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झारखंड

रांची का रहस्यमयी पेड़, छूने पर बदल देता है रूप, डायरिया, पेट...

Last Updated:July 03, 2026, 07:17 IST Chui Mui Plant Benefits: रांची के जंगलों में अनोखा छुईमुई का पौधा पाया जाता है. इसके औषधीय गुण जानकर आप हैरान रह जाएंगे. इसके पौधे से चोट की घाव, पेट की समस्याओं और त्वचा रोगों में फायदेमंद मानी जाती है. इसे रांची के लोग जादुई पौधा के नाम से पुकारते हैं. ख़बरें फटाफट रांची: झारखंड में रांची के जंगलों में खासतौर पर छुईमुई पौधे काफी पाए जाते हैं. दरअसल, इस पौधे की खासियत यह है कि इसके पत्ते पर जैसे आप हाथ रखेंगे यह अपने आप मुरझा जाता है. और थोड़ी देर बाद अपने आप खिल भी जाता है. दरअसल, इसके काफी औषधीय गुण भी हैं. स्थानीय लोग बताते हैं कि ये डारिया तक की समस्या को भी ठीक करता है. आइये जानते हैं इसके बारे में. यहां के स्थानीय निवासी सुजीत बताते हैं कि इससे जल्दी घाव भरता है और पेट की जितनी भी समस्या है, इसके लिए रामबाण मानी जाती है. हम लोग गांव वाले इस पत्ते को तोड़ते हैं और इसका कथा बनाते हैं. अगर आपको डायरिया है, पेट में दर्द है किसी भी तरह की कोई भी तकलीफ है, गैस अपच है तो बस इसको दो चम्मच पी लेना है. इससे ये बीमारियां अपने आप ठीक हो जाएंगी. बड़ा ही जादुई है ये पौधा सुजीत बताते हैं कि हम लोग इसको जादुई पौधा कहते हैं. क्योंकि आप जैसे ही इस पत्ते को छुयेंगे ये अपने आप मुरझा जाएगा और फिर से अपनी जगह पर आ जाएगा. लोग तो कई बार इससे खेलते भी हैं. बाहर से कई लोग आते हैं तो खासतौर पर इस पौधे को देखने के लिए आते हैं और छूकर देखकर आनंद लेते हैं. और इसका वीडियो भी बनाते हैं. उन्होंने आगे बताया कि इसके अलावा त्वचा में जो दाग खुजली यह सारी चीज होती है. इसके इलाज के लिए भी ये रामबाण माना जाता है. हम इसका पेस्ट बना लेते हैं और जहां पर स्किन में समस्या है. वहां पर रगड़ देते हैं, दो-चार बार आप ऐसा करेंगे और आप देखेंगे चर्म रोग से जुड़ी हुई सारी समस्या धीरे-धीरे खत्म होने लगेगी. इसीलिए इसे औषधि के रूप में भी देखा जाता है. आकर्षण का केंद्र बनता है ये जादुई पेड़ सुजीत बताते हैं कि यह पौधा रांची के आसपास खूंटी के जंगलों में पाया जाता है. यह आकर्षण का केंद्र रहता है. कई बार तो लोग सिर्फ पौधे को ही देखने के लिए दूर-दूर से आते हैं और हमसे पूछते हैं कि वह छुईमुई पौधा कहां है. इसके अलावा स्थानीय लोग इसे जैविक खाद बनाने का भी काम करते हैं. ये एक पौधा है और उसके फायदे अनेक हैं. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

झारखंड

राशन डीलरों के कमीशन को लेकर सचिव को लिखा पत्र

रांची| फेयर प्राइज शॉप डीलर्स एसोसिएशन झारखंड ने खाद्य आपूर्ति विभाग के सचिव को पत्र लिखकर राशन डीलरों के बकाया कमीशन का हर तीन महीने में भुगतान करने की मांग की है। एसोसिएशन के प्रधान महासचिव ज्ञान देव झा ने सचिव से मांग की विशेष परिस्थितियों में अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) के हस्तांतरण का प्रावधान लागू किया जाए। Source link

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उपायुक्त ने धालभूमगढ़ प्रखंड कार्यालय का निरीक्षण कर की योजनाओं की समीक्षा

भास्कर न्यूज |धालभूमगढ़ धालभूमगढ़ क्षेत्र भ्रमण के दौरान गुरुवार को उपायुक्त राजीव रंजन ने धालभूमगढ़ प्रखंड और अंचल कार्यालयों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था, राजस्व कार्य, विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, कार्यालयी कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की। मौके पर उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान और अपर उपायुक्त अनुराग तिवारी मौजूद रहे। उपायुक्त ने अंचल कार्यालयों में उपस्थिति पंजी, आगत-निर्गत पंजी, विभिन्न अभिलेख, संचिकाएं, कार्यालयी रिकॉर्ड के संधारण की जांच की। उन्होंने अभिलेख अद्यतन रखने का निर्देश दिया। उन्होंने अनुशासित, पारदर्शी कार्य संस्कृति पर जोर दिया। उन्होंने हर प्रकरण का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों से जुड़े मामलों का निपटारा संवेदनशीलता, तत्परता से हो। लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने म्यूटेशन, दाखिल-खारिज, परिमार्जन, भूमि विवाद समेत राजस्व मामलों की प्रगति देखी। उन्होंने अंचल पदाधिकारी और संबंधित कर्मियों को लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निष्पादन करने का निर्देश दिया। उन्होंने राजस्व सेवाओं को अधिक प्रभावी, जनोन्मुखी बनाने को कहा। प्रखंड कार्यालयों में उपायुक्त ने 15वें वित्त आयोग, मनरेगा, आवास योजना समेत विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने योजनाओं के गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने नियमित अनुश्रवण करने को कहा। उन्होंने तय समयसीमा में काम पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि हर पात्र लाभुक तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी, समयबद्ध तरीके से पहुंचे। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में जवाबदेही तय करने का निर्देश दिया। उन्होंने मैदानी स्तर पर नियमित निगरानी बनाए रखने को कहा। उपायुक्त ने बीडीओ और सीओ को निर्देश दिया कि राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप समन्वित रूप से काम करें। जनहित से जुड़े मामलों का त्वरित, पारदर्शी, प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सुशासन का आधार समयबद्ध सेवा वितरण, आमजन का विश्वास है। इसे हर स्तर पर बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। Source link

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पोल्ट्री फार्मिंग से कमाना चाहते हैं लाखों? जानिए लागत, सरकारी योजना और...

Last Updated:July 03, 2026, 06:22 IST अगर आप भी कम लागत में बेहतरीन कारोबार शुरू करना चाहते हैं, तो मुर्गी पालन आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है. अंडे और चिकन की बढ़ती मांग ने इसे फायदे के सौदा वाला व्यवसाय बना दिया है. सरकारी योजनाओं की मदद से इसे शुरू करना अब पहले से कहीं ज्यादा आसान भी हो गया है. आगे विस्तार से जानिए… आज के दौर में पोल्ट्री फार्मिंग तेजी से बढ़ रहा है. ग्रामीण क्षेत्रों सहित शहरों के लोग भी इसे स्वरोजगार का बड़ा आधार मान रहे हैं. अंडे और चिकन की मांग पूरे साल बनी रहती है. होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और घरेलू बाजार में इसकी लगातार खपत होती रहती है. यह व्यवसाय यदि सही योजना और प्रबंधन के साथ शुरू किया जाए, तो निश्चित रूप से कम निवेश में भी अच्छी कमाई की जा सकती है. इसी के चलते अब युवा भी इस क्षेत्र की ओर रुख कर रहे हैं. मुर्गी पालन के लिए सबसे पहले सही स्थान का चयन करना चाहिए. ऐसी जगह जहां स्वच्छ वातावरण, पर्याप्त हवा, साफ पानी और धूप की सही व्यवस्था हो. शुरुआती स्तर पर 200 से 500 चूजों के साथ कारोबार शुरू करना सुविधाजनक होता है. ध्यान रखें अच्छी नस्ल के स्वस्थ चूजे ही खरीदना चाहिए. यही नहीं, शेड का निर्माण इस तरह होना चाहिए कि गर्मी, सर्दी और बारिश के मौसम में भी मुर्गियों को सुरक्षित और स्वस्थ माहौल मिल सके. राजकीय पशु चिकित्सालय नगर बलिया के उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ एस.डी द्विवेदी के अनुसार, न केवल चूजे खरीद लेना ही काफी है, बल्कि उनकी देखभाल बहुत जरूरी है. संतुलित और पौष्टिक आहार देने से मुर्गियों का विकास बेहतर और उत्पादन बढ़ता है. समय-समय पर टीकाकरण और साफ-सफाई बनाए रखें. शेड का रोजाना निगरानी करना भी महत्वपूर्ण है. यदि शुरुआत से ही इन बातों का पालन किया जाए, तो मृत्यु दर कम रहती है. Add News18 as Preferred Source on Google अगर आप छोटे स्तर पर पोल्ट्री फार्म शुरू करना चाहते हैं, तो लगभग डेढ़ लाख से तीन लाख रुपए तक की जरूरत पड़ सकती है. इस लागत में शेड तैयार करना, चूजों की खरीद, दाना, दवाइयां, पानी की व्यवस्था और अन्य जरूरी उपकरण शामिल हैं. यदि कोई व्यक्ति बड़े पैमाने पर व्यवसाय शुरू करना चाहता है, तो उसे अधिक पूंजी लगानी पड़ सकती हैं. हालांकि, कारोबार बढ़ने के साथ उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि की संभावना बहुत अधिक हो जाती हैं. इसको बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें भी कई योजनाएं चला रही हैं. इन योजनाओं के तहत पात्र लोगों को बैंक के माध्यम से ऋण मिल जाता है. कई मामलों में सब्सिडी का भी लाभ मिलता है, जिससे शुरुआती आर्थिक बोझ कम होता है. सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को स्वरोजगार से जोड़ना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है. अतः आप भी इन योजनाओं का लाभ उठाकर खुद का रोजगार शुरू कर सकते हैं. सरकारी मदद के लिए सबसे पहले पशुपालन विभाग बलिया से संपर्क करे, यहां आपको विस्तृत जानकारी मिलेगी. जहां पोल्ट्री फार्म की परियोजना तैयार कर आवेदन जमा करना होता है. आवेदन के साथ आधार कार्ड, पहचान पत्र, बैंक खाते की जानकारी, जमीन या शेड से जुड़े दस्तावेज आदि अन्य आवश्यक प्रमाणपत्र देना पड़ सकता हैं. सभी शर्तें पूरी होने और दस्तावेज सही पाए जाने पर ऋण और सब्सिडी का लाभ लिया जा सकता हैं. व्यवसाय अंडा उत्पादन या ब्रॉयलर मुर्गियों के पालन के लिए किया जाता है. यदि प्रबंधन बेहतर, बीमारी का खतरा कम और बाजार में अच्छी कीमत मिल जाए, तो हर शानदार मुनाफा कमाया जा सकता है. अनुभव बढ़ने के साथ कारोबार का विस्तार भी आसान हो जाता है, जिससे उत्पादन और आय दोनों लगातार बढ़ोतरी होती रहती हैं. नियमित देखभाल मुर्गी के सफलता का राज है. मुर्गियों को स्वच्छ वातावरण, समय पर टीकाकरण और गुणवत्तापूर्ण दाना ही देना चाहिए. बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत पशु चिकित्सक से सलाह लेना चाहिए. बाजार की मांग और कीमतों पर नजर रखते हुए उत्पादन की योजना बनाना महत्वपूर्ण है. थोड़ी सी सावधानी बरतने पर मुर्गी पालन कमाई का मजबूत ज़रिया बन सकता हैं. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। उत्तर प्रदेश की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें| Source link

झारखंड

आंधी-तूफान और वज्रपात… रांची, खूंटी समेत 12 जिलों में होगी बारिश, यहां...

रांची: झारखंड में आज मानसून पूरी तरह सक्रिय रहने की संभावना है. रांची मौसम विभाग के अनुसार झारखंड के अधिकांश जिलों में बादल छाए रहेंगे. कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक के साथ तेज हवा और वज्रपात की आशंका है. कुछ जिलों में 40 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है. इस दौरान लोगों को खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है. वहीं, रांची, खूंटी, गुमला समेत 12 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा गढ़वा, पलामू में आज सबसे ज्यादा गर्मी रहने वाली है. झारखंड के 12 जिलों में बारिश का अलर्ट आज रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग और लातेहार में अच्छी बारिश होने की संभावना है. वहीं, कुछ जिलों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक भी हो सकती है. इन जिलों में मेघ गर्जन और बिजली गिरने की भी गतिविधियां देखी जा सकती हैं. झारखंड के इन जिलों में आंधी-तूफान का खतरा रांची मौसम विभाग ने आज रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा और लातेहार सहित दक्षिणी एवं मध्य झारखंड के जिलों में आंधी, बिजली गिरने और तेज हवा का अलर्ट जारी किया है. हवा की रफ्तार 40 से 70 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. किसानों और खुले में काम करने वालों को सतर्क रहना चाहिए. साथ ही बिजली गिरने से नुकसान का जोखिम अधिक है. झारखंड में आज यहां रहेगी सबसे ज्यादा गर्मी बारिश के बावजूद गढ़वा, पलामू, चतरा और कुछ उत्तरी-पश्चिमी जिलों में अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है. यहां उमस भी लोगों को परेशान कर सकती है. यहां भीषण गर्मी का असर पड़ेगा. झारखंड में आज यहां रहेगा सबसे कम तापमान बारिश और बादलों के कारण रांची, खूंटी, गुमला और सिमडेगा में न्यूनतम तापमान लगभग 23 से 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. इन इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा और आरामदायक रहेगा. झारखंड में यहां का मौसम रहेगा सबसे सुहावना झारखंड में लगातार बादल और रुक-रुक कर बारिश के कारण रांची, गुमला, सिमडेगा, खूंटी, लोहरदगा और पश्चिमी सिंहभूम का मौसम सबसे सुहावना रहने की संभावना है. इन जिलों में दिन के तापमान में गिरावट से लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी. झारखंड में कल इन जिलों में हुई बारिश 2 जुलाई को झारखंड के कई जिलों में बारिश दर्ज की गई. रांची, जमशेदपुर, बोकारो, खूंटी, गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा और आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई. कुछ जिलों में गरज-चमक और तेज हवा भी चली, जिससे तापमान में गिरावट आई और मौसम सुहावना हो गया. Source link

झारखंड

रांची आरएसएस कार्यालय पेट्रोल बम हमला मामला:एनआईए ने संभाली कमान, आरोपी सैफ...

रांची के चुटिया थाना क्षेत्र के निवारणपुर स्थित आरएसएस के प्रांतीय कार्यालय पर गत 16 जून की रात हुए पेट्रोल बम हमले की जांच एनआईए ने आधिकारिक रूप से शुरू कर दी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश पर चुटिया थाने में दर्ज प्राथमिकी (कांड संख्या 85/26) को टेकओवर करते हुए एनआईए ने रांची थाने में (आरसी-01/2026/एनआइए/आरएनसी के तहत) केस री-रजिस्टर्ड किया है। इस संबंध में चुटिया थाना पुलिस ने मामले से जुड़े सभी महत्वपूर्ण कागजात और दस्तावेज एनआईए कोर्ट को सौंप दिए हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को मामले के एक अहम आरोपी सैफ अंसारी को, जो पुलिस मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने से घायल हो गया था, अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद रांची स्थित एनआईए की विशेष अदालत में पेश किया गया। अदालत के आदेश के बाद उसे न्यायिक हिरासत में रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार भेज दिया गया है। इस पूरे प्रकरण में रांची पुलिस ने अब तक कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो सभी लोहरदगा के रहने वाले हैं। इनमें से दो आरोपियों अमन अंसारी उर्फ गोलू (न्यू आजाद बस्ती, लोहरदगा) और सायम सुजान (पत्थलकुदवा, लोहरदगा) को गिरफ्तारी के दूसरे ही दिन न्यायिक हिरासत में होटवार जेल भेज दिया गया था। तीसरे आरोपी सैफ अंसारी लोहरदगा) को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दबोचा था। सैफ को गुरुवार को जेल भेज दिया गया, वहीं दो अन्य को 7 दिन के रिमांड पर लिया गया है। दुबई व पाक कनेक्शन तक पहुंचेगी एनआईए जांच में गिरफ्तार मुख्य आरोपी अमन अंसारी की दुबई आने-जाने की ट्रेवल हिस्ट्री मिली है। पूछताछ में उसने यह स्वीकार किया है कि दुबई प्रवास के दौरान उसकी मुलाकात पाकिस्तान के कुछ संदिग्ध लोगों से हुई थी। उन लोगों के दिशा-निर्देश पर उसने भारत में दहशत फैलाने के उद्देश्य से रांची स्थित आरएसएस कार्यालय में पेट्रोल बम फेंका। अब तक मिले सभी साक्ष्य खंगाल रही केंद्रीय एजेंसी केस टेकओवर के बाद एनआईए की टीम ने रांची पुलिस के माध्यम से अब तक की जांच में जुटाए गए सभी वैज्ञानिक साक्ष्य, घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों के पहले दर्ज किए गए बयानों की विस्तृत जानकारी ले ली है। रिमांड पर लेने के बाद एनआईए इन तीनों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करेगी। Source link

झारखंड

Jharkhand Weather Orange Alert | Heavy Rain, Thunderstorm & Strong Winds Warning

झारखंड में मानसून पूरी तरह से एक्टिव है। मौसम विभाग ने आज पूरे प्रदेश में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 40 से 50Kmph की रफ्तार से हवा चल सकती है। आकाशीय बिजली गिरने को लेकर विशेष चेतावनी दी गई है। . वहीं, शनिवार को पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा, गुमला और खूंटी में भारी बारिश की संभावना है। जबकि 3 जुलाई को लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में भारी बारिश हो सकती है। विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना के चलते राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी-बारिश की स्थिति बन रही है। तेज बारिश की ये स्थिति 8 जुलाई तक रहेगी। इसे लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। पलामू में गुरुवार की सुबह हुई झमाझम बारिश। गढ़वा-साहिबगंज सबसे सूखा जिला झारखंड की राजधानी रांची में 1 जून से 2 जुलाई तक 111.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षापात 206.5 मिमी माना जाता है। इसके आधार पर रांची में अब तक वर्षा की स्थिति सामान्य बनी हुई है। रांची को छोड़कर किसी भी जिले में अच्छी बारिश नहीं हुई है। सबसे कम गढ़वा और साहिबगंज में बारिश हुई है। गढ़वा में अभी तक मात्र 12.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो सामान्य से 91 मिमी कम है। वहीं, साहिबगंज में 3.2 मिमी वर्षा हुई है, जो सामान्य से 99 मिमी कम है। गोड्डा में 36.9 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो सामान्य से 80 मिमी कम है। गुमला में गुरुवार को हुई बारिश। 10 दिन झमाझम, फिर कमजोर पड़ सकता है मानसून रांची स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक अभिषेक आनंद ने बताया कि जुलाई में सामान्य और सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। 3 जुलाई को उत्तरी बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने से महीने के पहले 10 दिनों में राज्य के अधिकांश हिस्सों में अच्छी वर्षा होगी। लगातार बारिश के कारण अधिकतम तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस व गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि यह ब्रेक भी हो सकता है और लोगों को उमस का भी सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, पूरे जुलाई में सामान्य और सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है। शुरुआती डेढ़ सप्ताह तक मानसून सक्रिय रहेगा, लेकिन इसके बाद वर्षा की गतिविधियों में कमी आ सकती है। इसकी एक बड़ी वजह प्रशांत महासागर में विकसित हो रही अल नीनो की स्थिति है, जिसका असर मानसून की रफ्तार पर पड़ सकता है। इससे किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी होगी। धान रोपाई को प्राथमिकता दें कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि बारिश को देखते हुए पहले खेत के निचले हिस्से में धान की रोपाई को प्राथमिकता दें, जहां पानी का पर्याप्त ठहराव हो सके। ऊंचाई वाले खेतों में दलहन और तिलहन फसलों की खेती करना अधिक लाभकारी रहेगा। गिरिडीह में भी हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश हुई। सर्वाधिक बारिश डुमरी में हुई रिकॉर्ड पिछले 24 घंटे में राज्य में अनेक स्थानों पर गर्जन के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की गई। जबकि राज्य में कहीं-कहीं पर भारी बारिश भी दर्ज की गई। सर्वाधिक बारिश 92.4 एमएम डुमरी (गिरिडीह) में दर्ज की गई। वहीं, सबसे अधिक अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस डाल्टेनगंज में जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस लातेहार में दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, अगले पांच दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई उल्लेखनीय परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। Source link

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चीन-पाक के छूटेंगे पसीने! राफेल को मिलेंगी 600 हैमर मिसाइल, भारत करने...

Last Updated:July 03, 2026, 05:01 IST डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल की बैठक में राफेल और तेजस के लिए 600 हैमर मिसाइल की खरीद को हरी झंडी मिलने वाली है. इसके अलावा, बैठक में डीआरडीओ की MP-ATGM मिसाइल, वेरबा एयर डिफेंस सिस्टम, कामिकाजे ड्रोन और कई अहम डिफेंस प्रोजेक्‍ट को भी मंजूरी मिल सकती है. करीब 5 हजार करोड़ रुपये से अधिक की इन डील्स से भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना की मारक क्षमता कई गुना बढ़ाने की तैयारी है. चीन और पाकिस्‍तान के पसीने छुड़ाने के लिए तैयार है भारत की यह डिफेंस डील. Defence Deal: ड्रैगन की चालबाजी और मारखोर की नापाक हरकतों से निपटने के लिए भारत ऐसा इंतजाम करने जा रहा है, जो न केवल पाकिस्‍तान बल्कि चीन के माथे पर भी पसीना ला देगा. जी हां, चीन और पाकिस्‍तान के नापाक मंसूबों को कुचलने के लिए भारत डिफेंस की महाडील करने जा रहा है. इसी मसले पर नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस), थल सेना और नौसेना के आला अधिकारियों की मौजूदगी में बड़ी बैठक करने जा रहे हैं. रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) की इस हाई-प्रोफाइल बैठक में डिफेंस सेक्‍अर के कई मेगा प्रोजेक्‍ट्स को हरी झंडी मिलने वाली है. इस महाडील की सबसे खास बात 600 हैमर एयर-टू-ग्राउंड प्रिसिजन गाइडेड मिसाइलें हैं. इन मिसाइलों से राफेल और तेजस जैसे फाइटर जेट्स लैस करने की तैयारी है. हैमर म‍िसाइल से लैस होते ही चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर भारत की मारक क्षमता को कई गुना बढ़ जाएगी. 2,400 करोड़ की है ‘हैमर’ मिसाइल डील हैमर मिसाइल डील के जरिए भारतीय वायुसेना और नौसेना की ताकत में यह अब तक का सबसे बड़ा इजाफा होने जा रहा है. फ्रांस की कंपनी सफरान द्वारा तैयार की गई ‘हैमर’ मिसाइलों को अब ‘मेक इन इंडिया’ के तहत भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (भेल) तैयार करेगा. लगभग 2,400 करोड़ रुपये की इस डील के जरिए मिलने वाली 600 हैमर मिसाइलों से भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल राफेल और स्वदेशी एलसीए तेजस को लैस किया जाएगा. इसके अलावा, भारतीय नौसेना भी अपने अपकमिंग राफेल मरीन फाइटर जेट्स को इन घातक मिसाइलों से लैस करेगी. 2020 में चीन के साथ हुए गलवान क्लैश के बाद भारतीय सेना ने इमरजेंसी पावर्स के तहत कई हथियार खरीदे थे. अब वही रणनीति एक कदम आगे बढ़ चुकी है.सरकार का फोकस अब विदेशी खरीद पर नहीं, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ के तहत देश में ही एडवांस हथियार बनाने पर है. इसी दिशा में रक्षा मंत्रालय कई बड़े फैसले लेने जा रहा है, जिससे भारतीय सेना की ताकत को कई गुना बढ़ाने की तैयारी है. दुश्‍मन के टैंकों को मिट्टी में मिला देंगी MP-ATGM रक्षा मंत्रालय की बैठक में डीआरडीओ की तरफ से तैयार किए गए पूरी तरह स्वदेशी मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (MP-ATGM) सिस्टम को लेकर भी बड़ा फैसला होने जा रहा है. प्‍लाइन के तहत मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल के इंडक्शन की मंजूरी मिल सकती है. यह मिसाइल दुश्मन के टैंकों और बख्तरबंद गाडि़यों को बेहद सटीक तरीके से निशाना बना सकती है. इस प्रोजेक्ट के तहत भारतीय सेना को 100 एडवांस लॉन्चर्स, 2,300 मिसाइलें और सैनिकों की ट्रेनिंग के लिए 5 मॉडर्न सिम्युलेटर्स मिलेंगे. रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 2,600 करोड़ रुपये से भी ज्यादा हो सकती है. इस घातक मिसाइल सिस्टम का भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) में बनाने की तैयारी है. सरकार प्राइवेट कंपनियों को भी इस प्रोजेक्ट से जोड़ने की तैयारी में है. सरकार के इस फैसले से इन मिसाइल्‍स का प्रोडक्शन तेज होगा और सेना को समय पर सभी हथियार मिल सकेंगे. इससे देश की डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग भी मजबूत होगी. ‘वेरबा’ मिसाइल से और मजबूत होगी एयर डिफेंस रक्षा मंत्रालय जमीन के साथ-साथ आसमान की सुरक्षा भी मजबूत की तैयारी में है. भारतीय सेना को जल्द ही रूसी ओरिजिन की ‘वेरबा’ V-SHORADS मिसाइल सिस्टम मिलने की उम्मीद है. यह सिस्टम दुश्मन के ड्रोन, हेलिकॉप्टर और लो-फ्लाइंग एयरक्राफ्ट को कुछ ही सेकंड में निशाना बना सकता है.यह मौजूदा ‘इगला’ मिसाइल का एडवांस वर्जन है. इसकी मैन्युफैक्चरिंग भारत में अडाणी डिफेंस लिमिटेड करेगी. इस मिसाइल के शामिल होने से एलएसी और एलओसी पर भारतीय सेना की एयर डिफेंस क्षमता कई गुना मजबूत हो जाएगी. डीएसी बैठक में कई बड़े फैसलों की है उम्मीद रक्षा मंत्रालय की इस अहम डीएसी बैठक में पहली बार नए सीडीएस जनरल राजा सुब्रमणि, आर्मी चीफ जनरल धीरज सेठ और नेवी चीफ एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन हिस्सा लेंगे. बैठक में MP-ATGM और वेरबा मिसाइल के अलावा फिक्स्ड विंग सूडो सैटेलाइट्स, कामिकेज ड्रोन, ड्रोन डिटेक्शन सिस्टम, सॉफ्टवेयर-डिफाइंड रेडियो, नेवल एयर सिस्टम्स और स्कॉर्पीन क्लास सबमरीन जैसे कई बड़े डिफेंस प्रपोजल्स पर भी फैसला हो सकता है. कुल मिलाकर 5,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की इन डिफेंस डील्स का मकसद भारतीय सेना को नई टेक्नोलॉजी से लैस करना और चीन-पाकिस्तान जैसी चुनौतियों के सामने भारत की सैन्य ताकत को और मजबूत बनाना है. About the Author Anoop Kumar MishraAssistant Editor Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

झारखंड

रक्तदान से घबराहट क्यों? जानिए शरीर में कितने दिन में बनता है...

जमशेदपुर: किसी ने सही कहा है, “रक्तदान महादान है.” फिर भी आज भी कई लोग रक्तदान करने से घबराते हैं. कुछ लोगों को लगता है कि खून देने से शरीर कमजोर हो जाएगा, जबकि कुछ का मानना है कि एक बार खून निकल गया तो वह दोबारा नहीं बनेगा. लेकिन चिकित्सा विज्ञान और डॉक्टरों के अनुसार ये सिर्फ गलत धारणाएं हैं. जमशेदपुर की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. विनीता कामत बताती हैं कि रक्तदान न केवल जरूरतमंद लोगों की जान बचाता है, बल्कि रक्तदाता के स्वास्थ्य के लिए भी कई तरह से लाभदायक होता है. उनके अनुसार एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में लगभग 5 से 6.5 लीटर रक्त होता है. रक्तदान के दौरान केवल 350 से 450 मिलीलीटर रक्त लिया जाता है, जो शरीर में मौजूद कुल रक्त की मात्रा का बहुत छोटा हिस्सा होता है. इसे समुद्र से एक लोटा पानी निकालने जैसा माना जा सकता है. इस उम्र के लोग करें रक्तदानडॉ. कामत के अनुसार 18 से 65 वर्ष की आयु के स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान कर सकते है. रक्तदान के बाद शरीर तेजी से नए रक्त का निर्माण शुरू कर देता है. रक्त का तरल भाग 24 से 48 घंटे में सामान्य हो जाता है, जबकि रक्त कोशिकाएं भी धीरे-धीरे पुनः बन जाती हैं. सामान्यतः पुरुष हर तीन महीने और महिलाएं चिकित्सकीय सलाह के अनुसार नियमित अंतराल पर रक्तदान कर सकती हैं. रक्तदान का एक बड़ा फायदा यह भी है कि रक्तदाता के कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण निशुल्क किए जाते हैं. इनमें एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी, मलेरिया, हीमोग्लोबिन और अन्य जरूरी जांचें शामिल होती हैं. यदि किसी जांच में कोई समस्या पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति को इसकी जानकारी दी जाती है ताकि समय रहते इलाज शुरू किया जा सके. निजी लैब में यही जांचें कराने पर हजारों रुपये खर्च हो सकते हैं. रक्तदान से शरीर कमजोर नहीं होताविशेषज्ञों का कहना है कि रक्तदान से शरीर कमजोर नहीं होता. इसके विपरीत, यह शरीर में नए रक्त निर्माण की प्रक्रिया को सक्रिय करता है. साथ ही कई लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच का लाभ भी मिल जाता है. आज देश में हजारों बच्चे और मरीज ऐसे हैं जो थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया, कैंसर, बड़ी सर्जरी, दुर्घटना या गंभीर बीमारियों के कारण नियमित रक्त पर निर्भर रहते हैं. ऐसे मरीजों के लिए रक्तदाता किसी भगवान से कम नहीं होते. उनका जीवन किसी अनजान व्यक्ति द्वारा किए गए रक्तदान पर टिका होता है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी को कब और किस रक्त समूह की जरूरत पड़ जाए, यह कोई नहीं जानता. आज आप किसी की मदद करेंगे, तो कल जरूरत पड़ने पर कोई और आपकी मदद के लिए आगे आएगा. इसलिए यदि आप स्वस्थ हैं और रक्तदान करने योग्य हैं, तो रक्तदान जरूर करें. आपका कुछ मिनट का समय और एक यूनिट रक्त किसी परिवार की उम्मीद, किसी मां की मुस्कान और किसी मरीज की जिंदगी बचा सकता है. सचमुच, रक्तदान केवल दान नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी सेवा है. Source link

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बिशुनबांध में वज्रपात से दो पशुओं की मौत

मनिका | प्रखंड की बिशुनबांध पंचायत अंतर्गत टेवरही टोला में मंगलवार देर शाम वज्रपात की चपेट में आने से आदिम जनजाति परिवार के दो पशुओं की मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब नागेश्वर परहिया और संत परहिया के मवेशी मैदान में चरने के बाद लौट रहे थे। इसी बीच तेज बारिश शुरू हो गई। पानी से बचने के लिए दोनों बैल पास ही एक पेड़ के नीचे खड़े हो गए। इसी दौरान वज्रपात होने से चपेट में आकर उनकी मौत हो गई। इस हादसे से पीड़ित किसान परिवारों के सामने आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने बताया कि वे इसी के सहारे अपनी खेती-बाड़ी करते थे। अब हल चलाने के लिए उनके पास कुछ नहीं बचा है। Source link

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