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व्यापार

Patna Gold Silver Price: पटना में सोना-चांदी की खरीदारी में मची है...

Last Updated:November 04, 2025, 06:06 IST Patna Gold Silver Price: बिहार की राजधानी पटना के ज्वेलरी मार्केट में धनतेरस के बाद सोने और चांदी में भारी गिरावट देखने को मिल रही है. अब तक सोने के दाम में 4,200 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी में 19,000 रुपये प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई है. ख़बरें फटाफट पटना: बिहार की राजधानी पटना में धनतेरस के बाद से सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट जारी है. धनतेरस के बाद से सोने-चांदी की कीमतों में कुछ खास बढ़ोतरी देखने को नहीं मिली है. 18 नवंबर से बिहार में शादी विवाह का सीजन भी शुरू हो रहा है. ऐसे में खरीदारी करने के लिहाज से यह समय बिल्कुल सही माना जा रहा है. बाजार के एक्सपर्ट कहते हैं कि जैसे-जैसे शादी वाले दिन करीब आएंगे. वैसे-वैसे सोने-चांदी की कीमतों में फिर से तेज उछाल देखने को मिल सकता है. पटना सर्राफा बाजार में धनतेरस के बाद सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिल रही है. अबतक सोने के दाम में 4,200 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी में 19,000 रुपये प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई है. शनिवार से कीमतों में स्थिरता बनी हुई है. आज यानी मंगलवार को बाजार खुलने के बाद बदलाव हो सकती है, लेकिन फिलहाल बाजार स्थिर है. जानें क्या है लेटेस्ट रेट आज पटना के ज्वेलरी बाजार में 24 कैरेट सोने का दाम 122,500 रूपये प्रति 10 ग्राम है. अगर जीएसटी जोड़ दिया जाए, तो इसकी कीमत 126,175 रूपये प्रति 10 ग्राम हो जाती है. वहीं, बिना जीएसटी जोड़े 22 कैरेट सोना 113,500 रूपये प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट सोना 93,300 रूपये प्रति 10 ग्राम बिक रहा है. चांदी की कीमतों में भारी गिरावट पटना के ज्वेलरी बाजार में एक किलो चांदी की बिक्री 1,53,000 रूपये प्रति किलो है. इस तरह, एक किलो हॉल मार्क वाले चांदी के आभूषणों बिक्री फिलहाल 151,000 रूपये प्रति किलो हो रही है. अगर जीएसटी जोड़ दिया जाए तो इसकी कीमत 1,55,530 रूपये हो जाती है. जानें क्या है आभूषणों का एक्सचेंज रेट 22 कैरेट वाले सोने के पुराने आभूषणों का एक्सचेंज रेट 110,500 रूपये है. जबकि 18 कैरेट सोने के पुराने आभूषण 90,300 रूपये में एक्सचेंज हो रहे हैं. वहीं, चांदी में हॉलमार्क आभूषणों का एक्सचेंज रेट 147 रूपये प्रति ग्राम है. जबकि बिना हॉलमार्क वाले आभूषणों का एक्सचेंज रेट 145 रूपये प्रति ग्राम है. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में लगभग 4 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ संप्रति News.in में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : November 04, 2025, 06:06 IST Source link

झारखंड

झारखंड-बिहार सीमा पर 65 पेटी अवैध शराब जब्त:चतरा पुलिस ने पिकअप से...

चतरा पुलिस ने झारखंड-बिहार सीमा पर अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। वशिष्ठ नगर जोरी थाना पुलिस ने एक विशेष गश्ती अभियान के दौरान 8 लाख रुपये मूल्य की 65 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की। यह कार्रवाई 29 अप्रैल की रात को की गई। पुलिस अधीक्षक (SP) अनिमेश नैथानी के निर्देश पर जिले में अवैध मादक पदार्थों और शराब की तस्करी रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जोरी थाना पुलिस थाना गेट के पास सघन वाहन चेकिंग कर रही थी। चेकिंग के दौरान एक पिकअप वाहन तेजी से थाना गेट की ओर आया। पुलिस बल को तैनात देख चालक घबरा गया और उसने पिकअप को थाना गेट के ठीक सामने खड़ा कर दिया। वाहन में ऊपर से जूट के बोरे लदे थे अंधेरे का फायदा उठाकर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने लावारिस खड़ी पिकअप की गहनता से तलाशी ली। वाहन में ऊपर से जूट के बोरे लदे थे, जिनके नीचे शातिराना तरीके से 65 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब करीने से छिपाई गई थी। पुलिस ने जब्त शराब के साथ माफियाओं के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। वरीय अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई शराब की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग आठ लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस ने तत्काल प्रभाव से पिकअप और शराब की खेप को अपने कब्जे में ले लिया। इस मामले में फरार चालक और वाहन मालिक के विरुद्ध वशिष्टनगर थाना कांड संख्या- 62/2026 दर्ज किया गया है। जोरी थाना प्रभारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि तस्कर अक्सर बिहार-झारखंड बॉर्डर का लाभ उठाकर इस रूट का इस्तेमाल करते हैं। चूंकि बिहार में शराबबंदी है। इसलिए पड़ोसी राज्यों से तस्करी की घटनाएं बढ़ जाती हैं। Source link

शिक्षा

CISCE Result 2026 Update; ICSE ISC 10th 12th Board Pass Percentage

Hindi News Career CISCE Result 2026 Update; ICSE ISC 10th 12th Board Pass Percentage 3 घंटे पहले कॉपी लिंक काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन यानी सीआइएससीई ने ICSE क्लास 10वीं और ISC 12वीं एग्जाम के रिजल्ट जारी कर दिए हैं। CISCE 10वीं में 98.18% स्टूडेंट्स पास हुए। यह एग्जाम 2.6 लाख स्टूडेंट्स ने दिया था। वहीं 12वीं में 99.13% स्टूडेंट्स पास हुए हैं। ऐसे चेक करें रिजल्ट : परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र DigiLocker, SMS और UMANG ऐप के जरिए भी अपनी मार्कशीट देख और डाउनलोड कर सकते हैं। इस साल इन परीक्षाओं में 4 लाख से ज्यादा छात्रों ने हिस्सा लिया है। स्टूडेंट्स ऑफिशियल वेबसाइट results.cisce.org पर जाकर रिजल्ट चेक कर सकते हैं। ऑफिशियल वेबसाइट पर स्टूडेंट्स को अपना यूनिक UID और इंडेक्स नंबर डालना पड़ेगा, तभी वे अपना रिजल्ट देख पाएंगे। मिनिमम पासिंग परसेंटेज जारी : ICSE (10वीं) में पास होने के लिए कम से कम 33% अंक लाने जरूरी हैं, जबकि ISC (12वीं) में पास होने के लिए 35% अंक जरूरी हैं। डिजिलॉकर पर ऐसे चेक करें ICSE, ISC रिजल्ट : डिजिलॉकर की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं या मोबाइल ऐप खोलें। डैशबोर्ड पर ‘एजुकेशन’ सेक्शन पर क्लिक करें। ‘काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (CISCE)’ सिलेक्ट करें। जरूरी डॉक्यूमेंट्स जैसे मार्कशीट या पासिंग परसेंटेज चुनें। जरूरी डिटेल्स दर्ज करें। मार्कशीट को डाउनलोड करके रखें। टॉपर्स लिस्ट नहीं हुई जारी : आईसीएसई (10वीं) और आईएससी (12वीं) के लिए CISCE अब टॉपर्स की कोई ऑफिशियल लिस्ट जारी नहीं करता है। बोर्ड ने यह फैसला इसलिए लिया है ताकि छात्रों पर ज्यादा पढ़ाई का दबाव न बनें। साल 2024 और 2025 में भी कोई मेरिट लिस्ट जारी नहीं की गई थी। आखिरी बार 2023 में ISC की मेरिट लिस्ट आई थी, जिसमें 5 छात्रों ने मिलकर पहला स्थान हासिल किया था, जिनमें 3 लड़कियां थीं। हालांकि, अलग-अलग विषयों में अच्छे नंबर लाने वाले छात्रों को अलग से सर्टिफिकेट दिया जा सकता है। 12वीं में 45 रिटन सब्जेक्ट, 10वीं में 67 : इस साल ISC 12वीं की एग्जाम में 45 रिटन सब्जेक्ट थे जिसमें से 13 इंडियन लैंग्वेज और दो फॉरेन लैंग्वेज के अलावा 2 क्लासिकल लैंग्वेज भी थी। वहीं ICSE 10वीं की एग्जाम में 67 रिटन सब्जेक्ट थे। इनमें से 20 इंडियन लैंग्वेज, 14 फॉरेन लैंग्वेज और 1 क्लासिक लैंग्वेज थी। ———– ये खबर पढ़ें… एग्जाम से 2 दिन पहले सब धुंधला दिख रहा था:दुनिया को सिर्फ 10% देखने वाली अनिष्का CBSE में 92% लाई, मैग्निफायर डिवाइस से पढ़ाई की अनिष्का गोयल दुनिया को सिर्फ 10% देख पाती हैं यानी वो 90% दृष्टिबाधित हैं। फिर भी उन्होंने CBSE में ज्यादातर स्टूडेंट्स से बेहतर प्रदर्शन किया है। पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

झारखंड

चाईबासा में विवाहिता ने की आत्महत्या:दो बच्चों की मां ने फंदे से...

पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी थाना क्षेत्र के डंगुवापोशी स्थित गौडदिघिया की मुखी बस्ती में एक 22 वर्षीय विवाहिता ने आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान सुशीला मुखी के रूप में हुई है, जिसने गमछे से फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। उसके पति हरि मुखी पेशे से सफाई कर्मी हैं। जानकारी के अनुसार, सुशीला मुखी की मानसिक स्थिति पिछले कुछ समय से ठीक नहीं थी। घटना के समय वह घर में अकेली थी। उसकी भतीजी मुस्कान ने सबसे पहले उसे कमरे में फंदे से लटका देखा। मुस्कान के शोर मचाने पर परिजन और पड़ोसी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक सुशीला की मौत हो चुकी थी। मृतका अपने पीछे दो छोटे बच्चे छोड़ गई है, जिनकी उम्र लगभग तीन साल और सात महीने है। मां के निधन से परिवार में गहरा शोक है। इस घटना से पूरे गांव में स्तब्धता का माहौल है। सिंदूर खाकर जान देने का प्रयास किया था परिजनों ने बताया कि सुशीला अक्सर छोटी-छोटी बातों पर तनाव में आ जाती थी और कई बार आत्महत्या की धमकी भी दे चुकी थी। कुछ समय पहले उसने सिंदूर खाकर जान देने का प्रयास किया था, लेकिन परिवार ने उसे बचा लिया था। इसके बावजूद उसकी मानसिक स्थिति में सुधार नहीं हुआ था। घटना की सूचना मिलते ही नोवामुंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए चाईबासा सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आत्महत्या के कारणों का पता लगा रही है। Source link

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Business Idea: नौकरी छोड़ शुरू किया ये काम! वर्मी कम्पोस्ट ने दिलाई...

Last Updated:April 30, 2026, 15:29 IST Jalore Organic Farming Success: जालोर के युवाओं ने वर्मी कम्पोस्ट (केंचुआ खाद) के उत्पादन को एक बेहतरीन बिजनेस स्टार्टअप में बदलकर सफलता की नई इबारत लिखी है. जैविक खेती के बढ़ते चलन ने इस ‘काले सोने’ यानी वर्मी कम्पोस्ट की मांग को न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि गुजरात जैसे बड़े बाजार तक पहुंचा दिया है. इस स्टार्टअप की सबसे बड़ी खासियत इसकी कम लागत और अत्यधिक मुनाफा है, जो इसे ग्रामीण युवाओं के लिए एक आदर्श विकल्प बनाता है. वर्मी कम्पोस्ट न केवल मिट्टी की उर्वरक शक्ति को बढ़ाता है, बल्कि रसायन मुक्त कृषि को भी बढ़ावा देता है. जालोर के इन युवाओं ने साबित कर दिया है कि पारंपरिक खेती के साथ जुड़कर या इससे जुड़ा कोई सूक्ष्म व्यवसाय शुरू करके भी आत्मनिर्भर बना जा सकता है. ख़बरें फटाफट जालौर: जालोर में खेती अब सिर्फ परंपरागत तरीका नहीं रही, बल्कि एक सफल बिजनेस मॉडल के रूप में उभर रही है. यहां के युवा किसान बलवंत लखाणी ने ऑस्ट्रेलियाई केंचुओं की मदद से वर्मी कम्पोस्ट यानी ‘काला सोना’ तैयार कर खेती में नई दिशा दी है. कम लागत और ज्यादा मुनाफे वाले इस मॉडल ने न सिर्फ उनकी किस्मत बदली, बल्कि आसपास के किसानों के लिए भी प्रेरणा का काम किया है. बलवंत लखाणी बताते हैं कि उन्होंने इस काम की शुरुआत कच्चे गोबर से की. सबसे पहले गोबर को 10 से 15 दिनों तक एक जगह पर इकट्ठा कर उसे अच्छी तरह भिगोया जाता है, ताकि उसमें नमी बनी रहे. इसके बाद करीब 20 फीट लंबी बेड तैयार की जाती है, जिसमें ऑस्ट्रेलियाई केंचुए डाले जाते हैं. ये केंचुए गोबर और जैविक अपशिष्ट को धीरे-धीरे प्रोसेस कर पोषक तत्वों से भरपूर खाद में बदल देते हैं. लगभग दो महीने में यह वर्मी कम्पोस्ट पूरी तरह तैयार हो जाती है. फसलों में रोग भी कम लगतेइस खाद की खासियत यह है कि इसमें 16 से अधिक पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और फसल की पैदावार सुधारने में बेहद उपयोगी होते हैं. यही कारण है कि किसान इसे ‘काला सोना’ कहते हैं. इस जैविक खाद के इस्तेमाल से मिट्टी की गुणवत्ता सुधरती है, पानी रोकने की क्षमता बढ़ती है और फसलों में रोग भी कम लगते हैं. आज बलवंत की तैयार की गई वर्मी कम्पोस्ट की डिमांड जालोर के जीवाणा, बावतरा और बागोड़ा सहित कई क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रही है. इतना ही नहीं, उनकी यह खाद अब राजस्थान से बाहर गुजरात तक भी पहुंच रही है, जहां किसान इसे खास तौर पर फलदार फसलों के लिए उपयोग में ले रहे हैं. किसान अगर इसको अपनाएं तो खेती में अच्छी कमाई कर सकतेकिसान बलवंत लखाणी लोकल18 को बताते है कि लंबी पढ़ाई और नौकरी की तलाश में बिताए कई साल, लेकिन जब सफलता नहीं मिली तो हार मानने के बजाय नई राह चुनी. इस काम में लागत बहुत कम आती है और मुनाफा अच्छा मिल जाता है. हम कच्चे गोबर से वर्मी कम्पोस्ट तैयार करते हैं, जो करीब दो महीने में बनकर तैयार हो जाती है. इसकी डिमांड लगातार बढ़ रही है, और सालाना 4 से 5 लाख रुपए तक की आमदनी हो जाती है. मेरा मानना है कि किसान अगर इसको अपनाएं तो खेती में अच्छी कमाई कर सकते हैं. About the Author Jagriti Dubey Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jalor,Rajasthan First Published : April 30, 2026, 15:29 IST Source link

झारखंड

ICSE Board Results: 100% नंबर लाकर रच दिया इतिहास, जमशेदपुर की शांभवी...

Last Updated:April 30, 2026, 15:25 IST ICSE Board Results: झारखंड के जमशेदपुर की छात्रा शांभवी तिवारी ने 12वीं (ISC) बायो साइंस में 100 प्रतिशत अंक हासिल कर देशभर में टॉप किया है. सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल की इस उपलब्धि से परिवार, स्कूल और पूरे शहर में खुशी का माहौल है. शांभवी की सफलता को जमशेदपुर ही नहीं, पूरे राज्य के लिए गर्व का क्षण माना जा रहा है. परिवार के सदस्यों ने उनकी इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए इसे बड़ी उपलब्धि बताया है. शांभवी तिवारी बनीं देश की टॉपर जमशेदपुर: झारखंड के जमशेदपुर शहर की बेटी शांभवी तिवारी ने 12वीं (ISC) बायो साइंस में 100 प्रतिशत अंक हासिल कर देशभर में टॉप किया है. सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल की छात्रा शांभवी की इस उपलब्धि से परिवार, स्कूल और पूरे शहर में खुशी का माहौल है. उनकी सफलता को जमशेदपुर के लिए गर्व का क्षण माना जा रहा है. पूरे परिवार में शांभवी की इस सफलता पर खुशी मनाई जा रही है. परिवार के लोगों को कहना है कि शांभवी की यह सफलता सिर्फ परिवार ही नहीं पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है. पास प्रतिशत पिछले वर्षों की तरह ऊंचाबता दें कि काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशंस (CISCE) ने ICSE (10वीं) और ISC (12वीं) परीक्षा 2026 के नतीजे घोषित कर दिए हैं. इस साल भी परीक्षा का रिजल्ट काफी अच्छा रहा है. पास प्रतिशत पिछले वर्षों की तरह ऊंचा बना हुआ है. वर्ष 2025 में पास प्रतिशत 99.09%, 2024 में 99.47% और 2023 में 96.26% रहा था. इससे साफ है कि हर साल बड़ी संख्या में छात्र परीक्षा में सफल हो रहे हैं. 4 लाख से ज्यादा छात्रों ने हिस्सा लियाइस बार ICSE और ISC परीक्षाओं में 4 लाख से ज्यादा छात्रों ने हिस्सा लिया. छात्र अपना रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट results.cisce.org के जरिए देख सकते हैं. इसके अलावा DigiLocker, SMS और UMANG ऐप के माध्यम से भी मार्कशीट डाउनलोड करने की सुविधा दी गई है. रिजल्ट देखने के लिए छात्रों को अपना यूनिक आईडी (UID) और इंडेक्स नंबर दर्ज करना होगा. शांभवी तिवारी सभी छात्रों के लिए प्रेरणापरीक्षा में पास होने के लिए भी न्यूनतम अंक तय किए गए हैं. ICSE (10वीं) में छात्रों को कम से कम 33 प्रतिशत अंक लाने जरूरी हैं, जबकि ISC (12वीं) में पास होने के लिए 35 प्रतिशत अंक आवश्यक हैं. 12वीं का स्तर अधिक कठिन होने के कारण पासिंग मार्क्स भी थोड़ा ज्यादा रखा गया है. शांभवी तिवारी की इस सफलता ने न केवल उनके परिवार और स्कूल का नाम रोशन किया है, बल्कि अन्य छात्रों के लिए भी एक प्रेरणा पेश की है. About the Author Amita kishor न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand First Published : April 30, 2026, 15:25 IST Source link

व्यापार

पटना ज्वेलरी मार्केट में सोना-चांदी सस्ता, जानें आज के भाव

Last Updated:November 06, 2025, 07:11 IST Patna Gold Silver Price: पटना के ज्वेलरी बाजार में सोना 1500 रुपये और चांदी 2000 रुपये सस्ती हुई है. शादी से पहले दाम गिरना ग्राहकों के लिए फायदेमंद हो गया है. गोल्ड-सिल्वर के एक्सपर्ट्स इस समय खरीदारी को सही बता रहे हैं. ख़बरें फटाफट पटना: बिहार की राजधानी पटना के ज्वेलरी मार्केट में 4 दिनों से गोल्ड और सिल्वर की कीमतें लगभग स्थिर बनी हुई थीं, लेकिन गुरुवार को प्राइस में गिरावट दर्ज की गई. बुधवार के मुकाबले आज सोने के दाम में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. आज गोल्ड की कीमतें करीब 1500 रुपये प्रति 10 ग्राम तक नीचे आ गया. वहीं, चांदी के रेट में भी गिरावट देखने को मिली है. चांदी की कीमत आज 2000 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हुई है. गोल्ड-सिल्वर खरीदने का बढ़िया मौका वेडिंग सीजन शुरू होने से पहले सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट ग्राहकों के लिए किसी खुशखबरी से कम नहीं है. दीपावली के बाद गोल्ड-सिल्वर के दामों में काफी गिरावट हुई है. इसीलिए एक्सपर्ट मानते हैं कि शादियों के लिए ज्वेलरी खरीदने के लिए यह हफ्ता बेस्ट माना जा रहा है. कुछ ग्लोबल कारणों से अगले हफ्ते सोने और चांदी की कीमतों में तेजी आने की संभावना है. जानें सोने-चांदी की लेटेस्ट कीमत आज पटना के ज्वेलरी बाजार में 24 कैरेट सोने का दाम 122,500 रूपये से घटकर 121,000 रूपये प्रति 10 ग्राम हो गया. अगर जीएसटी जोड़ दिया जाए तो इसकी कीमत 124,630 रूपये प्रति 10 ग्राम हो जाती है. वहीं, बिना जीएसटी जोड़े 22 कैरेट सोना 112,000 रूपये प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट सोना 92,000 रूपये प्रति 10 ग्राम बिक रहा है. चांदी में भी भारी गिरावट पटना के ज्वेलरी बाजार में एक किलो चांदी की बिक्री 1,53,000 रूपये से घटकर 151,000 रूपये प्रति किलो है. इस तरह एक किलो हॉल मार्क वाले चांदी के आभूषणों बिक्री फिलहाल 149,000 रूपये प्रति किलो हो रही है. अगर जीएसटी जोड़ दिया जाए, तो इसकी कीमत 153470 रूपये हो जाती है. जानें आभूषणों का एक्सचेंज रेट 22 कैरेट वाले सोने के पुराने आभूषणों का एक्सचेंज रेट 109,000 रूपये है. जबकि 18 कैरेट सोने के पुराने आभूषण 89,000 रूपये में एक्सचेंज हो रहे हैं. वहीं, चांदी में हॉलमार्क आभूषणों का एक्सचेंज रेट 145 रूपये प्रति ग्राम है. जबकि बिना हॉलमार्क वाले आभूषणों का एक्सचेंज रेट 143 रूपये प्रति ग्राम है. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में लगभग 4 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ संप्रति News.in में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : November 06, 2025, 07:11 IST Source link

झारखंड

हाथियों ने 400 आम के पेड़ को किया बर्बाद:कोडरमा में किसानों को...

कोडरमा जिले के मरकच्चो प्रखंड स्थित पपलो पंचायत में हाथियों के झुंड ने बीती रात जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान हाथियों ने 4 एकड़ भूमि में लगे करीब 400 फलदार आम के पेड़ों को नष्ट कर दिया, जिससे किसानों को लगभग 20 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। पपलो निवासी श्याम बिहारी यादव उर्फ लालू यादव ने बताया कि हाथियों का झुंड रात में पपलो पंचायत से सटे किसानों की आम की बागवानी में घुस गया। उन्होंने बताया कि हाथियों ने बलजीत यादव के डेढ़ एकड़ में लगे लगभग 150 आम के पेड़, बिरंची यादव के 2 एकड़ में लगे 200 आम के पेड़ और उनके अपने आधे एकड़ में लगे 40 से 45 आम के पेड़ पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिए। इस उत्पात में बलजीत यादव को करीब 6 लाख रुपए, बिरंचि यादव को लगभग 8 लाख रुपए और श्याम बिहारी यादव को करीब 3 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। खंडराडीह निवासी गोपाल यादव ने भी बताया कि हाथियों के झुंड ने उनके खेतों में लगे सोलर पंप के सेट को भी नष्ट कर दिया। इससे उन्हें लगभग ढाई लाख रुपए का नुकसान हुआ है। लोग भय के साए में जीने को मजबूर कोडरमा जिले में बीते दो वर्षों से हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाथियों द्वारा फसल, झोपड़ी और बागवानी को लगातार नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोग भय के साए में जीने को मजबूर हैं। बताते चलें कि उक्त आम के बागवान में 2020 में मनरेगा योजना के तहत पौधे लगाए गए थे। इसमें बड़े पैमानें पर आम के फल लदे हुए थे। वहीं, सोलर पम्प सेट को कुशुम योजना अंतर्गत खेतों में फसलों के पटवन के लिए लगाया गया था। सोलर सिस्टम के हाथीयों द्वारा क्षतिग्रस्त किए जाने के बाद किसानो को अब खेतों में लगे फसलो के पटवन की चिंता सताने लगी है। इधर, उपरोक्त सभी किसानों ने वन विभाग से इनके बागवानी में हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे की मांग की है। Source link

शिक्षा

Schools will teach parents to recognize changing behavior in children

Hindi News Career Schools Will Teach Parents To Recognize Changing Behavior In Children नई दिल्ली2 घंटे पहले कॉपी लिंक स्कूलों में बच्चों के व्यवहार में बदलाव, एंग्जायटी को पहचानने के लिए पैरेंट्स को ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही सोशल मीडिया के जोखिम, गेमिंग एडिक्शन व स्क्रीन टाइम मैनेजमेंट पर गाइडेंस दी जाएगी। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने शिक्षा की पारंपरिक परिभाषा को बदलते हुए क्रांतिकारी कदम उठाया है। सत्र 2026-27 के लिए बोर्ड ने अपना नया ‘पैरेंटिंग कैलेंडर’ लॉन्च किया है, जिसका मकसद अभिभावकों को पीटीएम (पैरेंट-टीचर मीटिंग) के महज औपचारिक दर्शक से बदलकर बच्चे के विकास में एक ‘सक्रिय भागीदार’ बनाना है। यह पहल नई शिक्षा नीति के उस विजन का हिस्सा है, जहां पढ़ाई का मतलब सिर्फ रटना और बेहतर अंक लाना नहीं, बल्कि बच्चे का मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास भी है। जानिए महत्वपूर्ण पहलू… सपोर्ट ग्रुप बनाएंगे ताकि पैरेंट्स एक-दूसरे से सीख सकें, बच्चों के लिए इवेंट्स भी कैलेंडर में पहली बार उन मुद्दों को स्कूल सिस्टम का हिस्सा बनाया गया है, जिन्हें अब तक ‘घर का मुद्दा’ माना जाता था। बच्चों के व्यवहार में बदलाव, एंग्जायटी को पहचानने के लिए पैरेंट्स को ट्रेनिंग दी जाएगी। एनसीबी के साथ नशे के खिलाफ जागरूकता के लिए अध्याय जोड़ा गया है। सोशल मीडिया के जोखिम, गेमिंग एडिक्शन व स्क्रीन टाइम मैनेजमेंट पर गाइडेंस दी जाएगी। नर्सरी से 12वीं तक हर उम्र के लिए अलग नुस्खा ’सीबीएसई ने इस कैलेंडर को बच्चों की उम्र के हिसाब से अलग-अलग श्रेणियों में बांटा है। बाल वाटिका(नर्सरी से छोटी क्लास) – यहां फोकस बच्चे की आदतों, भावनात्मक विकास और स्क्रीन टाइम पर होगा। मिडिल क्लास – दोस्ती के प्रति रुझान, डिजिटल व्यवहार पर चर्चा होगी। सीनियर क्लास – 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए कॅरिअर की चिंता, बोर्ड परीक्षा का तनाव और लाइफ स्किल्स को प्राथमिकता दी गई है। पैरेंट्स से व्यवस्थित संवाद – ​स्कूलों में सिर्फ पीटीएम नहीं बल्कि व्यवस्थित संवाद होगा। नियमित वर्कशॉप में पैरेंट्स बच्चों का व्यवहार व मानसिक स्थिति समझना सीखेंगे। अनुभव साझा करने के लिए सपोर्ट ग्रुप बनेंगे। प्रोजेक्ट्स, ओपन हाउस जैसे इवेंट्स से पैरेंट्स व बच्यों के बीच ‘ऑफलाइन जुड़ाव’ बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। समस्या सुलझाने पर जोर – बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया स्क्रीन एडिक्शन व कॅरिअर का दबाव बच्चों को अकेला कर रहा है। ऐसे में स्कूल, टीचर और पैरेंट्स के बीच तालमेल जरूरी है। कैलेंडर से यह संदेश देने की कोशिश है कि जरूरत पड़ने पर तुरंत पैरेंट्स टोचर मीटिंग बुलाई जाए, ताकि समस्या को गंभीर होने से पहले सुलझाया जा सके। ‘4 आर’ का सिद्धांत – नया कैलेंडर ‘4आर’ के सिद्धांत पर बनाया गया है, जो माता-पिता व बच्चों के रिश्ते को नई गहराई देगा। रिफ्लेक्शन – परवरिश के तरीकों पर विचार करना । रीइंफोर्समेंट – सकारात्मक व्यवहार को बढ़ावा देना । रिलेशनशिप – पैरेंट्स व बच्चे के बीच भरोसे का रिश्ता मजबूत करना। रिजॉइसिंग – बच्चे की छोटी-छोटी उपलब्धियों और साथ बिताए पलों का जश्न मनाना। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ Source link

झारखंड

चाईबासा में स्कॉर्पियो की टक्कर से छात्रा की मौत:ट्यूशन से घर लौटते...

पश्चिमी सिंहभूम जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के पंड्रासाली ओपी अंतर्गत भोया के पास कैप्टन चौक पर एक सड़क हादसे में 15 वर्षीय छात्रा श्रेया हेंब्रम की मौत हो गई। वह कक्षा 10 की छात्रा थी। तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उसकी साइकिल को टक्कर मार दी। जानकारी के अनुसार, श्रेया हेंब्रम पंड्रासाली से ट्यूशन पढ़कर अपनी छह सहेलियों के साथ साइकिल से जोंकोंससन गांव लौट रही थी। रास्ते में एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उसे जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। टक्कर के बाद स्कॉर्पियो चालक और स्थानीय लोगों ने घायल छात्रा को तुरंत चाईबासा सदर अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। छात्रा की मौत की पुष्टि होते ही चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलने पर परिजन सदर अस्पताल पहुंचे। इस घटना से पूरे इलाके में दुख का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। Source link

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