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झारखंड

मात्स्यिकी विज्ञान कॉलेज में क्विज का आयोजन

भास्कर न्यूज|गुमला राष्ट्रीय मत्स्य किसान दिवस के अवसर पर मात्स्यिकी विज्ञान महाविद्यालय, गुमला में क्विज प्रतियोगिता का आयोजन राष्ट्रीय मत्स्य किसान दिवस प्रत्येक वर्ष 10 जुलाई को मनाया जाता है। यह दिवस भारत में नीली क्रांति के जनक डॉ. हीरालाल चौधरी एवं डॉ. के.एच. अलीकुन्ही द्वारा वर्ष 1957 में सफलतापूर्वक प्रेरित प्रजनन तकनीक के माध्यम से भारतीय प्रमुख कार्प मछलियों के कृत्रिम प्रजनन में मिली ऐतिहासिक सफलता की स्मृति में मनाया जाता है। इस वर्ष मत्स्य किसान दिवस के उपलक्ष्य में दिनांक 10 जुलाई 2026 को मात्स्यिकी विज्ञान महाविद्यालय, गुमला में विद्यार्थियों के बीच एक ज्ञानवर्धक क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का संचालन सहायक प्राध्यापक डॉ. आनंद वैष्णव ने किया। क्विज प्रतियोगिता में दो-दो छात्रों के कुल पाँच समूहों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में सहायक प्राध्यापिका डॉ. श्वेता कुमारी, डॉ. मनमोहन कुमार एवं डॉ. धनलक्ष्मी एम. शामिल थीं। प्रतियोगिता चार चरणों में आयोजित की गई, जिसमें प्रत्येक चरण के लिए अलग-अलग संख्या में प्रश्न एवं निर्धारित अंक निर्धारित किए गए थे। प्रत्येक प्रश्न के उत्तर के लिए लिए प्रतिभागियों को 30 सेकंड का समय दिया गया तथा गलत उत्तर पर नेगेटिव अंक का प्रावधान रखा गया। प्रतियोगिता को अधिक रोचक एवं सहभागितापूर्ण बनाने के लिए दर्शक के रूप में उपस्थित विद्यार्थियों को भी प्रश्नों के उत्तर देने का अवसर दिया गया। जब कोई समूह किसी प्रश्न का उत्तर नहीं दे पाता था, तब वही प्रश्न अन्य विद्यार्थियों से पूछा जाता। प्रतियोगिता के दौरान महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. ओम प्रवेश कुमार राइ, डॉ. के. एस. विसडम, डॉ. अशरफ मलिक, डॉ. प्रशांत जाना एवं डॉ. तासोक लिया ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। सभी प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। Source link

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इंडोनेशिया से ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड तक मोदी मैजिक, विदेश मंत्रालय ने बताया...

ऑकलैंड. विदेश मंत्रालय (एमईए) ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का तीन देशों का दौरा कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों वाला रहा. इस यात्रा से व्यापार, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा, शिक्षा, नवाचार और लोगों के बीच संपर्क समेत कई क्षेत्रों में सहयोग को नई गति मिली है. विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा ने दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत किया, साझेदारी को नई दिशा दी और साझा भविष्य की नींव को सुदृढ़ किया. प्रधानमंत्री मोदी के तीन देशों के दौरे के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने विशेष सम्मान दिखाते हुए उन्हें ऑकलैंड एयरपोर्ट तक विदा किया. विदेश मंत्रालय ने इसे दोनों देशों के मजबूत संबंधों का प्रतीक बताया. प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले ऑस्ट्रेलिया की ऐतिहासिक यात्रा पूरी की थी और उससे पहले इंडोनेशिया का दौरा किया था. शुक्रवार देर रात ऑकलैंड पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को गवर्नमेंट हाउस में प्रधानमंत्री लक्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की. आगमन पर उनका पारंपरिक माओरी स्वागत किया गया, जिसमें शांति, सम्मान और आतिथ्य का प्रतीक माओरी रीति-रिवाजों का पालन किया गया. इसके बाद प्रधानमंत्री ने गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया. दोनों नेताओं के बीच सीमित और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई, जिसमें व्यापार एवं निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा, कृषि प्रौद्योगिकी, खेल, शिक्षा, पर्यटन, संस्कृति और लोगों के बीच संबंधों सहित द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई. वार्ता के बाद दोनों प्रधानमंत्रियों की मौजूदगी में रक्षा एवं समुद्री सुरक्षा, हाइड्रोग्राफी, खेल, आपदा प्रबंधन, डेयरी, पर्यटन, समुद्री विरासत, संस्कृति, खाद्य प्रौद्योगिकी और समुद्री अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में कई समझौता ज्ञापनों (एमओयू) और अन्य सहमतियों का आदान-प्रदान किया गया. प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री लक्सन ने दोनों देशों के प्रमुख उद्योगपतियों और कारोबारियों से भी मुलाकात की. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन, विविधता और सतत विकास के साझा संकल्प से जुड़े हुए हैं, जो भविष्य की मजबूत आर्थिक साझेदारी का आधार है. उन्होंने भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में नई ऊर्जा और गहराई लाने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया. उन्होंने कहा कि इससे बाजार तक पहुंच, निवेश, सेवाओं, प्रौद्योगिकी और प्रतिभा के आदान-प्रदान के नए अवसर खुलेंगे. दोनों प्रधानमंत्रियों ने ‘इंडिया-न्यूजीलैंड: ए विनिंग पार्टनरशिप’ थीम पर आयोजित विशेष गाला लंच में भी हिस्सा लिया. इस कार्यक्रम में राजनीति, उद्योग, व्यापार, शिक्षा, प्रौद्योगिकी, खेल और कला जगत की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं. इसके बाद दोनों नेताओं ने प्रदर्शित किए गए आधुनिक खेल उपकरणों का अवलोकन किया और न्यूजीलैंड के पदक विजेता खिलाड़ियों तथा हाई-परफॉर्मेंस स्पोर्ट्स से जुड़े लोगों से बातचीत की. दौरे के अंतिम कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने ‘किया ओरा मोदी’ कार्यक्रम में न्यूजीलैंड में रह रहे लगभग 10,000 भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया. प्रधानमंत्री लक्सन भी विशेष अतिथि के रूप में इस कार्यक्रम में शामिल हुए. प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय के उत्साह और स्नेह की सराहना करते हुए कहा कि न्यूजीलैंड में भारतीय समुदाय दोनों देशों की मित्रता का सबसे मजबूत स्तंभ है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “न्यूजीलैंड में भारतीय समुदाय हमारी दोस्ती की सबसे मजबूत कड़ी है. ऑकलैंड में उन्हें संबोधित करना यादगार अनुभव रहा.” प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के रिश्ते केवल दोस्ती तक सीमित नहीं हैं, बल्कि साझा मूल्यों और साझा संकल्प पर आधारित हैं. उन्होंने माओरी परंपरा के ‘वाका’ (नाव) का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल एक नाव नहीं, बल्कि साझा यात्रा और दोनों देशों की साझेदारी का प्रतीक है. उन्होंने विश्वास जताया कि यह साझेदारी अब नए अवसरों और नई ऊंचाइयों की ओर आगे बढ़ेगी. Source link

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Two youths were seriously injured in a collision with a Bolero, both...

गुमला16 घंटे पहले कॉपी लिंक भास्कर न्यूज|चैनपुर चैनपुर थाना क्षेत्र की 18 वर्षीया एक युवती ने गुरुवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीली दवा खाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। एक साथ भारी मात्रा में दवा खाने के कारण युवती की हालत बेहद गंभीर हो गई। परिजनों ने आनन-फानन में उसे Source link

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बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष नामांकन अभियान...

भास्कर न्यूज|गुमला उपायुक्त गुमला दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में शुक्रवार को समाहरणालय स्थित सभागार में विद्यालय से बाहर बच्चों के नामांकन एवं पुनः विद्यालय से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित विशेष नामांकन अभियान को लेकर जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपायुक्त ने कहा कि गुमला जिले के भरनो एवं घाघरा प्रखंड के चिन्हित 157 विद्यालयों में 07 जुलाई 2026 से 07 सितंबर 2026 तक विशेष नामांकन अभियान संचालित किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य विद्यालय से बाहर रह रहे बच्चों की पहचान कर उन्हें पुनः विद्यालयों में नामांकित करते हुए शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना तथा उनके ठहराव को सुनिश्चित करना है। उप विकास आयुक्त अनिमेश रंजन ने बताया कि यू-डायस 2025-26 प्रतिवेदन में दर्ज उच्च ड्रॉपआउट दर, कम प्रोग्रेशन दर तथा नामांकन में कमी जैसे प्रमुख शैक्षणिक सूचकांकों के आधार पर जिले के दो उच्च प्राथमिकता वाले प्रखंडों का चयन किया गया है। इसके अंतर्गत घाघरा प्रखंड के 99 विद्यालय तथा भरनो प्रखंड के 58 विद्यालय सहित कुल 157 विद्यालयों को विशेष अभियान के लिए चिन्हित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल शिक्षा विभाग का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि इसे एक व्यापक जनअभियान के रूप में संचालित किया जाएगा। Source link

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कम लागत, तगड़ा मुनाफा! खरीफ के बाद करें अश्वगंधा की खेती, दवा...

होमवीडियोकृषि कम लागत, तगड़ा मुनाफा! खरीफ के बाद करें अश्वगंधा की खेती, बंपर होगी कमाई X कम लागत, तगड़ा मुनाफा! खरीफ के बाद करें अश्वगंधा की खेती, बंपर होगी कमाई   खेती में बदलते समय के साथ अब किसान औषधीय फसलों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं. अश्वगंधा ऐसी फसल है, जिसमें लागत कम लगती है और देखभाल भी ज्यादा नहीं करनी पड़ती. इसकी जड़, पत्ते और बीज तीनों का उपयोग होता है, जिससे किसान को हर हिस्से से कमाई का मौका मिलता है. Source link

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मानसून में ड्राइविंग से पहले जान लें टायर से जुड़ी ये जरूरी...

Last Updated:July 11, 2026, 18:12 IST बारिश के दौरान तेज गति से वाहन चलाने से बचना चाहिए. जब सड़क पर पानी जमा होता है तो टायर और सड़क के बीच पानी की एक परत बन जाती है. इससे टायर की पकड़ कमजोर हो जाती है. इस स्थिति को हाइड्रोप्लानिंग कहा जाता है. ऐसे समय वाहन का नियंत्रण अचानक खत्म हो सकता है. इसलिए बारिश में हमेशा धीमी और नियंत्रित गति से वाहन चलाना चाहिए. जमशेदपुर: मानसून की शुरुआत हो चुकी है. कई इलाकों में लगातार बारिश हो रही है. बारिश के दौरान सड़कें गीली और फिसलन भरी हो जाती हैं. ऐसे में वाहन चलाते समय थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है. कई बार अनुभवी ड्राइवरों की गाड़ियां भी फिसल जाती हैं. ऐसे में सुरक्षित सफर के लिए टायरों की सही स्थिति सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होती है. इसलिए बारिश शुरू होने से पहले टायरों की अच्छी तरह जांच कर लेना जरूरी है. टायर के सीनियर टेक्नीशियन जे. भूषण बताते हैं कि सबसे पहले टायर की ग्रिप और ट्रेड की जांच करनी चाहिए. ट्रेड यानी टायर की सतह पर बने खांचे. यही खांचे बारिश का पानी बाहर निकालते हैं. इससे टायर की सड़क पर पकड़ बनी रहती है. यदि ये खांचे घिस चुके हैं तो टायर की ग्रिप कमजोर हो जाती है. ऐसी स्थिति में वाहन फिसल सकता है. इसलिए यदि टायर ज्यादा घिस चुके हों तो उन्हें समय रहते बदल देना चाहिए. एयर प्रेशर का रखें विशेष ध्यानजे. भूषण बताते हैं कि टायर में सही एयर प्रेशर होना भी बेहद जरूरी है. कई लोग जरूरत से ज्यादा या जरूरत से कम हवा भरवा लेते हैं. दोनों ही स्थितियां नुकसानदायक हैं. कम हवा होने पर टायर जल्दी घिसता है. वहीं, ज्यादा हवा होने पर टायर की सड़क पर पकड़ कम हो जाती है. इससे दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए हमेशा वाहन निर्माता कंपनी द्वारा बताए गए मानक के अनुसार ही टायर में हवा भरवानी चाहिए. समय-समय पर एयर प्रेशर की जांच भी करानी चाहिए. व्हील अलाइनमेंट और बैलेंसिंग भी जरूरीबारिश के मौसम में व्हील अलाइनमेंट और व्हील बैलेंसिंग की जांच भी बेहद जरूरी है. यदि वाहन का अलाइनमेंट सही नहीं होगा तो गाड़ी एक तरफ खिंच सकती है. इससे टायर असमान रूप से घिसने लगते हैं. बारिश के दौरान ऐसे वाहन को नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है. इसलिए मानसून शुरू होने से पहले किसी अच्छे सर्विस सेंटर पर इसकी जांच जरूर करानी चाहिए. कट, दरार और उभार को न करें नजर अंदाजटायर की साइड वॉल पर कट, दरार या उभार दिखाई दे तो उसे बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. कई बार यह समस्या छोटी लगती है. लेकिन तेज रफ्तार या खराब सड़क पर यही छोटी खराबी बड़े हादसे की वजह बन सकती है. ऐसे टायर कभी भी फट सकते हैं. इसलिए यदि टायर में किसी भी तरह की खराबी दिखाई दे तो तुरंत विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए. बारिश में रखें नियंत्रित गतिजे. भूषण बताते हैं कि बारिश के दौरान तेज गति से वाहन चलाने से बचना चाहिए. जब सड़क पर पानी जमा होता है तो टायर और सड़क के बीच पानी की एक परत बन जाती है. इससे टायर की पकड़ कमजोर हो जाती है. इस स्थिति को हाइड्रोप्लानिंग कहा जाता है. ऐसे समय वाहन का नियंत्रण अचानक खत्म हो सकता है. इसलिए बारिश में हमेशा धीमी और नियंत्रित गति से वाहन चलाना चाहिए. आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी भी बनाए रखनी चाहिए. गाड़ी की सर्विसिंग कराना ही काफी नहींजे. भूषण ने कहा कि सुरक्षित सफर के लिए केवल गाड़ी की सर्विसिंग कराना ही काफी नहीं है. टायरों की नियमित जांच और सही देखभाल भी उतनी ही जरूरी है. यही कारण है कि समय रहते टायरों की जांच बेहद जरूरी है. वहीं, जरूरत पड़ने पर उनकी मरम्मत या बदलाव कर दिया जाए, तो बारिश के मौसम में सफर ज्यादा सुरक्षित बनाया जा सकता है. About the Author Amita kishor न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand Source link

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भरनो के अमलिया में लगा नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर

भास्कर न्यूज|​गुमला विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल, गुमला जिला इकाई द्वारा आयोजित ”सेवा सप्ताह” कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार को भरनो प्रखंड के अमलिया ग्राम में एक भव्य निशुल्क मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और सुदूरवर्ती इलाकों में रहने वाले जरूरतमंदों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना था। ​कैंप में स्वास्थ्य विभाग की टीम के सहयोग से ग्रामीणों का व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी बिरजनी महापात्र, सुचित कुमार, सुनीता कुमारी और हेल्थ वर्कर वसीम अकरम सहित डॉक्टरों की टीम ने विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के स्वास्थ्य की बारीकी से जांच की। ​शिविर के दौरान ग्रामीणों की बीपी (ब्लड प्रेशर) और शुगर (मधुमेह) जैसी बीमारियों की सघन जाँच की गई। इसके साथ ही, मौसमी और सामान्य बीमारियों से ग्रसित लोगों का परीक्षण कर उन्हें विशेषज्ञों द्वारा उचित परामर्श दिया गया ।​ शिविर को सफल बनाने में विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के दौरान जिला मंत्री मनीष बाबू और भरनो प्रखंड अध्यक्ष सुदामा केशरी ने व्यवस्था की कमान संभाली। इस अवसर पर आशीष केशरी, महाबीर सिंह, अभिषेक सिंह, गुलशन कुमार, रोशन कुमार, विराज मुंडा, अजीत सिंह, आशुतोष सिंह, विक्रम सिंह, सोनू सिंह, दिनेश सिंह, बादल सिंह, आकाश सिंह, विवेक सिंह एवं सुदेश महतो उपस्थित थे। Source link

शिक्षा

Parag Agrawal Out From Twitter by Elon Musk, Returns with AI

31 मिनट पहले कॉपी लिंक पराग अग्रवाल इंडियन अमेरिकन सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। 29 नवंबर 2021 को ट्विटर के सह-संस्थापक जैक डॉर्सी ने CEO पद छोड़ते समय पराग को कंपनी का अगला CEO घोषित किया था। लेकिन अक्टूबर 2022 में एलन मस्क ने ट्विटर का अधिग्रहण किया तो पराग को इस पद से हटा दिया। पराग ने शुरू की अपनी कंपनी ट्विटर छोड़ने के बाद पराग अग्रवाल ने किसी दूसरी कंपनी में नौकरी करने के बजाय अपना काम शुरू करने का फैसला किया। 2023 में पराग ने खुद की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी Parallel Web Systems Inc के साथ टेक्नोलॉजी जगत में वापसी की। यह क्लाउड प्लेटफॉर्म AI सिस्टम्स को इंटरनेट पर रियल-टाइम रिसर्च करने की क्षमता देता है। पराग ने IIT बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में बी.टेक. किया है। इसके बाद स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में एमएस और पीएचडी की डिग्री ली। क्या काम करती है पराग की कंपनी पराग की कंपनी पैरेलल वेब सिस्टम्स ‘एआई एजेंट्स’ के लिए बुनियादी ढांचा तैयार कर रही है। ये ऐसे स्वतंत्र सॉफ्टवेयर सिस्टम होते हैं, जो इंसानों की तरह खुद कई तरह के काम कर सकते हैं। आमतौर पर एआई सिर्फ पुराने फीड किए गए डेटा पर काम करते हैं, लेकिन पराग की कंपनी ऐसे टूल बना रही है जो एआई को सीधे लाइव इंटरनेट पर जाने, रियल-टाइम जानकारी निकालने और मुश्किल कामों को अंजाम देने की ताकत देते हैं। यह कंपनी कई तरह के एपीआई (API) ऑफर करती है, जिनकी मदद से एआई वेबसाइट से डेटा जुटा सकता है और ऑनलाइन कामों को अपने आप पूरा कर सकता है। गूगल के पूर्व कर्मचारी ने शुरू किया अपना रेस्टोरेंट, कमाई करोड़ों में गूगल के पूर्व कर्मचारी सलाहुद्दीन अब्दुल-काफी ने पिछले साल 4.2 करोड़ रुपये सालाना की नौकरी छोड़ कर अपना रेस्टोरेंट खोल लिया। अब अमेरिका के टेक्सास में उनका रेस्टोरेंट हलाल बार्बेक्यू (BBQ) के नाम से मशहूर हो गया है। उनकी कहानी सोशल मीडिया पर जमकर पसंद की जा रही है। अब्दुल काफी ने गूगल से पहले माइक्रोसॉफ्ट, यूट्यूब और क्रूज में भी 14 साल तक नौकरी की थी। उनकी उम्र 35 साल है। सलाहुद्दीन ने क्यों छोड़ी नौकरी सलाहुद्दीन ने बताया कि उनका टेक इंडस्ट्री से मन भर गया था। उन्हें महसूस हुआ कि यहां काम सिर्फ पैसा कमाने के लिए हो रहा है, न कि लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए। इसी वजह से उन्होंने गूगल की नौकरी छाड़ दी और एक नॉन-प्रॉफिट (NGO) संस्था से जुड़ गए। दोस्तों की तारीफ से आया रेस्टोरेंट का आइडिया सलाहुद्दीन को खाना बनाने का बहुत शौक था। नौकरी करते हुए भी वह अक्सर दोस्तों के लिए डिनर पार्टियां और बार्बेक्यू होस्ट करते थे। दोस्तों को उनका बनाया खाना इतना पसंद आया कि उन्होंने कहा कि ऐसा स्वाद पहले कभी नहीं चखा। दोस्ती से मिली तारीफ के चलते उनके दिमाग में रेस्टोरेंट खोलने का आइडिया आया। उन्होंने सोचा कि क्यों न टेक्सास बार्बेक्यू में कुछ नया ट्राई किया जाए। इसके बाद दिसंबर 2024 में Kafi BBQ नाम से अपना रेस्टोरेंट खोला। शुरुआत इतनी अच्छी थी कि उन्होंने 3 दिन के लिए जो खाना बनाया था, वह पहले ही दिन खत्म हो गया और उन्हें उसी रात दोबारा खाना बनाना पड़ा। रेस्टोरेंट खोलने में खर्च हुए 8.4 करोड़ इतनी बड़ी कमाई के बाद भी सलाहुद्दीन ने रेस्टोरेंट से खुद के लिए एक भी रुपया सैलरी नहीं ली है। वह अपनी पुरानी बचत से ही अपना खर्च चला रहे हैं। रेस्टोरेंट खोलने में करीब 8.4 करोड़ रुपये का खर्च हुआ था। इसे वह अभी तक पूरी तरह वसूल नहीं पाए हैं। सलाहुद्दीन के अनुसार उसके पेरेंट्स इराकी थे। उन्होंने बचपन में नॉन हलाल रेस्टोरेंट जो कांसास सिटी बार्बेक्यू में जो खाना खाया था, वह उनकी इंस्पिरेशन बना। इतनी अच्छी कमाई के बाद भी काफी ने इस रेस्टोरेंट में से अपनी सैलरी अभी तक नहीं निकाली है। वे कहते हैं कि उनके रेस्टोरेंट को चलाने का खर्च बहुत ज्यादा है। वे अपनी बचत से गुजारा करते हुए सारा पैसा वापस बिजनेस में ही लगा रहे हैं। रेस्टोरेंट की मार्केटिंग और अन्य कामों में भी उनका बहुत पैसा खर्च हो जाता है। ———————————– ये खबर भी पढ़ें 24 साल की उम्र में बेंगलुरू में नौकरी छोड़ी:गांव में पिता से 1 लाख उधार लेकर शुरू किया स्टार्टअप, आज कंपनी का टर्नओवर ढाई करोड़ बिहार में पूर्णिया जिले में रहने वाले प्रिंस राज शुक्ला ने बेंगलुरु में अपनी नौकरी करने छोड़कर एग्रीकल्चर स्टार्टअप शुरू किया और आज उनकी स्टार्टअप से बहुत अच्छी कमाई हुई। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

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कोडरमा स्टेशन पर ट्रेन से गिरा व्यक्ति:आरपीएफ की तत्परता से बची जान,...

धनबाद-गया रेलखंड के कोडरमा स्टेशन पर शनिवार को आरपीएफ की तत्परता से एक व्यक्ति की जान बच गई। ट्रेन से उतरते समय संतुलन बिगड़ने के कारण वह ट्रेन के नीचे गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल व्यक्ति की पहचान जयनगर थाना क्षेत्र के खेसकरी गांव निवासी 50 वर्षीय मुस्ताक खान के रूप में हुई है। कोडरमा आरपीएफ प्रभारी दीपक कुमार ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि शनिवार को आरपीएफ कोडरमा के जवान ट्रेन पासिंग ड्यूटी में तैनात थे। इसी दौरान गाड़ी संख्या 12382 डाउन कोडरमा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या तीन पर आई। अपने नियत ठहराव के बाद खुलने पर यह ट्रेन एसीपी (अलार्म चेन पुलिंग) के कारण रुक गई। ड्यूटी पर तैनात बल सदस्य सहायक उप निरीक्षक ओम प्रकाश सिंह, आनंद कुमार सिंह, अशोक कुमार गुप्ता, महिला आरक्षी नीतू कुमारी और धनबाद से ड्रोन सिखाने आए आरक्षी राजेश पासवान ने त्वरित कार्रवाई की। उन्होंने देखा कि मुस्ताक खान, जो अपनी बेटी और दामाद को ट्रेन में चढ़ाने आए थे, चलती गाड़ी से उतरने के क्रम में ट्रेन के नीचे चले गए थे। इस हादसे में उनका दाहिना पैर बुरी तरह जख्मी हो गया। ट्रेन में कार्यरत ट्रेन मैनेजर ने गाड़ी को एसीपी कर रोका। मौके पर पहुंचे आरपीएफ जवानों ने यात्रियों के सहयोग से घायल व्यक्ति को ट्रेन के नीचे से निकाला और प्लेटफॉर्म पर लाए। तत्काल इलाज के लिए एंबुलेंस हेतु ऑन ड्यूटी स्टेशन मास्टर कोडरमा को सूचना दी गई। Source link

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छत्तीसगढ़ किसान ने धान छोड़ खेत में लगाया ये फसल, 6 महीने...

होमवीडियोकृषि छत्तीसगढ़ किसान ने धान छोड़ खेत में लगाया ये फसल, 6 महीने में कमाए 8 लाख रुपये X छत्तीसगढ़ किसान ने धान छोड़ खेत में लगाया ये फसल, 6 महीने में कमाए 8 लाख रुपये   मधुकामिनी फसल को लगाने के ढेरों फायदे हैं. ये ना सिर्फ आपको अधिक मुनाफा देगी, बल्कि आपकी लागत, आपकी मेहनत और जोखिम सब कुछ कम कर देगी. आमतौर पर मधुकामिनी का पौधा लोगों के गार्डन में शोभा बढ़ाते देखा जाता है. सरगुजा में पहली बार किसी किसान ने इसे व्यावसायिक तौर पर लगाया. लाखों का मुनाफा भी कमाया. Source link

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