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चाईबासा के जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों में मुठभेड़, रुक-रुक कर हो...

Last Updated:April 29, 2026, 15:09 IST चाईबासा में गोइलकेरा और टोंटो थाना क्षेत्र के बीच जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी है. यह कार्रवाई बोरोई के पास सर्च ऑपरेशन के दौरान शुरू हुई. एसपी अमित रेणु ने इसकी पुष्टि की है. दोनों तरफ से रुक-रुक कर फायरिंग हो रही है. इलाके में पुलिस और सीआरपीएफ का संयुक्त अभियान जारी है. फाइल फोटो चाईबासा में गोइलकेरा और टोंटो थाना क्षेत्र के बीच जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चल रही है. यह मुठभेड़ बोरोई के पास सर्च ऑपरेशन के दौरान शुरू हुई और सुबह से जारी है. एसपी अमित रेणु ने इसकी पुष्टि की है. दोनों तरफ से रुक-रुक कर फायरिंग हो रही है. यह इलाका कोल्हान और सारंडा जंगल की सीमा पर स्थित है, जहां सुरक्षा बल लगातार ऑपरेशन चला रहे हैं.. पश्चिम सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अमित रेणु ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि गोइलकेरा और टोंटो थाना की सीमा से सटे वन क्षेत्र में माओवादियों के खिलाफ जिला पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान गोलीबारी शुरू हुई. उन्होंने कहा, ‘‘गोइलकेरा और टोंटो थाना क्षेत्र की सीमा पर स्थित बोरोई के पास रुक-रुक कर गोलीबारी जारी है. फिलहाल यह पता लगाना मुश्किल है कि मुठभेड़ में माओवादियों का कौन सा समूह शामिल है.’’ पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस वर्ष की शुरुआत में मुठभेड़ों में क्षेत्र के कई शीर्ष माओवादी नेताओं के मारे जाने के बाद अब केवल भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा का गुट ही सक्रिय है. बेसरा पर एक करोड़ रुपये का इनाम है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bokaro,Jharkhand First Published : April 29, 2026, 10:33 IST Source link

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बेंगलुरु में धनबाद की युवती की मौत:फ्लैट का दरवाजा तोड़ अर्ध-सड़ी हुई...

बेंगलुरु में झारखंड के धनबाद की रहने वाली 34 वर्षीय सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल पूजा दत्ता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। शव अर्ध-सड़ी हुई अवस्था में था, जिससे अनुमान है कि मौत दो से तीन दिन पहले हुई थी। घटना का खुलासा तब हुआ जब अपार्टमेंट के निवासियों ने फ्लैट से दुर्गंध आने की शिकायत पुलिस से की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया और शव बरामद किया। कमरे में फटे हुए कागज पाए गए मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, हालांकि कमरे में फटे हुए कागज पाए गए हैं। पुलिस आत्महत्या और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। मृतका पूजा दत्ता मूल रूप से धनबाद के हीरापुर स्थित इंद्रदेव टावर के पास की रहने वाली थीं। वह एक सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल थीं और पहले बस इंडिया लिमिटेड कंपनी में कार्यरत थीं। वर्ष 2018 में उन्हें कंपनी के काम से जर्मनी भी भेजा गया था। पति की कोविड के दौरान हुई थी मौत परिजनों के अनुसार, पूजा के पति इंदरनील बीट की मृत्यु मार्च 2021 में कोविड के दौरान हो गई थी। इस घटना से वह टूट गई थीं, लेकिन उन्होंने एक महीने के भीतर ही वर्क फ्रॉम होम के जरिए दोबारा काम शुरू कर दिया था। परिवार का दावा है कि पूजा मजबूत इरादों वाली थीं और आत्महत्या नहीं कर सकतीं। वर्ष 2023 में उन्होंने परिवार को बताया था कि वह पूरी तरह ठीक हैं और बेंगलुरु में रहकर काम करना चाहती हैं, जिसके बाद परिवार ने उन्हें वहां शिफ्ट होने में मदद की थी। Source link

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चाईबासा में महिंद्रा यार्ड में चोरी का प्रयास:लोगों ने एक को पकड़ा,...

चाईबासा के सदर थाना क्षेत्र स्थित नीमडीह न्यू कॉलोनी में महिंद्रा ट्रैक्टर यार्ड में चोरी का प्रयास विफल कर दिया गया। स्थानीय लोगों की सतर्कता के कारण एक आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया गया, जबकि उसके दो साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। जानकारी के अनुसार, महिंद्रा डीलर मनीष राम के पुराने ट्रैक्टर यार्ड में तीन युवक दीवार फांदकर अंदर घुसे थे। वे यार्ड में रखे लोहे के पार्ट्स चुराने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान आसपास के लोगों को आहट सुनाई दी और वे मौके पर पहुंच गए। लोगों को आता देख दो युवक भाग निकले, लेकिन एक को पकड़ लिया गया। पकड़े गए युवक की पहचान गुट्टूसाई निवासी विक्की ठाकुर के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। फरार आरोपियों की पहचान के लिए पुलिस को यार्ड में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सौंपी गई है। पुलिस फुटेज के आधार पर उनकी तलाश में जुट गई है। यार्ड की देखरेख करने वाले व्यक्ति ने बताया कि हाल के दिनों में इलाके में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले इसी यार्ड से गैस सिलेंडर की चोरी भी हो चुकी है। चोर अब खुलेआम कंपाउंड में घुसकर भारी सामान चुराने की कोशिश कर रहे हैं। लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं से स्थानीय लोगों में भय और नाराजगी है। लोगों ने पुलिस से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है, ताकि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। Source link

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रिस्क ने बदल दी जिंदगी! रांची के कपल ने 3 साल में...

Last Updated:April 29, 2026, 14:26 IST Success Story: झारखंड की राजधानी रांची की नेहा बोस और शंकर बोस दोनों हसबेंड वाइफ हैं और यह दोनों ही अच्छा खासा जॉब करते थे. शंकर जहां भारत पेट्रोलियम में मैनेजर के तौर पर काम करते थे. वहीं, नेहा अकाउंटेंट के तौर पर काम करती थीं. दोनों ने नौकरी छोड़ और खुद का बिजनेस करने की ठानी. आज वह 1.5 ग्राम गोल्ड का ज्वेलरी बनाने का काम करते है. आइये जानते हैं उनकी सफलता के बारे में. नेहा बोस और शंकर बोस ने बताया कि उनके खुद के कारीगर होते हैं और यूनिक डिजाइन के साथ काम करते हैं. आज रांची में उनका खुद की दो दुकान है. नेहा ने लोकल 18 को बताया हमारे पास कुछ भी नहीं था. हमारे पास जो था, हमने उसी से शुरुआत की. इसीलिए हमारे घर के आगे एक छोटा सा एरिया था तो घर में ही एक छोटा सा शॉप शुरू कर दिया. बस वहीं से बिजनेस चल पड़ा, जो उनके पास था उसी का इस्तेमाल किया. नेहा बताती हैं कि जॉब छोड़ना आसान नहीं होता है, लेकिन एक जगह बंधे रहना उससे भी कहीं मुश्किल रहता है. सालों साल नौकरी करना पर सैलरी वहीं की वहीं. यह बात और कष्ट देती है. इतना अगर खुद के बिजनेस पर लगा दिया होता तो आज कहां से कहां होती. यह बात बार-बार मन में चलती रहती थी. ऐसे में उन्होंने और उनके पति ने फैसला लिया और आज 3 साल में ही आज खुद का ब्रांड भी है, बिजनेस है और कमाई भी हो रही है. उन्होंने बताया कि वह और उनके पति 1.5 ग्राम गोल्ड प्लेटेड ज्वेलरी बनाने का काम करते हैं. आप पार्टी में जाएंगे यह पहन के तो लोग कंफ्यूज हो जाएंगे. Add News18 as Preferred Source on Google कहीं की यह सच का सोने का है. मोरनी डिजाइन से लेकर महारानी हार, मछली डिजाइन इस तरह की यूनिक डिजाइन आपको देखने को मिलेगी. दूसरा आप ऐसा डिजाइन नहीं खोज सकते हैं. ऐसे में हम लोग अपने हाथों से सारे डिजाइन को स्केच करते हैं. जहां पेपर का स्केच किया डिजाइन हु ब हु कारीगर उसको बना देते हैं. यही कारण है कि दूसरा आपको बिल्कुल भी देखने को नहीं मिलेगा. क्योंकि आजकल बाहर सोना पहन के नहीं निकल सकती हैं, लेकिन सोने जैसा खूबसूरत नेकलेस हार और कान की बाली महिलाओं की कमजोरी होती है. इसके बिना वह रह भी नहीं सकती हैं. इसी को अपना हथियार बनाई हैं. आज उनके पास दुल्हन हार, इयररिंग्स की जबरदस्त कलेक्शन सब कुछ देखने को मिल जाएगी और आज काफी अच्छा लगता है कि कम मेहनत में हम लोग अच्छा कमाते हैं अपने बॉस व अपने मालिक हैं. आज उनके 1500 से ज्यादा कस्टमर हैं और यह सारे कस्टमर काफी खुश हैं, जो दोबारा हमारे पास आते हैं तो एक रिस्क हमने लाइफ में लिया और इस रिस्क ने हमारी जिंदगी बदल दी. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। First Published : April 29, 2026, 14:26 IST Source link

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गुमला में किराए के मकान में दंपती का शव मिला:मौत के कारणों...

गुमला सदर थाना क्षेत्र के दुन्दुरिया में एक किराए के मकान से दंपती के शव संदिग्ध अवस्था में बरामद किए गए हैं। सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए गुमला सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है। मृतक दंपती की पहचान उनके भांजा जितेंद्र इंदवार, जोड़ा डार निवासी ने की है। जितेंद्र इंदवार ने बताया कि मृतक उनके मामा 62 वर्षीय विरसु तिर्की और मामी 58 वर्षीय विरसी तिर्की थे। वे भट्टी नवाडीह के निवासी थे और दुन्दुरिया में नवीन सिंह के मकान में किराए पर रहते थे। उनके बच्चे दूसरे राज्य में रहते हैं। पड़ोसियों के अनुसार, सोमवार रात दंपती खाना खाने के बाद दरवाजा बंद करके सो गए थे। मंगलवार शाम 8 बजे तक जब वे बाहर नहीं निकले, तो पड़ोसियों को संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां दोनों अचेत अवस्था में पाए गए। उन्हें तुरंत सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। थाना प्रभारी महेंद्र करमाली ने बताया कि पुलिस मामले की गहनता से छानबीन कर रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही दंपती की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा। Source link

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ऑटो के इंजन से निकला जहरीला कोबरा सांप:महेशपुर पेट्रोल पंप पर वन...

पाकुड़ जिले के महेशपुर प्रखंड स्थित एक पेट्रोल पंप पर ऑटो के इंजन से एक जहरीले कोबरा सांप को बचाया गया। बुधवार को तेल भरवाते समय लोगों ने सांप को देखा, जिसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई। वन विभाग के सर्प मित्र ने काफी मशक्कत के बाद सांप का सुरक्षित रेस्क्यू किया। यह घटना महेशपुर प्रखंड के गड़बाड़ी के पास स्थित दीपक कुमार के पेट्रोल पंप पर हुई। बुधवार को वाहनों की लंबी कतार लगी थी। एक मालवाहक ऑटो में तेल भरा जा रहा था, तभी पेट्रोल पंप के कर्मचारियों और वहां मौजूद कुछ लोगों की नजर ऑटो के इंजन से बाहर निकलते एक विशाल सांप पर पड़ी। तेल लेने आए लोग इधर-उधर भागने लगे सांप को देखते ही लोगों में हड़कंप मच गया और अफरातफरी फैल गई। तेल लेने आए लोग इधर-उधर भागने लगे, जबकि कुछ लोग मौके पर भीड़ लगाकर खड़े हो गए। तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग के सर्प मित्र मोहम्मद अशराफुल शेख अपनी टीम के साथ पेट्रोल पंप पहुंचे। उन्होंने ऑटो के चारों ओर मुआयना किया और पाया कि इंजन के पास एक जहरीला कोबरा सांप छिपा हुआ था। सर्प मित्र ने काफी प्रयास के बाद कोबरा सांप को सुरक्षित पकड़ लिया। रेस्क्यू के बाद सर्प मित्र अशराफुल शेख ने बताया कि पकड़े गए सांप की लंबाई लगभग 5 फीट है और यह एक जहरीला कोबरा है, जो काफी खतरनाक होता है। उन्होंने आशंका जताई कि संभवतः रात के समय जब ऑटो घर में खड़ा रहा होगा, तब सांप इंजन के पास छिप गया होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सांप ड्राइवर के केबिन तक पहुंच जाता तो कोई भी अनहोनी हो सकती थी। Source link

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बॉयज गैंग का मस्ती करने का प्लान है तो बेस्ट है यह...

Last Updated:April 29, 2026, 09:24 IST Ranchi Best Spot For Free Swimming: रांची के पास बुंडू साइड पर तिनकोनिया तालाब है जो गर्मी के दिनों में मस्ती करने का बेस्ट स्पॉट हो सकता है. घने जंगलों के बीच होने के कारण यह खासतौर पर ब्वॉयज गैंग के लिए अच्छा माना जाता है. इसके साफ पानी में आप जितनी चाहें, उतना फ्री में स्वीमिंग कर सकते हैं. ख़बरें फटाफट रांची. रांची से करीब 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बुंडू साइड पर आपको तिनकोनिया तालाब देखने को मिलेगा. दरअसल, यह थोड़ा अंदर है. आपको जंगल के बीच में जाना पड़ेगा. चारों तरफ जंगल हैं और बीच में यह बड़ा ही खूबसूरत तालाब है और पानी इतना साफ है कि आप चाहें तो उसको पी सकते हैं. लोग यहां पर दोपहर के 12 बजे नहाने के लिए चले आते हैं. कोई स्विमिंग करता है तो कोई बैठकर यूं ही मस्ती करता है. लड़कों के लिए है बेस्ट स्पॉटचूंकि यह जंगलों के बीच में है, तो ऐसे में खासतौर पर लड़कों का ग्रुप यहां आता है. अगर मस्ती करने के लिए कोई जगह ढूंढ रहे हैं, जहां स्विमिंग भी प्राकृतिक रूप से हो जाए, आम भी तोड़ लिया जाए और ऋषिकेश वाला मजा लिया जाए, तो फिर आप पूरे ग्रुप के साथ यहां पर आ सकते हैं. क्योंकि जंगल के बीच में होने के कारण यहां महिलाएं कम ही देखने को मिलती हैं. कोई डिस्टर्ब करने वाला नहींइस खूबसूरत तालाब का पानी एकदम ठंडा होता है. इसलिए खासतौर पर लोग दोपहर के 12:00 बजे ही आते हैं. आराम से एक बजे तक जल क्रीड़ा का आनंद लेते हैं. कोई छलांग लगाता है तो कोई स्विमिंग करता है, तो कोई यूं ही पानी में नाचता है. जिसको जो पसंद. गर्मी के मौसम में तो आपका पूरा मूड फ्रेश हो जाएगा. यहां आपको घने जंगल नजर आएंगे और आपको कोई डिस्टर्ब करने वाला कोई भी नहीं. यहां पर जाने का रास्ता भी है खूबसूरतयहां पर जाने का रास्ता भी बड़ा ही खूबसूरत है. आपको लगेगा कि आप घने जंगलों के बीच में समा रहे हैं. चारों तरफ पहाड़ हैं और बीच में आपको यह तालाब दिखेगा. यहां के स्थानीय निवासी रंजीत कहते हैं कि हमारा घर तो पास में ही है, लेकिन घर में नहीं नहाते. बल्कि घर में पानी की दिक्कत भी नहीं है. फिर भी यहीं आकर पूरे 1 घंटे नहाता हूं, मजे से स्विमिंग करता हूं. क्योंकि यहां का मजा ही कुछ और है, दिल एकदम खुश हो जाता है. पानी एकदम साफयहां पर पानी आपको एकदम साफ नजर आएगा. किसी तरह की कोई भी गंदगी नहीं है और खास बात यह है कि इस तालाब की गहराई भी बहुत अधिक नहीं है तो डूबने का डर भी नहीं होता. लोग यहां पर अपने कपड़े धोते हैं. यहां पर सर्फ-साबुन का इस्तेमाल करना मना है. आसपास के लोग ऐसा करने से आपको टोक सकते हैं, ताकि पानी गंदा न हो. एकदम सुनसान और वीरानअगर आप यहां आना चाहते हैं और खासतौर पर आप महिला हैं, तो अपने साथ तीन, चार, पांच लोगों को लेकर ही आएं. अकेली महिला आने से बचें. वहीं अगर आप पुरुष गैंग हैं, फिर तो कोई टेंशन नहीं, आराम से आ सकते हैं. एक बात का और ध्यान रखें कि शाम के 5:00 बजने के बाद निश्चित रूप से यहां से निकल जाएं. जंगलों के बीच में होने के कारण यह एकदम सुनसान और वीरान हो जाता है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand First Published : April 29, 2026, 09:24 IST Source link

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कोडरमा में हाई वोल्टेज करंट से मजदूर की मौत:निर्माणाधीन मकान में काम...

कोडरमा जिले के तिलैया थाना क्षेत्र के मड़ुआटांड़ में एक निर्माणाधीन मकान में काम करते समय एक मजदूर की 11 हजार वोल्ट के हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। यह घटना बुधवार सुबह हुई। मृतक की पहचान जयनगर थाना क्षेत्र के कन्द्रपडीह गांव निवासी 45 वर्षीय मनोज रजक उर्फ करू रजक के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, मड़ुआटांड़ रेलवे ब्रिज के पास उमेश मोदी नामक व्यक्ति के मकान का निर्माण कार्य चल रहा था। मनोज रजक बुधवार सुबह मकान के दूसरे माले पर सरिया रखने के लिए वहां पहुंचे थे। सरिया 11 हजार हाई वोल्टेज तार से सटा उमेश मोदी के पुत्र अंकित ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि मनोज घर के बाहर रखे सरिया को छत के दूसरे माले पर खींच रहा था। इसी दौरान, सरिया मकान के बगल से गुजर रहे 11 हजार हाई वोल्टेज तार की चपेट में आ गया। इससे मनोज को जोरदार झटका लगा और वह दूसरे माले से नीचे जमीन पर गिर गया। मकान मालिक से मुआवजे की मांग करंट लगने और ऊंचाई से गिरने के कारण मनोज का शरीर सुन्न पड़ गया। इसके बाद उमेश मोदी उसे अपने निजी वाहन से सदर अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन सदर अस्पताल पहुंचे। वे गहरे सदमे में हैं और मकान मालिक से मुआवजे की मांग कर रहे हैं। घटना की सूचना मिलने पर तिलैया थाना के पैंथर जवान घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी है। मनोज की मौत के बाद मकान मालिक उमेश मोदी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं।मृतक मनोज अपने पीछे दो पुत्रियों और एक पुत्र को छोड़ गए हैं। वह अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। Source link

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Jharkhand Naxal Encounter | Western Singhbhum Search Operation

पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा और टोंटो थाना क्षेत्र की सीमा पर स्थित बोरोई के पास बुधवार सुबह सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच आमना-सामना हो गया। . गुप्त सूचना के आधार पर कोबरा 209 बटालियन के जवान इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। इसी दौरान जंगल के भीतर संदिग्ध हलचल देखी गई, जिसके बाद दोनों ओर से हल्की गोलीबारी हुई। सर्च अभियान के दौरान जंगल के भीतर संदिग्ध हलचल देखी गई, जिसके बाद दोनों ओर से हल्की गोलीबारी हुई। हालांकि अब तक किसी बड़े मुठभेड़ या जानमाल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सुरक्षाबलों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए इलाके में अपनी पकड़ मजबूत कर ली। संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए आगे की रणनीति पर काम शुरू कर दिया। इनामी नक्सली कमांडर के होने की आशंका सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, बोरोई और आसपास के क्षेत्र में पिछले कुछ समय से माओवादी गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। खुफिया इनपुट के आधार पर यह भी आशंका जताई जा रही है कि इस दस्ते में एक करोड़ रुपए का इनामी नक्सली कमांडर मिसिर बेसरा भी शामिल हो सकता है। आशंका जताई जा रही है कि इस दस्ते में एक करोड़ रुपए का इनामी नक्सली कमांडर मिसिर बेसरा भी शामिल हो सकता है। पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सुरक्षाबलों का अभियान अभी जारी है। पूरे क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जवान पूरी सतर्कता के साथ आगे बढ़ रहे हैं। हर संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। घने जंगल और पहाड़ी बन रही सर्च में चुनौती बोरोई का इलाका घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों से घिरा हुआ है, जिससे सुरक्षाबलों के लिए ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण बन गया है। इसके बावजूद जवानों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी है। आसपास के गांवों में निगरानी बढ़ा दी गई है। स्थानीय स्तर पर भी सूचना तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है। आसपास के गांवों में निगरानी बढ़ा दी गई है। स्थानीय स्तर पर भी सूचना तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है, ताकि माओवादियों की हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन संभावित खतरे को देखते हुए पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन समाप्त होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी और तब तक सर्च अभियान लगातार जारी रहेगा। ————————————— इसे भी पढ़ें… सारंडा में 40 घंटे चली मुठभेड़ थमी, अब सर्च अभियान:कभी ग्रामीणों को डराते थे, अब नक्सली ही मांग रहे मदद, निशाने पर बड़े नक्सली चाईबासा के सारंडा के चड़राडेरा इलाके में बुधवार से शुरू हुई सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ करीब 40 घंटे बाद थम गई है। शुक्रवार को तीसरे दिन गोलीबारी नहीं हुई, लेकिन इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन जारी है। इस लंबी कार्रवाई ने कई बड़े और नामी नक्सलियों को दबाव में ला दिया है। आलम यह है कि कभी ग्रामीणों को डरा-धमका कर अपनी स्थिति नक्सलियों ने मजबूत की थी, वहीं आज वे उन्हीं ग्रामीणों से मदद मांग रहे हैं। ग्रामीणों से चावल और दूसरी जरूरत की चीजें वे मांग रहे हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें… Source link

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ट्रेजरी घोटाला मामले में चाईबासा से चार अरेस्ट:9 साल में निकाले 27...

चाईबासा पुलिस विभाग में सामने आए ट्रेजरी घोटाले के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में एक सिपाही सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। जांच में सामने आया है कि सिपाही देवनारायण मुर्मू ने वर्ष 2017 से 2025 के बीच लगभग 60 अलग-अलग लेनदेन के माध्यम से 27 लाख 21 हजार 717 रुपए की फर्जी निकासी की। यह राशि उसने अपने करीबी रिश्तेदारों और परिचितों के खातों में ट्रांसफर की थी। इस खुलासे के बाद पुलिस विभाग और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। मृत कर्मियों के नाम पर निकाली गई राशि आरोपी सिपाही ने कंप्यूटर डेटा में हेरफेर कर मृत पुलिसकर्मियों के वेतन, भत्ते और अन्य मदों से संबंधित राशि को अवैध तरीके से निकाला। इस प्रक्रिया में उसने छोटी-छोटी रकम निकालकर संदेह से बचने की कोशिश की। निकाली गई राशि को उसने अपने जीजा अरुण कुमार मार्डी, साला सरकार हेंब्रम और ओडिशा के मयूरभंज निवासी अपने मित्र गोराचांद मार्डी के बैंक खातों में स्थानांतरित किया। मामले में सभी आरोपियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। विभागीय जांच अभी जारी है। पिछले 10 वर्षों के रिकॉर्ड की होगी जांच घोटाले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त ने तत्काल प्रभाव से वेतन निकासी की प्रक्रिया को और सख्त कर दिया है। अब किसी भी कर्मचारी के वेतन भुगतान से पहले उसकी सेवा पुस्तिका, पद, जन्मतिथि और बैंक खाते का अनिवार्य सत्यापन किया जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक बिल पर निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी के हस्ताक्षर और प्रमाणन भी जरूरी कर दिया गया है। प्रशासन ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि वे पिछले 10 वर्षों के वेतन और बकाया मदों की निकासी की विस्तृत जांच करें। इस घोटाले के कारण कई कर्मियों का वेतन भुगतान भी प्रभावित हुआ है। Source link

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