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BVRAAM Explained: क्या है Beyond Visual Range Air-to-Air Missile? जिस Astra Mk1...


भारत की स्वदेशी Astra Mk1 मिसाइल को पहला विदेशी ग्राहक मिलने जा रहा है. इंडोनेशिया इस मिसाइल को खरीदने की तैयारी में है. Astra Mk1 एक Beyond Visual Range Air-to-Air Missile (BVRAAM) है. नाम थोड़ा कठिन लग सकता है, लेकिन इसका काम बेहद आसान भाषा में समझा जा सकता है.

यह ऐसी मिसाइल है जो दुश्मन के लड़ाकू विमान को पायलट की आंखों से दिखाई देने वाली सीमा से बहुत दूर रहते हुए भी मार गिरा सकती है. आधुनिक हवाई युद्ध में इसी क्षमता को सबसे बड़ी ताकत माना जाता है.

BVRAAM क्या होता है?
BVRAAM का पूरा नाम Beyond Visual Range Air-to-Air Missile है. Beyond Visual Range (BVR) यानी ऐसी दूरी जहां पायलट अपनी आंखों से दुश्मन के विमान को नहीं देख सकता. Air-to-Air Missile यानी एक लड़ाकू विमान से छोड़ी जाने वाली मिसाइल, जो दूसरे लड़ाकू विमान को निशाना बनाती है.

सरल शब्दों में कहें तो यह ऐसी मिसाइल है जो दूर बैठे दुश्मन को देखे बिना, केवल रडार और सेंसर की मदद से खोजकर हमला करती है.

कैसे काम करती है BVRAAM?
मान लीजिए दो लड़ाकू विमान एक-दूसरे से 100 किलोमीटर दूर हैं. इतनी दूरी पर पायलट को सामने वाला विमान दिखाई नहीं देगा. लेकिन आधुनिक फाइटर जेट का रडार दुश्मन को पहचान लेता है. इसके बाद:

फाइटर जेट दुश्मन को ट्रैक करता है. Astra Mk1 जैसी BVRAAM लॉन्च की जाती है. शुरुआती चरण में मिसाइल को विमान का कंप्यूटर दिशा देता है. अंतिम चरण में मिसाइल का Active Radar Seeker खुद चालू हो जाता है. इसके बाद मिसाइल अपने लक्ष्य का पीछा करते हुए सीधे उसे नष्ट कर देती है.

यही वजह है कि आज की हवाई लड़ाई में अक्सर पायलट एक-दूसरे को देख भी नहीं पाते और मुकाबला खत्म हो जाता है.

Astra Mk1 की खासियत क्या है?
DRDO द्वारा विकसित Astra Mk1 भारत की पहली स्वदेशी BVRAAM है. इसकी प्रमुख विशेषताएं:

लगभग 110 किलोमीटर तक मारक क्षमता (लॉन्च की स्थिति पर निर्भर) / Mach 4+ यानी ध्वनि की गति से चार गुना से अधिक रफ्तार / Active Radar Seeker से लैस इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग के बीच भी लक्ष्य भेदने की क्षमता / एक ही मिसाइल से तेज गति से उड़ रहे लड़ाकू विमान को निशाना बनाने की क्षमता / दिन और रात, हर मौसम में ऑपरेशन

किन विमानों से दागी जा सकती है?
भारतीय वायुसेना में Astra Mk1 को मुख्य रूप से: Su-30MKI + LCA Tejas पर एकीकृत किया जा चुका है. भविष्य में इसे Tejas Mk1A, Tejas Mk2, Rafale (यदि एकीकरण किया जाए) और AMCA जैसे प्लेटफॉर्म पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है.

दुनिया की दूसरी BVRAAM मिसाइलों से कैसे मुकाबला करती है?
आज कई देशों के पास BVRAAM मौजूद हैं. अमेरिका – AIM-120 AMRAAM यूरोप – Meteor रूस – R-77 चीन – PL-15 भारत – Astra Mk1. Astra Mk1 भारत को इस चुनिंदा क्लब में शामिल करती है, जहां देश अपनी अत्याधुनिक एयर-टू-एयर मिसाइल खुद विकसित और निर्यात करने की क्षमता रखते हैं.

इंडोनेशिया के लिए क्यों अहम है यह मिसाइल?
इंडोनेशिया एक विशाल द्वीपीय देश है, जिसकी समुद्री और हवाई सीमाएं हजारों किलोमीटर तक फैली हैं. ऐसे में उसे लंबी दूरी से दुश्मन के विमान को रोकने वाली आधुनिक मिसाइलों की जरूरत है.

Astra Mk1 के शामिल होने से इंडोनेशिया की वायुसेना को: लंबी दूरी से हमला करने की क्षमता मिलेगी. दुश्मन के विमान को पहले निशाना बनाने का फायदा मिलेगा. आधुनिक हवाई युद्ध में उसकी ताकत बढ़ेगी.

भारत के लिए क्यों है बड़ी उपलब्धि?
इंडोनेशिया के Astra Mk1 खरीदने का फैसला सिर्फ एक रक्षा सौदा नहीं है. यह इस बात का संकेत है कि भारत अब केवल हथियार आयात करने वाला देश नहीं, बल्कि अत्याधुनिक मिसाइल तकनीक का भरोसेमंद निर्यातक भी बन रहा है. अस्त्र Mk1 का पहला निर्यात भारतीय रक्षा उद्योग, DRDO और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.



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