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व्यापार

₹20000 रुपये में शुरू करें इस पौधे की खेती, आराम से होगी...

होमताजा खबरमनी ₹20000 रुपये में शुरू करें इस पौधे की खेती, आराम से होगी 3.5 लाख की कमाई Last Updated:November 09, 2021, 09:57 IST आज हम आपको बताएंगे कि आप कैसे इस पौधे की खेती (How to earn money with Bonsai Plant) कर सकते हैं और इसके लिए आपको कितने रुपए खर्च करने होंगे. आपको बता दें आजकल सजावट और गुडलक के अलावा ज्योतिष शास्त्र, वास्तुशास्त्र के लिए भी इस पौधे का इस्तेमाल किया जा सकता है. नई दिल्ली. बोन्साई प्लांट (Bonsai Plant) एक ऐसा पौधा, जिसको आजकल लोगों का गुडलक माना जाता है लेकिन क्या आपको पता है कि आप इस पौधे के जरिए अच्छी कमाई कर सकते हैं…आज हम आपको बताएंगे कि आप कैसे इस पौधे की खेती (How to earn money with Bonsai Plant) कर सकते हैं और इसके लिए आपको कितने रुपए खर्च करने होंगे. आपको बता दें आजकल सजावट और गुडलक के अलावा ज्योतिष शास्त्र, वास्तुशास्त्र के लिए भी इस पौधे का इस्तेमाल किया जा सकता है. केंद्र सरकार (Modi Government) भी इस खेती के लिए आर्थिक सहायता देती है. बता दें आप इस बिजनेस को 20 हजार रुपये में भी शुरू कर सकते हैं फिलहाल शुरुआत में आप इसे अपनी जरूरत के हिसाब से छोटे या बड़े लेवल पर शुरु करें. इसके बाद प्रॉफिट और सेल बढ़ने पर आप बिजनेस का आकार बढ़ा सकते हैं. कितनी होती है इस प्लांट की कीमतआजकल इसको लकी प्लांट के रुप में काफी इस्तेमाल किया जाता है. इसका इस्तेमाल घर और ऑफिस में सजावट के लिए भी किया जाता है. इसकी वजह से आजकल इनकी डिमांड काफी ज्यादा है. आजकल बाजार में इन पौधों की कीमत 200 रुपये से लेकर करीब 2500 रुपये तक हो सकती है. इसके अलावा बोनसाई प्लांट के शौकीन लोग इसकी मुंह मांगी कीमत भी देने के लिए तैयार रहते है. दो तरीकों से कर सकते हैं बिजनेसपहला तरीके में आप बहुत ही कम पूंजी से इस बिजनेस को शुरू कर सकती है. लेकिन इसमें आपको थोड़ा समय लगेगा. क्योंकि बोनसाई प्लांट को तैयार होने में कम से कम दो से पांच साल का समय लगता है. इसके अलावा आप नर्सरी से तैयार प्लांट लाकर उन्हें 30 से 50 परसेंट अधिक कीमत पर भी बेच सकती है. किन सामान की होगी जरूरतइस बिजनेस को शुरू करने के लिए आपको साफ पानी, रेतीली मिट्टी या रेत, गमले व कांच के पॉट, जमीन या छत , 100 से 150 वर्ग फुट, साफ कंकड़ या कांच की गोलियां, पतला तार, पौध पर पानी छिड़कने के लिए स्प्रे बॉटल, शेड बनाने के लिए जाली. बता दें अगर आप ये बिजनेस छोटे पैमाने पर शुरू करेंगे तो करीब 5 हजार रुपये का निवेश होगा. वहीं, थोड़ा स्केल बढ़ाएंगे तो 20 हजार तक का खर्च आएगा. सरकार करेगी इतनी मददतीन साल में औसतन 240 रुपये प्रति प्लांट की लागत आएगी, जिसमें से 120 रुपये प्रति प्लांट सरकारी सहायता मिलेगी. नार्थ ईस्ट को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में इसकी खेती के लिए 50 फीसदी सरकार और 50 फीसदी किसान लगाएगा. 50 फीसदी सरकारी शेयर में 60 फीसदी केंद्र और 40 फीसदी राज्य की हिस्सेदारी होगी. जबकि नार्थ ईस्ट में 60 फीसदी सरकार और 40 फीसदी किसान लगाएगा. 60 फीसदी सरकारी पैसे में 90 फीसदी केंद्र और 10 फीसदी राज्य सरकार का शेयर होगा. जिले में इसका नोडल अधिकारी आपको पूरी जानकारी दे देगा. होगी 3.5 लाख की कमाईजरूरत और प्रजाति के हिसाब से एक हेक्टेयर में 1500 से 2500 पौधे लगा सकते हैं. अगर आप 3 गुणा 2.5 मीटर पर पौधा लगाते हैं तो एक हेक्टेयर में करीब 1500 प्लांट लगेंगे. साथ में आप दो पौधों के बीच में बची जगह में दूसरी फसल उगा सकते हैं. 4 साल बाद 3 से 3.5 लाख रुपये की कमाई होने लगेगी. हर साल रिप्लांटेशन करने की जरूरत नहीं. क्योंकि बांस की पौध करीब 40 साल तक चलती है. दूसरी फसलों के साथ खेत की मेड़ पर 4 गुणा 4 मीटर पर यदि आप बांस लगाते हैं तो एक हेक्टेयर में चौथे साल से करीब 30 हजार रुपए की कमाई होने लगेगी. इसकी खेती किसान का रिस्क फैक्टर कम करती है. क्योंकि किसान बांस के बीच दूसरी खेती भी कर सकता है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : November 09, 2021, 09:57 IST Source link

झारखंड

Jharkhand Man Found Dead in Hansi Identified via IMEI

हांसी के सामान्य अस्पताल में पहुंचे परिजन। दो दिन पहले हांसी रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध अवस्था में मिले युवक के शव की पहचान हो गई है। मृतक की पहचान लगभग 25 वर्षीय मनोज कुमार के रूप में हुई है, जो झारखंड के बोकारो स्टील सिटी, सेक्टर-5सी, बजरंग नगर थाना क्षेत्र का निवासी था। . मनोज कुमार की करीब 2 साल की एक बेटी है। वह अपनी पत्नी अनमोल के साथ गुरुग्राम में एक निजी कंपनी में कार्यरत था। जानकारी के अनुसार, वह अपनी पत्नी को रोहतक जाने की बात कहकर घर से निकला था, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटा। पंचनामे की कार्रवाई करते हुए जीआरपी पुलिस। मोबाइल फोन के जरिए हुई पहचान मामले की जांच अधिकारी उषा शर्मा ने बताया कि मृतक की पहचान उसके पास मिले मोबाइल फोन के जरिए की गई। फोन क्षतिग्रस्त होने के बावजूद, बैटरी के नीचे लिखे IMEI नंबर के आधार पर उसे ट्रेस किया गया, जिससे मृतक की पहचान संभव हो सकी। इसके बाद पुलिस ने परिजनों को सूचित किया। बुधवार को परिजन हांसी के सामान्य अस्पताल पहुंचे। परिवार के सदस्यों ने बताया कि उन्हें इस घटना की कोई जानकारी नहीं थी और अचानक मिली सूचना से वे स्तब्ध हैं। रेलवे पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। युवक की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए हर पहलू से जांच की जा रही है। जमीन पर बैठकर पुलिस ने दर्ज किए बयान इसी दौरान हांसी के सामान्य अस्पताल में अव्यवस्था भी देखने को मिली। जीआरपी की सब-इंस्पेक्टर उषा शर्मा जब परिजनों के बयान दर्ज कर रही थीं, तो अस्पताल कर्मचारियों ने उनकी कुर्सी हटा ली। इसके चलते जीआरपी टीम को मजबूरन जमीन पर बैठकर ही परिजनों के बयान दर्ज करने पड़े, जिससे अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे। Source link

शिक्षा

BPSC 72nd Recruitment Bihar | 1230 Posts Notification Issued

38 मिनट पहले कॉपी लिंक आज की सरकारी नौकरी में जानकारी रेलवे में 1644 पदों पर निकली भर्ती, BPSC 72वीं संयुक्त परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी होने की। इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 7 मई से शुरू होगी। साथ में गुजरात जल आपूर्ति व सीवरेज बोर्ड में 205 वैकेंसी की। इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए… 1. रेलवे में 1644 पदों पर भर्ती, बिना एग्जाम, इंटरव्यू के सिलेक्शन दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) में अप्रेंटिसशिप के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन शुरू हो गए हैं। इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से अप्रेंटिस के 1644 पदों पर भर्ती की जाएगी। इस भर्ती की जॉब लोकेशन रायपुर, छत्तीसगढ़ होगी। वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या रायपुर डिवीजन 1363 वैगन रिपेयर शॉप 281 कुल पदों की संख्या 1644 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : 10वीं पास, आईटीआई की डिग्री। एज लिमिट : अधिकतम : 24 साल एससी, एसटी : 5 साल की छूट ओबीसी : 3 साल की छूट सिलेक्शन प्रोसेस : मेरिट बेसिस पर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन मेडिकल टेस्ट सैलरी : रेलवे अप्रेंटिस नियमों के अनुसार ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट www.apprenticeshipindia.gov.in पर जाएं। होम पेज पर Recruitment सेक्शन पर क्लिक करें। अप्लाई ऑनलाइन पर क्लिक करें। जरूरी डाक्यूमेंट्स, फोटो और सिग्नेचर अपलोड करें। अपनी कैटेगरी के अनुसार फीस का भुगतान करें। आवेदन फॉर्म फाइनल सब्मिट कर दें। इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑनलाइन आवेदन लिंक 2. BPSC 72वीं संयुक्त परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी, 7 मई से आवेदन शुरू बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 72वीं संयुक्त (प्रीलिम्स) प्रतियोगिता परीक्षा का ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस नोटिफिकेशन के अनुसार 1230 पदों पर भर्ती होगी। कैंडिडेट्स आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। इस बार 359 पद महिलाओं के लिए आरक्षित रखे गए हैं। इस भर्ती के तहत 26 जुलाई को प्रीलिम्स एग्जाम का आयोजन किया जाएगा। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : ग्रेजुएशन की डिग्री। एज लिमिट : न्यूनतम : 37 साल अधिकतम : 40 साल रिजर्व कैटेगरी के उम्मीदवारों को अधिकतम उम्र में छूट दी जाएगी। सिलेक्शन प्रोसेस : प्रीलिम्स एग्जाम मेन्स एग्जाम इंटरव्यू सैलरी : 50 हजार – 75 हजार रुपए प्रतिमाह BPSC 72वीं संयुक्त परीक्षा : प्रीलिम्स एग्जाम पैटर्न : एग्जाम टाइप ऑब्जेक्टिव पेपर जनरल स्टडीज टोटल मार्क्स 150 निगेटिव मार्किंग हर गलत उत्तर पर एक तिहाई अंक ड्यूरेशन 2 घंटे BPSC 72वीं संयुक्त परीक्षा : प्रीलिम्स एग्जाम सिलेबस : जनरल साइंस करेंट इवेंट्स ऑफ नेशनल एंड इंटरनेशनल इम्पॉर्टेंस हिंस्ट्री ऑफ इंडिया एंड हिस्ट्री ऑफ बिहार जियोग्राफी इंडियन पॉलिटी एंड इकोनॉमी भारतीय के राष्ट्रीय आंदोलन और बिहार की भूमिका जनरल मेंटल एबिलिटी BPSC 72वीं संयुक्त परीक्षा : मेन्स एग्जाम पैटर्न : सब्जेक्ट टाइप मार्क्स जनरल हिंदी डिस्क्रिप्टिव 100 जनरल स्टडीज – 1 डिस्क्रिप्टिव 300 जनरल स्टडीज – 2 डिस्क्रिप्टिव 300 निबंध डिस्क्रिप्टिव 300 ऑप्शनल सब्जेक्ट (एमसीक्यू) ऑब्जेक्टिव 100 टोटल 900 BPSC 72वीं संयुक्त परीक्षा : मेन्स एग्जाम सिलेबस : जीएस पेपर – 1 : मॉडर्न हिस्ट्री ऑफ इंडिया एंड इंडियन कल्चर, करेंट इवेंट्स एंड स्टैटिकल एनालिसिस जीएस पेपर – 2 : इंडियन पॉलिटी, इंडियन इकोनॉमी एंड जियोग्राफी ऑफ इंडिया एंड द रोल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी निबंध : कॉम्प्रिहेंसिव नॉलेज एंड राइटिंग एबिलिटी के अलग-अलग विषय पर निबंध इस परीक्षा का महत्व : BPSC की यह परीक्षा बिहार की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। इस भर्ती के जरिए प्रशासनिक सेवा, पुलिस सेवा, राजस्व और विकास से जुड़े कई खास पदों पर नियुक्तियां की जाती है। ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जाएं। होमपेज पर दिए गए अप्लाई टैब पर क्लिक करें। रजिस्ट्रेशन करके फॉर्म भरें। जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। फीस जमा करके फॉर्म सब्मिट करें। ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑनलाइन आवेदन लिंक 3. गुजरात जल आपूर्ति व सीवरेज बोर्ड में 205 वैकेंसी, फीस 100 रुपए गुजरात जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड (GWSSB) ने 205 इंजीनियर के पदों पर भर्ती निकाली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या सिविल इंजीनियर 175 मैकेनिकल इंजीनियर 30 कुल पदों की संख्या 205 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : सिविल इंजीनियर : सिविल इंजीनियरिंग में डिग्री। मैकेनिकल इंजीनियर : मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री। एज लिमिट : न्यूनतम : 20 साल अधिकतम : 35 साल आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को उम्र में छूट दी जाएगी। अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/एसईबीसी/ईडब्ल्यूएस (गुजरात मूल): 5 साल (अधिकतम 45 साल) महिला अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/एसईबीसी/ईडब्ल्यूएस (गुजरात मूल): 10 साल (अधिकतम 45 साल) सामान्य महिला: 5 साल (अधिकतम 45 साल) पूर्व सैनिक (ईसीओ/एससीओ सहित): सैन्य सेवा की अवधि + 3 साल दिव्यांग : 10 साल (अधिकतम 45 साल) गुजरात सरकार के कर्मचारी: गुजरात सिविल सेवा नियम 1967 के अनुसार सिलेक्शन प्रोसेस : रिटन एग्जाम इंटरव्यू सैलरी : 44,900 – 1,42,400 रुपए प्रति माह अन्य अलाउंस का लाभ भी मिलेगा। फीस : सामान्य / अनारक्षित श्रेणी (पुरुष और महिला) : 100 रुपए गुजरात मूल के अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/दक्षिण अफ्रीकी जनित जनजाति/अंतर्राष्ट्रीय जनित जनजाति/पूर्व सैनिक/दिव्यांग : नि:शुल्क एग्जाम पैटर्न : एग्जाम मोड : ऑब्जेक्टिव ड्यूरेशन : 3 घंटे सब्जेक्ट टोटल क्वेश्चन मार्क्स जनरल स्टडीज 100 100 संबंधित विषय 200 200 टोटल 300 300 ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट gpsc-ojas.gujarat.gov.in पर जाएं। “Assistant Engineer Recruitment 2026” लिंक पर क्लिक करें नया रजिस्ट्रेशन करें (अगर पहले से अकाउंट नहीं है) मांगी गई डिटेल्स दर्ज करें। जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। फीस जमा करके फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक सिविल इंजीनियर ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक मैकेनिकल इंजीनियर ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 4. महानदी कोलफील्ड्स में 500 भर्ती, लास्ट डेट 7 मई महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड ने असिस्टेंट फोरमैन और टेक्नीशियन के 500 पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 7 मई तय की गई है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट mahanadicoal.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। फीस जमा करने की आखिरी तारीख 28 मई है। वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या असिस्टेंट फोरमैन (इलेक्ट्रिकल) (ट्रेनी), टी एंड एस ग्रेड-सी (ई एंड एम) 150 तकनीशियन (इलेक्ट्रीशियन) (ट्रेनी), श्रेणी-III (ई एंड एम) 350 कुल पदों की संख्या 500 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : असिस्टेंट फोरमैन : मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा/डिग्री। टेक्नीशियन : 10वीं के

झारखंड

मनीष सिंह गिरोह का सदस्य शेंकी गोहील गिरफ्तार:जमशेदपुर पुलिस ने हत्या और...

जमशेदपुर पुलिस ने एक बड़ी आपराधिक साजिश का खुलासा करते हुए कुख्यात मनीष सिंह गिरोह के सक्रिय सदस्य शेंकी गोहील को गिरफ्तार किया है। जुगसलाई पुलिस ने यह कार्रवाई की। शेंकी गोहील पर जुगसलाई थाना में आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज है। बुधवार को सिटी एसपी ललित मीणा ने पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि घाघीडीह जेल में बंद कुख्यात अपराधी मनीष सिंह अपने सहयोगियों के साथ मिलकर शहर में दहशत फैलाने, अवैध उगाही करने और किसी की हत्या की साजिश रच रहा था। इस सूचना के आधार पर पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गिरोह के सक्रिय सदस्य शेंकी गोहील को गोलमुरी थाना क्षेत्र स्थित न्यू डीएस फ्लैट से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह मनीष सिंह गिरोह का अहम सदस्य है और आपराधिक गतिविधियों में सहयोग करने के साथ-साथ अवैध कमाई का हिसाब-किताब भी संभालता था। उसने यह भी बताया कि गिरोह द्वारा हत्या की साजिश पर काम किया जा रहा था, हालांकि लक्ष्य स्पष्ट नहीं हो सका है कि किसकी हत्या की योजना थी। पुलिस ने उसके पास से तीन मोबाइल फोन, दो एकरारनामा, एक महिंद्रा थार वाहन और 15 हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक बरामद किए हैं। गिरफ्तार शेंकी गोहील का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उस पर हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। जानकारी हो कि इस मामले में गिरोह के सरगना मनीष सिंह समेत दीपक सिंह और रौशन सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। Source link

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Vande Mataram New Rules। वंदे मातरम का अपमान किया तो होगी जेल,...

होमताजा खबरदेश वंदे मातरम का अपमान किया तो जेल, मोदी कैबिनेट ने दिया राष्ट्रगान के समान दर्जा Last Updated:May 06, 2026, 19:55 IST Vande Mataram New Rules: मोदी कैबिनेट ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए वंदे मातरम को राष्ट्रगान जन गण मन के समान दर्जा दे दिया है. अब राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम के तहत इसके अपमान या गायन में बाधा डालने पर 3 साल तक की जेल हो सकती है. 150वीं वर्षगांठ पर आए इस फैसले को बंगाल जीत के बाद सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की बड़ी जीत माना जा रहा है जिससे तुष्टीकरण की राजनीति को खत्म करने का संदेश दिया गया है. मोदी कैबिनेट ने बंगाल चुनाव नतीजों के बाद निर्णय लिया. नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की सियासी जंग जीतने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी फुल फॉर्म में नजर आ रहे हैं. नई कैबिनेट की पहली ही बैठक में सरकार ने एक ऐसा ऐतिहासिक फैसला लिया है जिसने देश की सियासत में हलचल पैदा कर दी है. अब बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित वंदे मातरम को राष्ट्रगान जन गण मन के बराबर का दर्जा दे दिया गया है. यह केवल एक घोषणा नहीं बल्कि कानूनी रूप से अब वंदे मातरम उतना ही शक्तिशाली हो गया है जितना हमारा राष्ट्रगान. सरकार ने राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दे दी है जिसके बाद इस गीत का अपमान करना अब सीधे जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा सकता है. कानून में क्या बदला?कैबिनेट के फैसले के अनुसार, अब अधिनियम की धारा-3 में बदलाव किया जाएगा. इस संशोधन के बाद: · यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर वंदे मातरम के गायन में बाधा डालता है तो उसे 3 साल तक की कैद या भारी जुर्माना (या दोनों) भुगतना होगा. · अगर कोई दोबारा यही गुस्ताखी करता है तो कम से कम एक साल की जेल अनिवार्य होगी. · वही नियम और पाबंदियां लागू होंगी जो तिरंगे, संविधान और राष्ट्रगान के लिए निर्धारित हैं. 150वीं वर्षगांठ पर मोदी का मास्टरस्ट्रोकसंयोग देखिए कि यह फैसला तब आया है जब देश वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ मना रहा है. पीएम मोदी ने पहले ही साफ कर दिया था कि तुष्टीकरण की राजनीति की वजह से इस कालजयी गीत को सांप्रदायिक रंग दिया गया और इसे वह सम्मान नहीं मिला जिसका यह हकदार था. अब गृह मंत्रालय के नए निर्देशों के बाद सरकारी कार्यक्रमों में इसके सभी छह अंतरों का गायन अनिवार्य होगा. बंगाल की जीत का रिटर्न गिफ्टसियासी गलियारों में इसे बंगाल चुनाव की जीत से जोड़कर देखा जा रहा है. बीजेपी ने बंगाल चुनाव में वंदे मातरम को बंगाली अस्मिता और राष्ट्रवाद का सबसे बड़ा चेहरा बनाया था. बंकिम चंद्र की विरासत को सम्मान देकर मोदी सरकार ने न केवल अपनी विचारधारा को मजबूती दी है, बल्कि विरोधियों को भी बैकफुट पर धकेल दिया है. सवाल-जवाब वंदे मातरम को राष्ट्रगान के समान दर्जा देने का क्या अर्थ है? इसका अर्थ है कि अब वंदे मातरम को कानूनी रूप से वही सुरक्षा और सम्मान प्राप्त होगा जो ‘जन गण मन’ को मिलता है. इसका अपमान करना अब दंडनीय अपराध की श्रेणी में आएगा. क्या वंदे मातरम के अपमान पर जेल की सजा का प्रावधान है? हाँ, राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम में संशोधन के बाद, इसके गायन में बाधा डालने या अपमान करने पर 3 साल तक की जेल या जुर्माना हो सकता है. About the Author Sandeep GuptaChief Sub Editor डिजिटल पत्रकारिता में खबरों की गहरी समझ रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. 16 वर्षों से सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में इन्होंने अपनी कलम से जटिल विषयों को …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

झारखंड

हवा में झूलती ट्रॉलियां, जमीन पर इतिहास! देखा है बोकारो का ये...

Last Updated:May 06, 2026, 15:40 IST Bokaro ka purana ropeway : स्थानीय ग्रामीण गोपाल महतो उन दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि इस रोपवे की नींव 1968-69 में रखी गई थी और 1971 में काम पूरा हुआ था. उस समय जमीन अधिग्रहण के दौरान कई स्थानीय लोगों को नौकरी भी मिली थी, जिससे यह परियोजना उनकी यादों में आज भी जिंदा है और इस रोपवे परियोजना का निर्माण जोसेफ कंपनी द्वारा करीबन 14 करोड़ रुपये की लागत से किया गया था. ख़बरें फटाफट कैलाश कुमार : बोकारो जिले के चंद्रपुरा प्रखंड में दामोदर नदी के किनारे बस्तेजी और बुडीडीह के बीच स्थित ऐतिहासिक रोपवे महज लोहे का ढेर नहीं, बल्कि जिले की औद्योगिक विरासत का जीवंत प्रतीक है भले ही समय के साथ काम खत्म हो चुका हो, लेकिन आज भी इस रोपवे कि हवा में झूलती जर्जर ट्रॉलियां पुराने दौर की याद दिलाती हैं बुडीडीह के स्थानीय ग्रामीण गोपाल महतो उन दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि इस रोपवे की नींव 1968-69 में रखी गई थी और 1971 में काम पूरा हुआ था और उस समय जमीन अधिग्रहण के दौरान कई स्थानीय लोगों को नौकरी भी मिली थी, जिससे यह परियोजना उनकी यादों में आज भी जिंदा है. इस रोपवे परियोजना का निर्माण जोसेफ कंपनी द्वारा करीबन 14 करोड़ रुपये की लागत से किया गया था और इसे बनाने के लिए खासतौर पर विदेशी इंजीनियर आए थे. यहां से कोयला स्टील प्लांट और ब्लास्ट फर्नेस तक भेजा जातावहीं, गांव के दुसरे ग्रामीण शब्बीर अंसारी के अनुसार, इस रोपवे का मुख्य उद्देश्य दुग्धा वाशरी प्लांट में धुले कोयले को बड़े आकार की ट्रोलियों के जरिए निर्धारित डंपिंग यार्ड तक पहुंचाना था यहां से कोयला स्टील प्लांट और ब्लास्ट फर्नेस तक भेजा जाता था, जो उस समय औद्योगिक उत्पादन की रीढ़ माना जाता था ,लेकिन महज कुछ ही साल के संचालन के बाद यह परियोजना सफल नहीं हो पाई और फिर आधुनिक तकनीक के विकास और रेलवे लाइन के विस्तार के साथ इस रोपवे की उपयोगिता घटती चली गई और आखिर में इसे बंद करना पड़ा वहीं भले ही आज यह रोपवे बेकार पड़ा हो, लेकिन दामोदर नदी के किनारे खड़ी इसकी ऊंची संरचनाएं और लटकी हुई ट्रॉलियां आज भी बोकारो के औद्योगिक इतिहास का हिस्सा है ऐसे में इससे इंडस्ट्रियल हेरिटेज साइट के रूप में विकसित किया जा सकता है About the Author Amit Singh 7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bokaro,Bokaro,Jharkhand Source link

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सिर्फ ₹50 हजार लगाकर शुरू करें यह बिजनेस, हर महीने होगी करोड़ों...

होमताजा खबरमनी सिर्फ ₹50 हजार लगाकर शुरू करें यह बिजनेस, हर महीने होगी करोड़ों की कमाई Last Updated:December 02, 2021, 07:52 IST Business Idea- अगर आप घर बैठे अपना कारोबार शुरू (Starting own business) करना चाहते हैं तो आज हम आपको एक शानदार बिजनेस आइडिया (Profitable business idea) के बारे में बता रहे हैं. इस कारोबार को आप सिर्फ 50 हजार रुपये लगाकर शुरू कर सकते हैं और करोड़ों में कमा (earn money) सकते हैं. इस कारोबार को आप सिर्फ 50 हजार रुपये लगाकर शुरू कर सकते हैं और करोड़ों में कमा (earn money) सकते हैं. नई दिल्ली. अगर आप घर बैठे अपना कारोबार शुरू (Starting own business) करना चाहते हैं तो आज हम आपको एक शानदार बिजनेस आइडिया (Profitable business idea) के बारे में बता रहे हैं. इस कारोबार को आप सिर्फ 50 हजार रुपये लगाकर शुरू कर सकते हैं और करोड़ों में कमा (earn money) सकते हैं. हम बात कर रहे हैं ऑनलाइन होर्डिंग (Online Hoardings Business) के कारोबार का. बता दें कि डिजिटल के इस दौर में ऑनलाइन होर्डिंग्स का कारोबार (hoarding business) आपके लिए मुनाफे वाला सौदा साबित हो सकता है. इसके लिए News18 ने आउटडोर एडवर्टाइजिंग स्टार्टअप कंपनी गो होर्डिंग्स.काॅम (Gohoardings.com) की फाउंडर दीप्ति अवस्थी शर्मा (Deepti Awasthi Sharma) से बात की. बता दें कि दीप्ति इस कारोबार से हर महीने 1 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर रही है. तो आइए जानते हैं उन्हीं से कि आप ऑनलाइन होर्डिंग (How to start a hoarding business in India ) का कारोबार कैसे शुरू सकते हैं और इसमें कितनी कमाई हो सकती है. सालभर में ही होगी करोड़ों की कमाईदीप्ति अवस्थी शर्मा ने साल 2016 में जब ऑनलाइन होर्डिंग्स का कारोबार शुरू किया था तब वह मात्र 27 साल की थी. ज्यादा पैसे नहीं होने के कारण दीप्ति ने केवल 50 हजार रुपये लगाकर ऑनलाइन होर्डिंग का काम शुरू कर दिया. अगले ही साल से 12 करोड़ की कमाई होने लगी और एक साल बाद दीप्ति की कंपनी का टर्नओवर 20 से ज्यादा हो गया. दीप्ति कहती हैं, मैंने 2016 में बहुत ही छोटी रकम 50 हजार से डिजिटल होर्डिंग्स का कारोबार शुरू किया. यह आइडिया सक्सेसफुल रहा और कम समय में ही कमाई होने लगी. जानें, कैसे शुरू करें यह कारोबार?मार्केटिंग और तकनीक के सहारे इस काम को शुरू किया जा सकता है. इसके लिए बस आपको अपने डोमिन नाम से एक बेवसाइट बनाना होगा. उसे खुद ही प्रमोट करना पड़ेगा. शुरूआत में आप यह देखें कि कहां और किस तरह लोग विज्ञापन देने के लिए जगह की तलाश रहे हैं उनसे में संपर्क कर सकते हैं. यह कारोबार तेजी से आगे बढ़ता है. क्योंकि आए दिन लोग घर बैठ विज्ञापन देना चाहते हैं. जानें कैसे करती है यह कंपनी काम?सबसे पहले गो होर्डिंग्स.काॅम की वेबसाइट पर कस्टमर को लॉगइन करना होता है. इसके बाद वेबसाइट पर जाकर अपने लोकेशन (जहां उसे होर्डिंग लगवानी है) सर्च करके सिलेक्ट करना होता है. लोकेशन सिलेक्ट होने के बाद कंपनी के पास एक मेल जाता है. उसके बाद कंपनी की तरफ से साइट और लोकेशन की उपलब्धता की कन्फर्मेशन भेजी जाती है, फिर कस्टमर की तरफ से आर्टवर्क और ऑर्डर आते हैं. लोकेशन साइट पर लाइव होने के लिए एक आईडी एंड पासवर्ड उपलब्ध कराया जता है. बता दें कि यह कंपनी एक होर्डिंग को एक माह की अवधि तक लगवाने के लिए लगभग 1 लाख रुपए लेती है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : December 02, 2021, 07:52 IST Source link

झारखंड

मनीष सिंह गिरोह का सदस्य शेंकी गोहील गिरफ्तार:जमशेदपुर पुलिस ने हत्या और...

जमशेदपुर पुलिस ने एक बड़ी आपराधिक साजिश का खुलासा करते हुए कुख्यात मनीष सिंह गिरोह के सक्रिय सदस्य शेंकी गोहील को गिरफ्तार किया है। जुगसलाई पुलिस ने यह कार्रवाई की। शेंकी गोहील पर जुगसलाई थाना में आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज है। बुधवार को सिटी एसपी ललित मीणा ने पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि घाघीडीह जेल में बंद कुख्यात अपराधी मनीष सिंह अपने सहयोगियों के साथ मिलकर शहर में दहशत फैलाने, अवैध उगाही करने और किसी की हत्या की साजिश रच रहा था। इस सूचना के आधार पर पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गिरोह के सक्रिय सदस्य शेंकी गोहील को गोलमुरी थाना क्षेत्र स्थित न्यू डीएस फ्लैट से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह मनीष सिंह गिरोह का अहम सदस्य है और आपराधिक गतिविधियों में सहयोग करने के साथ-साथ अवैध कमाई का हिसाब-किताब भी संभालता था। उसने यह भी बताया कि गिरोह द्वारा हत्या की साजिश पर काम किया जा रहा था, हालांकि लक्ष्य स्पष्ट नहीं हो सका है कि किसकी हत्या की योजना थी। पुलिस ने उसके पास से तीन मोबाइल फोन, दो एकरारनामा, एक महिंद्रा थार वाहन और 15 हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक बरामद किए हैं। गिरफ्तार शेंकी गोहील का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उस पर हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। जानकारी हो कि इस मामले में गिरोह के सरगना मनीष सिंह समेत दीपक सिंह और रौशन सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। Source link

झारखंड

बोकारो में हमला-लूटकांड, दो आरोपी गिरफ्तार:अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस की...

बोकारो के चीरा-चास थाना क्षेत्र में 4 मई को हुए जानलेवा हमला व लूट की घटना में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चास थाना क्षेत्र निवासी हर्ष पाण्डेय उर्फ हर्ष भूमिहार (19) और दिव्य मिश्रा उर्फ दिव्यांशु मिश्रा उर्फ मुन्ना मिश्रा (19) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इस संबंध में चीरा-चास थाना में 5 मई को भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी (कांड संख्या 38/2026) दर्ज की गई है। यह घटना 4 मई की शाम करीब 6 बजे की है। न्यू पिण्डरगोड़िया निवासी आरिफ अंसारी (25), जो गद्दे की फेरी का काम करते हैं, लगभग 50 हजार रुपए का कलेक्शन लेकर मोटरसाइकिल से अपने घर लौट रहे थे। 8-9 हमलावरों ने हमला किया था इसी दौरान जोधाडीह मोड़ स्थित सोलागीडीह तालाब के पास पहले से घात लगाए 8-9 हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया। हमलावरों ने भुजाली, लोहे की रॉड और लाठी-डंडों से आरिफ की बेरहमी से पिटाई की। आरोपियों ने आरिफ को मृत समझकर उनसे 50 हजार रुपए नकद और सोने-चांदी के आभूषण लूट लिए और मौके से फरार हो गए। इस हमले में आरिफ गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल आरिफ अंसारी का इलाज बोकारो जनरल अस्पताल में चल रहा है। पीड़ित के अनुसार, इस घटना के पीछे पुरानी रंजिश एक कारण है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया है। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, पीड़ित ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए सभी हमलावरों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। Source link

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BJP Assam SC ST Vote News। इंडिया गठबंधन का खेल खत्म! 2024...

होमताजा खबरदेश 2024 की जिस सेंधमारी ने रोका था बहुमत, बंगाल-असम में BJP ने किया सूपड़ा साफ Last Updated:May 06, 2026, 19:01 IST BJP Assam SC ST Vote News: हाल के चुनावों में भाजपा और एनडीए ने असम और पश्चिम बंगाल की एससी-एसटी आरक्षित सीटों पर ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है. बंगाल की 68 एससी सीटों में से भाजपा ने 51 और सभी 16 एसटी सीटों पर कब्जा कर टीएमसी को करारी शिकस्त दी है. असम में भी एनडीए ने सभी 19 एसटी सीटें जीतकर अपना वर्चस्व साबित किया. केंद्र की योजनाओं और मजबूत सामाजिक रणनीति ने इन वर्गों में भाजपा की पैठ गहरी की है. ख़बरें फटाफट पीएम मोदी के करिश्‍में ने विपक्ष के अरमानों पर पानी फेर दिया. (PTI) नई दिल्‍ली. असम और बंगाल के रणमैदान में प्रधानमंत्री मोदी ने ऐसी सियासी सर्जिकल स्ट्राइक की कि विपक्ष का वो पुराना तिलिस्म ताश के पत्तों की तरह ढह गया. जहां सेंध लगी थी, वहां अब भाजपा की ऐसी फौलादी दीवार खड़ी है जिसे भेदना नामुमकिन सा नजर आ रहा है. असम से लेकर बंगाल तक अनुसूचित जाति और जनजातियों ने एकतरफा भगवा बटन दबाया. जिसे इंडिया गठबंधन के सारे अरमानों पर पानी फेर दिया. 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान इंडिया गठबंधन ने बीजेपी के इस बड़े वोटबैंक में सेंधमारी कर उन्‍हें पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने से वंचित रखा था. तब बीजेपी हिन्‍दुओं को एकजुट करने में लगी रही लेकिन तमाम विपक्षी पार्टी अनुसूचित जाति और जनजाति के वोटबैंक में सेंध लगाने में कामयाब रही थी. असम और बंगाल में सियासी भूचाल विपक्ष की रणनीति का अंत: 2024 के आम चुनाव में विपक्षी गठबंधन अनुसूचित जाति (SC) और जनजाति (ST) वोट बैंक में सेंध लगाने में सफल रहा था, जिससे भाजपा की हिंदू एकता की रणनीति को कड़ी चुनौती मिली थी.असम में भाजपा का क्लीन स्वीप: भाजपा ने असम की सभी 19 एसटी (ST) आरक्षित सीटों पर कब्जा कर लिया है, जहां एनडीए ने शत-प्रतिशत जीत हासिल की.पश्चिम बंगाल का बड़ा उलटफेर: बंगाल में भाजपा ने 68 एससी (SC) सीटों में से 51 पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है जबकि ममता बनर्जी की टीएमसी मात्र 17 सीटों पर सिमट गई.एसटी सीटों पर पूर्ण वर्चस्व: बंगाल की सभी 16 एसटी सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल कर विपक्ष के वंचित वर्ग वाले दांव को पूरी तरह नाकाम कर दिया. 16 सीटों पर भाजपा ने पूर्ण वर्चस्व हासिल किया.तमिलनाडु: एनडीए सहयोगी अन्नाद्रमुक ने 46 एससी सीटों में से 9 और 2 एसटी सीटों में से 1 सीट पर जीत हासिल की.पुडुचेरी: एनडीए सहयोगी ऑल इंडिया एन.आर. कांग्रेस ने 5 एससी सीटों में से 2 पर कब्जा जमाया.मतुआ समुदाय का प्रभाव: विशेषज्ञों का मानना है कि एससी बहुल क्षेत्रों और सीमावर्ती इलाकों में मतुआ समुदाय के एकजुट समर्थन ने भाजपा के पक्ष में एकतरफा माहौल बनाया.परिसीमन का मास्टरस्ट्रोक: असम में परिसीमन के चलते एसटी सीटों का 16 से बढ़कर 19 होना भाजपा के लिए निर्णायक साबित हुआ. कैसे ढहा विपक्ष का किला?2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष यह नैरेटिव सेट करने में सफल रहा था कि भाजपा के आने से आरक्षित वर्गों के हितों को खतरा हो सकता है जिसकी वजह से भाजपा पूर्ण बहुमत से चूक गई थी. भाजपा हिंदू एकता की रणनीति बनाती रही लेकिन तब उसकी दाल नहीं गली थी. हालांकि, असम और बंगाल के इन ताजा नतीजों ने साबित कर दिया है कि प्रधानमंत्री मोदी की रणनीति ने उस नैरेटिव को ध्वस्त कर दिया है. इन राज्यों में अनुसूचित जाति और जनजातियों ने एकतरफा वोट डालकर यह साफ कर दिया है कि अब विपक्ष का वह सोशल इंजीनियरिंग वाला दांव बेअसर हो चुका है. उत्तर बंगाल और जंगलमहल जैसे आदिवासी क्षेत्रों में विपक्ष का लगभग सफाया होना इस बात का पुख्ता प्रमाण है. सवाल-जवाब असम में एनडीए ने एसटी सीटों पर कैसा प्रदर्शन किया? असम में एनडीए ने अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए सभी 19 एसटी आरक्षित सीटों पर कब्जा कर लिया. इसमें भाजपा ने अकेले 13 सीटें जीतीं, जबकि बाकी सीटें उसके सहयोगी दलों के खाते में गईं. पश्चिम बंगाल में एससी-एसटी सीटों पर भाजपा और टीएमसी की क्या स्थिति रही? पश्चिम बंगाल में भाजपा ने 84 एससी-एसटी सीटों में से कुल 67 पर जीत हासिल की. टीएमसी केवल 17 एससी सीटों तक सिमट गई और एसटी की सभी 16 सीटों पर उसका सूपड़ा साफ हो गया. दक्षिण भारत में एनडीए का प्रदर्शन कैसा रहा? दक्षिण में भी एनडीए ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक ने 9 एससी और 1 एसटी सीट जीती, जबकि पुडुचेरी में एनआर कांग्रेस ने 2 एससी सीटों पर जीत हासिल की. About the Author Sandeep GuptaChief Sub Editor डिजिटल पत्रकारिता में खबरों की गहरी समझ रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. 16 वर्षों से सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में इन्होंने अपनी कलम से जटिल विषयों को …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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