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1971 का युद्ध, तेल कंपनियों ने सेना को ईंधन देने से किया...

1971 की बांग्लादेश युद्ध की रात. भारतीय नौसेना और वायुसेना को तेल चाहिए था. भारत में तेल का सारा कारोबार तब अमेरिकी और ब्रिटिश कंपनियों के हाथों में था. इन विदेशी तेल कंपनियों ने ईंधन देने से इनकार कर दिया. क्योंकि ये कंपनियां अमेरिका के हाथों में खेल रही थीं. वही कर रही थीं जो अमेरिका चाहता था. पाकिस्तान उसका मित्र देश था. तब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने ऐसा कदम उठाया कि युद्ध में तेल की कोई कमी नहीं रहे. बाद में विदेशी तेल कंपनियों की कमर भी तोड़ी. ये देश की सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़ा बहुत ही संवेदनशील वाकया था. ये घटना भारत के ईंधन संकट और विदेशी तेल कंपनियों की मनमानी से भी जुड़ी है, जिसने भारत सरकार को बहुत बड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर किया. 1971 के समय भारत में पेट्रोलियम सेक्टर पर मुख्य रूप से विदेशी कंपनियों का कब्ज़ा था. इनमें अमेरिका की बर्मा शैल, एस्सो और काल्टैक्स जैसी बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियां शामिल थीं. ओएनजीसी शुरुआती दौर में थी. लिहाजा सेना और देश की ज़रूरत के ईंधन के लिए भारत काफी हद तक इन्हीं विदेशी रिफाइनरियों पर निर्भर था. आजादी के बाद भारत के तेल सेक्टर पर विदेशी तेल कंपनियों बर्मा शैल, एस्सो और काल्टैक्स का कब्जा था. (News18 AI Image) जब दिसंबर 1971 में युद्ध छिड़ा तो भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों और नौसेना के युद्धपोतों के लिए ईंधन की मांग अचानक बहुत बढ़ गई. चूंकि अमेरिका उस युद्ध में खुलकर पाकिस्तान का समर्थन कर रहा था. अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन और हेनरी किसिंजर भारत के खिलाफ थे. इसलिए अमेरिकी दबाव में इन विदेशी तेल कंपनियों ने भारतीय सेना को अतिरिक्त तेल की सप्लाई करने से मना कर दिया. आनाकानी शुरू कर दी. उनका तर्क था कि वे युद्ध जैसे हालातों में अपनी सामान्य क्षमता से अधिक तेल रिफाइन या सप्लाई नहीं कर सकते. तब इंदिरा सरकार और इंडियन ऑयल ने मोर्चा संभाला विदेशी कंपनियों के इस असहयोग ने भारतीय सेनाओं के सामने एक गंभीर संकट खड़ा कर दिया. आपातकालीन स्थिति में भारत की अपनी सरकारी कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) और तत्कालीन इंदिरा गांधी सरकार ने मोर्चा संभाला. इंडियन ऑयल ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी. युद्धस्तर पर काम करते हुए वायुसेना और नौसेना के ठिकानों तक ईंधन की लगातार सप्लाई सुनिश्चित की. तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने युद्ध खत्म होने के बाद विदेशी तेल कंपनियों को टेकओवर करने का कानून बनाया. 1974 से 1976 के बीच वो इनके नेशनलाइजेशन के लिए संसद में बिल लेकर आईं. (News18 AI Image) युद्ध के बाद उठाया ये कदम भारतीय अधिकारियों और इंजीनियर्स ने दिन-रात काम करके लॉजिस्टिक्स को संभाला ताकि युद्ध के मोर्चे पर एक भी विमान या जहाज ईंधन की कमी से रुकने न पाए. इस घटना ने भारत सरकार की आंखें खोल दीं. प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और उनके रणनीतिकारों को समझ आ गया कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए विदेशी तेल कंपनियों पर निर्भर रहना बेहद खतरनाक है. युद्ध खत्म होने के बाद सरकार ने इन कंपनियों पर नकेल कसने का फैसला किया. बाद में एक कानून बनाकर इंदिरा सरकार ने विदेशी तेल कंपनियों का अधिग्रहण कर लिया.– एस्सो का अधिग्रहण करके उसे हिंदुस्तान पेट्रोलियम में बदला गया– बर्मा शैल का राष्ट्रीयकरण कर भारत पेट्रोलियम (BPCL) बनायी गई– काल्टैक्स को हिंदुस्तान पेट्रोलियम में मिला दिया गया विदेशी तेल कंपनियों का टेकओवर 1971 का यह वाकया भारत के इतिहास में एक टर्निंग पॉइंट माना जाता है, जिसने देश को पेट्रोलियम क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने और ऊर्जा सुरक्षा को अपने हाथों में लेने के लिए प्रेरित किया. इस ऐतिहासिक घटना का ज़िक्र भारत सरकार के आधिकारिक दस्तावेज़ों, संसदीय बहसों, नीतिगत रिपोर्टों और कई महत्वपूर्ण किताबों में मिलता है. भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स में स्पष्ट दर्ज़ है कि 1971 के युद्ध के समय विदेशी कंपनियों का रवैया राष्ट्रीय हित के अनुकूल नहीं था. जब 1974 से 1976 के बीच इंदिरा गांधी सरकार इन विदेशी कंपनियों के टेकओवर के लिए संसद में बिल लेकर आई थी, तब बकायदा इसके कारणों में ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ और ‘युद्ध के समय विदेशी कंपनियों के असहयोग’ को मुख्य आधार बनाया गया. ब्रिटेन ने विरोध दर्ज कराया जब इंदिरा गांधी ने ब्रिटिश और अमेरिकी तेल कंपनियों का राष्ट्रीयकरण किया तो क्या हुआ. क्या ब्रिटेन और अमेरिका से धमकियां मिलीं. ये एक बड़ा और दिलचस्प सवाल है. ब्रिटिश सरकार ने कूटनीतिक विरोध दर्ज किया. लेकिन खुली धमकी देने की हिम्मत नहीं थी. 70 के दशक की शुरुआत में पूरी दुनिया में राष्ट्रीयकरण की लहर चल रही थी. अल्जीरिया, लीबिया, इराक, सऊदी अरब सभी अपनी-अपनी तेल कंपनियां वापस ले रहे थे. भारत अकेला नहीं था. खुली धमकियां नहीं दे सकने के बाद पश्चिमी कंपनियों ने मुआवज़े की लड़ाई लड़ी. ये सालों तक खिंची. भारत ने उनकी शर्तों पर नहीं, अपनी शर्तों पर मुआवज़ा दिया. संसद में तत्कालीन पेट्रोलियम मंत्री के. डी. मालवीय द्वारा दिए भाषणों में ब्योरा है कि युद्ध और संकट के समय ये कंपनियां देश की संप्रभुता के सामने अड़चन बन रही थीं. कई प्रसिद्ध लेखकों, पत्रकारों और इतिहासकारों ने अपनी किताबों में इस घटनाक्रम को विस्तार से लिखा है. भारत के ‘पेट्रोलियम क्रांति के जनक’ कहे जाने वाले पूर्व मंत्री के. डी. मालवीय के कार्यकाल और उनके निर्णयों पर लिखी गई किताबों में ब्योरा है कि कैसे 1971 में अमेरिकी दबाव के कारण एस्सो ने भारतीय रिफाइनरियों के लिए क्रूड ऑयल लाने और सेना को स्पेशल एविएशन फ्यूल देने में हाथ खड़े कर दिए थे. पूर्व रॉ अधिकारी बी. रमन की किताब “द काव ब्वाएज ऑफ रॉ” (The Kaoboys of R&AW) ने अपनी किताब में इस बारे में लिखा. देश तो आजाद हुआ लेकिन तेल गोरों के पास था वैसे इसकी भी कहानी है कि कैसे 1947 में देश तो आजाद हुआ लेकिन तेल पर कंट्रोल विदेशी कंपनियों के पास ही था. आज़ादी के बाद नेहरू सरकार ने देखा कि देश का पूरा तेल उद्योग विदेशी कंपनियों के एकाधिकार में है. ब्रिटिश कंपनियाॉं बर्मा शैल और अमेरिकी कंपनियां स्टैंडर्ड वैकुम और कॉलटैक्स तेल बेचती थीं. कोई स्वदेशी तेल उद्योग लगभग था ही नहीं. नेहरू ने इन्हीं कंपनियों से भारत में रिफाइनरी बनाने को कहा. पहले तो इन्होंने मना कर दिया. उनका तर्क

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क्या मनमोहन सिंह के रास्ते पर चलेंगे PM मोदी? – News18 हिंदी

X Rubika Liyaquat Show: क्या मनमोहन सिंह के रास्ते पर चलेंगे PM मोदी?   Rubika Liyaquat Show: आज पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने एक बार फिर आम लोगों की जेब पर सीधा असर डाला है. ताजा अपडेट के मुताबिक पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे महंगा हो गया है और ये सिर्फ एक दिन की बात नहीं है, पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. पिछले 5 दिनों में ही पेट्रोल करीब ₹3.87 और डीजल ₹3.51 तक महंगा हो चुका है. ऐसे में साफ है कि ट्रांसपोर्ट से लेकर रसोई तक हर चीज़ की लागत बढ़ने वाली है. क्योंकि पेट्रोल-डीजल सिर्फ गाड़ी में नहीं, बल्कि पूरी सप्लाई चेन की रीढ़ हैं. सरकारी और आर्थिक विशेषज्ञों के मुताबिक भारत अपनी जरूरत का करीब 85% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाला हर उतार-चढ़ाव सीधे भारत पर असर डालता है. अभी ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें लगभग 105 से 110 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं. यही नहीं, हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय तनाव और सप्लाई में अनिश्चितता की वजह से कीमतों पर और दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. अगर हालात बिगड़ते हैं तो तेल के दाम और ऊपर जा सकते हैं, जिसका सीधा असर महंगाई पर पड़ेगा. अब सवाल ये उठता है कि इसका असर कहां-कहां दिखेगा? पेट्रोल-डीजल महंगे होने का मतलब है कि ट्रक का किराया बढ़ेगा, ट्रांसपोर्ट महंगा होगा और फिर सब्ज़ी, दूध, अनाज, गैस सिलेंडर और रोजमर्रा की चीज़ों की कीमतें भी ऊपर जाएंगी. इसी बीच प्रधानमंत्री के हालिया बयान को लेकर भी चर्चा तेज है, जिसमें उन्होंने वैश्विक संकट और बदलते हालातों की ओर इशारा किया था. हालांकि सरकार की तरफ से साफ किया गया है कि यह स्थिति वैश्विक कारणों से जुड़ी हुई है और इसमें भारत अकेला नहीं है, कई देश इसी दबाव का सामना कर रहे हैं. अब एक बड़ा सवाल यह भी है कि सरकार राहत कैसे दे सकती है? विशेषज्ञ मानते हैं कि वैट में कटौती, टैक्स स्ट्रक्चर में बदलाव, और वैकल्पिक ईंधन जैसे एथनॉल ब्लेंडिंग या इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को बढ़ावा देकर कुछ हद तक राहत दी जा सकती है. लेकिन चूंकि भारत तेल आयातक देश है, इसलिए पूरी तरह नियंत्रण आसान नहीं माना जाता. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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PM Modi Norway Visit Live: पीएम मोदी ने फिनलैंड के प्रधानमंत्री संग...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नॉर्वे दौरे का मंगलवार को दूसरा और अहम दिन है. पीएम मोदी ओस्लो में आयोजित तीसरे इंडिया-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, जहां नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के प्रधानमंत्रियों के साथ भारत के संबंधों को नई दिशा देने पर चर्चा होगी. यह प्रधानमंत्री मोदी की नॉर्वे की पहली यात्रा है और इसे भारत-नॉर्डिक रिश्तों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. यह शिखर सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब भारत और नॉर्डिक देशों के बीच व्यापार, हरित ऊर्जा, तकनीक और निवेश के क्षेत्र में तेजी से सहयोग बढ़ रहा है. मई 2022 में कोपेनहेगन में हुए दूसरे इंडिया-नॉर्डिक समिट के बाद यह पहला बड़ा मंच है, जहां दोनों पक्ष पिछले समझौतों और साझेदारी की प्रगति की समीक्षा करेंगे. नॉर्डिक देश दुनिया में तकनीक, इनोवेशन, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, स्वच्छ ऊर्जा और टिकाऊ विकास के मॉडल माने जाते हैं. भारत इन देशों के साथ अपने आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने पर लगातार जोर दे रहा है. दोनों पक्षों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का द्विपक्षीय व्यापार करीब 19 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है. करीब 700 नॉर्डिक कंपनियां भारत में सक्रिय हैं, जबकि लगभग 150 भारतीय कंपनियां नॉर्डिक देशों में कारोबार कर रही हैं. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, शिखर सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन, ग्रीन ट्रांजिशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्लू इकॉनमी, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, सप्लाई चेन और वैश्विक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर व्यापक चर्चा होगी. भारत नॉर्डिक देशों की तकनीकी विशेषज्ञता और निवेश क्षमता को अपने विकास कार्यक्रमों से जोड़ना चाहता है. PM Modi Norway Visit Live: ओसलो में भारतीयों के बीच PM मोदी, आइसलैंड में ब्‍लू इकनॉमी और क्‍लीन एनर्जी पर हुई बातचीत PM Modi Norway Visit Live: नॉर्वे की राजधानी ओसलो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की. इस दौरान लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. वहीं, PM मोदी ने क्रिस्ट्रून फ्रॉस्टाडोटिर के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की. दोनों नेताओं ने क्‍लीन एनर्जी, फिशरीज और स्‍टोरेज जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत, आइसलैंड के साथ दोस्ती को बेहद महत्व देता है. उन्होंने ब्‍लू इकनॉमी में आइसलैंड की विशेषज्ञता की सराहना की. साथ ही India-EFTA TEPA समझौते से व्यापार और निवेश संबंध मजबूत होने की उम्मीद जताई. PM Modi Norway Visit Live: पीएम मोदी और आइसलैंड की पीएम क्रिस्ट्रून फ्रॉस्टाडोटिर की मुलाकात, क्लीन एनर्जी और ब्लू इकोनॉमी पर हुई चर्चा PM Modi Norway Visit Live: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आइसलैंड की प्रधानमंत्री क्रिस्ट्रून फ्रॉस्टाडोटिर के साथ एक बेहद सफल द्विपक्षीय बैठक की. इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने भारत और आइसलैंड के बीच मजबूत मैत्रीपूर्ण संबंधों को रेखांकित करते हुए क्लीन एनर्जी, जियोथर्मल एनर्जी, फिशरीज, सस्टेनेबिलिटी और कार्बन कैप्चर जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की. पीएम मोदी ने ब्लू इकोनॉमी के क्षेत्र में आइसलैंड की विशेषज्ञता की सराहना की. इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐतिहासिक भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता (TEPA) दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक संबंधों को एक नई गति प्रदान करेगा.   PM Modi Norway Visit Live: डेनमार्क की पीएम मेटे फ्रेडरिक्सन से मिले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ओस्लो में ग्रीन ट्रांजिशन और द्विपक्षीय व्यापार पर हुई चर्चा PM Modi Norway Visit Live: तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन के साथ एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की. इस उच्च स्तरीय वार्ता में दोनों नेताओं ने भारत और डेनमार्क के बीच व्यापार, निवेश, हरित परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर गहन चर्चा की. यह बैठक दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नया आयाम देने की दिशा में एक अहम कदम है. PM Modi Norway Visit Live: पीएम मोदी ने फिनलैंड के प्रधानमंत्री संग की बैठक, आपसी रिश्तों को मजबूती पर हुई बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेट्टेरी ऑर्पो के साथ द्विपक्षीय बैठक की. यह बैठक तीसरे इंडिया-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के इतर हुई, जिसमें भारत और नॉर्डिक देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिए जाने की उम्मीद है. प्रधानमंत्री मोदी और पीएम ऑर्पो ने भारत-फिनलैंड संबंधों को नई दिशा देने और तकनीक व नवाचार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई. PM Modi Norway Visit Live: प्रधानमंत्री मोदी काफी लोकप्रिय, वैश्विक मंच पर भारत को दिलाया अहम स्थान- नॉर्वे के विदेश मंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नॉर्वे के विदेश मंत्री एस्पेन बार्त आईडे ने भारत का लोकप्रिय और प्रभावशाली राजनेता बताया है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने भारत को वैश्विक मंच पर एक मजबूत और महत्वपूर्ण स्थान दिलाने में अहम भूमिका निभाई है. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के ओस्लो दौरे को सफल और बेहद उपयोगी बताया. इस दौरान भारत और नॉर्वे के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई और नवाचार से लेकर ग्रीन ग्रोथ तक कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी. मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच बनी यह साझेदारी भविष्य में द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूत करेगी तथा सतत विकास और पर्यावरण अनुकूल विकास की दिशा में मिलकर काम करने में मदद करेगी. PM Modi Norway Visit Live: बेहद फलदायी रही नॉर्वे के प्रधानमंत्री के साथ बैठक- पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री योनस गार स्टोरे के साथ ओस्लो में हुई बैठक को बेहद फलदायी बताया है. पीएम मोदी ने कहा कि इस मुलाकात की सबसे अहम उपलब्धि भारत और नॉर्वे के रिश्तों को ‘ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ तक अपग्रेड करना रहा. इससे स्वच्छ ऊर्जा, टिकाऊ विकास, ब्लू इकोनॉमी और ग्रीन शिपिंग जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग को नई मजबूती मिलेगी. प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि भारत और नॉर्वे ने नवाचार, रिसर्च, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव (IPOI) में नॉर्वे का शामिल होना खुशी की बात है और इससे समुद्री सहयोग को नई दिशा मिलेगी. PM Modi Norway Visit Live: पीएम मोदी ने इंडिया-नॉर्वे के बीच बढ़ते आर्थिक सहयोग पर दिया जोर इंडिया-नॉर्डिक समिट से पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को ओस्लो में इंडिया-नॉर्वे

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चारों तरफ धधकती आग, बीच में संत की साधना… जालोर में इस...

Last Updated:May 19, 2026, 15:30 IST Jalore Saint Tapasya : राजस्थान के जालौर में भीषण गर्मी और जलती अग्नि के बीच संत शक्ति नाथ की कठोर तपस्या इन दिनों लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. 42 डिग्री तापमान में उपलों की आग के बीच साधना कर रहे संत के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. शिव शक्ति धूणा पर भजन-कीर्तन और भक्तिमय माहौल के बीच यह तपस्या धर्म रक्षा, एकता और क्षेत्र की खुशहाली का संदेश दे रही है. ख़बरें फटाफट जालौर : राजस्थान की भीषण गर्मी… 42 डिग्री का पारा… और चारों ओर जलती अग्नि के बीच संत शक्ति नाथ की कठोर तपस्या इन दिनों लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. नारणावास-जागनाथ रोड स्थित शिव शक्ति धूणा पर संत शक्ति नाथ उपलों की जलती अग्नि के बीच लगातार साधना में लीन हैं. तेज धूप, तपती हवाएं और आग की लपटें भी उनकी एकाग्रता और आस्था को जरा भी विचलित नहीं कर पा रही हैं. इस अद्भुत तपस्या को देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु बड़ी संख्या में यहां पहुंच रहे हैं. महिलाएं, बुजुर्ग और युवा रोजाना शिव शक्ति धूणा पर आकर दर्शन कर रहे हैं और अपने परिवार व क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं. पूरा परिसर इन दिनों भक्तिमय माहौल में डूबा हुआ है. ग्रामीणों का कहना है कि इतनी भीषण गर्मी और अग्नि के बीच लगातार बैठकर साधना करना किसी सामान्य व्यक्ति के लिए संभव नहीं है. लोग इसे संत शक्ति नाथ की आध्यात्मिक शक्ति, तप और अटूट श्रद्धा का प्रतीक मान रहे हैं. अग्नि तप में संत शक्ति नाथ, धर्म रक्षा का संकल्पवहीं, तपस्या स्थल पर भजन-कीर्तन का दौर भी लगातार जारी है. दिनभर श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आते हैं और स्थानीय लोग व्यवस्थाओं में सहयोग कर रहे हैं, जिससे यहां आने वाले भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी न हो. अग्नि के बीच संत शक्ति नाथ की तपस्या, उद्देश्य – धर्म की रक्षा और क्षेत्र की खुशहाली….एक स्थानीय निवासी ने लोकल 18 को बताया कि, संत शक्तिनाथ महाराज ये तपस्या इसलिए कर रहे हैं कि हमारा हिंदू धर्म हमेशा संगठित रहे और हमारे जालोर क्षेत्र में सुख-समृद्धि बनी रहे. वो चाहते हैं कि समाज में एकता बनी रहे और सभी लोग धर्म के रास्ते पर चलें. शक्ति नाथ की तपस्या बनी आस्था और एकता का संदेशसंत शक्ति नाथ की यह तपस्या केवल एक साधना नहीं, बल्कि समाज को एकजुट रहने और आस्था के प्रति समर्पित रहने का संदेश भी दे रही है. यही कारण है कि दिन-ब-दिन यहां श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है और हर कोई इस अनोखी तपस्या का साक्षी बनना चाहता है. About the Author Rupesh Kumar Jaiswal A Delhi University graduate with a postgraduate Diploma in Journalism and Mass Communication, I work as a Content Editor with the Rajasthan team at News18 India Digital. I’m driven by the idea of turning raw in…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jalor,Rajasthan Source link

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एक तरफ बारिश की एंट्री… दूसरी तरफ 47°C की आग! जानिए आज...

होमवीडियोदेश Weather Update: एक तरफ बारिश की एंट्री… दूसरी तरफ 47°C की आग! जानिए आज का पूरा मौसम अपडेट X Weather Update: एक तरफ बारिश की एंट्री… दूसरी तरफ 47°C की आग! जानिए आज का पूरा मौसम अपडेट   Weather Update: देशभर में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है. एक तरफ मानसून तेजी से आगे बढ़ते हुए अंडमान निकोबार, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के कई हिस्सों तक पहुंच चुका है, तो दूसरी तरफ उत्तर और मध्य भारत अभी भी भीषण गर्मी और लू की चपेट में झुलस रहा है. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक दक्षिण पश्चिम मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और अगले 3-4 दिनों में यह और आगे बढ़ सकता है. केरल में मानसून के 26 मई के आसपास दस्तक देने की संभावना जताई गई है, हालांकि इसमें कुछ दिनों का अंतर भी हो सकता है. मानसून के आगे बढ़ने के साथ ही दक्षिण भारत में बारिश की गतिविधियां भी तेज होने लगी हैं. केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, पुडुचेरी और लक्षद्वीप जैसे इलाकों में भारी बारिश, तेज हवाएं और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है. कुछ जगहों पर हवाओं की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि कर्नाटक के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी गई है. मौसम बिगड़ने के चलते मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है. लेकिन उत्तर भारत की कहानी बिल्कुल अलग है. राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में हीटवेव का कहर जारी है. यूपी का बांदा देश का सबसे गर्म इलाका रहा, जहां तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. आईएमडी ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान और बढ़ सकता है. कई इलाकों में दिन के साथ-साथ रात में भी गर्म हवाओं का असर रहेगा, जिससे लोगों को राहत मिलने की कोई उम्मीद फिलहाल नहीं है. दिल्ली में भी अगले कुछ दिनों तक तेज धूप और गर्म हवाएं परेशान करेंगी और तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है. वहीं हरियाणा और पंजाब में भी 18 से 24 मई तक हीटवेव की स्थिति बनी रहने की संभावना है. पूर्वी भारत में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा. बिहार, झारखंड और पूर्वोत्तर राज्यों में कहीं लू तो कहीं तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. असम, मेघालय और त्रिपुरा जैसे राज्यों में भारी बारिश का अनुमान है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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BJP telangana| Revanth Reddy| MP dharmapuri| बीजेपी की नजर अब तेलंगाना पर!...

होमताजा खबरदेश बीजेपी की नजर अब तेलंगाना पर! रेवंत रेड्डी बनेंगे अगले सुवेंदु अधिकारी, दावा Last Updated:May 19, 2026, 13:25 IST बीजेपी सांसद धर्मपुरी अरविंद ने दावा कर तेलंगाना में स‍ियासी हलचल बढ़ा दी है. अरव‍िंद ने दावा किया कि तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी भविष्य में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आ सकते हैं और रेवंत अगले सुवेंदु अधिकारी बन सकते हैं. बीजेपी की नजर अब तेलंगाना पर है. यहां कांग्रेस की सरकार है लेकि‍न बीजेपी के एमपी का दावा है कि‍ जल्‍द ही रेवंत रेड्डी अगले सुवेंदु अध‍िकारी बनने वाले हैं. Telangana Politics: तेलंगाना में सियासी पारा अचानक चढ़ गया है. भाजपा के सांसद धर्मपुरी अरविंद के दावे से कांग्रेस में हलचल मच गई है. अरविंद ने दावा किया है कि पश्चिम बंगाल के बाद बीजेपी की नजर अब तेलंगाना पर है. आने वाले दिनों में कांग्रेस नेता और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी अगले सुवेंदु अधिकारी बन सकते हैं. तेलंगाना में राजनीतिक चर्चाओं को हवा देते हुए बीजेपी सांसद धर्मपुरी अरविंद ने सोमवार को दावा किया कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी एक दिन कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो सकते हैं. अरविंद ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी के हालिया मुख्यमंत्री और कभी पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पूर्व मंत्री रहे सुवेंदु अधिकारी का उदाहरण दिया.उन्होंने कहा कि सुवेंदु 2020 में तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए थे और अब ममता बनर्जी के सबसे बड़े विरोधी बन चुके हैं. अरविंद ने दावा किया कि तेलंगाना में रेवंत रेड्डी के साथ भी कुछ ऐसा ही हो सकता है. सांसद अरविंद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने रेवंत रेड्डी को मुख्यमंत्री बनाकर गलती कर दी. कांग्रेस ने सीएम पद की सत्ता सौंपने में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को नजरअंदाज कर दिया था. जबकि ये नेता दशकों से कांग्रेस के साथ थे और जमीन पर काम कर रहे थे. उन्होंने दावा करते हुए आगे कहा, “2028-29 में तेलंगाना में कांग्रेस को भारी हार मिलेगी. रेवंत रेड्डी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी को बहुत बुरी हार का सामना करना पड़ेगा.” उन्होंने 1985 और 1994 के चुनावों का हवाला दिया. इस बयान के मायने इसलिए भी खास हैं क्योंकि कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में एक कार्यक्रम में रेवंत रेड्डी से कहा था, “आप जहां पहुंचना चाहते हैं, वहां नहीं पहुंच पाएंगे, अच्छा है कि मेरे से ही जुड़ जाइए.” इस पर रेवंत रेड्डी मुस्कुरा उठे थे. अरविंद ने कहा, “मैं नहीं जानता कि पीएम का बयान क्या मतलब रखता है, लेकिन कुछ न कुछ तो है. तेलंगाना में भी पश्चिम बंगाल के सुवेंदु अधिकारी वाला माहौल बनता दिख रहा है.” सांसद अरविंद ने भविष्यवाणी की कि अगले दो साल तेलंगाना में तेज राजनीति देखने को मिलेगी और अंत में भाजपा की सरकार बनेगी. गौरतलब है कि जल्द ही ग्रेटर हैदराबाद म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (GHMC) चुनाव होने वाले हैं और इन चुनावों में भाजपा व कांग्रेस के बीच सियासी टकराव बढ़ता जा रहा है. ऐसे में अरविंद के इस बयान ने तेलंगाना की राजनीति में चिंगारी लगा दी है. About the Author प्रिया गौतमSenior Correspondent Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Hyderabad,Hyderabad,Telangana Source link

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मेरठ के पास छिपा है फैमिली वेकेशन का शानदार स्पॉट, बच्चों से...

Last Updated:May 19, 2026, 12:24 IST अगर आप समर वेकेशन में परिवार और बच्चों के साथ किसी ऐसी जगह घूमने का प्लान बना रहे हैं, जहां इतिहास, अध्यात्म, मनोरंजन और प्रकृति का अनोखा संगम देखने को मिले, तो मेरठ के पास स्थित ऐतिहासिक हस्तिनापुर आपके लिए शानदार विकल्प साबित हो सकता है. महाभारत कालीन विरासत से जुड़ा यह स्थान आज भी पांडव टीला, जंबूद्वीप, ध्यान मंदिर और नेचर ट्रेन जैसी आकर्षक जगहों के कारण पर्यटकों को अपनी ओर खींच रहा है. ऐतिहासिक हस्तिनापुर, जिसे महाभारत कालीन धरती के रूप में विश्वभर में विशेष पहचान मिली है, आज भी अपने गौरवशाली अतीत की झलक समेटे हुए है. यहां मौजूद प्राचीन मंदिर और टीलें हजारों वर्षों पुरानी सभ्यता और स्मृतियों को जीवंत कर देते हैं. इसी ऐतिहासिक विरासत का आकर्षक उदाहरण पांडव टीला भी है, जहां पहुंचकर पर्यटक और श्रद्धालु उस युग की अनुभूति कर सकते हैं, जब महाभारत की कथाएं इसी धरती पर आकार ले रही थीं. बताते चलें कि आप सभी अगर हस्तिनापुर घूमने जाते हैं तो एक दिन में आराम से यहां की प्रमुख जगहों को एक्सप्लोर कर वापस लौट सकते हैं. वहीं अगर आप रुकना चाहते हैं तो यहां विभिन्न धर्मशालाओं की भी सुविधा उपलब्ध है, जहां बहुत कम शुल्क में ठहरने की व्यवस्था मिल जाती है. यहां घूमने के बाद प्रकृति के बीच जो सुकून मिलता है, वह किसी हिल स्टेशन से कम नहीं लगता. गंगा के मैदानों में बसा होने के बावजूद यहां की हरियाली और शांत वातावरण गर्मी में भी राहत का एहसास कराता है. वहीं दूसरी ओर हस्तिनापुर में जैन समाज द्वारा विकसित “जंबूद्वीप” एक प्रमुख आकर्षण है, जो धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. यहां का वातावरण और संरचना आगंतुकों को प्राचीन जैन मान्यताओं की झलक कराता है. इसके अलावा यहां “हंसी की लोटपोट हस्तिनापुर जंक्शन” नाम से एक मनोरंजन ट्रेन भी मौजूद है, जिसमें परिवार के साथ सफर करते समय अलग-अलग आकार और मजेदार दृश्य देखने को मिलते हैं, जो बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को खूब मनोरंजन प्रदान करते हैं. इस दौरान लोग तनाव भूलकर हंसी-खुशी के माहौल का आनंद लेते हैं. जंबूद्वीप परिसर में विभिन्न प्रकार के झूले और मनोरंजन साधन भी उपलब्ध हैं, जो इस स्थान को धार्मिक के साथ-साथ एक बेहतरीन फैमिली डेस्टिनेशन भी बनाते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google वहीं दूसरी ओर पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए वन विभाग की ओर से यहां नेचर ट्रेन भी विकसित की जा रही है. इस ट्रेन में सफर करते हुए लोग प्राकृतिक वातावरण और हरियाली के खूबसूरत नजारों का आनंद ले सकेंगे. यहां विभिन्न प्रकार के पशु-पक्षियों की आकृतियों वाले स्टैच्यू भी बनाए जा रहे हैं, ताकि वन क्षेत्र में रहने वाले जीव-जंतुओं के बारे में लोगों को बेहतर जानकारी मिल सके. इसके साथ ही पर्यटकों के लिए झूले और झोपड़ियां भी विकसित की जा रही हैं, जिससे यह स्थान बच्चों और परिवारों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा. यहां आप बच्चों के साथ ट्रेन और झूलों का भरपूर आनंद ले सकते हैं. परिसर में मेले जैसे कई आकर्षक झूले लगाए गए हैं, जिनका लुत्फ उठाने के लिए मात्र ₹30 प्रति व्यक्ति का शुल्क देना होता है. ऐसे में बच्चे यहां खूब मस्ती करते हैं और परिवार के साथ यादगार पल बिताते हैं. इसके अलावा यहां जैन समाज से जुड़े कई भव्य मंदिर भी मौजूद हैं. इनमें सबसे खास ध्यान मंदिर माना जाता है, जहां का शांत और आध्यात्मिक वातावरण लोगों को मानसिक सुकून देता है. यहां बैठकर ध्यान लगाने से मन एकाग्र होता है और तनाव भी काफी हद तक दूर हो जाता है. समर वेकेशन में अगर आप भी बच्चों के साथ घूमने का प्लान बना रहे हैं और ऐसी जगह की तलाश में हैं, जहां सैर के साथ प्रकृति का खूबसूरत नजारा भी देखने को मिले, तो मेरठ से करीब 45 किलोमीटर दूर स्थित ऐतिहासिक हस्तिनापुर आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है. यहां आप गर्मी के बीच भी प्राकृतिक वातावरण और हरियाली के बीच सुकून भरे पल बिताते हुए छुट्टियों का भरपूर आनंद ले सकते हैं. पांडव टीले के नीचे महाभारत कालीन महलों के अवशेष होने की मान्यता है. यही वजह है कि समय-समय पर पुरातत्व विभाग यहां खुदाई कर विभिन्न ऐतिहासिक वस्तुओं को संरक्षित करने का कार्य करता रहता है. वहीं अब इस क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से भी काफी विकसित किया गया है. ऐसे में अगर आप परिवार के साथ यहां घूमने आते हैं, तो प्राकृतिक वातावरण और हरियाली के बीच सुकून भरे पल बिताने का आनंद ले सकते हैं. इसके साथ ही यहां सेल्फी लेने के लिए भी शानदार स्थान बनाए गए हैं. पेड़ों और आसपास के क्षेत्र का सुंदर तरीके से सौंदर्यीकरण किया गया है, जो पर्यटकों को काफी आकर्षित करता है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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एक बूंद की कीमत हजारों… 20 लाख रुपये लीटर वाला इत्र! जयपुर...

Jaipur Famous Perfume: जयपुर के ट्रिपोलिया बाजार की डी आर अरोमा दुकान अपने खास और महंगे इत्रों के लिए चर्चा में है. यहां खस, गुलाब, चंदन और उद जैसी वैरायटी लाखों रुपये प्रति लीटर तक बिकती हैं. कन्नौज के पारंपरिक फार्मूले से तैयार होने वाले ये इत्र दुबई, लंदन और अमेरिका तक पसंद किए जा रहे हैं. Source link

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कौन हैं ब्रिटेन में सबसे कम उम्र में मेयर बना हरियाणा का...

Last Updated:May 19, 2026, 10:15 IST UK Youngest Mayor Tushar Kumar Story: पूर्वी इंग्लैंड की स्थानीय परिषद का प्रतिनिधित्व करने वाले 23 साल के युवक ने ब्रिटेन में सबसे कम उम्र का भारतीय मूल का मेयर बनकर इतिहास रच दिया है. तुषार मूल रूप से हरियाणा के रोहतक के रहने वाले हैं और वह 13 साल पहले विदेश चले गए थे. उनके माता पिता भी वहीं पर रहते हैं. ख़बरें फटाफट तुषार कुमार ने पिछले हफ्ते एक समारोह में एल्स्ट्री और बोरेहमवुड के मेयर का पद संभाला. रोहतक. हरियाणा के रोहतक में जन्में 23 साल के छोरे ने कमाल कर दिया. पूर्वी इंग्लैंड की एक स्थानीय परिषद का प्रतिनिधित्व करने वाले 23 साल के युवक ने ब्रिटेन में सबसे कम उम्र का भारतीय मूल का मेयर बनकर इतिहास रच दिया है. जानकारी के अनुसार, किंग्स कॉलेज लंदन के राजनीति विज्ञान के पूर्व छात्र तुषार कुमार ने पिछले हफ्ते एक समारोह में एल्स्ट्री और बोरेहमवुड के मेयर का पद संभाला. लेबर पार्टी के पार्षद कुमार 2023 में एल्स्ट्री और बोरेहमवुड नगर परिषद में शामिल हुए थे और पहले डिप्टी मेयर के तौर पर सेवा दे चुके हैं. समारोह के बाद जारी बयान में तुषार कुमार ने कहा, ‘कल रात एल्स्ट्री और बोरेहमवुड के महापौर के रूप में आधिकारिक तौर पर पद संभालना मेरे लिए सम्मान की बात है और 23 साल की उम्र में, मैं ब्रिटेन के इतिहास में सबसे कम उम्र का भारतीय मूल का महापौर बना हूं.’ तुषार कुमार का मानना है कि ‘असली बदलाव समुदाय स्तर पर शुरू होता है.’ उन्होंने कहा, ‘मुझे स्वयंसेवा करना, समावेशी सामुदायिक कार्यक्रमों का आयोजन करना और सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंच की पैरोकारी करना पसंद है.’ तुषार इससे पहले डिप्टी मेयर भी रहे हैं. जानकारी के अनुसार, तुषार जब 10 साल के थे तो हरियाणा के रोहतक से यहां पर आ गए थे. वह 2023 में पार्षद चुने गए थे. तुषार के माता पिता 13 साल पहले रोहतक से यूके शिफ्ट हुए थे और वह शिक्षा के क्षेत्र में काम करते हैं. लेबर पार्टी के काउंसिलर तुषार ने एक वोट से अपने विरोधी को हराया था. इस सीट पर कई साल से कन्जर्वेटिव पार्टी का कब्जा था. तुषार की मां परवीन रानी ने भी हर्टसमेयर बोरो काउंसिल में पार्षद का चुनाव जीता था और वह भी बाद में डिप्टी मेयर बनी थी. तुषार ने अपनी मां को प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि वह मेयर के साथ साथ अपनी हायर स्टडी भी जारी रखेंगे. तुषार के माता पिता 13 साल पहले रोहतक से यूके शिफ्ट हुए थे. (फोटो-तुषार की सोशल मीडिया से) वह कहते हैं कि वह अक्सर अपने देश भारत जाते रहते हैं और वहां पर यूनिवर्सिटी में लेक्चर देते हैं. मैं भारत से हमेशा कनेक्टिड रहता हूं. मेरी मां ने मुझे सिखाया है कि हमेशा अपनी जड़ों यानी संस्कृति और हेरिटेज से जुड़े रहो. वह कहते हैं कि उन्होंने परिषद में पहली बार दिवाली सेलिब्रेशन फंक्शन का आयोजन किया था और अब यह हर साल मनाया जाता है. गौरतलब है कि तुषार के माता पिता और पूर्वजों का हरियाणा में कोई राजनितिक इतिहास नहीं है. वह कहते हैं कि भारत में राजनीति एक मुश्किल बात है और इसमें उतरने के लिए काफी चुनौतियां भी पेश आती है. इसके मुकाबले यूके में राजनीति में चींजे ज्यादा आसान हैं और यहां पर ज्यादा मौके हैं. About the Author Vinod Kumar Katwal Vinod Kumar Katwal, a Season journalist with 14 years of experience across print and digital media. I have worked with some of India’s most respected news organizations, including Dainik Bhaskar, IANS, Punjab K…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Rohtak,Rohtak,Haryana Source link

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Neet news| NEET UG Paper Leak LIVE: नीट पेपर लीक में बड़ा...

Last Updated:May 19, 2026, 09:16 IST NEET UG Paper Leak LIVE: NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में जांच अब और तेज हो गई है. महाराष्ट्र के बड़े कोचिंग नेटवर्क रेनूकई (Renukai Career Centre,RCC) के फाउंडर शिवराज मोटेगांवकर को कोर्ट ने 9 दिन की CBI कस्टडी…और पढ़ें NEET UG Paper Leak LIVE, NEET, neet exam, neet ug, Neet news: नीट पेपर लीक मामले में क्‍या है लेटेस्‍ट अपडेट? NEET UG Paper Leak LIVE: NEET-UG 2026 पेपर लीक मामला लगातार बड़ा होता जा रहा है. CBI अब इस केस में बड़े कोचिंग नेटवर्क, मेडिकल छात्रों और NTA से जुड़े लोगों तक पहुंच चुकी है. महाराष्ट्र के लातूर से गिरफ्तार Renukai Career Centre (RCC) के फाउंडर शिवराज मोटेगांवकर को कोर्ट ने 9 दिन की CBI कस्टडी में भेज दिया है. वहीं पुणे की बॉटनी लेक्चरर मनीषा मंधारे को कॉलेज ने सस्पेंड कर दिया है. इस बीच जयपुर के SMS मेडिकल कॉलेज की छात्रा पलक बिवाल के गायब होने की खबर ने जांच को नया मोड़ दे दिया है. संसद की समिति ने NTA प्रमुख को भी तलब किया है और अब NEET परीक्षा को CBT मोड में कराने की मांग तेज हो गई है. NEET पेपर लीक मामले से जुड़ी हर बड़ी अपडेट हम आपको यहां लगातार बता रहे हैं…. देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 का पेपर लीक मामला अब सिर्फ एक एग्जाम घोटाला नहीं, बल्कि देशभर में फैले बड़े नेटवर्क की जांच बन चुका है. CBI लगातार गिरफ्तारियां कर रही है.नए नाम सामने आ रहे हैं और जांच का दायरा कोचिंग सेंटरों से लेकर मेडिकल कॉलेजों और NTA से जुड़े लोगों तक पहुंच गया है. महाराष्ट्र के बड़े कोचिंग नेटवर्क RCC के फाउंडर शिवराज मोटेगांवकर की गिरफ्तारी, पुणे की लेक्चरर मनीषा मंधारे का सस्पेंशन, राजस्थान में मेडिकल छात्रों के गायब होने की खबर और संसद की समिति द्वारा NTA प्रमुख को तलब किए जाने के बाद यह मामला और गंभीर हो गया है. इसी बीच केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की तैयारी में दिख रही है और NEET को CBT मोड में कराने की मांग भी तेज हो गई है. NEET-UG 2026 पेपर लीक केस: अब तक क्या-क्या हुआ? देशभर में लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा NEET-UG 2026 पेपर लीक मामला हर दिन नए खुलासे कर रहा है. CBI, राजस्थान SOG और दूसरी एजेंसियां लगातार जांच में जुटी हैं और अब इस केस में कई बड़े नाम सामने आने लगे हैं.इस मामले में सबसे बड़ा ताजा एक्शन महाराष्ट्र के लातूर में देखने को मिला, जहां CBI ने Renukai Career Centre (RCC) के संस्थापक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया.दिल्ली की विशेष CBI अदालत के जज अजय गुप्ता ने मोटेगांवकर को 9 दिन की CBI कस्टडी में भेज दिया. जांच एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि मामला अभी शुरुआती और बेहद अहम चरण में है. CBI का कहना है कि मोटेगांवकर से पूछताछ के जरिए दूसरे आरोपियों की पहचान करनी है और सबूतों से छेड़छाड़ रोकनी है. NEET UG Paper Leak LIVE: पुणे की लेक्चरर मनीषा मंधारे सस्पेंड NEET UG Paper Leak LIVE: NEET पेपर लीक केस में गिरफ्तार पुणे की बॉटनी लेक्चरर मनीषा गुरुनाथ मंधारे पर भी शिकंजा कसता जा रहा है.पुणे के मॉर्डन कॉलेज ऑफ आर्टस साइंस एंड कॉमर्स ने उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. कॉलेज ने बयान जारी कर कहा कि मंधारे 2002 से जूनियर कॉलेज सेक्शन में कार्यरत थीं और पिछले 24 साल से 11वीं-12वीं के छात्रों को बायोलॉजी पढ़ा रही थीं. NEET UG Paper Leak LIVE: जांच में क्‍या सामने आया? NEET UG Paper Leak LIVE: जांच एजेंसियों के मुताबिक पलक के चाचा मांगीलाल बिवाल और चचेरे भाई विकास बिवाल का नाम कथित पेपर लीक नेटवर्क से जुड़ा हुआ है.मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने विकास बिवाल को लेकर भी कई अहम बातें सामने रखी हैं. प्रशासन के मुताबिक उसकी कॉलेज में उपस्थिति काफी कम थी और पढ़ाई में प्रदर्शन भी कमजोर बताया गया. NEET UG Paper Leak LIVE:जयपुर के मेडिकल कॉलेज से छात्रा गायब NEET UG Paper Leak LIVE: इस बीच राजस्थान से भी बड़ा अपडेट सामने आया. जयपुर के प्रतिष्ठित SMS मेडिकल कॉलेज की MBBS फर्स्ट ईयर छात्रा पलक बिवाल के कॉलेज से गायब होने की खबर ने जांच को और गंभीर बना दिया है.इससे पहले उसी परिवार की प्रगति बिवाल भी छुट्टी लेकर कॉलेज से गायब बताई गई थीं. पलक का परिवार पहले से ही CBI जांच के दायरे में है. NEET UG Paper Leak LIVE: कौन हैं शिवराज मोटेगांवकर? NEET UG Paper Leak LIVE: शिवराज मोटेगांवकर महाराष्ट्र के चर्चित कोचिंग कारोबारी माने जाते हैं. उनका Renukai Career Centre यानी RCC NEET और JEE की तैयारी कराने वाले बड़े नेटवर्क में गिना जाता है.बताया जा रहा है कि RCC की कुल 9 शाखाएं हैं और बड़ी संख्या में छात्र यहां मेडिकल एंट्रेंस की तैयारी करते हैं. जांच एजेंसियों को शक है कि पेपर लीक नेटवर्क में कोचिंग सर्किट की बड़ी भूमिका हो सकती है. NEET UG Paper Leak LIVE:सीबीआई कर रही जांच NEET UG Paper Leak LIVE: CBI को शक है कि लीक हुए पेपर की हस्तलिखित कॉपियां किन-किन लोगों तक पहुंचीं, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है. जांच के लिए RCC के संस्थापक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को पुणे समेत महाराष्ट्र के कई इलाकों में ले जाया जा सकता है. Source link

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