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थलापति विजय की राह में आया पहला बड़ा कांटा, TVK के सामने...

होमताजा खबरदेश थलापति विजय की राह में आया पहला बड़ा कांटा, TVK के सामने यह कैसी पहली परीक्षा Last Updated:May 23, 2026, 11:45 IST तमिलनाडु से राज्यसभा की खाली सीट पर 18 जून को चुनाव होने जा रहा है. चुनाव आयोग ने शेड्यूल जारी कर दिया है. थलापति विजय के सामने यह पहली राजनीतिक परीक्षा है. हालांकि, इसमें टीवीके गठबंधन बढ़त में है, मगर उम्मीदवार चयन और सीट सहयोगी को देने पर सस्पेंस बना है. तमिलनाडु राज्यसभा चुनाव: टीवीके के सामने पहली बड़ी राजनीतिक परीक्षा थलापति विजय की सियासी राह में कई परीक्षाएं हैं. पहले सरकार बनाने की परक्षा में पास हुए. उसके बाद विधानसभा में बहुमत साबित करने की परीक्षा आई. इसमें वह पास हुए. अब उनकी पार्टी टीवीके के सामने राज्यसभा वाली परीक्षा है. जी हां, राज्यसभा चुनाव की तारीख आ गई है. चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि तमिलनाडु से राज्यसभा की एक खाली सीट को भरने के लिए द्विवार्षिक चुनाव 18 जून को होगा. इसके साथ ही राज्य में सत्ता आने के बाद थलापति विजय की ‘तमिलगा वेट्री कजगम’ (टीवीके) के सामने पहली चुनावी चुनौती भी खड़ी हो चुकी है. यह सीट तब खाली हुई, जब सीवी शनमुगम ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में मैलम निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की थी. राज्यसभा सीट के लिए चुनावी कार्यक्रम के अनुसार, प्रक्रिया के लिए अधिसूचना 1 जून को जारी की जाएगी, जिसके साथ ही नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी. नामांकन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 8 जून तय की गई है, जबकि नामांकनों की जांच (स्क्रूटनी) 9 जून को की जाएगी. उम्मीदवार 11 जून तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं. अगर जरूरत पड़ी तो मतदान 18 जून को होगा और उसी दिन वोटों की गिनती भी की जाएगी. फिलहाल, इस चुनाव के चलते सत्ताधारी गठबंधन के भीतर उम्मीदवारों के चयन और गठबंधन से जुड़े समीकरणों पर राजनीतिक चर्चाओं के तेज होने की उम्मीद है. यह चुनाव तमिलनाडु के बदले हुए राजनीतिक परिदृश्य के संदर्भ में काफी महत्वपूर्ण है. टीवीके के इस चुनाव में उतरने पर उसके संसद में प्रवेश करने की संभावनाएं मजबूत हो जाएंगी. तमिलनाडु विधानसभा की वर्तमान प्रभावी सदस्य संख्या 233 है. ऐसे में किसी भी उम्मीदवार को जीत हासिल करने के लिए 117 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी. क्योंकि किसी भी एक पार्टी के पास स्वतंत्र बहुमत नहीं है, इसलिए चुनाव का परिणाम काफी हद तक गठबंधन के गणित पर निर्भर रहने की उम्मीद है. संख्या बल के मामले में टीवीके के नेतृत्व वाला गठबंधन फिलहाल बढ़त बनाए हुए प्रतीत होता है, जिससे इस सीट पर जीत हासिल करने की दौड़ में वह सबसे आगे है. हालांकि, अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या टीवीके इस सीट के लिए अपना उम्मीदवार ही उतारेगी या फिर गठबंधन प्रबंधन के तहत राज्यसभा की इस प्रतिष्ठित सीट को अपने किसी सहयोगी दल के लिए छोड़ देगी. About the Author Shankar Pandit Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before News18 (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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हरी सब्जियां लगाते हुए भूलकर भी ना करें ये गलतियां, वरना हो...

होमताजा खबरकृषि हरी सब्जियां लगाते हुए भूलकर भी ना करें ये गलतियां, नहीं तो हो सकता है नुकसान Last Updated:May 23, 2026, 10:32 IST मेरठ के ग्रामीण क्षेत्रों में खरीफ फसल की तैयारियां शुरू हो गई हैं. जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार ने किसानों को जुताई के बाद खेत खाली रखने, मचान तकनीक से हरी सब्जियों की खेती करने और हाईटेक नर्सरी से पौधे लेने की सलाह दी है. इससे फसल की पैदावार बढ़ने के साथ किसानों की आय भी बेहतर हो सकती है. मेरठ: क्रांति धरा मेरठ के ग्रामीण क्षेत्रों में खरीफ फसल की बुवाई को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं, जिसमें किसानों द्वारा विभिन्न प्रकार की हरी सब्जियों की खेती की जाएगी. लेकिन खरीफ के मौसम में कई तरह के बदलाव भी देखने को मिलते हैं, जैसे आंधी, तेज धूप और बारिश की संभावना बनी रहती है, जिससे कई बार हरी सब्जियों को नुकसान भी होता है. इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए लोकल-18 की टीम ने जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार से खास बातचीत की. जुताई के बाद 15 दिन खेत खाली रखना जरूरी उन्होंने बताया कि जो भी किसान खरीफ की फसल लगाना चाहते हैं, उन्हें जुताई के बाद कम से कम 15 दिन तक खेत खाली छोड़ना चाहिए, क्योंकि जब खेत खुले रहते हैं तो सूर्य की किरणों से विभिन्न प्रकार के बैक्टीरिया और हानिकारक तत्व नष्ट हो जाते हैं, जो फसल को नुकसान पहुंचाते हैं. उन्होंने कहा कि जो किसान तुरंत बुवाई कर देते हैं, उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है. मचान पर लगाएं हरी बेल वाली सब्जियां उन्होंने बताया कि जो किसान लौकी, तोरई, खीरा, हरी मिर्च जैसी सब्जियों की खेती करना चाहते हैं, उन्हें खेत में मचान बनाकर बेल को ऊपर चढ़ाना चाहिए. इससे फसल बेहतर होती है, क्योंकि बारिश के मौसम में जमीन पर बेल रहने से पानी भरने की समस्या होती है, जिससे फसल खराब होने का खतरा बढ़ जाता है. उन्होंने कहा कि जब बेल के पत्ते ऊपर रहते हैं तो बरसात में भी फसल को फायदा मिलता है. इस तकनीक से किसान हर साल अच्छी पैदावार प्राप्त कर सकते हैं और उनकी आय में भी बढ़ोतरी होती है. नर्सरी से भी ले सकते हैं पौधे जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि किसान मेरठ की हाईटेक नर्सरी से भी सब्जियों के पौधे प्राप्त कर सकते हैं. यहां पर किसान अपना बीज देकर 1 रुपये प्रति पौधा और नर्सरी से तैयार पौधे 2 रुपये प्रति पौधे के हिसाब से ले सकते हैं. इससे फसल की गुणवत्ता बेहतर होती है. उन्होंने कहा कि यदि किसान इन बातों का ध्यान रखें तो न केवल उनकी फसल सुरक्षित रहेगी, बल्कि वे आर्थिक रूप से भी मजबूत बन सकते हैं. About the Author Vivek Kumar विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Meerut,Meerut,Uttar Pradesh Source link

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गर्मियों में पेट की जलन और गैस से हैं परेशान, तो यहां...

रामपुर: मार्च खत्म होते-होते गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर रही हैं. इसका असर अब सिर्फ शरीर की थकान तक सीमित नहीं है, बल्कि पेट और पाचन से जुड़ी दिक्कतें भी गर्मी की वजह से तेजी से बढ़ रही हैं. कई लोग पेट में जलन, गैस, भूख कम लगना और भारीपन जैसी समस्याओं से परेशान हैं. आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर मोहम्मद इकबाल के मुताबिक गर्मियों में सबसे ज्यादा जरूरी अपनी डाइट और साफ-सफाई का ध्यान रखना होता है. उन्होंने बताया कि इस मौसम में शरीर जल्दी डिहाइड्रेट हो जाता है और अगर खानपान सही न हो तो पेट से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं. उन्होंने कहा कि लोग अक्सर बाहर की तली-भुनी चीजें, होटल का खाना और ज्यादा मसालेदार फूड खा लेते हैं जिससे शरीर की गर्मी और बढ़ जाती है. गर्मियों में कैसी होनी चाहिए डाइट डॉक्टर इकबाल के अनुसार गर्मियों में हल्का और जल्दी पचने वाला भोजन सबसे बेहतर माना जाता है. उन्होंने कहा कि खाने से पहले और बाद में हाथ साफ करना बेहद जरूरी है क्योंकि इस मौसम में संक्रमण जल्दी फैलता है वहीं बासी खाना खाने से भी पेट खराब होने का खतरा बढ़ जाता है. उन्होंने सलाह दी कि ताजा भोजन करें और मौसमी फलों को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं. सौंफ का पानी असरदार आयुष चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि घर में मौजूद कई साधारण चीजें गर्मी में दवा जैसा काम करती हैं, जैसे कि सौंफ का पानी पेट की जलन और गर्मी को कम करने में मदद करता है. इसके लिए रात में पानी में सौंफ भिगो दें और सुबह उस पानी को छानकर पी लें इससे शरीर को ठंडक मिलती है और पाचन भी बेहतर रहता है. नारियल पानी भी गर्मियों में काफी फायदेमंद उन्होंने बताया कि नारियल पानी भी गर्मियों में काफी फायदेमंद माना जाता है क्योंकि यह शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता वहीं नींबू का शरबत और आम पन्ना भी शरीर को अंदर से ठंडा रखने में मदद करते हैं डॉक्टर के मुताबिक आम पन्ना लू से बचाने में काफी असरदार माना जाता है और गर्मी में कमजोरी महसूस नहीं होने देता. छाछ, सत्तू, खीरा और बेल का शरबत का करें इस्तेमाल डॉक्टर मोहम्मद इकबाल ने कहा कि लोग गर्मी में राहत पाने के लिए कोल्ड ड्रिंक का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इससे कुछ देर राहत जरूर मिलती है फायदा नहीं इसके बजाय छाछ, सत्तू, खीरा और बेल का शरबत जैसे देसी उपाय ज्यादा कारगर साबित होते हैं उन्होंने बताया कि खीरा शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखने में मदद करता है और पेट को ठंडा रखता है. मटके का पानी है बेहतर उन्होंने कहा कि कई लोग दिनभर पानी कम पीते हैं और जब ज्यादा प्यास लगती है, तो एक साथ बहुत ठंडा पानी पी लेते हैं इससे भी पाचन पर असर पड़ता है. इसलिए, थोड़ी-थोड़ी देर में सामान्य या मटके का पानी पीना बेहतर माना जाता है. आयुर्वेद के अनुसार गर्मियों में शरीर को ठंडक देने वाली चीजों का सेवन बढ़ाना चाहिए. डॉक्टर इकबाल का कहना है कि छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर लोग गर्मी के असर से काफी हद तक बच सकते हैं. खासकर बच्चों और बुजुर्गों को इस मौसम में ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है, क्योंकि उनका शरीर जल्दी प्रभावित होता है. Source link

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Sukke Kebab: बिना फ्रिज के महीनों तक चलेगा ये खास मांस, हैदराबादी...

Last Updated:May 23, 2026, 08:29 IST Hyderabadi Sukke Kebab Recipe: हैदराबाद का पारंपरिक ‘सुक्के कबाब’ संरक्षण की एक अद्भुत कला है. बिना फ्रिज के मांस को महीनों तक सुरक्षित रखने के लिए इसे बिना फैट के काटा जाता है, मसालों में लपेटा जाता है और कई दिनों तक तेज धूप में सुखाया जाता है. खाने से पहले इन्हें फ्राई करने पर ये कुरकुरे हो जाते हैं. इसका तीखा और नमकीन स्वाद हैदराबाद के लोगों को बेहद पसंद है, जिसे अक्सर खट्टी दाल और चावल के साथ परोसा जाता है. यह तकनीक आज भी पुरानी संस्कृति और पूर्वजों के हुनर को जीवंत रखे हुए है. ख़बरें फटाफट Hyderabad: हैदराबाद के पुराने शहर की गलियों में आज भी एक ऐसी कला जीवित है जो फ्रिज और कोल्ड स्टोरेज के आविष्कार से बहुत पुरानी है. बात हो रही है ‘सुक्के कबाब’ की, जिसे बनाने की तकनीक दादी-नानी के जमाने से चली आ रही है. पिछले कुछ वर्षों में मौसम के बदलते मिजाज और उमस के कारण यह परंपरा कुछ फीकी पड़ गई थी, लेकिन आज भी हैदराबाद के कई घरों में मांस को बिना फ्रिज के महीनों तक सुरक्षित रखने का यह हुनर कायम है. यह न केवल स्वाद का मामला है, बल्कि संरक्षण की एक ऐसी तकनीक है जो हमारे पूर्वजों की बुद्धिमानी को दर्शाती है. सुक्के कबाब को बनाने की प्रक्रिया धैर्य और बारीकी की मांग करती है. इसकी सबसे बड़ी शर्त यह है कि मांस पूरी तरह से हड्डी रहित और बिना फैट यानी वसा वाला होना चाहिए. फैट का एक छोटा सा टुकड़ा भी पूरे मांस को खराब कर सकता है, इसलिए इसे हटाकर मांस को कागज जैसा पतला काटा जाता है. इसके बाद इसमें अदरक-लहसुन का पेस्ट, लाल मिर्च, हल्दी, गरम मसाला और भारी मात्रा में नमक का लेप लगाया जाता है. यहाँ नमक और हल्दी प्राकृतिक प्रिजर्वेटिव की तरह काम करते हैं, जो मांस को बैक्टीरिया से बचाते हैं. धूप से मिलता है कुरकुरापनइन मसालेदार मांस की पट्टियों को मजबूत धागों या हैंगर में पिरोकर तीन से चार दिनों तक तेज धूप में सुखाया जाता है, जिससे इसमें बची नमी पूरी तरह खत्म हो जाती है. नमी के बिना, मांस के खराब होने की संभावना खत्म हो जाती है. सूखने के बाद इन्हें एयरटाइट जार में महीनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है. खाने से ठीक पहले जब इन सूखे टुकड़ों को खौलते तेल में डीप-फ्राई किया जाता है, तो ये पल भर में फूलकर कुरकुरे और लाजवाब हो जाते हैं. मात्र एक मिनट में मसालों और मांस का एक गहरा, लाजवाब स्वाद उभर कर सामने आता है. हैदराबादी खान-पान का अभिन्न हिस्साहैदराबादी खान-पान में सुक्के कबाब का एक विशेष स्थान है. इनका स्वाद काफी तीखा और नमकीन होता है, जिसे लोग सबसे ज्यादा गरमा-गरम खट्टी दाल और उबले हुए सफेद चावल के साथ पसंद करते हैं. इसके अलावा, कई घरों में प्याज के साथ भूनकर इसका स्वादिष्ट सालन भी बनाया जाता है. सादे दाल-चावल के साथ कबाब का तीखा और कुरकुरा स्वाद इस पारंपरिक भोजन को किसी दावत से कम नहीं बनाता. तकनीक के इस दौर में भी यह स्वाद हैदराबाद की संस्कृति को जिंदा रखे हुए है. About the Author vicky Rathore Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with News18 Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Hyderabad,Hyderabad,Telangana Source link

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मिनी समोसा से ठेकुआ तक, 7 हाउसवाइफ ने खड़ा कर दिया 2...

Last Updated:May 23, 2026, 07:30 IST रांची की कंचन और 6 महिलाओं ने मिलकर “लातिका” नाम से स्नैक्स ग्रुप शुरू किया, जो आज बड़ा ब्रांड बन चुका है. ये महिलाएं मिनी समोसा, ठेकुआ, निमकी, मसाला मखाना और रागी-बाजरा लड्डू जैसे पारंपरिक स्नैक्स बनाकर ब्रांडेड पैकेजिंग में पूरे भारत में भेजती हैं. झारक्राफ्ट की मदद से इन्हें सरकारी मेलों में स्टॉल लगाने का मौका मिला. आज इनके ग्राहक दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे शहरों में हैं और समूह की मासिक कमाई 2 लाख रुपये से अधिक पहुंच चुकी है. रांची : रांची की कंचन ने अन्य 6 हाउसवाइफ महिलाओं के साथ मिलकर अपना एक समूह बनाई है. जिसका नाम है लातिका. इस समूह का काम होता है तरह-तरह के स्नैक्स बनाना जिसमें यह खासतौर पर मिनी समोसा से लेकर ठेकुआ, निमकी, मसाला मखाना और भी कई सारी चीज यह बनाने का काम करती है और इसके एकदम ब्रांडेड की तरह पैकेज करती है और बेचती है. झारक्राफ्ट की तरफ से मदद भी मिला है और दिल्ली, मुंबई, कोलकाता जैसे शहरों में जाकर सरकारी मेले में अपना स्टॉल भी लगाती है. आज आलम यह है कि ऑल ओवर इंडिया में इनके कस्टमर है और महीने की कमाई 2 लाख से अधिक चुकी है. कंचन बनती है, पहले मैं हाउसवाइफ थी. सिर्फ घर पर खाना बनाती थी घर से निकलना भी नहीं होता था. पर आज पूरा दुनिया घूम रही हूं. आज अपने पैरों पर खड़ीवहीं, सोनाली बताती है कि आज हम सारे लोग अपने पैरों पर खड़े हैं. आज किसी पर निर्भर होने की जरूरत नहीं. पहले छोटे-छोटे चीजों के लिए घर वालों के सामने हाथ फैलाने पड़ते थी. लेकिन आज आलम ये है कि आज हम उनकी मदद करते हैं. हम तरह-तरह की पकवान भी बनाते हैं. जैसे गुजिया, कचौड़ी, पकौड़ी यह सारी चीज. यह सारी चीज हमने अपनी दादी नानी से सीखी है. झारक्राफ्ट से भी चुकी मदद मिल जाती है, तो हमें सरकारी स्टॉल भी फ्री में मिल जाते हैं. अब क्या है कि मुंबई कोलकाता तक जब हम चाहते हैं तो हमारे इस प्रोडक्ट जैसे रागी व बाजरा लड्डू हम यह भी बनाते हैं, निमकी ठेकुआ यह सब मेट्रो सिटी में खासतौर पर खूब पसंद किया जाता है. क्योंकि, वहां के लोग पास यह सब बनाने का उतना फुर्सत नहीं. इसीलिए एक बार वह खाते हैं तो हमारे पेटेंट कस्टमर बन जाते हैं. पूरे भारत में डिलीवरीहमारे कस्टमर मेट्रो सिटी में अधिक है. नमकीन गुजिया यह सब आर्डर करते हैं. उनको एकदम ब्रांडेड स्टाइल में पैकेजिंग करके भेजते है. एक बार में 20 किलो ठेकुआ, 30 किलो नमकीन इस तरीके के आर्डर आते हैं. आज आलम ये है कि हमारे पास फुर्सत नहीं है. कई बार तो आर्डर ले नहीं पाते. आज अच्छा लगता है कि हमारा स्वाद और काम लोगों को इतना पसंद आ रहा है. आराम से महीने की कमाई 2 लाख पार जा चुकी हैं. About the Author Amit Singh 7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Ranchi,Jharkhand Source link

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बंगाल में शुरू होगी केंद्र सरकार की पहली योजना! 8 लाख लोगों...

Last Updated:May 23, 2026, 06:26 IST PM Vishwakarma Yojana : केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल में अपनी पहली योजना को लागू करने के लिए आदेश जारी कर दिया है. इसका लाभ प्रदेश के 7.79 लाख कामगारों को मिलेगा. अभी तक पीएम विश्‍वकर्मा योजना के तहत देशभर में 2.72 करोड़ लोगों ने अपना पंजीकरण कराया है. पीएम विश्‍वकर्मा योजना को अब पश्चिम बंगाल में भी लागू किया जाएगा. नई दिल्‍ली. पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के आने से केंद्रीय योजनाओं के लागू होने का रास्‍ता भी साफ हो गया है. इस कड़ी में पहली योजना को लागू कराने का ऐलान भी किया जा चुका है. सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय ने बताया कि कारीगरों के प्रोत्साहन के लिए संचालित ‘पीएम विश्वकर्मा’ योजना को पश्चिम बंगाल में भी लागू किया जाएगा. इस कदम से प्रदेश के करीब 8 लाख कामगारों को फायदा होने वाला है. एमएसएमई मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव एवं विकास आयुक्त (एमएसएमई) डॉ. रजनीश ने इस संबंध में पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल के साथ बैठक भी की है. बैठक में योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने, लाभार्थियों की पहचान बेहतर करने, कौशल विकास को मजबूत करने और पारंपरिक कारीगरों तक व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई. इसमें केंद्रीय योजनाओं को जल्‍द से जल्‍द प्रदेश में लागू करने पर जोर दिया गया. अन्‍य योजनाओं पर भी हो रहा विचारमंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि राज्य में अन्य एमएसएमई योजनाओं के क्रियान्वयन और संस्थागत समन्वय बढ़ाकर एमएसएमई परिवेश को मजबूत करने की रणनीतियों पर भी विचार किया गया. मुख्य सचिव ने एमएसएमई मंत्रालय के सहयोग की सराहना करते हुए केंद्रीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई. क्‍या है पीएम विश्‍वकर्मा योजनाकेंद्र सरकार की ‘पीएम विश्वकर्मा’ योजना 17 सितंबर, 2023 को शुरू की गई थी. पश्चिम बंगाल सरकार ने इसके क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तरीय निगरानी समिति और जिला स्तरीय कार्यान्वयन समितियों के गठन की अधिसूचना जारी की है. डॉ. रजनीश ने कहा कि यह योजना पारंपरिक कौशल के संरक्षण के साथ कारीगरों को आधुनिक उपकरण, औपचारिक वित्तीय पहुंच और बेहतर बाजार अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. राज्‍य में कितने लोग रजिस्‍टर्डउन्होंने कहा कि पारंपरिक शिल्प और कारीगरों की समृद्ध विरासत वाले पश्चिम बंगाल में इस योजना के सफल क्रियान्वयन की पर्याप्त संभावनाएं हैं. राज्य में इस योजना के तहत अब तक 7.79 लाख कारीगर रजिस्‍टर हो चुके हैं. इसका मतलब है कि केंद्र सरकार की योजना लागू होने के बाद कम से कम 7.79 लाख परिवारों तक इसका लाभ पहुंचेगा. देशभर में अभी तक 2.72 करोड़ कामगारों ने खुद को इस योजना के तहत पंजीकृत कराया है. About the Author Pramod Kumar Tiwari प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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देसी AMCA का सपना होने लगा साकार! भारत आया फ्रांस का टॉप...

India 5th Gen Fighter Jet News: जिस पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट के लिए भारत पिछले 16 साल से संघर्ष कर रहा है, ऐसा लग रहा है कि अब वह पूरा ही होने वाला है. बुधवार, 20 मई को भारतीय सशस्त्र बलों को अत्याधुनिक और स्वदेशी हथियारों से लैस करने वाली संस्था रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के हेडक्वार्टर में हाल ही में हुई एक हाई-प्रोफाइल मीटिंग हुई. फ्रांस की रक्षा खरीद एजेंसी (DGA) के डेलिगेट के डीआरडीओ के हेडक्वार्टर में दौरे ने दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों के कान खड़े कर दिए हैं. ऐसा कयास लगाया जा रहा है कि भारत अपने सबसे महत्वाकांक्षी 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट प्रोजेक्ट यानी एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) को लेकर तेजी से आगे बढ़ रहा है. हालिया घटनाक्रम इस बात का पुख्ता संकेत दे रहे हैं कि भारत इस महाविनाशक फाइटर जेट के इंजन के लिए फ्रांस पर अपना सबसे बड़ा दांव खेल सकता है. आइए समझते हैं कि कैसे फ्रांस के एक बड़े अधिकारी के डीआरडीओ दौरे ने इस डील की सुगबुगाहट को तेज कर दिया है. भारत के पास अब तक का सबसे एडवांस जेट राफेल 4.5वीं पीढ़ी का है. पैट्रिक पेलौक्स का DRDO दौरा और Safran से डील के कयास भारत ने AMCA प्रोजेक्ट के तहत फाइटर जेट के इंजन के को-डेवलपमेंट के लिए मुख्य रूप से दो देशों – फ्रांस (Safran कंपनी) और जर्मनी के साथ गहरी दिलचस्पी दिखाई थी. लेकिन, 20 मई को जो हुआ, वह फ्रांस के पलड़े को भारी करता दिख रहा है. शुक्रवार को फ्रांस के डायरेक्टरेट जनरल ऑफ आर्मामेंट्स के डेलिगेट जनरल पैट्रिक पेलौक्स के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली स्थित डीआरडीओ मुख्यालय का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग (DDR&D) के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत के साथ गहन चर्चा की. आधिकारिक बयान के अनुसार, यह चर्चा भारत और फ्रांस के बीच उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों में सहयोग को मजबूत करने पर केंद्रित थी. चूंकि डीआरडीओ ही भारतीय सेनाओं के लिए अत्याधुनिक स्वदेशी हथियार और मिसाइलें विकसित करता है. ऐसे में यह साफ तौर पर अनुमान लगाया जा सकता है कि भारत अपने 5वीं जेनरेशन के AMCA फाइटर जेट के इंजन के लिए फ्रांस की एयरोस्पेस कंपनी ‘साफरान’ (Safran) के साथ बातचीत को अंतिम रूप देने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है. 10 साल के लिए रिन्यू हुआ रक्षा समझौता यह कोई रातों-रात हुआ घटनाक्रम नहीं है, बल्कि इसकी मजबूत नींव इसी साल की शुरुआत में रखी जा चुकी थी. 17 फरवरी, 2026 को बेंगलुरु में आयोजित 6वीं भारत-फ्रांस वार्षिक डिफेंस टॉक के दौरान दोनों देशों ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अपने रक्षा सहयोग समझौते को अगले 10 वर्षों के लिए रिन्यू कर दिया था. इस हाई-प्रोफाइल बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की सशस्त्र बल एवं पूर्व सैनिक मामलों की मंत्री कैथरीन वॉट्रिन ने की थी. वहीं, इस नए समझौते पर भारत के रक्षा सचिव और फ्रांस के अंतर्राष्ट्रीय संबंध एवं रणनीति उप महानिदेशक द्वारा हस्ताक्षर किए गए थे. मिराज फाइटर जेट सफल और अचूक मल्टीरोल फाइटर जेट है. राफेल में 50% स्वदेशीकरण और MRO हब की मांग भारत अब केवल हथियार खरीदने वाला देश नहीं रहना चाहता, बल्कि वह तकनीक का हस्तांतरण (Technology Transfer) और स्वदेशीकरण चाहता है। बेंगलुरु वार्ता के दौरान भारत ने फ्रांस के सामने स्पष्ट मांग रखी कि राफेल लड़ाकू विमानों में इस्तेमाल होने वाली स्वदेशी सामग्री की हिस्सेदारी को बढ़ाकर 50% तक किया जाए. इसके साथ ही, भारत में ही इन विमानों के रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल (MRO) सुविधाओं का बड़े पैमाने पर विस्तार करने का अनुरोध किया गया, ताकि भविष्य में सर्विसिंग के लिए विदेशी धरती पर निर्भर न रहना पड़े. AMCA प्रोजेक्ट की विकास यात्रा (2010 से अब तक) अक्टूबर 2010: रक्षा मंत्रालय द्वारा 90 करोड़ रुपये के शुरुआती फंड के साथ AMCA की ‘फिजिबिलिटी स्टडी’ शुरू की गई. इसी के साथ भारत ने 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट के स्वदेशी विकास का खाका तैयार करना शुरू किया. 2013-2014 (पहला मॉडल): एयरो इंडिया 2013 में पहली बार इसका 1:8 स्केल मॉडल दुनिया के सामने पेश किया गया. फरवरी 2014 तक इसका प्रोजेक्ट डेफिनेशन और प्रारंभिक डिजाइन का काम पूरा कर लिया गया. 2015-2016 (डिजाइन को मंजूरी): एयरो इंडिया 2015 में AMCA के बेसिक कॉन्फ़िगरेशन को फाइनल किया गया. इसके बाद 2016 में भारतीय वायुसेना ने इसके डिजाइन को अपनी आधिकारिक स्वीकृति दे दी. मार्च 2024 (सबसे बड़ी मंजूरी): यह इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने AMCA के प्रोटोटाइप विकास के लिए 15,803 करोड़ रुपये के भारी भरकम बजट को अपनी अंतिम मंजूरी दी. मई 2026: आंध्र प्रदेश में AMCA प्रोग्राम की फैसिलिटी और रक्षा हब की नींव रखी गई है, जहां इसके प्रोटोटाइप और निर्माण से जुड़े काम तेजी से आगे बढ़ेंगे. इसके इंजन के लिए विदेशी कंपनियों (खासकर फ्रांस की साफरान) के साथ बातचीत चल रही है. एएमसीए फाइटर जेट का डिजाइन फ्रांस के DGA पैट्रिक पेलौक्स ने हाल ही में भारत में किससे मुलाकात की? फ्रांस के डेलिगेट जनरल ऑफ आर्मामेंट्स पैट्रिक पेलौक्स ने DRDO हेडक्वार्टर का दौरा किया. DRDO के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत के साथ उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों में सहयोग पर चर्चा की। भारत के 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट का क्या नाम है? इसके इंजन के लिए किस कंपनी से बातचीत चल रही है? भारत के 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट का नाम एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) है. इसके इंजन के विकास के लिए मुख्य रूप से फ्रांस की कंपनी ‘साफरान’ (Safran) के साथ डील फाइनल होने के कयास लगाए जा रहे हैं. राफेल विमानों को लेकर भारत ने फ्रांस के सामने क्या प्रमुख मांग रखी है? भारत ने फ्रांस से अनुरोध किया है कि राफेल विमानों में स्वदेशी (भारतीय) सामग्री की हिस्सेदारी को बढ़ाकर 50% तक किया जाए और भारत में ही इसके रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल (MRO) सुविधाओं का विस्तार हो. India 5th Gen Fighter Jet | AMCA 5th gen Fighter Jet | India Fighter Jet | एमसीए- भारत की पांचवीं पीढ़ी की फाइटर जेट जल्द बनकर होगी तैयार Source link

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सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन रहेगा मिला-जुला, स्वास्थ्य में...

Last Updated:May 23, 2026, 04:01 IST Aaj ka Singh Rashifal: ज्योतिषाचार्य डॉ. बसंत सोनी ने कहा कि आज अष्टमी तिथि और मघा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा. वृषभ लग्न की कुंडली बन रही है, जिसमें लग्न भाव में सूर्य विराजमान है. बुधादित्य योग का निर्माण हो रहा है. हालांकि दूसरे भाव में चंद्रमा और केतु की युति कुछ चुनौतियां पैदा कर सकती है.  सिंह राशि के जातकों के लिए शनिवार, 23 मई 2026 का दिन मिश्रित परिणाम लेकर आया है. एक ओर करियर, शिक्षा और व्यापार के क्षेत्र में सफलता के संकेत मिल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य संबंधी मामलों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत रहेगी. खरगोन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डॉ. बसंत सोनी के अनुसार आज अष्टमी तिथि और मघा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा. वृषभ लग्न की कुंडली बन रही है, जिसमें लग्न भाव में सूर्य विराजमान है और बुधादित्य योग का निर्माण हो रहा है. हालांकि दूसरे भाव में चंद्रमा और केतु की युति कुछ चुनौतियां पैदा कर सकती है. ऐसे में दिन के शुभ और अशुभ दोनों पहलुओं को समझकर आगे बढ़ना लाभकारी रहेगा. सिंह राशि करियर राशिफल नौकरीपेशा लोगों के लिए आज का दिन अनुकूल रहने वाला है. कार्यस्थल पर सहकर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा. लंबे समय से रुके हुए कार्यों में गति आएगी और नई जिम्मेदारियां भी मिल सकती हैं. टीमवर्क के माध्यम से अच्छे परिणाम हासिल होने के योग बन रहे हैं. वहीं विद्यार्थियों के लिए भी दिन सकारात्मक रहेगा. पिछले कुछ समय से पढ़ाई में आ रही बाधाएं दूर हो सकती हैं. पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ेगी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को सफलता के संकेत मिल रहे हैं. शिक्षा से जुड़े लोगों को भी सम्मान और उपलब्धि प्राप्त हो सकती है. व्यापार और आर्थिक स्थिति व्यापारियों के लिए शनिवार लाभदायक साबित हो सकता है. गुरु और शुक्र ग्रह की शुभ स्थिति कारोबार में प्रगति के संकेत दे रही है. नए व्यापारिक अवसर सामने आ सकते हैं और पुराने सौदों से भी लाभ मिलने की संभावना है. बाजार में आपकी पकड़ मजबूत होगी और ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा. आर्थिक दृष्टि से भी दिन अच्छा रहेगा. निवेश के लिए समय अनुकूल माना जा रहा है. विशेष रूप से अनाज, कृषि उत्पाद और मसालों से जुड़े निवेश लाभ दे सकते हैं. बुधादित्य योग के प्रभाव से धन संबंधी निर्णय समझदारी से लेने पर अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे. आय के नए स्रोत बनने की संभावना भी दिखाई दे रही है. सिंह राशि स्वास्थ्य राशिफल आज का सबसे संवेदनशील पक्ष स्वास्थ्य रहेगा. चंद्रमा और केतु की युति पुरानी बीमारियों को दोबारा सक्रिय कर सकती है. अचानक कमजोरी, थकान, पेट संबंधी परेशानी या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं उभर सकती हैं. इसलिए खानपान में विशेष सावधानी रखें और शरीर की छोटी-मोटी समस्याओं को नजरअंदाज न करें. पारिवारिक जीवन रहेगा सुखदपारिवारिक दृष्टि से दिन काफी अच्छा रहने वाला है. घर में खुशियों का माहौल बना रहेगा और परिवार के सदस्यों के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा. पति-पत्नी के रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी और आपसी समझ मजबूत होगी. प्रेम संबंधों में भी सकारात्मकता बनी रहेगी. अविवाहित लोगों के लिए नए रिश्तों की शुरुआत के संकेत मिल सकते हैं. धार्मिक या आध्यात्मिक यात्रा की योजना भी बन सकती है, जिससे मानसिक शांति और ऊर्जा प्राप्त होगी. आज का शुभ अंक अंक ज्योतिष के अनुसार आज सिंह राशि के लिए 2 अंक विशेष रूप से शुभ माना गया है. इसके अलावा 3, 5 और 9 अंक भी लाभकारी रहेंगे. महत्वपूर्ण कार्यों में इन अंकों का उपयोग करना शुभ फल दे सकता है. इन बातों का रखें ध्यानज्योतिषाचार्य डॉ. बसंत सोनी के अनुसार आज सिंह राशि वालो को भोजन पर नियंत्रण रखना आवश्यक है. साथ ही आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ और सूर्य देव की उपासना करने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों में राहत मिल सकती है. सूर्य को अर्घ्य देना भी विशेष रूप से शुभ फलदायी रहेगा. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Khandwa,Madhya Pradesh Source link

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Monsoon News | Weather Scientist News | IMD Rain Alert | IMD...

होमफोटोदेश लू के बीच गुड न्यूज! कई राज्यों में बारिश, 60KM की रफ्तार से तूफान का अलर्ट Last Updated:May 22, 2026, 22:49 IST Weather Scientist Alert For Rain: ऐसी भीषण गर्मी पड़ रही है, बाहर धूप क्या घर भी भट्टी बन गए हैं. कूलर-पंखे तो इस गर्मी के आगे फेल हो गए हैं. अब तो एसी ही सहारा है. लेकिन, एसी तो सभी अफोर्ड नहीं कर सकते हैं, ऊपर बिजली की हाई डिमांड के बाद पावर कट भी होने की संभावना बढ़ जाता है. आईएमडी ने अगले 6-7 दिनों तक उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में भयंकर लू का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है. उत्तर प्रदेश (यूपी), राजस्थान, दिल्ली और मध्य प्रदेश भट्टी की तरह तप रहे हैं. लेकिन, इन सबके बीच स्काईमेट के मौसम विज्ञानी महेश पहलावत ने एक बड़ी खुशखबरी दी है. पहाड़ों, पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत में भारी बारिश का दौर शुरू होने वाला है. दिल्ली-पंजाब और हरियाणा में भी आंधी-बारिश से राहत की उम्मीद है. पूरे उत्तर भारत में पारा 47 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है. लू तो ऐसी चल रही है कि मानों शरीर पानी सोख लेगी. आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. मौसम विभाग (आईएमडी) की ताजा चेतावनी ने लोगों के पसीने और छुड़ा दिए हैं, क्योंकि अगले एक हफ्ते तक इस जानलेवा गर्मी से कोई बड़ी राहत मिलती नहीं दिख रही है. लेकिन, निराशा और तपिश के इस रेगिस्तान के बीच स्काईमेट वेदर से एक ठंडी हवा का झोंका भी आया है. भीषण गर्मी के बीच कुछ राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट है. आईएमडी के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी, मध्य और पूर्वी भारत के मैदानी इलाकों के साथ-साथ प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में अगले छह से सात दिनों तक लू का भयंकर प्रकोप जारी रहेगा. मई के इस आखिरी हफ्ते में आसमान से आग बरसने का यह सिलसिला थमेगा नहीं. 23 से 28 मई तक लोगों को चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के थपेड़ों का कड़ा सामना करना पड़ेगा. प्रशासन ने लोगों को बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलने की सख्त हिदायत दी है. उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के लोगों के लिए मौसम विभाग का अलर्ट बेहद डराने वाला है. 22 से 28 मई तक इन दोनों राज्यों के कई इलाकों में भयानक लू चलने की आशंका है. विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश में ‘भीषण लू’ का अलर्ट जारी किया गया है. यहां दिन के समय सूरज की तपिश इतनी तेज होगी कि सड़कों पर सन्नाटा पसर सकता है. कई शहरों में अधिकतम तापमान अपने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google देश की राजधानी दिल्ली, पंजाब, चंडीगढ़ और हरियाणा भी इस हीटवेव के टॉर्चर से अछूते नहीं रहेंगे. मौसम विभाग ने 23 से 28 मई के बीच इन क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में लगातार लू चलने की प्रबल संभावना जताई है. स्थिति और भी बदतर तब होगी जब 24 से 27 मई के बीच इन राज्यों के कई इलाकों में भीषण लू का अलर्ट सक्रिय हो जाएगा. दिल्ली एनसीआर में तो कंक्रीट की इमारतों के बीच गर्मी का यह सितम लोगों को पूरी तरह बेहाल कर देगा. रेगिस्तानी राज्य राजस्थान में गर्मी पहले ही अपने चरम स्तर पर पहुंच चुकी है. मौसम विभाग के मुताबिक, 23 से 28 मई के दौरान राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में लू का कहर बदस्तूर जारी रहेगा. सबसे ज्यादा परेशानी पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में होगी, जहां 24 से 28 मई के बीच भीषण लू की जानलेवा स्थिति बनेगी. यहां रेत इतनी गर्म हो जाएगी कि आम जनजीवन पूरी तरह से ठप होने की कगार पर पहुंच जाएगा. गर्मी का यह खौफनाक दायरा सिर्फ उत्तर भारत के मैदानी इलाकों तक सीमित नहीं है. मौसम विभाग ने बताया है कि महाराष्ट्र के विदर्भ, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और तेलंगाना में भी 23 से 28 मई के बीच झुलसाने वाली लू चलेगी. सबसे ज्यादा हैरानी की बात यह है कि पहाड़ों पर बसे जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के निचले हिस्सों में भी अलग-अलग तारीखों पर लू या भीषण लू की स्थिति रहने का पूर्वानुमान है, जो ग्लोबल वार्मिंग का एक स्पष्ट और खतरनाक संकेत है. गर्मी का यह टॉर्चर सिर्फ दिन के उजाले तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रात के अंधेरे में भी लोगों को चैन की नींद नसीब नहीं होगी. मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश और विदर्भ के कुछ इलाकों में 23 से 24 मई तक रात के समय भी मौसम बेहद गर्म रहने का अनुमान है. इसके अलावा, ओडिशा में 22 से 26 मई तक और तेलंगाना में 23 मई को रात में भी गर्म हवाएं चलेंगी, जिससे घरों के अंदर भारी उमस और बेचैनी का माहौल रहेगा. झुलसाती गर्मी के बीच स्काईमेट के मशहूर मौसम वैज्ञानिक महेश पहलावत ने एक बड़ी और सुकून देने वाली खुशखबरी शेयर की है. उन्होंने बताया कि भले ही देश का आधे से ज्यादा हिस्सा 47 और 48 डिग्री की भट्टी में तप रहा है, लेकिन पहाड़ों पर मौसम जल्द ही शानदार करवट लेगा. हिमालयी क्षेत्रों और पहाड़ी राज्यों में अच्छी बारिश होने की प्रबल संभावना है. यह बारिश न सिर्फ पहाड़ों को बल्कि वहां से आने वाली ठंडी हवाओं के जरिए मैदानी इलाकों को भी राहत देगी. महेश पहलावत के पूर्वानुमान के अनुसार, मैदानी इलाकों के लोगों के लिए भी आसमान में थोड़ी उम्मीद बची है. पंजाब और हरियाणा के कई जिलों में जल्द ही बारिश की संभावना बन रही है. इसके साथ ही, दिल्ली एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर बादल गरज सकते हैं. हल्की बारिश की फुहारें पड़ सकती हैं. उत्तर-पश्चिमी राजस्थान, दिल्ली और यूपी के कुछ हिस्सों में धूल भरी तेज आंधी आ सकती है. इसके अलावा बिहार के तराई वाले जिलों में भी बारिश का अनुमान जताया गया है.<br />महेश पहलावत के पूर्वानुमान के अनुसार, मैदानी इलाकों के लोगों के लिए भी आसमान में थोड़ी उम्मीद बची है. पंजाब और हरियाणा के कई जिलों में जल्द ही बारिश की संभावना बन रही है. इसके साथ ही, दिल्ली एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर बादल गरज सकते हैं. हल्की

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Jaguar fighter jets | विदेशी कंपनियों ने खड़े किए हाथ, संकट में...

Jaguar Fighter Jet: भारतीय वायुसेना की रीढ़ माने जाने वाले जगुआर (Jaguar) फाइटर जेट्स इन दिनों गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं. ठीक वही समस्या है जिससे कभी मिग-21 (MiG-21) जेट्स जूझ रहे थे यानी स्पेयर पार्ट्स की कमी. दुनिया में भारत एकमात्र ऐसा देश है, जो आज भी जगुआर फाइटर जेट्स का इस्तेमाल कर रहा है. ऐसे में जगुआर के पार्ट्स बनाने वाली विदेशी कंपनियों ने अब स्पेयर पार्ट्स उपलब्ध कराने में अपनी असमर्थता जता दी है, जिससे वायुसेना की चिंताएं बढ़ गई हैं. भारतीय वायुसेना ने अपने कैपेबिलिटी रोडमैप दस्तावेज में इस संकट का खुलासा किया है. इसमें जगुआर विमानों में लगी ‘मार्टिन-बेकर इजेक्शन सीटों’ (Martin-Baker Ejection Seats) के पार्ट्स पुराने पड़ रहे हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि ओरिजिनल इक्विपमेंट निर्माता कंपनी मार्टिन-बेकर ने इजेक्शन सीटों के लिए आवश्यक स्पेयर पार्ट्स की 250 से अधिक लाइनों की सप्लाई करने से साफ इनकार कर दिया है. 2 जरूरी प्वाइंट्स इजेक्शन सीटक्यों है जरूरी? इजेक्शन सीट किसी भी फाइटर जेट का सबसे अहम हिस्सा होती है. अगर हवा में जेट का इंजन फेल हो जाए, विमान से कोई पक्षी टकरा जाए (Bird Hit) या कोई तकनीकी खराबी आ जाए, तो यही सीट पायलट को रॉकेट की तरह विमान से बाहर सुरक्षित निकालती है. अगर इस सीट के पार्ट्स एक्सपायर हो जाएं, तो पायलट की जान को भारी खतरा हो सकता है. क्या है फॉर्म-700 का नियम? फाइटर जेट को उड़ान भरने से पहले लंबी चेकिंग से गुजरना होता है (जैसे- हथियार, फ्यूल, पार्ट्स आदि). यह सारी जानकारी फॉर्म-700 नाम के दस्तावेज में दर्ज होती है. अगर इस फॉर्म में इजेक्शन सीट की किसी भी खराबी का जिक्र हो, तो उस फाइटर जेट को उड़ने की परमिशन किसी भी कीमत पर नहीं दी जाती है. जगुआर फाइटर जेट संकट के दौर से गुजर रहा है. इसके इजेक्शन पुर्जे विदेशी कंपनियों से नहीं मिल रहे हैं. वायुसेना का ‘देसी’ मास्टरप्लान चूंकि इजेक्शन सीट के बिना जगुआर उड़ान नहीं भर सकते, इसलिए वायुसेना फिलहाल इन सीटों की मरम्मत अपने बेस पर ‘इन-हाउस’ ही कर रही है. लेकिन, एयरफोर्स का मानना है कि यह कोई स्थायी समाधान नहीं है. सीटों के सटीक आकार, फिटिंग और क्वालिटी को मेंटेन रखने के लिए अब एयरफोर्स देश में ही भारतीय कंपनियों की मदद से इसका स्वदेशी समाधान विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है. फिलहाल भारत के पास जगुआर के 6 स्क्वाड्रन मौजूद हैं, जिन्हें हाल ही में अपग्रेड किया गया था. 2035 तक खत्म हो जाएगी पुरानी फ्लीट भारतीय वायुसेना अपने बेड़े को लगातार आधुनिक बना रही है. मिग-21 के अलग-अलग वेरिएंट (बिस, टाइप-96, बाइसन) और मिग-27 पहले ही रिटायर हो चुके हैं. साल 2030 से मिग-29 भी सेवा से बाहर होना शुरू हो जाएंगे. इसके बाद मिराज-2000 के 3 स्क्वाड्रन और जगुआर के 6 स्क्वाड्रन का नंबर आएगा. कुल मिलाकर 2035 तक वायुसेना की पुरानी फाइटर फ्लीट लगभग पूरी तरह बाहर हो जाएगी. कौन करेगा खालीपन की भरपाई इस भारी कमी को पूरा करने के लिए एयरफोर्स का पूरा भरोसा अब स्वदेशी फाइटर जेट तेजस मार्क-1ए (Tejas Mark-1A) और 114 मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट पर टिका है. एचएएल (HAL) के साथ कुल 220 तेजस फाइटर जेट की खरीद का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट किया जा चुका है, जिसमें से तेजस मार्क-1 के 38 जेट वायुसेना को मिल चुके हैं, जबकि 180 तेजस मार्क-1ए की डिलीवरी का बेसब्री से इंतजार है. जगुआर फाइटर जेट्स के संचालन में भारतीय वायुसेना को फिलहाल किस समस्या का सामना करना पड़ रहा है? भारत दुनिया का इकलौता देश है जो अब भी जगुआर विमान उड़ा रहा है. वायुसेना को फिलहाल जगुआर की ‘इजेक्शन सीटों’ के स्पेयर पार्ट्स की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि विदेशी निर्माता कंपनी ने पार्ट्स देने से मना कर दिया है. इजेक्शन सीट (Ejection Seat) किसी भी फाइटर एयरक्राफ्ट के लिए इतनी महत्वपूर्ण क्यों होती है? बर्ड हिट, इंजन फेल होने या किसी अन्य गंभीर इमरजेंसी के समय पायलट को विमान से सुरक्षित बाहर निकालने का काम इजेक्शन सीट ही करती है. इसके बिना उड़ान भरना पायलट की जान के लिए सीधा खतरा है. फाइटर जेट्स की उड़ान में ‘फॉर्म-700’ (Form-700) क्या होता है? उड़ान से पहले एयरक्राफ्ट के पार्ट्स, फ्यूल, एम्यूनिशन और सिस्टम की पूरी चेकिंग की जाती है, जिसे फॉर्म-700 में दर्ज किया जाता है. यदि इस फॉर्म में विमान या इजेक्शन सीट में कोई खराबी दर्ज हो, तो जेट को उड़ान की अनुमति नहीं मिलती है. जगुआर, मिग-29 और मिराज-2000 के फेज आउट होने पर वायुसेना उनकी जगह किन विमानों को शामिल करेगी? इन पुरानी फ्लीट के रिटायर होने पर वायुसेना मुख्य रूप से स्वदेशी फाइटर जेट ‘तेजस मार्क-1ए’ और 114 मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) पर निर्भर करेगी, जिसके लिए HAL के साथ बड़े कॉन्ट्रैक्ट किए गए हैं. Source link

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