Last Updated:May 03, 2026, 19:13 IST Neet-2026 paper review : रांची की रहने वाली प्रतियोगी छात्रा प्रीति बताती है, पिछले दो सालों से कड़ी मेहनत करी है और इस बार पक्का मेरा दिल्ली एम्स का सपना पूरा होने वाला है. वह इसलिए क्योंकि, पेपर बहुत ही आसान था. हालांकि, क्वेश्चन थोड़ा लेंदी था. वहीं अन्य प्रतियोगियों ने भी पेपर के कठिनाई के बारे में बताया. ख़बरें फटाफट रांची : झारखंड की राजधानी रांची में आज आखिरकार नीट की परीक्षा संपन्न हुई. शाम 5:00 बजे जैसे ही एग्जाम खत्म हुआ. इस समय इतनी तेज बारिश हुई की कुछ बच्चों के तो क्वेश्चन पेपर पानी में पूरी तरह भीग गए. लेकिन, इसी बीच विद्यार्थियों के सुकून और खुशी का भी भाव था. क्योंकि, बायोलॉजी का पेपर इन्हें काफी आसान लगा. ऐसे में कुछ बच्चों ने लोकल 18 को बताया कि आखिरकार इस बार पेपर कैसा था. दिल्ली एम्स का सपना पूरा होने वाला है…प्रीति बताती है, पिछले दो सालों से कड़ी मेहनत करी है और इस बार पक्का मेरा दिल्ली एम्स का सपना पूरा होने वाला है. वह इसलिए क्योंकि, पेपर बहुत ही आसान था. हालांकि, क्वेश्चन थोड़ा लेंदी था, थोड़ा लंबा था. लेकिन, लगभग सारे क्वेश्चन एनसीईआरटी के ही थे. अगर आप एनसीईआरटी के कॉन्सेप्ट अच्छे से पढ़े होंगे तो एक भी क्वेश्चन छुटने वाला नहीं था. सारे क्वेश्चन बढ़िया से सॉल्व कर पायाअमृतेश बताते हैं, यह मेरा दूसरा अटेम्प्ट है कुछ गलतियां हो गई थी, कॉन्सेप्ट की क्लेरिटी नहीं थी. इस बार कॉन्सेप्ट पर फोकस करके आया हूं, तो सारे क्वेश्चन बढ़िया से सॉल्व कर पाया हूं. बायोलॉजी का पेपर आसान था, फिजिक्स व केमिस्ट्री भी सही था, एनसीईआरटी और मॉक टेस्ट इन दोनों पर अधिक फोकस जिसने किया होगा. उसके लिए पेपर कोई बड़ी बात नहीं रही होगी. “ऑर्गेनिक केमिस्ट्री के पोर्शन में थोड़ा ट्विस्टवहीं, पल्लवी बताती है कि मेरा पहला अटेम्प्ट था और इस बार में चूक गई. हालांकि, क्वेश्चन पेपर आसान था यह मैं जानती हूं बायोलॉजी का पेपर बेहद ही आसान था. लगभग क्वेश्चन एनसीआरटी से थे. लेकिन मैंने रेफरेंस बुक का अधिक सहारा ले लिया. ऐसे में अपनी गलतियों का पर सुधार करूंगी व खासतौर पर केमिस्ट्री में ऑर्गेनिक केमिस्ट्री का पोर्शन थोड़ा ट्विस्ट था वहीं पर अटक गई. फिजिक्स का थोड़ा लंबा मुझे लगाकृष्णा बताते हैं, बात सिर्फ कॉन्सेप्ट की थी. अगर आपको कॉन्सेप्ट की क्लेरिटी है तो फिर यह सब क्वेश्चन कुछ भी नहीं है. मुझे आगे चलकर न्यूरोसर्जन बना है. यह दूसरा अटेम्प्ट है और मुझे पूरी उम्मीद है कि इस बार मेरा क्रेक हो जाएगा. मैंने सारे क्वेश्चन अटेम्प्ट किए हैं, बायोलॉजी और केमिस्ट्री के एनसीआरटी से ही क्वेश्चन व फिजिक्स का थोड़ा लंबा मुझे लगा और घुमावदार भी था. क्योंकि मैंने मॉक टेस्ट किया था व भी रिवीजन किया था. इसीलिए थोड़ा समय लगा पर बन गया. About the Author Amit Singh 7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link