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IMD Weather | IMD Weather News | Tomorrow Weather | 3-4 दिन...

IMD Weather Alert: मोटा-मोटा कहें तो गर्मी से पूरे देश का पसीना निकल रहा है. भीषण गर्मी ने दिन क्या रात में भी लोगों को चैन से रहने नहीं दी रही हैं. सूखे उत्तर-पश्चिमी हवाएं लोगों के त्वचा को जला रहे हैं. हालांकि, कुछ हद तक ये सही भी है. जिस हिसाब से सुपर एल नीनो की भविष्यवाणी की जा रही है, उसके हिसाब से ये सही है कि धरती जितनी तपेगी उतनी अधिक बारिश की संभावना है. हालांकि, समेत देश के कई राज्यों के लिए गुड न्यूज है. बिहार, झारखंड, पूर्वोत्तर, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में बारिश की चेतावनी है. हालांकि, दिल्ली में आज भी राहत मिलने की संभावना नहीं है, मगर धीरे-धीरे पारा गिरने वाला है.मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला है, जिसके चलते अगले शुक्रवार तक दिल्ली का तापमान 10 से 12 डिग्री सेल्सियस तक गोता लगा सकता है. सबसे बड़ी खुशखबरी मानसून को लेकर है. बंगाल की खाड़ी में बना साउथ-वेस्ट (दक्षिण-पश्चिम) मानसून अब तेजी अरब सागर तक पहुंच रहा है. यानी कि 26 मई तक मानसून के आगमन की ऑफिशियल घोषणा से हो सकता है. आईएमडी के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों के भीतर स्थितियां इसके और आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह से अनुकूल हैं. इसी के साथ दक्षिण-पश्चिम मानसून की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी. रविवार के लिए मौसम विभाग का अलर्ट साइक्लोनिक सर्कुलेशन इफेक्ट पहाड़ी इलाकों से लेकर दिल्ली, बिहार, पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण भारत में मौसम में बदलाव के पीछे ‘साइक्लोनिक सर्कुलेशन’ (चक्रवाती हवाओं का घेरा) का सबसे बड़ा हाथ है. आईएमडी के नक्शे और रिपोर्ट के मुताबिक, इस समय देश के ऊपर एक या दो नहीं, बल्कि पांच प्रमुख साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं. बिहार से लेकर बंगाल की खाड़ी और मध्य प्रदेश में चक्रवाती हवाएं एक्टिव हैं. पंजाब से लेकर राजस्थान व बिहार से लेकर ओडिशा तक बनी ट्रफ रेखाओं के कारण देश भर के मौसम में यह बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है. दिल्ली का मौसम राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गर्मी का सितम जारी रहेगा. मौसम विभाग ने 29 मई तक लू चलने का अनुमान जताते हुए रविवार और उसके बाद के पांच दिनों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है. शनिवार को दिल्ली के सफदरजंग बेस स्टेशन पर अधिकतम तापमान 41.1 डिग्री और न्यूनतम 28.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मौसमी औसत से 1.7 डिग्री अधिक है. हालांकि, शुक्रवार रात और शनिवार सुबह के बीच रिज (0.2 मिमी) और पूसा (2 मिमी) स्टेशनों पर हल्की बूंदाबांदी जरूर दर्ज की गई, लेकिन शहर के अन्य हिस्सों में बारिश नहीं होने और तापमान के लगातार बढ़ने से आने वाले दिनों में दिल्लीवासियों की परेशानी और बढ़ने वाली है. मानसून का लेटेस्ट अपडेट. पंजाब-हरियाणा और पश्चिमी यूपी का हाल पंजाब, हरियाणा और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 24 मई को गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है. यहां 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिससे गर्मी से राहत मिलेगी. वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश हीट वेव को देखते हुए मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है. जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में 25 मई तक मध्यम से तेज बारिश का अलर्ट है. इसके अलावा, 28 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिससे 29 मई को भारी ओलावृष्टि हो सकती है. पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश हो रही है. असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश में 23 से 25 मई के बीच बहुत भारी बारिश और 40-50 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलने का कड़ा अनुमान है. पूर्वी भारत में भी मौसम का मिजाज बदल रहा है. पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कई हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट है. हालांकि, शुरुआत में कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश के साथ उमस का सामना करना पड़ सकता है. मौसम विभाग मध्य और पश्चिम भारत एक तरफ देश के कई हिस्सों में बारिश हो रही है, वहीं दूसरी तरफ राजस्थान और मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का कहर अब भी जारी है. आईएमडी के अनुसार, पश्चिमी मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई इलाकों में अभी भी हीटवेव की स्थिति बनी रहेगी. इसके अलावा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी लोगों को लू के थपेड़ों का सामना करना पड़ेगा. मौसम विभाग ने इन राज्यों के लोगों को दोपहर के समय घरों में रहने और ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की सख्त सलाह दी है. दक्षिण भारत में मानसून का असर दक्षिण भारत में मानसून की आहट के साथ ही भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है. केरल, माहे और लक्षद्वीप में 23 से 26 मई तक गरज-चमक के साथ व्यापक और भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. यहां मौसम सुहावना बना रहेगा. इसके साथ ही, तमिलनाडु, पुडुचेरी, तटीय आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान की आशंका है. उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 50-70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और कुछ स्थानों पर भारी ओलावृष्टि भी हो सकती है. दिल्ली में तापमान गिरने का क्या कारण है और कितनी राहत मिलेगी? दिल्ली में शनिवार को हुई बूंदाबांदी और 28 मई से सक्रिय हो रहे एक नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण तापमान में भारी गिरावट आएगी. अगले शुक्रवार तक दिल्ली का पारा 10 से 12 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जिससे गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी. दक्षिण-पश्चिम मानसून के आने की क्या स्थिति है? दक्षिण-पश्चिम मानसून बंगाल की खाड़ी से मन्नार की खाड़ी और श्रीलंका के रास्ते तेजी से आगे बढ़ रहा है. अगले 3 से 4 दिनों में इसके अरब सागर में पूरी तरह प्रवेश करने की अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं, जिससे मानसून की आधिकारिक घोषणा हो जाएगी. ‘साइक्लोनिक सर्कुलेशन’ देश के किन हिस्सों में सक्रिय है? आईएमडी के अनुसार, वर्तमान में जम्मू, दक्षिणी बिहार, मध्य असम, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के ऊपर कुल पांच प्रमुख साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं. इन्हीं के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में आंधी-तूफान और बारिश का माहौल बना हुआ है. क्या अभी

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Abhishek Manu Singhvi | Rahul Gandhi | कांग्रेस की बैठक में अभिषेक...

होमताजा खबरदेश कांग्रेस की सीक्रेट बैठक में अभिषेक मनु सिंघवी को देख क्यों चौंके राहुल गांधी? Last Updated:May 23, 2026, 23:07 IST Rahul Gandhi कांग्रेस अल्पसंख्यक सलाहकार समिति की बैठक में राहुल गांधी ने कहा कि देश के आर्थिक हालात के चलते एक साल में पीएम मोदी की विदाई तय है. बैठक में राहुल ने नेताओं को मुस्लिम शब्द का इस्तेमाल करने से न डरने की सलाह दी. इस बैठक में सभी धर्मों के नेताओं को बुलाया गया था. कांग्रेस अल्पसंख्यक सलाहकार समिति की बैठक में राहुल गांधी. (AICC via PTI Photo) नई दिल्ली: कांग्रेस की अल्पसंख्यक समिति की बैठक में शनिवार को एक दिलचस्प वाकया देखने को मिला. इमरान प्रतापगढ़ी ने जैन समुदाय के प्रतिनिधि के रूप में वरिष्ठ वकील और सांसद अभिषेक मनु सिंघवी का परिचय कराया. इस पर वहां मौजूद राहुल गांधी चौंक गए. वह अपनी हंसी नहीं रोक पाए. दरअसल इस खास बैठक में सिर्फ मुस्लिम नेता ही शामिल नहीं थे, बल्कि सिख, ईसाई और बौद्ध समाज के प्रतिनिधियों को भी विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया था. दो घंटे से ज्यादा समय तक चली इस मीटिंग का मुख्य मकसद बीजेपी की सांप्रदायिक राजनीति को घेरने के लिए एक नया आर्थिक मास्टरप्लान तैयार करना था. इस दौरान राहुल गांधी ने देश के मौजूदा हालात को देखते हुए केंद्र सरकार की विदाई को लेकर एक बहुत ही सनसनीखेज भविष्यवाणी भी कर दी. सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी ने कहा कि एक साल के भीतर पीएम मोदी की विदाई तय है. उन्होंने इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के आर्थिक हालात और बढ़ते असंतोष को बताया. राहुल गांधी ने नेताओं से कहा कि आज तक उन्होंने जो भी भविष्यवाणी की है, वह हमेशा सच साबित हुई है. उनका मानना है कि देश की मौजूदा परिस्थितियां इस बदलाव का कारण बनेंगी और इस बार भी उनकी यह भविष्यवाणी बिल्कुल सच साबित होने वाली है. राहुल गांधी ने मुस्लिम शब्द के इस्तेमाल पर नेताओं को क्या नसीहत दी? इस सीक्रेट बैठक के दौरान कुछ कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी से एक खास अपील की. उन्होंने कहा कि राजनीति में ‘मुस्लिम’ शब्द के बजाय ‘अल्पसंख्यक’ शब्द का इस्तेमाल किया जाना चाहिए. राहुल गांधी इस बात से पूरी तरह असहमत नजर आए. उन्होंने नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि आखिर किसी बात से डरना क्यों है. राहुल ने साफ किया कि जिस भी वर्ग के साथ देश में अन्याय होगा, कांग्रेस उसके साथ खुलकर खड़ी रहेगी. उन्होंने कहा कि चाहे वह हिंदू हो, दलित हो, सवर्ण हो, मुस्लिम हो, सिख हो, ईसाई हो या फिर बौद्ध और जैन हो, पार्टी हर पीड़ित के साथ मजबूती से अपनी आवाज बुलंद करेगी. कांग्रेस अल्पसंख्यक सलाहकार समिति की बैठक में राहुल गांधी. (AICC via PTI Photo) बीजेपी की राजनीति से निपटने के लिए कांग्रेस क्या नया प्लान बना रही है? बैठक में मौजूद नेताओं ने बीजेपी की हिंदू-मुस्लिम राजनीति का मुकाबला करने के लिए एक खास रणनीति पर चर्चा की. नेताओं का मानना था कि बीजेपी से निपटने के लिए अब देश में आर्थिक मुद्दों पर आधारित राजनीति करनी होगी. कांग्रेस ने पहले भी इसी रणनीति के तहत बीजेपी और संघ का मुकाबला किया है. राहुल गांधी ने नेताओं की इस आर्थिक मुद्दों वाली रणनीति पर अपनी पूरी सहमति जताई. इसी बीच कुछ नेताओं ने राहुल गांधी से शिकायती लहजे में कहा कि आप तो अल्पसंख्यकों के मुद्दों को मजबूती से उठाते हैं, लेकिन बाकी बड़े नेता इससे परहेज करते हैं. नेताओं ने मांग की कि बाकी बड़े नेताओं को भी राहुल गांधी को फॉलो करने के निर्देश दिए जाएं. कांग्रेस अल्पसंख्यक सलाहकार समिति की बैठक में राहुल गांधी. (AICC via PTI Photo) बैठक में ऐसा क्या हुआ कि अचानक चौंक पड़े राहुल गांधी? इस बेहद महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन इमरान प्रतापगढ़ी ने किया था. इस बैठक की खास बात यह थी कि इसमें सिर्फ मुस्लिम नेता नहीं बल्कि सिख समुदाय से गुरदीप सप्पल, ईसाई समुदाय से हिबी एडेन, बौद्ध समुदाय से राजेंद्र पाल गौतम के साथ जैन समुदाय के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया था. इसी दौरान बैठक में एक बहुत ही दिलचस्प वाकया देखने को मिला. जब बैठक में जैन धर्म के प्रतिनिधि के रूप में वरिष्ठ वकील और सांसद अभिषेक मनु सिंघवी का परिचय कराया गया, तो राहुल गांधी खुद हैरान रह गए और हंसने लगे. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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80 साल पुरानी इस होटल का डोसा आज भी लोगों की पहली...

Last Updated:May 23, 2026, 22:00 IST छत्तीसगढ़ के बालोद शहर में पुराने बस स्टैंड के पास, चण्डी मंदिर के पीछे स्थित एक छोटी सी होटल पिछले करीब 80 वर्षों से अपने स्वाद और गुणवत्ता के दम पर लोगों के बीच खास पहचान बनाए हुए है. मोहन होटल नाम से प्रसिद्ध यह जगह अब सिर्फ एक होटल नहीं बल्कि बालोद की पुरानी खानपान संस्कृति का हिस्सा बन चुकी है. यहां 60 और 70 रुपये में बड़ा और स्वादिष्ट डोसा ग्राहकों को परोसा जाता है. छत्तीसगढ़ के बालोद शहर में पुराने बस स्टैंड के पास, चण्डी मंदिर के पीछे स्थित एक छोटी सी होटल पिछले करीब 80 वर्षों से अपने स्वाद और गुणवत्ता के दम पर लोगों के बीच खास पहचान बनाए हुए है. मोहन होटल नाम से प्रसिद्ध यह जगह अब सिर्फ एक होटल नहीं बल्कि बालोद की पुरानी खानपान संस्कृति का हिस्सा बन चुकी है. यहां मिलने वाला डोसा पूरे जिले में खास तौर पर फेमस है. सुबह से लेकर शाम तक यहां लोगों की भीड़ लगी रहती है और कई ग्राहक वर्षों से लगातार यहां नाश्ता करने पहुंचते हैं. होटल के संचालक मोहन लाल ने कहा कि इस होटल की शुरुआत करीब 80 साल पहले हुई थी. शुरुआती दौर में यहां सिर्फ सादा खाना बनाया जाता था. समय के साथ ग्राहकों की पसंद और मांग को देखते हुए अलग-अलग तरह के नाश्ते और मिठाइयों को शामिल किया गया. आज यहां डोसा, इडली, समोसा, आलुगुण्डा और गुलाब जामुन जैसे कई पारंपरिक स्वाद देसी अंदाज में तैयार किए जाते हैं.मोहन लाल ने बताया कि होटल की सबसे बड़ी पहचान यहां का डोसा है. उनका कहना है कि बालोद जिले में डोसा का ऐसा स्वाद, साइज और कीमत का कॉम्बिनेशन शायद ही कहीं और देखने को मिले. बालोद में डोसा के लिए दूर-दूर से पहुंच रहे लोग60 और 70 रुपये में बड़ा और स्वादिष्ट डोसा ग्राहकों को परोसा जाता है. खास बात यह है कि डोसा बनाने की पारंपरिक शैली को वर्षों से बरकरार रखा गया है. जिससे उसका स्वाद आज भी वैसा ही बना हुआ है.स्थानीय डिलेश्वर देवांगन का कहना है कि मोहन होटल सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि अपनी पुरानी पहचान और भरोसे के लिए भी मशहूर है. कई लोग बचपन से नाश्ता करते आ रहे हैं. अब अपने परिवार के साथ भी यहां पहुंचते हैं. होटल की पुरानी शैली, देसी स्वाद और ताजे नाश्ते की वजह से यह जगह बालोद के लोकप्रिय फूड पॉइंट्स में गिनी जाती है.होटल संचालक के मुताबिक, 80 वर्षों का अनुभव उनके हर व्यंजन की गुणवत्ता में साफ दिखाई देता है. यही वजह है कि आज भी बाहर से आने वाले लोग के डोसा का स्वाद लेने जरूर पहुंचते हैं. पुराने जमाने की सादगी और देसी स्वाद को संजोए मोहन होटल बालोद की खानपान परंपरा को आज भी जीवित रखे हुए है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Raipur,Raipur,Chhattisgarh Source link

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Dandewala Gas Field | CNG LNG Supply | डांडेवाला में ऐसा क्या...

Last Updated:May 23, 2026, 21:01 IST Dandewala Gas Field Rajasthan: राजस्थान के डांडेवाला क्षेत्र में ऑयल इंडिया लिमिटेड को गैस का बड़ा भंडार मिला है. केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इसे भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लिए बड़ी सफलता बताया है. इस क्षेत्र से रोजाना 25 हजार स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्राकृतिक गैस का प्रवाह शुरू हुआ है. इसके साथ ही कंपनी ने चौथी तिमाही में 76 फीसदी का बंपर मुनाफा भी कमाया है. एनर्जी सेक्टर में भारत की बड़ी कामयाबी, राजस्थान में मिला गैस का महाभंडार. (प्रतीकात्मक तस्वीर Made with AI) नई दिल्ली: राजस्थान के जैसलमेर जिले में स्थित डांडेवाला से देश के लिए खुशखबरी आई है. भारत की महारत्न सरकारी कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड को यहां प्राकृतिक गैस का एक नया और बड़ा भंडार मिला है. इस बड़ी कामयाबी पर केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने खुशी जाहिर की है. उन्होंने साफ कहा कि यह खोज भारत के घरेलू ऊर्जा उत्पादन को मजबूत करने और ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक नया अध्याय लिखेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत देश को ऊर्जा के मामले में स्वतंत्र बनाने के लिए यह खोज मील का पत्थर साबित होने वाली है. राजस्थान के डांडेवाला में गैस भंडार की खोज कैसे हुई? इस नए गैस भंडार की खोज डांडेवाला क्षेत्र के उथले सानू फॉर्मेशन में की गई है. ऑयल इंडिया के अथक प्रयासों के बाद यहां पहली बार करीब 25 हजार स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन की दर से प्राकृतिक गैस का प्रवाह शुरू हो गया है. यह पहली बार है जब इस फॉर्मेशन से इतनी बड़ी मात्रा में गैस का प्रोडक्शन देखने को मिल रहा है. केंद्रीय मंत्री ने कंपनी के वैज्ञानिकों और कर्मचारियों की जमकर तारीफ की है. उन्होंने कहा कि कंपनी की तकनीकी दक्षता और निरंतर प्रयास के बिना यह संभव नहीं था. India’s quest to strengthen domestic production of energy scripts a new chapter in Rajasthan. The Energy Maharatna @OilIndiaLimited has successfully unlocked a new gas-bearing pay zone in the Dandewala Field. The flow of natural gas for the first time from the shallower Sanu… pic.twitter.com/1tGfE35QAO Source link

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Jamui: मुखिया हो तो ऐसी! फंड का नहीं किया इंतजार, जेब से...

Last Updated:May 23, 2026, 19:44 IST Jamui Dabill Panchayat Library: जमुई जिले की एक महिला मुखिया ने वो कर दिखाया है, जो बड़े-बड़े जनप्रतिनिधियों के लिए मिसाल बन गया है. दाबिल पंचायत की मुखिया पुतुल देवी ने अपने स्तर से 15 लाख रुपये खर्च कर गांव के बच्चों के लिए एक ऐसी हाईटेक एयर कंडीशन लाइब्रेरी बनवा दी है. जो 24 घंटे खुली रहती है. शहरों जैसी सुविधाओं से लैस इस अनूठी लाइब्रेरी में रोजाना आसपास के दर्जनों गांवों से 200 से अधिक छात्र-छात्राएं बैठकर अफसर बनने का सपना बुन रहे हैं. इस लाइब्रेरी की क्या हैं खासियतें, जानिए. ख़बरें फटाफट जमुई: पंचायत में जब विकास की बात होती है तो आमतौर पर गली-नाली, सड़क इत्यादि के निर्माण की बात की जाती है. लेकिन जमुई का एक पंचायत ऐसा भी है जहां के मुखिया ने विकास के लिए कुछ ऐसा कर दिया है, जिसकी अब सराहना हो रही है. इस मुखिया ने करीब 15 लाख रुपए खर्च कर एक ऐसा हाईटेक लाइब्रेरी का निर्माण कराया है, जिसमें डेढ़ सौ से भी अधिक की संख्या में बच्चे प्रतिदिन पढ़ने आते हैं. दाबिल पंचायत के अलावा आसपास के भी दूसरे पंचायत से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं यहां प्रतिदिन पढ़ने आते हैं. अभी जहां बाहर 40 डिग्री सेल्सियस से भी अधिक की गर्मी है, ऐसे में यह बच्चे बिना किसी फीस के अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ एयर कंडीशन कमरे में अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं. खर्च कर दिए 15 लाख से भी अधिक रुपए दरअसल, दाबिल पंचायत की मुखिया पुतुल देवी ने इस हाईटेक लाइब्रेरी का निर्माण कराया है. पुतुल देवी के पति योगेंद्र राम बताते हैं कि इसको बनवाने में करीब 15 लाख से भी अधिक रुपए की लागत आई है. जिसमें कुछ पैसे तो इन्होंने अलग-अलग योजना और मद के जरिए खर्च किए, जिसके जरिए इन्होंने जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच चुके भवन का जीर्णोद्धार करवाया. फिर कुछ ग्रामीण सहयोग से इन्होंने भवन का रंग रोगन करवाया. बाद में करीब 4 लाख से भी अधिक रुपए इन्होंने अपनी जेब से लगाए, और इस पूरे लाइब्रेरी को एयर कंडीशन बनाया. इतना ही नहीं इस लाइब्रेरी की 24 घंटे हाईटेक कैमरे से निगरानी की जाती है. लड़कियों के लिए शौचालय सहित कई तरह की सुविधा यहां पर विकसित की गई है. पढ़ने आते हैं 200 से भी अधिक बच्चे योगेंद्र राम बताते हैं कि उनके इस हाईटेक लाइब्रेरी में दाबिल के अलावा आसपास के कहरडीह, चांगोंडीह, बानपुर, कोल्हुआ, गरसंडा सहित दर्जन भर से भी अधिक गांव से 200 से भी अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ने आते हैं. यह लाइब्रेरी 24 घंटे खुला रहता है. इसमें उन्होंने दो मेंटर को भी रखा है, जो तैयारी करने वाले छात्रों को सही रास्ता बताते हैं. पति के सपने को मुखिया पत्नी ने किया साकारयोगेंद्र राम बताते हैं कि मैं पहले बीएमपी में हवलदार की नौकरी कर रहा था. मैं अपनी नौकरी छोड़ दी तथा पंचायत का चुनाव लड़ा. जब मेरी पत्नी पंचायत चुनाव जीत कर आई, तब से ही मेरी ख्वाहिश थी कि मैं यहां के युवा, खास कर पढ़ने-लिखने वाले युवाओं के लिए कुछ कर सकूं. इसी कड़ी में इसका निर्माण कराया. मैं पिछले कई सालों से यह करना चाहता था. अब जाकर यह सफल हो सका है. पिछले 1 साल से भी अधिक समय से यह लाइब्रेरी अनवरत रूप से जारी है. यह आसपास के इलाके में नजीर बन गया है. छात्र बताते हैं कि यहां तैयारी करने से उन्हें काफी सुविधा भी होती है. यहां पर पढ़ने का एक बेहतर शैक्षणिक माहौल भी बना हुआ है. दाबिल पंचायत के मुखिया की इस पहल की अब हर जगह सराहना हो रही है. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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Ganga Dussehra 2026: गंगा दशहरा 2026 कब मनाया जाएगा? जानिए शुभ तिथि,...

Last Updated:May 23, 2026, 18:54 IST Ganga Dussehra Date: हिंदू धर्म में गंगा दशहरा को आस्था, श्रद्धा और पुण्य का महापर्व माना जाता है. मान्यता है कि इस पावन दिन मां गंगा धरती पर अवतरित हुई थीं, इसलिए स्नान, दान और पूजा का विशेष महत्व बताया गया है. इस शुभ अवसर पर किए गए पुण्य कार्य जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं. आइए जानते हैं स्नान-दान का शुभ मुहूर्त. हिंदू धर्म में हर तिथि हर वार का अत्यधिक महत्व शास्त्रों मे बताया गया है. इसी अनुसार, गंगा दशहरा को बेहद पवित्र और पुण्यदायी पर्व माना गया है. मान्यता है कि इसी शुभ दिन मां गंगा स्वर्ग लोक से पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं, जिससे धरती पर जीवन और आस्था का नया प्रवाह शुरू हुआ. हर वर्ष ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को यह पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है. कहा जाता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, पूजा और दान करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है. उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिष आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, इस बार गंगा दशहरा की तारीख को लेकर लोगों के मन में असमंजस बना हुआ है कि यह पर्व कब मनाया जायगा. ऐसे में जानते हैं सही तिथि, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व. कब मनाया जायगा गंगा दशहरावैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि की शुरुआत 25 मई 2026 को सुबह 4 बजकर 28 मिनट के लगभग पर होगी. वहीं, दशमी तिथि का समापन 26 मई 2026 को सुबह 5 बजकर 11 मिनट पर होगा. उदया तिथि के आधार पर किया जाता है. इसी वजह से गंगा दशहरा का पर्व 25 मई 2026, सोमवार को मनाया जाएगा. ऐसे में श्रद्धालुओं को इसी दिन स्नान-दान और पूजा करना शुभ रहेगा. गंगा दशहरा का धार्मिक महत्वहिंदू धर्म में गंगा दशहरा का पर्व बेहद पावन और खास माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन मां गंगा धरती पर अवतरित हुई थीं और राजा भागीरथ के पूर्वजों को मोक्ष प्रदान किया था. इसलिए इस दिन को गंगा अवतरण दिवस के रूप में भी मनाया जाता है. मान्यता है कि गंगा दशहरा पर गंगा स्नान और दान-पुण्य करने से जीवन के दस प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है. मां गंगा भक्तों को सुख, शांति, समृद्धि और मोक्ष का आशीर्वाद देती हैं. क्या है इस दिन स्नान का महत्व धार्मिकमान्यताओं के अनुसार गंगा दशहरा का पर्व बेहद पवित्र माना जाता है. कहा जाता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से व्यक्ति को दस प्रकार के पापों से मुक्ति मिलने का आशीर्वाद प्राप्त होता है. इनमें तीन कायिक यानी शरीर से जुड़े पाप शामिल हैं. हिंसा करना, चोरी करना और अनुचित आचरण अपनाना. वहीं वाणी से होने वाले चार पापों में झूठ बोलना, कटु शब्द कहना, चुगली करना और दूसरों की निंदा करना शामिल माना गया है. इसके अलावा मन से जुड़े तीन पाप लालच, ईर्ष्या और नकारात्मक या अशुद्ध विचार भी इसमें आते हैं. मान्यता है कि गंगा दशहरा पर श्रद्धा से स्नान और पूजा करने से आत्मिक शुद्धि का लाभ मिलता है. गंगा स्नान करते समय जरूर करे ये मंत्र का जापनमामि गंगे तव पाद पंकजम्,सुरासुरैः वंदित दिव्य रूपम्।भुक्तिं च मुक्तिं च ददासि नित्यं,भावानुसारेण सदा नराणाम्॥ News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ujjain,Madhya Pradesh Source link

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मुरादाबाद मंडल अस्पताल में सीबीसी, केएफटी, थाइरॉएड प्रोफाइल, हेपेटाइटिस सहित 200 जांच...

Last Updated:May 23, 2026, 17:50 IST मंडल स्तरीय जिला अस्पताल में इन दिनों 200 से अधिक जांच होती हैं. जिनको कराने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं. इसके साथ ही हेपेटाइटिस सी की जांच काफी महंगी होती है. जिसे कराने के लिए पहले लोगों को मेरठ की दौड़ लगानी पड़ती थी. लेकिन अब यह जांच भी जिला अस्पताल में हो जाती है. इसके अलावा कई ऐसी बड़ी छोटी जांचें हैं. जिन्हें लगाकर 200 से अधिक जांच मुफ्त में इस अस्पताल में कराई जाती हैं. ख़बरें फटाफट मुरादाबादः मंडल स्तरीय जिला अस्पताल में इन दिनों 200 से अधिक जांच होती हैं. जिनको कराने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं. इसके साथ ही हेपेटाइटिस सी की जांच काफी महंगी होती है. जिसे कराने के लिए पहले लोगों को मेरठ की दौड़ लगानी पड़ती थी. लेकिन अब यह जांच भी जिला अस्पताल में हो जाती है. इसके अलावा कई ऐसी बड़ी छोटी जांचें हैं. जिन्हें लगाकर 200 से अधिक जांच मुफ्त में इस अस्पताल में कराई जाती हैं. जानकारी के आभाव में लोग कई कई हजार रुपए बर्बाद कर देते हैं. लेकिन जिला अस्पताल में यह सभी सुविधाएं मुफ्त में दी जा रही हैं. मुफ्त में होतीं है सभी जांचें कार्यवाहक सीएमएस डॉक्टर प्रदीप वार्ष्णेय ने बताया कि मुरादाबाद मंडल के जिला अस्पताल में इन दिनों प्रमुख जांचें होती है. जिसमें सीबीसी, केएफटी, एलैफ्टी, थाइरॉएड प्रोफाइल, विटामिन डी, हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी, सिरम कैलशियम, सिरम फेरिटिन, सिरम इलेक्ट्रोलाइट, हीमोग्लोबिन, सहित लगभग 200 प्रकार की जांच जिला अस्पताल में की जाती है. जिनकी समय से जांच की जाती है और समय से रिपोर्ट मिल जाती है. यह सभी जांच मुफ्त में की जाती हैं. उन्होंने कहा कि इसमें बहुत सी जांचें ऐसी हैं. जो काफी महंगी महंगी होती हैं. लेकिन यहां पर वह सभी जांच मुफ्त में हो जाती हैं. मुरादाबाद के इस मंडल स्तरीय अस्पताल में प्रतिदिन 1500 के आसपास मरीज अपनी जांच करते हैं और उनकी जांच होने के बाद अगले दिन ही रिपोर्ट मिल जाती है. अस्पताल में अस्पताल प्रशासन की तरफ से सभी जांचें मुफ्त में कराई जाती है. जिससेदूर दराज ना भटक सकें. दूर-दराज का झंझट खत्म पहले हेपेटाइटिस सी की जांच करने के लिए मेरठ की दौड़ लगानी पड़ती थी. लेकिन अब जिला अस्पताल में ही इसकी जांच हो जाती है. रिपोर्ट आने में थोड़ा समय लग जाता है. लेकिन जांच अस्पताल में ही हो जाती है. इसके साथ ही जो भी बीमारी से पीड़ित लोग हैं और अपनी जांच करना चाहते हैं वह जिला अस्पताल से संपर्क कर सकते हैं. जिला अस्पताल में पहले उन मरीजों की ओपीडी की जाती है. फिर उनकी स्थिति को देखते हुए जांच लिखी जाती है और उनकी जांच कराई जाती है. इस जांच का और ओपीडी का किसी भी प्रकार का कोई पैसा नहीं लिया जाता है. यह सभी सुविधा मुफ्त में उपलब्ध कराई जाती है. लोगों को हो रहा फायदा जिला अस्पताल में अपनी जांच करने आए प्रखर ने बताया कि मुरादाबाद की जिला अस्पताल में विभिन्न जांच होती हैं. यह सभी जांच मुफ्त में होती हैं. इसके अलावा मैं भी काफी लंबे समय से यही से ट्रीटमेंट करता हूं और यहीं पर जांच करता हूं यहां मुफ्त में जांच की जाती है. और जांच कर अगले दिन उसकी रिपोर्ट मिल जाती है लोगों को जानकारी नहीं है. लेकिन यहां पर बड़ी से बड़ी छोटी से छोटी सभी प्रकार की जांच होती हैं. इसलिए बाहर महंगी से महंगी जांच करने से अच्छा जिला अस्पताल में फ्री जांच कराना उचित है. इसलिए आप भी मुफ्त में ओपीडी में ट्रीटमेंट कर सकते हैं और अपने मुफ्त में जांच कर सकते हैं। About the Author Rajneesh Kumar Yadav मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Moradabad,Uttar Pradesh Source link

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असम के जंगलों से गायब हुआ यह जानवर कौन है, जिसको लेकर...

होमताजा खबरदेश जंगलों से गायब हुआ यह जानवर कौन है, जिसको लेकर हिमंता ने किया लंबा-चौड़ा पोस्ट Last Updated:May 23, 2026, 16:58 IST असम के जंगलों से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बेहद रोमांचक और बड़ी खुशखबरी सामने आई है. काजीरंगा-कार्बी आंगलोंग के जंगलों से कभी पूरी तरह गायब हो चुका बेहद शांत और खतरनाक शिकारी ‘ढोल’, जिसे एशियाई जंगली कुत्ता भी कहा जाता है, अब वापस लौट आया है. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने खुद सोशल मीडिया पर इस बात की पुष्टि करते हुए इसे राज्य के पर्यावरण और संरक्षण प्रयासों की एक ऐतिहासिक सफलता बताया है. गुवाहटी. असम के प्राकृतिक और वन्यजीव गलियारे से एक ऐसा सुखद संदेश आया है, जिसने पूरी दुनिया के पर्यावरणविदों और वन्यजीव प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. कभी असम के काजीरंगा और कार्बी आंगलोंग के घने जंगलों की शान रहा और फिर धीरे-धीरे गुमनामी के अंधेरे में खो चुका बेहद चालाक और खतरनाक शिकारी कुत्ता ‘ढोल’ (Dhole/Asiatic Wild Dog) एक बार फिर अपने पुराने साम्राज्य को हासिल करने लौट आया है. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस अद्भुत प्राकृतिक पुनरुद्धार की कहानी को दुनिया के सामने साझा किया है, जो राज्य में पर्यावरण संतुलन की एक नई और बेहद मजबूत तस्वीर पेश करती है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस वन्यजीव सफलता की विस्तृत जानकारी देते हुए लिखा, ‘एक शांत और अत्यधिक कुशल शिकारी, ‘ढोल’ कभी हमारे जंगलों में स्वतंत्र रूप से घूमता था, लेकिन समय के साथ काजीरंगा-कार्बी आंगलोंग के परिदृश्य से यह पूरी तरह ओझल हो गया था. मगर प्रकृति के पास वापसी करने का अपना एक अनोखा तरीका होता है. वनों के दायरे को बढ़ाने, वन्यजीव गलियारों को मजबूत करने और जंगलों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के हमारे निरंतर प्रयासों के कारण आज ऐसे हालात बने हैं जहां वन्यजीव फिर से फल-फूल रहे हैं.’ Assam CM Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) posts, “A silent and highly efficient predator, the Dhole once roamed freely across our forests before fading from the Kaziranga-Karbi Anglong landscape. But nature has its own way of returning. Through consistent efforts to protect… pic.twitter.com/sHvBl2OrdL Source link

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₹20 लाख की मेंबरशिप, सालों की वेटिंग… रसूखदारों के जिमखाना क्लब का...

होमताजा खबरदेश 20 लाख की मेंबरशिप वाले जिमखाना क्लब का साम्राज्‍य खत्‍म, सरकार ने तय की तारीख Last Updated:May 23, 2026, 15:51 IST Delhi Gymkhana Club News: लुटियंस दिल्ली में पीएम आवास के बगल में स्थित ऐतिहासिक दिल्ली जिमखाना क्लब की 27.3 एकड़ जमीन को केंद्र सरकार ने वापस लेने का आदेश दिया हैण्‍ भूमि और विकास कार्यालय (L&DO) ने क्लब की लीज रद्द करते हुए उसे 5 जून तक परिसर खाली करने का अल्टीमेटम दिया है. सरकार के मुताबिक इस रणनीतिक भूखंड की जरूरत देश के रक्षा बुनियादी ढांचे (डिफेंस इन्फ्रास्ट्रक्चर) को मजबूत और सुरक्षित करने के लिए है. ख़बरें फटाफट दिल्‍ली के जिमखाना क्‍लब की अंतिम गिनती शुरू. नई दिल्ली. लुटियंस दिल्ली के दिल में बसा और देश की सबसे ताकतवर शख्सियतों का पसंदीदा ठिकाना दिल्ली जिमखाना क्लब अब इतिहास के पन्नों में दर्ज होने जा रहा है. एक ऐसी जगह, जहां रसूखदारों की पीढ़ियां बीत जाती थीं, लेकिन एंट्री नहीं मिलती थी. उद्योगपतियों और बड़ी कंपनियों के लिए ₹20 लाख की भारी-भरकम कॉर्पोरेट मेंबरशिप देने के बाद भी लोग सालों-साल सिर्फ एक अदद सदस्यता के लिए वेटिंग लिस्ट में तरसते रहते थे लेकिन रसूख, पैसे और रूतबे का यह अभेद्य साम्राज्य अब ताश के पत्तों की तरह ढहने वाला है. केंद्र सरकार ने एक बेहद कड़ा और ऐतिहासिक फैसला लेते हुए इस आलीशान क्लब की सत्ता को पूरी तरह उखाड़ फेंकने का निर्णय लिया है और परिसर खाली करने की तारीख तय कर दी है. प्रधानमंत्री आवास के पास स्थित इस 27.3 एकड़ के वीवीआईपी ठिकाने को अब देश की सुरक्षा और सैन्य बुनियादी ढांचे के लिए पूरी तरह समर्पित कर दिया जाएगा, जिससे दिल्ली के सत्ता गलियारों में बड़ा भूचाल आ गया है. केंद्रीय मंत्रालय ने आधिकारिक नोटिस जारी कर 27.3 एकड़ के इस पूरे विशाल परिसर को खाली करने का निर्देश दिया है. सरकार ने इस कार्रवाई के पीछे देश की संप्रभुता और सुरक्षा से जुड़े बेहद संवेदनशील कारणों का हवाला दिया है. आदेश में साफ कहा गया है कि यह पूरा भूखंड एक बेहद संवेदनशील और रणनीतिक क्षेत्र में आता है, जिसकी आवश्यकता देश के रक्षा बुनियादी ढांचे (डिफेंस इन्फ्रास्ट्रक्चर) को मजबूत और सुरक्षित करने के लिए है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि 5 जून को सरकारी अधिकारी इस जमीन का शांतिपूर्ण कब्जा वापस लेंगे और यदि इसमें कोई बाधा आई, तो कानून के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी. सदस्यता श्रेणी प्रारंभिक/रजिस्ट्रेशन फीस (अनुमानित) वेटिंग पीरियड / मुख्य बातें कॉर्पोरेट मेंबरशिप (Corporate)*(सबसे महंगी और प्रीमियम श्रेणी)* ₹15 लाख से ₹20 लाख+ बड़ी कंपनियों और बहुराष्ट्रीय फर्मों के शीर्ष अधिकारियों के लिए। इसमें भी लंबी कतार होती है। गैर-सरकारी / निजी श्रेणी (Non-Government) ₹5 लाख से ₹10 लाख उद्योगपतियों, डॉक्टरों, वकीलों और अन्य रसूखदार नागरिकों के लिए। इसमें 15 से 25 साल तक की सबसे लंबी वेटिंग लिस्ट होती है। सरकारी श्रेणी (Government) ₹1.5 लाख से ₹2 लाख केवल सिविल सर्वेंट्स (IAS, IPS, IRS) और रक्षा बलों (Armed Forces) के अधिकारियों के लिए। इसमें वेटिंग पीरियड तुलनात्मक रूप से कम होता है। मासिक मेंटेनेंस शुल्क (Monthly Charges) बेहद मामूली शुल्क सभी श्रेणियों के सदस्यों के लिए क्लब की सुविधाओं के उपयोग और रखरखाव के एवज में हर महीने लिया जाता है। मामले से जुड़ी 5 मुख्य बातें• 27.3 एकड़ की बेशकीमती जमीन: लुटियंस दिल्ली के दिल और पीएम आवास (लोक कल्याण मार्ग) के ठीक सामने स्थित इस क्लब की 27.3 एकड़ जमीन अब पूरी तरह सरकार के नियंत्रण में आ जाएगी.• रक्षा बुनियादी ढांचे का हवाला: केंद्र सरकार ने आदेश में स्पष्ट लिखा है कि इस जमीन का उपयोग देश की सुरक्षा और रक्षा ढांचे को मजबूत करने जैसी महत्वपूर्ण सार्वजनिक परियोजनाओं के लिए किया जाएगा.• लीज डीड तत्काल प्रभाव से रद्द: L&DO ने क्लब के साथ हुई लीज डीड (पट्टा विलेख) की धारा 4 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए इस पट्टे को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है.• इमारतों और बुनियादी ढांचे पर कब्जा: 5 जून को होने वाली इस ‘री-एंट्री’ प्रक्रिया के तहत जमीन के साथ-साथ वहां निर्मित सभी ऐतिहासिक इमारतें, खेल परिसर और अन्य ढांचे भारत के राष्ट्रपति (L&DO) के अधीन हो जाएंगे.• जबरन कार्रवाई की चेतावनी: सरकार ने क्लब प्रबंधन से बिना किसी विवाद के शांतिपूर्ण तरीके से कब्जा सौंपने को कहा है, ऐसा न होने पर कानून सम्मत बल प्रयोग की चेतावनी भी दी गई है. क्‍यों लेना पड़ा इतना सख्‍त फैसला?दिल्ली जिमखाना क्लब को खाली कराने का यह फैसला महज एक लीज विवाद या प्रशासनिक फेरबदल नहीं है बल्कि इसके गहरे रणनीतिक और सुरक्षा निहितार्थ हैं. पिछले कुछ वर्षों में वीवीआईपी इलाकों, विशेषकर प्रधानमंत्री आवास और उसके आसपास के सुरक्षा घेरे को अभेद्य बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है. चूंकि यह क्लब पीएम आवास के बिल्कुल करीब स्थित है और यहां रोजाना सैकड़ों नागरिकों, मेहमानों और विदेशी नागरिकों की आवाजाही होती है इसलिए सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से इस क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रित करने की योजना पर काम कर रही थीं. इस जमीन का उपयोग आने वाले समय में रक्षा मंत्रालयों के संवेदनशील कार्यालयों या राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अति-विशिष्ट विंग के विस्तार के लिए किया जा सकता है. यह कदम यह भी दर्शाता है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक हितों के सामने सरकार किसी भी रसूखदार लॉबी के दबाव में आने वाली नहीं है. About the Author Sandeep GuptaChief Sub Editor डिजिटल पत्रकारिता में खबरों की गहरी समझ रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. 16 वर्षों से सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में इन्होंने अपनी कलम से जटिल विषयों को …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi Source link

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ट्रैवल प्लान कर रहे हो? पहले देख लो कौन से देश बिना...

होमवीडियोदेश ट्रैवल प्लान कर रहे हो? पहले देख लो कौन से देश बिना वीजा एंट्री दे रहे हैं   Visa Free Countries For Indians: क्या आपने कभी सोचा है कि कुछ देशों का पासपोर्ट दुनिया का लगभग पूरा दरवाजा खोल देता है, जबकि कुछ देशों के लोगों को हर जगह वीजा के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती है? इस वीडियो में हम आसान भाषा में समझाते हैं कि ‘पासपोर्ट पावर’ आखिर होती क्या है और इसे कैसे मापा जाता है. Henley Passport Index क्या है, visa-free और visa-on-arrival का क्या मतलब होता है, और क्यों सिंगापुर, जापान, UK, जर्मनी और अमेरिका जैसे देश इस रैंकिंग में टॉप पर रहते हैं सब कुछ आपको यहां समझ आएगा. साथ ही हम बात करेंगे 2026 में भारत के पासपोर्ट की स्थिति, भारतीय कितने देशों में बिना वीज़ा जा सकते हैं, और कैसे पासपोर्ट की ताकत अब सिर्फ यात्रा नहीं बल्कि किसी देश की कूटनीति, अर्थव्यवस्था और वैश्विक भरोसे का भी संकेत बन चुकी है. Last Updated:May 23, 2026, 14:38 ISTदेश न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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