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Annamalai: क्या PM मोदी को गुरु मानने वाले पूर्व IPS अधिकारी के...

Annamalai launch new party in tamilnadu: तमिलनाडु की सियासत में इन दिनों कुछ ऐसा पक रहा है जो आने वाले दिनों में दक्षिण भारत की पूरी राजनीति को बदलकर रख सकता है. कभी सूबे में भारतीय जनता पार्टी का सबसे आक्रामक और चमकता हुआ चेहरा रहे पूर्व आईपीएस अधिकारी के. अन्नामलाई के बारे में यह खबर उड़ रही है कि वह बीजेपी का दामन छोड़ सकते हैं. मीडिया और सियासी हल्कों में यह दावा किया जा रहा है कि अन्नामलाई दिल्ली दरबार के कुछ फैसलों से बेहद खफा हैं, खासकर राज्य में क्षेत्रीय दलों के साथ पार्टी के नए तालमेल को लेकर. चर्चा तो यहां तक है कि वह जून के इसी हफ्ते में अपने अगले बड़े कदम का ऐलान कर सकते हैं और अपनी खुद की नई पार्टी की घोषणा भी कर सकते हैं. आइए समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर वो कौन से समीकरण हैं, जिन्होंने पीएम मोदी के इस सबसे भरोसेमंद सिपाही को बगावत और नई राह चुनने की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है. पीएम मोदी के ‘सिंघम’ की बीजेपी से क्यों बढ़ीं दूरियां? मीडिया रिपोर्ट में छपी खबर के मुताबिक, तमिलनाडु के पूर्व बीजेपी अध्यक्ष के. अन्नामलाई और केंद्रीय नेतृत्व के बीच लंबे समय से कुछ मुद्दों को लेकर अंदरूनी खींचतान चल रही थी. राज्य में संगठन के भीतर जब से बदलाव किए गए और उनके कुछ फैसलों को पलटा गया, तभी से अन्नामलाई और उनके धुर समर्थकों में एक अजीब सी खामोशी और नाराजगी देखी जा रही थी. हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच जब उम्मीदवारों और रणनीति की बात आई, तो उसमें अन्नामलाई के आक्रामक तेवरों को थोड़ा शांत करने की कोशिश की गई, जो उनके समर्थकों को बिल्कुल रास नहीं आया. अन्नामलाई राज्य की कुछ खास सीटों पर अपनी रणनीति के तहत काम करना चाहते थे, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व ने स्थानीय स्तर पर कुछ ऐसे फैसले लिए जो उनके नजरिए से मेल नहीं खा रहे थे. इसी तवज्जो की कमी और संगठन में बढ़ते मतभेदों के कारण अन्नामलाई ने पिछले कुछ दिनों से खुद को बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों और बैठकों से दूर कर लिया है. हालांकि उन्होंने इस दूरी के पीछे कुछ निजी और पारिवारिक कारणों का हवाला दिया है, लेकिन राजनीति को करीब से जानने वाले लोग इसे किसी बड़े तूफान से पहले की खामोशी मान रहे हैं. क्या वाकई नई क्षेत्रीय पार्टी बनाने जा रहे हैं अन्नामलाई? सोशल मीडिया से लेकर चेन्नई के चाय के अड्डों तक यह अफवाह इस वक्त बेहद गर्म है कि अन्नामलाई अब किसी राष्ट्रीय पार्टी के अनुशासन के दायरे में बंधकर रहने के मूड में नहीं हैं. मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि अन्नामलाई के बेहद करीबी समर्थक और जमीनी स्तर के कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर लगातार एक नई राजनीतिक लहर की बातें कर रहे हैं. यहां तक कि उनके प्रशंसक नई पार्टी के संभावित नाम, उसकी विचारधारा और तमिलनाडु की माटी से जुड़े कुछ खास प्रतीकों को भी आपस में शेयर कर रहे हैं. कहा जा रहा है कि जून के पहले या दूसरे हफ्ते में अन्नामलाई कोई बड़ा और चौंकाने वाला आधिकारिक ऐलान कर सकते हैं. द्रविड़ राजनीति के इस मजबूत गढ़ में अपनी एक अलग और बेदाग पहचान बनाने वाले पूर्व आईपीएस के चाहने वाले भी यही चाहते हैं कि वह किसी केंद्रीय गाइडलाइन के नीचे काम करने के बजाय, तमिलनाडु के युवाओं की आवाज बनकर अपनी एक अलग क्षेत्रीय पार्टी खड़ी करें. अगर ऐसा होता है, तो यह दक्षिण भारत में अपनी जड़ें मजबूत करने की कोशिश में जुटी बीजेपी के लिए एक बहुत बड़ा झटका साबित हो सकता है. द्रविड़ दलों से गठबंधन की कोशिश बनी सबसे बड़ा कांटा? अन्नामलाई के बीजेपी छोड़ने की अटकलों के पीछे जो सबसे बड़ी और ठोस वजह निकलकर सामने आ रही है, वो है राज्य के बड़े क्षेत्रीय दल एआईएडीएमके (AIADMK) के साथ बीजेपी के रिश्तों का उतार-चढ़ाव. अन्नामलाई शुरू से ही इस स्टैंड पर अड़े थे कि बीजेपी को तमिलनाडु में बिना किसी बैसाखी के, अपने दम पर अकेले चुनाव लड़ना चाहिए और द्रविड़ राजनीति के विकल्प के रूप में उभरना चाहिए. उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल के दौरान द्रविड़ पार्टियों की नीतियों पर जमकर तीखे हमले किए थे, जिससे राज्य के युवाओं में उनका क्रेज बढ़ा था. लेकिन दिल्ली में बैठे रणनीति कारों को लगता था कि स्टालिन की मजबूत डीएमके को टक्कर देने के लिए स्थानीय स्तर पर पुराना गठबंधन ही काम आ सकता है. सूत्रों के अनुसार, इस गठबंधन की शर्तों और रणनीति को लेकर अन्नामलाई के आक्रामक रुख को आलाकमान ने थोड़ा दबाने की कोशिश की. बीजेपी नेतृत्व चाहता था कि द्रविड़ दलों के साथ रिश्ते सुधारे जाएं, जो कि अन्नामलाई की अपनी राजनीतिक लाइन के बिल्कुल खिलाफ था. यही वैचारिक मतभेद अब एक बड़ी खाई में बदल चुका है. कभी कहा था- राजनीति छोड़कर खेती करने चला जाऊंगा अन्नामलाई स्वभाव से बेहद कड़क, स्वाभिमानी और लीक से हटकर राजनीति करने वाले नेता माने जाते हैं. कुछ समय पहले जब उनके साइडलाइन होने या पार्टी लाइन से अलग चलने की खबरें उड़ी थीं, तब उन्होंने मीडिया के सामने आकर बेहद बेबाकी से अपनी बात रखी थी. उन्होंने साफ शब्दों में कहा था कि वह राजनीति में किसी पद या कुर्सी के लालच में नहीं आए हैं. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा था, “मैं जब तक अपनी मर्जी से और अपनी शर्तों पर राजनीति में रहना चाहूंगा, रहूंगा. जिस दिन मुझे लगेगा कि मैं कुछ नहीं बदल पा रहा, मैं वापस अपने गांव जाकर खेती करने लगूंगा.” उनका यह पुराना तेवर साफ दिखाता है कि वह दबाव की राजनीति के आगे झुकने वाले इंसान नहीं हैं. मौजूदा समय में तमिलनाडु की सियासत में सिनेमा से राजनीति में आए जोसेफ विजय (विजय थलपति) की पार्टी टीवीके (TVK) ने भी एक मजबूत तीसरी ताकत के रूप में हलचल मचा रखी है. ऐसे में अन्नामलाई को लगता है कि सूबे के युवाओं और द्रविड़-विरोधी वोटर्स के बीच उनके लिए अपनी खुद की जमीन तैयार करने का यह बिल्कुल सही मौका है. अब देखना यह है कि दिल्ली का बुलावा उन्हें रोकता है या ‘अन्ना’ अपनी नई राह चुनते हैं. Source link

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गर्मी में बढ़ जाती है पित्ती की समस्या, जानिए खुजली और जलन...

Last Updated:June 01, 2026, 15:24 IST गर्मी के मौसम में शरीर का तापमान बढ़ने, ज्यादा पसीना आने और तेज धूप के संपर्क में रहने से कोलीनर्जिक अर्टिकेरिया (हीट हाइव्स) या सोलर अर्टिकेरिया ट्रिगर हो जाते हैं. इस दौरान त्वचा में मौजूद मास्ट सेल्स सक्रिय होकर हिस्टामाइन नामक रसायन छोड़ते हैं, जिससे त्वचा पर लाल चकत्ते, सूजन और तेज खुजली होने लगती है.डॉक्टर अनिल पटेल के अनुसार, “गर्मी में त्वचा को ठंडा और साफ रखना बेहद जरूरी है गर्मी और उमस भरे मौसम में त्वचा से जुड़ी कई समस्याएं बढ़ जाती हैं, जिनमें से एक आम समस्या है. पीती (हाइव्स/अर्टिकेरिया). इस स्थिति में त्वचा पर लाल-लाल उभरे हुए चकत्ते दिखाई देते हैं, जिनमें तेज खुजली और जलन होती है. कई बार ये चकत्ते शरीर के अलग-अलग हिस्सों में फैल जाते हैं. व्यक्ति को काफी असहज कर देते हैं. खासतौर पर बच्चों में यह समस्या गर्मियों में ज्यादा देखने को मिलती है, जिससे उनकी नींद और रोजमर्रा की गतिविधियां भी प्रभावित होती हैं. क्यों बढ़ती है गर्मी में पित्ती की समस्या*गर्मी के मौसम में शरीर का तापमान बढ़ने, ज्यादा पसीना आने और तेज धूप के संपर्क में रहने से कोलीनर्जिक अर्टिकेरिया (हीट हाइव्स) या सोलर अर्टिकेरिया ट्रिगर हो जाते हैं. इस दौरान त्वचा में मौजूद मास्ट सेल्स सक्रिय होकर हिस्टामाइन नामक रसायन छोड़ते हैं, जिससे त्वचा पर लाल चकत्ते, सूजन और तेज खुजली होने लगती है.डॉक्टर अनिल पटेल के अनुसार, “गर्मी में त्वचा को ठंडा और साफ रखना बेहद जरूरी है, तभी इस समस्या से राहत मिल सकती है. खुजली और जलन से राहत के 3 असरदार तरीके 1. ठंडी सिकाई और कैलामाइन लोशन का इस्तेमालखुजली और जलन से तुरंत राहत पाने के लिए प्रभावित हिस्से पर ठंडी सिकाई करना बेहद फायदेमंद होता है. बर्फ को सीधे त्वचा पर लगाने की बजाय उसे कपड़े में लपेटकर 10-15 मिनट तक सिकाई करें. इसके साथ ही कैलामाइन लोशन या मेन्थॉल युक्त कूलिंग जेल लगाने से त्वचा को ठंडक मिलती है और खुजली कम होती है. 2. सूती कपड़े पहनें और शरीर को ठंडा रखेंपसीना पित्ती को बढ़ाने का सबसे बड़ा कारण होता है. इसलिए ढीले-ढाले, हल्के और हवादार सूती कपड़े पहनना चाहिए, ताकि त्वचा पर पसीना जमा न हो. घर या कार्यस्थल को ठंडा रखें, जैसे कूलर या एसी का इस्तेमाल करें, जिससे शरीर का तापमान नियंत्रित रहे. 3. आयुर्वेदिक और घरेलू उपाय अपनाएंडॉक्टर अनिल बताते हैं कि आयुर्वेद में इस समस्या का इलाज शरीर की गर्मी को संतुलित करके किया जाता है. घरेलू उपायों के रूप में गोंद कतीरा, नींबू पानी, शिकंजी, खीरा, तरबूज, खरबूजा और नारियल पानी का सेवन फायदेमंद होता है. इससे शरीर हाइड्रेटेड और ठंडा रहता है.इसके अलावा खाने में पुराने चावल का उपयोग करना, आटे में जौ मिलाना और शरीर पर चंदन का लेप लगाना भी राहत देता है। मटके का पानी और धनिए के बीजों का पानी पीने से भी शरीर की गर्मी कम होती है और पित्ती में आराम मिलता है. रखें खास ध्यानअगर पित्ती की समस्या बार-बार हो रही है या ज्यादा गंभीर हो रही है, तो बिना देरी किए डॉक्टर से सलाह जरूर लें. सही समय पर उपचार और सावधानी अपनाकर इस समस्या को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Khandwa,Madhya Pradesh Source link

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‘ऐसे देश में रहने पर शर्म आती है…’ बीजेपी पर हमला करते-करते...

पश्चिम बंगाल में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी पर हुए हमलों को लेकर देश की सियासत गरमा गई है. इस बीच वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल के एक बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. सिब्बल ने कहा कि उन्हें ऐसे देश में रहने पर शर्म आती है, जहां राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए हिंसा का सहारा लिया जाता है. अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले की निंदा करते हुए कपिल सिब्बल ने कहा कि सोशल मीडिया पर घटना के वीडियो देखकर वह स्तब्ध रह गए. उनके मुताबिक यह कोई अचानक हुई घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हमला था. सिब्बल ने दावा किया कि अगर अभिषेक बनर्जी ने हेलमेट नहीं पहना होता तो उन्हें गंभीर या जानलेवा चोट लग सकती थी. सिब्बल ने क्या कहा? सिब्बल ने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठी राजनीतिक ताकतें लोकतंत्र की बुनियाद को कमजोर करने के लिए हर तरीका अपना रही हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या चुनाव जीतने के बाद विपक्ष को हिंसा के जरिये खत्म करना लोकतंत्र का रास्ता हो सकता है? उन्होंने यह भी पूछा कि गृह मंत्री, लोकसभा अध्यक्ष और अन्य जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने इस घटना पर अब तक खुलकर प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी. हालांकि सिब्बल के बयान का सबसे ज्यादा विवादित हिस्सा वह रहा, जिसमें उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसे देश में रहने पर शर्म महसूस होती है. यही बयान अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है. बीजेपी ने किया पलटवार बीजेपी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि करोड़ों रुपये कमाने वाले और वर्षों तक सत्ता के केंद्र में रहने वाले नेता का पूरे देश पर सवाल उठाना दुर्भाग्यपूर्ण है. बीजेपी का आरोप है कि कपिल सिब्बल ने पश्चिम बंगाल में 2021 के चुनाव बाद हुई हिंसा, भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हमलों तथा पंचायत चुनावों के दौरान हुई घटनाओं पर कभी ऐसी तीखी प्रतिक्रिया नहीं दी थी. बीजेपी ने यह सवाल भी उठाया कि अब जांच में यह बात सामने आ रही है कि अभिषेक बनर्जी पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार कुछ लोगों के तार टीएमसी के ही पूर्व नेताओं से जुड़े बताए जा रहे हैं. ऐसे में पूरे मामले की सच्चाई सामने आने से पहले देश और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाना क्या उचित है? किसी भी राजनीतिक नेता पर हमला निंदनीय है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. लेकिन क्या किसी एक घटना के आधार पर पूरे देश के लोकतंत्र और व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर देना सही है? क्या राजनीतिक हिंसा की घटनाओं की आलोचना और देश के प्रति निराशा व्यक्त करने के बीच एक स्पष्ट अंतर नहीं होना चाहिए? भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जहां हर दिन लाखों लोग चुनावी प्रक्रिया, न्यायपालिका, मीडिया और संवैधानिक संस्थाओं के जरिए अपनी आवाज उठाते हैं. ऐसे में आलोचकों का कहना है कि किसी घटना पर नाराजगी जताना एक बात है, लेकिन पूरे देश पर शर्मिंदगी जताने वाला बयान दूसरी बात है. अब सवाल आपके सामने है. क्या कपिल सिब्बल का बयान सिर्फ लोकतंत्र को लेकर उनकी चिंता को दर्शाता है, या फिर उन्होंने राजनीतिक विरोध में देश को भी कठघरे में खड़ा कर दिया? क्या आप उनके इस बयान से सहमत हैं? अपनी राय हमें कमेंट करके जरूर बताइए. Source link

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मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत सरकार युवाओं को बिजनेस के लिए...

Last Updated:June 01, 2026, 13:12 IST जिला ग्रामोद्योग अधिकारी मान्या चतुर्वेदी ने लोकल 18 से बताया कि वर्तमान समय में दो योजनाओं के टारगेट विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं.  जिसमें एक मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना है. जिसके अंतर्गत युवाओं को 10 लाख रुपए तक का लोन ब्याज पर सब्सिडी के अंतर्गत उपलब्ध कराया जा रहा है. जिससे कि वह अपने बिजनेस को काफी बेहतर तरीके से आगे ले जा सके. इसमें सर्विस एवं मैन्युफैक्चरिंग दोनों स्तर पर युवाओं को बैंकों द्वारा लोन दिया जाएगा. इसमें बैंक द्वारा लगाया गया ब्याज विभाग देगा. ख़बरें फटाफट मेरठः मेरठ से संबंधित जिन युवाओं ने बिजनेस करने का सपना संजोया है. इसके लिए वह विभिन्न शिक्षण संस्थानों में अध्ययन भी कर रहे हैं. ताकि बिजनेस के क्षेत्र में विशेष पहचान बना सके. लेकिन के मन में यही जिज्ञासा है कि आखिर वह अपने बिजनेस को एक बेहतर बिजनेस के रूप में डेवलप करने के लिए आर्थिक चुनौतियों को पार कैसे करें. तो ऐसे सभी युवाओं के लिए अच्छी खबर है. उनके सपने को साकार करने के लिए जिला ग्रामोद्योग विभाग एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. युवाओं को मिल रहा 10 लाख लोन लोकल 18 की टीम से खास बातचीत करते हुए जिला ग्रामोद्योग अधिकारी मान्या चतुर्वेदी ने बताया कि वर्तमान समय में दो योजनाओं के टारगेट विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं.  जिसमें एक मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना है. जिसके अंतर्गत युवाओं को 10 लाख रुपए तक का लोन ब्याज पर सब्सिडी के अंतर्गत उपलब्ध कराया जा रहा है. जिससे कि वह अपने बिजनेस को काफी बेहतर तरीके से आगे ले जा सके. इसमें सर्विस एवं मैन्युफैक्चरिंग दोनों स्तर पर युवाओं को बैंकों द्वारा लोन दिया जाएगा. इसमें बैंक द्वारा लगाया गया ब्याज विभाग देगा. इसी के साथ ही दूसरी योजना मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना है.  इसके अंतर्गत प्रजापति समाज या फिर परंपरागत रूप से जो भी लोग माटीकला से संबंधित कार्य कर रहे हैं. ऐसे सभी लोगों को 10 लाख रुपए तक का लोन बैंक के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा. इसमें 25% तक की सब्सिडी माटीकला बोर्ड द्वारा युवाओं को उपलब्ध कराई जाएगी. जिससे कि युवा अपने सपने को साकार कर सके. ये प्रमाण पत्र है जरूरी उन्होंने कहा कि जो भी युवा इस योजना के अंतर्गत आवेदन करना चाहते हैं. ऐसे सभी युवा ग्रामीण क्षेत्र से ताल्लुक रखने चाहिए. साथ ही अगर वह एससी -एसटी वर्ग से है. तो उनके पास जाति प्रमाण पत्र होना चाहिए. जिससे कि उन्हें कैटेगरी के अंतर्गत लाभ मिल सके. इसके साथ उन्होंने बताया कि लोन के लिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट काफी महत्वपूर्ण होती है. ऐसे में आवेदन करते समय प्रोजेक्ट रिपोर्ट में पूरा विवरण उपलब्ध कराएं. आप लोन किस  उद्देश्य से लेना चाहते हैं. किस तरह से आप टर्म और सीसी के अंतर्गत अपने व्यापार का संचालन करेंगे. बताते चलें कि अगर सभी डॉक्यूमेंट ठीक होते हैं तो युवाओं को लोन मिलने में ज्यादा समय नहीं लगता है. उन्होंने बताया कि अधिक जानकारी के लिए युवा विभाग की वेबसाइट का विकसित कर सकते हैं. About the Author Rajneesh Kumar Yadav मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Meerut,Uttar Pradesh Source link

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कॉकरोच आपकी क्रीम में भी मौजूद, मॉस्चराइजर से लेकर ब्यूटी प्रोडक्ट्स तक...

होमफोटोनॉलेज कॉकरोच आपकी क्रीम में भी मौजूद, मॉस्चराइजर से मेकअप तक में कैसे इस्तेमाल Last Updated:June 01, 2026, 12:20 IST दुनियाभर में तिलचट्टों की कई प्रजातियां पाई जाती हैं, लेकिन कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स बनाने में सबसे ज्यादा इस्तेमाल अमेरिकन कॉकरोच का होता है. ये कॉकरोच भारत में खूब होता है, तो ये जान लें कि जो मॉस्चराइजर और ब्यूटी प्रोडक्ट्स आप आराम से लगाते हैं, उसमें तिलचट्टे से निकलने वाले प्रोटीन और अन्य तत्वों का इस्तेमाल खूब होता है. तिलचट्टे से बनने वाले कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स की लिस्ट और उनमें इसका क्या काम है, ये समझना थोड़ा रोचक है. जैसे स्किनकेयर प्रोड्क्ट्स में इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है. तिलचट्टे के अर्क का इस्तेमाल ज्यादातर त्वचा से जुड़े प्रोडक्ट्स में किया जाता है, क्योंकि इसमें रिपेयर, हाइड्रेशन और एंटी-एजिंग के गुण होते हैं. (ai image) एक पेटेंट के अनुसार, भारत में मिलने वाला कॉकरोच, जिसे अमेरिकन कॉकरोच प्रजाति भी कहते हैं, उसका एक्सट्रैक्ट वाला फेस वॉश त्वचा को मॉइस्चराइज़ और रिपेयर करने में मदद करता है. फेशियल मास्क और टोनर भी इससे बनाए जाते हैं, जो त्वचा के रंग को निखारने, रोमछिद्रों को कम करने और त्वचा की बनावट को सुधारने का काम करता है. मॉइस्चराइज़र और हैंड क्रीम तो हम अक्सर ही लगाते हैं, ये हमारी त्वचा को गहराई से नमी (हाइड्रेशन) प्रदान करता है और फटने से बचाता है. (open ai image) तिलचट्टे में पाए जाने वाले पेप्टाइड्स और एमिनो एसिड्स कोलेजन के उत्पादन को बढ़ावा देते हैं. इससे त्वचा को जवां रखने और झुर्रियों को कम करने में मदद मिलती है. जिससे एंटी एजिंग क्रीम और सीरम बनते हैं. कुछ रिसर्च में ये पाया गया कि इसके अर्क में सन-स्क्रीन जैसे गुण भी हो सकते हैं. कॉकरोच एक्सट्रैक्ट का इस्तेमाल बालों के लिए भी होता है. इसका मुख्य फोकस स्कैल्प की सेहत और बालों की ग्रोथ पर होता है. (google ai image) Add News18 as Preferred Source on Google हैरानी की बात है लेकिन तिलचट्टे से निकला एक तत्व आपके मेकअप में भी छुपा हो सकता है. कई बड़े ब्रांड्स के फाउंडेशन में इसे एक कंडीशनर और ह्यूमेक्टेंट के तौर पर मिलाया जाता है. अब हम आपको बताते हैं कि तिलचट्टे में मौजूद चिटिन और चिटोसन नाम के तत्व बहुत फायदेमंद होते हैं. ये त्वचा की मरम्मत भी करते हैं. साथ ही घाव भरने में तेजी लाता है. डैमेज्ड स्किन को रिपेयर करता है. साथ ही जब ये एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी के रूप में काम करता है तो त्वचा को फ्री रेडिकल्स से बचाता है और सूजन को कम करता है. (ai image) कॉस्मेटिक्स में जिस तिलचट्टे का इस्तेमाल होता है, वह गंदगी वाला घरेलू तिलचट्टा नहीं होता. इसे फार्मों में बेहद साफ और नियंत्रित वातावरण में खासतौर पर पाला जाता है. इसके बाद इनसे केमिकल प्रोसेस के जरिए सिर्फ जरूरी तत्व जैसे चिटोसन निकाले जाते हैं और कई बार परीक्षणों के बाद ही प्रोडक्ट्स में मिलाया जाता है. चीन जैसे देशों में ये FDA (US) और अन्य एजेंसियों से सेफ्टी परमिशन लेकर ही बाजार में आता है. (ai image) अगर आप अपने प्रोडक्ट के इंग्रीडिएंट्स लिस्ट में Chitin (चिटिन), Chitosan (चिटोसन), या Deacetylated Chitin देखते हैं, तो हो सकता है कि यह तिलचट्टे से आया हो, हालांकि ये तत्व झींगा और केकड़े के छिलकों से भी निकाले जाते हैं. बहुत कम लोगों को यह पता है, लेकिन साइंस की दुनिया में अमेरिकन कॉकरोच वास्तव में एक “जैविक खजाना” माना जाता है, जिसका इस्तेमाल दवाइयों से लेकर हाई-एंड स्किनकेयर तक में हो रहा है. (ai image) महिलाओं के फेशियल मास्क, रिपेयरिंग सीरम, एंटी-एजिंग क्रीम, हैंड क्रीम, लिप बाम में इससे निकलने वाले तत्वों का इस्तेमाल होता है. हेयर केयर में भी शैम्पू, हेयर टॉनिक, कंडीशनर में इसका इस्तेमाल बालों की सेहत और ग्रोथ को बेहतर करने में होता है. मेकअप में लिक्विड फाउंडेशन, लिपस्टिक जैसी प्रोड्क्ट्स में कॉक्रोच से निकलने वाले तत्व यूज किए जाते हैं. (ai image) प्रोडक्ट्स के लिए जिन तिलचट्टों को पाला जाता है, उन्हें बीमारी पैदा करने वाले बैक्टीरिया, कीटनाशकों और गंदगी से दूर, पूरी तरह से नियंत्रित और स्टेराइल वातावरण में रखा जाता है. इन्हें सीधे पीसकर प्रोडक्ट में नहीं मिलाया जाता. वैज्ञानिक प्रक्रियाओं द्वारा इनसे केवल जरूरी केमिकल को निकाला जाता है, जिसे बाद में कई बार शुद्ध किया जाता है. (ai image) न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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delhi fire| दिल्ली में आईटीओ के पास मि‍न‍िस्‍ट्री की बिल्डिंग में आग,...

होमताजा खबरDelhi दिल्ली में आईटीओ के पास बिल्डिंग में आग, दमकल की 8 गाड़ियों ने पाया काबू Last Updated:June 01, 2026, 11:21 IST द‍िल्‍ली के आईटीओ स्‍थ‍ित‍ एक सरकारी ब‍िल्‍ड‍िंग में आग लगने से सुबह-सुबह हड़कंप मच गया. दरअसल आग म‍िन‍िस्‍ट्री ऑफ एजुकेशन के स्‍कूल ऑफ प्‍लानिंग एंड आर्किटेक्‍ट के ऑफ‍िस में लगी थी. यह एडम‍िन का ऑफ‍िस है. फि‍लहाल मौके पर पहुंची दमकल की गाड़‍ियों ने आग पर काबू पा ल‍िया है. द‍िल्‍ली के आईटीओ पर म‍िन‍िस्‍ट्री ऑफ एजुकेशन ब‍िल्‍ड‍िंग में लगी आग Delhi Fire: दिल्ली में आईटीओ के पास आग की भयावट घटना सामने आई है. यह आग मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन की बिल्डिंग में लगी है. यहां दूसरे फ्लोर पर स्‍कूल ऑफ प्‍लान‍िंंग एंड आर्किटेक्‍ट का ऑफ‍िस है. जहां सुबह 9 बजकर 37 मिनट पर आग पकड़ने की खबर सामने आई. फायर व‍िभाग को सुबह जानकारी मिली कि पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट की इमारत के नजदीक बिल्डिंग में आग लगी है. इस ब‍िल्‍ड‍िंंग से अचानक आग की लपटें उठते देख आसपास हड़कंप मच गया. जिसके बाद तुरंत फायर विभाग को कॉल किया गया. द‍िल्‍ली फायर व‍िभाग की ओर से तुरंत आग पर काबू पाने के ल‍िए दमकल की 8 गाड़‍ियां भेजी गईं. चश्‍मदीदों ने बताया क‍ि आग ब‍िल्‍ड‍िंंग की दूसरी मंज‍िल पर लगी थी जैसे ही ब‍िल्‍ड‍िंंग से लपटें उठने लगीं, अचानक पूरे इलाके में हंगामा मच गया. इस आग से क‍ितना नुकसान हुआ है, इस‍की जानकारी अभी सामने नहीं आई है. हालांक‍ि अभी तक क‍िसी के हताहत होने या घायल होने की खबर सामने नहीं आई है. आज सोमवार होने के कारण ब‍िल्‍ड‍िंंग की बाकी मंज‍िलों में सुबह से ही तमाम सरकारी कर्मचारी भी मौजूद थे और कामकाज भी चल रहा था, ऐसे में यह हादसा कैसे हुआ इसकी जानकारी भी आनी है.  फि‍लहाल आग पर काबू पा ल‍िया गया है. फायर डि‍पार्टमेंट आग के कारणों का पता लगा रहा है. About the Author प्रिया गौतमSenior Correspondent Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi Source link

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कोटा का कमाल! तैयार हुई Rolls-Royce, शादी की एंट्री से लेकर फिल्म...

Last Updated:June 01, 2026, 10:09 IST Vintage Rolls Royce Kota: कोटा में तैयार की गई एक शानदार Vintage Rolls-Royce इन दिनों लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. अपनी शाही बनावट, क्लासिक डिजाइन और राजसी लुक के कारण यह कार शादी समारोहों, प्री-वेडिंग शूट और फिल्म शूटिंग के लिए तेजी से लोकप्रिय हो रही है. खास बात यह है कि इस विंटेज कार की मांग लगातार बढ़ रही है और लोग इसे पहले से बुक करवा रहे हैं. कार का डिजाइन ऐतिहासिक Rolls-Royce वाहनों से प्रेरित है, जो इसे बेहद खास और आकर्षक बनाता है. दूल्हा-दुल्हन की रॉयल एंट्री के लिए यह कार पहली पसंद बनती जा रही है, वहीं फिल्म निर्माता और कंटेंट क्रिएटर्स भी इसे अपने प्रोजेक्ट्स में शामिल करने के लिए उत्सुक हैं. ख़बरें फटाफट कोटा. आमतौर पर Rolls-Royce जैसी लग्जरी और विंटेज कारों की झलक बड़े महानगरों या फिल्मों में ही देखने को मिलती है, लेकिन अब शिक्षा नगरी कोटा में भी ऐसी शाही सवारी लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गई है. शहर के दो युवा भाइयों ने एक पुरानी जिप्सी को मॉडिफाई कर उसे विंटेज Rolls-Royce जैसा शानदार रूप दिया है. अपनी भव्य डिजाइन और रॉयल लुक के कारण यह कार इन दिनों शहरभर में चर्चा का विषय बनी हुई है. खास बात यह है कि कोटा पहुंचते ही इस कार की बुकिंग शुरू हो गई और इसे फिल्म शूटिंग के लिए भी बुक कर लिया गया. इस अनोखी पहल के पीछे इवेंट मैनेजमेंट कंपनी से जुड़े भाई जतिन बुधराजा और सहज बुधराजा हैं. दोनों का मानना है कि कोटा में भी अब बड़े शहरों की तरह भव्य और यादगार आयोजनों का चलन तेजी से बढ़ रहा है. लोग अपने खास पलों को अलग अंदाज में यादगार बनाना चाहते हैं, लेकिन ऐसे आयोजनों के लिए लग्जरी और विंटेज वाहनों की उपलब्धता नहीं होने से उन्हें दूसरे शहरों पर निर्भर रहना पड़ता था. इसी जरूरत को देखते हुए दोनों भाइयों ने यह अनूठा प्रयोग किया. कार को ट्रक के जरिए कोटा लायाजतिन और सहज के पिता राजेश बुधराजा ने बताया कि इस कार को तैयार कराने का विचार काफी समय से उनके मन में था. इसके लिए एक पुरानी जिप्सी को चुना गया और उसे पूरी तरह से नया रूप देने की योजना बनाई गई. वाहन को हरियाणा में विशेष रूप से डिजाइन और मॉडिफाई कराया गया. कई महीनों की मेहनत के बाद इसे विंटेज Rolls-Royce जैसा आकर्षक लुक दिया गया. तैयार होने के बाद इस कार को ट्रक के जरिए कोटा लाया गया. उन्होंने बताया कि यह वाहन नियमित सड़क उपयोग के लिए नहीं बनाया गया है, बल्कि इसे विशेष रूप से इवेंट्स और समारोहों के लिए डिजाइन किया गया है. शादी समारोह में दूल्हा-दुल्हन की ग्रैंड एंट्री, विदाई, प्री-वेडिंग और पोस्ट-वेडिंग शूट, एनिवर्सरी सेलिब्रेशन, बर्थडे पार्टी, रिटायरमेंट कार्यक्रम और कॉर्पोरेट इवेंट्स में इसका उपयोग किया जाएगा. इसके अलावा फिल्म और म्यूजिक वीडियो शूटिंग के लिए भी यह कार आकर्षण का केंद्र बन सकती है. तैयार करने में करीब 6 से 7 महीने का समय लगाइस कार को तैयार करने में करीब 6 से 7 महीने का समय लगा. डिजाइनिंग से लेकर बॉडी स्ट्रक्चर, पेंटिंग, इंटीरियर और फिनिशिंग तक हर छोटे-बड़े पहलू पर विशेष ध्यान दिया गया. परियोजना पर लगभग 20 से 25 लाख रुपये की लागत आई. कार का फ्रंट डिजाइन, बड़ी ग्रिल, विंटेज हेडलाइट्स और लंबा बॉडी स्ट्रक्चर इसे किसी शाही सवारी जैसा लुक देता है. पहली नजर में इसे देखकर लोगों को विश्वास ही नहीं होता कि यह एक मॉडिफाइड जिप्सी है. एक नई और अनोखी पहलकोटा में इस तरह की यह फिलहाल अपनी तरह की पहली और एकमात्र कार मानी जा रही है. यही वजह है कि जहां भी यह कार पहुंचती है, लोगों की भीड़ जमा हो जाती है. राह चलते लोग अपने मोबाइल फोन निकालकर इसकी तस्वीरें और वीडियो बनाने लगते हैं. कई लोग इसके साथ सेल्फी लेने के लिए भी उत्साहित दिखाई देते हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसके वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं और लोग इसे कोटा के लिए एक नई और अनोखी पहल बता रहे हैं. जतिन और सहज का कहना है कि कोटा में होने वाले समारोह भी बड़े शहरों की तरह भव्य और यादगार बनें. उनका मानना है कि किसी भी आयोजन में जब दूल्हा-दुल्हन या मेहमान ऐसी शाही कार में एंट्री करते हैं तो वह पल हमेशा के लिए यादगार बन जाता है. एक नया ट्रेंड भी स्थापित करती नजर आ रहीदिलचस्प बात यह है कि कार के कोटा पहुंचने के तुरंत बाद ही इसकी पहली बुकिंग एक फिल्म शूटिंग के लिए हो गई. इससे साफ है कि लोगों में इस अनोखी विंटेज कार को लेकर खासा उत्साह है. आने वाले दिनों में यह कार शादियों, प्री-वेडिंग शूट और अन्य आयोजनों में रॉयल अंदाज का नया प्रतीक बन सकती है. कोटा के इन दो भाइयों की यह पहल न केवल लोगों को आकर्षित कर रही है, बल्कि शहर के इवेंट उद्योग में एक नया ट्रेंड भी स्थापित करती नजर आ रही है. About the Author Jagriti Dubey Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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पत्थरों में छिपे हैं पुराने रहस्य, हवाओं में गूंजती है वीरता की...

Last Updated:June 01, 2026, 09:20 IST Taragarh Fort Bundi: राजस्थान के बूंदी शहर की पहाड़ियों पर स्थित 13वीं शताब्दी का तारागढ़ किला राज्य की गौरवशाली विरासत और ऐतिहासिक पहचान का प्रतीक माना जाता है. अपनी भव्य स्थापत्य कला, विशाल प्राचीरों और रणनीतिक निर्माण के लिए प्रसिद्ध यह किला सदियों से इतिहास प्रेमियों और पर्यटकों को आकर्षित करता आ रहा है. माना जाता है कि इस किले का निर्माण चौहान शासकों द्वारा कराया गया था और यह कई महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाओं का साक्षी रहा है. किले की दीवारें राजपूती शौर्य, युद्ध कौशल और समृद्ध संस्कृति की अनगिनत कहानियां अपने भीतर समेटे हुए हैं. ऊंची पहाड़ी पर स्थित होने के कारण यहां से बूंदी शहर का मनमोहक दृश्य दिखाई देता है. राजस्थान की हाड़ौती धरती पर बसा बूंदी एक ऐसा शहर है, जहां इतिहास सिर्फ किताबों में नहीं मिलता, बल्कि हर गली, हर महल और हर पहाड़ी पर जीवंत दिखाई देता है. सदियों पुरानी विरासत को अपने आंचल में समेटे यह शहर आज भी अपनी वही शाही गरिमा और सांस्कृतिक समृद्धि बनाए हुए है, जिसने कभी दुनिया के महान साहित्यकार रुडयार्ड किपलिंग को भी मंत्रमुग्ध कर दिया था. यह एक पर्यटन स्थल है साथ ही इसका इतिहास, कला और रोमांस का ऐसा जीवंत कैनवास है, जहां हर पत्थर एक कहानी कहता है और हर दीवार बीते गौरवशाली युग की याद दिलाती है. जो भी यहां आता है, वह अपने साथ सिर्फ तस्वीरें नहीं, बल्कि सदियों पुरानी विरासत की अमिट यादें भी लेकर लौटता है. इस क्षेत्र की सबसे बड़ी सांस्कृतिक धरोहरों में से एक है विश्व प्रसिद्ध कोटा-बूंदी लघु चित्रकला शैली. अपनी जीवंत रंग योजना, बारीक चित्रांकन और प्रकृति के मनोहारी चित्रण के लिए यह कला शैली दुनियाभर में प्रसिद्ध है. इन चित्रों में राजदरबारों की भव्यता, शिकार के दृश्य, प्रेम कथाएं और प्रकृति की सुंदरता इतनी जीवंतता से उकेरी गई है कि देखने वाला मंत्रमुग्ध हो जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google बूंदी केवल किलों और महलों का शहर नहीं है, बल्कि यह कला और संस्कृति का भी अनमोल खजाना है. पूरा हाड़ौती क्षेत्र प्राचीन मंदिरों, बावड़ियों, छतरियों और ऐतिहासिक जल संरचनाओं से समृद्ध है. यहां की स्थापत्य कला राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को एक अलग पहचान देती है. एक सदी से अधिक समय पहले बूंदी की यात्रा के दौरान किपलिंग इसकी सुंदरता से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने यहां के महलों और किलों के बारे में लिखा था, “इन्हें केवल देवदूतों ने ही बनाया होगा, क्योंकि इतनी अद्भुत भव्यता इंसान के हाथों से संभव नहीं है.” आज भी बूंदी को देखकर उनकी यह बात पूरी तरह सच प्रतीत होती है. इस क्षेत्र की सबसे बड़ी सांस्कृतिक धरोहरों में से एक है विश्व प्रसिद्ध कोटा-बूंदी लघु चित्रकला शैली. अपनी जीवंत रंग योजना, बारीक चित्रांकन और प्रकृति के मनोहारी चित्रण के लिए यह कला शैली दुनियाभर में प्रसिद्ध है. इन चित्रों में राजदरबारों की भव्यता, शिकार के दृश्य, प्रेम कथाएं और प्रकृति की सुंदरता इतनी जीवंतता से उकेरी गई है कि देखने वाला मंत्रमुग्ध हो जाता है. आज जब आधुनिकता की दौड़ में कई शहर अपनी ऐतिहासिक पहचान खोते जा रहे हैं, तब बूंदी अपनी विरासत को संजोए हुए एक जीवंत संग्रहालय की तरह खड़ा है. यहां की संकरी गलियां, नीले रंग से सजे पुराने मकान, ऐतिहासिक स्मारक और शांत वातावरण हर आगंतुक को समय की यात्रा पर ले जाते हैं. बूंदी की खूबसूरती का दूसरा नाम है सुख महल. जैत सागर झील के किनारे स्थित यह शांत और मनमोहक महल अपनी नाजुक मेहराबों, ठंडे कक्षों और सुंदर उद्यानों के लिए जाना जाता है. झील के शांत जल में प्रतिबिंबित होता यह महल किसी चित्रकार की कल्पना जैसा प्रतीत होता है. माना जाता है कि रुडयार्ड किपलिंग ने अपने प्रवास के दौरान यहीं समय बिताया था और अपने प्रसिद्ध उपन्यास ‘किम’ के कुछ हिस्सों के लिए प्रेरणा भी यहीं से प्राप्त की थी. शहर के ऊपर लगभग 500 मीटर ऊंची पहाड़ी पर स्थित तारागढ़ किला बूंदी की पहचान है. 13वीं शताब्दी में निर्मित यह दुर्ग अपनी विशाल प्राचीरों, गुप्त मार्गों और अद्भुत जल संरचनाओं के लिए प्रसिद्ध है. दूर से देखने पर यह किला मानो पूरे शहर की निगरानी करता दिखाई देता है. इसकी मजबूत दीवारें वीरता, संघर्ष और राजपूती शौर्य की अनगिनत कहानियों की साक्षी हैं. तारागढ़ किले की सबसे बड़ी विशेषता इसकी प्राचीन वर्षा जल संचयन प्रणाली है. उस दौर में निर्मित जलाशय और जल प्रबंधन की तकनीक आज भी इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण मानी जाती है. यह साबित करती है कि उस समय के शिल्पकार केवल कलाकार ही नहीं, बल्कि दूरदर्शी वैज्ञानिक भी थे. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। राजस्थान की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें| Source link

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NEET UG Paper Leak Case Hearing LIVE:नीट परीक्षा पर ‘सुप्रीम’ फैसला आज,...

Last Updated:June 01, 2026, 08:20 IST NEET UG Paper Leak Case Hearing LIVE: नीट यूजी पेपर लीक मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई बेहद अहम है. RJD सांसद और IMA प्रवक्ता सहित कई दिग्गजों की याचिका पर कोर्ट क्या फैसला सुनाएगा? क्या अब पेन…और पढ़ें NEET UG Court Hearing 2026 LIVE: सुप्रीम कोर्ट में नीट यूजी को लेकर अहम सुनवाई होनी है नई दिल्ली (NEET UG Paper Leak Case Hearing LIVE). देश के लाखों मेडिकल स्टूडेंट्स और उनके अभिभावकों की नजरें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं. नीट यूजी परीक्षा में कथित धांधली, अनियमितताओं और पेपर लीक विवाद ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. आज सुप्रीम कोर्ट में बेहद अहम सुनवाई होने वाली है, जो भविष्य की परीक्षा प्रणाली की दिशा तय कर सकती है. यह याचिका RJD सांसद सुधाकर सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता अनुभव गर्ग, IMA के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. ध्रुव चौहान और राजनीतिक नेता हरिशरण देवगन की तरफ से अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत और उनकी टीम ने दाखिल की है. मेडिकल स्टूडेंट्स का भविष्य सुरक्षित करने के लिए परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं. NEET UG Paper Leak Case LIVE: सुप्रीम कोर्ट में किसने खोला मोर्चा? नीट यूजी पेपर लीक मामला लाइव: नीट यूजी परीक्षा प्रणाली में बड़े और आमूल-चूल सुधारों की मांग को लेकर देश के कई क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियों ने एक साथ आकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. इस संयुक्त याचिका को आरजेडी (RJD) सांसद सुधाकर सिंह, प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता अनुभव गर्ग, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. ध्रुव चौहान और राजनीतिक नेता हरिशरण देवगन की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पेश किया गया है. NEET UG Paper Leak Case LIVE: नीट यूजी पेपर लीक मामला क्या है? नीट यूजी पेपर लीक मामला लाइव: इस बार का मुख्य विवाद नीट यूजी की मौजूदा परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं, सुरक्षा खामियों और पेपर लीक की लगातार बनी रहने वाली संभावनाओं से जुड़ा हुआ है. याचिकाकर्ताओं का मानना है कि पारंपरिक ढर्रे पर कराई जाने वाली इस राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में सेंध लगाना बेहद आसान है, जिससे हर साल लाखों होनहार और दिन-रात मेहनत करने वाले छात्रों का भविष्य और करियर दांव पर लग जाता है. NEET UG Paper Leak Case LIVE: याचिका की पृष्ठभूमि: क्या है यह पूरा मामला? नीट यूजी पेपर लीक मामला लाइव: देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी की हालिया अधिसूचना जारी होने के बाद से ही परीक्षा प्रणाली को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. इस अधिसूचना की कानूनी वैधता और इसमें सुरक्षा मानकों की कथित अनदेखी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की गई हैं, जिसने एक बार फिर देश भर के मेडिकल अभ्यर्थियों, अभिभावकों और कोचिंग संस्थानों का ध्यान सुप्रीम कोर्ट की तरफ खींच लिया है. Source link

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Weather News Today Live | Aaj Ka Mausam Live | बंगाल की...

Today Weather News Live: देशभर में मौसम का मिजाज इन दिनों अलग ही रंग दिखा रहा है. देश के कई राज्यों में आंधी और बारिश की वजह से मौसम सुहावना बना हुआ है. लोगों को चिलचिलाती गर्मी और लू के थपेड़ों से थोड़ी राहत मिली है. वहीं भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया है कि पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और कई ट्रफ लाइनों के प्रभाव से उत्तर, पूर्व, मध्य और दक्षिण भारत के अनेक राज्यों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश जारी रहने वाली है. मौसम विभाग के अनुसार 1 जून को देश के 20 से अधिक राज्यों में आंधी, बिजली चमकने और बारिश की संभावना है. ओडिशा, गुजरात, मध्य प्रदेश, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली समेत कई राज्यों के लिए मौसम चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग के अनुसार पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) सक्रिय बना हुआ है, जो समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर तक फैला हुआ है. इसके प्रभाव से बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पूर्वी भारत में मौसम गतिविधियां तेज बनी हुई हैं. आईएमडी के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून भी लगातार आगे बढ़ रहा है और अगले 3 से 4 दिनों के दौरान केरल, तमिलनाडु, लक्षद्वीप और आसपास के इलाकों में मानसून और तेजी से सक्रिय हो सकता है. मानसून की रफ्तार बढ़ने के संकेत दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल अरब सागर, लक्षद्वीप, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के कई हिस्सों तक पहुंच चुकी है. मौसम विभाग का कहना है कि समुद्री क्षेत्रों में अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं और अगले कुछ दिनों में मानसून और तेजी से आगे बढ़ सकता है. केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, लक्षद्वीप और पूर्वोत्तर भारत में मानसून पूर्व गतिविधियां पहले ही तेज हो चुकी हैं. कई इलाकों में लगातार बारिश दर्ज की जा रही है, जिससे तापमान में गिरावट और उमस से राहत मिलने लगी है. दक्षिण-पश्चिम मानसून भी लगातार आगे बढ़ रहा है. दक्षिण भारत में भारी बारिश का दौर दक्षिण भारत में मौसम सबसे अधिक सक्रिय रहने वाला है. केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक और लक्षद्वीप में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. केरल और माहे में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है. आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, रायलसीमा और तटीय कर्नाटक में भी तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है. कुछ स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है. लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है. पूर्वी भारत में ओडिशा पर सबसे ज्यादा नजर पूर्वी भारत में ओडिशा मौसम विभाग की विशेष निगरानी में है. राज्य में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली आंधी चल सकती है, जबकि कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना है. राज्य के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं. मध्य भारत में भी आंधी के साथ ओले गिरने का अलर्ट मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी मौसम का असर देखने को मिलेगा. पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. साथ ही कई जिलों में तेज आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है. ओडिशा, गुजरात, मध्य प्रदेश, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली समेत कई राज्यों के लिए चेतावनी जारी की गई है. मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. मौसम विभाग ने किसानों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. राजस्थान और गुजरात में आंधी का खतरा राजस्थान में मौसम बेहद उग्र हो सकता है. राज्य के कई हिस्सों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली आंधी चलने की संभावना है. धूल भरी आंधी भी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है. गुजरात में भारी बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है. तटीय इलाकों में समुद्र भी उग्र बना रह सकता है, जिसके चलते मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है. दिल्ली में बादलों का रहेगा डेरा राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अगले 24 घंटों के दौरान तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा. मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. दिल्ली पर पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव बना हुआ है. इसी वजह से लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है. हालांकि अगले कुछ दिनों में तापमान में धीरे-धीरे 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना भी जताई गई है. यूपी में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट उत्तर प्रदेश में 1 जून को मौसम पूरी तरह बदला हुआ नजर आ सकता है. प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है. कुछ इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है. मौसम विभाग ने किसानों और खुले स्थानों पर मौजूद लोगों को बिजली गिरने और तेज हवाओं से सावधान रहने की सलाह दी है. बारिश के चलते कुछ क्षेत्रों में तापमान में गिरावट भी दर्ज की जा सकती है. उत्तराखंड के पहाड़ों में बारिश और ओलावृष्टि की आशंका उत्तराखंड में मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए बारिश, गर्जन और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है. पर्वतीय इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है जबकि कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश भी हो सकती है. चारधाम यात्रा मार्गों पर जाने वाले श्रद्धालुओं को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है. भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने जैसी घटनाओं की आशंका को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है. बिहार में गरज-चमक के साथ होगी बारिश बिहार के कई जिलों में भी आज

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