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झारखंड

JEE, NEET, CUET…सबकी तैयारी आधी फीस पर! यहां मिल रही खास स्कॉलरशिप,...

Last Updated:May 01, 2026, 13:47 IST Palamu Scholarship For JEE, NEET, CUET Preparation: बोर्ड परीक्षा में कम मार्क्स आए हैं और परिवार की माली हालत ठीक नहीं है तो भी पलामू के स्टूडेंट्स जेईई, नीट, सीयूईटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकते हैं. उन्हें नंबरों के हिसाब से फीस में छूट दी जाएगी, डिटेल चेक करें. पलामू. बोर्ड परीक्षा के परिणाम अक्सर विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को तय करने का माध्यम बन जाते हैं, जबकि सच्चाई इससे कहीं अलग है. कई छात्र-छात्राएं ऐसे हैं जोकि बोर्ड में 60 प्रतिशत से कम आने पर खुद को कम आंकने लगते हैं. कई बार परिवार और समाज से अपेक्षित समर्थन नहीं मिल पाता, ताने सुनने पड़ते हैं और अपने सपनों को लेकर निराशा घर कर जाती है. वही पलामू में एक संस्था ऐसे छात्रों के लिए खास स्कॉलरशिप दे रही है. कई बार विद्यार्थी जो विज्ञान विषय लेकर आगे बढ़ना चाहते हैं, कम अंकों के कारण खुद को उस राह से अलग होते हुए देखते हैं. लेकिन अब ऐसे छात्रों के लिए एक नई पहल की गई है, जिसमें यह संदेश दिया जा रहा है कि अंक कम आने से सपने छोटे नहीं हो जाते. पलामू जिले के बाईपास रोड समीप संचालित सेकंड स्कूल में छात्रों को स्कॉलरशिप दी जा रही है. इतनी फीस में होगी तैयारीसंस्था के डायरेक्टर ऋषिकेश कुमार ने कहा कि बोर्ड एग्जाम में 60 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को आधी फीस में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स के साथ-साथ सीयूईटी की तैयारी कराई जाएगी. लगभग 7 से 8 हजार रुपये की किफायती फीस में 12वीं की पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की मजबूत तैयारी कराई जाएगी. आज के समय में केवल बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक लाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अच्छे विश्वविद्यालय में दाखिले के लिए सीयूईटी परीक्षा में सफलता भी जरूरी है. इसी को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को शुरू से ही सही दिशा में मार्गदर्शन देने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे अपने लक्ष्य तक पहुंच सकें. किसको कितनी छूटउन्होंने आगे कहा कि छात्र आईआईटी और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का सपना देखते हैं, उनके लिए भी विशेष रियायत दी जा रही है. 60 प्रतिशत से कम अंक पाने वाले विद्यार्थियों को लगभग 15 हजार रुपये में, यानी 50 प्रतिशत छूट के साथ तैयारी कराई जाएगी. इसके अलावा, मेधावी छात्रों को भी प्रोत्साहित करने के लिए आकर्षक स्कॉलरशिप की व्यवस्था की गई है. 92 से 95 प्रतिशत अंक लाने वाली छात्राओं को 30 प्रतिशत और छात्रों को 20 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है, जबकि 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को 50 प्रतिशत तक की छूट प्रदान की जा रही है. इतने छात्रों को मिली सफलतासंस्थान का यह भी कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन पढ़ने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए फीस कभी बाधा नहीं बनेगी. संस्थान के कई छात्र पहले ही एनआईटी जमशेदपुर, एनआईटी त्रिची और विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे हैं. हाल ही में जेईई परीक्षा में यहां के 17 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की है, जिनमें से 12 को एनआईटी मिलने की संभावना है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

व्यापार

Business Idea: महिलाएं घर बैठे सिर्फ 10 हज़ार में शुरू करें ये...

Last Updated:August 28, 2025, 17:59 IST Business Idea: बढ़ती महंगाई के बीच घर बैठे छोटे निवेश में अचार का व्यवसाय महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए शानदार अवसर बन गया है. कम लागत में शुरू होने वाला यह व्यापार सही रेसिपी, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के साथ महीने में 25-30 हजार रुपए तक की आमदनी दे सकता है. ख़बरें फटाफट Business Idea: आज के समय में बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा के खर्चों के चलते घर का बजट कम पड़ने लगा है. ऐसे में लोगों की तनख्वाह महीने भर में ही खत्म हो जाती है और कई परिवारों के लिए जरूरी चीजें खरीदना मुश्किल हो जाता है. ऐसे समय में घर बैठे छोटे स्तर पर व्यवसाय शुरू करना सबसे सही विकल्प साबित हो सकता है. इन व्यवसायों में से एक बेहद फायदेमंद है अचार का बिजनेस (Pickle Business), जिसे कम निवेश में घर से ही शुरू किया जा सकता है और इससे अच्छी आमदनी भी कमाई जा सकती है. घर बैठे बिजनेस शुरू करने का मौकाअचार का व्यवसाय शुरू करने के लिए केवल 10 से 15 हजार रुपए तक का निवेश काफी है. इसे शुरू करने के लिए किसी बड़ी दुकान, गोदाम या अतिरिक्त जगह की आवश्यकता नहीं होती. घर में खाली कमरा, रसोई या कोई छोटी जगह ही पर्याप्त है. इस व्यवसाय की सबसे बड़ी जरूरत है बेहतरीन और यूनिक रेसिपी, क्योंकि मार्केट में कई तरह के अचार मिलते हैं और कॉम्पिटिशन भी बहुत है. अगर अचार की रेसिपी टेस्टी और यूनीक हो, तो ग्राहक उसे बार-बार खरीदने के लिए लौटते हैं. इसके अलावा, अपने प्रोडक्ट के लिए ब्रांड नाम तैयार करना जरूरी है ताकि मार्केट में पहचान बनाई जा सके. फ्लेवर का चुनाव और टारगेट कस्टमरअचार के कई फ्लेवर मार्केट में मिलते हैं. जिनमें आम और नींबू के अचार की मांग सबसे अधिक है. इसके अलावा, आंवला, सहजन और हरी मिर्च जैसे स्वास्थ्यवर्धक अचार भी लोग पसंद करते हैं. बिजनेस शुरू करने से पहले यह तय करना जरूरी है कि आप किस फ्लेवर को टारगेट करेंगे और अपने कस्टमर बेस को कैसे तैयार करेंगे. अचार को आप रिटेल या थोक में, साथ ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी बेच सकते हैं. छोटे स्तर पर शुरू होने वाले व्यवसाय के लिए ज्यादा दस्तावेज़ या जटिल प्रक्रियाओं की जरूरत नहीं होती, बस FSSAI फूड प्रोसेसिंग लाइसेंस लेना जरूरी है, जिसे ऑनलाइन आवेदन के बाद आसानी से प्राप्त किया जा सकता है. मार्केटिंग और ब्रांडिंग के टिप्सइस व्यवसाय में सफलता पाने के लिए मार्केटिंग और ब्रांडिंग अहम भूमिका निभाती है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, व्हाट्सएप ग्रुप, लोकल मार्केट और पड़ोसियों के माध्यम से अचार को प्रचारित किया जा सकता है. आकर्षक पैकेजिंग, अच्छे लेबल और साफ-सुथरे जार में अचार बेचना ग्राहकों को आकर्षित करता है. ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने के लिए समय पर डिलीवरी और गुणवत्ता बनाए रखना बेहद जरूरी है. कम लागत में अच्छी कमाई शुरुआत में इस व्यवसाय से महीने में लगभग 25 से 30 हजार रुपए तक की कमाई संभव है. जैसे-जैसे व्यवसाय बढ़ेगा, और नए फ्लेवर, बड़े पैमाने पर उत्पादन और अच्छे मार्केटिंग स्ट्रैटेजी अपनाए जाएंगे, सालाना लाखों रुपए तक की कमाई भी संभव है. इसे एक छोटी शुरुआत मानकर धीरे-धीरे व्यवसाय को बड़ा किया जा सकता है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Azamgarh,Uttar Pradesh First Published : August 28, 2025, 17:59 IST Source link

झारखंड

सिमरिया में सड़क हादसे में महिला की मौत:सिमरिया-टंडवा मुख्य मार्ग पर किया...

चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में महिला की मौत के बाद ग्रामीण और परिजन सड़क पर उतर आए और जाम लगा दिया। उन्होंने सिमरिया-टंडवा मुख्य मार्ग को जाम कर दिया है। प्रदर्शनकारी मुआवजे और सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग कर रहे हैं। यह घटना गुरुवार शाम करीब 6 बजे सिमरिया-टंडवा मार्ग पर स्थित ‘ईश्वर दयाल पेट्रोल पंप’ के पास हुई। कटिया मूर्व गांव की 40 वर्षीय बिखी देवी को एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। बिखी देवी डाड़ी चौक स्थित बैंक से अपनी आवास योजना की अगली किस्त की राशि निकालकर पैदल घर लौट रही थीं। अज्ञात वाहन की टक्कर इतनी भीषण थी कि अस्पताल ले जाते समय बिखी देवी ने दम तोड़ दिया। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने तत्काल शव को सड़क पर रखकर मुख्य मार्ग को अवरुद्ध कर दिया। सड़क जाम की वजह से रोड के दोनों ओर कोयला लदे ट्रकों और यात्री वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। परिजनों और ग्रामीणों की मुख्य मांगें हैं कि दोषी वाहन चालक की पहचान कर उस पर कार्रवाई की जाए, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और इस मार्ग पर सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। Source link

शिक्षा

India Sends 2 Ton Life Support Medicine to Tanzania

Hindi News Career India Sends 2 Ton Life Support Medicine To Tanzania | April 23 Current Affairs 8 दिन पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. रक्षा मंत्रालय ने 975 करोड़ रुपए के MoU साइन किए 21 अप्रैल को रक्षा मंत्रालय ने भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) और इलेक्ट्रो न्यूमेटिक्स एंड हाइड्रोलिक्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के साथ लगभग 975 करोड़ रुपए का MoU साइन किया। इस MoU के तहत T-72 और T-90 टैंकों के लिए TRAWL असेंबली इक्विपमेंट खरीदे जाएंगे। ये MoU नई दिल्ली में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में साइन हुआ। TRAWL असेंबली T-72 और T-90 टैंकों में लगाए जाने वाले इक्विपमेंट हैं, जो इंडियन आर्मी की बारूदी सुरंग भेदने की क्षमता को बढ़ाएगी। ये एंटी-टैंक बारूदी सुरंगों के जरिए गाड़ियों को निकालने के लिए एक सुरक्षित लेन बनाने के भी काम आएगी। TRAWL असेंबली एक स्वदेशी माइनफील्ड ब्रीचिंग सिस्टम है, जिसे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने विकसित किया है। TRAWL असेंबली टैंकरों में आगे लगाए जाते हैं। निधन (DEATH) 2. आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम नादेंदला भास्कर राव का निधन 22 अप्रैल को आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम एन भास्कर राव का निधन हो गया। वे 91 साल के थे। भास्कर राव पहली बार 1978 में विधायक चुने गए थे और चेन्ना रेड्डी के मंत्रिमंडल में मंत्री के तौर पर काम किया था। 1978 में, भास्कर राव ने विजयवाड़ा से चुनाव लड़ा और कांग्रेस विधायक के तौर पर जीत हासिल की। भास्कर राव बाद में तेलुगु देशम पार्टी (TDP) में शामिल हो गए, TDP की स्थापना टी एन रामाराव ने की थी। 1983 में भास्कर राव तेलुगु देशम पार्टी (TDP) से गुंटूर जिले के वेमुरु निर्वाचन क्षेत्र से विधायक चुने गए। 1984 में उन्होंने एक बड़ा राजनीतिक कदम उठाते हुए तेलुगु देशम पार्टी के संस्थापक टी एन रामाराव के खिलाफ बगावत कर सरकार गिरा दी। 1984 में भास्कर आंध्र प्रदेश के सीएम बने थे। हालांकि, उनका कार्यकाल बहुत छोटा रहा और वे एक महीने ही इस पद पर रह पाए थे। भास्कर ने NTR, मैरी चेन्ना रेड्डी और अंजैया कैबिनेट में मंत्री रहे। 1998 में खम्मम लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए। भास्कर राव ने TDP में अपने समर्थकों के साथ और कांग्रेस के समर्थन से NTR सरकार का तख्तापलट कर दिया, जब NTR उस समय हेल्थ इमरजेंसी की वजह से अमेरिका में थे। राजनीतिक तख्तापलट के बाद, भास्कर राव 16 अगस्त, 1984 को आंध्र प्रदेश के सीएम बने। हालांकि, सिर्फ 31 दिनों के लिए मुख्यमंत्री बने और 17 सितंबर 1984 तक इस पद पर रहे। मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद भास्कर राव ने 1985 में प्रजास्वामी तेलुगु देशम पार्टी की बनाई। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 3. भारत ने तंजानिया को लाइफ सपोर्ट मेडिसिन भेजीं 21 अप्रैल को भारत ने पूर्वी अफ्रीकी देश के तंजानिया को 2 टन लाइफ सेविंग मेडिसिन भेजी हैं। ये दवाएं तंजानिया के दार ए सलाम के श्री हिंदू मंडल हॉस्पिटल में भेजी गई हैं। ये दवाएं बेहतर स्वास्थ्य और आपसी सहयोग का हिस्सा हैं। भारत के हाई कमिश्नर बिश्वदीप डे ने हॉस्पिटल ट्रस्टी कौशिक एल. रमैया को दवाओं की खेप सौंपी है। दवाओं की इस खेप में जरूरी इक्विपमेंट जैसे ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, सक्शन यूनिट, ऑक्सीमीटर, माइक्रोस्कोप और स्टेथोस्कोप के साथ-साथ इनहेलर, सीरिंज, गलब्स, पट्टियां और व्हीलचेयर जैसी जरूरी चीजें शामिल हैं। इस मेडिकल खेप से हॉस्पिटल में डायग्नोस्टिक कैपिसिटी, ट्रीटमेंट कैपविलिटी और पेशेंट केयर बेहतर होगी। ये मदद भारत- तंजानिया के आपसी सहयोग और स्वास्थ्य को बेहतर करने के लिए है। साथ ही ये डिप्लोमेटिक रिलेशन और डेवलपमेंट को बढ़ाने के लिए है। ये दवाएं भारत के इनिशिएटिव वैक्सीन मैत्री का हिस्सा हैं। जिसे 2021 में भारत ने शुरू किया था। भारत का तंजनियां को दवाएं भेजना भारत-अफ्रीका फोरम समिट फ्रेमवर्क का हिस्सा है। अफ्रीका भारत का एनर्जी, ट्रेड और मेरीटाइम पार्टनर है। भारत का ये कदम भारत और साउथ अफ्रीका के बीच साउथ कॉर्पोरेशन को बढ़ावा देगा। मिसलीनियस (Miscellaneous) 4. शेखा झील बर्ड सेंचुरी रामसर साइट बनी 22 अप्रैल को केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने यूपी की शेखा झील बर्ड सेंचुरी को रामसर साइट बनाने का ऐलान किया। एक सोशल मीडिया पोस्ट में यादव ने कहा कि ये राज्य की 12वीं और देश की 99वीं रामसर साइट है, जो भारत को एक ऐतिहासिक सदी के करीब लाती है। रामसर साइट ऐसी आर्द्रभूमि यानी Wetlands होती है, जहां पक्षियों को संरक्षित करने के लिए बेहतर माहौल दिया जाता है। ये कन्वेंशन 1971 में भारत और ईरान के बीच हुआ था। रामसर साइट बनने से लोकल लोगों को रोजगार मिलेगा और क्लाइमेट सिक्योरिटी को भी बढ़ावा मिलेगा। इस समावेशन से स्थानीय आजीविका और वैश्विक जैव विविधता के साथ-साथ जल और जलवायु सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा। सेंचुरी में सेंट्रल एशियाई फ्लाईवे हैं, जहां ठंड के मौसम में बार-हेडेड गूज, पेंटेड स्टॉर्क और कई बत्तखों जैसे प्रवासी पक्षियों का घर है। रामसर साइट ऐसी आर्द्रभूमि यानी Wetlands है जिसे इंटरनेशनल महत्व का दर्जा दिया गया है। वेटलैंड्स यानी नम जमीनों पर रामसर कन्वेंशन, सूखी जमीनों को टिकाऊ बनाने के लिए किया गया एक इंटरनेशनल एग्रीमेंट है। ये एग्रीमेंट 1971 में ईरान के रामसर में हुआ था। भारत 1 फरवरी 1982 को इस कन्वेंशन का हिस्सा बना। रामसर में शामिल होने वाले देश वेटलैंड्स को नॉमिनेट कर सकते हैं, जिन्हें रामसर साइटों के रूप में जाना जाता है, जैसे जैव विविधता, प्रवासी पक्षी, दुर्लभ प्रजातियां और हाइड्रोलॉजिकल एनवायरमेंट। रामसर नाम ईरान के रामसर शहर से आया है, यहीं ये संधि हुई थी। रामसर के तहत सभी रामसर साइटें इंटरनेशनल लेवल पर दुर्लभ प्रजातियों को संरक्षित करने के लिए काम करती हैं। 5. INS सुनयना अपने क्रू के साथ जकार्ता पहुंचा 21 अप्रैल को इंडियन नेवी का ऑफशोर पेट्रोल वेसल INS सुनयना इंडोनेशिया के जकार्ता पहुंचा है और ये INS सुनयना का तीसरा पोर्ट कॉल है। INS सुनयना हिंद महासागर में इंडियन ओशियन शिप (IOS) SAGAR इनशियेटिव के तहत इंडोनेशिया पहुंचा है। IOS- SAGAR का पूरा नाम इंडियन ओशियन शिप – सिक्योरिटी एंड ग्रोथ फॉर ऑल इन द रीजन है। INS सुनयना मलक्का और सिंगापुर जलडमरूमध्य जैसे प्रमुख ग्लोबल

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गुमला में सड़क हादसे में युवक की मौत:घाघरा के कस्तूरबा विद्यालय के...

गुमला जिले के घाघरा थाना क्षेत्र में एक सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल हो गया। यह घटना मसरिया मोड़ स्थित कस्तूरबा विद्यालय के समीप गुरुवार देर रात हुई। मृतक की पहचान दोदांग गांव निवासी रोहित उरांव के रूप में हुई है, वहीं घायल युवक सोनू उरांव है। पुलिस के अनुसार, दोनों युवक अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर अपने गांव दोदांग से घाघरा की ओर जा रहे थे। कस्तूरबा विद्यालय के पास उनकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित हो गई, जिससे वे सड़क पर गिर पड़े। घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने रोहित उरांव को मृत घोषित कर दिया, जबकि सोनू उरांव का इलाज जारी है। सूचना मिलने पर घाघरा थाना पुलिस दल-बल के साथ घटनास्थल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। पुलिस ने घटना की जानकारी ली और शव को कब्जे में लेकर थाने ले आई। शुक्रवार को शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल गुमला भेज दिया गया। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। गौरतलब है कि गुमला जिले में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिला परिवहन विभाग सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान और वाहन जांच चला रहा है, लेकिन इसके बावजूद सड़क दुर्घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पा रहा है। Source link

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किसानों के लिए कमाई का नया मंत्र! 30 का टमाटर बिकेगा 280...

X किसानों के लिए कमाई का नया मंत्र! 30 का टमाटर बिकेगा 280 रुपये में, जानें कैसे   Business Idea: देश के किसानों के लिए आय बढ़ाने का नया रास्ता सोलर ड्रायर तकनीक बन सकता है. दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ऑर्गेनिक एक्सपो में रहेजा सोलर फूड प्रोसेसिंग की विशेषज्ञ निधि पाठक ने बताया कि खेत में बची फसल अब बोझ नहीं, कमाई का जरिया बन सकती है. किसान आम, आलू, टमाटर जैसी फसलों को सोलर ड्रायर में सुखाकर अचार, ड्राइड वेजिटेबल और ड्राई फ्रूट जैसे वैल्यू एडेड प्रोडक्ट तैयार कर सकते हैं. जिनकी मांग मॉल और ड्राई फ्रूट की दुकानों तक है. निधि के अनुसार 20-30 रुपए किलो बिकने वाला टमाटर सोलर ड्रायर से प्रोसेस होकर 280 रुपए किलो तक कीमत दिला सकता है. किसान हर महीने लगभग 10000 रुपए अतिरिक्त कमा सकते हैं. इसके साथ ही साल भर में लाखों की आमदनी संभव है. सोलर ड्रायर पर 35% सब्सिडी भी मिलती है.  जिससे लागत जल्दी निकल आती है. यह तकनीक पोषण और स्वाद दोनों बढ़ाती है, लेकिन अभी कम किसान ही इसके बारे में जानते हैं.  न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

झारखंड

केमिकल छोड़ें, पपीते के पत्ते अपनाएं! कोडरमा के किसान का देसी कीटनाशक,...

होमफोटोकृषि कोडरमा के किसान का देसी कीटनाशक, फसलों को कीटों से रखे सुरक्षित Last Updated:May 01, 2026, 13:34 IST बदलते मौसम के साथ खेती की चुनौतियां लगातार बढ़ती जा रही हैं. खासकर जैविक (ऑर्गेनिक) खेती करने वाले किसानों के सामने कीटों का हमला एक बड़ी समस्या बनकर उभर रहा है. फसल में कीट लगने के बाद उनसे निपटना किसानों के लिए मुश्किल हो जाता है. ऐसे हालात में कोडरमा जिले के कई किसान पारंपरिक और घरेलू उपाय अपनाकर अपनी फसलों को सुरक्षित रख रहे हैं. कोडरमा जिले के यदुटांड़ निवासी किसान विनोद यादव पिछले कई वर्षों से ऑर्गेनिक खेती कर रहे हैं. उनका कहना है कि पहले के समय में, जब बाजार में रासायनिक कीटनाशक आसानी से उपलब्ध नहीं होते थे, तब उनके पूर्वज पपीते के पत्तों का उपयोग कर कीटों को दूर भगाते थे. यह पारंपरिक तरीका आज भी उतना ही प्रभावी साबित हो रहा है. विनोद यादव बताते हैं कि पपीते के पत्ते कड़वे होते हैं और इनमें ऐसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं. ये कीटों को फसल से दूर रखने में मदद करते हैं. इस घरेलू कीटनाशक को तैयार करने के लिए दो से चार पपीते के पत्तों को लेकर उन्हें 12 से 24 घंटे तक पानी में भिगोया जाता है, जिससे उनका रस पानी में अच्छी तरह मिल जाता है. यदि जल्दी घोल तैयार करना हो, तो पत्तों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर धीमी आंच पर 15 से 20 मिनट तक उबाला जा सकता है. इसके बाद घोल को ठंडा कर लिया जाता है और उसमें थोड़ा सा डिटर्जेंट पाउडर मिलाया जाता है, ताकि यह पत्तियों पर अच्छी तरह चिपक सके. Add News18 as Preferred Source on Google इस तैयार घोल को स्प्रे बोतल में भरकर सुबह और शाम के समय फसलों पर, खासकर कटे-फटे पत्तों और फूलों पर छिड़काव किया जाता है. नियमित उपयोग से कीटों का प्रभाव काफी कम हो जाता है और फसल सुरक्षित रहती है. इस प्राकृतिक कीटनाशक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे फसल पर किसी तरह का रासायनिक असर नहीं पड़ता. इससे सब्जियों और अन्य फसलों का स्वाद प्राकृतिक बना रहता है और उनमें किसी भी प्रकार की केमिकल गंध नहीं आती, जिससे उत्पादन की गुणवत्ता भी बेहतर होती है. Source link

व्यापार

बिजनेस आइडिया: ये 5 दुकानें खोलकर आप कम समय में कमा सकते...

Last Updated:August 29, 2025, 19:48 IST अगर आप अपने लिए कोई नया व्यापार शुरू करने की सोच रहे हैं और चाहते हैं कि आपका काम हमेशा चलता रहे, तो सही जगह पर हैं. हम आपको ऐसे पांच टॉप बिज़नेस आइडियाज बता रहे हैं, जिन्हें खोलकर आप आसानी से लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा कर सकते हैं. ये ऐसे व्यापार हैं जहां ग्राहकों का तांता हमेशा लगा रहता है और आप घर बैठे भी अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. अगर आप भी अब कुछ व्यापार करने का सोच रहे हैं तो अपने गांव क्षेत्र या शहर में फास्ट फूड की दुकान खोल सकते हैं. इसमें आप चाट, फुल्की, चाउमीन, मोमोज के साथ कई अन्य आइटम रख सकते हैं. ये बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आते हैं और लोग इन्हें रोजाना खाना पसंद करते हैं. इस वजह से यह व्यापार आपकी आमदनी में अच्छा मुनाफा दिला सकता है. टॉप फाइव बिज़नेस में अगर बात करें तो आप अपने गांव क्षेत्र में रहकर कोचिंग क्लासेस खोल सकते हैं. आज के समय में शिक्षा का स्तर लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में लगभग हर परिवार अपने बच्चों को ट्यूशन के लिए किसी न किसी अध्यापक के पास भेजता है. ऐसे में आप भी अच्छी शिक्षा देकर ट्यूशन का बिज़नेस शुरू कर सकते हैं और इससे अच्छी कमाई कर सकते हैं. टॉप फाइव व्यापार में एक व्यापार दूध डेयरी का भी है. आज के समय में दूध लोगों की रोजमर्रा की ज़रूरत बन चुका है. ऐसे में आप दूध की डेयरी खोलकर उसमें पनीर, घी के साथ-साथ कुछ मसाले भी रख सकते हैं. इससे आपके व्यापार में अच्छी कमाई होगी और ग्राहकों की संख्या भी बढ़ेगी. Add News18 as Preferred Source on Google टॉप फाइव बिजनेस में एक व्यापार शैलून का भी है. इसे आप आबादी वाले क्षेत्र के बीच में खोल सकते हैं, क्योंकि आज के समय में हर कोई बाल कटवाने के साथ-साथ स्मार्ट और स्टाइलिश दिखना चाहता है. यही वजह है कि शैलून में रोज़ाना ग्राहकों की आवाजाही रहती है. ऐसे में यह व्यापार आपके लिए रोज़गार और कमाई का बेहतरीन साधन साबित हो सकता है. टॉप 5 व्यापार में आटा चक्की की दुकान खोलना भी एक अच्छा विकल्प है. इसे आप गांव या शहर के आबादी क्षेत्र में शुरू कर सकते हैं, क्योंकि आज भी लोग गेहूं पिसवाने के लिए चक्की का सहारा लेते हैं. इसके साथ ही अगर आप दुकान में मसाले पीसने की मशीन भी लगा देंगे तो ग्राहकों की संख्या और बढ़ जाएगी. इस तरह यह व्यापार आपको स्थायी आय और अच्छे मुनाफे का साधन दे सकता है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। First Published : August 29, 2025, 19:48 IST Source link

झारखंड

गुमला में ट्रैक्टर-बाइक की टक्कर, एक की मौत:एक युवक गंभीर रूप से...

गुमला जिले में गुरुवार देर रात एक ट्रैक्टर और बाइक की टक्कर हो गई। इस हादसे में बाइक सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना गुमला सदर थाना क्षेत्र के टैसेरा मोड़ के पास हुई। मृतक की पहचान अंबवा बेरटोली निवासी अरविंद खड़िया (32) के रूप में हुई है, जबकि घायल बंगरू पालकोट निवासी पैरू बिलुंग (30) है। जानकारी के अनुसार, अरविंद खड़िया पैरू बिलुंग को उसके घर बंगरू छोड़ने जा रहा था। टैसेरा मोड़ के पास सामने से आ रहे एक ट्रैक्टर से उनकी बाइक की जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। इधर, स्थानीय लोगों ने तुरंत 108 एंबुलेंस की मदद से दोनों घायलों को गुमला सदर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में इलाज के दौरान अरविंद खड़िया ने दम तोड़ दिया। पैरू बिलुंग की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। शुक्रवार को एसआई विनय कुमार महतो ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। Source link

शिक्षा

UP Board 10th Result 2026 Toppers List LIVE Update; UPMSP

प्रयागराज8 दिन पहले कॉपी लिंक यूपी बोर्ड 10वीं का रिजल्ट गुरुवार शाम 4 बजे जारी हुआ। सीतापुर की कशिश वर्मा और बाराबंकी की अंशिका वर्मा ने टॉप किया है। दोनों को 97.83% अंक मिले। 97.50% अंकों के साथ बाराबंकी की अदिति दूसरे स्थान पर रहीं। तीसरे स्थान पर 97.33% अंकों के साथ सीतापुर की अर्पिता, झांसी के ऋषभ साहू और बाराबंकी की परी वर्मा रहीं। इस तरह टॉप-3 में कुल 6 बच्चों ने जगह बनाई। इनमें 5 लड़कियां हैं। टॉप-10 में 115 बच्चों ने जगह बनाई है। इसमें सीतापुर के 13, बाराबंकी के 9, फतेहपुर के 7, कानपुर नगर, इटावा और गोंडा के 6-6 बच्चे हैं। परीक्षा देने वाले जेल में बंद 68 में से 67 कैदी भी पास हुए हैं। भदोही जिले का रिजल्ट सबसे अच्छा रहा। यहां 95.78% बच्चे पास हुए। ललितपुर सबसे फिसड्‌डी रहा। यहां सिर्फ 80.22% बच्चे पास हुए। सरकारी स्कूलों के 87.93% बच्चे पास हुए। वहीं, एडेड (अर्द्धसरकारी) स्कूलों के 86.98% और सेल्फ फाइनेंस (प्राइवेट) स्कूलों के 92.32% बच्चे सफल हुए। काशी में पीएम श्री राजकीय क्वींस कॉलेज के प्रिंसिपल रिजल्ट आते ही फूट-फूट कर रोने लगे। उनके कॉजेल के स्टूडेंट सूर्यदीप ने जिला टॉप किया। इसकी खबर लगते ही प्रिंसिपल कुर्सी छोड़कर खड़े हो गए। उनकी आंखों से आंसू निकलने लगे। बरेली में एक स्कूल के टीचर्स ने बच्चों के साथ जमकर डांस किया। टॉपर कशिश वर्मा के पिता किसान, मां हाउसवाइफ हाईस्कूल टॉपर कशिश वर्मा से दैनिक भास्कर ने बात की। कशिश ने बताया- मैं सोसा गांव की रहने वाली हूं। बाबू राम सावित्री देवी विद्यालय में पढ़ती हूं। मेरे पिता किसान और मां गृहिणी हैं। मैं रोज तीन से चार घंटे पढ़ाई करती थी। स्कूल में भी एक्स्ट्रा क्लास लगती थी। सभी लोग हमें लगातार मोटिवेट करते थे। कशिश ने कहा- मेरी इस सफलता का श्रेय मैं अपने माता-पिता, टीचरों और खुद की मेहनत को देना चाहती हूं। मैं दूसरे विद्यार्थियों से कहना चाहती हूं कि अगर इस बार सफलता नहीं मिली तो निराश न हों। ज्यादा मेहनत करें, अगली बार जरूर सफलता मिलेगी। रिजल्ट के बाद की 3 तस्वीरें देखिए- बरेली में 10वीं का रिजलट आने के बाद पास हुए छात्र-छात्राओं के साथ टीचर ने जमकर डांस किया। सीतापुर की अर्पिता ने 10वीं में तीसरी रैंक प्राप्त की। उनकी मां खुशी से झूम उठीं। अर्पिता को गले लगाकर आशीर्वाद दिया। 10वीं का रिजल्ट आते ही काशी के क्वींस कॉलेज के प्रिंसिपल रो पड़े। उनके कॉलेज के छात्र ने वाराणसी में टॉप किया है। लड़कियां, लड़कों से 6.46% ज्यादा पास इस बार 90.42% बच्चे पास हुए हैं। लड़कियां 93.76%, जबकि लड़के 87.30% पास हुए। इस हिसाब से लड़कियां, लड़कों से 6.46% अधिक पास हुई हैं। 2024 में 90.11% छात्र-छात्राएं पास हुए थे। इस साल 0.31% ज्यादा छात्र-छात्राएं सफल हुए हैं। 98.53% कैदियों ने पास की परीक्षा, सिर्फ एक फेल हुआ यूपी की जेल में बंद 68 कैदियों ने परीक्षा दी थी। इसमें से 67 में कैदी पास हुए हैं। कैदियों का पासिंग परसेंटेज 98.53 प्रतिशत है। यानी इनका पासिंग परसेंट ओवरऑल पास बच्चों से बेहतर हैं। पिछले साल यानी 2025 में जेल से 94 कैदियों ने परीक्षा दी थी। इसमें से 91 में कैदी पास हुए हैं। पासिंग परसेंटेज 96% रहा था। 5 साल से लड़कियां ही अव्वल 10वीं के रिजल्ट में इस बार भी लड़कियों ने बाजी मारी। परीक्षा में 87.30% लड़के, जबकि 93.76% लड़कियों ने सफलता हासिल की है। 2025 में 93.87% लड़कियां पास हुई थीं, जबकि लड़के 86.66% ही पास हुए थे। इसी तरह 2024 में छात्राओं का पासिंग प्रतिशत 88.42 रहा, छात्रों का 77.78% ही रहा था। 2023 में छात्रों का प्रतिशत महज 86 था, जबकि छात्राओं का प्रतिशत 93.35% पहुंच गया था। 2022 में लड़कियां 91.69% और लड़के 85.25% पास हुए थे। 25.89 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के अनुसार, 2026 में 10वीं में 27 लाख 50 हजार 945 छात्र-छात्राएं रजिस्टर्ड हुए। इनमें 14 लाख 38 हजार 682 छात्र और 13 लाख 12 हजार 263 छात्राएं थीं। 25.89 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी। 1.61 लाख छात्र-छात्राओं ने परीक्षा छोड़ दी। 10वीं की परीक्षाएं सभी 75 जिलों में 8033 केंद्रों पर 18 फरवरी से शुरू हुई थीं। दो पालियों में परीक्षा हुई। 12 मार्च को परीक्षा समाप्त हुई। प्रदेश में कुल 254 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए। हाईस्कूल की कॉपी चेक करने के लिए 96,804 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई। 18 मार्च से शुरू होकर 4 अप्रैल तक मूल्यांकन चला। करीब 1.57 करोड़ कॉपियां चेक की गईं। ऐसे चेक करें रिजल्ट> क्लिक करें यूपी बोर्ड 10वीं के रिजल्ट से जुड़े पल-पल के अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए- अपडेट्स 05:30 PM23 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक 70 साल की उम्र में राजाराम ने हाईस्कूल पास किया रायबरेली के राजाराम मौर्य ने 70 साल की उम्र में यूपी बोर्ड हाईस्कूल परीक्षा पाली भाषा से पास की है। मूल रूप से मोगा के निवासी राजाराम मौर्य का जन्म 11 दिसंबर 1956 को हुआ था। उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन और हिमाचल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन किया था। राजाराम मौर्य ने बताया कि उनके पूर्वजों से जुड़ा इतिहास और सम्राटों के शिलालेखों को समझने की जिज्ञासा ने उन्हें इस उम्र में दोबारा छात्र बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने पाली भाषा का चयन इसी उद्देश्य से किया, ताकि प्राचीन शिलालेखों को स्वयं पढ़ सकें। पढ़ें पूरी खबर… 01:47 PM23 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक 10वीं में प्राइवेट स्कूलों का रिजल्ट सरकारी स्कूलों से अच्छा; देखिए आंकड़े हाईस्कूल में सरकारी स्कूलों 87.93% बच्चे पास हुए हैं। वहीं, एडेड (अर्द्धसरकारी) स्कूलों में 86.98% बच्चे पास हुए हैं। ऐसे सेल्फ फाइनेंस (प्राइवेट) स्कूलों के 92.32% बच्चे पास हुए हैं। 01:06 PM23 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक कानपुर की टॉपर तक पहुंचे भास्कर रिपोर्टर, सक्सेस स्टोरी बताई 01:03 PM23 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक अर्पिता की मां बोलीं- पढ़ाई के चक्कर में खाना-पीना तक समय पर नहीं कर पाती थी सीतापुर की अर्पिता ने यूपी बोर्ड 10वीं की परीक्षा में तीसरा स्थान प्राप्त किया। बाबुपुर गांव की अर्पिता एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता अमरीश कुमार किसान हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। परिवार में एक छोटा भाई भी है, जो अभी पांचवीं कक्षा में पढ़ाई कर

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