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दलाई लामा से डर या बौद्ध धर्म पर कब्जा? तिब्बत में चीन...

होमदुनियाचीन दलाई लामा से डर या बौद्ध धर्म पर कब्जा? तिब्बत में चीन का खतरनाक खेल Last Updated:July 04, 2026, 21:15 IST बौद्ध धर्म की जन्मभूमि के पड़ोस में चीन पर अब बौद्ध आस्था को राजनीतिक हथियार बनाने के गंभीर आरोप लगे हैं. एक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी बौद्ध धर्म को आध्यात्मिक परंपरा नहीं, बल्कि राजनीतिक नियंत्रण और वैचारिक प्रभुत्व का माध्यम बना रही है. ख़बरें फटाफट जो लोग दलाई लामा के लिए निष्ठा रखते हैं, उन्हें अपराधी की तरह देखा जाता है. (फाइल फोटो) ब्रसेल्स. चीन में बौद्ध धर्म को आध्यात्मिक आस्था के बजाय राजनीतिक नियंत्रण के औजार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है. एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मंदिरों को पर्यटन केंद्रों में बदला जा रहा है, भिक्षुओं को सरकारी कर्मचारियों की तरह संचालित किया जा रहा है और धार्मिक ग्रंथों को इस तरह प्रस्तुत किया जा रहा है कि वे चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) के प्रति निष्ठा को बढ़ावा दें. ‘यूरोपियन टाइम्स’ में प्रकाशित लेख में खेदरूब थोंडुप ने लिखा है कि चीन का बौद्ध धर्म के प्रति रुख आस्था पर नहीं, बल्कि राजनीतिक उपयोगिता पर आधारित है. उनके अनुसार, संवैधानिक रूप से नास्तिक होने के बावजूद चीनी कम्युनिस्ट पार्टी धर्म को तभी स्वीकार करती है, जब उसे सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन या समाजवाद के पूरक के रूप में प्रस्तुत किया जा सके. लेकिन जहां बौद्ध धर्म राजनीतिक या जातीय पहचान से जुड़ता है, विशेषकर तिब्बत में, वहां उसे खतरे के रूप में देखा जाता है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बीजिंग यह कहता है कि तिब्बती लामा, यहां तक कि भविष्य के दलाई लामा के पुनर्जन्म को मंजूरी देने का अधिकार भी उसके पास है. लेख के अनुसार, यह तिब्बती बौद्ध परंपरा को उसकी आध्यात्मिक विरासत से अलग कर राज्य के नियंत्रण में लाने का प्रयास है. रिपोर्ट के मुताबिक, तिब्बत के मठों पर कड़ी निगरानी रखी जाती है और भिक्षुओं को ‘देशभक्ति शिक्षा’ से गुजरना पड़ता है. इसमें कहा गया है कि धार्मिक शिक्षा की जगह राजनीतिक विचारधारा को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि तिब्बती बौद्ध अनुष्ठानों, त्योहारों और शिक्षाओं पर प्रतिबंध या कड़ा नियमन लागू किया गया है. कई धार्मिक परंपराओं को ‘लोक संस्कृति’ के रूप में पेश किया जा रहा है, जिससे उनका आध्यात्मिक स्वरूप कमजोर पड़ रहा है. लेख में यह भी दावा किया गया है कि दलाई लामा के प्रति सार्वजनिक निष्ठा को अपराध की तरह देखा जाता है और इसे सरकार विरोधी गतिविधि माना जाता है. रिपोर्ट के अनुसार, चीन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को बौद्ध विरासत का संरक्षक दिखाने के लिए मंदिरों के जीर्णोद्धार, अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलनों और थाईलैंड, श्रीलंका तथा म्यांमार जैसे देशों में सरकारी समर्थन से तीर्थ यात्राओं को बढ़ावा देता है. हालांकि, तिब्बत में, जहां बौद्ध धर्म स्थानीय पहचान और संस्कृति से गहराई से जुड़ा है, वहां सरकार धार्मिक गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण बनाए हुए है. लेख में दावा किया गया है कि तिब्बत में बौद्ध धर्म पर बढ़ता नियंत्रण तिब्बती पहचान और असहमति को कमजोर करने की रणनीति का हिस्सा है. साथ ही यह भी कहा गया है कि आस्था को पूरी तरह राजनीतिक नियंत्रण में लाना संभव नहीं है और यही चीन की इस नीति की सबसे बड़ी चुनौती है. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

झारखंड

चिकन स्प्रिंग रोल, फिश कटलेट के लिए दुकान सजने से पहले लगती...

Last Updated:July 02, 2026, 08:27 IST Jamshedpur Famous Nonveg Pakora Shop: जमशेदपुर के आदित्यपुर इमली चौक पर सम्राट राय का नॉनवेज पकौड़ों का स्टॉल लगता है जो अपने किफायती दाम और खास स्वाद के लिए जाना जाता है. वैसे तो यहां बहुत से आइटम मिलते हैं पर चिकन स्प्रिंग रोल और फिश कटलेट की बहुत मांग रहती है. ख़बरें फटाफट जमशेदपुर. अगर आप नॉनवेज खाने के शौकीन हैं और कुछ अलग स्वाद की तलाश में हैं, तो जमशेदपुर के आदित्यपुर स्थित इमली चौक आपके लिए एक बेहतरीन जगह हो सकती है. यहां हर दिन शाम करीब 5 बजे सम्राट राय अपनी खास नॉनवेज पकोड़ों की दुकान लगाते हैं. स्वाद और गुणवत्ता के कारण लोग उन्हें प्यार से ‘पकोड़ा किंग’ के नाम से बुलाते हैं. यहां बहुत सी वैरायटी के पकौड़े मिलते हैं और ग्राहकों का कहना है कि सबका स्वाद लाजवाब होता है. किफायती दाम में जबरदस्त स्वादसम्राट राय की दुकान पर नॉनवेज स्नैक्स की कई तरह की वैरायटी मिलती है. यहां अंडा पकोड़ा, चिकन पकोड़ा, मछली पकोड़ा, चिंगरी पकोड़ा, स्प्रिंग रोल, चिकन कटलेट, वेज कटलेट और सुरमई फ्राई जैसी कई स्वादिष्ट चीजें उपलब्ध हैं. खास बात यह है कि इनका स्वाद जितना बेहतरीन है, कीमत उतनी ही किफायती है. अधिकांश पकोड़े मात्र 30 रुपये में मिल जाते हैं, जबकि स्वादिष्ट चिकन स्प्रिंग रोल की कीमत सिर्फ 35 रुपये है. साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता हैसम्राट राय बताते हैं कि वे अपने ग्राहकों को हमेशा ताजा और अच्छी गुणवत्ता वाला भोजन देने की कोशिश करते हैं. पकोड़े बनाने में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है और अच्छी गुणवत्ता वाले तेल का उपयोग किया जाता है. यही वजह है कि उनकी दुकान पर रोजाना बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं. दुकान सजने से पहले, पहुंच जाते ग्राहकशाम होते ही दुकान के आसपास ग्राहकों की भीड़ लगने लगती है. कई लोग तो सम्राट राय के आने से पहले ही वहां पहुंच जाते हैं और उनके स्टॉल लगने का इंतजार करते हैं. स्थानीय लोगों के बीच उनकी दुकान की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है. आसपास के इलाकों से भी लोग उनके पकोड़ों का स्वाद लेने पहुंचते हैं. चिकन स्प्रिंग रोल और फिश कटलेट का जवाब नहींग्राहकों का कहना है कि यहां मिलने वाला चिकन स्प्रिंग रोल बेहद स्वादिष्ट होता है. उनका मानना है कि इतना अच्छा स्वाद बड़े-बड़े होटलों में भी आसानी से नहीं मिलता. वहीं, यहां का फिश कटलेट भी लोगों की पसंदीदा डिश में शामिल है. ग्राहक बताते हैं कि फिश कटलेट का स्वाद इतना लाजवाब होता है कि एक बार खाने के बाद लोग दोबारा जरूर आते हैं. एक बार जरूर चखें स्वादस्वाद, गुणवत्ता, साफ-सफाई और किफायती कीमत के कारण सम्राट राय का यह स्टॉल आदित्यपुर के लोगों के बीच खास पहचान बना चुका है. अगर आप भी नॉनवेज स्नैक्स के शौकीन हैं, तो एक बार पकोड़ा किंग के इन स्वादिष्ट पकोड़ों का स्वाद जरूर चखें. हो सकता है कि आप भी उनके नियमित ग्राहकों में शामिल हो जाएं. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand Source link

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सांसद ढुलू महतो और गैंगस्टर प्रिंस खान पर FIR:विधायक अरूप चटर्जी का...

निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने शनिवार को सांसद ढुलू महतो और गैंगस्टर प्रिंस खान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दोनों के खिलाफ निरसा थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई है। विधायक ने दावा किया कि हाल ही में उनके द्वारा सांसद के अवैध कारोबार और प्रिंस खान से संबंधों की जांच की मांग के बाद उन्हें प्रिंस खान की ओर से धमकी भरा संदेश मिला था। अरूप चटर्जी ने आरोप लगाया कि प्रिंस खान, ढुलू महतो के इशारे पर धनबाद में लोगों को धमकाकर रंगदारी वसूलता है और अवैध गतिविधियों को संरक्षण देता है। विधायक ने यह भी दावा किया कि ढुलू महतो और प्रिंस खान की दोस्ती जेल में हुई थी और उनके बीच पुराने संबंध हैं। उन्होंने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। निष्पक्ष जांच कराने और सच्चाई सामने लाने पर जोर दिया विधायक चटर्जी ने सांसद ढुलू महतो के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें पहले धमकी मिली थी। अरूप चटर्जी ने पूछा कि यदि ऐसा था तो इस जानकारी को सार्वजनिक करने में देरी क्यों की गई। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और सच्चाई सामने लाने पर जोर दिया। अरूप चटर्जी ने यह भी दावा किया कि प्रिंस खान भारत में नहीं, बल्कि पाकिस्तान से अपने नेटवर्क का संचालन कर रहा है। इसलिए, उसकी गिरफ्तारी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई आवश्यक है। प्रेस वार्ता के अंत में विधायक ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी ढुलू महतो और प्रिंस खान की होगी। Source link

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झारखंड-बिहार का श्रावणी मेला 2026 के लिए साझा सुरक्षा प्लान:डबल डेकर वाहनों...

राजकीय श्रावणी मेला 2026 के सुरक्षित और सुव्यवस्थित संचालन के लिए झारखंड और बिहार के अधिकारियों की अंतरराज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। शनिवार को देवघर परिसदन सभागार में हुई इस बैठक की अध्यक्षता संथाल परगना आयुक्त संजय कुमार ने की। इसमें दोनों राज्यों के आयुक्त, उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने मेला व्यवस्था, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में निर्णय लिया गया कि श्रावणी मेले के दौरान झारखंड और बिहार के अधिकारी 24 घंटे व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से जुड़े रहेंगे। आधुनिक सूचना तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग कर सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान किया जाएगा, जिससे किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए मेले के दौरान वीआईपी या आउट ऑफ टर्न दर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। वाहन की छत पर श्रद्धालुओं को बैठने की अनुमति नहीं होगी डीसी सौरभ कुमार भुवानिया ने स्पष्ट किया कि बिहार से आने वाले किसी भी वाहन की छत पर श्रद्धालुओं को बैठने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही, डबल डेकर कांवरिया वाहनों के देवघर प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सीमावर्ती जिलों से भी इस व्यवस्था को सख्ती से लागू करने का अनुरोध किया गया है। संथाल परगना आयुक्त ने बताया कि सुल्तानगंज से देवघर तक कांवरिया पथ पर पड़ने वाले सभी जिलों को आपसी समन्वय से श्रद्धालुओं को बेहतर सुरक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, शौचालय, विश्राम स्थल और मोबाइल चार्जिंग जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी। भीड़ नियंत्रण के लिए विभिन्न स्थानों पर होल्डिंग प्वाइंट और टेंट सिटी बनाए गए हैं, जहां सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। भागलपुर, बांका, मुंगेर, जमुई, गोड्डा, दुमका और देवघर के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी निरंतर समन्वय बनाकर सुरक्षा व्यवस्था, विधि-व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन की निगरानी करेंगे। खोए हुए बच्चों और बुजुर्ग श्रद्धालुओं को उनके परिजनों से मिलाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि दोनों राज्यों के संयुक्त प्रयास से इस वर्ष का श्रावणी मेला सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाया जाएगा। Source link

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no govt help jamui disabled sushma crawls 15 km daily for school...

Last Updated:July 04, 2026, 20:16 IST Jamui Divyang Girl Sushma Kumari Story: सुषमा जब सड़क पर चलती है तो सड़क पर गिट्टियां चुभती हैं तो और ज्यादा दिक्कत होती है. बारिश में रास्ते में कीचड़ हो जाता है, तब स्कूल जाना बंद हो जाता है. सुषमा के विद्यालय के प्रधानाचार्य राहुल कुमार ने बताया कि सुषमा प्रतिदिन स्कूल आती है. उसे परेशानी होती है, लेकिन वह उसे दरकिनार कर प्रतिदिन स्कूल आती है. जमुई: एक दस साल की लड़की जो चल नहीं सकती, बचपन से ही पैर उल्टे हैं खड़ी होती है तो कांपती है, सड़क पर चलती है तो पैर में कंकड़ चुभ जाते हैं और चलना मुश्किल हो जाता है. इतना ही नहीं उसकी बड़ी बहन भी पैरों से दिव्यांग है तो उसकी मां सुन नहीं सकती है. लेकिन इन सब के बावजूद इस छोटी सी लड़की के हौसले बड़े हैं और वह बड़े होकर पुलिस की वर्दी पहनना चाहती है. यह कहानी है जमुई जिले के एक छोटे से गांव खुटौना की रहने वाली सुषमा कुमारी की, जो उत्क्रमित मध्य विद्यालय खुटौना की कक्षा चार की छात्रा है. सुषमा बचपन से ही दिव्यांग है और उसे चलने में काफी परेशानी आती है. लेकिन इन परेशानियों के बावजूद भी वह हार नहीं मानी और प्रतिदिन तमाम तरह की परेशानियां झेलकर भी वह स्कूल जाती है. मुड़ा हुआ पैरों का एक बड़ा हिस्साबताते चलें कि सुषमा अपने दोनों पैरों से दिव्यांग हैं, उसके टखने से नीचे का हिस्सा पूरी तरह से मुड़ा हुआ है. इस कारण वह चप्पल तक नहीं पहन सकती. सुषमा के घर से स्कूल की दूरी डेढ़ किलोमीटर की आसपास है. और सड़क पर वह इन पैरों के सहारे चलकर स्कूल नहीं पहुंच पाती, इसलिए वह खेतों के रास्ते स्कूल जाती है. जहां एक तो चलने के लिए उसे मिट्टी वाली सतह मिल जाती है और स्कूल की दूरी भी कम हो जाती है. लेकिन बारिश का मौसम उसके लिए सबसे बड़ी चुनौती लेकर आता है. कच्ची सड़कें और पगडंडियां कीचड़ से भर जाती हैं. ऐसे में सामान्य व्यक्ति के लिए भी चलना कठिन होता है, लेकिन सुषमा के लिए यह लगभग असंभव जैसा हो जाता है. कई बार वह चाहकर भी विद्यालय नहीं पहुंच पाती. सुषमा की दादी सिया देवी ने बताया कि वह कीचड़ भरे रास्ते पर कई बार गिर गई, जिस कारण वह बारिश के दिनों में स्कूल ही नहीं जा पाती. पढ़-लिखकर पहनना चाहती है पुलिस की वर्दीसुषमा ने बताया कि मैं पढ़-लिखकर पुलिस बनना चाहती हूं. उसने कहा कि ऐसा पैर होने के कारण मुझे चलने-फिरने में बहुत समस्या होती है. सड़क पर गिट्टियां चुभती हैं तो और ज्यादा दिक्कत होती है. बारिश में रास्ते में कीचड़ हो जाता है, तब स्कूल जाना बंद हो जाता है. सुषमा के विद्यालय के प्रधानाचार्य राहुल कुमार ने बताया कि सुषमा प्रतिदिन स्कूल आती है. उसे परेशानी होती है, लेकिन वह उसे दरकिनार कर प्रतिदिन स्कूल आती है. सुषमा की एक बड़ी बहन भी दिव्यांग है, वो भी यहां पढ़ती थी. सुषमा के परिवार ने बताया कि आज तक सुषमा को ऐसी कोई सरकारी सहायता नहीं मिल सकी, जिससे उसका स्कूल आना-जाना आसान हो सके. उसे अब तक एक ट्राई साइकिल तक उपलब्ध नहीं कराई गई है. परिवार के लोग बताते हैं कि यदि उसके पास ट्राई साइकिल होती, तो रोज का सफर काफी आसान हो सकता था और बारिश के दिनों में भी उसकी पढ़ाई कम प्रभावित होती. सुषमा की यह कहानी कई और लोगों को भी प्रेरणा देती है. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

झारखंड

रिज एंड फरो पद्धति अपनाएं, धान के साथ टांड़ पर अरहर लगाएं,...

होमताजा खबरकृषि रिज एंड फरो पद्धति अपनाएं, धान के साथ अरहर भी लगाएं, कम बारिश में खेती के उपाय Last Updated:July 02, 2026, 09:14 IST Low Rainfall Strategy: पलामू में किसानों के लिए इस बार मौसम सबसे बड़ी चुनौती हो सकता है. जून में जितनी बारिश होनी चाहिए थी, उसकी आधी भी नहीं हुई. इस बारे में जब कृषि विशेषज्ञ डॉ. अखिलेश शाह से बात की गई तो उन्होंने कुछ तरीके और टिप्स दिए जिससे कम पानी में भी सफल खेती की जा सके, खासकर नुकसान की संभावना से बचा जा सके. ख़बरें फटाफट पलामू. मानसून की बारिश आने के बाद पलामू के किसानों के लिए राहत की खबर है. अब किसान अपनी खेती के पहले चरण को आसानी से शुरू कर सकते हैं. हालांकि इस खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही पलामू के किसानों के सामने इस बार मौसम सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है. इस बार सुपर अल नीनो के प्रभाव के कारण सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है. ऐसे में किसानों को खेती करने के लिए खास तौर पर तैयारी करने की जरूरत है. खेती की रणनीति बदलने की जरूरतदरअसल, जून महीने में पलामू में औसतन 157 मिलीमीटर वर्षा होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल लगभग 60 मिलीमीटर बारिश ही दर्ज की गई है. ऐसे में धान जैसी अधिक पानी वाली फसलों पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय किसानों को समय रहते खेती की रणनीति बदलने की जरूरत है, ताकि कम वर्षा की स्थिति में भी अच्छी उपज और बेहतर आमदनी सुनिश्चित की जा सके, जिससे उन्हें अच्छा लाभ मिल सके. टांड़ जमीन में अरहर और मक्का की खेती होगी बेहतर विकल्पकृषि विशेषज्ञ डॉ. अखिलेश शाह ने बताया कि जिन किसानों के पास टांड़ या ऊंची जमीन है, वे खेत की जुताई कर तुरंत अरहर या मक्का की बुआई शुरू कर दें. ये दोनों फसलें अपेक्षाकृत कम पानी में भी अच्छी पैदावार देती हैं और सूखे की स्थिति को बेहतर तरीके से सहन कर सकती हैं. जुलाई के शुरुआती सप्ताह तक अरहर की बुआई का उपयुक्त समय माना जाता है. रिज एंड फरो पद्धति फायदेमंदकम और अनिश्चित बारिश को देखते हुए किसानों को रिज एंड फरो (मेढ़ और नाली) पद्धति अपनाने की सलाह दी जा रही है. इस तकनीक में ऊंची मेढ़ बनाकर फसल लगाई जाती है और बीच में नाली छोड़ी जाती है. अगर अधिक बारिश हो जाए तो अतिरिक्त पानी नाली से निकल जाता है, वहीं कम बारिश होने पर नमी लंबे समय तक बनी रहती है. इससे फसल के खराब होने की संभावना काफी कम हो जाती है. धान के साथ अरहर भी लाभदायकउन्होंने कहा कि किसान धान की दो क्यारियों के बीच अरहर की बुआई भी कर सकते हैं. इस अंतरवर्ती खेती से एक ही खेत में दो फसलों का उत्पादन मिलेगा. अगर धान पर मौसम का असर पड़ता है, तब भी अरहर किसानों की आय का सहारा बन सकती है. यह तरीका जोखिम कम करने के साथ खेत की उत्पादकता भी बढ़ाता है. धान के बिचड़े के लिए सही समयवे आगे कहते हैं कि बारिश भले सामान्य से कम हुई हो, लेकिन उपलब्ध नमी धान का बिचड़ा तैयार करने के लिए पर्याप्त मानी जा रही है. किसान अभी नर्सरी तैयार कर सकते हैं, ताकि आने वाले दिनों में अगर अच्छी बारिश होती है तो समय पर रोपाई की जा सकेगी. कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम को देखते हुए फसल चयन और आधुनिक खेती तकनीकों को अपनाकर किसान नुकसान की आशंका को काफी हद तक कम कर सकते हैं. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

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पलामू पुलिस ने खेती कर गांजा बेचने वाले को पकड़ा:ऑपरेशन प्रहार में...

पलामू पुलिस ने मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने छापेमारी कर लगभग 21 किलो 91 ग्राम गांजा जब्त किया, जिसकी अनुमानित कीमत डेढ़ लाख रुपए बताई जा रही है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने शनिवार को बताया कि यह कार्रवाई पाटन और शहर थाना क्षेत्रों में की गई। पाटन थाना क्षेत्र के आरेदाना टोला बरवाडीह में एसडीपीओ राजेश यादव के नेतृत्व में एक टीम ने अशोक राम के घर पर छापा मारा। तलाशी के दौरान एक बक्से से पांच प्लास्टिक की बोरियों में रखा लगभग 21 किलो कच्चा गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से 10,560 रुपये नकद भी जब्त किए। पूछताछ में आरोपी अशोक राम ने स्वीकार किया कि वह स्वयं गांजा की खेती करता था, उसे सुखाता था और फिर बेचता था। पुलिस ने अशोक राम को गिरफ्तार कर पाटन थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। दूसरी कार्रवाई शहर थाना क्षेत्र के कुंड मोहल्ला स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर के पास एक किराना दुकान में की गई। छापेमारी के दौरान दुकान के ड्रॉअर से 91 ग्राम अवैध गांजा और गांजा की पुड़िया बनाने में इस्तेमाल होने वाले चार बंडल प्लास्टिक रैपर बरामद हुए। पुलिस ने दुकान संचालक नेसार अंसारी को भी एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया है। एसपी कपिल चौधरी ने बताया कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस का लक्ष्य जुलाई में नशे के कारोबार से जुड़े 100 तस्करों को गिरफ्तार करना है। पुलिस उन सभी स्थानों को चिन्हित कर रही है, जहां गांजा और हेरोइन जैसे मादक पदार्थ बेचे जाते हैं। Source link

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लातेहार के चंपा घाटी में सड़क हादसा, चालक की मौत:भाई गंभीर रूप...

लातेहार जिले के महुआडांड़ थाना क्षेत्र में शनिवार शाम एक सड़क हादसे में कर्नाटक निवासी ट्रेलर चालक जसवंत नायक (40) की मौके पर ही मौत हो गई। यह दुर्घटना महुआडांड़-चंपा मुख्य मार्ग स्थित चंपा घाटी में हुई। ट्रेलर के खलासी और जसवंत के सगे भाई लवकेश नायक (35) गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, दोनों भाई कर्नाटक से ओटीएस कंपनी का सामान लदा ट्रेलर लेकर महुआडांड़ होते हुए पटना जा रहे थे। चंपा घाटी के समीप चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिससे ट्रेलर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा इतना भीषण था कि चालक जसवंत नायक ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण, अंबवाटोली की मुखिया रोशनी कुजूर और अन्य जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल 108 एंबुलेंस को सूचित किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एंबुलेंस करीब एक घंटे की देरी से पहुंची, जिससे घायल को समय पर चिकित्सकीय सहायता नहीं मिल सकी। इस बीच, थाना प्रभारी मनोज कुमार के निर्देश पर पुलिस टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने एंबुलेंस का इंतजार किए बिना घायल लवकेश नायक को अपनी सरकारी गाड़ी से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, महुआडांड़ पहुंचाया, जहां उनका इलाज शुरू कराया गया। इस घटना के बाद सड़क की बनावट पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। दुर्घटना क्षेत्र के रूप में बन चुकी है चंपा घाटी स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि चंपा घाटी लंबे समय से दुर्घटना क्षेत्र के रूप में बनी हुई है। इस मार्ग से गुजरने वाले भारी वाहनों के साथ पहले भी कई गंभीर हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि घाटी की डिजाइन और सड़क की तकनीकी खामियां लगातार दुर्घटनाओं का कारण बन रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार, आरसीडी विभाग के तत्कालीन सहायक अभियंता विजय बाखला भी पहले स्वीकार कर चुके हैं कि इस घाटी में आवश्यक कटाव और तकनीकी सुधार की जरूरत है। उनका कहना था कि घाटी का अलाइनमेंट दोषपूर्ण होने के कारण वाहनों का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इस ताजा हादसे के बाद एक बार फिर चंपा घाटी की सुरक्षा व्यवस्था और सड़क की तकनीकी खामियों को दूर करने की मांग तेज हो गई है। Source link

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रेलवे स्‍टेशन से बच्‍चे को किया किडनैप, 12 दिन बाद खुद लेकर...

होमताजा खबरदेश रेलवे स्‍टेशन से बच्‍चे को किया किडनैप, 12 दिन बाद खुद लेकर पहुंचा अस्‍पताल .. Last Updated:July 04, 2026, 19:05 IST सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन से अगवा 5 साल का बच्चा 12 दिन बाद मिला. खास बात यह रही कि आरोपी खुद बच्चे को लेकर थाने पहुंचा और पुलिस को ऐसी कहानी बताई,जिस पर भरोसा नहीं हो रहा है. सिकंदरबाद पुलिस के पास निखिल. सिकंदराबाद. तेलंगाना के सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन से दादी के साथ सो रहे पांच साल के मासूम बच्‍चे को अगवा किया गया. इसके बाद आरोपी स्‍वयं 12 दिन बाद बच्‍चे को लेकर थाने गया. बच्चे के सुरक्षित मिलने पर परिवार खुश हो गए हैं. आरोपी द्वारा पुलिस को बताई गयी कहानी भरोसा हो रहा है. मामले की जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर बच्चे को ले जाने की वजह क्‍या थी. एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार सिकंदराबाद पुलिस के अनुसार निखिल नाम का यह बच्चा  दादी के साथ सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पर सो रहा था. रात मे वह गायब हो गया. रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में एक व्यक्ति बच्चे को अपने साथ ले जाता दिखाई दिया.  इस आधार पर जीआरपी ने अपहरण का मामला दर्ज कर चार टीमें बनाई और हैदराबाद से लेकर विजयवाड़ा तक बच्चे की तलाश जुट गयीं. करीब 12 दिन बाद  शेख महबूब अली खुद सिकंदराबाद के जीडीमेटला पुलिस थाने बच्‍चे को लेकर पहुंचा. उसके साथ निखिल भी था. उसने बच्चे को पुलिस के हवाले कर दिया. पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि उसे 29 जून को बच्चा अकेला मिला था और बच्चे को तेज बुखार था, इसलिए वह उसे अस्पताल ले गया, इलाज कराया. उसके लिए नए कपड़े खरीदे और स्वस्थ होने के बाद पुलिस के पास ले आया. पुलिस आरोपी के दावे सहमत नहीं हैै. अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज में वही व्यक्ति बच्चे को रेलवे स्टेशन से अपने साथ ले जाता दिखाई दे रहा है. ऐसे में उसके बयान और फुटेज के बीच विरोधाभास है. इसलिए जांच कर यह पता लगाया जा रहा है कि बच्चे को क्यों ले गया और उसके पीछे असली मंशा क्या थी. पुलिस ने बताया कि आरोपी एक होटल में काम करता है और अपनी मां के साथ रहता है. उसकी पत्नी और बच्चे उससे अलग हो चुके हैं. जीडीमेटला के सर्किल इंस्पेक्टर गड्डम मल्लेशम के अनुसार बच्चे का सुरक्षित मिलना बड़ी राहत है. उन्होंने कहा कि आरोपी की मंशा का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा. पुलिस ने वीडियो कॉल के जरिए बच्चे की पहचान उसकी मां से कराई. पुष्टि होने के बाद निखिल को उसकी मां और दादी को सौंप दिया गया. About the Author Sharad Pandeyविशेष संवाददाता करीब 20 साल का पत्रकारिता का अनुभव है. नेटवर्क 18 से जुड़ने से पहले कई अखबारों के नेशनल ब्‍यूरो में काम कर चुके हैं. रेलवे, एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट और एग्रीकल्चर जैसी महत्वपूर्ण बीट्स पर रिपोर्टिंग की. कैंब्रिज…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Hyderabad,Telangana Source link

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बिना जिम जाए घटेगा वजन, योग गुरु से जानें मोटापा कम करने...

X बिना जिम जाए घटेगा वजन, योग गुरु से जानें मोटापा कम करने वाले 5 असरदार योगासन   आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मोटापा बड़ी स्वास्थ्य समस्या बन गया है. योग विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित योग और संतुलित आहार अपनाकर मोटापे को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है. अगर रोजाना कम से कम एक घंटा योग और व्यायाम किया जाए, तो वजन नियंत्रित रखने के साथ शरीर भी स्वस्थ रहता है. उनके अनुसार मंडूकासन, ताड़ासन, तिर्यक ताड़ासन, वीरभद्रासन और त्रिकोणासन जैसे योगासन मोटापा कम करने में मददगार माने जाते हैं. मंडूकासन पाचन तंत्र को मजबूत करता है, जबकि ताड़ासन शरीर का संतुलन और लचीलापन बढ़ाता है. वहीं तिर्यक ताड़ासन पेट और कमर की अतिरिक्त चर्बी कम करने में सहायक माना जाता है. वीरभद्रासन शरीर की ताकत और सहनशक्ति बढ़ाता है, जबकि त्रिकोणासन कैलोरी बर्न करने और शरीर को लचीला बनाने में मदद करता है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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