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झारखंड

20 जिले में 50 km/h की रफ्तार से चलेगी हवा:आज रांची में...

राज्य में आज से 16 मई तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार आज आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। राज्य के पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार को छोड़कर बाकी सभी 20 जिलों में कहीं-कहीं हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा होने की संभावना है। रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, कोडरमा और धनबाद सहित मध्य झारखंड के जिलों में बादलों की आवाजाही के साथ बारिश के आसार हैं। वहीं पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा और सरायकेला-खरसावां जैसे दक्षिणी जिलों में भी बादल छाए रहेंगे। कुछ स्थानों पर वर्षा हो सकती है। देवघर, दुमका, जामताड़ा, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज में भी मौसम ऐसा ही बना रहेगा। तेज हवा और वज्रपात का अलर्ट मंगलवार को भी यही स्थिति बनी रहेगी, हालांकि पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार को छोड़कर बाकी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 13 मई को राज्य के लगभग सभी क्षेत्रों में आंशिक बादल छाए रहेंगे। कई जगहों पर बारिश के आसार हैं। 14 मई को उत्तर-पश्चिमी हिस्सों को छोड़कर शेष जिलों में बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। इस दौरान मौसम विभाग ने अलग-अलग हिस्सों में गरज के साथ हवा की रफ्तार 40-60 किमी प्रति घंटे रहने और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। विशेष रूप से 13 और 14 मई को दक्षिणी और मध्य झारखंड के रांची, बोकारो, धनबाद, गुमला, खूंटी में तेज हवा और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका अधिक जताई गई है। जारी रहेगा बादल और बारिश का सिलसिला 15 और 16 मई को भी राज्य में आंशिक बादल छाए रहेंगे। कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 15 मई को उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों को छोड़कर बाकी जिलों में गरज के साथ तेज हवा और वज्रपात की संभावना है। 16 मई को उत्तर-पूर्वी और आसपास के मध्य भागों में यह प्रभाव ज्यादा रहेगा। राजधानी रांची और आसपास के क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 31 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिनों में तापमान में बहुत अधिक बदलाव नहीं होगा। बादल और बारिश के कारण गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है। रांची में बादल के साथ हल्की बारिश संभव आज रांची के आसमान में बादल छाए रहेंगे। कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 19 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। 12 मई को आंशिक बादल के साथ गरज-चमक और हल्की बारिश हो सकती है, जिससे तापमान थोड़ा बढ़कर 34 डिग्री तक जा सकता है। 13 मई को बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं मध्यम बारिश होने की संभावना है। 14 मई को भी मौसम में ज्यादा बदलाव नहीं होगा 15 और 16 मई को भी रांची और आसपास के क्षेत्रों में आंशिक बादल छाए रहने के साथ मेघ गर्जन और हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी। Source link

ताज़ा खबर

दिल्ली का नया कोचिंग हॉटस्पॉट बना ये इलाका, UPSC से IIT-JEE तक...

Last Updated:May 11, 2026, 05:32 IST Delhi Coaching Hub Area: दिल्ली में लाजपत नगर, जनकपुरी वेस्ट, पीतमपुरा, नरेला और नेताजी सुभाष प्लेस तेजी से नए कोचिंग हब बन रहे हैं, सस्ता रहना खाना और अच्छी मेट्रो कनेक्टिविटी वजह से स्टूडेंट यहां ज्यादा संख्या में रहने आ रहे हैं. आईआईटी जेईई , एसएससी और सीए की तैयारी के लिए दिल्ली का लाजपत नगर अब तेजी से आगे बढ़ रहा है. कई जाने-माने बड़े कोचिंग सेंटर्स जिनका पूरे देश भर में नाम है, वो अपनी नई कोचिंग ब्रांच को अब लाजपत नगर में खोल रहे हैं. क्योंकि लाजपत नगर मेट्रो रूट भी अच्छा है और यहां पर स्टूडेंट को सारी सुविधाएं सस्ते में मिल रही हैं. जैसे रहना और खाना. इसीलिए अब यहां पर कोचिंग हब बन रहा है. यह देश की राजधानी दिल्ली का तीसरा एक ऐसा इलाका है. जहां पर नए कोचिंग सेंटर खुल रहे हैं. यानी एकदम नया ब्रांड और नई ब्रांच के साथ चाहे वो आईआईटी की हो या फिर जेईई की हो या फिर नीट या एसएससी इन सब की नई कोचिंग सेंटर्स जो खुल रहे हैं .वो अब जनकपुरी वेस्ट में खुल रहे हैं. दिल्ली का जनकपुरी वेस्ट भी अब कोचिंग हब बनकर उभर रहा है. यही वजह है कि ऐसी कोचिंग सेंटर्स जो न मुखर्जी नगर में हैं ना राजेंद्र नगर में हैं, वो नया कोचिंग सेंटर नया ब्रांड और ब्रांच लेकर के यहां पर शिफ्ट हो रहे हैं. ताकि जनकपुरी को भी नया कोचिंग हब बनाया जा सके. क्योंकि यहां पर पहले से ही कई और कोचिंग सेंटर्स भी हैं, उनको टक्कर देने के लिए नए कोचिंग सेंटर सब यहां पर खुलने लगे हैं. बात करें बेहतर पढ़ाई और नए कोचिंग सेंटर्स की तो दिल्ली का पीतमपुरा भी अब पीछे नहीं है. दिल्ली के पीतमपुरा में भी अब एक के बाद एक कोचिंग सेंटर्स खुलने लगे हैं. सबसे खास बात यह है कि पीतमपुरा में आपको पुलिस भर्ती की तैयारी, इंडियन आर्मी की तैयारी से लेकर एयरफोर्स समेत ऐसे कोचिंग सेंटर्स मिलेंगे जो सीधे तौर पर देश की सुरक्षा एजेंसी और देश के विभिन्न सुरक्षा बलों की तैयारी कराते हैं. पीतमपुरा इलाका अब ऐसे कोचिंग सेंटर के लिए काफी मशहूर हो चुका है. Add News18 as Preferred Source on Google ऐसे में अगर अब आपको दिल्ली के नए कोचिंग सेंटर खोजने हों, जहां रहना और खाना भी सस्ता हो, मेट्रो की बेहतर सुविधा हो, घूमने के लिए आसपास अच्छे इलाके हों और पढ़ाई की तैयारी के लिए एक अच्छा माहौल हो तो मुखर्जी नगर, करोल बाग और राजेंद्र नगर और लक्ष्मी नगर को भूल जाइए. बल्कि दिल्ली के लाजपत नगर, नरेला, नेताजी सुभाष प्लेस, जनकपुरी वेस्ट, पीतमपुरा और रोहिणी जैसे इलाके में अब आप जाकर तैयारी कर सकते हैं. यहां पर कोचिंग हब और कोचिंग सेंटर की कमी नहीं है. दिल्ली का नया कोचिंग इलाका जो तेजी से बनकर उभर रहा है वह है नेताजी सुभाष प्लेस. नेताजी सुभाष प्लेस की खासियत यह है कि यहां पर आईआईटी और नीट की सबसे ज्यादा कोचिंग हैं. अगर किसी स्टूडेंट को आईआईटी जेईई और नीट की तैयारी करनी हो यानी मेडिकल की तैयारी के साथ-साथ इंजीनियरिंग की तैयारी करनी हो तो नेताजी सुभाष प्लेस आ सकता है. और तो और इसकी सबसे खास बात यह है कि नेताजी सुभाष प्लेस पर तमाम बड़ी कोचिंग खुल चुकी है और यहां पर स्टूडेंट की संख्या भी बहुत ज्यादा है. यह इलाका भी रहने और खाने के लिए सस्ता है. इसीलिए यहां पर तेजी से एक के बाद एक कोचिंग सेंटर शिफ्ट हो रहे हैं. चौथे नंबर पर दिल्ली का जो नया कोचिंग हब बन रहा है, वह है नरेला. दिल्ली के नरेला में अब कई कोचिंग सेंटर खुलने वाले हैं. यहां पर नए कोचिंग सेंटर शिफ्ट हो रहे हैं, क्योंकि यह दिल्ली का आउटर इलाका है और यहां से भी बच्चे अक्सर मुखर्जी नगर या राजेंद्र नगर तक नहीं पहुंच पाते हैं. यहां से ये इलाके काफी दूर पड़ जाता है. इसीलिए अब दिल्ली विकास प्राधिकरण की ओर से दिल्ली के नरेला को नया कोचिंग का बनाया जा रहा है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

झारखंड

50KM की रफ्तार से आंधी-तूफान! रांची, गुमला… झारखंड के 8 जिलों में...

रांची: झारखंड में आज मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा. रांची मौसम विभाग के अनुसार आज झारखंड के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है. खासकर रांची, खूंटी, गुमला, बोकारो, धनबाद, रामगढ़ और पूर्वी सिंहभूम में बादल छाए रह सकते हैं. वहीं, कुछ इलाकों में बिजली चमकने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की भी संभावना जताई गई है. वहीं, आज पलामू में सबसे अधिक तापमान 38-39°C के आसपास दर्ज किया गया. जबकि सबसे कम तापमान गुमला का 16-20°C दर्ज किया गया. आइये जानते हैं आज का मौसम कैसा रहने वाला है. शहरों का तापमान और AQI शहर तापमान अधिकतम/न्यूनतम AQI रांची 35/22 110 पलामू 40/26 125 जमशेदपुर 38/26 120 हजारीबाग 36/23 120 झारखंड के इन जिलों में हो सकती है बारिश झारखंड के रांची, लोहरदगा, सिमडेगा, गुमला, खूंटी, बोकारो, धनबाद और जमशेदपुर में दोपहर बाद बारिश होने के आसार हैं. इसके अलावा संथाल परगना के देवघर, दुमका और जामताड़ा में भी कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है. ऐसे में बारिश की वजह से लोगों को गर्मी से राहत मिलने की संभावना है. झारखंड मौसम का अपडेट जानें झारखंड में यहां पड़ेगी सबसे ज्यादा गर्मी वहीं, पलामू, गढ़वा और डालटनगंज इलाके राज्य के सबसे गर्म क्षेत्रों में शामिल रह सकते हैं. इन जिलों में अधिकतम तापमान 39 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. मौसम साफ रहने की वजह से यहां उमस भरी गर्मी ज्यादा महसूस होगी. बता दें कि पिछले दिनों डालटनगंज में राज्य का सबसे अधिक तापमान 39.6 डिग्री दर्ज किया गया था. यहां रहेगा सबसे ठंडा मौसम इसके अलावा रांची और आसपास के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रहने वाला है. यहां न्यूनतम तापमान 20 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. कांकें और गुमला जैसे इलाकों में सुबह और रात के समय हल्की ठंडक महसूस होगी. हाल के दिनों में कांकें का न्यूनतम तापमान 15.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था. कल इन जिलों में हुई थी बारिश राजधानी रांची समेत दक्षिणी और मध्य झारखंड के कई हिस्सों में दोपहर बाद मौसम अचानक बदला और गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की गई. इसके अलावा जमशेदपुर, बोकारो, धनबाद, गुमला और खूंटी में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई. जहां कुछ इलाकों में तेज हवा और बिजली चमकने की भी सूचना मिली थी. रविवार को झारखंड में सबसे अधिक गर्मी डालटनगंज और पलामू क्षेत्र में महसूस की गई. यहां अधिकतम तापमान करीब 39 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था. तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दिन में लोगों को काफी परेशानी हुई. वहीं, गढ़वा और आसपास के इलाकों में भी तेज गर्मी दर्ज की गई. Source link

झारखंड

बीएसएल अधिकारियों को घेरकर जमकर पथराव, दो जवान घायल

बोकारो एयरपोर्ट को शुरू करने की प्रशासनिक कवायद के बीच शनिवार सुबह सेक्टर-12 थाना क्षेत्र में भारी बवाल हो गया। एयरपोर्ट की बाउंड्री से सटे सेक्टर-12ए काली मंदिर के पास खाली जमीन पर दोबारा अतिक्रमण कर रहे लोगों को जब बीएसएल के सिक्योरिटी विभाग की टीम रोकने पहुंची, तो उन पर हमला कर दिया गया। उग्र भीड़ ने अधिकारियों और होमगार्ड के जवानों पर अंधाधुंध पथराव किया, जिसमें तीन गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं और दो जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सिक्योरिटी विभाग की टीम तीन गाड़ियों में सवार होकर अतिक्रमण रोकने पहुंची थी। जैसे ही टीम ने झोपड़ियों को हटाने का निर्देश दिया, दर्जनों की संख्या में महिला-पुरुष पत्थर बरसाते हुए उनकी ओर दौड़े। अचानक हुए इस हमले से वहां भगदड़ मच गई। टीम के सदस्य जान बचाकर मौके से भागे, लेकिन होमगार्ड के जवान अकरम अंसारी और बबलू कुमार पत्थरों की चपेट में आने से बुरी तरह लहूलुहान हो गए। घटना की सूचना मिलते ही सेक्टर-12 पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। दोनों घायलों को तत्काल बोकारो जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पथराव में घायल होमगार्ड जवानों ने अस्पताल के बेड से हमले की खौफनाक मंजर बयां की है। बीजीएच में इलाजरत अकरम अंसारी ने बताया कि शनिवार सुबह करीब 11 बजे जब टीम तीन वाहनों से सेक्टर-12ए पहुंची, तो शुरुआत में केवल बहस हो रही थी। लेकिन देखते ही देखते दर्जनों महिलाएं ईंट और पत्थर लेकर आगे आ गईं। दूसरे घायल जवान बबलू कुमार ने बताया िक रणनीति के तहत पहले महिलाओं को आगे कर शोर मचाया गया। कुछ ही मिनटों में चारों तरफ से बड़े-बड़े पत्थर चलने लगे। सुरक्षा कर्मियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। बता दें कि बोकारो एयरपोर्ट बाउंड्री से सटे इलाके में अतिक्रमण हटाने का अभियान नया नहीं है। वर्ष 2021 के बाद से बीएसएल और जिला प्रशासन की ओर से कई चरणों में कार्रवाई की जा चुकी है। बच्चियों की आड़ में शुरू किया पथराव Source link

शिक्षा

DRDO Agni MIRV Test Success

29 मिनट पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. पीएम मोदी 3 राज्यों के दौरे में कर्नाटक और तेलंगाना पहुंचे पीएम मोदी 10 और 11 मई को कर्नाटक, तेलंगाना और गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरे में सबसे पहले पीएम बेंगलुरु के करीब तेलंगाना पहुंचेंगे। हैदराबाद में उन्होंने 9,400 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स की नींव रखी। कुछ प्रोजेक्ट का इनॉगरेशन किया। इसके साथ ही पीएम मोदी ने बेंगलुरु में ‘द आर्ट ऑफ लिविंग’ के 45वें वर्षगांठ समारोह में भी हिस्सा लिया। इसके साथ ही पीएम मोदी राष्ट्रीय राजमार्ग-167 को गुडेबेल्लूर से महबूबनगर तक सड़क को चौड़ा करने से जुड़ी परियोजना का भी शिलान्यास करेंगे। गुडेबेल्लूर हैदराबाद-पणजी इकोनॉमिक कॉरिडोर का हिस्सा है। इसकी कुल परियोजना लागत 3,175 करोड़ रुपए से ज्यादा है। वे आज गुजरात के सोमनाथ पहुंचेंगे। जहां सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण उत्सव में शामिल होंगे। सोमनाथ मंदिर समारोह में हिस्सा लेने के बाद वे वडोदरा जाएंगे, जहां ‘सरदारधाम हॉस्टल’ का उद्घाटन करेंगे। यहां एक जनसभा को संबोधित करेंगे। पीएम मोदी ने ‘द आर्ट ऑफ लिविंग’ के 45वें वर्षगांठ समारोह में भी हिस्सा लिया। 2. थलापति विजय ने तमिलनाडु के 9वें सीएम की शपथ ली 10 मई को तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) चीफ और एक्टर थलापति विजय ने तमिलनाडु के 9वें सीएम की शपथ ली। उन्होंने चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में आयोजित समारोह में राज्य के नए मुख्यमंत्री की कमान संभाली। विजय के साथ 9 और मंत्रियों ने भी शपथ ली। इनमें एन आनंद, आधव अर्जुन, डॉ. केजी अरुणराज, केए सेंगोट्टैयन, पी वेंकटरमणन, आर निर्मलकुमार, राजमोहन, डॉ. टीके प्रभु, सेल्वी एस कीर्तना का नाम शामिल है। ये सभी विजय की पार्टी TVK के ही विधायक हैं। अभी सहयोगी दलों के किसी विधायक को विजय ने पहले मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया है। शनिवार को विजय ने राज्यपाल अर्लेकर को TVK, कांग्रेस, CPI, CPM, VCK और IUML के 121 विधायकों के समर्थन पत्र सौंपे। इसके बाद राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता दिया। विजय की दो साल पुरानी पार्टी TVK ने अपने पहले ही विधानसभा चुनाव में 234 में 108 सीटें जीतीं और विजय के पास 121 विधायक हैं, जबकि बहुमत का आंकड़ा 118 है। तमिलनाडु में 1967 के बाद यानी गैर-द्रविड़ दल का मुख्यमंत्री होगा। इससे पहले 1963-1967 तक कांग्रेस सरकार में एम भक्तवत्सलम मुख्यमंत्री थे। 3. लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि नए CDS होंगे 9 मई को केंद्र ने नए CDS के नाम का ऐलान किया। रिटायर लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि देश के अगले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) होंगे। साथ ही सुब्रमणि रक्षा मामलों के डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। इसके साथ ही वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को अगला नौसेना प्रमुख नियुक्त किया गया है। लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि और एडमिरल स्वामीनाथन 31 मई को अपना पद संभालेंगे। वर्तमान CDS अनिल चौहान का कार्यकाल 30 मई को खत्म हो रहा है। एनएस राजा सुब्रमणि देश के तीसरे CDS होंगे। एनएस राजा सुब्रमणि ने दिसंबर 1985 में गढ़वाल राइफल्स से सेना में कमीशन लिया था। सुब्रमणि ने नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA) से मिलिट्री ट्रेनिंग ली इसके बाद वे ब्रिटेन के ब्रैकनेल स्थित जॉइंट सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज भी गए। सुब्रमणि भारत लौटने के बाद उन्हें माउंटेन ब्रिगेड में ब्रिगेड मेजर बने। उन्होंने दिल्ली के नेशनल डिफेंस कॉलेज से पढ़ाई की। उनके पास लंदन के किंग्स कॉलेज से मास्टर ऑफ आर्ट्स और मद्रास यूनिवर्सिटी से डिफेंस स्टडीज में एमफिल की डिग्री भी है। सुब्रमणि जुलाई 2024 से जुलाई 2025 तक सेना उप-प्रमुख के तौर पर कार्ययत थे। सुब्रमणि 2025 से राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के तौर पर कार्यरत हैं। 35 साल से ज्यादा लंबे सैन्य करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनल और रणनीतिक पदों पर कार्य किया है। सुब्रमणि को असम में काउंटर-इंसर्जेंसी ऑपरेशन के दौरान (16 गढ़वाल राइफल्स को लीड करते समय) सेना मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है। सुब्रमणि को 2020 में अति विशिष्ट सेवा मेडल और 2024 में परम विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया था। जम्मू-कश्मीर के सांबा में 168 इन्फैंट्री ब्रिगेड की कमान संभाली। वेलिंगटन के डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज में चीफ इंस्ट्रक्टर रहे। सुब्रमणि वेलिंगटन के डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज में चीफ इंस्ट्रक्टर रहे। वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन 1 जुलाई 1987 को भारतीय नौसेना में कमीशन मिला था। स्वामीनाथन कम्युनिकेशन और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर के एक्सपर्ट हैं। स्वामीनाथन ने ब्रिटेन के जॉइंट सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, कॉलेज ऑफ नेवल वॉरफेयर और अमेरिका के यूएस नेवल वॉर कॉलेज से पढ़ाई की है। स्वामीनाथन अपने नौसैनिक करियर में INS Vidyut, INS Vinash, INS Kulish और INS Mysore जैसे वॉरशीप की कमान संभाली। स्वामीनाथन एयरक्राफ्ट कैरियर INS Vikramaditya के कमांडिंग ऑफिसर भी रह चुके हैं। कृष्णा स्वामीनाथन को परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM), 2017 विशिष्ट सेवा मेडल (VSM), और 2021 में अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) से सम्मानित किया जा चुका है। वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने अमेरिका के यूएस नेवल वॉर कॉलेज से पढ़ाई की है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) देश की तीनों सेना यानी आर्मी, नेवी और एयरफोर्स के बीच तालमेल बनाने वाला सबसे सीनियर मिलिट्री ऑफिसर होता है। ये फॉर-स्टार रैंक का पद है। CDS, चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (CoSC) का स्थाई चेयरमैन और रक्षा मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स (DMA) का प्रमुख भी होता है। इस पद का मकसद तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय बनाना, संयुक्त सैन्य रणनीति तैयार करना और रक्षा मामलों में फैसले लेने की प्रक्रिया को तेज करना है। दिसंबर 2019 में ये पद बनाया गया था। बिपिन रावत देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ थे। CDS सरकार और रक्षा मंत्रालय को सैन्य मामलों में सलाह देता है। 4. DRDO ने अग्नि MIRV मिसाइल की सफल टेस्टिंग की 9 मई को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी DRDO ने ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम मिसाइल परीक्षण सेंटर से अग्नि मिसाइल की सफल टेस्टिंग की जानकारी दी। इस मिसाइल में मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेड री-एंट्री व्हीकल (MIRV) सिस्टम हैं। अग्नि का MIRV सिस्टम एक साथ कई परमाणु हथियारों को ले जा सकता है। अग्नि

झारखंड

कर्मचारी महासंघ की बैठक में त्रिपक्षीय वार्ता लागू करने की मांग

लोहरदगा|झारखंड राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ जिला शाख लोहरदगा के बैनर तले शनिवार को समाहरणालय स्थित इक्युलिप्टस मैदान में बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें महासंघ के राज्याध्यक्ष महेश कुमार सिंह ने त्रिपक्षीय वार्ता लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि श्री श्याम एसडबल्युएम प्राइवेट लिमिटेड कई वर्षों से कार्यरत सफाई कर्मियों को मनमाने ढंग से हटाई है, उसे कार्य पर लेते हुए सभी लंबित मांगों की पूर्ति करे। कहा कि अभी मात्र वेतन का भुगतान किया है अन्य बिंदु ज्यों के त्यों लंिबत है। कंपनी तत्कालीन डीसी के निदेशों की अवहेलना की थी इसलिए कर्मचारियों को हड़ताल पर जाना पड़ा था। यदि अध्यक्ष नगर परिषद अनिल उरांव संवेदनशील नहीं होते तो वेतन भुगतान भी कंपनी नहीं करती। वहीं बैठक में निर्णय लिया गया कि यथाशीघ्र अन्य समर्पित मांगों की पूर्ति नहीं होने पर लाचार होकर पुन: संगठन को हड़ताल पर जाने को बाध्य होना पड़ेगा। जिसकी सारी जबावदेही कंपनी की होगी। Source link

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Thalapathy Vijay | DMK-AIADMK का वर्चस्व खत्म? गैर-ब्राह्मणवाद पर थलापति की अग्निपरीक्षा...

होमताजा खबरदेश गैर-ब्राह्मणवाद पर विजय की परीक्षा शुरू, हैरान कर देगा तमिलनाडु का सियासी खेल! Last Updated:May 11, 2026, 04:09 IST तमिलनाडु की राजनीति भारत के सबसे अनोखे राजनीतिक इतिहासों में गिनी जाती है. इसकी शुरुआत गैर-ब्राह्मण आंदोलन और जस्टिस पार्टी से हुई, जिसने सामाजिक न्याय और आरक्षण की नींव रखी. बाद में पेरियार के द्रविड़ आंदोलन, डीएमके के उदय, हिंदी विरोधी आंदोलन और एआईएडीएमके के गठन ने राज्य की राजनीति को नई दिशा द. करुणानिधि और जयललिता के दशकों लंबे सत्ता संघर्ष ने तमिलनाडु को द्विध्रुवीय राजनीति का केंद्र बना दिया. अब थलापति विजय की टीवीके पार्टी नई राजनीतिक चुनौती बनकर उभरी है, जिससे राज्य की राजनीति एक नए दौर में प्रवेश करती दिख रही है. क्‍या तमिलनाडु के नए सीएम थलापति विजय पुरानी द्रविडियन पॉलिटिक्‍स पर आगे बढ़ेंगे या फिर विकास की नई राजनीति को बढ़ावा देंगे? Tamil Nadu, Anti-Brahmin Dravidian Politics & Thalapathy Vijay: आखिरकार एक लंबे सस्‍पेंस के बाद तमिलनाडु के 13वें मुख्‍यमंत्री के तौर पर अभिनेता से राजनेता बने थलापति विजय ने शपथ ले ली है. थलापति के शपथ ग्रहण के साथ तमिलनाडु की राजनीति में एक नए युग की शुरूआत की बात कही जा रही है. हालांकि, लोगों की जिज्ञासा अभी भी यह जानने को लेकर है कि थलापति का नया युग तमिलनाडु के साथ द्रविडियन पॉलिटिक्‍स को किस दिशा में लेकर जाएगा. दरअसल यह सवाल इसलिए भी उठ रहा है, क्‍यों कि बीते कई दशकों से तमिलनाडु में द्रविडियन पॉलिटिक्‍स का बोलबाला रहा है. 1916 में ब्राह्मणों के विरोध से जन्‍मी द्रविडियन पॉलिटिक्‍स की बदलौत डीएमके और एआईएडीएमके ने बीते 1967 के बाद लेकर अब तक तमिलनाडु पर राज किया है. 2026 के विधानसभा चुनाव में जनादेश काफी हद तक डीएमके और एआईएडीएमके के खिलाफ रहा. शायद इसी वजह से भी लोगों की निगाह थलापति की तरफ है कि वह फिर जातिगत राजनीति को बढ़ावा देंगे या फिर विकास को प्राथमिकता. तमिलनाडु का हैरान करने वाला सियासी खेल! द्रविडियन राजनीति की नींव: तमिलनाडु की राजनीति की असली नींव 20वीं सदी की शुरुआत में रखी गई थी. उस समय भारत में ब्रिटिश शासन का शासन था. मद्रास प्रेसीडेंसी के अंतर्गत आने वाले प्रशासनिक और शैक्षणिक संस्थानों में ब्राह्मणों का दबदबा था. भले ही ब्राह्मण आबादी में अल्पसंख्यक थे, लेकिन वे उच्च पदों पर आसीन थे. इसी असंतोष की वजह से गैर-ब्राह्मण आंदोलन ने जन्‍म लिया. 1916 में हुआ जस्टिस पार्टी का गठन: तमिलनाडु की द्रविडियन पॉलिटिक्‍स की तरफ पहला और अहम कदम जस्टिस पार्टी का गठन था. डॉ टीएम नायर और पी त्यागराज चेट्टी जैसे दिग्गज नेताओं ने सबसे पहले ‘साउथ इंडियन लिबरल फेडरेशन’ (SILF) की स्थापना की, जिसे जनता के बीच ‘जस्टिस पार्टी’ के नाम से लोकप्रियता मिली. आगे चलकर यह पार्टी गैर-ब्राह्मण आंदोलन का प्रतीक बन गई. गैर-ब्राह्मण आंदोलन की शुरुआत: कहा जाता है कि डॉ टीएम नायर और पी त्यागराज चेट्टी ने जस्टिस पार्टी बनाकर एक तरह का सामाजिक विद्रोह कर दिया था. इस पार्टी ने मद्रास प्रेसीडेंसी में गैर-ब्राह्मणों के लिए नौकरियों, शिक्षा और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में आरक्षण की मांग की थी. यही वो बीज था जो बाद में सामाजिक न्‍याय के सिद्धांत के तौर पर विकसित हुआ. पेरियार ने आंदोलन को दी नई दिशा: उस समय के बड़े नेताओं में एक नेता ईवी रामास्वामी भी थे, जिन्हें सभी पेरियार के नाम से जानते हैं. उनकी गिनती इस आंदोलन के सबसे कट्टर आलोचकों में होती थी. उनका मानना था कि सामाजिक न्याय के आंदोलन को राजनीति से अलग रहना चाहिए. क्योंकि, राजनीति में भ्रष्टाचार मूल विचारधारा को दूषित कर देता है. उनकी यही विचारधारा ने बाद में आंदोलन को जाति-विरोधी दिशा दी. हिंदी का शुरू हुआ तमिलनाडु में विरोध: आजादी की लड़ाई के समय कांग्रेस हिंदी को देश की भाषा बनाना चाहती थी. लेकिन तमिलनाडु के लोगों ने इसका विरोध किया. उन्हें लगा कि उन पर उत्तर भारत की संस्कृति और भाषा जबरदस्ती थोपी जा रही है. हिंदी विरोधी आंदोलन से गैर-ब्राह्मण आंदोलन को लोगों का ज्यादा समर्थन मिला. इसके बाद यह आंदोलन सिर्फ जाति की बात तक सीमित नहीं रहा, बल्कि तमिल लोगों की पहचान और सम्मान की लड़ाई बन गया. डीएमके के उदय से बंटवारे तक का सफर 1944 में बनी द्रविड़ कड़गम (डीके): जस्टिस पार्टी के पतन के बाद, द्रविड़ आंदोलन ने एक नया आकार लेना शुरू किया, जिसने तमिलनाडु की राजनीति को पूरी तरह से बदल कर रख दिया. पेरियार ने जस्टिस पार्टी का पुनर्गठन कर ‘द्रविड़ कड़गम’ का गठन किया. यह एक गैर-राजनीतिक संगठन था, जो समाज सुधार पर केंद्रित था. इसकी प्रमुख मांग एक अलग ‘द्रविड़नाडु’ की थी. वह द्रविड़ों के लिए अगल स्‍वतंत्र राष्‍ट्र चाहते थे. उन्हें लगता था कि भारत में द्रविड़ों की उपेक्षा होगी. 1949 में हुआ डीएमके का जन्म: सीएन अन्‍नादुराई (अन्‍ना) न ही पेरियार के द्रविड़नाडु की मांग का समर्थन करते थे और ना ही वह संसदीय राजनीति को नकारने के रवैये से सहमत नहीं थे. उनका मानना था कि बदलाव सिर्फ़ सड़क पर नहीं, बल्कि विधानसभा के अंदर बैठकर लाना होगा. इस मतभेद के कारण उन्होंने 1949 में ‘द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम’ (डीएमके) की स्थापना की. डीएमके ने अलग द्रविड़नाडु की मांग को छोड़कर ‘संघीय ढांचे में अधिकारों’ की मांग शुरू कर दी. 1967 की डीएमके को मिली बड़ी जीत: 1960 के दशक में कांग्रेस सरकार ने एक बार फिर हिंदी को एकमात्र राजभाषा बनाने का प्रयास शुरू कर दिया. इससे पूरे राज्य में विरोध की भयंकर आग लग गई. इन हिंदी विरोधी दंगों की अगुवाई डीएमके ने अन्‍नादुराई कर रहे थे. उनकी मांग थी कि हिंदी थोपो नहीं, अंग्रेजी बनाए रखो. 1967 के चुनावों में इस हिंदी विरोधी आंदोलन का असर दिखा. डीएमके ने भारी जीत हासिल कर कांग्रेस का लगभग सफाया कर दिया. अन्‍नादुराई बने डीएमके के पहले सीएम: विधानसभा चुनाव में जबरदस्‍त जीत के बाद डीएमके ने सीएन अन्नादुराई डीएमके को अपने पहले मुख्यमंत्री के तौर पर कुर्सी पर बैठाया. दुर्भाग्यवश, 1969 में केवल दो साल बाद उनका निधन हो गया. उनके जाने के बाद, पार्टी की कमान एम करुणानिधि के हाथों में आ गई. लेकिन 1960 के दशक के अंत तक डीएमके के भीतर सत्ता, व्यक्तित्व और विचारधारा को लेकर मतभेद पनपने लगे थे. इसी का नतीजा था कि दो टुकड़ों में बंट गई.

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बीएसएल का ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर 15 मई से शुरू

सिटी रिपोर्टर | बोकारो बीएसएल के खेल एवं नागरिक सुविधाएं विभाग के तत्वावधान में ग्रीष्मकालीन क्रीड़ा प्रशिक्षण शिविर-2026 का आयोजन 15 मई से 2 जून तक किया जाएगा। शिविर का उद्घाटन 15 मई को शाम 3:30 बजे सेक्टर-4 स्थित मोहन कुमार मंगलम स्टेडियम में होगा। बीएसएल द्वारा आयोजित इस शिविर का उद्देश्य खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना और बच्चों में खेल भावना का विकास करना है। शिविर में एथलेटिक्स, क्रिकेट, फुटबॉल, बैडमिंटन, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, कबड्डी, खो-खो, तीरंदाजी, शतरंज, हॉकी और हैंडबॉल सहित कुल 12 खेलों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। क्रिकेट प्रशिक्षण शिविर में 12 से 15 वर्ष आयु वर्ग के लड़के भाग ले सकेंगे, जबकि अन्य सभी खेलों में 8 से 15 वर्ष के लड़के एवं लड़कियां शामिल हो सकते हैं। इच्छुक प्रतिभागी 14 मई तक सुबह 10 बजे से 12:30 बजे तथा अपराह्न 3:30 बजे से 4:30 बजे के बीच सेक्टर-4 स्थित क्रिकेट स्टेडियम में पंजीकरण करा सकते हैं। Source link

झारखंड

बीएसएल में वेंडर मीट, टाउनशिप के 15 प्रमुख कार्यों पर हुआ मंथन

सिटी रिपोर्टर | बोकारो बोकारो स्टील प्लांट के कॉन्ट्रैक्ट सेल (नॉन-वर्क्स) विभाग की ओर से शुक्रवार को नगर प्रशासन विभाग से जुड़े 15 प्रमुख कार्यों के लिए वेंडर मीट का आयोजन किया गया। बैठक में कुल 45 वेंडरों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य संभावित वेंडरों को आगामी निविदाओं के कार्यक्षेत्र, तकनीकी आवश्यकताओं, सुरक्षा मानकों और गुणवत्ता संबंधी अपेक्षाओं की विस्तृत जानकारी देना था। साथ ही भविष्य की निविदाओं के लिए वेंडर बेस का विस्तार करने पर भी जोर दिया गया। बैठक में जिन प्रमुख कार्यों पर चर्चा हुई, उनमें दो लाख से अधिक पौधों का वृक्षारोपण, बीएसएल क्षेत्र में विज्ञापन सामग्री का प्रदर्शन, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, ओवरहेड वाटर टैंक की सफाई, स्किड लोडर से ड्रेन व बर्म की सफाई, सीसीटीवी कैमरा एवं मॉनिटरिंग सिस्टम की स्थापना और रखरखाव, 1250 केवीए तक के डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत, सुपर सकर व जेटिंग मशीन से सीवरेज लाइन की मैकेनाइज्ड सफाई, फॉगिंग मशीन से मच्छर नियंत्रण, जलाशयों की डी-सिल्टिंग, रिजर्वायर डैम की स्टील संरचना की मरम्मत, भूमिगत जलाशयों की मैकेनाइज्ड सफाई, चिड़ियाघर प्रबंधन, मत्स्य पालन एवं हार्वेस्टिंग जैसे कार्य शामिल रहे। टेंडर प्रक्रिया सरल करने को लेकर दिया गया प्रेजेंटेशन बैठक दो सत्रों में आयोजित हुई। इस दौरान बीएसएल में टेंडर जमा करने की प्रक्रिया पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। अधिकारियों ने निविदा दस्तावेजों के सही प्रस्तुतिकरण, पात्रता संबंधी आवश्यकताओं तथा सामान्य त्रुटियों से बचने के उपायों की जानकारी दी, ताकि निविदाओं की अस्वीकृति कम हो सके। तकनीकी विशेषज्ञों ने विभिन्न प्रस्तावों, पात्रता मानदंडों और आवश्यक प्रक्रियाओं पर विस्तार से प्रस्तुति दी। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि टाउनशिप में उच्च गुणवत्ता मानकों को बनाए रखना संगठन की प्राथमिकता है और इन कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन टाउनशिप निवासियों के कल्याण तथा पर्यावरणीय स्थिरता से जुड़ा है। कार्यक्रम में शामिल वेंडरों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इससे उन्हें तकनीकी जानकारी के साथ संबंधित विभागों के अधिकारियों से सीधे संवाद का अवसर मिला। Source link

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मीन राशि वालों के लिए आज का दिन शुभ, करियर-व्यापार में मिलेगा...

Last Updated:May 11, 2026, 03:21 IST Aaj Ka Meen Rashifal 11 May 2026, Pisces Horoscope Today: मीन राशि वालों के लिए आज का दिन धैर्य और समझदारी से आगे बढ़ने का संकेत दे रहा है. आत्मविश्वास बनाए रखने से रुके हुए कामों में धीरे-धीरे सफलता मिलने लगेगी. कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जो भविष्य में लाभदायक साबित होंगी.  मीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन आत्मचिंतन और समझदारी से आगे बढ़ने का संकेत दे रहा है. मन में नए विचार आएंगे, जो भविष्य की योजनाओं को बेहतर दिशा दे सकते हैं. व्यापार और करियर में धैर्य के साथ लिए गए फैसले लाभकारी साबित होंगे. साझेदारी के मामलों में संवाद और विश्वास बनाए रखना सफलता दिलाएगा. आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करना फायदेमंद रहेगा. स्वास्थ्य सामान्य रहेगा और परिवार का सहयोग मनोबल बढ़ाएगा. आइए जानते हैं उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आचार्य आनंद भारद्वाज से करियर, व्यापार और लव लाइफ मे आज का दिन कैसा रहेगा. मीन राशि वालों का करियर राशिफलमीन राशि वालों के लिए आज का दिन धैर्य और समझदारी से आगे बढ़ने का संकेत दे रहा है. कार्यक्षेत्र में चुनौतियां जरूर आएंगी, लेकिन सूझबूझ और शांत व्यवहार से आप परिस्थितियों को अपने पक्ष में कर सकते हैं. सहकर्मियों के साथ बेहतर तालमेल बनाने की कोशिश सफलता दिलाएगी. किसी भी निर्णय को सोच-समझकर लेना फायदेमंद रहेगा. सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास बनाए रखने से रुके हुए काम धीरे-धीरे गति पकड़ेंगे. विवादों से दूरी बनाकर चलेंगे तो मानसिक शांति बनी रहेगी और दिन संतोषजनक साबित होगा. मीन राशि वालों का व्यापार राशिफल मीन राशि के व्यापारियों के लिए आज का दिन धैर्य और समझदारी से आगे बढ़ने का संकेत दे रहा है. कुछ योजनाओं में देरी हो सकती है, लेकिन आपकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी. नए अवसर धीरे-धीरे आपके पक्ष में बनेंगे और अनुभव से सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी. कारोबार में सतर्कता बनाए रखना लाभकारी रहेगा. किसी भी निवेश से पहले अच्छी तरह विचार करें. आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ेंगे तो जल्द ही परिस्थितियां आपके अनुकूल होती नजर आएंगी. मीन राशि वालों का स्वास्थ राशिफल मीन राशि वालों के लिए आज का दिन सेहत के लिहाज से बेहद शानदार रहने वाला है. ऊर्जा और उत्साह से भरपूर महसूस करेंगे, जिससे हर काम में मन लगा रहेगा. पुरानी छोटी परेशानियों से राहत मिलने के संकेत हैं और मानसिक सुकून भी बना रहेगा. संतुलित आहार और समय पर भोजन आपकी फिटनेस को और बेहतर बनाएगा. परिवार में बच्चों की सेहत अच्छी रहने से घर का माहौल खुशहाल रहेगा. आज स्वास्थ्य और सकारात्मकता दोनों आपका साथ देंगे. मीन राशि वालों का आर्थिक राशिफलमीन राशि वालों के लिए आज का दिन आर्थिक रूप से शुभ संकेत लेकर आया है. आय के नए स्रोत बनने से आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और खर्चों पर भी अच्छा नियंत्रण बना रहेगा. पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना है, जिससे मन प्रसन्न रहेगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा. किसी करीबी मित्र या सहयोगी का सहयोग आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. धन संबंधी मामलों में समझदारी से लिए गए फैसले भविष्य में बेहतर परिणाम देंगे और दिन संतोष व सकारात्मकता से भरा रहेगा. मीन राशि वालों का लव लाइफ राशिफल शादीशुदा लोगों के जीवन में आपसी समझ और प्यार बढ़ेगा, जिससे घर का माहौल अच्छा और शांत बना रहेगा. जीवनसाथी से खुलकर बात करने से पुराने गिले-शिकवे भी खत्म हो सकते हैं. जो लोग प्रेम संबंध में हैं, उनके लिए आज का दिन खास और रोमांटिक रहेगा. पार्टनर के साथ अच्छे पल बिताने का मौका मिलेगा. हालांकि, बोलचाल में सावधानी रखें. गुस्से या जल्दबाजी में कही गई बात रिश्तों को चोट पहुंचा सकती है, इसलिए सोच-समझकर ही अपनी बात रखें. मीन राशि वाले जरूर करें यह उपायआज आपके लिए लकी नंबर 5 रहेगा. यह अंक आपको सफलता और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करेगा. जो जातक धर्म-कर्म में रुचि रखते हैं, वे आज भगवान शिव जी के मंदिर जाकर उन्हें पंचामत से अभिषेक कराए. उसके बाद गरीबो मे अन्य का दान करे. यह उपाय मानसिक शांति देगा और आत्मविश्वास बढ़ाएगा. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ujjain,Madhya Pradesh Source link

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