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‘हमारा समय सही है, हमें नहीं चाहिए’, शहजाद पूनावाला ने भाई तहसीन...

होमवीडियोदेश ‘हमारा समय सही है, हमें नहीं चाहिए’, शहजाद पूनावाला ने भाई तहसीन की महंगी घड़ियों पर कसा तंज! X ‘हमारा समय सही है, हमें नहीं चाहिए’, शहजाद पूनावाला ने भाई तहसीन की महंगी घड़ियों पर कसा तंज!   Shahzad Poonawalla Banter with Brother Tehseen Poonawalla: एक लाइव टीवी डिबेट के दौरान उस वक्त मजेदार माहौल बन गया जब भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस समर्थक और अपने भाई तहसीन पूनावाला की महंगी विदेशी घड़ियों को लेकर चुटकी ली. शहजाद ने कहा कि तहसीन को ‘ऑडीमार’ और ‘पाटेक फिलिप’ जैसी महंगी विदेशी घड़ियों के बजाय कम से कम एक साल के लिए स्वदेशी ‘टाइटन’ या ‘एचएमटी’ (HMT) की घड़ी पहनने का वादा करना चाहिए. उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि अभी कौन सी रोलेक्स पहनी है? इस पर एंकर रुबिका लियाकत ने भी मजे लेते हुए तहसीन से कहा कि कभी-कभी ये घड़ियां अपने भाई को भी दे दिया कीजिए. इस पर शहजाद ने तुरंत जवाब दिया, “नहीं, हमें नहीं चाहिए, हमारा समय सही है.” यह मजेदार वीडियो सोशल मीडिया पर अब तेजी से वायरल हो रहा है. Source link

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BRICS Summit 2026 LIVE: ब्रिक्‍स का हिस्‍सा बनने के लिए दिल्ली रवाना...

भारत इस साल 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन-2026 की मेजबानी कर रहा है. दो दिनों तक चलने वाला यह अहम सम्मेलन 14 और 15 मई को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हो रहा है. इस सम्मेलन में ब्रिक्स समूह से जुड़े कई देशों के विदेश मंत्री और प्रतिनिधिमंडल शामिल होंगे. ईरान के उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने इस मंच से अमेरिका की एकतरफा पाबंदियों पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि दुनिया अब दबाव की राजनीति नहीं, बराबरी और सम्मान चाहती है. ग़रीबाबादी ने कहा कि ईरान ऊर्जा, ट्रांजिट और रणनीतिक ताकत के जरिए BRICS को नई दिशा दे सकता है। नई दिल्ली में जारी बैठकों को उन्होंने “असली बहुपक्षवाद” मजबूत करने की कोशिश बताया. ब्रिक्स समिट से इतर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को दिल्ली में चिली के विदेश मंत्री फ्रैंसिस्को पेरेज मैकेन्ना के साथ द्विपक्षीय बैठक की. दोनों नेताओं के बीच भारत-चिली संबंधों को और मजबूत करने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई. इस बैठक के बाद एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि चिली के विदेश मंत्री से मुलाकात बेहद सकारात्मक रही. दोनों देशों ने बाजारों और सप्लाई सोर्सिंग में विविधता लाने, प्राथमिक उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने और सर्विस इकोनॉमी को आसान बनाने पर चर्चा की. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, 14 मई को सुबह 10 बजे विदेश मंत्रियों का भारत मंडपम पहुंचना शुरू होगा. इसके बाद सुबह 10:30 बजे पहले सत्र की शुरुआत होगी, जिसमें सदस्य देशों के बीच वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है. दोपहर 1 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ‘सेवा तीर्थ’ में सभी विदेश मंत्रियों की संयुक्त मुलाकात निर्धारित की गई है. इसके बाद 3 बजकर 10 मिनट पर दूसरे सेशन की शुरुआत होगी. फिर शाम 7 बजे विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की तरफ से भारत मंडपम में ही डिनर का आयोजन किया जाएगा. समिट के अगले दिन 15 मई को सुबह 10 बजे तीसरे सेशन की शुरुआत होगी. इस बैठक में ब्राजील, रूस, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथोपिया, और इंडोनेशिया के विदेश मंत्री शामिल होने वाले हैं. सूत्रों के अनुसार, संयुक्त अरब अमिरात की ओर से उप-विदेश मंत्री स्तर का प्रतिनिधित्व होने की उम्मीद है. ईरान की ओर से भी उप-विदेश मंत्री स्तर का प्रतिनिधिमंडल भेजे जाने की संभावना जताई जा रही है, जबकि चीन के शेरपा प्रतिनिधिमंडल के शामिल होने की उम्मीद है. BRICS Summit 2026 LIVE: ब्रिक्‍स का हिस्‍सा बनने के लिए दिल्ली रवाना हुए अराघची, प्लेन पर लिखा मीनाब 168 का दर्द BRICS Summit 2026 LIVE: ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ब्रिक्स (BRICS) विदेश मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली रवाना हो गए हैं. उनकी यह यात्रा कूटनीतिक रूप से जितनी अहम है, उससे कहीं ज्यादा चर्चा उनके विमान पर लिखे एक संदेश की हो रही है. अराघची के विमान पर ‘मीनाब 168’ का विशेष रूप से ज़िक्र किया गया है, जो सीधे तौर पर इजरायल और अमेरिका को एक कड़ा संदेश माना जा रहा है. दरअसल, ईरान के मीनाब शहर में हुए एक हमले में 168 छात्राओं की जान चली गई थी, जिसका आरोप ईरान अमेरिका और इजरायल पर लगाता रहा है. अंतरराष्ट्रीय मंच पर जाने से पहले विमान पर इस संख्या को अंकित करना ईरान के उस दर्द और विरोध को दर्शाता है, जिसे वह दुनिया के सामने रखना चाहता है. दिल्ली में होने वाली इस बैठक के दौरान वैश्विक सुरक्षा और क्षेत्रीय तनाव पर गहन चर्चा की उम्मीद है. BRICS Summit 2026 LIVE: ब्रिक्‍स देशों के विदेश मंत्रियों को पीएम मोदी करेंगे संबोधित, उठाएंगे ग्‍लोबल साउथ की आवाज BRICS Summit 2026 LIVE: भारत मंडपम में BRICS विदेश मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक में वैश्विक सुरक्षा, ऊर्जा, व्यापार, सप्लाई चेन और पश्चिम एशिया की स्थिति जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी. ईरान युद्ध के असर और मौजूदा हालात भी एजेंडे में शामिल रहेंगे. सभी विदेश मंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संयुक्त मुलाकात करेंगे. विदेश मंत्री एस जयशंकर रात्रिभोज की मेजबानी करेंगे. भारत इस मंच के जरिए ग्लोबल साउथ की आवाज़ और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर देगा. BRICS Summit 2026 LIVE: ब्रिक्‍स समिट में हिस्‍सा लेने के लिए रूस के विदेश मंत्री भारत पहुंचे, एयरापोर्ट पर भव्‍य स्‍वागत BRICS Summit 2026 LIVE: ब्रिक्‍स समिट में हिस्‍सा लेने के लिए रूस के विदेश मंत्री भारत पहुंच चुके हैं BRICS Summit 2026 LIVE: ब्रिक्‍स के मंच से ईरान का अमेरिका पर निशाना, कहा- दबाव की राजनीति अब नहीं चलेगी BRICS Summit 2026 LIVE: ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम गरीबाबादी ने BRICS मंच से अमेरिका की एकतरफा पाबंदियों और दबाव की राजनीति का खुलकर विरोध किया. उन्होंने कहा कि BRICS ऐसा मंच बनना चाहिए जो बराबरी, आपसी सम्मान और देशों के अधिकारों की रक्षा करे. ग़रीबाबादी ने कहा कि ईरान अपनी ऊर्जा, ट्रांजिट नेटवर्क और भू-राजनीतिक क्षमता के जरिए BRICS एजेंडे में अहम योगदान दे सकता है. उन्होंने बताया कि नई दिल्ली में चल रही BRICS बैठकों में ईरान सक्रिय भूमिका निभा रहा है. उनके मुताबिक यह कदम असली बहुपक्षवाद यानी मल्‍टीलैट्रलिज्‍म मजबूत करने की रणनीतिक कोशिश है. उन्होंने कहा कि BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक ग्लोबल साउथ के सहयोग, स्वतंत्र व्यापार, वित्तीय साझेदारी और वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में सुधार का बड़ा अवसर साबित हो सकती है. BRICS Summit 2026 LIVE: भारत-चिली के बीच बढ़ेगी आर्थिक साझेदारी, जयशंकर ने सप्लाई चेन सहयोग पर की अहम बातचीत BRICS Summit 2026 LIVE: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चिली के विदेश मंत्री फ्रांसिस्‍को पर्ज के साथ द्विपक्षीय बैठक की. बातचीत में बाजारों और सप्लाई सोर्स को विविध बनाने के लिए सहयोग मजबूत करने पर जोर दिया गया. दोनों देशों ने प्राथमिकता वाले उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने पर सहमति जताई. सेवा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को अधिक सुगम और प्रभावी बनाने को लेकर भी चर्चा हुई. बैठक में बहुपक्षीय और प्लुरिलेटरल मंचों पर मिलकर काम करने, व्यापारिक साझेदारी बढ़ाने और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए समन्वय मजबूत करने पर सहमति बनी. BRICS Summit 2026 LIVE: दिल्ली में ईरान की बड़ी कूटनीतिक दस्तक, उप विदेश मंत्री ने भारत संग की अहम बातचीत BRICS Summit 2026 LIVE: ईरान के उप विदेश मंत्री नई दिल्ली दौरे पर पहुंचे हैं. विदेश मंत्रालय के सचिव

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LPG Gas Cylinder Booking पर आ गई गुड न्‍यूज, यूएई जा रहे...

होमताजा खबरदेश LPG गैस स‍िलेंडर पर आ गई गुड न्‍यूज, यूएई जा रहे पीएम मोदी लाएंगे खुशखबरी Last Updated:May 13, 2026, 20:19 IST प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को यूएई जा रहे हैं. सरकारी सूत्रों का कहना है क‍ि इस दौरे में दो बड़े समझौते हो सकते हैं. पहला एलपीजी गैस को लेकर होगा, जिससे भारत में गैस स‍िलेंडर की सप्‍लाई दुरुस्‍त हो जाएगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूएई के दौरे पर जा रहे हैं, जहां एलपीजी पर समझौते होंगे. LPG Gas Cylinder की बुकिंग कराकर अगर आप भी परेशान हैं, कई द‍िन हो गए गैस नहीं म‍िल रही है, तो यह खबर आपको राहत देने वाली है. देश में रसोई गैस यानी एलपीजी की कमी को खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद कमान संभाल ली है. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी शुक्रवार को यूएई के दौरे पर जा रहे हैं, जहां उनका पूरा फोकस एनर्जी सिक्योरिटी पर होगा. पीएम मोदी की इस यात्रा का सबसे बड़ा एजेंडा यह सुनिश्चित करना है कि दुनिया में कहीं भी युद्ध छिड़े या तनाव हो, भारत में गैस और तेल की कमी नहीं होनी चाहिए. यूएई भारत का पुराना और भरोसेमंद दोस्त है, इसलिए पीएम वहां के बड़े नेताओं से सीधी बात करेंगे. मकसद साफ है- भारत को आने वाले कई सालों तक बिना किसी रुकावट के गैस और तेल मिलता रहे. सूत्रों का कहना है कि पीएम चाहते हैं कि ऊर्जा के मामले में भारत किसी भी बाहरी झटके से सुरक्षित रहे, ताकि देश की तरक्की की रफ्तार धीमी न पड़े. गैस और तेल भंडारण पर होंगे दो बड़े समझौते सूत्रों का कहना है क‍ि पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान दो बहुत जरूरी समझौतों पर मुहर लग सकती है. पहला समझौता सीधे एलपीजी की सप्लाई को लेकर होगा, जिससे भारत में गैस की कमी का डर खत्म हो जाएगा. दूसरा समझौता पेट्रोलियम भंडार यानी तेल को जमा करके रखने की क्षमता बढ़ाने पर है. सरकार चाहती है कि भारत के पास इतना तेल और गैस जमा रहे कि अगर कल को कोई बड़ा संकट आ जाए, तो भी महीनों तक देश का काम चलता रहे. इसमें यूएई की कंपनियां भारत की मदद करेंगी और निवेश भी करेंगी. गैस संकट से भारत को बचाने की तैयारी पूरी दुनिया में इस समय गैस को लेकर हाहाकार मचा है. रूस और यूक्रेन की लड़ाई हो या मिडिल ईस्ट का तनाव, इसका असर सीधे गैस की कीमतों पर पड़ता है. पीएम मोदी की यह यूएई यात्रा इसी का काट है. सरकार एक ऐसी व्यवस्था बनाना चाहती है जिसमें हमें बाहरी देशों की उठापटक का ज्यादा नुकसान न झेलना पड़े. यूएई के साथ हाथ मिलाने का मतलब है कि भारत को प्राथमिकता के आधार पर और शायद बेहतर कीमतों पर गैस मिल सकेगी. यह भारत की एक बड़ी कूटनीतिक जीत मानी जा रही है. About the Author Gyanendra Mishra Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi Source link

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कर्नाटक के स्‍कूलों में हिजाब पहनने की छूट, कांग्रेस सरकार ने पलटा...

होमताजा खबरदेश कर्नाटक के स्‍कूलों में हिजाब पहनने की छूट, कांग्रेस सरकार ने पलटा फैसला, पगड़ी और जनेऊ की भी मिली अनुमति Last Updated:May 13, 2026, 19:21 IST बेंगलुरु. कर्नाटक के स्‍कूलों में छात्राएं अब ह‍िजाब पहन सकेंगी. सिद्धारमैया सरकार ने भाजपा शासनकाल में लगाई गई पाबंदी को रद्द कर द‍िया है. कांग्रेस सरकार ने अब छात्रों को निर्धारित यूनिफॉर्म के साथ अपनी धार्मिक परंपराओं से जुड़े प्रतीकों को पहनने की अनुमति दे दी है. स‍िर्फ ह‍िजाब ही नहीं, पगड़ी और जनेऊ पहनने की भी छूट होगी. यह नया आदेश मौजूदा शैक्षणिक सत्र से ही प्रभावी हो गया है. कर्नाटक सरकार की ओर से गुरुवार को जारी आदेश के अनुसार, अब छात्र अपनी स्कूल यूनिफॉर्म के साथ ‘सीमित पारंपरिक और प्रथा-आधारित प्रतीकों’ का उपयोग कर सकेंगे. इसमें न केवल हिजाब शामिल है, बल्कि अब छात्र बिना किसी रोक-टोक के पगड़ी, जनेऊ और स्कार्फ भी पहन सकेंगे. स्कूल शिक्षा और साक्षरता मंत्री मधु बंगारप्पा ने स्पष्ट किया कि सरकार का मकसद सबको समान अवसर देना है, ताक‍ि किसी भी छात्र को उसकी धार्मिक मान्यताओं के कारण शिक्षा से वंचित न होना पड़े. यह ख़बर बिल्कुल अभी आई है और इसे सबसे पहले आप News18Hindi पर पढ़ रहे हैं. जैसे-जैसे जानकारी मिल रही है, हम इसे अपडेट कर रहे हैं. ज्यादा बेहतर एक्सपीरिएंस के लिए आप इस खबर को रीफ्रेश करते रहें, ताकि सभी अपडेट आपको तुरंत मिल सकें. आप हमारे साथ बने रहिए और पाइए हर सही ख़बर, सबसे पहले सिर्फ Hindi.News18.com पर… News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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दुनिया में बढ़ रहा संकट लेकिन भारत की जीडीपी में जुड़ेंगे 48...

Last Updated:May 13, 2026, 18:14 IST AI in GDP : भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का योगदान अगले 4 साल में करीब 48 लाख करोड़ रुपये का पहुंच जाएगा. एक हालिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि साल 2030 तक करीब 35 करोड़ एआई प्रोफेशनल्‍स की जरूरत होगी. भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था में एआई का योगदान बढ़ता जा रहा है. नई दिल्ली. आईबीएम और इंडिया एआई (MeitY की एक पहल) की एक संयुक्त रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से साल 2030 तक भारत की अर्थव्यवस्था में 500 अरब डॉलर (करीब 47.81 लाख करोड़ रुपये) से अधिक का योगदान कर सकता है. इस रिपोर्ट में विभिन्न उद्योगों और संगठनों के 1,500 भारतीय अधिकारियों का सर्वे किया गया, जिसमें सीएक्सओ सहित हाई लेवल के तमाम अधिकारी शामिल थे. इस अध्ययन में 405 भारतीय अधिकारियों का एक पल्स सर्वे भी शामिल किया गया. रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि सर्वे में शामिल 80 फीसदी भारतीय बिजनेस लीडर्स का मानना है कि एआई में निवेश देश की जीडीपी वृद्धि को सीधे प्रभावित करेगा. माना जा रहा है कि एआई साल 2030 तक भारत की अर्थव्यवस्था में 500 अरब डॉलर से अधिक का योगदान कर सकता है, जिससे यह दुनिया की सबसे गतिशील एआई-चालित अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो जाएगा. कुछ ही देश भारत जैसी स्केल, डिजिटल ताकत और महत्वाकांक्षा के साथ एआई युग में कदम रख रहे हैं. 73 फीसदी ने जताया भरोसारिपोर्ट के अनुसार, करीब 73 फीसदी भारतीय अधिकारियों का मानना है कि साल 2030 तक एआई में अग्रणी देश बन जाएगा. यह विश्वास विशाल बाजार, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और दुनिया की सबसे बड़ी आईटी सर्विसेज वर्कफोर्स पर आधारित है. शोध में एक महत्वपूर्ण इन्फ्लेक्शन गैप भी सामने आया, जिसमें 72 फीसदी संगठनों ने माना कि वे फिलहाल एआई अपनाने में अपने वैश्विक समकक्षों से पीछे हैं. केवल 15 फीसदी संगठन ही एआई को क्रॉस-फंक्शनल निवेश के जरिये स्केल कर रहे हैं, जबकि बाकी 85 फीसदी अभी पायलट स्टेज में ही अटके हुए हैं. भारत अब दे रहा एआई को आकारइलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव एस कृष्णन ने कहा है कि भारत अब सिर्फ वैश्विक एआई चर्चा में भाग नहीं ले रहा, बल्कि उसे आकार भी दे रहा है. उन्होंने कहा कि हमारा विजन स्पष्ट है. एआई को हमारे लोगों की आकांक्षाओं का विस्तार बनना चाहिए, जो समावेशी विकास और राष्ट्रीय प्रगति को आगे बढ़ाए. विकसित भारत के हमारे विजन के तहत हम विश्वास, नैतिकता और राष्ट्रीय संप्रभुता पर आधारित मानव-केंद्रित एआई दृष्टिकोण को आगे बढ़ा रहे हैं. डाटा आज भी बड़ी समस्‍यारिपोर्ट में एआई के रास्‍ते की बाधाओं की भी पहचान की गई है. सर्वे में शामिल करीब 77 फीसदी प्रतिभागियों ने सुलभ, किफायती और सुरक्षित क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी को बड़ी चुनौती बताया है, जबकि 57 फीसदी ने असमान डेटा गुणवत्ता को बड़ी समस्या बताया. फिलहाल करीब 30 फीसदी कर्मचारियों के पास वह एआई साक्षरता है, जिसकी कंपनियों को जरूरत है. भविष्य की मांगों को पूरा करने के लिए साल 2030 तक यह आंकड़ा 57 फीसदी तक पहुंचना चाहिए. इसका मतलब है कि देश में 35 करोड़ से अधिक एआई साक्षर पेशेवरों की जरूरत होगी. About the Author Pramod Kumar Tiwari प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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CM Vijay Thalapati News | Abhishek Manu Singhvi Latest News | Supreme...

नई द‍िल्‍ली. सुप्रीम कोर्ट में व‍िजय थलापत‍ि की पार्टी टीवीके विधायक आर श्रीनिवासा सेठुपति के मामले में सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी की जोरदार दलीलों ने न सिर्फ मद्रास हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश पर रोक लगवाई, बल्कि तमिलनाडु की सत्ताधारी डीएमके सरकार के लिए भी बड़ा झटका साबित हुआ. सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया कि हाईकोर्ट ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर दखल द‍िया था. नतीजा यह हुआ कि थलापत‍ि व‍िजय की पार्टी टीवीके के विधायक सेठुपति फिलहाल फिर से विधानसभा में जाने और वोट करने के हकदार हो गए. मामला तिरुपत्तूर विधानसभा सीट से जुड़ा है, जहां टीवीके के उम्मीदवार आर श्रीनिवासा सेठुपति बेहद कांटे की टक्कर में डीएमके के उम्मीदवार केआर पेरियाकरुप्पन को सिर्फ 1 वोट से हराकर विजयी हुए थे. डीएमके ने आरोप लगाया कि एक पोस्टल बैलट गलत तरीके से दूसरे क्षेत्र में गिना गया और अगर वह सही जगह गिना जाता तो नतीजा टाई होता और फिर कानून के मुताबिक टॉस होना चाहिए था. इसी आधार पर डीएमके उम्मीदवार ने मद्रास हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की जिस पर हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश देते हुए सेठुपति को विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेने से रोक दिया था. स‍िंघवी ने क्‍या दलीलें दी…यही आदेश थलापत‍ि व‍िजय की पार्टी टीवीके और विधायक सेठुपति सीधे सुप्रीम कोर्ट लेकर पहुंचे. यहां सेठुपति की तरफ से सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने जोरदार दलील रखी. सिंघवी ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 329(b) साफ कहता है कि चुनाव से जुड़े विवादों में हाई कोर्ट रिट अधिकारिता (Article 226) के तहत दखल नहीं दे सकता. ऐसे सभी मुद्दे सिर्फ Representation of the People Act (RPA) के तहत चुनाव याचिका के माध्यम से ही उठाए जा सकते हैं. सिंघवी ने तर्क दिया कि DMK उम्मीदवार ने जो रास्ता चुना है, वह कानून के खिलाफ है क्योंकि…1. चुनाव प्रक्रिया और नतीजों से जुड़ी गड़बड़ियों पर रिट नहीं, केवल चुनाव याचिका ही संभव है.2. सुप्रीम कोर्ट के कई फैसले पहले ही कह चुके हैं कि चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद और नतीजा आने तक अदालतें रिट के जरिए दखल नहीं दे सकतीं.3. वोटों की गलत गिनती या अस्वीकार किए जाने जैसे मामले RPA की धारा 100(1)(d)(iii) के तहत आते हैं और इन्हें भी केवल चुनाव याचिका में ही चुनौती दी जा सकती है. सिंघवी ने यह भी कहा कि मद्रास हाई कोर्ट ने पोस्टल बैलट के कथित अस्वीकार को कानून के दायरे से बाहर मानकर गंभीर गलती की है. उन्होंने कोर्ट का ध्यान इस बात पर दिलाया कि:– अगर कोई शिकायत सीधे सेक्शन 100(1) में फिट न भी हो, तो भी वह 100(1)(d)(iv) के तहत आ सकती है, जिसमें संविधान, RPA या चुनाव नियमों के अनुपालन न होने के मामले शामिल हैं.– सिर्फ 1 वोट का अंतर कोई ऐसी असाधारण परिस्थिति नहीं है, जो हाई कोर्ट को रिट अधिकारिता के इस्तेमाल की अनुमति दे दे, क्योंकि सेक्शन 100 खुद ऐसे मामलों को कवर करता है जहां गलत गिनती चुनाव परिणाम को प्रभावित करती है. सिंघवी ने हाईकोर्ट के उस अंतरिम आदेश पर भी सवाल उठाया जिसमें सेठुपति को विधायक के रूप में काम करने यानी विधानसभा में बैठने और वोट करने से रोक दिया गया था. उन्होंने कहा कि इस तरह का आदेश भी सिर्फ चुनाव याचिका के दायरे में ही दिया जा सकता है न कि रिट के तहत. याचिका में यह भी कहा गया कि:– यह पूरा मामला तथ्यात्मक विवादों से जुड़ा है, जबकि चुनाव आयोग ने अपने हलफनामे में DMK के आरोपों को नकार दिया है.– ऐसे मामलों में सबूत, गवाह और ट्रायल की जरूरत होती है, जो केवल चुनाव याचिका में संभव है, न कि रिट याचिका में.– रिटर्निंग ऑफिसर ने सभी आवेदन चुनाव परिणाम घोषित होने से पहले ही निपटा दिए थे और नतीजा घोषित होने के बाद उसका अधिकार क्षेत्र खत्म हो गया था.– हाई कोर्ट ने यह कहकर कि फ्लोर टेस्ट में सेठुपति की भागीदारी से सत्ता संतुलन प्रभावित होगा, एक तरह से राजनीतिक आधार पर दखल दिया, जबकि चुनाव विवादों में यह कारक नहीं हो सकता. दूसरी ओर डीएमके उम्मीदवार की तरफ से सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने दलील दी कि:– पोस्टल बैलट की गड़बड़ी से चुनाव नतीजा प्रभावित हुआ है.– अगर वह एक वोट सही क्षेत्र में गिना जाता, तो दोनों उम्मीदवारों के वोट बराबर होते.– ऐसी स्थिति में कानून के मुताबिक टॉस होना चाहिए था और TVK उम्मीदवार की यह जीत वैध नहीं मानी जा सकती.रोहतगी ने TVK विधायक की याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया. बहस के दौरान सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने साफ टिप्पणी की कि मद्रास हाई कोर्ट ने DMK उम्मीदवार की याचिका को अपनी रिट अधिकारिता के तहत सुनकर गलती की है. जस्टिस संदीप मेहता ने दो टूक कहा, ‘यह गलत है’ कोर्ट ने मौखिक रूप से यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों को केवल चुनाव याचिका के जरिए ही उठाया जा सकता है, न कि Article 226 के तहत रिट में. सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि:– मद्रास हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश का प्रभाव फिलहाल पूरी तरह स्थगित रहेगा.– हाई कोर्ट में चल रही कार्यवाही भी अभी के लिए रोक दी जाती है.– DMK उम्मीदवार केआर पेरियाकरुप्पन को 2 हफ्ते के भीतर सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल करना होगा.– TVK के सेठुपति को भी 2 हफ्ते में अपना जवाब दाखिल करने को कहा गया है. Source link

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नोएडा के छात्रों की शॉर्ट फिल्म दाल रोटी ने अमेरिका में जीता...

Last Updated:May 13, 2026, 16:15 IST नोएडा के युवाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि प्रतिभा बड़े बजट और महंगे संसाधनों की मोहताज नहीं होती. अमेरिका के टेक्सास राज्य के ऑस्टिन शहर में आयोजित प्रतिष्ठित कनेक्ट हर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में नोएडा के छात्रों द्वारा बनाई गई शॉर्ट फिल्म दाल रोटी ने नरेशन कैटेगरी में अवॉर्ड जीतकर भारत का नाम रोशन किया है. इस उपलब्धि के बाद छात्रों के परिवार, कॉलेज और पूरे नोएडा में खुशी का माहौल है. नोएडाः नोएडा के युवाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि प्रतिभा बड़े बजट और महंगे संसाधनों की मोहताज नहीं होती. अमेरिका के टेक्सास राज्य के ऑस्टिन शहर में आयोजित प्रतिष्ठित कनेक्ट हर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में नोएडा के छात्रों द्वारा बनाई गई शॉर्ट फिल्म दाल रोटी ने नरेशन कैटेगरी में अवॉर्ड जीतकर भारत का नाम रोशन किया है. इस उपलब्धि के बाद छात्रों के परिवार, कॉलेज और पूरे नोएडा में खुशी का माहौल है. सीमित बजट में तैयार किया गया फिल्म सबसे खास बात यह रही कि इस फिल्म को बेहद सीमित बजट और साधारण संसाधनों के साथ तैयार किया गया, लेकिन इसकी दमदार कहानी और भावनात्मक प्रस्तुति ने इंटरनेशनल जजों को गहराई से प्रभावित किया. फिल्म घरेलू हिंसा जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दे को संवेदनशील तरीके से सामने लाती है. यही इसकी सबसे बड़ी ताकत बनी.फिल्म की डायरेक्टर श्रेया हैं, जबकि वरदान ने सिनेमेटोग्राफी की जिम्मेदारी संभाली. सुजॉय और आरव मलिक ने भी कैमरा और विजुअल्स में अहम योगदान दिया. चारों छात्र एक ही कॉलेज में पढ़ाई करते हैं और फिल्ममेकिंग के प्रति उनका जुनून उन्हें इस मुकाम तक लेकर आया. टीम के सदस्यों ने बताया कि उन्हें एक फिल्म कम्युनिटी के व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए “कनेक्ट हर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल” की जानकारी मिली थी. यह फेस्टिवल खासतौर पर महिलाओं से जुड़े मुद्दों और उनकी कहानियों को वैश्विक मंच देने के लिए जाना जाता है. इसी सोच के साथ टीम ने ऐसी कहानी चुनी, जो भारतीय समाज के एक संवेदनशील और अक्सर अनदेखे पहलू को उजागर कर सके. मिडिल क्लास पर बना है फिल्म दाल रोटी की कहानी भारतीय मध्यमवर्गीय परिवारों की गृहणियों के संघर्ष पर आधारित है. फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे कई महिलाएं घरेलू हिंसा और मानसिक दबाव के बीच अपनी जिंदगी जीने को मजबूर होती हैं. बाहर से सामान्य दिखने वाले घरों के भीतर छिपे दर्द और संघर्ष को फिल्म ने बेहद प्रभावशाली तरीके से दर्शाया है. फिल्म बनाना टीम के लिए आसान नहीं था. सीमित बजट के कारण सबसे बड़ी चुनौती शूटिंग के लिए उपयुक्त लोकेशन तलाशना थी. इसके लिए आरव मलिक के घर को ही एक मिडिल क्लास परिवार के घर की तरह तैयार किया गया. वहीं कलाकारों की व्यवस्था भी टीम ने खुद की. दिल्ली के थिएटर आर्टिस्ट्स को फिल्म में शामिल किया गया, जबकि मुख्य पुरुष किरदार के लिए डायरेक्टर के चाचा को कास्ट किया गया, जो मुंबई में कई टीवी सीरियल और फिल्मों में काम कर चुके हैं. इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भेजा फिल्म पूरी होने के बाद टीम ने इसे इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भेजा, जहां दुनिया भर से आई फिल्मों के बीच ‘दाल रोटी’ ने अपनी अलग पहचान बनाई और नरेशन कैटेगरी में जीत हासिल की. टीम को सर्टिफिकेट के साथ 2.5 हजार डॉलर का पुरस्कार भी मिला है. टीम का कहना है कि यह उनके फिल्मी सफर की सिर्फ शुरुआत है. भविष्य में वे ऐसे सामाजिक मुद्दों पर और फिल्में बनाना चाहते हैं, जो समाज को सोचने पर मजबूर करें. नोएडा के इन युवाओं की सफलता अब देशभर के छात्रों के लिए प्रेरणा बन गई है. About the Author Rajneesh Kumar Yadav मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Noida,Gautam Buddha Nagar,Uttar Pradesh Source link

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NEET पेपर लीक नहीं ‘कराया गया’, फूटा खान सर का गुस्सा, बोले-...

होमवीडियोदेश NEET पेपर लीक नहीं ‘कराया गया’, फूटा खान सर का गुस्‍सा, बोले- छात्रों के भविष्य से कर रहे खिलवाड़ X NEET पेपर लीक नहीं ‘कराया गया’, फूटा खान सर का गुस्‍सा, बोले- छात्रों के भविष्य से कर रहे खिलवाड़   देशभर में नीट परीक्षा को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है. पेपर लीक मामले पर शिक्षा विशेषज्ञों और छात्रों के बीच भारी नाराजगी देखने को मिल रही है. इस मामले में खान सर ने साफ कहा कि इसे सिर्फ ‘पेपर लीक’ कहना गलत होगा, क्योंकि यह ‘कराया गया अपराध’ है. उन्होंने आरोप लगाया कि हर साल किसी न किसी परीक्षा में गड़बड़ी सामने आती है, लेकिन जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती. खान सर ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में एक-एक नंबर छात्रों का भविष्य तय करता है. ऐसे में परीक्षा दोबारा कराने की बात उन लाखों छात्रों के मानसिक दबाव को नजरअंदाज करना है, जिन्होंने वर्षों मेहनत की होती है. उनका कहना था कि एक नंबर कम होने से किसी का आईआईटी या एम्स का सपना टूट सकता है. विवाद के बीच अब परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और भरोसे पर बड़ी बहस छिड़ गई है. Source link

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राज ठाकरे को पीएम मोदी की अपील से दिक्कत क्या है?

Last Updated:May 13, 2026, 14:17 IST महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अपील पर सवाल उठाए हैं. आखिर राज ठाकरे को पीएम मोदी की अपील से परेशानी क्‍या है. यह चर्चा का विषय बन गया है. पीएम मोदी ने लोगों से आर्थिक चुनौतियों और वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए अपील की है. पीएम मोदी ने लोगों से की है अपील. नई दिल्‍ली. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अपील पर सवाल उठाए हैं. आखिर राज ठाकरे को पीएम मोदी की अपील से परेशानी क्‍या है. यह चर्चा का विषय बन गया है. पीएम मोदी ने लोगों से आर्थिक चुनौतियों और वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए अपील की है कि वे सोने की खरीद कम करें, गैरजरूरी विदेश यात्राओं से बचें, पेट्रोल-डीजल की खपत घटाएं, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दें और कंपनियां वर्क फ्रॉम होम जैसी व्यवस्था अपनाएं. पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा कि लोगों को सोने की खरीद कम करनी चाहिए और अनावश्यक विदेश यात्राओं से बचना चाहिए. उन्होंने पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने पर भी जोर दिया और कहा कि जहां संभव हो, लोग इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाएं. इसके साथ ही उन्होंने कंपनियों और कर्मचारियों से वर्क फ्रॉम होम संस्कृति को बढ़ावा देने की भी अपील की, ताकि ईंधन की बचत हो और ट्रैफिक का दबाव कम किया जा सके. प्रधानमंत्री का कहना है कि छोटी-छोटी बचतें देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं. उन्होंने लोगों से जिम्मेदार नागरिक की तरह व्यवहार करने और जरूरत के मुताबिक ही खर्च करने को कहा. पीएम की इस अपील के बाद राजनीतिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है. कुछ लोग इसे मौजूदा वैश्विक हालात में जरूरी कदम बता रहे हैं, जबकि विपक्ष इस पर सवाल भी उठा रहा है. राज ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्‍स पर पूछा कि जब आम लोगों से खर्च कम करने को कहा जा रहा है, तो बड़े नेता और सरकारी तंत्र खुद ऐसा क्यों नहीं कर रहे हैं? राज ठाकरे ने अपने पोस्ट में लिखा कि प्रधानमंत्री ने देशवासियों से सादगी और बचत की अपील की. लोग कम सोना खरीदें, गैरजरूरी विदेश यात्राएं टालें, ईंधन की खपत कम करें, इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ बढ़ें और जहां संभव हो वहां वर्क फ्रॉम होम अपनाया जाए. ठाकरे का कहना है कि अगर देश आर्थिक दबाव से गुजर रहा है, तो इसकी शुरुआत सरकार और नेताओं को खुद से करनी चाहिए. पीएम मोदी की अपील को कुछ लोग आर्थिक सतर्कता और ऊर्जा बचत की दिशा में जरूरी कदम मान रहे हैं, जबकि विपक्षी दल और कुछ क्षेत्रीय नेता इसे आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डालने की कोशिश बता रहे हैं. सवाल उठता है कि आखिर पीएम की अपील से राज ठाकरे क्‍या परेशानी हो रही है, जबकि इस घड़ी में आम लोग देश के साथ खड़े होने को तैयार हैं. About the Author Sharad Pandeyविशेष संवाददाता करीब 20 साल का पत्रकारिता का अनुभव है. नेटवर्क 18 से जुड़ने से पहले कई अखबारों के नेशनल ब्‍यूरो में काम कर चुके हैं. रेलवे, एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट और एग्रीकल्चर जैसी महत्वपूर्ण बीट्स पर रिपोर्टिंग की. कैंब्रिज…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,New Delhi,Delhi Source link

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एक बीघा में 1500 की लागत और 20000 का मुनाफा, लौकी की...

Last Updated:May 13, 2026, 13:13 IST Baraich news: बदरुल किसान ने बताया है एक बीघे में लागत बस 1500 रुपए तक आती है और मुनाफा 20000 रुपये का आराम से हो जाता है. बस इसमें लौकी के पौधों को लाइन से लाइन में लगाना होता है कियारी बनाकर. सबसे पहले खाद डालकर बिजाई कर दी जाती है इसके बाद जब पौधा निकलने लगता है. तब एक बार फिर से निराई गुड़ाई करके खाद डालकर छोड़ दिया जाता है साथ में पानी, इस तरह से दो से तीन बार निराई, गुड़ाई करनी होती है और पानी देना होता है. बहराइच: खेती करने वाले बहुत सारे किसान ऐसे हैं जो खेती से करके लखपति बन गए हैं. बस किसान को सही तरीके से खेती में सही फसल का चुनाव और फिर फसलों की सही देखरेख करनी होती है. ऐसे ही बहराइच जिले के रहने वाले बदरुल नाम के एक किसान है, जो लगभग एक अरसे से इस खास सब्जी की खेती कर 10 गुना मुनाफा बड़े आराम से कमाते आ रहे हैं. लौकी की खेती से होती है बंपर कमाई बहराइच जिले में हुजूरपुर रोड के किनारे बसा हुआ गांव बहादुरपुर, जहां के रहने वाले किसान बदरुल पिछले कई सालों से लौकी की खेती करके 10 गुना मुनाफा बड़े आराम से उठने आ रहे हैं बादल का कहना है अगर लौकी की खेती सही तरीके से की जाए तो लौकी किसानों को मालामाल बना देती है. क्योंकि इसमें बहुत ज्यादा देखरेख करने की जरूरत नहीं होती है बस खाद पानी दिया और अपने आप ग्रोथ चालू और फिर इसमें फलन भी अच्छी होती है. एक बीघा में 1500 की लागत, कमाई 20000 हजार बदरुल किसान ने बताया है एक बीघे में लागत बस 1500 रुपए तक आती है और मुनाफा 20000 रुपये का आराम से हो जाता है. बस इसमें लौकी के पौधों को लाइन से लाइन में लगाना होता है कियारी बनाकर. सबसे पहले खाद डालकर बिजाई कर दी जाती है इसके बाद जब पौधा निकलने लगता है. तब एक बार फिर से निराई गुड़ाई करके खाद डालकर छोड़ दिया जाता है साथ में पानी, इस तरह से दो से तीन बार निराई, गुड़ाई करनी होती है और पानी देना होता है. इसके बाद लौकी का पौधा अपने आप ही चलने लगता है और फल फूल देने लगता है. और फिर लौकी तैयार होने पर जैसे-जैसे लौकी तैयार होती जाती है इसे मुनाफा मिलते जाता है. अगर किसान पहली बार लौकी की खेती शुरू कर रहे हैं और जानकारी नहीं है तो हमारे किसान भाई जिले में स्थित कृषि विज्ञान केंद्र पर जाकर लौकी से संबंधित बीज या अन्य खेती संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं जहां पर उनको सफल खेती की संपूर्ण जानकारी दी जाती है. About the Author Rajneesh Kumar Yadav मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bahraich,Uttar Pradesh Source link

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