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Supreme court| CJI Suryakant| जाति जनगणना का हो सकता है दुरुपयोग, याचिका...


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जाति जनगणना न हो, याचिका पर CJI सूर्यकांत बोले, दखल की जरूरत नहीं

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सुप्रीम कोर्ट ने जाति आधारित जनगणना रोकने की याचिका खारिज कर दी है. CJI सूर्यकांत ने याच‍िका की सुनवाई के दौरान कहा क‍ि यह सरकार का नीतिगत फैसला है. पिछड़ी जातियों के आंकड़े कल्याण के लिए जरूरी हैं.

जाति जनगणना न हो, याचिका पर CJI सूर्यकांत बोले, दखल की जरूरत नहींZoom

जात‍ि आधारि‍त जनगणना के ख‍िलाफ सुप्रीम कोर्ट में याच‍िका को सीजेआई सूर्यकांत ने खार‍िज कर द‍िया.

Supreme Court News: सुप्रीम कोट जातिगत जनगणना के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया है. अदालत ने कहा कि यह सरकार का नीतिगत फैसला है और इसमें हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में मांग की गई थी कि आगामी जनगणना में जाति आधारित गणना को शामिल न किया जाए, क्योंकि इसका “दुरुपयोग” हो सकता है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया और सीजेआई सूर्यकांत ने एक अहम टिप्पणी की.

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने कहा कि सरकार को यह जानना जरूरी है कि पिछड़ी जातियों में कितने लोग हैं, ताकि उनके कल्याण (के लिए योजनाएं बनाई जा सकें.

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि कि जनगणना जाति आधारित हो या नहीं, यह पूरी तरह सरकार का नीतिगत मामला है. अदालत को इसमें दखल देने की जरूरत नहीं दिखती. इसलिए जनहित याचिका (PIL) को खारिज किया जाता है.

बता दें कि भारत में करीब 15 साल बाद एक अप्रैल से जनगणना 2027 की प्रक्रिया शुरू हो गई है. सरकारी स्कूलों के शिक्षक गांव-गांव जाकर जनगणना कर रहे हैं. इससे पहले 2011 में देश में जनगणना हुई थी. आमतौर पर देश में हर 10 साल पर जनगणना कराने की परंपरा रही है लेकिन 2020-2021 में कोरोना महामारी की वजह से इसे टाल दिया गया था. उसके बाद जनगणना में जाति के मसले को शामिल करने पर विवाद के कारण इसमें देरी हुई. अब इस बार की जनगणना में जाति को भी शामिल किया गया है. जनगणना की पूरी प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी. अंतिम रिपोर्ट 2027 में जारी होगी. इस कारण इसे जनगणना-2027 कहा जा रहा है.

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प्रिया गौतमSenior Correspondent

Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें



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