनगर थाना क्षेत्र के बिंदु बिगहा गांव में मामूली कहासुनी के बाद हुई।घटना के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। बिंदु बिगहा निवासी चितरंजन पासवान शराब के नशे में पड़ोसी दीपक पासवान के घर के बाहर बैठा था। दीपक ने उसे घर जाने की सलाह दी, जिस पर चितरंजन भड़क गया। घर से लेकर आया धारदार हथियार वह अपने घर से धारदार हथियार (बलुआ) लेकर आया और दीपक पासवान, उनकी पत्नी रीता देवी और उनकी गोद में मौजूद तीन माह के बच्चे पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में तीनों लहूलुहान हो गए। ग्रामीणों ने तत्काल उन्हें अनुमंडलीय अस्पताल हुसैनाबाद पहुंचाया।वहां चिकित्सकों ने तीन माह के मासूम को मृत घोषित कर दिया। दीपक पासवान और रीता देवी की गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मेदिनीनगर के एमएमसीएच रेफर किया गया। बाद में बेहतर इलाज के लिए मेदिनीनगर से रांची भेज दिया गया। दीपक पासवान की स्थिति चिंताजनक अनुमंडलीय अस्पताल के चिकित्सक डॉ. राकेश रंजन ने बताया कि दीपक पासवान की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। इधर, घटना की सूचना मिलते ही हैदरनगर थाना प्रभारी तंजीलुल मनान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामूली विवाद के बाद धारदार हथियार से हमला किए जाने की पुष्टि हुई है। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से आरोपी चितरंजन पासवान को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया है। बच्चे के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। Source link

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VTU Engineering Result 2026: शाम 5.30 बजे हुई परीक्षा, 5.35 पर आ...

Last Updated:July 03, 2026, 09:20 IST VTU Engineering Result 2026: कर्नाटक की विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी ने इतिहास रच दिया है. यूनिवर्सिटी ने इंजीनियरिंग छठे सेमेस्टर के एग्जाम खत्म होने के महज 5 मिनट के अंदर रिजल्ट जारी कर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया है. जानिए यह कैसे हुआ. VTU Engineering Result 2026: वीटीयू ने परीक्षा खत्म होने के बाद 5 मिनट में रिजल्ट जारी कर दिया नई दिल्ली (VTU Engineering Result 2026). आमतौर पर कॉलेज या यूनिवर्सिटी के एग्जाम खत्म होने के बाद रिजल्ट के लिए हफ्तों या महीनों का लंबा इंतजार करना पड़ता है. लेकिन कर्नाटक की विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी ने कुछ ऐसा कर दिखाया है, जिसे सुनकर पहली बार में किसी को यकीन नहीं होगा. यूनिवर्सिटी ने बीई और बीटेक (BE/BTech) के छठे सेमेस्टर की परीक्षा खत्म होने के मात्र 5 मिनट के अंदर पूरे राज्य का रिजल्ट घोषित कर रिकॉर्ड स्थापित कर दिया है. इस ऐतिहासिक कामयाबी ने हर किसी को चौंका दिया है. साथ ही डिजिटल इवैल्युएशन की ताकत को भी दुनिया के सामने साबित किया है. मंगलवार को शाम 5:30 बजे जैसे ही प्रैक्टिकल एग्जाम खत्म हुए, ठीक 5:35 बजे यूनिवर्सिटी ने अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर रिजल्ट लाइव कर दिए. 60,856 स्टूडेंट्स ने यह परीक्षा दी थी. इनका कुल पासिंग प्रतिशत 76.84% रहा. जानिए इस नामुमकिन से दिखने वाले काम को वीटीयू ने कैसे मुमकिन कर दिखाया. शाम 5:30 पर छूटा पेपर, 5:35 पर मार्कशीट हाथ में यह कोई जादुई कहानी नहीं, बल्कि पुख्ता प्लानिंग का नतीजा है. यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर एस. विद्याशंकर और रजिस्ट्रार प्रोफेसर यू.जे. उज्ज्वल ने संयुक्त रूप से रिजल्ट जारी किया. परीक्षा का आखिरी प्रैक्टिकल एग्जाम मंगलवार शाम ठीक 5:30 बजे खत्म हुआ था. स्टूडेंट्स अभी एग्जामिनेशन सेंटर से बाहर निकलकर अपने घर भी नहीं पहुंचे थे कि ठीक 5:35 बजे उनके मोबाइल स्क्रीन पर रिजल्ट का लिंक फ्लैश होने लगा. इस सुपरफास्ट स्पीड ने हर किसी को चौंका दिया. आखिर 5 मिनट में रिजल्ट कैसे तैयार हुआ? हजारों इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स का रिजल्ट इतनी जल्दी तैयार करना आसान नहीं था. वीटीयू के अधिकारियों ने बताया कि इसके पीछे ‘डिजिटल इंटीग्रेशन’ का हाथ है. दरअसल, छठे सेमेस्टर की थ्योरी परीक्षाएं 18 मई से 17 जून के बीच ही पूरी हो चुकी थीं. वीटीयू डिजिटल मार्किंग सिस्टम का इस्तेमाल करता है. दरअसल, थ्योरी के पेपर पहले ही ऑनलाइन चेक हो चुके थे. यूनिवर्सिटी ने सभी आंसर शीट्स स्कैन करके प्रोफेसर्स को भेज दी थीं. उन्होंने कॉपियां चेक करके हफ्तों पहले ही नंबर मेन सॉफ्टवेयर में लॉक कर दिए थे. प्रैक्टिकल खत्म होते ही सॉफ्टवेयर ने दबाया बटन असली खेल आखिरी चरण यानी प्रैक्टिकल परीक्षाओं में हुआ, जो 18 जून से 30 जून तक चलीं. यूनिवर्सिटी ने इंटरनल और बाहरी परीक्षकों को सख्त निर्देश दिए थे कि जैसे ही कोई स्टूडेंट अपना लैब एग्जाम और वाइवा खत्म करे, उसके नंबर तुरंत वीटीयू के डिजिटल पोर्टल पर लाइव अपलोड कर दिए जाएं. मंगलवार शाम को जैसे ही घड़ी में 5:30 बजे और आखिरी स्टूडेंट के मार्क्स पोर्टल पर एंटर हुए, यूनिवर्सिटी के एडवांस सॉफ्टवेयर ने थ्योरी और प्रैक्टिकल के नंबर कंपाइल करके महज 5 मिनट में फाइनल मार्कशीट तैयार कर दी. प्लेसमेंट और करियर को मिलेगा बूस्ट वीटीयू के वाइस चांसलर प्रोफेसर विद्याशंकर ने कहा कि इंजीनियरिंग रिजल्ट में देरी से स्टूडेंट्स का प्लेसमेंट और आगे की पढ़ाई का शेड्यूल प्रभावित होता था. इसी मानसिक तनाव को खत्म करने के लिए यह कदम उठाया गया. इस बार पिछले शैक्षणिक वर्ष के मुकाबले पूरा इवैल्युएशन चक्र 21 दिन पहले ही पूरा कर लिया गया. यूनिवर्सिटी के इस बेहतरीन कदम से स्टूडेंट्स बेहद खुश हैं और इसे डिजिटल इंडिया की शानदार मिसाल मान रहे हैं. About the Author Deepali PorwalSenior Sub Editor Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is known for her versat…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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Monsoon Car Care Tips: मानसून में रास्ते में धोखा न दे गाड़ी,...

जमशेदपुर. झारखंड में मानसून ने दस्तक दे दी है और राज्य के कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश शुरू हो गई है. बारिश का मौसम जहां लोगों को गर्मी से राहत देता है, वहीं कार मालिकों के लिए यह अतिरिक्त सावधानी बरतने का समय भी होता है. अगर समय रहते वाहन की कुछ जरूरी जांच करा ली जाए, तो बारिश के दौरान होने वाली कई परेशानियों और बड़े खर्चों से बचा जा सकता है. बारिश के पहले करा लें कार का चेकअपलोकल 18 को जानकारी देते हुए एएसएल मोटर्स की सर्विस हेड पूजा बताती हैं कि मानसून शुरू होने से पहले वाहन का बेसिक हेल्थ चेकअप जरूर करा लेना चाहिए. सबसे पहले वाइपर ब्लेड की जांच करें. अगर वाइपर शीशे को सही तरीके से साफ नहीं कर रहा है या आवाज कर रहा है, तो उसे बदलवा लें. बारिश के दौरान साफ विजिबिलिटी बेहद जरूरी होती है. इसके अलावा बैटरी की स्थिति भी जांचना जरूरी है. बरसात में नमी बढ़ने के कारण कमजोर बैटरी अचानक जवाब दे सकती है. बैटरी के टर्मिनल साफ हैं या नहीं और उसकी चार्जिंग सही है या नहीं, इसकी जांच करवा लें. पानी के रिसाव की समस्या न होहेडलाइट, टेललाइट, इंडिकेटर और फॉग लैंप भी पूरी तरह काम करनी चाहिए. बारिश और धुंध के दौरान अच्छी रोशनी सुरक्षित ड्राइविंग के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है. जिन वाहनों में सनरूफ है, उन्हें उसके ड्रेनेज पाइप और सील की भी जांच करवा लेनी चाहिए, ताकि पानी के रिसाव की समस्या न हो. टायर और ब्रेक भी दिखवाएंपूजा बताती हैं कि टायरों की स्थिति पर विशेष ध्यान देना चाहिए. टायर का ट्रेड पर्याप्त होना चाहिए, ताकि गाड़ी सड़क पर अच्छी पकड़ बनाए रख सके. घिसे हुए टायर फिसलन भरी सड़क पर दुर्घटना का कारण बन सकते हैं. साथ ही टायर में सही एयर प्रेशर भी बनाए रखें. कार के ब्रेक सिस्टम की जांच भी बहुत जरूरी है. अगर ब्रेक लगाने पर किसी प्रकार की आवाज आती है या ब्रेकिंग कमजोर महसूस होती है, तो तुरंत सर्विस सेंटर में दिखाएं. बारिश में सड़कें फिसलन भरी होती हैं, इसलिए मजबूत ब्रेकिंग सिस्टम बेहद जरूरी है. वाहन के अंदर न जाए पानीइंजन ऑयल, कूलेंट, विंडशील्ड वॉशर फ्लूइड और अन्य जरूरी फ्लूइड का स्तर भी चेक कर लें. बारिश के दौरान शीशे पर जमा गंदगी साफ करने के लिए वॉशर फ्लूइड पर्याप्त मात्रा में होना चाहिए. साथ ही दरवाजों और खिड़कियों की रबर बीडिंग की जांच करें, ताकि पानी वाहन के अंदर न आए. कार में हमेशा रखें ये सामानविशेषज्ञ सलाह देते हैं कि कार में हमेशा एक टॉर्च, छाता, टो रोप, फर्स्ट एड किट और आपातकालीन नंबरों की सूची रखें. अगर मानसून शुरू होने से पहले इन सभी बातों का ध्यान रखा जाए, तो वाहन सुरक्षित रहेगा, यात्रा आरामदायक होगी और भविष्य में होने वाले बड़े मरम्मत खर्चों से भी बचा जा सकेगा. Source link

झारखंड

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में 15 कार्यपालक अभियंताओं का तबादला

रांची| पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने बड़े पैमाने पर अधिकारियों का तबादला किया है। गुरुवार देर रात जारी अधिसूचना के तहत 15 कार्यपालक अभियंताओं एवं प्रभारी कार्यपालक अभियंताओं को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। मुकेश कुमार को झुमरीतिलैया, अनुज कुमार सिन्हा को चास, रामप्रवेश राम को सिमडेगा, अनुप कुमार हांसदा को चक्रधरपुर तथा जितेन्द्र कुमार कुजूर को लोहरदगा प्रमंडल का कार्यपालक अभियंता बनाया गया है। अनिल प्र. गुप्ता को पेयजल एवं स्वच्छता अंचल, मेदिनीनगर तथा अजय सिंह को तकनीकी सलाहकार, पेयजल एवं स्वच्छता अंचल, दुमका की जिम्मेदारी मिली है। विभाग ने मनोज कुमार मुंडारी को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ चतरा प्रमंडल का अतिरिक्त प्रभार दिया है। इसी तरह मुकेश कुमार मंडल धनबाद-2 प्रमंडल के साथ-साथ धनबाद-1 प्रमंडल का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे। यांत्रिक प्रमंडलों में भी बदलाव किए गए हैं। कार्तिक कुमार भगत को रांची (शहरी), प्रदीप कुमार भगत को दुमका, प्राण चन्द्र दास को जमशेदपुर, सुनीता सामंत को गुमला तथा चंदन दुबे को हजारीबाग यांत्रिक प्रमंडल का प्रभारी कार्यपालक अभियंता बनाया गया है। वहीं रंजीत ठाकुर को गढ़वा प्रमंडल का प्रभारी कार्यपालक अभियंता नियुक्त किया गया है। Source link

झारखंड

5 लाख लोगों को राहत, आज से वाटर सप्लाई होगी:राइजिंग लाइन के...

जुमार पुल के पास चल रहे पाइपलाइन के आवश्यक ऑपरेशन और मेंटेनेंस का काम गुरुवार शाम 4 बजे तक पूरा कर लिया गया। इसके बाद शाम 5 बजे से गेतलसूद डैम स्थित पुराने रूक्का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से बूटी पानी टंकी में जलापूर्ति शुरू कर दी गई। पेयजल विभाग के अधिकारियों ने दावा किया है कि शुक्रवार से शहर में सामान्य जलापूर्ति बहाल हो जाएगी। हालांकि लगातार दूसरे दिन भी शहर के बड़े हिस्से में पानी की सप्लाई बाधित रही। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बता दें कि गेतलसूद डैम में पुराना वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाली राइजिंग लाइन को जुमार पुल के पास आवश्यक मरम्मत कराया जा रहा था। इस लाइन में हमेशा लीकेज होता रहता है। जिसके कारण वाटर सप्लाई प्रभावित होती है। इन क्षेत्रों में दूसरे दिन भी ठप रही वाटर सप्लाई कोकर, बरियातू रोड, कोकर, कांटा टोली, बहु बाजार, नामकुम एवं दीपा टोली सैनिक छावनी, चर्च रोड, स्टेशन रोड, निवारणपुर, मेन रोड लालपुर, बर्दवान कपाऊंड, हिंदपीढ़ी, मोरहाबादी, रातू रोड, पिस्का मोड़, पहाड़ी मंदिर एरिया, महुआ टोली, खादगढ़ा, कैलाश नगर, कुम्हार टोली, किशोर गंज, कैलाश नगर व आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई दूसरे दिन भी ठप रही। आज से वाटर सप्लाई सामान्य हो जाएगी जुमार पुल के पास आए दिन राइजिंग लाइनों में जरूरी मरम्मत कार्य कराया जा रहा था। जिसे गुरुवार को शाम चार बजे तक पूरा कर लिया गया है। शुक्रवार से वाटर सप्लाई समान्य हो जाएगी। – चंद्रशेखर, ईई, रूक्का-बूटी Source link

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