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झारखंड

बारिश में बनाएं रांची का ये फेमस मसाला पराठा, नाश्ते का है...

रांची: झारखंड की राजधानी रांची के घरों में खासतौर पर एक मिक्स मसाला पराठा बनाया जाता है. दरअसल, आटे में कई तरह के मसाले, जवाईन और कुछ सब्जी और प्याज मिलाई जाती है. यह खाने में इतना टेस्टी लगता है कि इसके साथ आपको अचार से लेकर सब्जी किसी भी चीज को लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी और यह बनता बहुत ही सिंपल तरीके से है. आइये जानते हैं इसकी रेसिपी के बारे में. आप इसे 2 मिनट में बना सकते हैं. इसे अकेले ही खा सकते हैं. रांची की गृहणी उषा बताती हैं कि हम लोग घर में हर तीसरे और चौथे दिन ये बनाकर खाते हैं. अगर मान लीजिए, बाहर भारी बारिश हो रही है, सब्जी नहीं या घर में कुछ नहीं है. आप आराम से यह बना लीजिए और अचार के साथ खा लें. यह इतना टेस्टी लगता है कि एक बार में लोग 5 और 6 तक खा जाते हैं. जानें मिक्स मसाला पराठा की रेसिपी • इसके लिए सबसे पहले आपको आटा लेना होगा. जितना बनाना है, उस हिसाब से आप आटा ले लीजिए और फिर इसमें कई तरह के मसाले डाल दीजिए. जैसे कि जवाइन, मंगरेला डालना है, स्वाद अनुसार नमक, थोड़ा सा रिफाइन भी डाल सकते हैं. • इसके अलावा इसमें कटा हुआ बारीक प्याज, थोड़ा सा धनिया पत्ता, थोड़ा सा हरी मिर्च, थोड़ा धनिया पाउडर, मिक्स मसाला, और थोड़ा सा हल्दी अब इन सब चीजों को डालकर हाथ से पहले अच्छे से मिला दीजिए. • जब ये अच्छे से मिल जाए तो इसमें अब आपको पानी डालकर आटे को अच्छी तरह बढ़िया से गुथ लेना है. जब आटे की तरह गुथ लेंगे तो उसके बाद आपके छोटे-छोटे लॉय करके पराठे के शेप में बेल लें. • इसके बाद तवा में डालकर दोनों तरफ बढ़िया से पका लीजिए और हल्का सा घी डाल दीजिए. अगर आप घी नहीं खाते हैं तो रिफाइंड डाल दीजिए या ओलिव ऑयल डाल सकते हैं, जो आपको पसंद है. इसको डालते हुए पराठा बनाकर नीचे उतार लीजिए. • लीजिए अब बनकर तैयार है आपका मिक्स मसाला पराठा. यह खाने में क्या गजब का टेस्टी लगता है. आप चाहे तो अचार ले सकते हैं वरना, इसके साथ तो किसी भी चीज की जरूरत नहीं पड़ती है, आप इसे यूं ही खा सकते हैं. Source link

झारखंड

राज्य के 19 जिलों की 65 हजार महिला किसानों को आत्मनिर्भर बनाने...

Hindi News Local Jharkhand Ranchi An Initiative To Empower 65,000 Women Farmers Across 19 Districts Of The State To Become Self reliant. They Will Be Linked To Climate friendly Horticulture. रांची1 दिन पहले कॉपी लिंक ग्रामीण क्षेत्रों की महिला किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार ने 748 करोड़ रुपए की जलवायु अनुकूल बागवानी उद्यमिता परियोजना तैयार की है। ‘झारखंड की महिला समूहों द्वारा जलवायु अनुकूल बागवानी उद्यमिता परियोजना’ को गुरुवार को विकास आयुक्त की अध्यक्षता वाली राज्य योजना प्राधिकृत समिति ने सशर्त सहमति दे दी। समिति ने ग्रामीण विकास विभाग से कहा है कि बजट प्रावधान और विदेशी ऋण पर ब्याज दर के संबंध में वित्त विभाग से भी सहमति ली जाए। इसके बाद विभाग आगे की प्रक्रिया पूरी करेगा। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद सरकार अनुपूरक बजट में राशि का प्रावधान करेगी। वित्त विभाग की सहमति के बाद ही योजना शुरू होगी। -शेष पेज 11 पर पहले चरण में 31 हजार किसानों को मिला लाभ परियोजना की शुरुआत वर्ष 2010 में हुई थी। इसे वित्तीय वर्ष 2016-17 से 2024-25 तक राज्य के नौ जिलों के 30 प्रखंडों में लागू किया गया। पहले चरण में 31,819 किसानों को माइक्रो ड्रिप सिंचाई प्रणाली से जोड़ा गया। प्रति किसान की वार्षिक आय में औसतन 22 हजार रुपए की वृद्धि दर्ज की गई। परियोजना के तहत 300 कृषि यंत्र बैंक, 14 बहुउद्देश्यीय सामुदायिक केंद्र और पांच मीट्रिक टन क्षमता वाले 10 कोल्ड चैंबर बनाए गए। अब दूसरे चरण में परियोजना का विस्तार 19 जिलों के 65 प्रखंडों तक किया जाएगा। साल में 2-3 फसल लेने की ट्रेनिंग परियोजना का उद्देश्य महिला किसानों की आय बढ़ाना और जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा देना है। उन्हें बहुफसली खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा। 25 डिसमिल मॉडल के तहत किसानों को एक फसल के बजाय साल में दो से तीन फसल लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा। जल संरक्षण और आधुनिक कृषि तकनीक को बढ़ावा दिया जाएगा। जानिए…किन महिलाओं को लाभ आवेदक महिला का सखी मंडल की सदस्य होना अनिवार्य होगा। लाभुक के पास योजना के अनुरूप कम से कम 25 डिसमिल भूमि होनी चाहिए। गरीब परिवारों तथा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के परिवारों को प्राथमिकता मिलेगी। किसानों को योजना के अनुसार निर्धारित अंशदान देना होगा। 65 हजार महिला किसानों को लाभ देने का लक्ष्य… परियोजना के दूसरे चरण में 19 जिलों के 65 प्रखंडों की 65 हजार महिला किसानों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना आठ वर्षों तक चलेगी। प्रखंडों का चयन स्थानीय संसाधनों, उत्पादन क्षमता, बाजार तक पहुंच और सखी मंडलों की सक्रियता के आधार पर किया गया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ Source link

शिक्षा

Commercial LPG Restrictions Removed | Mahesh Dixit IB Director

Hindi News Career Commercial LPG Restrictions Removed | Mahesh Dixit IB Director | India News 2 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. वरिष्ठ IPS अधिकारी महेश दीक्षित इंटेलिजेंस ब्यूरो के निदेशक होंगे 25 जून को केंद्र सरकार ने IPS अधिकारी महेश दीक्षित को इंटेलिजेंस ब्यूरो का निदेशक तय किया। महेश 30 जून को कार्यकाल पूरा कर रहे तपन कुमार डेका की जगह लेंगे। महेश दीक्षित 1993 बैच के IPS अधिकारी हैं। वे पेशे से डॉक्टर रहे, बाद में IPS सेवा में शामिल हुए। केंद्र सरकार ने महेश को दो साल के लिए IB डायरेक्टर नियुक्त किया है। महेश अनुच्छेद 370 हटाए जाने के समय IB की श्रीनगर यूनिट के प्रमुख थे। इंटेलिजेंस ब्यूरो भारत की आंतरिक खुफिया एजेंसी है, जो गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है। IB के प्रमुख के रूप में महेश दीक्षित पर आतंकवाद विरोधी अभियानों और आंतरिक सुरक्षा का जिम्मा होगा। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने उनके नाम पर मुहर लगाई है। महेश दीक्षित को नेशनल सिक्‍योरिटी के मामलों में 26 सालों का अनुभव है। 2. सरकार ने कमर्शियल LPG की आपूर्ति पर लगी पाबंदियां हटाईं 25 जून को केंद्र सरकार ने कमर्शियल और इंडस्ट्रियल LPG की आपूर्ति पर लगी पाबंदियां हटा दी हैं। अब होटल, रेस्तरां, उद्योग और अन्य व्यावसायिक खरीदारों को पहले की तरह LPG उपलब्ध कराई जाएगी। पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान युद्ध खत्‍म होने के बाद ये फैसला लिया गया है। संकट के दौरान बंद की गई बल्क LPG आपूर्ति भी फिर शुरू की गई है। फिलहाल इसे संकट-पूर्व खपत के 50% तक बहाल किया गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने तेल कंपनियों को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। युद्ध के दौरान ग्‍लोबल क्रूड ऑयल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी, जो अब 73.75 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है। सरकार ने घरेलू LPG की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखते हुए C3-C4 हाइड्रोकार्बन स्ट्रीम का कुछ हिस्सा फिर से पेट्रोकेमिकल उद्योगों के लिए उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया है। साथ ही घरेलू LPG उत्पादन को कम से कम 40 हजार मीट्रिक टन प्रतिदिन बनाए रखने का लक्ष्य रखा है। 3. राम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव और सदस्य का इस्तीफा 26 जून को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया। दोनों के इस्तीफे ऐसे समय आए हैं जब राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े आरोपों की जांच चल रही है। दोनों ने जारी विवाद के चलते नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पदों को छोड़ दिया है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस मामले में दर्ज पहली FIR के आधार पर 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की शिकायत पर श्री राम जन्मभूमि पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज हुआ था। स्पोर्ट्स (SPORTS) 4. ISSF जूनियर विश्व चैंपियनशिप में भारत टॉप पर रहा 26 जून को समाप्त हुई ISSF जूनियर वर्ल्‍ड शूटिंग चैंपियनशिप में भारत मेडल टेबल पर टॉप पर रहा। यह प्रतियोगिता जर्मनी में आयोजित हुई। भारत ने 7 गोल्ड, 8 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल जीते। भारत 24 मेडल के साथ टॉप पर रहा। भारत की ओर से सेजल काम्बले ने 2, जबकी समीर, रोहत कन्यान, वंशिका चौधरी, नव्या बिश्नोई और प्रीतम केंद्रे ने एक – एक गोल्ड मेडल जीता। ISSF यानी इंटरनेशनल शूटिंग स्‍पोर्ट्स फेडरेशन निशानेबाजी खेलों की वैश्विक नियामक संस्था है। खेल मंत्रालय ने विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी और उनके प्रशिक्षण के लिए मदद का वादा किया। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 5. भारत और अमेरिका के बीच AI और चिप्स पर राउंडटेबल बैठक 26 जून को भारत और अमेरिका के बीच तकनीक सहयोग को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। इस चर्चा का मुख्य विषय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर चिप्स था। बैठक में सरकार, उद्योग और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों ने भाग लिया और AI व चिप निर्माण में संयुक्त निवेश और रीसर्च को बढ़ावा देने पर विचार किया। दोनों देशों ने विश्वसनीय और सुरक्षित सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन विकसित करने पर जोर दिया। अमेरिका ने आश्वासन दिया कि वह भारत को AI तकनीक की आपूर्ति में कटौती नहीं करेगा। भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव ने इसमें भारत का पक्ष रखा। अमेरिका ने ‘एंथ्रोपिक फेबल’ जैसे आधुनिक AI मॉडल्स के भारत में रोलआउट पर भी बात की। सेमीकंडक्टर चिप्स का उपयोग स्मार्टफोन से लेकर लड़ाकू विमानों तक हर आधुनिक मशीन में होता है। मिसलीनियस (MISCELLENEOUS) 6. अमित शाह ने नेशनल एंटी-नारकोटिक्स रोडमैप लॉन्च किया 26 जून को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय एंटी-नारकोटिक्स रोडमैप लॉन्च किया। शाह ने नई दिल्‍ली में नारको-कोऑर्डिनेशन सेंटर की 10वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए ‘विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029’ जारी किया। विजन डॉक्यूमेंट के तहत केंद्रीय और राज्य एजेंसियों द्वारा जब्त 2,09,500 किलो नशीले पदार्थों को नष्ट किया जाएगा, जिसकी कीमत लगभग 6,000 करोड़ रुपए है। विजन डॉक्यूमेंट (2026–2029) जारी किया गया, जिसमें अगले तीन वर्षों के लिए राष्ट्रीय एंटी-नारकोटिक्स रणनीति तय की गई। रोडमैप की 3 प्रमुख बातें- नशीले पदार्थों की तस्करी पर कड़ी कार्रवाई, नशा-मुक्ति एवं पुनर्वास और जन-जागरूकता एवं रोकथाम है। रोडमैप का उद्देश्य भारत को 2047 तक नशा-मुक्त बनाना है। इसके लिए स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्देश दिया गया है। सरकार ड्रग्स से होने वाली अवैध कमाई पर लगाम लगाने के लिए वित्तीय जांच को भी तेज करेगी। NCORD बैठक में अलग-अलग सुरक्षा एजेंसियों और मंत्रालयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। 7. वेनेजुएला को सहायता देने के लिए ऑपरेशन अमिस्ताद शुरू 26 जून को भारत ने भूकंप प्रभावित वेनेजुएला के लिए ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ शुरू किया। स्पेनिश भाषा में ‘अमिस्ताद’ का अर्थ ‘मित्रता’ होता है। भारतीय वायु सेना के दो C-17 विमान राहत सामग्री लेकर रवाना हुए। इसमें 35 टन से अधिक जरूरी राहत सामग्री भेजी गई है। इसके अलावा भारतीय सेना की 41 सदस्यीय विशेष चिकित्सा टीम और एक फील्ड हॉस्पिटल यूनिट वेनेजुएला भेजी गई है। इस अभियान का उद्देश्य भूकंप प्रभावित लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता और मानवीय राहत उपलब्ध कराना है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने इस ऑपरेशन की घोषणा की। वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप में

झारखंड

सीआईडी की पूछताछ के अगले ही दिन रिम्स निदेशक का इस्तीफा

डॉ. राजकुमार बोले-लोग चाहते थे मैं चला जाऊं, तो मैंने भी मन बना लिया… रिम्स निदेशक डॉ. राजकुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने गुरुवार शाम ईमेल से अपना इस्तीफा स्वास्थ्य मंत्री सह शासी परिषद के अध्यक्ष डॉ. इरफान अंसारी को भेजा। इसे स्वीकार करने का अनुरोध किया। इस्तीफे का कारण उन्होंने व्यक्तिगत बताया है। देर शाम विभाग ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया। उनके स्थान पर डीन एकेडमिक डॉ. डीके सिन्हा को प्रभारी निदेशक बनाया है। दैनिक भास्कर से बातचीत में डॉ. राजकुमार ने कहा-लोग चाहते थे कि मैं चला जाऊं, तो अब मैंने मन बना लिया है। लेकिन इस्तीफे की कोई ठोस वजह नहीं बताया। एडमिशन और टेंडर घोटाले में सीआईडी ने बुधवार को रिम्स में छापेमारी की थी। इस दौरान निदेशक और डीन से कई घंटे तक पूछताछ की थी। इसके अगले ही दिन इस्तीफा देने की खबर फैलते ही स्वास्थ्य विभाग में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। गौरतलब है कि रिम्स निदेशक और स्वास्थ्य विभाग के बीच लंबे समय से सबकुछ ठीक नहीं चल रहा था। पिछले साल शासी परिषद की बैठक में किसी एजेंडे पर निदेशक व विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के बीच विवाद हो गया था। इसके बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद उन्हें फिर बहाल किया गया था। सीआईडी को मिले गड़बड़ी के संकेत, अब एफआईआर दर्ज करने की तैयारी रिम्स में एडमिशन और सफाई टेंडर में अनियमितता की शिकायत मामले में सीआईडी का शिकंजा कसता जा रहा है। छापेमारी में जब्त दस्तावेजों की जांच में वित्तीय और प्रशासनिक गड़बड़ी के संकेत मिले हैं। सीआईडी पुष्टि कर रही है। पुष्टि के बाद एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई करेगी। सीआईडी ने बुधवार को इस मामले में रिम्स निदेशक, डीन व अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की थी। उनसे दोनों मामलों से जुड़े प्रशासनिक पहलू, फाइल मूवमेंट और फैसला लेने वाली कमेटी की भूमिका की जानकारी ली थी। अब रिम्स के तत्कालीन निदेशक सहित टेंडर समिति के सदस्यों और नामांकन प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों व कर्मियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अपात्र कंपनी को टेंडर देने का आरोप डॉ. राजकुमार अक्सर विवादों में घिरे रहे। एक दिन पहले सीआईडी ने रिम्स में छापेमारी कर कई अहम दस्तावेजों को जब्त किया था। उनसे पूछताछ की थी। आरोप था कि अयोग्य होने के बाद भी यूपी की कंपनियों को सफाई टेंडर में पात्र घोषित किया और उन कंपनियों को टेंडर दिया गया। बेटे की नियुक्ति का विवाद बेटे की नियुक्ति को लेकर भी वे विवादों में रहे। उनके बेटे ने रिम्स से मास्टर्स इन हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन कोर्स किया था। आरोप है कि पद न होने के बाद भी एनाटॉमी विभाग से पद छीनकर अपने बेटे की नियुक्ति की। यह मामला हाईकोर्ट पहुंचा। हाईकोर्ट ने यह कहते हुए ​ज्वाइन करने का निर्देश दिया था कि यह संस्थान व विभाग की गलती है। अभ्यर्थी का कोई दोष नहीं है। इस मामले की विभागीय जांच अभी भी जारी है। इससे पहले निदेशक ने अपने बेटे को रिम्स की एक महत्वपूर्ण कमेटी का सदस्य बनाया था। जबकि उस वक्त बेटा खुद रिम्स का स्टूडेंट था। Source link

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आधी पेंशन पर ही कर रहे थे गुजारा… जब सैम मानेकशॉ को...

होमताजा खबरदेश …जब सैम मानेकशॉ को 1.16 करोड़ का चेक देने अस्पताल पहुंचे राष्ट्रपति कलाम Last Updated:June 27, 2026, 04:31 IST जनरल सैम मानेकशॉ अचूक और अभेद्य रणनीति की वजह से महज 13 दिनों के भीतर भारतीय सेना ने ढाका को चारों तरफ से घेरकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की. पाकिस्तान के जनरल नियाजी को अपने 90,000 से अधिक सैनिकों के साथ बिना किसी शर्त के भारतीय सेना के सामने सरेंडर करना पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप दुनिया के नक्शे पर एक नए राष्ट्र ‘बांग्लादेश’ का उदय हुआ. सैम बहादुर के फैसले ने बदल दिया था दक्षिण एशिया का इतिहास. (फाइल फोटो) नई दिल्ली. सैम होर्मूसजी फ्रैमजी जमशेदजी मानेकशॉ का जन्म 3 अप्रैल 1914 को अमृतसर के एक पारसी परिवार में हुआ था. उनके पिता पेशे से डॉक्टर थे और वे सैम को भी डॉक्टरी की पढ़ाई के लिए लंदन भेजना चाहते थे. हालांकि सैम ने पिता के इस निर्णय के खिलाफ विद्रोह कर दिया और जुलाई 1932 में नवगठित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) के पहले बैच ‘द पायनियर्स’ में प्रवेश ले लिया. उनका विवाह 22 अप्रैल 1939 को सिलू बोडे से हुआ. गोरखा सैनिकों की निडरता के कायल सैम का एक प्रसिद्ध कथन आज भी सेना में गूंजता है कि यदि कोई व्यक्ति कहता है कि उसे मौत से डर नहीं लगता, तो वह या तो झूठ बोल रहा है या फिर वह गोरखा है. गोरखा रेजिमेंट के सैनिकों ने ही उन्हें आदर से ‘सैम बहादुर’ का नाम दिया था. सैम मानेकशॉ के नेतृत्व की सबसे बड़ी परीक्षा 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान हुई. अप्रैल 1971 में जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पूर्वी पाकिस्तान में बढ़ते मानवीय संकट के कारण तुरंत सैन्य कार्रवाई का दबाव बनाया, तो जनरल सैम ने बड़ी बेबाकी से मना कर दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि मानसून की भारी बारिश के कारण सेना की गति रुक जाएगी और हार का जोखिम बढ़ जाएगा. उन्होंने सरकार से तैयारी के लिए कुछ महीनों का समय मांगा और 100 प्रतिशत सफलता का भरोसा दिया. पाकिस्तान ने जब 3 दिसंबर 1971 की शाम भारतीय हवाई अड्डों पर हमला किया, तो सैम ने अपनी बहुआयामी और तीव्र सैन्य योजना को धरातल पर उतारा. युद्ध शुरू होने से पहले उन्होंने अपने जवानों को सख्त निर्देश दिए थे कि वे स्थानीय महिलाओं की गरिमा का पूरा सम्मान करें. सिर्फ 13 दिनों में भारत ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की और 90,000 से अधिक पाकिस्तानी सैनिकों को बिना किसी शर्त के आत्मसमर्पण करना पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप बांग्लादेश का गठन हुआ. सैम मानेकशॉ 15 जनवरी 1973 को सेवानिवृत्त हुए. चूंकि फील्ड मार्शल का पद जीवनभर के लिए होता है और इस पद का अधिकारी कभी सेवानिवृत्त नहीं होता, इसलिए वे पूर्ण वेतन के हकदार थे. ऐसा कहा जाता है कि नौकरशाही की बाधाओं के कारण उन्हें लंबे समय तक केवल आधी पेंशन ही मिलती रही. राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के हस्तक्षेप के बाद अप्रैल 2007 में तत्कालीन रक्षा सचिव शेखर दत्त ने अस्पताल जाकर उन्हें 1.16 करोड़ रुपए के बकाये का चेक सौंपा. 27 जून 2008 को तमिलनाडु के वेलिंगटन में फेफड़ों के संक्रमण के कारण इस महान नायक ने 94 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

झारखंड

अब किसान खेती के साथ करेंगे बिजनेस, लाखों में होगी कमाई, बस...

होमताजा खबरकृषि अब किसान खेती के साथ करेंगे बिजनेस, लाखों में होगी कमाई, समझें 5 डिसमिल जमीन क Last Updated:June 26, 2026, 08:13 IST किसानों को बिजनेसमैन बनाने के लिए एक खास मॉडल तैयार किया गया है. महज 5 डिसमिल जमीन पर पॉलीहाउस, नर्सरी और केंचुआ खाद यूनिट एक साथ लगेगी. इस बिजनेस से किसान लाखों की कमाई कर सकते हैं. इसके लिए सरकार और एनजीओ की तरफ से ट्रेनिंग और मार्केट सपोर्ट भी दिया जाएगा. ख़बरें फटाफट रांची: झारखंड की राजधानी रांची में किसानों की उन्नति के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करने वाली संस्था (NGO) ‘प्रदान’ ने एक बेहद खास मॉडल तैयार किया है. इस मॉडल को अपनाकर किसान अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर बिजनेस में हाथ आजमा सकते हैं और अपनी आमदनी को कई गुना बढ़ा सकते हैं. संस्था ने मात्र 5 डिसमिल जमीन का एक ऐसा एकीकृत मॉडल तैयार किया है. जिसके भीतर केंचुआ खाद से लेकर पॉलीहाउस और नर्सरी तक की सारी सुविधाएं एक साथ मौजूद रहेंगी. क्या है 5 डिसमिल जमीन का यह अनोखा मॉडल?संस्था के प्रतिनिधि कुलदीप इस मॉडल को समझाते हुए बताते हैं कि इसके तहत महज 5 डिसमिल जमीन के दायरे में कई चीजें एक साथ शुरू की जा सकती हैं। इसमें शामिल हैं: पॉलीहाउस और उन्नत नर्सरी: जहां उच्च मूल्य वाली फसलों और पौधों की पौध तैयार होगी. केंचुआ खाद और वर्मी कंपोस्ट यूनिट: जैविक खेती के लिए बेहतरीन खाद का उत्पादन. गोबर खाद और जैविक मेडिसिनः फसलों को रोगों से बचाने के लिए पूरी तरह प्राकृतिक दवाइयां. किसान सेवा केंद्र और ऑफिस: इसी परिसर में एक छोटा ऑफिस या सेंटर भी होगा. जहां से व्यापार का संचालन किया जाएगा. इस मॉडल के जरिए उत्पादित सामग्री को स्थानीय किसानों से लेकर बड़ी-बड़ी कृषि कंपनियों तक को सप्लाई किया जा सकता है. कुलदीप के अनुसार, कई प्रगतिशील किसान इस मॉडल को अपनी जमीन पर लागू करके आज हर साल लाखों रुपये की कमाई कर रहे हैं. 5 से 10 लाख रुपये के निवेश की आवश्यकताइस बिजनेस मॉडल को धरातल पर उतारने के लिए कम से कम 5 से 10 लाख रुपये की शुरुआती पूंजी (इन्वेस्टमेंट) और अपनी जमीन की जरूरत होती है. इस मॉडल की एक बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह आत्मनिर्भर है. परिसर में बनने वाले ऑफिस की छत पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे. इसके जरिए उत्पन्न होने वाली सौर ऊर्जा से ही पूरे सेंटर की बिजली की जरूरतें पूरी होंगी, जिससे ग्रिड की बिजली पर होने वाला खर्च शून्य हो जाएगा. सरकार और संस्था की तरफ से मिलेगी ट्रेनिंग और मार्केटइस मॉडल को अपनाने वाले किसानों को सरकार और एनजीओ की तरफ से पूरा सहयोग दिया जाएगा: ट्रेनिंग: केंचुआ खाद, जैविक दवाइयां और बायो-मेडिसिन बनाने की पूरी वैज्ञानिक ट्रेनिंग दी जाएगी. मार्केटिंग सपोर्ट: उत्पादित सामग्री को बेचने के लिए सरकार की मदद से बाजार उपलब्ध कराया जाएगा. प्रदर्शनी और सेमिनार: किसानों को विभिन्न सरकारी मेलों में मुफ्त स्टॉल दिए जाएंगे. साथ ही अन्य राज्यों में जाकर नई तकनीक सीखने और खुद को अपग्रेड करने के अवसर भी मिलेंगे. ब्रांडेड पैकेजिंग के साथ बाजार में उतरने का मौकाकुलदीप कहते हैं, “कई किसानों के पास पूंजी और जमीन दोनों होती है, लेकिन सही आइडिया न होने के कारण वे सिर्फ पारंपरिक खेती पर निर्भर रहते हैं. ऐसे किसानों के लिए बिजनेसमैन बनने का यह बेहतरीन अवसर है.” किसान यहां पशुओं के लिए पौष्टिक चारा, जैविक दवाइयाँ और उच्च गुणवत्ता वाली खाद तैयार कर सकते हैं. इन उत्पादों की शानदार पैकेजिंग करके इन्हें एक ब्रांडेड लुक के साथ बाजार में अच्छे दामों पर बेचा जा सकता है. हेल्पलाइन नंबर: यदि आप एक किसान हैं, आपके पास पर्याप्त जमीन व बजट है और आप इस आधुनिक मॉडल को अपनाना चाहते हैं, तो अधिक जानकारी और मार्गदर्शन के लिए एनजीओ ‘प्रदान’ के आधिकारिक मोबाइल नंबर 9431903149 पर संपर्क कर सकते हैं. About the Author Prashun Singh मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

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12th pass candidates apply for 326 posts; applications begin July 20, with...

Hindi News Local Jharkhand Ranchi JSSC Recruitment 2020: 12th Pass Candidates Apply For 326 Posts; Applications Begin July 20, With 10 year Age Relaxation रांची22 घंटे पहले कॉपी लिंक झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) ने इंटरमीडिएट स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (जेआईएलसीसीई)-2026 के तहत 326 पदों पर नियुक्ति के लिए वैकेंसी निकाली है। ऑनलाइन आवेदन 20 जुलाई से शुरू होंगे और 19 अगस्त तक लिए जाएंगे। आयोग ने अधिकतम आयु सीमा में 10 वर्ष तक की अतिरिक्त छूट भी दी है, जिससे लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे लोगों को राहत मिलेगी। सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष तय की गई है। अत्यंत पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थी 37 वर्ष तक आवेदन कर सकेंगे। महिलाओं के लिए अधिकतम आयु 38 वर्ष और एसटी-एससी वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 40 वर्ष निर्धारित की गई है। इन पदों पर होगी नियुक्ति हेल्थ सुपरवाइजर: 137 बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता: 62 मात्स्यिकी सहायक: 41 किट संग्रहकर्ता: 32 कनीय क्षेत्रीय अन्वेषक: 27 वेटरनरी सहायक: 27 कुल पद: 326 जानिए… भर्ती परीक्षा का पैटर्न प्रारंभिक परीक्षा में 120 वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे। परीक्षा की अवधि दो घंटे होगी। इसमें सामान्य अध्ययन से 30, झारखंड राज्य से संबंधित सामान्य ज्ञान के 40, सामान्य गणित के 10, सामान्य विज्ञान के 10 और मानसिक क्षमता जांच के 30 प्रश्न होंगे। यह परीक्षा केवल स्क्रीनिंग टेस्ट होगी। क्वालिफाइंग अंक सामान्य और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए 40 प्रतिशत, बीसी-2 के लिए 36.5 प्रतिशत, बीसी-1 के लिए 34 प्रतिशत, एससी-एसटी के लिए 32 प्रतिशत तथा आदिम जनजाति वर्ग के लिए 30 प्रतिशत निर्धारित किए गए हैं। मुख्य परीक्षा तीन पेपर की होगी। आयोग बोला-50 हजार से कम आवेदन आए तो नहीं होगी प्रारंभिक परीक्षा भर्ती प्रक्रिया प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) और मुख्य परीक्षा के माध्यम से पूरी की जाएगी। हालांकि आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या 50 हजार से कम रहती है तो प्रारंभिक परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। ऐसी स्थिति में अभ्यर्थियों को सीधे मुख्य परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलेगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ Source link

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Ranchi is out again; after 16 years, Haj operations will be conducted...

Hindi News Local Jharkhand Ranchi Haj 2027: Ranchi Is Out Again; After 16 Years, Haj Operations Will Be Conducted From Patna Airport; For The First Time, Flights Will Go Directly From Patna To Jeddah Or Medina. रांची22 घंटे पहले कॉपी लिंक भास्कर खास बिहार के हज यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। हज 2027 में पटना एयरपोर्ट से भी हज ऑपरेशन होगा। पटना पहली बार ऐसा इम्बार्केशन प्वाइंट बनेगा, जहां से यात्री सीधे जेद्दा या मदीना जाएंगे। लेकिन इससे रांची फिर बाहर हो गई है। पटना से यह हवाई सफर करीब सात घंटे का होगा। पटना एयरपोर्ट से 2011 तक हज ऑपरेशन होता था, लेकिन यात्री सीधे सऊदी अरब नहीं जाते थे। उन्हें कोलकाता जाकर दूसरी फ्लाइट पकड़नी पड़ती थी। अब यह व्यवस्था खत्म होगी।पटना के साथ गयाजी एयरपोर्ट से भी अगले साल हज ऑपरेशन होगा। गयाजी से 2012 में हज ऑपरेशन शुरू हुआ था। 2025 तक यहां से यात्री सीधे जेद्दा या मदीना गए। हालांकि 2026 में यात्रियों की संख्या कम होने के कारण गयाजी से हज ऑपरेशन रद्द कर दिया गया था। हज 2027 के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 20 जुलाई है। आवेदन पत्र हज कमेटी ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर उपलब्ध है। हज सुविधा एप के माध्यम से भी आवेदन किया जा सकता है। बिहार हज कमेटी के सीईओ राशिद हुसैन ने बताया कि पटना एयरपोर्ट से हज ऑपरेशन शुरू होने से आजमीन-ए-हज को बड़ी सुविधा मिलेगी। एयरपोर्ट के पास ही हज भवन है। उन्होंने लोगों से समय रहते पासपोर्ट बनवाने और पटना को विकल्प के रूप में चुनने की अपील की। देश के 19 एयरपोर्ट से अगले साल हज ऑपरेशन होगा। इनमें पटना, गयाजी, अहमदाबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली, कालीकट, कोचीन, गुवाहाटी, हैदराबाद, इंदौर, जयपुर, कन्नूर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, श्रीनगर और विजयवाड़ा शामिल हैं। चयन के बाद 10 अगस्त तक जमा होगी राशि बिहार का हज कोटा करीब 12 हजार है। राज्य में आमतौर पर कोटा पूरा नहीं होता, इसलिए आवेदन करने वालों के चयन की संभावना अधिक रहती है। चयनित यात्रियों को 10 अगस्त तक 1,52,300 रुपए जमा करने होंगे। हज यात्रा के आवेदन के लिए पासपोर्ट अनिवार्य हज आवेदन के लिए पासपोर्ट अनिवार्य है। पासपोर्ट की वैधता 31 दिसंबर 2027 तक होनी चाहिए। हार्डिंग रोड स्थित हज भवन में हज फॉर्म के साथ पासपोर्ट के ऑनलाइन आवेदन की भी सुविधा उपलब्ध कराई गई है। हज फार्म भरने की अंतिम तिथि 20 जुलाई तक, 15 साल से नीचे उम्र वाले नहीं जाएंगे 15 साल से कम उम्र वालों को जाने की अनुमति नहीं सऊदी सरकार की गाइडलाइन के अनुसार 15 वर्ष से कम आयु के लोग हज पर नहीं जा सकेंगे। यह नियम पिछले वर्ष भी लागू था। 65 से अधिक उम्र के यात्रियों को एक अटेंडेंट ले जाना होगा, जिसका पूरा खर्च उन्हें स्वयं उठाना पड़ेगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ Source link

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Shani Pradosh Vrat 2026 today in ravi yog know shiv pradosh vrat...

Shani Pradosh Vrat 2026: आज शनि प्रदोष तिथि का व्रत किया जा रहा है. हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. जब प्रदोष व्रत शनिवार के दिन पड़ता है, तो उसे शनि प्रदोष व्रत कहा जाता है. इस बार शनि प्रदोष व्रत शुभ योग में मनाया जा रहा है, जिससे इसका धार्मिक महत्व और अधिक बढ़ गया है. मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधिपूर्वक पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और शनिदेव की कृपा भी प्राप्त होती है. श्रद्धालु इस दिन व्रत रखकर प्रदोष काल में शिव पूजा करते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं. इस बार शनि प्रदोष व्रत पर साध्य योग, शुभ योग और रवि नामक योग का शुभ संयोग बन रहा है, जिससे आज के दिन का महत्व और भी बढ़ गया है. आइए जानते हैं शनि प्रदोष व्रत पर शिव पूजन का महत्व, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, मंत्र और आरती… शनि प्रदोष व्रत का महत्वधार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष काल भगवान शिव का प्रिय समय माना जाता है. शनिवार को पड़ने वाला प्रदोष व्रत विशेष रूप से शनि ग्रह से जुड़े कष्टों को कम करने वाला माना जाता है. ऐसा विश्वास है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक भगवान शिव का अभिषेक, रुद्राभिषेक और मंत्र जाप करने से शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या के दौरान मानसिक बल प्राप्त होता है. साथ ही जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होने, रोग-शोक से राहत मिलने और परिवार में सुख-शांति बनी रहने की कामना की जाती है. कहा जाता है कि भगवान शिव की कृपा से शनिदेव भी प्रसन्न होते हैं, क्योंकि शनि देव स्वयं भगवान शिव के परम भक्त माने जाते हैं. इसलिए इस दिन शिव पूजा के साथ शनिदेव की आराधना का भी विशेष महत्व बताया गया है. शनि प्रदोष व्रत 2026 आजत्रयोदशी तिथि का प्रारंभ – 27 जून, सुबह 10 बजकर 22 मिनट सेत्रयोदशी तिथि का समापन – 28 जून, रात 12 बजकर 43 मिनट तकप्रदोष काल का ध्यान रखते हुए आज शनि प्रदोष व्रत किया जा रहा है. पूजा का शुभ मुहूर्त 2026: शाम 7 बजकर 4 मिनट से लेकर रात 9 बजकर 6 मिनट तक शनि प्रदोष व्रत पूजा विधि 2026शनि प्रदोष व्रत के दिन प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें. दिनभर सात्विक आहार का पालन करें या अपनी श्रद्धा और क्षमता के अनुसार उपवास रखें. प्रदोष काल में भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और नंदी महाराज की पूजा करें. शिवलिंग का गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी और शुद्ध जल से अभिषेक करें. इसके बाद बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल, सफेद चंदन, भस्म और मौसमी फल अर्पित करें. पूजा के दौरान ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें और शिव चालीसा, रुद्राष्टकम या शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करना भी शुभ माना जाता है. पूजा के अंत में घी का दीपक जलाकर भगवान शिव की आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य तथा मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करें. शनिवार होने के कारण श्रद्धालु शनिदेव के समक्ष तिल के तेल का दीपक भी जला सकते हैं. शिवजी के मंत्र:ॐ नमः शिवायॐ श्रां श्रीं श्रौं सः सोमाय नमःऊँ ऐं ह्रीं शिव-गौरीमय-ह्रीं ऐं ऊँऊँ नमो धनदाय स्वाहाशिवजी रुद्र मंत्र:ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥प्रदोष स्तुति:शिवाय नमस्तुभ्यं प्रदोषं पूजितं मया। क्षमस्व अपराधं मे करुणासागर प्रभो॥ शिवजी की आरतीॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥एकानन चतुरानन पञ्चानन राजे।हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजे॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे।त्रिगुण रूप निरखत त्रिभुवन जन मोहे॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥अक्षमाला वनमाला मुण्डमालाधारी।त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥श्वेताम्बर पीताम्बर बाघंबर अंगे।सनकादिक गरुड़ादिक भूतादिक संगे॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥कर के मध्य कमण्डल चक्र त्रिशूलधारी।जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।प्रणवाक्षर के मध्ये ये तीनों एका॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥पर्वत सोहैं पार्वती, शंकर कैलासा।भांग धतूरे का भोजन, भस्मी में वासा॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥जटा में गंग बहत है, गल मुण्डन माला।शेष नाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥काशी में विराजे विश्वनाथ, नन्दी ब्रह्मचारी।नित उठ दर्शन पावत, महिमा अति भारी॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥त्रिगुणस्वामी जी की आरति जो कोइ नर गावे।कहत शिवानन्द स्वामी, मनवान्छित फल पावे॥ॐ जय शिव ओंकारा॥ स्वामी ॐ जय शिव ओंकारा॥ Source link

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कन्या राशि वालों के लिए नया काम शुरु करने का है योग,...

Last Updated:June 27, 2026, 02:40 IST Aaj ka Kanya Rashifal 27 june 2026: आज परिवार के साथ आपका समय बेहद सुखद रहेगा. घर में शांति और खुशियों का वातावरण बना रहेगा. परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम और आपसी विश्वास बढ़ेगा. मन प्रसन्न रहेगा और पूरे दिन सकारात्मक सोच बनी रहेगी. किसी पुराने मित्र से अचानक मुलाकात होने की संभावना भी बन रही है, जिससे पुरानी यादें ताजा होंगी और मन को खुशी मिलेगी. रिश्तों में मधुरता आएगी और सामाजिक मेल-मिलाप बढ़ेगा. ख़बरें फटाफट परमजीत/देवघर: अगर आपकी राशि कन्या है तो आज यानी 27 जून का दिन कई मायनों में आपके लिए खास और शुभ रहने वाला है. ग्रह-नक्षत्रों की अनुकूल चाल, शुभ योग और चंद्रमा के राशि परिवर्तन का असर आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है. आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ-साथ परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा. देवघर के ज्योतिषाचार्य के अनुसार आज का दिन नए अवसर और शुभ समाचार लेकर आ सकता है. देवघर के ज्योतिषाचार्य पंडित नंद किशोर मुदगल ने लोकल 18 के संवाददाता से बातचीत करते हुए कहा कि ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार आज ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है. आज ज्येष्ठा नक्षत्र और शुभ योग का विशेष संयोग बन रहा है, जिसे ज्योतिष शास्त्र में काफी फलदायी माना गया है. चंद्रमा का वृश्चिक राशि में प्रवेश कन्या राशि के जातकों के लिए कई मामलों में लाभदायक संकेत दे रहा है. आज का दिन मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहेगा. लंबे समय से जिस काम को लेकर मन में चिंता थी, उसमें भी राहत मिलने की संभावना है. दिनभर आपके भीतर उत्साह बना रहेगा और हर कार्य पूरे मन से करने की इच्छा होगी. आज के दिन का शुभ और अशुभ समयआज सुबह 9 बजकर 8 मिनट से 10 बजकर 27 मिनट तक राहुकाल रहेगा. ज्योतिषाचार्यों की सलाह है कि इस दौरान किसी भी नए, शुभ या मांगलिक कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए. इसके बाद सुबह 10 बजकर 29 मिनट से दोपहर 12 बजकर 17 मिनट तक अमृत काल रहेगा. यह समय बेहद शुभ माना जाता है. यदि किसी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत करनी हो, निवेश करना हो या किसी नए निर्णय पर आगे बढ़ना हो, तो यह समय आपके लिए लाभदायक साबित हो सकता है. किसी पुराने मित्र से अचानक मुलाकात हो सकती हैआज परिवार के साथ आपका समय बेहद सुखद रहेगा. घर में शांति और खुशियों का वातावरण बना रहेगा. परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम और आपसी विश्वास बढ़ेगा. मन प्रसन्न रहेगा और पूरे दिन सकारात्मक सोच बनी रहेगी. किसी पुराने मित्र से अचानक मुलाकात होने की संभावना भी बन रही है, जिससे पुरानी यादें ताजा होंगी और मन को खुशी मिलेगी. रिश्तों में मधुरता आएगी और सामाजिक मेल-मिलाप बढ़ेगा. किसी धार्मिक या सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर भी मिल सकता है. किसी क्षेत्र में धन निवेश कर सकते हैंआर्थिक दृष्टि से भी आज का दिन अच्छा रहने वाला है. नौकरी करने वाले लोगों को अपने कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जिन्हें वे सफलता के साथ पूरा करेंगे. व्यापार से जुड़े लोगों को भी लाभ मिलने के संकेत हैं. यदि आप लंबे समय से किसी निवेश की योजना बना रहे हैं, तो आज का दिन उसके लिए अनुकूल माना जा सकता है. पैतृक संपत्ति से लाभ मिलने के भी योग बन रहे हैं. धन संबंधी मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा और भविष्य की योजनाओं पर काम करने का अवसर मिलेगा. दान पुण्य में रूचि बढ़ेगीआज आपका मन धार्मिक कार्यों और दान-पुण्य की ओर भी आकर्षित रहेगा. किसी मंदिर में पूजा-अर्चना करने या जरूरतमंद लोगों की सहायता करने का अवसर मिल सकता है. परिवार के साथ किसी रिश्तेदार के यहां धार्मिक आयोजन, जैसे माता के जागरण या अन्य मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है. वहां पर परिजनों और रिश्तेदारों से मुलाकात होगी, जिससे रिश्ते और मजबूत होंगे. वहीं संतान के भविष्य को लेकर भी आप गंभीर रहेंगे और उनकी शिक्षा तथा उज्ज्वल भविष्य के लिए धन निवेश करने का निर्णय ले सकते हैं. About the Author Rajneesh Singh जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Deoghar,Jharkhand Source link

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