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झारखंड

झारखंड के 16 जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट:रांची, सिमडेगा सहित...

झारखंड में मानसून की गतिविधियां अब सक्रिय हो गई हैं, जिससे भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को राहत मिलने के आसार बन गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और स्थानीय मौसमी सिस्टम के प्रभाव से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे। गुरुवार को राजधानी रांची समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ते तापमान और उमस से परेशान लोगों के लिए यह बदलाव राहत भरा साबित हो सकता है। 16 जिलों में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग, गिरिडीह, देवघर, दुमका, जामताड़ा, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ में बारिश की संभावना है। कुछ इलाकों में गरज के साथ तेज बौछारें पड़ सकती हैं। इसके साथ ही 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर न जाने की सलाह दी है। वज्रपात को लेकर विशेष चेतावनी जारी उत्तर-पूर्वी और मध्य झारखंड के कई जिलों में वज्रपात को लेकर विशेष चेतावनी जारी की गई है। देवघर, दुमका, जामताड़ा, गोड्डा, साहिबगंज, पाकुड़, गिरिडीह और हजारीबाग में बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। ऐसे में लोगों को खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की हिदायत दी गई है। मौसम विभाग ने कहा है कि बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और मोबाइल फोन का सीमित उपयोग करें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। कहीं राहत तो कहीं गर्मी का असर बरकरार जहां एक ओर रांची, सिमडेगा, गुमला, खूंटी, लोहरदगा और पश्चिमी सिंहभूम में मौसम सुहावना रहने की संभावना है, वहीं पलामू, गढ़वा और चतरा में गर्मी का असर बना रहेगा। इन जिलों में अधिकतम तापमान 39 से 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। बारिश की संभावना कम है। हालांकि हीटवेव को लेकर कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। वहीं अन्य जिलों में बादलों और बारिश के कारण तापमान 30 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी। Source link

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कोकपाड़ा रेलवे स्टेशन व धालभूमगढ़-चाकुलिया मार्ग को जोड़ने वाली सड़क पर योजना...

भास्कर न्यूज |धालभूमगढ़ चाकुलिया प्रखंड क्षेत्र में एनएच 18 सड़क जाथा से कोकपाड़ा रेलवे स्टेशन और धालभूमगढ़-चाकुलिया सड़क को मुटुरखाम में जोड़ने वाली संपर्क सड़क इन दिनों ग्रामीणों के बीच भारी आक्रोश और असमंजस का केंद्र बनी हुई है। सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य में ठेकेदार द्वारा बरती गई घोर लापरवाही या जानबूझकर की गई हेराफेरी का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। कालियाम चौक के समीप गाड़े गए दूरी संकेतक (मील के पत्थर) पर ठेकेदार ने लोगों को दिग्भ्रमित करने के लिए कालियाम में ही “धादिका गांव जीरो किलोमीटर लिखकर छोड़ दिया है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि धादिका गांव कालियाम गांव से लगभग 3 किलोमीटर दूर स्थित है। ठेकेदार द्वारा सड़क के किनारे गाड़े गए इस गलत दूरी संकेतक पत्थर के कारण इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीर और बाहरी लोग अक्सर भ्रमित हो रहे हैं और रास्ता भटकने को मजबूर हैं। स्थानीय जनता में ठेकेदार के इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये को लेकर गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क लगभग तीन-चार साल पहले मरम्मत की गई थी, लेकिन निर्माण के समय से लेकर आज तक सड़क के किनारे किसी भी प्रकार का सरकारी योजना बोर्ड (सूचना पट्ट) नहीं लगाया गया है। स्थापित किए गए पिलर/पत्थर पर एक तरफ स्पष्ट अक्षरों में धादिका 0 किमी अंकित है। जबकि दूसरी तरफ तकनीकी कोड: एल102- एल 04 1.785 किमी लिखा हुआ है। सड़क के किनारे किसी भी तरह का योजना बोर्ड न होने के कारण क्षेत्र की जनता पूरी तरह इस बात से अनभिज्ञ है कि यह सड़क किस सरकारी योजना के तहत बनी है, इसके निर्माण की कुल स्वीकृति राशि क्या थी, और इसकी गारंटी (मेंटेनेंस) अवधि क्या है। योजना से जुड़ी किसी भी प्रकार की पारदर्शिता नहीं होने से पूरी व्यवस्था संदेह के घेरे में है। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और ग्रामीणों का स्पष्ट मानना है कि सड़क निर्माण कार्य की कुल लंबाई और गुणवत्ता में बड़े पैमाने पर की गई वित्तीय व तकनीकी गड़बड़ी को छुपाने के उद्देश्य से ही सोची-समझी साजिश के तहत 3 किलोमीटर पहले ही धादिका गांव को शून्य किलोमीटर दर्शा दिया गया है। कागजी कोरम पूरा करने और वास्तविक लंबाई को कागजों पर हेरफेर करने के लिए ठेकेदार ने इस प्रकार का हथकंडा अपनाया है। Source link

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आम की फसल से चाहिए बंपर पैदावार, तो तुड़ाई से पहले इन...

होमताजा खबरकृषि आम की फसल से चाहिए बंपर पैदावार, तो तुड़ाई से पहले इन बातों का रखें ध्यान Last Updated:June 04, 2026, 06:36 IST मेरठ के जिला उद्यान अधिकारी ने आम उत्पादक किसानों को बढ़ते तापमान के बीच फसल की देखभाल को लेकर महत्वपूर्ण सलाह दी है. उन्होंने खेतों में हल्की सिंचाई बनाए रखने, दोपहर के समय आम की तुड़ाई से बचने और फलों को कीटों से सुरक्षित रखने के लिए लाल फ्रूट कवर बैग के इस्तेमाल की सलाह दी है. विशेषज्ञों के अनुसार इन उपायों को अपनाकर किसान आम की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों बढ़ा सकते हैं, जिससे बाजार में बेहतर कीमत मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है. मेरठ से संबंधित ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले जिन किसानों ने भी अपने खेतों में बागवानी की है, उसमें आम की बंपर पैदावार भी देखने को मिल रही है. साथ ही आम धीरे-धीरे पकने की कगार पर भी पहुंच गया है. लेकिन जिस तरह से लगातार मौसम में बदलाव हो रहा है. उसको लेकर किसान चिंतित हैं, आम की फसल को नुकसान ना हो, इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए लोकल 18 के टीम द्वारा जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार से खास बातचीत की. सिंचाई का भी रखें विशेष ध्यान लोकल -18 की टीम से खास बातचीत करते हुए जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार ने बताया की जिस तरह से लगातार तापमान में वृद्धि हो रही है. ऐसे में खेतों में सिंचाई की प्रक्रिया का भी विशेष रूप से ध्यान रखें. जमीन में नमी बरकरार रहे. इसीलिए हल्की सिंचाई की प्रक्रिया को किसान जारी रख सकते है.  जिससे आम की फसल को काफी फायदा हो. लेकिन अधिक सिंचाई की प्रक्रिया को बिल्कुल भी ना अपनाए, क्योंकि इससे किसानों को नुकसान हो सकता है. आम की कब करें तुड़ाई इसी के साथ उन्होंने बताया कि जल्द ही आम की तुड़ाई भी शुरू हो जाएगी. अक्सर देखने को मिलता है कि किसान दोपहर के समय भी आम के फल की तुड़ाई करते हैं. जबकि यह फसल व किसान की सेहत दोनों के लिए के लिए नुकसानदायक है. ऐसे में सुबह 12:00 बजे से पहले और दोपहर 3:00 बजे के बाद ही आम की तुड़ाई करें, ताकि आम की फसल को बिल्कुल भी नुकसान ना हो. फ्रूट कवर का भी करें अवश्य उपयोग  उन्होंने बताया आम के फल पर किसान लाल कलर के फ्रूट कवर का प्रयोग अवश्य करें, क्योंकि इस मौसम में देखने को मिलता है कि विभिन्न प्रकार की कीट पतंगे भी आम में लगने की संभावनाएं बढ़ जाती है. ऐसे में यह आम का लाल फ्रूट बैग सभी तरह के कीट पतंग से आम के फल को बचाएगा. वही जो उसकी क्वालिटी है, वह काफी बेहतर होगी. जिससे किसानों को दाम भी बेहतर मिलेंगे. उन्होंने बताया कि इसके लिए उद्यान विभाग द्वारा भी सरकार के दिशा निर्देश अनुसार सब्सिडी के अंतर्गत किसानों को फ्रूट कवर बैग उपलब्ध कराए जा रहे हैं. बताते चलें कि अगर आप सभी भी लाल कलर के फ्रूट कवर को लेना चाहते हैं, तो उद्यान विभाग में संपर्क कर सकते हैं. साथ ही इन सभी बातों का विशेष रूप से ध्यान रखेंगे. तो निश्चित तौर पर आम के फल की बंपर पैदावार होगी. About the Author Vivek Kumar विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Meerut,Meerut,Uttar Pradesh Source link

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Success Story: ‘पहले नमक-रोटी भी था मुश्किल, आज खाती हैं पनीर’, जानें...

Last Updated:June 04, 2026, 06:12 IST Ranchi Success Story: रांची की ललिता देवी जूट बैग और सोहराई पेंटिंग से आत्मनिर्भर बनीं है. वह ट्राइब्स इंडिया और झारक्राफ्ट की मदद से देशभर में स्टॉल लगाती हैं. पहले जहां उन्हें नमक रोटी खाने में परेशानी होती थी. वहीं, आज वह देश के सभी शहरों को घूमते हुए सबकुछ खा पी रही हैं. ख़बरें फटाफट रांची: झारखंड की राजधानी रांची की रहने वाली ललिता देवी ट्राइब्स इंडिया से जुड़ी हुई हैं. उन्हें झारक्राफ्ट से भी मदद मिलती है. उन्होंने बताया कि एक समय था, जब नमक रोटी भी खाने को मुश्किल था. आज हम जूट का बैग बनाते हैं, बैग के साथ कई सारी चीज जैसे पर्स, घड़ी, घर सजाने का आइटम यह सारी चीज बनाते हैं. साथ ही हाथ से सोहराई पेंटिंग भी करते हैं. वह सबकुछ हाथ से ही बनाती हैं. उनके यहां मशीन का कोई काम नहीं होता है. आज उनके कस्टमर मुंबई से लेकर चेन्नई तक हैं. क्योंकि सरकार मुफ्त में हमें स्टॉल लगाने के लिए इन शहरों मे भेजती है. आज महीने की कमाई आराम से इतना है कि अमेरिका तक घूम लिए हैं. महीने की लाख रुपए तो रखे हुए रहते हैं, कोई टेंशन नहीं है. इतना सबकुछ मिल रहा है कि उन्होंने इतना तो सोचा भी नहीं था, लेकिन हां हिम्मत और हौसला था कि अपने दम पर कुछ करना तो है. जूट और लकड़ी की चीजों पर करती हैं काम ललिता बताती हैं कि हम लोग जूट का सारा चीज बनाते हैं. ऑफिस जाने वाला फाइल बनाते है, जिसमें खूबसूरत सोहराई पेंटिंग बनी होती है, पेंटिंग भी ऐसा, जिसमें महिलाएं सर पर टोकरी लेकर जंगल की तरफ जा रही हैं, महिलाएं घर में खाना पका रही हैं, सारे लोग एक साथ आदिवासी नाच कर रहे हैं. मतलब झारखंड का जो कल्चर है. उसको पेंटिंग के जरिये दिखाने की कोशिश करते हैं. वह लकड़ी का घड़ी बनाते हैं, लकड़ी का पेन स्टैंड, लकड़ी का घर के सजावट का सारा सामान. वह यह सारी चीज अपने हाथों से काटकर बनाती हैं. इसकी उन्हें समय-समय पर ट्रेनिंग दी जाती है. इसे खूबसूरत और फिनिश बनाना है और क्या कर सकते हैं. इन सभी चीजों की ट्रेनिंग मिलती रहती है. आज दिल्ली, मुंबई, कोलकाता हर दूसरे तीसरे महीने जाती हैं, सरकार की तरफ से उन्हें स्टॉल लगाने का मौका मिलता है.. आज नमक रोटी नहीं, खाते हैं पनीर भी ललिता बताती हैं कि आज हम लोग पनीर खाते हैं, अच्छा खाना खाते हैं. आज दोपहर के खाने में दो रंग की सब्जी तो जरूर होती थाली में होती है. एक समय था, जब नमक रोटी के भी लाले पड़े होते थे, समझ में नहीं आता था, आज क्या खाएं तो कल कहां से लाएं. हालांकि आज वह सबकुछ खाती हैं. इसके साथ ही महिला होने की वजह से घर में इज्जत भी बहुत मिलती है. अब लोग हमारे बात सुनते हैं, कोई भी कुछ बोलने के पहले चार बार सोचता है. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

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सिंघानी सड़क नहीं बनने से ग्रामीणों में नाराजगी

पत्थलगडा|सिंघानी पंचायत मुख्यालय तक जाने वाली सड़क का निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। लेम्बोइया के बलथरवा बागी से सिंघानी स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर तक सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीण कई बार आंदोलन कर चुके हैं। इसके बावजूद अब तक सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर सांसद, विधायक समेत जिला प्रशासन के अधिकारियों को कई बार ज्ञापन और आवेदन सौंपे गए हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका है। बरसों से जर्जर सड़क के कारण आवागमन में परेशानी हो रही है। Source link

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Today Weather Live | Aaj Ka Mausam Live | आज का मौसम:...

Today Weather Live: देशभर में लोग जिस मानसून का इंतजार कर रहे थे, अब उसकी आहट साफ सुनाई देने लगी है. बंगाल की खाड़ी से लेकर अरब सागर तक मौसम का सिस्टम तेजी से एक्टिव हो चुका है और इसका असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है. कई राज्यों में आसमान का रंग बदल चुका है, तेज हवाओं ने गर्मी की रफ्तार पर ब्रेक लगाना शुरू कर दिया है और मौसम विभाग (IMD) लगातार अलर्ट जारी कर रहा है. IMD का कहना है कि अगले कुछ घंटों और दिनों में देश के कई हिस्सों में मौसम अचानक करवट ले सकता है. कहीं धूलभरी आंधी चलेगी तो कहीं बिजली गिरने और ओलावृष्टि का खतरा रहेगा. सबसे ज्यादा चिंता उन इलाकों को लेकर है जहां 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है. मौसम वैज्ञानिक मान रहे हैं कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बन रहे सिस्टम अब पूरे देश के मौसम को प्रभावित करेंगे. यही वजह है कि दिल्ली से लेकर बिहार, राजस्थान से लेकर ओडिशा और दक्षिण भारत तक लगातार चेतावनियां जारी की जा रही हैं. गर्मी से राहत जरूर मिलेगी, लेकिन मौसम का यह बदला हुआ रूप कई जगह परेशानी भी बढ़ा सकता है. दक्षिण-पश्चिम मानसून अब धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है और केरल में इसकी एंट्री के लिए परिस्थितियां लगभग पूरी तरह अनुकूल हो चुकी हैं. IMD के अनुसार अगले कुछ घंटों में मानसून केरल पहुंच सकता है, जिसके बाद दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है. मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और द्रोणिका जैसे कई सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं. यही वजह है कि उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत में भी तेज हवाओं और बारिश की गतिविधियां बढ़ती नजर आ रही हैं. कई राज्यों में बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है. मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जून की शुरुआत में ही मौसम का इतना एक्टिव होना इस बार मानसून के तेज रफ्तार पकड़ने का संकेत भी हो सकता है. हालांकि तेज बारिश और तूफानी हवाओं के कारण किसानों, यात्रियों और खुले इलाकों में रहने वाले लोगों को अधिक सतर्क रहने की सलाह दी गई है. आने वाले दिनों में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज देश के बड़े हिस्से को प्रभावित कर सकता है. मौसम विभाग के अनुसार देशभर में कई स्तरों पर मौसम प्रणाली सक्रिय बनी हुई है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है, जबकि वहां से लेकर उत्तरी तमिलनाडु तक एक द्रोणिका फैली हुई है. इसके अलावा पूर्वोत्तर उत्तर प्रदेश, पूर्वी-मध्य अरब सागर और उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर भी ऊपरी हवा के साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं. इन सभी सिस्टम का संयुक्त असर अब देश के मौसम पर दिखाई देने लगा है. कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां दर्ज की जा सकती हैं. मौसम विभाग ने साफ कहा है कि आने वाले दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम तेजी से बदलता रहेगा. IMD के मुताबिक इस सप्ताह केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, पुडुचेरी, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, असम, मेघालय और अंडमान-निकोबार समेत कई राज्यों में बारिश और आंधी का असर देखने को मिल सकता है. कई इलाकों में तापमान में गिरावट आएगी, जबकि कुछ क्षेत्रों में धूलभरी आंधी और ओलावृष्टि भी हो सकती है. मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है. किसानों को भी फसल और पशुओं की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने को कहा गया है. दिल्ली-NCR में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट दिल्ली-NCR में अगले दो दिनों के दौरान मौसम पूरी तरह बदला हुआ नजर आ सकता है. राजधानी में आंशिक बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार दोपहर और शाम के समय गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. कई इलाकों में धूलभरी आंधी भी देखने को मिल सकती है. हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है, जबकि कुछ स्थानों पर झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. बारिश के कारण तापमान में गिरावट होगी और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है. हालांकि बिजली गिरने और अचानक तेज हवाएं चलने की आशंका को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है. यूपी में आंधी-तूफान का बढ़ता खतरा उत्तर प्रदेश में मौसम विभाग ने 4 से 6 जून तक कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है. वाराणसी, लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर, गोरखपुर, मेरठ, आगरा, झांसी, जौनपुर और चंदौली समेत कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश की संभावना है. कुछ जगहों पर 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. पिछले 24 घंटों के दौरान भी कई जिलों में तेज हवाएं दर्ज की गईं. मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है. लोगों को खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है. बिहार में बारिश और लू दोनों का असर बिहार में मौसम का मिजाज मिला-जुला रहने वाला है. राज्य के दक्षिण-पश्चिम हिस्सों में लू चलने की संभावना है, जबकि उत्तर-पूर्वी जिलों में गरज-चमक और बारिश का असर देखने को मिल सकता है. सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार समेत कई जिलों में बिजली गिरने और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है. IMD के अनुसार हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. बारिश के कारण कुछ इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज होगी, लेकिन दक्षिणी हिस्सों में उमस और गर्मी बनी रह सकती है. मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है. ओडिशा में चार दिन तक गरज-चमक का खतरा ओडिशा में अगले चार दिनों तक मौसम सक्रिय बना रहने की संभावना है. IMD ने 22 जिलों के लिए

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झारखंड की ये खूबसूरत जगह कहलाती है ‘मिनी मसूरी’, प्रकृति प्रेमियों के...

Last Updated:June 04, 2026, 05:17 IST Summer Best Picnic Spot: पलामू का चियांकी पहाड़ और चियांकी पार्क गर्मी में बड़ा पर्यटन और पिकनिक स्पॉट बना रहता है. यहां की प्राकृतिक सुंदरता, भोलेनाथ गुफा मंदिर और आधुनिक सुविधाएं लोगों को आकर्षित करती हैं. मई-जून माह में तो पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है. गर्मी का मौसम आते ही लोग ऐसी जगहों की तलाश करने लगते हैं. जहां कुछ पल प्रकृति के बीच शांति और सुकून के साथ बिताए जा सकें. पलामू जिला मुख्यालय के बेहद करीब स्थित चियांकी पहाड़ इन दिनों लोगों के लिए पसंदीदा पर्यटन स्थल बनता जा रहा है. शहर की भागदौड़ और गर्म हवाओं के बीच यह जगह ठंडी हवा और हरियाली का अहसास कराती है. यहां पहुंचते ही लोगों को प्रकृति के करीब होने का एहसास होता है. सुबह और शाम के समय यहां का वातावरण बेहद मनोरम दिखाई देता है. परिवार, दोस्त और बच्चे सभी यहां खुलकर आनंद लेते हैं और पिकनिक का मजा उठाते हैं. चियांकी पहाड़ करीब 501 फीट ऊंचा है और इसकी चोटी से पूरा डालटनगंज शहर किसी खूबसूरत तस्वीर की तरह दिखाई देता है. पहाड़ की ऊंचाई पर पहुंचते ही ठंडी हवाएं और चारों ओर फैली हरियाली लोगों का मन मोह लेती है. शाम के समय सूर्यास्त का दृश्य यहां और भी आकर्षक हो जाता है. लोग मोबाइल और कैमरे में इस खूबसूरत नजारे को कैद करते नजर आते हैं. शहर के शोरगुल से दूर यह स्थान मानसिक सुकून देने का काम करता है. यही वजह है कि हर उम्र के लोग यहां पहुंचकर प्रकृति के बीच खास समय बिताना पसंद करते हैं. चियांकी पहाड़ की चोटी पर भगवान भोलेनाथ गुफा में विराजमान हैं. वहीं, राधा-कृष्ण मंदिर स्थापित है. जो इस स्थान की खूबसूरती के साथ-साथ धार्मिक महत्व को भी बढ़ाता है. यहां आने वाले पर्यटक मंदिर में पूजा-अर्चना कर शांति और आस्था का अनुभव करते हैं. सावन और महाशिवरात्रि के समय यहां श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ उमड़ती है. पहाड़ की चढ़ाई के दौरान भक्तों में अलग ही उत्साह दिखाई देता है. मंदिर परिसर से नीचे का दृश्य अत्यंत मनमोहक दिखाई देता है. धार्मिक वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता का यह संगम लोगों को बार-बार यहां आने के लिए आकर्षित करता है. Add News18 as Preferred Source on Google चियांकी पहाड़ और उसके नीचे बना पार्क अब पलामू के प्रमुख पर्यटन स्थल बन गया है. वहीं, पहाड़ के ऊपर पिकनिक स्पॉट के रूप में अपनी पहचान बना चुका है. छुट्टियों और खासकर गर्मी के मौसम में यहां लोगों की भारी भीड़ देखने को मिलती है. परिवार और दोस्त यहां खाना बनाने का सामान लेकर पहुंचते हैं और खुले आसमान के नीचे पिकनिक का आनंद लेते हैं. पहाड़ के आसपास बने खुले स्थानों पर लोग चूल्हा जलाकर खाना पकाते हैं और पूरे दिन मौज-मस्ती करते हैं. बच्चों की खिलखिलाहट और लोगों की चहल-पहल से पूरा इलाका जीवंत नजर आता है. चियांकी पार्क को इस तरह विकसित किया गया है कि यहां हर उम्र के लोगों के लिए मनोरंजन की सुविधा मौजूद है. बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार के झूले लगाए गए हैं, जहां बच्चे घंटों खेलते नजर आते हैं. वहीं, बड़ों के लिए आरामदायक बैठने की व्यवस्था की गई है. पार्क में ओपन जिम भी बनाया गया है, जहां युवा और बुजुर्ग व्यायाम करते दिखाई देते हैं. साफ-सफाई और हरियाली पार्क की सुंदरता को और बढ़ाती है. यही कारण है कि लोग यहां घंटों समय बिताने के बाद भी खुद को तरोताजा महसूस करते हैं. चियांकी पार्क में आने वाले लोगों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है. यहां कैंटीन, बाथरूम और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध है. गर्मी के दिनों में लोग यहां ठंडे पेय पदार्थ और खाने-पीने का आनंद भी लेते हैं. पार्क के केयर टेकर मुन्ना कुमार बताते हैं कि यहां दूर-दराज से आने वाले पर्यटक भी काफी खुश नजर आते हैं. कई लोग पहली बार यहां पहुंचकर इसकी प्राकृतिक सुंदरता से प्रभावित हो जाते हैं. पार्क रोजाना सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक खुला रहता है और इस दौरान यहां लगातार लोगों की आवाजाही बनी रहती है. चियांकी पहाड़ की सबसे बड़ी खासियत इसकी प्राकृतिक सुंदरता है. चारों ओर फैली हरियाली, ठंडी हवाएं और पहाड़ों का दृश्य लोगों को मानसिक राहत देने का काम करता है. सुबह के समय पक्षियों की चहचहाहट और शाम की ठंडी हवा यहां आने वालों को अलग ही अनुभव कराती है. शहर की भागदौड़ और तनाव भरी जिंदगी से दूर यह स्थान लोगों को सुकून का एहसास देता है. प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए भी यह जगह बेहद खास मानी जाती है. यहां का हर कोना लोगों को प्रकृति से जोड़ने का काम करता है. पलामू में गर्मी के मौसम के दौरान चियांकी पहाड़ लोगों के लिए आनंद और राहत का केंद्र बन गया है. यहां आने वाले लोग परिवार और दोस्तों के साथ यादगार पल बिताते हैं. प्राकृतिक वातावरण, धार्मिक आस्था और आधुनिक पार्क सुविधाओं का संगम इस जगह को खास बनाता है. बच्चों की मस्ती, युवाओं की सेल्फी और परिवारों की पिकनिक यहां हर दिन देखने को मिलती है. यही वजह है कि चियांकी पहाड़ अब सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि लोगों की खुशियों और सुकून का पसंदीदा ठिकाना बनता जा रहा है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

झारखंड

यूजी नामांकन में देरी पर आजसू ने कुलपति को सौंपा ज्ञापन, प्रॉसेस...

रांची| 12वीं का परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद भी रांची विश्वविद्यालय में स्नातक (यूजी) नामांकन प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है, जबकि एफिलिएटेड कॉलेजों समेत डीएसपीएमयू में एडमिशन हो रहा है। छात्र आजसू के प्रतिनिधि प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा के नेतृत्व में कुलपति प्रो. सरोज शर्मा को ज्ञापन सौंप शीघ्र एडमिशन प्रॉसेस शुरू करने की मांग की है। कुलपति ने शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रतिनिधियों में प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा, प्रदेश सचिव रोशन नायक, राजेश सिंह, महानगर अध्यक्ष अमन साहू, सौरभ यादव, अब्दुल खान, राहुल, यश सोनी, पंकज, अभित कुमार, हिमांशु, सुरदीप, अमित, निशांत शामिल थे। Source link

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India Ambassador Vipul Appointed UAE

Hindi News Career India Ambassador Vipul Appointed UAE | Rudram 2 Missile Test Update 20 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. डीके शिवकुमार कर्नाटक के 24वें सीएम बने 3 जून को डीके शिवकुमार ने कर्नाटक के 24वें मुख्यमंत्री की शपथ ली। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने शिवकुमार को पद की शपथ दिलाई। इसके साथ ही जी परमेश्वर कर्नाटक के नए डिप्टी CM बने। इनके अलावा 12 अन्य विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। पूर्व सीएम सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया भी इन विधायकों के साथ शपथ ली। शिवकुमार को 30 मई को कांग्रेस विधायक दल की बैठक में नेता चुना गया था। शिवकुमार ने सिद्धारमैया की जगह ली है। उन्होंने 28 मई को सीएम पद से इस्तीफा दिया था। 2. एंटी-रेडिएशन मिसाइल रुद्रम-2 की सफल टेस्टिंग हुई 2 जून को DRDO ने एंटी-रेडिएशन मिसाइल रुद्रम-2 की सफल टेस्टिंग की। रुद्रम-2 की ये टेस्टिंग वायुसेना के ( Su-30MKI) सुखोई फाइटर जेट से की गई। रुद्रम-2 मिसाइल हवा से जमीन पर 300km की रेंज में वार कर सकती है। एंटी-रेडिएशन मिसाइल ऐसा हथियार है जो दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम, रडार, कम्युनिकेशन सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस नेटवर्क को टार्गेट करता है। रुद्रम-2 मिसाइल इनर्शियल नेविगेशन और सैटेलाइट नेविगेशन सिस्‍टम दोनों से लैस है। रूद्रम-1 2020 में डेवलप की गई थी और ये भारत की पहली एंटी रेडिएशन मिसाइल है। 3. लोखंडे प्रशांत CBSE के नए चेयरमैन बने 2 जून को केंद्र सरकार ने सीनियर IAS ऑफिसर लोखंडे प्रशांत सीताराम को CBSE का नया चेयरमैन अपॉइंट किया। लोखंडे प्रशांत सीताराम AGMUT कैडर (अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश) 2001 बैच के IAS ऑफिसर हैं। लोखंडे 2022 में होम मिनिस्ट्री में जॉइंट सेक्रेटरी के तौर पर अपॉइंट हुए थे और मार्च में एडिशनल सेक्रेटरी बनाए गए थे। इसके साथ ही CBSE ने वरुण भारद्वाज को नया सचिव अपॉइंट किया है। दोनों ही अपॉइंटमेंट CBSE 12वीं बोर्ड में ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) विवाद के बाद हुए हैं। एक दिन पहले ही केंद्र सरकार ने CBSE के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का ट्रांसफर किया है। CBSE के पूर्व चेयरमैन राहुल 1996 बैच के IAS हैं और 2024 में CBSE के चेयरमैन बने थे। इसके अलावा OSM सर्विस के टेंडर और खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए एक सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। इस कमेटी की अध्यक्षता 1988 बैच की IAS एस राधा चौहान करेंगी। कमेटी को एक माह के भीतर रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है। एस राधा 2025 से कैपिसिटी बिल्डिंग कमीशन (CBC) की चेयरपर्सन हैं। लोखंडे प्रशांत ने अपनी शुरुआती पढ़ाई पुणे विश्वविद्यालय से की है। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 4. विपुल सऊदी अरब में भारत के नए राजदूत बने 3 जून को भारत सरकार ने सीनियर डिप्लोमेट विपुल को सऊदी अरब (UAE) में भारत का अगला राजदूत नियुक्त किया। विपुल 1998 बैच के इंडियन फॉरेन सर्विस (IFS) ऑफिसर हैं। विपुल 2014 से 2017 तक मिनिस्ट्री ऑफ एक्‍सटर्नल अफेयर्स में जॉइंट सेक्रेटरी रहे। 2017 से 2020 तक विपुल ने UAE में भारत के काउंसल जनरल के तौर पर काम किया। काउंसल जनरल दूसरे देश में अपने देश के एड्वाइजर के तौर पर काम करते हैं। विपुल 2023 से जून 2026 तक कतर में भारत के लीडिंग डिप्लोमेट भी रहे। विपुल, सोहेल एजाज खान की जगह लेंगे। 1984 में विपुल ने दिल्ली IIT से ग्रेजुएशन किया। 5. जर्मनी ने भारतीयों के लिए ट्रांजिट वीजा खत्म किया 3 जून को जर्मनी ने भारतीय नागरिकों के लिए ट्रांजिट वीजा खत्म कर दिया है। अब किसी भी भारतीय नागरिक को किसी तीसरे देश की यात्रा के दौरान जर्मनी एयरपोर्ट पर ट्रांजिट करने के लिए एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा (Type A) की जरूरत नहीं होगी। यह नियम जर्मन संघीय कानून राजपत्र (Bundesgesetzblatt) में प्रकाशित होने के बाद लागू किया गया है। ये छूट सिर्फ एयरपोर्ट के इंटरनेशनल ट्रांजिट एरिया (Type A) में रहने वाले यात्रियों के लिए ही है। ये जर्मनी में एंट्री के लिए नहीं है। यदि कोई भारतीय यात्री एयरपोर्ट से बाहर निकलना चाहते हैं या जर्मनी क्षेत्र में प्रवेश करना चाहते हैं, तो उन्हें वीजा लेना जरूरी होगा। ट्रांजिट वीजा ट्रांजिट वीजा किसी देश से किसी अन्य देश की यात्रा के दौरान हॉल्ट करने के लिए जारी किया जाता है। जैसे यदि आप भारत से किसी अन्य देश (जैसे अमेरिका, कनाडा, यूके) जा रहे हैं और आपकी उड़ान का ले ओवर (layover) जर्मनी के किसी एयरपोर्ट पर है, तो अब अलग से ट्रांजिट वीजा लेने की जरूरत नहीं होगी। मिसलीनियस (MISCELLENEOUS) 6. ओडिशा के कॉस्टल हाईवे को मंजूरी मिली 3 जून को केंद्र सरकार ने ओडिशा में कॉस्टल हाईवे (राजमार्ग परियोजना) को मंजूरी दी। ये कॉस्टल हाईवे 8,300 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जाएगा। ये परियोजना 346 किमी लंबे ओडिशा तटीय राजमार्ग का हिस्सा है, जो भविष्य में राज्य के तटीय क्षेत्रों को बेहतर ढंग से जोड़ेगी। राजमार्ग परियोजना के पहले चरण में 160 किमी लंबे रामेश्वर-कोणार्क-पारादीप मार्ग को विकसित किया जाएगा। इस परियोजना के मुताबिक राजमार्ग का रामेश्वर से कोणार्क 4 लेन और कोणार्क से पारादीप हिस्सा 2 लेन किया जाएगा। राजमार्ग से भुवनेश्वर और खुर्दा के विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZs), भुवनेश्वर का मेगा फूड पार्क, परादीप, कोणार्क, जगतसिंहपुर, पुरी और केंद्रपाड़ा के फिशरी क्लस्टर और कटक के फार्मा क्लस्टर को बेहतर ट्रांसपोर्ट की सुविधा मिल सकेगी। परियोजना के तहत पुरी रेलवे स्टेशन, प्रस्तावित पुरी हवाई अड्डा, अस्तारंगा पोर्ट, पारादीप पोर्ट और जगतसिंहपुर स्थित मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क को भी जोड़ा जाएगा। इस परियोजना के पूरे होने से चक्रवात और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में भी आसानी होगी। आज का इतिहास 1946 में सिंगर एस पी. बालासुब्रह्मण्यम का जन्म हुआ था। 1989 में चीन की सरकार ने बीजिंग में प्रदर्शन कर रहे अपने ही नागरिकों पर तोप चढ़ा दी थी, जिसे थ्‍येनआनमन स्‍क्‍वायर नरसंहार के नाम से जानते हैं। ————————— ये खबर भी पढ़ें.. पहली वर्ल्‍ड योगासन चैंपियनशिप अहमदाबाद में शुरू होगी: काजीरंगा नेशनल पार्क के हैंडलूम अब Amazon पर मिलेंगे; 3 जून के करेंट अफेयर्स आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं-पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक

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Final approval will be given only after the documents are scrutinized, anger...

Hindi News Local Jharkhand Ranchi Ranchi University: Final Approval Will Be Given Only After The Documents Are Scrutinized, Anger Is Growing Among The Dependents. रांची23 घंटे पहले कॉपी लिंक रांची| रांची यूनिवर्सिटी में वर्षों से लंबित अनुकंपा नियुक्ति के मामलों पर आखिरकार मंगलवार को हलचल दिखी। वीसी प्रो. सरोज शर्मा की अध्यक्षता में अनुकंपा समिति की बैठक हुई, जिसमें विश्वविद्यालय मुख्यालय और अंगीभूत कॉलेजों के आठ दिवंगत कर्मचारियों के आश Source link

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