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झारखंड

लातेहार में हुआ सड़क हादसा; 2 युवक मरे:तीखे मोड़ पर आपस में...

लातेहार सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत कोने पिकेट के आगे खुटगड़ी गांव के पास तीखे पर कार और बाइक की सीधी टक्कर हो गई। हादसे में बाइक सवार दो युवकों की जान चली गई। वहीं बाइक को चपेट में लेने के बाद कार पास ही पेड़ से जा टकराई। प्राप्त जानकारी के अनुसार कार संख्या JH03 AW 6472 सरयू की ओर से लातेहार आ रही थी, जबकि बाइक पर सवार दो युवक लातेहार से सरयू की ओर जा रहे थे। इसी दौरान खुटगड़ी गांव के पास आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। अब तक मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है। हादसे के बाद पेड़ से टकराई कार मिली जानकारी के अनुसार टक्कर के बाद कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई। इससे कार और बाइक दोनों के परखच्चे उड़ गए। हादसे के तुरंत बाद कार में सवार दोनों व्यक्ति मौके से फरार हो गए। दुर्घटना की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर घटनास्थल पर पहुंचे। लोगों ने देखा कि दोनों युवक गंभीर हालत में सड़क पर पड़े हुए हैं। जब उनकी जांच की गई तो दोनों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी। इस हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। शवों की पहचान कराने का प्रयास जारी घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस को जानकारी दी। सूचना मिलते ही सदर थाना प्रभारी के निर्देश पर पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। थाना प्रभारी प्रमोद सिन्हा ने बताया कि फरार कार सवारों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। दुर्घटनाग्रस्त कार के आधार पर वाहन मालिक और चालक की जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं, मृतकों की पहचान के लिए आसपास के थाना क्षेत्रों को भी सूचना भेजी गई है। घटना की जानकारी मिलने पर प्रखंड उपप्रमुख राजकुमार प्रसाद और पूर्व मुखिया जुलेश्वर लोहरा भी घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। Source link

शिक्षा

CBSE Portal Flaws Found by Teen

1 घंटे पहले कॉपी लिंक CBSE के पोर्टल में सुरक्षा से संबंधित खामियां ढूंढने वाले निसर्ग अधिकारी को IIT कानपुर ने नौकरी दी है। निसर्ग की उम्र 19 साल है जिन्होंने इसी साल 12वीं की परीक्षा पास की है। निसर्ग ने एक ब्लॉग पोस्ट लिखकर CBSE पोर्टल की सुरक्षा कमजोरी को उजागर किया था। फिलहाल IIT कानपुर ने उन्हें ओपन सोर्स इंटेलिजेंस और थ्रेट इंटेलिजेंस इंजीनियर के रूप में नियुक्त किया है। 📢19-Year-Old Ethical Hacker Nisarga Adhikary Joins IIT Kanpur After Exposing CBSE Portal Vulnerabilities🔰He has now joined IIT Kanpur’s C3i cybersecurity hub as an OSINT & Threat Intelligence Engineer. pic.twitter.com/1eUyPxpy7X— Plus Point | India (@PlusPointIndia) June 11, 2026 IIT कानपुर में ये रहेगा निसर्ग का काम निसर्ग IIT कानपुर में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सोर्सेज से काम की जानकारी का एनालिसिस करेंगे। वे वेबसाइट्स व एप्लिकेशन में कमियों का पता लगाएंगे। CBSE पोर्टल हैक करने के मामले में IIT कानपुर की टीम ने निसर्ग को बुलाया था ताकि वे IIT एक्सपर्ट्स की टीम के साथ मिलकर अपने IT सिस्मट में सिक्योरिटी ब्रीच का पता लगा सकें। IIT एक्सपर्ट्स निसर्ग की स्किल्स के मुरीद हो गए। उन्होंने काफी तारीफ की। साइबर सिक्योरिटी को लेकर फोकस्ड हैं निसर्ग एक्सपर्ट टीम के एक सदस्य ने कहा था कि निसर्ग ने कई अहम कमियों का पता लगाया है। टीम ने मैसेज पर बातचीत के जरिए पाया कि वह साइबर सिक्योरिटी को लेकर बहुत फोकस्ड है। इसके बाद उसे सिस्मट ठीक करने में मदद करने के लिए बुलाया गया था। IIT कानपुर के डायरेक्टर मनिंद्र अग्रवाल ने कहा, ‘निसर्ग अधिकारी को हमारी साइबर सिक्योरिटी टीम में इंजीनियर के तौर पर नियुक्त किया गया है। कुछ साल पहले हमने इसी टीम के लिए कुछ युवा इंजीनियरों को भी भर्ती किया था। मुझे पक्का नहीं पता कि वह IIT कानपुर में सबसे कम उम्र के कर्मचारी हैं या नहीं, लेकिन वह निश्चित रूप से संस्थान द्वारा हायर किए गए सबसे कम उम्र के इंजीनियरों में से एक हैं।’ बड़े स्टार्टअप्स के साथ काम का अनुभव 12वीं पास करने से पहले ही निसर्ग ने कई स्टार्टअप्स के साथ काम किया है। अलग-अलग ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट्स में पार्टिसिपेट किया है और फाउंडिंग इंजीनियर के रूप में अपनी पहचान बनाई है। इसके अलावा निसर्ग को वेंचर कैपिटल द्वारा फंडेड बड़े स्टार्टअप्स के साथ भी काम करने का अनुभव है। कॉन्ट्रैक्ट पर करेंगे काम निसर्ग ने कहा कि उन्हें पढ़ाई से ज्यादा रुचि तकनीक और उत्पाद बनाने में है। वे IIT की साइबर सुरक्षा टीम में कॉन्ट्रैक्ट पर काम करेंगे। इस साल 12वीं बोर्ड के बाद चमके ये दो और नाम सार्थक सिद्धांत रांची के 17 साल के सार्थक सिद्धांत टेक रिसर्चर हैं। उन्होंने भी 12वीं की परीक्षा दी थी। उन्होंने एक आम छात्र से आगे बढ़कर एक खोजी पत्रकार/डेटा साइंटिस्ट की तरह काम किया। CBSE की तरफ से जारी पिछले 576 दस्तावेजों का बारीकी से अध्ययन और तुलना कर टेंडर में गड़बड़ी का खुलासा किया। वेदांत श्रीवास्तव दिल्ली के वेदांत श्रीवास्तव ने भी 12वीं की परीक्षा दी थी। फिजिक्स में 65 नंबर मिले तो उन्होंने आवाज उठाई। रीवैल्युएशन में कॉपी मिली तो गड़बड़ी का पता चला। पहले उन्हें ​सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया। ट्रोलर्स ने उन्हें देशद्रोही तक कहा, बाद में बोर्ड ने गलती मानी और माफी मांगी। ————————– ये खबर भी पढ़ें… स्कूल-कॉलेजों के समय नहीं होगी कोचिंग की अनुमति: सीएम सम्राट चौधरी की घोषणा, बिहार में कोचिंग बिल लाने की तैयारी बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को अधिक अनुशासित बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) के जरिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षा विभाग को कोचिंग संस्थानों के संचालन के संबंध में सख्त निर्देश जारी किए हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

झारखंड

गिरिडीह में छत के रास्ते घुस उड़ा लिए पैसे-जेवर:घर से 200 मीटर...

गिरिडीह के जमुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत नवडीहा ओपी के चोरगत्ता गांव में शुक्रवार देर रात एक बड़ी चोरी की घटना सामने आई है। चोरों ने घर में घुसकर लाखों रुपए के जेवरात, नकदी और जमीन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज चुरा लिए। यह घटना मदन चौधरी के घर में उस समय हुई, जब परिवार के सभी सदस्य गर्मी के कारण छत पर सो रहे थे। परिजनों ने बताया कि चोर घर के पीछे की ओर से छज्जे के सहारे छत पर चढ़े और फिर अंदर उतरकर मुख्य दरवाजा खोल लिया। इसके बाद उन्होंने घर में रखे लगभग 25 लाख रुपए के जेवरात और 50 हजार रुपए नकद पर हाथ साफ कर दिया। घटना को अंजाम देने के बाद चोर आराम से फरार हो गए। सुबह जब परिवार के लोग नीचे उतरे तो घर का सामान बिखरा देख उनके होश उड़ गए। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखें… चोरी के पीछे पुराने विवाद का कनेक्शन घटना के बाद पीड़ित परिवार ने जमीन से जुड़े दस्तावेज चोरी होने पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों का कहना है कि जेवर और नकदी की चोरी तो सामान्य बात हो सकती है, लेकिन जमीन के कागजात चुराए जाना किसी साजिश की ओर इशारा करता है। मदन चौधरी के पुत्र संतोष कुमार चौधरी ने बताया कि वर्ष 2007 से गांव के कुछ लोगों के साथ उनका जमीन संबंधी विवाद चल रहा है। उन्होंने अभिमन्यु चौधरी, राजदेव चौधरी, अभिनाश चौधरी, महेश चौधरी, प्रदीप चौधरी, फुलेंद्र चौधरी और मनोज चौधरी पर संदेह जताया है। उनका कहना है कि जमीन के कागजात चोरी होने के पीछे इन्हीं लोगों की भूमिका हो सकती है। घटना के बाद घर से करीब 200 मीटर दूर एक बक्सा और जेवर रखने का खाली डिब्बा भी बरामद किया गया है। आवेदन मिलने के बाद होगी कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही नवडीहा ओपी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। ओपी प्रभारी सबिता कुमारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में जेवरात, नकदी और जमीन से जुड़े कागजात चोरी होने की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार से आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इधर, पीड़ित परिवार ने बताया कि उनका जीवनयापन ट्रक चलाकर और खेती-बाड़ी पर निर्भर है। Source link

ताज़ा खबर

लैंडिंग के बाद देखिए कैसे आग का गोला बन गया IAF का...

होमवीडियोदेश लैंडिंग के बाद देखिए कैसे आग का गोला बन गया IAF का विमान-VIDEO X लैंडिंग के बाद देखिए कैसे आग का गोला बन गया IAF का विमान-VIDEO   Assam Plane Crash Video: असम के जोरहाट से भारतीय वायुसेना के AN-32 विमान हादसे की बड़ी खबर सामने आई है. जानकारी के मुताबिक एयरफोर्स का विमान जोरहाट के रौरेआह एयरफोर्स स्टेशन पर लैंडिंग के बाद अचानक हादसे का शिकार हो गया. बताया जा रहा है कि रनवे पर पहुंचने के कुछ ही देर बाद पूरा एयरक्राफ्ट आग के गोले में बदल गया. घटना के बाद एयरबेस पर अफरा-तफरी मच गई. हादसे का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें विमान से ऊंची लपटें और काला धुआं उठता दिखाई दे रहा है. शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार विमान का पायलट गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है और उसके बचने की उम्मीद बेहद कम बताई जा रही है. हालांकि आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है. रौरेआह एयरफोर्स स्टेशन पूर्वोत्तर भारत के सबसे अहम सैन्य एयरबेस में गिना जाता है. यह स्टेशन रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और यहां से पूर्वोत्तर के कई ऑपरेशन संचालित होते हैं. हादसे के तुरंत बाद एयरफोर्स और बचाव दल मौके पर पहुंच गए. फिलहाल दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चल पाया है. तकनीकी खराबी, लैंडिंग फेलियर या किसी अन्य वजह की जांच की जा रही है. भारतीय वायुसेना की ओर से जल्द आधिकारिक बयान जारी किया जा सकता है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

झारखंड

जब ‘बाघ देश’ पलामू में मचता था पक्षियों का कत्लेआम, पेरिस की...

Last Updated:June 13, 2026, 11:40 IST आज देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने वाला पलामू टाइगर रिजर्व कभी ‘बाघ देश’ के नाम से मशहूर था. उस दौर में यहां बाघों और अन्य वन्यजीवों की भरमार थी. अपनी समृद्ध जैव-विविधता और घने जंगलों के कारण पलामू की पहचान देश ही नहीं, दुनिया भर में थी. यहां के जंगल वन्यजीवों और दुर्लभ पक्षियों के लिए सुरक्षित आश्रय माने जाते थे.  पलामू: झारखंड का पलामू टाइगर रिजर्व आज देश-विदेश के पर्यटकों के बीच खास पहचान बना चुका है. प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीवों के कारण यह लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है. हालांकि, पलामू का इतिहास आज से कहीं अधिक समृद्ध और रोचक रहा है. एक समय ऐसा भी था जब यह क्षेत्र ‘बाघ देश’ के नाम से जाना जाता था. उस दौर में पलामू न केवल बाघों और अन्य वन्यजीवों की बड़ी आबादी के लिए प्रसिद्ध था, बल्कि अपनी अनूठी जैव-विविधता के कारण भी दुनिया भर में चर्चित था. अनेक प्रकार के पक्षियों की भरमारपलामू जिले के विशेषज्ञ डॉ. डी. एस. श्रीवास्तव ने लोकल18 को बताया कि यह कहानी सैकड़ों वर्ष पुरानी है. उस समय पलामू के घने जंगल, तालाब, आहर और प्राकृतिक जलस्रोत वन्यजीवों और पक्षियों के लिए आदर्श आवास माने जाते थे. यहां बाघ, हिरण और अनेक प्रकार के पक्षियों की भरमार थी. इन्हीं पक्षियों में किंगफिशर भी शामिल था, जो अपने आकर्षक और रंग-बिरंगे पंखों के कारण दूर-दूर तक प्रसिद्ध था. उस समय यह पक्षी क्षेत्र के लगभग हर जलस्रोत के आसपास आसानी से देखा जा सकता था. चमकीले पंखों की विदेशों में मांगउन्होंने बताया कि ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार उन्नीसवीं सदी के उत्तरार्ध में पलामू के जंगलों में किंगफिशर पक्षियों की बड़ी संख्या मौजूद थी. लेकिन इनके सुंदर और चमकीले पंखों की विदेशों में काफी मांग थी. इसी कारण पटना के मीरशिकार टोली से शिकारी दल पलामू पहुंचते थे और बड़ी संख्या में इन पक्षियों का शिकार करते थे. पक्षियों को पकड़कर उनके रंगीन पंख निकाले जाते थे, जिन्हें व्यापारिक माध्यमों से फ्रांस की राजधानी पेरिस भेजा जाता था. पेरिस की महिलाओं के फैशनेबल हैटबताया जाता है कि उस दौर में पेरिस की महिलाओं के फैशनेबल हैट और परिधानों को सजाने के लिए इन रंग-बिरंगे पंखों का इस्तेमाल किया जाता था. केवल किंगफिशर ही नहीं, बल्कि अन्य पक्षियों और वन्यजीवों के अंगों का भी व्यापार होता था. स्थानीय स्तर पर चैनपुर और शाहपुर क्षेत्र के बहेलिया समुदाय के लोग भी बड़ी संख्या में पक्षियों का शिकार करते थे. शिकार किए गए पक्षियों की खाल और पंखों को सुखाकर व्यापारियों को बेच दिया जाता था. वैश्विक फैशन उद्योग की मांगडॉ. श्रीवास्तव के अनुसार, इन तथ्यों का उल्लेख वर्ष 1895 के सर्वे एवं सेटलमेंट रिकॉर्ड में मिलता है. तत्कालीन अधिकारी डी.एच.आई. सैंडर्स द्वारा तैयार पलामू संबंधी पहली रिपोर्ट में भी ऐसी गतिविधियों का जिक्र किया गया है. पलामू का यह इतिहास न केवल इसकी समृद्ध जैव-विविधता की कहानी बताता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि किस तरह वन्यजीवों और पक्षियों का शिकार कभी वैश्विक फैशन उद्योग की मांग को पूरा करने के लिए किया जाता था. आज जब वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा पर विशेष जोर दिया जा रहा है, तब पलामू का यह इतिहास प्रकृति और जैव-विविधता के संरक्षण के महत्व की महत्वपूर्ण याद दिलाता है. About the Author Amita kishor न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

झारखंड

एंबुलेंस नहीं मिली, ट्रैक्टर से अस्पताल ले जाते हुई मौत:जामताड़ा सिविल सर्जन...

जामताड़ा जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां एंबुलेंस सेवा की विफलता के कारण एक मरीज की जान चली गई। जामताड़ा प्रखंड के शहरबेरा गांव निवासी 43 वर्षीय मोनू टुडू की शुक्रवार रात करीब 8 बजे तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजनों ने तत्काल 108 एंबुलेंस सेवा पर कॉल किया, लेकिन काफी देर तक कोई सहायता नहीं मिली। आरोप है कि कॉल तक रिसीव नहीं किया गया। मरीज की हालत लगातार गंभीर होती देख परिजनों और ग्रामीणों ने मजबूरी में उन्हें खटिया पर लादकर ट्रैक्टर के माध्यम से सदर अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनकी मौत हो गई। समय पर मदद मिलती तो बच सकती थी जान मृतक की पत्नी और ग्रामीणों ने कहा कि समय पर एंबुलेंस उपलब्ध हो जाती तो मोनू टुडू की जान बचाई जा सकती थी। सहिया मीणा मुर्मू ने बताया कि रात करीब 8:40 बजे 108 एंबुलेंस सेवा पर कॉल किया गया था, लेकिन फोन की घंटी बजती रही। किसी ने कॉल नहीं उठाया। गांव की सड़क खराब होने और रात का समय होने के कारण मरीज को ट्रैक्टर से अस्पताल ले जाना पड़ा। मृतक की पोती रूपलता हांसदा ने भी अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के जिले में ही लोगों को बुनियादी सुविधा तक नहीं मिल रही है। उन्होंने सीधे तौर पर एंबुलेंस नहीं मिलने को ही अपने दादाजी की मौत का कारण बताया। जिले में 13 एंबुलेंस, 5 ही कर रहा काम सिविल सर्जन डॉ. शिव प्रसाद ने स्वीकार किया कि जिले में एंबुलेंस की भारी कमी है। उन्होंने बताया कि जामताड़ा में कुल 13 एंबुलेंस हैं, जिनमें से केवल 5 ही चालू हालत में हैं, जबकि 8 एंबुलेंस खराब पड़ी हैं। कई एंबुलेंस छोटी-छोटी तकनीकी खराबियों के कारण बंद हैं। संबंधित एजेंसी समय पर मरम्मत नहीं करा रही है। इस संबंध में विभाग और एजेंसी को पत्र भी लिखा गया है। घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यदि व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ तो इस तरह की घटनाएं आगे भी दोहराई जाती रहेंगी। Source link

झारखंड

धनबाद के युवक की मुंबई में मौत:काम के दौरान करंट की चपेट...

धनबाद जिले के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र अंतर्गत जयनगर गांव निवासी 26 वर्षीय विकास कुमार महतो की महाराष्ट्र के मुंब में दर्दनाक हादसे में मौत हो गई। वह वहां बिजली मिस्त्री के रूप में कार्यरत थे। जानकारी के अनुसार, विकास महाराष्ट्र के अहिल्यानगर स्थित सद्गुरु इलेक्ट्रिकल्स ट्रेडर्स में काम करते थे। शुक्रवार को वह बिजली लाइन पर मरम्मत का कार्य कर रहे थे, तभी अचानक तेज करंट की चपेट में आ गए। करंट लगते ही वह गंभीर रूप से झुलस गए और जमीन पर गिर पड़े। आसपास मौजूद सहकर्मियों ने तुरंत उन्हें बचाने का प्रयास किया और इलाज के लिए ले जाने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस घटना के बाद कंपनी प्रबंधन ने परिजनों को फोन कर हादसे की सूचना दी, जिससे परिवार में कोहराम मच गया। शव गांव पहुंचते ही मची चीख-पुकार पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद देर रात एंबुलेंस से विकास का शव उनके पैतृक गांव जयनगर लाया गया। शव के गांव पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पूरे गांव में मातम का माहौल है। विकास अपने परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। उनके परिवार में पत्नी और तीन छोटी पुत्रियां हैं, जिनका भविष्य अब संकट में पड़ गया है। ग्रामीणों ने बताया कि विकास मेहनती और मिलनसार स्वभाव के थे तथा परिवार के बेहतर भविष्य के लिए बाहर रहकर काम कर रहे थे। सांसद पहुंचे गांव, मुआवजा दिलाने का दिया भरोसा घटना की जानकारी मिलने पर शनिवार को धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो जयनगर गांव पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। सांसद ने कहा कि इस तरह की घटनाएं बेहद दुखद है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर कंपनी की जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि परिवार को उचित मुआवजा मिल सके। साथ ही उन्होंने राज्य में स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। Source link

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कचरा बीनने से आत्मनिर्भर बनने तक… जोधपुर की इन महिलाओं का सफर...

Women Motivational Story : जोधपुर की सांसी कॉलोनी में नीतू सिंह सांसी और ज्ञान गंगा मिशन सिलाई व कौशल प्रशिक्षण से वंचित महिलाओं को शिक्षित कर आत्मनिर्भर बना रहे हैं, अजय सिंह सांसी ने पहल की सराहना की, नीतू सिंह सांसी विशेष रूप से उन माताओं और बहनों के बीच कार्य कर रही हैं, जो कचरा संग्रहण, घरेलू सफाई जैसे असंगठित कार्यों से जुड़ी हैं अथवा किसी कारणवश शिक्षा से वंचित रह गई हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद वे महिलाओं को सिलाई, हस्तकला, हस्ताक्षर करना, पढ़ना-लिखना तथा विभिन्न जीवनोपयोगी कौशलों का प्रशिक्षण प्रदान कर रही हैं. Source link

झारखंड

सस्ते में मिलेगा ‘शगुन’ वाला यूनिक गिफ्ट! रांची की इसी गली में...

Last Updated:June 13, 2026, 10:34 IST रांची के अपर बाजार स्थित महावीर चौक पर बजट-फ्रेंडली शादी के गिफ्ट्स की कई दुकानें मौजूद हैं. यहां मात्र ₹50 से ₹500 की रेंज में आकर्षक शो-पीस, फोटो फ्रेम, ब्राइडल किट और कस्टमाइज्ड शगुन गिफ्ट मिलते हैं. कम बजट में बेहतरीन और यूनिक उपहार खरीदने के लिए यह जगह बिल्कुल परफेक्ट है. शादी के इस सीजन में अगर आप बजट के अनुकूल गिफ्ट की तलाश में हैं, तो रांची के अपर बाजार स्थित महावीर चौक के समीप आ सकते हैं. यहां आपको बजट-फ्रेंडली शो-पीस, फोटो फ्रेम और अन्य उपहारों की 10 से 12 दुकानें एक ही कतार में मिल जाएंगी. कम खर्च में बेहतरीन गिफ्ट खरीदने के लिए यह जगह बिल्कुल परफेक्ट है. यहां मात्र ₹50 से ₹500 की रेंज में एक से बढ़कर एक उपहार उपलब्ध हैं. गैलरी गिफ्ट स्टोर के संचालक अमित ने बताया कि उनके पास ₹50 से शो-पीस की शुरुआत हो जाती है. इसके अलावा, राधा-कृष्ण का बड़ा फोटो फ्रेम सिर्फ ₹200 में मिल जाएगा. जिसे वे तुरंत पैक भी करके देते हैं. अगर आपका बजट ₹400 से ₹500 का है, तो यहां घर सजाने के लिए खूबसूरत पॉट और आर्टिफिशियल फ्लावर्स मिल जाएंगे. प्रदीप गैलरी स्टोर के संचालक प्रदीप ने बताया कि इस रेंज में राधा-कृष्ण, गणेश जी की प्रतिमा और कपल डांसिंग जैसे कई बड़े आकार के शो-पीस उपलब्ध हैं. ये दिखने में काफी आकर्षक और उपहार देने के लिए बेहतरीन हैं. Add News18 as Preferred Source on Google यदि आप दुल्हन को उपहार देना चाहते हैं, तो ₹500 के अंदर ब्राइडल चूड़ी सेट और उसका पूरा किट उपलब्ध है. वहीं, दूल्हे के लिए टाई, पर्स और पेन का एक शानदार कॉम्बो सेट मिल जाएगा. इन दुकानों पर शादी के गिफ्ट के लिए कई बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं. जिन्हें आप अपनी पसंद और बजट के अनुसार आसानी से चुन सकते हैं. यहां आप अपनी पसंद के अनुसार कोई भी पांच चीजें चुनकर गिफ्ट कस्टमाइज भी करवा सकते हैं. इन चीजों को एक खूबसूरत, डिजाइनर और रंग-बिरंगी चुनरी में बांधकर बिल्कुल ‘शगुन’ की तरह तैयार कर दिया जाता है. इस कस्टमाइज्ड गिफ्ट पैक की कीमत भी ₹500 के अंदर ही होती है. कम बजट में एक बेहद यूनिक, पारंपरिक और खूबसूरत उपहार देने के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प है. Source link

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यूपी में पलामू के चार लोग मरे; एक घायल:किछौछा शरीफ से लौटते...

उत्तर प्रदेश के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत देवगांव इलाके में शुक्रवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में झारखंड के पलामू जिले के चार लोगों की मौत हो गई। हादसा उस वक्त हुआ जब एक तेज रफ्तार ट्रक ने कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। उसमें सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना में एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे की कुछ तस्वीरें देखें… मृतकों में शहर के जाने-माने कारोबारी शामिल इस हादसे में मेदिनीनगर के तीन कारोबारियों की जान चली गई। मृतकों में मेदिनीनगर स्थित किताब घर के संचालक हाफिज रज्जाक, जनता मेडिकल से जुड़े कैश अंसारी, सब्जी मंडी के व्यवसायी शोहराब राईन और कार चालक शामिल हैं। कार चालक की पहचान अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। उसकी शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है। वहीं, चूड़ी कारोबारी अजमल इस दुर्घटना में घायल हुए हैं। उनका इलाज चल रहा है। शादी के बाद गए थे किछौछा शरीफ प्राप्त जानकारी के अनुसार, सभी लोग शुक्रवार को बिहार के डेहरी में एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। शादी समारोह के बाद वे उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल किछौछा शरीफ की यात्रा पर निकले थे। वहां से वापस लौटते समय रात करीब 12:30 बजे उनकी कार हादसे का शिकार हो गई। बताया जा रहा है कि ट्रक की गति काफी तेज थी, जिससे टक्कर के बाद गंभीर हादसा हो गया। मेदिनीनगर में मचा कोहराम शनिवार सुबह करीब 8 बजे जैसे ही इस हादसे की सूचना मेदिनीनगर पहुंची, पूरे शहर में शोक की लहर दौड़ गई। मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया है। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और रिश्तेदार घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। उधर, स्थानीय प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य चलाया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम के बाद सभी शवों को मेदिनीनगर लाया जाएगा। Source link

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