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PM मोदी की 4.5 घंटे मैराथन मीटिंग: मंत्रियों को मैसेज- पेंड‍िंग काम...

होमताजा खबरदेश PM मोदी की 4.5 घंटे मैराथन मीटिंग: मंत्रियों को मैसेज- पेंड‍िंग काम खत्म कीजिए Agency:एजेंसियां Last Updated:May 21, 2026, 22:42 IST प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में केंद्रीय मंत्रिपरिषद की एक मैराथन बैठक की अध्यक्षता की, जो करीब साढ़े चार घंटे तक चली. बैठक में विभिन्न मंत्रालयों के कामकाज की समीक्षा की गई और लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने पर जोर दिया गया. पीएम मोदी ने मंत्रियों को साफ निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए और जनता तक लाभ समय पर पहुंचाया जाए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैब‍िनेट सहयोग‍ियों के साथ चर्चा की. नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को केंद्रीय मंत्रिपरिषद की एक लंबी और अहम बैठक की अध्यक्षता की. यह बैठक नई दिल्ली के भारत मंडपम में हुई और करीब साढ़े चार घंटे तक चली. बैठक में पीएम मोदी ने मंत्रियों को साफ संदेश दिया कि सरकार के सभी पेंड‍िंग काम जल्द से जल्द पूरे किए जाएं और कामकाज में तेजी लाई जाए. बैठक शाम 5 बजे शुरू हुई और देर रात तक चली. इसमें सभी प्रमुख मंत्रालयों के कामकाज की समीक्षा की गई. पीएम मोदी ने अलग-अलग विभागों की प्रगति रिपोर्ट ली और जिन क्षेत्रों में देरी हो रही है, वहां तुरंत सुधार के निर्देश दिए. सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी ने कहा कि सरकार की योजनाओं का फायदा समय पर जनता तक पहुंचना चाहिए. उन्होंने यह भी साफ किया कि किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी और हर मंत्री को अपने विभाग के कामों की नियमित निगरानी करनी होगी. मीटिंग का वक्‍त खास यह बैठक ऐसे समय पर हुई है जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता बढ़ रही है. पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं. इसका सीधा असर भारत पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि देश अपनी करीब 85% तेल जरूरत आयात से पूरी करता है. तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से देश में महंगाई बढ़ने का खतरा भी बताया जा रहा है. इससे पेट्रोल-डीजल के दाम, ट्रांसपोर्ट खर्च और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर असर पड़ सकता है. पहले की अपील प्रधानमंत्री मोदी पहले भी लोगों से अपील कर चुके हैं कि वे ईंधन का समझदारी से इस्तेमाल करें, सोने की खरीद सीमित करें और विदेश यात्रा पर खर्च को लेकर सतर्क रहें. सरकार का मानना है कि मौजूदा वैश्विक हालात में आर्थिक अनुशासन बेहद जरूरी है. इस मैराथन बैठक को सरकार के कामकाज में तेजी और नीतियों के बेहतर क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. About the Author Gyanendra Mishra Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi Source link

झारखंड

जमशेदपुर की ‘पचरंगा सलाद’ का स्वाद बना रहा लोगों को दीवाना, जानें...

X जमशेदपुर की ‘पचरंगा सलाद’ का स्वाद बना रहा लोगों को दीवाना, जानें खासियत   जमशेदपुर में इन दिनों ‘पचरंगा सलाद’ लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है. शाम होते ही इसकी दुकानों पर मजदूर, छात्र और नौकरीपेशा लोगों की भीड़ जुटने लगती है. इस सलाद में अंकुरित चना, मूंग, उबले मटर, प्याज, आलू, खीरा, गाजर, टमाटर और चुकंदर जैसी कई पौष्टिक चीजें मिलाई जाती हैं. ऊपर से मसाला, नींबू और नारियल डालकर इसका स्वाद और बढ़ाया जाता है. स्वाद के साथ यह सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. सलाद विक्रेता बताते हैं कि आजकल लोग तला-भुना और ज्यादा मसालेदार खाना कम पसंद कर रहे हैं. ऐसे में यह सलाद बेहतर विकल्प बनकर सामने आई है. इसमें प्रोटीन और पोषण भरपूर मात्रा में होता है, इसलिए कई लोग इसे ‘प्रोटीन बूस्टर’ भी कहते हैं. इसे आप घर पर भी आसानी से बना सकते हैं. Source link

झारखंड

देवघर कॉलेज में एनसीसी आपदा प्रबंधन शिविर शुरू:391 कैडेटों को मिलेगा विशेष...

देवघर कॉलेज में 10 दिवसीय एनसीसी युवा आपदा मित्रा योजना (YAMS-2026) प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ हुआ है। 36 झारखंड बटालियन एनसीसी के तत्वावधान में आयोजित यह शिविर 18 मई से 27 मई 2026 तक चलेगा। इसमें झारखंड के विभिन्न जिलों से कुल 391 एनसीसी कैडेट हिस्सा ले रहे हैं। इन कैडेटों में देवघर जिले से 200, दुमका से 135 और गिरिडीह जिले से 56 प्रतिभागी शामिल हैं। कैडेटों में इस प्रशिक्षण को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। शिविर के दौरान कैडेट को आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार, राहत एवं बचाव कार्य, आपातकालीन प्रक्रिया, भीड़ प्रबंधन, संचार व्यवस्था और सामुदायिक सहायता का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण एसडीआरएफ टीम के विशेषज्ञों द्वारा प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य युवाओं को आपदा की स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान करने के लिए तैयार करना है। इससे वे किसी भी प्राकृतिक आपदा या आपातकालीन परिस्थिति में प्रथम प्रतिक्रिया दल के रूप में कार्य कर सकेंगे। शिविर के उद्घाटन अवसर पर कैंप कमांडेंट कर्नल संजय कंडवाल, सेना मेडल ने कैडेटों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आपदाएं केवल व्यवस्थाओं की नहीं, बल्कि मानवता की भी परीक्षा लेती हैं। उन्होंने कैडेटों से अनुशासन बनाए रखने और प्रत्येक प्रशिक्षण सत्र में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। कर्नल कंडवाल ने जोर दिया कि यहां प्राप्त प्रशिक्षण भविष्य में लोगों की जान बचाने, संकटग्रस्त परिवारों को सहारा देने और समाज के लिए आशा की किरण बनने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि एनसीसी कैडेट केवल शिविर के प्रतिभागी नहीं, बल्कि भविष्य के जिम्मेदार नागरिक और समाज के रक्षक हैं। शिविर के सफल संचालन में सूबेदार मेजर अजय कुमार, एएनओ मेजर राजेश कुमार सिंह, लेफ्टिनेंट रणजीत सिंह, जीसीआई अस्मिता जैन, प्रियंका सिंह और अन्य पीआई स्टाफ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। Source link

झारखंड

गिरीडीह के धोबारी जंगल में हाथी का शव मिला:10-12 वर्षीय हाथी की...

गिरिडीह जिले के सरिया रेंज स्थित धोबारी जंगल में एक 10-12 वर्षीय हाथी का शव मिलने से वन विभाग में हलचल मच गई है। यह घटना हजारीबाग पूर्वी वन प्रक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में हुई है। सूचना मिलते ही स्थानीय वनकर्मी मौके पर पहुंचे। हजारीबाग पूर्वी वन प्रक्षेत्र के डीएफओ विकास उज्जवल ने भी घटनास्थल का दौरा कर मामले की जानकारी ली। पशु चिकित्सकों की टीम भी मौके पर पहुंच गई है और हाथी के पोस्टमॉर्टम की तैयारी की जा रही है। हाथी की मौत दो से तीन दिन पहले होने की आशंका जानकारी के अनुसार, इन दिनों क्षेत्र में हाथियों का एक झुंड विचरण कर रहा है। आशंका जताई जा रही है कि मृत हाथी इसी झुंड का हिस्सा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हाथी की मौत दो से तीन दिन पहले हुई होगी। वन विभाग को संदेह है कि हाथी जंगल की घनी झाड़ियों में फंस गया होगा, जिसके कारण उसकी मौत हुई। हालांकि, विभाग अभी किसी निश्चित निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। ग्रामीणों से घटनास्थल से दूर रहने की अपील घटना की खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीणों की भीड़ जंगल की ओर उमड़ पड़ी। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों से घटनास्थल से दूर रहने की अपील की। विभाग अब यह भी पता लगाने में जुटा है कि झुंड में कुल कितने हाथी थे और मृत हाथी आखिर झाड़ियों में कैसे फंसा। इस संबंध में डीएफओ विकास उज्जवल ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हाथी की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल प्रारंभिक तौर पर यही प्रतीत हो रहा है कि हाथी झाड़ियों में फंस गया था, लेकिन हर पहलू की जांच की जा रही है। Source link

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bihar first solar village model sitamarhi lachhua zero electricity bill 75 percent...

Last Updated:May 21, 2026, 21:40 IST Solar Village In Bihar: बिहार के सीतामढ़ी जिले का एक छोटा सा गांव लछुआ आज पूरे देश के लिए रोल मॉडल बन चुका है. इस गांव की करीब 75 फीसदी आबादी ने पारंपरिक बिजली को अलविदा कहकर सौर ऊर्जा (Solar Energy) को अपना लिया है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह हुआ है कि गांव के कई घरों का मासिक बिजली बिल अब पूरी तरह शून्य हो गया है. सरकारी योजनाओं और सब्सिडी के बेहतर तालमेल से गांव में यह हरित क्रांति आई है. अब पंचायत का लक्ष्य गांव के हर एक घर को सोलर कनेक्शन से जोड़कर इसे शत-प्रतिशत आत्मनिर्भर बनाने का है. सीतामढ़ी: जिले का महुआबा पंचायत के अंतर्गत आने वाला लछुआ गांव आज ग्रामीण आत्मनिर्भरता और नवीकरणीय ऊर्जा की एक नई मिसाल पेश कर रहा है. विकास की इस दौड़ में लछुआ गांव ने पारंपरिक बिजली ग्रिड पर अपनी निर्भरता को बेहद कम कर दिया है. आज इस गांव की लगभग 75 प्रतिशत आबादी अपनी रोजमर्रा की बिजली जरूरतों के लिए पूरी तरह से सोलर सिस्टम (सौर ऊर्जा) का इस्तेमाल कर रही है. गांव के अधिकांश घरों की छतों पर चमकते सोलर पैनल इस बात का प्रमाण हैं कि ग्रामीण अब पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ ऊर्जा को अपना रहे हैं. यह बदलाव न केवल पर्यावरण के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है, बल्कि ग्रामीणों के जीवन स्तर में भी बड़ा सुधार ला रहा है. बिजली बिल से मिली बड़ी राहत, जेब का बोझ हुआ कमइस बेहतरीन और आधुनिक बदलाव का सबसे सीधा और सकारात्मक असर ग्रामीणों की जेब पर देखने को मिल रहा है. सोलर पैनल अपनाने के बाद यहां के अधिकांश घरों का मासिक बिजली बिल घटकर मात्र 100 से 150 रुपये तक सिमट गया है. स्थानीय ग्रामीण कृष्णनंदन कुमार और राम इकबाल महतो बताते हैं कि पहले बिजली कटने की बड़ी समस्या थी, लेकिन अब सोलर की वजह से 24 घंटे लाइट रहती है. ग्रामीण बताते हैं कि बिजली बिल अब नाममात्र का आता है. कई गरीब व बीपीएल (BPL) परिवारों का बिल तो अब बिल्कुल शून्य (0) आने लगा है. सौर ऊर्जा से मिल रही इस बड़ी वित्तीय राहत के कारण पूरा गांव बेहद खुश और उत्साहित है. स्थानीय प्रशासन की पहल और सरकारी योजनाओं का मिला साथलछुआ गांव को ‘सोलर विलेज’ बनाने में स्थानीय मुखिया संजीव भूषण और पंचायत प्रशासन की भूमिका बेहद सराहनीय रही है. मुखिया के सहयोग से पंचायत के करीब 70 प्रतिशत घरों में सोलर प्लेट्स लगाई जा चुकी हैं. इसके अलावा गांव की सुरक्षा और रोशनी के लिए 17 प्रमुख सार्वजनिक जगहों पर 150 से अधिक सोलर लाइटें और सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं. महुअवा पंचायत के मुखिया संजीव भूषण ने बताया कि वर्तमान में ‘पीएम सूर्य घर योजना’ के तहत लगभग 95 नए आवेदन स्वीकृत हैं. स्कूल की इमारतों पर भी सोलर प्लांट लगाए जा रहे हैं. सरकार द्वारा विभिन्न वर्गों को दी जा रही सब्सिडी इस मुहिम को और तेज कर रही है. भविष्य का लक्ष्य और आत्मनिर्भरता की नई ‘सौर क्रांति’लछुआ गांव में शुरू हुई यह सौर क्रांति अब थमने वाली नहीं है, बल्कि इसका दायरा और तेजी से बढ़ने वाला है. गांव के लोग अब सोलर पावर का इस्तेमाल न केवल रोशनी के लिए, बल्कि इंडक्शन चूल्हों पर खाना पकाने के लिए भी कर रहे हैं. पंचायत प्रशासन का आगामी लक्ष्य गांव के शत-प्रतिशत घरों को इस योजना से जोड़ना है, जिसके तहत आने वाले समय में 85% के लक्ष्य को पूरा करते हुए लगभग 700 घरों में सीधे सोलर बिजली का उत्पादन सुनिश्चित किया जाएगा. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sitamarhi,Bihar Source link

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जामताड़ा में बिचाली लदे पिकअप वैन में लगी आग:जलती गाड़ी को ड्राइवर...

जामताड़ा जिले के कर्माटांड़ स्थित गणपत चौक के पास गुरुवार को एक व्यस्त बाजार में बिचाली (पुआल) से लदे पिकअप वैन में भीषण आग लग गई। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया और वाहन कुछ ही देर में धुएं के गुबार से घिर गया। हालांकि, चालक-खलासी और ग्रामीणों की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया। पिकअप वैन नाला-फतेहपुर क्षेत्र से बिचाली लेकर ईदगाह मोड़ की ओर जा रहा था। वाहन में क्षमता से अधिक बिचाली लदी हुई थी। कर्माटांड़ के गणपत चौक पहुंचते ही, ऊपर से गुजर रहे हाई वोल्टेज बिजली के तार से बिचाली सट गई। तार के संपर्क में आते ही जोरदार स्पार्किंग हुई और सूखी बिचाली में तुरंत आग लग गई। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलने लगी। घटना बाजार क्षेत्र में हुई, जिससे दुकानदारों और राहगीरों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इसी दौरान, चालक राजन गोराई और खलासी राकेश मंडल ने साहस दिखाते हुए जलती हुई गाड़ी को भीड़भाड़ वाले इलाके से बाहर निकाला। वे वाहन को टारपर गांव के पास एक खाली मैदान तक ले गए, जिससे आसपास की दुकानों और घरों को आग की चपेट में आने से बचाया जा सका। चालक राजन गोराई और खलासी राकेश मंडल क्रमशः बिंदा पत्थर थाना क्षेत्र के जगन्नाथपुर और सुंदरपुर गांव के निवासी हैं। घटना में दोनों पूरी तरह सुरक्षित बच गए। घटना की सूचना मिलते ही टारपर गांव के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और आग बुझाने में जुट गए। ग्रामीणों ने घरों से पानी की टंकियां और टुल्लू पंप मंगाकर लगातार पानी की बौछार की। कई लोगों ने जलती बिचाली को वाहन से नीचे गिराकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। काफी देर तक चले बचाव अभियान के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया। पुलिस पदाधिकारी मुकेश भोक्ता ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही तत्काल बचाव कार्य शुरू किया गया तथा फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। हालांकि दमकल वाहन पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों ने मोटर पंप लगाकर आग पर काबू पा लिया। उन्होंने बताया कि घटना में वाहन पर लदी बिचाली पूरी तरह जलकर राख हो गई, जबकि पिकअप वैन भी आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुई है। Source link

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गिरिडीह में अतिक्रमण पर फिर चला बुलडोजर:दुकानदारों ने किया विरोध प्रदर्शन, प्रशासन...

गिरिडीह में नगर निगम ने अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत तोड़ी गई दुकानों के दोबारा निर्माण पर गुरुवार को सख्त कार्रवाई किया। निगम की टीम ने पुलिस बल के साथ पहुंचकर निर्माणाधीन हिस्सों पर बुलडोजर चलाया और कई अस्थायी निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान इलाके में काफी देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा। यह कार्रवाई नगर निगम के उप नगर आयुक्त प्रशांत कुमार लायक के निर्देश पर की गई। निगम की टीम जेसीबी मशीन और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। इस दौरान दोबारा बनाए जा रहे निर्माण को तोड़ा गया, जिसमें एक दुकान में खड़ा किया गया पिलर भी शामिल था। निर्माण कार्य पर रोक लगा दी इससे पहले, नगर निगम ने अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाकर कुल 32 दुकानों को हटाया था। इसके बावजूद कुछ दुकानदारों ने फिर से निर्माण कार्य शुरू कर दिया था। इसकी सूचना मिलने पर निगम प्रशासन ने दोबारा कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य पर रोक लगा दी। इधर, नगर निगम की इस कार्रवाई से स्थानीय दुकानदारों में भारी नाराजगी देखी गई। आक्रोशित दुकानदारों ने मौके पर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन तथा नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दुकानदारों का कहना था कि लगातार कार्रवाई से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। प्रशासन केवल चुनिंदा दुकानों पर कार्रवाई कर रहा: दुकानदार उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के उनकी दुकानों को हटा रहा है। दुकानदारों ने यह भी कहा कि पंचंबा क्षेत्र में अब तक कई अतिक्रमित दुकानें नहीं हटाई गई हैं और न ही वहां सड़क चौड़ीकरण का काम हुआ है। उनका आरोप है कि प्रशासन केवल चुनिंदा दुकानों पर कार्रवाई कर रहा है और विस्थापित दुकानदारों को स्थायी जगह भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। वहीं, निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अतिक्रमण कर दोबारा निर्माण करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस संबंध में उप सहायक नगर आयुक्त अशोक हांसदा ने बताया कि पूर्व में सड़क चौड़ीकरण के उद्देश्य से दुकानों को हटाया गया था। बावजूद इसके कुछ दुकानदारों द्वारा फिर से निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था। नगर आयुक्त के निर्देश पर आज दोबारा कार्रवाई की गई है। Source link

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समंदर से सुकून तक… जंग के बीच 3,300 से ज्यादा अपनों को...

होमताजा खबरदेश समंदर से सुकून तक… जंग के बीच 3,300 से ज्यादा अपनों को सुरक्षित बचा लाया भारत Agency:एजेंसियां Last Updated:May 21, 2026, 20:38 IST वेस्ट एशिया में युद्ध जैसे हालात, समुद्री रास्तों पर खतरा और पूरी दुनिया में ईंधन सप्लाई को लेकर बढ़ती चिंता के बीच भारत ने बड़ा भरोसा दिखाया है. सरकार ने न सिर्फ 3,300 से ज्यादा भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी कराई, बल्कि यह भी साफ कर दिया कि देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कोई कमी नहीं है. संकट के बीच भारत का यह मैरिटाइम और सप्लाई मैनेजमेंट अब उसकी बड़ी ताकत बनकर सामने आया है. जंग के बीच से अपनों को बचा लाया भारत. भारत ने बड़ी कामयाबी हास‍िल की है. सेंट्रल पोर्ट म‍िन‍िस्‍ट्री ने गुरुवार को बताया कि क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और अब तक 3,300 से ज्यादा भारतीयों को सफलतापूर्वक स्वदेश वापस लाया जा चुका है. इनमें सिर्फ पिछले 72 घंटों में 99 नाविकों की सुरक्षित वापसी शामिल है. मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगला ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि पिछले तीन दिनों में किसी भी भारतीय-ध्वज वाले जहाज या भारतीय क्रू वाले विदेशी जहाज से जुड़ी कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है. यह स्थिति ऐसे समय में राहत देने वाली है जब क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव के कारण समुद्री गतिविधियों पर लगातार दबाव बना हुआ है. सरकार के मुताबिक, हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और संकट के दौरान प्राप्त संचार की मात्रा भी बेहद अधिक रही है. पिछले 72 घंटों में मंत्रालय को 404 कॉल और 903 ईमेल प्राप्त हुए, जिनका त्वरित समाधान किया गया. यह दिखाता है कि संकट की स्थिति में भी भारत का मैरिटाइम मैनेजमेंट सिस्टम सक्रिय और जवाबदेह तरीके से काम कर रहा है. क्रू की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता मुकेश मंगला ने यह भी बताया कि वर्तमान में 13 भारतीय-ध्वज वाले जहाज और एक भारतीय स्वामित्व वाला जहाज इस पूरे क्षेत्र में ऑपरेशन में हैं. इन जहाजों के लिए भोजन, ईंधन और जरूरी आपूर्ति की व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार नजदीकी बंदरगाहों के जरिए की जा रही है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में क्रू की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. सबसे अहम बात यह रही कि भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे संवेदनशील समुद्री मार्ग से जहाजों को भेजने पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. सरकार विदेश मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क में है और हालात अनुकूल होने पर ही आगे की रणनीति बनाई जाएगी. शिपिंग रूट बाधित यह पूरा घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब पश्चिम एशिया में 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष ने वैश्विक समुद्री व्यापार को प्रभावित किया है. इस टकराव के कारण कई जगहों पर शिपिंग रूट बाधित हुए और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लगभग ब्लॉकेड जैसी स्थिति बन गई थी. हालांकि अब अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की प्रक्रिया शुरू होने से हालात में धीरे-धीरे सुधार की उम्मीद जताई जा रही है. ईंधन आपूर्ति पूरी तरह स्थिरभारत के लिए राहत की बात यह भी है कि समुद्री संकट के बावजूद देश में ईंधन आपूर्ति पूरी तरह स्थिर बनी हुई है. सरकारी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक देशभर में उपलब्ध है और किसी भी तरह की कमी की आशंका नहीं है. इसके साथ ही LPG वितरण प्रणाली में भी बड़ा सुधार देखा गया है. अब लगभग 96 प्रतिशत घरेलू LPG सिलेंडर डिलीवरी Authentication Code आधारित सिस्टम से हो रही है, जिससे गैस के दुरुपयोग और अवैध वितरण पर काफी हद तक रोक लगी है. वहीं, MYPNGD.in पोर्टल के जरिए 58,500 से अधिक PNG उपभोक्ताओं ने स्वेच्छा से अपने LPG कनेक्शन सरेंडर किए हैं, जो ऊर्जा वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. About the Author Gyanendra Mishra Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi Source link

झारखंड

रेलवे यार्ड में गांजा तस्करी का खुलासा, दो गिरफ्तार:धनबाद पुलिस-आरपीएफ की संयुक्त...

धनबाद पुलिस और आरपीएफ ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए रेलवे यार्ड से गांजा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस दौरान दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक आरोपी फरार हो गया। पुलिस ने उनके पास से करीब पांच किलो गांजा और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। धनबाद के सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव ने गुरुवार को इस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बुधवार रात करीब 8:20 बजे पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, कुछ युवक मोटरसाइकिल से गांजा लेकर धनसार थाना क्षेत्र के काठपुल बरमसिया स्थित रेलवे यार्ड पहुंचे थे और गंगा-सतलज ट्रेन के जरिए उसकी तस्करी की जा रही थी। बाइक पर बैठा एक आरोपी मौके से फरार हो गया सूचना मिलते ही धनसार थाना की गश्ती टीम और आरपीएफ ने संयुक्त रूप से काठपुल रेलवे यार्ड के पास घेराबंदी की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने देखा कि एक युवक मोटरसाइकिल से उतरकर दूसरे युवक को बैग दे रहा था। पुलिस को देखते ही बाइक पर बैठा एक आरोपी मौके से फरार हो गया, लेकिन दो अन्य युवकों को पकड़ लिया गया। तलाशी लेने पर बैग से पांच अलग-अलग प्लास्टिक पैकेट में रखा करीब पांच किलो गांजा बरामद हुआ। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धनसार थाना क्षेत्र के दुहाटांड़ निवासी 37 वर्षीय मुकेश राम और जामताड़ा जिले के फतेहपुर निवासी 25 वर्षीय राहुल कुमार मोदी के रूप में हुई है। पूछताछ में राहुल मोदी ने बताया कि वह रेलवे में अटेंडेंट के रूप में काम करता है और इसी का लाभ उठाकर ट्रेन के माध्यम से गांजा तस्करी करता था। उसने यह भी स्वीकार किया कि वह पहले से इस अवैध कारोबार में संलिप्त रहा है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। फरार आरोपी की तलाश में छापेमारी जारी है। इस संयुक्त कार्रवाई में धनसार थाना प्रभारी मनोहर करमाली, अंचल अधिकारी रामप्रवेश कुमार, आरपीएफ और थाना सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। Source link

शिक्षा

BRO, LIC HFL, MCL Recruitment 2026

Hindi News Career BRO, LIC HFL, MCL Recruitment 2026 | Sarkari Naukri Vacancy India 7 मिनट पहले कॉपी लिंक आज की सरकारी नौकरी में जानकारी यूपी कृषि विभाग में 2759 पदों पर भर्ती, पंजाब एंड सिंध बैंक में 635 वैकेंसी की। साथ ही बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन में 899 ओपनिंग्स की। इस भर्ती के लिए आवेदन की प्रक्रिया आज यानी 21 मई से शुरू हो रही है। इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए… 1. यूपी कृषि विभाग में 2759 पदों पर भर्ती, 22 मई से शुरू आवेदन यूपी में उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने कृषि विभाग में प्राविधिक सहायक ग्रुप-सी के 2759 पदों पर भर्ती निकाली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। फॉर्म में करेक्शन और फीस जमा करने की लास्ट डेट 18 जून 2026 तय की गई है। वैकेंसी डिटेल्स : कैटेगरी का नाम पदों की संख्या जनरल 1692 ओबीसी 573 ईडब्ल्यूएस 275 एससी 213 एसटी 6 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : कृषि में ग्रेजुएशन या उसके समकक्ष डिग्री इस भर्ती के लिए वही उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं जो पीईटी-2025 में शामिल हो चुके हों और उन्हें आयोग द्वारा पीईटी 2025 का स्कोर कार्ड जारी किया गया हो। लॉगिन के लिए PET 2025 रजिस्ट्रेशन नंबर की जरूरत होगी। एज लिमिट : न्यूनतम : 21 साल अधिकतम : 40 साल आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को अधिकतम उम्र में छूट दी जाएगी। सिलेक्शन प्रोसेस : PET स्कोर के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग रिटन एग्जाम डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन सैलरी : 25,500 – 81,100 रुपए प्रतिमाह अन्य अलाउंस का लाभ भी मिलेगा। फीस : सभी उम्मीदवारों के लिए : 25 रुपए एग्जाम पैटर्न : कुल प्रश्न: 100 एग्जाम लैंग्वेज : हिंदी और इंग्लिश ड्यूरेशन: 2 घंटे निगेटिव मार्किंग : 1/4 अंक कुल अंक : 100 कुल प्रश्न : 100 सब्जेक्ट : क्रॉप साइंस, बायोटेक्नोलॉजी एंड फिजियोलॉजी सॉइल एंड वाटर कंजर्वेशन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन कंप्यूटर एंड आईटी उत्तर प्रदेश का जनरल नॉलेज ऐसे करें आवेदन : यूपीएसएसएससी की ऑफिशियल वेबसाइट upsssc.gov.in पर जाएं। यहां ‘Agriculture Technical Assistant (AGTA) Group C Recruitment 2026’ पर क्लिक करें। रजिस्ट्रेशन प्रोसेस फॉलो करें। जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। फीस का भुगतान करें। फॉर्म जमा करें। इसका प्रिंटआउट निकालकर रखें। ऑफिशियल नोटिफिकेशन ऑफिशियल वेबसाइट लिंक 2. पंजाब एंड सिंध बैंक में 635 पदों पर भर्ती, फीस 100 रुपए पंजाब एंड सिंध बैंक में अप्रेंटिस के 635 पदों पर भर्ती निकली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट punjabandsindbank.co.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। इस अप्रेंटिसशिप की अवधि 12 महीने होगी। वैकेंसी डिटेल्स : स्टेट वाइस वैकेंसी पदों की संख्या उत्तर प्रदेश 100 पंजाब 90 हरियाणा 50 बिहार 40 दिल्ली (NCT) 30 महाराष्ट्र 30 राजस्थान 30 आंध्र प्रदेश 20 तमिलनाडु 20 तेलंगाना 20 पश्चिम बंगाल 20 अन्य 165 कुल पदों की संख्या 635 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : किसी भी विषय में ग्रेजुएशन की डिग्री। पोस्ट ग्रेजुएट होल्डर्स इस भर्ती के लिए आवेदन नहीं कर सकते। 1 साल या उससे अधिक का वर्क एक्सपीरियंस रखने वाले उम्मीदवार भी आवेदन नहीं कर सकते। उम्मीदवारों को ग्रेजुएशन पास करने की तारीख से 5 साल से ज्यादा समय नहीं बीता होना चाहिए। संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की स्थानीय भाषा को पढ़ना, लिखना, बोलना और समझना आना चाहिए। एज लिमिट : न्यूनतम : 20 साल अधिकतम : 28 साल रिजर्व कैटेगरी के उम्मीदवारों को अधिकतम उम्र में छूट दी जाएगी। सिलेक्शन प्रोसेस : मेरिट लिस्ट डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन लोकल लैंग्वेज टेस्ट फीस : सामान्य, ईडब्ल्यूएस, ओबीसी : 200 रुपए एससी, एसटी, पीडब्ल्यूबीडी : 100 रुपए सैलरी : 12,300 रुपए प्रति माह जरूरी डॉक्यूमेंट्स : ग्रेजुएशन की मार्कशीट उम्मीदवार का आधार कार्ड जाति प्रमाण पत्र मूल निवास प्रमाण पत्र मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी पासपोर्ट साइज फोटो पर सिग्नेचर ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट punjabandsindbank.co.in पर जाएं। अप्लाई ऑनलाइन पर क्लिक करें। मांगी गई डिटेल्स दर्ज करें। जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। फीस जमा करके फॉर्म सब्मिट कर दें। इसका प्रिंटआउट लेकर रखें। ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑनलाइन आवेदन लिंक 3. बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन में 899 पदों पर भर्ती, आवेदन आज से शुरू बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (सीमा सड़क संगठन) ने जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स की भर्ती निकाली है। इस भर्ती के तहत इलेक्ट्रीशियन, ड्राफ्ट्समैन, हिंदी टाइपिस्ट, स्टोर कीपर टेक्निकल, ऑपरेटर कम्युनिकेशन और अन्य पदों पर 899 पद भरे जाएंगे। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट bro.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या ड्राफ्ट्समैन 42 हिंदी टाइपिस्ट 10 स्टोर कीपर टेक्निकल 300 ऑपरेटर कम्युनिकेशन 261 ऑपरेटर एक्सकेवेटिंग मशीनरी 207 इलेक्ट्रीशियन 79 कुल पदों की संख्या 899 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : ड्राफ्ट्समैन : साइंस के साथ 12वीं पास होना जरूरी है। ड्राफ्ट्समैनशिप में 2 वर्षीय सर्टिफिकेट या ड्राफ्ट्समैन (सिविल) ट्रेड में सर्टिफिकेट और 1 साल का अनुभव होना चाहिए। हिंदी टाइपिस्ट: 12वीं पास। कंप्यूटर पर हिंदी टाइपिंग की स्पीड 30 शब्द प्रति मिनट होनी चाहिए। टाइपिंग में एक्सपर्ट उम्मीदवारों को मौका मिलेगा। स्टोर कीपर टेक्निकल (SKT) : 12वीं पास। वाहन या इंजीनियरिंग उपकरणों के स्टोरेज की जानकारी होनी चाहिए। संबंधित क्षेत्र में अनुभव रखने वालों को प्राथमिकता मिल सकती है। ऑपरेटर संचार: 10वीं पास आईटीआई से वायरलेस ऑपरेटर या रेडियो मैकेनिक का सर्टिफिकेट होना चाहिए। सेना से संबंधित ट्रेड सर्टिफिकेट वाले भी आवेदन कर सकते हैं। ओईएम (साधारण श्रेणी) : 10वीं पास उम्मीदवारों के पास भारी वाहन, डोजर या एक्सकेवेटर चलाने का लाइसेंस और कम से कम 6 महीने का अनुभव होना चाहिए। इलेक्ट्रीशियन: 10वीं पास आईटीआई से ऑटो इलेक्ट्रिशियन का सर्टिफिकेट और 1 साल का अनुभव। रक्षा सेवा का संबंधित कोर्स करने वाले भी आवेदन कर सकते हैं। एज लिमिट : न्यूनतम : 18 साल अधिकतम : 27 साल आयु की गणना 1 जून 2026 के आधार पर की जाएगी। सरकारी कर्मचारी : जनरल कैटेगरी के लिए अधिकतम 40 साल, एससी, एसटी को 45 साल तक की छूट दी गई है। वहीं, दिव्यांग उम्मीदवारों को ऊपरी आयु सीमा में 10 साल की अतिरिक्त छूट मिलेगी। सिलेक्शन प्रोसेस : रिटन एग्जाम स्किल टेस्ट डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन मेडिकल टेस्ट सैलरी : 5200-20200 रुपए प्रतिमाह, पद के अनुसार, ग्रेड पे 1900 – 2800 रुपए तक फीस : सामान्य, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस : 50 रुपए एससी, एसटी, अन्य : नि:शुल्क एग्जाम पैटर्न : एग्जाम टाइप ऑब्जेक्टिव ड्यूरेशन 1 से 3 घंटे तक एग्जाम मीडियम

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