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उद्धव ठाकरे के बागी 6 सांसद गवाएंगे सांसदी? क्या है शरद यादव...

होमताजा खबरदेश शरद यादव केस क्या, जिसके आधार पर बागी सांसदों की सांसदी छीनेंगे उद्धव! Last Updated:June 18, 2026, 10:48 IST Shiv Sena UBT MPs Rebellion: उद्धव ठाकरे की शिवसेना के नौ में से छह सांसदों की तरफ से अलग गुट बनाए जाने के बाद पार्टी इनके खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी में है. शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत और अन्य भरोसमंद सांसद लोकसभा स्पीकर से मिलकर बागी सांसदों की सदस्यता समाप्त करने की अपील करेंगे. इस अपील में 2017 में जेडीयू की अपील पर शरद यादव और अली अनवर की राज्यसभा समाप्त करने के फैसले को आधार बनाएगी. आइए जानते हैं क्या था शरद यादव की राज्यसभा सदस्यता समाप्त करने का मामला. उद्धव ठाकरे की शिवसेना शरद यादव केस को आधार बनाकर बागी सांसदों की सदस्यता खत्म करवाने के प्रयास में है. नई दिल्ली: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के करीब 6-7 सांसदों के एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने की अटकलें जोरों पर है. इस बीच उद्धव ठाकरे की शिवसेना बागी सांसदों को अयोग्य ठहराने के भी प्रयास में जुट गई है. इसके लिए शरद यादव की राज्यसभा सदस्यता खत्म करने वाले केस को आधार बनाने के प्रयास में है. उधर, बुधवार को शिवसेना (यूबीटी) के नौ में से छह सांसदों ने अलग गुट बनाने की घोषणा कर दी. साथ ही कहा जा रहा है कि इस अलग गुट ने लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला से भी अंदर खाने मुलाकात कर ली है. बताया जा रहा है कि इस बागी गुट ने महाराष्ट्र उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे को पत्र सौंपकर विलय की अर्जी लगाई है. उद्धव ठाकरे के ये छह सांसद हुए बागी पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की पार्टी से बगावत करने वाले सांसदों में शिर्डी से सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे, आष्टीकर हिंगोली से सांसद नागेश पाटिल, मुंबई नॉर्थ-ईस्ट से सांसद संजय दीना पाटिल, परभणी से सांसद संजय हरिभाऊ जाधव, निंबालकर उस्मानाबाद से सांसद ओमप्रकाश राजे और यवतमाल से संजय देशमुख शामिल हैं. टूट को रोकने के प्रयास में उद्धव की सेना शिवसेना (UBT) में टूट को रोकने के लिए उद्धव ठाकरे ने अपने करीबी नेता और पार्टी के सांसद अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राज्यसभा सदस्य संजय राउत को मैदान में उतारा है. इन तीनों नेताओं ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से बुधवार को मुलाकात की. देसाई ने बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष को एक प्रतिवेदन सौंपकर उनसे शिवसेना (यूबीटी) से किसी भी गैरकानूनी दलबदल को रोकने का अनुरोध किया है. उन्होंने कहा, ‘कानून के तहत दो-तिहाई सांसदों का समर्थन होने पर भी कोई समूह सीधे किसी अन्य दल में विलय नहीं कर सकता. किसी समूह के पास जरूरी दो-तिहाई बहुमत होने पर केवल मूल राजनीतिक दल का विलय हो सकता है.’ देसाई ने कहा, ‘यह फैसला लोकसभा अध्यक्ष का होता है इसलिए अगर दो-तिहाई सांसदों के समर्थन का दावा करने वाला कोई समूह किसी अन्य दल में विलय के लिए उनके पास पहुंचता है तो नियमों के तहत उस समूह को मान्यता नहीं दी जा सकती क्योंकि प्रावधानों के अनुसार केवल मूल राजनीतिक दल का विलय हो सकता है. छह सांसद होने से भी कोई फर्क नहीं पड़ता.’ पार्टी में टूट रोकने के लिए इन कदमों पर विचार कर रही है उद्धव की सेना बताया जा रहा है कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना को लग रहा है कि वह अपनी पार्टी में टूट को नहीं रोक पाएंगे, इसलिए वह दूसरे विकल्प यानी बगावत करने वाले सांसदों को अयोग्य ठहराने का भी प्रयास करेंगे. इसके लिए उद्धव ठाकरे के करीबी नेताओं ने कुछ अंतिम प्रयास करने का फैसला लिया है जो इस प्रकार है-: शिवसेना (यूबीटी) के राज्य सभा सांसद संजय राउत के घर पर पार्टी की आधिकारिक पार्लियामेंट्री बोर्ड की मीटिंग बुलाई गई है. कहा जा रहा है कि इस मीटिंग से पहले संजय राउत अपने घर पर एक पार्टी के नेताओं के साथ एक प्राइवेट मीटिंग करेंगे जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी. बताया जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व इस मीटिंग के दौरान सांसदों का भरोसा और विश्वास पुख्ता करने के लिए वहां आने वाले सभी सांसदों से फॉर्मल एफिडेविट पर साइन करा सकती है. तय किया जा सकता है कि पार्टी के बुलावे पर भी मीटिंग में शामिल नहीं होने वाले सांसदों के खिलाफ क्या लीगल ऐक्शन लिया जाए. बताया जा रहा है कि उद्धव ठाकरे ने तय किया है कि वह अपने बागी सांसदों की सांसदी छीनने के लिए शरद यादव वाले फॉर्मूले की तरफ भी बढ़ सकते हैं. जेडीयू के खिलाफ बातें करने के चलते शरद यादव को मेंबरशिप एंटी-डिफेक्शन कानूनों के तहत राज्यसभा से अयोग्य ठहरा दिया गया था. पार्टी लोकसभा स्पीकर को एक फॉर्मल लेटर का ड्राफ्ट तैयार करने का प्लान बना रही है. इस लेटर के ज़रिए, पार्टी आधिकारिक रूप से सिफारिश करना चाहती है कि लोकसभा स्पीकर गैरहाजकर सांसदों की पार्लियामेंट्री मेंबरशिप डिसक्वालिफाई और कैंसल कर दें. ये सारे प्रयास कानून संगत हो इसलिए उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने मीटिंग में पार्टी के लीगल एडवाइजर को भी ऑनलाइन या ऑफलाइन शामिल रहने को कहा है. जेडीयू की अपील पर कैसे गई थी शरद यादव और अली अनवर की राज्यसभा सदस्यता? याद करा दें, साल 2017 के दिसंबर की बात है. जब जेडीयू की सिफारिश पर तत्कालीन उपराष्ट्रपति और राज्यसभा स्पीकर वेंकैया नायडू ने शरद यादव और अली अनवर की राज्यसभा सदस्यता समाप्त कर दी थी. दरअसल, 2014 के लोकसभा चुनाव में नीतीश कुमार ने बीजेपी से अलग अकेले चुनाव में उतरने का फैसला किया था. चुनाव में जेडीयू को करारी हार मिली थी, उनकी पार्टी के केवल दो सांसद जीते थे. इसके बाद नीतीश कुमार ने आत्मग्लानि स्वीकारते हुए मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ दी थी. 2015 के विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार ने सबको चौंकाते हुए अपने धुर विरोधी लालू प्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी और कांग्रेस के साथ महागठबंधन बनाकर चुनाव लड़ा. महागठबंधन को बिहार की जनता ने प्रचंड बहुमत दिया. नई सरकार में उपमुख्यमंत्री की कुर्सी संभाल रहे तेजस्वी यादव का नाम पुराने भ्रष्टाचार के मामले में सामने आया. इसके बाद करीब डेढ़ साल सरकार चलाने के बाद 6 जुलाई 2017 को नीतीश कुमार महागठबंधन से अलग हो गए और दोबारा बीजेपी के साथ सरकार

झारखंड

गोद में बच्ची लेकर देखती थी मरीज…रांची में आज 3 क्लीनिक चलाने...

Last Updated:June 18, 2026, 10:42 IST Ranchi Doctor Nikita’s Motivational Story: रांची की डेंटिस्ट डॉ. निकिता उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा हैं, जो समाज के ताने सुन अपने कदम पीछे कर लेती हैं. निकिता ने इतनी आर्थिक तंगी झेली, समाज की बातें सुनी लेकिन कदम पीछे नहीं किए. एक समय था जब वे बच्ची के साथ क्लीनिक जाती थीं और आज उनके पास घर, गाड़ी सब है और वह भी अपने पैसे से कमाया हुआ. ख़बरें फटाफट रांची. झारखंड की राजधानी रांची की डॉक्टर निकिता पेशे से डेंटिस्ट हैं. उन्होंने बताया, ‘पढ़ाई के तुरंत बाद ही शादी हो गई थी और फिर बच्चे भी. लेकिन जिंदगी में मुश्किलों ने कम होने का नाम नहीं लिया. कई सारी चीजों का सामना करना पड़ा, आर्थिक तंगी से लेकर मानसिक दबाव, हर एक चीज. लेकिन मैंने हार नहीं मानी और आज एक सफल डेंटिस्ट के तौर पर जानी जाती हूं. आर्थिक तंगी ऐसी थी कि बच्चों के भविष्य और उनके दूध के लिए भी मुझे सोचना पड़ता था. ऐसे में मैंने 1 साल की बेटी को गोद में उठाकर क्लीनिक में काम करना शुरू कर दिया. कई-कई रात तो नींद नहीं आती थी, इतनी सारी चुनौती थी. लेकिन मैंने भी हार नहीं मानी. एक हाथ में बच्चा तो एक हाथ से मरीजों को देखना, मैंने दोनों चीजों को बैलेंस किया. और आज रांची में तीन जगह बूटी मोड, लालपुर और हनुमान नगर में तीन क्लीनिक चलती हैं.’ सोसाइटी का डर हमेशा रहतानिकिता ने बताया, ‘प्रताड़ना झेलना कोई मेरा शौक नहीं था. लेकिन महिलाओं के लिए समाज एक बहुत बड़ी चुनौती बन जाता है. क्योंकि, आप भले सही क्यों न हों लेकिन समाज अधिकतर लड़कियों को ही गलत ठहराता है. अगर मैं मायके जाऊं तो समाज कहेगा, इसी में कोई दोष है. मैं तो सुनूंगी, साथ में परिवार वाले भी सुनते हैं. लेकिन आखिर आप कब तक बर्दाश्त करेंगे, हर चीज की एक सीमा होती है. आपके लिए कोई स्टैंड लेने वाला नहीं होता. आपको अपने लिए स्टैंड लेना होगा और यही मैंने भी किया. क्योंकि, मेरे आगे मेरी दो बच्चियों का भविष्य था. मैं एक-एक पैसे के लिए तरसी हूं. दिमागी रूप से भी काफी प्रताड़ना झेली है. कई बार तो जिंदगी भी बोझ लगने लगती थी. लेकिन जब दोनों बच्चियों को देखती थी, तो फिर से हौसला आ जाता था. मेरी बेटियां भी आज मुझ पर गर्व करती हैं.’ दो बेटियों के लिए भी सुनने पड़े ताने‘मुझे अपनी दो बेटियों के लिए भी समाज का ताना झेलना पड़ा कि मैंने बेटा पैदा नहीं किया. लेकिन इन सब चीजों पर ध्यान नहीं दिया और सिर्फ और सिर्फ अपने काम पर फोकस किया. और आज आलम यह है कि अपना फ्लैट और अपनी गाड़ी, आज हर एक चीज है और सिंगल मदर होकर अपनी दोनों बेटियों को अच्छी शिक्षा दे रही हूं और अन्य महिलाओं से भी कहती हूं कि अपने लिए आवाज उठाएं, गलत को गलत कहें. उस समय थोड़ी तकलीफ तो होगी. लेकिन इससे आपका फ्यूचर सुरक्षित होगा.’ About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

झारखंड

अस्पताल ने परिजनों को थमाया 12 लाख का बिल, आरोप- विरोध करने...

कोकर चौक स्थित सैमफोर्ड हॉस्पिटल में बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। पूरा मामला मरीज के बिल से जुड़ा है। मरीज सरोज देवी के परिजनों का आरोप है कि हॉस्पिटल प्रबंधन की ओर से सिर्फ 7 दिन का 12 लाख रुपए का भारी भरकम बिल दिया गया। इस बारे में अस्पताल प्रबंधन से पूछने पर उनके बाउंसरों ने महिलाओं के साथ मारपीट की गई। इस बाबत सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। प्राथमिकी में मारपीट, छेड़खानी, घसीटने जैसे आरोप हैं। समाजसेविका अमिशा ने बताया कि इसकी शिकायत एसटीएसी थाने में भी की जाएगी। इधर, गंभीर मरीज को उनके परिजन देर रात रिम्स ले गए। इस सबंध में सदर थानेदार कुलदीप ने बताया कि पुलिस केस दर्ज कर जांच कर रही है। सरोज देवी (55) के पति इंद्रनाथ महतो ने बताया कि उननी पत्नी को डायबिटीज है, कमजोरी लगने की शिकायत के बाद उन्हें गांधी नगर हॉस्पिटल भर्ती कराया गया था। जहां से पांच जून को बिना उनकी सहमति के उनकी पत्नी को एंबुलेंस में बैठाकर सैमफोर्ड ले आया गया। जब यहां आए तो इतना भव्य हॉस्पिटल देखकर घबरा गए। किसी तरह पत्नी को एडमिट कराए। हॉस्पिटल में भर्ती कराने के बाद पत्नी की हालत और बिगड़ने लगी। 10 दिन तक मरीज को एडमिट रखा गया। अस्पताल प्रबंधन पहले भी करीब ढाई लाख रुपए का बिल दिया था। इसके बाद 12 लाख रुपए का बिल पकड़ा दिया गया। इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई भी अधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। हालांकि, थाने में प्रबंधन द्वारा दिए गए आवेदन में आरोप है िक कुछ लोगों द्वारा आईसीयूओ हंगामा किया जा रहा था, इसका िवरोध करने पर वे लोग हंगामा करने गए। Source link

शिक्षा

Coimbatore NEET Suicide | Anukirthana Student Fear Exam

Hindi News National Coimbatore NEET Suicide | Anukirthana Student Fear Exam | Minister Resignation Demand कोयंबटूर12 मिनट पहले कॉपी लिंक अनुकीर्तना कोवईपुदुर के पार्क टाउन की रहने वाली थी। परिवार में उनकी दो बेटियां हैं और अनुकीर्तना बड़ी बेटी थी। तमिलनाडु के कोयंबटूर में NEET की तैयारी कर रही 19 साल की अनुकीर्तना ने बुधवार को सुसाइड कर लिया। सुसाइड से पहले उसने अपने रिश्तेदारों को व्हाट्सऐप पर लिखा कि मुझे दोबारा परीक्षा देने से डर लग रहा है। मेरे पिता ने मुझ पर बहुत पैसा खर्च किया है। मैं उनका सामना कैसे कर पाऊंगी। उसने आगे लिखा कि मैं मेडिकल कॉलेज में दाखिले का इंतजार कर रही थी, लेकिन परीक्षा रद्द हो गई। अनुकीर्तना कोवईपुदुर के पार्क टाउन की रहने वाली थी। उसके पिता ट्रेड यूनियन के जिला सचिव हैं। परिवार में उनकी दो बेटियां हैं और अनुकीर्तना बड़ी बेटी थी। परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद अनुकीर्तना का शव लेने से इनकार किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। बाद में अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद बुधवार रात उन्होंने शव स्वीकार कर लिया। मेडिकल कॉलेज मिलने की उम्मीद थी परिजनों के मुताबिक, वह मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिलने की उम्मीद कर रही थी। लेकिन पेपर लिक के बाद जब 21 जून को दोबारा एगजाम कराने की घोषणा की गई तो वह बेहद परेशान गई। अनुकीर्तना ने एट्टीमडई के एक निजी स्कूल से 12वीं की पढ़ाई अच्छे अंकों के साथ पूरी की थी। डॉक्टर बनने के लिए उसने शहर के एक NEET कोचिंग सेंटर में एडमिशन लिया था। इसी बीच, CPM की जिला समिति के सदस्यों ने ESI अस्पताल परिसर में NEET के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि छात्रा ने NEET पास कर BDS सीट हासिल कर ली थी, लेकिन वह MBBS सीट के लिए तैयारी कर रही थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर छात्रा का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और घटना की जांच शुरू कर दी है। 16 जून को देहरादून की रिया ने भी सुसाइड किया देहरादून की रिया कुमारी थापा पढ़ाई में काफी होशियार थी। वह दो बार नीट की परीक्षा दे चुकी थी। लेकिन, इस बार नीट की परीक्षा को लेकर पिछले काफी समय से परेशान थी। आसपास के लोगों का कहना है कि पढ़ाई के प्रति उसकी लगन देखकर यकीन ही नहीं हो रहा है कि वह ऐसा कर सकती है। खुद ट्यूशन पढ़ाकर उठाती थी पढ़ाई का खर्च 16 जून को देहरादून की रिया का शब भी उनके घर में मिला था। रिया NEET की तैयारी कर रही थीं और पढ़ाई करने के साथ-साथ बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर अपनी परीक्षा फीस और किताबों का खर्च खुद उठाती थी। मंगलवार को रिया के कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो उसकी मां ने दरवाजा खटखटाया। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला तो उन्होंने पिता को बुलाया। पिता ने दरवाजा खोला तो अंदर रिया फांसी के फंदे पर लटकी मिली। रिया के पिता कारगिल युद्ध के दौरान जंग लड़ चुके हैं। वहीं, उसकी मां हाउसवाइफ हैं। पुलिस को कमरे से सुसाइड नोट मिला, जिसमें उसने पढ़ाई में सफलता ना मिलने का जिक्र किया है। परिचितों ने बताया कि रिया देर रात तक पढ़ाई करती थी। रिया ने 12वीं की परीक्षा में 97.6 % अंक हासिल कर कॉलेज टॉप किया था। अगले साल से CBT मोड में हो सकती है परीक्षा केंद्र सरकार और NTA परीक्षा प्रक्रिया को फूलप्रूफ बनाने पर काम कर रहे हैं। अधिकारियों ने संकेत दिए कि अगले साल से NEET-UG परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में कराई जा सकती है, ताकि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोका जा सके। कॉकरोच जनता पार्टी भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही देश भर में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी है। इसी मामले में हाल ही में सोशल मीडिया से शुरू हुआ संगठन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) देश के अलग-अलग राज्यों में प्रधान के इस्तीफे के लिए मांग कर रहा है। देश के अलग-अलग राज्यों में CJP का प्रदर्शन… 06 जून 2026, नई दिल्ली- प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के लिए सरकार को 7 दिन का अल्टीमेटम दिया। 11 जून 2026, पुणे- सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी में डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा के सामने विरोध प्रदर्शन किया गया। 13 जून 2026, अमृतसर- पंजाब के अमृतसर में प्रदर्शन हुआ। 14 जून 2026, हैदराबाद और बेंगलुरु- दक्षिण भारत में एक ही दिन दो बड़े प्रदर्शन हुए। 15 जून 2026, जयपुर- गवर्नमेंट हॉस्टल के शहीद स्मारक पर प्रदर्शन हुआ। ———————————– ये खबर भी पढ़ें… मैं बहुत दूर जा रहा हूं, कहां पता नहीं:RE-NEET देने वाले 2 छात्रों का सुसाइड, पेपर लीक के चलते 21 जून को दोबारा होगी परीक्षा 21 जून को नीट का एग्जाम है। जहां एक तरफ स्टूडेंट्स नीट की तैयारी में जुटे वहीं दूसरी तरफ नीट कैंडिडेट्स की सुसाइड की खबरे भी सामने आ रही हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

झारखंड

सीआरसी रांची का स्थापना दिवस मना, बच्चों ने प्रतिभा दिखाई

समेकित क्षेत्रीय कौशल विकास, पुनर्वास एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण केंद्र (सीआरसी), रांची का 6वां स्थापना दिवस बुधवार को नामकुम स्थित संस्थान परिसर में उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के अवर सचिव अभय नंदन अंबष्ट मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, वहीं एलिम्को के अनुपम प्रकाश व तरुण कुमार विशिष्ट अतिथि रहे। अभय नंदन अंबष्ट ने दिव्यांगजनों के पुनर्वास, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में सीआरसी रांची के कार्यों की सराहना की। समारोह में संस्थान के छात्र-छात्राओं और दिव्यांग लाभार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रतिभा दिखाई। Source link

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तीन राज्‍यों के बराबर अकेले बिजली खपत कर रहे यूपी वाले, एक...

Last Updated:June 18, 2026, 09:49 IST UP Electricity Supply : यूपी ने 17 जून का बिजली सप्‍लाई का रिकॉर्ड बना दिया, जब प्रदेश में तीन राज्‍यों के बराबर बिजली की खपत की गई. यूपीपीसीएल ने बताया कि आंधी और तमाम मौसम संबंधी चुनौतियों के बावजूद प्रदेश में करीब 31 हजार मेगावाट की बिजली सप्‍लाई की गई है. यूपी में बिजली की खपत रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच चुकी है. नई दिल्‍ली. देशभर में भीषण गर्मी का प्रकोप चल रहा है, खासकर उत्‍तर भारत में तो लू के थपेड़ों ने कई इलाकों को भट्टी बना दिया है. यही वजह है कि यूपी जैसे बड़े राज्‍यों में बिजली की खपत लगातार बढ़ती जा रही है. 17 जून को यूपी में बिजली खपत और सप्‍लाई का नया रिकॉर्ड बन गया, जब प्रदेश में तीन राज्‍यों के कुल खपत जितनी बिजली की सप्‍लाई की गई. उत्तर प्रदेश की बिजली वितरण कंपनी यूपीपीसीएल ने बताया कि राज्य में बिजली की मांग 30,760 मेगावाट के नए रिकॉर्ड पर पहुंच गई है. बावजूद इसके पूरे राज्य में बिना रुके बिजली सप्लाई जारी है. यूपीपीसीएल के मुताबिक, मंगलवार को लगातार तीसरे दिन बिजली की मांग सबसे ज्यादा रही. 15 जून को 29,579 मेगावाट और 14 जून को 29,571 मेगावाट बिजली सप्लाई की गई. इतनी ज्यादा मांग के बावजूद राज्य में कहीं भी बड़ी बिजली संकट की स्थिति नहीं बनी. मांग के हिसाब से बिजली सप्लाई के मामले में यूपी ने तमिलनाडु, पंजाब और कर्नाटक जैसे कई राज्यों को एकसाथ पीछे छोड़ दिया है. लगातार रिकॉर्ड स्तर की बिजली सप्लाई राज्य सरकार की ऊर्जा क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने की कोशिशों को दिखाती है. शहर और गांव हर जगह सप्‍लाईसरकार ने अधिकारियों को तय शेड्यूल के हिसाब से लोगों को बिना रुके बिजली सप्‍लाई के निर्देश दिए हैं. इसके चलते शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में बिजली की स्थिति पहले से काफी बेहतर हुई है. यूपीपीसीएल ने बताया कि बिजली कर्मचारी तेज गर्मी, तेज हवा और बारिश के बावजूद लगातार काम कर रहे हैं. वरिष्ठ अधिकारी सबस्टेशन और पावर हाउस का निरीक्षण कर रहे हैं. यूपीपीसीएल के निदेशक (वितरण) ज्ञानेंद्र धर द्विवेदी ने बताया कि राज्य लगातार बिजली की मांग पूरी कर रहा है और पूरी यूपीपीसीएल टीम दिन-रात काम कर रही है. यूपी में कहां से होता है बिजली उत्‍पादनयूपी में कई थर्मल पावर प्‍लांट हैं, जहां बिजली का उत्‍पादन होता है. इसमें उत्‍तर प्रदेश राज्‍य विद्युत उत्‍पादन निगम लिमिटेड की ओर से चलाए जा रहे अनपरा, ओबरा, पारीछा और हरदुआगंज के पावर प्‍लांट प्रमुख है, जहां से बिजली का उत्‍पादन किया जाता है. इसके अलावा एनटीपीसी भी यूपी की बड़ी मांग को पूरा करती है. एनटीपीसी के प्रदेश में रिहंद बांध, ऊंचाहार और सिंगरौली में प्‍लांट लगा हुआ है. इसके अलावा कानपुर के घाटमपुर में लेटेस्‍ट तकनीक वाला पावर प्‍लांट लगाया गया है. यूपी में कितनी बिजली का उत्‍पादनयूपी में मई के आंकड़े देखें तो करीब 10 हजार मेगावाट बिजली का उत्‍पादन हुआ है. यूनिट के हिसाब से देखा जाए तो यह करीब 1 करोड़ यूनिट रोजाना बैठता है. हालांकि, सप्‍लाई के लिहाज से देखा जाए तो 17 जून को यूपी में करीब 3,07,60000 यूनिट बिजली की खपत हुई है, रोजाना उत्‍पादन क्षमता से करीब तीन गुना ज्‍यादा है. इस आपूर्ति को पूरा करने के लिए राज्‍य के डिस्‍कॉम को बाहर से बिजली खरीदनी पड़ती है. About the Author Pramod Kumar Tiwari प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

झारखंड

एक ही खेत में मछली, मुर्गी, बकरी पालन और बीसियों तरह की...

होमताजा खबरकृषि एक ही खेत में मछली, मुर्गी, बकरी पालन और बीसियों तरह की सब्जियों की खेती Last Updated:June 18, 2026, 08:58 IST Jharkhand Integrated Farming Model: झारखंड पशुपालन विभाग ने इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल तैयार किया है. इसके तहत जिनके पास एक एकड़ जमीन है वे पशु पालन से लेकर एक साथ तमाम तरह की सब्जियां उगा सकते हैं. इसके अलावा किसानों को ड्रिप इरिगेशन, सोलर पंप वगैरह सब 90 परसेंट सब्सिडी पर मिलेगा. ख़बरें फटाफट रांची. झारखंड पशुपालन विभाग की तरफ से एक मॉडल तैयार किया गया है. इस मॉडल के तहत जिनके पास कम से कम एक एकड़ जमीन है, वे इस मॉडल को अपना सकते हैं. इसमें बकरी, मुर्गी, बत्तख, मछली पालन, साथ में बैंगन, टमाटर, आलू, मशरूम, अमरूद जैसी चीजों की खेती कर सकते हैं. इसके लिए अलग-अलग ब्लॉक बनेंगे और खास बात यह है कि खेत में सोलर पंप भी लगेगा. इससे किसानों को बिजली बिल भी नहीं भरना पड़ेगा और इसी से वे सिंचाई भी कर लेंगे. ड्रिप इरिगेशन के जरिए पानी की खपत कम होगी और पशुओं का जितना भी वेस्ट होगा, वह सब खेत में खाद का काम करेगा. कृषि पदाधिकारी ओपी गुप्ता बताते हैं कि इसे इंटीग्रेटेड फार्मिंग भी कहते हैं और इसमें किसानों को कभी भी एक चीज पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. उनके पास विकल्पों की कमी नहीं रहेगी. आम से लेकर अमरूद तक के पेड़इसमें किसानों को आम से लेकर अमरूद तक के पेड़ देखने को मिलेंगे. खेत के किनारे-किनारे इस तरह के फलदार पेड़ लगाए जा सकते हैं. कटहल का पेड़, पपीता, इन सारी चीजों की बाजार में काफी अच्छी डिमांड होती है. इसके अलावा ड्रिप इरिगेशन की मशीन उनके खेत में लगा दी जाएगी और इन सब पर उनको सब्सिडी भी मिलेगी. 90 प्रतिशत तक सब्सिडी के बाद यह मात्र 6,000 रुपये में मिल जाएगा. पानी पटाने के लिए मोटरइसके साथ ही मोटर भी चलाएंगे पानी पटाने के लिए. इसमें भी सोलर पैनल के जरिए बिजली की खपत होगी. ऐसे में सिंचाई को लेकर उनकी जो बहुत बड़ी टेंशन होती है, वह भी खत्म होगा. इस मॉडल में खेत में अलग-अलग क्यारियां होती हैं. एक क्यारी में टमाटर लगेगा, तो एक में बैंगन, एक में भिंडी, तो एक में आलू. इस तरीके से अलग-अलग चीजें एक ही जगह करने से उनके पास वैरायटी की कमी नहीं रहेगी और बाजार में जिस तरह की भी डिमांड होगी, उसकी पूर्ति वे कर पाएंगे. इसके लिए ले सकते हैं किसान ट्रेनिंगइसके लिए इच्छुक किसान ट्रेनिंग भी ले सकते हैं, जो बिल्कुल निशुल्क होती है. यह चार दिनों की ट्रेनिंग है, जो आप अपने नजदीकी कृषि विभाग में जाकर कर सकते हैं. यहां पर आपको इंटीग्रेटेड फार्मिंग की एबीसीडी बतायी जाएगी. इतना ही नहीं, वहीं से आपको सोलर पैनल, ड्रिप इरिगेशन व बीज जैसी चीजों पर 90 प्रतिशत तक सब्सिडी भी मिलेगी. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

झारखंड

सदर अस्पताल के बेसमेंट में गंदगी का अंबार:हाई रिस्क एरिया में हर...

राजधानी के सदर अस्पताल में साफ-सफाई और मेंटेनेंस के नाम पर हर माह करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। सफाई एजेंसी जी अलर्ट को अस्पताल के इनडोर से आउटडोर तक रोजाना तीन बार सफाई करनी है। हाई रिस्क एरिया में एक से दो घंटे के अंतराल पर सफाई की शर्त है, लेकिन एजेंसी तीन से चार घंटे के बाद सफाई कर रही है। इनडोर में टॉयलेट से लेकर वार्डों में भी पर्याप्त कर्मचारी कार्यरत नहीं हैं। इस वजह से मरीजों और परिजनों सहित डॉक्टर -नर्स को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जबकि, एजेंसी को इनडोर में प्रति वर्गफीट दो रुपए और आउटडोर में प्रति वर्गफीट 50 पैसे की दर से भुगतान किया जा रहा है। दैनिक भास्कर ने सदर अस्पताल व एजेंसी के एग्रीमेंट की शर्तों की पड़ताल की तो पता चला सफाई एजेंसी निर्धारित मानव बल तक उपलब्ध नहीं करा रही है। टेंडर की शर्तों के अनुसार, 850 बेड वाले अस्पताल में तीनों शिफ्टों को मिलाकर करीब 350 सफाईकर्मियों की आवश्यकता है। लेकिन वर्तमान में एजेंसी के पास करीब 200 कर्मी ही कार्यरत हैं। सबसे खराब स्थिति अस्पताल के बेसमेंट की है। यहां कई माह से सफाई नहीं हुई। अस्पताल परिसर में फैली गंदगी मरीजों को संक्रमित कर सकती है। पांच बेड पर एक सफाईकर्मी होना चाहिए, 12 बेड पर एक कर्मी है शिफ्ट में कितना मैनपावर हर शिफ्ट में तय संख्या से कम सफाईकर्मी लगाए गए हैं टेंडर शर्तों के अनुसार – पहली शिफ्ट में प्रत्येक 5 बेड पर 1 स्टाफ, दूसरी शिफ्ट पहली शिफ्ट में नियुक्त कुल स्टाफ का 75% और तीसरी शिफ्ट पहली शिफ्ट में नियुक्त कुल स्टाफ का 50% मानव बल होना चाहिए। इस हिसाब से 850 बेडेड सदर अस्पताल में करीब 350 सफाई कर्मी होने चाहिए। हकीकत : वर्तमान में एजेंसी द्वारा करीब 190 से 200 कर्मी कार्यरत हैं। पहली शिफ्ट में 12-13 बेड पर एक स्टाफ कार्यरत हैं। इसी तरह दूसरी व तीसरी शिफ्ट में भी संख्या कम है। एजेंसी सदर अस्पताल में प्रतिदिन तीन शिफ्टों में 33.69 लाख वर्गफीट की सफाई कर रही है। इसके बदले प्रति माह करीब 70 लाख रुपए भुगतान किया जा रहा है। टेंडर की शर्त और पालन की हकीकत Source link

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रांची से कई उड़ानों में कटौती:1 जुलाई से इंडिगो की रांची-कोलकाता सेवा...

रांची एयरपोर्ट से एक जुलाई से कई रूटों पर उड़ानों की संख्या घट जाएगी। इंडिगो की कोलकाता फ्लाइट, दोपहर दो बजे कोलकाता से रांची पहुंचती थी और 3:30 बजे वापस कोलकाता जाती थी, उसकी बुकिंग एक जुलाई से बंद हो गई है। वहीं, एयर इंडिया ने दिल्ली रूट पर अपनी एक उड़ान सेवा बंद कर दी है। शाम में संचालित होने वाली यह उड़ान भी एक जुलाई से नहीं चलेगी। इसके अलावा इंडिगो ने देवघर-दिल्ली रूट पर शाम की एक उड़ान सेवा भी बंद कर दी है। लगातार हो रही इन कटौतियों से यात्रियों के लिए उपलब्ध उड़ानों की संख्या कम हो जाएगी। -शेष पेज 9 पर वजह: एयरक्राफ्ट की कमी इंडिगो के एक अधिकारी के अनुसार कंपनी के पास फिलहाल विमानों की उपलब्धता सीमित है, जबकि देशभर में हवाई यात्रा की मांग लगातार बढ़ रही है। वहीं कुछ रूटों पर यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम है। ऐसे में उपलब्ध विमानों का उपयोग मांग के अनुसार किया जा रहा है। अधिक मांग वाले रूटों को प्राथमिकता देने की रणनीति के तहत कुछ मार्गों पर उड़ानों में कटौती की गई है। Source link

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Uddhav Thackeray Shiv Sena Crisis LIVE | Shiv Sena UBT Meeting Today...

Last Updated:June 18, 2026, 08:43 IST Uddhav Thackery Shiv Sena Crisis LIVE: उद्धव ठाकरे की शिवसेना एक और टूट के कगार पर पहुंच गई है. बताया जा रहा है कि 9 में से 6-7 सांसद पार्टी से अलग हो सकते हैं. इन सभी के ए‍कनाथ शिंदे के खेमे में जाने की संभावन…और पढ़ें उद्धव ठाकरे की शिवसेना एक और टूट के कगार पर है, वहीं पार्टी के टॉप लीडर ने बड़ा दावा किया है. (फाइल फोटो/Reuters) Uddhav Thackery Shiv Sena Crisis LIVE: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में संभावित टूट और सांसदों के दल-बदल की अटकलों के बीच पार्टी के लोकसभा सांसद राजाभाऊ पराग प्रकाश वाजे ने स्पष्ट किया कि वह पूरी तरह से पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ हैं और भविष्य में भी उनके साथ ही बने रहेंगे. वाजे ने उन खबरों को खारिज कर दिया जिनमें दावा किया जा रहा था कि शिवसेना (यूबीटी) के कई सांसद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘मुझे ऐसी किसी बात की जानकारी नहीं है. मैंने पार्टी की बैठक में भी अपना रुख साफ कर दिया है कि मैं उद्धव ठाकरे के साथ हूं और हमेशा रहूंगा.’ वहीं, पार्टी के एक और सांसद अरविंद सावंत ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ को खारिज करते हुए दावा किया कि 14 जून को उद्धव ठाकरे की अध्‍यक्षता में संपन्‍न हुई बैठक में पार्टी के सभी सांसद शामिल हुए थे. राजाभाऊ वाजे का यह बयान ऐसे समय आया है, जब महाराष्ट्र में कथित ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं. राजनीतिक गलियारों में यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि शिवसेना (यूबीटी) के 9 सांसदों में से 7 सांसद एकनाथ शिंदे गुट के संपर्क में हैं और वे सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा बन सकते हैं. इस बीच, महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उन्होंने कहा कि भाजपा का शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों या विधायकों के संभावित दल-बदल से कोई संबंध नहीं है. बावनकुले ने कहा, ‘उद्धव ठाकरे को यह समझना चाहिए कि उनके सांसद और विधायक उनसे क्यों दूर जा रहे हैं. यदि वे एकनाथ शिंदे के साथ जा रहे हैं तो यह उनका आंतरिक मामला है. भाजपा या उसके किसी नेता का इससे कोई लेना-देना नहीं है.’ उन्होंने राज्यसभा सांसद संजय राउत के उन आरोपों का भी जवाब दिया, जिनमें दावा किया गया था कि सांसदों को पाला बदलने के लिए 15-15 करोड़ रुपये तक की पेशकश की जा रही है. बावनकुले ने कहा कि बिना किसी ठोस प्रमाण के ऐसे आरोप लगाना उचित नहीं है और यह सांसदों एवं विधायकों की गरिमा को ठेस पहुंचाता है. अरविंद सावंत का बड़ा दावा वहीं, शिवसेना (यूबीटी) के एक और सीनियर सांसद अरविंद सावंत ने भी ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चाओं को मीडिया द्वारा पैदा किया गया माहौल बताया. उन्होंने कहा कि 14 जून को उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी सांसद शामिल हुए थे, जिनमें कुछ सांसद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे. सावंत ने दो टूक कहा कि पार्टी बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा पर चल रही है और जो भी नेता पार्टी छोड़ना चाहता है, उसे पहले इस्तीफा देकर जनता के बीच जाना चाहिए. उधर, संजय राउत, अरविंद सावंत और अनिल देसाई ने संसद भवन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी मुलाकात की. राउत ने किसी भी संभावित बगावत के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा कि पार्टी अभी तक किसी आधिकारिक टूट की पुष्टि नहीं करती है. गौरतलब है कि वर्ष 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में हुए बड़े राजनीतिक विद्रोह ने शिवसेना को दो हिस्सों में बांट दिया था. अब ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चाओं ने एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति में नई अनिश्चितता पैदा कर दी है, हालांकि उद्धव ठाकरे गुट के नेता लगातार एकजुटता का दावा कर रहे हैं. Shiv Sena-UBT Crisis LIVE: उद्धव को अब सताने लगा विधायकों के टूटने का डर उद्धव ठाकरे शिवसेना संकट लाइव: उद्धव ठाकरे गुट के सांसदों में संभावित टूट की चर्चाओं के बीच अब पार्टी नेतृत्व की नजरें महाराष्ट्र विधानसभा में अपने विधायकों पर टिक गई हैं. सूत्रों के अनुसार, सांसदों से जुड़े घटनाक्रम के बाद उद्धव ठाकरे को अपने 20 विधायकों की एकजुटता बनाए रखने की चिंता सताने लगी है. इसी को देखते हुए ठाकरे खुद विधायकों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क साध रहे हैं और उन्हें फोन कर पार्टी के साथ बने रहने का संदेश दे रहे हैं. उद्धव गुट के पास फिलहाल आदित्य ठाकरे समेत कुल 20 विधायक हैं. राजनीतिक हलकों में जारी अटकलों के बीच पार्टी नेतृत्व संगठन और विधायकों को एकजुट रखने की कोशिशों में जुट गया है. हालांकि, अब तक किसी विधायक के पार्टी छोड़ने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. Shiv Sena-UBT Crisis LIVE: 14 जून को पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी सांसद शामिल हुए – अरविंद सावंत उद्धव ठाकरे शिवसेना संकट लाइव: शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत ने पार्टी में संभावित टूट और कथित ऑपरेशन टाइगर की अटकलों को खारिज करते हुए इसे मीडिया द्वारा पैदा किया गया प्रचार बताया है. सावंत ने कहा कि यह सवाल ही गलत है कि टाइगर कौन है? देश के महत्वपूर्ण मुद्दों को छोड़कर अनावश्यक राजनीतिक चर्चाओं को तूल दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि 14 जून को पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी सांसद शामिल हुए थे. सावंत के अनुसार, चार सांसद बैठक में व्यक्तिगत रूप से मौजूद थे, जबकि अन्य सांसद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े थे. उन्होंने दावा किया कि शिवसेना (यूबीटी) पूरी तरह से बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा के प्रति प्रतिबद्ध है. सावंत ने ईवीएम से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और संविधान से जुड़े गंभीर सवालों पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए. Shiv Sena-UBT Crisis LIVE: शिवसेना-यूबीटी की आज अहम बैठक उद्धव ठाकरे शिवसेना संकट लाइव: शिवसेना (यूबीटी) द्वारा बुलाई गई संसदीय दल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने फिलहाल वेट

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