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विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 30 जुलाई से शुरू होगा:श्रद्धालुओं की सुविधा और...

देवघर में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 30 जुलाई से शुरू होगा। इस वार्षिक मेले के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। हर साल लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से बाबा बैद्यनाथ मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ पर जलार्पण करते हैं। प्रशासन श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने में जुटा है। इसी क्रम में, देवघर समाहरणालय में उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें जिले के सभी प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी शामिल हुए। बैठक में श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेले से पहले सभी मूलभूत व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं। उन्होंने पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधा, सफाई व्यवस्था और श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए अस्थायी पंडाल जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने पर जोर दिया, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उपायुक्त ने यह भी जानकारी दी कि जल्द ही पूरे कांवरिया पथ का निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान मार्ग में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया जाएगा और आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि श्रावणी मेले के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। मेले में आईपीएस और डीएसपी स्तर के अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। इसके अतिरिक्त, बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहेगा ताकि श्रद्धालु कतारबद्ध होकर मंदिर में प्रवेश कर सुरक्षित रूप से जलार्पण कर सकें। श्रावणी मेले को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अब पूरी गति पकड़ चुकी हैं। Source link

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स्क्रीन चटकी, बैटरी खराब या मदरबोर्ड डेड? जमशेदपुर के इस मार्केट में...

Last Updated:May 02, 2026, 16:35 IST Jamshedpur Famous Mobile Repair Market: जमशेदपुर की जवाहर मार्केट मोबाइल रिपेयरिंग के लिए बहुत फेमस है और ये बाजार कम से कम 20-25 साल पुरानी है. यहां लाइन से इतनी ही दुकानें हैं जहां मोबाइल से जुड़ी हर एक्सेसरी भी मिलती हैं और आंखों के सामने फोन ठीक करके दिया जाता है. ख़बरें फटाफट जमशेदपुर. आज के समय में स्मार्टफोन हर किसी की जरूरत बन चुका है. चाहे पढ़ाई हो, काम हो या मनोरंजन – हर चीज के लिए लोग अपने फोन पर निर्भर हैं. लेकिन परेशानी तब बढ़ जाती है, जब फोन खराब हो जाता है और सर्विस सेंटर में भी ठीक नहीं हो पाता. ऐसे में लोग अक्सर नया फोन खरीदने की सोचने लगते हैं. लेकिन जमशेदपुर का एक ऐसा बाजार है, जहां आपकी यह चिंता काफी हद तक खत्म हो सकती है. यह है शहर का मशहूर जवाहर मार्केट, जिसे सुपर सेल मार्केट के नाम से भी जाना जाता है. यह बाजार मोबाइल रिपेयरिंग के लिए किसी हब से कम नहीं है. यहां 20 से 25 साल पुराने फोन भी आसानी से ठीक कर दिए जाते हैं, जो आज के समय में बेहद दुर्लभ बात है. मिलता है हर पार्टइस मार्केट की सबसे खास बात यह है कि यहां आपको लगभग हर तरह के मोबाइल पार्ट्स मिल जाते हैं. चाहे फोन की स्क्रीन टूट गई हो, बैटरी खराब हो, मदरबोर्ड में दिक्कत हो या कोई छोटा-मोटा पार्ट बदलना हो – हर समस्या का समाधान यहां मौजूद है. दुकान संचालक शेख आबिद बताते हैं कि इस मार्केट में करीब 25 से 30 मोबाइल रिपेयरिंग की दुकानें हैं, जहां अनुभवी कारीगर काम करते हैं. रिपेयरिंग भी होती हैयहां सिर्फ रिपेयरिंग ही नहीं, बल्कि फोन से जुड़ी कई अन्य सेवाएं भी मिलती हैं. जैसे – स्क्रीन लेमिनेशन, बैक कवर बदलना, सॉफ्टवेयर अपडेट करना और नए-पुराने सभी मॉडल्स की सर्विसिंग. खास बात यह है कि यहां पुराने से पुराने और नए से नए स्मार्टफोन के लिए भी जरूरी चीजें आसानी से उपलब्ध रहती हैं. उसी दिन ठीक कर देते हैं फोनजवाहर मार्केट की लोकप्रियता सिर्फ जमशेदपुर तक सीमित नहीं है. आसपास के गांवों से भी लोग यहां आते हैं. कई ग्राहक तो 50 से 60 किलोमीटर दूर से सिर्फ अपना फोन बनवाने के लिए इस बाजार तक पहुंचते हैं. यहां की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अधिकतर मामलों में फोन उसी दिन ठीक करके दे दिया जाता है, जिससे लोगों का समय और पैसा दोनों बचता है. चार्ज भी वाजिब होते हैंइसके अलावा, यहां काम पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाता है. ग्राहक के सामने ही फोन की मरम्मत की जाती है और कीमत भी काफी वाजिब होती है. यही वजह है कि लोग इस बाजार पर भरोसा करते हैं और बार-बार यहां आना पसंद करते हैं. जमशेदपुर का यह जवाहर मार्केट उन लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जिनका फोन खराब हो गया है और उन्हें जल्दी और सस्ते में समाधान चाहिए. यह बाजार न सिर्फ लोगों की समस्याएं हल कर रहा है, बल्कि पुराने फोन को नई जिंदगी भी दे रहा है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand Source link

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आदित्यपुर में नवनिर्मित कंपनी में गिरे दो मजदूर, मौत:20 फीट की ऊंचाई...

सरायकेला जिले के आदित्यपुर स्थित एक नवनिर्मित कंपनी में शनिवार को एक हादसे में दो मजदूरों की मौत हो गई। यह घटना आरआईटी थाना क्षेत्र में हुई, जहां ऊंचाई पर काम करते समय संतुलन बिगड़ने से वे नीचे गिर गए। इस हादसे में नीचे काम कर रहे दो अन्य मजदूर ठाकुर बेसरा और रंजीत जेना भी गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका इलाज स्थानीय नर्सिंग होम में जारी है। मृतकों की पहचान रामू मुर्मू (30) और लखींद्र हांसदा (28) के रूप में की गई। दोनों गम्हरिया के नीलडूंगरी निवासी थे। जानकारी के अनुसार, रामू मुर्मू और लखींद्र हांसदा लगभग 20 फीट की ऊंचाई पर निर्माण कार्य कर रहे थे। संतुलन बिगड़ने के कारण वे नीचे गिरे और सीधे नीचे काम कर रहे अन्य मजदूरों पर जा गिरे। इससे चारों मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल एमजीएम अस्पताल लाया गया साथी मजदूरों और स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तत्काल एमजीएम अस्पताल लाया गया। वहां चिकित्सकों ने रामू मुर्मू और लखींद्र हांसदा को मृत घोषित कर दिया। मृतकों के परिजनों और अन्य मजदूरों ने आरोप लगाया है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। उनका कहना है कि ऊंचाई पर काम करने के बावजूद मजदूरों को सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे। ठेकेदार के लोग अस्पताल में शव छोड़कर हुए फरार यह भी सामने आया है कि दोनों मृतक ठेका श्रमिक थे। हादसे के बाद ठेकेदार के लोग अस्पताल में शव छोड़कर फरार हो गए, जिससे मजदूरों और परिजनों में गहरा आक्रोश है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने कंपनी से उचित मुआवजे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। Source link

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प्रेमिका की तय हुई शादी, प्रेमी चढ़ा टावर पर:गढ़वा में युवती की...

गढ़वा में शनिवार को एक युवक अपनी प्रेमिका कर दूसरे युवक से शादी तय होने के बाद 100 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। वहां से वो जान देने की धमकी देने लगा। मामला रंका थाना क्षेत्र के खपरो मानपुर गांव की है। दरअसल, खपरो गांव के असदुल्ला अंसारी का मानपुर की एक लड़की से पिछले दो साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। जब लड़की के घरवालों ने उसकी शादी दूसरी जगह तय कर दी, तो इससे नाराज होकर असदुल्ला मोबाइल टावर पर चढ़ गया और जान देने की धमकी देने लगा। प्रेमी और प्रेमिका की शादी कराने पर सहमति बनी थी असदुल्ला के पिता खुर्शीद अंसारी ने बताया कि लड़की भी उन्हीं के समुदाय की है। एक सप्ताह पहले रंका थाना में दोनों परिवारों के बीच समझौता भी हुआ था, जिसमें प्रेमी और प्रेमिका की शादी कराने पर सहमति बनी थी। हालांकि, लड़की के घरवालों ने बाद में उसकी शादी दूसरी जगह तय कर दी। इधर, सूचना मिलने पर रंका पुलिस मौके पर पहुंची और असदुल्ला अंसारी को टावर से नीचे उतारने का प्रयास शुरू किया। पुलिस पदाधिकारी अभिजीत गौतम ने बताया कि यह प्रेम प्रसंग का मामला है। उन्होंने पुष्टि की कि दोनों परिवारों में शादी की सहमति बनी थी, लेकिन किसी कारणवश बात बिगड़ गई और लड़की वालों ने शादी से इनकार कर दिया। Source link

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टुनटुन दीदी के हाथों का जादू… समोसे की ऐसी बिक्री देखी नहीं...

Last Updated:May 02, 2026, 08:30 IST Ranchi TunTun Didi Samosa: रांची में टुनटुन दीदी की सड़क किनारे समोसा दुकान की जबरदस्त डिमांड है. यह हर रोज 700 से 800 समोसे बिकते हैं. यहां समोसा खाने वालों की भीड़ लगी रहती है. आइये जानते हैं उनकी रेसिपी के बारे में. ख़बरें फटाफट रांची: झारखंड की राजधानी रांची से दस माइल चौक जब आप जाएंगे तो यहां से एक पतली सड़क टोरियन वर्ल्ड स्कूल की तरफ जाती है. बस वहीं से थोड़ा आगे एक बाजार लगती है. जहां पर खासतौर पर एक टुनटुन दीदी बांस और तिरपाल में दुकान लगाती हैं, इसके बाद भी उनके समोसे काफी लोकप्रिय हैं. यहां एक बार आप खायेंगे तो बार-बार खाने पहुंच जाएंगे. इसकी सबसे खास बात यह है कि वह ना कोई अपना खास दुकान लगाती हैं और ना ही कोई तामझाम है. बस एक छोटा सा टोकरी और कढ़ायी में समोसा यहां समोसा तैयार करती हैं. टुनटुन दीदी बताती हैं कि वह अपने घर से ही आलू के चोखे और आटा गूथ कर लाती हैं. यहां पर एकदम फ्रेश सबके सामने बनाती हैं. बस 7-8 लकड़ी से एक छोटा सा तिरपाल का छत जैसा उन्होंने बनाकर रखा है. बारिश में बचने के लिए और यहीं पर शाम के 3:00 बजे से बनाना शुरू कर देती हैं. जहां डेली 500 पीस तो सिर्फ पास के वाटर पार्क में ही चल जाता है. 700-800 पीस यूं ही हो जाते हैं खत्म उन्होंने बताया कि 500 पीस सिर्फ वाटर पार्क में ही चले जाते हैं और फिर वो लोग वाटर पार्क के अंदर हमारे ही समोसे को डबल रेट में बेचते हैं. इसके अलावा यहां के आसपास लोग शाम होते ही यहां पर आ जाते हैं. एक बार में वह 30 से 35 समोसा छानती हैं और मुश्किल से 15 मिनट के अंदर यह सारा खत्म हो जाता है. आलम यह है कि उन्हें कम से कम कर से पांच बार आटा यहीं पर गूथने पड़ते हैं. वह समोसे के साथ-साथ आलू की सब्जी भी देती हैं. ऐसा आलू की सब्जी आपको कहीं और देखने को नहीं मिलेगा. एकदम अपना खेत का आलू होता है और इसमें अपना घर का मिक्स मसाला होता है, जो अपने हाथों से बनाते हैं. ऐसे में कह सकते हैं कि सीक्रेट मसाला डालकर बनाते हैं. ऐसे नहीं यहां पर हर 3000- ₹4000 तक के समोसे की डेली बिक्री हो जाती है. पूरे रांची में कहीं नहीं मिलेगा ऐसा समोसा यहां पर समोसे का स्वाद लेने के लिए 15 मिनट पहले से इंतजार करने वाले रमेश बताते हैं कि वह क्योंकि रांची से 5 किलोमीटर बाहर की तरफ गांव से आते हैं. वह पूरे रांची में हर जगह का समोसा खा चुके हैं. उन्हें ऐसा समोसा कहीं नहीं मिलाहै. इसीलिए आलम यह है कि फोन करके उन्हें एडवांस ऑनलाइन बुकिंग करना पड़ता है कि भई मेरे लिए 15 पीस रख देना. जैसे टिकट की बुकिंग होती है ऐसा हम लोग फोन से समोसे की बुकिंग करते हैं. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

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जामताड़ा के जीतपुर जंगल में प्रेमी जोड़े का मिला शव:लाश के पास...

जामताड़ा जिले के मिहिजाम थाना क्षेत्र के जीतपुर जंगल में शनिवार को एक युवक और एक युवती के शव बरामद हुए। झाड़ियों के बीच शव पड़े देखकर स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर मिहिजाम थाना प्रभारी प्रदीप राणा अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और शवों को कब्जे में लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस इंस्पेक्टर अब्दुल रहमान भी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। प्रारंभिक जांच में मृत युवक की पहचान बोदमा गांव निवासी सागेन हेंब्रम के रूप में हुई है, जो कथित तौर पर शादीशुदा था। मृतका की पहचान पश्चिम बंगाल के सालनपुर थाना क्षेत्र के महेशपुर निवासी मालती मुर्मु के तौर पर की गई है। थाना प्रभारी प्रदीप राणा ने बताया कि घटनास्थल से जहर की एक बोतल बरामद हुई है। प्रथम दृष्टया यह मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा प्रतीत हो रहा है और आशंका जताई जा रही है कि दोनों ने जहर खाकर आत्महत्या की है। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। पुलिस इस मामले में आत्महत्या और अन्य संभावित कारणों सहित सभी पहलुओं से गहराई से जांच कर रही है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। Source link

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प्रिंस खान का गुर्गा शैफी उर्फ मेजर रिमांड पर:पुलिस ने फिर 3...

धनबाद में कुख्यात भगोड़े प्रिंस खान के नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। उसके मुख्य गुर्गे शैफी उर्फ मेजर को एक बार फिर तीन दिनों के रिमांड पर लिया गया है। पुलिस पूछताछ में कई अहम खुलासे होने के बाद कार्रवाई तेज कर दी गई है। शैफी उर्फ मेजर की गिरफ्तारी के बाद धनबाद पुलिस को पहले तीन दिनों का रिमांड मिला था। शनिवार को कोर्ट से उसे फिर तीन दिनों की रिमांड पर लिया गया है। धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि 10 सदस्यीय विशेष टीम लगातार शैफी से पूछताछ कर रही है। पूछताछ के दौरान पुलिस को प्रिंस खान के नेटवर्क से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं। इनके आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जिनमें जमीन कारोबारी भी शामिल हैं। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से कई हथियार भी बरामद किए हैं। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि कुछ सफेदपोश और मीडिया से जुड़े लोगों की भी प्रिंस खान से सांठगांठ थी। ये लोग उसके संगठन को आर्थिक मदद देने के साथ-साथ धमकी भरे वीडियो के प्रचार-प्रसार में भी शामिल थे। पुलिस फिलहाल पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है। Source link

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जंगल के पत्तों से हर महीने हजारों कमा रहीं महिलाएं! इनके दोना-पत्तल...

Last Updated:May 02, 2026, 10:06 IST Jamshedpur News: जमशेदपुर के पास बड़ा तालसा गांव की महिलाएं पत्तों से हजारों कमाती हैं. दरअसल ये सुबह जंगल से साल के पत्ते तोड़ती हैं और फिर उनसे दोना-पत्तल बनाकर बाजार में बेचती हैं. इससे उनकी अच्छी आय होती है और पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुंचता. ख़बरें फटाफट जमशेदपुर. जमशेदपुर से करीब 20 किलोमीटर दूर तिरुलड़ी के बड़ा तालसा गांव की यह कहानी आधुनिकता और परंपरा के बीच एक खूबसूरत संतुलन को दिखाती है. जहां शहरों में शादी-पार्टी या किसी भी कार्यक्रम में प्लास्टिक और थर्माकोल की प्लेटों का इस्तेमाल आम बात हो गई है, वहीं यह गांव आज भी प्रकृति के करीब रहकर अपनी पुरानी परंपराओं को जिंदा रखे हुए है. सुबह 5 बजे चल देती हैं जंगल की ओरइस गांव की खासियत है यहां की महिलाएं, जो हर रोज सुबह 5 बजे ही अपने दिन की शुरुआत कर देती हैं. सूरज उगने से पहले ही वे समूह में जंगल की ओर निकल पड़ती हैं और वहां से साल के पत्ते तोड़कर लाती हैं. यह काम सिर्फ रोजमर्रा की जरूरत नहीं, बल्कि उनके जीवन का एक अहम हिस्सा बन चुका है. दिनभर की मेहनत के बाद शाम तक वे इन पत्तों से दोना और पत्तल तैयार कर लेती हैं. प्लास्टिक, थर्माकोल का नहीं होता इस्तेमालगांव की महिला श्रुति हेमरोम बताती हैं कि उनके यहां आज भी किसी भी प्रकार के प्लास्टिक, थर्माकोल या पेपर प्लेट का इस्तेमाल नहीं किया जाता. गांव के लोग पूरी तरह से प्राकृतिक चीजों पर निर्भर हैं. साल के पत्तों और नीम की डंठल से बने दोना-पत्तल न सिर्फ पर्यावरण के लिए सुरक्षित हैं, बल्कि यह गांव की आय का एक मजबूत जरिया भी बन चुके हैं, जिससे लोग लाभ ले रहे हैं. हर महीने हजारों की कमाईइन महिलाओं की मेहनत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे हर महीने हजारों रुपये की कमाई कर लेती हैं. खास बात यह है कि उनके बनाए हुए पत्तल और दोना खरीदने के लिए दूर-दराज के लोग भी गांव तक आते हैं. आसपास के इलाकों में लगने वाले ठेले – जहां समोसा, आलू चाप, वेजिटेबल चप और धुस्का जैसे स्थानीय व्यंजन मिलते हैं -वहां भी इन्हीं पत्तों से बने दोने-पत्तल का इस्तेमाल होता है. ऐसे जी सकते हैं बेहतर जीवनयह परंपरा सिर्फ रोजगार का साधन नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की एक बेहतरीन मिसाल भी है. जहां एक तरफ शहरों में प्लास्टिक का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है, वहीं बड़ा तालसा गांव यह सिखाता है कि प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर भी बेहतर जीवन वो भी आसानी से जिया जा सकता है. इस गांव की महिलाएं न सिर्फ आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी यह सिखा रही हैं कि अपनी जड़ों से जुड़े रहना कितना जरूरी है. बड़ा तालसा की यह पहल उन सभी के लिए एक प्रेरणा है, जो विकास के नाम पर प्रकृति को भूलते जा रहे हैं. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand Source link

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सारंडा जंगल से हथियारों का जखीरा बरामद:रूटुगुटू जंगल में सुरक्षाबलों को मिली...

पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा और टोंटो-गोइलकेरा क्षेत्र के रूटुगुटू जंगल में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। कोबरा 209 बटालियन के नेतृत्व में चलाए गए सघन सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। यह बरामदगी हाल ही में इसी क्षेत्र में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद चलाए जा रहे फॉलो-अप अभियान के तहत हुई। कोबरा 209 बटालियन, जिला पुलिस और अन्य अर्धसैनिक बलों की संयुक्त टीम रूटुगुटू के दुर्गम जंगलों में लगातार तलाशी अभियान चला रही थी। खाली कारतूस और एके-47 का खाली खोखा भी मिला तलाशी के दौरान जवानों को नक्सलियों का छिपाया गया हथियारों का जखीरा मिला। बरामद सामानों में एक एसएलआर राइफल, एक कार्बाइन, एसएलआर की मैगजीन, 182 राउंड जिंदा कारतूस, बड़ी संख्या में खाली कारतूस और एके-47 का खाली खोखा शामिल है। इसके अतिरिक्त, लगभग पांच किलोग्राम जिलेटिन, डेटोनेटर और कॉर्टेक्स वायर भी बरामद किए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यह सामग्री किसी बड़ी नक्सली साजिश का संकेत देती है। सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई से नक्सलियों को बड़ा झटका लगा है। माना जा रहा है कि समय रहते इस जखीरे की बरामदगी से एक संभावित बड़ी घटना टल गई। फिलहाल पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है और सुरक्षाबल जंगलों में छिपे अन्य हथियारों व नक्सलियों की तलाश में जुटे हैं। सुरक्षा एजेंसियां क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रही हैं। Source link

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जामताड़ा में हनुमान मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव:500 कन्याओं संग 3500 श्रद्धालुओं ने...

जामताड़ा जिले के नारायणपुर प्रखंड अंतर्गत मोहनपुर गांव में श्री श्री 108 हनुमान मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ हो गया है। शनिवार को भव्य कलश यात्रा के साथ इस धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत हुई, जिसमें पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखा गया। इस कलश यात्रा में लगभग 500 कन्याओं ने सिर पर कलश धारण कर भाग लिया। बड़ी संख्या में महिलाओं और अन्य श्रद्धालुओं की भागीदारी से यह यात्रा भव्य बन गई। कुल करीब 3500 श्रद्धालुओं ने इसमें सहभागिता की। यात्रा की शुरुआत मंदिर प्रांगण से हुई। श्रद्धालु बासपहाड़ी स्थित नदी तक पहुंचे, जहां से पवित्र जल भरकर लगभग 5 किलोमीटर की पदयात्रा करते हुए वापस मंदिर स्थल लौटे। जय श्री राम के जयकारे से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया डीजे और ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच श्रद्धालुओं ने “जय श्री राम” और “जय हनुमान” के जयकारे लगाए, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। यात्रा में विभिन्न हिंदू संगठनों के सदस्यों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान संजय परशुरामका, अनूप राय, सोनू सिंह, बीरेंद्र मंडल, सुजाता सिंह और हीरालाल मंडल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मोहनपुर के मुख्य चौक पर निर्मित यह भव्य और आकर्षक हनुमान मंदिर अब पूरे बाजार क्षेत्र का प्रमुख आकर्षण बन गया है। इसकी सुंदरता और भव्यता लोगों को अपनी ओर खींच रही है। हवन-पूजन की पूर्णाहुति के साथ भंडारा महोत्सव के तहत रविवार को वैदिक पूजन, मूर्ति नगर भ्रमण और संध्या आरती का आयोजन होगा। सोमवार को प्राण प्रतिष्ठा हवन-पूजन की पूर्णाहुति के साथ भंडारा और प्रसाद वितरण किया जाएगा। पूरे आयोजन को लेकर क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल है और स्थानीय श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। यह महोत्सव धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक बन रहा है। Source link

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