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झारखंड

वैज्ञानिक तरीके से तैयार बेहतरीन पौधे, कम कीमत पर, किसान हों या...

पलामू. आज के समय में घरों की सुंदरता बढ़ाने से लेकर अतिरिक्त आमदनी तक के लिए लोग बागवानी और नर्सरी की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं. हर कोई चाहता है कि उनके घर या खेत में फलदार और अच्छी गुणवत्ता वाले पौधे लगे हों, लेकिन सही जानकारी के अभाव में कई बार लोग गलत पौधे खरीद लेते हैं और बाद में पछताना पड़ता है. ऐसे में झारखंड के पलामू जिले में स्थित सरकारी नर्सरी लोगों के लिए बेहतर विकल्प बनकर उभर रही है, जहां कम कीमत में अच्छी गुणवत्ता वाले फलदार पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं. 5 एकड़ में फैली है सरकारी नर्सरीपलामू जिले के चियांकी स्थित क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र में राज्य की प्रमुख फलदार नर्सरी संचालित की जा रही है. करीब 5 एकड़ क्षेत्र में फैली इस नर्सरी में 70 हजार से अधिक पौधे तैयार किए गए हैं. यहां किसानों, बागवानी प्रेमियों और आम लोगों को वैज्ञानिक तरीके से तैयार किए गए पौधे उपलब्ध कराए जाते हैं, ताकि उन्हें भविष्य में बेहतर उत्पादन मिल सके. कई तरह के फलदार पौधे उपलब्धकृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार ने लोकल 18 को बताया कि इस नर्सरी में आम, अमरूद, संतरा, नींबू, मौसमी, कीनू, बेल, बेर और आंवला समेत कई प्रकार के फलदार पौधे तैयार किए जाते हैं. यहां पौधों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाता है. अनुसंधान केंद्र द्वारा तैयार पौधों की खासियत यह है कि जिस प्रभेद का पौधा लोगों को दिया जाता है, उसी गुणवत्ता का फल भी बाद में प्राप्त होता है. आम के 12 से 13 प्रभेद हैं खास आकर्षणनर्सरी में आम के करीब 12 से 13 प्रभेद उपलब्ध हैं, जो लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. छोटे आकार वाले पौधों में मल्लिका, आम्रपाली और सुंदर लंगड़ा शामिल हैं, जिन्हें कम जगह में भी लगाया जा सकता है. वहीं बड़े वृक्षों वाले प्रभेदों में जर्दालू, मालदह, लंगड़ा, हिमसागर और अलफांसो जैसे आम शामिल हैं. विशेषज्ञों के अनुसार छोटे प्रभेद वाले पौधों को करीब 5 मीटर की दूरी पर लगाया जा सकता है. अमरूद और संतरे की भी कई किस्मेंआम के अलावा अमरूद और संतरे की भी कई उन्नत किस्में यहां उपलब्ध हैं. अमरूद में ताइवान पिंक अमरूद लोगों को काफी पसंद आ रहा है, जिसकी गुणवत्ता और स्वाद दोनों बेहतर माने जाते हैं. वहीं संतरा और मौसमी के भी 3 से 4 प्रकार के पौधे तैयार किए गए हैं, जो किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं. सस्ती दरों पर मिल रहे पौधेसरकारी नर्सरी में पौधों की कीमत भी काफी कम रखी गई है. यहां ग्राफ्टेड आम के पौधे मात्र 90 रुपए में मिल रहे हैं, जबकि अमरूद, नींबू, संतरा, मौसमी और कीनू के पौधे करीब 80 रुपए में उपलब्ध हैं. कम कीमत और बेहतर गुणवत्ता की वजह से बड़ी संख्या में लोग यहां से पौधे खरीदने पहुंच रहे हैं. फलदार पौधों की खेती किसानों और युवाओं के लिए अतिरिक्त आय का अच्छा माध्यम बन सकती है. ऐसे में चियांकी की यह सरकारी नर्सरी न सिर्फ लोगों को बेहतर पौधे उपलब्ध करा रही है, बल्कि बागवानी को बढ़ावा देने का भी काम कर रही है. Source link

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जमशेदपुर में दो नाबालिगों ने की आत्महत्या:गोविंदपुर में शादी समारोह से घर...

पूर्वी सिंहभूम जिले में आत्महत्या के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। जमशेदपुर के गोविंदपुर थाना क्षेत्र में 17 वर्षीय नाबालिग ने प्रेम प्रसंग के चलते फांसी लगा ली, जबकि बोड़ाम थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय किशोर का शव जंगल में फंदे से लटका मिला। गोविंदपुर थाना क्षेत्र के लुआबासा गांव में 17 वर्षीय चैतन्य सिंह ने सोमवार देर रात अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जानकारी के अनुसार, चैतन्य गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद घर लौटा था। रात में परिजन घर लौटे तो देखा शव घटना के समय घर में कोई सदस्य मौजूद नहीं था, क्योंकि परिवार के अन्य लोग दूसरे गांव में एक शादी समारोह में गए हुए थे। रात करीब 12:30 बजे परिजनों के लौटने पर उन्होंने चैतन्य को फंदे से लटका पाया। मृतक के पिता रघु सिंह ने पुलिस को बताया कि चैतन्य का गांव की ही एक लड़की से प्रेम संबंध था। आशंका है कि इसी संबंध में किसी बात को लेकर हुए तनाव के कारण उसने यह कदम उठाया। मेला जाने की बात कहकर घर से निकला था वहीं, दूसरे मामले में, बोड़ाम थाना क्षेत्र के पहाड़पुर गांव निवासी 16 वर्षीय वैद्यनाथ बेसरा का शव घर से लगभग 500 मीटर दूर जंगल में एक पेड़ से लटका मिला। परिजनों ने बताया कि वैद्यनाथ 10 मई की शाम मेला जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा था। मृतक के पिता सुनील बेसरा के अनुसार, वैद्यनाथ की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। उसकी आत्महत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। Source link

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जामताड़ा में ट्रैक्टर ने बाइक सवारों को मारी टक्कर:एक की मौत, दूसरा...

गोविंदपुर-साहिबगंज नेशनल हाईवे पर मंगलवार को नारायणपुर थाना क्षेत्र के पबिया में एक सड़क हादसा हुआ। ओवरलोड बालू लदे तेज रफ्तार ट्रैक्टर की चपेट में आने से दुधानी गांव निवासी 50 वर्षीय राजा मणि मंडल की मौके पर ही मौत हो गई। इस दुर्घटना में रायडीह गांव निवासी राजकुमार सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, राजा मणि मंडल और राजकुमार सिंह बाइक से अपने गांव रायडीह लौट रहे थे। जामताड़ा की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर इतनी भीषण थी कि इसकी आवाज काफी दूर तक सुनाई दी। हादसे के बाद ट्रैक्टर सड़क किनारे एक पेड़ के सहारे खड़ा हो गया। राजा मणि मंडल ट्रैक्टर के पहिए के नीचे आ गए दुर्घटना में बाइक चालक राजा मणि मंडल ट्रैक्टर के पहिए के नीचे आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पीछे बैठे राजकुमार सिंह गंभीर रूप से घायल हुए। मृतक राजा मणि मंडल अपने पीछे दो बेटे और तीन बेटियां छोड़ गए हैं। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर हाईवे जाम कर दिया। सड़क जाम के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। Source link

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क्‍या 8वें वेतन आयोग पर भी असर डालेगी पीएम मोदी की अपील,...

Last Updated:May 12, 2026, 14:43 IST Salary Increment : पीएम मोदी ने जनता से अपील की है कि आयात बिल की वजह से अर्थव्‍यवस्‍था पर बढ़ते दबाव को देखते हुए ईंधन की बचत पर जोर दें और सोने की खरीद बंद कर दें. इस अपील के बाद सरकारी कर्मचारियों के मन में 8वें वेतन आयोग को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. उन्‍हें डर है कि कहीं कोरोनाकाल की तरह सरकार उनके अरमानों पर पानी न फेर दे. पीएम मोदी ने सरकारी खजाने पर बढ़ते दबाव को देखते हुए खर्च कम करने की अपील की है. 8th Pay Commission : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 दिन पहले जनता से तेल और गैस बचाने व सोने की खरीद बंद करने की अपील की है. प्रधानमंत्री की इस अपील के बाद से ही सरकारी कर्मचारियों में खलबली मची हुई है. उन्‍हें फिर डर सताने लगा है कि कहीं कोरोनाकाल की तरह सरकार उनके अरमानों पर कैंची न चला दे. सरकार ने कोरोनाकाल में भी आपात स्थिति बताते हुए 18 महीने का महंगाई भत्‍ता रोक दिया था. आज तक इन पैसों को सरकारी कर्मचारियों को नहीं दिया गया है. इस बार भी पीएम मोदी ने आपात स्थिति बताते हुए जनता से बचत की अपील की तो सरकारी कर्मचारियों को फिर 8वें वेतन आयोग की चिंता सताने लगी है. पीएम मोदी ने पिछले दिनों जनता से अपील करते हुए कहा था कि देश पर आयात बिल बढ़ता जा रहा है. खासकर पेट्रोल-डीजल, गैस और सोने की कीमतों से ज्‍यादा दबाव बढ़ रहा है. लिहाजा उन्‍होंने जनता से अपील की है कि पेट्रोल-डीजल और गैस का कम इस्‍तेमाल करें, जबकि सोने की खरीद को संभव हो तो सालभर के लिए टाल दें. पीएम मोदी का यह संबोधन सीधे तोर पर देश की अर्थव्‍यवस्‍था पर बढ़ते दबाव को दिखा रहा है. जाहिर है कि खजाने पर बढ़ते इस बोझ से बचने के लिए सरकार अपने अन्‍य खर्चों में भी कटौती कर सकती है. यही वजह है कि सरकारी कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग को लेकर चिंताएं सताने लगी हैं. क्‍या है कर्मचारियों की चिंताआज से 6 साल पहले मार्च, 2020 में भारत सहित दुनियाभर में कोविड-19 महामारी ने दस्‍तक दी थी, तब सरकार ने खजाने पर दबाव का हवाला देते हुए 18 महीने का महंगाई भत्‍ता रोक दिया था. आज जबकि भारत की विकास दर दुनिया में सबसे तेज है और निर्यात भी रिकॉर्ड स्‍तर पर पहुंच गया है, जबकि आरबीआई का विदेशी खजाना भी लबालब भरा हुआ है, फिर भी सरकारी कर्मचारियों को 18 महीने का महंगाई भत्‍ता नहीं दिया गया. अब पीएम मोदी ने एक बार फिर अर्थव्‍यवस्‍था पर दबाव का हवाला दिया है. ऐसे में कर्मचारियों को चिंता है कि अगर तब मामूली सा महंगाई भत्‍ता बढ़ाने में सरकार को दिक्‍कत आ रही थी, तो अब वेतन आयोग के रूप में हजारों रुपये की बढ़ोतरी पर निश्चित रूप से असर पड़ सकता है. कैसे पड़ेगा वेतन आयोग पर असरएक्‍सपर्ट का कहना है कि वैसे तो वेतन आयोग और आयात बिल दोनों अलग-अलग चीजें हैं. वेतन आयोग अंदरूनी मामला है, जबकि आयात बिल सीधे तौर पर देश के फॉरेक्‍स रिजर्व यानी खजाने पर असर डालता है. लिहाजा आयात बिल की वजह से वेतन आयोग पर सीधे तौर पर तो असर नहीं पड़ना चाहिए. लेकिन, सरकारी खजाने पर दबाव बढ़ने पर परोक्ष रूप से इसका असर जरूर दिख सकता है. 8वें वेतन आयोग का गठन पिछले साल ही हो चुका है, लेकिन इसे लागू करने में अभी समय है. ऐसे में अगर अर्थव्‍यवस्‍था पर दबाव बढ़ता है तो सरकार 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों लागू करने में देरी कर सकती है. हालांकि, अभी तक आयोग ने अपनी रिपोर्ट तैयार नहीं की है और इसे लागू किए जाने में सालभर से ज्‍यादा का समय है. मांग पर चल सकती है कैंचीकुछ कर्मचारी संगठनों को इस बात की भी चिंता है कि सरकार भले ही आयोग को समय पर लागू कर दे, लेकिन खजाने पर असर पड़ा तो सरकार कर्मचारी संगठनों की डिमांड पर कैंची चला सकती है. कर्मचारी संगठनों ने न्‍यूनतम बेसिक सैलरी को 18 हजार से बढ़ाकर 69 हजार रुपये करने की डिमांड रखी है, जबकि फिटमेंट फैक्‍टर भी 2.57 से 3.83 करने की डिमांड की जा रही है. इस सिफारिश से सरकारी खजाने पर हजारों करोड़ रुपये का खर्चा आएगा. जाहिर है क‍ि अगर अर्थव्‍यवस्‍था और खजाना दबाव में रहे तो सरकार इन सिफारिशों पर कैंची चला सकती है. इसका सीधा असर कर्मचारियों को मिलने वाली सैलरी पर होगा. About the Author Pramod Kumar Tiwari प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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फास्ट फूड से इतर, स्वाद का गदर.! हेल्थ कॉन्शियस लोगों का फेवरेट,...

Last Updated:May 12, 2026, 09:21 IST Jamshedpur Famous Pachranga Salad: फास्टफूड के इस जमाने में अगर घर के बाहर कुछ हेल्दी और टेस्ट खाने को मिल जाए तो बात ही क्या है. इसी क्रम में एग्रिको में विश्वनाथ पचरंगा सलाद बेचते हैं, जिसमें सब्जियों के साथ-साथ उबले चने और मूंग भी होती है. 20 रुपये की यह प्लेट स्वाद में भी बहुत अच्छी होती है. ख़बरें फटाफट जमशेदपुर. जमशेदपुर अपने मेहनतकश और मजदूर वर्ग की जिंदगी के लिए जाना जाता है. यहां बड़ी संख्या में ऐसे लोग रहते हैं, जो दिनभर मेहनत करने के बाद शाम के समय कम कीमत में स्वादिष्ट और पेट भरने वाला खाना तलाशते हैं. यही वजह है कि शहर के अलग-अलग चौक-चौराहों और बाजारों में सस्ते लेकिन बेहतरीन खाने के कई विकल्प देखने को मिल जाते हैं. इन्हीं में से एक है लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही ‘पचरंगा सलाद’, जो स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी ख्याल रखती है. शाम होते ही इस सलाद की दुकान पर लोगों की भीड़ जुटने लगती है. खासकर मजदूर, छात्र और नौकरीपेशा लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं. देखने में रंग-बिरंगी यह सलाद जितना आकर्षक लगत है, स्वाद में उससे कहीं ज्यादा शानदार होती है. यही कारण है कि लोग इसे ‘पचरंगा सलाद’ के नाम से जानते हैं. टेस्ट भी, हेल्थ भीइस सलाद को तैयार करने वाले संचालक विश्वनाथ बताते हैं कि इसमें कई पौष्टिक चीजों का मिश्रण किया जाता है. अंकुरित चना, मूंग, उबले हुए मटर, बादाम, प्याज, आलू, खीरा, गाजर, टमाटर और चुकंदर जैसी सामग्री इसमें डाली जाती है. इसके ऊपर मसाला, नारियल और नींबू डालकर इसे खास स्वाद दिया जाता है. यही वजह है कि यह सलाद स्वादिष्ट होने के साथ-साथ शरीर के लिए भी काफी फायदेमंद मानी जाती है. 20 रुपये में प्रोटीन बूस्टरविश्वनाथ बताते हैं कि आजकल लोग तला-भुना और ज्यादा मसालेदार खाना खाने से बचना चाहते हैं. ऐसे में यह सलाद उनके लिए बेहतर विकल्प बनकर उभरी है. इसमें प्रोटीन और पोषण भरपूर मात्रा में होता है, इसलिए कई लोग इसे प्रोटीन बूस्टर भी कहते हैं. खास बात यह है कि इतनी पौष्टिक और स्वादिष्ट सलाद मात्र ₹20 प्रति प्लेट में मिल जाती है, जो आम लोगों की जेब पर भी भारी नहीं पड़ती. पेट भर जाता हैसलाद खाने आए राजेश बताते हैं कि एक प्लेट खाने के बाद आराम से पेट भर जाता है. उनका कहना है कि बाहर मिलने वाले तेल-मसाले वाले फास्ट फूड की तुलना में यह कहीं ज्यादा अच्छा और सेहतमंद विकल्प है. स्वाद ऐसा है कि एक बार खाने वाला दोबारा जरूर आए. आज के समय में जहां लोग महंगे और अनहेल्दी फास्ट फूड की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं, वहीं जमशेदपुर का यह पचरंगा सलाद लोगों को कम कीमत में स्वाद और सेहत दोनों दे रहा है. यही वजह है कि यह सलाद अब शहर की शामों का खास हिस्सा बन चुका है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand Source link

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गोड्डा में पूर्व विधायक के PA पर जानलेवा हमला:घर से निकलते समय...

गोड्डा जिले के महागामा थाना क्षेत्र अंतर्गत नयानगर गांव के पास मंगलवार सुबह भाजपा के पूर्व विधायक अशोक भगत के निजी सहायक विजय शर्मा पर धारदार हथियार से हमला किया गया। इस घटना में विजय शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज गोड्डा सदर अस्पताल में चल रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, विजय शर्मा प्रतिदिन की तरह सुबह 8 से 9 बजे के बीच अपने घर से बाइक पर निकलते हैं। मंगलवार को भी जब वह घर से लगभग आधा किलोमीटर आगे नयानगर के पास पहुंचे, तो काजेश शर्मा नामक व्यक्ति ने उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में उनके हाथ पर गंभीर चोट आई है। हेलमेट पहनने के कारण उनके सिर पर चोट नहीं लगी घायल विजय शर्मा ने बताया कि जब उन पर तलवार से हमला किया गया, तो हेलमेट पहनने के कारण उनके सिर पर चोट नहीं लगी। इसके बाद हमलावर ने उनके दाएं हाथ और पैर पर तलवार से वार किया, जिससे वह बुरी तरह जख्मी हो गए। उन्होंने यह भी बताया कि हमलावर से उनका कोई पुराना विवाद नहीं था और हमला जान से मारने की नीयत से किया गया था। घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद हमलावर काजेश शर्मा वहां से भाग गया। पीड़ित विजय शर्मा ने पुलिस को सूचना दी। सहयोगियों की मदद से उन्हें रेफरल अस्पताल महागामा पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए गोड्डा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। इस पूरे मामले पर महागामा थाना प्रभारी मनोज पाल ने बताया कि अभी तक उन्हें कोई लिखित आवेदन नहीं मिला है। आवेदन मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पुष्टि की कि घायल का इंजुरी रिपोर्ट काट दिया गया है और अस्पताल में उनका इलाज जारी है। Source link

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Jharkhand Water Crisis Solved | CM Soren Nod, Chapanal Installed in Koderma

दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर का असर हुआ है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के संज्ञान लेने के बाद कोडरमा जिले के मरकच्चो प्रखंड अंतर्गत डगरनवां पंचायत के काली पहाड़ी और चटनिया दह गांव में 20 साल पुराने जल संकट की समस्या का समाधान हो गया है। . जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गांव में चापानल स्थापित किया है। इन गांवों में रहने वाले आदिवासी समुदाय के लगभग 100 लोग, जो करीब 10 परिवारों से संबंधित हैं, पिछले दो दशकों से पेयजल संकट से जूझ रहे थे। उन्हें घर से लगभग आधा किलोमीटर दूर जंगल में बहने वाले नालीनुमा पानी में चुआं खोदकर पानी छानना पड़ता था। यह पानी जानवरों, द्वारा भी इस्तेमाल किया जाता था, जिससे ग्रामीण अक्सर बीमार पड़ जाते थे। यह स्थिति ग्रामीणों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनी हुई थी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले का संज्ञान लेते हुए कोडरमा उपायुक्त को जल्द से जल्द समाधान का निर्देश दिया। इसके बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और पीएचडी (लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग) की एक टीम को मौके पर भेजकर जांच-पड़ताल करवाई। चूंकि यह गांव जंगल क्षेत्र में स्थित होने के कारण वन विभाग से विकास कार्यों की अनुमति मिलना एक बड़ी चुनौती थी। हालांकि, अनुमति मिलने के बाद, सोमवार को उक्त गांव में डीप बोरिंग करवाते हुए एक चापानल स्थापित किया गया, जिससे ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सका। ——————— ये भी खबर पढ़िए कोडरमा के कारी पहाड़ी में जल संकट:20 साल से दूषित पानी पीने को मजबूर हैं लोग, घर से आधा किलोमीटर दूर मिलता है पानी कोडरमा जिले के मरकच्चो प्रखंड अंतर्गत डगरनवां पंचायत के कारी पहाड़ी और चटनिया दह गांवों में लगभग 100 लोग पिछले 20 वर्षों से मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। इन घने जंगलों के बीच बसे 10 परिवारों को पीने के पानी, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। ग्रामीण, विशेषकर महिलाएं, हर दिन दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। पानी के लिए उन्हें घर से करीब आधा किलोमीटर दूर सोती नाला तक चढ़ाई-उतराई वाले रास्तों से गुजरना पड़ता है। वहां पहुंचकर वे पहले गंदे पानी से ही अपने बर्तन साफ करती हैं। पढ़िए पूरी खबर… Source link

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NEET 2026 Cancelled LIVE: नीट पेपर लीक मामले में दो अरेस्‍ट, दोबारा...

Last Updated:May 12, 2026, 13:47 IST neet paper leak 2026 news, neet exam cancelled LIVE: गेस पेपर वायरल होने के बाद अब NEET UG 2026 की परीक्षा रद्द कर दी गई है. इस मामले की जांच अब सीबीआई को सौंपी गई है. आइए जानते हैं कि इस मामले में अब तक क्‍या …और पढ़ें neet ug 2026, neet exam, neet exam cancelled 2026, neet cancelled, re neet 2026 LIVE: नीट परीक्षा का पेपर कैंसिल हो गया है. neet paper leak 2026 news, neet exam cancelled: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 को आखिरकार रद्द कर दिया गया है. राजस्थान में सामने आए कथित गेस पेपर लीक विवाद और परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों के बाद सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए परीक्षा कैंसिल कर दी है. अब पूरे मामले की जांच CBI करेगी.इस फैसले से 22 लाख से ज्यादा छात्र प्रभावित हुए हैं, जिन्होंने 3 मई 2026 को देशभर में आयोजित NEET परीक्षा दी थी. NTA का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल उठने के बाद यह कदम उठाना जरूरी हो गया था. क्यों रद्द की गई NEET UG 2026 परीक्षा? NEET 2026 Cancelled LIVE:CBI करेगी पेपर लीक की जांच NEET 2026 Cancelled LIVE:सरकार ने नीट पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई को सौंपी है. अब इस पूरे मामले की जांच सीबीआई करेगी.अभी तक राजस्‍थान एसओजी नीट पेपर लीक मामले की जांच कर रही है. एसओजी ने इस मामले में कई लोगों को अरेस्‍ट भी किया गया है. NEET 2026 Cancelled LIVE:जवाबदेही तय करने की मांग NEET 2026 Cancelled LIVE: NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने पर पेपर लीक के आरोपों को लेकर फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने ट्वीट किया.FAIMA ने कहा कि हम इस पेपर लीक के लिए तुरंत जवाबदेही तय करने की मांग करते हैं. हम चुप नहीं रहेंगे. On NEET-UG 2026 exam cancelled following paper leak allegations, Federation of All India Medical Association (FAIMA) tweets, “FAIMA demand immediate accountability for this paper leak. We will not stay silent. Exemplary punishment is the only way forward.” pic.twitter.com/qsZteCkvO1 — ANI (@ANI) May 12, 2026 NEET 2026 Cancelled LIVE: नीट मामले में दो अरेस्‍ट NEET 2026 Cancelled LIVE: राजस्‍थान एसओजी ने जयपुर से नीट पेपर लीक मामले में दो लोगों को अरेस्‍ट किया है. अभी अविनाश लांबा और मनीष यादव नाम के दो लोगों को अरेस्‍ट किया गया है. NEET 2026 Cancelled LIVE: सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच NEET Paper Leak Case LIVE: नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की गई है.NSUI के कार्यकर्ताओं ने नीट एग्जाम कैंसिल होने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर प्रतिबंध लगाने और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की है. परीक्षा रदद होने के बाद NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि हमें सरकार पर कोई भरोसा नहीं है.एनएसयूआई ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस विफलता के लिए जिम्‍मेदार ठहराया है और उनसे इस्‍तीफे की मांग की है. NEET 2026 Cancelled LIVE: MBBS की सीटें सीमित NEET 2026 Cancelled LIVE: देशभर में MBBS की सीटें सीमित हैं और लाखों छात्र सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिले के लिए इस परीक्षा पर निर्भर रहते हैं. ऐसे में किसी भी तरह की गड़बड़ी सीधे छात्रों के भविष्य को प्रभावित करती है. neet paper leak 2026 LIVE Update: 22 लाख से ज्यादा छात्रों ने दी थी परीक्षा NEET 2026 Cancelled LIVE: इस साल NEET UG 2026 के लिए कुल 22,79,743 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था. NTA ने इतने ही अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड जारी किए थे.पिछले साल की तुलना में इस बार करीब 3000 ज्यादा छात्रों ने परीक्षा में हिस्सा लिया था. यही वजह है कि यह परीक्षा देश की सबसे ज्यादा प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में गिनी जाती है. NEET 2026 Cancelled LIVE: NTA ने क्‍या कहा? NEET 2026 Cancelled LIVE: NTA ने कहा है कि वह जांच में पूरा सहयोग करेगी और सभी रिकॉर्ड, डेटा और तकनीकी जानकारी CBI को उपलब्ध कराई जाएगी. NEET 2026 Cancelled LIVE: अब CBI करेगी पूरे मामले की जांच NEET 2026 Cancelled LIVE, neet paper leak 2026 news:केंद्र सरकार ने इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI को सौंप दी है.CBI यह पता लगाएगी कि कथित गेस पेपर आखिर कहां से आया, किसने इसे फैलाया और क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था. जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि क्या छात्रों से पैसे लेकर सवाल बेचे गए थे. Source link

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आर्ट और डिजाइन में करियर बनाना है तो बेस्ट हैं रांची के...

Last Updated:May 12, 2026, 09:42 IST Ranchi Top Colleges For Creative Art & Design: क्रिएटिव आर्ट और डिजाइन की फील्ड में रुचि है तो रांची के इन कॉलेजों से पढ़ाई कर सकते हैं. यहां कोर्स कंप्लीट होने के बाद बढ़िया प्लेसमेंट मिलता है. सभी संस्थानों का फी स्ट्रक्चर कोर्स के मुताबिक अलग-अलग है. आप अपनी सुविधा के अनुसार चुन सकते हैं. इस लिस्ट में सबसे पहले आता है रांची का बीआईटी मेशरा. यहां से आप क्रिएटिव आर्ट्स में बैचलर की पढ़ाई कर सकते हैं. यहां की खास बात यह है कि यहां पर बड़े-बड़े लैब, कंप्यूटर एनीमेशन, 3D सीखने के लिए सारे उपकरण और काफी माडर्न और आधुनिक उपकरण उपलब्ध रहते हैं. यहां की फैकल्टी भी बाहर से आती है. इसके अलावा यहां का वातावरण भी कमाल है. चारों ओर घनघोर जंगल हैं जो आपके मूड को फ्रेश करने के लिए काफी रहेगा. इसके अलावा आप सरला बिरला यूनिवर्सिटी भी आ सकते हैं. यहां पर क्रिएटिव आर्ट एंड डिजाइन की पढ़ाई कर सकते हैं. बता दें, इस कोर्स के जरिए आप फोटोग्राफी से लेकर पोर्टफोलियो डेवलपमेंट, पेंटिंग, फैशन एंड इंटीरियर डिजाइनिंग, फोटोग्राफी ये सारी चीजें सीख सकते हैं. यहां पर भी प्रैक्टिकल पर अधिक जोर दिया जाता है. बच्चों को इंटर्नशिप करने के लिए मुंबई जैसे बड़े शहर भेजा जाता है. यहां पर आपको दो से तीन लाख रुपए तक फीस चुकाने पड़ सकती है. झारखंड की राजधानी रांची में अगर आप क्रिएटिव आर्ट और डिजाइन में कोर्स करना चाहते हैं, तो रांची के संत ज़ेवियर कॉलेज, डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज, वेदांश आर्ट इंस्टिट्यूट, जैसे कुछ कॉलेज और इंस्टिट्यूट हैं जहां पर आप ग्रेजुएशन भी कर सकते हैं या 12 महीने का कोर्स भी कर सकते हैं. यहां की फीस भी कम है, 10 से ₹20,000 के फीस में आप ये कोर्स आसानी से कर पाएंगे. Add News18 as Preferred Source on Google यहां के पीआरओ मृणाल बताते हैं, यहां पर फीस आपको पर सेमेस्टर 1 लाख के करीब चुकानी पड़ेगी. यानी थोड़ा महंगा हो सकता है. लेकिन अगर आपका बजट है तो यह बेस्ट हो सकता है. क्योंकि, यहां प्लेसमेंट के लिए बड़ी कंपनियां जैसे क्रिएटिव थिंक मीडिया, पेंटाग्राम आती हैं, जोकि 8 से 9 लाख रुपए के एवरेज सालाना पैकेज पर स्टूडेंट्स को हायर करती हैं. खास बात यह है कि आप इनका 12 महीने रा शॉर्ट कोर्स भी कर सकते हैं. उसके अलावा आप रांची के संत ज़ेवियर कॉलेज भी आ सकते हैं और रांची यूनिवर्सिटी भी. इन दोनों जगह की खास बात ये है कि यहां पर फीस बाकी जगह से काफी कम है. पर सेमेस्टर आराम से ₹20,000 की फीस में आप पढ़ाई कर सकते हैं. यहां पर भी डिसिप्लिन बहुत ही टाइट है. अगर 75% अटेंडेंस नहीं रही तो मजाल नहीं आप एग्जाम में बैठ जाए. अगर आप इन क्षेत्रों में पढ़ाई करना चाहते हैं तो इन कॉलेजों का रुख कर सकते हैं. Source link

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धनबाद में युवक की पत्थर से कुचलकर हत्या:बीती रात 11 बजे हुई...

धनबाद के धनसार थाना क्षेत्र स्थित चांदमारी ग्राउंड के पास एक युवक का शव मिला है। मृतक की पहचान दहुहाटांड़ निवासी जितेश कुमार के रूप में हुई है। आशंका है कि युवक की हत्या चेहरे को पत्थर से कुचलकर की गई है। मंगलवार सुबह स्थानीय लोगों ने जंगल की ओर शव पड़ा होने की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही धनसार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटनास्थल से एक बाइक, मोबाइल फोन और खून से सना पत्थर बरामद किया गया है, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। सोमवार शाम काम से कुछ लोगों के साथ निकला था मृतक के चाचा टुनटुन कुमार ने बताया कि जितेश सोमवार शाम काम से कुछ लोगों के साथ घर से निकला था। रात करीब 11 बजे उसकी आखिरी बार बातचीत हुई थी। 1:30 बजे रात मोबाइल स्विच ऑफ हो गया टुनटुन के अनुसार, रात 12:30 बजे एक बार कॉल रिसीव हुआ, जिसमें हल्की आवाज में किसी तरह का झगड़ा होने की बात सुनाई दी। इसके तुरंत बाद फोन कट गया और फिर रात 1:30 बजे से मोबाइल स्विच ऑफ बताने लगा। धनसार थाना प्रभारी मनोहर करमाली ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि युवक की हत्या कहीं और की गई और बाद में शव को चांदमारी ग्राउंड के पास लाकर फेंका गया। उन्होंने कहा कि परिजनों द्वारा कुछ लोगों पर संदेह जताया गया है, जिनके आधार पर जांच की जा रही है। फिलहाल, शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है। Source link

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