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ब्रह्मोस, आकाश-NG, प्रलय की धार और होगी तेज, थरथर कांपेंगे चीन-पाकिस्‍तान –...

होमताजा खबरदेश ब्रह्मोस, आकाश-NG, प्रलय की धार और होगी तेज, थरथर कांपेंगे चीन-पाकिस्‍तान Last Updated:May 19, 2026, 06:05 IST Next-Generation Missile Technology: मॉडर्न एज वॉर में चार चीजें काफी अहम हो गई हैं – फाइटर जेट, ड्रोन, मिसाइल और एयर डिफेंस सिस्‍टम. जिस देश के पास इन चारों का एडवांस वर्जन है, वह दुनिया का सबसे ताकतवर देश है. अमेरिका और रूस जैसी महाशक्तियों को ईरान और यूक्रेन जैसे देशों ने ड्रोन की ताकत से परेशान कर रखा है. वहीं, विश्‍व की दोनों महाशक्तियां आधुनिक मिसाइल के जरिये व्‍यापक पैमाने पर तबाही मचाई है. भारत के रक्षा वैज्ञानिक अब ऐसी तकनीक पर काम कर रहे हैं, जिससे स्‍वदेशी मिसाइल्‍स ज्‍यादा घातक बन जाएंगी. DRDO ऐसी टेक्‍नोलॉजी डेवलप की है, जिससे ब्रह्मोस, आकाश-NG, प्रलय जैसी मिसाइलें और ज्‍यादा घातक हो जाएंगी. (फाइल फोटो/Reuters) Next-Generation Missile Technology: भारत मिसाइल टेक्‍नोलॉजी के क्षेत्र में लगातार प्रगति कर रहा है. अग्नि से लेकर ब्रह्मोस, प्रलय आदि इसके उदाहरण हैं. कम लागत वाली ड्रोन प्रणाली के वॉरगेम में आने के बाद अब मिसाइल को और भी अचूक बनाने पर फोकस किया जा रहा है. लंबी दूरी के साथ प्रिसिजन अटैक कैपेबेलिटी को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि दुश्‍मन बच न सके. पिछले दिनों ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने ब्रह्मोस से अटैक कर दुश्‍मन के संवदेनशील ठिकाने को निशाना बनाया था, जिसके बाद पाकिस्‍तान घुटने टेकते हुए शांति की भीख मांगने लगा था. ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल दुनिया की सबसे खतरनाक मिसाइलों में से एक है. अब भारत के रक्षा वैज्ञानिकों ने ऐसी टेक्‍नोलॉजी डेवलप की है, जिससे मिसाइलों की क्षमता काफी बढ़ जाएगी. ये टेक्‍नोलॉजी अभी दुनिया के गिनेचुने देशों के ही पास है. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के वैज्ञानिकों की इस सफलता से ब्रह्मोस, प्रलय, आकाश-NG जैसे मिसाइल सिस्‍टम और भी घातक हो जाएंगे, जिससे दुश्‍मन थरथर कांपेंगे. हैदराबाद स्थित Defence Research and Development Organisation की प्रमुख प्रयोगशाला Defence Research and Development Laboratory ने अगली पीढ़ी की नेविगेशन और गाइडेंस इलेक्ट्रॉनिक्स प्रणाली विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है. यह अत्याधुनिक तकनीक भारतीय मिसाइल प्रणालियों की सटीकता, विश्वसनीयता और युद्धक्षमता को नई मजबूती देने के उद्देश्य से तैयार की जा रही है. इस पहल को भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. ‘इंडियन डिफेंस न्‍यूज’ की रिपोर्ट के अनुसार, विकसित किया जा रहा यह इलेक्ट्रॉनिक्स पैकेज भविष्य की मिसाइल सिस्‍टम में बेहतर गाइडेंस और नेविगेशन क्षमता प्रदान करेगा. आधुनिक युद्ध परिस्थितियों में मिसाइल की सटीकता अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि इससे लक्ष्य पर प्रभावी प्रहार सुनिश्चित होता है और अनावश्यक क्षति को कम किया जा सकता है. DRDL का उद्देश्य भारतीय मिसाइलों को ऐसे एडवांस इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से लैस करना है, जो चुनौतीपूर्ण और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर वाले वातावरण में भी प्रभावी प्रदर्शन कर सकें. बढ़ेगी क्षमता इस परियोजना की एक प्रमुख विशेषता स्वदेशी तकनीक पर विशेष जोर है. यह पहल केंद्र सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के अनुरूप है, जिसके तहत रक्षा क्षेत्र में विदेशी निर्भरता कम करने और घरेलू तकनीकी क्षमता बढ़ाने पर बल दिया जा रहा है. बताया जा रहा है कि इस नई प्रणाली में उच्च विश्वसनीयता वाले स्वदेशी इलेक्ट्रॉनिक सिस्‍टम का उपयोग किया जाएगा. रिपोर्ट के मुताबिक, इस इलेक्ट्रॉनिक्स पैकेज में गैलियम नाइट्राइड (GaN) आधारित कंपोनेंट्स को शामिल किया जा सकता है. GaN तकनीक पारंपरिक सेमीकंडक्टर सामग्री की तुलना में अधिक ऊर्जा दक्षता, बेहतर थर्मल स्‍टेबिलिटी और अधिक टिकाऊ प्रदर्शन प्रदान करती है. रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तकनीक के उपयोग से भारतीय मिसाइल प्रणालियों की कार्यक्षमता और प्रतिक्रिया क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा. DRDO मिसाइल के लिए ऐसा गाइडेंस सिस्‍टम डेवलप करने में जुटा है, जिससे एक्‍यूरेसी काफी बढ़ जाएगी. आकाश जैसी मिसाइलें भी इससे अचूक बन जाएंगी. (फाइल फोटो/Reuters) हाइपरसोनिक मिसाइलें होंगी और घातक परियोजना का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू एडवांस सीकर टेक्‍नोलॉजी का समावेश है. माना जा रहा है कि इसमें अत्याधुनिक रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF) सीकर लगाए जाएंगे, जिनका परीक्षण पहले Akash NG जैसी प्रणालियों में सफलतापूर्वक किया जा चुका है. ये सीकर मिसाइलों को लक्ष्य को अधिक सटीकता से पहचानने और ट्रैक करने में सक्षम बनाएंगे, यहां तक कि इलेक्ट्रॉनिक काउंटरमेजर परिस्थितियों में भी. इससे हाई-वैल्‍यू वाले और गतिशील लक्ष्यों को निष्क्रिय करने की क्षमता मजबूत होगी. यह तकनीक भविष्य में विकसित की जा रही हाइपरसोनिक और लंबी दूरी की मिसाइल सिस्‍टम्‍स में भी उपयोग की जा सकती है. DRDL का मानना है कि नई पीढ़ी की मिसाइलों में गति, दूरी और सटीकता का संतुलन बनाना आने वाले समय की सामरिक आवश्यकता होगी. ऐसे में यह इलेक्ट्रॉनिक्स पैकेज भारतीय सशस्त्र बलों को रणनीतिक और सामरिक दोनों स्तरों पर अधिक प्रभावी क्षमता प्रदान करेगा. चीन-पाकिस्‍तान का काल वैश्विक रक्षा उद्योग में GaN आधारित इलेक्ट्रॉनिक्स और उन्नत सीकर तकनीक को तेजी से अपनाया जा रहा है. भारत द्वारा इन तकनीकों का स्वदेशी विकास देश को उन्नत रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स विकसित करने वाले अग्रणी देशों की श्रेणी में ला सकता है. यह पहल Defence Research and Development Organisation की हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल, लंबी दूरी की एंटी-शिप मिसाइल और क्वासी-बैलिस्टिक सिस्टम जैसी अन्य परियोजनाओं को भी तकनीकी मजबूती प्रदान करेगी. चीन-पाकिस्‍तान जैसे पड़ोसी देशों को देखते हुए भारत के लिए मॉडर्न डिफेंस टेक्‍नोलॉजी को अपनाना अनिवार्य है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्‍तान ब्रह्मोस की मार से इस कदर भयभीत हो गया था कि शांति वार्ता के लिए गुहार लगाने लगा था. ऐसे देशों को उसकी हद में रखने के लिए कटिंग एज टेक्‍नोलॉजी वाले वेपन सिस्‍टम का होना बहुत जरूरी है. About the Author Manish Kumar बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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Rajasthan 1 000 year old Sahasra Bahu narayan temples or Sasbahu Temples...

होमताजा खबरधर्म 1000 साल पुराना सहस्रबाहु मंदिर कैसे बन गया सास-बहू मंदिर? जानें असली वजह Last Updated:May 18, 2026, 20:36 IST Sahasra Bahu Narayan Temples: भारत में वैसे तो कई मंदिर हैं, जो अपने रहस्य और चमत्कार के लिए प्रसिद्ध हैं लेकिन आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जो सास-बहू की वजह से प्रसिद्ध हैं. भगवान नारायण को समर्पित यह मंदिर राजस्थान के उदयपुर में स्थित हैं. यह मंदिर परिसर ना सिर्फ धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि राजस्थान की प्राचीन वास्तुकला और कला को जीवंत रखने वाला एक जीता-जागता प्रमाण भी है. Sahastra Bahu Temples: देश-दुनिया में नारायण के दशावतार को समर्पित कई भव्य व प्राचीन मंदिर मिल जाएंगी, लेकिन राजस्थान के उदयपुर से मात्र 22 किलोमीटर दूर नागदा गांव में स्थित नारायण के ‘सहस्रबाहु’ अवतार को समर्पित एक ऐसा प्राचीन मंदिर है, जिसका नाम भी मजेदार है और हैरत में डालता है. ‘सास-बहू मंदिर’ ना सिर्फ अपनी वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि अपने अनोखे नाम के कारण भी लोगों की जिज्ञासा का विषय बना हुआ है. मंदिर की दीवारों पर रामायण के दृश्यों, देवी-देवताओं और दिव्य प्राणियों की सुंदर नक्काशी देखते ही बनती है. एएसआई ने इस पूरे परिसर को संरक्षित स्मारक घोषित किया है और यहां 360 डिग्री वर्चुअल टूर की सुविधा भी उपलब्ध कराई है. 1000 साल पुराना सास-बहू मंदिरयह मंदिर भगवान विष्णु के सहस्रबाहु यानी हजार भुजाओं वाले स्वरूप को समर्पित है, लेकिन समय के साथ इसका नाम ‘सास-बहू’ मंदिर के रूप में प्रचलित हो गया. जानकारी के अनुसार इस भव्य मंदिर का निर्माण 10वीं शताब्दी के अंत में कच्छपघात राजवंश के राजा महिपाल और रत्नपाल द्वारा बनवाया गया था. लगभग 1000 वर्ष पुराना यह मंदिर ‘नागर’ वास्तुकला शैली का उत्कृष्ट नमूना है. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा संरक्षित यह स्थल अपनी बारीक नक्काशी, जटिल मूर्तिकला और शानदार वास्तुकला के लिए जाना जाता है. भगवान विष्णु का सहस्रबाहु मंदिरभारत सरकार के अतुल्य भारत पोर्टल पर मंदिर के नाम व निर्माण आदि के बारे में विस्तार से जानकारी मिलती है, जिसके अनुसार, मंदिर का मूल नाम ‘सहस्रबाहु’ था, जिसका अर्थ है ‘हजार भुजाओं वाला’. यह भगवान विष्णु के उस दिव्य स्वरूप को समर्पित है, जिसमें उन्हें हजार भुजाएं प्राप्त थीं. समय के साथ नाम का अपभ्रंश हो गया और उच्चारण में आसानी के कारण सहस्रबाहु नाम सरल भाषा में सास-बहू बन गया. सास और बहू दोनों के अलग अलग मंदिरपरिसर में दो मुख्य मंदिर हैं बड़ा मंदिर ‘सास’ और छोटा मंदिर ‘बहू’ के नाम से जाना जाता है. ‘सास’ मंदिर के चारों ओर दस छोटे मंदिर हैं, जबकि ‘बहू’ मंदिर में पांच छोटे मंदिर स्थित हैं, जो वास्तुकला का अद्भुत नमूना भी कहा जाता है. मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही पूर्व दिशा में बना सुंदर ‘मकर-तोरण’ ध्यान आकर्षित करता है. दोनों मंदिरों का लेआउट लगभग एक समान है. इनमें पंचरथ गर्भगृह, अंतराल, सभा-मंडप और बरामदा शामिल हैं. बाहरी दीवारों पर भगवान ब्रह्मा, शिव, विष्णु, राम, बलराम और परशुराम की मूर्तियां बनी हैं. दीवारों पर रामायण के दृश्यों, देवी-देवताओं और दिव्य प्राणियों की सुंदर नक्काशी देखते ही बनती है. छोटा मंदिर विशेष रूप से आकर्षकइसके अलावा, मंदिर परिसर के उत्तर-पूर्व में स्थित एक छोटा मंदिर विशेष रूप से आकर्षक है, जिस पर पत्थर का सुंदर शिखर बना हुआ है. छोटी-छोटी ताखों में ब्रह्मा, शिव और विष्णु की मूर्तियां स्थापित हैं. यह मंदिर परिसर ना सिर्फ धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि राजस्थान की प्राचीन वास्तुकला और कला को जीवंत रखने वाला एक जीता-जागता प्रमाण भी है. यह पर्यटन के लिहाज से भी आकर्षक है और यहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं. 360 डिग्री वर्चुअल टूर की भी सुविधापहाड़ियों और खजूर के पेड़ों से घिरा यह स्थल बेहद शांत और मनमोहक वातावरण प्रदान करता है. खास बात है कि सास-बहू मंदिर एकलिंगजी मंदिर से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. पास ही बघेला झील के किनारे अद्भुतजी शांतिनाथ जैन मंदिर भी है. एएसआई ने इस पूरे परिसर को संरक्षित स्मारक घोषित किया है और यहां 360 डिग्री वर्चुअल टूर की सुविधा भी उपलब्ध कराई है, जिससे दूर बैठे लोग भी इसकी भव्यता का आनंद ले सकते हैं. About the Author Parag SharmaChief Sub Editor पराग शर्मा Hindi News18 Digital में Chief Sub Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, ग्रह-नक्षत्र, राशि और वास्तु से जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेद…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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मीन राशि वालों के लिए आज का दिन रहेगा खास, करियर में...

Last Updated:May 19, 2026, 03:31 IST Aaj Ka Meen Rashifal 19 May 2026, Pisces Horoscope Today: मीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन नई ऊर्जा और जोश से भरपूर रहेगा. आत्मविश्वास में वृद्धि होगी, जिससे आप निर्णय लेने में पहले से अधिक सक्षम रहेंगे और आपकी कार्यक्षमता भी बेहतर बनी रहेगी. आइए जानते है करियर, स्वास्थ और लव लाइफ मे दिन कैसा रहेगा. मीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन नई उम्मीदों और सकारात्मक ऊर्जा से भरा रहने वाला है. कार्यक्षेत्र में प्रगति के नए अवसर सामने आ सकते हैं और लंबे समय से रुके हुए काम भी गति पकड़ सकते हैं. ग्रहों की स्थिति आपके पक्ष में दिखाई दे रही है, जिससे आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी. उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिष आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, व्यापार करने वालों को साझेदारी से अच्छा लाभ मिलने के संकेत हैं. आर्थिक मामलों में भी राहत महसूस हो सकती है. साथ ही आज धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों की ओर आपका झुकाव बढ़ेगा, जिससे मन को शांति और सकारात्मकता मिलेगी. मीन राशि वालों का करियर राशिफल मीन राशि वालों के लिए आज का दिन करियर में तरक्की के नए रास्ते खोल सकता है. कार्यक्षेत्र में आपको कोई सुनहरा अवसर मिलने के संकेत हैं, जो भविष्य में बड़ी सफलता का कारण बन सकता है. किसी भरोसेमंद व्यक्ति की सलाह या सहयोग आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. हालांकि अपनी योजनाओं और लक्ष्यों को हर किसी के सामने जाहिर करने से बचें. धैर्य और समझदारी से लिया गया फैसला आपको उम्मीद से बेहतर परिणाम दिला सकता है. मीन राशि वालों का स्वास्थ राशिफल मीन राशि के जातक का आज सेहत के मोर्चे पर राहत और नई ऊर्जा का अहसास होगा. लंबे समय से चली आ रही शारीरिक परेशानियां धीरे-धीरे कम होती नजर आएंगी, जिससे मन भी प्रसन्न रहेगा. शरीर में स्फूर्ति और सकारात्मकता बनी रहेगी. हालांकि बच्चों की सेहत को लेकर थोड़ी सतर्कता जरूरी है. सही खानपान, पर्याप्त आराम और नियमित दिनचर्या अपनाने से स्वास्थ्य बेहतर रहेगा और दिन सुखद बीतेगा. मीन राशि वालों का व्यापार राशिफल मीन राशि वालों के लिए आज व्यापारिक क्षेत्र में सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं. लंबे समय से बनाई गई योजनाएं मित्रों और सहयोगियों के सहयोग से गति पकड़ सकती हैं, जिससे कारोबार में नए अवसर सामने आएंगे. साझेदारी में काम करने वालों को आपसी सामंजस्य बनाए रखने की जरूरत है, क्योंकि छोटी बातों से मतभेद बढ़ सकते हैं. धैर्य और सूझबूझ के साथ लिए गए फैसले आज आपको बेहतर परिणाम दिला सकते हैं. मीन राशि वालों का आर्थिक राशिफलमीन राशि वालों के लिए आज आर्थिक स्थिति उम्मीद से बेहतर रह सकती है. दिनभर कुछ जरूरी खर्च सामने आ सकते हैं, लेकिन चिंता की बात नहीं है क्योंकि पुराने निवेश से लाभ मिलने के संकेत मजबूत हैं. धन आगमन से मन प्रसन्न रहेगा और आत्मविश्वास में भी वृद्धि होगी. भविष्य को मजबूत बनाने के लिए निवेश के नए अवसर मिल सकते हैं. समझदारी और धैर्य से लिया गया फैसला आगे चलकर अच्छा और स्थायी लाभ दिला सकता है. मीन राशि वालों का लव लाइफ राशिफलमीन राशि वालों के लिए आज प्रेम संबंधों के मामले में दिन खुशियों से भरा रहेगा. आप अपने साथी के साथ समय बिताने का मौका पा सकते हैं, संभव है कि कहीं बाहर घूमने भी जाएं. साथ में बिताया गया यह समय आप दोनों के बीच की दूरियों और गलतफहमियों को खत्म करने में मदद करेगा. जो लोग शादीशुदा हैं, उनका दिन घर-परिवार के साथ हंसी-खुशी बीतेगा. परिवार का सहयोग और अपनापन रिश्तों को और मजबूत बनाएगा. आज जरूर करें यह उपायआज आपके लिए लकी नंबर 9 रहेगा. यह अंक आपको सफलता और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करेगा. आज के दिन मीन राशि वाले जो धर्म-कर्म और दान-पुण्य में रुचि रखते हैं, उन्हें चाहिए कि आज के दिन भगवान हनुमान जी के मंदिर जाकर उन्हें सिंदूर अर्पित करे. उसके बाद गरीबों मे लाल रंग की वस्तुओ का दान करें, जिससे आज का दिन बेहतर हो सके. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ujjain,Madhya Pradesh Source link

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CM Vijay Thalapathy | First Official Decision | Free Electricity Order –...

होमताजा खबरदेश व‍िजय थलापत‍ि ने CM बनने के बाद क‍िस फाइल पर क‍िया पहला हस्‍ताक्षर Last Updated:May 18, 2026, 21:04 IST CM Vijay Thalapathy News: तमिलनाडु के नए सीएम सी जोसेफ विजय ने 500 यूनिट तक खपत वाले घरों को 200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना लागू की, TNPDC से निर्बाध आपूर्ति और ग्रीन कॉरिडोर पर जोर दिया है. व‍िजय थलापत‍ि ने सीएम बनने के बाद क‍िस फाइल पर क‍िया पहला हस्‍ताक्षर चेन्‍नई. तम‍िलनाडु के नए मुख्‍यमंत्री सी जोसेफ व‍िजय ने पद संभालते ही अपने पहले आध‍िकार‍िक फैसले के तौर पर राज्‍य के घरेलू खपतकारों को राहत देने वाली योजना पर हस्‍ताक्षर क‍िए है. इस आदेश के तहत 500 यून‍िट या उससे कम कुल खपत वाले सभी घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यून‍िट तक ब‍िजली मुफ्त देने के वादे को लागू क‍िया गया है. माना जा रहा है क‍ि यह फैसला लाखों लोगों की ज‍िंदगी पर सीधा असर डालेगा क्‍योंक‍ि कम और म‍ध्‍यम आय वर्ग के घरों का ब‍िजली ब‍िल घटेगा. सोमवार को हुई समीक्षा बैठक में मुख्‍यमंत्री व‍िजय ने राज्‍य संचालित पावर ड‍िस्‍ट्रीब्‍यूशन कॉरपोरेशन (TNPDC) के अध‍िकार‍ियों से इस चुनावी वादे के क्र‍ियान्‍वयन की प्रगति पर व‍िस्तृत जानकारी ली. सचिवालय से जारी व‍िज्ञप्त‍ि के मुताब‍िक बैठक में ब‍िजली उत्पादन क्षमता, मौजूदा मांग, वितरण व्‍यवस्‍था, कॉरपोरेशन की वित्तीय स्‍थ‍िति और चल रहे इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर विकास कार्यों की समग्र समीक्षा की गई. सीएम व‍िजय ने क्‍या कहा?व‍िजय ने कहा क‍ि शहरी क्षेत्रों के तेज विकास, औद्योगिक विस्तार और खेती के ल‍िए बढ़ती ब‍िजली जरूरतों के म‍द्‍देनजर निर्बाध आपूर्ति सुन‍िश्‍च‍ित करना अन‍िवार्य है. उन्‍होंने निर्देश द‍िया क‍ि वित्तीय या तकनीकी चुनौत‍ियों के बावजूद TNPDC अपने इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर विकास कार्यों में तेजी लाए. मुख्‍यमंत्री ने अध‍िकार‍ियों से रोजमर्रा की उपभोक्ता समस्‍याओं, खासकर लो-वोल्‍टेज जैसी दिक्‍कतों के मूल कारणों की पहचान कर तत्‍काल सुधारात्‍मक कदम उठाने को कहा है. बैठक में अध‍िकार‍ियों ने बताया क‍ि र‍िकॉर्ड पीक पावर ड‍िमांड के दौरान भी ब‍िजली आपूर्ति में क‍िसी तरह का रूकावट नहीं आनी चाह‍िए. राज्‍य की ऐतिहासिक ब‍िजली खपत, मौजूदा उत्पादन स्‍थ‍िति और लगातार, निर्बाध आपूर्ति सुन‍िश्‍च‍ित करने के ल‍िए उठाए जा रहे उपायों की भी जानकारी दी गई. साथ ही नए सबस्‍टेशन स्‍थाप‍ित करने, पुरानी हो चुकी पावर इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर को आधुनिक बनाने, नई ट्रांसम‍िशन लाइन्‍स बिछाने और ग्रीन कॉर‍िडोर परियोजना में तेजी लाने पर भी चर्चा हुई. इस ग्रीन कॉर‍िडोर परियोजना के तहत दक्ष‍िणी ज‍िलों में उत्‍पाद‍ित सौर और पवन उर्जा के कुशल उपयोग पर जोर द‍िया जा रहा है. गर्मी के मौसम और आने वाले मानसून को ध्‍यान में रखते हुए TNPDC के वर‍िष्‍ठ अध‍िकार‍ियों ने मुख्‍यमंत्री को यह भी बताया क‍ि ब‍िजली के खंभों, पावर केबल्‍स और ड‍िस्‍ट्रीब्‍यूशन ट्रांसफॉर्मर जैसे आवश्‍यक साजोसामान का पर्याप्‍त स्‍टॉक पहले से ही तैयार रखा गया है, ताकि आपूर्ति और रखरखाव में कोई बाधा न आए. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi Source link

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सीरियल किलर ने कैसे दहला दिया पूरा पूर्वांचल? ट्रेन से अस्पताल तक...

Last Updated:May 18, 2026, 22:06 IST पूर्वांचल में 48 घंटे के भीतर हुई 3 सनसनीखेज हत्याओं ने लोगों को दहशत में डाल दिया. ट्रेन और अस्पताल को निशाना बनाकर वारदातों को अंजाम देने वाले एक कथित साइको किलर ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए. आरोपी ने पहले दो यात्रियों की गोली मारकर हत्या की और फिर अस्पताल में भर्ती बुजुर्ग महिला को मौत के घाट उतार दिया. बाद में ग्रामीणों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले किया, लेकिन घटनाक्रम के रीक्रिएशन के दौरान पुलिस मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई. चंदौली: पूर्वांचल में 48 घंटे के भीतर हुई 3 सनसनीखेज हत्याओं ने लोगों को दहशत में डाल दिया. ट्रेन और अस्पताल को निशाना बनाकर वारदातों को अंजाम देने वाले एक कथित साइको किलर ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए. आरोपी ने पहले दो यात्रियों की गोली मारकर हत्या की और फिर अस्पताल में भर्ती बुजुर्ग महिला को मौत के घाट उतार दिया. बाद में ग्रामीणों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले किया, लेकिन घटनाक्रम के रीक्रिएशन के दौरान पुलिस मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई. कैसे दिया घटना को इंतजाम जानकारी के मुताबिक आरोपी सबसे पहले चंदौली के पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पहुंचा. बताया जा रहा है कि उसके पास दो हथियार थे, फिर भी वह रेलवे स्टेशन पर घंटों बेखौफ घूमता रहा. उसने ताड़ीघाट जाने वाली पैसेंजर ट्रेन पकड़ी और गाजीपुर की ओर रवाना हो गया. कुछमन स्टेशन के पास आरोपी ने एक यात्री को बेहद करीब से गोली मार दी. यात्री की मौके पर ही मौत हो गई. हत्या के बाद आरोपी शव को ट्रेन से नीचे फेंककर फरार हो गया. पहली वारदात के बाद आरोपी वापस डीडीयू जंक्शन पहुंचा और रात करीब एक बजे जम्मू-तवी एक्सप्रेस में सवार हो गया. एस-2 कोच में सफर कर रहे दिनेश साह को उसने सिर में गोली मार दी. गोली चलते ही ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई. आरोपी चलती ट्रेन से कूदकर अंधेरे में गायब हो गया. दूसरी हत्या के बाद आरोपी कई घंटे तक रेलवे ट्रैक के आसपास घूमता रहा. सुबह वह जीवक हॉस्पिटल पहुंचा, जहां उसने खुद को बीमार बताकर इलाज के लिए पर्ची कटवाई. इसके बाद वह अस्पताल के ऊपरी माले पर पहुंचा और भर्ती 65 वर्षीय महिला को निशाना बनाया. पहली गोली चूकने के बाद उसने दूसरी गोली मारकर महिला की हत्या कर दी. अस्पताल में चीख-पुकार मच गई और आरोपी भागने लगा. ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाकर पुलिस के हवाले किया गोली चलने की आवाज सुनकर ग्रामीण सक्रिय हो गए. ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए आरोपी का पीछा किया और उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया. बाद में पुलिस जब घटनास्थलों पर ले जाकर पूरे मामले का रीक्रिएशन कर रही थी, तभी आरोपी ने कथित तौर पर पुलिसकर्मी का हथियार छीनने की कोशिश की. पुलिस के मुताबिक उसने फायरिंग भी की, जिसमें जीआरपी के जवान घायल हो गए. जवाबी कार्रवाई में आरोपी मारा गया. पूरे मामले ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इतने संवेदनशील स्टेशन पर हथियार लेकर आरोपी का घंटों घूमना सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है. पुलिस का दावा है कि आरोपी शराब की लत, मानसिक तनाव और अस्थिर व्यवहार से जूझ रहा था, जिसकी वजह से वह बेहद हिंसक हो चुका था. About the Author Rajneesh Kumar Yadav मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Chandauli,Uttar Pradesh Source link

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AAP नेता दीपक सिंगला को ईडी ने किया गिरफ्तार, बैंक फ्रॉड मामले...

होमताजा खबरदेश AAP नेता दीपक सिंगला को ईडी ने किया गिरफ्तार, आतिशी ने जोड़ा गोवा कनेक्शन Last Updated:May 18, 2026, 23:14 IST ED Raid on AAP Leader: ईडी ने बैंक फ्रॉड मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता दीपक सिंगला के ठिकानों पर सुबह-सुबह छापेमारी है. जांच एजेंसी ने दिल्ली और गोवा में कई जगहों पर तलाशी अभियान चलाया, जिसके बाद सिंगला को गिरफ्तार कर लिया. ख़बरें फटाफट AAP नेता दीपक सिंगला के ठिकानों पर ईडी ने सुबह-सुबह छापेमारी की है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता दीपक सिंगला को गिरफ्तार कर लिया है. ईडी ने सोमवार सुबह सिंगला सहित कुछ अन्य लोगों से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की. यह कार्रवाई कथित बैंक लोन फ्रॉड और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई. राउज एवेन्यू कोर्ट ने दीपक सिंगला की ट्रांज़िट रिमांड ED को सौंप दी है. उन्हें कल दोपहर 2 बजे तक पंचकूला की अदालत में पेश किया जाना है. उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में गिरफ़्तार किया गया है. सूत्रों के अनुसार, एजेंसी कथित वित्तीय अनियमितताओं और संदिग्ध बैंक लोन ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है. हालांकि इस मामले में अभी तक ED की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. बताया जा रहा है कि कार्रवाई के दौरान कई दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े अहम सबूत खंगाले जा रहे हैं. फिलहाल दीपक सिंगला की ओर से इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. वहीं दीपक सिंगला के ठिकानों पर ED की तलाशी पर AAP नेता और गोवा प्रभारी आतिशी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘गोवा में आप की बढ़ती लोकप्रियता के चलते बीजेपी के गोवा के सह प्रभारी दीपक सिंगला के यहां ED को भेजा है. ये ना सिर्फ वालेंटियर्स को डराने, बल्कि गोवा AAP संगठन के डाटा को हथियाने का प्रयास है.’ With Aam Aadmi Party’s popularity growing in Goa, BJP’s loyal foot-soldier, ED has been sent here as well! From early morning today, there is an ED raid at the residence of AAP Goa co-incharge, Deepak Singla, as well as the home of some volunteers in Goa. Not only is this an… Source link

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Exclusive: अब रणदीप सुरजेवाला के पीछे पड़ी असम पुलिस, पवन खेड़ा केस...

होमताजा खबरदेश अब रणदीप सुरजेवाला के पीछे पड़ी असम पुलिस, पवन खेड़ा केस में गुवाहाटी तलब Last Updated:May 18, 2026, 23:46 IST असम पुलिस ने पवन खेड़ा से 10 घंटे पूछताछ के बाद रणदीप सिंह सुरजेवाला को 23 मई को तलब किया, मामला हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर लगे आरोपों से जुड़ा है. रणदीप सुरजेवाला को समन नई दिल्ली/गुवाहाटी. कांग्रेस के दिग्गज नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा से मैराथन पूछताछ के बाद अब असम पुलिस ने अपनी जांच का रुख कांग्रेस के एक और कद्दावर नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला की तरफ मोड़ दिया है. गुवाहाटी पुलिस ने सुरजेवाला को एक आधिकारिक समन जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया है. असम पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है. पुख्ता सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, गुवाहाटी पुलिस की क्राइम ब्रांच ने रणदीप सिंह सुरजेवाला को 23 मई को पेश होने का कड़ा निर्देश दिया है. यह समन सीधे तौर पर उस हाई-प्रोफाइल मामले से जुड़ा है, जिसमें कांग्रेस नेता पवन खेड़ा से बुधवार को ही असम पुलिस ने करीब 10 घंटे तक कड़ी पूछताछ की थी. माना जा रहा है कि खेड़ा से हुई लंबी पूछताछ के बाद मिले सुरागों और बयानों के आधार पर ही अब सुरजेवाला को जांच के दायरे में लिया गया है. क्या है पूरा मामला और क्यों मचा है बवाल? यह पूरा सियासी और कानूनी घमासान असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा से जुड़े बेहद गंभीर आरोपों के बाद शुरू हुआ. लगाए थे सनसनीखेज आरोप: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने गत 5 अप्रैल को दिल्ली और गुवाहाटी में एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीधे असम के मुख्यमंत्री की पत्नी पर निशाना साधा था. खेड़ा ने आरोप लगाया था कि रिनिकी भुइयां सरमा के पास 3 विदेशी पासपोर्ट हैं और अमेरिका में उनकी 50 हजार करोड़ रुपये की एक बेनामी कंपनी मौजूद है. FIR और पुलिसिया एक्शन: इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए रिनिकी भुइयां सरमा ने तुरंत गुवाहाटी में पवन खेड़ा के खिलाफ मानहानि और अन्य धाराओं में FIR दर्ज करा दी. दिल्ली में रेड और पूछताछ: FIR दर्ज होने के बाद असम पुलिस एक्शन मोड में आ गई. बीते 7 अप्रैल को असम पुलिस की एक टीम ने अचानक दिल्ली स्थित पवन खेड़ा के आवास पर छापेमारी (रेड) की थी. इसी सिलसिले में आगे बढ़ते हुए बुधवार को असम पुलिस की क्राइम ब्रांच ने खेड़ा को बैठाकर करीब 10 घंटे तक सघन पूछताछ की. सुरजेवाला पर क्यों कसा शिकंजा? पवन खेड़ा के बाद अब रणदीप सिंह सुरजेवाला को समन भेजे जाने से साफ है कि असम पुलिस इस मामले में कांग्रेस के शीर्ष मीडिया और रणनीतिक सेल की भूमिका की जांच कर रही है. पुलिस यह पता लगाना चाहती है कि 5 अप्रैल को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस और इन आरोपों के पीछे की प्लानिंग व कड़ियों में सुरजेवाला की क्या भूमिका थी. 23 मई को होने वाली इस पूछताछ पर अब पूरे देश की राजनीतिक नजरें टिक गई हैं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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हूबहू E5 Shinkansen जैसी! भारत में बुलेट ट्रेन की प्रस्‍ताव‍ित ड‍िजाइन देखकर...

भारत में बुलेट ट्रेन को लेकर लंबे समय से जो सपना देखा जा रहा था, उसकी एक झलक दिख गई है. दरअसल, रेल भवन में बुलेट ट्रेन की एक प्रस्‍ताव‍ित ड‍िजाइन वाली तस्‍वीर लगाई गई है. इसमें एक चिकनी, लंबी, तेज और स्‍मार्ट ट्रेन द‍िख रही, जो काफी खूबसूरत नजर आ रही है. लेकिन इसे देखकर लोग कह रहे क‍ि यह तो हूबहू जापान की E5 Shinkansen है… तो हम बता रहे हैं क‍ि जापान की E5 Shinkansen ट्रेन की खूब‍ियां क्‍या हैं? स्‍पीड क‍ितनी है? E5 Shinkansen जापान की सबसे आधुनिक हाई-स्पीड ट्रेनों में से एक है, जिसे आमतौर पर Hayabusa नाम से जाना जाता है. यह ट्रेन जापान के टोक्यो से लेकर उत्तरी हिस्सों तक दौड़ती है और इसकी रफ्तार 320 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच जाती है. लेकिन Shinkansen सिर्फ तेज नहीं है, ये स्मार्ट, सेफ और साइलेंट सिस्टम का पैकेज है. नाक लंबी है, वजह बहुत साइंट‍िफ‍िक अगर आपने इस ट्रेन का फ्रंट देखा होगा, तो वो किसी चोंच या नाक जैसा लगता है. इसे यूं ही डिजाइन नहीं किया गया है. E5 Shinkansen की लंबी नाक टनल में घुसते समय तेज हवा के दबाव को कम करती है. टनल बूम यानी जोरदार धमाके जैसी आवाज को रोकती है. यह हवा का रेजिस्टेंस कम करती है. यानी यह डिजाइन सिर्फ स्टाइल नहीं, बल्कि पूरी साइंस है. स्पीड ही नहीं, स्मूथनेस भी असली खेल E5 Shinkansen 300 क‍िलोमीट प्रत‍िघंटे से ज्‍यादा की रफ्तार से दौड़ती है, लेकिन यात्री को झटका तक महसूस नहीं होता. इसका कारण इसमें लगा एडवांस्ड सस्पेंशन सिस्टम है. जो झटका लगने नहीं देता और तेज झटके पर भी पैसेंजर्स को ब‍िल्‍कुल भी पता नहीं चलता. इसमें लीनियर मोटर टेक्नोलॉजी लगी हुई है जो क‍िसी भी तरह का प्रेशर झेल सकती है. इसकीअल्ट्रा-स्मूद ट्रैक डिजाइन है. जापान में इसे इतना भरोसेमंद माना जाता है कि इसकी समय की देरी को सेकंड में मापा जाता है, मिनटों में नहीं. भूकंप आए तो भी ट्रेन समझ जाती है पहले जापान भूकंप वाला देश है, और यही वजह है कि Shinkansen को दुनिया की सबसे सुरक्षित रेल प्रणालियों में गिना जाता है. इस ट्रेन में सेंसर सिस्टम भूकंप के झटकों को तुरंत पकड़ लेते हैं. ऑटोमैटिक ब्रेकिंग सिस्टम एक्‍ट‍िव हो जाता है. ट्रेन कुछ ही सेकंड में रुक सकती है. यानी प्रकृति से भी पहले रिएक्ट करने वाली ट्रेन. शोर कम, आराम ज्यादा E5 Shinkansen का केबिन इतना शांत होता है कि अंदर बैठकर लगता है जैसे कोई हाई-एंड एयरक्राफ्ट में बैठे हों. इसमें साउंड इंसुलेशन टेक्नोलॉजी लगी है, जिससे कंपन काफी कम होता है. एयर प्रेशर बैलेंसिंग स‍िस्‍टम है. यात्रियों को न सिर्फ स्पीड मिलती है, बल्कि लक्जरी फ्लाइट जैसा अनुभव भी मिलता है. भारत की बुलेट ट्रेन से कनेक्शन क्या है? भारत का जो मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बन रहा है, उसमें जापान की Shinkansen तकनीक का ही इस्तेमाल हो रहा है.  यानी ट्रेन टेक्नोलॉजी जापान की, सुरक्षा सिस्टम जापान का, डिजाइन फिलॉसफी जापान की… इसलिए जो तस्वीर सामने आई है, वह काफी हद तक E5 Shinkansen जैसी लगती है…क्योंकि आधार वही है. ऊर्जा और इकोनॉमी का खेल भी समझिए Shinkansen ट्रेनें इलेक्ट्रिक होती हैं. हाई एफिशिएंसी मोटर्स का इस्तेमाल करती हैं. प्रति यात्री कम ऊर्जा खर्च करती हैं. यानी यह सिर्फ तेज नहीं, बल्कि ग्रीन ट्रांसपोर्ट भी है. तो क्या भारत में यही ट्रेन चलेगी? सीधा जवाब पूरा मॉडल E5 जैसा नहीं होगा, लेकिन उसकी टेक्नोलॉजी और डिजाइन भाषा से काफी मेल खाता सिस्टम होगा.भारत में ट्रैक, मौसम, भीड़ और ऑपरेशन अलग हैं, इसलिए कुछ बदलाव जरूर होंगे. लेकिन मूल DNA जापानी Shinkansen का ही रहेगा. Source link

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आसमान की नई गुरु हैं स्क्वाड्रन लीडर सान्या; पहली महिला ‘कैट-ए’ क्वालिफाइड...

होमताजा खबरदेश स्क्वाड्रन लीडर सान्या बनीं पहली IAF महिला मास्टर इंस्ट्रक्टर, रचा इतिहास Last Updated:May 18, 2026, 21:24 IST भारतीय वायुसेना की जांबाज स्क्वाड्रन लीडर सान्या ने सबसे प्रतिष्ठित Cat-A क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर (QFI) योग्यता हासिल कर नया इतिहास रच दिया है. इस शीर्ष मुकाम पर पहुंचने वाली वह वायुसेना की पहली महिला सैन्य अधिकारी हैं. वायुसेना ने इसे एक ऐतिहासिक मील का पत्थर और गर्व का क्षण बताया है. अब सान्या मास्टर इंस्ट्रक्टर के रूप में देश के भावी और युवा सैन्य पायलटों को आसमान में उड़ान भरने की उन्नत ट्रेनिंग देंगी. ख़बरें फटाफट सान्‍या ने रौशन किया देश का नाम. भारतीय वायुसेना (IAF) की जांबाज स्क्वाड्रन लीडर सान्या ने आसमान की बुलंदियों पर कामयाबी का एक ऐसा परचम लहराया है, जिसने देश के सैन्य इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है. उन्होंने वायुसेना की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन मानी जाने वाली ‘Cat-A’ क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर (QFI) योग्यता हासिल की है. इस अत्यंत प्रतिष्ठित मुकाम पर पहुंचने वाली वह भारतीय वायुसेना के इतिहास की पहली महिला सैन्य अधिकारी बन गई हैं. उनकी यह अभूतपूर्व सफलता न केवल नारी शक्ति के बढ़ते कदमों की गवाही देती है बल्कि देश के मिलिट्री एविएशन क्षेत्र में एक बहुत बड़ा मील का पत्थर भी है. क्या होती है ‘Cat-A’ QFI?भारतीय वायुसेना में एक फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर (उड़ान शिक्षक) बनना अपने आप में बेहद चुनौतीपूर्ण काम है लेकिन उसमें भी ‘Category-A’ (Cat-A) का दर्जा पाना सर्वोच्च स्तर की महारत को दर्शाता है. एक क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर का काम वायुसेना के युवा और नए पायलटों को लड़ाकू विमान या अन्य सैन्य विमान उड़ाने की बारीकियां सिखाना होता है. इस योग्यता को हासिल करने के लिए पायलटों को कई कड़े इम्तिहानों, बेहद जटिल उड़ान परिस्थितियों, सटीक तकनीकी ज्ञान और बेहतरीन नेतृत्व क्षमता के दौर से गुजरना पड़ता है. फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर्स की श्रेणियों में ‘Cat-A’ को सबसे शीर्ष और मास्टर इंस्ट्रक्टर का दर्जा दिया जाता है. इसका सीधा मतलब यह है कि स्क्वाड्रन लीडर सान्या अब वायुसेना के भावी जांबाजों को आसमान की जंग जीतने के पैंतरे सिखाएंगी और उनकी उड़ान तकनीकों को परखेंगी. देशभर के एविएटर्स के लिए बनीं प्रेरणास्क्वाड्रन लीडर सान्या की इस शानदार और ऐतिहासिक कामयाबी पर भारतीय वायुसेना ने आधिकारिक तौर पर गर्व और खुशी व्यक्त की है. वायुसेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह जांबाज महिला अधिकारी की वर्षों की कड़ी मेहनत, अटूट समर्पण और पेशे के प्रति सर्वोच्च प्रतिबद्धता का परिणाम है. वायुसेना ने इसे बल के लिए एक गौरवशाली क्षण बताते हुए कहा कि सान्या की यह सफलता देशभर के युवा एविएटर्स और विशेष रूप से सशस्त्र बलों में शामिल होने का सपना देखने वाली बेटियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा बनेगी. यह उपलब्धि साबित करती है कि जब बात देश की रक्षा और आसमान को छूने की हो, तो काबिलियत और जज्बा ही एकमात्र पैमाना होता है, कोई जेंडर नहीं. Excellence takes flight. Sqn Ldr Saanya achieved a historic first by becoming the first woman officer to earn the coveted Cat-A Qualified Flying Instructor (QFI) qualification. Her achievement embodies dedication and relentless pursuit of excellence. A proud milestone for the… pic.twitter.com/K6hWya0iUi Source link

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100 साल पुराना गुरुकुल, मुफ्त शिक्षा के साथ बच्चों को मिलता है...

Last Updated:May 18, 2026, 20:47 IST मध्यप्रदेश के खंडवा शहर में स्थित हिंदू बाल सेवा सदन एक ऐसी संस्था है, जो दशकों से हजारों जरूरतमंद बच्चों के जीवन को नई दिशा दे रही है. यह सिर्फ एक स्कूल या आश्रय स्थल नहीं, बल्कि उन बच्चों के लिए एक पूरा घर है, जिनके पास न तो संसाधन हैं और न ही सहारा. यहां उन्हें निःशुल्क शिक्षा, रहने की सुविधा, भोजन और संस्कार मिलते हैं. करीब 1920 में शुरू हुई. इस संस्था का उद्देश्य था गरीब, अनाथ और जरूरतमंद बच्चों को सहारा देना. मध्यप्रदेश के खंडवा शहर में स्थित हिंदू बाल सेवा सदन एक ऐसी संस्था है, जो दशकों से हजारों जरूरतमंद बच्चों के जीवन को नई दिशा दे रही है. यह सिर्फ एक स्कूल या आश्रय स्थल नहीं, बल्कि उन बच्चों के लिए एक पूरा घर है, जिनके पास न तो संसाधन हैं और न ही सहारा. यहां उन्हें निःशुल्क शिक्षा, रहने की सुविधा, भोजन और संस्कार मिलते हैं. करीब 1920 में शुरू हुई. इस संस्था का उद्देश्य था गरीब, अनाथ और जरूरतमंद बच्चों को सहारा देना. उन्हें शिक्षित बनाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना. इस नेक काम की नींव रखने में मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रहे भगवत राव मंडलोई की अहम भूमिका रही है. खंडवा के लालचौकी क्षेत्र में करीब 12 एकड़ में फैला यह परिसर आज एक छोटे गुरुकुल की तरह विकसित हो चुका है. यहां रहने वाले बच्चों के लिए हर सुविधा उपलब्ध कराई जाती है. वह शिक्षा हो, अनुशासन हो या फिर शारीरिक और मानसिक विकास है. यहां पढ़ने वाले बच्चों में ज्यादातर वे हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं, आदिवासी क्षेत्रों से आते हैं. जिनके माता-पिता नहीं हैं.संस्था के अध्यक्ष विनय कुमार नेगी बताते हैं कि यहां बच्चों को सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि जीवन जीने की सही दिशा भी दी जाती है. हर सुबह 5 बजे बच्चों का दिन शुरू होता है. योग, व्यायाम और मेडिटेशन के साथ दिनचर्या की शुरुआत होती है. इसके बाद नियमित पढ़ाई के साथ-साथ अलग से ट्यूशन क्लास भी चलती हैं. तीन वर्षों से यहां का रिजल्ट 100 प्रतिशत रहासंस्था की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां शिक्षा का स्तर लगातार बेहतर होता जा रहा है. पिछले तीन वर्षों से यहां का रिजल्ट 100 प्रतिशत रहा है, जिसमें बच्चों के अंक 88 से 95 प्रतिशत तक आए हैं. यह इस बात का प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन और माहौल मिलने पर कोई भी बच्चा आगे बढ़ सकता है.सहसचिव वीरेंद्र वर्मा बताते हैं कि यहां पहली से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई कराई जाती है. अब नर्सरी कक्षा की भी शुरुआत हो चुकी है. बच्चों को निःशुल्क शिक्षा के साथ कपड़े, भोजन, किताबें और रहने की पूरी सुविधा दी जाती है.इस संस्था से पढ़कर निकले कई बच्चे आज बड़े पदों पर काम कर रहे हैं. कोई अपर सचिव बन चुका है, तो कोई मंत्रालय और पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं दे रहा है. ऐसे कई उदाहरण हैं, जो यह साबित करते हैं कि यह संस्था बच्चों के भविष्य को संवारने में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. शिक्षा के साथ बच्चों को मिलता है घर जैसा सहाराखंडवा के लोग दिल खोलकर यहां दान करते हैं.चाहे वह आम नागरिक हो या बड़े उद्योगपति है. कई लोग अपने बच्चों का जन्मदिन या अपने परिजनों की पुण्यतिथि यहां आकर मनाते हैं और बच्चों के साथ समय बिताते हैं. जिससे उन्हें परिवार जैसा माहौल मिलता है.यहां बच्चों के खान-पान का भी खास ध्यान रखा जाता है. उन्हें समय पर पौष्टिक भोजन, दूध, फल और नाश्ता दिया जाता है. इसके साथ ही खेल-कूद, गार्डनिंग और स्विमिंग जैसी गतिविधियां भी कराई जाती हैं, ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके.कड़े नियमों और अनुशासन के साथ चलने वाली इस संस्था में प्रवेश भी सोच-समझकर दिया जाता है. समिति यह सुनिश्चित करती है कि जिन बच्चों को वास्तव में जरूरत है, उन्हें ही यहां जगह मिले. हिंदू बाल सेवा सदन सिर्फ एक संस्था नहीं, बल्कि उम्मीद की किरण है, जिसने अब तक हजारों बच्चों का जीवन संवारकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया है. यहां से निकले बच्चे आज गर्व से कहते हैं कि उन्होंने इसी गुरुकुल में रहकर अपने सपनों को साकार किया है. यही इस संस्था की सबसे बड़ी सफलता है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Khandwa,Madhya Pradesh Source link

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