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झारखंड

पुलिस थानों में सीसीटीवी के सत्यापन की जांच झालसा से कराई जा...

झारखंड हाईकोर्ट में गुरुवार को राज्य के सभी पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरा नहीं लगाए जाने के मामले में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने सुनवाई के दौरान सरायकेला-खरसावां के एसपी की ओर से दाखिल जवाब पर नाराजगी जताई। एसपी की ओर से बताया गया था कि संबंधित थाने में सीसीटीवी लगाने के लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। इस पर अदालत ने कहा कि यह जवाब संतोषजनक नहीं है। इस जवाब से स्पष्ट नहीं होता कि कोर्ट के आदेश का पालन कब तक होगा। सुनवाई के बाद अदालत ने डीजीपी से पूछा कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बाद भी थानों में सीसीटीवी कैमरा लगाने को गंभीरता से क्यों नहीं लिया जा रहा है। अदालत ने डीजीपी को 27 जून तक सभी पुलिस थानों की स्थिति पर विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने चेतावनी दी कि आदेशों की अनदेखी होने पर अवमानना की कार्रवाई की जा सकती है। जरूरत पड़ने पर पुलिस थानों में सीसीटीवी की वास्तविक स्थिति का सत्यापन झालसा और डालसा के माध्यम से भी कराया जा सकता है। Source link

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कोलकाता एयरपोर्ट पर TMC-BJP में बवाल! अभिषेक बनर्जी के पहुंचने से पहले...

होमवीडियोदेश कोलकाता एयरपोर्ट पर TMC-BJP में बवाल! अभिषेक बनर्जी के पहुंचने से पहले अंडेबाजी, धक्का-मुक्की X कोलकाता एयरपोर्ट पर TMC-BJP में बवाल! अभिषेक बनर्जी के पहुंचने से पहले अंडेबाजी, धक्का-मुक्की   कोलकाता एयरपोर्ट पर शुक्रवार को उस समय तनाव पैदा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) और बीजेपी समर्थकों के बीच झड़प हो गई. अभिषेक बनर्जी के दिल्ली से कोलकाता पहुंचने से पहले बड़ी संख्या में टीएमसी कार्यकर्ता उन्हें रिसीव करने एयरपोर्ट पहुंचे थे. आरोप है कि बीजेपी कार्यकर्ता भी विरोध प्रदर्शन की तैयारी के साथ वहां पहुंच गए. दोनों पक्ष आमने-सामने आए तो बहस शुरू हो गई, जो जल्द ही धक्का-मुक्की और हाथापाई में बदल गई. इस दौरान अंडे फेंके जाने की भी बात सामने आई. सुरक्षा कर्मियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया गया. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

झारखंड

संघ कार्यालय पर हमला मामले में तेज हुई एटीएस की जांच, पाकिस्तान...

Last Updated:June 19, 2026, 23:00 IST झारखंड की राजधानी रांची के निवारणपुर संघ कार्यालय पर हमला मामले में एटीएस की जांच तेज हो गई है. एटीएस की टीम ने लोहरदगा में दबिश दी है. आरोपियों के घर के साथ एक मोबाइल शॉप पर भी एटीएस की टीम पहुंची थी. दोनों आरोपी लोहरदगा के ही निवासी हैं. लोहरदगा की एक सिम से पाकिस्तान में मोबाइल ऑपरेट हो रहा था. एटीएस ने इस मामले में कई अहम जानकारी हासिल की है. रांची: झारखंड की राजधानी रांची के निवारणपुर संघ कार्यालय पर हमला मामले में एटीएस की जांच तेज हो गई है. एटीएस की टीम ने लोहरदगा में दबिश दी है. आरोपियों के घर के साथ एक मोबाइल शॉप पर भी एटीएस की टीम पहुंची थी. दोनों आरोपी लोहरदगा के ही निवासी हैं. लोहरदगा की एक सिम से पाकिस्तान में मोबाइल ऑपरेट हो रहा था. एटीएस ने इस मामले में कई अहम जानकारी हासिल की है. पेट्रोल बम से हमलाबता दें कि दो दिन पहले दिन पहले देर रात रांची के निवारणपुर स्थित RSS कार्यालय को निशाना बनाकर पेट्रोल बम फेंका गया था. घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी. पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की थी. जांच के दौरान कई अहम सुराग मिले और आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली. पुलिस इस पूरे मामले के पीछे की साजिश, हमले की योजना और आरोपियों के नेटवर्क की जांच कर रही है. आईए आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर इस हमले में अब तक क्या कुछ हुआ है. रांची के निवारणपुर स्थित RSS कार्यालय पर 16 जून की देर रात पेट्रोल बम से हमला किया गया था. इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था. पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. पुलिस के अनुसार, कुछ आरोपी कार से RSS कार्यालय के पास पहुंचे थे. उन्होंने पेट्रोल बम फेंका और वहां से फरार हो गए. घटना सीसीटीवी कैमरे में भी रिकॉर्ड हुई है. अब तक इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें एक आरोपी रांची का रहने वाला है, जबकि दो आरोपी लोहरदगा जिले के बताए जा रहे हैं. जांच में सामने आया है कि दो पेट्रोल बम तैयार किए गए थे. एक बम कार्यालय के गेट के बाहर मिला, जबकि दूसरा बम इमारत की छत पर फेंका गया था. पुलिस ने आरोपियों के पास से पेट्रोल बम बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा सामान (रॉ मटेरियल) बरामद किया है. पुलिस की शुरुआती जांच में यह मामला एक बड़ी साजिश से जुड़ा हुआ दिखाई दे रहा है. जांच एजेंसियां हमले के संभावित आतंकी कनेक्शन की भी पड़ताल कर रही हैं. जांच में पता चला है कि RSS कार्यालय को निशाना बनाने की योजना करीब दो महीने से बनाई जा रही थी. आरोपियों ने हमले की पूरी तैयारी पहले से कर रखी थी. पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने हमले का वीडियो बनाया था. बाद में यह वीडियो एक अन्य व्यक्ति को भी भेजा गया था. जांच में पता चला है कि एक आरोपी कुछ समय तक दुबई में रहा था. पुलिस को ऐसे डिजिटल सबूत मिले हैं जिनसे विदेशी हैंडलर्स से संपर्क होने की आशंका जताई जा रही है. पुलिस का दावा है कि आरोपियों को सोशल मीडिया के जरिए निर्देश मिल रहे थे. शुरुआती जांच में पाकिस्तान की ISI से जुड़े हैंडलर्स और शहजाद भट्टी मॉड्यूल से संपर्क की आशंका सामने आई है. हालांकि इसकी विस्तृत जांच अभी जारी है. पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन, चैट रिकॉर्ड, व्हाट्सएप और अन्य मैसेजिंग ऐप्स के डेटा को कब्जे में लिया है. डिजिटल फुटप्रिंट की जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है. आरोपियों के अन्य साथियों, फंडिंग और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है. जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा. About the Author Rajneesh Singh जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

झारखंड

SLP filed in Supreme Court withdrawn, orders issued to investigate the working...

झारखंड हाईकोर्ट में गुरुवार को गुमला से वर्ष 2018 से लापता हुई 6 वर्ष की बच्ची के मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान बच्ची का अब तक पता नहीं चलने और हाईकोर्ट के आदेश में संशोधन को लेकर सरकार की ओर से दाखिल हस्तक्षेप याचिका पर अदालत ने कड़ी नाराजगी . हाईकोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई को होगी 6 वर्षीया बच्ची लापता मामले में हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी, मुख्य व गृह सचिव समेत डीजीपी तलब इसके बाद सभी अधिकारी आनन-फानन में अदालत पहुंचे। सुनवाई के दौरान अदालत ने अधिकारियों से पूछा कि पूर्व आदेश में वर्ष 2018 से 2023 के बीच गुमला में पदस्थापित सभी एसपी की जांच पर संदेह जताते हुए उनकी कार्यशैली की जांच के निर्देश दिए गए थे, फिर उस आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देने की आवश्यकता क्यों पड़ी? इस पर मुख्य सचिव की ओर से अदालत को बताया गया कि राज्य सरकार द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) वापस ले ली गई है। मुख्य सचिव की ओर से कहा गया कि इस तरह की जांच से अधिकारियों का मनोबल प्रभावित होता है। यह सुनने के बाद अदालत ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि पुलिस अधिकारियों का दायित्व संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ काम करना है। किसी मामले की जांच में गंभीरता नहीं बरती जाएगी और पीड़ितों को न्याय नहीं मिलेगा तो अदालत मूकदर्शक नहीं बनी रहेगी। अदालत ने कहा कि न्याय की गुहार लगाने वाले व्यक्ति को न्याय मिले और न्यायिक प्रक्रिया का पालन कराना उस आदेश का उद्देश्य है। अदालत ने अपने पूर्व आदेश को बरकरार रखते हुए वर्ष 2018 से 2023 के बीच गुमला में पदस्थापित सभी एसपी की कार्यशैली और मामले की जांच के तौर- तरीके की जांच कराने का निर्देश दिया। इस दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि मामले की मुख्य आरोपी के नार्को टेस्ट की अनुमति निचली कोर्ट से मिल गई है। गुजरात में उसका नार्को टेस्ट होगा। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई को निर्धारित की है। राज्यकर्मियों के समान पेंशन पर बोला नगर निगम- हमारे पास पैसा ही नहीं हाईकोर्ट में गुरुवार को नगर निगम कर्मियों को बकाये एरियर का भुगतान करने को लेकर दाखिल अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने सुनवाई करते हुए निगम से पूछा कि सेवानिवृत कर्मियों के मामले में कोर्ट के आदेश का अनुपालन अब तक क्यों नहीं किया गया। इस पर निगम की ओर से बताया गया कि पैसे की कमी की वजह से अब तक आदेश का अनुपालन नहीं किया गया। इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि निगम की ओर से पूर्व में दाखिल किए शपथ पत्र में पेंशन और एरियर का भुगतान करने का जिक्र है, अब पैसे नहीं होने की बात कही जा रही है। दोनों में किस शपथपत्र को सही माना जाए। सिटी एंकर Source link

झारखंड

आईएसआई और टीटीएच से जुड़े तार:आरएसएस ऑफिस में पेट्रोल बम फेंकने वाले...

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला करने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें सैफ अंसारी, अमन अंसारी और सायम सुजान शामिल हैं। सैफ-अमन लोहरदगा के रहने वाले हैं, जबकि सायम सुजान का घर रांची के कर्बला चौक के पास है। पुलिस के अनुसार, घटना को अंजाम देने के बाद सैफ और अमन झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस से दिल्ली भाग रहे थे। टेक्निकल टीम की मदद से दोनों को बुधवार रात करीब 10 बजे कोडरमा जिले के गझंडी स्टेशन से गिरफ्तार किया गया। उनकी निशानदेही पर तीसरे आरोपी सायम सुजान को कर्बला चौक के पास से पकड़ा गया। गुरुवार को गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के लिए एनआईए की टीम सुबह कोतवाली थाना पहुंची। इसी दौरान सुबह करीब 11.30 बजे सैफ अंसारी ने शौचालय जाने की बात कही। मौका मिलते ही वह खिड़की के रास्ते फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी शुरू की और दोपहर करीब 2.20 बजे उसे मांडर टोल प्लाजा के पास पकड़ लिया। इसके बाद पूछताछ के लिए चामा पिकेट ले जाते समय लुकइया ढोढ़हा के समीप उसने चान्हो थाना प्रभारी टिंकू रजक की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें सैफ के पैर में गोली लगी। घायल सैफ को इलाज के लिए रिम्स में भर्ती कराया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार सैफ व अमन आईएसआई और टीटीएच से संपर्क में था। 50 हजार में तय हुआ था सौदा, वीडियो भेजने के बाद पैसे देने की हुई थी डील जांच एजेंसियों के समक्ष सैफ अंसारी ने बताया कि वह कुछ महीने पहले काम के सिलसिले में दुबई गया था। वहां उसकी मुलाकात टीटीएच के सदस्य राणा हुसैन और शाहबाज आलम उर्फ भट्ठी से हुई। सैफ के मुताबिक, संगठन से जुड़ने के बाद उसे बम बनाने और हमला करने का प्रशिक्षण दिया गया। -शेष पेज 7 पर दुबई में बैठे टीटीएच के सदस्य राणा हुसैन और शाहबाज ने दिया था टास्क आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने की साजिश दुबई में बैठे टीटीएच के सदस्य राणा हुसैन और शाहबाज आलम उर्फ भट्ठी ने रची थी। दोनों के निर्देश पर स्थानीय हैंडलर सैफ अपने सहयोगियों के साथ आरएसएस कार्यालय के पास पहुंचा था। हमला करने के बाद सैफ और अमन दिल्ली भागने की कोशिश कर रहे थे। खुलासा… झारखंड में दहशत फैलाना था उद्देश्य एनआईए अधिकारियों की पूछताछ में सैफ और अमन के आतंकी संगठन आईएसआई व टीटीएच (तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान) से जुड़े होने की पुष्टि हुई है। उनके मोबाइल से आतंकी संगठन से जुड़े होने के साक्ष्य मिले हैं। यह भी जानकारी मिली है कि दोनों ने संगठन के इशारे पर रांची समेत पूरे झारखंड में दहशत फैलाने के उद्देश्य से आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंका था। सायम सुजान उनकी मदद कर रहा था। आरोपियों ने पुलिस और एनआईए को कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी हैं। Source link

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आगरा की ‘जादुई’ स्पेशल कुल्हड़ लस्सी, दादा-पिता की विरासत को चमका रहे...

Last Updated:June 19, 2026, 22:16 IST Agra Mashoor Lassi: उत्तर प्रदेश का आगरा शहर सिर्फ ताजमहल के लिए ही नहीं, बल्कि अपने लाजवाब और अनूठे जायके के लिए भी दुनिया भर में मशहूर है. गर्मियों के इस सीजन में आगरा के बोदला चौराहे पर स्थित 30 साल पुरानी ‘दीपू की लस्सी दुकान’ लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई है. दादा और पिता की विरासत को संभाल रहे दो भाई आज भी 30 साल पुराने पारंपरिक स्वाद और शुद्धता के साथ ग्राहकों को लस्सी परोस रहे हैं. यहाँ मात्र 50 रुपये में मिलने वाली स्पेशल रबड़ी और ड्राई फ्रूट्स से भरपूर कुल्हड़ वाली लस्सी का क्रेज ऐसा है कि लोग दूर-दूर से खिंचे चले आते हैं. Lassi News: उत्तर प्रदेश के आगरा शहर को सिर्फ मोहब्बत की निशानी ताजमहल के लिए ही नहीं, बल्कि सुबह, दोपहर और शाम के नाश्ते का स्वाद और वैरायटी बिल्कुल अलग-अलग होती है. यही वजह है कि देश-विदेश से आगरा घूमने आने वाले पर्यटक यहां के स्थानीय खान-पान का लुत्फ उठाना कभी नहीं भूलते. इन दिनों गर्मियों के सीजन में आगरा की ‘स्पेशल कुल्हड़ वाली लस्सी’ की डिमांड सातवें आसमान पर है. वैसे तो लस्सी आपको आगरा के हर नुक्कड़ पर मिल जाएगी, लेकिन शहर में एक ऐसी प्राचीन दुकान है जो पिछले तीन दशकों से स्वाद का सम्राज्य चला रही है. इसे आगरा की सबसे भरोसेमंद और पुरानी लस्सी दुकानों में से एक माना जाता है. आगरा के बोदला चौराहे पर स्थित इस मशहूर दुकान के वर्तमान संचालक दीपू ने बताया कि वे पिछले करीब 30 वर्षों से इसी एक स्थान पर लगातार लस्सी बेच रहे हैं. यह उनके लिए सिर्फ एक व्यापार नहीं बल्कि पारिवारिक विरासत है. शुरुआत में उनके दादा और पिता दोनों मिलकर इस दुकान को चलाते थे. उनके जाने के बाद अब दीपू और उनके भाई ने इस पुश्तैनी दुकान की कमान पूरी निष्ठा के साथ संभाली हुई है. संचालक दीपू का क्या कहना है- ‘हमारे पास दूर-दराज के इलाकों और दूसरे शहरों से लोग लस्सी पीने आते हैं. इसकी एकमात्र खास वजह यह है कि हम क्वालिटी और शुद्धता से कभी कोई समझौता नहीं करते. जैसा शुद्ध स्वाद हमारे दादाजी के जमाने में 30 साल पहले मिलता था, वही शुद्धता और गाढ़ापन हम आज भी बरकरार रखे हुए हैं. हम लस्सी बनाने के लिए केवल पूरी तरह शुद्ध और एकदम ताज़ा दही का ही इस्तेमाल करते हैं.’ ₹50 के गिलास में मिलता है भरपूर माल दुकानदार दीपू ने अपनी दुकान के सफर को याद करते हुए बताया कि जब उनके दादाजी ने यह कार्य शुरू किया था, तब महकती हुई कुल्हड़ लस्सी महज 2 से 3 रुपये के मामूली दाम में मिला करती थी. धीरे-धीरे समय बदला और महंगाई के साथ आज इसकी कीमत 40 और 50 रुपये हो गई है. यहाँ बिना रबड़ी वाली सादा लस्सी की रेट ₹40 है, जबकि ग्राहकों की पहली पसंद ‘स्पेशल रबड़ी वाली लस्सी’ की कीमत मात्र ₹50 है. क्या है ₹50 वाली स्पेशल लस्सी का गणित? दीपू का दावा है कि उनकी एक गिलास स्पेशल लस्सी पीने के बाद इंसान पूरे दिन सूरज की तपती धूप में भी पूरी तरह एनर्जेटिक रहेगा और उसे कमजोरी या थकान का अहसास तक नहीं होगा. इस स्पेशल लस्सी को बेहद अनोखे अंदाज में तैयार किया जाता है- सबसे पहले शुद्ध ताज़ा दही को मथा जाता है. लस्सी के ऊपर दही की मोटी मलाई और लच्छेदार गाढ़ी रबड़ी डाली जाती है, जो इसका स्वाद दोगुना कर देती है. इसके बाद इसमें प्रचुर मात्रा में काजू, बादाम, पिस्ता, किशमिश और चिरौंजी जैसे बेहतरीन ड्राई फ्रूट्स डाले जाते हैं. स्वाद और रंगत को बढ़ाने के लिए ऊपर से लाल चेरी और खुशबूदार रूहअफजा का सिरप डाला जाता है. यहां का स्वाद चखने के बाद ग्राहक इतने खुश होते हैं कि वे न सिर्फ खुद पीते हैं बल्कि अपने परिवार के लिए भी पैक करवा कर ले जाते हैं. शुगर मरीजों का भी खास ख्याल आमतौर पर लोग लस्सी को सिर्फ गर्मियों का ड्रिंक मानते हैं, लेकिन बोदला चौराहे की यह 30 साल पुरानी दुकान साल के पूरे 12 महीने ग्राहकों के लिए खुली रहती है. दीपू ने बताया कि उनके कई ऐसे पक्के और शौकीन ग्राहक हैं जो कड़कड़ाती सर्दियों में भी लस्सी पीने के लिए विशेष रूप से आते हैं. हालांकि ठंड के दिनों में सीजन की तुलना में काम थोड़ा हल्का जरूर होता है, लेकिन दुकान कभी बंद नहीं होती. इस दुकान की लोकप्रियता की एक बड़ी वजह यह भी है कि यहां हर वर्ग के ग्राहक का ख्याल रखा जाता है. दीपू ने बताया कि आजकल कई लोग डायबिटीज (शुगर) की बीमारी से पीड़ित हैं. ऐसे ग्राहकों की सेहत का ध्यान रखते हुए वे उन्हें सामान्य चीनी वाली लस्सी नहीं देते, बल्कि उनके लिए बिना चीनी वाली स्पेशल ‘शुगर-फ्री लस्सी’ (Sugar-Free Lassi) तैयार करते हैं. इस खास ख्याल और बेमिसाल स्वाद की वजह से ही पिछले 30 वर्षों से दीपू की लस्सी का जादू पूरे आगरा और आसपास के क्षेत्रों में सिर चढ़कर बोल रहा है. About the Author Deep Raj DeepakSub-Editor Deep Raj Deepak working with News18 Hindi (hindi.news18.com/) Central Desk since 2022. He has strong command over national and international political news, current affairs and science and research-based news. …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Agra,Uttar Pradesh Source link

झारखंड

पलाश और अड़हुल फूल का कमाल, जमशेदपुर की बेटी ने मिट्टी ने...

Last Updated:June 19, 2026, 18:41 IST कुछ करीबी दोस्तों के साथ मिलकर सुनीता ने ‘Tribal & Craft’ की शुरुआत की. इस स्टार्टअप की सबसे खास बात यह है कि इसमें झारखंड की पारंपरिक कला और संस्कृति को आधुनिक डिजाइन के साथ जोड़ा गया है. यहां मिट्टी यानी क्ले से बनी खूबसूरत ज्वेलरी तैयार की जाती है, जिसमें झारखंड के प्रसिद्ध पलाश फूल, अड़हुल फूल और अन्य पारंपरिक प्रतीकों की झलक देखने को मिलती है. जमशेदपुर: झारखंड की संस्कृति, कला और परंपराओं को आधुनिक पहचान दिलाने का काम अब जमशेदपुर की बेटी सुनीता हेंब्रम कर रही हैं. अपनी रचनात्मक सोच और कला के प्रति जुनून के दम पर उन्होंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर ‘Tribal & Craft’ नामक एक स्टार्टअप की शुरुआत की है. यह स्टार्टअप न केवल स्थानीय कलाकारों को एक मंच प्रदान कर रहा है, बल्कि झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक डिजाइन के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का प्रयास भी कर रहा है. बचपन से रही कला और हस्तशिल्प में रुचिसुनीता हेंब्रम बताती हैं कि उन्हें बचपन से ही कला और हस्तशिल्प में विशेष रुचि रही है. स्कूल और कॉलेज के दिनों में भी वे विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती थीं. समय के साथ उन्होंने अपनी कला को और बेहतर बनाने के लिए कई कार्यशालाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और सेमिनारों में भाग लिया. इसी दौरान उन्हें ट्राइबल टैलेंट हंट जैसे मंचों से जुड़ने का अवसर मिला, जहां उनकी कलाकृतियों को लोगों ने खूब सराहा. लोगों की यही सराहना उनके लिए प्रेरणा बनी और उन्होंने अपनी कला को एक व्यवसायिक पहचान देने का फैसला किया. क्ले ज्वेलरी में दिखती है झारखंड की पहचानअपने कुछ करीबी दोस्तों के साथ मिलकर सुनीता ने ‘Tribal & Craft’ की शुरुआत की. इस स्टार्टअप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें झारखंड की पारंपरिक कला और संस्कृति को आधुनिक डिजाइन के साथ जोड़ा गया है. यहां मिट्टी यानी क्ले से आकर्षक और खूबसूरत ज्वेलरी तैयार की जाती है. इन आभूषणों में झारखंड के प्रसिद्ध पलाश, अड़हुल जैसे फूलों और स्थानीय सांस्कृतिक प्रतीकों की झलक देखने को मिलती है. इन उत्पादों को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि वे पारंपरिक पहचान को बनाए रखते हुए आधुनिक फैशन के साथ भी पूरी तरह मेल खाएं. यही वजह है कि युवाओं के बीच इनकी मांग लगातार बढ़ रही है. हस्तनिर्मित उत्पादों को मिल रही पहचानस्टार्टअप में केवल ज्वेलरी ही नहीं, बल्कि की-चेन, सजावटी वस्तुएं और कई अन्य हस्तशिल्प उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं. इन उत्पादों में झारखंड की प्रसिद्ध सोहराय पेंटिंग, जनजातीय कला और स्थानीय संस्कृति की सुंदर झलक दिखाई देती है. इसके अलावा क्रोशिया (Crochet) की बारीक कलाकारी से तैयार वस्तुएं भी लोगों को काफी पसंद आ रही हैं. हर उत्पाद पूरी तरह हस्तनिर्मित होता है, जिससे उसमें स्थानीय कला और कारीगरों की मेहनत साफ दिखाई देती है. यही विशेषता इन उत्पादों को बाजार में मिलने वाले सामान्य उत्पादों से अलग बनाती है. पेंटिंग्स में झलकती है झारखंड की संस्कृतिसुनीता और उनकी टीम केवल आभूषण और सजावटी सामान तक सीमित नहीं है. वे आकर्षक पेंटिंग्स भी तैयार कर रहे हैं, जिनमें झारखंड की प्रकृति, जनजातीय संस्कृति और लोकजीवन की खूबसूरत तस्वीर दिखाई देती है. ये पेंटिंग्स घरों, कार्यालयों और अन्य स्थानों की सजावट के लिए लोगों की पसंद बन रही हैं. साथ ही, उपहार के रूप में भी इनकी मांग बढ़ रही है. स्थानीय कला को मिल रहा नया मंच‘Tribal & Craft’ आज इस बात का उदाहरण बन चुका है कि यदि स्थानीय कला और संस्कृति को सही मंच तथा आधुनिक प्रस्तुति मिले तो वह वैश्विक पहचान हासिल कर सकती है. सुनीता हेंब्रम की यह पहल न केवल झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दे रही है, बल्कि स्थानीय कलाकारों और युवाओं को भी आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रही है. उनकी सफलता यह संदेश देती है कि प्रतिभा, मेहनत और नवाचार के बल पर स्थानीय कला को देश-दुनिया तक पहुंचाया जा सकता है. साथ ही, अपनी जड़ों से जुड़े रहकर भी रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं. About the Author Amita kishor न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand Source link

झारखंड

अलकतरा महंगा, बालू गायब:स्टॉक में बालू, रॉयल्टी चालान ने रोका शहर की...

राजधानी के विकास में अलकतरा की बढ़ती कीमत और बालू की किल्लत ने ग्रहण लगा दिया है। मानसून शुरू होने से पहले शहर के गली-मुहल्लों की सड़कों और नालियों का निर्माण किया जाना था, लेकिन कई स्थानों पर काम शुरू ही नहीं हुआ। क्योंकि एनजीटी की रोक के बाद रॉयल्टी चालान मिलना बंद हो गया, जिससे बालू नहीं मिल रहा है और काम अधूरे छोड़ दिए गए हैं। खान विभाग ने मानसून से पहले राज्य में 3 करोड़ सीएफटी बालू का स्टॉक रखने का दावा किया था, लेकिन सच्चाई यह है कि बालू नहीं मिलने की वजह से शहर के 53 वार्डों में 60 सड़कों और नालियों का काम ठप पड़ गया है। दूसरी ओर अलकतरा की बढ़ती कीमत ने कांट्रेक्टरों के होश उड़ा दिए हैं। क्योंकि मिडिल ईस्ट के तनाव की वजह से अलकतरा की कीमत में करीब 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो गई है। पहले 156 किलो के एक ड्रम अलकतरा की कीमत 10,500 रुपए थी, लेकिन अब 17 से 18 हजार रुपए में मिल रहा है। इसके बावजूद कांट्रेक्टर महंगा अलकतरा खरीद कर काम करने को विवश हैं। क्योंकि नगर निगम के इंजीनियर मानसून में काम बंद होने का हवाला देकर कांट्रेक्टरों पर दबाव बना रहे हैं। कांट्रेक्टर इस मामले की जानकारी नगर आयुक्त को देंगे। मुहल्लेवासियों को जर्जर सड़क-बदहाल नालियों से नहीं मिलेगी निजात हिंदपीढ़ी नाला रोड में सड़क के बीच में 2850 फीट लंबी नाली और दो गलियों में 2200-2200 फीट लंबी छोटी नाली का निर्माण चल रहा था। यहां 600 फीट लंबा पीसीसी रोड का भी निर्माण होना है। करीब 5 करोड़ रुपए की यह योजना है। पिछले वर्ष मानसून में बारिश की वजह से काम नहीं हुआ था। इसके बाद से अब तक मात्र 50 प्रतिशत नाली बनी है। अब बालू का रॉयल्टी चालान नहीं होने की वजह से ठेकेदार ने काम बंद कर दिया है। ऐसे में इस बार भी बारिश में नाला रोड के लोगों को भारी जलजमाव का सामना करना पड़ेगा। पीसीसी सड़क का टेंडर हुआ, काम शुरू नहीं वार्ड नंबर 34 में राजू महतो के घर तक पीसीसी सड़क का निर्माण होना है। करीब 11.82 लाख रुपए से सड़क बननी है। इसका टेंडर पिछले माह हो गया, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हुआ। जबकि 90 दिनों के अंदर काम किया जाना है। बालू की किल्लत से काम शुरू नहीं हुआ है। नामकुम के जोरार में इस वर्ष भी नहीं बनी नाली वार्ड नंबर 47 के नामकुम जोरार स्थित सांई नगर में नाली बनाने के लिए 23 मई को ही टेंडर किया गया है। करीब 21.73 लाख रुपए की लागत से आरसीसी ड्रेन और स्लैब बनना है। लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हुआ। इस क्षेत्र के लोग पिछले दो साल से जलजमाव से परेशान हैं। रॉयल्टी चालान अनिवार्य होने से फंसे ठेकेदार : सरकार ने निर्माण कार्यों से जुड़े कांट्रेक्टरों के लिए बालू, मिट्टी और गिट्टी के लिए रॉयल्टी चालान अनिवार्य कर दिया है। पहले चालान नहीं देने पर रॉयल्टी मद का पैसा पेनाल्टी के साथ काटकर ठेकेदारों को भुगतान किया जाता था। लेकिन अब चालान अनिवार्य होने से ठेकेदार फंस गए हैं। क्योंकि एनजीटी की रोक लगने के बाद बालू का चालान लेना मुश्किल हो गया है। गिट्टी का भी क्रशर संचालक चालान देने में दिक्कत करते हैं। बालू नहीं मिल रहा, चालान कहां से देंगे एनजीटी की रोक की वजह से बालू मिलना मुश्किल हो गया है। रॉयल्टी चालान भी नहीं मिल रहा है। ऐसे में निगम में ठेकेदारों का पेमेंट भी फंस रहा है। निर्माण सामग्री और चालान उपलब्ध होगा, तभी काम हो पाएगा। अन्यथा मानसून तक काम बंद करना ही होगा। – रणधीर सिंह, सचिव, नगर निगम संवेदक संघ बारिश से पहले काम में तेजी का निर्देश दिया है बारिश से पहले जो योजना अधूरी है, उसे हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया गया है। ठेकेदारों को अगर परेशानी आ रही है तो अधिकारियों को समन्वय स्थापित करके उनकी समस्याओं का समाधान भी करना चाहिए, ताकि विकास योजनाओं में तेजी आ सके। जल्द ही इसकी समीक्षा करूंगी। – रोशनी खलखो, मेयर Source link

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लौटने के लिए दी ट्रेन, पर परीक्षा देने रांची आने की व्यवस्था...

रांची से परीक्षा समाप्ति के बाद परीक्षार्थियों के लिए दो विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं, लेकिन परीक्षा देने के लिए रांची आने हेतु स्पेशल ट्रेनें नहीं चलाए जाने पर कुछ छात्रों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि आने के समय भी विशेष ट्रेनों की सुविधा मिलती तो यात्रा और अधिक सरल व सुविधाजनक होती। इस पर रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि रांची में आयोजित परीक्षा केंद्रों पर लगभग दस हजार परीक्षार्थी शामिल होंगे। चूंकि यह होम सेंटर है, इसलिए अधिकांश विद्यार्थी रांची और आसपास के क्षेत्रों से आते हैं। अन्य जिलों से आने वाले परीक्षार्थी आमतौर पर परीक्षा से एक-दो दिन पहले ही पहुंच जाते हैं, जिससे आने के समय भीड़ एक साथ नहीं होती। अधिकारियों के अनुसार वास्तविक भीड़ परीक्षा समाप्त होने के बाद उत्पन्न होती है, जब सभी परीक्षार्थी एक ही समय में अपने-अपने घर लौटना चाहते हैं। इसी स्थिति को देखते हुए नियमित ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ की संभावना रहती है। इसी समस्या के समाधान के लिए रेलवे ने परीक्षा समाप्ति के बाद विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा उपलब्ध कराई जा सके। रांची के 21 सेंटर्स में 10874 स्टूडेंट्स देंगे परीक्षा झारखंड के विभिन्न जिलों में सेंटर्स बनाए गए हैं। बोकारो, जमशेदपुर, रांची, हजारीबाग, चाइबासा, चतरा, देवघर, धनबाद, दुमका, गढ़वा, गिरीडीह, गोड्‌डा, गुमला, खूंटी, कोडरमा, लातेहार, लोहरदगा, पाकुड़, पलामू, रामगढ़, साहिबगंज और सिमडेगा में सेंटर्स हैं। सबसे ज्यादा 10874 विद्यार्थी रांची के सेंटर्स में परीक्षा देंगे, इसके बाद धनबाद में 4431, जमशेदपुर में 4322, हजारीबाग में 3212, बोकारो में 2886, पलामू में 1835, देवघर में 1530 और गिरिडीह में 1530 छात्र- छात्राएं परीक्षा में शामिल होंगे। एनटीए की अपील एनटीए ने छात्रों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों पर विश्वास न करें। एजेंसी ने कहा कि परीक्षा, रिजल्ट और अन्य जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट पर ही देखें। नीट परीक्षा से लौटने के लिए दो स्पेशल ट्रेन 21 जून को नीट का री-एग्जाम है। शहर में 21 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित होगी। नीट की परीक्षा को लेकर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए रेलवे ने भी तैयारी की है। रांची रेल मंडल की ओर से 21 जून को दो विशेष ट्रेन चलाई जाएगी। नीट परीक्षा के लिए पहली बार रांची रेल मंडल स्पेशल परीक्षार्थी ट्रेन का परिचालन कर रहा है। Source link

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अब कांग्रेस के अच्छे दिन आने वाले हैं, राहुल गांधी की लीडरशिप...

होमताजा खबरदेश ‘माहौल बदलने वाला है’, राहुल से मुलाकात के बाद थरूर का बड़ा राजनीतिक संकेत Last Updated:June 19, 2026, 21:28 IST शशि थरूर ने देश के अलग-अलग राज्यों में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस की मजबूत स्थिति का दावा किया है. उन्होंने सांगठनिक तैयारियों का जिक्र करते हुए कहा कि 10 वर्ष तक सत्ता से बाहर रहने के बाद आखिरकार कांग्रेस ने केरल में एक बड़ी जीत दर्ज की है जिससे कार्यकर्ताओं का मनोबल सातवें आसमान पर है. ख़बरें फटाफट शशि थरूर ने राहुल गांधी की तारीफ की. (फाइल फोटो) नई दिल्ली. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शुक्रवार को राहुल गांधी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि अब पार्टी के पक्ष में माहौल बदलने का समय आ गया है और ऐसा होकर रहेगा. थरूर कांग्रेस कार्यालय ‘24, अकबर रोड’ पहुंचकर राहुल गांधी से मिले और उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को उनके 56वें जन्मदिन पर पुष्पगुच्छ और एक पुस्तक भेंट की. थरूर ने गांधी से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं उन्हें हमारे देश में अधिक समावेशी लोकतंत्र के लिए संघर्ष का नेतृत्व करते रहने के लिए निरंतर संकल्प, धैर्य, दृढ़ निश्चय और शक्ति की शुभकामनाएं देने आया हूं. हमें एक मजबूत विपक्ष की जरूरत है और राहुल गांधी के नेतृत्व में हमें यह देखने को मिल रहा है, जिसकी आज आवश्यकता है.’ तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सदस्य ने कहा, “10 वर्ष तक सत्ता से बाहर रहने के बाद हमने केरल में चुनाव जीता है. अगले वर्ष पंजाब, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में चुनाव हैं. इन सभी राज्यों में हम मजबूती से मुकाबले में हैं और हमारी संभावनाएं भी अच्छी हैं. अब पार्टी के पक्ष में माहौल बदलने का समय आ गया है.” उन्होंने कहा, ‘मुझे विश्वास है कि ऐसा होकर रहेगा. मेरे विचार से उनके लिए जन्मदिन सबसे महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि उनकी राजनीतिक यात्रा अधिक महत्वपूर्ण है और यह यात्रा पूरे दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ती रहनी चाहिए.’ About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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