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मोदी-मेलोनी की आ गई नई सेल्फी, फोटो शेयर कर बोलीं इटली की...

होमताजा खबरदेश मोदी-मेलोनी की आई नई सेल्फी, फोटो शेयर कर बोलीं इटली की PM- स्वागत मेरे दोस्त Last Updated:May 20, 2026, 05:40 IST मोदी-मेलोनी की आ गई नई सेल्फी, फोटो शेयर कर बोलीं इटली की PM- आपका स्वागत मेरे दोस्त पीएम मोदी और मेलोनी की लेटेस्ट सेल्फी. पीएम मोदी इटली पहुंच चुके हैं. इटली पहुंचते ही पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की नई सेल्फी सामने आ गई. पीएम मोदी संग अपनी सेल्फी वाली फोटो शेयर कर इटली की PM ने मेलोनी ने कहा कि रोम में आपका स्वागत मेरे दोस्त. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नॉर्वे की अपनी दो दिवसीय यात्रा पूरी करके मंगलवार रात रोम पहुंचे. यहां वह इटली की अपनी समकक्ष जॉर्जिया मेलोनी और राष्ट्रपति सर्जियो मट्टरेल्ला से मुलाकात करेंगे. साथ ही भारत-इटली सहयोग को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा करेंगे. रोम हवाई अड्डे पर उप प्रधानमंत्री और विदेश मामलों एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग मंत्री एंटोनियो ताजानी ने मोदी का स्वागत किया। प्रधानमंत्री पांच देशों की अपनी यात्रा के अंतिम चरण में इटली पहुंचे हैं. मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “इटली के रोम पहुंचा. राष्ट्रपति सर्जियो मट्टरेल्ला और प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात कर विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श करूंगा.” उन्होंने लिखा, ‘इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत-इटली सहयोग को बढ़ावा देना है, जिसमें विशेष रूप से भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारे (आईएमईसी) पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029 की भी समीक्षा की जाएगी। मैं खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के मुख्यालय का भी दौरा करूंगा और बहुपक्षवाद के साथ-साथ वैश्विक खाद्य सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को मजबूत करूंगा.’ विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में लिखा, “भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी में एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आधिकारिक दौरे पर रोम पहुंचे हैं।” उन्होंने लिखा, “भारत और इटली के बीच दीर्घकालिक और बहुआयामी साझेदारी है। यह यात्रा भारत-इटली साझेदारी को नयी गति प्रदान करेगी।” प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए जून 2024 में इटली की यात्रा की थी। News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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हवा में रास्ता बदलना, रात में भी सटीक वार… हाई-एल्टीट्यूड पर गेमचेंजर...

होमताजा खबरदेश हवा में रास्ता बदलना, रात में भी वार; गेमचेंजर साबित होगी DRDO की ड्रोन मिसाइल Last Updated:May 20, 2026, 04:31 IST डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) ने कर्नूल टेस्ट रेंज में यूएवी लॉन्च्ड प्रिसिजन गाइडेड मिसाइल-वी3 (ULPGM-V3) का सफल ट्रायल पूरा कर लिया है. फायर एंड फॉरगेट और टॉप-अटैक तकनीक से लैस यह स्वदेशी मिसाइल ड्रोन से दागी जा सकती है. यह हवा से जमीन पर टैंकों को और हवा से हवा में दुश्मन के हेलीकॉप्टरों व ड्रोन को पल भर में तबाह करने में सक्षम है. ख़बरें फटाफट डीआरडीओ ने कीर्तिमान रच दिया है. नई दिल्ली. डिफेंस सेक्टर में भारत ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है. डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) ने कर्नूल टेस्ट रेंज में यूएवी लॉन्च्ड प्रिसिजन गाइडेड मिसाइल-वी3 (ULPGM-V3) के फाइनल ट्रायल सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं. इस मिसाइल को मानवरहित विमान यानी ड्रोन (UAV) से दागने के लिए डिजाइन किया गया है. सबसे खास बात यह है कि मिसाइल ने हवा से जमीन और हवा से हवा, दोनों ही मोड में सटीक मार करने की अपनी क्षमता साबित की है. यह पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक है, जिसे रिसर्च सेंटर इमारत (RCI) हैदराबाद ने अन्य डीआरडीओ लैब्स के साथ मिलकर तैयार किया है. यह मिसाइल रक्षा के क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को बहुत बड़ा बढ़ावा देने वाली है. यह अत्याधुनिक मिसाइल सिस्टम कैसे काम करता है?यह पूरा मिसाइल सिस्टम रिमोटली ऑपरेटेड और पूरी तरह ऑटोमेटेड तकनीक पर काम करता है. इसे ऑपरेट करने के लिए एक इंटीग्रेटेड ग्राउंड कंट्रोल सिस्टम (GCS) का इस्तेमाल किया जाता है, जो मिसाइल को रेडी करने से लेकर लॉन्च करने तक की कमांड देता है. मिसाइल में अत्याधुनिक इमेजिंग इन्फ्रारेड (IIR) सीकर और लेजर गाइडेंस सिस्टम लगा है. जब इसे ड्रोन से लॉन्च किया जाता है, तो यह दिन और रात दोनों समय दुश्मन के टारगेट को ढूंढकर उस पर लॉक हो जाती है. इसमें टू-वे डेटा लिंक सिस्टम दिया गया है, जिसकी मदद से लॉन्च होने के बाद भी मिसाइल के रास्ते को हवा में बदला जा सकता है या नया टारगेट सेट किया जा सकता है. इसका प्रोपल्शन सिस्टम इसे 10 किलोमीटर की रेंज तक तेज स्पीड से लेकर जाता है. यह ‘फायर एंड फॉरगेट’ तकनीक पर काम करती है, यानी एक बार दागने के बाद इसे गाइड करने की जरूरत नहीं पड़ती. दुश्मन के टैंकों को कैसे पल भर में तबाह कर देगी यह मिसाइल?टैंकों और बख्तरबंद गाड़ियों को तबाह करने के लिए इसमें बेहद खतरनाक ‘टॉप-अटैक’ मोड दिया गया है. टैंकों के ऊपर का हिस्सा सबसे कमजोर होता है. यह मिसाइल ड्रोन से छूटने के बाद सीधे ऊपर जाती है और फिर वर्टिकल मोड में आकर टैंक के सबसे ऊपरी हिस्से पर हमला करती है. इसमें टेंडेम-चार्ज वॉरहेड का इस्तेमाल किया गया है, जो आधुनिक से आधुनिक एक्सप्लोसिव रिएक्टिव आर्मर (ERA) को आसानी से भेदकर टैंक के परखच्चे उड़ा सकता है. इसके अलावा, इसमें बंकरों को उड़ाने के लिए पेनिट्रेशन-कम-ब्लास्ट वॉरहेड का विकल्प भी मौजूद है. हवा में उड़ते हेलीकॉप्टर और ड्रोन का शिकार कैसे होगाइस मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत इसका एयर-टू-एयर मोड है. एलओसी या एलएसी पर अगर दुश्मन का कोई ड्रोन, हेलीकॉप्टर या कम ऊंचाई पर उड़ने वाला एयरक्राफ्ट भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश करता है, तो हमारा सर्विलांस ड्रोन इस मिसाइल की मदद से उसे हवा में ही मार गिराएगा. इसके लिए मिसाइल में प्री-फ्रेगमेंटेशन वॉरहेड लगाया जाता है, जो टारगेट के पास पहुंचते ही छोटे-छोटे घातक टुकड़ों में ब्लास्ट होता है. इससे दुश्मन का उड़ता हुआ टारगेट हवा में ही पूरी तरह नष्ट हो जाता है. भारत की सुरक्षा के लिहाज से यह मिसाइल कितनी अहम है?सुरक्षा के नजरिए से यह भारत के लिए गेमचेंजर साबित होने जा रही है. चीन और पाकिस्तान के साथ लगती हमारी सीमाओं पर कई इलाके बेहद दुर्गम और पहाड़ी हैं. लद्दाख और अरुणाचल जैसे हाई-एल्टीट्यूड वाले क्षेत्रों में सैनिकों या भारी हथियारों को तुरंत तैनात करना मुश्किल होता है. ऐसे हालातों में यह मिसाइल तकनीक बिना किसी इंसानी जान के जोखिम के, लंबी दूरी से ही दुश्मन के ठिकानों को तबाह करने की आजादी देती है. भारत अब उन चुनिंदा देशों की लीग में शामिल हो गया है जिनके पास ड्रोन से स्मार्ट प्रिसिजन मिसाइल दागने की क्षमता है. चूंकि इसकी पूरी सप्लाई चेन स्वदेशी है, इसलिए युद्ध जैसी स्थिति में हमें किसी दूसरे देश पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. About the Author Sandeep GuptaChief Sub Editor डिजिटल पत्रकारिता में खबरों की गहरी समझ रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. 16 वर्षों से सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में इन्होंने अपनी कलम से जटिल विषयों को …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi Source link

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मीन राशि वालों पर आज बरसेंगी ग्रहो की कृपा, बनेंगे बिगड़े काम,...

Last Updated:May 20, 2026, 03:31 IST Aaj ka Meen Rashifal 20 May 2026, Pisces Horoscope Today: आज मीन राशि के जातकों के लिए दिन मिश्रित फल देने वाला रहेगा. परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और रिश्तों में मिठास बनी रहेगी. स्वास्थ्य कुछ कमजोर रह सकता है, जिससे मन मे निराशा रहेगी. आइए जानते पूरा राशिफल.  मीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन शुभ संकेत लेकर आया है.किस्मत आपका साथ दे सकती है और कार्यक्षेत्र में की गई मेहनत रंग लाएगी. नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जिससे आपकी प्रतिभा सामने आएगी. पदोन्नति या वरिष्ठों से प्रशंसा मिलने के भी योग बन रहे हैं. आर्थिक मामलों में स्थिति मजबूत रहने की संभावना है और निवेश से जुड़े फैसले लाभकारी साबित हो सकते हैं. दिनभर सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी, लेकिन करियर से जुड़े निर्णय सोच-समझकर लेना आपके लिए बेहतर रहेगा.आइए उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिष आचर्य आनंद भारद्वाज से जानते है करियर, स्वास्थ और लव लाइफ का हाल कैसा रहेगा. मीन राशि वालों का करियर राशिफलमीन राशि के जातकों के लिए आज कार्यक्षेत्र में समझदारी और टीम भावना आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेगी. सहकर्मियों का सहयोग मिलने से रुके हुए काम भी आसानी और तेजी से पूरे हो सकते हैं. आपका शांत, विनम्र और संतुलित स्वभाव लोगों को प्रभावित करेगा, जिससे आपकी छवि और मजबूत होगी. हालांकि आज बेवजह की बहस या विवाद से दूरी बनाए रखें, क्योंकि छोटी अनबन भी करियर में परेशानी खड़ी कर सकती है. मीन राशि वालों का व्यापार राशिफलआज मीन राशि के व्यापारियों के लिए दिन मिला-जुला परिणाम देखने को मिलेगा. बिज़नेस में नई उम्मीदें बनेंगी और कामकाज में तेजी देखने को मिलेगी. लेकिन पार्टनर से तीखी वाणी की वजह से कुछ बहस हो सकती है. शाम होते-होते किसी करीबी दोस्त या भरोसेमंद साझेदार की मदद से आपको नया मौका मिल सकता है, जिससे अच्छा मुनाफा होने की संभावना है. यहां तक कि आज कोई बड़ा ऑर्डर भी मिल सकता है, जो आपके कारोबार को नई ऊंचाई दे सकता. उन्हें चाहिए वाणी पर सयंम रखे. मीन राशि वालों का स्वास्थ राशिफलमीन राशि के जातकों के लिए आज स्वास्थ्य सामान्य रहने के संकेत हैं. दिनभर मानसिक तनाव और हल्की थकान महसूस हो सकती है, इसलिए खुद को शांत और संतुलित रखने की कोशिश करें. योग और ध्यान आपकी ऊर्जा बढ़ाने में मदद करेंगे. ज्यादा भागदौड़ और तनाव से दूरी बनाए रखें. खानपान में पौष्टिक और हल्के आहार को प्राथमिकता दें, इससे सेहत बेहतर बनी रहेगी. मीन राशि वालों की आर्थिक राशिफलआज आर्थिक स्थिति की बात करे तो सकारात्मक संकेत नजर आ रहे हैं. पैसों से जुड़ी चिंताएं धीरे-धीरे कम होंगी और जरूरत के समय दोस्तों व करीबी लोगों का सहयोग मिलेगा. पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना है, जिससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा. नए निवेश के अवसर भी सामने आ सकते हैं. सोच-समझकर और धैर्य के साथ लिए गए फैसले भविष्य में अच्छे परिणाम देंगे और आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में मदद करेंगे. मीन राशि वालों की लव लाइफमीन राशि के जातकों के लिए आज वैवाहिक और प्रेम जीवन के लिहाज से दिन काफी खास रहने वाला है. विवाहित लोगों के बीच आपसी समझ और प्रेम में मधुरता बढ़ेगी, जिससे रिश्ते और मजबूत होंगे. वहीं प्रेम संबंधों में जुड़े जातकों के लिए आज का दिन रोमांस और खुशी से भरा रहेगा, पार्टनर के साथ बिताए गए पल यादगार बन सकते हैं. जो मीन राशि के जातक अभी सिंगल हैं, उनके लिए भी आज के दिन शुभ संकेत मिल रहे हैं. मनचाहे जीवनसाथी से मुलाकात के योग बन सकते हैं या कहीं से प्रेम प्रस्ताव मिलने की संभावना है. मीन राशि वाले करें ये उपाययह उपाय आज आपके लिए लकी नंबर 9 रहेगा. यह अंक आपको सफलता और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करेगा. जो जातक धर्म-कर्म में रुचि रखते हैं, वे आज भगवान गणेश के मंदिर जाकर लडू व दूर्वा का भोग लगाए. साथ ही गरीबों को हरी वस्तु का दान करें. यह उपाय मानसिक शांति देगा और आत्मविश्वास बढ़ाएगा. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ujjain,Madhya Pradesh Source link

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Supreme Court On Stray Dogs: ‘सुप्रीम कोर्ट ने तो इस गंभीर मामले...

होमताजा खबरदेश सुप्रीम कोर्ट ने तो अपने हाथ ही धो लिए… आवारा कुत्तों पर फैसले से नाराज मेनका Last Updated:May 19, 2026, 23:01 IST Supreme Court On Stray Dogs: सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक जगहों से आवारा कुत्तों को हटाने के अपने पुराने आदेश को बरकरार रखा है. डॉग लवर्स की बदलाव वाली याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी है. इस पर एनिमल राइट्स एक्टिविस्ट मेनका गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अपने हाथ धो लिए हैं. सरकार और एनजीओ के बीच एक बड़ा माफिया काम कर रहा है. मेनका गांधी ने क्यों कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले से हाथ धो लिए? (File Photo : PTI) नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने देश में लगातार बढ़ती डॉग बाइट की घटनाओं पर गहरी चिंता जताई है. कोर्ट ने सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने के अपने पुराने आदेश को बदलने से साफ मना कर दिया. डॉग लवर्स की याचिका को खारिज करते हुए कोर्ट ने पुराना फैसला बरकरार रखा है. इस बड़े फैसले पर एनिमल राइट्स एक्टिविस्ट और सांसद मेनका गांधी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले से अपने हाथ धो लिए हैं. कोर्ट ने कह दिया कि अब हमारे पास मत आइए और सीधे हाई कोर्ट जाइए. नवंबर के आदेश पर सात महीने बाद भी कोई अमल नहीं हुआ है. आवारा कुत्तों को सार्वजनिक जगहों से कैसे हटाया जा सकता है? मेनका गांधी ने कहा कि जानवर हमेशा उसी जगह जाते हैं जहां उन्हें आसानी से खाना मिलता है. रेलवे स्टेशन, कॉलेज और अस्पतालों जैसी जगहों पर कुत्तों को खाना मिल जाता है. ऐसे में उन्हें इन सार्वजनिक जगहों से कैसे हटाया जा सकता है. कोर्ट ने पहले स्टेट एनिमल बोर्ड बनाने की बात कही थी जो आज तक नहीं बने. अब सार्वजनिक जगहों से जानवरों को हटाने की बात से सड़कों पर दोनों पक्षों में फिर मारामारी शुरू होगी. देश के एबीसी सेंटर्स और फर्जी एनजीओ का क्या है पूरा सच? मेनका गांधी के अनुसार देश के सभी 780 जिलों में एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर खुलने चाहिए थे. आज तक देश में एक भी नया सेंटर नहीं खोला गया है. दिल्ली में नए सेंटर बनने की बजाय पुराने 10 सेंटर्स को बंद कर दिया गया. गंगानगर में कुत्तों के काटने के 1080 मामले आए लेकिन वहां एक भी एबीसी सेंटर नहीं खुला. पूरे देश में सिर्फ 16 एनजीओ ऐसे हैं जिनके पास सही ट्रेनिंग है. बाकी जगहों पर बिना ट्रेनिंग के नकली एनजीओ का एक बड़ा माफिया काम कर रहा है. आवारा कुत्तों की समस्या को खत्म करने का क्या है सही समाधान? मेनका ने कहा कि इस बड़ी समस्या को सुलझाने के लिए एनिमल वेलफेयर बोर्ड की एसओपी को बेहतर करना होगा. बोर्ड में अच्छे और ईमानदार लोगों की नियुक्ति बहुत जरूरी है. सरकार को इस पूरे प्रोग्राम के लिए कम से कम दो से तीन हजार करोड रुपए का बजट जारी करना चाहिए. जब देश से पोलियो को खत्म करने के लिए करोड़ों रुपए खर्च हो सकते हैं तो यहां क्यों नहीं. सभी एनजीओ को सही ट्रेनिंग दी जाए और एक शहर में सिर्फ एक ही एनजीओ को कॉन्ट्रैक्ट मिले. About the Author दीपक वर्माDeputy News Editor दीपक वर्मा News18 हिंदी के डिजिटल न्यूजरूम में डिप्टी न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक से भी ज्यादा का अनुभव रखने वाले दीपक मुख्य रूप से विज्ञान, राजनीति और भारत के आंतरिक घ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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birth dates with deep spiritual connection with partner soulmate numerology | इन...

होमफोटोधर्म इन तारीखों पर जन्म लोग पार्टनर के साथ महसूस करते हैं स्पिरिचुअल कनेक्शन Last Updated:May 19, 2026, 23:04 IST Spiritual Connection Numerology: क्या आपको अपने पार्टनर के साथ ऐसा लगता है, जैसे यही परफेक्ट इंसान है मेरे लिए. अगर हां, तो इसका मतलब है कि आप दिव्य ऊर्जा से मार्गदर्शित हैं और इसी वजह से आपके और आपके पार्टनर के बीच गहरा आध्यात्मिक संबंध होता है. इस आर्टिकल में हम उन लोगों के बारे में जानेंगे, जिनका अपने पार्टनर के साथ जन्मतिथि के आधार पर आध्यात्मिक संबंध होता है. Spiritual Connection Numerology: कहा जाता है कि जन्मतिथि सिर्फ कैलेंडर की तारीख नहीं, बल्कि व्यक्ति के स्वभाव, सोच और रिश्तों की गहराई से भी जुड़ी होती है. अंक ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, कुछ खास तारीखों पर जन्म लेने वाले लोग अपने पार्टनर के साथ बेहद गहरा और आत्मिक स्तर का रिश्ता बना लेते हैं. ऐसे लोग सिर्फ बाहरी या दिखावटी प्यार में विश्वास नहीं रखते बल्कि अपने पार्टनर के साथ भावनात्मक और आध्यात्मिक रूप से भी जुड़ जाते हैं. रिलेशन में वफादारी, समर्पण और समझदारी इनके स्वभाव की खास पहचान होती है. माना जाता है कि ये लोग अपने पार्टनर की भावनाओं को बिना कहे समझ लेते हैं और हर परिस्थिति में उनका साथ निभाते हैं. इस वजह से इनके रिश्ते सामान्य कपल्स की तुलना में अधिक स्थायी और मजबूत माने जाते हैं… किसी भी महीने की 1, 10, 19 और 28 तारीख को जन्मे लोगों को मूलांक 1 होता है और इस मूलांक वाले सूर्य ग्रह के प्रभाव में होते हैं. सूर्य आत्मा, ऊर्जा, नेतृत्व और इच्छाशक्ति का प्रतीक है और ये लोग केवल उन्हीं को चुनते हैं, जिनसे उनकी आत्मा का संबंध हो. ये लोग अपने जीवनसाथी की तलाश करते हैं क्योंकि इन्हें लगता है कि कोई और उनकी ऊर्जा से मेल नहीं खा सकता और केवल उनका जीवनसाथी ही उन्हें गहराई से जानता है. इनका मानना है कि उनकी ऊर्जा दूसरों से अलग और शक्तिशाली है, इसलिए ये हमेशा ऐसे साथी की तलाश करते हैं जो बिल्कुल उनके जैसा हो. किसी भी महीने की 2, 11, 20 या 29 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांत 2 होता है और इस मूलांक वाले चंद्रमा के प्रभाव में होते हैं. चंद्रमा एक संवेदनशील ग्रह है, जिसमें गहरी आध्यात्मिक शक्ति होती है. ये लोग बेहद संवेदनशील और अंतर्ज्ञानी होते हैं. इनकी भावनाएं और संवेदनाएं बहुत तीव्र होती हैं, इसलिए ये कभी भी किसी रिलेशन में बिना सोचे-समझे नहीं जाते क्योंकि ये हमेशा ऐसे पार्टनर की तलाश करते हैं, जो उनसे आध्यात्मिक रूप से जुड़ा हो. ये लोग बाहरी चीजों की बजाय असली संबंधों की तलाश करते हैं, जो उनके मन को शांति दे सके. Add News18 as Preferred Source on Google किसी भी माह की 7, 16 या 25 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 7 होता है और इस मूलांक वाले केतु ग्रह के प्रभाव में होते हैं. यह ग्रह सत्य की खोज करने वाला माना जाता है, जो आध्यात्मिकता और आत्मचिंतन से गहराई से जुड़ा होता है. ये लोग अकेले रहकर जीवन के रहस्यों को सुलझाना पसंद करते हैं. ये ध्यान और योग साधना में अधिक रुचि रखते हैं, इसलिए इन्हें हमेशा ऐसा साथी चाहिए, जो गहराई से आध्यात्मिक हो और उनकी ऊर्जा से मेल खा सके. अपनी जिज्ञासु और रहस्यमयी प्रकृति के कारण, ये मानते हैं कि केवल एक आध्यात्मिक साथी ही उनके साथ पूरी जिंदगी चल सकता है बिना उनकी व्यक्तिगतता पर सवाल उठाए और दिलचस्प बात यह है कि ब्रह्मांड उनकी इस इच्छा को स्वीकार करता है और उन्हें ऐसा आध्यात्मिक साथी देता है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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पाकिस्तान जितने में पूरा रोशन होता है, भारत ने उसका 9 गुना...

सूरज आसमान से आग की लपटें बरसा रहा है, पारा 45 डिग्री के पार है और देश का कोना-कोना भीषण लू की चपेट में है. एसी, कूलर और पंखों की अंतहीन मांग के बीच मंगलवार दोपहर ठीक 3 बजकर 40 मिनट पर भारतीय पावर ग्रिड पर एक ऐसा ऐतिहासिक दबाव आया, जिसने दुनिया के बड़े-बड़े विकसित देशों के पसीने छुड़ा दिए. लेकिन भारतीय ग्रिड ने बिना पलक झपकाए इतिहास रच दिया. इस महा-संकट के बीच भारत ने रिकॉर्ड 260.45 गीगावाट (GW) बिजली की मांग को न सिर्फ छुआ, बल्कि उसे सफलतापूर्वक पूरा करके दिखा दिया. भारत की इस ताकत का अंदाजा आप इस आंकड़े से लगाइए कि जितने में हमारा पड़ोसी देश पाकिस्तान पूरा का पूरा रोशन हो जाता है (28.3 GW), भारत ने एक झटके में उसका पूरे 9 गुना से भी ज्यादा का लोड उठा लिया. यह सिर्फ बिजली की सप्लाई नहीं, बल्कि नए भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर की ताकत है. एक ही दिन में टूटा पिछला रिकॉर्डऊर्जा मंत्रालयने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि मंगलवार दोपहर 3:40 बजे देश में कुल 260.45 गीगावाट (GW) की रिकॉर्ड बिजली मांग दर्ज की गई, जिसे बिना किसी रुकावट के पूरा किया गया. यह आंकड़ा सोमवार को दर्ज की गई 257.37 गीगावाट की मांग से भी कहीं अधिक है. दिल्ली में भी इस सीजन की सबसे अधिक बिजली मांग दोपहर 3:30 बजे 7,776 मेगावाट (MW) दर्ज की गई. पड़ोसी देशों के मुकाबले 5 गुना मजबूत है भारतभारत के पावर ग्रिड की ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह हमारे सभी दक्षिण एशियाई पड़ोसी देशों की कुल मिलाकर होने वाली बिजली मांग से भी पांच गुना से अधिक है. यदि हम पाकिस्तान (28.3 GW), बांग्लादेश (16.5 GW), श्रीलंका (3 GW), नेपाल (2.2 GW), भूटान (1.2 GW), और अफगानिस्तान (0.8 GW) की अधिकतम बिजली मांग को जोड़ दें, तो यह लगभग 52 गीगावाट बैठती है. भारत अकेले 260.45 गीगावाट की मांग को संभाल रहा है, जो दिखाता है कि भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर कितना विशाल और मजबूत हो चुका है. कैसे मुमकिन हुई निर्बाध बिजली सप्लाई?इस अभूतपूर्व मांग को पूरा करने के लिए सरकार ने एडवांस रिसोर्स प्लानिंग (Resource Adequacy Planning) और रियल-टाइम कोऑर्डिनेशन का सहारा लिया. नेशनल, रीजनल और स्टेट लोड डिस्पैच सेंटरों (NLDC, RLDC, SLDC) ने बिजली उत्पादन कंपनियों के साथ मिलकर काम किया. देश की बिजली सप्लाई को चालू रखने में थर्मल पावर (कोयला आधारित) ने रीढ़ की हड्डी की भूमिका निभाई, जिसका कुल हिस्सेदारी में लगभग 67% योगदान रहा. इसके साथ ही रिन्यूएबल एनर्जी (सौर और पवन ऊर्जा) ने भी बड़ा सहारा दिया, जिसमें अकेले सोलर पावर ने पीक आवर्स के दौरान 21% से अधिक (56,204 MW) बिजली ग्रिड को दी. हाइड्रो, न्यूक्लियर, गैस और आधुनिक बैटरी स्टोरेज सिस्टम (BESS) के मिले-जुले उपयोग ने ग्रिड को फेल होने से बचाया और देश को अंधेरे में डूबने से रोक लिया. सवाल-जवाबमंगलवार को भारत में कितनी पीक पावर डिमांड दर्ज की गई? मंगलवार को दोपहर 3:40 बजे देश के इतिहास की सबसे अधिक 260.45 गीगावाट (GW) की पीक पावर डिमांड दर्ज की गई और इसे सफलतापूर्वक पूरा किया गया. पड़ोसी देशों के मुकाबले भारतीय पावर ग्रिड की क्षमता कितनी बड़ी है? पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, भूटान और अफगानिस्तान की कुल मिलाकर बिजली की मांग करीब 52 GW है. भारत का पावर ग्रिड अकेले इन सभी देशों की कुल मांग से 5 गुना से भी ज्यादा (260.45 GW) लोड संभाल रहा है. इस भारी मांग को पूरा करने में किस ऊर्जा स्रोत का सबसे बड़ा योगदान रहा? इस मांग को पूरा करने में थर्मल पावर (कोयला) सबसे बड़ा जरिया रहा, जिसने कुल बिजली उत्पादन में करीब 67% का योगदान दिया. इसके अलावा सोलर पावर ने 21% से अधिक का योगदान दिया. Source link

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12 साल विश्वास के… देश भर में BJP का मेगा प्लान तैयार,...

होमताजा खबरदेश 12 साल विश्वास के… BJP का मेगा प्लान तैयार, मैदान में मिलेंगे प्रतिनिधि Last Updated:May 19, 2026, 23:36 IST मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर बीजेपी देशभर में बड़ा जनसंपर्क अभियान शुरू करने जा रही है। ‘12 साल विश्वास के, विकास के, जन कल्याण के’ नाम से चलने वाला यह अभियान 5 जून से 21 जून तक चलेगा. इसमें केंद्रीय मंत्री, सांसद, विधायक और पार्टी कार्यकर्ता सीधे जनता के बीच पहुंचेंगे. बीजेपी सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को हर घर तक पहुंचाने की तैयारी में है. 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत हर मंडल में पौधारोपण कार्यक्रम होंगे. Modi Government 12 Years: केंद्र में मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी अब देशभर में बड़ा जनसंपर्क अभियान शुरू करने जा रही है. इस अभियान का नाम ‘12 साल विश्वास के, विकास के, जन कल्याण के’ रखा गया है. बीजेपी की तैयारी है कि सरकार की योजनाओं और पिछले 12 साल की उपलब्धियों को सीधे जनता तक पहुंचाया जाए. इसके लिए 5 जून से 21 जून तक देशभर में बड़े पैमाने पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. सूत्रों के मुताबिक, इस अभियान में बीजेपी के बड़े नेता, केंद्रीय मंत्री, सांसद और विधायक सीधे मैदान में उतरेंगे. पार्टी गांव से लेकर शहर और मंडल स्तर तक लोगों के बीच पहुंचने की तैयारी कर रही है. बीजेपी चाहती है कि सरकार के काम और योजनाओं की जानकारी हर घर तक पहुंचे. पार्टी की तरफ से जारी निर्देशों में कहा गया है कि सभी जनप्रतिनिधि जनता के बीच जाकर संवाद करेंगे. सांसदों को अपने क्षेत्र की हर विधानसभा में एक दिन बिताने को कहा गया है, जबकि विधायकों को हर मंडल में जाकर लोगों से मिलने के निर्देश दिए गए हैं. इस अभियान के दौरान कई बड़े कार्यक्रम भी होंगे. 8 और 9 जून को दिल्ली में मीडिया संवाद कार्यक्रम रखा गया है. इसके बाद 11 और 12 जून को एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, डिप्टी सीएम और केंद्रीय मंत्री मीडिया से बातचीत करेंगे. इन कार्यक्रमों में मोदी सरकार के 12 साल के कामकाज और उपलब्धियों को सामने रखा जाएगा. बीजेपी इस अभियान को सिर्फ राजनीतिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखना चाहती. पार्टी की तरफ से वृक्षारोपण अभियान, स्वच्छता अभियान, प्रगति पथ यात्रा और विकसित भारत संकल्प सम्मेलन जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे. नेताओं और कार्यकर्ताओं को लोगों के बीच जाकर इन कार्यक्रमों को सफल बनाने की जिम्मेदारी दी गई है. इसके अलावा तीन दिन के जनकल्याण शिविर भी लगाए जाएंगे. इनमें केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों का पंजीकरण किया जाएगा. खास तौर पर गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर जोर रहेगा. बीजेपी प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए भी अलग अभियान चलाएगी. इसके तहत कई जगहों पर प्राकृतिक खेती से जुड़ी कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी. वहीं 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत हर मंडल में पौधारोपण कार्यक्रम होंगे. 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भी बड़े स्तर पर मनाने की तैयारी है. पार्टी ने हर मंडल में योग कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इससे जोड़ा जा सके. सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी इस पूरे अभियान को पर्यावरण और स्वदेशी सोच से जोड़कर भी पेश करना चाहती है. कार्यकर्ताओं को काफिले से बचने की सलाह बीजेपी ने पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को बड़े काफिलों से बचने, कार पूलिंग करने, सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की सलाह दी गई है. बीजेपी का मानना है कि यह अभियान सिर्फ सरकार की उपलब्धियां बताने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जनता से सीधा जुड़ाव बढ़ाने और संगठन को मजबूत करने का भी बड़ा जरिया बनेगा. About the Author Anoop Kumar MishraAssistant Editor Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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DRDO ULPGM-V3 missile Test। हवा में हेलीकॉप्टर या जमीन पर टैंक, पल...

होमताजा खबरदेश हेलीकॉप्टर हो या टैंक, पल भर में सब स्वाहा; स्वदेशी ULPGM-V3 ने रचा इतिहास Last Updated:May 19, 2026, 22:40 IST DRDO ULPGM-V3 missile Test: भारत ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाते हुए मानवरहित लड़ाकू विमान (UAV/ड्रोन) से लॉन्च होने वाली स्वदेशी प्रिसिजन गाइडेड मिसाइल ULPGM-V3 का आंध्र प्रदेश के कुरनूल में सफल परीक्षण किया है. इस मिसाइल ने हवा से जमीन और हवा से हवा दोनों मोड में अचूक निशाना साधा. यह तकनीक दुश्मन के टैंकों, बख्तरबंद गाड़ियों, ड्रोन और हेलीकॉप्टरों को नष्ट करने में पूरी तरह सक्षम है. ख़बरें फटाफट डीआरडीओ ने कमाल कर दिया. नई दिल्‍ली. भारत ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर एक और ऐतिहासिक छलांग लगाई है. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने मानवरहित लड़ाकू विमान (UAV) यानी ड्रोन से लॉन्च होने वाली पूरी तरह स्वदेशी प्रिसिजन गाइडेड मिसाइल ‘ULPGM-V3’ (UAV Launched Precision Guided Missile) का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है. आंध्र प्रदेश के कुरनूल में हुए इस परीक्षण ने भारतीय सेना की मारक क्षमता को एक नई और बेहद घातक धार दे दी है. इस मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह आसमान से न सिर्फ जमीन पर मौजूद दुश्मन के ठिकानों को नेस्तनाबूद कर सकती है बल्कि हवा में उड़ रहे खतरों को भी मार गिराने में पूरी तरह सक्षम है. हवा से हवा और जमीन दोनों पर अचूक निशानाकुरनूल की परीक्षण रेंज में इस मिसाइल ने अपनी बेजोड़ युद्धक क्षमता का लोहा मनवाया. परीक्षण के दौरान ULPGM-V3 ने एयर-टू-ग्राउंड और एयर-टू-एयर दोनों मोड में अपनी सटीकता को साबित किया. अत्याधुनिक सेंसर और सीकर तकनीक से लैस यह मिसाइल दुश्मन के बख्तरबंद वाहनों, अभेद्य टैंकों और बंकरों को तो नष्ट करेगी ही, साथ ही कम ऊंचाई पर उड़ रहे दुश्मन के ड्रोन, टोही विमानों और लड़ाकू हेलीकॉप्टरों को भी पलक झपकते ही हवा में ही ढेर कर देगी. स्वदेशी तकनीक से तैयारइस मिसाइल का विकास पूरी तरह से भारतीय वैज्ञानिकों और घरेलू डिफेंस इंडस्ट्री के संयुक्त सहयोग से किया गया है. वर्तमान दौर में जब युद्धों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और ड्रोन टेक्नोलॉजी युद्ध का सबसे बड़ा हथियार बनकर उभरी है, ऐसे समय में ड्रोन-लॉन्च मिसाइल तकनीक का भारत में ही विकसित होना एक गेम-चेंजर साबित होगा. अब भारतीय सेनाओं को विदेशी कंपनियों और महंगे आयात पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस शानदार कामयाबी पर DRDO के वैज्ञानिकों और देश की डिफेंस इंडस्ट्री को बधाई दी है. उन्होंने इसे रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी मील का पत्थर बताया है. भविष्य के युद्धों में भारतीय सेना की बढ़ेगी ताकतULPGM-V3 मिसाइल को आने वाले समय में भारतीय वायुसेना और सेना के बेड़े में शामिल स्वदेशी और विदेशी लड़ाकू ड्रोनों से आसानी से इंटीग्रेट किया जा सकेगा. इससे एलएसी (LAC) और एलओसी (LoC) जैसे दुर्गम और पहाड़ी इलाकों में बिना किसी मानवीय जोखिम के, दुश्मन की हर हरकत का मुंहतोड़ जवाब देने में बड़ी मदद मिलेगी. सवाल-जवाबULPGM-V3 मिसाइल का पूरा नाम क्या है और इसका परीक्षण कहां हुआ? इसका पूरा नाम ‘UAV Launched Precision Guided Missile’ (UAV से लॉन्च होने वाली प्रिसिजन गाइडेड मिसाइल) है. इसका सफल परीक्षण आंध्र प्रदेश के कुरनूल में किया गया है. यह मिसाइल किन-किन लक्ष्यों को भेदने में सक्षम है? यह एक मल्टी-मोड मिसाइल है, जो जमीन पर मौजूद दुश्मन के टैंकों और बख्तरबंद गाड़ियों को नष्ट करने के साथ-साथ हवा में उड़ रहे ड्रोन और हेलीकॉप्टरों को भी मार गिरा सकती है. भारतीय सेनाओं के लिए इस मिसाइल का क्या महत्व है? यह मिसाइल भारत की ड्रोन-वारफेयर क्षमता को कई गुना बढ़ा देगी. पूरी तरह स्वदेशी होने के कारण यह विदेशी निर्भरता को खत्म करेगी और भविष्य के युद्धों में सेना को बिना मानवीय नुकसान के सटीक स्ट्राइक करने की ताकत देगी. About the Author Sandeep GuptaChief Sub Editor डिजिटल पत्रकारिता में खबरों की गहरी समझ रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. 16 वर्षों से सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में इन्होंने अपनी कलम से जटिल विषयों को …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi Source link

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India UAE Deal: यूएई ने भारत को दिया बड़ा तोहफा, पश्चिम एशिया...

होमताजा खबरदेश UAE ने भारत के लिए खोला तेल-गैस का खजाना! PM मोदी का दौरा गेमचेंजर: रिपोर्ट Last Updated:May 19, 2026, 21:41 IST पीएम नरेंद्र मोदी की यूएई यात्रा ने पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और तेल बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत किया है. दोनों देशों के बीच कच्चे तेल और एलपीजी की दीर्घकालिक आपूर्ति के लिए बड़े समझौते हुए हैं. यूएई भारत को 30 मिलियन बैरल कच्चा तेल देगा और 5 अरब डॉलर का नया निवेश भी करेगा. यह साझेदारी भारत को वैश्विक संकट से बचाएगी. पीएम मोदी की यूएई यात्रा कैसे बनी भारत के लिए गेमचेंजर? (Photo made with AI) नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) यात्रा रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण रही है. इस समय पूरे मिडिल ईस्ट में भारी अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है. तेल बाजार में लगातार अस्थिरता की स्थिति देखी जा रही है. ऐसे नाजुक समय में भारत और यूएई के बीच ऊर्जा क्षेत्र में कई ऐतिहासिक और बड़े समझौते हुए हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम मोदी का यह दौरा भारत की उस दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है जो देश की ऊर्जा सुरक्षा को हमेशा के लिए पक्का कर देगी. यह यात्रा प्रधानमंत्री मोदी के पांच देशों के बड़े दौरे का पहला चरण थी. इसके बाद वे नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की यात्रा पर रवाना हो गए. इस दौरे ने वैश्विक स्तर पर भारत की मजबूत स्थिति को एक बार फिर से रेखांकित किया है. ओपेक से बाहर निकला यूएई भारत की मदद कैसे करेगा? यूएई ने हाल ही में पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) से बाहर निकलने का बड़ा फैसला किया था. इस फैसले के बाद अब यूएई अपनी तय उत्पादन सीमा से बाहर जाकर अधिक तेल का उत्पादन कर सकता है. भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का लगभग दसवां हिस्सा अकेले यूएई से आयात करता है. इसके साथ ही भारत यूएई की एलएनजी का सबसे बड़ा ग्राहक भी है. ऐसे में यूएई का बढ़ा हुआ तेल उत्पादन सीधे तौर पर भारत के लिए बड़ा फायदेमंद साबित होने वाला है. 30 मिलियन बैरल तेल की महाडील से देश को क्या फायदा होगा? सरकार की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार दोनों देशों के बीच एक बड़ा रणनीतिक समझौता संपन्न हुआ है. यह डील इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व लिमिटेड और अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (एडीएनओसी) के बीच हुई है. इसके तहत यूएई भारत के रणनीतिक तेल भंडार के लिए 30 मिलियन बैरल कच्चा तेल उपलब्ध कराने पर सहमत हुआ है. संकट के समय में यह तेल भंडार भारत की लाइफलाइन साबित होगा. एलपीजी सप्लाई और गैस के रणनीतिक भंडार को लेकर क्या है तैयारी? कच्चे तेल के साथ ही इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और एडीएनओसी के बीच एलपीजी की दीर्घकालिक आपूर्ति के लिए भी समझौता हुआ है. दोनों देशों ने भारत में गैस के रणनीतिक भंडार स्थापित करने की संभावना पर भी सहमति जताई है. इस कदम का मुख्य उद्देश्य भविष्य में भारत की डोमेस्टिक गैस सप्लाई और ऊर्जा सुरक्षा को और ज्यादा मजबूत करना है. इससे भारतीय उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर राहत मिलेगी. ड्रोन हमलों के खतरे के बीच 5 अरब डॉलर के निवेश के क्या मायने हैं? यह ऐतिहासिक समझौते ऐसे समय में हुए हैं जब खाड़ी क्षेत्र में भारी अस्थिरता जारी है. हाल ही में यूएई और सऊदी अरब में ड्रोन हमलों की खबरों ने वहां की ऊर्जा संरचना की संवेदनशीलता को फिर से उजागर किया है. इसके बावजूद यूएई ने भारत में 5 अरब डॉलर के नए निवेश की बड़ी प्रतिबद्धता जताई है. वर्तमान में दोनों देशों के बीच सालाना लगभग 85 अरब डॉलर का व्यापार होता है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी भारत को वैश्विक ऊर्जा संकट और कीमतों के उतार-चढ़ाव से सुरक्षित रखेगी. About the Author दीपक वर्माDeputy News Editor दीपक वर्मा News18 हिंदी के डिजिटल न्यूजरूम में डिप्टी न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक से भी ज्यादा का अनुभव रखने वाले दीपक मुख्य रूप से विज्ञान, राजनीति और भारत के आंतरिक घ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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जस्टिस स्‍वर्णकांता की अवमानना हुई… केजरीवाल-सिसोदिया के खिलाफ HC में नई याचिका,...

होमताजा खबरदेश जज स्‍वर्णकांता की अवमानना की… केजरीवाल-सिसोदिया के खिलाफ HC में नई याचिका, क्‍या है मांग? Last Updated:May 19, 2026, 20:37 IST दिल्ली आबकारी नीति मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के शीर्ष नेतृत्व की कानूनी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल कर अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक को चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने की मांग की गई है. सतीश कुमार अग्रवाल द्वारा दायर इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि इन नेताओं ने अदालत की अवमानना की है और न्यायाधीश स्वर्णकांत शर्मा को जानबूझकर सोशल मीडिया के जरिए विवादों में घसीटा है. इसके साथ ही, याचिकाकर्ता ने चुनाव आयोग (ECI) से आम आदमी पार्टी का पंजीकरण रद्द करने के लिए निर्देश देने की भी गुहार लगाई है. दिल्ली हाई कोर्ट इस बेहद संवेदनशील मामले पर कल यानी 20 मई को सुनवाई करने के लिए तैयार है. यह ख़बर बिल्कुल अभी आई है और इसे सबसे पहले आप News18Hindi पर पढ़ रहे हैं. जैसे-जैसे जानकारी मिल रही है, हम इसे अपडेट कर रहे हैं. ज्यादा बेहतर एक्सपीरिएंस के लिए आप इस खबर को रीफ्रेश करते रहें, ताकि सभी अपडेट आपको तुरंत मिल सकें. आप हमारे साथ बने रहिए और पाइए हर सही ख़बर, सबसे पहले सिर्फ Hindi.News18.com पर… यह ख़बर बिल्कुल अभी आई है और इसे सबसे पहले आप News18Hindi पर पढ़ रहे हैं. जैसे-जैसे जानकारी मिल रही है, हम इसे अपडेट कर रहे हैं. ज्यादा बेहतर एक्सपीरिएंस के लिए आप इस खबर को रीफ्रेश करते रहें, ताकि सभी अपडेट आपको तुरंत मिल सकें. आप हमारे साथ बने रहिए और पाइए हर सही ख़बर, सबसे पहले सिर्फ Hindi.News18.com पर… News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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