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गिरिडीह में वरमाला से पहले हुई मारपीट:दूल्हे के साथ 5 लोगों की...

गिरिडीह जिले के जमुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत बेरहबाद गांव में एक शादी समारोह के दौरान उस समय अफरातफरी मच गई, जब वरमाला की रस्म से पहले दूल्हा और दुल्हन पक्ष के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते मामूली कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। दोनों पक्षों के लोग आपस में भिड़ गए। घटना में चार लोग घायल हो गए। जिन्हें इलाज के लिए गिरिडीह सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जाता है कि बारात मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के बदडीहा गप्पई गांव से बेरहबाद गांव पहुंची थी।स्वागत और अन्य रस्में शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई। इसके बाद विवाद हुआ। वरमाला में लोगों की संख्या को लेकर बढ़ा विवाद जानकारी के अनुसार, बारात पहुंचने के बाद वरमाला की तैयारियां की जा रही थीं। इसी दौरान लड़की पक्ष की ओर से यह बात कही गई कि वरमाला के मंच पर दूल्हे के साथ केवल पांच लोग ही जाएं। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि कुछ ही देर में दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। लाठी-डंडे चलने लगे। शादी का माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। समारोह स्थल रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। इस मारपीट में कमल दास (35 वर्ष), कारु दास (24 वर्ष), दलेश्वर दास (21 वर्ष) और सनोज कुमार दास (29 वर्ष) घायल हो गए। सभी घायल गप्पई गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। घायलों का अस्पताल में इलाज जारी घटना के बाद मौके पर मौजूद परिजन और स्थानीय लोगों ने किसी तरह स्थिति को संभाला और घायलों को तुरंत गिरिडीह सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। इस घटना के कारण शादी समारोह में कुछ समय के लिए तनाव और अफरातफरी का माहौल बना रहा। हालांकि बाद में स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। सूचना मिलने पर पुलिस भी मामले की जांच में जुट गई है। पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली जा रही है। Source link

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कोडरमा में CNG भराने को लेकर विवाद:पेट्रोल पंप पर दो पक्षों में...

कोडरमा जिले के तिलैया थाना क्षेत्र अंतर्गत महतो अहरा के समीप स्थित एक पेट्रोल पंप पर सीएनजी भराने को लेकर दो वाहन चालकों के बीच विवाद हो गया। यह विवाद देखते ही देखते मारपीट में बदल गया, जिसमें भू-अर्जन के पूर्व अमीन गजानन रजक और झुमरीतिलैया वार्ड संख्या 16 के वार्ड पार्षद के पति इमरान घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच गाड़ी खड़ी करने और कतार में आगे-पीछे होने को लेकर कहासुनी शुरू हुई थी, जो जल्द ही उग्र रूप ले बैठी। घटना के दौरान पेट्रोल पंप पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास मौजूद लोग भी सहम गए। दोनों ने एक-दूसरे पर लगाए गंभीर आरोप पूर्व अमीन गजानन रजक ने बताया कि वे अपने परिवार के साथ चंदवारा प्रखंड के हेरनो गांव में एक शादी समारोह से लौट रहे थे। इसी दौरान वे महतो अहरा स्थित पेट्रोल पंप पर सीएनजी भराने के लिए रुके थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इमरान अपनी कार लेकर आए और उनकी गाड़ी के आगे खड़ी कर दी। विरोध करने पर इमरान ने गाली-गलौज शुरू कर दी। गजानन का कहना है कि इसके बाद इमरान ने अपने 25-30 साथियों को बुला लिया, जिन्होंने उनके साथ जमकर मारपीट की। वहीं दूसरी ओर इमरान ने भी आरोप लगाया कि गजानन और उनके साथियों ने उन पर हमला किया। मारपीट के दौरान उनके गले से सोने की चेन छीन ली। पुलिस ने दोनों पक्षों से की पूछताछ घटना की सूचना मिलने के बाद तिलैया थाना पुलिस सक्रिय हुई। मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों की शिकायत दर्ज कर ली गई है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि विवाद की शुरुआत मामूली कहासुनी से हुई थी, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गई। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। Source link

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1 लाख रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए CWC के मैनेजर, CBI...

CBI ने हजारीबाग में रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किए गए सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन (CWC) के मैनेजर के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। जानें ये पूरा मामला क्या है। Source link

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चाईबासा के जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों में मुठभेड़, रुक-रुक कर हो...

Last Updated:April 29, 2026, 10:33 IST चाईबासा में गोइलकेरा और टोंटो थाना क्षेत्र के बीच जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चल रही है. यह मुठभेड़ बोरोई के पास सर्च ऑपरेशन के दौरान शुरू हुई और सुबह से जारी है. एसपी अमित रेणु ने इसकी पुष्टि की है. दोनों तरफ से रुक-रुक कर फायरिंग हो रही है. यह इलाका कोल्हान और सारंडा जंगल की सीमा पर स्थित है, जहां सुरक्षा बल लगातार ऑपरेशन चला रहे हैं.. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 29, 2026, 10:33 IST Source link

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मक्खन में नहायी पावभाजी, चिकन पकोड़ा, मसाला सोडा…सब है यहां, खबोड़ों की...

Last Updated:April 29, 2026, 10:18 IST Jamshedpur Famous Food Street Khao Gali: जमशेदपुर की एग्रिको खाओ गली यहां के फूडीज का फेवरेट ईवनिंग स्पॉट है. यहां शाम 6 से रात 10 बजे तक खाने के शौकीनों की जमकर भीड़ लगती है. थोड़ी सी दूरी पर 25 से 30 वेज, नॉनवेज फूड के स्टॉल हैं और सामने खुला मैदान. ख़बरें फटाफट जमशेदपुर. अगर आप खाने-पीने के शौकीन हैं और शाम के समय किसी बेहतरीन जगह की तलाश में हैं, तो जमशेदपुर की एग्रिको खाओ गली आपके लिए एक शानदार विकल्प हो सकता है. यह जगह खास तौर पर उन लोगों के लिए है जो अलग-अलग तरह के स्वाद का मजा एक ही जगह पर लेना चाहते हैं. हर दिन शाम 6:00 बजे से लेकर रात 10:00 बजे तक यह खाओ गली पूरी तरह से गुलजार हो उठती है. लगते हैं 25 से 30 स्टॉललगभग 100 मीटर की दूरी पर यहां 25 से 30 स्टॉल लगते हैं और हर स्टॉल पर कुछ न कुछ खास मिलता है. जैसे ही आप इस गली में कदम रखते हैं, सबसे पहले आइसक्रीम की ठंडी मिठास आपका स्वागत करती है. इसके बाद गोलगप्पा, लिट्टी-चोखा, बर्गर, पिज्जा, मोमोज, फ्रेंच फ्राइज, डोसा, इडली जैसे स्वादिष्ट व्यंजन एक-एक करके आपकी भूख को और बढ़ा देते हैं. नॉनवेज के शौकीनों के लिए भी बहुत कुछअगर आप नॉन-वेज पसंद करते हैं, तो यहां तंदूरी चिकन, चिकन पकोड़ा जैसे लजीज ऑप्शन भी मौजूद हैं. वहीं, गर्मी से राहत पाने के लिए कोल्ड ड्रिंक, मसाला सोडा और नोवेल्टी आइसक्रीम भी आसानी से मिल जाती है. पाव भाजी का मक्खन भरा स्वाद तो यहां आने वालों की खास पसंद में शामिल है. हर चीज बनती है फ्रेशइस खाओ गली की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां हर चीज आपके सामने ताजा बनाकर दी जाती है. साफ-सफाई का भी खास ध्यान रखा जाता है, जिससे आप बेफिक्र होकर खाने का आनंद ले सकते हैं. हर स्टॉल का स्वाद दूसरे से अलग होता है, जिससे आपको हर कदम पर नया अनुभव मिलता है. खुले मैदान में बिताएं समयइसके अलावा, इस जगह के पास ही एक बड़ा ग्राउंड भी है, जहां आप अपने दोस्तों या परिवार के साथ बैठकर क्वालिटी टाइम बिता सकते हैं. पहले स्वादिष्ट खाना खाइए और फिर खुले माहौल में बैठकर अपने पलों को यादगार बनाइए. यही इस जगह की खास पहचान है. तो अगर आप भी शाम को कहीं अच्छा समय बिताना चाहते हैं, दोस्तों के साथ घूमना चाहते हैं या अपने लव वन्स के साथ कुछ खास पल बिताना चाहते हैं, तो एक बार एग्रिको खाओ गली जरूर जाएं. यहां का स्वाद, माहौल और अनुभव आपको बार-बार आने पर मजबूर कर देगा. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand First Published : April 29, 2026, 10:15 IST Source link

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साल भर मिर्च की पैदावार, वो भी गमले में! कोडरमा की कंचन...

होमताजा खबरकृषि साल भर मिर्च की पैदावार: कोडरमा की कंचन उगा रही हैं ‘ब्लैक कोबरा’ वैरायटी Last Updated:April 29, 2026, 05:20 IST Koderma Black Cobra Chili : झुमरी तिलैया की कंचन सिंह ने गमले में बेहद तीखी ब्लैक कोबरा मिर्च उगाई हैं. उन्होंने बताया कि यह मिर्च सालभर उत्पादन देती है. जहां एक मिर्च ही सब्जी, अचार और चटनी के लिए काफी है. इस मिर्च की खासियत जानकर आप हैरान रह जाएंगे. ख़बरें फटाफट कोडरमा:  घर और रेस्टोरेंट में स्वादिष्ट व्यंजनों की पहचान मसालों से होती है और इनमें मिर्च की भूमिका सबसे अहम मानी जाती है, लेकिन अक्सर लोगों की शिकायत रहती है कि बाजार से खरीदी गई मिर्च अधिक मात्रा में डालने के बावजूद अपेक्षित तीखापन नहीं दे पाती. ऐसे में झुमरी तिलैया के बिशनपुर रोड निवासी गृहणी कंचन सिंह ने अपने घर के गमले में एक ऐसी खास मिर्च उगाई है. जिसकी चर्चा अब आसपास के लोगों के बीच हो रही है. इस मिर्च का नाम ब्लैक कोबरा है. जो अपने तेज तीखेपन और सालभर उत्पादन के लिए जानी जाती है.  गमले में लगाकर कर कर सकते हैं उत्पादन कंचन सिंह ने बताया कि जहां सामान्य तौर पर सब्जी बनाने में 8 से 10 मिर्च तक डालनी पड़ती थी. वहीं, अब सिर्फ एक ब्लैक कोबरा मिर्च ही पर्याप्त साबित हो रही है. उन्होंने इस मिर्च का बीज अपने एक परिचित से लिया था. बीज से पौधा तैयार कर गमले में लगाया गया और अब यह पौधा लगातार मिर्च दे रहा है. उन्होंने बताया कि पौधा लगाने के करीब 60 से 70 दिनों बाद इसमें मिर्च आनी शुरू हो जाती है और इसके बाद सालभर उत्पादन बना रहता है. इस पौधे की एक और बड़ी खासियत यह है कि इसमें मिर्च नीचे झुकने के बजाय आसमान की ओर ऊपर उठती हुई लगती है, जो इसे आम मिर्च के पौधों से अलग बनाती है. बाजार से मिर्च खरीदना जाएंगे भूल उन्होंने बताया कि ब्लैक कोबरा मिर्च का रंग भी इसे खास बनाता है. शुरुआत में यह हरे रंग की होती है, फिर धीरे-धीरे हल्के बैंगनी रंग में बदलती है और पकने के बाद लाल हो जाती है. इसका हल्का बैंगनी रूप सबसे ज्यादा तीखा होता है. उन्होंने बताया कि इस पौधे की सबसे बड़ी खूबी यह है कि पूरे साल मिर्च मिलती रहती है. जिससे अब बाजार से मिर्च खरीदने की जरूरत लगभग खत्म हो गई है. अधिक उत्पादन होने पर इसे सुखाकर भी रखा जा सकता है और जरूरत पड़ने पर उपयोग किया जा सकता है. अचार, चटनी, स्नैक्स में भी कर सकते हैं इस्तेमाल उन्होंने बताया कि नियमित सिंचाई और पर्याप्त धूप मिलने पर पौधा तेजी से बढ़ता है और अधिक मिर्च देता है. गमले में आसानी से उगने के कारण यह घरों के लिए बेहतर है. ब्लैक कोबरा मिर्च का इस्तेमाल सिर्फ सब्जियों तक सीमित नहीं है. इसका उपयोग चटनी, अचार, तीखे स्नैक्स और अन्य मसालेदार व्यंजनों में भी किया जा सकता है. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Kodarma,Jharkhand First Published : April 29, 2026, 05:20 IST Source link

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200-500 के बजट में शानदार एडी ज्वेलरी, दुल्हन की सहेली-भाभी करेंगी लकलक,...

Last Updated:April 29, 2026, 07:43 IST Palamu Markets AD Jewelry In Trend: शादी सीजन में लहंगे, कपड़ों के अलावा ज्वेलरी की भी खूब डिमांड रहती है. इसी क्रम में पलामू में आजकल एडी यानी अमेरिकन डायमंड की ज्यूलरी खूब पसंद की जा रही है. यह हर बजट में फिट बैठती है और मैचिंग ऑप्शन भी आसानी से मिल जाते हैं. ख़बरें फटाफट पलामू. शादी-विवाह का सीजन चल रहा है. ऐसे में पलामू की बाजारों में रौनक लौट आई है. यहां कपड़ों, श्रृंगार सामग्री और सजावटी सामानों के साथ ज्वेलरी दुकानों पर भी ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ रही है. किसी भी शादी समारोह में महिलाओं के श्रृंगार में ज्वेलरी की सबसे अहम भूमिका होती है. दुल्हन से लेकर घर की महिलाओं तक हर कोई अपने पहनावे के अनुसार आकर्षक गहनों की तलाश में बाजार पहुंच रहा है. यही वजह है कि इन दिनों पलामू के मेदिनीनगर सहित विभिन्न बाजारों में एडी ज्वेलरी की डिमांड बढ़ रही है. बजट फ्रेंडली और स्टाइलिशबता दें कि शादी के मौसम में अब महिलाएं महंगे सोने-चांदी के गहनों के साथ-साथ स्टाइलिश और बजट फ्रेंडली विकल्प भी पसंद कर रही हैं. इसी वजह से अमेरिकन डायमंड यानी एडी ज्वेलरी की मांग तेजी से बढ़ी है. कम कीमत में शानदार लुक और आकर्षक चमक मिलने के कारण यह हर वर्ग की महिलाओं की पसंद बन चुकी है. दुकानदारों का कहना है कि शादी-विवाह के सीजन में एडी सेट की बिक्री सबसे ज्यादा हो रही है. इसे आम तौर पर अमेरिकन डायमंड (AD) या CZ ज्वेलरी कहा जाता है, जो असली हीरे नहीं होते, बल्कि प्रयोगशाला में बने जिरकोनियम डाइऑक्साइड के क्रिस्टल से बने होते हैं. लेकिन ये असली हीरे की तरह ही रंगहीन, चमकदार और दोषरहित दिखते हैं. मिलता है रॉयल लुकपलामू जिले के मेदिनीनगर शहर के बाजार स्थित रूप रंग शॉप में अमेरिकन डायमंड ज्वेलरी देखने को मिल रही है. दुकानदार राजीव कुमार ने लोकल18 को बताया कि इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी चमक और डिजाइन है. यह देखने में बिल्कुल डायमंड सेट जैसी नजर आती है, जिससे पहनने वाली महिलाओं को खास और रॉयल लुक मिलता है. ब्राइडल सेट में इसकी मांग सबसे अधिक है. दुल्हनें अपने लहंगे और साड़ी के अनुसार ग्रीन, रेड, सिल्वर, पिंक, रूबी रेड, पिस्ता और बेबी पिंक रंगों के सेट पसंद कर रही हैं. हर नए सीजन में दुकानदार नए डिजाइन और नया कलेक्शन ला रहे हैं. हर बजट में होती फिटउन्होंने कहा कि एडी ज्वेलरी 200 रुपये से शुरू होकर 1000 से 1200 रुपये तक उपलब्ध है. नेकलेस सेट, हार, झुमका, ईयररिंग्स और मैचिंग ब्राइडल सेट की अच्छी रेंज दुकानों में सजी हुई है. इसके अलावा कुंदन सेट भी अलग-अलग डिजाइन और रंगों में उपलब्ध हैं, जिन्हें महिलाएं खूब पसंद कर रही हैं. कम बजट में शानदार ज्वेलरी मिलने से मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए यह बेहतर विकल्प साबित हो रहा है. टिकाऊ होती है यह ज्वेलरीआगे कहा कि एडी ज्वेलरी टिकाऊ भी होती है. यदि इसे नमी, परफ्यूम और मॉइश्चराइजर से बचाकर रखा जाए तो इसकी चमक लंबे समय तक बनी रहती है. यही कारण है कि आजकल की महिलाओं के बीच यह पसंदीदा फैशन ट्रेंड बन चुका है. शादी-विवाह के इस सीजन में पलामू के बाजार में अमेरिकन डायमंड ज्वेलरी की भारी डिमांड देखी जा रही है और आने वाले दिनों में इसकी बिक्री और बढ़ने की उम्मीद है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand First Published : April 29, 2026, 07:43 IST Source link

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वज्रपात और आंधी का खतरा! रांची जमशेदपुर…. झारखंड के कई जिलों में...

Last Updated:April 29, 2026, 08:05 IST Jharkhand Aaj Ka Mausam: झारखंड में भीषण गर्मी के बीच कई जिलों में बादल छाए रहने की संभावना है. इसके साथ ही कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और आंधी की संभावना बनी हुई है. IMD ने 28 से 30 अप्रैल तक ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. ख़बरें फटाफट झारखंड के कई जिलों में आज बारिश की संभावना है ( एआई फोटो ) रांची: झारखंड में इन दिनों मौसम दो रंग दिखा रहा है. एक तरफ जहां भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है. वहीं, दूसरी ओर बादल के गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और आंधी की संभावना बनी हुई है. IMD के अनुसार आज झारखंड के कई जिलों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश या आंधी की संभावना भी है. वहीं, राजधानी रांची, बोकारो, हजारीबाग और गिरिडीह में दिनभर आंशिक बादल छाए रहने की उम्मीद है. इन क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जो सामान्य से थोड़ा कम है. बता दें कि आज झारखंड की राजधानी रांची में अधिकतम तापमान 37-38 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है. जबकि न्यूनतम तापमान 22-24 डिग्री के करीब रहेगा. आज जमशेदपुर, बोकारो, धनबाद और डाल्टनगंज जैसे इलाकों में दिन का पारा 39-42 डिग्री तक पहुंच सकता है. पलामू, चाईबासा और गढ़वा संभाग में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ रही है. इन जिलों का तापमान 43 डिग्री के करीब रह सकता है. वहीं, जमशेदपुर, डाल्टनगंज और चाईबासा जैसे दक्षिणी जिलों में गर्मी का असर अभी भी बरकरार है. शहरों का तापमान और AQI   शहर तापमान अधिकतम/न्यूनतम AQI रांची 39/26 140 जमशेदपुर 43/29 150 हजारीबाग 41/26 160 धनबाद 42/28 150 IMD ने आज 28, 29 और 30 अप्रैल के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. आज राज्य के कई जिलों में गरज-चमक, वज्रपात, तेज हवाएं चल सकती हैं. जहां ये हवाएं 30-50 किमी प्रति घंटा से चलने की संभावना है. इसके अलावा कहीं-कहीं ओलावृष्टि की भी आशंका है. साथ ही उत्तर-पूर्वी और मध्य झारखंड रांची, बोकारो, हजारीबाग, रामगढ़, कोडरमा, गुमला आदि में हल्की से मध्यम बारिश के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. दक्षिणी हिस्सों में आड गर्मी का असर ज्यादा रहने की संभावना है. जबकि कुछ जगहों पर बादल राहत दे सकते हैं. झारखंड में आने वाले दो-तीन दिनों में कई जिलों में प्री-मानसून गतिविधियां बढ़ने की संभावना है, जिससे तापमान में और गिरावट आ सकती है. फिलहाल लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है. बता दें कि गर्म हवाओं का असर अभी भी बना हुआ है. लोगों को दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचना चाहिए. साथ ही पर्याप्त पानी पीना, हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनना और छाता या टोपी का इस्तेमाल करना जरूरी है. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand First Published : April 29, 2026, 06:09 IST Source link

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कुआं रिंग बनाते हैं रांची के मिस्त्री रहमान, हर तीसरे दिन 15000...

Last Updated:April 29, 2026, 08:10 IST Ranchi Rehman Kuaan Ring Maker: रांची के पिठोरिया के रहमान गर्मी में कुआं रिंग बनाने का काम करते हैं. यूं तो ये काम सीजनल है, जिसकी मांग इस मौसम में ज्यादा रहती है पर वे सीजनभर में ही मोटी कमाई कर लते हैं. इससे पूरे साल उनका खर्च इत्मीनान से चलता है. ख़बरें फटाफट रांची. रांची के पिठोरिया के रहमान खासतौर पर कुआं रिंग बनाने का काम करते हैं. इन्हें वे अपने हाथों से ही बनाते हैं. उन्होंने बताया कि ‘गर्मी के दिनों में इसका ऑर्डर बहुत आता है. खासतौर पर ग्रामीण एरिया में हर दूसरे-तीसरे दिन कुआं रिंग की डिमांड होती है और मैं खुद जाकर सेट करता हूं. जिसका रेट लगभग 15,000 तक होता है, तो गर्मी के दो महीने में ही अच्छा-खासा लाख रुपये के ऊपर कमा लेता हूं. रहमान बताते हैं, गर्मी में खासतौर पर यह बनाना बेहद ही आसान होता है. क्योंकि कड़ी धूप होती है और कड़ी धूप में रिंग आसानी से सूख जाती है. दूसरी बात कड़ी धूप के चलते कुआं की भी जरूरत अधिक पड़ती है. ऐसे में खास जितने भी ग्रामीण एरिया हैं, वहां से हर दूसरे व तीसरे दिन ऑर्डर आते हैं. हालांकि यह पूरी तरह सीजनल काम है. एक रिंग की कीमत होती है ₹800एक रिंग की कीमत ₹800 होती है. तो अगर एक कुआं बनाना होता है तो इस तरीके के 10 से 15 रिंग की जरूरत पड़ती है और क्योंकि वहीं जाकर फिट करता हूं, तो 15 से 16,000 तक का रेट आराम से चला जाता है. अगर थोड़ा और डीप जाना हो तो रेट 18,000 तक भी जाती है और यह सिर्फ कुआं ही नहीं बल्कि घर में जो जल संचय होता है, उसमें भी काम आता है. जल संचय में भी काम आता हैकई लोग ऐसे होते हैं जो अपने घरों के आगे इस तरह के रिंग जमीन के अंदर डलवाते हैं और पूरा का पूरा एक ब्लॉक बनवाते हैं. ताकि बारिश का पानी या फिर और पानी जो छत से टपक रहा है, वह सब सुरक्षित इसमें स्टोर होता रहे. तो ऐसे में खासतौर पर बरसात के मौसम में भी इस तरह के ऑर्डर आते हैं. अभी फिलहाल हर दिन 20-25 रिंग अपने हाथों से ही बनाता हूं. बच्चे पढ़ते हैं अच्छे स्कूलों मेंमेरे बच्चे अच्छे इंटरनेशनल स्कूलों में पढ़ते हैं. दो बच्चे हैं, दोनों पढ़ाई में काफी अव्वल हैं. ऐसे में यह जो दो-तीन महीनों में बंपर कमाई होती है, उनकी शिक्षा के लिए मैं सेव करके रखता हूं. क्योंकि सालभर फिर इतनी कमाई नहीं हो पाती. ऐसे में यह जो जैकपॉट वाला समय होता है, इसका इस्तेमाल करता हूं. ताकि आगे उनकी पढ़ाई न रुके और पूरे घर की जिम्मेदारी उठाता हूं. कोई काम छोटा-बड़ा नहींमुस्कुराते हुए आगे बताते हैं कि काम कोई छोटा-बड़ा नहीं होता. मिस्त्री हैं तो क्या हुआ, अगर आप शिद्दत के साथ काम करें और मेहनत पूरी लगन के साथ करें तो आप इसी में बहुत बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं. लेकिन कई बार लोगों में झिझक होती है कि यह छोटा काम मैं कैसे करूं. अगर यह चीज हटा दी जाए तो काम करने के कई विकल्प हैं और कमाने के भी.’ About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand First Published : April 29, 2026, 08:10 IST Source link

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किसान हो तो जेवियर लकड़ा जैसे… मिक्सड फार्मिंग में कर रहे हैं...

होमताजा खबरकृषि किसान हो तो जेवियर लकड़ा जैसे…1 खेत में उगा रहे ये 5 सब्जियां, कमाई है बंपर Last Updated:April 29, 2026, 07:34 IST Ranchi Kisan Xavier Lakra Story: रांची के दमी गांव के किसान जेवियर लकड़ा खेती में कमाल कर रहे हैं. वह एक एकड़ में 5 तरह की सब्जियों और फलों की खेती करते हैं. जहां इस समय उनके खेत में 150 से ज्यादा आम के पेड़ हैं. आइये जानते हैं उनकी खेती के बारे में. ख़बरें फटाफट रांची: झारखंड की राजाधानी रांची के दमी गांव के रहने वाले जेवियर लकड़ा अपने घर के पास ही अपने एक एकड़ फॉर्म में हर तरह की खेती करते हैं. खासतौर पर वह आम की खेती के लिए मशहूर हैं. आज उनके पास 150 से अधिक आम के पेड़ हैं. इसके अलावा लीची, धनिया पत्ता, मिर्ची, भिंडी जैसी सारी चीजों की खेती करते हैं, जिससे आज उन्हें लाखों का मुनाफा हो रहा है और उन्होंने अपने सीक्रेट खाद के बारे में भी लोकल 18 की टीम से जानकारी साझा की. आइये जानते हैं उनकी खेती के बारे में. भेड़ के खाद का करते हैं इस्तेमाल जेवियर लकड़ा ने लोकल 18 से बताया कि वह खेती के साथ-साथ 4 बैल और भेड़ भी पाले हुए हैं. ऐसे में बैल और भेड़ का जो वेस्ट होता है, वह उसको केंचुआ खाद में मिलाते हैं और उसको खाद के रूप में इस्तेमाल करते हैं. इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति काफी अच्छी रहती है और साथ में थोड़ा चूना भी मिला देते हैं, जिससे मिट्टी का पीएच लेवल एकदम बैलेंस रहता है. फार्म के बीच में ही बनाया है घर जेवियर बताते हैं कि उनके घर के चारों तरफ बगान है और बीच में यह उनका घर है. फिलहाल इस समय उनके बगान में कच्चे आम के फल पेड़ में ज्यादा लदे हुए हैं, जिसको हम लोग पका कर बाजार में बेचने का काम करते हैं, तो कुछ प्राकृतिक तौर पर भी पकते हैं. ऐसे में उन्हें कच्चे आम के भी दाम मिल जाते है और पका हुआ का फिलहाल मार्केट में ₹120 किलो तक मिल जाता है. हर दिन उन्हें 15 केजी तक पका आम मिल जाता है. लीची से लेकर मिर्ची तक है तैयार इसके अलावा उनके पास लीची के भी कई सारे पेड़ देखने को मिलेंगे, लेकिन लीची फिलहाल कच्चा है. जहां आने वाले 15 दिनों में वह भी पक जाएंगे और तो और पेड़ के छांव वाली जगह पर मिर्च की खेती होती है. उसमें वह कई तरह के साग और धनिया पत्ता जैसे चीजों की खेती करते हैं. क्योंकि इससे सूर्य की रोशनी सीधे नहीं पड़ती और जगह का भी उपयोग बढ़िया से हो जाता है. उन्होंने आगे बताया इस बगान को तैयार करने में उन्हें 8 से 9 साल का समय लगा है. यह सारे पेड़ इतने ही साल पुराने हैं. अभी और नए पेड़ करीबन 70 पौधे आम के और लगाया हुए हैं, जो आने वाले 4 साल में फल देने लगेंगे. इसी तरह हर साल 60 से 70 पेड़ लगा देते हैं. इससे क्या है गर्मी के मौसम का वक्त होता है. इसमें अच्छी खासी डेढ़ लाख तक की कमाई हो जाती है और यह मुनाफा रुकता नहीं है. साल भर खेती से होता रहता है. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand First Published : April 29, 2026, 07:34 IST Source link

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