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बिना नंबर के हाईवा ने बाइक सवार को कुचला:लातेहार में जलवान का...

लातेहार जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र में रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। मुरपा मोड़ के पास कोयला लदे तेज रफ्तार हाईवा ने मोटरसाइकिल सवार युवक को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान हेरहंज थाना क्षेत्र के बिजरा गांव निवासी 30 वर्षीय साजिद अंसारी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि साजिद जलावन के लिए कोयला लेकर अपने घर लौट रहा था, तभी अचानक पीछे से आए हाईवा ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भीषण था कि युवक को संभलने का कोई मौका नहीं मिला। घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। बिना नंबर प्लेट के था हाईवा, चालक फरार इस दुर्घटना ने इलाके में कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के अनुसार, जिस हाईवा से यह हादसा हुआ, उस पर कोई नंबर प्लेट नहीं थी। ऐसे में वाहन की पहचान और मालिक तक पहुंचना चुनौती बन गया है। घटना की सूचना मिलते ही बालूमाथ पुलिस मौके पर पहुंची और हाईवा व मोटरसाइकिल को जब्त कर थाने ले गई। हालांकि हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया। थाना प्रभारी अमरेंद्र कुमार ने बताया कि वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। फरार चालक की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, किया सड़क जाम घटना से आक्रोशित परिजन और स्थानीय ग्रामीणों ने बालूमाथ मुख्य सड़क को जाम कर दिया। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में बिना नंबर प्लेट और बिना नियंत्रण के भारी वाहनों का संचालन आम हो गया है, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने मृतक के परिवार को उचित मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी और आरोपी चालक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया और जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। Source link

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एक एकड़ में खीरे की खेती, रांची की महिला किसान कमा रहीं...

होमवीडियोकृषि एक एकड़ में खीरे की खेती, रांची की महिला किसान कमा रहीं लाखों, देखें वीडियो X एक एकड़ में खीरे की खेती, रांची की महिला किसान कमा रहीं लाखों, देखें वीडियो   रांची के चिरौंदी गांव की महिला किसान उर्मिला ने खीरे की खेती से अपनी तकदीर बदल दी है. एक एकड़ जमीन पर खेती कर वे तीन महीने में डेढ़ से पौने दो लाख रुपये तक का मुनाफा कमा रही हैं. उर्मिला मल्चिंग तकनीक का उपयोग करती हैं, जिससे पानी की बचत और खरपतवार पर नियंत्रण रहता है. फसल को कीड़ों और दीमक से बचाने के लिए वे करंज खली, चूना और यूरिया के मिश्रण का देसी नुस्खा अपनाती हैं. बढ़ती गर्मी को देखते हुए वे दिन में तीन बार सिंचाई और हर महीने गोबर व केंचुआ खाद का प्रयोग करती हैं. उनकी यह सफलता आधुनिक तकनीक और कड़ी मेहनत का सटीक उदाहरण है. Source link

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40 फीट ऊंचा स्लरी का ढेर भरभरा कर गिरा:धनबाद में मजदूरों ने...

बीसीसीएल की मुनीडीह कोल वाशरी में शनिवार शाम करीब 5 बजे अचानक 40 फीट ऊंची स्लरी का डंप भरभराकर ढह गया। अचानक गिरी स्लरी में चार मजदूर दब गए। डेढ़ घंटे बाद जब मजदूरों को निकाला गया तो वे मृत मिले। मृतकों में गोपीनाथपुर के माणिक बाउरी व दिनेश बाउरी, समसिखरा के दीपक बाउरी और कपूरिया के हेमलाल यादव उर्फ मोईड़ा गोप शामिल हैं। वहां मौजूद अन्य लोगों ने बताया कि ठेकेदार के एजेंट ने मजदूरों की चेतावनी को अनसुना कर उन्हें जबरन खतरनाक डंप के नीचे काम करने पर मजबूर किया था। घटना के वक्त वहां लगभग 35 मजदूर काम कर रहे थे। हादसे के बाद तीन जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाकर चारों शव निकाले गए। मुआवजा, नौकरी और तत्काल मदद के बाद माने घटना के बाद ठेकेदार का एजेंट और ट्रांसपोर्टर मौके से फरार हो गए। इससे भड़के ग्रामीणों और परिजनों ने शवों को वाशरी गेट पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। आक्रोशित लोगों ने मौके पर पहुंची एम्बुलेंस को वहां से खदेड़ दिया। देर रात हुई वार्ता में मृतक के परिजनों को 20-20 लाख मुआवजा, आउटसोर्सिंग कंपनी में नौकरी और अंतिम संस्कार के लिए अलग से 50 हजार रुपए भुगतान पर सहमति बनी। जिसके बाद आंदोलन समाप्त हो गया। इधर, बीसीसीएल के डायरेक्टर टेक्निकल (ओपी) संजय कुमार सिंह ने कहा कि सभी मृतक डीओ होल्डर के आदमी थे। घटना की जांच करा दोषियो पर कार्रवाई की जाएगी। हेलमेट और सुरक्षा उपकरणों के बगैर भेजा वहां मौजूद मजदूर जीतेंद्र ने बताया-एजेंट सुनील करीब 30-35 मजदूरों से स्लरी लोड करवा रहा था। बेहतर क्वालिटी की स्लरी निकालने के लिए उसने मजदूरों को उस डंप के पास भेजा, जो पहले से ही खतरनाक स्थिति में था। वाशरी में 40-50 फीट ऊंचे डंप के नीचे सुरक्षा घेरा या मानकों की भी अनदेखी की गई। स्लरी लोडिंग प्वाइंट पर मजदूरों के पास न तो हेलमेट थे और न ही सुरक्षा के अन्य उपकरण। खतरे की आशंका जताते हुए मजदूरों ने मना भी किया था, लेकिन एजेंट के दबाव में काम करना पड़ा। जैसे ही खुदाई शुरू हुई, भारी मलबा गिर गया। मुंशी ने कहा-माल निकालो, नहीं तो पैसा नहीं मिलेगा’ डंप स्लरी हादसे में चार पुरुषों के साथ महिला मजदूर सुनीता भी दब गई। साथी लोडरों के भाग निकलने के बाद भी सुनीता ने हिम्मत नहीं हारी। उनका शरीर गर्दन तक स्लरी में दबा था। बाद में वह किसी तरह बाहर निकली। चश्मदीद व भुक्तभोगी सुनीता ने बताया-घटना के लिए डीओ होल्डर का ट्रांसपोर्टर सुनील पासवान जिम्मेदार है। कई बार मुंशी को आगाह किया गया था कि ऊपर से स्लरी कभी भी धंस सकती है, लेकिन मुंशी ने उल्टा दबाव बनाया। कहा कि दूसरी तरफ अच्छा माल नहीं है। इसी गड्ढे से निकालो, नहीं तो पैसा नहीं मिलेगा। इधर, पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश के कारण स्लरी का ऊंचा स्टॉक ढीला पड़ गया था, जिससे हादसा हुआ। ——————————————— इसे भी पढ़ें… धनबाद-कोयला खदान में स्लरी ढहने से 4 मजदूरों की मौत:कोल वाशरी में स्लरी लोडिंग कर रहे थे, मलबे का बड़ा हिस्सा गिरने से हादसा झारखंड के धनबाद में शनिवार को कोयला स्लरी (कोयले का पाउडर) धंस गई, जिससे 4 मजदूरों की मौत हो गई। ये सभी मजदूर मुनीडीह में BCCL की कोल वाशरी में काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक मलबा गिर गया। आसपास के मजदूरों और स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव काम शुरू किया और प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही प्रशासन मौके पर पहुंचा। मलबा हटाकर चारों मजदूरों के शव बाहर निकाले गए। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। मृतक की पहचान प्रेम बाउरी, माणिक बाउरी, दीपक बाउरी और नारायण यादव के रूप में की गई है। यहां पढ़ें पूरी खबर… Source link

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सांख्य सिद्धांत पर कार्यशाला का आयोजन, जुटे शिक्षक

सिटी रिपोर्टर | बोकारो डीपीएस बोकारो के महात्मा गांधी सम्मेलन कक्ष में थ्योरी ऑफ नॉलेज पर एक विशेष क्षमता संवर्धन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सीबीएसई सीओई पटना के तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को भारतीय दर्शन के सांख्य सिद्धांत और प्रमाणों से परिचित कराकर शिक्षण पद्धति को और अधिक प्रभावी बनाना था। इस इंटरेक्टिव सत्र में शिक्षकों ने प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक क्लासरूम से जोड़ने के गुर सीखे, जिसका सीधा लाभ विद्यार्थियों को मिल सके।रिसोर्स पर्सन डीपीएस चास की निदेशक सह प्राचार्य डॉ. मनीषा तिवारी ने ध्यान और आत्म-मूल्यांकन गतिविधि के साथ की। कहा कि हम स्वयं के लिए सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति हैं, इसलिए अपनी व्यक्तिगत भलाई को प्राथमिकता देना आवश्यक है। Source link

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नदी के बीचों-बीच बना मंदिर, चार गांव के लोगों ने किया निर्माण,...

Last Updated:April 30, 2026, 08:10 IST Palamu Satbahani Mandir Story: पलामू में अमानत नदी के बीच स्थित सतबहिनी मंदिर आस्था, इतिहास और रहस्य से जुड़ी एक अद्भुत जगह है. चार गांवों ने मिलकर इस जगह का निर्माण पूरा किया और साल 1994 से यह आस्था का केंद्र है. इसके नाम के पीछे की कहानी भी खास है. ख़बरें फटाफट पलामू. जहां आस्था होती है, वहां सिर्फ विश्वास ही नहीं, बल्कि सदियों पुरानी कहानियां और मान्यताएं भी सांस लेती हैं. इन्हीं आस्था और मान्यता के साथ सदियों पुरानी कहानी को समेटे झारखंड के पलामू जिले में स्थित सतबहिनी मंदिर भी एक ऐसी ही आस्था, रहस्य और इतिहास से जुड़ी अद्भुत जगह है. जहां गर्मी के दिनों में घूमने फिरने भी आप आ सकते हैं. दअसल, जिला मुख्यालय मेदिनीनगर से करीब 30 किलोमीटर दूर अमानत नदी के बीचों-बीच बसा यह मंदिर प्रकृति की गोद में छिपी हुई एक अनमोल धरोहर है. यहां पूजा-अर्चना के साथ-शादी विवाह के लिए भी लोग पहुंचते हैं. यहां सिर्फ झारखंड ही नहीं, बल्कि बिहार और उत्तर प्रदेश से भी लोग अपनी मन्नतें लेकर आते हैं. रामनवमी और मकर संक्रांति के मौके पर यहां भव्य मेले का आयोजन होता है, जो इस स्थल को और भी जीवंत बना देता है. कैसे पड़ा सतबहिनी नामस्थानीय निवासी उत्कर्ष शुक्ला ने लोकल18 को बताया कि इस स्थान की कहानी राजाओं के कालखंड से जुड़ी है. कहा जाता है कि मानगढ़ के राजा और रक्सेल राजा के बीच अक्सर युद्ध होते रहते थे. एक बार जब मानगढ़ राजा ने रक्सेल के किले को चारों ओर से घेर लिया, तब रक्सेल राजा की सात बेटियों ने अपनी रक्षा के लिए किले के गुप्त रास्ते से निकलकर इस स्थान पर स्थित जलकुंड में कूदकर आत्मबलिदान दे दिया. तभी से इस जगह को ‘सतबहिनी’ के नाम से जाना जाने लगा. इस साल से हो रही है नियमित पूजास्थानीय लोगों ने कहा कि नीलांबर-पीतांबर प्रखंड के ओरिया गांव के पास अमानत नदी के बीचों बीच स्थित इस मंदिर का निर्माण भी अपने आप में एक मिसाल है. साल 1993 में चार गांव – ओरिया, देल्हा, खैरात और असनौर – के लोगों ने मिलकर इसका निर्माण शुरू किया, जो 1994 में पूरा हुआ. इसके बाद से यहां नियमित पूजा और मेलों की परंपरा शुरू हो गई. ये भी जान लें कि मंदिर की प्रचलित कहानियां, स्थानीय मान्यताओं पर आधारित हैं, इनका कोई वर्णन किसी ग्रंथ आदि में नहीं दिया गया है. पास ही है तीन नदियों का संगमइस स्थल की एक और खासियत है यहां स्थित गुफा, जहां सतबहिनी माता की पूजा की जाती है. साथ ही यहां आस पास तीन नदियों – अमानत, टेरहवा और सुखरो – का संगम भी होता है, जो इसे और पवित्र बना देता है. मंदिर परिसर में भगवान भोलेनाथ शिवलिंग के रूप में विराजमान हैं और प्रवेश द्वार पर महावीर जी की भव्य प्रतिमा श्रद्धालुओं का स्वागत करती है. गर्मियों के दिनों में स्थानीय लोग सुकून के पल बिताने भी यहां पहुंचते हैं. वहीं शादी विवाह के सीजन में लोग यहां शादी भी करते हैं. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand First Published : April 30, 2026, 08:10 IST Source link

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A raid was conducted at the house of a constable from the...

रांची2 घंटे पहले कॉपी लिंक काजल मंडल। सीआईडी में केस दर्ज होने के आठवें दिन एसआईटी ने की तीसरी गिरफ्तारी, अब डीडीओ व प्रधान लिपिक रडार पर ट्रेजरी घोटाले में सीआईडी की एसआईटी ने अब बोकारो एसपी ऑफिस के लेखा शाखा में तैनात सिपाही काजल मंडल को ​गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद छापेमारी में उसके घर से 8.75 लाख रुपए कैश मिले हैं। उसे रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा भेज दिया गया है। वह गिरफ्तार कौशल पांडेय का सहयोगी है। एसआईटी की यह तीसरी गिरफ्तारी है। इससे पहले एसआईटी ने कौशल पांडेय के सहयोगी गृह रक्षक सतीश कुमार उर्फ सतीश कुमार सिंह और एएसआई अशोक कुमार भंडारी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। एसआईटी ने जांच में पाया कि कौशल पांडेय यात्रा मद की राशि का अवैध तरीके से निकासी कर काजल मंडल के खाते में भेजा करता था। इसके बाद काजल अपने खाते से पैसे निकाल कर नकद अपने घर में रखता था। कौशल पांडेय और तीन सहयोगियों को कल रिमांड पर ले सकती है एसआईटी पूर्व में गिरफ्तार बोकारो एसपी कार्यालय के लेखापाल कौशल पांडेय और उसके दो सहयोगी सतीश कुमार व अशोक भंडारी को एसआईटी चार मई को रिमांड पर ले सकती है। इन तीनों से पूछताछ की तैयारी में है। क्योंकि बोकारो एसपी कार्यालय से अबतक जिन लोगो की गिरफ्तारी हुई है, वे सभी एकाउंट सेक्शन में कार्यरत थे और इनके ही करीबियों के नाम पर बने टेंपररी एकाउंट में अवैध रूप निकासी की गई। सरकारी राशि को ट्रांसफर किया गया है। बोकारो से अब तक ये बरामदगी बोकारो के तेलीडीह स्थित 04.08 डिसमिल जमीन के कागजात इस भूमि पर निर्मित तीन तल्ला मकान {बोकारो के तेलीडीह में 4.98 डिसमिल जमीन के कागजात विभिन्न बैंकों में हस्तांतरित 1 करोड 93 लाख और 18 लाख रुपए के फिक्स्ड डिपॉजिट, जिसे फ्रीज किया गया 8.75 लाख रुपए नगद, जिसे जब्त किया गया। हजारीबाग व चाईबासा जा सकती है एसआईटी ट्रेजरी घोटाले की जांच के लिए एसआईटी सोमवार को हजारीबाग और चाईबासा ऑफिस जा सकती है। इन दोनों जगहों पर भी वहां के लेखा शाखा में कार्यरत कर्मियों से पूछताछ की तैयारी है। सीआईडी ने अबतक तीन जिलों हजारीबाग, बोकारो और चाईबासा का केस टेकओवर कर जांच शुरू की है। जानिए… ट्रेजरी-वित्तीय नियम बिल सही है या नहीं, यह जांचना डीडीओ की जिम्मेदारी ट्रेजरी कोड के नियम 305 में डीडीओ की​ जिम्मेदारी को स्पष्ट किया गया है। कहा गया है कि वे सरकारी खजाने से खर्च करने में उतनी ही सतर्कता बरतें, जितनी साधारण व्यक्ति अपने पैसे खर्च करने में बरतता है। डीडीओ यह देखने के लिए उत्तरदायी है कि बिल -वाउचर नियम के अनुसार तैयार किए गए हैं। राशि की निकासी तत्काल खर्च के लिए जरूरी है। नियम 305 (क) में कहा गया है कि डीडीअो को माह में एक बार ऑफिस का निरीक्षण करना चाहिए। लेखा की जांच करें कि लेखा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार रजिस्टर में एंट्री हो रही है या नहीं। प्राप्ति और व्यय में उतार-चढ़ा को रफ्तार तेज क्यों है? नियन्त्री पदाधिकारी को हर 3 माह पर रिपोर्ट देना चाहिए, जिसमें गड़बड़ी और उसके निराकरण के लिए उठाए गये कदमों का उल्लेख हो। नियम 306 में कहा गया है कि नियंत्री पदाधिकारी काे यह देखना ​चाहिए कि बिल में दिखाए गए खर्च सही हैं या नहीं। खर्च के लिए स्वीकृति ली गई या नहीं। -शेष पेज 9 पर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ Source link

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अगले 5 दिन आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का यलो अलर्ट:बंगाल की खाड़ी में...

राजधानी रांची में पिछले चार दिनों से लगातार हो रही बारिश ने अप्रैल की भीषण गर्मी पर ब्रेक लगा दिया है। मौसम के इस बदलाव का असर अब मई के पहले सप्ताह में भी साफ नजर आने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, शुरुआती सप्ताह में तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा, जिससे लोगों को राहत मिलेगी। बीते वर्षों के मुकाबले इस बार मौसम का पैटर्न कुछ अलग दिख रहा है, जहां अप्रैल के अंत में ही बारिश ने सक्रिय होकर गर्मी की तीव्रता को कम कर दिया है। सुबह और शाम के समय कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है, जिससे वातावरण में नमी बनी रहेगी और तापमान नियंत्रित रहेगा। साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि पूरे मई माह में तापमान औसतन 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे ही रहने की संभावना है। हालांकि, दूसरे और तीसरे सप्ताह में गर्मी थोड़ी बढ़ सकती है, लेकिन यह रिकॉर्ड स्तर तक नहीं पहुंचेगी। पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2024 में अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो इस बार टूटने की संभावना बेहद कम है। इसकी मुख्य वजह बार-बार बनने वाला साइक्लोनिक सर्कुलेशन है। यह पूरे महीने के दौरान सक्रिय रह सकता है। इसके प्रभाव से कई बार बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हो सकती है। फिलहाल अगले दो दिनों में तापमान में करीब 3 डिग्री की बढ़ोतरी के संकेत हैं, लेकिन इसके बाद फिर से 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है। कुल मिलाकर, इस बार मई में सामान्य गर्मी के बीच राहत भरा मौसम मिलने के आसार हैं। पांच दिन तक आंधी-बारिश का अलर्ट राज्य में मई की शुरुआत इस बार राहत भरे मौसम के साथ हो रही है। मौसम विभाग ने 3 से 8 मई तक आंधी, बारिश और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है। 3 मई को राज्य के अधिकांश हिस्सों में गर्जन के साथ वज्रपात और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है। राजधानी रांची और आसपास के इलाकों में भी इस दौरान अच्छी बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वायुमंडल में लगातार बन रहे सिस्टम के कारण मौसम का यह बदला मिजाज देखने को मिल रहा है। जिससे गर्मी पर ब्रेक लगा है। लोगों को राहत मिली है। 4 मई को ऑरेंज अलर्ट, तेज हवा और ओलावृष्टि मौसम विभाग ने 4 मई को रांची समेत कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दिन एक या दो बार तेज बारिश के साथ आंधी और ओलावृष्टि की संभावना है। हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। इसके बाद 5 और 6 मई को भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश जारी रहने के आसार हैं। इन दिनों में भी गरज के साथ वज्रपात और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। 7 और 8 मई को भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवा के झोंके देखने को मिल सकते हैं। लगातार बदलते मौसम के बीच प्रशासन ने सतर्क रहने की सलाह दी है। ट्रेंड बता रहा मई में मिलती रहेगी राहत मौसम के इस रुख को यदि पिछले वर्षों के आंकड़ों से जोड़कर देखें तो यह साफ होता है कि मई माह में अत्यधिक गर्मी का दबाव लगातार कम होता जा रहा है। वर्ष 2021 में जहां अधिकतम तापमान 38.2 डिग्री रहा और रिकॉर्ड 325.5 मिमी बारिश हुई थी, वहीं 2023 में सबसे कम 16.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी। वर्ष 2024 में तापमान जरूर 42.2 डिग्री तक पहुंचा, लेकिन बारिश सामान्य से कम रही। 2025 में भी तापमान 40 डिग्री के नीचे ही रहा। आंकड़ों के मुताबिक, पांच में से तीन वर्षों में तापमान 40 डिग्री पार नहीं कर पाया, जबकि न्यूनतम तापमान भी अधिकतर वर्षों में 20 डिग्री से नीचे ही रहा। ऐसे में इस वर्ष भी बार-बार बन रहे सिस्टम और बारिश की गतिविधियों को देखते हुए मई के राहत भरा रहने की संभावना जताई जा रही है। Source link

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बंगाली स्टाइल आलू बिरयानी, मलाई प्रॉन, रेस्टोरेंट स्टाइल चिकन, पीएचडी कर रही...

Last Updated:April 30, 2026, 08:57 IST Ranchi News: रांची की अपारूपा उन महिलाओं के लिए प्रेरणा हैं जिनके हाथ में स्वाद है और वे इसे कमाई का जरिया बनाना चाहती हैं. अपारूपा ने घर के किचन से ही कुकिंग का काम शुरू किया और आज उनकी आलू बिरयानी से लेकर मलाई प्रॉन और चिकन बिरयानी तक लोगों की जुबान पर इस कदर चढ़े हैं कि वे जमकर ऑर्डर रिसीव करती हैं. ख़बरें फटाफट रांची. रांची के मेकॉन में रहने वाली अपारूपा अपनी बिरयानी के लिए बेहद लोकप्रिय हैं. किसी घर में अगर पांच लोग आ गए तो झट से इन्हें ऑर्डर देते हैं. पार्टी से लेकर गेट टुगेदर तक के लिए वे खासतौर पर ऑर्डर लेती हैं. अपने घर के किचन में ही काम करती हैं. प्रॉन से लेकर मीठा चावल, बिरयानी के कम से कम पांच तरह के विकल्प, मछली ये सारी चीजें बनाती हैं और आज अच्छी खासी कमाई कर रही हैं. अपने किचन को ही बना दिया हथियारउन्होंने बताया कि ‘मैंने अपनी मम्मी और सास से खाना बनाना सीखा है. मेरी सास बेहद ही सपोर्टिव हैं और बहुत ही स्मार्ट हैं और उन्होंने ही मुझे प्रोत्साहित किया है, तो मुझे लगा कि क्यों न दुनिया को भी अपने हाथ का लजीज व्यंजन खिलाया जाए. लेकिन, रेस्टोरेंट या फिर आउटलेट खोलने का बजट नहीं था. ऐसे में सोचा क्यों न घर के किचन से ही काम शुरू किया जाए. क्योंकि, अगर एक बार लोगों को मेरा खाना पसंद आ जाए तो फिर ऑर्डर तो आएंगे ही.’ आलू बिरयानी से हो गई हिटअपारूपा बताती हैं ‘मुझे हर दिन कम से कम 4 से 5 केजी सिर्फ और सिर्फ आलू बिरयानी का ऑर्डर आते हैं. खासतौर पर जो बंगाली स्टाइल में बनाया जाता है. क्योंकि, आलू बिरयानी आपको बहुत जगह नहीं मिलेगी. इसमें चिकन से लेकर अंडा सब कुछ मिला होता है, तो इसे शाही बिरयानी भी कह सकते हैं. कई बार 25 और 30 लोगों के लिए भी ऑर्डर आते हैं. यह सबसे बड़ा हिट व्यंजन है. एक प्लेट की कीमत ₹120 होती है. इसके अलावा आपको हमारे यहां मलाई प्राउन ग्रेवी मिलेगी. मीठा चावल, ड्राई चिकन, ग्रेवी चिकन, मछली में दो तीन प्रकार के विकल्प, रोहू कतली ये सारी चीजें देखने को मिलेंगी और मछली बिरयानी, अंडा बिरयानी ये सारे ऑप्शन भी मिलेंगे. खासतौर पर घर में गेट टुगेदर होते हैं या फिर किटी पार्टी होती है तो उनके अधिक ऑर्डर आते हैं. हर दूसरे दिन कोई न कोई ऑर्डर आ ही जाता है.’ आज मेरा खुद का नाम हैवे आगे बताती हैं, ‘आज मेरा खुद का नाम है और किचन से ही मैंने अपना नाम कमाया है. आज लोग मुझे मेरे नाम से जानते हैं, मेरा कार्ड अपने पास रखकर मुझे कॉल करते हैं, तो अच्छा लगता है कि मेरी खुद की आइडेंटिटी है, जो भी हाथ में स्किल था, उसी को हथियार बनाया. आज मेरे साथ ऐसी कई सारी महिलाएं हैं जो घर पर रहती हैं और सोचती हैं कि मैं क्या करूं.’ अब हो रही अच्छी कमाईउन्होंने आगे बताया ‘मैं पीएचडी भी कर रही हूं, बच्चा होने के कारण मैं गवर्नमेंट जॉब करती थी जो मुझे छोड़ना पड़ा. ऐसे में बाहर जाकर जॉब करना और पॉसिबल नहीं था. सोचा क्यों न घर से ही शुरू किया जाए तो मुझे किचन ही ठीक लगा और लोगों को खाना बनाकर खिलाना शुरू किया. अगर आपके खाने में क्वालिटी है तो आपको आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता, इस काम से मेरी अच्छी खासी कमाई भी हो जाती है.’ About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand First Published : April 30, 2026, 08:57 IST Source link

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रोटरी क्लब चाईबासा के रक्तदान शिविर में 18 यूनिट रक्त संग्रह

चाईबासा| रोटरी क्लब चाईबासा द्वारा एक मई को 167वें मासिक रक्तदान सह जागरूकता शिविर में कुल 18 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया। शिविर में एक महिला रक्तदाता और रोटेरियन सौरभ प्रसाद सहित अन्य रक्तदाताओं द्वारा रक्तदान किया गया। यह शिविर खोखर परिवार द्वारा प्रायोजित किया गया। रोटरी मासिक रक्तदान शिविर में अध्यक्ष विकास दोदराजका, सचिव हीना ठक्कर, गुरमुख सिंह खोखर, मदन लाल गुप्ता सुशील मुँधडा, सौरभ प्रसाद, बिष्णु भुत, शरद गुप्ता, पश्चिमी सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष नीरज गोयल, ट्रेजरी ऑफिसर सुमित कुमार, अस्पताल उपाधीक्षक डॉ शिव चरण हांसदा, विजय कुमार एवं ब्लड बैंक कर्मियों सहित अन्य का सराहनीय सहयोग रहा। Source link

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वेदांता ईएसएल के सीईओ बने रवीश शर्मा

बोकारो | वेदांता ईएसएल स्टील लिमिटेड ने रवीश शर्मा को 1 मई 2026 से कंपनी का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और पूर्णकालिक निदेशक नियुक्त किया है। इससे पहले वह कंपनी में डिप्टी सीईओ के पद पर कार्यरत थे। मेटल्स और माइनिंग क्षेत्र में 21 वर्षों से अधिक अनुभव रखने वाले रवीश शर्मा ने कंपनी की रणनीतिक पहलों और संचालन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डिमर्जर के बाद वेदांता स्टील नए चरण में प्रवेश कर रहा है। ऐसे में सीईओ के रूप में रवीश शर्मा की भूमिका कंपनी के विस्तार, संचालन और व्यवसायिक विकास के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वेदांता ईएसएल स्टील लिमिटेड देश की प्रमुख स्टील कंपनियों में शामिल है। Source link

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