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aaj ka Dhanu rashifal 22 may 2026 Sagittarius horoscope in hindi financial...

Last Updated:May 22, 2026, 00:03 IST Aaj ka Dhanu Rashifal 22 May 2026: धनु राशि वालों के लिए आज आर्थिक निवेश से बचने की सलाह है. आज आपको अपने आर्थिक फैसलों में बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि सितारों के अनुसार आज निवेश करना नुकसानदेह साबित हो सकता है. ऑफिस में काम का दबाव बढ़ने से आप थकान महसूस कर सकते हैं. घरेलू मोर्चे पर भी परिजनों की नाराजगी, काम का बोझ बढ़ने और परिवार में मतभेद की आशंका है. जानिए कैसा रहेगा आज आपका स्वास्थ्य और लव लाइफ. जमुई: आज यानी 22 मई 2026 का दिन धनु राशि के जातकों को धन लाभ कराने वाला होगा. आज के दिन धनु राशि के जातकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. ज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि आज के दिन धनु राशि के जातकों को ग्रहों की बदलती चाल का असर झेलना पड़ेगा. उन्होंने बताया कि आज के दिन धनु राशि के जातकों पर काम का बोझ भी बढ़ सकता है. जिस से आपको थोड़ा मानसिक तनाव उठाना पड़ सकता है. उन्होंने बताया कि आज छठे भाव में सूर्य और बुध की स्थिति आपके खर्च और बजट को नियंत्रित रखने में मदद करेगी. लंबे समय से रुका हुआ काम होगा पूराज्योतिषाचार्य ने बताया कि आज के दिन लंबे समय से अटके हुए काम पूरे हो सकते हैं. उन्होंने बताया कि आज धनु राशि से तीसरे भाव में राहु की मौजूदगी रहने वाली है. जिस कारण आज आपको अचानक लाभ हो सकता है. ज्योतिषाचार्य ने बताया कि आज आपको किसी भी तरह के जोखिम भरे निवेश से बचना चाहिए. भावनाओं में आकर लिया गया फैसला आपको नुकसान करा सकता है. आज परिवार की सुख-सुविधाओं और घरेलू जरूरतों पर खर्च बढ़ने की संभावना है. इसलिए आर्थिक मामलों में संतुलन बनाकर चलना जरूरी रहेगा. करियर के लिहाज से अच्छा रहेगा दिनज्योतिषाचार्य ने बताया कि करियर और व्यवसाय के लिहाज से आज का दिन काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. नौकरीपेशा लोगों को आज नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं. बिजनेस में पार्टनरशिप से जुड़े मामलों में सावधानी रखने की जरूरत है. सहयोगियों पर आंख बंद कर भरोसा करने से बचें. अत्यधिक काम के कारण थकान और मानसिक बेचैनी महसूस हो सकती है. पारिवारिक जीवन में रखें संयमज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि पारिवारिक और वैवाहिक जीवन में थोड़ा संयम रखने की जरूरत है. आज करीबियों के साथ मतभेद बढ़ सकते हैं और परिजनों की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है. प्रेम संबंधों में उतार-चढ़ाव रहेगा, लेकिन अविवाहित लोगों के लिए विवाह प्रस्ताव आ सकते हैं. सेहत के मामले में खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. आज कोई पुरानी बीमारी आपको परेशान कर सकती है. उन्होंने बताया कि धनु राशि के जातकों को आज गणेश जी को दुर्वा अर्पित करनी चाहिए. इससे बाधाएं दूर होंगी और मानसिक तनाव कम होगा. आज का शुभ अंक 9 और शुभ रंग पीला रहेगा. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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aaj ka Vrishchik rashifal 22 may 2026 Scorpio horoscope in hindi protective...

Last Updated:May 22, 2026, 00:05 IST Aaj ka Vrishchik Rashifal 22 may 2026: वृश्चिक राशि के जातकों के लिए आज सितारे एक बेहद अनोखा संकेत दे रहे हैं. अमूमन कामों में देरी से लोग परेशान होते हैं, लेकिन आज आपके रुके हुए या देर से पूरे होने वाले काम ही आपको किसी बड़े आर्थिक नुकसान से बचाएंगे. ज्योतिषीय सलाह के अनुसार करियर और धन के मामलों में बेहद संयम बरतने और जल्दबाजी से बचने की जरूरत है. व्यवहार में लचीलापन लाएं, बैकअप प्लान तैयार रखें. जानें राशिफल. सीतामढ़ी: वृश्चिक राशि के जातकों के लिए आज का दिन एक बेहद अनोखा और आंखें खोलने वाला संदेश लेकर आया है. आज आपके जीवन में जो भी काम अचानक रुकेगा या जिस भी योजना में देरी होगी. वही वास्तव में आपको किसी बड़े नुकसान से बचाएगी. सुबह के समय किसी महत्वपूर्ण कार्य में अप्रत्याशित रूप से विलंब हो सकता है या आपका पहले से तय कोई प्लान अचानक बदल सकता है. शुरुआती पलों में आपको इससे थोड़ी चिड़चिड़ाहट या मानसिक परेशानी महसूस हो सकती है, लेकिन दिन ढलने के साथ आपको खुद इस बात का अहसास होगा कि जो कुछ भी हुआ, वह आपके अच्छे के लिए ही था. आज का मूल मंत्र यही है कि हर रुकावट को नकारात्मक दृष्टिकोण से न देखें, क्योंकि कभी-कभी कॉस्मिक एनर्जी हमें सुरक्षित रखने के लिए ही हमारे रास्ते धीमे कर देती है. कार्यक्षेत्र में लचीलापन और विशेष सलाहकरियर और कार्यक्षेत्र की बात करें तो आज आपको अत्यधिक सतर्कता और सूझबूझ से काम लेने की आवश्यकता है. ज्योतिषाचार्य रूपेश चौबे का कहना है कि आज के दिन वृश्चिक राशि वालों के लिए एक मजबूत ‘बैकअप प्लान’ रखना बेहद जरूरी है. यदि आप किसी एक ही योजना के भरोसे बैठे रहेंगे, तो रुकावट आने पर आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है. आज जो लोग अपने व्यवहार में लचीलापन रखेंगे और परिस्थितियों के हिसाब से खुद को ढाल लेंगे. वही कार्यस्थल पर कोई स्मार्ट मूव चल पाएंगे. सहकर्मियों के साथ तालमेल बनाए रखें और योजनाओं को लेकर अड़ियल रवैया अपनाने से बचें. आर्थिक मामलों में बरतें सावधानी, जल्दबाजी में भुगतान से बचेंधन और निवेश के दृष्टिकोण से आज का दिन किसी भी तरह के बड़े फैसले के लिए अनुकूल नहीं है. आज पैसों के लेन-देन में जल्दबाजी करना आपको भारी पड़ सकता है, इसलिए किसी भी प्रकार का पेमेंट, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन या नई बुकिंग करने से पहले थोड़ा रुकें. आज जल्दबाजी में किए गए निवेश या खर्चे फंस सकते हैं, इसलिए थोड़ा इंतजार करना और बाजार की स्थिति को भांपना आपके लिए कहीं बेहतर रहेगा. वहीं दूसरी ओर अगर हम निजी रिश्तों और पारिवारिक जीवन की बात करें, तो आज आपकी ‘खामोशी’ किसी भी बहस से ज्यादा शक्तिशाली साबित होगी. अगर किसी बात पर मतभेद की स्थिति बनती भी है, तो चुप रहकर आप स्थिति को बिगड़ने से संभाल सकते हैं. कॉस्मिक सिग्नल, लकी फैक्टर्स और आज का अचूक उपायआज के दिन को अपने पक्ष में करने के लिए ब्रह्मांड आपको कुछ विशेष संकेत दे रहा है. आज के लिए आपका भाग्यशाली अंक 7 है और आपका भाग्यशाली रंग सिल्वर यानी चांदी जैसा चमकीला रंग है, जो आपके मानसिक संतुलन को बनाए रखेगा. आज की एनर्जी रेमेडी के रूप में आपको अपने कमरे या कार्यस्थल से कोई भी एक बेकार, टूटी-फूटी या अनुपयोगी चीज तुरंत हटा देनी चाहिए. ऐसा करने से आपके जीवन में रुकी हुई नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकल जाएगी और सकारात्मकता का संचार होगा. अंत में यही बात ध्यान रखने योग्य है कि आज जो काम रुक गया. वह शायद आपके भविष्य के लिए सही नहीं था, इसलिए ब्रह्मांड के इस फैसले को सहर्ष स्वीकार करें. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sitamarhi,Bihar Source link

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Super El Nino Effect | Super El Nino Heatwave | Heatwave alert...

Super El Nino Monsoon Heatwave Effect: मई की शुरुआत में सबको लगने लगा था कि अब क्या अब तो गर्मी का द एंड ही चल रहा है. मगर, प्रकृति कुछ और ही पटकथा लिख रही थी. ये पटकथा भारत से हजारों किलोमीटर दूर लिखी जा रही थी. कहानी दक्षिण अमेरिका के दक्षिणी तट पर डेवलप होने वाली गर्म हवा एल नीनो की थी. मगर इस साल ये सुपर रूप लेकर आ रही है यानी कि भीषण गर्मी, लू और कमजोर बारिश की 140 सालों की रिकॉर्ड टूटने वाली है. जी हां, हम बात कर रहे हैं ‘सुपर एल नीनो’ की. मौसम वैज्ञानिकों ने तो अब से ही डराने वाले भविष्यवाणी करने लगे हैं. देश एक बार फिर भीषण गर्मी, जानलेवा लू और कमजोर मानसून के खतरनाक दौर में प्रवेश करने जा रहा है. इस भयानक मौसमी बदलाव की सबसे बड़ी वजह एक समुद्री दैत्य बन सकता है, जिसे विज्ञान की भाषा में ‘सुपर एल नीनो’ (Super El Nino) कहा जाता है. अंतरराष्ट्रीय मौसम एजेंसियों और दुनिया भर के वैज्ञानिकों की ताजा रिपोर्ट्स ने खतरे की बड़ी घंटी बजा दी है. चेतावनी दी गई है कि साल 2026 में बनने वाला एल नीनो पिछले 140 वर्षों के इतिहास में सबसे ज्यादा ताकतवर और विनाशकारी साबित हो सकता है. विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने भी स्पष्ट कर दिया है कि मई से जुलाई 2026 के बीच इस सुपर एल नीनो के पूरी तरह से सक्रिय होने की प्रबल संभावना है. सुपर एल नीनो विनाशकारी साबित हो सकता है. क्या बला है यह ‘सुपर एल नीनो’? आसान भाषा में समझें तो जब प्रशांत महासागर की सतह का तापमान सामान्य से काफी ज्यादा गर्म हो जाता है, तो इस मौसमी घटना को एल नीनो कहा जाता है. लेकिन, जब यह तापमान 2 डिग्री सेल्सियस से भी अधिक ऊपर चला जाए, तो यह एक खूंखार ‘सुपर एल नीनो’ का रूप ले लेता है. वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस बार प्रशांत महासागर में जो वार्मिंग पैटर्न दिख रहा है, वह पिछले 40 वर्षों में सबसे ज्यादा असामान्य है. इंडोनेशिया और अमेरिका के तटों के पास समुद्र में भारी गर्मी जमा हो गई है, जिसने एक खतरनाक वार्मिंग रिंग बना दी है. भारत पर क्या होगा इस दैत्य का असर? इस मौसमी बदलाव का सबसे पहला असर भीषण गर्मी के रूप में दिखेगा. भारतीय मौसम विभाग (IMD) पहले ही कई राज्यों में भयंकर लू का अलर्ट जारी कर चुका है. इसी साल अप्रैल में यूपी के बांदा में पारा 47.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था. विशेषज्ञों की मानें तो आने वाले हफ्तों में सिर्फ दिन ही नहीं, बल्कि रातें भी झुलसाने वाली होंगी. इसके अलावा, IMD के अनुसार इस साल मानसून सामान्य से काफी कमजोर रह सकता है. जहां देश में औसतन 870 मिमी बारिश होती है, वहीं इस बार इसके गिरकर 800 मिमी तक रहने का ही अनुमान है. मानसून के फेल होने का खतरा भी इस बार सामान्य से दोगुना बताया जा रहा है. खेती और आपकी जेब पर पड़ेगी तगड़ी मार कमजोर मानसून का सबसे सीधा और विनाशकारी असर भारत की खेती पर पड़ेगा, क्योंकि देश के करीब 60 प्रतिशत किसान आज भी सिंचाई के लिए बारिश पर ही निर्भर हैं. मानसून कमजोर होने से धान, दाल और गन्ने जैसी प्रमुख फसलों की पैदावार बुरी तरह घट सकती है. जब बाजार में अनाज कम होगा, तो जाहिर सी बात है कि खाद्य पदार्थों की कीमतें आसमान छुएंगी और आम आदमी पर महंगाई की तगड़ी मार पड़ेगी. विशेषज्ञों के अनुसार, राजस्थान, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में सूखे और लू का सबसे ज्यादा खतरा है. सूरज की ताप में अभी और तपेगी धरती. पूरा एशिया झेलेगा तबाही सुपर एल नीनो का यह कहर सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहेगा. इससे ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया में भी भीषण सूखे की आशंका है. मौसम जानकारों का कहना है कि 1997-98 और 2015-16 जैसी मौसमी तबाही दुनिया में एक बार फिर देखने को मिल सकती है. सुपर एल नीनो क्या होता है? जब प्रशांत महासागर की सतह का तापमान अपने सामान्य स्तर से 2 डिग्री सेल्सियस से अधिक बढ़ जाता है, तो उस खतरनाक मौसमी स्थिति को ‘सुपर एल नीनो’ कहा जाता है. सुपर एल नीनो का भारत के मानसून पर क्या असर पड़ेगा? आईएमडी (IMD) के अनुसार, सुपर एल नीनो के कारण इस साल भारत में मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है और औसत बारिश 870 मिमी की जगह गिरकर सिर्फ 800 मिमी होने का अनुमान है. कमजोर मानसून का आम आदमी पर क्या प्रभाव पड़ेगा? कमजोर मानसून के कारण धान और दाल जैसी फसलों की पैदावार घटेगी, जिससे बाजार में खाद्य पदार्थों की कमी होगी और आम आदमी को भारी महंगाई का सामना करना पड़ेगा. भारत के किन राज्यों में सूखे और लू का सबसे ज्यादा खतरा है? मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, इस साल राजस्थान, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भीषण सूखे और लू का सबसे अधिक खतरा मंडरा रहा है. Source link

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aaj ka Kanya rashifal 22 May 2026 Virgo horoscope in hindi today...

Last Updated:May 22, 2026, 00:16 IST Aaj ka Kanya Rashifal 22 May 2026: कन्या राशि के जातकों के लिए आज का दिन खुशियों की सौगात लेकर आया है. सितारों की चाल बता रही है कि आज आप जिस भी काम में हाथ डालेंगे, उसमें सफलता मिलने के प्रबल योग हैं. नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों के लिए धन लाभ की स्थितियां बन रही हैं. वहीं निवेश के लिहाज से भी दिन बेहद मुनाफेदार साबित हो सकता है. पारिवारिक मोर्चे पर लंबे समय से चल रहे मनमुटाव खत्म होंगे. जानें राशिफल. देवघर: आज का दिन कन्या राशि वालों के लिए बेहद खास और खुशियां लेकर आने वाला माना जा रहा है. ऋषिकेश पंचांग के अनुसार आज ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि, मघा नक्षत्र और ध्रुव योग का संयोग बन रहा है, जिसका सकारात्मक प्रभाव कन्या राशि के जातकों पर देखने को मिलेगा. चन्द्रमा का कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करना भी आपके लिए शुभ संकेत दे रहा है. लंबे समय से जिन कामों को लेकर मन में चिंता चल रही थी, आज उनमें राहत मिलने की संभावना है. मन में उत्साह बना रहेगा और आत्मविश्वास पहले से काफी ज्यादा मजबूत होगा. आज आप जो भी कार्य पूरी मेहनत और लगन से करेंगे उसमें सफलता मिलने के योग बन रहे हैं. आज व्यापार के मामले मे दिन रहेगा शानदार कार्यक्षेत्र और व्यापार के मामले में आज का दिन शानदार रहने वाला है. नौकरी करने वाले लोगों को ऑफिस में सम्मान मिल सकता है. आपके काम की तारीफ होगी और अधिकारी भी आपके प्रदर्शन से खुश नजर आएंगे. जो लोग नया व्यापार शुरू करने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए समय काफी अनुकूल माना जा रहा है. अगर आप किसी नए काम की शुरुआत करना चाहते हैं तो आज का दिन शुभ साबित हो सकता है. व्यापार में ग्राहकों की संख्या बढ़ेगी और रुका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना भी बन रही है. कारोबार में मुनाफा होने से मन प्रसन्न रहेगा और आर्थिक स्थिति पहले से मजबूत होगी. शेयर बाजार मे जमीन इत्यादि मामलो मे कर सकते है धन निवेशधन और निवेश के मामले में भी आज कन्या राशि वालों को लाभ मिलने के संकेत दिखाई दे रहे हैं. शेयर बाजार, जमीन, मकान या प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में फायदा हो सकता है. अगर आप लंबे समय से किसी निवेश की योजना बना रहे थे तो सोच-समझकर कदम उठाने पर अच्छा लाभ मिल सकता है. अचानक धन प्राप्ति के योग भी बन रहे हैं. परिवार की जरूरतों को आसानी से पूरा कर पाएंगे और खर्चों के बावजूद आर्थिक संतुलन बना रहेगा. आज चारों तरफ से आमदनी के रास्ते खुल सकते हैं जिससे मन में संतोष बना रहेगा. परिवार के समय में अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगापारिवारिक जीवन भी सुखद रहने वाला है. घर का माहौल खुशनुमा रहेगा और परिवार के लोगों के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा. माता-पिता का सहयोग मिलेगा और जीवनसाथी के साथ संबंधों में मधुरता बनी रहेगी. किसी पुराने विवाद का समाधान भी निकल सकता है. रिश्तेदारों से शुभ समाचार मिलने की संभावना है जिससे घर में खुशी का माहौल रहेगा. मित्रों के साथ भी समय अच्छा बीतेगा और सामाजिक मान-सम्मान में वृद्धि हो सकती है. रोजी रोजगार की तलाश पूरी होगीछात्रों और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए आज का दिन सकारात्मक रहने वाला है. पढ़ाई में मन लगेगा और कठिन विषय भी आसानी से समझ में आने लगेंगे. जो विद्यार्थी नौकरी या रोजी-रोजगार की तलाश कर रहे हैं, उन्हें आज कोई अच्छी खबर मिल सकती है. इंटरव्यू या परीक्षा में सफलता के योग बन रहे हैं. मेहनत का पूरा फल मिलने से आत्मविश्वास और बढ़ेगा. कुल मिलाकर आज का दिन कन्या राशि वालों के लिए तरक्की, धन लाभ और सफलता से भरा रहने वाला है. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Deoghar,Jharkhand Source link

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S-400 Missile | S-400 Missile Use | एयरबेस, नेवल बेस, रिफाइनरी… जहां...

S-400 Missile Uses: पूरी दुनिया में जंग का दौर जारी है. ईरान-अमेरिका, रूस-यूक्रेन, इजरायल-गाजा… पश्चिम जारी जंग को देखते हुए पूरी दुनिया अपनी डिफेंस सिस्टम मजबूत करने में जुटी हुई है. इन सभी जंग के दौर में रूसी मेड एयर डिफेंस सिस्टम S-400 ट्रायम्फ ने अपना जलवा और ताकत का एहसास करा दिया है. ये डिफेंस सिस्टम बॉर्डर पर दुश्मनों के हमलों को नेस्तनाबूद करने के अलावे नेवल बेस पर रक्षा करती है. लेकिन, क्या आपको पता है कि इस डिफेंस सिस्टम का दूसरे सेक्टर में इस्तेमाल हो सकता है? कई ऐसे सेक्टर हैं, जहां कि ये आसमानी ब्रह्मास्त्र रक्षा कर सकता है. आधुनिक युद्धनीति में हवाई सुरक्षा किसी भी देश की रीढ़ होती है. दुनिया में जब भी सबसे खतरनाक और अचूक एयर डिफेंस सिस्टम की बात आती है, तो रूस में निर्मित ‘S-400 ट्रायम्फ’ सबसे ऊपर दिखता है. ये कोई साधारण मिसाइल नहीं है, बल्कि रडार, कमांड सेंटर और कई तरह की मिसाइलों का एक चलता-फिरता अभेद्य किला है. कई मौके पर ये साबित कर चुका है कि ये किस प्रकार अभेद्य किला है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तो इसने कई बार साबित कर दिया था. कई सेक्टर्स में एस-400 डिफेंस सिस्टम अचूक रक्षक साबित हो सकता है. लॉन्ग-रेंज स्ट्रेटेजिक डिफेंस है एस-400 स्वदेशी ‘आकाश’ मिसाइल सिस्टम जहां शॉर्ट से मीडियम रेंज की हवाई सुरक्षा के लिए एक बेहतरीन ढाल है, वहीं S-400 बहुत बड़े भौगोलिक क्षेत्र (लॉन्ग-रेंज स्ट्रेटेजिक डिफेंस) को सुरक्षित करने का काम करता है. आइए समझते हैं कि रक्षा और सामरिक दृष्टिकोण से S-400 का इस्तेमाल किन-किन सेक्टर्स (क्षेत्रों) में किया जा सकता है. सीमा सुरक्षा और ‘एंटी-एक्सेस/एरिया डिनायल’ सेक्टर S-400 का सबसे मुख्य इस्तेमाल बॉर्डर या विवादित सीमाओं पर ‘एंटी-एक्सेस/एरिया डिनायल’ (A2/AD) ज़ोन बनाने के लिए किया जाता है. इसका मतलब है कि दुश्मन के विमानों के लिए एक ऐसा “नो-फ्लाई ज़ोन” तैयार करना, जहां उनका घुसना नामुमकिन हो. फाइटर जेट्स का खात्मा: मिग-29 (MiG-29) या सुखोई जैसे फाइटर जेट्स को आधुनिक तकनीक से अपग्रेड करके भले ही उनकी ताकत कितनी भी बढ़ा ली जाए, या दुश्मन के पास F-35 जैसे स्टील्थ (रडार से बचने वाले) लड़ाकू विमान हों, S-400 का ताकतवर रडार उन्हें 400 किलोमीटर दूर से ही ट्रैक कर सकता है. AWACS और सपोर्ट एयरक्राफ्ट को रोकने में: दुश्मन की हवाई ताकत केवल फाइटर जेट्स पर निर्भर नहीं होती, बल्कि उन्हें कमांड देने वाले AWACS (हवाई रडार सिस्टम) और रिफ्यूलिंग विमानों पर टिकी होती है. S-400 अपनी सबसे लंबी रेंज की मिसाइल से दुश्मन के इन बड़े और अहम विमानों को सीमा पार करने से पहले ही मार गिराता है. बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइल डिफेंस सेक्टर आज के दौर में हवाई हमले केवल विमानों से नहीं, बल्कि घातक बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों से होते हैं. आधुनिक मिसाइलों को रोकना: ईरान की ‘खैबर शेकन’ (Kheibar Shekan) जैसी आधुनिक बैलिस्टिक मिसाइलें अपनी तेज गति और रडार को चकमा देने की क्षमता के लिए जानी जाती हैं. S-400 सिस्टम खास तौर पर ऐसे हाई-स्पीड, ऊंचाई से गिरने वाले लक्ष्यों को इंटरसेप्ट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है. बहु-स्तरीय सुरक्षा: इस सिस्टम में 4 अलग-अलग रेंज (40 किमी, 120 किमी, 250 किमी और 400 किमी) की मिसाइलें तैनात की जाती हैं. अगर दुश्मन की क्रूज मिसाइल पहली लेयर को पार भी कर ले, तो दूसरी या तीसरी लेयर की मिसाइलें उसे हवा में ही राख कर देती हैं. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तो इसने कई बार साबित कर दिया था. नौसैन्य नेवल और तटीय ढांचे की सुरक्षा समुद्री सीमाओं और नौसैनिक बेड़ों की सुरक्षा किसी भी देश की अर्थव्यवस्था और सामरिक ताकत के लिए बेहद जरूरी है. आधुनिक नेवल इक्विपमेंट और युद्धपोतों को आसमान से होने वाले हमलों का सबसे ज्यादा खतरा रहता है. नेवल बेस और बंदरगाहों की रक्षा: S-400 सिस्टम को तटीय इलाकों में तैनात करके देश के प्रमुख नेवल बेस, डॉकयार्ड और समुद्री तटों को दुश्मन के हवाई हमलों और एंटी-शिप मिसाइलों से बचाया जा सकता है. कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को कवर देना: किसी बड़े नौसैन्य ऑपरेशन के दौरान, S-400 जमीन से ही समुद्र में मौजूद अपने युद्धपोतों और पनडुब्बियों के ऊपर एक सुरक्षा छतरी (Umbrella) प्रदान कर सकता है. रणनीतिक और महत्वपूर्ण संपत्तियों की सुरक्षा युद्ध के समय दुश्मन का सबसे पहला लक्ष्य देश की महत्वपूर्ण संपत्तियों को नष्ट करके सरकार और सेना को पंगु बनाना होता है. S-400 का इस्तेमाल इन क्रिटिकल सेक्टर्स को ‘आयरन डोम’ जैसी सुरक्षा देने के लिए होता है. परमाणु ऊर्जा संयंत्र: न्यूक्लियर प्लांट्स पर होने वाला कोई भी हवाई हमला पूरे देश के लिए विनाशकारी हो सकता है. S-400 को इन प्लांट्स की सुरक्षा के लिए पहली पंक्ति के तौर पर तैनात किया जाता है. राजधानी और कमांड सेंटर: देश की संसद, राष्ट्रपति भवन, सैन्य मुख्यालयों और अहम औद्योगिक शहरों को सुरक्षित रखने के लिए S-400 अचूक है. इसका रडार एक साथ 300 लक्ष्यों को ट्रैक कर सकता है और 80 लक्ष्यों पर एक साथ मिसाइलें दाग सकता है. इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और ड्रोन डिफेंस सेक्टर एंटी-जैमिंग क्षमता: जब दुश्मन इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर (EW) का इस्तेमाल करके रडार को जैम (Jam) करने की कोशिश करता है, तब भी S-400 काम करता रहता है. इसका रडार सिस्टम बहुत ही एडवांस है जो भारी इलेक्ट्रॉनिक हमले के बीच भी अपने लक्ष्य को ढूंढ निकालता है. ड्रोन स्वार्म से निपटना: यद्यपि छोटे ड्रोन्स को मार गिराने के लिए S-400 की महंगी मिसाइलों का इस्तेमाल करना आर्थिक रूप से सही नहीं है, लेकिन दुश्मन के बड़े कॉम्बैट ड्रोन (UCAV) को नष्ट करने में यह सिस्टम बेजोड़ है. S-400 सिस्टम का सीमा सुरक्षा में सबसे मुख्य इस्तेमाल क्या है? सीमाओं पर S-400 का मुख्य इस्तेमाल ‘एंटी-एक्सेस/एरिया डिनायल’ (A2/AD) ज़ोन बनाने के लिए होता है. यह दुश्मन के विमानों के लिए एक ऐसा ‘नो-फ्लाई जोन’ तैयार करता है, जिससे उनकी सीमा में घुसपैठ करना लगभग नामुमकिन हो जाता है. S-400 बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों से कैसे रक्षा करता है? यह सिस्टम हाई-स्पीड और ऊंचाई से गिरने वाले लक्ष्यों को रोकने के लिए डिज़ाइन किया गया है. इसमें 4 अलग-अलग रेंज (40, 120, 250 और 400 किमी) की मिसाइलें तैनात होती हैं, जो दुश्मन की मिसाइल को हवा में ही कई लेयर पर नष्ट कर देती हैं. नौसैन्य सुरक्षा में S-400 की क्या

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PM मोदी की 4.5 घंटे मैराथन मीटिंग: मंत्रियों को मैसेज- पेंड‍िंग काम...

होमताजा खबरदेश PM मोदी की 4.5 घंटे मैराथन मीटिंग: मंत्रियों को मैसेज- पेंड‍िंग काम खत्म कीजिए Agency:एजेंसियां Last Updated:May 21, 2026, 22:42 IST प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में केंद्रीय मंत्रिपरिषद की एक मैराथन बैठक की अध्यक्षता की, जो करीब साढ़े चार घंटे तक चली. बैठक में विभिन्न मंत्रालयों के कामकाज की समीक्षा की गई और लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने पर जोर दिया गया. पीएम मोदी ने मंत्रियों को साफ निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए और जनता तक लाभ समय पर पहुंचाया जाए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैब‍िनेट सहयोग‍ियों के साथ चर्चा की. नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को केंद्रीय मंत्रिपरिषद की एक लंबी और अहम बैठक की अध्यक्षता की. यह बैठक नई दिल्ली के भारत मंडपम में हुई और करीब साढ़े चार घंटे तक चली. बैठक में पीएम मोदी ने मंत्रियों को साफ संदेश दिया कि सरकार के सभी पेंड‍िंग काम जल्द से जल्द पूरे किए जाएं और कामकाज में तेजी लाई जाए. बैठक शाम 5 बजे शुरू हुई और देर रात तक चली. इसमें सभी प्रमुख मंत्रालयों के कामकाज की समीक्षा की गई. पीएम मोदी ने अलग-अलग विभागों की प्रगति रिपोर्ट ली और जिन क्षेत्रों में देरी हो रही है, वहां तुरंत सुधार के निर्देश दिए. सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी ने कहा कि सरकार की योजनाओं का फायदा समय पर जनता तक पहुंचना चाहिए. उन्होंने यह भी साफ किया कि किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी और हर मंत्री को अपने विभाग के कामों की नियमित निगरानी करनी होगी. मीटिंग का वक्‍त खास यह बैठक ऐसे समय पर हुई है जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता बढ़ रही है. पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं. इसका सीधा असर भारत पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि देश अपनी करीब 85% तेल जरूरत आयात से पूरी करता है. तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से देश में महंगाई बढ़ने का खतरा भी बताया जा रहा है. इससे पेट्रोल-डीजल के दाम, ट्रांसपोर्ट खर्च और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर असर पड़ सकता है. पहले की अपील प्रधानमंत्री मोदी पहले भी लोगों से अपील कर चुके हैं कि वे ईंधन का समझदारी से इस्तेमाल करें, सोने की खरीद सीमित करें और विदेश यात्रा पर खर्च को लेकर सतर्क रहें. सरकार का मानना है कि मौजूदा वैश्विक हालात में आर्थिक अनुशासन बेहद जरूरी है. इस मैराथन बैठक को सरकार के कामकाज में तेजी और नीतियों के बेहतर क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. About the Author Gyanendra Mishra Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi Source link

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bihar first solar village model sitamarhi lachhua zero electricity bill 75 percent...

Last Updated:May 21, 2026, 21:40 IST Solar Village In Bihar: बिहार के सीतामढ़ी जिले का एक छोटा सा गांव लछुआ आज पूरे देश के लिए रोल मॉडल बन चुका है. इस गांव की करीब 75 फीसदी आबादी ने पारंपरिक बिजली को अलविदा कहकर सौर ऊर्जा (Solar Energy) को अपना लिया है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह हुआ है कि गांव के कई घरों का मासिक बिजली बिल अब पूरी तरह शून्य हो गया है. सरकारी योजनाओं और सब्सिडी के बेहतर तालमेल से गांव में यह हरित क्रांति आई है. अब पंचायत का लक्ष्य गांव के हर एक घर को सोलर कनेक्शन से जोड़कर इसे शत-प्रतिशत आत्मनिर्भर बनाने का है. सीतामढ़ी: जिले का महुआबा पंचायत के अंतर्गत आने वाला लछुआ गांव आज ग्रामीण आत्मनिर्भरता और नवीकरणीय ऊर्जा की एक नई मिसाल पेश कर रहा है. विकास की इस दौड़ में लछुआ गांव ने पारंपरिक बिजली ग्रिड पर अपनी निर्भरता को बेहद कम कर दिया है. आज इस गांव की लगभग 75 प्रतिशत आबादी अपनी रोजमर्रा की बिजली जरूरतों के लिए पूरी तरह से सोलर सिस्टम (सौर ऊर्जा) का इस्तेमाल कर रही है. गांव के अधिकांश घरों की छतों पर चमकते सोलर पैनल इस बात का प्रमाण हैं कि ग्रामीण अब पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ ऊर्जा को अपना रहे हैं. यह बदलाव न केवल पर्यावरण के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है, बल्कि ग्रामीणों के जीवन स्तर में भी बड़ा सुधार ला रहा है. बिजली बिल से मिली बड़ी राहत, जेब का बोझ हुआ कमइस बेहतरीन और आधुनिक बदलाव का सबसे सीधा और सकारात्मक असर ग्रामीणों की जेब पर देखने को मिल रहा है. सोलर पैनल अपनाने के बाद यहां के अधिकांश घरों का मासिक बिजली बिल घटकर मात्र 100 से 150 रुपये तक सिमट गया है. स्थानीय ग्रामीण कृष्णनंदन कुमार और राम इकबाल महतो बताते हैं कि पहले बिजली कटने की बड़ी समस्या थी, लेकिन अब सोलर की वजह से 24 घंटे लाइट रहती है. ग्रामीण बताते हैं कि बिजली बिल अब नाममात्र का आता है. कई गरीब व बीपीएल (BPL) परिवारों का बिल तो अब बिल्कुल शून्य (0) आने लगा है. सौर ऊर्जा से मिल रही इस बड़ी वित्तीय राहत के कारण पूरा गांव बेहद खुश और उत्साहित है. स्थानीय प्रशासन की पहल और सरकारी योजनाओं का मिला साथलछुआ गांव को ‘सोलर विलेज’ बनाने में स्थानीय मुखिया संजीव भूषण और पंचायत प्रशासन की भूमिका बेहद सराहनीय रही है. मुखिया के सहयोग से पंचायत के करीब 70 प्रतिशत घरों में सोलर प्लेट्स लगाई जा चुकी हैं. इसके अलावा गांव की सुरक्षा और रोशनी के लिए 17 प्रमुख सार्वजनिक जगहों पर 150 से अधिक सोलर लाइटें और सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं. महुअवा पंचायत के मुखिया संजीव भूषण ने बताया कि वर्तमान में ‘पीएम सूर्य घर योजना’ के तहत लगभग 95 नए आवेदन स्वीकृत हैं. स्कूल की इमारतों पर भी सोलर प्लांट लगाए जा रहे हैं. सरकार द्वारा विभिन्न वर्गों को दी जा रही सब्सिडी इस मुहिम को और तेज कर रही है. भविष्य का लक्ष्य और आत्मनिर्भरता की नई ‘सौर क्रांति’लछुआ गांव में शुरू हुई यह सौर क्रांति अब थमने वाली नहीं है, बल्कि इसका दायरा और तेजी से बढ़ने वाला है. गांव के लोग अब सोलर पावर का इस्तेमाल न केवल रोशनी के लिए, बल्कि इंडक्शन चूल्हों पर खाना पकाने के लिए भी कर रहे हैं. पंचायत प्रशासन का आगामी लक्ष्य गांव के शत-प्रतिशत घरों को इस योजना से जोड़ना है, जिसके तहत आने वाले समय में 85% के लक्ष्य को पूरा करते हुए लगभग 700 घरों में सीधे सोलर बिजली का उत्पादन सुनिश्चित किया जाएगा. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sitamarhi,Bihar Source link

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समंदर से सुकून तक… जंग के बीच 3,300 से ज्यादा अपनों को...

होमताजा खबरदेश समंदर से सुकून तक… जंग के बीच 3,300 से ज्यादा अपनों को सुरक्षित बचा लाया भारत Agency:एजेंसियां Last Updated:May 21, 2026, 20:38 IST वेस्ट एशिया में युद्ध जैसे हालात, समुद्री रास्तों पर खतरा और पूरी दुनिया में ईंधन सप्लाई को लेकर बढ़ती चिंता के बीच भारत ने बड़ा भरोसा दिखाया है. सरकार ने न सिर्फ 3,300 से ज्यादा भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी कराई, बल्कि यह भी साफ कर दिया कि देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कोई कमी नहीं है. संकट के बीच भारत का यह मैरिटाइम और सप्लाई मैनेजमेंट अब उसकी बड़ी ताकत बनकर सामने आया है. जंग के बीच से अपनों को बचा लाया भारत. भारत ने बड़ी कामयाबी हास‍िल की है. सेंट्रल पोर्ट म‍िन‍िस्‍ट्री ने गुरुवार को बताया कि क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और अब तक 3,300 से ज्यादा भारतीयों को सफलतापूर्वक स्वदेश वापस लाया जा चुका है. इनमें सिर्फ पिछले 72 घंटों में 99 नाविकों की सुरक्षित वापसी शामिल है. मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगला ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि पिछले तीन दिनों में किसी भी भारतीय-ध्वज वाले जहाज या भारतीय क्रू वाले विदेशी जहाज से जुड़ी कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है. यह स्थिति ऐसे समय में राहत देने वाली है जब क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव के कारण समुद्री गतिविधियों पर लगातार दबाव बना हुआ है. सरकार के मुताबिक, हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और संकट के दौरान प्राप्त संचार की मात्रा भी बेहद अधिक रही है. पिछले 72 घंटों में मंत्रालय को 404 कॉल और 903 ईमेल प्राप्त हुए, जिनका त्वरित समाधान किया गया. यह दिखाता है कि संकट की स्थिति में भी भारत का मैरिटाइम मैनेजमेंट सिस्टम सक्रिय और जवाबदेह तरीके से काम कर रहा है. क्रू की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता मुकेश मंगला ने यह भी बताया कि वर्तमान में 13 भारतीय-ध्वज वाले जहाज और एक भारतीय स्वामित्व वाला जहाज इस पूरे क्षेत्र में ऑपरेशन में हैं. इन जहाजों के लिए भोजन, ईंधन और जरूरी आपूर्ति की व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार नजदीकी बंदरगाहों के जरिए की जा रही है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में क्रू की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. सबसे अहम बात यह रही कि भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे संवेदनशील समुद्री मार्ग से जहाजों को भेजने पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. सरकार विदेश मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क में है और हालात अनुकूल होने पर ही आगे की रणनीति बनाई जाएगी. शिपिंग रूट बाधित यह पूरा घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब पश्चिम एशिया में 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष ने वैश्विक समुद्री व्यापार को प्रभावित किया है. इस टकराव के कारण कई जगहों पर शिपिंग रूट बाधित हुए और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लगभग ब्लॉकेड जैसी स्थिति बन गई थी. हालांकि अब अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की प्रक्रिया शुरू होने से हालात में धीरे-धीरे सुधार की उम्मीद जताई जा रही है. ईंधन आपूर्ति पूरी तरह स्थिरभारत के लिए राहत की बात यह भी है कि समुद्री संकट के बावजूद देश में ईंधन आपूर्ति पूरी तरह स्थिर बनी हुई है. सरकारी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक देशभर में उपलब्ध है और किसी भी तरह की कमी की आशंका नहीं है. इसके साथ ही LPG वितरण प्रणाली में भी बड़ा सुधार देखा गया है. अब लगभग 96 प्रतिशत घरेलू LPG सिलेंडर डिलीवरी Authentication Code आधारित सिस्टम से हो रही है, जिससे गैस के दुरुपयोग और अवैध वितरण पर काफी हद तक रोक लगी है. वहीं, MYPNGD.in पोर्टल के जरिए 58,500 से अधिक PNG उपभोक्ताओं ने स्वेच्छा से अपने LPG कनेक्शन सरेंडर किए हैं, जो ऊर्जा वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. About the Author Gyanendra Mishra Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi Source link

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सिंधु नदी का गेम ओवर, अब चेनाब का पानी मोड़ेगा भारत! बना...

नई दिल्ली: सिंधु जल समझौते को होल्ड (In Abeyance) पर रखने के बाद भारत ने चेनाब नदी प्रणाली पर दो बेहद महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का काम तेज कर दिया है. नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन (NHPC) के इन दोनों प्रोजेक्ट्स की कुल लागत लगभग 2,600 करोड़ रुपये है. इसके तहत पहला काम हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में एक बड़ी इंटर-बेसिन वाटर डायवर्जन टनल बनाने का है. दूसरा प्रोजेक्ट जम्मू-कश्मीर के सलाल बांध की परिचालन क्षमता को वापस पाने के लिए गाद प्रबंधन (Sediment Management) से जुड़ा है. ये दोनों प्रोजेक्ट्स भारत के जल अधिकारों के बेहतर इस्तेमाल के लिहाज से गेमचेंजर माने जा रहे हैं. लाहौल-स्पीति में बनने वाली 2,352 करोड़ रुपये की चेनाब-ब्यास लिंक टनल परियोजना क्या है? इस पूरे प्लान में सबसे बड़ा हिस्सा लाहौल-स्पीति में बनने वाली चेनाब-ब्यास लिंक टनल प्रोजेक्ट का है. इस प्रोजेक्ट पर करीब 2,352 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. योजना के तहत लगभग 8.7 किलोमीटर लंबी एक टनल बनाई जाएगी. इस टनल का मुख्य उद्देश्य चेनाब बेसिन के अतिरिक्त पानी को मोड़कर ब्यास नदी प्रणाली में पहुंचाना है. यह प्रोजेक्ट एक बड़े इंटर-बेसिन रिवर-लिंकिंग अभियान का हिस्सा है. पहले फेज में लाहौल घाटी में नदी पर एक 19 मीटर ऊंचा बराज (Barrage) बनाने का भी प्रस्ताव है. इसके जरिए चेनाब की सहायक चंद्रा नदी के पानी को हाइड्रोलिक स्ट्रक्चर और टनल की मदद से ब्यास बेसिन की तरफ डायवर्ट किया जाएगा. यह पूरा इलाका चीन और सामरिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है. सलाल हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट पर 268 करोड़ रुपये की लागत से क्या बदलाव होने जा रहा है? हिमाचल प्रदेश के अलावा जम्मू-कश्मीर में भी चेनाब नदी से जुड़ा एक और अहम प्रोजेक्ट शुरू हुआ है. रियासी जिले में स्थित सलाल हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट पर एनएचपीसी 268 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है. यहां एक नया डायवर्जन-कम-सेडिमेंट बाईपास टनल (गाद निकालने वाली टनल) बनाया जाएगा. दरअसल, पहाड़ों से बहकर आने वाली मिट्टी और मलबे के कारण सलाल बांध के जलाशय में भारी गाद जमा हो चुकी है. एक सर्वे के अनुसार, इस गाद की वजह से सलाल जलाशय की वाटर स्टोरेज क्षमता घटकर सिर्फ 5% रह गई है. गाद जमा होने से बिजली बनाने वाले टर्बाइनों की लाइफ और क्षमता दोनों पर बुरा असर पड़ता है. यह नई टनल जरूरत पड़ने पर पानी को मोड़ने और जलाशय में जमा गाद को बाहर निकालने का काम करेगी. सलाल बांध की पुरानी गलतियों को सुधारने के लिए नई टनल क्यों जरूरी हो गई थी? सलाल बांध के इतिहास में गाद प्रबंधन को लेकर एक बड़ा विवाद रहा है. दशकों पहले जब इस बांध का निर्माण हो रहा था, तब सिंधु जल समझौते के तहत पाकिस्तान की आपत्तियों के बाद बांध के निचले हिस्से में मौजूद स्लुइस (गाद निकालने वाले गेट) को कंक्रीट से बंद कर दिया गया था. भारतीय विशेषज्ञों का हमेशा से मानना था कि इस बदलाव के कारण बांध की गाद साफ करने की क्षमता पूरी तरह खत्म हो गई. अब बनने वाली नई बाईपास टनल इसी पुरानी कमी को दूर करेगी. यह टनल बांध को बिना कोई नुकसान पहुंचाए गाद को बाहर फ्लश करने का रास्ता देगी. इससे सलाल पावर स्टेशन की बिजली उत्पादन क्षमता में भारी सुधार होगा और इंफ्रास्ट्रक्चर की उम्र भी बढ़ जाएगी. चेनाब नदी पर दो अहम प्रोजेक्ट्स का काम शुरू. (Photo made with AI) फैसले की टाइमिंग का रणनीतिक महत्व भी है इन दोनों प्रोजेक्ट्स की टाइमिंग रणनीतिक नजरिए से बहुत मायने रखती है. साल 1960 में हुए सिंधु जल समझौते के तहत भारत को पूर्वी नदियों (रावी, ब्यास, सतलुज) पर पूरा अधिकार मिला था, जबकि पश्चिमी नदियों (सिंधु, झेलम, चेनाब) का पानी पाकिस्तान को दिया गया था. हालांकि, भारत के पास इन पश्चिमी नदियों पर बिना पानी रोके रन-ऑफ-द-रिवर बिजली प्रोजेक्ट बनाने का अधिकार हमेशा से रहा है. पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने इस समझौते को होल्ड पर डालने का कड़ा रुख अपनाया था. अब इन प्रोजेक्ट्स के जरिए भारत यह साफ संदेश दे रहा है कि वह अपने हिस्से के पानी की एक-एक बूंद का पूरा इस्तेमाल करेगा. पानी को मोड़ने और गाद प्रबंधन की इस तैयारी पर पाकिस्तान की भी पैनी नजर बनी हुई है. Source link

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मिथ‍िला एक्‍सप्रेस में आग लगी नहीं लगाने की कोश‍िश हुई, गोधरा दोहराने...

होमताजा खबरदेश मिथ‍िला एक्‍सप्रेस में आग लगी नहीं, गोधरा जैसे आग लगाने की कोश‍िश हुई Last Updated:May 21, 2026, 18:36 IST हावड़ा स्टेशन पर मिथिला एक्सप्रेस में आग लगने की घटना अब एक बड़े सुरक्षा अलर्ट में बदल गई है. रेलवे और सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति को आग जैसी स्थिति पैदा करते हुए देखा गया है, जिससे यह आशंका गहराई है कि यह हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश हो सकती है. पेट्रोल में भीगा कपड़ा मिलने और पीक आवर्स में हुई घटना ने जांच को और गंभीर बना दिया है. मिथ‍िला एक्‍सप्रेस में लगी आग पर रेल मंत्रालय का बड़ा बयान आया है. मिथ‍िला एक्‍सप्रेस में क्‍या आग लगाने की साज‍िश हुई? क्‍या क‍िसी ने गुजरात के गोधरा जैसा कांड करने का प्‍लान रचा था? क्‍योंक‍ि हावड़ा स्टेशन पर खड़ी मिथिला एक्सप्रेस में आग लगने पर रेलवे ने जो खुलासा क‍िया है, वह खौफनाक है. रेल मंत्रालय के अनुसार, यह सिर्फ आग लगने की घटना नहीं बल्कि एक संभावित साजिश भी हो सकती है, क्योंकि जांच के दौरान पेट्रोल में भीगा हुआ आधा जला कपड़ा बरामद हुआ है. इससे यह आशंका जताई जा रही है कि ट्रेन को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई थी. एक सीसीटीवी फुटेज भी एजेंस‍ियों को म‍िला है, जिसमें एक शख्‍स नजर आ रहा है और वह काफी संद‍िग्‍ध है. रेलवे मंत्रालय ने कहा कि हावड़ा स्टेशन पर खड़ी मिथिला एक्सप्रेस के एक कोच में धुआं और आग की सूचना मिलते ही तत्काल जांच शुरू की गई. प्रारंभिक जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद गंभीर हैं. मंत्रालय के मुताबिक, ट्रेन के बाथरूम क्षेत्र से पेट्रोल में भीगा हुआ कपड़ा मिला है, जो आधा जला हुआ था. इससे यह संकेत मिलता है कि आग किसी तकनीकी खराबी से नहीं बल्कि बाहरी हस्तक्षेप से लगी या लगाने की कोशिश की गई. CCTV फुटेज में द‍िखा ‘संद‍िग्‍ध’ सुरक्षा एजेंसियों और आरपीएफ ने हावड़ा स्टेशन के कैब रोड क्षेत्र के पास एक बेहद संदिग्ध गतिविधि सीसीटीवी में कैद होने के बाद बड़े पैमाने पर जांच शुरू कर दी है. फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति को जानबूझकर एक कवर या वस्तु फेंकते हुए देखा गया है, जिसके तुरंत बाद आग और धुएं जैसी स्थिति पैदा हो जाती है. यह घटना पीक यात्री समय के दौरान की गई थी, जिससे अधिकतम अफरा-तफरी और दहशत फैल सके. Security agencies and the Railway Protection Force (RPF) have launched a massive investigation after CCTV footage captured a highly suspicious act at Howrah Station near the cab road area. The footage shows a suspect deliberately throwing a cover/object that immediately led to a… pic.twitter.com/bLaskxkRuN — 🦏 Payal M/પાયલ મેહતા/ पायल मेहता/ পাযেল মেহতা (@payalmehta100) May 21, 2026 Source link

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