भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

Author name: scsmdos@gmail.com

व्यापार

₹50,000 में शुरू करें अपना खुद का बिजनेस, 5 लाख का होगा...

Last Updated:July 24, 2021, 14:46 IST How to Earn Money: भारत में बड़े पैमाने पर एलोवेरा की खेती (Start Aloe Vera farming) हो रही है. कई कंपनियां इसके प्रोडक्ट बना रही हैं. देश के लघु उद्योगों से लेकर मल्टिनेशनल कंपनियां एलोवेरा प्रोडक्‍ट बेचकर करोड़ों कमा रही हैं. ऐसे में आप एलोवेरा की खेती कर लाखों की कमाई कर सकते हैं. Amazon ऐप के ज़रिए आप पे बैलेंस में 30,000 रुपये जीत सकते हैं. नई दिल्ली. आज हम आपको एक ऐसे बिजनेस के बारे में बताने जा रहे हैं जिसको शुरू कर आप मोटी कमाई कर सकते हैं. जी हां, हम बात कर रहे हैं एलोवेरा की खेती की (Start Aloe Vera farming). एलोवेरा की डिमांड भारत के साथ विदेशों में भी काफी ज्यादा है. इस कारण एलोवेरा की खेती में बहुत प्रॉफिट है. पिछले कुछ वर्षों में एलोवेरा की मांग तेजी से बढ़ी है. ब्यूटी प्रोडक्ट्स सहित खाद्य पदार्थों में भी इसका खूब इस्तेमाल किया जा रहा है. एलोवेरा के नाम और इसके गुणों से लगभग हर कोई वाकिफ है. भारत में बड़े पैमाने पर एलोवेरा की खेती हो रही है. कई कंपनियां इसके प्रोडक्ट बना रही हैं. देश के लघु उद्योगों से लेकर मल्टिनेशनल कंपनियां एलोवेरा प्रोडक्‍ट बेचकर करोड़ों कमा रही हैं. ऐसे में आप एलोवेरा की खेती कर लाखों की कमाई कर सकते हैं. दो तरह से कर सकते हैं बिजनेसएलोवेरा का बिजनेस आप दो तरह से कर सकते है, एक इसकी खेती करके और दूसरी इसके जूस या पावडर के लिए मशीन लगाकर. यहां हम आपको एलोवेरा की खेती और प्रोसेसिंग प्‍लांट की लागत और उससे जुड़ी कुछ जानकारियां दे रहे हैं. इसके उत्पादन में खर्च कम होने के साथ ही लाभ मार्जिन ज्यादा है. एलोवेरा की खेतीएलोवेरा की खेती आप 50 हजार रूपये के कम निवेश के साथ शुरू कर सकते हैं. आप एलोवेरा को मेन्यूफेक्चरिंग कंपनियों और मंडियों में बेच सकते हैं. इसके अलावा अगर आप अपने बिजनेस को बढ़ाना चाहते हैं तो आप एलोवेरा की प्रोसेसिंग यूनिट लगाकर भी खूब मुनाफा कमा सकते हैं. प्रोसेसिंग प्‍लांटदूसरा तरीका यह है कि आप एलोवेरा की प्रोसेसिंग यूनिट लगाएं. प्रोसेसिंग यूनिट से एलोवेरा जेल/जूस बेचकर आप मोटी कमाई कर सकते हैं. इसके लिए आपको 3 से 5 लाख तक खर्च करने पड़ेंगे. इन चीजों में करना होगा खर्चएलोवेरा की खेती में आपको मटेरियल, प्लांट, खाद, लेबर, हारवेस्टिंग, पैकेजिंग आदि में खर्च करना होगा. देश के कई हिस्‍सों में एक बार एलोवेरा प्लांट लगाकर 3 साल तक उत्‍पादन लिया जाता है, जबकि कई जगहों पर 5 सालों तक फसल होती है. होगा लाखों में मुनाफाएलोवेरा की खेती के व्यवसाय में आप लगभग 50 से 60 हजार रूपये तक का निवेश कर 5 से 6 लाख रूपये तक का मुनाफ़ा कमा सकते है. कम लागत में हैण्ड वाश सोप का बिज़नस भी शुरू कर सकते है. कॉस्मेटिक, मेडिकल और फार्मास्यूटिकल्स के फील्ड में एलोवेरा की डिमांड काफी ज्यादा है. ग्राहकों के बीच एलोवेरा जूस, लोशन, क्रीम, जेल, शैम्पू सभी चीज की बड़ी डिमांड है. आयुर्वेदिक और यूनानी चिकित्सा में सालों से एलोवेरा का इस्तेमाल होता आया है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

झारखंड

12 आईएएस अफसर समेत प्रशासनिक सेवा के 72 अधिकारी कर रहे पदस्थापना...

राज्य भर में प्रशासनिक सेवा के 72 अधिकारी बिना पोस्टिंग के बैठे हैं। जबकि कई महत्वपूर्ण पद खाली पड़े हैं। इन 72 अधिकारियों में 12 आईएएस अधिकारी हैं। 17 अप्रैल की रात राज्य सरकार ने 17 जिलों के उपायुक्तों का तबादला किया था। उस तबादला में 11 जिलों के डीसी की कहीं पदस्थापना नहीं हुई थी। उन्हें मुख्यालय में योगदान करने का निर्देश दिया गया था। कार्मिक विभाग में योगदान के बाद वे अबतक पदस्थापन की प्रतीक्षा में हैं। कहीं पोस्टिंग नहीं हुई है। इसके अलावा कृषि विभाग में बदलाव के बाद जीशान कमर भी वेटिंग फॉर पोस्टिंग में बैठे हैं। इसके अलावा झारखंड प्रशासनिक सेवा के 60 अधिकारी भी पोस्टिंग की प्रतीक्षा में हैं। इधर, ट्रेनिंग पूरा होने के ढाई साल बाद भी 39 नवनियुक्त डीएसपी को पोस्टिंग नहीं मिल सकी है। राज्य के कई अनुमंडलों में एसडीएम के पद खाली हैं। कई महत्वपूर्ण पद प्रभार में हैं। सचिवालय सेवा के करीब डेढ़ दर्जन अधिकारी भी पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं। Source link

झारखंड

केतार : गैरमजरुआ जमीन पर बने मकान पर चला जेसीबी, ग्रामीणों ने...

भास्कर न्यूज | केतार श्री बंशीधर नगर अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर मिर्धा के निर्देश पर बुधवार को केतार प्रखंड के दासीपुर गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। दंडाधिकारी सह भवनाथपुर अंचल अधिकारी शंभू राम पुलिस, केतार बीडीओ प्रशांत कुमार, थाना प्रभारी अरुण कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और सरकारी भूमि पर बने भवन को अतिक्रमण मुक्त कराया। कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीन की मदद से गैर मजरुआ भूमि (खाता संख्या 255, प्लॉट संख्या 774) पर बने अवैध भवन की दीवार को तोड़कर ध्वस्त कर दिया गया। इससे पहले अतिक्रमणकारियों और प्रशासन के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई। विरोध स्वरूप एक महिला जेसीबी मशीन के बैकेट पर बैठ गई, जिसे महिला थाना प्रभारी रूक्मिणी कुमारी एवं महिला पुलिस बल ने समझा-बुझाकर हटाया। इसके बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए अतिक्रमित भूमि को खाली कराया। पूरी कार्रवाई के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। गौरतलब है कि इससे पहले भी दो बार प्रशासन के द्वारा अतिक्रमण मुक्त कराने का प्रयास किया था। मौके पर केतार अंचल अधिकारी प्रशांत कुमार, थाना प्रभारी अरुण कुमार रवानी, भवनाथपुर थाना प्रभारी राज निरंजन, खरौंधी थाना प्रभारी, सीआई सुलेमान अंसारी, राजस्व उपनिरीक्षक प्रकाश कुमार, अमीन रवि तिवारी सहित कई अधिकारी मौजूद थे। Source link

ताज़ा खबर

‘चंद्रनाथ रथ की हत्या एक राजनीतिक आतंकवाद है’, पश्चिम बंगाल में नई...

कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का नतीजा सत्ता परिवर्तन के रूप में सामने आने के महज 48 घंटे बाद वरिष्ठ भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी (पीए) चंद्रनाथ रथ की हत्या ने राज्य को ऐसी स्थिति में धकेल दिया है जहां चुनाव बाद की हिंसा के लोकतांत्रिक परिवर्तन पर भारी पड़ने का खतरा पैदा हो गया है. भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद छिटपुट झड़पों के रूप में जो शुरू हुआ था, वह अब तेजी से एक बड़े टकराव का रूप ले चुका है, जिसमें भय, प्रतिशोध का विमर्श और राजनीतिक रूप से संवेदनशील जिलों में क्षेत्रीय वर्चस्व की लड़ाई शामिल है. बंगाल में अपनी पहली सरकार बनाने की तैयारी कर रही भाजपा के लिए यह हत्या एक चुनौती होने के साथ-साथ एक राजनीतिक अवसर भी है. चुनौती भावनात्मक रूप से आवेशित भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से जवाबी हिंसा को रोकने की है जबकि अवसर भगवा खेमे के लंबे समय से चले आ रहे इस आरोप को पुष्ट करने का है कि तृणमूल शासन के तहत धमकियां, लक्षित हमले और मजबूत स्थानीय सत्ता नेटवर्क बंगाल की राजनीति में हिंसा की संस्कृति को दर्शाते रहे हैं. घटना को ‘पूर्व नियोजित’ बताते हुए, अधिकारी ने आरोप लगाया कि उनके करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की मध्यग्राम में गोली मारकर हत्या करने से पहले कई दिन तक उनकी रेकी की गई. बुधवार देर रात अस्पताल पहुंचने के बाद अधिकारी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, “यह दिल दहला देने वाला है. उन्होंने उसका पीछा किया और उसे मार डाला.” उन्होंने इसके साथ ही समर्थकों से अपील की कि वे “कानून को अपने हाथ में न लें”. इस अपील से ही भाजपा नेतृत्व के भीतर व्याप्त चिंता का व्यापक स्वरूप झलकता है. हत्या के कुछ ही घंटों के भीतर, जिलों में पार्टी के संगठनात्मक नेटवर्क के माध्यम से, विशेष रूप से उत्तर 24 परगना और पूर्वी मेदिनीपुर में, जहां अधिकारी का काफी प्रभाव है, आक्रोश तेजी से फैल गया. भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने निजी तौर पर इस बात की आशंका जताई कि अगर इस स्थिति को राजनीतिक रूप से नियंत्रित नहीं किया गया तो इससे स्वतःस्फूर्त प्रतिशोध भड़क सकता है. पार्टी के एक नेता ने कहा, “यह हत्या का कोई सामान्य मामला नहीं है. यह राजनीतिक आतंकवाद है.” उन्होंने “पुरानी व्यवस्था” पर नई सरकार के सत्ता संभालने से पहले भय का माहौल पैदा करने की कोशिश का आरोप लगाया गया. रथ कोई साधारण कार्यकर्ता नहीं थे, बल्कि भाजपा की चुनाव मशीनरी में गहराई से शामिल व्यक्ति थे. वह बंगाल में पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार और तृणमूल कांग्रेस विरोधी सबसे जुझारू चेहरे सुवेंदु अधिकारी के साथ घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए थे. राजनीतिक विश्लेषक सुभोमोय मोइत्रा ने कहा, “यह बंगाल की राजनीति का सबसे संवेदनशील दौर है – एक शासन के पतन और दूसरे के सत्ता में आने के बीच का समय. इस दौरान होने वाली हर हिंसक घटना प्रतीकात्मक महत्व रखती है.” चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद से कई जिलों से पार्टी कार्यालयों पर हमले, तोड़फोड़, धमकी और झड़पों की खबरें सामने आई हैं. मध्यग्राम में हुई हत्या से जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के बीच असुरक्षा की भावना बढ़ने और उत्तर 24 परगना, नदिया, हुगली तथा पूर्वी मेदिनीपुर जैसे जिलों में ध्रुवीकरण गहराने की आशंका है, जहां हाल के वर्षों में राजनीतिक निष्ठाओं में तेजी से बदलाव आया है. वहीं, एक अन्य विश्लेषक ने कहा, “खतरा यह है कि हिंसा स्वतःस्फूर्त होती है. हर हमला प्रतिशोध के लिए एक और औचित्य प्रदान करता है.” भाजपा इस घटना को न केवल एक आपराधिक कृत्य के रूप में बल्कि इस बात के सबूत के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश कर रही है कि निवर्तमान सत्ताधारी तंत्र के कुछ वर्ग सत्ता हस्तांतरण को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं. इस हत्या से भाजपा के भीतर उन आवाजों को भी मजबूती मिल सकती है जो शपथग्रहण समारोह के तुरंत बाद राजनीतिक रूप से अस्थिर क्षेत्रों में त्वरित पुलिस फेरबदल, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और आक्रामक कार्रवाई की वकालत कर रही हैं. स्थिति पर एक राजनीतिक विश्लेषक ने टिप्पणी की, “भाजपा का संदेश स्पष्ट है; वे इसे एक ढहती हुई व्यवस्था के अंतिम प्रतिरोध के रूप में चित्रित करना चाहते हैं.” साथ ही, भाजपा नेतृत्व के सामने एक नाजुक संतुलन बनाए रखने की चुनौती है.  हालांकि, पार्टी सार्वजनिक रूप से आक्रामक रुख अपना रही है, लेकिन वह इस बात से अवगत है कि स्थानीय कैडर नेटवर्क के अनियंत्रित प्रतिशोध से नए प्रशासन के औपचारिक रूप से कार्यभार संभालने से पहले ही अस्थिरता और गहरी हो सकती है. तृणमूल कांग्रेस के लिए, यह घटना एक खतरनाक राजनीतिक जाल की तरह है. पार्टी ने हत्या की निंदा की और अदालत की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग की, साथ ही यह आरोप भी लगाया कि चुनाव के बाद हुई झड़पों में उसके कई कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया है. हालांकि, भाजपा ने हत्या के इर्द-गिर्द खुद के पीड़ित होने का विमर्श सफलतापूर्वक मजबूत कर लिया है. यह स्थिति तृणमूल कांग्रेस के लिए विशेष रूप से समस्या पैदा करने वाली है, ऐसे समय में जब वह चुनावी हार के बाद संगठनात्मक क्षरण की धारणाओं से पहले से ही जूझ रही है. पिछले कुछ वर्षों में, अधिकारी ने खुद को बंगाल की राजनीति में भाजपा के जमीनी स्तर के प्रमुख लड़ाके के रूप में स्थापित किया है, और तृणमूल कांग्रेस के साथ लगातार टकराव के माध्यम से अपनी छवि बनाई है. अधिकारी के करीबी सहयोगी की हत्या से भाजपा का रुख और भी सख्त होने की संभावना है तथा आने वाले दिनों में पार्टी का राजनीतिक संदेश और भी तीव्र हो सकता है. Source link

झारखंड

रांची, खूंटी… झारखंड में आंधी-तूफान का बवंडर, गरज-चमक के साथ बारिश भी...

Last Updated:May 07, 2026, 05:42 IST Jharkhand Aaj Ka Mausam: झारखंड में लगातार हो रही बारिश की वजह से मौसम सुहावना हो गया है. आज भी झारखंड के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना है. वहीं. कुछ जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं. आइये जानते हैं आज कहां-कहां बारिश हो सकती है. ख़बरें फटाफट झारखंड के मौसम को लेकर आईएमडी का अलर्ट जारी ( एआई फोटो ) रांची: झारखंड में इन दिनों प्री-मानसून की वजह से मौसम सुहावना हो गया है. आज रांची, खूंटी, गुमला और सिंहभूम जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है. इसके अलावा कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है. जहां बुधवार को झारखंड के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिसकी वजह से गर्मी से लोगों को काफी राहत मिली. IMD के अनुसार, झारखंड में पिछले 24 घंटों में कई जिलों में गरज चमक के साथ बारिश हुई. सिमडेगा में सबसे ज्यादा 34.2 mm बारिश हुई, जबकि जगन्नाथपुर, बेरो, बानो आदि इलाकों में 13-21 mm बारिश रिकॉर्ड हुई है. साथ ही कुछ जिलों में आंधी और बिजली की गड़गड़ाहट देखी गई. झारखंड के कई जिलों में आज बारिश हो सकती है. वहीं, कई जिलों में आज भीषण गर्मी का अलर्ट जारी किया गया है. आज झारखंड के कई जिलों में आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है. जहां उत्तर-पूर्वी जिलों देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़, गिरिडीह, जामताड़ा, साहिबगंज में कहीं-कहीं हल्की बारिश के साथ ही बादलों की गड़गड़ाहट सुनाई देगी. साथ ही 30-40 किलोमीटर घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. आज पलामू, गढ़वा जैसे पश्चिमी जिलों का अधिकतम तापमान 35-38°C तक पहुंच सकता है, जो सबसे गर्म रहने वाला है. वहीं, रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा में न्यूनतम तापमान 20-23°C रहने की संभावना है. IMD के मुताबिक पूरे सप्ताह में झारखंड में बारिश की संभावना है, जिससे किसानों को काफी फायदा होने वाला है, लेकिन बाढ़ या जलभराव से खतरा हो सकता है. शहरों का तापमान और AQI शहर  तापमान अधिकतम/न्यूनतम AQI रांची 36/24 130 पलामू 40/28 140 हजारीबाग 40/27 130 जमशेदपुर 36/24 150 बुधवार को झारखंड में सबसे अधिक तापमान पलामू में दर्ज किया गया. जहां पारा लगभग 35-39 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा. वहीं, सबसे कम तापमान रांची में रिकॉर्ड हुआ, जो करीब 28-29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा है. वहीं, बारिश वाले क्षेत्रों में तापमान अपेक्षाकृत काफी कम रहा है, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली. वैसे झारखंड का औसतन अधिकतम तापमान 32-35°C और न्यूनतम 20-24°C के बीच रहा है. इसके अलावा गर्म हवाओं का असर कुछ जिलों में महसूस हुआ, लेकिन बारिश की वजह से तापमान में भारी गिरावट दर्ज हुई है. कुल मिलाकर आज झारखंड का मौसम फिलहाल राहत देने वाला हो सकता है. जहां एक ओर कई जिलों में बारिश होने की वजह से गर्मी से राहत मिल रही है. वहीं, दूसरी ओर कुछ जिलों में तेज गर्मी अभी भी बनी हुई है. ऐसे में लोगों को मौसम के बदलते हालात के अनुसार सतर्क रहने की जरूरत है. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

व्यापार

Earn money 2 lakh per month from Sahjan Farming know Learn what...

होमताजा खबरमनी ₹10 हजार लगाकर शुरू करें ये काम, हर महीने होगी ₹2 लाख से अधिक की कमाई Last Updated:July 28, 2021, 06:28 IST इस कारोबार को शुरू करने में आपको एक बार में 10-15 लाख रुपये निवेश करने होंगे, इसके बाद आप हर महीने 2 से 3 लाख रुपये तक कमा सकते हैं. सहजन की खेती से करें कमाई… नई दिल्ली. अगर आपकी नौकरी छूट गई और आपको इनकम के लिए कारोबार की तलाश है तो आपके लिए कृषि सेक्टर बेहतर विकल्प हो सकता है. जहां आप थोड़े से जमीन पर खेती करके भी अच्छी-खासी रकम कमा सकते हैं. जी हां.. अगर आप अधिक कमाई (Earn Money) करना चाहते हैं. तो आपके लिए खेती बेहतर विकल्प (earn money from farming) हो सकता है. इससे आप कम समय में लखपति बन (How to be a billionaire) सकते हैं. इसे शुरू करने में आपको एक बार में 10-15 लाख रुपये निवेश करने होंगे, इसके बाद आप हर महीने 2 से 3 लाख रुपये तक कमा सकते हैं. शुरू करें खेतीबता दें कि भारत के अधिकतर राज्यों में सहजन की खेती (Sahjan Farming) खूब होती है. इसमें कई तरह के मल्टी विटामिन, प्रोटीन, एमीनो एसिड्स मौजूद होते हैं. देश में पिछले कुछ सालों से हेल्थ सप्लीमेंट्स (Health supplements) के रूप में इसकी डिमांड बढ़ी है. कई स्टार्टअप सहजन की प्रोसेसिंग कर नए हेल्दी प्रोडक्ट बना रहे हैं. महाराष्ट्र निवासी प्रमोद पानसरे भी इसी का बिजनेस कर रहे हैं. वे पिछले दो साल से सहजन की पत्तियों और हल्दी की मदद से चॉकलेट, चिक्कियां, खाखरा और स्नैक्स तैयार कर देशभर में मार्केटिंग कर रहे हैं. फिलहाल वे हर महीने तीन लाख रुपए का बिजनेस कर रहे हैं. कैसे करते हैं इसका कारोबारएक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रमोद इस कारोबार में 15 लाख रुपए का इन्वेस्टमेंट किया और एक ऑफिस खोला. फिर फूड लाइसेंस सहित जरूरी डॉक्युमेंट्स जुटाए और बिजनेस शुरू कर दिया. बकौल प्रमोद, हम हेल्दी फूड सप्लीमेंट्स पर जोर देने लगे. इससे हमें अपने बिजनेस का दायरा बढ़ाने में काफी मदद मिली. हमारे प्रोडक्ट्स की डिमांड बढ़ गई. जानें कैसे करते हैं मार्केटिंग?बकौल प्रमोद, शुरुआत में स्टॉल लगाकर अपने प्रोडक्ट्स की मार्केटिंग करते थे. बाद में जब उस प्रोडक्ट की डिमांड बढ़ने लगी, तब रिटेलर्स और बड़े-बड़े होलसेल डीलर्स से कॉन्टैक्ट करके मार्केटिंग शुरू किया. साथ ही प्रमोशन के लिए सोशल मीडिया की मदद ली. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

झारखंड

संस्थान की फाइनल प्लेसमेंट रिपोर्ट जारी, डोमेस्टिक सीटीसी में 4.19% की बढ़ोतरी

रांची आईआईएम, रांची ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए फाइनल प्लेसमेंट रिपोर्ट जारी कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार एग्जीक्यूटिव एमबीए (ई-एमबीए) 2024-26 समर बैच के छात्र ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 1.2 करोड़ रुपए का सर्वाधिक पैकेज हासिल किया। वहीं, एमबीए, एमबीए-ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट (एचआरएम) और एमबीए-बिजनेस एनालिटिक्स (बीए) के छात्रों के बीच देशी कंपनियों में पिछले वर्ष की तुलना में सर्वाधिक डोमेस्टिक सीटीसी में 4.19% की वृद्धि हुई हैं। इस वर्ष, विभिन्न क्षेत्रों में विविध भूमिकाओं के लिए 96 कंपनियों ने विद्यार्थियों को प्लेसमेंट ऑफर किया। फाइनल प्लेसमेंट रिपोर्ट 2025-26 को आधिकारिक तौर पर 6 मई, 2026 को आईआईएम रांची के निदेशक प्रो. दीपक कुमार श्रीवास्तव व कॉरपोरेट रिलेशन के चेयरपर्सन प्रो. राजीव वर्मा के साथ संस्थान के अन्य प्राध्यापकों की उपस्थिति में जारी की गई। पिछले बैच की तुलना में एमबीए-बीए के छात्रों के बीच सर्वाधिक वार्षिक पैकेज में 22.16% की वृद्धि हुई है। एमबीए-बीए कोर्स में शामिल छात्रों को बैंकिंग, स्ट्रैटेजी एंड कंसल्टेंसी, आईटी एंड एनालिटिक्स, फाइनेंशियल सर्विसेस, इंश्योरेंस एंड फिनटेक जैसे क्षेत्रों ने प्लेसमेंट ऑफर दिया। कोर्स से जुड़े एक छात्र को सर्वाधिक 32.13 लाख रुपए का वार्षिक पैकेज मिला, जबकि, शीर्ष प्रदर्शन करने वाले 25% छात्रों ने औसतन 27.81 लाख रुपए का वार्षिक पैकेज हासिल किया। एमबीए-एचआरएम प्रोग्राम के छात्र जिन्होंने कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव में भाग लिया, उनमें से 40.54% छात्रों ने प्री-प्लेसमेंट ऑफर हासिल कर लिया था। प्री-प्लेसमेंट ऑफर के तहत औसत वार्षिक पैकेज 18.86 लाख रुपए रहा। एमबीए-एचआरएम कार्यक्रम के एक छात्र ने 22.75 लाख रुपए का सर्वाधिक वार्षिक पैकेज हासिल किया। कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव में 72.83% फ्रेशर्स और 42.93% छात्राएं शामिल हुईं। एमबीए के छात्रों को 60 कंपनियों ने प्लेसमेंट ऑफर दिया। एमबीए के एक छात्र ने सर्वाधिक वार्षिक पैकेज के रूप में 52.50 लाख रुपए का पैकेज हासिल किया। Source link

झारखंड

टीबी खोज अभियान के तहत 112 लोगों के स्वास्थ्य की जांच

गढ़वा | 100 दिवसीय टीबी खोज अभियान के आज बुधवार को कल्याणपुर में एक्स-रे के माध्यम से टीबी के सम्भावित की खोज के लिए मुखिया कल्याणपुर अशोक कुमार एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की उपस्थिति मे जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में कुल 112 लोगों का एक्स-रे जांच की गई। वहीं 25 लोगों की जांच लेकर खखार का नमूना लिया गया। इस अवसर पर बताया गया कि जांच के बाद टीबी धनात्मक पाये जाने पर उनका दवा शुरू कर दिया जाएगा। मौके पॉर्नकल्याणपुर पंचायत टीबी फोरम के अध्यक्ष मुखिया अशोक कुमार ने कहा कि अब पंचायत स्तर पर ही टीबी के कार्यों का मूल्यांकन किया जाएगा। वहीं समस्या का समाधान होगा। उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता पंचायत को पूर्णतः टीबी मुक्त बनना है।इसके लिए पंचायत स्तर पर कार्य करने के लिए जो भी आवश्यक सहयोग होगा। उसे प्रदान किया जाएगा। टीबी के डीपीसी डॉ. पुरुषेश्वर मिश्र ने लोगों को जानकारी दिया कि टीबी का दवा चलने के क्रम मे मरीजों को डीबीटी के माध्यम से प्रतिमाह एक हजार रुपए दिए जाते हैं। साथ ही टीबी जांच एवं दवा निःशुल्क उपलब्ध है। यक्ष्माकर्मियो के द्वारा उपस्थित सभी लोगों को टीबी के लक्षण, उपचार तथा उपलब्ध सुविधाओं से अवगत कराया गया। शिविर मे एसटीएस सुनील कुमार पांडेय, लैब सुपरवाइजर राजू कुमार, पीपीएम मो. नुरूल्लाह अंसारी, सहिया सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे। Source link

ताज़ा खबर

Tamil Nadu Political Drama। TN next CM। विजय समर्थन के लिए ठोकरें...

सियासत के मंच पर एक ऐसा क्लाइमेक्स तैयार हो गया है जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी. जहां थलापति विजय बहुमत के लिए जोड़-तोड़ में जुटे हैं, वहीं राजभवन से निकली एक आवाज ने पूरे तमिलनाडु में भूकंप ला दिया है. न्‍यूज18 तमिल की रिपोर्ट के अनुसार राज्यपाल का यह कहना कि वे धुर विरोधी DMK और AIADMK के साथ आने की स्थिति में उन्‍हें सरकार बनाने का मौका देने को भी तैयार हैं, किसी फिल्मी ट्विस्ट से कम नहीं है. उधर पुडुचेरी में AIADMK ने रातों-रात बाजी पलटते हुए सरकार बनाने का दावा ठोक कर सबको सन्न कर दिया है. जब सत्ता की बिसात पर दो पुराने दुश्मन हाथ मिलाने को तैयार हों, तो नए खिलाड़ी की चमक फीकी पड़ना लाजमी है. विजय के राजतिलक की तैयारियों के बीच पुराने दिग्गज तमिलनाडु की राजनीति में मिलकर खेल करते नजर आ रहे हैं. विजय के 107 विधायकों के इस्‍तीफा देने के कयास भी तमिलनाडु में इस वक्‍त लगाए जा रहे हैं. ‘AIADMK की सरकार बनेगी’खबर है कि तमिलनाडु के पूर्व सीएम और AIADMK के महासचिव एडप्पादी पलानीस्वामी ने पुडुचेरी में विधायकों की एक बैठक में बोलते हुए कहा, “इंतजार करें, अच्छी चीजें होंगी. AIADMK की सरकार बनेगी.” दक्षिण भारत की राजनीति इस वक्त एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहाँ हर पल समीकरण बदल रहे हैं. एक तरफ थलापति विजय की पार्टी TVK सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद सत्ता की दहलीज पर संघर्ष कर रही है तो दूसरी तरफ पुडुचेरी और तमिलनाडु में गठबंधन के नए और चौंकाने वाले फॉर्मूले सामने आ रहे हैं. राज्यपाल का वेट एंड वॉच और रिसॉर्ट पॉलिटिक्सतमिलनाडु में थलापति विजय की पार्टी TVK ने 108 सीटें जीतकर धमाका तो किया है लेकिन बहुमत के जादुई आंकड़े (118) से वह अब भी दूर हैं. राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने विजय को सरकार बनाने का न्योता देने के बजाय उनसे 118 विधायकों के समर्थन का ठोस प्रमाण मांगा है. कांग्रेस के 5 विधायकों के समर्थन के बावजूद विजय का आंकड़ा 113 तक ही पहुंच पा रहा है. इसी खींचतान के बीच खरीद-फरोख्त के डर से विजय ने अपने विधायकों को महाबलीपुरम के रिसॉर्ट में शिफ्ट कर दिया है. राज्यपाल का कड़ा रुख विजय के सीएम बनने के सपने के बीच सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है. AIADMK और NDA का मास्टरस्ट्रोकपड़ोसी राज्य पुडुचेरी में सियासत ने एकदम से करवट बदली है. ताजा अपडेट के अनुसार AIADMK ने निर्दलीय और अन्य छोटे दलों के विधायकों के साथ मिलकर एक नया समीकरण तैयार कर लिया है. AIADMK अब पुडुचेरी से तमिलनाडु में NDA की सरकार बनाने का दावा पेश करने की तैयारी में है. यह थलापति विजय और अन्य क्षेत्रीय खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा झटका है क्योंकि पुडुचेरी का यह ‘खेला’ पड़ोसी राज्यों की राजनीति को भी प्रभावित करेगा. DMK-AIADMK विलय या गठबंधन?सबसे चौंकाने वाला बयान राज्यपाल आर्लेकर की ओर से आया है. एक अंग्रेजी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अगर DMK और AIADMK मिलकर सरकार बनाना चाहें तो उन्हें उसे स्वीकार करने में कोई गुरेज नहीं है. यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि DMK और AIADMK दशकों से एक-दूसरे की धुर विरोधी रही हैं. गवर्नर ने ऐसा क्‍या कहा? तमिलनाडु के गवर्नर ने एक अंग्रेजी वेबसाइट से बातचीत करते हुए कहा, सरकार बनाने के लिए जरूरी सदस्यों की संख्या बहुत अहम है. इसके बाद आपको बहुमत साबित करना होता है. जो लोग मुझसे मिलने आते हैं और सरकार बनाने का दावा करते हैं मैं उनसे सिर्फ एक ही बात पूछता हूं. सवाल यह है कि क्या आपके पास सरकार बनाने के लिए जरूरी सदस्य हैं? जब उनसे पूछा गया कि क्या वह AIADMK और DMK को एक साथ आने और सरकार बनाने का दावा करने की इजाजत देंगे, तो उन्होंने कहा, जब ऐसा होगा तो मैं देखूंगा कि क्या उनके पास जरूरी संख्या है और फिर फैसला लूंगा. मैं शपथ लेने के लिए तैयार हूँ लेकिन अभी हालात ऐसे नहीं हैं. अगर मैं आज जरूरी संख्या जुटा लेता हूं तो कल शपथ ले लूंगा मैंने TVK नेता विजय को नहीं रोका था. उधर, DMK विधायकों की बैठक में एक बड़ा प्रस्ताव पास हुआ है: · विधायकों ने गठबंधन तोड़ने के लिए कांग्रेस की कड़ी निंदा की है. · DMK का साफ कहना है कि तमिलनाडु दोबारा चुनाव के लिए तैयार नहीं है. · एम.के. स्टालिन को राजनीतिक स्थिति का विश्लेषण कर तत्काल निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है. · पार्टी का मुख्य उद्देश्य राज्य में एक स्थिर सरकार बनाना है. क्या वाकई होगा असंभव गठबंधन?अगर स्टालिन की DMK और AIADMK हाथ मिलाते हैं तो यह भारतीय राजनीति का सबसे बड़ा यू-टर्न होगा. लेकिन DMK का यह कहना कि वे चुनाव नहीं चाहते इस बात की ओर इशारा करता है कि वे सत्ता बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं. यदि विजय को रोकने के लिए ये दो दिग्गज दल साथ आते हैं तो विजय की नई राजनीति का सफर शुरू होने से पहले ही मुश्किलों में घिर जाएगा. सवाल-जवाब राज्यपाल ने DMK-AIADMK गठबंधन पर क्या कहा है? राज्यपाल ने कहा है कि यदि राज्य के हित में DMK और AIADMK साथ आकर सरकार बनाना चाहते हैं, तो वे इसे स्वीकार करने के लिए तैयार हैं. DMK ने दोबारा चुनाव पर क्या रुख अपनाया है? DMK विधायकों ने प्रस्ताव पास किया है कि तमिलनाडु अभी दोबारा चुनाव के बोझ को सहने के लिए तैयार नहीं है और प्राथमिकता एक स्थिर सरकार की है. कांग्रेस और DMK के बीच क्या विवाद हुआ है? DMK विधायकों ने गठबंधन तोड़ने के लिए कांग्रेस की निंदा की है और स्टालिन को कड़े फैसले लेने के लिए अधिकृत किया है. विजय के लिए बहुमत का रास्ता क्यों कठिन है? विजय की पार्टी के पास 108 सीटें हैं और कांग्रेस के समर्थन के बाद भी वे 113 पर हैं, जो कि 118 के बहुमत के आंकड़े से 5 कम है. राज्यपाल बिना पूर्ण बहुमत के उन्हें शपथ दिलाने को तैयार नहीं हैं. Source link

झारखंड

JAC बोर्ड में 95% लाकर जमशेदपुर जिला टॉपर बने सक्षम, बताया पढ़ाई...

Last Updated:May 07, 2026, 06:26 IST सक्षम के पिता दूधेश्वर मिश्रा ट्यूशन पढ़ाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं, जबकि उनकी माता रीना मिश्रा एक गृहिणी हैं और बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देती हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने सक्षम को हर संभव समर्थन दिया, जो उनकी सफलता की मजबूत नींव बना. ख़बरें फटाफट आकाश कुमार/जमशेदपुर: झारखंड के जमशेदपुर की गलियों से निकलकर मेहनत और लगन की मिसाल बन चुके सक्षम मिश्रा आज उन हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा हैं, जो बड़े सपने देखते हैं और उन्हें सच करने के लिए दिन-रात जुटे रहते हैं. साधारण परिवार से आने वाले सक्षम ने यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी मुकाम दूर नहीं होता. सक्षम ने साइंस स्ट्रीम से इंटरमीडिएट की परीक्षा में 95% अंक लाकर पूरे जिले में टॉप किया है. उनकी इस सफलता के पीछे सिर्फ और सिर्फ कड़ी मेहनत, अनुशासन और एक स्पष्ट लक्ष्य रहा है. उन्होंने बताया कि यह उपलब्धि अचानक नहीं मिली, बल्कि इसके लिए उन्होंने लंबे समय तक लगातार पढ़ाई की और खुद पर विश्वास बनाए रखा. दिलचस्प बात यह है कि सक्षम ने अपनी 10वीं की पढ़ाई जमशेदपुर पब्लिक स्कूल से की थी, जहां उन्होंने 94.2% अंक हासिल किए थे. इसके बाद उन्होंने एक अलग रास्ता चुना. उन्होंने सोचा कि क्यों न सरकारी स्कूल से इंटर की पढ़ाई की जाए. इसी सोच के साथ उन्होंने जमशेदपुर के राज्यकृत आदिवासी प्लस टू उच्च विद्यालय में दाखिला लिया और वहीं से अपनी 12वीं की पढ़ाई पूरी की. यह फैसला उनके लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. उनके विषयवार अंक भी उनकी मेहनत की कहानी खुद बयां करते हैं. मैथ्स में 100, फिजिक्स में 96, केमिस्ट्री में 97, बायोलॉजी में 96 और इंग्लिश में 90 अंक. खासकर गणित में पूरे अंक हासिल करना उनकी गहरी समझ और अभ्यास का प्रमाण है. सक्षम के पिता दूधेश्वर मिश्रा ट्यूशन पढ़ाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं, जबकि उनकी माता रीना मिश्रा एक गृहिणी हैं और बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देती हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने सक्षम को हर संभव समर्थन दिया, जो उनकी सफलता की मजबूत नींव बना. सक्षम का सपना है कि वह आगे चलकर एक साइंटिस्ट बनें और रिसर्च के क्षेत्र में अपना नाम रोशन करें. उनका मानना है कि पढ़ाई और सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता. वह कहते हैं, “अगर आप शांत दिमाग और धैर्य के साथ पढ़ाई करते हैं, तो उसका परिणाम जरूर अच्छा मिलता है.” आज सक्षम मिश्रा सिर्फ एक टॉपर नहीं, बल्कि उन सभी छात्रों के लिए एक प्रेरणा हैं जो संघर्षों के बीच अपने सपनों को जिंदा रखते हैं. उनकी कहानी यह सिखाती है कि मेहनत, सही दिशा और आत्मविश्वास के साथ कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. About the Author Rajneesh Singh जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand Source link

Scroll to Top