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ISI का पिट्ठू गैंगस्‍टर शहजाद भट्टी का नेटवर्क ध्‍वस्‍त, पाकिस्‍तान बॉर्डर से...

होमताजा खबरदेश गैंगस्‍टर शहजाद भट्टी का नेटवर्क ध्‍वस्‍त, पाक बॉर्डर से दिल्‍ली तक में एक्‍शन Last Updated:May 14, 2026, 10:00 IST Pakistani Gangster Shahzad Bhatti: भारत में दहशत फैलाने की साजिश का पर्दाफाश किया गया है. सीक्रेट इंफॉर्मेशन के बाद सुरक्षा एजेंसियों की ओर से एक साथ कई ठिकानों पर दबिश की गई. एजेंसियों की ओर से दर्जनों लोगों को पूछताछ लिए हिरासत में लिया गया है. पाकिस्‍तानी गैंगस्‍टर शहजाद भट्टी के कई ठिकानों पर एक साथ दबिश दी गई है. Pakistani Gangster Shahzad Bhatti: पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से कथित तौर पर जुड़े गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क को लेकर देशभर में सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है. महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) समेत कई केंद्रीय और राज्य एजेंसियों ने महाराष्ट्र सहित देश के कई राज्यों में व्यापक छापेमारी कर एक ऐसे कथित स्लीपर सेल मॉड्यूल का खुलासा किया है, जिसमें सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म और डार्क वेब के जरिए भारतीय युवाओं को जोड़ने की साजिश सामने आई है. पाकिस्‍तान बॉर्डर से लेकर दिल्‍ली, हरियाणा, मध्‍य प्रदेश , उत्‍तर प्रदेश समेत अन्‍य जगहों पर एक्‍शन लिया गया है. सूत्रों के मुताबिक, महाराष्ट्र ATS ने मुंबई, पुणे, नागपुर, नासिक, नवी मुंबई, कल्याण, भंडारा और चंद्रपुर समेत राज्य के 9 जिलों में 50 से अधिक ठिकानों पर एक साथ दबिश दी. इस कार्रवाई में अब तक 57 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की जा रही है. जांच एजेंसियों का दावा है कि ये सभी युवक इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए शहजाद भट्टी गैंग के संपर्क में आए थे और कथित तौर पर उन्हें भारत के संवेदनशील ठिकानों से जुड़ी सूचनाएं जुटाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था. जांच एजेंसियों के अनुसार, संदिग्धों को सैन्य ठिकानों, महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों, सार्वजनिक स्थलों और अन्य संवेदनशील इंफ्रास्ट्रक्चर की फोटो और वीडियो जुटाने के टास्क दिए जाते थे. सूत्रों का कहना है कि इन सूचनाओं को सीमा पार बैठे हैंडलर्स तक पहुंचाने के बदले पैसे दिए जाते थे. एजेंसियों का दावा है कि कुछ युवाओं को भविष्य में युद्ध जैसी स्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश भी दिए गए थे. खुफिया सूत्रों के मुताबिक, यह नेटवर्क छोटे-छोटे मॉड्यूलर सेल्स में काम करता था. यानी एक समूह को दूसरे समूह की गतिविधियों या पहचान की जानकारी नहीं दी जाती थी, ताकि किसी एक सदस्य के पकड़े जाने पर पूरा नेटवर्क उजागर न हो सके. जांचकर्ताओं का मानना है कि इस स्‍ट्रक्‍चर का इस्तेमाल सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए किया गया. ATS की जांच में यह भी सामने आया है कि डार्क वेब ब्राउजर और ऑटो-डिलीट मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल कर बातचीत को छिपाया जाता था. कार्रवाई के दौरान कई मोबाइल फोन, लैपटॉप और डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए हैं. शुरुआती फॉरेंसिक जांच में कुछ उपकरणों में ऐसे ऐप्स मिले हैं, जिनमें संदेश पढ़ने के बाद खुद ही डिलीट हो जाते थे. अधिकारियों का मानना है कि इन तकनीकों का इस्तेमाल एजेंसियों की निगरानी से बचने के लिए किया जा रहा था. About the Author Manish Kumar बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि ऑनलाइन गेमिंग सर्वरों के भीतर निजी चैट रूम बनाए गए थे. आरोप है कि इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवाओं को सुरक्षा व्यवस्था से बचने, मूवमेंट प्लानिंग और हथियारों के इस्तेमाल जैसी जानकारियां दी जा रही थीं. एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क का विस्तार महाराष्ट्र से बाहर किन राज्यों तक था और कितने लोग इसके संपर्क में आए थे. विदर्भ क्षेत्र के भंडारा और चंद्रपुर जिलों में कथित भर्ती अभियान चलाए जाने की बात भी सामने आई है. सूत्रों के अनुसार, भंडारा में एक मोबाइल दुकान के जरिए युवा लड़कों को इस नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश की जा रही थी. सोशल मीडिया के माध्यम से पहले संपर्क बनाया जाता था और फिर धीरे-धीरे उन्हें कथित तौर पर देश विरोधी गतिविधियों के लिए प्रेरित किया जाता था. सूत्रों के मुताबिक, पैसों के लेन-देन के लिए हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया. जांच एजेंसियों को शक है कि कुछ स्थानीय व्यापारियों और कमीशन एजेंटों के बैंक खातों का उपयोग धन पहुंचाने के लिए किया गया. अब इन खातों की विस्तृत जांच की जा रही है. जांच में यह भी सामने आया है कि महाराष्ट्र के प्रमुख शहरों की जनसंख्या, संवेदनशील इलाकों और स्थानीय गतिविधियों से जुड़ी जानकारियां भी साझा की जा रही थीं. एजेंसियों का कहना है कि नेटवर्क का एक हिस्सा लॉजिस्टिक सपोर्ट देने में लगा था. सूत्रों के अनुसार, डोगरा गैंग नाम से पहचाने जा रहे एक समूह पर संदिग्धों के ठिकाने तैयार करने, यात्रा की व्यवस्था करने और जरूरत पड़ने पर उन्हें राज्य से बाहर निकालने की जिम्मेदारी होने का संदेह है. देशभर में चल रही कार्रवाई के तहत केंद्रीय एजेंसियों ने महाराष्ट्र के अलावा मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में भी छापेमारी की है. सूत्रों के मुताबिक, 300 से अधिक संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया या राउंड-अप किया गया है. पंजाब में पाकिस्तान सीमा से सटे इलाकों से 40 से ज्यादा संदिग्धों को पकड़ा गया है. वहीं हरियाणा STF ने करीब 90 युवकों को हिरासत में लेकर उनके सोशल मीडिया अकाउंट हटवाए हैं और उनकी काउंसलिंग की जा रही है. दिल्ली पुलिस ने भी करीब 20 युवकों को राउंड-अप किया है. अधिकारियों का कहना है कि इन युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए भड़काने और पैसों का लालच देकर कथित तौर पर नेटवर्क से जोड़ा गया था. कुछ मामलों में महत्वपूर्ण स्थानों की रेकी और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग जैसे टास्क दिए जाने की भी आशंका जताई जा रही है. सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय एजेंसियों को 500 से ज्यादा संदिग्ध मोबाइल नंबर और डिजिटल प्रोफाइल मिले थे, जिसके बाद यह बड़ा ऑपरेशन शुरू किया गया. जांच एजेंसियों का दावा है कि पाकिस्तान में बैठे आईएसआई से जुड़े कथित ऑपरेटिव आबिद

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LPG की नहीं रुकेगी सप्‍लाई, भारत का ₹40000 करोड़ का प्‍लान, होर्मुज...

होमताजा खबरदेश LPG की नहीं रुकेगी सप्‍लाई, ₹40000 करोड़ का प्‍लान तैयार, होर्मुज होगा बेकार Last Updated:May 14, 2026, 08:39 IST India-Oman Gas Pipeline: भारत में एक कहावत काफी प्रचलित है कि संकट में भविष्‍य का समाधान छिपा रहता है. जरूरत है तो बस उसे तलाशने की. ईरान जंग की वजह से एनर्जी कॉरिडोर के तौर पर विख्‍यात होर्मुज स्‍ट्रेट से तेल और गैस की सप्‍लाई बाधित होने के बाद भारत अब एक महाप्रोजेक्‍ट पर काम कर रहा है. तकरीबन 40000 करोड़ की इस परियोजना के सफल रहने पर आने वाले कई दशकों तक भारत में गैस की कमी नहीं होगी. भारत मित्र देश ओमान से गैस पाइपलाइन बिछाने की योजना पर काम कर रहा है. (फाइल फोटो/Reuters) India-Oman Gas Pipeline: भारत में एक कहावत काफी प्रचलित है कि संकट में भविष्‍य का समाधान छिपा रहता है. जरूरत है तो बस उसे तलाशने की. ईरान जंग की वजह से एनर्जी कॉरिडोर के तौर पर विख्‍यात होर्मुज स्‍ट्रेट से तेल और गैस की सप्‍लाई बाधित होने के बाद भारत अब एक महाप्रोजेक्‍ट पर काम कर रहा है. तकरीबन 40000 करोड़ की इस परियोजना के सफल रहने पर आने वाले कई दशकों तक भारत में गैस की कमी नहीं होगी. बता दें कि पश्चिम एशिया में तनाव के चलते एशिया से लेकर यूरोप तक में एनर्जी सप्‍लाई चेन में गंभीर खलल पैदा हो गया है. इससे भारत भी प्रभावित हुआ है. नई दिल्‍ली एक एनर्जी डिपेंडेंट कंट्री है. तेल और गैस का अधिकांश हिस्‍सा खाड़ी के देशों से आयात किया जाता है. ऐसे में ईरान युद्ध की वजह से वेस्‍ट एशिया में मचे उथल-पुथल का असर भारत पर भी पड़ रहा है. इसके साथ ही ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों के साथ ही होर्मुज स्‍ट्रेट का भी विकल्‍प गंभीरता से ढूंढा जाने लगा है. दरअसल, भारत सरकार खाड़ी क्षेत्र से निर्बाध गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ओमान से सीधे गहरे समुद्र के रास्ते गैस पाइपलाइन बिछाने की योजना को तेजी से आगे बढ़ा रही है. होर्मुज जलडमरूमध्य संकट के बाद ऊर्जा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए केंद्र सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर गंभीरता से काम कर रही है. अनुमानित 40 हजार करोड़ रुपये (करीब 4.7-4.8 अरब डॉलर) की लागत वाली इस परियोजना को मंजूरी मिलने पर इसे पूरा होने में पांच से सात वर्ष लग सकते हैं. पेट्रोलियम मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, सरकार जल्द ही सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (GAIL), इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) को डिटेल्‍ड रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दे सकती है. यह पहल नई दिल्ली स्थित निजी क्षेत्र के कंसोर्टियम ‘साउथ एशिया गैस एंटरप्राइज’ (SAGE) द्वारा प्रस्तुत प्री-फिजिबिलिटी अध्ययन के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है. भारत की प्‍लानिंग ‘इकोनॉमिक टाइम्‍स’ की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों का कहना है कि भारत अब LNG के स्पॉट बाजारों पर अत्यधिक निर्भरता से बाहर निकलना चाहता है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पश्चिम एशिया से सीधी पाइपलाइन भारत को स्थिर और अपेक्षाकृत सस्ती गैस उपलब्ध करा सकती है. साथ ही किसी ट्रांजिट देश या समुद्री मार्ग पर निर्भरता भी कम होगी. भारत में प्राकृतिक गैस की मांग लगातार बढ़ रही है. ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और एनर्जी-मिक्‍स में गैस की हिस्सेदारी बढ़ाने के प्रयासों के बीच वर्तमान खपत लगभग 190-195 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन (mmscmd) है, जो 2030 तक बढ़कर करीब 290-300 mmscmd तक पहुंचने का अनुमान है. इसी अवधि तक LNG आयात 180-200 mmscmd तक पहुंच सकता है. गैस पाइपलाइन तैयार होने से भारत को अपेक्षाकृत कम कीमत में LPG-LNG मिल सकेगी. (फाइल फोटो/Reuters) ओमान से सीधे गुजरात प्रस्तावित ‘मिडिल ईस्ट-इंडिया डीप-वॉटर पाइपलाइन’ (MEIDP) करीब 2,000 किलोमीटर लंबी होगी और अरब सागर के नीचे से गुजरते हुए ओमान को सीधे गुजरात तट से जोड़ेगी. पाइपलाइन के जरिए प्रतिदिन लगभग 31 mmscmd प्राकृतिक गैस की आपूर्ति संभव होगी. प्रोजेक्‍ट रूट इस तरह तैयार किया जाएगा कि यह ओमान और UAE के रास्ते अरब सागर से होकर गुजरे तथा भू-राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों से बचा जा सके. इस पाइपलाइन के माध्यम से भारत को ओमान, यूएई, सऊदी अरब, ईरान, तुर्कमेनिस्तान और कतर जैसे देशों के विशाल गैस भंडार तक पहुंच मिल सकेगी. इन देशों के पास संयुक्त रूप से लगभग 2,500 ट्रिलियन क्यूबिक फीट गैस भंडार मौजूद है. 3450 मीटर की गहराई में पाइप बिछाने की योजना बताया जा रहा है कि पाइपलाइन समुद्र की सतह से करीब 3,450 मीटर की गहराई तक बिछाई जा सकती है, जिससे यह दुनिया की सबसे गहरी समुद्री पाइपलाइन परियोजनाओं में शामिल हो सकती है. हालिया तकनीकी अध्ययनों में गहरे समुद्र में पाइप बिछाने और मरम्मत तकनीकों में प्रगति के कारण परियोजना को व्यवहारिक बताया गया है. SAGE ने सरकार को दी जानकारी में दावा किया है कि समुद्र तल की स्थिति का अध्ययन करने के लिए प्रस्तावित मार्ग पर लगभग 3,000 मीटर की परीक्षण पाइपलाइन भी बिछाई जा चुकी है. होर्मुज स्‍ट्रेट का विकल्‍प दरअसल, इस परियोजना को आगे बढ़ाने के पीछे हालिया होर्मुज संकट एक बड़ा कारण माना जा रहा है. वर्ष 2025 में भारत के लगभग दो तिहाई एलएनजी आयात होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आए थे. फरवरी में ईरान द्वारा अमेरिका और इज़राइल के साथ तनाव के दौरान इस मार्ग को प्रभावी रूप से बंद करने के बाद वैश्विक एलएनजी आपूर्ति में 20 प्रतिशत से अधिक गिरावट आई थी, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला. एशियाई स्पॉट एलएनजी कीमतों का प्रमुख इंडेक्‍स प्लैट्स जेकेएम सामान्य परिस्थितियों में जहां 10-12 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू के आसपास था, वहीं भू-राजनीतिक संकट के दौरान यह बढ़कर 24-25 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू तक पहुंच गया. इस घटनाक्रम ने भारत की ऊर्जा आपूर्ति और मूल्य स्थिरता से जुड़ी कमजोरियों को उजागर कर दिया है. About the Author Manish Kumar बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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‘फील द जेल’ लोहे की सलाखें, कैदी वाली बैरक और जेल का...

Last Updated:May 14, 2026, 07:39 IST Hyderabad Travel News: हैदराबाद की ऐतिहासिक चंचलगुडा सेंट्रल जेल अब एक अनोखे पर्यटन केंद्र के रूप में चर्चा में है. ‘फील द जेल’ नामक इस विशेष पहल के तहत पर्यटकों को सिर्फ 1,000 रुपये में जेल के अंदर कैदियों जैसी जिंदगी जीने का अनुभव दिया जा रहा है. पर्यटक जेल की बैरकों में समय बिताएंगे, कैदियों जैसा खाना खाएंगे और जेल की दिनचर्या को करीब से महसूस कर सकेंगे. इस पहल का उद्देश्य लोगों को जेल जीवन की कठिनाइयों और अनुशासन को समझाना है, साथ ही पर्यटन को नया आयाम देना भी है. तेलंगाना पर्यटन और जेल प्रशासन की इस अनोखी पहल ने लोगों की उत्सुकता बढ़ा दी है. सोशल मीडिया पर भी यह अनुभव तेजी से वायरल हो रहा है. प्रशासन ने इस अनुभव को दो श्रेणियों में बांटा है. जो लोग कम समय के लिए जेल के वातावरण को समझना चाहते हैं, उनके लिए 12 घंटे का पैकेज 1,000 रुपये निर्धारित किया गया है. वहीं जो लोग जेल की पूरी रात और भोर की दिनचर्या को गहराई से अनुभव करना चाहते हैं. उनके लिए 24 घंटे का पैकेज 2,000 रुपये रखा गया है. इस कार्यक्रम और संग्रहालय से होने वाली पूरी आय का उपयोग लोक कल्याणकारी कार्यों में किया जाएगा. जेल प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि अर्जित राजस्व को कैदियों के कौशल विकास, स्वास्थ्य और पुनर्वास कार्यक्रमों में खर्च किया जाएगा. इस प्रकार, एक नागरिक का जेल अनुभव किसी अपराधी के जीवन सुधार में प्रत्यक्ष योगदान बनता है. आमतौर पर जेलों को समाज से कटा हुआ और रहस्यमयी माना जाता है. चंचलगुडा जेल प्रशासन ने इस धारणा को तोड़ने के लिए फील द जेल नामक एक अनूठा सशुल्क कार्यक्रम शुरू किया है. इसके माध्यम से आम नागरिकों को स्वेच्छा से सलाखों के पीछे कुछ समय बिताने का अवसर दिया जा रहा है. यह पहल सजा के बजाय अनुभव और शिक्षा पर आधारित है जो भारत में अपनी तरह का एक विरल प्रयोग है. Add News18 as Preferred Source on Google जेल अधिकारियों के अनुसार इस पहल का उद्देश्य केवल रोमांच प्रदान करना नहीं है. इसका वास्तविक मकसद नागरिकों के मन में कैदियों की स्थिति और जेल सुधारों के प्रति सहानुभूति पैदा करना है. जब एक व्यक्ति खुद उन तंग दीवारों के बीच समय बिताता है तो वह जेल जीवन की हकीकत और सुधार की जरूरतों को बेहतर तरीके से समझ पाता है. इस पहल ने पर्यटकों, समाजशास्त्रियों और छात्रों के बीच काफी उत्सुकता पैदा की है. जानकारों का मानना है कि यह अनुभवात्मक शिक्षा का एक बेहतरीन मॉडल है. चंचलगुडा जेल की यह कोशिश जेलों को केवल दंड गृह के बजाय सुधार गृह और जागरूकता केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रही है. चंचलगुडा जेल में केवल वर्तमान का अनुभव ही नहीं, बल्कि अतीत की झलक भी मौजूद है. यहाँ भारत का पांचवां जेल संग्रहालय स्थापित किया गया है. इस संग्रहालय में औपनिवेशिक काल की हथकड़ियाँ, पुराने सजा उपकरण और ऐतिहासिक जेल रिकॉर्ड प्रदर्शित किए गए हैं. यह प्रदर्शनियां भारत की दंड प्रणाली के क्रमिक विकास की कहानी बयां करती हैं. इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता इसकी वास्तविकता है. विजिटर केवल जेल देखने नहीं जाते, बल्कि वे जेल के नियमों में बंध जाते हैं. उन्हें जेल की बैरकों में रहना पड़ता है कैदियों के लिए निर्धारित मानक भोजन करना होता है और जेल की सख्त दिनचर्या का पालन करना होता है. आवाजाही पर लगे प्रतिबंध उन्हें यह महसूस कराते हैं कि स्वतंत्रता का वास्तविक मूल्य क्या है. Source link

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LPG Crisis | LPG Tanker mv sunshine crosses hormuz | होर्मुज से...

होमताजा खबरदेश LPG पर बड़ी खुशखबरी! होर्मुज पार कर भारत आ रहा एक और एलपीजी टैंकर MV सनशाइन Last Updated:May 14, 2026, 06:40 IST LPG Tanker mv sunshine crosses hormuz: भारत जा रही एलपीजी टैंकर एमवी सनशाइन स्ट्रेट ऑफ होरमुज पार कर चुकी है. इसे सुरक्षित भारत की ओर बढ़ने के लिए पूरी मदद दी जा रही है. सूत्रों के मुताबिक. यह 15वीं एलपीजी शिप है, जिसे पर्सियन गल्फ से सुरक्षित निकाला गया है. होर्मुज से एलपीजी टैंकर एमवी सनशाइन सुरक्षित रवाना हुआ. LPG Tanker mv sunshine crosses hormuz: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारत को एक और बड़ी खुशखबरी मिली है. होर्मुज पार कर एक और LPG टैंकर भारत आ रहा है. जी हां, LPG टैंकर एमवी सनशाइन (MV Sunshine) ने होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर लिया है. अब वह भारत की ओर सीना तानकर बढ़ रहा है. भारतीय नौसेना और एजेंसियां ​​उसे एस्कॉर्ट कर रही है. होर्मुज पार कर भारत आने वाला यह 15वां LPG जहाज है, जिसे इस क्षेत्र से सुरक्षित निकाला गया है. भारतीय नौसेना उसकी सुरक्षा कवच बनी हुई है. समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, LPG टैंकर एमवी सनशाइन (MV Sunshine) ने बुधवार की रात को होर्मुज जलडमरूमध्य को पार किया. फारस की खाड़ी से सुरक्षित निकाले जाने के बाद भारत की ओर बढ़ रहा है.  सूत्रों के मुताबिक, भारतीय नौसेना सहित कई एजेंसियां ​​भारत की ओर बढ़ रहे एलपीजी जहाज को सुरक्षा दे रही हैं. इस जहाज में कितनी एलपीजी गैस है, इसकी डिटेल सामने नहीं आई है. एलपीजी पर भारत में क्या हो रहा इस बीच केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को कहा कि सरकार ने पश्चिम एशिया संकट के कारण ऊर्जा आपूर्ति में आई बाधाओं को सफलतापूर्वक संभाला है और साथ ही उपभोक्ताओं पर कम से कम बोझ पड़ना भी सुनिश्चित किया है. उन्होंने यह भी बताया कि इस दौरान भारत ने घरेलू LPG उत्पादन में भारी वृद्धि की है. ईरान ने क्या कहा होर्मुज पर? उधर, बुधवार को ईरान के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर काजेम घरीबाबादी ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की स्थिति तब बेहतर होगी, जब शांति स्थापित हो जाएगी. घरीबाबादी ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की स्थिति पहले से बेहतर होगी जब शांति आ जाएगी. सब कुछ साफ रहेगा, कोई गड़बड़ी नहीं होगी. हम अंतरराष्ट्रीय कानून से बाहर नहीं जाएंगे. अगर शांति स्थापित हो गई तो पहले से ज्यादा सुरक्षा और सेफ्टी होगी.’ इससे पहले मंगलवार को ईरान ने कहा कि वह पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए भारत की किसी भी पहल का स्वागत करेगा और घरीबाबादी ने BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले नई दिल्ली के निष्पक्ष रवैये की तारीफ की. उन्होंने कहा, ‘भारत हमेशा शांति का समर्थन करता है और हमेशा शांति के पक्ष में है.’ About the Author Shankar Pandit Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before News18 (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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‘कोल गैसीफ‍िकेशन’ से भारत होगा खुद का बॉस, न अमेर‍िका की सुननी...

अमेर‍िका-ईरान जंग के बाद पश्च‍िम एश‍िया में हालात ऐसे हो चुके हैं कि अब स्थायी शांति की उम्मीद करना मुश्किल दिखता है. आज सीजफायर हो जाए, तब भी मिसाइलों का खतरा खत्म नहीं होने वाला. ईरान और कई खाड़ी देशों के रिश्ते भरोसे वाले नहीं रह गए हैं. अमेरिका की मौजूदगी, इजरायल-ईरान टकराव, रेड सी संकट और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर खतरे ने पूरी दुनिया को एक बात समझा दी है क‍ि जिस देश के पास अपनी एनर्जी स‍िक्‍योर‍िटी नहीं, उसकी विदेश नीति भी पूरी तरह आजाद नहीं रह सकती. इसील‍िए मोदी सरकार ने बुधवार को कोल गैसीफ‍िकेशन स्‍कीम पर मुहर लगा दी. यह भारत की एनर्जी स‍िक्‍योर‍िटी, स्‍ट्रेटज‍िक ऑटोनॉमी का बड़ा सबूत है. सीधी भाषा में कहें तो भारत अब ऐसा सिस्टम बनाना चाहता है, जिसमें अगर कल खाड़ी में युद्ध छिड़ जाए, तेल के जहाज रुक जाएं या अमेरिका दबाव बनाए, तब भी देश की फैक्ट्रियां, गैस सप्लाई और खाद कारखाने बंद न हों. भारत की मुश्क‍िल क्‍या? भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में है, लेकिन ऊर्जा के मामले में उसकी सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि वह भारी आयात पर निर्भर है. कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा विदेश से आता है. LNG का बड़ा हिस्सा हमें इंपोर्ट करना पड़ता है. खाद उद्योग गैस पर निर्भर है. शहरों में PNG नेटवर्क तेजी से बढ़ रहा है. उद्योगों में गैस की मांग लगातार बढ़ रही है.समस्या ये है कि इन सबकी सप्लाई उसी पश्च‍िम एश‍िया से होती है, जहां सबसे ज्यादा तनाव है. अगर होर्मुज हमेशा के ल‍िए बंद हुआ तो? दुनिया का बड़ा तेल कारोबार स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरता है.अगर स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज हमेशा के ल‍िए बंद हो गया, समुद्री रास्तों पर हमला हो गया, तो भारत के ल‍िए आफत और बढ़ सकती है. क्‍योंक‍ि न सिर्फ तेल गैस इस रास्‍ता से लाना हमेशा के ल‍िए बंद हो जाएगा, बल्‍क‍ि तेल और गैस की कीमतें आसमान छू सकती हैं. भारत जैसे देशों के लिए इसका मतलब होगा महंगा पेट्रोल-डीजल, गैस संकट, खाद महंगी, बिजली उत्पादन पर असर, फैक्ट्रियों की लागत बढ़ना, महंगाई बढ़ना. यानी युद्ध कहीं और होगा, लेकिन असर भारतीय रसोई और उद्योग पर पड़ेगा. रूस-यूक्रेन युद्ध ने भारत को क्या सिखाया? रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद पूरी दुनिया ने देखा कि ऊर्जा सिर्फ आर्थिक मामला नहीं, बल्कि राजनीतिक हथियार भी है. यूरोप रूस की गैस पर निर्भर था. युद्ध शुरू हुआ तो सप्लाई संकट आ गया. फैक्ट्रियां बंद होने लगीं. बिजली महंगी हो गई. भारत ने उस समय रूस से सस्ता तेल खरीदा, लेकिन अमेरिका और पश्चिमी देशों ने इस पर नाराजगी जताई. भारत ने अपने हित में फैसला लिया, लेकिन इससे एक बात साफ हुई- जिस देश को ऊर्जा चाहिए, उसे लगातार वैश्विक दबाव झेलना पड़ता है. कोल गैसीफ‍िकेशन से भारत क्या बदलना चाहता है? यहीं से कोल गैसीफ‍िकेशन की असली कहानी शुरू होती है. भारत के पास दुनिया के सबसे बड़े कोयला भंडारों में से एक है. अभी तक इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से बिजली बनाने में होता रहा. लेकिन सरकार अब कोयले को कच्चे माल की तरह इस्तेमाल करना चाहती है. योजना यह है कि कोयले से गैस बने, गैस से यूरिया बने, केमिकल बनें, सिंथेटिक फ्यूल बने और हाइड्रोजन बने. यानी जिस चीज के लिए भारत अभी विदेशों पर निर्भर है, उसे घरेलू संसाधन से तैयार किया जाए. भारत कैसे होगा खुद का बॉस? कोल गैसीफ‍िकेशन सफल हो गया तो इसका साफ मतलब है क‍ि भारत को क‍िसी की नहीं सुननी पड़ेगी. अगर भारत अपनी गैस खुद बनाने लगे, यूरिया के लिए आयात कम कर दे, LNG पर निर्भरता घटा दे, तो विदेश नीति ज्यादा आजाद होगी. अमेरिका की नाराजगी के कोई मायने नहीं रह जाएंगे. आज अगर भारत रूस से तेल खरीदता है, तो पश्चिमी देशों की नजर रहती है. अगर कल अमेरिका ईरान पर नए प्रतिबंध लगाए, रूस पर और सख्त पाबंदियां आएं, खाड़ी में संकट बढ़ जाए, तो ऊर्जा आयात करने वाले देशों पर दबाव बढ़ेगा. लेकिन अगर भारत के पास घरेलू विकल्प मजबूत होंगे, तो उसे हर बार ऊर्जा के लिए झुकना नहीं पड़ेगा. चीन यही मॉडल पहले से अपना चुका है. चीन काफी समय से कोल टू केमिकल और कोल टू गैस मॉडल पर काम कर रहा है. क्योंकि चीन समझता है कि अगर समुद्री रास्ते बंद हुए तो उसकी अर्थव्यवस्था खतरे में पड़ सकती है. इसलिए उसने घरेलू कोयले से गैस, केमिकल, सिंथेटिक ईंधन बनाना शुरू कर द‍िया है. इसका एक और फायदा होगा. अगर भारत को यूरिया बनाने के लिए गैस बाहर से कम खरीदनी पड़े, तो खाद सब्सिडी पर भी असर पड़ेगा. अगर घरेलू गैस बढ़ी, तो उद्योगों की लागत स्थिर रह सकती है. अगर वैश्विक संकट हुआ, तब भी सप्लाई बनी रह सकती है. Source link

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PM मोदी ने दिया नागपुर को बड़ा तोहफा! एयरपोर्ट के साथ बनेगा...

Last Updated:May 13, 2026, 23:40 IST पीएम नरेंद्र मोदी ने नागपुर के साथ पूरे विदर्भ इलाके को बड़ा तोहफा दिया है. बुधवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में लंबे समय से वेटिंग में चल रहे मल्टी-मॉडल इंटरनेशनल कार्गो हब एंड एयरपोर्ट एट नागपुर प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी गई है. इस प्रोजेक्‍ट के बाद नागपुर में देश का सबसे बड़ा कार्गो हब तैयार किया जाएगा. साथ ही एयरपोर्ट एक्‍सपेंशन किया जाएगा. पीएम नरेंद्र मोदी ने नागपुर को दिया बड़ा तोहफा, बदल जाएगी विदर्भ की किस्‍मत. Nagpur News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागपुर के साथ पूरे विदर्भ की किस्‍मत बदलने के लिए बड़ा फैसला लिया है. बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट ने नागपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण और विस्तार को मंजूरी दे दी गई है. इसके साथ ही अब नागपुर को देश के सबसे बड़े कार्गो और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में डेवलप ,करने की तैयारी शुरू हो गई है. माना जा रहा है कि यह फैसला आने वाले समय में विदर्भ की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल सकता है. सरकार ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) की जमीन की लीज अवधि बढ़ाने को मंजूरी दी है. इसके बाद अब जीएमआर नागपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड अगले 30 साल तक नागपुर एयरपोर्ट को पीपीपी मॉडल पर डेवलप करेगा. इस फैसले से लंबे समय से अटकी प्रोजेक्‍ट को नई रफ्तार मिल गई है. इस बदलाव के बाद नागपुर का डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब सिर्फ एक सिंपल एयरपोर्ट नहीं रहेगा, बल्कि इसे विश्वस्तरीय एविएशन और कार्गो सेंटर में बदला जाएगा. आने वाले वर्षों में यहां हर साल 3 करोड़ यात्रियों को हैड़ल करने की क्षमता विकसित की जाएगी. इसके साथ ही एयर कार्गो सर्विस का भी बड़े पैमाने पर विस्तार होगा. दरअसल, नागपुर की सबसे बड़ी ताकत उसकी लोकेशन है. देश के बीचोंबीच होने की वजह से यह शहर पहले से ही लॉजिस्टिक्स के लिए बेहद अहम माना जाता है. यही कारण है कि केंद्र सरकार लंबे समय से मल्टी-मॉडल इंटरनेशनल कार्गो हब एंड एयरपोर्ट एट नागपुर प्रोजेक्ट पर काम कर रही है. अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद इस प्रोजेक्ट को नए पंख मिल गए हैं. सरकार का मानना है कि नागपुर एयरपोर्ट के विस्तार से सिर्फ हवाई यात्रा आसान नहीं होगी, बल्कि उद्योग, व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. इसके साथ ही, विदर्भ के किसानों, छोटे कारोबारियों और उद्योगों को देश और विदेश के बाजारों तक तेजी से पहुंच मिलेगी. खास तौर पर ऑरेंज सिटी के नाम से मशहूर नागपुर से फल, कृषि उत्पाद और अन्य सामानों का निर्यात को बढ़ाया जा सकेगा. इस प्रोजेक्ट में जीएमआर की बड़ी भूमिका होगी. जीएमआर एयरपोर्ट को आधुनिक सुविधाओं से लैस करेगी. साथ ही, नए टर्मिनल, बेहतर रनवे, स्मार्ट कार्गो सिस्टम और हाईटेक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा. इससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ एयर ट्रैफिक भी तेजी से बढ़ने की उम्मीद है. About the Author Anoop Kumar MishraAssistant Editor Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Nagpur,Maharashtra Source link

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मीन राशि वालों का आज चमकेगा किस्मत, करियर में मिलेगी तरक्की, व्यापार...

आज मीन राशि के जातकों के लिए दिन उत्साह, आत्मविश्वास और नई संभावनाओं से भरा रहने वाला है. लंबे समय से रुके कामों में गति आएगी और आपके निर्णय लेने की क्षमता लोगों को प्रभावित करेगी. कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और नेतृत्व कौशल की सराहना हो सकती है, वहीं परिवार और मित्रों का सहयोग मनोबल बढ़ाएगा. आज आप खुद को ऊर्जा से भरपूर महसूस करेंगे, जिससे हर चुनौती का सामना आसानी से कर पाएंगे. उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, यह समय नए अवसरों को पहचानकर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का है, क्योंकि सफलता आपके कदम चूम सकती है. मीन राशि का करियर राशिफलआज का दिन करियर के लिहाज से बेहद शुभ और अवसरों से भरा रह सकता है. आपकी मेहनत और प्रतिभा का पूरा फल मिलने के संकेत हैं, जिससे सफलता के नए रास्ते खुलेंगे. नौकरी में प्रमोशन, नई जिम्मेदारी या बेहतर अवसर मिलने की संभावना बन रही है. आत्मविश्वास और सूझबूझ के दम पर आप सही फैसले लेने में सफल रहेंगे. समय का सही उपयोग किया तो यह दौर आपके करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है. मीन राशि वालों का व्यापार राशिफल मीन राशि वालों के लिए आज का दिन सफलता और तरक्की के नए अवसर लेकर आया है. व्यापार और नौकरी दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं. लंबे समय से अटके काम पूरे होने की संभावना है, जिससे मन प्रसन्न रहेगा. दोस्तों और सहयोगियों का अच्छा साथ मिलेगा, जो आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा. साझेदारी के कार्यों में लाभ के संकेत हैं. सूझबूझ और धैर्य के साथ लिया गया हर फैसला आज आपको नई उपलब्धि और आर्थिक फायदा दिला सकता है. मीन राशि वालों का स्वास्थ राशिफल मीन राशि के जातकों के लिए आज स्वास्थ्य के मामले में दिन थोड़ा कमजोर रह सकता है. शरीर में थकान और सुस्ती महसूस हो सकती है, जिससे दिनभर ऊर्जा की कमी बनी रहेगी. पुराने रोग फिर से परेशान कर सकते हैं, इसलिए लापरवाही नुकसानदायक हो सकती है. खानपान में गड़बड़ी से दिक्कत बढ़ सकती है. वही बच्चों की सेहत को लेकर भी चिंता बनी रह सकती है, इसलिए सतर्क रहना जरूरी रहेगा. मीन राशि वालों का आर्थिक राशिफल मीन राशि वालों के लिए आज का दिन आर्थिक रूप से शुभ संकेत लेकर आया है. आय और खर्च के बीच अच्छा संतुलन बना रहेगा, जिससे मन में सुकून और आत्मविश्वास बढ़ेगा. सोच-समझकर किए गए फैसले आगे चलकर लाभ दिला सकते हैं. अनावश्यक खर्चों से बचना आपके लिए फायदेमंद साबित होगा और बचत मजबूत होगी. धन संबंधी मामलों में सतर्कता और सही योजना सफलता का रास्ता खोल सकती है. आज आर्थिक स्थिरता के साथ भविष्य को सुरक्षित बनाने के अच्छे अवसर मिल सकते हैं. मीन राशि वालों का लव लाइफ राशिफलमीन राशि वालों के लिए आज प्रेम संबंधों में कुछ उलझनें और दूरी महसूस हो सकती है. छोटी-छोटी बातों पर मतभेद बढ़ने से रिश्तों में तनाव का माहौल बन सकता है. साथी के साथ बातचीत में सावधानी रखना जरूरी होगा, वरना गलतफहमियां गहरा सकती हैं. सिंगल लोगों को प्रेम में निराशा या इंतजार का सामना करना पड़ सकता है. वहीं शादीशुदा जीवन में तालमेल की कमी और भावनात्मक असंतुलन परेशान कर सकता है. धैर्य और समझदारी से काम लेना ही रिश्तों को संभालने का सबसे बेहतर उपाय साबित होगा. मीन राशि वाले जरूर करें यह उपाय आज आपके लिए लकी नंबर 1 रहेगा. यह अंक आपको सफलता और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करेगा. आज के दिन मीन राशि वाले जो धर्म-कर्म और दान-पुण्य में रुचि रखते हैं, उन्हें चाहिए कि आज देव गुरु ब्रहस्पति की आरधना करे. उसके बाद गरीबों में पिली वस्तु का दान करें, जिससे आज का दिन बेहतर हो सके. Source link

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पुणे के अस्पताल के बाहर मिला टाइमर वाला बम, 7 घंटे का...

Last Updated:May 13, 2026, 23:43 IST Pune Live Bomb Threat: पुणे के हडपसर में एक अस्पताल के बाहर 7 घंटे के टाइमर वाला जिंदा बम मिलने से सनसनी फैल गई. बम निरोधक दस्ते ने मौके पर पहुंचकर बम को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया और जांच शुरू की. AI से बनाई सांकेतिक तस्वीर Pune Bomb Alert: पुणे के हडपसर इलाके में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एक अस्पताल के पास जिंदा बम मिला. कामधेनु एस्टेट स्थित इस अस्पताल के बाहर संदिग्ध वस्तु दिखने से पूरे इलाके में दहशत फैल गई. इस बम की सबसे खतरनाक बात यह थी कि इसमें 7 घंटे का टाइमर लगा हुआ था. सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और बम निरोधक दस्ता (BDDS) मौके पर पहुंच गया. डॉग स्क्वाड की मदद से पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई ताकि किसी भी तरह की अनहोनी को टाला जा सके. पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत अस्पताल के आसपास के हिस्से को खाली कराया. शुरुआती जांच में पता चला है कि यह एक एक्टिव बम था जिसमें विस्फोटक सामग्री मौजूद थी. पुलिस को जैसे ही अस्पताल के पास बम होने की खबर मिली, वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए. बम निरोधक दस्ते ने सावधानी बरतते हुए उस संदिग्ध डिवाइस को अपने कब्जे में लिया. इसके बाद इसे अस्पताल से दूर एक सुरक्षित और सुनसान जगह पर ले जाया गया. जांच में सामने आया कि बम में लगा टाइमर एक्टिव था और वह फटने के लिए सेट किया गया था. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आखिर यह बम वहां कैसे पहुंचा. क्राइम ब्रांच की टीम सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपी का सुराग मिल सके. बम निरोधक दस्ते ने टाला बड़ा खतरा? BDDS की टीम ने मौके पर पहुंचकर बहुत ही सूझबूझ से काम लिया. उन्होंने सबसे पहले बम को डिफ्यूज करने की प्रक्रिया शुरू की और उसे सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया. गनीमत यह रही कि समय रहते इस डिवाइस का पता चल गया, वरना कोई बड़ा हादसा हो सकता था. फिलहाल पुणे पुलिस और क्राइम ब्रांच मिलकर इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रहे हैं. इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और लोगों से शांत रहने की अपील की गई है. अभी तक किसी भी संदिग्ध की गिरफ्तारी नहीं हुई है लेकिन जांच तेज कर दी गई है. About the Author दीपक वर्माDeputy News Editor दीपक वर्मा News18 हिंदी के डिजिटल न्यूजरूम में डिप्टी न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक से भी ज्यादा का अनुभव रखने वाले दीपक मुख्य रूप से विज्ञान, राजनीति और भारत के आंतरिक घ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Pune,Maharashtra Source link

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5 साल में 7वां बड़ा हादसा, बारामती में फिर क्रैश हुआ रेडबर्ड...

Redbird Aviation Plane Crash History: पायलट बनने का सपना लेकर उड़ान भरने वाले छात्रों की जिंदगी के साथ एविएशन अकादमियों में क्या खिलवाड़ हो रहा है? महाराष्ट्र के बारामती एयरपोर्ट के पास से आई एक खौफनाक खबर ने पूरे एविएशन सेक्टर में हड़कंप मचा दिया है. मंगलवार 13 मई को ‘रेडबर्ड फ्लाइट ट्रेनिंग एकेडमी’ (Redbird Flight Training Academy) का एक और ट्रेनिंग विमान हवा में अचानक धोखा दे गया. गनीमत यह रही कि इस खौफनाक स्थिति में छात्र पायलट ने गजब की सूझबूझ दिखाई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और उसकी जान बच गई. लेकिन इस क्रैश-लैंडिंग ने एकेडमी के विमानों की खस्ताहाल स्थिति और रखरखाव की पोल खोलकर रख दी है. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, रेडबर्ड एविएशन का Tecnam P2008JC विमान (पंजीकरण संख्या VT-RFY) मंगलवार को सोलो फ्लाइंग पर था. इस विमान को सिर्फ एक ट्रेनी छात्र उड़ा रहा था. शुरुआत में सब कुछ एकदम सामान्य था. पायलट ने विमान का पहला सर्किट और लैंडिंग सफलता पूर्वक पूरी की. लेकिन जैसे ही उसने दूसरे सर्किट के लिए टेकऑफ किया, आसमान में ही विमान में तकनीकी गड़बड़ी पैदा हो गई. सुरक्षित लैंडिग हो गया खतरे को भांपते हुए छात्र पायलट ने घबराने के बजाय तुरंत एहतियाती कदम उठाया और बारामती एयरपोर्ट के पास स्थित गोजुबावी इलाके के एक खुले मैदान में विमान की इमरजेंसी (फोर्स) लैंडिंग करा दी. जमीन पर उतरते समय विमान का ढांचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि छात्र पायलट पूरी तरह से सुरक्षित है और उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई है. DGCA ने शुरू की जांच, उठ रहे गंभीर सवाल घटना की गंभीरता को देखते हुए DGCA ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया है और आधिकारिक जांच शुरू कर दी है. एविएशन रेगुलेटर की टीम इस बात की बारीकी से पड़ताल कर रही है कि विमान में अचानक क्या तकनीकी खराबी आई और क्या उड़ान भरने से पहले इसके मेंटेनेंस में कोई बड़ी लापरवाही बरती गई थी. रेडबर्ड एविएशन का खौफनाक ट्रैक रिकॉर्ड बारामती की यह घटना कोई इत्तेफाक नहीं है, बल्कि एक बेहद डराने वाले पैटर्न का हिस्सा है. अगर रेडबर्ड फ्लाइट ट्रेनिंग एकेडमी के पिछले ट्रैक रिकॉर्ड पर नजर डालें, तो आंकड़े रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं. 2021 से लेकर अब तक इस एकेडमी के विमानों के साथ यह सातवीं दुर्घटना या गंभीर घटना है. बार-बार हवा में इंजन बंद होना और विमान का क्रैश होना प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है: 20 सितंबर 2021 (बारामती): Tecnam P2008JC (VT-RBE) विमान एकल लैंडिंग अभ्यास के दौरान नियंत्रण खोने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हुआ. 19 अक्टूबर 2023 (बारामती): इसी मॉडल के विमान (VT-RBC) का टेकऑफ के तुरंत बाद इंजन फेल हुआ और क्रैश-लैंडिंग हुई. 22 अक्टूबर 2023 (बारामती): मात्र तीन दिन बाद एक और विमान (VT-RBT) इंजन फेल होने के कारण गोजुबावी गांव के पास क्रैश होकर पलट गया. अगस्त 2025 (बारामती): टचडाउन के दौरान तकनीकी खराबी के चलते रेडबर्ड के एक ट्रेनर विमान की फिर क्रैश-लैंडिंग हुई. दिसंबर 2025 (मध्य प्रदेश): सुकतारा में नियंत्रण खोने के बाद Tecnam P-Mentor (VT-RFO) बिजली की तारों से टकराकर बुरी तरह क्रैश हुआ. फरवरी 2026 (विजयपुरा): कथित तौर पर ‘ईंधन की कमी’ के कारण Cessna 172 (VT-EUC) को खुले मैदान में क्रैश-लैंड करना पड़ा. 13 मई 2026 (बारामती): और अब फिर से Tecnam P2008JC (VT-RFY) की क्रैश-लैंडिंग. हाल ही में महाराष्ट्र के बारामती में किस एविएशन एकेडमी का विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ है? महाराष्ट्र के बारामती में ‘रेडबर्ड फ्लाइट ट्रेनिंग एकेडमी’ (Redbird Flight Training Academy) का एक टू-सीटर ट्रेनिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ है. इस ट्रेनिंग विमान को इमरजेंसी लैंडिंग क्यों करानी पड़ी? विमान में सोलो फ्लाइंग (एकल उड़ान) के दूसरे सर्किट के दौरान अचानक तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसके कारण छात्र पायलट को खुले मैदान में फोर्स लैंडिंग करानी पड़ी. साल 2021 से लेकर अब तक रेडबर्ड एविएशन के विमान कितनी बार हादसों का शिकार हो चुके हैं? रिकॉर्ड्स के अनुसार, साल 2021 से लेकर 13 मई 2026 तक रेडबर्ड एविएशन के प्रशिक्षण विमानों से जुड़ी कम-से-कम 7 दुर्घटनाएं और गंभीर घटनाएं सामने आ चुकी हैं. इस विमान हादसे की जांच कौन सी सरकारी एजेंसी कर रही है? इस विमान क्रैश लैंडिंग की आधिकारिक जांच नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा की जा रही है, जो विमान में आई खराबी के कारणों का पता लगा रही है. Source link

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गर्जना सुन थम गई ट्रेन! लोको पायलट ने बचाई 6 शेरों की...

होमवीडियोदेश गर्जना सुन थम गई ट्रेन! लोको पायलट ने बचाई 6 शेरों की जान, सामने आया रोमांचक VIDEO X गर्जना सुन थम गई ट्रेन! लोको पायलट ने बचाई 6 शेरों की जान, सामने आया रोमांचक VIDEO   गुजरात के भावनगर मंडल में लोको पायलटों की सतर्कता से छह एशियाई शेरों की जान बच गई. जूनागढ़-विसावदर के पास ट्रेन संख्या 52946 गुजर रही थी, तभी रेलवे ट्रैक पर शेरों का झुंड दिखाई दिया. खतरा भांपते ही लोको पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी. इसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई. ट्रैकर्स की मदद से शेरों को सुरक्षित ट्रैक से हटाया गया, तब जाकर ट्रेन आगे रवाना हुई. पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया .। रेलवे और वन विभाग के बेहतर तालमेल से पिछले तीन साल में 299 से ज्यादा शेरों की जान बचाई जा चुकी है. Source link

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