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झारखंड

रामगढ़ में ट्रक की अज्ञात वाहन से हुई टक्कर:ड्राइवर की मौत, खलासी...

रामगढ़ की चुट्टूपालू घाटी में हुए एक भीषण सड़क हादसे में एक ट्रक ड्राइवर की मौत हो गई, जबकि उसका खलासी गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक ड्राइवर की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। यह हादसा गड़के मोड़ के पास हुआ, जब रांची से रामगढ़ की ओर आ रहे मछली लदे एक ट्रक ने किसी अज्ञात वाहन को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उस पर लदी मछलियां सड़क पर बिखर गईं। दुर्घटना के बाद अज्ञात वाहन मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पलटे हुए ट्रक को हटाया और यातायात व्यवस्था बहाल की। मृतक ड्राइवर के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। चुट्टूपालू घाटी में सड़क दुर्घटनाएं लगातार होती रहती हैं। जिला प्रशासन और एनएचएआई (NHAI) द्वारा दुर्घटनाओं को रोकने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। Source link

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गिरिडीह के जमुआ लूटकांड का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार:नकदी, मोबाइल और दो...

गिरिडीह जिले के जमुआ थाना क्षेत्र में दुकान सह मकान में हुई लूटपाट का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अपराधियों के पास से लूटी गई नकदी का कुछ हिस्सा, घटना में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन और दो मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। यह घटना 12 मई 2026 की रात करीब 8:15 बजे जमुआ चौक थाना रोड स्थित वंशी साव की दुकान पर हुई थी। दो अपराधी ग्राहक बनकर दुकान पर पहुंचे और चावल खरीदने के बहाने दुकान खुलवाई। इसके बाद वे घर के अंदर घुस गए और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट कर उन्हें डराया-धमकाया। अपराधियों ने करीब 50 हजार रुपए नकद और एक सोने की चेन लूटकर फरार हो गए थे। घटना के बाद जमुआ थाना में कांड संख्या 130/2026 दर्ज किया गया। गिरिडीह एसपी डॉ. बिमल कुमार के निर्देश पर खोरीमहुआ एसडीपीओ राजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन और गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जमुआ के मिर्जागंज निवासी बिनोद कुमार साव (35), कोडरमा सतगावां के पचंबो निवासी गुड्डु कुमार लहरी (28) और तिसरी थाना के चंदौरी निवासी नन्दकिशोर रविदास उर्फ मंटु (31) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान तीनों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 11,100 रुपए नकद, घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन, एक बाइक और एक होंडा शाइन बाइक बरामद की है। इस संबंध में एसडीपीओ राजेंद्र प्रसाद ने पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि अपराधियों की गिरफ्तारी में तकनीकी जांच और टीमवर्क की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। Source link

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100 साल पहले आए बाढ़ के स्तर पर मंदाकिनी का बनेगा फ्लड...

Last Updated:May 15, 2026, 18:12 IST चित्रकूट जिला प्रशासन अब मंदाकिनी नदी के बाढ़ क्षेत्र यानी फ्लड प्लेन जोन का निर्धारण और सीमांकन 100 साल पहले आई बाढ़ के रिकॉर्ड के आधार पर करने जा रहा है. शासन स्तर से इसके लिए संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए गए हैं,इस पहल का उद्देश्य नदी किनारे बसे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को भविष्य में संभावित बाढ़ के खतरे से सुरक्षित करना है. चित्रकूटः धर्मनगरी चित्रकूट भगवान श्रीराम की तपोस्थली के रूप में देशभर में प्रसिद्ध है. मान्यता है कि प्रभु श्रीराम ने अपने वनवास काल के साढ़े ग्यारह वर्ष यहीं बिताए थे,इसी पवित्र भूमि से जुड़ी मां मंदाकिनी नदी आस्था का प्रमुख केंद्र मानी जाती है, जहां आज भी हजारों श्रद्धालु स्नान और पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं, लेकिन पिछले कई वर्षों से बरसात के मौसम में आने वाली बाढ़ ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. हर साल बाढ़ के कारण दुकानों, घरों को नुकसान उठाना पड़ता है अब इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए जिला प्रशासन ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है. 100 साल पहले आई बाढ़ के आधार पर होगा सीमांकन बता दे कि चित्रकूट जिला प्रशासन अब मंदाकिनी नदी के बाढ़ क्षेत्र यानी फ्लड प्लेन जोन का निर्धारण और सीमांकन 100 साल पहले आई बाढ़ के रिकॉर्ड के आधार पर करने जा रहा है. शासन स्तर से इसके लिए संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए गए हैं,इस पहल का उद्देश्य नदी किनारे बसे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को भविष्य में संभावित बाढ़ के खतरे से सुरक्षित करना है.अधिकारियों का मानना है कि फ्लड प्लेन जोन तय होने से अवैध निर्माण पर रोक लगेगी और लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की योजना भी बेहतर तरीके से बनाई जा सकेगी. बाढ़ के दौरान 131.500 मीटर पहुंचता है जलस्तर जानकारी के लिए बता दे कि मां मंदाकिनी नदी का उद्गम सती अनुसूया आश्रम से हुआ है.करीब 106 किलोमीटर लंबी यह नदी आगे चलकर उत्तर प्रदेश के कनकोटा गांव के पास यमुना नदी में मिल जाती है, सामान्य दिनों में नदी का जलस्तर लगभग 123.500 मीटर लगभग रहता है, जबकि बरसात और बाढ़ के दौरान यह बढ़कर 131.500 मीटर तक पहुंच जाता है. जलस्तर बढ़ने के साथ ही नदी का स्वरूप भी बदल जाता है, जिससे घाटों और आसपास के इलाकों में कटान और नुकसान की स्थिति बन जाती है.हर वर्ष आने वाली बाढ़ से स्थानीय लोगों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है.कई बार नदी किनारे दुकानें पूरी तरह से पानी से भर जाती हैं. इसे देखते हुए सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने पिछले 100 वर्षों में आई बाढ़ के आंकड़ों का अध्ययन शुरू कर दिया है. एनजीटी के नियमों का होगा पालन इस संबंध में चित्रकूट डीएम पुलकित गर्ग ने लोकल 18 जानकारी में बताया कि एनजीटी के निर्देशों के क्रम में सिंचाई विभाग द्वारा मंदाकिनी नदी का सीमांकन किया जा रहा है. इसके तहत यह चिह्नित किया जाएगा कि नदी के आसपास कौन-कौन से क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आते हैं और वहां कितना नुकसान होता है,उन्होंने बताया कि चार विभागों को संयुक्त रूप से रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं. रिपोर्ट आने के बाद मंदाकिनी नदी का फ्लड प्लेन जोन घोषित किया जाएगा.सिंचाई विभाग नदी के पुराने बहाव, जलस्तर और प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर रहा है ताकि आगे वाले दिनों के लिए ठोस रणनीति तैयार की जा सके. About the Author Rajneesh Kumar Yadav मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Chitrakoot,Uttar Pradesh Source link

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पलामू में आंधी में घायल व्यक्ति की मौत:रांची में चल रहा था...

पलामू में बुधवार शाम आए आंधी-तूफान में घायल हुए दूसरे व्यक्ति अनिल चंद्रवंशी (45) ने शुक्रवार को रांची के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस हादसे में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है। घटना बुधवार शाम हैदरनगर हाई स्कूल-शिवालय रोड स्थित मरघटिया के पास हुई। तेज आंधी के कारण एक विशाल पीपल का पेड़ सड़क पर गिर गया, जिसकी चपेट में बाइक से गुजर रहे दो लोग आ गए। इस हादसे में औरंगाबाद जिले के तिवारीडीह निवासी कामदेव चंद्रवंशी (50) की मौके पर ही मौत हो गई थी। गंभीर रूप से घायल अनिल चंद्रवंशी को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया गया था। अनिल चंद्रवंशी हैदरनगर प्रखंड के रामबांध गांव के धोबियाडीह टोला के निवासी थे। उन्होंने दो दिनों तक जीवन के लिए संघर्ष किया, लेकिन शुक्रवार को दम तोड़ दिया। अनिल चंद्रवंशी की मौत की खबर गांव पहुंचने पर रामबांध में शोक का माहौल है। इस घटना से पूरे इलाके में गम पसरा हुआ है। Source link

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जामताड़ा पुलिस की कार्रवाई, छह शराब तस्कर गिरफ्तार:मिहिजाम और फतेहपुर से भारी...

जामताड़ा में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मिहिजाम और फतेहपुर पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई की है। इस दौरान भारी मात्रा में विदेशी शराब और बीयर जब्त की गई। दोनों मामलों में कुल छह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। मिहिजाम थाना पुलिस ने गश्ती अभियान के दौरान हटिया रोड से पांच शराब तस्करों को गिरफ्तार किया। थाना प्रभारी प्रदीप राणा ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग अवैध विदेशी शराब बिहार ले जाने की तैयारी में हैं। सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पांच तस्करों को पकड़ा। तलाशी के दौरान उनके पास से भारी मात्रा में विदेशी शराब और बीयर के कैन बरामद हुए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विक्की साव, मिथिलेश पासवान, संजय मालाकार, गोविंद मालाकार और राहुल कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी शराब के टेट्रा पैक को शरीर के विभिन्न हिस्सों में बांधकर बिहार पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। विदेशी अंग्रेजी शराब और बीयर की बड़ी खेप बरामद दूसरी ओर, फतेहपुर थाना क्षेत्र के बैलवराई गांव में पुलिस ने छापेमारी कर विदेशी अंग्रेजी शराब और बीयर की बड़ी खेप बरामद की। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक शंभु कुमार सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। थाना प्रभारी अमर सिंह तापेए के नेतृत्व में गठित टीम ने गांव स्थित विश्वजीत गोराई की ठंडा एवं कोल्ड ड्रिंक दुकान में छापा मारा। तलाशी के दौरान दुकान से विभिन्न ब्रांडों की विदेशी शराब एवं बीयर बरामद हुई। जब पुलिस ने दुकान संचालक विश्वजीत गोराई से शराब भंडारण और बिक्री से संबंधित वैध लाइसेंस मांगा, तो वह कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार बरामद शराब की बाजार कीमत करीब 26 हजार रुपए आंकी गई है। मामले में फतेहपुर थाना कांड संख्या 15/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 274, 275 एवं 292 तथा 47(ए) झारखंड उत्पाद अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब निर्माण, भंडारण और तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा तथा इसमें संलिप्त लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। Source link

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JEE Advanced Board Result Criteria: 12वीं में 75% से कम मार्क्स? जेईई...

नई दिल्ली (JEE Advanced 2026). जेईई मेन में सफल टॉप 2.5 लाख अभ्यर्थी 17 मई 2026 को जेईई एडवांस्ड 2026 की परीक्षा देंगे. लेकिन आईआईटी में एडमिशन का रास्ता सिर्फ एडवांस्ड क्लियर करने से तय नहीं होता. इसके लिए 12वीं बोर्ड परीक्षा में कम से कम 75 प्रतिशत अंक हासिल करना भी अनिवार्य है. अब जबकि ज्यादातर राज्यों के बोर्ड रिजल्ट आ चुके हैं तो कई स्टूडेंट्स इस बात को लेकर टेंशन में हैं कि उनके नंबर 75% से कम रह गए हैं. क्या इसका मतलब यह है कि उनकी मेहनत बेकार चली गई? घबराइए मत, कहानी अभी खत्म नहीं हुई है. अक्सर स्टूडेंट्स और पेरेंट्स मान लेते हैं कि 12वीं बोर्ड परीक्षा में 75% मार्क्स नहीं तो आईआईटी नहीं. लेकिन हकीकत में नियम थोड़े अलग और फ्लेक्सिबल भी हैं. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और आईआईटी काउंसिल ने कुछ ऐसे ऑप्शन और छूट दी हैं, जिनका इस्तेमाल करके आप 12वीं बोर्ड रिजल्ट कम नंबर के बावजूद जेईई एडवांस्ड परीक्षा दे सकते हैं. अगर 12वीं बोर्ड रिजल्ट में आपके मार्क्स 75 फीसदी से कम हैं तो समझिए कि आगे क्या करना है. 75% का नियम: आखिर क्या है जेईई एडवांस्ड पात्रता का गणित? आईआईटी में एडमिशन के लिए सामान्य (General) और ओबीसी (OBC-NCL) कैटेगरी के स्टूडेंट्स के लिए 12वीं बोर्ड परीक्षा में कम से कम 75% कुल अंक होना जरूरी है. वहीं, एससी (SC), एसटी (ST) और दिव्यांग (PwD) स्टूडेंट्स के लिए यह अनिवार्यता 65% अंकों की है. इन अंकों की कैलकुलेशन में फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स और एक भाषा (Language) के साथ-साथ एक अन्य विषय को शामिल किया जाता है. अब अगर आपके 12वीं में सेट क्राइटेरिया से कम अंक हैं तो नीचे लिखे ऑप्शन आजमा सकते हैं: विकल्प 1: ‘टॉप 20 पर्सेंटाइल’ का जादुई रास्ता अगर आपके मार्क्स 75% से कम हैं तो भी आप जेईई एडवांस्ड दे सकते हैं, बशर्ते आप अपने संबंधित बोर्ड के ‘टॉप 20 पर्सेंटाइल’ में आते हों. हर साल हर बोर्ड (जैसे सीबीएसई, यूपी या बिहार बोर्ड) अपनी कट-ऑफ जारी करता है. अगर आप अपने बोर्ड के उन टॉप 20% स्टूडेंट्स की लिस्ट में हैं जिन्होंने सबसे ज्यादा अंक प्राप्त किए हैं तो आप आईआईटी के लिए एलिजिबल माने जाएंगे, भले ही आपके अंक 75% से कम क्यों न हों. कई बार कठिन पेपर होने पर टॉप 20 पर्सेंटाइल 70% या उससे भी नीचे चला जाता है. विकल्प 2: 12वीं का इम्प्रूवमेंट एग्जाम अगर आप टॉप 20 पर्सेंटाइल में भी नहीं हैं और मार्क्स भी 75% से कम हैं तो आपके पास ‘इम्प्रूवमेंट एग्जाम’ का विकल्प होता है. आप एक या एक से अधिक विषयों में दोबारा परीक्षा देकर अपना स्कोर सुधार सकते हैं. ध्यान दें: अगर आप इस साल इम्प्रूवमेंट दे रहे हैं तो सुनिश्चित करना होगा कि नए रिजल्ट के बाद आपका कुल स्कोर 75% की सीमा को पार कर जाए या आप उस साल के टॉप 20 पर्सेंटाइल में आ जाएं. अगर दोनों ऑप्शन फेल तो क्या करें? अगर आप किसी भी तरह से जेईई एडवांस्ड की बोर्ड पात्रता पूरी नहीं कर पा रहे हैं तो उन इंजीनियरिंग कॉलेज की तरफ रुख कर सकते हैं जो 12वीं के अंकों को ज्यादा महत्व नहीं देते या जहां पात्रता 60% ही है. कई एनआईटी (NIT), आईआईआईटी (IIIT) और प्राइवेट यूनिवर्सिटीज के अपने अलग नियम होते हैं. इसके अलावा, 1 साल का ‘ड्रॉप’ लेकर अगले साल बोर्ड परीक्षा दोबारा देकर भी स्कोर सुधार सकते हैं. 75% का नियम सिर्फ IIT, NIT और कुछ सरकारी कॉलेजों के लिए है. ध्यान रखें, जेईई की रैंक और मेहनत कभी बेकार नहीं जाती. कई इंजीनियरिंग कॉलेज जेईई मेन रैंक के आधार पर एडमिशन देते हैं. Source link

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देवघर में दिनदहाड़े झपटमारी का प्रयास:बाइक सवार युवकों ने की राहगीर से...

देवघर शहर के बरमसिया इलाके में दिनदहाड़े झपटमारी का प्रयास किया गया। यह घटना परमेश्वर दयाल रोड पर हुई, जो पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, अपाची बाइक पर सवार दो युवकों ने सड़क से गुजर रहे एक राहगीर को निशाना बनाया। दोनों युवक पहले से ही घात लगाकर मौके पर बैठे थे। जैसे ही राहगीर वहां पहुंचा, बाइक सवार बदमाशों ने उसका बैग छीनने की कोशिश की। हालांकि पीड़ित व्यक्ति ने अपना बैग बचाने में सफलता प्राप्त की, जिससे बदमाश अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सके। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरमसिया चौक और आसपास के क्षेत्रों में इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कुछ दिन पहले भी एक महिला के गले से बाइक सवार अपराधियों ने चेन छीन ली थी। लगातार हो रही इन घटनाओं से स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से इलाके में गश्ती बढ़ाने और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। Source link

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सारंडा जंगल में आईईडी विस्फोट से हाथी की मौत:दस दिन चला इलाज,...

पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में आईईडी विस्फोट में गंभीर रूप से घायल एक दंतैल हाथी की दस दिन के इलाज के बाद मौत हो गई। इस घटना से वन विभाग और वन्यजीव प्रेमियों में चिंता बढ़ गई है। पिछले एक वर्ष के भीतर सारंडा जंगल में आईईडी विस्फोटों से यह छठी हाथी की मौत है, जिससे हाथियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, सारंडा वन क्षेत्र के कोलबोंगा इलाके में यह दंतैल हाथी आईईडी की चपेट में आ गया था। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि हाथी के एक पैर में गंभीर चोट आई, जिससे वह ठीक से चल-फिर नहीं पा रहा था और उसकी हालत लगातार बिगड़ रही थी। विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक टीम कैंप कर रही थी घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की मेडिकल टीम मौके पर पहुंची और लगातार हाथी की निगरानी व उपचार में जुटी थी। पिछले दस दिनों से विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक टीम वहीं कैंप कर रही थी, जो हाथी को इंजेक्शन, दवाइयां और आवश्यक उपचार दे रही थी। उसकी सेहत सुधारने के लिए प्रतिदिन एक से डेढ़ क्विंटल सब्जियां और अन्य भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा था। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि लगातार प्रयासों के बावजूद हाथी की स्थिति में सुधार नहीं हो सका और अंततः उसने दम तोड़ दिया। मृत हाथी के शव का पोस्टमॉर्टम किया जाएगा, जिसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सुबह से ही वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद हैं। सारंडा जंगल में आईईडी विस्फोटों के कारण हाथियों की लगातार हो रही मौतों ने इस क्षेत्र में वन्यजीव सुरक्षा और वन क्षेत्रों में विस्फोटक उपकरणों के खतरे को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं। Source link

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Owaisi On Bhojshala Verdict। Bhojshala High Court verdict! भोजशाला पर हाईकोर्ट फैसला,...

मध्‍य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने धार की ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस के पक्ष में ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है. इसे लेकर AIMIM के चीफ उद्दीन ओवैसी ने निराशा व्‍यक्‍त की और सुप्रीम कोर्ट जाने की बात की. वहीं, विधायक टाइगर राजा सिंह ने इसे सत्य की विजय और हिंदुओं की प्रचंड जीत बताया. राजा सिंह ने कहा कि भोजशाला के लिए हिंदुओं का 124 साल का लंबा संघर्ष आज सार्थक हुआ है. हाईकोर्ट ने स्पष्ट रूप से ‘हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस’ की दलीलों को स्वीकार करते हुए मुस्लिम पक्ष के दावों को खारिज कर दिया. हाईकोर्ट ने अपने निष्कर्ष में ऐतिहासिक साक्ष्यों, 1904 के गजेटियर और ASI सर्वेक्षण रिपोर्ट पर भरोसा जताते हुए कहा कि यह परिसर मूल रूप से राजा भोज द्वारा स्थापित ‘वाग्देवी सरस्वती मंदिर’ और संस्कृत शिक्षा का केंद्र रहा है. अदालत ने अयोध्या मामले की कानूनी मिसालों का उल्लेख करते हुए हिंदुओं को यहां पूजा-अर्चना का पूर्ण अधिकार प्रदान कर दिया है. · असदउद्दीन ओवैसी (AIMIM): उन्होंने इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई और इसकी तुलना बाबरी मस्जिद के फैसले से की. ओवैसी ने कहा कि इस आदेश में गंभीर समानताएं हैं और उन्हें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट इस गलती को सुधारते हुए हाईकोर्ट के आदेश को पलट देगा. · टाइगर राजा सिंह (विधायक): उन्होंने इसे सत्य की विजय और हिंदुओं की प्रचंड जीत बताया. राजा सिंह ने कहा कि भोजशाला के लिए हिंदुओं का 124 साल का लंबा संघर्ष आज सार्थक हुआ है. उन्होंने इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए पूरे देश के हिंदुओं को बधाई दी. मुख्य प्वाइंट्स · हिंदू पक्ष की जीत: कोर्ट ने भोजशाला परिसर में हिंदुओं को पूजा-अर्चना का पूर्ण अधिकार दिया है. · साक्ष्यों पर भरोसा: अदालत ने 1904 के ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स और ASI की वैज्ञानिक सर्वेक्षण रिपोर्ट को आधार माना. · ऐतिहासिक स्वरूप: फैसले में स्पष्ट किया गया कि यह स्थान मूल रूप से राजा भोज द्वारा स्थापित वाग्देवी सरस्वती मंदिर और संस्कृत शिक्षा का केंद्र था. · कानूनी मिसाल: कोर्ट ने अपने निर्णय में अयोध्या मामले के कानूनी सिद्धांतों और निरंतरता के तर्क को लागू किया. यह फैसला न केवल एक धार्मिक स्थल के स्वामित्व को तय करता है बल्कि भारतीय न्यायिक व्यवस्था में निरंतरता के सिद्धांत को भी मजबूत करता है. हाईकोर्ट ने माना कि मुस्लिम पक्ष यह साबित करने में विफल रहा कि वहां हिंदू परंपरा कभी पूरी तरह समाप्त हुई थी. एएसआई की रिपोर्ट ने इस दावे को वैज्ञानिक आधार दिया कि संरचना के नीचे एक प्राचीन मंदिर के अवशेष मौजूद हैं. राजनीतिक रूप से इस फैसले ने ‘बाबरी’ और ‘ज्ञानवापी’ जैसे विवादों की बहस को फिर से जिंदा कर दिया है. भोजशाला विवाद सवाल-जवाब असदउद्दीन ओवैसी ने इस फैसले की तुलना किससे की है? ओवैसी ने इस फैसले की तुलना बाबरी मस्जिद के फैसले से की है. उन्होंने ट्वीट किया कि इसमें ‘चौंकाने वाली समानताएं’ हैं और उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट इसे पलटकर न्याय बहाल करेगा. टाइगर राजा सिंह ने इस निर्णय को किस रूप में देखा? फायरब्रांड नेता राजा सिंह ने इसे हिंदुओं की प्रचंड विजय बताया. उन्होंने कहा कि यह 124 साल के लंबे संघर्ष का परिणाम है और इससे करोड़ों हिंदुओं की आस्था को सम्मान मिला है. हाईकोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की दलीलों को क्यों खारिज किया? कोर्ट ने माना कि ऐतिहासिक साहित्य, एएसआई की अधिसूचनाएं और पुरातात्विक साक्ष्य यह प्रमाणित करते हैं कि यह स्थान मूल रूप से भोजशाला ही था. कोर्ट के अनुसार हिंदू पूजा की परंपरा यहां कभी खत्म नहीं हुई थी. Source link

झारखंड

बाबा धाम दर्शन के बाद जरूर जाएं इस फेमस चूड़ी मार्केट में,...

Last Updated:May 15, 2026, 15:23 IST Deoghar Famous Chudi Market: बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा के बाद श्रद्धालु देवघर के टावर चौक और बड़ा बाजार स्थित चूड़ी मार्केट जरूर जाते हैं और जमकर खरीदारी करते हैं. यहां 20 रुपये से लेकर 200 रुपये तक में खूबसूरत चूड़ियां, फैन्सी बैंगल्स और आर्टिफिशियल ज्वेलरी मिलती है. देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर देश के सबसे प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है. हर साल लाखों श्रद्धालु यहां भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं. खासकर सावन महीने में यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है और पूरा देवघर ‘बोल बम’ के जयकारों से गूंज उठता है. मंदिर आने वाले ज्यादातर श्रद्धालु पूजा करने के बाद टावर चौक और बड़ा बाजार इलाके में जरूर घूमते हैं, जहां चूड़ी, पूजा सामग्री और आर्टिफिशियल ज्वेलरी की कई मशहूर दुकानें मौजूद हैं देवघर का टावर चौक और बड़ा बाजार इलाका आज सिर्फ धार्मिक बाजार के रूप में ही नहीं बल्कि चूड़ी और आर्टिफिशियल ज्वेलरी के बड़े मार्केट के रूप में भी तेजी से पहचान बना रहा है. बाबा मंदिर जाने वाले रास्ते में सरदार पांडा लेन के आसपास कई ऐसी पुरानी और मशहूर दुकानें मौजूद हैं जहां हर दिन महिलाओं, युवतियों और श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिलती है. खासकर बाबा बैद्यनाथ धाम में पूजा-अर्चना करने आने वाले श्रद्धालु यहां से चूड़ी खरीदना नहीं भूलते. रंग-बिरंगी चूड़ियों से सजा यह पूरा बाजार दूर से ही लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है. श्रावणी मेले और त्योहारों के दौरान यह इलाका पूरी तरह रंग-बिरंगी चूड़ियों और ग्राहकों की भीड़ से गुलजार नजर आता है. महिलाएं यहां घंटों तक अलग-अलग डिजाइन की चूड़ियां और ज्वेलरी पसंद करती दिखाई देती हैं. दुकानों में नई फैशन के अनुसार लगातार नए डिजाइन लाए जाते हैं ताकि ग्राहकों को हर बार कुछ नया देखने को मिले. यही कारण है कि देवघर का यह बाजार अब धीरे-धीरे चूड़ी और फैन्सी ज्वेलरी के लिए लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है. Add News18 as Preferred Source on Google इस मार्केट की सबसे चर्चित दुकानों में मां चूड़ी हाउस, बाबा चूड़ी हाउस, महारानी चूड़ी हाउस और बैंगल स्टोर का नाम काफी प्रसिद्ध है. इन दुकानों में साधारण कांच की चूड़ियों से लेकर फैन्सी बैंगल्स, डिजाइनर कंगन और कई तरह की आर्टिफिशियल ज्वेलरी उपलब्ध रहती है. दुकानदारों का कहना है कि यहां हर उम्र की महिलाओं के लिए अलग-अलग डिजाइन और नई वैरायटी रखी जाती है ताकि ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार सामान खरीद सकें. यही वजह है कि देवघर आने वाले लोग इस मार्केट में खरीदारी करने जरूर पहुंचते हैं. अगर आप भी बाबा बैद्यनाथ मंदिर दर्शन करने देवघर आ रहे हैं तो टावर चौक के अंदर बड़ा बाजार और सरदार पांडा लेन का यह मशहूर चूड़ी मार्केट जरूर घूमिए. यहां आपको कम कीमत में खूबसूरत चूड़ियां, बैंगल्स और आर्टिफिशियल ज्वेलरी की शानदार वैरायटी देखने को मिलेगी. खरीदारी के साथ-साथ इस बाजार की रौनक और यहां का माहौल भी लोगों को काफी पसंद आता है. यही वजह है कि देवघर का यह बाजार अब धीरे-धीरे श्रद्धालुओं और महिलाओं के बीच एक खास पहचान बनाता जा रहा है. सबसे खास बात यह है कि यहां चूड़ियां बेहद सस्ते दाम में मिल जाती हैं. इस मार्केट में 20 रुपये से लेकर 200 रुपये तक की खूबसूरत और आकर्षक चूड़ियां आसानी से उपलब्ध हैं. कम कीमत में अच्छे डिजाइन मिलने के कारण यहां हमेशा ग्राहकों की भीड़ बनी रहती है. कई दुकानदार होलसेल रेट पर भी सामान बेचते हैं, जिसके कारण आसपास के गांवों और दूसरे शहरों से भी लोग खरीदारी करने आते हैं. शादी-विवाह, तीज-त्योहार और सावन जैसे खास अवसरों पर इस बाजार की रौनक कई गुना बढ़ जाती है. सिर्फ स्थानीय लोग ही नहीं बल्कि बिहार, बंगाल और झारखंड के कई जिलों से आने वाले श्रद्धालु भी इस बाजार में खरीदारी करते नजर आते हैं. कई लोग बाबा मंदिर में पूजा करने के बाद सीधे बड़ा बाजार पहुंच जाते हैं और परिवार के लिए चूड़ियां व गिफ्ट खरीदते हैं. दुकानदारों के अनुसार सावन और शादी के सीजन में सुबह से देर रात तक ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है. कम दाम और अच्छी क्वालिटी के कारण लोग यहां से एक बार खरीदारी करने के बाद दोबारा जरूर आते हैं. Source link

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