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मौसम बदलते ही सुरेंद्रनगर में दिखा धूल का 'आसमानी बवंडर', हाईवे पर...

गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले में मौसम बदलते ही एक हैरान कर देने वाला नजारा देखने को मिला. सायला-लिंबड़ी हाईवे पर तेज हवाओं के बीच आसमान में धूल का विशाल गुबार बवंडर की तरह उठता नजर आया. इस अनोखे दृश्य को देखने के लिए कई वाहन चालकों ने हाईवे पर अपने वाहन रोक दिए. तेज धूलभरी आंधी का असर इतना ज्यादा था कि एक ट्रक भी पलट गया. घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. मौसम के इस अचानक बदले रूप ने स्थानीय लोगों और यात्रियों को चौंका दिया. Source link

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aaj ka Vrishchik rashifal 04 June 2026 Scorpio horoscope in hindi big...

Last Updated:June 04, 2026, 00:03 IST Aaj ka Vrishchik Rashifal 04 June 2026: 4 जून को वृश्चिक राशि के लिए ऊर्जा और नेतृत्व से भाग्य चमकेगा. करियर में टीम लीड करने का मौका, व्यापार में नए प्रस्ताव मिलेंगे. आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी. परिवार में मधुरता, सूर्य पूजा और ॐ भैरवाय नमः जप लाभकारी रहेगा. जानें राशिफल और उपाय. सीतामढ़ी: वृश्चिक राशि के जातकों के लिए 4 जून 2026 का दिन बेहद खास और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहने वाला है. आज आपकी आंतरिक ऊर्जा अपने चरम पर रहेगी. जिससे आप हर कार्य को पूरे उत्साह के साथ पूरा करेंगे. यह समय पुरानी बातों और असफलताओं को पीछे छोड़कर एक नई शुरुआत करने का है. सितारों की चाल बताती है कि आज सही समय पर लिया गया एक सटीक फैसला आपको भविष्य में बड़ा आर्थिक और व्यक्तिगत लाभ पहुंचा सकता है. कैसा रहेगा करियर और व्यापारकरियर और व्यापार के मोर्चे पर आज आपकी नेतृत्व क्षमता खुलकर सामने आएगी. प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य रूपेश चौबे के अनुसार वृश्चिक राशि के लोगों को आज कार्यक्षेत्र में टीम का नेतृत्व करने का बेहतरीन अवसर मिल सकता है. ऑफिस में किसी महत्वपूर्ण विषय पर होने वाली चर्चा या मीटिंग आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी. व्यापारी वर्ग के लिए भी दिन काफी अनुकूल है. नए संपर्कों से व्यापार के बेहतरीन प्रस्ताव मिल सकते हैं. ऐसे में पुरानी रुकी हुई योजनाओं पर दोबारा काम शुरू करना एक समझदारी भरा कदम होगा, जो आने वाले समय में आपको बड़ी सफलता दिलाएगा. अनावश्यक खर्चों पर लगाएं लगामआर्थिक स्थिति और सेहत की बात करें तो आज आपका वित्तीय पक्ष पूरी तरह से स्थिर रहेगा. धन का प्रवाह अच्छा बना रहेगा, लेकिन आपको सलाह दी जाती है कि अनावश्यक खर्चों पर लगाम लगाएं ताकि आपकी बचत प्रभावित न हो. स्वास्थ्य के लिहाज से दिन ऊर्जावान रहेगा, फिर भी भागदौड़ के बीच अपनी आंखों और सिर के दर्द के प्रति सचेत रहें. आंखों को आराम देने के लिए हल्के व्यायाम और योग का सहारा लें. कैसा रहेगा पारिवारिक और प्रेम जीवनपारिवारिक और प्रेम जीवन में आज मधुरता घुली रहेगी. जिससे घर का माहौल शांत और सुखद बना रहेगा. पार्टनर के साथ आपसी समझ और रिश्ते की गहराई बढ़ेगी, जिससे आपका मन प्रसन्न रहेगा. आज के दिन को और भी शानदार बनाने के लिए वृश्चिक राशि के जातकों का शुभ अंक 8 और शुभ रंग गहरा लाल तथा काला रहेगा. आपके लिए सबसे भाग्यशाली और शुभ समय सुबह 9:00 से 10:30 बजे तक का है. करें ये उपाय, होगा लाभइस दौरान आप अपने महत्वपूर्ण कार्य निपटा सकते हैं. आज के विशेष उपाय के रूप में सुबह के समय सूर्य देव को तांबे के पात्र से जल अर्पित करें. इसके साथ ही भगवान शिव के उग्र रूप का ध्यान करते हुए ॐ भैरवाय नमः मंत्र का 11 बार शांति से जप करें. यह छोटा सा उपाय आपको नकारात्मकता से बचाएगा और पूरे दिन आपके भीतर सुरक्षा और सकारात्मक ऊर्जा का संचार बनाए रखेगा. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sitamarhi,Bihar Source link

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aaj ka Dhanu rashifal 04 june 2026 Sagittarius horoscope in hindi mixed...

Last Updated:June 04, 2026, 00:05 IST Aaj ka Dhanu Rashifal 04 june 2026: धनु राशि वालों के लिए आज खर्च बढ़ सकते हैं. दोपहर में जोखिम भरे फैसलों से बचें. नौकरीपेशा को नई जिम्मेदारी मिल सकती है, व्यापार में सतर्क रहें. वाणी पर नियंत्रण रखें, रिश्तों में धैर्य रखें. स्वास्थ्य पर ध्यान दें, पीला रंग शुभ है. जानें राशिफल और उपाय. जमुई: 04 जून 2026 का दिन धनु राशि के जातकों के लिए मिला-जुला असर लेकर आएगा. ज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि आज आपको अपने जीवन के कई क्षेत्रों में सावधानी और समझदारी के साथ आगे बढ़ने की जरूरत होगी. आज आपके खर्चे बढ़ सकते हैं, जिस से आपको थोड़ी परेशानी उठानी पड़ सकती है. लेकिन आज आपको कई चीजों में नई जानकारी भी मिल सकती है. ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि आज आप पर गुरु ग्रह का प्रभाव पड़ेगा. आज के दिन के लिए आपका सबसे शुभ मुहूर्त 11:50 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक रहेगा. इसके साथ ही आज के दिन दोपहर 01:30 बजे से 03:00 बजे तक राहुकाल रहेगा, इसलिए इस दौरान नए निवेश या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचना बेहतर होगा. आज आपको चंद्रमा के कारण हो सकती है भावुकताज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि आज चंद्रमा का प्रभाव आपको भावुक बना सकता है, लेकिन आपकी दूरदर्शिता और सकारात्मक सोच आपको सही दिशा में आगे बढ़ाने का काम करेगी. उन्होंने बताया कि नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिल सकती हैं. आपके विचार और योजनाएं वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावित कर सकती हैं, लेकिन जल्दबाजी में कोई फैसला लेने से बचना होगा. व्यापार से जुड़े लोगों के लिए दिन थोड़ा सतर्कता भरा रहेगा. व्यापार में नुकसान के संकेत दिखाई दे रहे हैं, इसलिए बड़े आर्थिक फैसले सोच-समझकर लें. किसी पुराने ग्राहक या संपर्क से लाभ की संभावना भी बन सकती है. आर्थिक मामलों में अचानक खर्च सामने आ सकते हैं, जिससे बजट प्रभावित हो सकता है. यात्रा के योग भी बन रहे हैं, इसलिए जरूरी दस्तावेज और वित्तीय योजनाएं पहले से तैयार रखें. निवेश के मामले में लंबी अवधि की योजना बनाना अधिक लाभदायक साबित हो सकता है. आज आपको अपनी वाणी पर रखना चाहिए नियंत्रण ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि पारिवारिक और प्रेम संबंधों में आज धैर्य और मधुर व्यवहार की आवश्यकता होगी. आज आपको अपने शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए. जीवनसाथी या प्रेमी के साथ समय बिताने से रिश्तों में मजबूती आएगी. अविवाहित लोगों की मुलाकात किसी ऐसे व्यक्ति से हो सकती है जो उनके विचारों और व्यक्तित्व से मेल खाता हो. स्वास्थ्य की बात करें तो भागदौड़ और मानसिक तनाव के कारण कमर या पैरों में हल्की परेशानी महसूस हो सकती है. आज के दिन के लिए आपका शुभ रंग पीला माना गया रहने वाला है. ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि आज के दिन आपको भगवान विष्णु को हल्दी मिश्रित जल अर्पित करें. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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Malviya Nagar Fire | Delhi Hotel Fire | मालवीय नगर हादसे के...

होमताजा खबरDelhi मालवीय नगर हादसे के बाद दिल्ली सरकार का जॉइंट ऑपरेशन, 702 होटलों की जांच शुरू Last Updated:June 03, 2026, 23:08 IST Malviya Nagar Fire Delhi: मालवीय नगर के फ्लोरिश स्टे होटल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद दिल्ली सरकार एक्शन मोड में आ गई है. इस दर्दनाक हादसे में इक्कीस बेगुनाह लोगों की जान गई है. सरकार ने एक अहम जॉइंट कमिटी का गठन किया है. डीएम, एमसीडी, पुलिस और पावर डिपार्टमेंट कल से पूरी दिल्ली में इंस्पेक्शन करेंगे. मालवीय नगर में अठारह अवैध संपत्तियों को सील करने के लिए चिन्हित किया गया है. मालवीय नगर में 21 मौतों के बाद एक्शन, कल से दिल्ली भर में सीलिंग. (Photo : PTI) नई दिल्ली: मालवीय नगर इलाके में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद सरकार अब एक्शन में है. हौज रानी स्थित फ्लोरिश स्टे होटल में लगी आग ने 21 लोगों की जान ले ली है. मरने वालों में 12 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. इस खौफनाक हादसे के बाद दिल्ली पुलिस और प्रशासन ने तेजी से काम शुरू कर दिया है. पुलिस ने फरार चल रहे होटल के मालिक लवकेश बजाज को साकेत इलाके से गिरफ्तार कर लिया है. दिल्ली सरकार ने इस घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जॉइंट कमिटी का गठन भी किया गया है. इस कमिटी में डीएम, एमसीडी, दिल्ली पुलिस और पावर डिपार्टमेंट के अधिकारी शामिल हैं. ये टीम कल से पूरी दिल्ली में अवैध संपत्तियों का सघन इंस्पेक्शन शुरू करेगी. मालवीय नगर में ऐसी अठारह संपत्तियों की पहचान की जा चुकी है. इन पर बहुत जल्द सीलिंग की बड़ी कार्रवाई हो सकती है. क्या है दिल्ली सरकार का सीलिंग और इंस्पेक्शन प्लान? हादसे के बाद दिल्ली सरकार के मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘इस घटना तक पहुंचाने वाली लापरवाहियों की गंभीरता से जांच होगी’. सरकार ने पूरे शहर में अवैध गेस्ट हाउसों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का ऐलान किया है. कल से जॉइंट कमिटी दिल्ली के कई इलाकों में चेकिंग करेगी. अग्नि सुरक्षा मानकों और भवन उपनियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों को तुरंत सील किया जाएगा. प्रशासन किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है. The lapses that culminated in the tragic fire at a guest house in Malviya Nagar will be examined with utmost seriousness, and accountability will be fixed wherever it lies. A Magisterial Inquiry has been ordered and an FIR has been registered against the owner of the property.… Source link

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राहुल गांधी की ज‍िद से गई सिद्धारमैया की कुर्सी, अब सोन‍िया गांधी...

कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने से कुछ घंटे पहले डीके शिवकुमार के पास एक ऐसा फोन आया, जिसने सिर्फ बधाई नहीं दी बल्कि आने वाले दिनों की राजनीति का एजेंडा भी तय कर दिया. कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनने की शुभकामनाएं दीं, लेकिन इसके साथ ही सबको साथ लेकर चलने की सलाह दी. सोनिया गांधी की यह सलाह इसल‍िए खास है, क्‍योंक‍ि राहुल गांधी ज‍िद के आगे स‍िद्धारमैया को सरेंडर करना पड़ा और डीके श‍िव कुमार के ल‍िए कुर्सी खाली करनी पड़ी. सोन‍िया गांधी जानती हैं क‍ि सिद्धारमैया को क‍िनारे लगाने की कोश‍िश हुई तो कांग्रेस क‍िनारे लग जाएगी. इसील‍िए सीएम की कुर्सी पर बैठते ही उन्‍होंने डीके श‍िवकुमार को ‘धर्म’ याद द‍िलाया. सिर्फ बधाई नहीं, एक राजनीतिक संदेश डीके शिवकुमार लंबे समय से मुख्यमंत्री पद के सबसे मजबूत दावेदारों में रहे हैं. 2023 में कांग्रेस की जीत के बाद भी मुख्यमंत्री पद को लेकर उनका और सिद्धारमैया का संघर्ष खुलकर सामने आया था. तब पार्टी नेतृत्व को हस्तक्षेप कर सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री और शिवकुमार को उपमुख्यमंत्री बनाकर समझौता कराना पड़ा था. अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं. शिवकुमार मुख्यमंत्री बन गए हैं, लेकिन कांग्रेस नेतृत्व अच्छी तरह जानता है कि कर्नाटक कांग्रेस में कई शक्ति केंद्र मौजूद हैं. ऐसे में सोनिया गांधी का सबको साथ लेकर चलो वाला संदेश दरअसल सत्ता के भीतर सामंजस्य बनाए रखने की सलाह माना जा रहा है. कांग्रेस को क्यों है सतर्क रहने की जरूरत? कर्नाटक कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत उसकी विविध सामाजिक और राजनीतिक संरचना है. लेकिन यही उसकी सबसे बड़ी चुनौती भी है. पार्टी में सिद्धारमैया समर्थक खेमे का प्रभाव है, वहीं शिवकुमार का अपना मजबूत संगठनात्मक नेटवर्क है. इसके अलावा क्षेत्रीय नेताओं, जातीय समीकरणों और मंत्रिमंडल की महत्वाकांक्षाओं का भी दबाव रहेगा. दिल्ली नेतृत्व नहीं चाहता कि सरकार बनने के कुछ महीनों बाद ही गुटबाजी की खबरें सुर्खियां बनने लगें. इसलिए शपथ ग्रहण से पहले ही एक तरह से संदेश दे दिया गया कि मुख्यमंत्री बनने का मतलब अकेले निर्णय लेना नहीं, बल्कि पूरी पार्टी को साथ लेकर आगे बढ़ना है. सिद्धारमैया को CWC में जगह, क्या यह भी संतुलन का हिस्सा? दिलचस्प बात यह है कि जिस दिन शिवकुमार मुख्यमंत्री पद संभाल रहे थे, उसी दिन पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को कांग्रेस कार्य समिति (CWC) में शामिल किए जाने की घोषणा भी हुई. राजनीतिक विश्लेषक इसे महज संयोग नहीं मान रहे. एक तरफ शिवकुमार को राज्य की कमान मिली, दूसरी तरफ सिद्धारमैया को राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका देकर सम्मानजनक स्थान दिया गया. इससे कांग्रेस ने दोनों नेताओं के बीच संतुलन साधने की कोशिश की है. रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सिद्धारमैया को पार्टी की बड़ी ताकत बताते हुए जिस तरह उनकी प्रशंसा की, उससे भी संकेत मिला कि कांग्रेस नेतृत्व किसी एक नेता को आगे बढ़ाने और दूसरे को हाशिये पर डालने का जोखिम नहीं लेना चाहता. शिवकुमार के सामने सबसे बड़ी चुनौती डीके शिवकुमार को संगठन चलाने वाला नेता माना जाता है. संकट के समय पार्टी को बचाने से लेकर विधायकों को एकजुट रखने तक, उन्होंने कई बार अपनी राजनीतिक क्षमता साबित की है. लेकिन मुख्यमंत्री के तौर पर उनकी असली परीक्षा अब शुरू होगी. उन्हें सिर्फ प्रशासन नहीं चलाना है, बल्कि पार्टी के भीतर विभिन्न गुटों को भी संतुष्ट रखना होगा. मंत्रिमंडल गठन, बोर्ड-निगमों में नियुक्तियां, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और चुनावी वादों को लागू करने जैसे कई मोर्चे उनके सामने होंगे. अगर इनमें कहीं असंतुलन पैदा हुआ तो विपक्ष से ज्यादा चुनौती पार्टी के भीतर से आ सकती है. Source link

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India Nepal Relations: पीएम मोदी ने सेट कर दिया नेपाल से रिश्तों...

Last Updated:June 03, 2026, 21:17 IST नेपाल के सत्‍ताधारी दल केनेता रबी लामिछाने की दिल्ली यात्रा से जो सबसे बड़ा संदेश निकलकर सामने आता है, वह यह है कि प्रधानमंत्री मोदी नेपाल के साथ रिश्तों को नए ढंग से परिभाषित करना चाहते हैं. पीएम मोदी ने नेपाल के नेताओं को संकेत दिया है कि अगर नेपाल भविष्य की राजनीति को विकास के रास्ते पर ले जाना चाहता है, तो भारत उसका सबसे भरोसेमंद साझेदार बनने के लिए तैयार है. ख़बरें फटाफट नेपाल की सत्‍ताधारी पार्टी के चीफ द‍िल्‍ली पहुंचे तो पीएम मोदी से मुलाकात की. भारत-नेपाल के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों से सीमा विवाद, राजनीतिक अस्थिरता और चीन की बढ़ती मौजूदगी जैसे मुद्दे हावी रहे हैं. लेकिन सत्‍ताधारी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के चीफ रबी लामिछाने की दिल्ली यात्रा ने संकेत दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब नेपाल के साथ संबंधों का नया फ्रेमवर्क तैयार करना चाहते हैं. यह फ्रेमवर्क विवादों से ज्यादा विकास, निवेश और राजनीतिक स्थिरता पर आधारित दिखाई देता है.नेपाल के नेताओं ने भी मैसेज द‍िया क‍ि व‍िवाद दूर की बात है, हमें साथ चलकर व‍िकास करना चाह‍िए. नेपाल के किसी विपक्षी या गैर-पारंपरिक नेता को भारत में शायद ही कभी इतना महत्व मिला हो. रबी लामिछाने की मुलाकात सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी तक सीमित नहीं रही. उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और भाजपा नेतृत्व से भी बातचीत की. यह दिखाता है कि भारत नेपाल की नई राजनीतिक शक्तियों को समझने और उनके साथ सीधे संवाद स्थापित करने की रणनीति पर काम कर रहा है. असल में भारत ने यह संकेत दिया है कि वह सिर्फ पुराने राजनीतिक चेहरों पर निर्भर नहीं रहेगा, बल्कि नेपाल में उभर रही नई राजनीतिक ताकतों के साथ भी रिश्ते मजबूत करेगा. मोदी का संदेश- प्राथमिकताएं तय करो, भारत साथ खड़ा है प्रधानमंत्री मोदी ने लामिछाने से कहा कि नेपाल अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट करे, भारत हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है. यह बयान सामान्य कूटनीतिक टिप्पणी नहीं है. इसके पीछे एक स्पष्ट रणनीति दिखाई देती है. भारत नेपाल को यह बताना चाहता है कि यदि काठमांडू विकास, आर्थिक प्रगति, ऊर्जा और पर्यटन को प्राथमिकता देता है तो दिल्ली उसका सबसे बड़ा साझेदार बनने को तैयार है. यानी रिश्तों का आधार अब केवल ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जुड़ाव नहीं, बल्कि आर्थिक साझेदारी भी होगा. नेपालको राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टीका सभापति श्री रवि लामिछानेज्यूसँग भेट्न पाउँदा अत्यन्तै खुशी लागेको छ । एक साझा र समृद्ध भविष्यका लागि मिलेर काम गर्ने वहाँको चाहनालाई म स्वागत गर्दछु र त्यसमा पूर्ण रुपमा सहमत छु । हाम्रो छिमेकी पहिलो नीति अन्तर्गत नेपाल प्राथमिकतामा रहेको… pic.twitter.com/5xNRbyQKTX Source link

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Who is DKS Aishwarya | DK Shivakumar daughter | कौन हैं DKS...

होमफोटोदेश कौन हैं DKS ऐश्वर्या? डीके शिवकुमार की बेटी चर्चा में, खूबसूरती की खूब चर्चा Last Updated:June 03, 2026, 20:34 IST DKS Aishwarya DK Shivakumar Daughter: कर्नाटक की राजनीति में आए बड़े बदलाव के बाद डीके शिवकुमार ने राज्य के 18वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है. इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बीच सीएम डीके शिवकुमार की बेटी डीकेएस ऐश्वर्या (DKS Aishwarya) एक बार फिर सुर्खियों में आ गई हैं. बेहद प्रभावशाली राजनीतिक और बिजनेस बैकग्राउंड से ताल्लुक रखने वाली ऐश्वर्या न केवल एक बड़े शैक्षणिक संस्थान का संचालन करती हैं, बल्कि देश के प्रतिष्ठित बिजनेस घराने ‘कैफे कॉफी डे’ (CCD) परिवार की बहू भी हैं. <strong>DK Shivakumar Daughter:</strong> कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री और कांग्रेस के संकटमोचक डीके शिवकुमार की बेटी डीकेएस ऐश्वर्या इन दिनों मीडिया और सोशल मीडिया पर छाई हुईं हैं. पिता के मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही लोग उनके परिवार और विशेषकर उनकी बेटी के बारे में जानने के लिए उत्सुक हैं. ऐश्वर्या कर्नाटक के सबसे अमीर और रसूखदार राजनीतिक परिवारों में से एक का चेहरा हैं. डीकेएस ऐश्वर्या कर्नाटक के नवनियुक्त मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और उनकी पत्नी ऊषा शिवकुमार की सबसे बड़ी बेटी हैं. बेंगलुरु के एक रसूखदार और रईस परिवार में जन्मी ऐश्वर्या बचपन से ही बेहद शांत और अनुशासित स्वभाव की रही हैं. पिता के विशाल राजनीतिक कद के बावजूद वे खुद को लाइमलाइट और सक्रिय राजनीति से काफी दूर रखना पसंद करती हैं. डीकेएस ऐश्वर्या देश की सबसे अमीर राजनीतिक बेटियों में से एक गिनी जाती हैं. कुछ साल पहले जब डीके शिवकुमार ने चुनाव के दौरान हलफनामा दाखिल किया था, तब ऐश्वर्या के नाम पर 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की गई थी. उनकी अपनी स्वतंत्र कमाई मुख्य रूप से उनके शैक्षणिक संस्थानों और निवेशों से होती है. Add News18 as Preferred Source on Google ऐश्वर्या की शुरुआती पढ़ाई बेंगलुरु के प्रतिष्ठित स्कूलों से पूरी हुई है. इसके बाद उन्होंने इंजीनियरिंग (B.Tech) की डिग्री हासिल की. उच्च शिक्षा और तकनीकी समझ होने के कारण वे अपने पारिवारिक बिजनेस और एजुकेशनल ट्रस्ट्स को आधुनिक तरीके से संभालने में पूरी तरह सक्षम हैं, जिससे उनकी पहचान एक शिक्षित और विजनरी युवा के रूप में होती है. इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद ऐश्वर्या ने सीधे बिजनेस और मैनेजमेंट की दुनिया में कदम रखा. वर्तमान में वे बेंगलुरु स्थित ‘ग्लोबल एकेडमी ऑफ टेक्नोलॉजी’ (Global Academy of Technology) की ट्रस्टी के रूप में काम कर रही हैं. इस बड़े और प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट संस्थान के पूरे कामकाज और प्रबंधन की देखरेख का जिम्मा उन्हीं के कंधों पर है. ऐश्वर्या की शादी के जरिए कर्नाटक के दो सबसे शक्तिशाली और रसूखदार राजनीतिक परिवारों का मिलन हुआ. दरअसल, उनके पति अमर्त्य हेगड़े अपनी मां के तरफ से कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और देश के पूर्व विदेश मंत्री रह चुके दिग्गज नेता एस.एम. कृष्णा के नाती हैं. एस.एम. कृष्णा ऐश्वर्या के पति अमर्त्य के नाना हैं. इस तरह ऐश्वर्या रिश्ते में एस.एम. कृष्णा के परिवार की बहू बनती हैं. डीकेएस ऐश्वर्या का विवाह देश के सबसे बड़े और मशहूर बिजनेस घरानों में से एक में हुआ है. फरवरी 2021 में ऐश्वर्या की शादी ‘कैफे कॉफी डे’ (CCD) के संस्थापक स्वर्गीय वी.जी. सिद्धार्थ के बड़े बेटे अमर्त्य हेगड़े (Amartya Hegde) से हुई थी. इस हाई-प्रोफाइल शादी ने उस दौरान देश भर की मीडिया का ध्यान अपनी ओर खींचा था. साल 2019 में डीकेएस ऐश्वर्या का नाम उस वक्त राष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में आया था, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें समन भेजा था. धन शोधन (Money Laundering) से जुड़े एक मामले में पूछताछ के लिए ईडी ने उन्हें दिल्ली बुलाया था. उस दौरान पिता डीके शिवकुमार ने इसे पूरी तरह से राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया था. भले ही ऐश्वर्या इस समय सक्रिय राजनीति का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन वे अपने ट्रस्ट के जरिए कई तरह के सामाजिक कार्यों और युवाओं के कल्याण से जुड़ी गतिविधियों में भाग लेती रहती हैं. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इतनी बड़ी विरासत होने के कारण भविष्य में उनकी राजनीति में एंट्री की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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Uday Kotak warning | OPINION : 80 अरब डॉलर वाली Googleई और...

Last Updated:June 03, 2026, 19:31 IST Uday Kotak Warning: गूगल के पास भारी कैश और 160 अरब डॉलर का सालाना प्रॉफिट है. फिर भी कंपनी भविष्य के लिए 80 अरब डॉलर जुटा रही है. इसे लेकर उदय कोटक ने भारतीय कंपनियों को चेतावनी दी है. भारत में राजनीतिक स्थिरता है लेकिन इकॉनमी में कई चुनौतियां हैं. विदेशी निवेश और प्राइवेट इन्वेस्टमेंट उस रफ्तार से नहीं बढ़ रहा है. रुपया लगातार कमजोर हो रहा है. भारत के पास बड़ा मार्केट है लेकिन ग्रोथ के लिए कॉरपोरेट इन्वेस्टमेंट बढ़ाना जरूरी है. गूगल के 80 अरब डॉलर जुटाने पर उदय कोटक ने अलर्ट किया है. दुनिया की अर्थव्यवस्था इस समय एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहां भविष्य की दिशा आज लिए जा रहे फैसलों से तय हो रही है. टेक्नोलॉजी,पूंजी और निवेश का खेल अब पहले से कहीं ज्यादा आक्रामक हो गया है. इसी संदर्भ में गूगल का हालिया कदम बेहद महत्वपूर्ण है. जिस कंपनी के पास पहले से ही भारी नकद भंडार है. जिसने लगातार मुनाफे के नए रिकॉर्ड बनाए हैं. वही कंपनी बाजार से अतिरिक्त 80 अरब डॉलर जुटाने जा रही है. उदय कोटक ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस तरफ ध्यान दिलाया है और देसी कंपनियों को चेताया है. आईपीएल का मजा खत्म हुआ, अब भविष्य की तरफ देख लो. गूगल के आंकड़े अपने आप में चौंकाने वाले हैं. सालाना मुनाफा लगभग 160 अरब डॉलर, एक तिमाही का मुनाफा 62 अरब डॉलर और कुल मार्केट वैल्यू 4.5 खरब डॉलर. इतना मार्केट कैप तो निफ्टी 50 और सेंसेक्स की कंपनियों को मिलाकर भी नहीं है. Google which is cash surplus, just announced an additional capital raise of $80 bn.Google annual profit is $160 bn, last quarter $62 bn, and market cap $4.5 trillion. That is close to total profits and market cap of all Indian listed companies put together.It’s a wake up call… Source link

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araria ashish mandal left 65 lakh job creates ai exam checking platform...

पटना: सीबीएसई की कॉपी जांच प्रक्रिया इन दिनों काफी चर्चा में है. कॉपी जांच करने के तरीके पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. इसी बीच बिहार के अररिया के रहने वाले आशीष मंडल की टीम ने एआई प्लेटफॉर्म एकेडाइन (Acadine) तैयार किया है. यह आंसर शीट की जांच को तेज और सटीक बनाने का दावा करता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कॉपी जांच के लिए एआई का प्रयोग किया जाता है. इतना ही नहीं, अगर किसी सवाल में अंक काटे जाते हैं तो यह प्लेटफॉर्म उसकी वजह भी बताता है. छात्र या अभिभावक आसानी से यह समझ सकते हैं कि नंबर किस वजह से कटे हैं. इसके अलावा भी कई ऐसे फीचर दिए गए हैं जो कॉपी जांच की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाते हैं. एकेडाइन के सीईओ आशीष मंडल का दावा है कि यह प्लेटफार्म सबसे सटीक तरीके से कॉपियों की जांच कर सकता है. उनके मुताबिक इसमें गलती की संभावना ना के बराबर है. काफी कम समय में बहुत बड़ी संख्या में काॅपी जांच कर सकता है. आशीष का यह भी कहना है कि अगर सीबीएसई मौका दे तो उनका प्लेटफॉर्म दूसरे विकल्पों की तुलना में कम खर्च में बेहतर सेवा दे सकता है. अब टीचर नहीं एआई चेक करेगा कॉपीएकेडाइन के बारे में बात करते हुए आशीष कहते हैं कि भारत में आज भी ज्यादातर परीक्षाएं लिखित रूप में होती हैं. शिक्षकों द्वारा उनकी जांच में काफी समय खर्च होता है और बारीकी से हम कमजोरी भी नहीं बता पाते हैं. इससे जो मुख्य कमजोरी का समाधान नहीं हो पाता है. इसी चुनौती को देखते हुए उनकी टीम ने AI प्लेटफॉर्म एकेडाइन तैयार किया है. यह बहुत हीं कम समय में चेकिंग और फीडबैक दे सकता है. इसमें टीचर के बजाय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा काॅपी जांची जाती हैं. उनका दावा है कि एआई द्वारा किया गया मूल्यांकन शिक्षकों से भी ज्यादा सटीक होता है. इसमें गलती होने की संभावना बहुत कम है. इसके साथ ही शिक्षक की तुलना में समय और खर्च में भी बचत होती है. कैसे काम करता है यह प्लेटफॉर्मआशीष मंडल बताते हैं कि परीक्षा खत्म होने के बाद छात्रों की उत्तरपुस्तिकाओं को स्कूल या कॉलेज की ओर से स्कैन करके एकेडाइन प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया जाता है. कॉपी अपलोड होते ही एआई जांचना शुरू कर देता है और कुछ ही समय में रिजल्ट तैयार हो जाता है. उनका दावा है कि प्लेटफॉर्म की सटीकता करीब 98 प्रतिशत तक है. किसी भी संस्थान को डेमो देने के दौरान एक खास सुविधा भी दी जाती है. संस्थान चाहे तो उसी कॉपी की जांच किसी शिक्षक से भी करा सकता है और फिर दोनों परिणामों की तुलना कर सकता है. इससे प्लेटफॉर्म की कार्य क्षमता और सटीकता को आसानी से परखा जा सकता है. आशीष के मुताबिक, इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी खासियत सिर्फ अंक देना नहीं है, बल्कि अंक कटने की वजह भी बताना है. अगर किसी सवाल में एआई ने कम अंक दिए हैं, तो वह यह भी बताता है कि जवाब में कौन सी कमी या गलती रह गई, जिसके कारण अंक काटे गए. इससे छात्रों और शिक्षकों दोनों को यह समझने में मदद मिलती है कि उत्तर में सुधार की जरूरत कहां है. सीबीएसई वाले प्लेटफॉर्म से बेहतर क्योंआशीष मंडल अपने प्लेटफॉर्म को सीबीएसई की मौजूदा कॉपी जांच प्रणाली से अधिक सटीक और प्रभावी बताते हैं. उनका कहना है कि इस बार सीबीएसई के कॉपी जांच की प्रक्रिया में मानवीय गलतियां देखने को मिली हैं. कॉपी स्कैन करने से लेकर मूल्यांकन तक अलग अलग लेवल पर त्रुटियां सामने आ रही है. इस वजह से सीबीएसई पर सवाल उठ रहे हैं. आशीष के अनुसार, सीबीएसई के मौजूदा व्यवस्था की सबसे बड़ी कमी यह है कि अंक काटे जाने का स्पष्ट कारण नहीं बताया गया. शिक्षक कॉपी जांच तो करते हैं, लेकिन छात्र यह नहीं जान पाते कि उनके उत्तर में क्या कमी रह गई. वहीं अलग-अलग शिक्षकों के मूल्यांकन में भी अंतर देखने को मिल सकता है. उनका दावा है कि अकैडाइन प्लेटफॉर्म इन कमियों को दूर करता है. यहां कॉपियों की जांच एआई द्वारा की जाती है, जिससे सभी उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन एक समान मानकों पर होता है. साथ ही, अगर किसी उत्तर में अंक काटे जाते हैं तो प्लेटफॉर्म उसका कारण भी विस्तार से बताता है. इससे छात्रों को अपनी गलतियां समझने और सुधार करने में मदद मिलती है. 65 लाख कि नौकरी छोड़ बनाया प्लेटफार्मबिहार के अररिया जिले के रहने वाले आशीष मंडल ने वर्ष 2020 में आईआईटी इंदौर से कंप्यूटर साइंस में ग्रेजुएशन किया था. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने एक निजी कंपनी में नौकरी शुरू की. सितंबर 2025 में नौकरी छोड़ने के समय उनका सालाना पैकेज करीब 65 लाख रुपये था. हालांकि, उन्हें शिक्षा और मूल्यांकन के क्षेत्र में एआई की बड़ी संभावनाएं नजर आई. इसी वजह से उन्होंने अपने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर एक नया प्लेटफॉर्म विकसित करने का फैसला किया और इस दिशा में काम शुरू कर दिया. आशीष बताते हैं कि उनकी टीम ने कुछ ही महीनों में एकेडाइन प्लेटफॉर्म तैयार कर लिया और दिसंबर 2025 में इसे लॉन्च कर दिया. उनका दावा है कि फिलहाल देशभर के 66 से अधिक शिक्षण संस्थान इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं. जम्मू से लेकर कोयंबटूर तक कई स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थान इससे जुड़े हुए हैं. इसके अलावा दिल्ली, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों में भी कई संस्थान इस तकनीक का उपयोग कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि फिलहाल प्लेटफॉर्म का मुख्य फोकस कॉपी जांच पर है, लेकिन आने वाले समय में इसमें होमवर्क, असाइनमेंट, पीपीटी, नोट्स और अन्य शैक्षणिक कार्यों के मूल्यांकन से जुड़े कई नए फीचर जोड़े जाएंगे. आशीष का मानना है कि एआई आधारित मूल्यांकन प्रणाली ही शिक्षा क्षेत्र का भविष्य है और आने वाले वर्षों में इसका उपयोग तेजी से बढ़ेगा. Source link

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वीपी सिंह के अपमान पर जब मनमोहन-टाइटलर के सामने ढाल बनकर खड़े...

Last Updated:June 03, 2026, 17:17 IST Nitish Archive George Fernandes: जॉर्ज फर्नांडिस और नीतीश कुमार की संयुक्त शक्ति को बताने वाली 1992 की यह संसदीय घटना केवल एक पुराने राजनीतिक विवाद की याद नहीं दिलाती, बल्कि उस दौर की राजनीति की भी तस्वीर पेश करती है जब वैचारिक प्रतिबद्धता और राजनीतिक रिश्तों को सार्वजनिक रूप से निभाया जाता था. राजनीतिक आरोपों की एक कड़ी को लेकर बहस में वी.पी. सिंह के बचाव में जिस तरह से जॉर्ज फर्नांडिस और नीतीश कुमार का एक साथ खड़ा हो गए थे, वह भारतीय संसदीय इतिहास के उन कहानियों में शामिल है, जिन्हें आज भी राजनीतिक निष्ठा और दोस्ती की मिसाल के रूप में याद किया जाता है. जगदीश टाइटलर और मनमोहन सिंह के आरोपों पर जब संसद में वी.पी. सिंह के बचाव में एक साथ खड़े हुए थे जॉर्ज फर्नांडिस और नीतीश कुमार पटना. भारतीय राजनीति में नेताओं के पाले और गठबंधन बदल लेने का अनूठा इतिहास रहा है. इस कड़ी में संसदीय इतिहास में कुछ ऐसे उदाहरण भी दर्ज हैं जिसको लेकर वैचारिक निष्ठा और दोस्ती की मिसालें दी जाती हैं. ऐसा ही एक ऐतिहासिक पकरण साल 1992 के मानसून सत्र के दौरान देश की संसद में देखा गया था. इसी से जुड़ी एक घटना सोशल मीडिया और यूट्यूब चैनलों पर शेयर किए जा रहे हैं जो राजनीतिक गलियारों में बेहद लोकप्रिय है. यह वह दौर था जब देश के सबसे बड़े वित्तीय घोटाले को लेकर विपक्ष ने तत्कालीन पी.वी. नरसिम्हा राव सरकार की ईंट से ईंट बजा दी थी. इस पूरी बहस के केंद्र में थे तत्कालीन वित्त मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री जगदीश टाइटलर और पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह. तब लगातार हमलों के बीच तब ढाल बने थे नीतीश कुमार और जॉर्ज फर्नांडिस. 3 जून को दिवंगत जॉर्ज फर्नांडिस की जयंती के अवसर उनसे जुड़ा यह वाकया सोशल मीडिया में चर्चा के केंद्र में है. क्या था 1992 का वह सियासी माजरा? बात साल 1992 की है जब भारत का सबसे बड़ा और चर्चित ‘हर्षद मेहता शेयर बाजार घोटाला’ उजागर हुआ था. इस घोटाले ने पूरे देश की अर्थव्यवस्था और बैंकिंग प्रणाली को हिलाकर रख दिया था. जून-जुलाई 1992 के दौरान जब संसद का मानसून सत्र शुरू हुआ तो विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को चौतरफा घेरना शुरू किया. विपक्ष का सीधा आरोप था कि नरसिम्हा राव सरकार और उनके वित्त मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की नई उदारवादी आर्थिक नीतियों के कारण ही हर्षद मेहता जैसे सटोरियों को देश के बैंकों को लूटने की छूट मिली. सदन में नियम 193 के तहत इस विषय पर बेहद तीखी चर्चा चल रही थी. जब वी.पी. सिंह को लपेटने लगी कांग्रेस कांग्रेस पार्टी और सरकार के मंत्रियों को समझ आ गया था कि वित्तीय अनियमितताओं के इस मामले में वे बुरी तरह घिर चुके हैं. अपनी सरकार का बचाव करने और विपक्ष के हमलों को कुंद करने के लिए कांग्रेस के रणनीतिकारों ने एक नया दांव खेला. केंद्रीय राज्य मंत्री जगदीश टाइटलर और उनके साथी सांसदों ने सदन में खड़े होकर दलील दी कि इस घोटाले की जड़ें वास्तव में 1989-90 में थीं, जब देश में जनता दल की सरकार थी और वी.पी. सिंह प्रधानमंत्री थे. कांग्रेस नेताओं का आरोप था कि वी.पी. सिंह के कार्यकाल की ढिलाई की वजह से ही शेयर बाजार का यह संकट पैदा हुआ. ढाल बनकर खड़े हुए नीतीश कुमार और जॉर्ज फर्नांडिस कांग्रेस द्वारा ‘मंडल मसीहा’ वी.पी. सिंह पर कीचड़ उछाले जाने की देर थी कि संसद के भीतर जनता दल के दो सबसे आक्रामक और प्रखर समाजवादी नेता- जॉर्ज फर्नांडिस और नीतीश कुमार- एक साथ खड़े हो गए. जॉर्ज फर्नांडिस उस समय अपनी बेबाक वक्तृत्व शैली और धारदार तर्कों के लिए पूरे देश में विख्यात थे. जॉर्ज साहब ने सदन में खड़े होकर बेहद रौद्र रूप अख्तियार कर लिया. उन्होंने सीधे वित्त मंत्री मनमोहन सिंह और जगदीश टाइटलर की तरफ उंगली उठाते हुए कहा कि अपनी प्रशासनिक और वित्तीय नाकामियों को छिपाने के लिए एक पूर्व प्रधानमंत्री पर बेबुनियाद आरोप लगाना बेहद शर्मनाक है. आज जॉर्ज फर्नांडिस का जन्मदिन है. एक दौर था जब नीतीश कुमार और जॉर्ज फर्नांडिस की दोस्ती के उदाहरण दिए जाते थे. उसी दौर में एक बार लोकसभा में जब बहस हो रही थी तब मनमोहन सिंह और जगदीश टाइटलर के खिलाफ नीतीश कुमार और जॉर्ज फर्नांडिस दोनों मंडल मसीहा वी पी सिंह के बचाव में उतर गए.… pic.twitter.com/SkwJM81seK Source link

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