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अमेरिका से मिला धोखा तो चट्टान की तरह भारत संग खड़ा हुआ...

India-France Relations: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने 12 साल के कार्यकाल में 7वीं बार फ्रांस दौरे पर हैं. इससे पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने 10 साल के कार्यकाल में चार बार पेरिस का दौरा किया. उनसे पहले अटल बिहार वाजपेयी बतौर प्रधानमंत्री अपने करीब छह साल के कार्यकाल में दो बार फ्रांस गए. इस बीच वर्ष 2000 से अब तक नौ बार फ्रांसीसी राष्ट्रपतियों ने भारत का आधिकारिक दौरा किया. इसमें मौजूदा राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों 2018 से अब तक चार बार भारत का दौरा कर चुके हैं. दोनों देशों के बीच ये उच्च स्तरीय दौरे यूं नहीं हुए हैं. दोनों के बीच भरोसा बनाने में दशकों का समय लगा है. तब जाकर भारत और फ्रांस इस मोड़ पर पहुंचे हैं. दोनों देशों के बीच रिश्तों को इस मोड़ पर पहुंचाने में एक सबसे अहम भूमिका 1998 की घटना की रही जब अमेरिका, कनाडा, जापान सहित तमाम बड़े यूरोपीय देशों ने भारत के खिलाफ प्रतिबंध लगा दिए लेकिन फ्रांस एक सच्चे मित्र की तरह सीना तानकर नई दिल्ली के साथ खड़ा रहा. इस परीक्षा में तपकर भारत और फ्रांस की दोस्ती अटूट बन गई. दरअसल, मई 1998 का समय था. राजस्थान के पोखरण का तपता रेगिस्तान. धरती के नीचे कुछ ऐसा हुआ जिसने दुनिया की भू-राजनीति को झकझोर दिया. भारत ने पांच परमाणु परीक्षण कर खुद को खुले तौर पर परमाणु शक्ति घोषित कर दिया. नई दिल्ली में इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक स्वाभिमान का क्षण माना गया, लेकिन वाशिंगटन, टोक्यो और कई पश्चिमी राजधानियों में इसे चुनौती के रूप में देखा गया. उस वक्त देश की बागडोर अटल बिहारी वाजपेयी के हाथों में थी. कुछ ही दिनों में अमेरिका ने प्रतिबंधों की झड़ी लगा दी. आर्थिक सहायता रोकने से लेकर तकनीकी सहयोग सीमित करने तक कई कदम उठाए गए. जापान, कनाडा और कुछ अन्य देशों ने भी भारत से दूरी बनानी शुरू कर दी. ऐसा लग रहा था कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अकेला पड़ जाएगा. लेकिन, इसी कठिन दौर में यूरोप से एक ऐसी आवाज उठी जिसने भारत को यह एहसास कराया कि सभी पश्चिमी देश एक जैसी सोच नहीं रखते. वह आवाज फ्रांस की थी. जब दुनिया सजा देने पर उतारू थी पोखरण-2 के बाद अधिकांश पश्चिमी देशों का तर्क था कि भारत को उसके फैसले की कीमत चुकानी चाहिए. भारत पर वैश्विक परमाणु अप्रसार व्यवस्था को चुनौती देने के आरोप लगाए जा रहे थे. अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश की जा रही थी. तभी फ्रांस भारत के साथ खड़ा हो गया. तत्कालीन फ्रांसीसी राष्ट्रपति जैक्स शिराक ने साफ संकेत दिया कि भारत को अलग-थलग करना समाधान नहीं है. पेरिस का मानना था कि भारत की सुरक्षा चिंताओं को समझे बिना केवल प्रतिबंध की भाषा बोलना व्यावहारिक नहीं होगा. फ्रांस ने यह भी महसूस किया कि दक्षिण एशिया की जटिल सुरक्षा परिस्थितियों को यूरोप के नजरिए से नहीं समझा जा सकता. यह वह समय था जब भारत का एक पड़ोसी पाकिस्तान परमाणु चाहत रखता था और दूसरी ओर पहले से परमाणु शक्ति बन चुका चीन था. वर्ष 2013 में नई दिल्ली राष्ट्रपति फ्रांस्क्वा ओलांद के साथ तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह. फोटो- रायटर भारत के खिलाफ गोलबंदी वर्ष 1998 में भारत के परमाणु परीक्ष के बाद ब्रिटेन के बर्मिंघम में जी-8 शिखर सम्मेलन आयोजित हुई. उस बैठक में भारत के खिलाफ कड़े सामूहिक रुख की चर्चा हुई. अमेरिका और उसके कुछ सहयोगी देश नई दिल्ली पर दबाव बढ़ाना चाहते थे. यह जी-8 आज का जी-7 है. उस वक्त उस समूह में रूस भी शामिल था. इस कारण उसका नाम जी-8 था. अब इस समूह में रूस नहीं है. इसलिए इसका नाम जी-7 कर दिया गया. फ्रांस और रूस बने संकटमोचक कूटनीतिक गलियारों में यह संदेश साफ था कि भारत को पूरी तरह खलनायक बना दिया जाए. लेकिन, रूस और फ्रांस संकटमोचक बनकर उभरे. फ्रांस का मानना था कि संवाद के रास्ते खुले रहने चाहिए. यही वह क्षण था जब नई दिल्ली ने पहली बार महसूस किया कि पेरिस सिर्फ एक साझेदार नहीं, बल्कि मुश्किल वक्त में साथ खड़ा रहने वाला मित्र भी हो सकता है. फिर दोनों देशों के रिश्ते में एक भरोसे की बहाली हुई. यह भरोसा समय के साथ रणनीतिक साझेदारी तक पहुंच गया. अटल और शिराक की नई शुरुआत पोखरण परीक्षणों के कुछ ही महीनों बाद सितंबर 1998 में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी फ्रांस पहुंचे. यह यात्रा केवल एक औपचारिक राजनयिक कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने वाला ऐतिहासिक मोड़ साबित हुई. इसी यात्रा के दौरान भारत और फ्रांस ने औपचारिक रूप से ‘स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ की शुरुआत की. यह किसी पश्चिमी देश के साथ भारत की पहली रणनीतिक साझेदारी थी. आज जब भारत की रणनीतिक साझेदारियों की लंबी सूची दिखाई देती है, तो यह याद रखना जरूरी है कि इसकी शुरुआत फ्रांस के साथ हुई थी. पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों. फोटो- रायटर राजनीति और कूटनीति में दोस्ती अक्सर परिस्थितियों के साथ बदल जाती है. लेकिन भारत-फ्रांस संबंधों की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि 1998 में बना भरोसा आने वाले वर्षों में लगातार मजबूत होता गया. फ्रांस उन शुरुआती देशों में शामिल रहा जिसने भारत के साथ परमाणु मुद्दों पर उच्च स्तरीय संवाद शुरू किया. बाद में जब भारत को वैश्विक परमाणु व्यवस्था में स्वीकार्यता मिलने लगी, तब उसी विश्वास ने नई संभावनाओं के दरवाजे खोले. 2008 में परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (NSG) से छूट मिलने के बाद भारत के साथ असैन्य परमाणु समझौता करने वाला पहला देश भी फ्रांस ही बना. यह कोई संयोग नहीं था. इसकी नींव एक दशक पहले उस दौर में रखी जा चुकी थी जब भारत पर प्रतिबंधों का साया था. आज भी क्यों याद की जाती है 1998 की कहानी? आज भारत और फ्रांस रक्षा, अंतरिक्ष, समुद्री सुरक्षा, परमाणु ऊर्जा और इंडो-पैसिफिक रणनीति जैसे अनेक क्षेत्रों में साथ काम कर रहे हैं. राफेल लड़ाकू विमान से लेकर हिंद महासागर में सहयोग तक दोनों देशों के रिश्ते लगातार गहरे हुए हैं. लेकिन, इन संबंधों की असली ताकत किसी रक्षा सौदे या संयुक्त बयान में नहीं, बल्कि उस ऐतिहासिक स्मृति में छिपी है जब भारत कठिन दौर से गुजर रहा था और दुनिया

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शू रैक पर थूकने को लेकर शुरू हुआ झगड़ा, नाबालिग लड़के ने...

Last Updated:June 14, 2026, 07:40 IST Pimpri Chindwad News: यह घटना पिंपरी के मोरवाड़ी इलाके में बुधवार रात हुई. बताया जा रहा है कि लिफ्ट के पास रखे शू-रैक पर थूकने को लेकर दोनों परिवारों के बीच कहासुनी हुई थी. देखते ही देखते झगड़ा बढ़ गया और आरोपियों ने इस दंपति पर हमला कर दिया. इस दौरान नाबालिग लड़के ने महिला के पति पर चाकू से कई वार कर दिए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. लिफ्ट के बाहर रखे शू-रैक पर थूकने की बात को लेकर शुरू हुए झगड़े ने हिंसक रूप ले लिया. महाराष्ट्र के पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवड़ में पड़ोसियों के बीच झगड़े का बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां लिफ्ट के बाहर रखे शू-रैक पर थूकने की बात को लेकर शुरू हुए झगड़े ने हिंसक रूप ले लिया. आरोप है कि झगड़े के दौरान एक नाबालिग लड़के और उसके परिवार के लोगों ने पड़ोसी दंपति पर चाकू से हमला कर दिया. इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है. हालांकि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए News18 हिन्दी यह सीसीटीवी फुटेज नहीं दिखा रहा. प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह घटना पिंपरी के मोरवाड़ी इलाके में बुधवार रात हुई. बताया जा रहा है कि लिफ्ट के पास रखे शू-रैक पर थूकने को लेकर दोनों परिवारों के बीच कहासुनी हुई थी. देखते ही देखते झगड़ा बढ़ गया और आरोपियों ने इस दंपति पर हमला कर दिया. इस दौरान नाबालिग लड़के ने महिला के पति पर चाकू से कई वार कर दिए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की. पुलिस ने इस मामले में एक महिला और एक नाबालिग लड़के के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. महिला आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि नाबालिग के संबंध में कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है. हालांकि, मामले में दूसरा पक्ष भी सामने आया है. आरोपी महिला के पति योगेश उभयकर ने शिकायतकर्ता परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि शिकायतकर्ता परिवार पिछले कई दिनों से उनके परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था. उन्होंने यह भी दावा किया कि शिकायतकर्ता पक्ष ने उनके 17 वर्षीय बेटे के घर में घुसकर मारपीट की थी. फिलहाल दोनों पक्षों की शिकायतों और आरोप-प्रत्यारोप को ध्यान में रखते हुए संत तुकाराम नगर पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है. पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना की सच्चाई पता लगाने में जुटी हुई है. About the Author Saad Omar साद बिन उमर को पत्रकारिता के क्षेत्र में 15 साल से अधिक का अनुभव है, जिनमें से 12 साल उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता को दिए है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने आज तक, एनडीटीवी, पीटीआई और नया इंडिया जैसे प्र…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Mumbai,Maharashtra Source link

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दुधवा घूमने का बना रहे हैं प्लान, तो यहां आने से पहले...

Last Updated:June 14, 2026, 06:42 IST लखीमपुर खीरी स्थित दुधवा टाइगर रिजर्व से पर्यटकों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है. पार्क प्रशासन ने पर्यटकों की बढ़ती संख्या और शानदार टाइगर साइटिंग को देखते हुए पर्यटन सत्र को 15 जून के बजाय 30 जून तक बढ़ाने का फैसला किया है. इस दौरान पर्यटक बाघ, एक सींग वाले गैंडे, बारासिंघा, जंगली हाथी और अन्य दुर्लभ वन्य जीवों को प्राकृतिक वातावरण में देखने का रोमांचक अनुभव ले सकेंगे. लखीमपुर खीरी के दुधवा टाइगर रिजर्व से पर्यटकों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन ने पर्यटकों की बढ़ती संख्या और वन्य जीवों की शानदार साइटिंग को देखते हुए मौजूदा पर्यटन सत्र को 15 जून के बजाय अब 30 जून तक बढ़ाने का निर्णय लिया है. इस फैसले के बाद देश-विदेश से आने वाले पर्यटक अगले पंद्रह दिनों तक दुधवा की जैव विविधता और वन्य जीवों का रोमांचक अनुभव ले सकेंगे. इस बार पर्यटन सत्र के दौरान दुधवा में पर्यटकों की संख्या और राजस्व दोनों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है. यही वजह है कि पार्क प्रशासन ने पर्यटकों की मांग और उत्साह को देखते हुए पर्यटन अवधि को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है. क्यों है दुधवा टाइगर रिजर्व खास दुधवा टाइगर रिजर्व देश के प्रमुख वन्य जीव अभयारण्यों में गिना जाता है. प्राकृतिक सुंदरता, घने जंगलों और दुर्लभ वन्य जीवों के कारण यह पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. हर वर्ष बड़ी संख्या में देशी और विदेशी पर्यटक यहां पहुंचते हैं इस वर्ष भी पर्यटन सत्र के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटकों ने दुधवा का रुख किया पार्क प्रशासन के अनुसार पिछले वर्ष की तुलना में इस बार हजारों अधिक पर्यटक दुधवा पहुंचे हैं, जिससे राजस्व में भी अभूतपूर्व वृद्धि हुई है. जंगल सफारी से करें रोमांचकारी अनुभव इस पर्यटन सत्र में लगभग हर सप्ताह पांच दिनों तक पर्यटकों को एक या एक से अधिक बाघ देखने को मिले हैं. जंगल सफारी के दौरान टाइगर का सहज रूप से दिखाई देना पर्यटकों के लिए बेहद रोमांचकारी अनुभव साबित हुआ है. यही कारण है कि सोशल मीडिया पर भी दुधवा की तस्वीरें और वीडियो खूब वायरल हुए, जिससे अन्य पर्यटकों का आकर्षण भी बढ़ा सिर्फ बाघ ही नहीं, बल्कि दुधवा में मौजूद अन्य दुर्लभ वन्य जीव भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. सफारी के दौरान पर्यटकों को एक सींग वाला गैंडा, जंगली हाथी, भालू, बारासिंघा, हिरण, सांभर और विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों के दर्शन हुए हैं. विशेष रूप से दुधवा का बारासिंघा और गैंडा देशभर में अपनी अलग पहचान रखते हैं. इन दुर्लभ वन्य जीवों को प्राकृतिक वातावरण में देखने का अवसर मिलने से पर्यटक काफी उत्साहित नजर आए. कब बंद होगा  लोकल 18 से बातचीत करते हुए दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर डॉ. एस. राजा मोहन ने बताया कि प्रधान मुख्य वन संरक्षक अनुराधा वेमुरी के निर्देश पर इस वर्ष दुधवा का पर्यटन सत्र 30 जून से बंद कर दिया जाएगा. About the Author Vivek Kumar विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Lakhimpur,Kheri,Uttar Pradesh Source link

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इंडो-पैसिफिक से डिफेंस और AI तक; फ्रांस में PM मोदी का कूटनीतिक...

होमताजा खबरदेश फ्रांस में PM मोदी का कूटनीतिक मिशन, रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी नई धार Last Updated:June 14, 2026, 05:06 IST भारत की रणनीतिक दूरदृष्टि में फ्रांस का एक खास स्थान है, जबकि स्लोवाकिया की पीएम मोदी की यात्रा एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है तथा यह दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों को और आगे बढ़ाएगी. यह 1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इस देश की पहली यात्रा होगी. ख़बरें फटाफट पीएम मोदी फ्रांस में इमैनुएल मैक्रों के साथ कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. (फाइल फोटो) नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस अपने पहले चरण के दौरे के लिए पहुंच चुके हैं और फ्रांस में पहले चरण के दौरे में उनका फोकस भारत-फ्रांस विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी, नवाचार, प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप सहयोग को नई गति देने पर रहेगा. प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और द्विपक्षीय तथा वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा करेंगे. रविवार को प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रमों का केंद्रबिंदु “Bharat Innovates” पहल होगी. दोपहर 2:30 बजे राष्ट्रपति मैक्रों के साथ वह इस कार्यक्रम का संयुक्त उद्घाटन करेंगे. यह पहल भारत की इनोवेशन यात्रा को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है. इसके तहत भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम, डीप-टेक, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, रक्षा, अंतरिक्ष, स्वच्छ ऊर्जा और भारतीय प्रतिभाओं के वैश्विक योगदान को प्रदर्शित किया जाएगा. कार्यक्रम में उन्नत कंप्यूटिंग, बायोटेक्नोलॉजी, एग्री-टेक, ऊर्जा, स्थिरता, स्वास्थ्य, इंडस्ट्री 4.0, सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्रों से जुड़े भारतीय स्टार्टअप अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे. साथ ही दुनिया भर की प्रमुख कंपनियों के शीर्ष सीईओ और निवेशक भी इसमें भाग लेंगे. उम्मीद जताई जा रही है कि इस मंच पर कई निवेश और कारोबारी समझौते भी आकार ले सकते हैं. विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच होने वाली व्यापक वार्ता में रक्षा, प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, आर्थिक सहयोग और इंडो-पैसिफिक सहित विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी की समीक्षा की जाएगी. दोनों नेता क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे. “Bharat Innovates” कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री मोदी शाम 4:10 बजे से 5:10 बजे तक राष्ट्रपति मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे. इसके बाद राष्ट्रपति मैक्रों द्वारा आयोजित लंच में शामिल होंगे. फ्रांस के पहले चरण के दौरे का समापन कर प्रधानमंत्री रविवार रात 8:30 बजे नीस से वियना होते हुए स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा के लिए रवाना होंगे. यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत और फ्रांस रक्षा, AI, अंतरिक्ष, स्वच्छ ऊर्जा और उच्च प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहे हैं. ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों की मुलाकात दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है. भारत और फ्रांस ने फरवरी 2026 में अपने संबंधों को “स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” के स्तर तक पहुंचाया था. इसी दौरान दोनों नेताओं ने भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष का शुभारंभ भी किया था. इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने फरवरी में पेरिस में आयोजित एआई एक्शन समिट की सह-अध्यक्षता भी की थी. फ्रांस दौरे के दौरान रक्षा और रणनीतिक क्षेत्रों में सभी मुद्दों पर चर्चा होगी. फ्रांस के साथ भारत का रक्षा सहयोग बहुत गहरा और मजबूत है. हाल के वर्षों में दोनों देश का प्रयास सह-उत्पादन, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और सह-विकास के माध्यम से प्लेटफॉर्म विकसित करने पर अधिक केंद्रित रहा है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस यात्रा का एक प्रमुख फोकस क्षेत्र प्रौद्योगिकी और नवाचार है. इस क्षेत्र में कुछ महत्वपूर्ण परिणाम सामने आने की उम्मीद है. मुख्य रूप से यह AI से जुड़ा है. इसके अलावा हेल्थ-टेक, मेड-टेक और स्टार्टअप्स जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग पर जोर रहेगा…कुल मिलाकर, कई ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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गोविंदपुरी आग कांड में बड़ा खुलासा! CCTV में दिखी संदिग्ध महिला, 3...

होमवीडियोदेश गोविंदपुरी आग कांड में बड़ा खुलासा! CCTV में दिखी संदिग्ध महिला, 3 मौतों के पीछे साजिश का शक X गोविंदपुरी आग कांड में बड़ा खुलासा! CCTV में दिखी संदिग्ध महिला, 3 मौतों के पीछे साजिश का शक   दक्षिण-पूर्व दिल्ली के गोविंदपुरी में 11-12 जून की रात चार मंजिला इमारत में लगी भीषण आग के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस को इस मामले में अब एक संदिग्ध महिला की तलाश है. यह महिला सीसीटीवी फुटेज में आग लगने से पहले बिल्डिंग में दाखिल होती है. इसके बाद, आग की लपटे नजर आती है. आग लगते ही यह महिला तेज कदमों से बिल्डिंग से बाहर निकलते दिखाई देती है. इस हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग अब भी अस्पताल में भर्ती हैं. पुलिस को शुरुआती जांच में आग के पीछे साजिश की आशंका लग रही है और महिला की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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क्या लाउडस्पीकर का कोई शोर सुनाई देता है, सड़कें जाम की गईं?...

Last Updated:June 13, 2026, 23:23 IST सुवेंदु अधिकारी ने कार्यक्रम में अपने काम करने के तरीके को साफ किया. उन्होंने अनावश्यक बयानबाजी से पूरी तरह दूरी बनाए रखने की बात कही. सुवेंदु अधिकारी ने कहा, ‘मैं ज्यादा बात नहीं करूंगा, मैं काम करूंगा. मेरा काम ही खुद बोलेगा.’ मुख्यमंत्री ने कहा कि वह जमीन पर दिखाई देने वाले परिणामों को प्राथमिकता देते हैं. राजनीति में केवल बातें करने से जनता का भला नहीं हो सकता है. ख़बरें फटाफट सुवेंदु अधिकारी ने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं. (फाइल फोटो) कोलकाता. कोलकाता के बालीगंज में आयोजित “बंगाल विकास फोरम” कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल विधानसभा के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य में नई सरकार के कामकाज और विकास कार्यों को लेकर बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि सरकार को सत्ता संभाले पांच सप्ताह हो चुके हैं और इस दौरान लोगों को बदलाव साफ दिखाई देने लगा है. सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि जनता खुद आकलन कर सकती है कि क्या अब लाउडस्पीकरों का शोर सुनाई देता है या सड़कों पर जाम लगाने जैसी स्थितियां देखने को मिल रही हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पद की कुछ सीमाएं होती हैं और वह अनावश्यक बयानबाजी में विश्वास नहीं रखते. उन्होंने कहा, “मैं ज्यादा बात नहीं करूंगा, मैं काम करूंगा. मेरा काम ही खुद बोलेगा.” अधिकारी ने दावा किया कि सीमावर्ती इलाकों में भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और अवैध घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें हटाया जा रहा है. विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कोलकाता के चिंगरीघाटा क्षेत्र में मेट्रो परियोजना का काम, जो लंबे समय से रुका हुआ था, अब दोबारा शुरू हो गया है. उनके मुताबिक, सरकार का फोकस बुनियादी ढांचे के विकास, प्रशासनिक सुधार और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने पर है. सुवेंदु अधिकारी के इस बयान को राज्य में विकास के दावों के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि उनकी प्राथमिकता राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाले परिणाम हैं. सीएम शुभेंदु अधिकारी ने जनता दरबार लगायापश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को भाजपा कार्यालय में अपना जनता दरबार लगाया, जहां उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर लोगों की शिकायतें सुनीं और अधिकारियों को उनका शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए. पहला ‘जनता दरबार’ 18 मई को आयोजित किया गया था. मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद अधिकारी ने इस साप्ताहिक कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कहा था कि नागरिक हर सप्ताह सीधे उनसे मिल सकेंगे. शनिवार को गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों के परिजन, स्वास्थ्यकर्मी और नौकरी की तलाश कर रहे लोग बड़ी संख्या में अपनी शिकायतें दर्ज कराने और मुख्यमंत्री को अपनी समस्याओं से अवगत कराने पहुंचे. जनता दरबार में पहुंचे लोगों में से एक करुणा ने बताया कि वह अपनी बेटी के इलाज के लिए आर्थिक सहायता मांगने आई हैं. वहीं, एक अन्य महिला तनिमा चटर्जी नौकरी की सुरक्षा की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के साप्ताहिक शिकायत निवारण कार्यक्रम में शामिल हुईं. वह सरकार की मिशन वात्सल्य पहल में कार्यक्रम अधिकारी हैं. उन्होंने कहा, “हम कठिन परिस्थितियों में रह रहे बच्चों के लिए परिवार-आधारित और गैर-संस्थागत देखभाल को बढ़ावा देते हैं. राज्य में 876 कर्मचारी कार्यरत हैं, फिर भी हमें नौकरी की सुरक्षा नहीं मिली है. हमें केवल एकमुश्त मानदेय दिया जाता है.” चटर्जी ने कहा, “पिछली सरकार ने हमारे लिए कभी कुछ नहीं किया, लेकिन हमें उम्मीद है कि भाजपा सरकार हमारी नौकरियों को स्थायी करेगी.” कई अन्य लोगों ने बताया कि वे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने आए हैं. उनका आरोप था कि पिछली सरकार ने हत्या के मामलों और अन्य अपराधों को दबाने का प्रयास किया था. यह साप्ताहिक जनसंपर्क पहल बंगाल में सत्ता में आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार के शुरुआती जनोन्मुखी प्रशासनिक प्रयासों में से एक के रूप में उभर रही है. भाजपा शासित राज्यों में इस तरह की जनसुनवाई की व्यवस्था पहले भी देखने को मिलती रही है और पार्टी इसे आम लोगों तक पहुंच बढ़ाने तथा शिकायतों के त्वरित निस्तारण का प्रभावी माध्यम बताती है. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Kolkata,West Bengal Source link

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स्क्वाड्रन लीडर से अग्निवीर तक: जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन पर ‘मौत’ की...

होमफोटोदेश जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन पर ‘मौत’ की लैंडिंग, ले गई 5 जांबाजों की जान Last Updated:June 13, 2026, 23:44 IST असम के जोरहाट में रूसी मूल के एएन-32 परिवहन विमान के शनिवार को दुर्घटनाग्रस्त होने से भारतीय वायुसेना के पांच कर्मियों की मौत हो गई. वायुसेना ने बताया कि विमान सुबह करीब 10 बजे एक नियमित उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इसने एक बयान में कहा, “जोरहाट में एएन-32 विमान दुर्घटना में पांच कर्मियों की मौत पर भारतीय वायुसेना गहरा दुख व्यक्त करती है.” असम के जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन पर शनिवार को उतरते समय एएन-32 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के क्रैश होने से भारतीय वायुसेना के पांच जवान शहीद हो गए. यह घटना सुबह लगभग 10 बजे हुई. उतरने के लैंडिंग के दौरान विमान में आग लग गई, जिसके बाद एयरफोर्स और एयरपोर्ट की अग्निशमन टीमों ने तुरंत इमरजेंसी कार्रवाई शुरू कर दी. भारतीय वायुसेना ने एक बयान में कहा, “आज सुबह लगभग 10 बजे असम के जोरहाट में एक रूटीन उड़ान के दौरान आईएएफ के एएन-32 विमान का एक्सीडेंट हो गया. अभी क्रैश वाली जगह पर जांच चल रही है. आईएएफ सभी से अपील करता है कि शुरुआती नतीजे आने तक कोई अटकलें न लगाएं.” एक अन्य पोस्ट में आईएएफ ने लिखा, “भारतीय वायु सेना को असम के जोरहाट में एएन-32 विमान दुर्घटना में अपने पांच कर्मियों के खोने का गहरा दुख है. स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीर वायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीर वायु दानिश आलम ने ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया. भारतीय वायु सेना शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती है और दुख की इस घड़ी में मजबूती से उनके साथ खड़ी है.” Add News18 as Preferred Source on Google एक्सीडेंट की वजह का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच के आदेश दिए जाने की उम्मीद है. टेक्निकल एक्सपर्ट और एयरफोर्स के अधिकारी क्रैश वाली जगह की जांच कर रहे हैं, जबकि शुरुआती जांच जारी है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया, “असम के जोरहाट में AN-32 विमान दुर्घटना में पांच वायु सैनिकों की मौत से मुझे गहरा दुख हुआ है. स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम ने अपनी ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया. देश उनके साहस और सेवा को हमेशा गर्व और कृतज्ञता के साथ याद रखेगा. शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं. दुख की इस घड़ी में देश मजबूती से उनके साथ खड़ा है.” न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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100% से ज्यादा आधार कार्ड कैसे बने? अवैध बांग्लादेशियों पर शिकंजा कसने...

होमताजा खबरदेश 100% से ज्यादा आधार कार्ड कैसे बने? बांग्लादेशियों पर शिकंजा कसने की तैयारी Last Updated:June 13, 2026, 23:44 IST आधार कार्ड के नियमों को सख्त बनाने के पीछे असम सरकार का मुख्य मकसद राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है. इसके लिए कुछ विशेष नियम बनाए गए हैं. 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को अब आसानी से आधार नहीं मिलेगा. किसी भी अवैध बांग्लादेशी प्रवासी को आधार कार्ड जारी नहीं किया जाएगा. असाधारण मामलों में केवल जिला कमिश्नर ही इसके लिए प्रस्ताव भेज सकेंगे. जिला कमिश्नर को आधार कार्ड की अनुमति के लिए राज्य सरकार को लिखना होगा. ख़बरें फटाफट असम कैबिनेट ने 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को आधार जारी नहीं करने का फैसला किया. (फाइल फोटो) गुवाहाटी. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को कहा कि मंत्रिमंडल ने अवैध प्रवासियों को आधार कार्ड हासिल करने से रोकने के लिए 18 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों को यह कार्ड जारी नहीं करने का फैसला किया है. सरमा ने मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, “असाधारण मामलों में जिला आयुक्त को आधार कार्ड जारी करने की अनुमति के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजना होगा.” मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आधार कार्ड जारी करने की प्रक्रिया ऐसी स्थिति में पहुंच गई है, जहां लगभग सभी पात्र लोगों को आधार कार्ड जारी किए जा चुके हैं. उन्होंने कहा, “कुछ जिलों में यह 100 प्रतिशत के आंकड़े को पार कर गई है और हमें यह पता लगाना होगा कि ये लोग कौन हैं, जो अतिरिक्त आधार कार्ड ले रहे हैं.” सरमा ने कहा कि यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया जा रहा है कि किसी भी अवैध बांग्लादेशी को आधार कार्ड न मिले. उन्होंने कहा कि हमारी तरफ से यह आदेश दिया गया है कि 18 साल या उससे अधिक की आयु के किसी भी व्यक्ति का आधार कार्ड नहीं बनाया जाए. सिर्फ 18 साल से कम उम्र के व्यक्ति का हर आधार कार्ड बनाया जाए. यह फैसला मुख्य रूप से राज्य में अवैध नागरिकों को रोकने के मकसद से लिया गया है. हमें पूरा विश्वास है कि आगामी दिनों में इसके सकारात्मक नतीजे देखने को मिलेंगे. उनके मुताबिक, “अगर कोई पात्र व्यक्ति है और सही मायने में उसे आधार कार्ड की जरूरत है, तो सबसे पहले डिप्टी कमिश्नर लेवर की तरफ से इसकी सहमति लेनी होगी. जब डिप्टी कमिश्नर लेवल की तरफ से अनुमति मिल जाएगी, तभी उसका आधार कार्ड बना दिया जाएगा. इस दौरान किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं आएगी.” About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Guwahati,Kamrup Metropolitan,Assam Source link

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aaj ka Dhanu rashifal 14 june 2026 today be cautious in financial...

Last Updated:June 14, 2026, 00:04 IST Aaj ka Dhanu Rashifal 14 june 2026: धनु राशि के जातकों को आज आर्थिक मामलों में सावधानी बरतनी चाहिए. उन्होंने बताया कि आज आप किसी को पैसा उधार ना दें. इतना ही नहीं आज के दिन कोई नया निवेश करने या बड़े लेन-देन से पहले अच्छी तरह सोच-विचार कर लें.  ख़बरें फटाफट जमुई: आज 14 जून 2026 का दिन धनु राशि के जातकों के लिए काफी महत्वपूर्ण होने वाला है. आज के दिन आपको किसी पुरानी उलझन का जवाब मिल सकता है. ज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि आज धनु राशि के जातकों के सामने ऐसी कोई बात आ सकती है, जिसे आप काफी समय से नजरअंदाज करते आ रहे थे. यह किसी रिश्ते, काम या जीवन की किसी स्थिति से जुड़ी हो सकती है. शुरुआत में यह बात आपको थोड़ा असहज कर सकती है. उन्होंने बताया कि धनु राशि के जातकों को आज भावनाओं में बहकर निर्णय लेने से बचना चाहिए. आज आपको अपने मन को शांत रखना चाहिए. धनु राशि के जातकों को आज कार्यस्थल पर समय पर काम पूरा करने की चुनौती रहेगी, लेकिन आपकी मेहनत आपको बेहतर परिणाम दिला सकती है. जो लोग लंबे समय से किसी काम के पूरे होने का इंतजार कर रहे थे, उन्हें राहत मिलने के संकेत हैं. आज किसी को उधार देने से करें तौबाज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि धनु राशि के जातकों को आज आर्थिक मामलों में सावधानी बरतनी चाहिए. उन्होंने बताया कि आज आप किसी को पैसा उधार ना दें. इतना ही नहीं आज के दिन कोई नया निवेश करने या बड़े लेन-देन से पहले अच्छी तरह सोच-विचार कर लें. नहीं तो यह भविष्य में आपको आर्थिक नुकसान पहुंचा सकता है. ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि अगर कोई बात पिछले कुछ समय से आपको परेशान कर रही थी, उसी से जुड़ा कोई नया समाधान या अवसर सामने आ सकता है. नौकरीपेशा लोगों को अपने काम पर पूरा ध्यान देना चाहिए. कारोबार करने वालों को नए संपर्कों से लाभ मिल सकता है. आज आपको मिलेगा अपने जीवनसाथी का पूरा सहयोगज्योतिषाचार्य ने बताया कि धनु राशि के जातकों के परिवार में आज माहौल सामान्य रहेगा. आज आपको जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा. प्रेम संबंधों में भी विश्वास और खुलकर बातचीत करने से रिश्ते मजबूत होंगे. परिश्रम का पूरा लाभ मिलने की संभावना है, आज मेहनत करने से पीछे न हटें. स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है. धनु राशि के जातकों को आज मानसिक रूप से भी खुद को थोड़ा समय देना जरूरी होगा. आज के दिन के लिए आपका शुभ रंग लाल और शुभ अंक 4 रहने वाला है. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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फ्लाइट के टॉयलेट से आ रही थी अजीब आवाजें, दरवाजे पर दे...

होमताजा खबरदेश टॉयलेट से आ रही थी अजीब आवाजें, तभी क्रू ने दे दी दस्‍तक, खुली रह गईं आंखें Last Updated:June 13, 2026, 23:33 IST दुबई से अहमदाबाद आ रही फ्लाइट के टॉयलेट कांड का खुलासा हुआ है. दरअसल, जिस समय प्‍लेन टॉयलेट में कांड को अंजाम दिया जा रहा था, तभी एक एयरहोस्‍टेस की नजर उधर पड़ गई. टॉयलेट से आ रही अजीब सी आवाजों से क्रू का शक बढ़ गया. इसके बाद जो खुलासा हुआ, उसको देख सभी की आंखें खुली की खुली रह गईं. दुबई से अहमदाबाद पहुंची फ्लाइट की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. Airport News: फ्लाइट में एयर होस्‍टेस की निगाहें अचानक प्‍लेन के टायलेट पर दाखिल होते एक पैसेंजर पर जम गई. इस पैसेंजर की हरकतें और चेहरे के हावभाव बिल्‍कुल अलग थे. शक होने पर वह टॉयलेट के पास गई, तभी उसे अंदर से अजीब सी आवाजें आती सुनाई दीं. इन आवाजों को सुनने के बाद उसका शक गहरा गया. उसने तुरंत इसके बाबत अपने कैप्‍टन को जानकारी दी. वहीं कैप्‍टन ने इस बाबत एयरपोर्ट एजेंसीज को सूचना भेज दी. कुछ ही समय बात यह फ्लाइट अहमदाबाद एयरपोर्ट पर लैंड हो गई. फ्लाइट लैंड होते ही कस्‍टम के साथ सुरक्षा अधिकारी फ्लाइट में दाखिल हो गए. इसके बाद, टायलेट से जो बरामद किया गया, उसे देखने के बाद सभी की आंखें खुली की खुली रह गईं. दरअसल, यह मामला दुबई से अहमदाबाद आ रही एक फ्लाइट का है. फ्लाइट के टॉयलेट में करीब 2.8 किलो सोना छिपाकर रखा गया था. इस सोने को कस्‍टम ने जब्‍त कर लिया है. सूत्रों के मुताबिक, यह मामला 12 जून का है. दुबई से अहमदाबाद आई फ्लाइट के टायलेट की जांच के दौरान इंजीनियरों की मदद भी ली गई थी. तलाशी के दौरान अधिकारियों की नजर विमान के फ्रंट लैवेटरी (टॉयलेट) में लगे स्पीकर बॉक्स पर पड़ी. जब स्पीकर बॉक्स को ध्यान से जांचा गया तो उसके अंदर काले रंग की प्लास्टिक टेप में लिपटे दो पैकेट मिले. उन्‍होंने बताया कि पैकेट खोलने पर अधिकारियों को 24 कैरेट के गोल्ड बिस्किट बरामद किए गए. सभी गोल्ड बिस्किट 999.0 शुद्धता यानी 24 कैरेट के थे. बरामद सोने का कुल वजन 2,799.3 ग्राम पाया गया. बरामद किए गए सोने की कीमत करीब 4 करोड़ 26 लाख 89 हजार 325 रुपये आंकी गई है. कस्टम विभाग का कहना है कि जिस तरीके से सोने को छिपाया गया था, उससे साफ संकेत मिलता है कि इसे भारत में अवैध रूप से तस्करी के जरिए लाने की कोशिश की जा रही थी. कस्‍टम के अनुसार, सोने को ऐसी जगह छिपाया गया था जहां सामान्य तौर पर यात्रियों या क्रू की नजर आसानी से नहीं पड़ती है. अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान किसी भी यात्री, क्रू सदस्य या अन्य व्यक्ति ने बरामद सोने पर अपना दावा नहीं किया है. इसके बाद कस्टम एक्ट 1962 के प्रावधानों के तहत सोने को ‘अनक्लेम्ड’ यानी लावारिस मानते हुए जब्त कर लिया गया है. About the Author Anoop Kumar MishraAssistant Editor Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ahmedabad,Ahmedabad,Gujarat Source link

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