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मुगलों की पहली पसंद रहा है एमपी का यह जिला, शाहजहां-अकबर-हुमायूं के...

Last Updated:May 02, 2026, 21:05 IST मध्य प्रदेश का बुरहानपुर जिला एक प्राचीन और ऐतिहासिक शहर माना जाता है. यहां पर आज भी शाहजहां अकबर हुमायूं के निशान देखने के लिए मिलते हैं. ऐतिहासिक शहर है इसे ढक्कन का द्वार भी कहा जाता है. इस बुरहानपुर में भव्य किले मजबूत सराय सूफी दरगाह है. अनोखी जल सुरंग प्रणालियों और राज महल आज भी मौजूद है मध्य प्रदेश का बुरहानपुर जिला एक प्राचीन और ऐतिहासिक शहर माना जाता है. यहां पर आज भी शाहजहां अकबर हुमायूं के निशान देखने के लिए मिलते हैं. ऐतिहासिक शहर है इसे ढक्कन का द्वार भी कहा जाता है. इस बुरहानपुर में भव्य किले मजबूत सराय सूफी दरगाह है. अनोखी जल सुरंग प्रणालियों और राज महल आज भी मौजूद है जिसको देखने के लिए देश-विदेश के पर्यटक आते हैं. इतिहासकार ने दी जानकारी लोकल 18 की टीम ने जब इतिहास कार डॉ वैद्य सुभाष माने से बात की तो उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश का बुरहानपुर जिला एक ऐतिहासिक जिला रहा है. यहां पर शाहजहां अकबर हुमायूं के द्वारा बनाए गए आज भी ऐतिहासिक स्थल मौजूद है. जिसको देखने के लिए देश-विदेश के लोग आते हैं. जिसमें असीरगढ़ का किला शाही किला आहुखाना राजा जयसिंह की छतरी और विश्व प्रसिद्ध कुंडी भंडारा यह उनके द्वारा ही बनाई गई संरचना है जिसको देखने के लिए आज भी लोग आते हैं और इन संरचनाओं को देखकर वास्तव में ऐसा लगता है कि उनके द्वारा कारीगरी की गई है उस जमाने की जो संरचनाएं बनी हुई है आज ऐसी कोई भी कारीगर ऐसी संरचनाओं को नहीं बना पाते हैं इसलिए इन संरचनाओं को हर कोई देखना पसंद करता है. बुरहानपुर को कहा जाता था दख्खन का द्वार इतिहासकार बताते हैं कि बुरहानपुर को दख्खन का द्वार कहा जाता था क्योंकि जब भी यह राजा महाराजा लड़ाई लड़ने के लिए आगे का सफर तय करते थे तो वह बुरहानपुर में जरूर रखते थे और यहां पर कई राजा महाराजा रुके हुए हैं और उन्होंने राज भी किया है यहां पर उस जमाने के फाइव स्टार होटल भी हुआ करते थे जहां पर राजा महाराजा और राजदूत रुकने के लिए आते थे उसे अकबरी सराय कहा जाता है यहां पर 110 कमरे थे यहां पर आज भी बिना बिजली के इन कमरों में ठंड लगती है ऐसा लगता है कि कहीं से ऐसी चालू हो गया है लेकिन यहां पर बिजली और पंखा भी नहीं है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Burhanpur,Burhanpur,Madhya Pradesh Source link

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207 साल पुराने कोरंटाडीह डाक बंगले की अनसुनी दास्तान

Last Updated:May 02, 2026, 19:49 IST Korantadih Dak Bunglow Ballia: वक्त के थपेड़ों और गंगा की लहरों के बीच आज भी एक ऐसी इमारत सीना ताने खड़ी है, जो कभी फिरंगियों की सत्ता का सबसे मजबूत केंद्र हुआ करती थी. हम बात कर रहे हैं बलिया के ऐतिहासिक ‘कोरंटाडीह डाक बंगले’ की. करीब 207 साल पुराना यह बंगला सिर्फ ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि अंग्रेजों की ऐयाशी, लगान वसूली के जुल्म और बलिया के सिद्ध संतों के आध्यात्मिक चमत्कार का मूक गवाह है. आइए, इतिहास की परतों को उधेड़ते हैं और जानते हैं कि कैसे इस बंगले में कैद हुए एक संत ने पूरी ब्रिटिश सरकार की चूलें हिला दी थीं. Korantadih Dak Bunglow Ballia: बलिया के गंगा तट पर स्थित कोरंटाडीह का यह डाक बंगला सन 1819 ईस्वी में बनकर तैयार हुआ था. आज इसे बने हुए लगभग 207 साल पूरे होने जा रहे हैं. अपनी निर्माण शैली और भव्यता के कारण यह ब्रिटिश सरकार का एक बेजोड़ नमूना माना जाता है. इतिहासकार बताते हैं कि यह बंगला अंग्रेजों के लिए एक ‘ऐशगाह’ की तरह था, जहां वे न केवल आराम करते थे बल्कि पूरे इलाके पर नियंत्रण भी रखते थे. इस इमारत के महत्व को देखते हुए कई लेखकों ने अपनी किताबों में इसका जिक्र किया है. यहीं से तैयार हुआ था ‘भूमि बंदोबस्त’ का ढांचाप्रख्यात इतिहासकार डॉ. शिवकुमार सिंह कौशिकेय ने कहा कि इस बंगले का ऐतिहासिक महत्व सिर्फ इसकी उम्र से नहीं, बल्कि यहां लिए गए फैसलों से है. यह वह दौर था जब वर्तमान उत्तर प्रदेश को ‘संयुक्त प्रांत’ के नाम से जाना जाता था. कोरंटाडीह का यह डाक बंगला एक अभेद्य किले की तरह काम करता था, जहां से पूरे इलाके की लगान वसूली की जाती थी. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उत्तर प्रदेश में ‘भूमि बंदोबस्त’ का जो ढांचा तैयार हुआ, उसकी नींव इसी बंगले में रखी गई थी. उस समय यह क्षेत्र गाजीपुर जिले के अंतर्गत आता था और यह उस जिले का सबसे शानदार डाक बंगला माना जाता था. जब सिद्ध संतों के चमत्कार से कांप उठे अंग्रेजइस डाक बंगले के साथ कुछ ऐसी रोचक और अलौकिक कहानियां जुड़ी हैं, जो आज भी लोगों की जुबान पर हैं. बताया जाता है कि उस समय इस क्षेत्र में जंगली नाथ बाबा नाम के एक महान सिद्ध संत रहते थे (जिनका आश्रम आज भी गड़वार में है). जब अंग्रेजों ने किसानों पर लगान का बोझ डाला, तो बाबा किसानों के पक्ष में खड़े हो गए और लगान न देने का नारा बुलंद किया. क्रोधित होकर अंग्रेजों ने उन्हें इसी डाक बंगले के एक छोटे से जेल में बंद कर दिया. लेकिन तभी कुछ ऐसा हुआ जिसने फिरंगियों के होश उड़ा दिए. बाबा एक ही समय में जेल के अंदर और बाहर कई जगहों पर दिखाई देने लगे. अंग्रेजों ने इसे ईश्वरीय चमत्कार माना और डर के मारे उन्हें तुरंत रिहा कर दिया. ऐसी ही एक घटना बलिया के प्रसिद्ध नाथ बाबा के साथ भी हुई थी, जिनके दिव्य स्वरूप को देखकर अंग्रेज अफसर इतने भयभीत हुए कि उन्हें महज एक घंटे में ही आजाद करना पड़ा. अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही ऐतिहासिक विरासतआज यह ऐतिहासिक धरोहर अपनी अंतिम सांसें गिन रही है. गंगा की भीषण कटान के कारण बंगले का एक बड़ा हिस्सा नदी में विलीन हो चुका है. अब इसका बहुत थोड़ा-सा हिस्सा ही शेष बचा है, जो सरकार और प्रशासन की बेरुखी के बावजूद अपनी गौरवगाथा सुनाने के लिए खड़ा है. अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो बलिया के इतिहास का यह सुनहरा पन्ना हमेशा के लिए गंगा की लहरों में खो जाएगा. About the Author Rahul Goel राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ballia,Uttar Pradesh Source link

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Bengal Chunav Results 2026 LIVE | West Bengal Election Repolling Start |...

Bengal Chunav Results 2026 LIVE: पश्चिम बंगाल में चुनावी रंजिश और हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है. दक्षिण 24 परगना जिले की दो विधानसभा सीटों मगराहाट पश्चिम के 11 और डायमंड हार्बर के 4 बूथों पर कथित चुनावी धांधली के बाद चुनाव आयोग के आदेश के बाद दोबारा वोट डाले जा रहे हैं. इसके दौरान टीएमसी और बीजेपी समर्थकों के बीच हिंसक झड़पों की खबर आई. सुबह शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुई वोटिंग जल्द ही अराजकता में बदल गई. इसी बीच, जिले के फाल्टा इलाके में स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब स्थानीय निवासियों, विशेषकर महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए टीएमसी कार्यकर्ताओं पर डराने-धमकाने का आरोप लगाया. एक महिला ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, ‘तृणमूल के इसराफिल चौकीदार ने हमें धमकी दी है कि अगर वे लोग जीते, तो हमारे घर जला देंगे और खून-खराबा करेंगे.’ एक अन्य महिला, जिसने खुद टीएमसी को वोट देने का दावा किया, उसने भी पार्टी नेता द्वारा हमले की शिकायत करते हुए आरोपी की गिरफ्तारी और महिलाओं के लिए सुरक्षा की मांग की है. चुनाव आयोग के पुनर्मतदान के फैसले का भाजपा ने स्वागत किया है, लेकिन साथ ही अधिक बूथों पर पुनर्मतदान की मांग भी उठाई है. विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि यह कदम स्वागत योग्य है, लेकिन डायमंड हार्बर और फाल्टा क्षेत्र के कई अन्य बूथों पर भी दोबारा मतदान होना चाहिए था. वहीं, भाजपा नेता दिलीप घोष ने भी मतदान प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ स्थानों पर गड़बड़ी की कोशिशें हुई थीं, जिसके चलते पुनर्मतदान की नौबत आई. दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इन घटनाओं के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है. राज्य मंत्री शशि पांजा ने आरोप लगाया कि भाजपा ने जानबूझकर मतदान के दिन माहौल बिगाड़ने की कोशिश की ताकि बड़े पैमाने पर पुनर्मतदान हो और राज्य की छवि खराब की जा सके. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने उकसावे के बावजूद संयम बरता. इसी बीच, TMC ने स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता जताई है. शशि पांजा ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि कई स्ट्रॉन्ग रूम में CCTV कैमरों में रुक-रुक कर खराबी आ रही है. उन्होंने कहा कि यह स्थिति EVM और VVPAT मशीनों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है और इससे चुनाव प्रक्रिया में जनता का भरोसा कमजोर हो सकता है. पांजा ने सभी प्रभावित स्थानों की विस्तृत रिपोर्ट, पूरी निगरानी फुटेज और रियल-टाइम मॉनिटरिंग बहाल करने की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की गई तो पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगी. हालांकि, मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सभी स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी तरह का विवाद नहीं है. Bengal Chunav Results 2026 LIVE: दोबारा वोटिंग में जमकर पड़े मत, मगराहाट पश्चिम और डायमंड हार्बर कितने प्रतिशत पड़े वोट? Bengal Chunav Results 2026 LIVE: पश्चिम बंगाल में हिंसक घटनाओं के बाद आज दो विधानसभा क्षेत्रों के 15 बूथों पर कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण ढंग से दोबारा वोटिंग हुई. चुनाव आयोग के अनुसार, मतदाताओं में भारी उत्साह दिखा. शाम 5 बजे तक मगराहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में लगभग 86.11 प्रतिशत लोगों ने वोट डाला. वहीं, डायमंड हार्बर विधानसभा सीट पर 87.60% बंपर वोटिंग दर्ज की गई है. Bengal Chunav Results 2026 LIVE: क्या चुनाव आयोग भाजपा का कोई अग्रिम संगठन बन गया है?- कांग्रेस Bengal Chunav Results 2026 LIVE: कांग्रेस नेता राशिद अल्वी शनिवार को पश्चिम-बंगाल विधानसभा चुनाव में धांधली का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ‘अनियमितताएं सिर्फ 2-4 जगहों पर नहीं पूरे बंगाल में हुई हैं. बंगाल और असम में जिस तरह का चुनाव हुआ है वह लोकतंत्र पर कलंक है. बंगाल में ढाई लाख सेंट्रल फोर्स आपने लगाई है. आपने वह तमाम अधिकारी जो भाजपा के लिए सॉफ्ट कॉर्नर रखते हैं, उन्हें तैनात किया है. मतगणना में भी चुनाव आयोग उन्हीं लोगों को तैनात कर रहा है जो भाजपा के लिए सॉफ्ट कॉर्नर रखते हैं. क्या चुनाव आयोग भाजपा का कोई अग्रिम संगठन बन गया है? भाजपा किसी भी तरह से वहां सरकार बनाना चाहती है और अगर बंगाल में भाजपा आई तो मेरा मानना है कि देश का लोकतंत्र खत्म हो गया है.’ फाल्टा में हो रहे विरोध प्रदर्शन पर उन्होंने कहा, ‘अगर टीएमसी के लोग इस तरह का काम कर रहे हैं तो चुनाव आयोग, पैरामिलिट्री फोर्स क्या कर रहे हैं? बंगाल में तो सारा प्रशासन चुनाव आयोग के मुताबिक काम कर रहा है तो वहां अगर इस तरह की कोई घटना हो रही है तो जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है.’ Bengal Chunav Results 2026 LIVE: सेंट्रल फोर्स के जरिए भाजपा हमारी मताओं-बहनों को प्रताड़ित कर रही है- अभिषेक बनर्जी Bengal Chunav Results 2026 LIVE: टीएमसी की मीटिंग में ममता बनर्जी के भतीजे और पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी- बीजेपी सेंट्रल फोर्स के जरिए हमारी मताओं-बहनों को धमकाने की कोशिश कर रही है. हर गांव, हर गली में उन्होंने महिलाओं पर हमला किया गया, यहां तक की बच्चे को भी नहीं बख्शा गया. मीडिया का एक खास हिस्सा भी उनकी मदद कर रहा है. Bengal Chunav Results 2026 LIVE: हताश नहीं होना है! हम 200+ सीट जीत रहे हैं- टीएमसी की मीटिंग में ममता Bengal Chunav Results 2026 LIVE: चुनावी नतीजे आने से पहले पश्चिम बंगाल में राजनीतिक पारा बढ़ा हुआ है. ममता ने मीटिंग में कहा- ‘आपने कई लड़ाइयां लड़ी हैं। याद रखना, हम जीत रहे हैं. हम 200 से ज्यादा सीटें हासिल करेंगे. काउंटिंग सेंटर से बाहर मत जाना, भले ही रात के 2 बजे हों. जब तक मैं कुछ और न कहूं, तब तक वहीं रहना. जिन सीटों पर कम अंतर से वोटिंग हुई है, वहां दोबारा गिनती की मांग करो. अगर आपको लगता है कि नतीजे 200-300 वोटों के अंतर से उनके पक्ष में आ रहे हैं, तो दोबारा गिनती पर जोर दो.’ Bengal Chunav Results 2026 LIVE: फाल्टा में लोगों के विरोध और टीएमसी नेताओं के धमकी पर उम्मीदवार कुणाल घोष ने क्या कहा? Bengal Chunav Results 2026 LIVE: दक्षिण 24 परगना में चुनावी माहौल में लोगों स्थानीय लोगों को अलग डर सताने

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गाजियाबाद इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम | राजनगर एक्सटेंशन एरोसिटी प्रोजेक्ट | Ghaziabad International...

Last Updated:May 02, 2026, 16:54 IST Ghaziabad News: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के खेल प्रेमियों और विकास की राह देख रहे गाजियाबाद के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. राजनगर एक्सटेंशन में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम अब केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर उतरता नजर आ रहा है. करीब 37 एकड़ में फैलने वाले इस मेगा प्रोजेक्ट का काम बाउंड्री वॉल के निर्माण के साथ तेजी से शुरू हो गया है. लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह स्टेडियम न केवल गाजियाबाद को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मानचित्र पर लाएगा, बल्कि इसके साथ विकसित होने वाली एरोसिटी पूरे क्षेत्र की आर्थिक और शहरी तस्वीर को बदल कर रख देगी. Ghaziabad News: गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में बनने जा रहा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम अब तेजी से जमीन पर उतरता दिख रहा है. करीब 37 एकड़ में बनने वाला यह मेगा प्रोजेक्ट ढाई साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. स्टेडियम का निर्माण लगभग 350 से 400 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा और इसे पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है. खास बात यह है कि यहां एक साथ करीब 35 हजार दर्शक बैठकर मैच का आनंद ले सकेंगे जिससे गाजियाबाद भी बड़े क्रिकेट शहरों की सूची में शामिल हो जाएगा. निर्माण का पहला चरण शुरू, बाधाएं हुईं दूरगाजियाबाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण का पहला चरण शुरू हो चुका है और बाउंड्री वॉल का काम तेजी से कराया जा रहा है. अधिकारियों के मुताबिक पहले इस प्रोजेक्ट में एफएआर और हाई टेंशन लाइन जैसी अड़चनें सामने आ रही थीं लेकिन अब इन सभी बाधाओं को दूर कर लिया गया है. बाउंड्री वॉल का निर्माण पूरा होते ही मुख्य स्टेडियम का निर्माण भी तेजी से शुरू कर दिया जाएगा. इससे यह साफ है कि अब प्रोजेक्ट में किसी तरह की देरी की संभावना काफी कम हो गई है. विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होगा स्टेडियमइस स्टेडियम को आधुनिक सुविधाओं से पूरी तरह लैस किया जाएगा ताकि यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुकाबले आसानी से कराए जा सकें. स्टेडियम में फ्लडलाइट, प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल, मीडिया सेंटर, वीआईपी लाउंज और मल्टी लेवल पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. खिलाड़ियों के लिए भी उच्च स्तर की सुविधाएं होंगी जिससे यह स्टेडियम बड़े टूर्नामेंट्स के लिए पूरी तरह उपयुक्त साबित होगा. सीएम योगी का ड्रीम प्रोजेक्ट: तय समय में होगा पूराउत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राकेश मिश्रा ने बताया कि अब स्टेडियम के निर्माण में कोई बड़ी बाधा नहीं बची है और इसे तय समय यानी लगभग ढाई साल में पूरा कर लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट है जिसे गाजियाबाद विकास प्राधिकरण और यूपी क्रिकेट एसोसिएशन मिलकर जॉइंट वेंचर के तहत विकसित कर रहे हैं. एरोसिटी टाउनशिप: निवेश और पर्यटन का नया हबइस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि स्टेडियम के आसपास करीब 380 एकड़ में एरोसिटी टाउनशिप भी विकसित की जाएगी जिसकी लागत लगभग 1800 करोड़ रुपये होगी. यहां बड़े होटल, लक्जरी रिजॉर्ट, शॉपिंग मॉल, रिटेल जोन, बिजनेस हब और एंटरटेनमेंट सेंटर बनाए जाएंगे. एयरपोर्ट के नजदीक होने के कारण यह इलाका निवेश और पर्यटन के लिए भी बड़ा आकर्षण बनेगा. इसके अलावा इस पूरे क्षेत्र को एक इंटीग्रेटेड अर्बन हब के रूप में विकसित किया जाएगा जिसमें स्पोर्ट्स एकेडमी, स्मार्ट रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स और ग्रीन स्पेस जैसी सुविधाएं भी शामिल होंगी. रोजगार और आर्थिक विकास को मिलेगी रफ्तारइससे यह इलाका रहने, काम करने और मनोरंजन के लिए एक आधुनिक और सुविधाजनक केंद्र बन जाएगा. इस मेगा प्रोजेक्ट के पूरा होने से गाजियाबाद और पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे. निर्माण कार्य से लेकर होटल, रिटेल और सर्विस सेक्टर तक हजारों लोगों को काम मिलेगा. कुल मिलाकर यह स्टेडियम सिर्फ क्रिकेट का मैदान नहीं होगा बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास और आर्थिक मजबूती का नया केंद्र बनकर उभरेगा. About the Author Rahul Goel राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ghaziabad,Uttar Pradesh Source link

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west bengal post poll violence : tmc goons |’जला देंगे घर, बहेगा...

Last Updated:May 02, 2026, 15:52 IST West Bengal Post Poll Violence News: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में चुनाव के बाद भीषण हिंसा शुरू हो गई है. हाशिमनगर में टीएमसी कार्यकर्ताओं पर महिलाओं के उत्पीड़न और मारपीट के गंभीर आरोप लगे हैं. ग्रामीणों का दावा है कि जहांगीर खान और इसराफिल चौकीदार जैसे नेताओं ने चुनाव जीतने पर कत्लेआम और महिलाओं के साथ दुष्कर्म की धमकी दी है. वहीं, विरोध कर रहे ग्रामीणों पर पुलिस ने बेरहमी से लाठीचार्ज किया है, जिससे कई लोग अस्पताल में भर्ती हैं. बंगाल में चुनाव खत्म होते ही हिंसा की खबरें आने लगी. कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मतदान के बाद जिस चुनावी हिंसा की आशंका जताई जा रही थी, उसने अब अपना वीभत्स रूप दिखाना शुरू कर दिया है. दक्षिण 24 परगना के हाशिमनगर इलाके में टीएमसी कार्यकर्ताओं और ‘गुंडों’ पर ग्रामीणों ने जो आरोप लगाए हैं, उन्होंने राज्य से लेकर दिल्ली तक की सरकारों को हिलाकर रख दिया है. ग्रामीणों का दावा है कि बीती रात से ही टीएमसी के समर्थकों ने गांव में घुसकर महिलाओं के साथ बदसलूकी की, पुरुषों को पीटा और खुलेआम बलात्कार व हत्या की धमकियां दी जा रही हैं. स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि स्थानीय लोगों को विरोध प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा, जहां उन्हें पुलिस की लाठियों का शिकार होना पड़ा. हाशिमनगर के एक स्थानीय मतदाता ने मीडिया के सामने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई. उसने बताया, ‘यह सब कल से हो रहा है. टीएमसी के गुंडे हमारे गांव में घुसे, महिलाओं को परेशान किया और लोगों को बेरहमी से पीटा. हमारे ग्राम पंचायत का मुखिया टीएमसी से है और उसे जनता ने नहीं चुना, बल्कि पार्टी ने उसे थोपा है.’ ग्रामीण ने आगे आरोप लगाया कि टीएमसी नेता जहांगीर खान ने उन्हें सीधे तौर पर धमकाया है. ग्रामीण के अनुसार, ‘जहांगीर खान ने यहां आकर हमें धमकी दी कि अगर वे दोबारा सत्ता में आए, तो वे हमारी महिलाओं के साथ बलात्कार करेंगे और हमें जान से मार देंगे.’ VIDEO | South 24 Parganas, West Bengal: Residents of Hasimnagar allege harassment by TMC workers. A voter says, “This has been happening since yesterday. TMC goons entered our village, harassed women and beat up people. The head of our gram panchayat is from TMC and he is not… pic.twitter.com/OSAbzhrDkh Source link

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नेताजी की हुंकार और ‘आचार्य’ का बड़प्पन, 1940 का वो वाकया जिसने...

Last Updated:May 02, 2026, 14:51 IST Town Hall Ghazipur History: गाजीपुर के टाउन हॉल का इतिहास देश के दो महान दिग्गजों, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आचार्य नरेंद्र देव की एक अनोखी कहानी समेटे हुए है. साल 1940 में जब कांग्रेस और फॉरवर्ड ब्लॉक के बीच वैचारिक मतभेद चरम पर थे, तब टाउन हॉल में दोनों नेताओं की जनसभाएं एक ही समय पर आयोजित की गईं. तनावपूर्ण माहौल के बीच आचार्य नरेंद्र देव ने नेताजी के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए उनके सामने भाषण देने से इनकार कर दिया, जो आज भी मिसाल है. Town Hall Ghazipur History: क्या आप जानते हैं कि जिस टाउन हॉल के पास से आप रोजाना गुजरते हैं, उसकी दीवारों में भारत की आजादी के सबसे दिलचस्प और तनावपूर्ण अध्यायों में से एक दफन है? यह कहानी है देश के दो सबसे बड़े दिग्गजों सुभाष चंद्र बोस और आचार्य नरेंद्र देव के बीच की एक ऐसी ‘टकराहट’ की, जो होने से पहले ही आपसी सम्मान की मिसाल बन गई. आज नेताजी के गाजीपुर दौरे के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए, लोकल 18 आपको ले जा रहा है टाउनहॉल की उन गलियों में, जहां से कभी इंकलाब की हुंकार गूंजी थी. गाजीपुर के इस ऐतिहासिक वाक्य का विस्तृत जिक्र पीएन सिंह की चर्चित पुस्तक ‘गाजीपुर के गौरव-बिन्दु: साहित्य’ में मिलता है, जिसे प्रतिश्रुति प्रकाशन ने प्रकाशित किया है. पीजी कॉलेज, गाजीपुर के अंग्रेजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. रविशंकर सिंह इसी पुस्तक के तथ्यों के आधार पर उस रोमांचक दौर का विवरण साझा करते हैं. 1938: जब बाबू परशुराम राय की जिद पर गाजीपुर आए नेताजीबताते हैं कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का गाजीपुर से गहरा नाता था. साल 1938 में पूर्वांचल की राजनीति में एक नया मोड़ आया, जब बाबू परशुराम राय के निमंत्रण पर नेताजी पहली बार यहां आए. रायगंज स्थित कांग्रेस दफ्तर और बाबू परशुराम राय का घर उस वक्त क्रांति का मुख्य केंद्र हुआ करता था. परशुराम राय का कारोबार कोलकाता तक फैला था और उन्हीं की जिद थी कि नेताजी गाजीपुर की धरती पर कदम रखें. उनके आने से पूरे पूर्वांचल में स्वाधीनता संग्राम की लहर तेज हो गई थी. 1940 का वो सियासी ड्रामा: कांग्रेस बनाम फॉरवर्ड ब्लॉककहानी का सबसे दिलचस्प मोड़ 1940 में आता है. तब तक स्थितियां बदल चुकी थीं, नेताजी कांग्रेस छोड़ चुके थे और अपनी नई राह ‘फॉरवर्ड ब्लॉक’ के रूप में चुन चुके थे. वैचारिक मतभेद इतने गहरे थे कि जब नेताजी गाजीपुर पहुंचे, तो कांग्रेस की जिला इकाई (पंडित दालसिंगार दुबे के नेतृत्व में) ने उनके कार्यक्रम का कड़ा विरोध किया. आलम यह था कि एक ही समय और एक ही स्थान (टाउन हॉल) पर दो समानांतर जनसभाएं रख दी गई थीं. टकराव का वो पल: जब आचार्य नरेंद्र देव ने पेश की मिसालटाउन हॉल में माहौल तनावपूर्ण था. एक तरफ नेताजी सुभाष चंद्र बोस का मंच था, तो दूसरी तरफ कांग्रेस ने प्रखर वक्ता आचार्य नरेंद्र देव को मैदान में उतार दिया था. गाजीपुर की जनता सांसें थामे इस ऐतिहासिक टकराव को देखने के लिए खड़ी थी. लेकिन तभी आचार्य नरेंद्र देव ने अपनी महानता से सबको निरुत्तर कर दिया. उन्होंने यह कहकर सबको चौंका दिया कि, ‘सुभाष के सामने मैं भाषण नहीं दूंगा.’ आचार्य जी ने नेताजी के सम्मान में मंच साझा करने या उनके विरोध में बोलने से साफ इनकार कर दिया. यह केवल एक राजनीतिक घटना नहीं थी, बल्कि गाजीपुर की उस पावन मिट्टी के संस्कार थे, जहां मतभेद तो हो सकते थे, लेकिन सम्मान में कभी कमी नहीं आती थी. About the Author Rahul Goel राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ghazipur,Uttar Pradesh Source link

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मुनशी नान से हबीब शरबत तक! ये हैं पुराने हैदराबाद की 6...

होमफोटोलाइफ़फूड मुनशी नान से हबीब शरबत तक! ये हैं हैदराबाद की 6 फेमस फूड शॉप, पता नोट करें Last Updated:May 02, 2026, 12:56 IST Hyderabad Street Food: हैदराबाद का पुराना शहर अपनी ऐतिहासिक विरासत और नवाबी स्वाद के लिए जाना जाता है. यहां की तंग गलियों में मुनशी नान, निम्राह कैफे, मदीना होटल, हाजी साहब की दुकान और हबीब सॉफ्ट ड्रिंक जैसी दशकों पुरानी दुकानें आज भी अपनी परंपरा को जिंदा रखे हुए हैं. सुलेमान उस्मानी की मिठाइयों से लेकर ईरानी चाय, निहारी, कबाब और शरबत तक हर स्वाद में पुराने शहर की तहजीब झलकती है. ये ठिकाने सिर्फ भोजन नहीं बल्कि इतिहास और संस्कृति का अनुभव कराते हैं. हर जगह आज भी लोगों की भीड़ इस स्वाद को जीने आती है. जब बात मीठे और बेकरी प्रोडक्ट्स की आती है, तो सुलेमान उस्मानी का नाम सबसे ऊपर आता है. रमजान के दौरान यहां की हलीम और पूरे साल मिलने वाली डबल का मीठा और खुबानी का मीठा अपनी शुद्धता के लिए जाने जाते हैं. यहां की मिठाइयों में आज भी वही नजाकत है, जो पुराने वक्त के नवाबों को पसंद आती थी. दुकान पर सुबह से लेकर रात तक ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है. यहां का स्वाद लोगों को बार बार खींच लाता है और पुराने शहर की मिठास को जीवंत रखता है. हर पीढ़ी इसका आनंद लेती है. हैदराबाद का पुराना शहर अपनी ऐतिहासिक विरासत और लाजवाब स्वाद के लिए जाना जाता है. यहां की तंग गलियों में दशकों पुरानी दुकानें आज भी पारंपरिक मसालों और खास पकाने के अंदाज से लोगों को आकर्षित करती हैं. मुनशी नान, निम्राह की ईरानी चाय, हलीम, डबल का मीठा और खुबानी का मीठा जैसे व्यंजन यहां की पहचान बन चुके हैं. ये ठिकाने सिर्फ खाने की जगह नहीं, बल्कि हैदराबाद की तहजीब, संस्कृति और नवाबी स्वाद को जिंदा रखते हैं, जहां हर निवाला इतिहास और परंपरा का अहसास कराता है. मदीना होटल पत्थरगट्टी स्थित यह होटल हैदराबाद की पहचान से जुड़ा है. 1947 के आसपास खुला यह होटल अपनी निहारी और पाया के लिए मशहूर है. कहते हैं कि पुराने शहर की सुबह आज भी यहां की गरमा गरम निहारी और कुल्चे के बिना अधूरी मानी जाती है. इसका पारंपरिक स्वाद और पुराना आर्किटेक्चर आपको बीते दौर की याद दिलाता है. यहां सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ लग जाती है. लोग दूर दूर से इसका स्वाद लेने आते हैं. यह जगह आज भी पुराने हैदराबाद की रसोई संस्कृति को जीवित रखे हुए है. हर बाइट में इतिहास झलकता है. Add News18 as Preferred Source on Google हाजी साहब की दुकान नामपल्ली के पास स्थित यह दुकान अपने कबाब और पराठों के लिए विख्यात है. यहां के लखमी और मटन समोसे शाम के वक्त सबसे ज्यादा पसंद किए जाते हैं. सादगी और स्वाद का ऐसा तालमेल यहां देखने को मिलता है कि शहर के रईस भी अपनी गाड़ियों से उतरकर यहां के कबाबों का लुत्फ लेते नजर आते हैं. गर्मागर्म पराठों के साथ परोसे जाने वाले कबाब यहां की खास पहचान हैं. शाम ढलते ही दुकान पर भीड़ बढ़ जाती है. पुराने हैदराबाद का असली स्वाद यहां हर बाइट में महसूस किया जा सकता है. यह जगह आज भी लोगों के दिलों में खास जगह बनाए हुए है. मुनशी नान 1851 में शुरू हुई यह दुकान नान के मामले में हैदराबाद का सबसे बड़ा नाम है. इसके संस्थापक हुसैन कासमी, निजाम के दरबार में मुनशी थे इसलिए इसका नाम मुनशी नान पड़ा. यहां के चौकोर और पान की शक्ल के नान आज भी लकड़ी के तंदूर में पारंपरिक तरीके से पकाए जाते हैं. मटन करी या हलीम के साथ इस नान का जोड़ बेजोड़ है. इसका स्वाद पुराने हैदराबाद की शाही रसोई की याद दिलाता है. हर दिन यहां ताजा नान तैयार किया जाता है. दूर दूर से लोग इसका स्वाद लेने आते हैं. यह जगह आज भी अपनी परंपरा और स्वाद के लिए जानी जाती है. निम्राह कैफे चारमीनार के बिल्कुल बगल में स्थित यह कैफे भले ही बहुत बड़ा न हो लेकिन इसका रुतबा बहुत ऊंचा है. यहां की ईरानी चाय और उस्मानिया बिस्किट का स्वाद चखे बिना चारमीनार का दौरा पूरा नहीं होता. सुबह की पहली किरण से लेकर रात के अंधेरे तक यहां लोगों का हुजूम सिर्फ उस एक कप चाय के लिए उमड़ता है जिसकी रेसिपी दशकों से गुप्त है. इसकी चाय की खुशबू दूर तक लोगों को खींच लाती है. पुराने हैदराबाद की कैफे संस्कृति को यह जगह आज भी जिंदा रखे हुए है. हर उम्र के लोग यहां का आनंद लेते हैं. यह जगह शहर की पहचान बन चुकी है. हबीब सॉफ्ट ड्रिंक पुरानी हवेली रोड पर स्थित यह दुकान अपने शरबत के लिए मशहूर है. खासकर इनका जामुन का शरबत और दूध का शरबत गर्मियों में राहत का दूसरा नाम है. यह कोई फैंसी जूस सेंटर नहीं है बल्कि एक छोटी सी दुकान है जिसने फलों के असली अर्क और पुराने तरीके को बचाकर रखा है. यहां हर शरबत ताजे फलों और पारंपरिक विधि से तैयार किया जाता है. गर्मियों में यहां लोगों की लंबी कतार लगती है. इसका स्वाद आज भी पुराने हैदराबाद की सादगी और ताजगी को महसूस कराता है. यह जगह अपने देसी स्वाद के लिए खूब पसंद की जाती है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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Maharashtra HSC Result 2026 OUT LIVE: महाराष्ट्र बोर्ड 12वीं रिजल्ट जारी, 12...

नई दिल्ली (MSBSHSE Maharashtra HSC Result 2026 LIVE). महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (MSBSHSE) ने कक्षा 12वीं (HSC) के नतीजों का ऐलान कर दिया है. इस साल महाराष्ट्र बोर्ड ने 89.79% का कुल पास प्रतिशत दर्ज किया है. हालांकि यह आंकड़ा पिछले साल के 91.88% की तुलना में थोड़ा कम है, लेकिन 14 लाख से अधिक स्टूडेंट्स की भागीदारी को देखते हुए इसे स्टेबल प्रदर्शन माना जा रहा है. सरकारी रिजल्ट का डायरेक्ट लिंक ऑफिशियल वेबसाइट mahahsscboard.in, mahresult.nic.in पर एक्टिव किया जाएगा. Maharashtra Board 12th Result 2026 LIVE: स्ट्रीम और जिला-वार प्रदर्शन का इंतजार महाराष्ट्र बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: महाराष्ट्र बोर्ड अब जल्द ही उन जिलों और डिवीजनों की सूची जारी करेगा, जिन्होंने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है. पिछले सालों के रुझान देखें तो कोंकण डिवीजन अक्सर टॉप पर रहता है. इसके साथ ही साइंस, कॉमर्स और आर्ट्स स्ट्रीम के अलग-अलग पास प्रतिशत का विवरण भी जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होगा. इस साल भी कोंकण जिला नंबर 1 पर है. Maharashtra HSC Result 2026 LIVE: छात्रों की संख्या और बोर्ड का मैनेजमेंट महाराष्ट्र बोर्ड एचएससी रिजल्ट 2026 लाइव: महाराष्ट्र बोर्ड देश के उन चुनिंदा एजुकेशन बोर्ड में शामिल है जहां परीक्षार्थियों की संख्या बहुत अधिक होती है. इस साल भी 14 लाख से अधिक स्टूडेंट्स का मैनेजमेंट करना बोर्ड के लिए बड़ी चुनौती थी. इसके बावजूद, समय पर रिजल्ट जारी करना और 12.86 लाख से अधिक स्टूडेंट्स का सफल होना बोर्ड की कार्यकुशलता को प्रमाणित करता है. Maharashtra HSC Result 2026 LIVE: पास प्रतिशत में मामूली गिरावट महाराष्ट्र बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: इस साल का कुल पास प्रतिशत 89.79% रहा है. अगर इसकी तुलना साल 2025 के 91.88% से की जाए तो इसमें 2.09 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. महाराष्ट्र बोर्ड परीक्षा पैटर्न में बदलाव या मूल्यांकन के सख्त मानदंडों की वजह से यह मामूली गिरावट देखने को मिली है. हालांकि, 89.79% का आंकड़ा अभी भी राज्य के शैक्षिक स्तर की मजबूती को दर्शाता है. महाराष्ट्र बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2026: कितने पास, कितने फेल? महाराष्ट्र बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2026: एमएसबीएसएचएसई (MSBSHSE) की तरफ से साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस साल 14 लाख से अधिक स्टूडेंट्स ने 12वीं की परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था. इनमें से कुल 12,86,843 स्टूडेंट्स पास होने में सफल रहे हैं. महाराष्ट्र बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परिणाम पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से तैयार किए गए हैं. जल्द ही बोर्ड स्ट्रीम-वाइज (साइंस, आर्ट्स, कॉमर्स) और जिला-वार प्रदर्शन की विस्तृत रिपोर्ट भी साझा करेगा. Maharashtra HSC Result 2026 LIVE: महाराष्ट्र बोर्ड 12वीं रिजल्ट जारी महाराष्ट्र बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: महाराष्ट्र बोर्ड ने 12वीं परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं. इस साल भी कोंकण डिवीजन नंबर 1 पर है. रिजल्ट लिंक कुछ देर बाद वेबसाइट पर एक्टिव कर दिया जाएगा. Maharashtra Board 12th Result 2026 LIVE: महाराष्ट्र बोर्ड 12वीं साइंस स्ट्रीम का प्रदर्शन महाराष्ट्र बोर्ड एचएससी रिजल्ट 2026 लाइव: आमतौर पर मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स के कारण साइंस स्ट्रीम का पास प्रतिशत आर्ट्स और कॉमर्स के मुकाबले 2-3% अधिक रहता है. 2025 में साइंस का प्रदर्शन काफी शानदार रहा था. MSBSHSE Maharashtra HSC Result 2026 LIVE: समझिए महाराष्ट्र बोर्ड का ग्रेडिंग सिस्टम महाराष्ट्र बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: महाराष्ट्र बोर्ड अंकों के आधार पर ग्रेड देता है. 75% से अधिक अंक लाने वालों को ‘डिस्टिंक्शन’, 60% से ऊपर वालों को ‘फर्स्ट क्लास’ और 45% से 59% वालों को ‘सेकंड क्लास’ की श्रेणी में रखा जाता है. Maharashtra Board 12th Result 2026 LIVE: महाराष्ट्र बोर्ड टॉपर लिस्ट क्यों नहीं जारी करता है? महाराष्ट्र बोर्ड एचएससी रिजल्ट 2026 लाइव: महाराष्ट्र बोर्ड पिछले कुछ सालों से टॉपर्स की मेरिट लिस्ट जारी नहीं करता है. इसके पीछे मुख्य कारण स्टूडेंट्स के बीच अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा को रोकना और कम अंक आने पर होने वाले मानसिक तनाव को कम करना है. बोर्ड केवल स्टैटिस्टिल डेटा साझा करता है. MSBSHSE Maharashtra HSC Result 2026 LIVE: बस शुरू होने वाली है प्रेस कॉन्फ्रेंस महाराष्ट्र बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: महाराष्ट्र बोर्ड 12वीं के नतीजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस बस किसी भी वक्त शुरू होने वाली है. प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म होने के बाद रिजल्ट चेक करने का लिंक एक्टिव किया जाएगा. Maharashtra HSC Result 2026 LIVE: ठीक 12 बजे एक्टिव होगा रिजल्ट लिंक महाराष्ट्र बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: महाराष्ट्र बोर्ड 12वीं का रिजल्ट लिंक दोपहर में ठीक 12 बजे एक्टिव किया जाएगा. महाराष्ट्र बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट mahahsscboard.in पर रिजल्ट का काउंटडाउन शुरू हो गया है. digilocker.gov.in Maharashtra Board HSC Result 2026 LIVE: महाराष्ट्र बोर्ड 12वीं रिजल्ट डिजिलॉकर पर कैसे चेक करें? महाराष्ट्र बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: महाराष्ट्र बोर्ड 12वीं नतीजों का लिंक डिजिलॉकर की ऐप और वेबसाइट पर भी एक्टिव किया जाएगा. आप नीचे लिखे स्टेप्स से डिजिलॉकर के जरिए मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं- डिजिलॉकर की ऑफिशियल वेबसाइट www.digilocker.gov.in या ऐप पर जाएं. अगर आपने मोबाइल नंबर या आधार नंबर से रजिस्ट्रेशन किया हुआ है तो सीधे Login पर जाएं. वेबसाइट पर फोन नंबर और UIDAI आईडी पूछी जाएगी. फोन पर सीधे रिजल्ट देखने का टैब ओपन होगा. सरकारी रिजल्ट आने के बाद Maharashtra Board 12th Result 2026 Link नजर आएगा. अब अपना रोल नंबर, कक्षा और अन्य डिटेल्स भरकर SUMBIT करें. स्क्रीन पर रिजल्ट आ जाएगा. Maharashtra Board 12th Result 2026 LIVE: महाराष्ट्र बोर्ड डिवीजन वाइज रिजल्ट महाराष्ट्र बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: महाराष्ट्र बोर्ड पूरे राज्य को 9 डिवीजन में बांटकर रिजल्ट जारी करता है. इसमें कोंकण डिवीजन हमेशा से ही अव्वल रहा है, जबकि मुंबई और पुणे जैसे बड़े शहरों में स्टूडेंट्स की संख्या अधिक होने के कारण पास प्रतिशत में कड़ा मुकाबला रहता है. Maharashtra HSC Result 2026 LIVE: लड़कों बनाम लड़कियों का प्रदर्शन महाराष्ट्र बोर्ड एचएससी रिजल्ट 2026 लाइव: महाराष्ट्र बोर्ड के इतिहास में पिछले कई सालों से लड़कियां लड़कों को पीछे छोड़ रही हैं. पिछले साल भी लड़कियों का पास प्रतिशत लड़कों की तुलना में 5% से ज्यादा बेहतर रहा था और इस साल भी यही ट्रेंड रहने की उम्मीद है. Maharashtra Board 12th Topper List 2026 LIVE: क्या महाराष्ट्र बोर्ड 12वीं की टॉपर लिस्ट जारी करेगा? महाराष्ट्र बोर्ड 12वीं टॉपर लिस्ट 2026 लाइव: महाराष्ट्र बोर्ड टॉपर लिस्ट

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12350 KMPH की तूफानी रफ्तार, 1500 KM तक तबाही ही तबाही, ब्रह्मोस...

होमताजा खबरदेश 12350 KMPH की तूफानी रफ्तार, ब्रह्मोस से कहीं ज्‍यादा घातक है यह ब्रह्मास्‍त्र Last Updated:May 02, 2026, 09:33 IST Agni-5 vs Brahmos vs LR-AShM Missile: मिसाइल टेक्‍नोलॉजी के मामले में भारत टॉप के देशों में शुमार होता है. ब्रह्मोस से लेकर अग्नि सीरीज की मिसाइलें इसका ज्‍वलंत उदाहरण हैं. अब भारत के रक्षा वैज्ञानिकों ने मिसाइल तकनीक की दिशा में एक और बड़ी सफलता हासिल की है. डीआरडीओ ने मध्‍यम दूरी तक हाइपरसोनिक रफ्तार से मार करने में सक्षम एंटी-शिप मिसाइल के फेज-2 का सफल परीक्षण किया है. इससे इंडियन नेवी सामर‍िक तौर पर और ज्‍यादा ताकतवर होगी. समंदर में दुश्‍मनों को नेस्‍तनाबूद करने में यह मिसाइल अहम भूमिका निभाएगी. DRDO ने लॉन्‍ग रेंज एंटी-शिप हाइपरसोनिक मिसाइल (LR-AShM) के दूसरे चरण का सफल परीक्षण किया है. (फाइल फोटो/Reuters) Agni-5 vs Brahmos vs LR-AShM Missile: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने लॉन्‍ग रेंज हाइपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइल (LR-AShM) के दूसरे चरण का सफल परीक्षण किया है. एक्‍सपर्ट मानते हैं कि इस मिसाइल के इंडियन नेवी में शामिल होने से इंडियन नेवी की ताकत में कई गुना तक का ईजाफा होगा. समंदर में राष्‍ट्रीय हितों का रक्षा करना पहले क मुकाबले और बेहतर होगा. भारत ने LR-AShM का परीक्षण ऐसे समय में किया है, जब मैरीटाइम सिक्‍योरिटी को लेकर गंभीर चुनौतियां मुंह बाए खड़ी हैं. ईरान जंग ने समुद्री सुरक्षा के मुद्दे को और भी गंभीर बना दिया है. दूसरी तरफ, हिन्‍द महासागर में चीन की बढ़ती गतिविधियों ने पहले से ही भारत की चिंताएं बढ़ा रखी हैं. ऐसे में भारत के लिए मैरीटाइम सिक्‍योरिटी को मजबूत करना काफी जरूरी हो गया. LR-AShM का सफल ट्रायल इस लिहाज से काफी अहम है. इससे समंदर में भारत की सामरिक ताकत काफी बढ़ेगी. भारत के भंडार में कई ऐसी मिसाइलें हैं, जो मारक क्षमता के मामले में काफी खतरनाक हैं. अग्नि-5 और ब्रह्मोस क्रूज मिसाइलें उसी कैटेगरी में आते हैं. अब सवाल उठता है कि LR-AShM ब्रह्मोस और अग्नि-5 के मुकाबले में कहां ठहरती हैं. इन तीनों मिसाइलों में कौन सबसे ज्‍यादा खतरनाक है. भारत ने रक्षा क्षमताओं में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए लंबी दूरी की एंटी-शिप हाइपरसोनिक मिसाइल सिस्‍टम का सफल परीक्षण किया है. DRDO द्वारा ओडिशा तट के पास स्थित एक रक्षा केंद्र से इस मिसाइल के फेज-II का परीक्षण किया गया, जो देश की अगली पीढ़ी की स्ट्राइक क्षमता की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है. परीक्षण के दौरान मिसाइल ने लगभग 1500 किलोमीटर दूर स्थित लक्ष्य को सटीकता से भेदते हुए अपनी क्षमता साबित की. यह मिसाइल टू-फेज हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल टेक्‍नोलॉजी पर आधारित है, जो इसे अत्यधिक गति और उच्च मारक क्षमता प्रदान करती है. ट्रायल में सभी मानकों का पालन किया गया. यह मिसाइल खास तौर पर Indian Navy की तटीय सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित की गई है और यह स्थिर व गतिशील समुद्री लक्ष्यों यानी मूविंग टार्गेट को निशाना बनाने में सक्षम है. स्वदेशी एवियोनिक्स और अत्याधुनिक सेंसर सिस्टम इसकी सटीकता और विश्वसनीयता को और बढ़ाते हैं. मिसाइल प्रारंभिक चरण में मैक-10 (12350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार) तक की गति हासिल करती है और बाद में नियंत्रित ग्लाइड मोड में मैक 5 (6200 KMPH) की औसत गति से उड़ान भरती है. यह उपलब्धि भारत को हाइपरसोनिक तकनीक वाले चुनिंदा देशों की श्रेणी में और मजबूती से स्थापित करती है. साथ ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उसकी सामरिक स्थिति और समुद्री सुरक्षा को भी सुदृढ़ करती है. LR-AShM फ्यूचर वॉर के लिहाज से काफी अहम है. (फाइल फोटो/Reuters) LR-AShM: 12350 KMPH की स्‍पीड, 1500 KM रेंज भारत ने लंबी दूरी की हाइपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइल (LR-AShM) के फेज-II परीक्षण में बड़ी सफलता हासिल की है, जो देश की समुद्री सुरक्षा क्षमता को नई ऊंचाई देता है. इस मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत इसकी हाइपरसोनिक स्पीड है, जो शुरुआती चरण में मैक-10 तक पहुंचती है और बाद में नियंत्रित ग्लाइड फेज में मैक-5 की रफ्तार बनाए रखती है. यह गति और इसकी लो-एल्टीट्यूड मैन्युवरिंग क्षमता इसे दुश्मन के रडार से बचने में बेहद सक्षम बनाती है. LR-AShM दो स्टेज सॉलिड रॉकेट मोटर पर आधारित है, जिसमें पहला चरण बूस्ट देता है और दूसरा इसे हाइपरसोनिक गति तक पहुंचाता है. मिसाइल लगभग 1500 किलोमीटर दूर लक्ष्य को सटीकता से भेदने में सक्षम है. इसमें अत्याधुनिक टर्मिनल गाइडेंस सिस्टम और स्वदेशी सेंसर लगे हैं, जो चलते और स्थिर दोनों प्रकार के समुद्री लक्ष्यों पर सटीक हमला सुनिश्चित करते हैं. यह मिसाइल विभिन्न प्रकार के पेलोड ले जाने में सक्षम है, जिससे इसकी ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है. LR-AShM भारत के पारंपरिक मिसाइल शस्त्रागार में एक अहम कड़ी जोड़ती है और नौसेना को एक शक्तिशाली, गैर-परमाणु स्ट्राइक विकल्प प्रदान करती है. अग्नि-5 एक इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल है. रेंज और रफ्तार के मामले में यह LR-AShM से ज्‍यादा खतरनाक है. (फाइल फोटो/Reuters) अग्नि-5: मिसाइलों का बादशाह भारत की सामरिक क्षमता को और मजबूत करते हुए अग्नि-5 मिसाइल देश की रक्षा रणनीति का अहम स्तंभ बनकर उभरी है. यह परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) है, जिसकी मारक क्षमता 5,000 से 5,500 किलोमीटर से अधिक है. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित इस मिसाइल में अत्याधुनिक MIRV (मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल री-एंट्री व्हीकल) तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे यह एक साथ कई लक्ष्यों पर वार कर सकती है. अग्नि-5 तीन चरणों वाले ठोस ईंधन इंजन से लैस है और इसे कैनिस्टराइज्ड प्लेटफॉर्म पर विकसित किया गया है, जिससे सड़क या रेल के जरिए इसकी त्वरित तैनाती और लॉन्च संभव हो पाता है। यह मिसाइल करीब मैक-24 (लगभग 30000 KMPH) की हाइपरसोनिक गति से उड़ान भरने में सक्षम है, जिससे इसे रोक पाना बेहद मुश्किल हो जाता है. अगस्त 2025 में स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड द्वारा इसके सफल परीक्षण ने इसकी विश्वसनीयता को और पुख्ता किया है. भविष्य में इसके 7,500 किलोमीटर तक की रेंज वाले उन्नत संस्करण पर भी काम जारी है. ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल के दो वर्जन हैं, जिसमें एक नेवी के लिए भी है. नौसेना के लिए डिजाइन ब्रह्मोस मिसाइल रेंज और रफ्तार के मामले में LR-AShM से कहीं पीछे है. (फाइल फोटो/Reuters) ब्रह्मोस मिसाइल: 6200 KMPH रफ्तार, 290 किलोमीटर रेंज भारतीय नौसेना की मारक क्षमता को

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ajay rai| sodium deficiency| summer risk| अजय राय सोडियम की कमी से...

Ajay Rai Sodium deficiency: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ तीन बार बनारस से ताल ठोकने वाले कांग्रेस के फायर ब्रांड नेता अजय राय की तबीयत अचानक खराब हो गई. उन्हें पहले सीने में दर्द और बेचैनी हुई और फिर वे अचानक बेहोश हो गए. लखनऊ के मेदांता अस्पताल के आईसीयू में भर्ती राय की जांच में पता चला है कि उनके शरीर में सोडियम की कमी हो गई थी. शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स घटने की यह घटना भले ही राय के साथ पहली बार हुई हो लेकिन डॉक्टरों की मानें तो गर्मी में सोडियम की कमी ज्यादातर लोगों में हो जाती है और कई लोगों में राय की तरह सीवियर हो जाती है. जो लोग ज्यादा पानी पीते हैं उनको भी ये समस्या होती है तो फिर इस कमी को कैसे दूर किया जाए और कैसे बचा जाए? आइए विशेषज्ञों से ही जानते हैं…. हैदराबाद के गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ. बी रविंदर रेड्डी कहते हैं कि शरीर में सोडियम की कमी को हाइपोनेट्रेमिया कहते हैं. गर्मी में बहुत ज्यादा पसीना आने के कारण शरीर में सोडियम और अन्य इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है. जिसकी वजह से कमजोरी, थकान, चक्कर आना और कई बार व्यक्ति बेहोश तक हो जाता है. इस दौरान सबसे खास बात है कि सिर्फ पानी पीने से इस समस्या से छुटकारा नहीं मिल सकता, बल्कि इलेक्ट्रोलाइट युक्त पेय पदार्थ पीना जरूरी होता है. डॉ. रेड्डी कहते हैं कि भारत में तापमान 40 डिग्री से ऊपर जाने के बाद शरीर में जरूरी तत्वों की कमी होने लगती है लेकिन लोग इसे सिर्फ पानी की कमी समझकर पानी भारी मात्रा में पी लेते हैं, जबकि यह इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी है, जिसमें सोडियम भी आता है. सिर्फ पानी इलेक्ट्रोलाइट्स को और पतला कर सकता है और स्थिति और खराब हो सकती है. इसलिए जरूरी है कि शरीर में हाइड्रेशन के लिए जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स, नमक और सोडियम की मात्रा को बनाए रखा जाए. आइए एक्सपर्ट से सवालों के माध्यम से जानते हैं कि शरीर में सोडियम की कमी कैसे होती है और उसकी पूर्ति के लिए क्या करें? शरीर में सोड‍ियम की कमी कैसे होती है?सोडियम की कमी तब होती है जब खून में सोडियम का स्तर 135 mmol/L से नीचे चला जाता है. यह मुख्य रूप से दो कारणों से होता है. या तो कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा पानी पी ले (खासकर पसीना आने पर), जिससे सोडियम पतला हो जाता है. या फिर ज्यादा पसीना, उल्टी और दस्त या दवाओं (जैसे डाइयूरेटिक्स से शरीर में सोडियम की कमी हो जाना. क्‍या गर्मी में यह आम बीमारी है?हां. गर्मी में (खासकर भारत जैसे देशों में) यह काफी आम है. ज्यादा पसीना आने, केवल सादा पानी पीने और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ने से गर्मी में हाइपोनेट्रेमिया का रिस्क बढ़ जाता है. ऐसा खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और भारी काम करने वालों में देखा जाता है. क्या सोडियम की कमी जानलेवा है?सोडियम की हल्की कमी आमतौर पर ठीक हो जाती है, लेकिन गंभीर या तेजी से होने वाली कमी खतरनाक हो सकती है. इससे दौरे (seizures), कोमा या मौत भी हो सकती है. सोडियम की कमी होने पर क्या होता है?अगर शरीर में सोडियम घट रहा है तो इससे सिरदर्द, उल्टी, थकान, भ्रम (confusion), मांसपेशियों में कमजोरी या ऐंठन, चक्कर, बेचैनी और गंभीर मामलों में दौरे या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. सोडियम शरीर के लिए क्यों जरूरी है?सोडियम एक जरूरी इलेक्ट्रोलाइट है. यह शरीर में पानी का संतुलन बनाए रखता है. यह नर्व सिग्नल्स भेजने, मांसपेशियों के सिकुड़ने और ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने में मदद करता है. WHO के अनुसार, सोडियम प्लाज्मा वॉल्यूम, एसिड-बेस बैलेंस और नॉर्मल सेल फंक्शन के लिए बेहद जरूरी है. शरीर में सोड‍ियम इंटेक कैसे बढ़ाएं? . संतुलित भोजन लें- गर्मी में घर का सादा खाना खाएं. इसमें नमक वाली घर की सब्जी, दाल, रोटी, अचार, छाछ, नमकीन शामिल कर सकते हैं. . नमक वाले प्रोसेस्ड फूड कम करें लेकिन पूरी तरह न छोड़ें. . ज्यादा गर्मी और ज्यादा पसीना आ रहा है तो अपने पास हमेशा ORS (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) रखें और इसे पानी में डालकर पीएं इसमें सोडियम (75 mmol/L), पोटैशियम, ग्लूकोज और सिट्रेट होते हैं जो पानी और नमक दोनों को शरीर में बनाए रखते हैं. . अगर ओआरएस नहीं है तो घर पर भी 1 लीटर साफ पानी में 6 चम्मच चीनी और आधा चम्मच नमक मिलाकर इसे बनाकर पी सकते हैं. . गर्म केवल पानी न पिएं, इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक्स या नमक वाली लस्सी या छाछ लें. . अगर कोई परेशानी या लक्षण दिखे तो तत्काल डॉक्टर के पास जाएं और देर न करें. Source link

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