भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

Author name: scsmdos@gmail.com

ताज़ा खबर

23 साल की याशिका ने सिकल सेल बीमारी को दी मात, दिल्ली...

Last Updated:June 19, 2026, 03:15 IST डॉ. गौरव खार्या ने बताया कि इस बीमारी में कम से कम 100 दिन तक ट्रांसप्लांट के बाद भी मरीज की मॉनिटरिंग की जाती है. 100 दिन बाद माना जाता है कि अब मरीज स्वस्थ है. बोन मैरो ट्रांसप्लांट के बाद सिकल सेल डिसीज दोबारा होने की संभावना कम हो जाती है, क्योंकि इसमें डीएनए बदल देते हैं और मरीज का पूरा इम्यूनिटी सिस्टम ही बदल जाता है. एक नया इम्यूनिटी सिस्टम…. ख़बरें फटाफट नई दिल्ली/अंजलि सिंह राजपूत: मध्य प्रदेश के भोपाल की रहने वाली 23 साल की याशिका पाटिल 10 साल की उम्र से सिकल सेल बीमारी से जूझ रही थी जिस वजह से उनका स्कूल बुरी तरह प्रभावित हुआ. शरीर में असहनीय दर्द ने उनके पूरे जीवन को जैसे मानो थाम सा दिया था. बार-बार अस्पताल में भर्ती होना पड़ रहा था. समझ में नहीं आ रहा था कि क्या बीमारी है. इसी तरह याशिका 22 साल की हो गई और उनकी मुलाकात हुई डॉक्टर गौरव खार्या से जोकि दिल्ली के अपोलो इंद्रप्रस्थ हॉस्पिटल में पीडियाट्रिक हेमेटोलॉजी, ऑन्कोलॉजी और इम्यूनोलॉजी के सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर हैं और सेंटर फॉर बोन मैरो ट्रांसप्लांट एंड सेल्यूलर थेरेपी के क्लीनिकल लीडर हैं. डॉक्टर ने याशिका पाटिल को बताया कि उन्हें एक बेहद गंभीर बीमारी है, जिसे सिकल सेल डिजीज कहते हैं. इसमें बोन मैरो ट्रांसप्लांट करना पड़ता है जिसके लिए डोनर की जरूरत पड़ती है. ऐसे में याशिका के माता-पिता ने याशिका के भाई को डोनर के रूप में पेश किया और फिलहाल याशिका का सफल बोन मैरो ट्रांसप्लांट हुआ. अब याशिका पूरी तरह से स्वस्थ हैं और एक फाइटर बनकर उभरी हैं. 216 सफल बोन मैरो ट्रांसप्लांट हुएडॉ. गौरव खार्या ने बताया कि इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल ने लगभग 216 सिकल सेल डिजीज के बोन मैरो ट्रांसप्लांट किए हैं. सभी सफल रहे हैं. यह बीमारी जेनेटिक है और माता-पिता से ही बच्चों में होती है. इस बीमारी में रेड ब्लड सेल की संरचना और काम में जब गड़बड़ी पैदा हो जाती है तब यह बीमारी होती है. इसकी वजह से शरीर में खून की कमी, बार-बार दर्द होना, अंगों का खराब होना, स्ट्रोक और आयु घटना जैसा खतरा बढ़ जाता है. यह बीमारी भारत में मध्य, पश्चिमी और आदिवासी इलाकों में के साथ-साथ मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, गुजरात, उड़ीसा और राजस्थान राज्यों में ज्यादा देखने के लिए मिलती है. उन्होंने बताया कि भारत में लगभग 13% लोग या बच्चे इससे प्रभावित हैं. विदेश की बात करें तो अफ्रीका और उससे जुड़े हुए युगांडा, नाइजीरिया और केन्या जैसे देश बहुत प्रभावित हैं. हाल ही में उन्होंने अफ्रीका से अपोलो इंद्रप्रस्थ आए हुए बच्चों का बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया है, जिसमें एक 32 साल की महिला भी शामिल है. ट्रांसप्लांट के बाद दोबारा नहीं होती यह बीमारीडॉ. गौरव खार्या ने बताया कि इस बीमारी में कम से कम 100 दिन तक ट्रांसप्लांट के बाद भी मरीज की मॉनिटरिंग की जाती है. 100 दिन बाद माना जाता है कि अब मरीज स्वस्थ है. बोन मैरो ट्रांसप्लांट के बाद सिकल सेल डिसीज दोबारा होने की संभावना कम हो जाती है, क्योंकि इसमें डीएनए बदल देते हैं और मरीज का पूरा इम्यूनिटी सिस्टम ही बदल जाता है. एक नया इम्यूनिटी सिस्टम शरीर में विकसित हो जाता है. उन्होंने बताया कि बिना डोनर के अभी संभव नहीं है. उन्होंने बताया कि भारत में लगभग सिकल सेल बोन मैरो ट्रांसप्लांट में 15 से 50 लाख रुपए तक का खर्चा आता है. आपको बता दें कि अपोलो इंद्रप्रस्थ अस्पताल ने यह जानकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी है, जिसमें देश के जाने माने मशहूर डॉक्टर डॉ. बिपिन पुरी भी मौजूद रहे. आपको बता दें कि डॉक्टर डॉ. बिपिन पुरी लखनऊ किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर भी रह चुके हैं. About the Author Rajneesh Singh जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

झारखंड

यूट्यूब से सीखी खेती, अब 5 हजार लगाकर 50 दिन में लाखों...

होमताजा खबरकृषि यूट्यूब से सीखी खेती, अब 5 हजार लगाकर 50 दिन में लाखों कमा रहे बोकारो के मनोज Last Updated:June 18, 2026, 08:08 IST Bokaro Farmer Earning Well With Ridge Gourd: बोकारो के काशीझरिया गांव के किसान मनोज गोस्वामी मचान विधि से नेनुआ उगा रहे हैं और बढ़िया कमाई कर रहे हैं. उनका कहना है कि उन्होंने 5 हजार की लागत से 1.5 से 1.75 लाख तक कमाए हैं. अब आसपास के किसान उनसे सीखने आते हैं. ख़बरें फटाफट बोकारो. बोकारो जिले के चास प्रखंड के काशीझरिया गांव में किसान मनोज गोस्वामी एक अनोखी तकनीक से खेती कर रहे हैं. महज 5,000 रुपये की लागत में ‘मचान विधि’ से नेनुआ की खेती कर वह लाखों कमा रहे हैं और अब गांव के दूसरे किसानों के लिए भी प्रेरणा बन गए हैं. खास बातचीत में किसान मनोज गोस्वामी ने बताया कि वह बीते 15 सालों से खेती कर रहे हैं और गांव के दूसरे किसानों और यूट्यूब से प्रेरित होकर उन्होंने आधुनिक तरीके से खेती शुरू की. हालांकि शुरुआत में मचान विधि अपनाने में उन्हें थोड़ा डर लगा था कि कहीं पैसे न डूब जाएं. लेकिन पहली ही बार में उन्हें बेहतर उत्पादन और नतीजे देखने को मिले, जिसके बाद से वह लगातार मचान विधि से अच्छी कमाई कर रहे हैं. 45 से 50 दिन में तैयार हो जाती है फसलआगे मनोज ने बताया कि मई महीने में नेनुआ की बुवाई की थी और यह फसल 45 से 50 दिनों में तैयार हो जाती है. हालांकि, 60 डिसमिल (करीब एक बीघा) क्षेत्र में खेती करने में उन्हें लगभग 5 हजार रुपये तक की लागत आई, क्योंकि मचान तैयार करने के लिए जरूरी बांस उनके पास पहले से ही उपलब्ध थे. तैयार फसल, यहां बेचते हैंवहीं, उनका अनुभव है कि 60 डिसमिल जमीन से करीब 50 क्विंटल या उससे अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है और वर्तमान में बाजार में नेनुआ 30 से 35 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है. इस हिसाब से किसान लगभग 1.5 से 1.75 लाख रुपये तक की आमदनी हासिल कर सकते हैं. वहीं, वह अपनी तैयार फसल को पिंडराजोड़ा हाट में बिक्री करते हैं. कम लागत में अधिक मुनाफाआखिर में किसान मनोज ने किसानों को सलाह देते हुए बताया कि बरसात के मौसम में इस फसल पर कीट और रोगों का खतरा बढ़ जाता है. खासतौर पर पत्तों में वायरस संक्रमण और झुलसा रोग की समस्या देखने को मिलती है. ऐसे में समय पर जैविक कीटनाशकों और उचित प्रबंधन के जरिए फसल को सुरक्षित रखा जा सकता है और सही तकनीक और देखभाल के साथ नेनुआ की खेती से कम लागत में अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bokaro,Jharkhand Source link

झारखंड

मरीज बाहर से खरीद रहे दवा:रिम्स के मेडिसिन स्टोर में चूहे दवाएं...

राज्य के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान रिम्स में चूहों का आतंक अब मेडिसिन स्टोर तक पहुंच गया है। अस्पताल परिसर से सामने आई तस्वीरों में चूहों द्वारा दवाओं और स्लाइन की प्लास्टिक बोतल को नुकसान पहुंचाने के संकेत मिले हैं। इससे दवाओं के सुरक्षित भंडारण और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विडंबना यह है कि एक ओर रिम्स प्रबंधन लगातार आवश्यक दवाएं, स्लाइन और चिकित्सा सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होने का दावा करता है, वहीं मरीजों को बाहर से जरूरी सामान खरीदना पड़ रहा है। तीन घंटे की पड़ताल में सामने आई हकीकत दैनिक भास्कर ने बुधवार को रिम्स परिसर के आसपास स्थित दवा दुकानों पर करीब तीन घंटे तक पड़ताल की। इस दौरान करीब 60 मरीजों के परिजन एनएस व आरएल की बोतलें खरीदते नजर आए। इसके अलावा 45 से अधिक लोगों ने आईवी सेट खरीदे, जबकि 100 से ज्यादा मरीजों के परिजनों ने विभिन्न प्रकार की दवाएं बाहर से खरीदीं। परिजनों का कहना था कि इमरजेंसी और वार्डों में भर्ती मरीजों के लिए कई बार स्लाइन, आईवी सेट व दवाएं बाहर से लाने को कहा जाता है। Source link

झारखंड

मानसून पूर्व मेंटेनेंस को लेकर आज ग्रामीण क्षेत्रों में 2 घंटे बंद...

मानसून से पहले बिजली नेटवर्क को दुरुस्त करने के लिए झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) गुरुवार को रांची पूर्वी विद्युत आपूर्ति प्रमंडल क्षेत्र में 33/11 केवी लाइनों की मेंटेनेंस और पेड़ों की छंटाई करेगा। इसके लिए सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक दो घंटे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। बरसात के दौरान बिजली आपूर्ति में व्यवधान कम करने और फॉल्ट की घटनाओं को रोकने के लिए यह कार्य किया जा रहा है। इन फीडरों की बिजली रहेगी बंद इन इलाकों पर पड़ेगा असर : सिदरौल, टंगरटोली, प्रेस कॉलोनी, चटाकपुर, चायबागान, बरगांवा, किशोर नगर, तुपुदाना, बेड़वारी, हेसल, बूटी, आनंद विहार, सुख शांति नगर, आयना रोड, पाहनटोली, जशपुर, भुसूर, दतमा, सुंडी समेत राहे और सोनाहातू प्रखंड के कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। शहर के कई फीडर भी डेढ़ घंटे बंद रहेंगे पेड़ों की छंटाई के कारण 11 केवी अयोध्यापुरी फीडर सुबह 10 बजे से 11:30 बजे तक बंद रहेगा। इसके कारण न्यू नगर, दीपाटोली, इमामकोठी, अयोध्यापुरी, ढेलाटोली, सरना टोली, महावीर नगर क्षेत्र में डेढ़ घंटे बिजली नहीं रहेगी। 11 केवी नामकुम स्टेशन फीडर फीडर 10 बजे से 11.30 शाम बजे तक बंद रहेगा। जिससे जोरार, तेतरी टोली, नामकुम स्टेशन एवं आस पास के क्षेत्रों में डेढ़ घंटे बिजली नहीं रहेगी। 11 केवी कांके चांदनी चौक फीडर सुबह सात बजे से 8.30 बजे तक बंद रहेगा। गांधी नगर, सीसीएल कॉलोनी, धावन नगर, शास्त्री नगर, चंदवे, सर्वोदय नगर, झिगरा टोली, विद्यापति नगर, बालाजी नगर, उदय नगर व आसपास के क्षेत्रों में सुबह के 07:00 बजे से 08:30 बजे तक बिजली नहीं रहेगी। सुबह 8:30 बजे से सुबह 10 बजे तक 11 केवी एचएसएल में भी मेंटेनेंस एवं डाली की छंटाई का कार्य कराया जाएगा। Source link

ताज़ा खबर

Amarnath Yatra: बाबा बर्फानी के लिए अभेद्य सुरक्षा चक्र, अमरनाथ यात्रा पर...

होमताजा खबरदेश बाबा बर्फानी के लिए अभेद्य सुरक्षा चक्र, ड्रोन और हेलीकॉप्टर से रखी जाएगी नजर Last Updated:June 19, 2026, 03:01 IST पवित्र अमरनाथ गुफा स्थित बाबा बर्फानी के अलौकिक दर्शन के लिए हर वर्ष देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालु कश्मीर पहुंचते हैं. इस बार यात्रा की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और अन्य केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ चुकी हैं. अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के लिए सेना ने काफी बंदोबस्त किए हैं. (फाइल फोटो) श्रीनगर. अमरनाथ यात्रा 2026 के आगामी शुरू होने से पहले भारतीय सेना ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं. भारतीय सेना के उत्तरी कमान के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर गुरुवार को जारी एक पोस्ट के अनुसार, उत्तरी कमान के सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने दक्षिणी रूट की तैयारियों का जायजा लेने के लिए पहलगाम और चंदनवाड़ी का दौरा किया. लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने यात्रा मार्ग पर सुरक्षा स्थिति का विस्तृत आकलन किया और ऑपरेशनल तैयारियों की समीक्षा की. उन्होंने मौके पर तैनात अधिकारियों के साथ सुरक्षा प्रबंधनों, मौसम संबंधी चुनौतियों और तीर्थयात्रियों की सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की. सेना के बयान में कहा गया है, “श्री अमरनाथ यात्रा 2026 शुरू होने से पहले लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने सुरक्षा स्थिति का जायजा लेने और दक्षिणी रास्ते पर ऑपरेशनल तैयारियों का आकलन करने के लिए पहलगाम और चंदनवाड़ी का दौरा किया. इंडियन आर्मी सभी संबंधित पक्षों के साथ बेहतर तालमेल, सतर्क सुरक्षा उपायों और पूरी तैयारियों के जरिए सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है.” अमरनाथ गुफा स्थित बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए हर वर्ष लाखों श्रद्धालु कश्मीर पहुंचते हैं. इस बार यात्रा की सुरक्षा को लेकर सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं. दक्षिणी रूट (पहलगाम-चंदनवाड़ी-शेषनाग-पंजतरणी) के अलावा उत्तरी रूट (सोनमर्ग-बालटाल) पर भी तैयारियां जोरों पर चल रही हैं. सेना ने यात्रा मार्ग पर चौकसी बढ़ा दी गई है. ड्रोन निगरानी, हेलीकॉप्टर सर्विलांस और स्नाइपर टीमें तैनात की जा रही हैं. साथ ही, स्वास्थ्य सुविधाएं, ऑक्सीजन कैंप, रेस्क्यू टीमें और मौसम पूर्वानुमान की व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा रहा है. पिछले वर्षों में हुई घटनाओं को ध्यान में रखते हुए इस बार खास सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं. उत्तरी कमान के इस दौरे को यात्रा शुरू होने से पहले सुरक्षा तैयारियों को अंतिम रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Srinagar,Jammu and Kashmir Source link

झारखंड

गर्मी में पेट रहेगा बिल्कुल दुरुस्त, एक बार ट्राई करें झारखंड का...

Last Updated:June 18, 2026, 15:54 IST कद्दू में भरपूर मात्रा में पानी, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. गर्म मौसम में शरीर में पानी की कमी को पूरा करने में यह मददगार माना जाता है. वहीं जीरा अपने पाचन गुणों के लिए जाना जाता है. यह भोजन को आसानी से पचाने में सहायता करता है. जब इन दोनों का मेल होता है तो एक ऐसी स्वादिष्ट सब्जी तैयार होती है जो खाने में लाजवाब और बनाने में बेहद आसान होती है. जमशेदपुर: गर्मियों के मौसम में गैस, एसिडिटी, अपच और पेट में जलन जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. ऐसे में खानपान पर विशेष ध्यान देना जरूरी होता है. झारखंड के ग्रामीण इलाकों में आज भी एक पारंपरिक व्यंजन बड़े चाव से बनाया और खाया जाता है, जिसे ‘जीरा वाला कद्दू’ कहा जाता है. कम मसालों में तैयार होने वाली यह सब्जी न केवल स्वादिष्ट होती है, बल्कि पेट के लिए भी काफी हल्की मानी जाती है. यही कारण है कि गर्मियों के दिनों में इसे कई घरों में नियमित रूप से बनाया जाता है. कद्दू में भरपूर मात्रा में पानी, फाइबर और कई आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं. यह शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है और गर्मी के मौसम में पानी की कमी को दूर करने में सहायक माना जाता है. वहीं, जीरा अपने पाचन गुणों के लिए जाना जाता है, जो भोजन को आसानी से पचाने में मदद करता है. जब कद्दू और जीरे का मेल होता है, तो एक ऐसी स्वादिष्ट और पौष्टिक सब्जी तैयार होती है जो खाने में लाजवाब होने के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक मानी जाती है. इस पारंपरिक व्यंजन को बनाने के लिए सबसे पहले ताजा कद्दू लें और उसे अच्छी तरह धोकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें. इसके बाद एक कड़ाही में थोड़ा सा तेल गर्म करें. तेल गर्म होने पर उसमें जीरा, सूखी लाल मिर्च और तेजपत्ता डालें. जब जीरा चटकने लगे और मसालों की खुशबू आने लगे, तब कटे हुए कद्दू को कड़ाही में डालकर अच्छी तरह मिला लें. इसके बाद उसमें हल्दी और स्वादानुसार नमक डालें और सभी सामग्री को अच्छे से मिलाएं. कद्दू में स्वाभाविक रूप से पर्याप्त मात्रा में पानी होता है, इसलिए इसमें अलग से पानी डालने की जरूरत नहीं पड़ती. अब कड़ाही को ढककर 10 से 15 मिनट तक धीमी आंच पर पकने दें. बीच-बीच में सब्जी को चलाते रहें ताकि वह तले में न लगे. पकने के दौरान कद्दू अपना पानी छोड़ देता है और धीरे-धीरे मुलायम हो जाता है. जब कद्दू पूरी तरह गल जाए और अतिरिक्त पानी सूखने लगे, तब समझिए कि स्वादिष्ट जीरा वाला कद्दू तैयार है. इस सब्जी में अधिक मसालों का इस्तेमाल नहीं किया जाता, जिससे कद्दू का प्राकृतिक स्वाद बरकरार रहता है. जीरे और सूखी लाल मिर्च का हल्का तड़का इसके स्वाद को और भी खास बना देता है. झारखंड के गांवों में यह पारंपरिक व्यंजन दाल-भात, रोटी और चूड़ा के साथ बड़े शौक से खाया जाता है. सादगी, स्वाद और पौष्टिकता का बेहतरीन मेल होने के कारण यह आज भी लोगों की पसंदीदा रेसिपी बनी हुई है. यदि आप गर्मियों में हल्का, स्वादिष्ट और घर का बना पारंपरिक भोजन खाना चाहते हैं, तो झारखंड की इस खास रेसिपी जीरा वाला कद्दू को एक बार जरूर आजमाएं. About the Author Amita kishor न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshila,Sonbhadra,Uttar Pradesh Source link

झारखंड

आयुक्त ने की तैयारियों की समीक्षा:रांची में 21 को नीट यूजी और...

राजधानी रांची में 21 जून को शहर में एक साथ दो परीक्षाओं का आयोजन होगा। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा इंजीनियरिंग सर्विस मुख्य परीक्षा का आयोजन बरियातू रोड स्थित राजकीय बालिका प्लस टू उच्च विद्यालय में होगा। इसमें 74 अभ्यर्थी शामिल होंगे। सुबह 9 से दोपहर 12 बजे और दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2.30 से शाम 5.30 बजे तक होगी। उसी दिन राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) यूजी री-टेस्ट भी 21 केंद्रों पर होगा। नीट की परीक्षा को लेकर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। वायुसेना के विमान से नीट का प्रश्नपत्र भी रांची आ गया है, जिसे डाकघर को सौंप दिया गया है। परीक्षा के दिन कड़ी सुरक्षा में प्रश्नपत्र सभी केंद्रों पर पहुंचाया जाएगा। दोनों परीक्षाओं को लेकर प्रमंडलीय आयुक्त मनोज कुमार ने बुधवार को पदाधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने सभी केंद्रों पर परीक्षार्थियों की सुविधा का ख्याल रखने का भी निर्देश दिया। इधर, सदर एसडीओ कुमार रजत ने परीक्षा केन्द्र के 200 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा लगा दी है। 22 से 30 तक नेट की परीक्षा, 6 केंद्र बनाए गए 22 जून से नेट की परीक्षा होगी। 30 जून तक चलने वाली इस परीक्षा के लिए रांची में 6 केंद्र बनाए गए हैं। रामटहल चौधरी इंस्टीच्युट ऑफ टेक्नोलॉजी, ओरमांझी, आक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल, चुटिया, आयोन डिजिटल जोन, तुपुदाना, अरुनिमा टेक्निकल सर्विसेस लोअर चुटिया, आईसीयूबीई डिजिटल इरबा, फ्यूचर ब्राइट, पुंदाग को केंद्र बनाया गया है। सभी केन्द्रों के बाहर 200 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा लागू है। प्रशासन ने परीक्षा में जिनकी ड्यूटी लगाई है, उन्हें अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया गया है। परीक्षार्थियों के लिए रांची से चलेगी दो स्पेशल ट्रेन 21 जून को परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए रेलवे ने भी तैयारी की है। रांची रेल मंडल की ओर से 21 जून को दो विशेष ट्रेन चलाई जाएगी। रांची से बोकारो होते हुए धनबाद और दूसरी ट्रेन रांची से टोरी होकर डाल्टनगंज तक चलेगी। परीक्षा समा​प्ति पर शाम छह बजे के बाद दोनों ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा। दोनों स्पेशल ट्रेन चलाने का प्रस्ताव रेलवे मुख्यालय को भेज दिया गया है। दोनों ट्रेन चलने से परीक्षार्थियों को काफी फायदा होगा। मेटल डिटेक्टर से जांच के बाद ही मिलेगा प्रवेश सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन ने विशेष तैयारी की है। सभी केन्द्रों पर सीसीटीवी कैमरा, तलाशी, पहचान पत्र का सत्यापन और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट पर रोक लगाने की व्यवस्था की गई है। मेटल डिटेक्टर से जांच के बाद ही परीक्षार्थियों को केन्द्र के अंदर प्रवेश दिया जाएगा। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र का पहचान पत्र से मिलान अनिवार्य रूप से किया जाए। कोई भी गैजेट लेकर अंदर न जाएं। Source link

झारखंड

स्टीलर्स की दमदार जीत, अनमोल राज की 92 रनों की पारी भी...

झारखंड टी-20 क्रिकेट लीग 2026 के आठवें दिन जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम कॉम्प्लेक्स में खेले गए मुकाबले में जमशेदपुर स्टीलर्स ने संथाल स्ट्राइकर्स को 16 रन से हराकर महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। हालांकि संथाल के बल्लेबाज अनमोल राज ने नाबाद 92 रन की शानदार पारी खेलकर मुकाबले को रोमांचक बना दिया, लेकिन उनकी यह कोशिश टीम को जीत नहीं दिला सकी। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी जमशेदपुर स्टीलर्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही और टीम ने शुरुआती चार ओवर में ही दो विकेट गंवा दिए। इसके बाद कप्तान कुमार देवब्रत (74 रन) और साहिल राज (56 रन) ने तीसरे विकेट के लिए 117 रन की बेहतरीन साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। अंतिम ओवरों में एमडी कौनेन कुरैशी ने 9 गेंदों में नाबाद 16 रन बनाकर टीम का स्कोर 20 ओवर में 180/7 तक पहुंचा दिया। संथाल स्ट्राइकर्स की ओर से गेंदबाजी में प्रत्युष कुमार ने 4 विकेट लेकर एक बार फिर प्रभावित किया, जबकि शादाब हुसैन ने 3 विकेट झटके। 181 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी संथाल स्ट्राइकर्स की शुरुआत बेहद खराब रही। पहली ही गेंद पर विकेट गिरने के बाद पूरी टीम दबाव में आ गई और आठ ओवर के भीतर स्कोर 39/6 हो गया। ऐसा लग रहा था कि मुकाबला एकतरफा हो जाएगा, लेकिन अनमोल राज ने शानदार संघर्ष करते हुए टीम को मुकाबले में बनाए रखा। अनमोल ने केवल 50 गेंदों पर नाबाद 92 रन की विस्फोटक पारी खेली। उन्हें मनीषी (27 रन)* का अच्छा साथ मिला। दोनों बल्लेबाजों ने आठवें विकेट के लिए नाबाद 81 रन जोड़कर स्टीलर्स की चिंता बढ़ा दी। हालांकि लक्ष्य बड़ा था और संथाल की टीम 20 ओवर में 165/7 रन ही बना सकी। Source link

ताज़ा खबर

sagittarius people get financial gain today signs of stress in love

Last Updated:June 19, 2026, 00:03 IST Aaj ka Dhanu Rashifal 19 june 2026: रोजगार और आर्थिक दृष्टिकोण से धनु राशि के जातकों के लिए आज का दिन जितना अच्छा रहने वाला है प्यार और परिवार के मामले में उनका दिन उतना अच्छा नहीं रहेगा.  ख़बरें फटाफट जमुई: आज 19 जून 2026 के दिन चंद्रमा सिंह राशि में गोचर कर रहे हैं. आज के दिन चंद्रमा के इस गोचर का असर विभिन्न राशि के जातकों पर देखने को मिलेगा. आज सभी राशि के जातकों का आत्मविश्वास बढ़ने वाला है. इतना ही नहीं आज तीसरे दिन लगातार सूर्यदेव और बुद्ध मिथुन राशि में विराजमान रहेंगे. जबकि मंगल मेष राशि में, शुक्र देव और बृहस्पति कर्क राशि में विराजमान रहेंगे. इन सभी ज्योतिषीय स्थिति का असर धनु राशि के जातकों पर भी पड़ने वाला है. ज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि आज के दिन चंद्रमा धनु राशि से नवम भाव में रहेंगे, जिस कारण आज आर्थिक मामलों में उन्हें बड़ा फायदा हो सकता है. आज धनु राशि के जातकों को अपने भविष्य को लेकर योजना बनाने का अवसर मिलेगा, साथ ही उसमें उन्हें आज सफलता भी मिलने वाली है. आज हो सकता है खर्च लेकिन होगा फायदेमंदज्योतिषाचार्य बताते हैं की धनु राशि के जातकों को आज किसी जरूरी चीज पर पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं. लेकिन यह खर्च भविष्य में उनके लिए बड़ा ही फायदेमंद साबित होगा. उन्होंने बताया कि आज आप कोई ऐसी ही नई चीज सीख पाएंगे जिससे आपके रास्ते में आने वाली रुकावटें समाप्त हो जाएंगी. ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि धनु राशि के जातकों के लिए आज का दिन आत्मविश्वास से भरा रहने वाला है. आज आप किसी भी जिम्मेदारी को बड़े ही आसानी के साथ निभा सकेंगे. आप जहां काम करते हैं, वहां आप किसी भी तरह का काम कर पाने में सक्षम होंगे, जिससे आज आपकी व्यस्तता भी बढ़ने वाली है. अगर आप विद्यार्थी हैं और पढ़ाई लिखाई करते हैं तब आज के दिन आप और अधिक मेहनत कर सकेंगे. प्यार में आज दुखी हो सकता है मन ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि रोजगार और आर्थिक दृष्टिकोण से धनु राशि के जातकों के लिए आज का दिन जितना अच्छा रहने वाला है प्यार और परिवार के मामले में उनका दिन उतना अच्छा नहीं रहेगा. ज्योतिषाचार्य ने बताया कि धनु राशि के जातकों का अपने पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो सकता है तथा उनके किसी बात से आपका मन आज दुखी भी हो सकता है. हालांकि परिवार में लंबे समय से आ रही किसी परेशानी से आज राहत मिलेगी, जिससे आपके मन को आज सुकून मिल सकता है धनु राशि के जातकों को आज अपने सेहत को लेकर भी थोड़ा फिक्रमंद होने की जरूरत है. आज के दिन आपको संतान संबंधी कोई खुशखबरी मिल सकती है. धनु राशि के जातकों के लिए आज का शुभ रंग लाल और शुभ अंक पांच रहने वाला है. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

झारखंड

पोस्टिंग के 3 दिन बाद मौत, नामकुम स्टेशन के पास RPF जवान...

Last Updated:June 18, 2026, 16:18 IST रेलवे अधिकारियों के अनुसार, राकेश कुमार मिश्रा की ड्यूटी बुधवार रात 10 बजे से गुरुवार सुबह 6 बजे तक की नाइट शिफ्ट में लगी थी. इसी दौरान सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक के किनारे उनका शव मिलने की सूचना मिली. आरपीएफ जवान की रहस्यमयी मौत रांची: राजधानी रांची के नामकुम रेलवे स्टेशन के पास गुरुवार सुबह की एक घटना से सनसनी फैल गई . खबर के मुताबिक, रेलवे ट्रैक के किनारे रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के एक जवान का शव बरामद हुआ. शव क्षत-विक्षत हालत में मिला, जिसके बाद रेलवे और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया. प्रारंभिक जांच में जवान के ट्रेन की चपेट में आने की आशंका जताई जा रही है. हालांकि यह हादसा है या कोई अन्य मामला, इसका खुलासा अभी नहीं हो सका है. मृतक की पहचान आरपीएफ जवान राकेश कुमार मिश्रा के रूप में हुई है. बताया गया कि उनकी पोस्टिंग हाल ही में नामकुम रेलवे स्टेशन पर की गई थी. वह महज तीन दिन पहले ही सुईसा से स्थानांतरित होकर यहां पहुंचे थे और अपनी नई जिम्मेदारी संभाल रहे थे. रेलवे अधिकारियों के अनुसार, राकेश कुमार मिश्रा की ड्यूटी बुधवार रात 10 बजे से गुरुवार सुबह 6 बजे तक की नाइट शिफ्ट में लगी थी. इसी दौरान सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक के किनारे उनका शव मिलने की सूचना मिली. सूचना मिलते ही रेलवे कर्मियों और अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई. घटनास्थल से जवान का बैग भी बरामद किया गया है. इसके बाद रेलवे सुरक्षा बल और सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. साथ ही आसपास के क्षेत्र से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि घटना के समय जवान वहां कैसे पहुंचे और उनके साथ वास्तव में क्या हुआ. पुलिस उनकी ड्यूटी के दौरान की गतिविधियों और घटनास्थल के आसपास की परिस्थितियों की भी जांच कर रही है. रेल मंडल सुरक्षा आयुक्त ने बताया कि उन्हें जवान के रनओवर होने की सूचना मिली है. हालांकि मौत की सही वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी. फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है. घटना की सूचना जवान के परिजनों को दे दी गई है. बताया जा रहा है कि उनके परिवार के सदस्य बिहार के बेगूसराय और समस्तीपुर में रहते हैं. परिजन रांची के लिए रवाना हो चुके हैं. इस घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल और रेलवे कर्मचारियों में शोक का माहौल है. वहीं पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि जवान की मौत एक हादसे का परिणाम थी या इसके पीछे कोई और कारण था. About the Author Amita kishor न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

Scroll to Top