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West Bengal Chunav Voting | Mamata Banerjee vs Suvendu Adhikari | घर...

West Bengal election phase 2 voting : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और आखिरी चरण की वोटिंग हो रही है. पश्चिम बंगाल की कुल 294 सीटों में 142 सीटों पर आखिरी चरण में वोट डाले जा रहे हैं. बड़ी संख्या में वोटर घरों से बाहर निकल रहे हैं. इस चरण में सबसे अहम मुकाबला भवानीपुर सीट पर है. यहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भजपा प्रत्याशी सुवेंदु अधिकारी आमने-सामने हैं. सुबह से ही दोनों फील्ड में बूथों का दौरा कर रहे हैं. एक वक्त तो ऐसा भी हुआ, जब भवानीपुर के जिस बूथ के बाहर ममता बनर्जी एक घर में बैठी थीं, वहीं पर सुवेंदु अधिकारी भी आ धमके. दरअसल, टीएमसी सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भवानीपुर के चक्रबेरिया स्थित एक मतदान केंद्र के बाहर आईं. वहां काफी देर तक बैठी रहीं. उनका आरोप था कि टीएमसी के लोगों की मौजूदगी को जानबूझकर कम कर दिया गया. उनके झंटे हटा दिए गए. जब ममता बनर्जी जिस घर में थीं, उसके ठीक सामने सुवेंदु अधिकारी भी आ गए थे. कुछ देर तक सुवेंदु अधिकारी वहीं डटे रहें. इसके बाद तो उन्होंने गरज कर यह तक कह दिया कि ममता का डर अच्छा लग रहा है. ममता पर बरसे सुवेंदु अधिकारी न्यूज18 इंडिया से बातचीत में सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि ममता की पुलिस नहीं है तो उनको डर लग रहा है. अगर कुछ बोलना है तो चुनाव आयोग को बोलें. ममता बनर्जी 50-60 लोगों को लेकर आईं. मेरे आने पर सब भाग गए. वो क्लीयर नहीं करेगा तो मैं क्लीयर करूंगा. ये डर अच्छा लग रहा है. उन्होंने आगे कहा कि ममता बनर्जी 30 हजार वोटों से हारेंगी. ममता भी पीछे नहीं रहीं दरअसल, पश्चिम बंगाल में जारी मतदान के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को केंद्रीय बलों और चुनाव पर्यवेक्षकों पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि ये लोग बीजेपी के इशारे पर काम कर रहे हैं और राज्य के कई हिस्सों में मतदान प्रक्रिया में बाधा डाल रहे हैं. ममता बनर्जी ने दावा किया कि ‘कई पर्यवेक्षक बाहर से आए हैं और बीजेपी के निर्देशों पर काम कर रहे हैं.’ उन्होंने मतदान प्रक्रिया में दखल देने का आरोप लगाया. मतदान की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, ‘लोगों को वोट डालना है, क्या ऐसे मतदान हो सकता है?’ विस्तार से समझिए पूरा मामला दरअसल, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी ने बुधवार को अपने भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों का दौरा किया. ममता ने आरोप लगाया कि केंद्रीय बल और चुनाव पर्यवेक्षक भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं. गौरतलब है कि भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र बनर्जी का राजनीतिक गढ़ माना जाता है, जहां उनकी नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी से प्रतिष्ठा की लड़ाई है. इस मुकाबले को नंदीग्राम की लड़ाई की तरह ही देखा जा रहा है, जहां 2021 में अधिकारी ने बनर्जी को हरा दिया था. तृणमूल कांग्रेस प्रमुख आमतौर पर मतदान के दिन दोपहर में अपने कालीघाट स्थित आवास से निकलकर मित्रा इंस्टीट्यूशन स्कूल में वोट डालने जाती हैं. हालांकि, इस बार वह सुबह आठ बजे से पहले ही भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों का दौरा करने निकल पड़ीं, जिनमें दक्षिण कोलकाता के चेतला इलाके के मतदान केंद्र भी शामिल हैं. बाद में वह भवानीपुर के चक्रबेड़िया स्थित एक मतदान केंद्र के बाहर बैठीं और पत्रकारों से बात करते हुए अनियमितताओं का आरोप लगाया. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर केंद्रीय बलों और पर्यवेक्षकों के जरिए मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया. ममता बनर्जी ने कहा, ‘कई पर्यवेक्षक बाहर से आए हैं और भाजपा के निर्देशों पर काम कर रहे हैं. लोगों को मतदान करना है- क्या इस तरह मतदान हो सकता है?’ ममता ने क्या आरोप लगाए? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के सभी पार्टी झंडे पहले ही हटा दिए गए और बाहरी लोग मतदान प्रक्रिया में दखल दे रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘वे वार्ड नंबर 70 के पार्षद को बाहर निकलने नहीं दे रहे हैं. वे हमारे सभी कार्यकर्ताओं को पकड़ रहे हैं. अभिषेक और मैं पूरी रात जागते रहे.’ ममता बनर्जी ने दावा किया कि राज्य के बाहर से कुछ लोग निर्वाचन क्षेत्र में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं और उन्होंने निर्वाचन आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की. अभिषेक बनर्जी का क्या दावा? हालांकि, भाजपा ने उनके आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी जनता के गुस्से को भांपकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है. तृणमूल में दूसरे नंबर के नेता माने जाने वाले अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि तृणमूल 2021 की तुलना में अधिक सीटें जीतकर सत्ता में लौटेगी. डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने मित्रा इंस्टीट्यूशन में मतदान करने के बाद विभिन्न स्थानों पर चुनाव पर्यवेक्षकों द्वारा मनमानी करने का आरोप लगाया. सुवेंदु अधिकारी ने किया पलटवार वहीं, सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री यह चुनाव हार जाएंगी. विपक्ष के नेता ने निर्वाचन क्षेत्र के खिदिरपुर इलाके में दो मंदिरों में पूजा-अर्चना की. सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि लोग बड़ी संख्या में मतदान करने के लिए बाहर निकल रहे हैं और चुनाव आयोग ने स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए उचित व्यवस्थाएं की हैं. तृणमूल प्रमुख के मतदान के दिन सुबह-सुबह बाहर निकलने के बारे में पूछे जाने पर अधिकारी ने पत्रकारों से कहा, ‘कोई फर्क नहीं पड़ता, वह हार जाएंगी.’ कहां-कहां और कब तक वोटिंग पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में 142 सीटों पर अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान जारी है. मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और कोलकाता, हावड़ा, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, नदिया, हुगली और पूर्व बर्धमान जिलों के मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं. 4 मई को आएगा रिजल्ट इस चरण का परिणाम महत्वपूर्ण होने की उम्मीद है क्योंकि इसमें दक्षिण बंगाल शामिल है, जिसे तृणमूल का पारंपरिक गढ़ माना जाता है, जहां भाजपा पैठ बनाने की कोशिश कर रही है. मतदान शाम छह बजे तक जारी रहेगा. पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान में 93.19 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था, जो राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत था.मतगणना चार

झारखंड

मक्खन में नहायी पावभाजी, चिकन पकोड़ा, मसाला सोडा…सब है यहां, खबोड़ों की...

Last Updated:April 29, 2026, 10:18 IST Jamshedpur Famous Food Street Khao Gali: जमशेदपुर की एग्रिको खाओ गली यहां के फूडीज का फेवरेट ईवनिंग स्पॉट है. यहां शाम 6 से रात 10 बजे तक खाने के शौकीनों की जमकर भीड़ लगती है. थोड़ी सी दूरी पर 25 से 30 वेज, नॉनवेज फूड के स्टॉल हैं और सामने खुला मैदान. ख़बरें फटाफट जमशेदपुर. अगर आप खाने-पीने के शौकीन हैं और शाम के समय किसी बेहतरीन जगह की तलाश में हैं, तो जमशेदपुर की एग्रिको खाओ गली आपके लिए एक शानदार विकल्प हो सकता है. यह जगह खास तौर पर उन लोगों के लिए है जो अलग-अलग तरह के स्वाद का मजा एक ही जगह पर लेना चाहते हैं. हर दिन शाम 6:00 बजे से लेकर रात 10:00 बजे तक यह खाओ गली पूरी तरह से गुलजार हो उठती है. लगते हैं 25 से 30 स्टॉललगभग 100 मीटर की दूरी पर यहां 25 से 30 स्टॉल लगते हैं और हर स्टॉल पर कुछ न कुछ खास मिलता है. जैसे ही आप इस गली में कदम रखते हैं, सबसे पहले आइसक्रीम की ठंडी मिठास आपका स्वागत करती है. इसके बाद गोलगप्पा, लिट्टी-चोखा, बर्गर, पिज्जा, मोमोज, फ्रेंच फ्राइज, डोसा, इडली जैसे स्वादिष्ट व्यंजन एक-एक करके आपकी भूख को और बढ़ा देते हैं. नॉनवेज के शौकीनों के लिए भी बहुत कुछअगर आप नॉन-वेज पसंद करते हैं, तो यहां तंदूरी चिकन, चिकन पकोड़ा जैसे लजीज ऑप्शन भी मौजूद हैं. वहीं, गर्मी से राहत पाने के लिए कोल्ड ड्रिंक, मसाला सोडा और नोवेल्टी आइसक्रीम भी आसानी से मिल जाती है. पाव भाजी का मक्खन भरा स्वाद तो यहां आने वालों की खास पसंद में शामिल है. हर चीज बनती है फ्रेशइस खाओ गली की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां हर चीज आपके सामने ताजा बनाकर दी जाती है. साफ-सफाई का भी खास ध्यान रखा जाता है, जिससे आप बेफिक्र होकर खाने का आनंद ले सकते हैं. हर स्टॉल का स्वाद दूसरे से अलग होता है, जिससे आपको हर कदम पर नया अनुभव मिलता है. खुले मैदान में बिताएं समयइसके अलावा, इस जगह के पास ही एक बड़ा ग्राउंड भी है, जहां आप अपने दोस्तों या परिवार के साथ बैठकर क्वालिटी टाइम बिता सकते हैं. पहले स्वादिष्ट खाना खाइए और फिर खुले माहौल में बैठकर अपने पलों को यादगार बनाइए. यही इस जगह की खास पहचान है. तो अगर आप भी शाम को कहीं अच्छा समय बिताना चाहते हैं, दोस्तों के साथ घूमना चाहते हैं या अपने लव वन्स के साथ कुछ खास पल बिताना चाहते हैं, तो एक बार एग्रिको खाओ गली जरूर जाएं. यहां का स्वाद, माहौल और अनुभव आपको बार-बार आने पर मजबूर कर देगा. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand First Published : April 29, 2026, 10:15 IST Source link

व्यापार

ये 5 सुपर-प्रोड्यूसर मुर्गियां, जो देती हैं साल भर अंडों की बारिश,...

Last Updated:January 16, 2026, 19:08 IST आज के समय में मुर्गी पालन किसानों और पशुपालकों के लिए आय का एक भरोसेमंद जरिया बन चुका है. विशेषकर वे नस्लें जो अधिक अंडे देती हैं, नियमित आमदनी सुनिश्चित करती हैं. सही नस्ल का चुनाव कर आप घरेलू पालन या व्यावसायिक फार्मिंग के माध्यम से अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. आगे जानिए टॉप 5 ऐसी नस्लें जो अंडा उत्पादन में बेस्ट मानी जाती हैं. लेगॉर्न (Leghorn) नस्ल को दुनिया की सबसे अधिक अंडे देने वाली मुर्गी माना जाता है. यह सफेद अंडे देती है और साल में 280 से 320 तक या इससे भी अधिक अंडे देने की क्षमता रखती है. कम चारा, तेज उत्पादन और कम देखभाल इसकी सबसे बड़ी खासियतें हैं. दूसरे नंबर पर लोहमैन ब्राउन नस्ल की बात करें, तो यह व्यावसायिक मुर्गी पालन में बेहद लोकप्रिय मानी जाती है. यह लगातार और स्थिर अंडा उत्पादन करती है, जिससे बाजार में सप्लाई बनी रहती है. भूरे अंडों की अच्छी मांग के कारण यह नस्ल अपने मालिकों को बेहतर दाम दिलाती है. श्री मुरली मनोहर टाउन स्नातकोत्तर महाविद्यालय बलिया के पशुपालन और दुग्ध विज्ञान विभाग के प्रो. धर्मेंद्र सिंह के अनुसार, ईसा ब्राउन एक संकर नस्ल है, जो कम उम्र में ही अंडा देना शुरू कर देती है. यह सालाना लगभग 300 अंडे देती है और मौसम के उतार-चढ़ाव में भी अच्छा प्रदर्शन करती है. इसी वजह से छोटे और बड़े दोनों पशुपालकों के बीच इसकी अच्छी डिमांड बनी रहती है. Add News18 as Preferred Source on Google अंडा उत्पादन के लिए मुर्गी पालन करने वाले पशु मालिकों के बीच काले चमकदार पंखों वाली ऑस्ट्रेलोर्प नस्ल भी एक बेहतर विकल्प मानी जाती है. इसमें ठंड सहने की अच्छी क्षमता होती है. यह साल में लगभग 250 या उससे अधिक अंडे दे सकती है. स्वभाव से शांत होने के कारण यह नस्ल घरेलू पालन के लिए भी उपयुक्त रहती है. अब अगर रोड आइलैंड रेड नस्ल की बात करें, तो यह मुर्गियां अपने मजबूत शरीर और बेहतर रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए पहचानी जाती हैं. यह भारतीय मौसम में आसानी से अनुकूलन कर लेती हैं और साल में 250 से अधिक अंडे देने की क्षमता रखती हैं. देसी परिस्थितियों में भी यह नस्ल एक भरोसेमंद विकल्प मानी जाती है. टॉप 5 नस्लों के अलावा गोल्डन कॉमेट, वायंडोट और ग्रामप्रिया जैसी नस्लें भी अंडा उत्पादन के मामले में किसी से कम नहीं हैं. हालांकि नस्ल का चयन करते समय स्थानीय जलवायु, चारे की उपलब्धता और बाजार की मांग को ध्यान में रखना जरूरी होता है. सही नस्ल का चुनाव करने से अंडा उत्पादन बढ़ता है और पशुपालकों की आमदनी में भी इजाफा होता है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। First Published : January 16, 2026, 19:08 IST Source link

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हिमाचल प्रदेश से कुख्यात गैंगस्टर और उसके 7 साथी गिरफ्तार, दो महिलाओं...

Last Updated:April 29, 2026, 08:40 IST Himachal News: पंजाब के एक कुख्यात गैंगस्टर और उसके सात साथियों को शनिवार को हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले से गिरफ्तार किया गया. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई पंजाब की अपराध जांच एजेंसी ने की है. आरोपी पंजाब में वारदात को अंजाम देने के बाद यहां पर छुपने के लिए आए थे. ख़बरें फटाफट हिमाचल के कुल्लू से गैंगस्टर गिरफ्तार. शिमला.  पंजाब के एक कुख्यात गैंगस्टर और उसके सात साथियों को शनिवार को हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले से गिरफ्तार किया गया. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई पंजाब की अपराध जांच एजेंसी ने राज्य पुलिस के साथ मिलकर की. आरोपियों के साथ दो महिलाएं भी थी. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की पहचान पंजाब के गैंगस्टर हरप्रीत सिंह और उसके साथियों राम सिंह, गुरप्रीत सिंह, सतनाम उर्फ सागर, सिकंदर, राजबिंदर, कोमल और तलविंदर कौर के रूप में हुई है. पुलिस ने बताया कि पंजाब पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी गुरुवार को मणिकरण पहुंचे थे. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उनकी गतिविधियों पर नजर रखी और कुल्लू पुलिस की मदद से उन्हें पकड़ लिया. पुलिस के अनुसार, हरप्रीत के खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. कुल्लू के एसपी मदन लाल कौशल ने कहा कि यह कामयाबी पंजाब और स्थानीय पुलिस के अच्छे तालमेल का नतीजा है. उन्होंने कहा कि गिरफ्तार सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. आरोपी मणिकर्ण में एक निजी होटल में रुके हुए थे. आरोपी गैंगस्टर हरप्रीत सिंह आपराधिक प्रवृत्ति का है. उसके खिलाफ पहले से ही कई मामले दर्ज हैं. बताया जा रहा है कि आरोपी बरशैणी से मणिकर्ण की तरफ वापस लौट रहे थे, तभी पुलिस टीम ने घेराबंदी कर शिल्ला के पास इन्हें दबोच लिया. हाल ही में 20 अप्रैल को आरोपी गैंगस्टर पर बीएनएस की धारा 109, 3(5) और शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत केस दर्ज किया गया था. आरोप है कि आरोपियों ने एक घर पर गोलीबारी कर फिरौती के लिए दबाब बनाया था. About the Author Vinod Kumar Katwal Vinod Kumar Katwal, a Season journalist with 14 years of experience across print and digital media. I have worked with some of India’s most respected news organizations, including Dainik Bhaskar, IANS, Punjab K…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Kullu,Kullu,Himachal Pradesh First Published : April 29, 2026, 08:37 IST Source link

झारखंड

साल भर मिर्च की पैदावार, वो भी गमले में! कोडरमा की कंचन...

होमताजा खबरकृषि साल भर मिर्च की पैदावार: कोडरमा की कंचन उगा रही हैं ‘ब्लैक कोबरा’ वैरायटी Last Updated:April 29, 2026, 05:20 IST Koderma Black Cobra Chili : झुमरी तिलैया की कंचन सिंह ने गमले में बेहद तीखी ब्लैक कोबरा मिर्च उगाई हैं. उन्होंने बताया कि यह मिर्च सालभर उत्पादन देती है. जहां एक मिर्च ही सब्जी, अचार और चटनी के लिए काफी है. इस मिर्च की खासियत जानकर आप हैरान रह जाएंगे. ख़बरें फटाफट कोडरमा:  घर और रेस्टोरेंट में स्वादिष्ट व्यंजनों की पहचान मसालों से होती है और इनमें मिर्च की भूमिका सबसे अहम मानी जाती है, लेकिन अक्सर लोगों की शिकायत रहती है कि बाजार से खरीदी गई मिर्च अधिक मात्रा में डालने के बावजूद अपेक्षित तीखापन नहीं दे पाती. ऐसे में झुमरी तिलैया के बिशनपुर रोड निवासी गृहणी कंचन सिंह ने अपने घर के गमले में एक ऐसी खास मिर्च उगाई है. जिसकी चर्चा अब आसपास के लोगों के बीच हो रही है. इस मिर्च का नाम ब्लैक कोबरा है. जो अपने तेज तीखेपन और सालभर उत्पादन के लिए जानी जाती है.  गमले में लगाकर कर कर सकते हैं उत्पादन कंचन सिंह ने बताया कि जहां सामान्य तौर पर सब्जी बनाने में 8 से 10 मिर्च तक डालनी पड़ती थी. वहीं, अब सिर्फ एक ब्लैक कोबरा मिर्च ही पर्याप्त साबित हो रही है. उन्होंने इस मिर्च का बीज अपने एक परिचित से लिया था. बीज से पौधा तैयार कर गमले में लगाया गया और अब यह पौधा लगातार मिर्च दे रहा है. उन्होंने बताया कि पौधा लगाने के करीब 60 से 70 दिनों बाद इसमें मिर्च आनी शुरू हो जाती है और इसके बाद सालभर उत्पादन बना रहता है. इस पौधे की एक और बड़ी खासियत यह है कि इसमें मिर्च नीचे झुकने के बजाय आसमान की ओर ऊपर उठती हुई लगती है, जो इसे आम मिर्च के पौधों से अलग बनाती है. बाजार से मिर्च खरीदना जाएंगे भूल उन्होंने बताया कि ब्लैक कोबरा मिर्च का रंग भी इसे खास बनाता है. शुरुआत में यह हरे रंग की होती है, फिर धीरे-धीरे हल्के बैंगनी रंग में बदलती है और पकने के बाद लाल हो जाती है. इसका हल्का बैंगनी रूप सबसे ज्यादा तीखा होता है. उन्होंने बताया कि इस पौधे की सबसे बड़ी खूबी यह है कि पूरे साल मिर्च मिलती रहती है. जिससे अब बाजार से मिर्च खरीदने की जरूरत लगभग खत्म हो गई है. अधिक उत्पादन होने पर इसे सुखाकर भी रखा जा सकता है और जरूरत पड़ने पर उपयोग किया जा सकता है. अचार, चटनी, स्नैक्स में भी कर सकते हैं इस्तेमाल उन्होंने बताया कि नियमित सिंचाई और पर्याप्त धूप मिलने पर पौधा तेजी से बढ़ता है और अधिक मिर्च देता है. गमले में आसानी से उगने के कारण यह घरों के लिए बेहतर है. ब्लैक कोबरा मिर्च का इस्तेमाल सिर्फ सब्जियों तक सीमित नहीं है. इसका उपयोग चटनी, अचार, तीखे स्नैक्स और अन्य मसालेदार व्यंजनों में भी किया जा सकता है. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Kodarma,Jharkhand First Published : April 29, 2026, 05:20 IST Source link

व्यापार

जेब में एक रुपया नहीं, फिर भी लाखों की कमाई! जानिए जीरो...

Last Updated:January 17, 2026, 12:43 IST अगर आप नौकरी से परेशान हैं और सोच रहे हैं कि बिना ज्यादा निवेश के अपना काम शुरू किया जाए, तो यह खबर आपके लिए है. डिजिटल जमाने में बिजनेस शुरू करना अब आसान हो गया है. न कोई दुकान की जरूरत, न भारी पूंजी. बस सही सोच, थोड़ी समझदारी और कोई एक स्किल होने पर घर बैठे ही कमाई की शुरुआत की जा सकती है. आज के समय में बड़ी संख्या में लोग नौकरी छोड़कर खुद का बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं. नौकरी में मेहनत जरूर होती है, लेकिन कमाई और तरक्की की एक सीमा तय रहती है. वहीं, बिजनेस में इंसान अपने फैसले खुद लेता है और आगे बढ़ने की कोई तय सीमा नहीं होती. यही आज के युवाओं को सबसे ज्यादा आकर्षित कर रहा है. डिजिटल युग ने बिजनेस शुरू करना पहले से कहीं ज्यादा आसान बना दिया है. अब दुकान, ऑफिस या भारी पूंजी की जरूरत नहीं है मोबाइल, लैपटॉप और इंटरनेट की मदद से घर बैठे ही काम शुरू किया जा सकता है. यही वजह है कि छोटे शहरों और कस्बों से भी लोग ऑनलाइन काम करके अच्छी कमाई कर रहे हैं. अगर आपके पास कोई स्किल है, तो वही आपकी असली ताकत है. कंटेंट लिखना, डिजाइन बनाना, वीडियो एडिटिंग या ट्रांसलेशन जैसे काम बिना ज्यादा निवेश के शुरू किए जा सकते हैं. शुरुआत में काम कम मिलता है, लेकिन अनुभव बढ़ने के साथ-साथ क्लाइंट का भरोसा और कमाई दोनों धीरे-धीरे बढ़ने लगती है. Add News18 as Preferred Source on Google फ्रीलांसिंग प्लेटफॉर्म पर प्रोफाइल बनाकर लोग भारत ही नहीं, विदेशों से भी काम ले रहे हैं. सबसे अच्छी बात यह है कि आप अपनी सुविधा और समय के अनुसार काम चुन सकते हैं. धीरे-धीरे ऐसा समय आता है जब आप खुद अपने रेट तय करने लगते हैं और आपकी आमदनी कई गुना बढ़ जाती है. आज सोशल मीडिया सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा. यूट्यूब, इंस्टाग्राम और ब्लॉग के जरिए लोग पहचान के साथ-साथ कमाई भी कर रहे हैं. अगर आपको बोलना, सिखाना या लिखना पसंद है, तो आप अपने मनपसंद विषय पर कंटेंट बनाकर धीरे-धीरे बड़ी ऑडियंस तैयार कर सकते हैं. सोशल मीडिया पर जैसे-जैसे फॉलोअर्स बढ़ने लगते हैं, कमाई के रास्ते भी खुलने लगते हैं. ब्रांड डील, स्पॉन्सरशिप और एफिलिएट मार्केटिंग से अच्छी इनकम हासिल की जा सकती है. शुरुआत में धैर्य रखना जरूरी है, क्योंकि परिणाम धीरे-धीरे ही नजर आते हैं. जीरो इन्वेस्टमेंट बिजनेस में सबसे जरूरी चीज सही प्लानिंग और लगातार मेहनत है. जो लोग जल्दी हार नहीं मानते, वही आगे चलकर सफलता हासिल करते हैं. एक समय ऐसा भी आता है जब यह छोटा काम लाखों रुपये की स्थिर कमाई में बदल जाता है और नौकरी की जरूरत ही खत्म हो जाती है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। First Published : January 17, 2026, 12:43 IST Source link

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MCD Mayor: दिल्ली में कौन होगा मेयर? फैसला आज, बीजेपी-कांग्रेस में किसकी...

दिल्ली के मेयर का फैसला आज होने जा रहा है. एमसीडी के सिविक सेंटर में आज दोपहर 2 बजे मेयर पद का चुनाव होना है. नगर न‍िगम में संख्‍याबल के आधार पर बीजेपी के उम्‍मीदवार प्रवेश वाही मेयर पद के ल‍िए मजबूत उम्‍मीदवार हैं जबक‍ि आप ने कोई प्रत्‍याशी नहीं उतारा है. कांग्रेस के पास संख्‍याबल न होने से उम्‍मीदवारी कमजोर है. Source link

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200-500 के बजट में शानदार एडी ज्वेलरी, दुल्हन की सहेली-भाभी करेंगी लकलक,...

Last Updated:April 29, 2026, 07:43 IST Palamu Markets AD Jewelry In Trend: शादी सीजन में लहंगे, कपड़ों के अलावा ज्वेलरी की भी खूब डिमांड रहती है. इसी क्रम में पलामू में आजकल एडी यानी अमेरिकन डायमंड की ज्यूलरी खूब पसंद की जा रही है. यह हर बजट में फिट बैठती है और मैचिंग ऑप्शन भी आसानी से मिल जाते हैं. ख़बरें फटाफट पलामू. शादी-विवाह का सीजन चल रहा है. ऐसे में पलामू की बाजारों में रौनक लौट आई है. यहां कपड़ों, श्रृंगार सामग्री और सजावटी सामानों के साथ ज्वेलरी दुकानों पर भी ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ रही है. किसी भी शादी समारोह में महिलाओं के श्रृंगार में ज्वेलरी की सबसे अहम भूमिका होती है. दुल्हन से लेकर घर की महिलाओं तक हर कोई अपने पहनावे के अनुसार आकर्षक गहनों की तलाश में बाजार पहुंच रहा है. यही वजह है कि इन दिनों पलामू के मेदिनीनगर सहित विभिन्न बाजारों में एडी ज्वेलरी की डिमांड बढ़ रही है. बजट फ्रेंडली और स्टाइलिशबता दें कि शादी के मौसम में अब महिलाएं महंगे सोने-चांदी के गहनों के साथ-साथ स्टाइलिश और बजट फ्रेंडली विकल्प भी पसंद कर रही हैं. इसी वजह से अमेरिकन डायमंड यानी एडी ज्वेलरी की मांग तेजी से बढ़ी है. कम कीमत में शानदार लुक और आकर्षक चमक मिलने के कारण यह हर वर्ग की महिलाओं की पसंद बन चुकी है. दुकानदारों का कहना है कि शादी-विवाह के सीजन में एडी सेट की बिक्री सबसे ज्यादा हो रही है. इसे आम तौर पर अमेरिकन डायमंड (AD) या CZ ज्वेलरी कहा जाता है, जो असली हीरे नहीं होते, बल्कि प्रयोगशाला में बने जिरकोनियम डाइऑक्साइड के क्रिस्टल से बने होते हैं. लेकिन ये असली हीरे की तरह ही रंगहीन, चमकदार और दोषरहित दिखते हैं. मिलता है रॉयल लुकपलामू जिले के मेदिनीनगर शहर के बाजार स्थित रूप रंग शॉप में अमेरिकन डायमंड ज्वेलरी देखने को मिल रही है. दुकानदार राजीव कुमार ने लोकल18 को बताया कि इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी चमक और डिजाइन है. यह देखने में बिल्कुल डायमंड सेट जैसी नजर आती है, जिससे पहनने वाली महिलाओं को खास और रॉयल लुक मिलता है. ब्राइडल सेट में इसकी मांग सबसे अधिक है. दुल्हनें अपने लहंगे और साड़ी के अनुसार ग्रीन, रेड, सिल्वर, पिंक, रूबी रेड, पिस्ता और बेबी पिंक रंगों के सेट पसंद कर रही हैं. हर नए सीजन में दुकानदार नए डिजाइन और नया कलेक्शन ला रहे हैं. हर बजट में होती फिटउन्होंने कहा कि एडी ज्वेलरी 200 रुपये से शुरू होकर 1000 से 1200 रुपये तक उपलब्ध है. नेकलेस सेट, हार, झुमका, ईयररिंग्स और मैचिंग ब्राइडल सेट की अच्छी रेंज दुकानों में सजी हुई है. इसके अलावा कुंदन सेट भी अलग-अलग डिजाइन और रंगों में उपलब्ध हैं, जिन्हें महिलाएं खूब पसंद कर रही हैं. कम बजट में शानदार ज्वेलरी मिलने से मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए यह बेहतर विकल्प साबित हो रहा है. टिकाऊ होती है यह ज्वेलरीआगे कहा कि एडी ज्वेलरी टिकाऊ भी होती है. यदि इसे नमी, परफ्यूम और मॉइश्चराइजर से बचाकर रखा जाए तो इसकी चमक लंबे समय तक बनी रहती है. यही कारण है कि आजकल की महिलाओं के बीच यह पसंदीदा फैशन ट्रेंड बन चुका है. शादी-विवाह के इस सीजन में पलामू के बाजार में अमेरिकन डायमंड ज्वेलरी की भारी डिमांड देखी जा रही है और आने वाले दिनों में इसकी बिक्री और बढ़ने की उम्मीद है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand First Published : April 29, 2026, 07:43 IST Source link

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वज्रपात और आंधी का खतरा! रांची जमशेदपुर…. झारखंड के कई जिलों में...

Last Updated:April 29, 2026, 08:05 IST Jharkhand Aaj Ka Mausam: झारखंड में भीषण गर्मी के बीच कई जिलों में बादल छाए रहने की संभावना है. इसके साथ ही कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और आंधी की संभावना बनी हुई है. IMD ने 28 से 30 अप्रैल तक ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. ख़बरें फटाफट झारखंड के कई जिलों में आज बारिश की संभावना है ( एआई फोटो ) रांची: झारखंड में इन दिनों मौसम दो रंग दिखा रहा है. एक तरफ जहां भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है. वहीं, दूसरी ओर बादल के गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और आंधी की संभावना बनी हुई है. IMD के अनुसार आज झारखंड के कई जिलों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश या आंधी की संभावना भी है. वहीं, राजधानी रांची, बोकारो, हजारीबाग और गिरिडीह में दिनभर आंशिक बादल छाए रहने की उम्मीद है. इन क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जो सामान्य से थोड़ा कम है. बता दें कि आज झारखंड की राजधानी रांची में अधिकतम तापमान 37-38 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है. जबकि न्यूनतम तापमान 22-24 डिग्री के करीब रहेगा. आज जमशेदपुर, बोकारो, धनबाद और डाल्टनगंज जैसे इलाकों में दिन का पारा 39-42 डिग्री तक पहुंच सकता है. पलामू, चाईबासा और गढ़वा संभाग में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ रही है. इन जिलों का तापमान 43 डिग्री के करीब रह सकता है. वहीं, जमशेदपुर, डाल्टनगंज और चाईबासा जैसे दक्षिणी जिलों में गर्मी का असर अभी भी बरकरार है. शहरों का तापमान और AQI   शहर तापमान अधिकतम/न्यूनतम AQI रांची 39/26 140 जमशेदपुर 43/29 150 हजारीबाग 41/26 160 धनबाद 42/28 150 IMD ने आज 28, 29 और 30 अप्रैल के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. आज राज्य के कई जिलों में गरज-चमक, वज्रपात, तेज हवाएं चल सकती हैं. जहां ये हवाएं 30-50 किमी प्रति घंटा से चलने की संभावना है. इसके अलावा कहीं-कहीं ओलावृष्टि की भी आशंका है. साथ ही उत्तर-पूर्वी और मध्य झारखंड रांची, बोकारो, हजारीबाग, रामगढ़, कोडरमा, गुमला आदि में हल्की से मध्यम बारिश के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. दक्षिणी हिस्सों में आड गर्मी का असर ज्यादा रहने की संभावना है. जबकि कुछ जगहों पर बादल राहत दे सकते हैं. झारखंड में आने वाले दो-तीन दिनों में कई जिलों में प्री-मानसून गतिविधियां बढ़ने की संभावना है, जिससे तापमान में और गिरावट आ सकती है. फिलहाल लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है. बता दें कि गर्म हवाओं का असर अभी भी बना हुआ है. लोगों को दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचना चाहिए. साथ ही पर्याप्त पानी पीना, हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनना और छाता या टोपी का इस्तेमाल करना जरूरी है. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand First Published : April 29, 2026, 06:09 IST Source link

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कुआं रिंग बनाते हैं रांची के मिस्त्री रहमान, हर तीसरे दिन 15000...

Last Updated:April 29, 2026, 08:10 IST Ranchi Rehman Kuaan Ring Maker: रांची के पिठोरिया के रहमान गर्मी में कुआं रिंग बनाने का काम करते हैं. यूं तो ये काम सीजनल है, जिसकी मांग इस मौसम में ज्यादा रहती है पर वे सीजनभर में ही मोटी कमाई कर लते हैं. इससे पूरे साल उनका खर्च इत्मीनान से चलता है. ख़बरें फटाफट रांची. रांची के पिठोरिया के रहमान खासतौर पर कुआं रिंग बनाने का काम करते हैं. इन्हें वे अपने हाथों से ही बनाते हैं. उन्होंने बताया कि ‘गर्मी के दिनों में इसका ऑर्डर बहुत आता है. खासतौर पर ग्रामीण एरिया में हर दूसरे-तीसरे दिन कुआं रिंग की डिमांड होती है और मैं खुद जाकर सेट करता हूं. जिसका रेट लगभग 15,000 तक होता है, तो गर्मी के दो महीने में ही अच्छा-खासा लाख रुपये के ऊपर कमा लेता हूं. रहमान बताते हैं, गर्मी में खासतौर पर यह बनाना बेहद ही आसान होता है. क्योंकि कड़ी धूप होती है और कड़ी धूप में रिंग आसानी से सूख जाती है. दूसरी बात कड़ी धूप के चलते कुआं की भी जरूरत अधिक पड़ती है. ऐसे में खास जितने भी ग्रामीण एरिया हैं, वहां से हर दूसरे व तीसरे दिन ऑर्डर आते हैं. हालांकि यह पूरी तरह सीजनल काम है. एक रिंग की कीमत होती है ₹800एक रिंग की कीमत ₹800 होती है. तो अगर एक कुआं बनाना होता है तो इस तरीके के 10 से 15 रिंग की जरूरत पड़ती है और क्योंकि वहीं जाकर फिट करता हूं, तो 15 से 16,000 तक का रेट आराम से चला जाता है. अगर थोड़ा और डीप जाना हो तो रेट 18,000 तक भी जाती है और यह सिर्फ कुआं ही नहीं बल्कि घर में जो जल संचय होता है, उसमें भी काम आता है. जल संचय में भी काम आता हैकई लोग ऐसे होते हैं जो अपने घरों के आगे इस तरह के रिंग जमीन के अंदर डलवाते हैं और पूरा का पूरा एक ब्लॉक बनवाते हैं. ताकि बारिश का पानी या फिर और पानी जो छत से टपक रहा है, वह सब सुरक्षित इसमें स्टोर होता रहे. तो ऐसे में खासतौर पर बरसात के मौसम में भी इस तरह के ऑर्डर आते हैं. अभी फिलहाल हर दिन 20-25 रिंग अपने हाथों से ही बनाता हूं. बच्चे पढ़ते हैं अच्छे स्कूलों मेंमेरे बच्चे अच्छे इंटरनेशनल स्कूलों में पढ़ते हैं. दो बच्चे हैं, दोनों पढ़ाई में काफी अव्वल हैं. ऐसे में यह जो दो-तीन महीनों में बंपर कमाई होती है, उनकी शिक्षा के लिए मैं सेव करके रखता हूं. क्योंकि सालभर फिर इतनी कमाई नहीं हो पाती. ऐसे में यह जो जैकपॉट वाला समय होता है, इसका इस्तेमाल करता हूं. ताकि आगे उनकी पढ़ाई न रुके और पूरे घर की जिम्मेदारी उठाता हूं. कोई काम छोटा-बड़ा नहींमुस्कुराते हुए आगे बताते हैं कि काम कोई छोटा-बड़ा नहीं होता. मिस्त्री हैं तो क्या हुआ, अगर आप शिद्दत के साथ काम करें और मेहनत पूरी लगन के साथ करें तो आप इसी में बहुत बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं. लेकिन कई बार लोगों में झिझक होती है कि यह छोटा काम मैं कैसे करूं. अगर यह चीज हटा दी जाए तो काम करने के कई विकल्प हैं और कमाने के भी.’ About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand First Published : April 29, 2026, 08:10 IST Source link

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