Last Updated:
Vande Mataram New Rules: मोदी कैबिनेट ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए वंदे मातरम को राष्ट्रगान जन गण मन के समान दर्जा दे दिया है. अब राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम के तहत इसके अपमान या गायन में बाधा डालने पर 3 साल तक की जेल हो सकती है. 150वीं वर्षगांठ पर आए इस फैसले को बंगाल जीत के बाद सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की बड़ी जीत माना जा रहा है जिससे तुष्टीकरण की राजनीति को खत्म करने का संदेश दिया गया है.

मोदी कैबिनेट ने बंगाल चुनाव नतीजों के बाद निर्णय लिया.
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की सियासी जंग जीतने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी फुल फॉर्म में नजर आ रहे हैं. नई कैबिनेट की पहली ही बैठक में सरकार ने एक ऐसा ऐतिहासिक फैसला लिया है जिसने देश की सियासत में हलचल पैदा कर दी है. अब बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित वंदे मातरम को राष्ट्रगान जन गण मन के बराबर का दर्जा दे दिया गया है. यह केवल एक घोषणा नहीं बल्कि कानूनी रूप से अब वंदे मातरम उतना ही शक्तिशाली हो गया है जितना हमारा राष्ट्रगान. सरकार ने राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दे दी है जिसके बाद इस गीत का अपमान करना अब सीधे जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा सकता है.
कानून में क्या बदला?
कैबिनेट के फैसले के अनुसार, अब अधिनियम की धारा-3 में बदलाव किया जाएगा. इस संशोधन के बाद:
· यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर वंदे मातरम के गायन में बाधा डालता है तो उसे 3 साल तक की कैद या भारी जुर्माना (या दोनों) भुगतना होगा.
· अगर कोई दोबारा यही गुस्ताखी करता है तो कम से कम एक साल की जेल अनिवार्य होगी.
· वही नियम और पाबंदियां लागू होंगी जो तिरंगे, संविधान और राष्ट्रगान के लिए निर्धारित हैं.
150वीं वर्षगांठ पर मोदी का मास्टरस्ट्रोक
संयोग देखिए कि यह फैसला तब आया है जब देश वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ मना रहा है. पीएम मोदी ने पहले ही साफ कर दिया था कि तुष्टीकरण की राजनीति की वजह से इस कालजयी गीत को सांप्रदायिक रंग दिया गया और इसे वह सम्मान नहीं मिला जिसका यह हकदार था. अब गृह मंत्रालय के नए निर्देशों के बाद सरकारी कार्यक्रमों में इसके सभी छह अंतरों का गायन अनिवार्य होगा.
बंगाल की जीत का रिटर्न गिफ्ट
सियासी गलियारों में इसे बंगाल चुनाव की जीत से जोड़कर देखा जा रहा है. बीजेपी ने बंगाल चुनाव में वंदे मातरम को बंगाली अस्मिता और राष्ट्रवाद का सबसे बड़ा चेहरा बनाया था. बंकिम चंद्र की विरासत को सम्मान देकर मोदी सरकार ने न केवल अपनी विचारधारा को मजबूती दी है, बल्कि विरोधियों को भी बैकफुट पर धकेल दिया है.
सवाल-जवाब
वंदे मातरम को राष्ट्रगान के समान दर्जा देने का क्या अर्थ है?
इसका अर्थ है कि अब वंदे मातरम को कानूनी रूप से वही सुरक्षा और सम्मान प्राप्त होगा जो ‘जन गण मन’ को मिलता है. इसका अपमान करना अब दंडनीय अपराध की श्रेणी में आएगा.
क्या वंदे मातरम के अपमान पर जेल की सजा का प्रावधान है?
हाँ, राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम में संशोधन के बाद, इसके गायन में बाधा डालने या अपमान करने पर 3 साल तक की जेल या जुर्माना हो सकता है.
About the Author
डिजिटल पत्रकारिता में खबरों की गहरी समझ रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. 16 वर्षों से सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में इन्होंने अपनी कलम से जटिल विषयों को …और पढ़ें