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Dilli Bazaar: ‘दिल्ली बाजार’ पोर्टल से दो लाख से अधिक महिला उद्यमियों...

नई दिल्ली (भूपेन्‍द्र पांचाल). दिल्ली सरकार (Delhi Government) के थिंक टैंक डायलॉग एंड डेवलपमेंट कमीशन ऑफ दिल्ली (DDC) ने ‘दिल्ली बाजार’ वेब पोर्टल से महिला उद्यमियों को जोड़ने के लिए आज बैठक की. इस दौरान दिल्ली की महिला उद्यमियों (Women Entrepreneurs) ने केजरीवाल सरकार (Kejriwal Government) के फैसले का स्वागत किया और आगामी पोर्टल के लिए कई व्यावहारिक जानकारी दी. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने पिछले दिनों घोषणा की कि दिल्ली का अपना ई-मार्केट प्लेस (E-Market Place) ‘दिल्ली बाज़ार’ पोर्टल होगा. जहां हर छोटे और बड़े दुकानदार का एक वर्चुअल स्टोर होगा. जिसके जरिए अपने सामान को दुनिया भर में ऑनलाइन बेच सकेंगे. इसके जरिए यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा कि वेब पोर्टल में खरीदारों के साथ-साथ विक्रेताओं को भी सकारात्मक परिणाम मिले. इसमें आभूषण, परिधान उद्योग, फैशन डिजाइनरों, बुटीक और सैलून, मेकअप आदि महिला व्यापारिक संगठनों से जुड़ीं महिला उद्यमियों-प्रतिनिधियों ने बैठक में भाग लिया. आगामी पोर्टल में महिलाओं द्वारा संचालित व्यवसायों की भूमिका पर चर्चा की. उन्होंने जल्द आने वाले ‘दिल्ली बाजार’ पोर्टल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए कई व्यावहारिक सुझाव दिए. इ‌स दौरान महिलाओं के बाजार संघों ने अपने सदस्यों को ऑनलाइन व्यवसाय चलाने के लिए कैटलॉगिंग, लेनदेन, शिपिंग, धन वापसी आदि के लिए प्रशिक्षित करने की भूमिका पर चर्चा की. महिलाओं के बाजार संघों ने अपने सदस्यों को ऑनलाइन व्यवसाय चलाने के लिए प्रशिक्षित करने की भूमिका पर चर्चा की. इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीडीसी के उपाध्यक्ष जस्मिन शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के ‘दिल्ली बाजार’ विजन का महिला उद्यमी अभिन्न अंग हैं. इसका उद्देश्य दिल्ली के सभी प्रकार के व्यापारियों और दुकानदारों के लिए एक समान अवसर प्रदान करना है. इसको साकार करने के लिए‌ दिल्ली सरकार दिल्ली में 2 लाख महिला उद्यमियों को सहायता प्रदान करेगी और उन्हें पोर्टल से जोड़ेगी. ताकि वे बड़े बाजारों तक पहुंच सकें और अपने व्यवसाय को बढ़ा सकें. सैलून ओनर वेलफेयर एसोसिएशन (सोवा) की प्रेज‍िडेंट कुसुम गोयल का कहना है क‍ि द‍िल्‍ली के सीएम अरव‍िंद केजरीवाल की ओर से द‍िल्‍ली बाजार (Dilli Bazaar) का व‍िजन वाकई मह‍िला उद्यम‍ियों के ल‍िए बेहद ही मददगार और उनको आगे बढ़ाने की द‍िशा में काम करने वाला साबि‍त होगा. कोरोना महामारी की वजह से सैलून इंडस्‍ट्री को बहुत बड़ा आर्थ‍िक नुकसान हुआ है. (File Photo) कोरोना महामारी की वजह से सैलून इंडस्‍ट्री को बहुत बड़ा आर्थ‍िक नुकसान हुआ है और अब भी यह स‍िलस‍िला जारी है. लेक‍िन इस तरह की पहल के शुरू होने से हम सभी सैलून माल‍िकों और मेकअप ऑर्टि‍स्‍ट के ल‍िए इससे जुड़कर काम करने में और आसानी होगी. वर्तमान समय में एक सैलून में 20 से 50 कर्मचारी रखने वाले अपना खर्चा तक नहीं न‍िकाल पा रहे हैं. सोवा की उपाध्यक्ष मीनाक्षी दत्त का कहना है क‍ि इस अद्भुत ‘दिल्ली बाजार’ वेब पोर्टल का स्वागत करते हैं. हमें उम्मीद है कि दिल्ली की सभी महिला उद्यमी इस पहल का लाभ लेंगी. पोर्टल से जुड़ने से दिल्ली के सौंदर्य उद्योग को बढ़ने में मदद मिलेगी. हमें उम्मीद है कि सभी सैलून मालिक और मेकअप कर्मी सरकार के साथ जुड़कर काम करेंगे. न्यूट्रिशनिस्ट एंड डाइटिशियन एसोसिएशन की अध्यक्ष शिखा शर्मा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार (Delhi Government) छोटे महिला व्यापारियों के व्यवसायों के साथ खड़ी है. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार हमारे मुद्दों की पहचान करने और ‘दिल्ली बाजार’ परियोजना में हमें भागीदार बनाने की दिशा में काम करने वाली पहली सरकार है. हमारे क्षेत्र की महिला उद्यमी दिल्ली सरकार के प्रयासों का स्वागत करती हैं और उन्हें सहयोग का आश्वासन देते हैं. चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) की महिला परिषद की अध्यक्ष मालविका साहनी ने कहा कि दिल्ली सरकार के साथ काम करने से महिला उद्यमियों को तकनीकी और वित्तीय चुनौतियों से उबरने में मदद मिलेगी. यह अभी तक ऑनलाइन ग्राहकों तक पहुंचने में सबसे बड़ी बाधा है. उन्होंने कहा कि हम परिषद से जुड़ी दस हजार महिला उद्यमियों को संगठित और प्रशिक्षित करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि वे ‘दिल्ली बाजार’ वेब पोर्टल से जुड़ें. चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) की महिला परिषद की संस्थापक बृजेश गोयल ने कहा कि महिला उद्यमियों को जुटाने और उन्हें इस परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने के लिए दिल्ली सरकार के प्रयास अभूतपूर्व हैं. इससे दिल्ली सरकार को उनके साथ समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी. Source link

झारखंड

Prince Khan Pakistan Terror Funding

धनबाद के वासेपुर का भगोड़ा अपराधी प्रिंस खान पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में है। उसे आईएसआई ने अपनी शहर में एक कैंप में संरक्षण दे रखा है। रंगदारी से मिलने वाला पैसा अब वह आतंकी गतिविधियों में लगा रहा है। यह खुलासा प्रिंस के खास गुर्गे सैफी उर्फ मेजर न . दुबई से भागने के लिए उसने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक सहयोगी की मदद ली। उसके साथ वह डंकी रूट से ओमान के रास्ते पाकिस्तान का पंजाब प्रांत चला गया। वहां उसे आईएसआई के द्वारा संचालित जैश-ए-मोहम्मद के सेंटर में संरक्षण मिला। प्रिंस पंजाब प्रांत में किसके साथ है, सैफी ने उसके बारे में पूरी जानकारी पुलिस को दी है। पूछताछ में सैफी ने बताया कि दुबई से भागने के लिए उसने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक सहयोगी की मदद ली। वह डंकी रूट से पाकिस्तान का पंजाब प्रांत चला गया। धनबाद पुलिस का कहना है कि धनबाद से भेजा जा रहे रंगदारी का पैसे से प्रिंस पहले चल-अचल संपत्तियां खरीदता था, लेकिन अब वही पैसा आतंकी गतिविधियों में लगा रहा है। ऐसे में प्रिंस को जो भी रंगदारी दे रहे हैं, नाम सामने आने पर उन पर आतंकी को मदद करने के आरोप में कार्रवाई संभव है। दुबई में एक ही फ्लैट में रह रहीं प्रिंस की दोनों बीवियां सैफी ने पुलिस को यह भी जानकारी दी है कि प्रिंस के दुबई से भागने के बाद उसकी दो पत्नियां एक साथ दुबई में एक फ्लैट में रह रही हैं। फरारी के दौरान ही प्रिंस ने दूसरी शादी रचाई थी। वहीं उसका भाई गोपी खान अपनी पत्नी के साथ वहां से 10 किमी दूर दूसरे फ्लैट में रह रहा है। उसके साथ ऋतिक भी रहता है। धनबाद से रंगदारी से मिलने वाले पैसे से सभी वहां ऐशो-आराम की जिंदगी जी रहे हैं। पुलिस की नजर अब गोपी खान पर भी है। एसएसपी प्रभात कुमार, सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारियों ने धनबाद थाने में सैफी से कई राउंड में पूछताछ की। अब वायरल पर्चों की होगी फॉरेंसिक जांच पूछताछ में सैफी ने बताया कि सितंबर 2025 से पूर्व वह प्रिंस के लिए किसी वारदात से पूर्व और बाद में पर्चा लिखने का काम करता था। पर्चा में अपना नाम मेजर लिखता था, जिसे धनबाद के गुर्गों को भेजने का काम करता था। गुर्गे धनबाद में पर्चा वायरल करते थे। वहीं प्रिंस का साथ छोड़ने के बाद पलामू के कुबेर के नाम पर पर्चा लिख कर प्रिंस के गुर्गों के माध्यम से वायरल कराता था। पुलिस पूर्व में वायरल पर्चा का फॉरेंसिक जांच कराएगी, जिससे यह पता चल सके कि हैंडराइटिंग किसकी है? रिमांड अवधि खत्म, जेल भेजा गया मेजर एसएसपी प्रभात कुमार, सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारियों ने धनबाद थाने में सैफी से कई राउंड में पूछताछ की। तीन दिनों की रिमांड की अवधि समाप्त होने के बाद सैफी को कोर्ट में प्रस्तुत किया। कोर्ट ने सैफी को जेल भेज दिया। इसके पूर्व भी पुलिस ने तीन दिनों की रिमांड पर उससे पूछताछ की थी। रिमांड अवधि ने सैफी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। बता दें कि 19 मार्च को सैफी को कोलकाता के दमदम एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था। ————————————- इसे भी पढ़ें… प्रिंस खान का सहयोगी मेजर कोलकाता से अरेस्ट:बांग्लादेश भागने की थी तैयारी, दुबई से लौटने के दौरान दमदम एयरपोर्ट पर अरेस्ट पाकिस्तान में छिपे वासेपुर के कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के नेटवर्क पर धनबाद पुलिस ने बड़ा प्रहार किया है। उसके करीबी सहयोगी सैफी अब्बास उर्फ ‘मेजर’ को रविवार को कोलकाता के दमदम एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया। सैफी लंबे समय से पुलिस की नजर में था और उसके मूवमेंट पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी। इसी बीच इनपुट मिला कि वह दुबई से कोलकाता लौट रहा है। सूचना मिलते ही धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार के निर्देश पर डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर नौशाद आलम और सिंदरी एसडीपीओ आशुतोष की टीम कोलकाता रवाना की गई। फ्लाइट लैंड होने के बाद जैसे ही सैफी एयरपोर्ट से बाहर निकलने लगा, इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसे डिटेन कर लिया। पश्चिम बंगाल एसटीएफ भी रंगदारी के एक मामले में उसकी तलाश कर रही थी। एयरपोर्ट पर ही उससे प्रारंभिक पूछताछ की गई। यहां पढ़ें पूरी खबर… Source link

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तेज रफ्तार हाइवा की टक्कर से महिला की मौत:धनबाद में शादी में...

धनबाद के झरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत कतरास मोड़, सिंह नगर के पास सड़क हादसे में महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके पति और पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार बलियापुर के निपानिया निवासी शत्रुघ्न महतो अपनी पत्नी ममता देवी और पुत्र संतोष महतो के साथ महुदा में एक शादी समारोह में शामिल होने बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान कोयला लदे तेज रफ्तार हाइवा ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ममता देवी ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया, जबकि शत्रुघ्न महतो और संतोष महतो सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोगों ने तत्काल उन्हें संभाला और पुलिस को सूचना दी। हादसे के बाद सड़क जाम, लोगों में आक्रोश घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए और मृतका के शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। लोगों का कहना था कि इस मार्ग पर कोयला लदे हाइवा वाहनों की तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। आक्रोशित लोगों ने हाइवा चालक की गिरफ्तारी और इस मार्ग पर भारी वाहनों के संचालन पर नियंत्रण की मांग की। स्थिति को देखते हुए पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद लोगों को समझाकर जाम हटवाया गया। इस दौरान यातायात काफी देर तक बाधित रहा। पुलिस ने घायलों को पहुंचाया अस्पताल सूचना मिलते ही झरिया थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने घायलों को तत्काल अस्पताल भिजवाया, जहां उनका इलाज चल रहा है। वहीं मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हादसे के बाद हाइवा चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि धनसार और वास्तकोला क्षेत्र से कोयला लदे हाइवा दिन-रात केंदुआ रोड से बीएनआर साइडिंग तक दौड़ते रहते हैं, जिससे इस सड़क पर हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। लोगों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई और यातायात नियंत्रण की मांग की है। Source link

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सिर्फ 1000 रुपये में बेटे के नाम ट्रांसफर हो जाएगा फ्लैट, अभी...

Last Updated:May 06, 2026, 16:59 IST Flat Transfer Fee : यूपी रेरा ने मकान खरीदारों और कानूनी उत्‍तराधिकारियों को बड़ी राहत दी है .रेरा के चेयरमैन ने बताया कि अभी तक बिल्‍डर और डेवलपर मकान मालिक की मौत के बाद उनके कानूनी उत्‍तराधिकारियों को संपत्ति ट्रांसफर करने के नाम पर लाखों रुपये वसूलते थे, लेकिन अब इसकी फीस अधिकतम 1,000 रुपये होगी. यूपी रेरा ने उत्‍तराधिकारियों के लिए संपत्ति ट्रांसफर फीस तय कर दी है. नई दिल्‍ली. उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (यूपी रेरा) ने फ्लैट के मूल आवंटी की मृत्यु के बाद कानूनी उत्तराधिकारियों को फ्लैट ट्रांसफर करने के लिए अधिकतम शुल्क 1,000 रुपये तय किया है. इस फैसले से प्रदेश में घर खरीदारों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिली है. यूपी रेरा के चेयरमैन संजय भूरेड्डी ने बताया कि अब डेवलपर्स या प्रमोटर्स को मृत आवंटी के पति/पत्नी, बेटे या बेटी को फ्लैट ट्रांसफर करना अनिवार्य होगा, जिसके लिए केवल 1,000 रुपये का नाममात्र प्रोसेसिंग शुल्क लिया जाएगा. यूपी रेरा के 10 साल पूरे होने उन्होंने कहा कि अथॉरिटी को कई शिकायतें मिली थीं, जिनमें बिल्डर्स मनमाने शुल्क वसूल रहे थे. कई बार प्रति वर्ग फुट के हिसाब से भी, जिससे यह रकम लाखों रुपये तक पहुंच जाती थी. कुछ मामलों में शुल्क 200 रुपये से 1,000 रुपये प्रति वर्ग फुट तक था, जिससे कुल राशि 25–30 लाख रुपये हो जाती थी. यह अनुचित है, खासकर जब आवंटी ने फ्लैट की पूरी कीमत पहले ही चुका दी है. रेरा ने बदल दिए हैं नियमउन्होंने बताया कि इन शिकायतों के बाद, प्रशासनिक और मानक शुल्क से संबंधित रेगुलेशन 47 में संशोधन किया गया है, ताकि उत्तराधिकार या आवंटन ट्रांसफर के मामलों में प्रमोटर्स की ओर से वसूले जाने वाले शुल्क को नियंत्रित किया जा सके. संशोधित प्रावधानों के तहत रक्त संबंधों के भीतर कानूनी उत्तराधिकारियों को फ्लैट ट्रांसफर करने पर अधिकतम प्रोसेसिंग शुल्क 1,000 रुपये होगा. इससे राहत मिलेगी और मकान के उत्‍तराधिकारियों पर आर्थिक बोझ भी कम होगा. क्‍या-क्‍या दस्‍तावेज जमा कराना होगाकानूनी उत्तराधिकारी को मृत्यु प्रमाण पत्र, सक्षम प्राधिकरण द्वारा जारी उत्तराधिकार प्रमाण पत्र और अन्य कानूनी उत्तराधिकारियों की अनापत्ति प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज जमा करने होंगे. परिवार के बाहर किसी व्यक्ति को फ्लैट ट्रांसफर करने पर प्रमोटर अधिकतम 25,000 रुपये शुल्क ले सकता है. ऐसे मामलों में कोई नई बिक्री विलेख या लीज एग्रीमेंट नहीं बनाई जाएगी. अधिकारियों ने बताया कि इस कदम का उद्देश्य बिल्डर्स की अनुचित प्रथाओं पर रोक लगाना और आवंटी की मृत्यु के बाद संपत्ति अधिकार ट्रांसफर की प्रक्रिया को पारदर्शी और स्‍टैंडर्ड बनाना है. प्रदेश में तेजी से बढ़ रहा रियल एस्‍टेट कारोबारचेयरमैन ने बताया कि राज्य के रियल एस्टेट सेक्टर में लगातार वृद्धि हो रही है. आंकड़ों के अनुसार, साल 2023 में 197 नए प्रोजेक्ट्स रजिस्टर हुए, साल 2024 में 259 और साल 2025 में 308 प्रोजेक्ट्स रजिस्टर हुए, जिससे निवेशकों की भागीदारी बढ़ती दिख रही है. 2026 के पहले चार महीनों में ही 106 प्रोजेक्ट्स रजिस्टर हो चुके हैं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 84 प्रोजेक्ट्स रजिस्टर हुए थे. लखनऊ अब एनसीआर के बाहर सबसे तेज से बढ़ता प्रॉपर्टी बाजार बन गया है. About the Author Pramod Kumar Tiwari प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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Summer Makeup at Home: गर्मी में भी नहीं बिगड़ेगा दुल्हन का मेकअप,...

Last Updated:May 06, 2026, 16:21 IST Summer Makeup at Home: शादी-विवाह का सीजन शुरू होते ही दुल्हनों में सजने-संवरने की खास तैयारी देखने को मिलती है. 16 श्रृंगार से सजी दुल्हन हर समारोह का आकर्षण केंद्र होती है. आजकल कई दुल्हनें पार्लर जाने के बजाय खुद से मेकअप करना पसंद कर रही हैं. हालांकि, गर्मी के मौसम में पसीना, उमस और धूप की वजह से मेकअप जल्दी खराब होने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में यदि सही तरीके से मेकअप किया जाए तो दुल्हन का लुक लंबे समय तक फ्रेश और सुंदर बना रह सकता है. इस बारे में हमने मेकअप आर्टिस्ट और अपने काम की एक्सपर्ट कल्पना से बात की. उन्होंने सबसे जरूरी बात यह बताई कि इंटरनल और एक्सटर्नल केयर जरूरी है. मेकअप एक्सपर्ट कल्पना कुमारी ने लोकल 18 को बताया कि गर्मी में केवल चेहरे पर मेकअप लगाना काफी नहीं है, बल्कि शरीर को अंदर और बाहर दोनों तरह से कूल रखना जरूरी है. इसके लिए भरपूर पानी पिएं. नारियल पानी और जूस लें, ताकि शरीर हाइड्रेट रहे. इससे चेहरे पर ग्लो बना रहता है और पसीना भी नियंत्रित रहता है. चेहरे की अच्छी तरह से सफाई करें. मेकअप शुरू करने से पहले चेहरे को साफ करना बेहद जरूरी है. इसके लिए फेस वॉश या क्लींजिंग वेट वाइप्स का इस्तेमाल करें. चेहरे पर जमा धूल, ऑयल और गंदगी हटाने से मेकअप बेहतर तरीके से सेट होता है. चेहरा साफ करने के बाद टोनर लगाएं. यदि टोनर उपलब्ध नहीं है तो गुलाब जल का इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे त्वचा फ्रेश होती है और पोर्स टाइट होते हैं, जिससे मेकअप ज्यादा देर तक टिका रहता है. Add News18 as Preferred Source on Google गर्मी में चेहरे पर दो मिनट तक हल्के हाथों से बर्फ लगाएं. इससे त्वचा ठंडी होती है, पसीना कम आता है और मेकअप स्मूद तरीके से लगता है. यदि आपकी स्किन ऑयली है तो जेल बेस्ड मॉश्चराइजर लगाएं. वहीं ड्राई स्किन वालों को क्रीम बेस्ड मॉश्चराइजर इस्तेमाल करना चाहिए. इसके बाद चेहरे को कॉटन के कपड़े से हल्के हाथों से पोंछ लें. अब चेहरे पर प्राइमर लगाएं. इससे मेकअप लंबे समय तक टिकता है. इसके बाद अपनी स्किन टोन के अनुसार फाउंडेशन लगाएं और फिर लूज पाउडर से सेट करें. चेहरे को आकर्षक लुक देने के लिए ब्लशर लगाएं और ऊपर से हाईलाइटर का इस्तेमाल करें. इससे फीचर्स उभरकर दिखते हैं. अंत में मेकअप फिक्सर स्प्रे करें. इससे मेकअप 10 से 12 घंटे तक टिका रह सकता है. अगर दुल्हन खुद से मेकअप कर रही हैं तो इन आसान टिप्स को अपनाकर गर्मी में भी खूबसूरत और फ्रेश लुक पा सकती हैं. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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Business Ideas – सिर्फ 10 हजार रुपये में शुरू करें ये साइड...

होमताजा खबरमनी महज 10 हजार रुपये में शुरू करें ये साइड बिजनेस, हर महीने होगी लाखों की कमाई Last Updated:December 21, 2021, 13:18 IST Business Ideas – आज हम आपको कुछ बेहतर बिजनेस आइडिया दे रहे हैं, जिन्‍हें शुरू कर आप घर बैठे बेहद कम निवेश पर हर महीने लाखों रुपये कमा सकते हैं. ये ऐसे बिजनेस हैं, जिनकी मार्केटिंग ऑनलाइन या ऑफलाइन (Online business) दोनों तरीके से कर सकते हैं. आइए आपको बताते हैं कि आप अपने टैक्स रिफंड का स्टेटस किस तरह चेक कर सकते हैं नई दिल्ली. अगर आप नौकरी के अलावा साइड इनकम चाहते (How to earn money?) हैं तो आप अलग से कारोबार कर (extra income) सकते हैं. आज हम आपको एक बेहतर बिजनेस आइडिया (Business idea) दे रहे हैं, जिसमें आप घर बैठे बेहद कम निवेश पर हर महीने लाखों रुपये आराम से कमा (Earn money) सकते हैं. ये ऐसे बिजनेस हैं, जिनकी मार्केटिंग ऑनलाइन या ऑफलाइन (Online business) दोनों तरीके से कर सकते हैं और अच्छा खासा मुनाफा कमा सकते हैं. इसे आप नौकरी के साथ साइड बिजनेस (Profitable business ideas) की तरह कर सकते हैं. चॉक बनाने का बिजनेस (Chalk Making Business)चॉक बनाने का एक ऐसा बिजनेस है, जिसमें बेहद कम निवेश की जरूरत होती है. इसे आप घर बैठे आसानी से शुरू कर सकते हैं. हम सब जानते हैं कि चॉक की जरूरत सभी स्कूल, कॉलेजों में पड़ती है. चॉक बनाने के लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती है. इसे सिर्फ 10,000 रुपये में शुरू कर सकते हैं. इसमें सफेद चॉक के साथ रंगीन चॉक भी बनाई जा सकती है. बता दें कि चॉक मुख्य रूप से प्लास्टर ऑफ पेरिस (Plaster of Paris) से बनाये जाते हैं. यह सफेद रंग का पाउडर होता है. यह एक प्रकार की मिट्टी है जिसे जिप्सम (Gypsum) नामक पत्थर से तैयार किया जाता है. बिंदी बनाने का बिजनेस (Bindi making Business)बिंदी की डिमांड इन दिनों बाजार में काफी बढ़ गई है. पहले सिर्फ विवाहित महिलाएं ही बिंदी लगाती थी, लेकिन अब बिंदी लगाने का ट्रेंड लड़कियों ने भी शुरू कर दिया है. इतना ही नहीं विदेश में भी महिलाओं ने बिंदी लगाना शुरू कर दिया है. ऐसे में इसकी डिमांड में काफी उछाल आया है. बिंदी बनाने के बिजनेस को सिर्फ 12,000 रुपये निवेश करके घर बैठे शुरू कर सकते हैं. लिफाफा बनाने का बिजनेस (Envelope Making Business)लिफाफे बनाना एक बहुत ही सरल और सस्ता बिजनेस हैं। ये कागज या कार्ड बोर्ड आदि से बनने वाला प्रोडक्ट है. इसका ज्यादातर इस्तेमाल पैकेजिंग के लिए किया जाता है. जो कागजात, ग्रीटिंग कार्ड्स आदि चीजों की पैकेजिंग के लिए इस्तेमाल होता है। यह एक सदाबहार बिजनेस है. यानी इस बिजनेस में हर महीने कमाई होगी. इस बिजनेस को अगर आप घर से शुरु करते हैं, तो आपको 10,000 से 30,000 रूपये तक का निवेश करना होगा और अगर मशीन लगाकर लिफाफे बनाते हैं तो इसके लिए आपको 2,00,000 से 5,00,000 रूपये तक का निवेश करना होगा. मोमबत्ती बनाने का बिजनेस (Candle making Business)इस बिजनेस में समय के साथ काफी बदलाव आया है. पहले जहां मोमबत्ती का उपयोग लाइट चली जाने पर रोशनी के लिए किया जाता था, अब बर्थडे, घरों, होटलों को सजाने में भी इसका इस्तेमाल बढ़ गया है. ऐसे में मोमबत्ती की डिमांड काफी ज्यादा बढ़ गई है.अगर आप इस बिजनेस को शुरू करना चाहते हैं तो घर बैठे 10,000 से 20,000 रुपये लगाकर शुरू कर सकते हैं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : December 21, 2021, 11:43 IST Source link

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लातेहार में स्कूल का छज्जा गिरा, 6 छात्र घायल:बरवाडीह प्रखंड में मिड...

लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय लुहूर में बुधवार को एक हादसा हो गया। मध्यान्ह भोजन कर रहे लगभग छह छात्र-छात्राएं विद्यालय भवन का जर्जर छज्जा गिरने से घायल हो गए। इनमें कक्षा पांच की दो छात्राओं, काजल कुमारी और दिव्या कुमारी को गंभीर चोटें आई हैं। घटना के तुरंत बाद, प्रभारी प्रधानाध्यापक दिलकेश्वर यादव ने घायल छात्राओं को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। वहां डॉक्टर मंटू कुमार और ड्रेसर बबलू ने उनका प्राथमिक उपचार किया। विद्यालय भवन लंबे समय से जर्जर स्थिति में था जानकारी के अनुसार, वर्ष 2004 में निर्मित यह विद्यालय भवन लंबे समय से जर्जर स्थिति में था। छज्जे और छत में स्पष्ट दरारें थीं, इसके बावजूद छात्र-छात्राएं बरामदे में बैठकर भोजन करते थे। बुधवार को भी वे वहीं भोजन कर रहे थे, तभी अचानक छज्जा भरभराकर गिर गया, जिससे परिसर में अफरातफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही संकुल साधन से श्याम मनोहर यादव और सुमन कुमार मौके पर पहुंचे। बड़ी संख्या में अभिभावक भी विद्यालय पहुंचे और शिक्षा विभाग के प्रति आक्रोश व्यक्त किया। अभिभावकों ने विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जर्जर भवनों में बच्चों की जान जोखिम में डाली जा रही है। कई अन्य विद्यालय भी जर्जर अवस्था में यह हादसा केवल इसी विद्यालय तक सीमित नहीं है। प्रखंड क्षेत्र के कई अन्य विद्यालय भी जर्जर अवस्था में हैं। प्रखंड मुख्यालय स्थित बालक उच्च विद्यालय प्लस टू का भवन भी खराब स्थिति में है, जहां छज्जे और छत के हिस्से लगातार गिरते रहते हैं। सरईडीह मध्य विद्यालय और कुटमू विद्यालय सहित कई अन्य स्कूलों की हालत भी चिंताजनक बनी हुई है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने प्रशासन से जर्जर भवनों की शीघ्र मरम्मत या नए भवन निर्माण की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके। Source link

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आईआईएम रांची में रिकॉर्ड प्लेसमेंट:ईएमबीए में 1.2 करोड़ और एमबीए में 52.50...

भारतीय प्रबंधन संस्थान रांची ने सत्र 2025-26 की फाइनल प्लेसमेंट रिपोर्ट जारी कर दी है। इस बार संस्थान के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है। एग्जीक्यूटिव एमबीए (ईएमबीए) 2024-26 बैच के एक छात्र को 1.2 करोड़ रुपए का सबसे बड़ा पैकेज मिला, जो अब तक का बड़ा रिकॉर्ड है। वहीं, एमबीए, एमबीए-एचआरएम और एमबीए-बिजनेस एनालिटिक्स में पिछले साल के मुकाबले डोमेस्टिक सीटीसी में 4.19% की बढ़ोतरी हुई है। प्लेसमेंट में कुल 96 कंपनियों ने हिस्सा लिया और छात्रों को अलग-अलग सेक्टर में नौकरी के मौके दिए। नई कंपनियों से जुड़ाव, छात्रों को मिला फायदा संस्थान के प्लेसमेंट के इस रिकॉर्ड को निदेशक प्रो दीपक कुमार श्रीवास्तव और कॉर्पोरेट रिलेशन चेयरपर्सन प्रो राजीव वर्मा की मौजूदगी में जारी की गई। निदेशक ने बताया कि इस बार छात्रों की संख्या में 31.15% की बढ़ोतरी हुई है। टॉप 25% और 75% छात्रों के औसत पैकेज में भी अच्छा इजाफा देखने को मिला है। संस्थान ने इस साल 53 नई कंपनियों से संपर्क किया और उन्हें प्लेसमेंट के लिए जोड़ा। साथ ही 70 से ज्यादा इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स ने आकर छात्रों को गाइड किया, जिससे उनका कॉन्फिडेंस और स्किल दोनों बेहतर हुए। एमबीए और एचआरएम में अच्छे ऑफर एमबीए प्लेसमेंट में 72.83% फ्रेशर्स और 42.93% छात्राएं शामिल हुईं। इस कोर्स में 60 कंपनियों ने ऑफर दिए। एक छात्र को 52.50 लाख रुपए का सबसे बड़ा पैकेज मिला। टॉप 25% छात्रों का औसत पैकेज 24.83 लाख रुपए रहा, जबकि कुल औसत 19.24 लाख रुपए रहा। करीब 22.35% छात्रों को पहले ही प्री-प्लेसमेंट ऑफर मिल चुका था। वहीं, एमबीए-एचआरएम में 40.54% छात्रों को पहले ही पीपीओ मिल गया था। इस कोर्स में सबसे ज्यादा पैकेज 22.75 लाख रुपए और औसत पैकेज 17.74 लाख रुपए रहा। एमबीए-बीए में भी उछाल, बड़ी कंपनियों ने दिए मौके एमबीए-बिजनेस एनालिटिक्स के छात्रों के पैकेज में 22.16% की बढ़ोतरी हुई है। इस कोर्स में सबसे बड़ा पैकेज 32.13 लाख रुपए रहा। छात्रों को बैंकिंग, आईटी, कंसल्टिंग और फिनटेक सेक्टर में अच्छे मौके मिले। प्लेसमेंट में Amazon, Deloitte, Accenture, JP Morgan Chase और Cognizant जैसी बड़ी कंपनियां शामिल रहीं। हाल ही में संस्थान को QS Executive MBA Rankings 2026 में भी जगह मिली है, जिससे इसकी पहचान ग्लोबल स्तर पर और मजबूत हुई है। साथ ही नए ईएमबीए बैच के लिए एडमिशन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। Source link

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‘इस वकील को 24 घंटे जेल में रखो’, हाईकोर्ट जज की हरकत...

भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में शायद ही कभी ऐसा मंजर देखा गया हो जब एक भरी अदालत में न्यायाधीश और वकील के बीच तल्खी इस कदर बढ़ जाए कि मामला सीधे जेल की सलाखों तक पहुंचाने की नौबत आ जाए. आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के एक वायरल वीडियो ने देश के कानूनी गलियारों में भूचाल ला दिया है. माय लॉर्ड के सामने हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाते एक युवा वकील और गुस्से से लाल न्यायमूर्ति टी. राजशेखर राव के बीच जो कुछ भी हुआ उसने अब सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे पर दस्तक दे दी है. तनाव इतना गहरा गया कि मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत को खुद इस मामले की कमान संभालनी पड़ी है. सीजेआई जज को रिपोर्ट तलब करने पर मजबूर कर दिया. लुकआउट नोटिस से जुड़ा मामलायह मामला तब शुरू हुआ जब एक रिट याचिका (लुकआउट नोटिस और पासपोर्ट जब्त करने के खिलाफ) पर सुनवाई चल रही थी. महज 2 साल का अनुभव रखने वाले एक वकील के व्यवहार से नाराज होकर न्यायमूर्ति टी. राजशेखर राव ने उन्हें 24 घंटे की पुलिस हिरासत में भेजने का मौखिक आदेश दे दिया. कोर्टरूम में क्‍या कुछ हुआ? · विवाद की जड़: जज ने वकील के व्यवहार को अकर्मण्य यानी आलस्‍य से भरा  बताया. वीडियो में जज को यह कहते सुना जा सकता है कि वकील ने कोर्ट में बंडल (फाइल) फेंका और वरिष्ठ वकील की तरह व्यवहार करने की कोशिश की. · जज की कड़ी टिप्पणी: न्यायमूर्ति राव ने कहा, “अभी आपके पास 10 साल का अनुभव भी नहीं है और आप बंडल फेंक रहे हैं? अब आपको दर्द महसूस होगा.” उन्होंने रजिस्ट्रार को तत्काल हिरासत का आदेश जारी करने का निर्देश दिया. · वकील की माफी: अधिवक्ता हाथ जोड़कर माफी मांगते रहे और दया की भीख मांगते दिखे लेकिन जज ने उन्हें बार काउंसिल जाकर धरना देने की नसीहत दे डाली. · CJI का हस्तक्षेप: बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने इस मामले में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की. जिसके बाद CJI ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से इस पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. एसोसिएशन का हस्तक्षेप और आदेश की वापसी जैसे ही यह खबर फैली आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारी न्यायाधीश के चैंबर में पहुंचे. उनके अनुरोध के बाद न्यायमूर्ति राव ने लिखित आदेश पर हस्ताक्षर होने से पहले ही अपना निर्देश वापस ले लिया. सवाल-जवाब कोर्ट में ‘इंडोलेंट’ (Indolent) व्यवहार का क्या अर्थ है? कानूनी संदर्भ में इसका अर्थ है कि वकील ने अदालत की गरिमा के प्रति लापरवाही दिखाई या अदालत की कार्यवाही के दौरान सुस्त और अपमानजनक आचरण किया. इस मामले में जज ने वकील द्वारा फाइल फेंकने और बहस के दौरान अनुशासनहीनता को इंडोलेंट व्यवहार माना. क्या कोई जज किसी वकील को सीधे पुलिस हिरासत में भेज सकता है? न्यायाधीशों के पास ‘अवमानना’ की स्थिति में कार्यवाही करने की शक्ति होती है. हालांकि, पुलिस हिरासत का आदेश अत्यंत दुर्लभ और विवादास्पद है. बार काउंसिल का मानना है कि ऐसे मुद्दों को बार काउंसिल के अनुशासनात्मक तंत्र के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए, न कि हिरासत के जरिए. इस मामले में वर्तमान स्थिति क्या है? फिलहाल वह आदेश वापस ले लिया गया है और वकील को हिरासत में नहीं लिया गया. हालांकि, बार काउंसिल ऑफ इंडिया की शिकायत पर CJI सूर्यकांत ने रिपोर्ट मांगी है, जिससे यह मामला अब प्रशासनिक जांच के दायरे में है. Source link

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jacresults.com| JAC 12th Result 2026: झारखंड बोर्ड 12वीं में लड़कियों ने मारी...

JAC 12th Result 2026: झारखंड बोर्ड 12वीं के लाखों छात्रों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है.झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC)ने इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है. इस साल के नतीजों में सबसे बड़ी बात यह रही कि लड़कियों ने एक बार फिर लड़कों से बेहतर प्रदर्शन किया और पास प्रतिशत में आगे रहीं. आर्ट्स में 96.14% और साइंस में 82.92% परीक्षार्थी सफल रहे हैं. लड़कियां आगे, लड़के पीछे जारी आंकड़ों के मुताबिक इस बार छात्राओं का पास प्रतिशत 78.35 प्रतिशत रहा जबकि छात्रों का पास प्रतिशत 69.06 प्रतिशत दर्ज किया गया यानी करीब 9 प्रतिशत से ज्यादा के अंतर से लड़कियों ने लड़कों को पीछे छोड़ दिया.यह नतीजा इस बात का संकेत है कि झारखंड में लड़कियां पढ़ाई में लगातार मजबूत होती जा रही हैं और बोर्ड परीक्षाओं में अपनी पकड़ और मजबूत कर रही हैं. पिछले साल से कैसा रहा रिजल्‍ट? इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 में राज्य का कुल पास प्रतिशत 73.57 प्रतिशत रहा है हालांकि यह आंकड़ा पिछले वर्ष के 75.92 प्रतिशत के मुकाबले थोड़ा कम है, लेकिन फिर भी लड़कियों के प्रदर्शन ने नतीजों को खास बना दिया है. गुमला जिला बना टॉपर झारखंड बोर्ड द्वारा जारी इंटरमीडिएट साइंस संकाय के नतीजों में गुमला जिला पूरे राज्य में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला जिला बनकर उभरा है. गुमला का कुल पास प्रतिशत 91.06 प्रतिशत दर्ज किया गया जो राज्य में सबसे ज्यादा है.वहीं दूसरी ओर सिमडेगा जिला इस बार सबसे पीछे रहा जहां कुल पास प्रतिशत सिर्फ 58.49 प्रतिशत दर्ज किया गया. रांची, लोहरदगा और खूंटी का क्‍या हाल? राजधानी रांची जिले में कुल 7,769 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी जिनमें से 5,680 छात्र-छात्राएं सफल घोषित किए गए. रांची का कुल पास प्रतिशत 73.11 प्रतिशत रहा वहीं लोहरदगा जिले का पास प्रतिशत 71.26 प्रतिशत और खूंटी जिले का परिणाम 61.73 प्रतिशत दर्ज किया गया. साइंस में कितने बैठे, कितने पास? विज्ञान संकाय में इस वर्ष कुल 10,276 विद्यार्थियों ने नामांकन कराया था. इनमें से 10,220 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए और 7,519 छात्र-छात्राएं सफल घोषित किए गए.साइंस स्ट्रीम का कुल पास प्रतिशत 73.57 प्रतिशत रहा.  कितने छात्र रहे फर्स्‍ट, सेकंड? रिजल्ट के अनुसार प्रथम श्रेणी में 6,347 परीक्षार्थी सफल हुए हैं. द्वितीय श्रेणी में 1,169 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की जबकि तृतीय श्रेणी में केवल दो छात्र ही पास हो सके. तीनों संकायों में कैसा रहा प्रदर्शन इस वर्ष कला,विज्ञान और वाणिज्य तीनों संकायों में छात्रों का प्रदर्शन संतोषजनक रहा है.कला संकाय में कुल पास प्रतिशत 96.14 प्रतिशत रहा जहां 2,11,095 परीक्षार्थियों में से 2,02,962 छात्र पास हुए.विज्ञान संकाय में 82.92 प्रतिशत छात्र सफल रहे, जबकि वाणिज्य संकाय का पास प्रतिशत 93.37 प्रतिशत दर्ज किया गया. डिजिलॉकर और वेबसाइट पर रिजल्ट झारखंड बोर्ड ने छात्रों की सुविधा के लिए इंटर रिजल्ट 2026 को DigiLocker पर भी उपलब्ध कराया है. इसके अलावा छात्र jacresults.com पर जाकर रोल नंबर और रोल कोड के जरिए अपना परिणाम देख सकते हैं.रिजल्ट देखने के बाद छात्र अपनी मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं और प्रिंट आउट भी निकाल सकते हैं। जल्द शुरू होगी स्क्रूटनी  बोर्ड की ओर से यह भी जानकारी दी गई है कि रिजल्ट जारी होने के बाद स्क्रूटनी प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी ताकि जिन छात्रों को अपने अंकों पर संदेह है.वे पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकें. बोर्ड ने दी सफल छात्रों को बधाई झारखंड एकेडमिक काउंसिल के अधिकारियों ने सभी सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि मेहनत, नियमित पढ़ाई और आत्मविश्वास से बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं.इस बार के नतीजों में खास तौर पर लड़कियों का शानदार प्रदर्शन यह दिखाता है कि झारखंड की बेटियां शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही हैं. Source link

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