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झारखंड

रामगढ़ में पुलिस पर पैसे मांगने और मारपीट का आरोप:मुख्यमंत्री ने लिया...

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रामगढ़ जिले के गोला में पुलिस द्वारा पैसे मांगने और मारपीट के मामले पर संज्ञान लिया है। उन्होंने रामगढ़ पुलिस को दोषी कर्मियों पर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। यह घटना मंगलवार को हुई थी। बरलंगा के मत्स्य मित्र शिवनारायण केवट और उनके पुत्र पवन कुमार केवट अपनी पिकअप वैन से मछली के बीज लेकर गोला थाना क्षेत्र के बेटुलकला पंचायत स्थित पतरातू गांव के एक तालाब में छोड़ने जा रहे थे। पुलिसकर्मियों ने मत्स्य वाहन को रोका इसी दौरान, थाना क्षेत्र के पूरबडीह जंगल के पास गोला थाना की पेट्रोलिंग वाहन खड़ी थी। पुलिसकर्मियों ने मत्स्य वाहन को रोका और पूछताछ करने लगे। मत्स्य मित्र ने बताया कि गाड़ी में मछली के बीज हैं। पुलिसकर्मियों ने बीज देखने के बाद उनसे पांच सौ रुपए की मांग की। पवन कुमार केवट ने पैसे देने से इनकार कर दिया। आरोप है कि एक पुलिसकर्मी ने उन्हें पकड़कर जोरदार चांटा मारा और पीटते रहे। पुलिस की इस हरकत के बाद मत्स्य कर्मियों ने मौके पर हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हंगामे के बाद, मत्स्य मित्र शिवनारायण केवट ने राज्य के मत्स्य उप-निदेशक मनोज कुमार ठाकुर को घटना की पूरी जानकारी दी। उप-निदेशक ने जिले के एसपी मुकेश लुनायत को पुलिस की इस कार्रवाई से अवगत कराया और मामले की जांच करने को कहा। इसी बीच, किसी ने इस हंगामे का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वायरल वीडियो में मत्स्य मित्र और उनके साथी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते और मामले की जांच डीसी से कराने की मांग करते दिख रहे हैं। वीडियो में थाना के एसआई स्वामी रंजन ओझा भी नजर आ रहे हैं। वहीं, आरोप यह भी है कि पुलिस द्वारा काफी देर तक तपती धूप में गाड़ी को रोके रखने के कारण गाड़ी में रखे पांच लाख मत्स्य बीज मर गए, जिससे वे तालाब तक नहीं पहुंच पाए। Source link

ताज़ा खबर

aaj ka Vrishchik rashifal 05 June 2026 Scorpio horoscope in hindi new...

Last Updated:June 05, 2026, 00:08 IST Aaj ka Vrishchik Rashifal 05 June 2026: 5 जून 2026 का दिन वृश्चिक राशि के जातकों के लिए नई ऊर्जा और बड़ा बदलाव लेकर आया है. अगर आप पिछले कई दिनों से मानसिक तनाव और पुरानी चिंताओं से परेशान थे. तो आज उन सभी को पीछे छोड़कर जीवन में एक नया कदम आगे बढ़ाने का समय आ चुका है. ग्रहों की अनुकूल स्थिति आज आपके आत्मविश्वास को सातवें आसमान पर ले जाएगी। पढ़ें आज का पूरा राशिफल. सीतामढ़ी: 5 जून 2026 का दिन वृश्चिक राशि के जातकों के लिए एक नई ऊर्जा और सकारात्मक बदलाव लेकर आया है. आज का दिन आपके भीतर छिपी हुई असली शक्ति और क्षमताओं को पहचानने का है. पिछले कुछ समय से जिन पुरानी चिंताओं और मानसिक तनावों ने आपको घेर रखा था. आज उन्हें हमेशा के लिए पीछे छोड़कर जीवन में एक कदम आगे बढ़ने का बिल्कुल सही समय आ चुका है. ग्रहों की स्थिति आज आपके आत्मविश्वास को बढ़ावा दे रही है. कार्यक्षेत्र में विशेष रूप से रहें सतर्कज्योतिषाचार्य रूपेश चौबे के अनुसार, इस राशि के जातकों को आज अपने कार्यक्षेत्र में विशेष रूप से सतर्क और सक्रिय रहना चाहिए. आपके बॉस और उच्च अधिकारी आपकी कार्यप्रणाली और मेहनत पर पैनी नजर रख रहे हैं.  आपकी निरंतर लगन के चलते आज आपको दफ्तर में कोई बेहतरीन फीडबैक या प्रोत्साहन मिल सकता है. वहीं दूसरी ओर, व्यापारिक दृष्टिकोण से भी दिन बेहद शुभ है. आज बाजार में बना कोई नया संपर्क या मुलाकात भविष्य में आपके लिए बड़ा आर्थिक मुनाफा लेकर आ सकती है. धन प्रवाह रहेगा सामान्यआर्थिक और स्वास्थ्य के मोर्चे पर बात करें तो आज वित्तीय स्थिति मध्यम बनी रहेगी. धन का प्रवाह सामान्य रहेगा, इसलिए समझदारी इसी में है कि आप बेवजह के खर्चों पर पूरी तरह नियंत्रण रखें और बजट के अनुसार ही काम करें. स्वास्थ्य के लिहाज से आज आपको थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है. विशेष रूप से कमर और पेट से जुड़ी समस्याओं के प्रति सचेत रहें. खान-पान में लापरवाही बिल्कुल न बरतें और आज के दिन जितना हो सके हल्का और सुपाच्य भोजन ही ग्रहण करें. पारिवारिक और प्रेम जीवन के मामले में आज का दिन बेहद खूबसूरत रहने वाला है. करें ये उपाय, रहेगा सुख-शांति का माहौलघर-परिवार में सुख-शांति का माहौल रहेगा और परिजनों का पूरा सहयोग आपको मिलेगा. जीवनसाथी या लव पार्टनर के साथ आपका रिश्ता और भी गहरा होगा. जिससे आपसी जुड़ाव और रोमांस बढ़ेगा. आज के दिन को और अधिक भाग्यशाली बनाने के लिए आपका शुभ अंक 6 और शुभ रंग गहरा लाल हैय इसके अलावा, आज की शाम को अधिक कल्याणकारी बनाने के लिए 11 बार ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप अवश्य करें. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sitamarhi,Bihar Source link

झारखंड

कांग्रेस ने प्रणव झा को झारखण्ड से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया

Last Updated:June 04, 2026, 23:56 IST कांग्रेस ने रांची में घोषणा की कि प्रणव झा को झारखण्ड से राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया गया है. रांची: कांग्रेस ने प्रणव झा को बनाया झारखण्ड से राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार. About the Author Rajneesh Singh जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

झारखंड

पलामू में कोयला लदी मालगाड़ी बेपटरी:ट्रेन जा रही थी पंडित दीन दयाल...

पलामू में गुरुवार को कोयला लदी एक मालगाड़ी बेपटरी हो गई। यह हादसा पूर्व मध्य रेलवे के सोननगर-बरवाडीह रेलखंड पर राजहरा रेलवे स्टेशन के पास दोपहर करीब डेढ़ बजे हुआ। घटना में 18 कोयला लदे वैगन पटरी से उतर गए, जिनमें से कुछ पलट भी गए। इससे इस रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन बाधित हो गया है। राजधानी एक्सप्रेस, पलामू एक्सप्रेस, शक्तिपुंज एक्सप्रेस, झारखंड स्वर्ण जयंती समेत छह ट्रेन डायवर्ट कर दिए गए हैं। जबकि रांची- सासाराम एक्सप्रेस को रद्द कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, यह मालगाड़ी कोयला लेकर टोरी रेलवे स्टेशन से पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर जा रही थी। राजहरा रेलवे स्टेशन के समीप अचानक तकनीकी खराबी के कारण यह हादसा हुआ। मालगाड़ी के चालक और अन्य स्टाफ सुरक्षित बताए जा रहे हैं। कई ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों पर रोकी गई घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया और स्थानीय अधिकारियों की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। डाल्टनगंज रेलवे स्टेशन के प्रबंधक उमेश कुमार ने बताया कि इस रूट पर परिचालन बाधित है। चोपन एक्सप्रेस, बीडी पैसेंजर और चोपन पैसेंजर जैसी कई ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों पर रुकी हुई हैं। रेलवे की टीम बचाव अभियान के लिए घटनास्थल पर रवाना हो चुकी है। बेपटरी हुए डिब्बों को हटाने के बाद ही परिचालन सामान्य हो पाएगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, तकनीकी विशेषज्ञ और इंजीनियरिंग विभाग की टीम घटनास्थल का निरीक्षण कर रही है। हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। Source link

शिक्षा

RPSC Clerk Recruitment Cheating | Job Secured at Rank 17

राजस्थान लोक सेवा आयोग ने कनिष्ठ सहायक/लिपिक ग्रेड-।। संयुक्त सीधी भर्ती परीक्षा-2018 में नकल के जरिए चयनित हुई लिपिक ग्रेड-I सरोज बिश्नोई को राजकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया है। . लगभग 6 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण कर चुकी इस कार्मिक को परीक्षा पास करने के लिए अनुचित साधनों के प्रयोग करने के कृत्य को राजस्थान सिविल सेवा आचरण नियम का उल्लंघन मानते हुए ये कार्रवाई की गई है। ​आयोग द्वारा राजस्थान सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1971 को इस कार्रवाई का आधार बनाया गया है। आदेश के अनुसार सरोज बिश्नोई में एक सरकारी कर्मचारी के रूप में सत्यनिष्ठा का अभाव एवं अनैतिक रूप से जीवन जीना पाया , जो सेवा नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। ​नियम 3 के अंतर्गत प्रत्येक शासकीय सेवक को हर समय उच्च स्तर की सत्यनिष्ठा,कर्तव्यपरायणता बनाए रखनी होती है। सरोज बिश्नोई का कृत्य सर्वथा अशोभनीय पाया गया। ​अनुचित लाभ और ब्लूटूथ का इस्तेमाल जांच में प्रमाणित हुआ कि सरोज बिश्नोई ने परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए ब्लूटूथ डिवाइस जैसे अनुचित साधनों का सहारा लिया और इसके एवज में मुख्य आरोपी पौरव कालेर को अपने हस्ताक्षरशुदा चेक सौंपे, जो गंभीर कदाचार और भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है। ​आयोग की सूचना पर हुआ था खुलासा सरोज बिश्नोई का चयन कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित वर्ष 2018 की लिपिक भर्ती परीक्षा में ओबीसी वर्ग की मेरिट सूची में 17वें स्थान पर हुआ था, जिसके बाद उसने मार्च 2020 में आयोग में कार्यग्रहण किया था। तत्पश्चात गोपनीय सूत्रों से प्राप्त प्रामाणिक सूचना के आधार पर यह खुलासा हुआ कि उसे परीक्षा से पूर्व ही प्रश्नपत्र लीक के माध्यम से मिल गया था। ​आयोग की शिकायत पर एसओजी ने प्राथमिकी दर्ज कर सघन जांच शुरू की। एसओजी की जांच में सामने आया कि पौरव कालेर नामक मुख्य आरोपी ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर लीक पेपर हल करवाया था और परीक्षा के दौरान ब्लूटूथ के माध्यम से सरोज बिश्नोई तक उत्तर पहुंचाए थे। ​आयोग ने ‘राजस्थान असैनिक सेवाएं (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958’ के नियम 16 के तहत इस मामले में विभागीय जांच शुरू की थी। जांच प्रक्रिया के दौरान आरोपित कर्मचारी ने बीमारी, अस्पताल में भर्ती होने और व्यक्तिगत सुनवाई से बचने के कई बहाने बनाकर कार्यवाही को टालने का प्रयास किया। लिपिक द्वारा यह विधिक दलील भी दी गई थी कि जब तक आपराधिक मामला न्यायालय में लंबित है, तब तक विभागीय जांच को रोका जाए, परंतु आयोग ने उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के स्थापित न्यायिक दृष्टांतों का हवाला देते हुए इस आपत्ति को सिरे से खारिज कर दिया कि प्रशासनिक शुचिता बनाए रखने के लिए विभागीय जांच और आपराधिक मुकदमा दोनों समानांतर रूप से चलाए जा सकते हैं। विभागीय ​जांच रुकवाने गई थी हाई कोर्ट, अदालत ने खारिज किए तर्क ​विभागीय जांच की कार्यवाही पर रोक लगवाने के उद्देश्य से सरोज बिश्नोई ने राजस्थान उच्च न्यायालय (जयपुर पीठ) में रिट याचिका दायर कर एसओजी की एफआईआर संख्या 35/2025 का हवाला दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने उसके तर्कों को पूरी तरह खारिज कर दिया। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि आपराधिक मुकदमा और विभागीय जांच दो अलग-अलग कार्यक्षेत्र हैं। जहां आपराधिक मामला परीक्षा में नकल और आपराधिक साठगांठ से जुड़ा है, वहीं विभागीय आरोप पत्र शासकीय सेवा में सत्यनिष्ठा की कमी और अशोभनीय आचरण (नियम 3 व 4) से संबंधित है। अदालत ने माना कि ऐसे गंभीर मामलों में अनुशासनिक कार्यवाही पर रोक लगाने का कोई औचित्य नहीं है और स्टे अर्जी को खारिज कर दिया। आयोग ने विभागीय जांच पूर्ण कर अंततः सरोज बिश्नोई को राजकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया। …….. पढें यह खबर भी….. RPSC की शिकायतें ईमेल पर नहीं, पोर्टल पर दर्ज कराएं:शिकायत सीधे अफसर तक पहुंचती है, अब तेजी से होगा निस्तारण, जानें पूरी प्रोसेस राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की वेबसाइट पर बने ग्रीवेंस पोर्टल पर दर्ज शिकायतें सीधे संबंधित अफसर तक पहुंचती हैं। आयोग के सचिव रामनिवास मेहता ने सभी अभ्यर्थियों (कैंडिडेट्स) से अपील की है कि वे अपनी शिकायतें ईमेल या अन्य माध्यमों के बजाय ग्रीवेंस पोर्टल के माध्यम से दर्ज कराएं, ताकि उनका त्वरित निस्तारण हो सके। पूरी खबर पढें Source link

झारखंड

सारवां सीएचसी में प्रसूता की मौत, परिजनों का प्रदर्शन:इलाज में लापरवाही के...

देवघर के सारवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एक प्रसूता की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए दो एएनएम को प्रसव कक्ष के कार्य से हटा दिया है। प्रदर्शनकारियों ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और दोषी स्वास्थ्यकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। उनका आरोप था कि अस्पताल में मरीजों को समय पर उचित इलाज नहीं मिल पाता, जिससे उनकी स्थिति गंभीर हो जाती है। जनाक्रोश को देखते हुए सारवां थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को शांत कराया और मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद स्थिति सामान्य हो सकी। एहतियात के तौर पर अस्पताल परिसर में पुलिस बल तैनात किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है। सीएचसी सारवां के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, उपरबांधियारी गांव की एक गर्भवती महिला 3 जून को प्रसव के लिए अस्पताल आई थी। दोपहर करीब 1:15 बजे उसका प्रसव कराया गया। प्रसव के बाद महिला की हालत बिगड़ने पर उसे बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल, देवघर रेफर किया गया था। हालांकि, रेफर किए जाने के लगभग एक घंटे बाद उसकी मौत की सूचना मिली। घटना के बाद जारी आदेश में संबंधित कर्मियों की कार्यशैली में गंभीर लापरवाही पाई गई। इसके आधार पर एएनएम रिंकू मंडल और एएनएम रीमा दास को तत्काल प्रभाव से प्रसव कक्ष के कार्य से मुक्त कर दिया गया है। रिंकू मंडल को स्वास्थ्य उपकेंद्र दुबजोरी और रीमा दास को बनबेरिया में प्रतिनियुक्त किया गया है। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई और अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग की है। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई को मामले में प्रारंभिक कदम माना जा रहा है। Source link

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Congress Rajya Sabha Candidates: पवन खेड़ा को मिला ‘तपस्या’ का फल, खरगे...

राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है. इस सूची में कुछ नाम ऐसे हैं जिनकी उम्मीद पहले से थी, कुछ ऐसे हैं जो संगठन में लंबे समय से काम कर रहे थे और कुछ ऐसे हैं जिनके चयन के पीछे साफ राजनीतिक संदेश छिपा है. सबसे ज्यादा चर्चा कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा की हो रही है, जिन्हें आखिरकार राज्यसभा का टिकट मिल गया. वही पवन खेड़ा, जिन्होंने पिछली बार टिकट नहीं मिलने पर कहा था कि शायद उनकी तपस्या में कोई कमी रह गई होगी. कांग्रेस ने कर्नाटक से पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पवन खेड़ा और मंसूर अली खान को उम्मीदवार बनाया है. वहीं मध्य प्रदेश से मीनाक्षी नटराजन, राजस्थान से नीरज डांगी, तमिलनाडु से प्रवीण चक्रवर्ती और झारखंड से प्रणव झा को मैदान में उतारा है. इन नामों से कांग्रेस ने संगठन, सामाजिक संतुलन और क्षेत्रीय राजनीति को साधने की कोशिश की है. पवन खेड़ा: लंबी प्रतीक्षा के बाद मिला राज्यसभा का टिकट इस सूची का सबसे चर्चित नाम पवन खेड़ा का है. पिछले कई वर्षों से कांग्रेस का पक्ष मीडिया और टीवी डिबेट्स में मजबूती से रखने वाले खेड़ा पार्टी के सबसे मुखर चेहरों में गिने जाते हैं. 2024 में जब राज्यसभा की सूची आई थी और उनका नाम उसमें नहीं था, तब उन्होंने एक भावुक टिप्पणी करते हुए कहा था कि शायद उनकी तपस्या में कोई कमी रह गई होगी. उस बयान की काफी चर्चा हुई थी. पार्टी के भीतर भी माना जाता था कि खेड़ा लंबे समय से राज्यसभा के दावेदार हैं. अब कांग्रेस ने उन्हें कर्नाटक से राज्यसभा भेजने का फैसला कर संकेत दिया है कि संगठन के लिए लगातार काम करने वालों को आखिरकार सम्मान मिलता है. राहुल गांधी और खड़गे नेतृत्व के करीबी माने जाने वाले खेड़ा अब संसद के भीतर कांग्रेस की आवाज बन सकते हैं. मल्लिकार्जुन खरगे: अध्यक्ष की संसद में वापसी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो रहा था. पार्टी ने उन्हें एक बार फिर कर्नाटक से उम्मीदवार बनाकर साफ कर दिया है कि आने वाले वर्षों में भी वे कांग्रेस की राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में बने रहेंगे. 84 वर्ष की उम्र में भी खड़गे विपक्ष की राजनीति के सबसे महत्वपूर्ण चेहरों में हैं. संसद के भीतर सरकार को घेरने से लेकर INDIA गठबंधन को एकजुट रखने तक, उनकी भूमिका लगातार बढ़ी है. कांग्रेस नेतृत्व मानता है कि राज्यसभा में खड़गे की मौजूदगी पार्टी के लिए जरूरी है. यही वजह है कि उनकी उम्मीदवारी लगभग तय मानी जा रही थी. मंसूर अली खान: अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व का संदेश कर्नाटक से कांग्रेस ने मंसूर अली खान को भी टिकट दिया है. उनका चयन केवल एक नेता को राज्यसभा भेजने का फैसला नहीं माना जा रहा, बल्कि इसके पीछे सामाजिक और राजनीतिक संदेश भी है. कांग्रेस लंबे समय से खुद को अल्पसंख्यकों की आवाज बताती रही है. कर्नाटक में पार्टी की मजबूत सरकार होने के बावजूद उसे अपने पारंपरिक वोट बैंक को लगातार साथ बनाए रखने की जरूरत है. मंसूर अली खान को टिकट देकर कांग्रेस ने मुस्लिम समुदाय को प्रतिनिधित्व देने का संदेश दिया है. साथ ही यह फैसला उस समय आया है जब विपक्ष लगातार प्रतिनिधित्व और सामाजिक भागीदारी के मुद्दे उठा रहा है. मीनाक्षी नटराजन: राहुल गांधी की भरोसेमंद सहयोगी मध्य प्रदेश से मीनाक्षी नटराजन को टिकट मिलना भी खास माना जा रहा है. कांग्रेस की पूर्व सांसद और संगठन में लंबे समय से सक्रिय मीनाक्षी को राहुल गांधी के करीबी नेताओं में गिना जाता है. वे उन नेताओं में हैं जिन्होंने चुनावी हार-जीत से परे संगठन के लिए लगातार काम किया. भारत जोड़ो यात्रा और उसके बाद के कार्यक्रमों में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही. मध्य प्रदेश में कांग्रेस लंबे समय से मजबूत नेतृत्व की तलाश कर रही है. ऐसे में मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा भेजना संगठन के प्रति समर्पण को सम्मान देने के रूप में देखा जा रहा है. नीरज डांगी: राजस्थान में संतुलन साधने की कोशिश राजस्थान से कांग्रेस ने मौजूदा सांसद नीरज डांगी पर फिर भरोसा जताया है. डांगी अशोक गहलोत खेमे के भरोसेमंद नेताओं में माने जाते हैं और पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने संसद में भी सक्रिय भूमिका निभाई है. राजस्थान कांग्रेस लंबे समय से गुटबाजी से जूझती रही है. ऐसे में किसी नए चेहरे को लाने के बजाय डांगी को दोबारा मौका देकर पार्टी ने स्थिरता का संदेश दिया है. यह फैसला यह भी दिखाता है कि कांग्रेस फिलहाल राजस्थान में किसी नए विवाद से बचना चाहती है. प्रवीण चक्रवर्ती: राहुल गांधी के ‘डेटा मैन’ को मौका तमिलनाडु से प्रवीण चक्रवर्ती का नाम सबसे अलग माना जा रहा है. वे पारंपरिक अर्थों में जननेता नहीं हैं, लेकिन कांग्रेस की रणनीतिक टीम में उनकी अहम भूमिका रही है. प्रवीण चक्रवर्ती को राहुल गांधी की आर्थिक और डेटा आधारित रणनीतियों का प्रमुख वास्तुकार माना जाता है. भारत जोड़ो यात्रा से लेकर चुनावी घोषणापत्र तैयार करने तक, कई महत्वपूर्ण योजनाओं में उनकी भूमिका रही है. कांग्रेस ने उन्हें राज्यसभा भेजकर यह संकेत दिया है कि पार्टी अब केवल जनाधार वाले नेताओं को ही नहीं, बल्कि नीति और रणनीति बनाने वाले पेशेवर चेहरों को भी महत्व दे रही है. प्रणव झा: झारखंड में संगठन को मजबूत करने का प्रयास झारखंड से प्रणव झा को उम्मीदवार बनाया गया है. राज्य में कांग्रेस झारखंड मुक्ति मोर्चा के साथ गठबंधन में है और वहां अपनी संगठनात्मक स्थिति मजबूत करना चाहती है. प्रणव झा लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहे हैं. उन्हें राज्यसभा भेजने का फैसला कांग्रेस के उस प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है जिसमें पार्टी राज्यों में दूसरी पंक्ति के नेतृत्व को आगे बढ़ाना चाहती है. झारखंड में कांग्रेस का स्वतंत्र राजनीतिक आधार सीमित है, इसलिए संगठन के समर्पित नेताओं को आगे लाने की रणनीति महत्वपूर्ण मानी जा रही है. संगठन, वफादारी और सामाजिक संतुलन का मिश्रण कांग्रेस की इस सूची को देखें तो साफ दिखाई देता है कि पार्टी ने केवल चुनावी गणित नहीं देखा. पवन खेड़ा और मीनाक्षी नटराजन जैसे नेताओं को संगठन में लंबे योगदान का इनाम मिला है. खड़गे के जरिए अनुभव और नेतृत्व को बनाए रखा गया है. मंसूर अली खान के जरिए सामाजिक प्रतिनिधित्व का

झारखंड

रांची का फेमस गोलगप्पा स्टॉल, जहां मिलता है 6 फ्लेवर का पानी,...

होमफोटोलाइफ़फूड रांची का फेमस गोलगप्पा स्टॉल, जहां मिलता है 6 फ्लेवर का पानी, रोज 250+ ग्राहक Last Updated:June 04, 2026, 20:05 IST Ranchi Famous Golgappa Stall: फिरायालाल चौक के पास एक ऐसा गोलगप्पे का स्टॉल है, जिसकी पानी पुरी इन दिनों रांची में खूब चर्चा में है. वजह है यहां मिलने वाले 6 अलग-अलग फ्लेवर के पानी, जिनका स्वाद हर एक गोलगप्पे के साथ बदल जाता है. हींग, पुदीना, इमली, खट्टा, मीठा और कई खास मिक्स फ्लेवर के साथ लोग यहां अनोखा टेस्ट एंजॉय करते हैं. यहां के संचालक सुधीर बताते हैं कि हर फ्लेवर का पानी वे खुद तैयार करते हैं. उनका कहना है कि उन्होंने कोशिश की है कि लोगों को सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि हेल्दी और अलग अनुभव भी मिले. अदरक और पुदीना जैसे फ्लेवर घर के पारंपरिक नुस्खों से तैयार किए जाते हैं, जिन्हें उन्होंने अपनी दादी-नानी से सीखा है. स्टॉल की सबसे अलग पहचान इसकी परंपरागत स्टाइल भी है. यहां पानी को चीनी मिट्टी के मरतबान में रखा जाता है, बिल्कुल वैसे ही जैसे पुराने समय में अचार रखा जाता था. सुधीर का कहना है कि इससे पानी लंबे समय तक ताजा रहता है और प्राकृतिक रूप से ठंडा भी बना रहता है. इसके अलावा यहां गोलगप्पे भी खास तरीके से बनाए जाते हैं. मैदा का बिल्कुल इस्तेमाल नहीं होता, बल्कि सूजी से बने गोलगप्पे और पापड़ी परोसे जाते हैं. यही वजह है कि लोग स्वाद के साथ-साथ इनकी क्वालिटी की भी तारीफ करते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google सुधीर बताते हैं कि रोजाना करीब 250 से ज्यादा लोग यहां गोलगप्पे खाने आते हैं और कई बार 4 से 5 घंटे में ही पूरा स्टॉक खत्म हो जाता है. ऐसे में कई ग्राहकों को वापस भी लौटना पड़ता है. अगर आप भी रांची में कुछ अलग और यूनिक स्ट्रीट फूड ट्राई करना चाहते हैं, तो फिरायालाल चौक के पास पार्किंग एरिया में यह स्टॉल आपके लिए एक खास अनुभव बन सकता है. अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ इस खास स्ट्रीट फूड का आनंद लें. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

झारखंड

पश्चिमी सिंहभूम में महिला ने फांसी लगाकर की आत्महत्या:डीलियामार्चा गांव में हुई...

पश्चिमी सिंहभूम जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के डीलियामार्चा गांव स्थित बासा टोली में 36 वर्षीय महिला बिपाशा सोय ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना गुरुवार सुबह सामने आई, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। मृतका के पति प्रभु सोय ने पुलिस को बताया कि बुधवार रात तक घर में सब कुछ सामान्य था। परिवार के सभी सदस्यों ने एक साथ भोजन किया और फिर सोने चले गए। उन्हें किसी प्रकार के विवाद या परेशानी की जानकारी नहीं थी। गुरुवार सुबह जब उनकी नींद खुली तो पत्नी घर में नहीं दिखीं। काफी देर तक तलाश करने के बाद परिवार के सदस्यों ने घर के सामने स्थित एक कमरे में बिपाशा सोय का शव रस्सी के फंदे से लटका हुआ पाया। घटना की सूचना मिलते ही मुफ्फसिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को फंदे से उतरवाकर अपने कब्जे में लिया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल चाईबासा भेज दिया गया है। जानकारी के अनुसार, बिपाशा सोय मजदूरी कर परिवार के भरण-पोषण में सहयोग करती थीं। वह तीन बच्चों की मां थीं। परिजनों ने बताया कि बुधवार को गांव में एक पर्व का आयोजन भी हुआ था और दिनभर का माहौल सामान्य था। ऐसे में परिवार के सदस्य भी आत्महत्या के कारणों के बारे में कुछ स्पष्ट नहीं बता पा रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने और विस्तृत जांच के बाद ही आत्महत्या के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। Source link

झारखंड

परसाबाद स्टेशन पर ट्रेन से उठा धुआं:हटिया-पटना कोसी एक्सप्रेस में हुई घटना,...

धनबाद-गया रेलखंड के परसाबाद रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को हटिया से पटना जा रही 18626 हटिया–पटना कोसी एक्सप्रेस के दो कोच के निचले हिस्से से अचानक धुआं उठने लगा। रेलवे कर्मियों की त्वरित सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कोसी एक्सप्रेस जैसे ही परसाबाद स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-02 पर पहुंची, वहां मौजूद यात्रियों और स्थानीय लोगों ने एक जनरल एवं एक स्लीपर कोच के नीचे से धुआं निकलते देखा। धुएं के स्रोत पर नियंत्रण पाया गया इसकी सूचना तत्काल स्टेशन प्रबंधन को दी गई। सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंची। सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए संबंधित कोचों की जांच शुरू की गई और अग्निशमन यंत्रों की सहायता से धुएं के स्रोत पर नियंत्रण पाया गया। रेलवे की सक्रियता के कारण स्थिति गंभीर होने से पहले ही सामान्य कर ली गई। घटना के बाद सुरक्षा कारणों से ट्रेन को करीब आधे घंटे तक स्टेशन पर रोका गया। इस दौरान तकनीकी जांच की गई ताकि यात्रियों की सुरक्षा पर कोई खतरा न हो। ब्रेक वाइंडिंग के कारण चक्के से धुआं उठने लगा जांच पूरी होने के बाद ट्रेन को निर्धारित गंतव्य की ओर रवाना कर दिया गया। घटना में किसी प्रकार की जनहानि या यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है। रेलवे सूत्रों के अनुसार, धुआं निकलने के कारणों की जांच की जा रही है। हजारीबाग रोड स्टेशन के आरपीएफ प्रभारी बी एन कुमार ने बताया कि ब्रेक वाइंडिंग (चक्के में लगने वाले लेदर से बने ब्रेक के चक्के में सट जाने) के कारण चक्के से धुआं उठने लगा था। परसाबाद स्टेशन पर मौजूद आरपीएफ के जवानों की तत्परता के कारण इस पर जल्द नियंत्रण पा लिया गया और किसी प्रकार के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। प्रारंभिक स्तर पर तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। रेलवे की त्वरित प्रतिक्रिया और यात्रियों की सजगता के चलते एक संभावित बड़ी दुर्घटना टल गई, जिससे यात्रियों ने राहत महसूस की। Source link

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