रांची21 घंटे पहले
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रांची| प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने सोमवार को कहा कि 1000 नियुक्ति के ढोल से 50 हजार रिक्त पदों का सच नहीं छिपेगा। 2% भर्ती का उत्सव मनाया जा रहा, जबकि 98% रिक्तियों पर सरकार मौन है।
यह उपलब्धि नहीं, बल्कि सरकार की विफलता का प्रमाण है। ऐसे में सरकार को जश्न मनाने के बजाय यह बताना चाहिए कि लाखों बच्चों के भविष्य से आखिर कब तक खिलवाड़ होता रहेगा। सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय फोटो सेशन और प्रचार की राजनीति कर रही है। सरकार की प्राथमिकता शिक्षा नहीं, केवल प्रचार है। आज भी राज्य के हजारों सरकारी विद्यालय प्रभारी प्रधानाचार्यों के भरोसे संचालित हो रहे हैं, क्योंकि प्रधानाचार्यों के हजारों पद रिक्त हैं।
नियमित प्रधानाचार्य की नियुक्ति वर्षों से लंबित है और पूरा शिक्षा तंत्र अस्थायी व्यवस्था पर टिका हुआ है। एक ओर सरकार शिक्षकों की भारी कमी दूर नहीं कर पा रही है, दूसरी ओर उपलब्ध शिक्षकों को भी गैर शैक्षणिक कार्यों में लगाया जाता रहा है। जब शिक्षक चुनावी और प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त रहेंगे तो बच्चों को पढ़ाएगा कौन?
प्रतुल ने कहा कि झारखंड में शिक्षक- छात्र का अनुपात भी बहुत दयनीय स्थिति पर है। जहां राष्ट्रीय स्तर पर सरकारी स्कूलों में प्रत्येक 24 बच्चों पर एक शिक्षक है। वही झारखंड में यह संख्या 34% बढ़कर 36 छात्रों पर एक शिक्षक की हो जाती है। भारतीय जनता पार्टी राज्य के प्रत्येक बच्चे के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अधिकार के लिए संघर्ष करती रहेगी।
