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मीन राशि वालों के लिए आज का दिन रहेगा चुनौतीभरा, व्यापार में...

Last Updated:May 12, 2026, 03:31 IST Aaj Ka Meen Rashifal 12 May 2026: मीन राशि वालों के लिए आज का दिन उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है. व्यापार और कारोबार में सोच-समझकर फैसले लेने की जरूरत है, क्योंकि धन हानि के संकेत बन रहे हैं. स्वास्थ्य के मामले में पुराने रोग फिर से परेशानी बढ़ा सकते हैं. वहीं दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ेगी. मीन राशि वालों के लिए आज का दिन थोड़ी चुनौतियां लेकर आ सकता है. ग्रहों की प्रतिकूल चाल के कारण कामों में रुकावट और योजनाओं में देरी होने की संभावना है. मन में चिंता और असमंजस की स्थिति बनी रह सकती है, जिससे आत्मविश्वास कमजोर पड़ सकता है. छोटी-छोटी बातों को लेकर तनाव बढ़ने के संकेत हैं. ऐसे समय में धैर्य और समझदारी से काम लेना बेहद जरूरी रहेगा. जल्दबाजी या भावनाओं में आकर लिया गया फैसला नुकसान पहुंचा सकता है, इसलिए सोच-समझकर कदम बढ़ाएं. उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिष आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, आज मानसिक तनाव और उलझन बढ़ सकती है. पहले से चल रही चिंताएं कम होने के बजाय और गहरी हो सकती हैं. इसलिए धैर्य रखें, विवादों से दूर रहें. सोच-समझकर ही कोई कदम उठाएंगे तो अच्छा रहेगा. मीन राशि का करियर और व्यापार राशिफलमीन राशि वालों के लिए आज करियर के क्षेत्र में दिन सामान्य रहने वाला है. लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने से राहत महसूस होगी, लेकिन लापरवाही और काम टालने की आदत नुकसान पहुंचा सकती है. सफलता के लिए मेहनत और एकाग्रता बनाए रखना जरूरी रहेगा. व्यापार में उम्मीद के अनुसार लाभ मिलने के संकेत कम हैं. काम के सिलसिले में की गई यात्रा भी निराश कर सकती है. नए अवसर हाथ से निकल सकते हैं, इसलिए समय रहते सही निर्णय लेना बेहद जरूरी होगा. मीन राशि का स्वास्थ्य और आर्थिक स्थितिस्वास्थ्य की दृष्टि से आज का दिन मध्यम रहेगा. मानसिक तनाव और थकान महसूस हो सकती है. इनसे बचने के लिए ध्यान और योग करना लाभकारी रहेगा. छोटी-मोटी बीमारियों से बचाव के लिए पौष्टिक आहार लेना आवश्यक होगा. आर्थिक स्थिति की बात करें तो आज का दिन मिला-जुला रह सकता है. खर्च की अधिकता रहेगी, लेकिन शाम होते-होते पुरानी निवेश की गई पूंजी से धन लाभ के प्रबल योग बन रहे हैं. साथ ही पूंजी निवेश के लिए आज का दिन काफी अच्छा रहेगा. मीन राशि वालों का लव लाइफ राशिफललव लाइफ के मामले में आज का दिन थोड़ा तनाव और उलझन लेकर आ सकता है. पार्टनर के साथ बातचीत में गलतफहमियां बढ़ने की आशंका है, जिससे रिश्तों में दूरी महसूस हो सकती है. किसी छोटी बात को लेकर मनमुटाव गहरा सकता है. साथी की भावनाओं को नजरअंदाज करना संबंधों में कड़वाहट ला सकता है. शादीशुदा जीवन में भी वाणी पर संयम रखना जरूरी होगा, वरना घरेलू माहौल तनावपूर्ण बन सकता है और आपसी तालमेल प्रभावित हो सकता है. मीन राशि वाले जरूर करें ये उपायआज आपके लिए लकी नंबर 9 रहेगा. यह अंक आपको सफलता और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करेगा. वहीं आज के दिन इस राशि के जातक जो धर्म-कर्म के साथ दान-पुण्य में रुचि रखते हैं, उन्हें चाहिए कि आज के दिन हनुमान जी महाराज के मंदिर जाकर भगवान को गुड़, चने का भोग लगाए. उसके बाद गरीबों में लाल वस्तु का दान-वितरण करें, जिससे आज का दिन बेहतरीन हो सके. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ujjain,Madhya Pradesh Source link

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कन्या राशि वाले आज हर तरह से रहें सतर्क, कहीं भी पैसा...

Last Updated:May 12, 2026, 04:04 IST स्वास्थ्य की बात करें तो मानसिक तनाव और थकान महसूस हो सकती है. ज्यादा चिंता करने से सिरदर्द या बेचैनी बढ़ सकती है. दिनभर सकारात्मक सोच बनाए रखने की कोशिश करें और अनावश्यक तनाव से दूरी बनाकर रखें. पारिवारिक जीवन में भी थोड़ी सावधानी रखने की जरूरत है. पैतृक संपत्ति या किसी घरेलू मामले को लेकर भाई-बहनों के साथ बहस या मतभेद की स्थिति बन सकती है. छोटी-छोटी बातों को…. ख़बरें फटाफट परमजीत/देवघर: ऋषिकेश पंचांग के अनुसार आज ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि, उत्तरभाद्रपदा नक्षत्र और विषकुम्भ योग का प्रभाव रहेगा. वहीं चंद्रमा का गोचर कुम्भ राशि से निकलकर मीन राशि में होने वाला है, जिसका असर आपके स्वभाव, कार्यक्षेत्र और पारिवारिक जीवन पर साफ देखने को मिल सकता है. आज दिन की शुरुआत थोड़ी धीमी और मानसिक उलझनों के साथ हो सकती है. जिस आत्मविश्वास और ऊर्जा के साथ आप सामान्य दिनों में अपने कार्य करते हैं, आज उसमें कुछ कमी महसूस हो सकती है. मन में बार-बार नकारात्मक विचार आ सकते हैं, जिससे किसी काम में पूरी तरह ध्यान लगाना थोड़ा कठिन रहेगा. कन्या राशि के आज के दिन के बारे में देवघर के ज्योतिषाचार्य पंडित नंद किशोर मुदगल जी ने और अधिक जानकारी दी है. कार्य में आ सकती है बाधाआज कई ऐसे कार्य हो सकते हैं जिन्हें आप पूरा करना चाहेंगे, लेकिन बीच में कुछ रुकावटें आने की संभावना है. किसी महत्वपूर्ण काम में देरी या अधूरापन मन को परेशान कर सकता है. इसलिए जल्दबाजी या गुस्से में कोई फैसला बिल्कुल ना लें. धैर्य और समझदारी से काम करने की जरूरत है. व्यापार और आर्थिक मामलों में भी आज सतर्क रहने की सलाह दी जाती है. किसी को पैसा उधार देने से बचें, क्योंकि धन फंसने की संभावना बन रही है. नया निवेश करने के लिए भी आज का दिन अनुकूल नहीं माना जा रहा है. खासकर जमीन, मकान, प्रॉपर्टी या बड़े सौदों में पैसा लगाने से फिलहाल बचना ही बेहतर रहेगा. पैतृक सम्पति को लेकर हो सकता है घरेलू विवादपारिवारिक जीवन में भी थोड़ी सावधानी रखने की जरूरत है. पैतृक संपत्ति या किसी घरेलू मामले को लेकर भाई-बहनों के साथ बहस या मतभेद की स्थिति बन सकती है. छोटी-छोटी बातों को ज्यादा बढ़ाने से रिश्तों में तनाव आ सकता है, इसलिए अपनी वाणी और व्यवहार पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा. आज कोशिश करें कि किसी भी विवाद में शांत रहकर बात करें. कई बार चुप रह जाना भी बड़ी समस्या को टाल देता है. जीवनसाथी और परिवार के अन्य सदस्यों का सहयोग मिलेगा, लेकिन आपकी उदासी और चिड़चिड़ापन घर के माहौल को थोड़ा प्रभावित कर सकता है. स्टूडेंट्स के मन में हो सकता है भटकावविद्यार्थियों के लिए भी आज का दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है. पढ़ाई में मन कम लगेगा और ध्यान बार-बार भटक सकता है. मोबाइल, दोस्तों या गलत संगति की वजह से समय बर्बाद होने की संभावना है. इसलिए अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखें और समय का सही उपयोग करें. प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को विशेष मेहनत करनी पड़ेगी. नौकरी करने वाले लोगों को कार्यस्थल पर सावधानी रखने की जरूरत है. बॉस या वरिष्ठ अधिकारी आपके काम से पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिखेंगे. छोटी गलती भी बड़ी बन सकती है, इसलिए अपने काम को ध्यानपूर्वक पूरा करें. आज तनाव बिल्कुल ना लेंस्वास्थ्य की बात करें तो मानसिक तनाव और थकान महसूस हो सकता है. ज्यादा चिंता करने से सिरदर्द या बेचैनी बढ़ सकती है. दिनभर सकारात्मक सोच बनाए रखने की कोशिश करें और अनावश्यक तनाव से दूरी बनाकर रखें. उपाय:हनुमान जी की पूजा करें. हनुमान चालीसा का पाठ पढ़ें. आज किसी जरूरतमंद व्यक्ति को लाल मसूर दाल, गुड़ या लाल वस्त्र का दान करना लाभकारी रहेगा. कार्यस्थल पर वाणी पर नियंत्रण रखें और किसी भी विवाद में पड़ने से बचें. शाम के समय पीपल के नीचे सरसों तेल का दीपक जलाना शुभ माना जाएगा. इससे बाधाएं कम होंगी और दिन धीरे-धीरे आपके पक्ष में होता नजर आएगा. About the Author Rajneesh Singh जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Deoghar,Jharkhand Source link

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कोकर के खोरहाटोली से 18 महीने की बच्ची लापता, अपहरण का...

कोकर के खोरहाटोली रोड नंबर एक से शनिवार शाम 18 महीने की बच्ची लापता हो गई। काफी खोजबीन के बाद भी बच्ची का सुराग नहीं मिला तो पिता मनीष पांडे ने सदर थाने में लिखित शिकायत की। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने बच्ची के अपहरण का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस बच्चा चोरी के एंगल से भी मामले की जांच कर रही है। देर रात तक बच्ची का कोई पता नहीं चला था। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की भी जांच कर रही है, जिससे पता चल सके कि वहां कोई बाहरी व्यक्ति तो नहीं आया था। मूल रूप से कोडरमा निवासी आईटी कंपनी में कार्यरत मनीष पांडे ने बताया कि उनकी बेटी अदिति पांडे शाम में अपनी चार साल की बड़ी बहन के साथ पड़ोस के घर में खेल रही थी। शाम करीब 4:30 बजे बड़ी बेटी घर आई तो उसके साथ अदिति नहीं थी। इसके बाद लोगों ने ढूंढ़ना शुरू किया। लोगों ने कुछ ही दूर स्थित खुले नाले में भी झाड़ियों में बच्ची को ढूंढ़ा। लेकिन कोई पता नहीं चला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। Source link

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मदर्स डे पर महिला कांस्टेबल ने बचाई बच्चे की मां की जान

रांची रेलवे स्टेशन पर शनिवार को आरपीएफ की महिला कांस्टेबल सबिता गाड़ी की सतर्कता और साहस से एक बड़ा हादसा टल गया। मंडल सुरक्षा आयुक्त पवन कुमार के निर्देशों के तहत ड्यूटी पर आरपीएफ लगातार अलर्ट मोड में है। इसी क्रम में ट्रेन संख्या 18611 रांची- बनारस एक्सप्रेस के प्रस्थान के दौरान एक महिला यात्री अपने पति और छोटे बच्चे के साथ जल्दबाजी में चढ़ने का प्रयास कर रही थीं। तभी उनका संतुलन बिगड़ गया और वह प्लेटफॉर्म तथा चलती ट्रेन के बीच गैप में गिरकर ​िघसटने लगीं। ड्यूटी पर तैनात महिला कांस्टेबल सबिता गाड़ी बिना देर किए दौड़ कर वहां पहुंची और महिला को पकड़ कर खींच लिया। ट्रेन पूरी तरह रुकने तक मजबूती से थामे रखा। उनकी सूझ-बूझ और साहस के कारण महिला की जान बच गई और एक गंभीर दुर्घटना टल गई। सबसे बड़ी बात कि मदर्स डे से ठीक पहले उस छोटे से बच्चे के जीवन से मां का साथ छूटने से बच गया। मैं भी एक मां हूं, इसलिए मां को बचाना भावपूर्ण क्षण : सबिता कांस्टेबल सबिता गाड़ी ने बताया कि ड्यूटी के दौरान उनका पूरा ध्यान केवल यात्रियों की सुरक्षा पर केंद्रित रहता है। पुलिसकर्मी के रूप में उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है । सबिता ने बताया कि मदर्स डे के दिन एक मां की जान बचाने का अवसर मिला, जो मेरे लिए बेहद भावुक और गर्व का क्षण था। इस घटना ने एहसास दिलाया कि छोटी सी सतर्कता भी किसी की जिंदगी बचा सकती है। वह खुद भी एक बच्ची की मां हैं, इसलिए एक मां की जान बचाना उनके लिए बड़ी बात है। मौत के मुंह से बची यात्री बोलीं-जीवनरक्षक हैं कांस्टेबल भुक्तभोगी महिला ने भावुक होकर कहा कि अगर समय पर आरपीएफ जवान ने मदद नहीं की होती तो उनकी जान नहीं बच पाती। उन्होंने कांस्टेबल सबिता गाड़ी का आभार व्यक्त किया और उन्हें अपना जीवन रक्षक बताया। वहीं, मौके पर मौजूद यात्रियों ने भी आरपीएफ की तत्परता की जमकर सराहना की। यात्रियों ने कहा कि यह घटना सुरक्षा बल की कर्तव्यनिष्ठा और मानवता की मिसाल है। कई लोगों ने इसे ‘मदर्स डे पर एक बच्चे और मां के लिए सबसे बड़ा तोहफा बताया। Source link

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West Bengal Bharti Ghotala: सुजीत बोस कर बैठे लालू यादव वाला कांड?...

बंगाल में सत्‍ता बदलते ही हालात बदल गए हैं. नगरपालिका भर्ती घोटाले में अब तक बचते रहे ममता सरकार के मंत्री सुजीत बोस को ईडी ने सोमवार को ग‍िरफ्तार कर ल‍िया. जब उनके आरोपों की फेहर‍िस्‍त ईडी ने पढ़नी शुरू की तो लगा क‍ि ये तो कुछ वैसा ही कांड कर बैठे हैं, जो आरोप लालू यादव के पर‍िवार पर लगे हैं. फर्क सिर्फ इतना है क‍ि लालू यादव ने नौकरी देने के बदले लोगों की जमीनें हथ‍ियाई, और इन्‍होंने नौकरी के बदले पैसे लिए, फ्लैट लिए और भर्ती सिस्टम को पूरी तरह मैनेज किया. हम आपको बंगाल भर्ती घोटाले की एक एक परत बताने जा रहे हैं. आखिर सुजीत बोस हैं कौन? सुजीत बोस तृणमूल कांग्रेस के उन नेताओं में गिने जाते हैं जिनकी पकड़ सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं मानी जाती थी. उत्तर 24 परगना और खासकर बिधाननगर इलाके में उन्हें बेहद प्रभावशाली नेता माना जाता रहा है. ममता बनर्जी सरकार में वह अग्निशमन मंत्री रहे. उन्हें तृणमूल के ऑर्गेनाइजेशनल मैनेजर नेताओं में गिना जाता था. यानी सिर्फ चुनावी चेहरा नहीं, बल्कि संगठन और स्थानीय नेटवर्क पर मजबूत पकड़ रखने वाले नेता. इसी वजह से उनकी गिरफ्तारी राजनीतिक तौर पर भी बड़ी मानी जा रही है. आरोप क्‍या है? आरोप है कि पश्चिम बंगाल के कई नगर निगमों और शहरी निकायों में नियमों को दरकिनार करके, पैसे लेकर, राजनीतिक सिफारिश पर और फर्जी प्रक्रिया के जरिए भर्तियां की गईं. यानी जिन लोगों को नौकरी मिलनी चाहिए थी, उनकी जगह कथित तौर पर ऐसे लोगों को भर्ती कर लिया गया जिन्होंने पैसे दिए, राजनीतिक पहुंच का इस्तेमाल किया या सिस्टम से सेटिंग की. ED और CBI दोनों एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही हैं. जांच एजेंसियों का दावा है कि नगर निगम भर्ती घोटाला संगठित नेटवर्क की तरह काम करता था. आरोपों के मुताबिक, भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी नहीं थी. कई पदों के लिए वैध विज्ञापन नहीं निकाले गए. मेरिट लिस्ट संदिग्ध थीं. इंटरव्यू और चयन प्रक्रिया में हेरफेर हुआकई लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये लिए गए. पूरा मामला शुरू कहां से हुआ? नगर निगम भर्ती घोटाले की कहानी सीधे सुजीत बोस से शुरू नहीं होती. असल शुरुआत हुई शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच से. 2023 में ED प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच कर रही थी. इसी दौरान एजेंसी ने कारोबारी अयान सिल और उसके करीबियों के ठिकानों पर छापेमारी की. यहीं से जांच को बड़ा सुराग मिला. यहां से ED को कई डिजिटल फाइलें, भर्ती से जुड़े दस्तावेज, कथित भुगतान रिकॉर्ड और OMR डेटा मिले. जांच में एजेंसी को शक हुआ कि घोटाला सिर्फ शिक्षक भर्ती तक सीमित नहीं था. बल्कि पश्चिम बंगाल के कई नगर निगमों में भी नौकरियां बेची जा रही थीं. किन-किन जगहों पर हुआ कथित खेल? ED के मुताबिक जांच में कई नगर निगमों और नगरपालिका क्षेत्रों के नाम सामने आए, जहां भर्तियों में घोटाले क‍िए गए. आरोप है कि इन निकायों में भर्ती प्रक्रिया को सिस्टमेटिक तरीके से प्रभावित किया गया. अगर आपको लगता है कि मामला सिर्फ बड़े अधिकारियों की नियुक्ति का था, तो ऐसा नहीं है. ED का दावा है कि कथित घोटाला नगर निगमों की लगभग पूरी लोअर और मिड-लेवल भर्ती में फैला हुआ था. क‍िन पदों पर होनी थी भर्ती मजदूरस्वीपरक्लर्कपियूनड्राइवरएम्बुलेंस अटेंडेंटपंप ऑपरेटरहेल्परसैनिटरी असिस्टेंटअसिस्टेंट मिस्त्री यानी वे नौकरियां, जिनके लिए गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार सालों तैयारी करते हैं. अयान स‍िल कौन है और उसका रोल क्या? पूरे केस का टेक्निकल और ऑपरेशनल केंद्र माना जा रहा है अयान स‍िल. उसकी कंपनी ABS Infozon Pvt Ltd को कई नगर निगमों की भर्ती प्रक्रिया का कॉन्ट्रैक्ट मिला था. कंपनी पेपर छापती थी. OMR शीट डिजाइन करती थी. OMR जांचती थी और मेरिट लिस्ट तैयार करती थी. यानी भर्ती सिस्टम की चाबी उसी के हाथ में थी. ED का आरोप है कि अयान स‍िल ने OMR शीट में हेरफेर किया. नंबर बदले और पैसे लेकर अयोग्य उम्मीदवारों को नौकरी दिलवाई. Former West Bengal Minister under TMC Government Sujit Bose has been taken into ED custody in connection with the municipal recruitment scam. He was at one point in time engaged in small business as an egg roll vendor, who later became associated with the CPI(M) before joining… pic.twitter.com/5YD77HWgxM Source link

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मदर्स डे: थैलेसीमिया पीड़ितों के लिए रक्तदान शिविर

रांची| मदर्स डे पर रांची सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में थैलेसीमिया पीड़ितों के लिए रक्तदान शिविर सह सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया। आयोजन ‘लहू बोलेगा’ रक्तदान संगठन रांची और झारखंड थैलेसीमिया पीड़ित एसोसिएशन ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नदीम खान ने की। स्वागत श्रुति देवी ने और धन्यवाद थैलेसीमिया पीड़ित की मां सीमा देवी ने व्यक्त किया। शिविर में डॉ. दानिश रहमानी के नेतृत्व में 8 जूनियर डॉक्टरों और एक इंजीनियर ने रक्तदान किया। तीन अन्य आवेदकों का हीमोग्लोबिन कम होने या दवा सेवन के कारण रक्तदान नहीं हो सका। आयोजकों के अनुसार, थैलेसीमिया-सिकल सेल से प्रभावित बच्चों की 9 योद्धा माताओं को मोमेंटो व अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही मरीजों के लिए रक्त देने वाले 13 रक्तवीरों को मैडल और अंगवस्त्र प्रदान कर प्रेरित किया गया। Source link

झारखंड

मोहिनीअट्टम में विष्णु के मोहिनी अवतार को देख दर्शक भावविभोर, झूमर नृत्य...

सिटी रिपोर्टर|रांची खेलगांव के स्टेट म्यूजियम सभागार में रविवार को सैकड़ों कलाकारों ने मंच पर सांस्कृतिक छटा बिखेरी। इंडिया इंटरनेशनल डांस फेस्टिवल में 18 राज्यों से आए 160 कलाकारों ने नृत्य की 20 विविध शैलियों का मनमोहक प्रदर्शन किया। कलाकारों ने करतल ध्वनियों के बीच एक-एक लय, एक-एक छंद, एक-एक टुकड़े ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। केरल का मोहिनीअट्टम, उत्तर भारत का कत्थक, दक्षिण भारत का भरतनाट्यम से लेकर झारखंड के झूमर नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी गई। आयोजन समस्कृतिकी-नृत्यशाला की ओर से किया गया था। कार्यक्रम की शुरुआत कलामंडलम सृजा कृष्णन की मोहिनीअट्टम से हुई। इसमें भगवान विष्णु के मोहिनी अवतार का वर्णन किया गया। जिसमें उनका स्त्री सौंदर्य, उनकी कोमलता और भक्ति को प्रस्तुत किया गया। साथ ही हस्त लक्षण दीपिका ग्रंथ से ली गई 24 मुख्य हस्त मुद्राओं की भी इस नृत्य में प्रस्तुति की गई। इसके बाद गीतांजलि डांस इंस्टीट्यूशन की डॉ. चंद्र शालिनी कुजूर, रेशमा तिर्की, अंशिका घोष, नम्रता विश्वास, आयुषी सिंह, रिंकू कुमारी, अपराजिता करण, अदिति मिंज ने बिहू का प्रदर्शन किया। इसमें फसल की बुआई के समय प्रकृति, उर्वरता और सामाजिक एकता को नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। जमशेदपुर के संगीत समागम से पहुंची कश्यपी ने स्केट बोर्ड पर वेस्टर्न डांस फॉर्म की प्रस्तुति दी। जिसमें उसने महिला सशक्तीकरण का संदेश दिया। सूची स्मिता ने भरतनाट्यम नृत्यशैली की बारीकियों को बताया। सुष्मिता सेन बिस्वास, मैमोनी मंडल, स्तुति केडिया ने भरतनाट्यम की प्रस्तुति दी। इसमें भाव, राग और ताल का अनूठा मिश्रण प्रस्तुत किया गया। इसी नृत्य शैली में 52 हस्त मुद्राओं से विभिन्न भावों को अभिव्यक्त भी किया गया। विघार्थियों ने अलग-अलग ग्रुप में कथक नृत्य की तीन प्रस्तुतियां दीं। इनमें भगवान राम के कृपालु स्वभाव, दिव्य सौंदर्य और रक्षक रूप का वर्णन किया गया। उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि झारखंड के कमर्शियल टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता प्रीतम कुमार लाला रहे। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से इंटर स्टेट रिलेशनशिप भी बेहद मजबूत होते हैं। नृत्यशाला की संस्थापक और आईआईडीएफ रांची की संयोजक मोनिका डे ने कहा कि आईआईडीएफ का पहली बार रांची में होना गर्व और हर्ष का विषय है। समापन सत्र के मुख्य अतिथि संस्कृति निदेशालय के निदेशक आसिफ एकराम रहे। आगंतुकों में जर्मनी से डॉ. ईस्थर, वरिष्ठ कलाकार श्यामा प्रसाद नियोगी, सेवानिवृत आईपीएस संजय रंजन सिंह, अभिलाषा दास, धर्मेंद्र तिवारी, भारतेंदु झा, डेबूप्रिय चौधरी, मोनिका मुंडू, मालविका, आलोक गुप्ता एवं प्रदेश के कला जगत के कई दिग्गज कलाकार मौजूद रहे। रांची में पहली बार आयोजन Source link

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मनरेगा से ‘जी राम जी’ तक, मजदूरी से विकास मॉडल तक का...

नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने सोमवार को घोषणा की कि नया विकसित भारत रोजगार गारंटी और आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 देशभर में एक जुलाई से लागू होगा. इसके साथ ही यह महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह ले लेगा. सरकार ने इसे ‘विकसित भारत 2047’ दृष्टिकोण के अनुरूप आधुनिक ग्रामीण विकास की रूपरेखा बताया है. सरकार के अनुसार इस कानून के तहत ग्रामीण रोजगार गारंटी 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन प्रति वर्ष की जाएगी. हालांकि, विपक्षी दलों और श्रम अधिकार कार्यकर्ताओं ने मनरेगा को समाप्त करने पर आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि यह अधिकारों पर आधारित सामाजिक सुरक्षा योजना थी और नए अधिनियम में डिजिटल प्रक्रिया, चेहरे का सत्यापन और प्रशासनिक बदलाव श्रमिकों के लिए समस्याएं पैदा कर सकते हैं. नए कानून से क्या बदलेगा?नए कानून के तहत ऐसे हर ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की वैधानिक गारंटी प्राप्त होगी. पहले यह सीमा 100 दिन की थी. केंद्र सरकार ने कहा कि यह योजना चार व्यापक कार्य श्रेणियों पर केंद्रित होगी, जिनमें जल संरक्षण परियोजनाएं; बुनियादी ग्रामीण ढांचा परियोजनाएं; आजीविका से संबंधित परियोजनाएं; और मौसम संबंधी चुनौतियों से निपटने की परियोजनाएं शामिल हैं. मनरेगा के तहत कार्यों को व्यापक श्रेणियों में बांटा गया था, जैसे जल संरक्षण, सूखा-रोधी उपाय, सिंचाई, पारंपरिक जल निकायों का पुनर्निर्माण, भूमि विकास और बाढ़ नियंत्रण. इस कानून में ‘विकसित ग्राम पंचायत योजना’ (वीजीपीपी) शामिल की गई है. इसके तहत ग्राम पंचायतें अपने इलाके के विकास के लिए एक संयुक्त योजना तैयार करेंगी, और इस योजना को ग्राम सभा की मंजूरी लेनी होगी. सरकार के अनुसार, इस कानून के तहत सभी काम इन्हीं ग्राम विकास योजनाओं के आधार पर ही किए जाएंगे. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास कार्य लोगों की जरूरतों के हिसाब से हों और हर क्षेत्र का संपूर्ण व संतुलित विकास किया जा सके. नए कानून का कार्यान्वयन कैसे होगा?केंद्र ने कहा है कि मनरेगा की जगह नए कानून का कार्यान्वयन ‘सुचारु और निर्बाध’ होगा. मनरेगा को औपचारिक रूप से एक जुलाई 2026 से समाप्त किया जाएगा, उसी तारीख को वीबी-जी राम जी अधिनियम लागू होगा. मौजूदा मनरेगा कार्य जारी रहेंगे और उन्हें नए कानून के तहत उन्हें ढाला जाएगा. सरकार ने कहा है कि अधूरे सार्वजनिक कार्य और परियोजनाएं पूरी करने को प्राथमिकता दी जाएगी. जब तक नए ‘ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड’ जारी नहीं किए जाते तब तक उन श्रमिकों के लिए जॉब कार्ड अस्थायी रूप से मान्य रहेंगे, जिनकी ‘ई-केवाईसी’ पूरी हो चुकी है. क्या चीजें अपरिवर्तित रहेंगी?रोजगार की मांग करने के 15 दिन के अंदर रोजगार देना अनिवार्य रहेगा, ऐसा न करने पर श्रमिक राज्य सरकारों की ओर से दिए जाने वाले बेरोजगारी भत्ते के पात्र होंगे. मजदूरी का भुगतान बैंक या डाकघर खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से जारी रहेगा और यह साप्ताहिक या ‘मस्टर रोल’ बंद होने के बाद 15 दिन के अंदर करना होगा. ‘मस्टर रोल’ एक आधिकारिक रजिस्टर या हाजिरी रिकॉर्ड होता है जिसमें किसी काम पर लगे मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की जाती है. इस कानून में यह प्रावधान भी बनाए रखा गया है कि यदि मजदूरी का भुगतान देर से होता है, तो श्रमिकों को उसका मुआवजा (क्षतिपूर्ति) दिया जाएगा. नए प्रशासनिक प्रावधान क्या हैं?कार्यस्थलों पर उपस्थिति दर्ज करने के लिए अब चेहरे की पहचान पर आधारित प्रणाली उपयोग की जाएगी. हालांकि सरकार ने यह भी कहा है कि जहां खराब इंटरनेट सुविधा, तकनीकी समस्या या अन्य वास्तविक कठिनाइयां होंगी, वहां छूट दी जाएगी. एक और महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि कृषि सीजन के चरम पर होने (जैसे बुवाई और कटाई के समय) के दौरान दूसरे काम करने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा. यह अवधि राज्य सरकारें तय करेंगी, ताकि खेती के समय मजदूरों की कमी न हो. वित्तपोषण कैसे होगा?इस योजना के तहत राज्यों को मिलने वाला फंड अलग-अलग होगा. उत्तर-पूर्वी और हिमालयी राज्यों के लिए केंद्र और राज्य का अनुपात 90:10 रहेगा. अन्य राज्यों और विधानमंडल वाले केंद्र शासित प्रदेशों के लिए यह 60:40 होगा. जबकि बिना विधानमंडल वाले केंद्र शासित प्रदेशों को केंद्र सरकार से शत प्रतिशत से फंड मिलेगा. इसके अलावा, जिला स्तर पर सामग्री से जुड़े खर्च को 40 प्रतिशत तक सीमित कर दिया गया है. पहले मनरेगा के तहत मजदूरी का पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाती थी, जबकि सामग्री का खर्च केंद्र और राज्यों के बीच 75:25 के अनुपात में साझा होता था. सरकार की नजर में नया कानून क्यों जरूरी है?सरकार का कहना है कि यह नयी व्यवस्था ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को आधुनिक बनाएगी, क्योंकि इसमें आजीविका सहायता, बुनियादी ढांचा निर्माण और जलवायु परिवर्तन से निपटने की क्षमता को एकीकृत किया गया है. अधिकारियों के अनुसार, यह कानून केवल ‘मांग आधारित मजदूरी कार्यक्रम’ से आगे बढ़कर एक ऐसा विकास मॉडल खड़ा करेगा जिसमें ग्राम स्तर पर बेहतर योजना और समन्वय होगा. सरकार यह भी कहती है कि इसमें मौसम संबंधी चुनौतियों (जैसे बाढ़, सूखा आदि) से निपटने की व्यवस्था को शामिल करना ग्रामीण भारत की बढ़ती जलवायु चुनौतियों का समाधान है. क्या चिंताएं जताई जा रही हैं?विपक्षी दलों और अधिकार कार्यकर्ताओं ने मनरेगा को पूरी तरह समाप्त करने के फैसले पर सवाल उठाए हैं, और मौजूदा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय खत्म करने पर आपत्ति जताई है. मनरेगा एक मांग-आधारित योजना है, जिसका मतलब है कि अगर काम की मांग हुई तो सरकार को अतिरिक्त धन आवंटित करना पड़ता है. वीबी-जी राम जी विधेयक में राज्यों को तय धनराशि देने का प्रावधान है, और उससे अधिक खर्च का बोझ राज्यों को उठाना होगा. कुछ कार्यकर्ताओं को आशंका है कि अनिवार्य चेहरा सत्यापन उपस्थिति प्रणाली से दूरदराज के क्षेत्रों के वे मजदूर योजना से बाहर हो सकते हैं, जहां डिजिटल कनेक्टिविटी कमजोर है. उनका मानना है कि इससे वे बुजुर्ग भी योजना से बाहर हो सकते हैं, जिनकी पहचान के सत्यापन में समस्या आती है. यह भी आशंका जताई गई है कि कृषि सीजन के चरम पर होने के दौरान दूसरे काम पर प्रतिबंध लगाने से भूमिहीन मजदूरों की कमाई के अवसर घट सकते हैं. आलोचकों ने यह भी स्पष्ट करने की की मांग की है कि क्या 125 दिन के गारंटीशुदा रोजगार के

झारखंड

ताइक्वांडो: शारदा ग्लोबल दूसरे स्थान पर

रांची | शारदा ग्लोबल स्कूल में आयोजित 12वीं रांची जिला ताइक्वांडो प्रतियोगिता (दो दिवसीय) का समापन हुआ। शारदा ग्लोबल की टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ओवरऑल श्रेणी में दूसरा स्थान हासिल किया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर स्कूल की डायरेक्टर अकेडेमिक्स रंजना स्वरूप, प्राचार्या जसमीत कौर और अनुज रंजन ने विजेता खिलाड़ियों को पदक पहनाए तथा टीमों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। आयोजन रांची जिला ताइक्वांडो संघ की ओर से किया गया, जिसमें जिलेभर से 970 खिलाड़ी, कोच, मैनेजर और रेफरी, विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों तथा ओपन क्लब से शामिल हुए। ऑल ओवर विजेता सरला बिरला पब्लिक स्कूल रहा। Source link

झारखंड

नगड़ी में डालसा के जागरूकता शिविर में लोक अदालत की दी गई...

रांची| नगड़ी प्रखंड के नगड़ी बाजार और लालगुटवा बाजार के पास जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) की टीम ने 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता अभियान के तहत लोगों को कानूनी अधिकारों और सहायता योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम का उद्देश्य नालसा और झालसा की योजनाओं से आम लोगों को परिचित कराना बताया गया। डिप्टी एलएडीसी राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि जरूरतमंदों तक नि:शुल्क विधिक सहायता पहुंचाने के लिए योजनाओं की सही जानकारी जरूरी है। उन्होंने बाल विवाह, बाल श्रम और डायन बिसाही जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के साथ सरकारी कल्याण योजनाओं पर भी चर्चा की। साथ ही नालसा के टोल फ्री नंबर 15100 और क्यूआर कोड के उपयोग की जानकारी दी। पीएलवी पंकज कुमार ने मध्यस्थता और लोक अदालत के लाभ बताए, जबकि रीना लिंडा और सोनम कुमारी ने आवास, पेंशन, मईंया सम्मान योजना तथा असंगठित श्रमिकों के लाभों पर जानकारी साझा की। Source link

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