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Black Clothes vs Black Umbrella Summer: ब्लैक टीशर्ट पहनना अपने आप में गर्मी को सोखने के बराबर है. लेकिन दूसरी तरफ जब धूप से बचने की बात आती है तो बाजार में सबसे ज्यादा काले रंग के छाते नजर आते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर ब्लैक रंग गर्मी बढ़ाता है तो फिर छाता काला क्यों बनाया जाता है?
पटना: गर्मी शुरू होते ही अक्सर लोगों को सलाह दी जाती है कि काले रंग के कपड़े पहनने से बचें, क्योंकि ब्लैक रंग ज्यादा गर्मी सोखता है. नौतपा में तो धूप बहुत तेज होती है. ऐसे में ब्लैक टीशर्ट पहनना अपने आप में गर्मी को सोखने के बराबर है. लेकिन दूसरी तरफ जब धूप से बचने की बात आती है तो बाजार में सबसे ज्यादा काले रंग के छाते नजर आते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर ब्लैक रंग गर्मी बढ़ाता है तो फिर छाता काला क्यों बनाया जाता है? इस सवाल का जवाब खोजने के लिए लोकल 18 ने पटना साइंस कॉलेज के अस्सिटेंट प्रोफेसर डॉ. अखिलेश कुमार ने बातचीत की. उन्होंने बताया कि इस सवाल का जवाब साइंस में छिपा है. ब्लैक टीशर्ट और ब्लैक छाते का काम अलग-अलग होता है, इसलिए दोनों का असर भी अलग होता है.
आखिर क्या है इसके पीछे का साइंस
प्रोफेसर डॉ. अखिलेश कुमार ने बताया कि काला रंग सूरज की रोशनी और अल्ट्रावॉयलेट किरणों को सबसे ज्यादा अवशोषित करता है. जब कोई व्यक्ति ब्लैक टीशर्ट पहनता है तो कपड़ा शरीर से सटा होता है. ऐसे में सूरज की गर्मी सीधे कपड़े से शरीर तक पहुंचती है और इंसान को ज्यादा गर्मी महसूस होती है. लेकिन छाते के मामले में स्थिति अलग होती है काला छाता धूप और यूवी किरणों को खुद सोख लेता है और उन्हें सीधे शरीर तक पहुंचने नहीं देता. चूंकि छाता सिर से कुछ दूरी पर होता है, इसलिए उसकी सतह पर जमा गर्मी सीधे शरीर को प्रभावित नहीं कर पाती. यही वजह है कि काला छाता धूप रोकने में ज्यादा असरदार माना जाता है.
काला छाता ज्यादा कारगर
डॉ. अखिलेश कुमार आगी बताते हैं कि काले रंग का छाता हल्के रंग के मुकाबले ज्यादा यूवी प्रोटेक्शन देता है. हमारे शरीर से कुछ फिट की ऊंचाई पर होता है. इसीलिए हमलोगों को गर्मी महसूस नहीं होने देता जबकि टीशर्ट हमारे शरीर से बिल्कुल सटा हुआ है. यही वजह है कि चिलचिलाती धूप में लोग भले ही ब्लैक टीशर्ट पहनने से बचें, लेकिन काले छाते को सबसे भरोसेमंद साथी मानते हैं.
हल्के रंग और कॉटन फैब्रिक बेस्ट
एक्सपर्ट के मुताबिक भीषण गर्मी में हल्के रंग और कॉटन के कपड़े सबसे बेहतर माने जाते हैं. कॉटन का फैब्रिक शरीर से निकलने वाले पसीने को आसानी से सोख लेता है. इससे त्वचा पर चिपचिपाहट कम होती है. वहीं जब हल्की हवा चलती है तो पसीना जल्दी सूखता है और शरीर को ठंडक महसूस होती है. इसके अलावा सफेद, क्रीम या अन्य हल्के रंग के कपड़े सूरज की किरणों को काफी हद तक रिफ्लेक्ट कर देते हैं. इससे शरीर कम गर्म होता है और तेज धूप में भी राहत मिलती है. यही कारण है कि गर्मियों में लोग लाइट कलर और सूती कपड़ों को ज्यादा प्राथमिकता देते हैं.
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मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें