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Tamil Nadu News: तमिलनाडु में AIADMK के 21 बागी विधायकों को बड़ी राहत मिल गई है. विधानसभा में विजय की TVK सरकार के समर्थन में वोट देने वाले इन विधायकों के खिलाफ अब दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई नहीं होगी. स्पीकर जेसीडी प्रभाकर ने बताया कि AIADMK प्रमुख एडप्पादी पलानीस्वामी द्वारा शिकायत वापस लेने के बाद यह फैसला लिया गया. हालांकि TVK में शामिल होने वाले चार पूर्व विधायकों पर कार्रवाई की प्रक्रिया जारी रहेगी. इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि क्या अब थलापति विजय की सरकार पूरी तरह सुरक्षित हो गई है. तमिलनाडु की राजनीति में यह फैसला बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है.
तमिलनाडु में AIADMK के 21 बागी विधायकों पर कार्रवाई टली.
Tamil Nadu TVK Government: तमिलनाडु की राजनीति में इस वक्त सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अभिनेता विजय की अगुवाई वाली TVK सरकार अब पूरी तरह सुरक्षित हो गई है? जिस बगावत ने AIADMK को अंदर तक हिला दिया था, वही अब थलापति विजय के लिए सबसे बड़ा राजनीतिक कवच बनती दिख रही है. विधानसभा में विश्वास मत के दौरान पार्टी व्हिप के खिलाफ जाकर 21 AIADMK विधायकों ने विजय सरकार का समर्थन किया था. उस वक्त माना जा रहा था कि इन विधायकों पर दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई होगी और कई सीटें खाली हो सकती हैं. लेकिन अब तस्वीर बदल गई है. AIADMK प्रमुख एडप्पादी पलानीस्वामी ने खुद स्पीकर को पत्र भेजकर शिकायत वापस ले ली, जिसके बाद 21 बागी विधायकों को बड़ी राहत मिल गई. इस फैसले ने तमिलनाडु की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है और यह संकेत भी दे दिया कि फिलहाल विजय सरकार को गिराना आसान नहीं होगा.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को सिर्फ कानूनी राहत नहीं, बल्कि रणनीतिक समझौते के रूप में भी देखा जा रहा है. क्योंकि जिन नेताओं ने विजय सरकार को बचाया, उनमें AIADMK के कई बड़े चेहरे शामिल हैं. सी वे शन्मुगम, एस पी वेलुमणि और सी विजयभास्कर जैसे नेताओं का खुलकर TVK के पक्ष में जाना AIADMK नेतृत्व के लिए बड़ा झटका था. हालांकि अब पार्टी नेतृत्व ने सख्त कार्रवाई से पीछे हटकर यह संदेश दिया है कि वह और टूट-फूट नहीं चाहता. दूसरी तरफ चार ऐसे विधायक, जिन्होंने इस्तीफा देकर TVK जॉइन किया, अभी भी कार्रवाई के घेरे में हैं. ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या यह फैसला आने वाले दिनों में तमिलनाडु की सियासत का नया समीकरण तय करेगा?
जहां 21 विधायकों को राहत मिल गई, वहीं चार पूर्व AIADMK विधायक अभी भी कार्रवाई के घेरे में हैं.
स्पीकर के फैसले ने बदल दिया पूरा राजनीतिक खेल
- तमिलनाडु विधानसभा स्पीकर जेसीडी प्रभाकर ने साफ कहा है कि 21 AIADMK विधायकों के खिलाफ कोई अयोग्यता कार्रवाई नहीं की जाएगी. उन्होंने बताया कि AIADMK नेतृत्व की ओर से शिकायत वापस लेने के बाद यह फैसला लिया गया. स्पीकर ने संविधान की दसवीं अनुसूची का हवाला देते हुए कहा कि कानूनी प्रक्रिया और पार्टी के रुख को देखते हुए कार्रवाई बंद की गई है.
- विश्वास मत के दौरान इन विधायकों ने पार्टी व्हिप का उल्लंघन करते हुए TVK सरकार का समर्थन किया था. इसके बाद माना जा रहा था कि इनकी सदस्यता जा सकती है. लेकिन अब राहत मिलने के बाद विजय सरकार की स्थिति पहले से ज्यादा मजबूत मानी जा रही है.
- स्पीकर ने यह भी स्पष्ट किया कि विश्वास मत के दौरान 25 बागी विधायकों द्वारा दिया गया समर्थन पूरी तरह वैध माना जाएगा. यानी भविष्य में अगर किसी पर कार्रवाई होती भी है, तब भी विश्वास मत का परिणाम प्रभावित नहीं होगा. यही वजह है कि राजनीतिक विश्लेषक इसे विजय सरकार के लिए बड़ी राहत मान रहे हैं.
- AIADMK के अंदर भी इस फैसले को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है. कुछ नेता मानते हैं कि पार्टी टूटने से बचाने के लिए यह कदम जरूरी था, जबकि कई कार्यकर्ता इसे “समर्पण” की तरह देख रहे हैं. पार्टी नेतृत्व फिलहाल खुलकर विवाद बढ़ाने से बच रहा है.
चार पूर्व विधायकों पर अभी भी खतरा बरकरार
जहां 21 विधायकों को राहत मिल गई, वहीं चार पूर्व AIADMK विधायक अभी भी कार्रवाई के घेरे में हैं. इनमें मरगथम कुमारवेल, पी सत्यभामा, एस जयकुमार और एसाक्की सुबाया शामिल हैं. इन नेताओं ने पहले विधानसभा से इस्तीफा दिया और बाद में TVK में शामिल हो गए.
स्पीकर ने कहा कि इनके खिलाफ प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और कानूनी जांच के बाद ही फैसला लिया जाएगा. यानी आने वाले दिनों में इन नेताओं की सदस्यता और राजनीतिक भविष्य पर बड़ा असर पड़ सकता है. विपक्ष इसे ‘चुनिंदा कार्रवाई’ बता रहा है.
क्या अब सुरक्षित हो गई विजय सरकार?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि फिलहाल विजय सरकार को कोई बड़ा खतरा नहीं दिख रहा. विश्वास मत पार करने के बाद अब बागी विधायकों को राहत मिलना सरकार के लिए मजबूत संकेत है. इससे यह भी साफ हो गया कि विधानसभा में TVK के समर्थन का आंकड़ा स्थिर बना रहेगा.
हालांकि तमिलनाडु की राजनीति में समीकरण तेजी से बदलते हैं. AIADMK के अंदर असंतोष और TVK के बढ़ते प्रभाव के बीच आने वाले महीनों में नई राजनीतिक हलचल देखने को मिल सकती है. लेकिन मौजूदा हालात में थलापति विजय की सरकार पहले से ज्यादा मजबूत नजर आ रही है.
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सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 4 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…और पढ़ें