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ज्योतिरादित्य सिंधिया ने खोला दरबार, टेलीकॉम मिनिस्‍टर का एक अनूठा प्रयोग

होमताजा खबरदेश ज्योतिरादित्य सिंधिया ने खोला दरबार, टेलीकॉम मिनिस्‍टर का एक अनूठा प्रयोग Last Updated:May 22, 2026, 15:02 IST टेलीकॉम मिनिस्‍टर ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने कार्यालय कुछ ऐसा कायाकल्प किया है कि कर्मचारी भी तारीफ करते नही थक रहे कि ऐसा खुला दरबार नहीं  देखा.आफिस के दरवाजे शीशे के, खिडि़कियां शीशे की, दीवारें शीशे की, जहां मंत्री बैठक करते हैं, सब कुछ. टीम का हाल और मंत्री का मूड बाहर से भी नजर आ सकता है. ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पूरा आफिस कांच का बनवा दिया, जिससे पूरी पारदर्शिता बनी रहे. नई दिल्‍ली. सरकार की पारदर्शिता तो पीएम मोदी सरकार की पहचान बन गयी है. लेकिन इसी पारदर्शिता का एक ऐसा उदाहरण है जो वाकई आम आदमी को अचरज में जरूर डाल देगा.  इस पूरी तरह से पारदर्शी कमरे की तस्वीर को देखिए. शीशे के अंदर बैठे मंत्री क्या कर रहे हैं, वहां से गुजरता हर कर्मचारी और मंत्री से मिलने पहुंचा व्यक्ति देख सकता है. अब कहा तो ये भी जा सकता है कि अंदर बैठे मंत्री बाहर चल रही हर हरकत पर नजर पर रख रहे हैं. आलम ये है कि अगर कोई मिलने वाला बाहर से इशारा भी कर दे तो मंत्री चाहे तो उसे अंदर बुलाकर दो बातें कर सकते हैं. जी हां, हम बात कर हैं संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के संचार भवन के कार्यालय की. संचार मंत्री का पद संभालने के बाद सिंधिया ने अपने इस आफिस कुछ ऐसा कायाकल्प किया है कि कर्मचारी भी तारीफ करते नही थक रहे कि ऐसा खुला दरबार नहीं देखा. संचार मंत्री का पद संभालने का बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया जब संचार मंत्रालय पहुंचे तो इसे चारों तरफ से बंद पाया. संचार मंत्रालय में मंत्री के आफिस स्थित कमरे का आलम ये था कि कहीं से हवा धूप पहुंच ही नहीं पाती थी. ऊपर से कमरे के अंदर ही एक कमरा रेस्ट रूम भी बनाया हुआ था, जो दशकों से चला आ रहा था. चारों तरफ इतने ज्यादा फर्नीचर लगे थे कि खाली स्थान नजर नहीं आता था. ऐसे में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सबसे पहले ये फैसला लिया कि अब कमरा ऐसा बंद कोठरी जैसा नजर नहीं आना चाहिए, जहां न तो धूप आए और न ही हवा.  सिंधिया को लगा कि ऐसे बंद वाले माहौल में सिर्फ दम ही घुटता है. इसलिए फैसला ये हुआ कि संचार भवन के पहले माले का पूरा का पूरा कायाकल्प जल्दी से जल्दी हो. मिलने वाले लोग बाहर से देख सकते हैं कि मंत्री मीटिंग में व्‍यस्‍त हैं या अंदर जा सकते हैं. जल्द ही मंत्री के कमरे का पूरा ढांचा बदल गया. कमरे के सामने बना कांफ्रेंस रूम भी अब पूरी तरह से शीशे का बना दिया गया है. दरवाजे शीशे के, खिडि़कियां शीशे की, दीवारें शीशे की, जहां मंत्री बैठक भी करते हैं, सबकुछ. मंत्री का मूड बाहर से भी नजर आ सकता है. वहां उनसे मिलने आए लोगों को भी ये पता चल जाता है कि मंत्री जी कितने व्यस्त हैं कि उनसे मिल सकते हैं. संचार भवन के कर्मचारी अब बाहर से ही देख सकते है की ज्योतिरादित्य सिंधिया क्या कर रहे हैं. स्टाफ अब नजर बचा कर इधर उधर भी नहीं जा सकता. ये पारदर्शिता सिर्फ काम में ही नही अनुशासन में भी पारदर्शिता ला रही है. इस कायाकल्प का फायदा ये हुआ कि पूरे दिन पूरे मंत्रालय में धूप खिली नजर आती है. इस बदलाव के बारे में सिंधिया से पूछा तो तपाक से जवाब आया कि वो पहले भी नागरिक उड्डयन मंत्रालय में ये प्रयोग कर चुके थे, लेकिन संचार मंत्रालय में उससे बड़ा प्रयोग किया. ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर के महाराजा परिवार से आते हैं, लेकिन जनता के बीच से चुन कर लोकसभा भी आते हैं. उनकी कार्यशैली का आलम ये है कि अब कॉल ड्रॉप की शिकायतें कम होने लगीं हैं और साथ ही बीएसएनएल और कुछ टेलीकॉम कंपनियां भी मुनाफे मे जाने लगीं हैं. पोस्टल विभाग के कायाकल्प में भी सिंधिया लग गए हैं. इसलिए ये पारदर्शिता उनकी कार्यशैली पर ही असर नहीं डाल रही, बल्कि उनकी लोकप्रियता को भी खासा बढ़ा रही है. About the Author Sharad Pandeyविशेष संवाददाता करीब 20 साल का पत्रकारिता का अनुभव है. नेटवर्क 18 से जुड़ने से पहले कई अखबारों के नेशनल ब्‍यूरो में काम कर चुके हैं. रेलवे, एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट और एग्रीकल्चर जैसी महत्वपूर्ण बीट्स पर रिपोर्टिंग की. कैंब्रिज…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,New Delhi,Delhi Source link

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जब माता-पिता IAS अधिकारी, तो बेटा-बेटी को आरक्षण क्‍यों मिले? सुप्रीम कोर्ट...

होमताजा खबरदेश जब माता-पिता IAS अधिकारी, तो बेटा-बेटी को आरक्षण क्‍यों मिले? सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्‍पणी Last Updated:May 22, 2026, 14:02 IST जब माता-पिता IAS अधिकारी, तो बेटा-बेटी को आरक्षण क्‍यों मिले? सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्‍पणी News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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मुरादाबाद में हैं और घूमने-फिरने के साथ करनी है जमकर शॉपिंग, तो...

Last Updated:May 22, 2026, 12:59 IST मुरादाबाद में घूमने और शॉपिंग के लिए कई शानदार जगहें मौजूद हैं, जहां लोग कम बजट में खरीदारी के साथ इंजॉयमेंट भी कर सकते हैं. गर्मियों के मौसम में शहर की ये 5 जगहें परिवार और दोस्तों के साथ घूमने के लिए बेस्ट मानी जाती हैं. यहां सस्ते दामों में सामान के साथ खाने-पीने और मनोरंजन का भी पूरा मजा मिलता है. पूरी दुनिया में पीतल नगरी के नाम से मशहूर मुरादाबाद में पीतल का बड़े पैमाने पर कारोबार किया जाता है. यहां के पीतल के उत्पादन देश-विदेश में एक्सपोर्ट किए जाते हैं, तो वहीं पीतल नगरी के इस शहर में पीतल के विभिन्न प्रोडक्ट को खरीदने के लिए एक मार्केट है. जिसे पीतल की बर्तन बाजार की मार्केट कहा जाता है. इस मार्केट में आपको काफी रौनक देखने को मिलेगी. मुरादाबाद में वैसे तो घूमने के लिए और खरीदारी के लिए कई जगह मशहूर हैं, लेकिन पांच ऐसी जगह है. जो दूर-दूर तक मशहूर हैं. जिसमें पीतल का बर्तन बाजार मशहूर है. तो वहीं बुध बाजार मार्किट से शॉपिंग कर सकते हैं. इसके अलावा पक्का बाघ की मार्किट से शॉपिंग कर सकते हैं. साथ ही प्रेम वंडर लैंड एंड वाटर किंगडम में घूम सकते हैं. रामगंगा नदी के किनारे ठंडी हवाओं का आनंद ले सकतेंं हैं. मुरादाबाद में गर्मी में एंजॉय करने के लिए घूमने के लिए प्रेम वंडरलैंड एंड वॉटर किंगडम बहुत बेस्ट ऑप्शन है. यहां पर गर्मी में नहाने के लिए शानदार सा स्विमिंग पूल है. इसके अलावा खाने की भी शानदार व्यवस्था रहती है. बच्चों के लिए भी छोटा सा पार्क बना हुआ है. जिसमें बच्चे तरह-तरह के झूले और ऑप्शन का प्रयोग करके एंजॉय कर सकते हैं. इसके अलावा घूमने के लिए और गर्मी में नहाने के लिए प्रेम वंडर लैंड एंड वॉटर किंगडम बेस्ट ऑप्शन है. Add News18 as Preferred Source on Google जिस तरह से लोग हरिद्वार या ऋषिकेश में गंगा जी के किनारे ठंडी ठंडी हवाओं का आनंद लेते हैं ठीक इसी तरह मुरादाबाद में भी रामगंगा नदी बहती है. इसके किनारे बैठकर सुबह शाम ठंडी हवाओं का आनंद लिया जा सकता है. यह नदी काफी लंबी और चौड़ी  है. सुबह शाम यहां जाकर ठंडी हवाओं के साथ सुकून से वक्त बिताया जा सकता है. ठंडी हवा खाने के लिए सुकून के लिए यह जगह बेस्ट मानी जाती है. शहर में एक मार्केट पक्का बाग की मार्केट है. यह मार्केट कहा जाता है कि शहर की सबसे पुरानी मार्केट है. इस मार्केट में आपको शादी विवाह के सीजन में सस्ते से सस्ते लहंगे, महिलाओं के सूट, जूते, चप्पल, गहने सहित आदि चीज मिलती हैं. यहां सभी चीज बहुत ही सस्ती दरों पर मिलती हैं. यह मार्केट शहर की सबसे सस्ती मार्केट कही जाती है. यहां पर सभी सामान होलसेल रेट में मिलता है. मंडी चौक स्तिथ बर्तन बाजार में मौजूद पीतल की मार्केट शॉपिंग के लिए एक बेस्ट ऑप्शन है, क्योंकि यहां पर पीतल के विभिन्न देवी देवताओं की मूर्तियां मिलती हैं. इसके अलावा, यहां डेकोरेशन के कई सारे सामान मिलते हैं. इसके अलावा, पीतल से संबंधित जितनी भी चीजें हैं सभी इस मार्केट में आसानी से मिल जाती है.  यहां एक नहीं बल्कि सैकड़ों ऐसी दुकाने हैं जहां पर पीतल और अन्य धातु की चीज आसानी से मिल जाती है. इसलिए शॉपिंग के उद्देश्य से यह मार्केट बेस्ट मानी जाती है. कोतवाली क्षेत्र स्थित टाउनहाल की मार्केट भी शॉपिंग के उद्देश्य से बेस्ट मानी जाती है. इस मार्केट में आपके बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी की कपड़े, जूते, चप्पल और रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली सभी चीज आसानी से मिल जाती हैं. यह मार्केट शहर की सस्ती मार्केट में गिनी जाती है. यहां पर 100 रुपए से लेकर लाखों रुपए तक की चीज उपलब्ध रहती है। इसके साथ ही शॉपिंग करने के लिए बुध बाजार की मार्केट को भी बेस्ट माना जाता है, क्योंकि यहां पर सभी प्रकार का सभी डिजाइन का कपड़ा, सैंडल, जूते, चप्पल, सहित जितनी भी रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली चीजें हैं सब आसानी से यहां  कम से कम दाम पर मिल जाती है. शहर के लोगों को शॉपिंग करने के लिए यह मार्केट भी बेस्ट मानी जाती है. तो जो लोग शॉपिंग करने का प्लान बना रहे हैं वे इन मार्केट से भी शॉपिंग कर सकते हैं. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। उत्तर प्रदेश की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें| Source link

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राजस्थान का सीकर बना नया ‘कोटा’! डॉक्टर बनने का सपना लेकर हजारों...

Last Updated:May 22, 2026, 11:55 IST Sikar Top NEET Coaching: राजस्थान का सीकर शहर आज देश के प्रमुख एजुकेशन हब के रूप में पहचान बना चुका है, खासकर NEET परीक्षा की तैयारी के लिए. यहां की कई प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थाएं हर साल बड़ी संख्या में छात्रों को मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता दिला रही हैं. देशभर से छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर सीकर पहुंचते हैं और यहां के अनुभवी फैकल्टी, बेहतर स्टडी मटेरियल और अनुशासित माहौल का लाभ उठाते हैं. सीकर की टॉप NEET कोचिंग्स नियमित टेस्ट सीरीज, डाउट सेशन और प्रतियोगी माहौल के कारण छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय हैं. कई संस्थानों के छात्र ऑल इंडिया रैंक हासिल कर चुके हैं, जिससे सीकर की शिक्षा व्यवस्था की पहचान और मजबूत हुई है. 1. गुरुकृपा एकेडमी: सीकर में गुरुकृपा एकेडमी NEET की तैयारी के लिए स्टूडेंट्स के लिए सबसे बेहतरीन कोचिंग में से एक है. गुरुकृपा एकेडमी के पिपराली रोड़ पर बहुत सारे कैंपस हैं. जहां हज़ारों स्टूडेंट्स NEET के साथ साथ JEE की तैयारी करने आते हैं. इस कोचिंग की फैकल्टी और डेली टेस्ट सिस्टम के कारण NEET अभ्यर्थियों के बीच प्रसिद्ध है. यहां पर बच्चों के लिए अलग से डाउट काउंटर होते हैं, कहा स्टूडेंट्स क्लास के बाद बच्चे अपने डाउट्स को दूर कर सकते हैं. इसके अलावा यहां छात्रों को आधुनिक स्टडी मटेरियल, डाउट सेशन और मोटिवेशनल सपोर्ट भी मिलता है. इस कोचिंग के स्टूडेंट्स पिछले दो साल से NEET में ऑल इंडिया वन रैंक हासिल कर रहे हैं. 2. प्रिंस एकेडमी: यह भी सीकर की टॉप NEET कोचिंग है. इस कोचिंग का जयपुर रोड़ पर खुद का अपना हॉस्पिटल भी है. यहां पर बच्चों को आधुनिक तकनीकों से NEET की तैयारी करवाई जाती है. इसके अलावा इस कोचिंग के डाउट सेशन सबसे बेहतर माने जाते हैं. इस कोचिंग के डायरेक्टर खुद बच्चों से समय समय पर बच्चों के बीच जाकर उनकी पढ़ाई संबंधित समस्या का समाधान करते हैं. इस कोचिंग के स्टूडेंट्स ने भी NEET परीक्षा में ऑल इंडिया वन रैंक हासिल किया है. Sikar Top NEET Coaching: राजस्थान के सीकर में हर साल हजारों स्टूडेंट्स NEET की तैयारी के लिए आते हैं. अगर आप भी अपने बच्चों को डॉक्टर बनाना चाहते हैं, तो सीकर में इसकी बेहतरीन तैयारी होती है. यहां बहुत सारी ऐसी कोचिंग संस्थान हैं जहां खासतौर पर NEET की तैयारी करवाई जाती है. आज हम आपको देश में सबसे बेहतरीन परिणाम देने वाले पांच NEET कोचिंग संस्थानों के बारे में बताएंगे. Add News18 as Preferred Source on Google 6. नवजीवन NEET एकेडमी: यह सीकर की सबसे नई NEET एकेडमी है. यहां छोटे छोटे बेच के जरिए बच्चों को NEET की तैयारी करवाई जाती है. इस कोचिंग में केवल NEET की तैयारी पर फोकस किया जाता है. यहां पर भी अन्य कोचिंग की तरह आधुनिक तकनीकों से बच्चों को तैयारी करवाई जाती है. इसके अलावा यहां बच्चों को सेल्फ स्टडी मटेरियल भी उपलब्ध कराया जाता है. यहां पर भी बच्चों को डाउट काउंटर को फेसिलिटी मिलती है.<br />भी 3. मैट्रिक्स एकेडमी: यह कोचिंग भी सीकर की सबसे प्रसिद्ध और बेहतर परिणाम देने वाली कोचिंग है. यहां भी हज़ारों स्टूडेंट्स NEET की तैयारी करने आते हैं. इस कोचिंग के आधुनिक स्टडी मटेरियल स्टूडेंट्स को तैयारी करने में बहुत मदद करती है. इसके अलावा यहां अलग अलग बेच के जरिए बच्चों को तैयारी करवाई जाती है. इस कोचिंग में खासतौर पर बच्चों के लिए समय समय पर मोटिवेनल सेमिनार का भी आयोजन होता है. 5. आयाम करियर एकेडमी: यह कोचिंग केवल NEET तैयारी पर फोकस करती है. यहां का रिजल्ट भी अन्य कोचिंगो की तरह बेहतर रहता है. यहां पर भी बच्चों को आधुनिक स्टडी मटेरियल उपलब्ध कराया जाता है. वहीं, डाउट सेशन और मोटिवेशनल सपोर्ट भी मिलता है. इस कोचिंग में अलग अलग बेच के द्वारा तैयारी करवाई जाती है. 4. CLC कोचिंग: यह सबसे पुरानी कोचिंग है. इस कोचिंग के अलग अलग बेच के हिसाब से स्टेडी मटेरियल उपलब्ध कराते हैं. यहां पर छोटे छोटे बेच बनाकर NEET की तैयारी करवाई जाती है. यह कोचिंग भी पिपराली रोड़ पर ही स्थित है. इस कोचिंग के भी डायरेक्ट बच्चों से सीधे बात करके समस्याओं का समाधान करते हैं. यहां पर बच्चों के लिए हॉस्टल सुविधाएं भी उपलब्ध हैं. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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बैंक अकाउंट फ्रीज होने पर अब नहीं होगी परेशानी, GRM मॉड्यूल से...

Last Updated:May 22, 2026, 10:57 IST Cyber Fraud News: साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच अब लोगों को बड़ी राहत मिलने जा रही है. GRM (ग्रिवांस रिड्रेसल मैनेजमेंट) मॉड्यूल के जरिए फ्रीज या होल्ड बैंक खाताधारकों को बार-बार बैंक और पुलिस थानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. नई व्यवस्था का उद्देश्य साइबर ठगी से जुड़े मामलों के समाधान को तेज और आसान बनाना है. अब शिकायतों का निस्तारण डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा, जिससे खाताधारकों को समय और परेशानी दोनों से राहत मिलेगी. अधिकारियों के अनुसार कई बार साइबर जांच के दौरान निर्दोष लोगों के खाते भी अस्थायी रूप से होल्ड हो जाते हैं, जिससे उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. ख़बरें फटाफट Cyber Fraud News जयपुर: राजस्थान में लगातार साइबर अपराधी साइबर ठगी के नए-नए पैंतरों से लोगों के साथ ठगी करते हैं. जिसके चलते लोगों को बैक खाते और जांच पड़ताल के लिए बैंक और थाने के चक्कर काटने पड़ेते हैं, लेकिन अब साइबर ठगी के मामलों में लोगों के जांच के दौरान फ्रीज किए जाने वाले बैंक खातों से परेशानी से राहत मिलेगी. हालही में राजस्थान पुलिस साइबर पुलिस ने जानकारी दी हैं कि भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र द्वारा विकसित GRM यानी Grievance Redressal Mechanism मॉड्यूल के तहत ठगी के मामलों में शिकार हुए लोगों को पारदर्शी और प्रभावी रूप में समाधान मिलेगा. इससे पहले साइबर ठगी के मामलों में बैंक खाते संदिग्ध ट्रांजेक्शन के चलते फ्रीज या होल्ड कर दिए जाते हैं. पुलिस की जानकारी के मुताबिक राजस्थान में साइबर अपराधों की रोकथाम और ठगी के शिकार हुए लोगों को राहत देने के लिए GRM मॉड्यूल लागू किया जाएगा. जिसके चलते आम जनता को बैंक, पुलिस और विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने नहीं पड़ेंगे और ठगी से संबंधित पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और जवाबदेह तरीके से संचालित होगी. क्या है GRM मॉड्यूल और कैसी मिलेगी इससे राहत राजस्थान पुलिस की जानकारी के मुताबिक GRM मॉड्यूल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. GRM मॉड्यूल एक ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली है, जो नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल और सिटीजन फाइनेंशियल साइबर फ्रॉड रिपोर्टिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम के अंतर्गत कार्य करती है. GRM मॉड्यूल के तहत ठगी के मामलों में फ्रीज या होल्ड किए गए खातों की निष्पक्ष जांच के तहत उपलब्ध कराना है. किसी भी साइबर ठगी के मामलों में GRM मॉड्यूल की प्रक्रिया के तरह खाताधारक सबसे पहले अपनी बैंक शाखा में जाकर खाते को अनफ्रीज करवाने या लियन हटाने के लिए आवेदन करता है. इसके बाद बैंक संबंधित व्यक्ति की KYC और ट्रांजेक्शन का सत्यापन करता है. सत्यापन के बाद बैंक GRM पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर एक Grievance ID जनरेट करता है और मामला संबंधित थाना पुलिस जांच अधिकारी को भेज दिया जाता है. इसके बाद पुलिस जांच अधिकारी ट्रांजेक्शन ट्रेल, संदिग्ध गतिविधियों और फ्रॉड इन्वॉल्वमेंट की जांच करता है. आवश्यकता पड़ने पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से खाताधारक का पक्ष भी सुना जाता है। जांच पूरी होने के बाद अधिकारी खाते को अनफ्रीज करने, हटाने या शिकायत खारिज करने का निर्णय लेकर बैंक को सूचित करता है. यदि थाना स्तर पर शिकायत खारिज होती है, तो खाताधारक जिला और राज्य स्तर के ग्रीवेंस रिड्रेसल ऑफिसर (GRO) के समक्ष अपील भी कर सकता है.इस प्रकार GRM मॉड्यूल से लोगों को राहत मिलेगी. साइबर ठगों से ऐसे करे अपना बचाव साइबर एक्सपर्ट और पुलिस के मुताबिक हर मिनट, हर समय कहीं न कहीं साइबर ठग लोगों की फोटो, ऑडियो, वीडियो या लिंक भेजकर ठगी कर हैं, इसलिए अनजान किसी लिंक-फाइल को ओपन ना करें और अनजान व्यक्ति से प्राप्त मैसेज चाहे किसी भी फॉर्मेट में हो डाउनलोड नहीं करें, साथ ही लोग अपने फोन में जो एप आप इस्तेमाल कर रहे हैं. उसकी मीडिया सेटिंग्स में जाकर मीडिया ऑटो डाउनलोड बंद रखें, साथ ही मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम और एप को हमेशा अपडेट रखें, साइबर क्राइम के मामलों में ज्यादा ठगी के मामले लुभावने ऑफर के लिंक के जरिए होते हैं, जिस पर क्लिक करते ही एक नकली वेबसाइट पर पहुंच जाते हैं, जो देखने में असली जैसे होगी, लेकिन यहां लोग लुभावने ऑफर के चलते अपनी व्यक्तिगत जानकारी अपलोड कर देते हैं और ठगी के‌ शिकार हो जाते हैं. अगर आपके साथ किसी तरह की ठगी होती हैं तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या हेल्पलाइनः 9256001930, 9257510100 और www. cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें. About the Author Jagriti Dubey Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jaipur,Rajasthan Source link

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10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों पर कब होंगे चुनाव? आ गई...

होमताजा खबरदेश 10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों पर कब होंगे चुनाव? आ गई तारीख, चुनाव आयोग ने जारी किया शेड्यूल Last Updated:May 22, 2026, 09:55 IST 10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों पर कब होंगे चुनाव? आ गई तारीख, चुनाव आयोग ने जारी किया शेड्यूल 10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों पर कब होंगे चुनाव? आ गई तारीख, चुनाव आयोग ने जारी किया शेड्यूल News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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MBA vs MSc Business Analytics Course: एमबीए और एमएससी बिजनेस एनालिटिक्स में...

नई दिल्ली (MSc in Business Analytics Career Options). आज के डिजिटल दौर में सिर्फ अंदाजे के दम पर बिजनेस चलाना गुजरे जमाने की बात हो चुकी है. अब कंपनियां डेटा की ताकत को समझ चुकी हैं. अगर आप मैनेजमेंट की दुनिया में कदम रखना चाहते हैं, लेकिन एमबीए से कुछ अलग और एडवांस करना चाहते हैं तो एमएससी इन मैनेजमेंट/बिजनेस एनालिटिक्स गेमचेंजर कोर्स साबित हो सकता है. यह मैनेजमेंट के पारंपरिक तौर-तरीकों में टेक्नोलॉजी और डेटा साइंस का तड़का लगाता है. एमएससी इन मैनेजमेंट/बिजनेस एनालिटिक्स कोर्स आपको ‘स्मार्ट मैनेजर’ बनाता है, जो केवल हुक्म चलाना नहीं जानता, बल्कि नंबर्स और डेटा को देखकर सटीक फैसले लेना जानता है. जहां एमबीए मुख्य रूप से लीडरशिप, थ्योरी और पीपल मैनेजमेंट पर केंद्रित होता है, वहीं एमएससी कोर्स अधिक टेक्निकल और डेटा-ओरिएंटेड होता है. यह कोर्स सिखाता है कि कैसे भारी-भरकम डेटा (Big Data) का एनालिसिस करके कंपनी का मुनाफा बढ़ाकर रिस्क को कम किया जा सकता है. MSc in Business Analytics: सिर्फ थ्योरी नहीं, नंबर्स और कोडिंग का है खेल एमएससी इन बिजनेस एनालिटिक्स कोर्स सामान्य मैनेजमेंट डिग्री से काफी अलग है. इसमें केवल मार्केटिंग और फाइनेंस के बुनियादी नियम नहीं रटाए जाते, बल्कि डेटा टूल्स का इस्तेमाल सिखाया जाता है. इस कोर्स के दौरान पायथन (Python), आर प्रोग्रामिंग (R Programming), टेबल्यू (Tableau) और एसक्यूएल (SQL) जैसे एडवांस सॉफ्टवेयर सीखते हैं. इसका मकसद ऐसे प्रोफेशनल तैयार करना है जो बिजनेस की दिक्कतों को डेटा के जरिए समझ सकें और उनका तकनीकी समाधान निकाल सकें. डेटा के आधार पर मैनेजमेंट के फैसले आजकल हर बड़ी कंपनी- चाहे वो अमेजन हो, गूगल हो या कोई स्टार्टअप- हर सेकंड करोड़ों का डेटा जनरेट कर रही है. एमएससी इन बिजनेस एनालिटिक्स कोर्स का मुख्य फोकस यही है कि उस डेटा से काम की बात कैसे निकाली जाए. उदाहरण के लिए, कोई ग्राहक ऐप पर क्या सर्च कर रहा है और क्यों रुक रहा है, इस डेटा को समझकर मैनेजर नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करते हैं. इसे ही ‘डेटा-ड्रिवन डिसीजन मेकिंग’ कहते हैं, जो इस कोर्स की यूएसपी (USP) है. MSc in Business Analytics vs MBA: एमबीए और एमएससी बिजनेस एनालिटिक्स में क्या अंतर है? अक्सर लोग कंफ्यूज होते हैं कि एमबीए करें या एमएससी? इसका सीधा जवाब है- अगर आपकी रुचि केवल टीम संभालने, नेटवर्किंग और जनरल मैनेजमेंट में है तो एमबीए बेहतर है. लेकिन अगर आपको नंबर्स अच्छे लगते हैं, थोड़ा बहुत कोडिंग या एनालिटिकल माइंडसेट है और आप टेक्नोलॉजी के साथ बिजनेस को जोड़ना चाहते हैं तो एमएससी इन बिजनेस एनालिटिक्स आपके लिए परफेक्ट है. यह एमबीए की तुलना में अधिक व्यावहारिक और प्रैक्टिकल होता है. एमएससी इन बिजनेस एनालिटिक्स करियर ऑप्शन और सैलरी एमएससी इन बिजनेस एनालिटिक्स कोर्स करने के बाद आपके लिए कॉरपोरेट जगत के सबसे महंगे और टॉप पदों के दरवाजे खुल जाते हैं. आप डेटा एनालिस्ट (Data Analyst), बिजनेस एनालिस्ट (Business Analyst), रिस्क मैनेजर या सप्लाई चेन एनालिस्ट के रूप में काम कर सकते हैं. इस समय मार्केट में डेटा को समझने वाले मैनेजर्स की भारी कमी है. इसलिए कंपनियां इन प्रोफेशनल्स को शुरुआती दौर में ही लाखों-करोड़ों का पैकेज देने के लिए तैयार रहती हैं. एमएससी इन बिजनेस एनालिटिक्स कोर्स कौन कर सकता है? एमएससी इन बिजनेस एनालिटिक्स कोर्स करने के लिए स्टूडेंट का बैकग्राउंड बहुत मायने रखता है. हालांकि कई यूनिवर्सिटीज ओपन माइंडसेट के साथ एडमिशन देती हैं. अगर आपने ग्रेजुएशन में गणित, स्टैटिस्टिक्स, इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस या इकोनॉमिक्स पढ़ी है तो आपको एमएससी इन बिजनेस एनालिटिक्स कोर्स को समझने में बहुत आसानी होगी. हालांकि, बिजनेस बैकग्राउंड के उम्मीदवार भी अपनी एनालिटिकल स्किल्स को अपग्रेड करने के लिए इसे चुन रहे हैं. Source link

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NEET Paper Leak LIVE: एनटीए ने कहा- पेपर लीक नहीं हुआ! फिर...

Last Updated:May 22, 2026, 07:54 IST NEET UG Paper Leak Controversy LIVE: नीट यूजी विवाद पर एनटीए का संसदीय समिति के सामने बड़ा दावा- पेपर लीक नहीं बल्कि सिस्टम हुआ था कॉम्प्रोमाइज. मराठी अनुवादक शिक्षकों ने प्रश्न रटकर गेस पेपर बनाए थे. बैठक में …और पढ़ें NEET UG Paper Leak Controversy LIVE: नीट यूजी पेपर लीक मामले पर विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा है नई दिल्ली (NEET UG Paper Leak Controversy LIVE). नीट यूजी परीक्षा को लेकर मचे देशव्यापी घमासान के बीच एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है. शिक्षा मंत्रालय से जुड़ी संसदीय स्थायी समिति के सामने पेश हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के टॉप अधिकारियों ने एक चौंकाने वाला दावा किया है. एनटीए का कहना है कि नीट का पेपर लीक नहीं हुआ था, बल्कि परीक्षा का पूरा ‘सिस्टम कॉम्प्रोमाइज’ हुआ था. इस बयान के बाद समिति की बैठक में सत्तापक्ष और विपक्ष के सांसदों के बीच जमकर हंगामा देखने को मिला. NEET Paper Leak LIVE: दिग्विजय सिंह पर एजेंडा लीक का आरोप नीट पेपर लीक लाइव: बैठक में मौजूद भाजपा सांसद संबित पात्रा ने समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह को आड़े हाथों लिया. पात्रा ने उन पर बैठक शुरू होने से पहले ही इसका ‘एजेंडा लीक’ करने का गंभीर आरोप लगाया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक राजनीतिक बयानबाजी चलती रही. NEET UG 2026 Paper Leak LIVE: संसदीय समिति की बैठक में भारी हंगामा नीट यूजी पेपर लीक 2026 लाइव: नीट के मुद्दे पर हुई इस बैठक की शुरुआत से ही माहौल काफी गरमा गया था. सूत्रों के मुताबिक, बैठक शुरू होने से ठीक पहले ही भाजपा सांसद संबित पात्रा और समिति के अध्यक्ष व कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बीच तीखी बहस हुई और जमकर हंगामा हुआ. NEET UG 2026 LIVE: विपक्षी सांसदों ने उठाए गंभीर सवाल नीट यूजी 2026 लाइव: एनटीए के इस अजीबोगरीब तर्क पर संसदीय समिति में शामिल विपक्षी सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जताई. सांसदों ने कहा कि जब परीक्षा से पहले हूबहू प्रश्न पत्र गेस पेपर के जरिए बाहर आ गए और छात्रों तक पहुंच गए तो इसे सीधे तौर पर पेपर लीक ही माना जाएगा. NEET Paper Leak LIVE: गेस पेपर के नाम पर हुआ खेल नीट पेपर लीक लाइव: प्रश्नों को याद करने के बाद अनुवादक शिक्षकों ने उन्हें हूबहू एक कागज पर उतार दिया. बाद में इन सवालों को ‘गेस पेपर’ का रूप देकर अवैध तरीके से छात्रों को मुहैया करा दिया गया था. अधिकारियों के मुताबिक, यही मुख्य वजह थी कि सवाल बाहर आ गए. NEET UG 2026 Paper Leak LIVE: शिक्षकों ने रट लिए थे सवाल नीट यूजी पेपर लीक 2026 लाइव: एनटीए के अधिकारियों ने संसदीय पैनल के सामने दावा किया कि नीट-यूजी के फाइनल प्रश्न पत्र को मराठी भाषा में अनुवाद (Translate) करने की जिम्मेदारी जिन शिक्षकों को दी गई थी, उन्होंने ही नियमों का उल्लंघन किया. उन शिक्षकों ने परीक्षा के प्रश्नों को अपने दिमाग में रट लिया था. NEET UG 2026 LIVE: NTA का पेपर लीक से साफ इनकार नीट यूजी 2026 लाइव: शिक्षा मंत्रालय से जुड़ी संसदीय स्थायी समिति के सामने पेश हुए एनटीए (NTA) के टॉप अधिकारियों ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि नीट-यूजी का पेपर लीक नहीं हुआ था, बल्कि इस पूरी परीक्षा प्रक्रिया का ‘सिस्टम कॉम्प्रोमाइज’ हुआ था, जिसके चलते कुछ खामियां सामने आईं. Source link

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भारत आसमान से लेकर समंदर तक में रच रहा चक्रव्‍यूह, उधर पाकिस्‍तान...

होमताजा खबरदेश भारत आसमान से लेकर समंदर तक में रच रहा चक्रव्‍यूह, उधर पाकिस्‍तान में तबाही Last Updated:May 22, 2026, 06:43 IST India Defence News: भारत अपने डिफेंस सिस्‍टम को लगातार मजबूत कर रहा है. जमीन से लेकर आसमान और समंदर तक को अभेद्य बनाया जा रहा है. रक्षा वैज्ञानिकों ने दो ऐसे फैसले लिए हैं, जो गेमचेंजर साबित हो सकते हैं. भारत पहले ही MIRV तकनीक से लैस मिसाइलों का सफल परीक्षण कर चुका है, ऐसे में नेक्‍स्‍ट जेनरेशन की दो रक्षा परियोजनाएं दुश्‍मन देशों का सिरदर्द बढ़ा सकती हैं. इनमें से एक प्रोजेक्‍ट एयरफोर्स और दूसरा इंडियन नेवी से जुड़ा है. India Defence News: DRDO रुद्रम-1 एंटी रेडिएशन मिसाइल का नेक्‍स्‍ट जेनरेशन वेरिएंट डेवलप कर रहा है. पहले के मुकाबले इसका रेंज ज्‍यादा होगा. (फाइल फोटो/Reuters) India Defence News: देश और दुनिया में जिस तरह का माहौल है, उसे देखते हुए भारत के लिए अपने डिफेंस सिस्‍टम को एडवांस और अपग्रेड करने के साथ ही उसे मजबूत करना जरूरी है. भारत के एक तरफ पाकिस्‍तान तो दूसरी तरफ चीन का बॉर्डर लगता है. इस्‍लामाबाद और बीजिंग की नीयत के बारे में पूरी दुनिया जानती है. ऐसे में भारत के लिए जरूरी है कि वह खुद को दो मोर्चों पर एक साथ युद्ध के लिए तैयार रखे. इसकी तैयारी भी अनवरत तरीके से चल रही है. ऐसे समय में जब दुनिया रूस-यूक्रेन और ईरान जंग की भट्ठी में जल रही है, तब रक्षा जगत से जुड़ी तीन खबरें सामने आई हैं. इनमें से दो भारत और एक पाकिस्‍तान से जुड़ी हैं. भारत ने ‘रडार किलर’ रुद्रम-1 एंटी रेडिएशन मिसाइल का नया संस्‍करण डेवलप करने की तैयारी में है. रुद्रम-1 का न्‍यू वैरिएंट 300 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगा. ऐसे में यह मिसाइल दुश्‍मन क्षेत्र में गए बिना ही रडार और एयर डिफेंस सिस्‍टम को तबाह करने में सक्षम होगा. रक्षा वैज्ञानिक नेवी के लिए भी खास टॉपरीडो डेवलप कर रहे हैं, जो दुश्‍मनों के टॉरपीडो को पानी के अंदर ही खाक में मिलाने की क्षमता से लैस होगा. यदि यह प्रोजेक्‍ट सफल रहता है तो सबमरीन से फायर किए जाने वाला टॉरपीडो इंडियन नेवी के वॉरशिप का बाल भी बांका नहीं कर सकेगा. वहीं, पड़ोसी मुल्‍क पाकिस्‍तान में एक के बाद एक दो जेट तबाह हो गए. इससे पाकिस्‍तानी एयरफोर्स में हाहाकार मचा हुआ है. पहले बात करते हैं रुद्रम-1 की. भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमता को नई मजबूती देने की दिशा में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) अब रुद्रम-1 एंटी-रेडिएशन मिसाइल के विस्तारित रेंज वाले संस्करण पर काम कर रहा है. इस नई परियोजना का उद्देश्य भारतीय वायुसेना की Suppression of Enemy Air Defences (SEAD) क्षमता को और अधिक प्रभावी बनाना है, ताकि दुश्मन के रडार और एयर डिफेंस नेटवर्क को लंबी दूरी से ही निष्क्रिय किया जा सके. ‘इंडियन डिफेंस न्‍यूज’ की रिपोर्ट के अनुसार, रुद्रम-1 के उन्नत संस्करण की मारक क्षमता करीब 290 से 300 किलोमीटर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. वर्तमान में रुद्रम-1 मिसाइल लगभग 100 से 250 किलोमीटर की दूरी तक लक्ष्य भेदने में सक्षम मानी जाती है. रुद्रम-1 को मूल रूप से भारतीय वायुसेना के सुखोई-30 एमकेआई (Su-30MKI) लड़ाकू विमान के लिए विकसित किया गया था. इसका मुख्य उद्देश्य दुश्मन के सर्विलांस रडार, फायर कंट्रोल रडार, संचार तंत्र और इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाना है. भारतीय रक्षा वैज्ञानिक एंटी-टॉरपीडो टॉरपीडो डेवलप कर रहा है. बताया जा रहा है कि इसमें डीआरडीओ को बड़ी सफलता भी मिली है. (फाइल फोटो/Reuters) इस वजह से खास होगा रुद्रम-1 का न्‍यू वैरिएंट बताया जा रहा है कि इस नई लंबी दूरी वाली रुद्रम-1 परियोजना में अस्त्र बियॉन्ड विजुअल रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल (BVRAAM) प्रोग्राम से विकसित तकनीकों का व्यापक उपयोग किया जा रहा है. विशेष रूप से ड्यूल-पल्स सॉलिड रॉकेट मोटर तकनीक और हाई-एनर्जी प्रोपेलेंट फॉर्मूलेशन को इसमें अपनाया जा रहा है. ड्यूल-पल्स प्रोपल्‍सन सिस्‍टम आधुनिक मिसाइल तकनीक में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है. पारंपरिक मिसाइलों में इंजन का ईंधन एक बार में जल जाता है, जबकि ड्यूल-पल्स तकनीक में प्रोपल्‍सन को दो अलग-अलग चरणों में विभाजित किया जाता है. इससे मिसाइल उड़ान के अंतिम चरण के लिए ऊर्जा बचाकर रख सकती है और लक्ष्य के करीब पहुंचने पर दोबारा तेज गति और गतिशीलता प्राप्त कर सकती है. यह तकनीक मिसाइल की मारक दूरी बढ़ाने के साथ-साथ अंतिम हमले के दौरान उसकी सटीकता और लक्ष्य को भेदने की क्षमता भी बढ़ाती है. यही वजह है कि दुनिया की कई आधुनिक लंबी दूरी की मिसाइलों में इस प्रकार की ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली का उपयोग बढ़ रहा है. रुद्रम-1 का आकार अस्त्र मिसाइल की तुलना में कहीं बड़ा है. भारत इधर समंदर से आसमान तक में चक्रव्‍यूह रच रहा है, उधर पाकिस्‍तान एयरफोर्स का एक के बाद एक दो जेट क्रैश हुए हैं. (AI जेनरेटेड तस्‍वीर) नेवी के लिए खास ‘ब्रह्मास्‍त्र’ भारत ने पानी के भीतर होने वाले युद्ध में अपनी रक्षा क्षमता को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी Defence Research and Development Organisation (DRDO) ने भारतीय नौसेना के लिए अत्याधुनिक एंटी-टॉरपीडो-टॉरपीडो (ATT) हार्ड-किल सिस्टम के विकास को तेज कर दिया है. इस प्रणाली को नौसेना के विमानवाहक पोतों और परमाणु पनडुब्बियों जैसे रणनीतिक प्लेटफॉर्म की सुरक्षा के लिए तैयार किया जा रहा है. नेवल साइंस एंड टेक्नोलॉजिकल लेबोरेटरी (NSTL) द्वारा विकसित यह सिस्टम दुश्मन के टॉरपीडो का पता लगाने, उसकी पहचान करने और उसे लक्ष्य तक पहुंचने से पहले नष्ट करने में सक्षम होगा. मौजूदा सॉफ्ट-किल सिस्टम जहां डिकॉय और साउंड बेस्‍ड टेक्‍नोलॉजी पर निर्भर रहते हैं, वहीं, ATT सीधे दुश्मन के टॉरपीडो को इंटरसेप्ट कर नष्ट करने की क्षमता रखता है. यह सिस्‍टम कुछ ही सेकंड में रिएक्‍शन देने के लिए डिजाइन की गई है, क्योंकि आधुनिक टॉरपीडो 50 नॉट से अधिक की रफ्तार से हमला कर सकते हैं. ATT में AI आधारित सेंसर फ्यूजन आर्किटेक्चर लगाया गया है, जो आने वाले खतरे की खुद ही पहचान कर हार्ड-किल प्रोसेस शुरू कर सकता है. सिस्टम में हाई-फ्रीक्‍वेंसी सक्रिय और निष्क्रिय सोनार सीकर लगाया गया है, जो दुश्मन टॉरपीडो की ध्वनि पहचानने में सक्षम है. 360 डिग्री सुरक्षा कवरेज देने वाला यह सिस्टम युद्धपोतों और पनडुब्बियों दोनों पर तैनात किया

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अच्छा हुआ वह मारा गया…पुलवामा के आतंकी हमजा बुरहान की मौत पर...

Pulwama attack mastermind Hamza Burhan killed by unknown men in POK: पुलवामा आतंकी हमले का बदला पूरा हो गया. 6 साल की देरी ही सही, मगर उसका मास्टरमाइंड मारा गया. पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड हमजा बुरहान का धुरंधर स्टाइल में मर्डर हो गया. आतंकी हमजा बुरहान की पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में अज्ञात बंदूकधारियों ने हत्या कर दी. यह घटना मुजफ्फराबाद में हुई, जहां उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई गईं. गोलियों से छलनी आतंकी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. आतंकी हमजा बुरहान की मौत पर उसके पिता की प्रतिक्रिया आई है. अल-बदर आतंकी हमजा बुरहान के पिता ने कहा कि उसने आतंक का रास्ता चुना था. इसलिए उसकी मौत ठीक हुई. जी हां, अल-बदर आतंकी संगठन से जुड़े हमजा बुरहान की मौत के बाद उसके पिता ने बड़ा बयान दिया है. आतंकी के पिता ने कहा कि परिवार ने उसकी वजह से काफी परेशानियां झेली हैं. पिता के मुताबिक, ‘हमजा पढ़ाई के नाम पर पाकिस्तान गया था और MBBS करने की बात कही थी, लेकिन वहां जाकर उसने आतंकवाद का रास्ता चुन लिया.’ उन्होंने कहा, ‘हमने उसकी वजह से बहुत दुख झेला, अच्छा हुआ वह मारा गया.’ आतंकी हमजा कौन था, कहां था? दरअसल, हमजा बुरहान का नाम जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी गतिविधियों और हमलों से जोड़ा जाता रहा है. सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसकी तलाश में जुटी थीं. 2022 में भारत सरकार ने उसे आतंकवादी घोषित किया था और कहा था, ‘अरजुमंद गुलजार डार उर्फ हमजा बुरहान उर्फ डॉक्टर खारबतपोरा, रत्नीपोरा, पुलवामा का निवासी था. वह अल-बद्र आतंकी संगठन का सहयोगी सदस्य था, जिसे यूएपीए के तहत प्रतिबंधित किया गया.’ उसकी उम्र महज 23-24 साल थी. आतंकी हमजा बुरहान को इसी जगह मारा गया. पुलवामा में ही पैदा हुआ था आतंकी हमजाआतंकी हमजा को डॉक्टर भी कहा जाता था. वह पुलवामा के रत्नीपोरा क्षेत्र में पैदा हुआ था. वह 2017 में यह कहकर पाकिस्तान गया था कि वह उच्च शिक्षा यानी एमबीबीएस के लिए जा रहा है, लेकिन बाद में वह आतंकी संगठन अल-बद्र में शामिल हो गया और जल्दी ही कमांडर बन गया. अल-बद्र में शामिल होने के बाद वह कश्मीर लौटा. उस पर दक्षिण कश्मीर में युवाओं को कट्टरपंथ की ओर ले जाने और उन्हें आतंकी संगठनों में शामिल करने का आरोप था. उसका नेटवर्क मुख्य रूप से दक्षिण कश्मीर में सक्रिय था. कश्मीर में कैसे खड़ा किया था आतंकी नेटवर्क कश्मीर में रहने के दौरान उसने पुलवामा से शोपियां तक अपना नेटवर्क फैलाया. उसकी मौत को पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. वह उन प्रमुख लोगों में से था जो जम्मू-कश्मीर में सक्रिय पाकिस्तान-आधारित आतंकी संगठनों के लिए काम करते थे. पुलवामा आतंकी हमला भारत के सबसे घातक हमलों में से एक था. 14 फरवरी 2019 को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सीआरपीएफ जवानों के काफिले पर हमला किया गया था. लेथपोरा क्षेत्र में एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से लदे वाहन के साथ बस को टक्कर मार दी थी, जिसमें 40 जवान शहीद हो गए थे. पुलवामा अटैक का बदला यह हमला जैश-ए-मोहम्मद ने किया था और हमलावर की पहचान आदिल अहमद डार के रूप में हुई थी. इस हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण शिविर पर हमला किया था. रिपोर्ट में कहा गया है कि हाल के वर्षों में पाकिस्तान में कई आतंकवादियों को अज्ञात बंदूकधारियों ने निशाना बनाया है. हालांकि पाकिस्तान सरकार ने इन घटनाओं पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है और जांचों को लेकर भी खामोशी बरकरार रखी है. लश्कर-जैश में खलबली बीते दो वर्षों में धुरंधर स्टाइल मर्डर से पाकिस्तान में हड़कंप है. कुछ सालों से ऐसी घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी होती देखी गई है. पाकिस्तान के शीर्ष आतंकियों और नेताओं को अज्ञाक द्वारा निशाना बनाए जाने से लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों को दोबारा संगठित होने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद से इन दोनों आतंकी गुटों को काफी नुकसान झेलना पड़ा है. अपनी कारनामों को ये लोग अंजाम नहीं दे पा रहे हैं. ऐसी हत्याओं ने इनके मनोबल को काफी तोड़ा है और इससे जुड़ने वाले लोगों की संख्या भी घटी है. Source link

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