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झारखंड

मानसून से पहले गन्ना किसानों के लिए जरूरी सलाह, हवा-बारिश से फसल...

होमफोटोकृषि मानसून से पहले गन्ना किसानों के लिए जरूरी सलाह, हवा-बारिश से फसल गिरने का खतरा Last Updated:June 25, 2026, 22:13 IST Sugarcane Farming: झारखंड के देवघर समेत आसपास के क्षेत्रों में गन्ने की खेती करने वाले किसानों के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. मानसून ने राज्य में दस्तक तो दे दी है, लेकिन देवघर जिले में अभी तक अच्छी और लगातार बारिश नहीं हुई है. ऐसे में कृषि विशेषज्ञ किसानों को सलाह दे रहे हैं कि वे बारिश का इंतजार करने के बजाय अभी से खेतों में जरूरी तैयारियां पूरी कर लें. समय रहते कुछ महत्वपूर्ण कार्य कर लेने से मानसून के दौरान फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है और उत्पादन भी बेहतर मिल सकता है. वहीं लापरवाही बरतने पर तेज हवा और अधिक बारिश की वजह से फसल को नुकसान होने की आशंका बढ़ जाती है. देवघर के कृषि विशेषज्ञ अंबिका कुशवाहा ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि इस समय गन्ने की फसल में मिट्टी चढ़ाने का काम अवश्य कर लेना चाहिए. मानसून के दौरान खेत की मिट्टी नरम हो जाती है और गन्ने के पौधे तेजी से बढ़ने लगते हैं. ऐसे में तेज हवा या लगातार बारिश होने पर पौधों के गिरने का खतरा बढ़ जाता है. उन्होंने कहा कि जब गन्ने के पौधे जमीन पर गिर जाते हैं तो उनकी बढ़वार प्रभावित होती है और उत्पादन पर भी नकारात्मक असर पड़ता है. इसलिए किसानों को समय रहते पौधों के आसपास मिट्टी चढ़ाकर उन्हें मजबूत सहारा देना चाहिए. इससे पौधों की जड़ें मजबूत होती हैं और वे मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को आसानी से सहन कर पाते हैं. कृषि विशेषज्ञ के अनुसार, मिट्टी चढ़ाने से पहले खेत में जैविक खाद का प्रयोग करना और भी लाभदायक साबित हो सकता है. किसान अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद का उपयोग कर सकते हैं. इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है और पौधों को प्राकृतिक रूप से आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google यदि गोबर की खाद उपलब्ध नहीं हो तो किसान जैविक खाद के अन्य विकल्पों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे पौधों की जड़ों का विकास बेहतर होता है और फसल अधिक स्वस्थ रहती है. साथ ही जैविक खाद के प्रयोग से मिट्टी की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहती है, जिसका लाभ भविष्य की फसलों को भी मिलता है. विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के मौसम में खेतों से पानी की निकासी की व्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण होती है. कई बार लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी जमा हो जाता है. गन्ने की फसल में लंबे समय तक जलभराव रहने से जड़ें सड़ने लगती हैं और कई तरह की बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए किसानों को अभी से खेतों में नालियां बनाकर पानी निकासी की उचित व्यवस्था कर लेनी चाहिए. खेत में कहीं भी पानी जमा नहीं होना चाहिए. बेहतर जल निकासी व्यवस्था से फसल सुरक्षित रहती है और पौधों की वृद्धि भी अच्छी होती है. कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसान बारिश शुरू होने से पहले मिट्टी चढ़ाने, जैविक खाद डालने और जल निकासी की व्यवस्था जैसे जरूरी कार्य पूरा कर लेते हैं तो मानसून का मौसम उनके लिए लाभकारी साबित हो सकता है. इन उपायों से फसल मजबूत होगी, पौधे गिरने से बचेंगे और उत्पादन में भी वृद्धि होगी. इसलिए गन्ना किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे मौसम को ध्यान में रखते हुए अभी से खेतों की तैयारी पूरी कर लें, ताकि मानसून के दौरान फसल सुरक्षित रहे और उन्हें बेहतर पैदावार के साथ अधिक आमदनी प्राप्त हो सके. Source link

झारखंड

नशीले पदार्थों के सेवन से बचने की जरूरत: डीसी

जामताड़ा| जिले के सभी प्रखंडों के हाट-बाजार, विद्यालय, चौक-चौराहों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष नशामुक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। एलईडी वैन, नुक्कड़ नाटक, पोस्टर एवं बुकलेट के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों और उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है। इस दौरान ऑडियो-वीडियो संदेशों का प्रसारण कर आमजनों को जागरूक किया जा रहा है। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से कलाकार नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक नुकसान को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहे हैं। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोगों को नशामुक्ति के प्रति जागरूक किया जाए और समाज को इस बुराई से मुक्त करने की दिशा में सामूहिक प्रयास को मजबूत किया जाए। Source link

झारखंड

कृषि व संबद्ध विभागों की समीक्षा , अल-नीनो से सतर्क रहने के...

भास्कर न्यूज | जामताड़ा उपायुक्त के निर्देश पर उप विकास आयुक्त असीम किस्पोट्टा की अध्यक्षता में कृषि, पशुपालन, गव्य विकास एवं मत्स्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्षापात की स्थिति, बीज वितरण, बिरसा ग्राम विकास योजना, कृषक पाठशाला, फसल सुरक्षा, मृदा सुधार, उर्वरक उपलब्धता, गोदाम निर्माण तथा सौर ऊर्जा आधारित मिनी कोल्ड रूम सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। इसके साथ ही पशुपालन, गव्य विकास एवं मत्स्य विभाग की योजनाओं की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। उप विकास आयुक्त ने अल-नीनो के संभावित प्रभाव को देखते हुए सभी विभागों को सतर्क रहते हुए अपनी तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए। मत्स्य विभाग के तहत संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए यह भी निर्देश दिया गया कि प्राप्त आवेदनों में योग्य लाभुकों को ही चयनित कर योजना का लाभ दिया जाए। साथ ही सभी विभागों को योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया, ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें। Source link

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रिश्तेदार ही बने दुश्मन, मामूली कहासुनी ने उजाड़ दिया परिवार, मासूम बच्चों...

Last Updated:June 25, 2026, 22:05 IST जूनागढ़ पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए हत्या समेत विभिन्न कड़े विधिक प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज कर मुख्य आरोपी सहित चार लोगों को आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है. जूनागढ़ में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां मामूली पारिवारिक शक ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया. शहर के मात्री रोड इलाके में रहने वाले एक ही परिवार के दो पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि एक व्यक्ति की जान चली गई. इस मामले में पुलिस ने हत्या समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत तब हुई जब शिकायतकर्ता मोहम्मद इलियास महीड़ा की मां अपने ननद फातमाबेन की कुशलक्षेम पूछने उनके बेटे अमीर हुसैन के घर गई थीं. दोनों परिवारों के घर एक-दूसरे के नजदीक होने के कारण यह एक सामान्य पारिवारिक मुलाकात थी, लेकिन अमीर हुसैन और उसके परिवार को शक था कि शिकायतकर्ता पक्ष उनके घर की निजी बातें जानकर समाज में फैला रहा है. इसी शंका ने दोनों परिवारों के बीच मनमुटाव और दुश्मनी को जन्म दिया. 22 जून की रात करीब 9 से 10 बजे के बीच यह तनाव हिंसक झड़प में बदल गया. आरोप है कि दिलावर अलीभाई रवन्ना और उसके तीन रिश्तेदारों शाहबाज अमीर हुसैन रवन्ना, सुल्तान रवन्ना और साहिल रवन्ना ने मिलकर शिकायतकर्ता के भाई 40 वर्षीय इम्तियाज महीड़ा और अन्य पर हमला कर दिया. मौके पर मौजूद लोगों और महिलाओं ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन विवाद बढ़ता चला गया. Add News18 as Preferred Source on Google इसी दौरान मुख्य आरोपी शाहबाज ने लोहे की पाइप से इम्तियाज के सिर पर जोरदार वार कर दिया. गंभीर रूप से घायल इम्तियाज को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया. चूंकि मामला एक ही परिवार के भीतर का था, इसलिए बुजुर्गों ने दोनों पक्षों में समझौता करा दिया और तत्काल पुलिस शिकायत दर्ज नहीं कराई गई. हालांकि, 24 जून को इम्तियाज को अचानक सिर में तेज दर्द शुरू हुआ. हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी की गई, लेकिन उससे पहले ही घर पर उसकी मौत हो गई. इसके बाद परिजनों की मांग पर पोस्टमार्टम कराया गया. प्रारंभिक रिपोर्ट में सिर के अंदर गंभीर रक्तस्राव (हेमरेज) होने की पुष्टि हुई, जिससे स्पष्ट हुआ कि मौत का कारण हमले में लगी चोट थी. घटना की गंभीरता को देखते हुए जूनागढ़ ए-डिवीजन पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया और कुछ ही घंटों में उन्हें गिरफ्तार कर लिया. पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है. इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है. मृतक के पीछे दो छोटे बेटे हैं, जिन्होंने अपने पिता को खो दिया है. परिवार में मातम पसरा हुआ है और परिजन आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. Source link

झारखंड

80 साल पुरानी… पलामू की ये है सबसे सस्ती धर्मशाला, सिर्फ ₹23500...

पलामू: शादी का सीजन आते ही लोग शानदार और बजट फ्रेंडली मैरेज हॉल की तलाश में जुट जाते हैं. बढ़ती महंगाई के इस दौर में जहां एक दिन के लिए मैरेज हॉल और टेंट पर लाखों रुपये खर्च हो जाते हैं. वहीं, पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर में एक ऐसी व्यवस्था मौजूद है. जहां बेहद कम पैसे में शादी-विवाह जैसे कार्यक्रम संपन्न किए जा सकते हैं. जो कि शहर के हृदय स्थल के बेहद नजदीक है. सिर्फ 23500 रुपये में 3 दिनों की बुकिंग मैनेजर सुमित मिश्रा ने लोकल 18 को बताया कि गणपति धर्मशाला में शादी-विवाह के लिए एक दिन पहले से लेकर एक दिन बाद तक, यानी कुल 3 दिनों की बुकिंग की सुविधा दी जाती है. इसके लिए ट्रस्ट द्वारा मात्र 23500 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है. इस राशि में परिवारों को शादी आयोजन के लिए पर्याप्त स्थान और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं. सबसे खास बात यह है कि परिसर में टेंट, लाइट और अन्य सजावट के लिए भी पर्याप्त जगह मौजूद है. जहां आप शादी जैसे बड़े आयोजन आयोजित कर सकते हैं. 80 वर्ष पुरानी बौ धर्मशाला इस धर्मशाला के उपाध्यक्ष नवल जी का कहना है कि धर्मशाला लगभग 80 वर्ष पुरानी है. इसकी स्थापना रांची निवासी गणपत राय ने कराई थी. करीब 39 डिसमिल क्षेत्र में फैली इस धर्मशाला में 25 डिसमिल भूमि पर दो मंजिला भवन बना हुआ है. भवन में लगभग 27 से 30 कमरे उपलब्ध हैं. जहां मेहमानों के ठहरने की समुचित व्यवस्था की गई है. यहां आप 27 कमरों में बेहतर तरीके से कार्यक्रम आयोजित कर सकते हैं. कमरों में मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं बता दें कि धर्मशाला के सभी कमरों में सिंगल बेड, पंखा और बिजली की व्यवस्था उपलब्ध है. सामान्य दिनों में यात्रियों और जरूरतमंद लोगों को मात्र 100 रुपये में कमरा उपलब्ध कराया जाता है. इसके साथ ही स्वच्छ वॉशरूम, पीने के पानी की सुविधा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई है. पानी, बिजली और सुरक्षा का पूरा इंतजाम उन्होंने बताया कि शादी समारोह के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो. इसके लिए परिसर में वाटर कूलर लगाया गया है. बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में आपके कहने पर जनरेटर लगा सकते है. वहीं, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फायर सिलेंडर लगाए गए हैं. इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है. बाइक पार्किंग की व्यवस्था भी लोगों को अतिरिक्त सुविधा प्रदान करती है. रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से है आसान पहुंच बता दें कि गणपति धर्मशाला की सबसे बड़ी विशेषता इसकी लोकेशन है. यह छह मुहान चौक के निकट स्थित है, जहां से बस पड़ाव और रेलवे स्टेशन की दूरी महज 2 से 2.5 किलोमीटर के दायरे के अंदर में है. यही वजह है कि दूर-दराज से आने वाले मेहमानों को आवागमन में किसी तरह की परेशानी नहीं होती है. गरीब परिवारों का बना है सहारा ट्रस्ट द्वारा यहां जरूरतमंद और गरीब परिवारों को समय-समय पर सहायता भी प्रदान की जाती है. शादी के सीजन में यहां 5 से 7 विवाह समारोहों की बुकिंग हो जाती है. कम खर्च, बेहतर सुविधाएं और शहर के बीचोंबीच बाजार के नजदीक स्थित होने के कारण गणपति धर्मशाला आज कई परिवारों की पहली पसंद बनती जा रही है. Source link

झारखंड

झारखंड बार काउंसिल के नव निर्वाचित 22 सदस्यों की घोषणा, अधिसूचना जारी

झारखंड सरकार के विधि विभाग ने बुधवार को झारखंड राज्य बार काउंसिल के 22 नव निर्वाचित सदस्यों की गजट अधिसूचना जारी कर दी। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर संपन्न चुनाव के बाद निर्वाचित प्रतिनिधियों के गठन की प्रक्रिया पूरी हो गई। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एवं झारखंड हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश अंबुज नाथ ने 12 मार्च को हुए मतदान के आधार पर 22 अधिवक्ताओं को निर्वाचित घोषित किया। हाईकोर्ट से प्रशांत कुमार सिंह, अब्दुल कलम रशीदी, ललित यादव, मनोज कुमार-2, नीलेश कुमार, अभय कुमार चतुर्वेदी, रिंकू भगत, मोली सिन्हा और निवेदिता कुंडू सदस्य चुने गए हैं। वहीं विभिन्न जिला एवं व्यवहार न्यायालयों से अभिषेक कुमार भारती, मृत्युंजय कुमार श्रीवास्तव, पवन कुमार खत्री, अनिल कुमार तिवारी, संजय कुमार विद्रोही, राज कुमार, अनिल कुमार महतो, राजेश कुमार शुक्ला, जीतेंद्र कुमार, परमेश्वर मंडल, मधुलता रानी और मीरा कुमारी निर्वाचित घोषित किए गए हैं। गौरतलब है कि बार काउंसिल चुनाव में कुल 100 प्रत्याशी मैदान में थे। अधिसूचना जारी होने के बाद नव निर्वाचित सदस्य राज्य के अधिवक्ताओं के प्रतिनिधि निकाय के रूप में अपनी जिम्मेदारियां संभालेंगे। Source link

शिक्षा

Jharkhand Topper Poonam Chanchal | NEET Fail, Arrested In Solver Gang Scam

Hindi News Career Jharkhand Topper Poonam Chanchal | NEET Fail, Arrested In Solver Gang Scam 2 घंटे पहले कॉपी लिंक नीट परीक्षा में पकड़े गए अंतरराज्यीय सॉल्वर गैंग में दो मेधावी छात्राओं के नाम सामने आए हैं, जो खुद स्टेट टॉपर रह चुकी हैं। वे खुद मेडिकल और नर्सिंग कॉलेजों की होनहार छात्रा हैं। उनके परिवार वाले अपने खर्च में से पैसे बचाकर हर महीने उन्हें पैसे भेजते थे ताकि वे नर्सिंग की डिग्री पाकर परिवार का नाम रोशन कर सकें। Re Neet एग्जाम में इन दोनों का नाम आने से इनके अभिभावक इतने नाराज है कि जेल में मिलना भी नहीं चाहते। आर्थिक तंगी के चलते वे कैसे नीट सॉल्वर गैंग का हिस्सा बनी, जानिए : झारखंड की स्टेट टॉपर थी पूनम कुमारी पूनम झारखंड की स्टेट टॉपर रह चुकी हैं। पूनम ने जैक इंटर साइंस परीक्षा में सफलता जरूर हासिल की, लेकिन तीन बार NEET परीक्षा देने के बावजूद वह सफल नहीं हो सकी। बार-बार की असफलता और आर्थिक दबाव के कारण उसे साल 2025 में बीएचयू (वाराणसी) में BSc नर्सिंग कोर्स में एडमिशन लेना पड़ा। हर महीने पिता पूनम को भेजते थे 7000 रुपए पूनम के पिता बालेश्वर राणा ने बताया कि वे हर महीने अपनी जरूरतों को दरकिनार कर किसी तरह सात हजार रुपये बेटी को भेजते थे। पूनम फोन पर सिर्फ इतना ही कहती थी कि पढ़ाई में बहुत व्यस्त है। इसी का बहाना बनाकर वह पिछले सात महीने से घर नहीं आई थी। पिता को इस बात की भी जानकारी नहीं की वह वाराणसी से लखीसराय कब और कैसे पहुंच गई। पूनम के पिता बालेश्वर प्रसाद राणा ने बताया कि वह बेटी के इस काम से बहुत दुखी हैं। उनकी बेटी ने ऐसा कर घर-गांव की प्रतिष्ठा को बर्बाद कर दिया। वे गिरफ्तार बेटी से मिलने तक जाना नहीं चाहते। चंचल ने NEET पास किया लेकिन एडमिशन नहीं मिला चंचल कुमारी ने वर्ष 2018 में NEET UG में सफलता प्राप्त की थी, लेकिन नामांकन में देरी के कारण मेडिकल कॉलेज में एडमिशन नहीं मिल सका। बाद में 2021 में ओडिशा के राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में बीएएमएस कोर्स में एडमिशन लिया। वे अभी फाइनल ईयर की छात्रा हैं। पलामू की रहने वाली चंचल के छोटे भाई सतीश मेहता ने बताया कि करीब 10 दिन पहले चंचल घर आई थी, वह किसी के बहकावे या लालच में आकर इस मामले में फंस गई है। उसके दोनो भाई आयुर्वेद चिकित्सक हैं। वे अपनी बहन को डॉक्टर बनाना चाहते थे। पूनम और चंचल कुमारी के सॉल्वर गैंग के चंगुल में आने के बाद आर्थिक अपराध शाखा ने भी जांच शुरू कर दी है। हालांकि, दोनों के परिवार वाले हैरान है कि उनकी बेटी ने ऐसा क्यों किया। सॉल्वर गैंग के चंगुल में कैसे फंसी, इसकी जानकारी परिवार के लोगों को नहीं है। दोनों का मोबाइल भी कई दिनों से स्वीच ऑफ आ रहा था। ————— ये खबर भी पढ़ें… राजस्‍थान में 900 फिजिकल टीचर्स भर्ती की परीक्षा रद्द:13 सितंबर को होना था एग्‍जाम, अगले साल तक बढ़ सकता है इंतजार राजस्थान में सरकारी स्कूलों में पीटीआई (फिजिकल एजुकेशन टीचर) बनने की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को बड़ा झटका लगा है। दरअसल पीटीआई भर्ती परीक्षा सितंबर 2026 में होना थी। लेकिन भर्ती नियमों से जुड़े मुद्दों के कारण अब इसे रद्द कर दिया गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

झारखंड

रांची-आनंद विहार समेत कई स्पेशल ट्रेनों को मिला विस्तार, फेरे बढ़ाए गए

गोरखपुर-सम्बलपुर एक्सप्रेस में अतिरिक्त एसी कोच: यात्रियों की सुविधा के लिए गोरखपुर-सम्बलपुर एक्सप्रेस (15027/28) में भी अस्थायी रूप से एक अतिरिक्त एसी 3-टियर कोच जोड़ा जाएगा। गोरखपुर से चलने वाली ट्रेन में यह सुविधा 1 से 31 जुलाई तक और सम्बलपुर से चलने वाली ट्रेन में 3 जुलाई से 2 अगस्त तक उपलब्ध रहेगी। रेलवे का उद्देश्य यात्रियों को राहत देना है। रांची| रेल मंत्रालय ने यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए कई स्पेशल ट्रेनों के परिचालन अवधि में विस्तार किया है। इसके तहत रांची-आनंद विहार टर्मिनल स्पेशल (02877) का संचालन 4 से 25 जुलाई तक प्रत्येक शनिवार और आनंद विहार-रांची स्पेशल (02878) का संचालन 5 जुलाई से 26 जुलाई तक प्रत्येक रविवार को किया जाएगा। दोनों ट्रेनें चार-चार अतिरिक्त ट्रिप चलेंगी। इसी तरह सांतरागाछी-अजमेर साप्ताहिक स्पेशल (08611) 6 जुलाई से 28 सितंबर तक प्रत्येक सोमवार और अजमेर-सांतरागाछी स्पेशल (08612) 9 जुलाई से 1 अक्टूबर तक प्रत्येक गुरुवार को कुल 13-13 ट्रिप संचालित होंगी। इन ट्रेनों का परिचालन रांची होकर होगा, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त यात्रा विकल्प मिलेंगे और वेटिंग सूची का दबाव कम होने की उम्मीद है। Source link

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PM मोदी फोन कर पार्टी में आने को कहें तो क्या करेंगे?...

नई दिल्ली. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने मौजूदा राजनीतिक हालात, खासकर विपक्ष में मची भगदड़ पर अपनी राय दी. उन्होंने न्यूज18 इंडिया से एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहा कि विपक्ष में भागम-भाग के पीछे लालच, डर या मजबूरी हो सकती है, जैसे डूबते जहाज से लोग भागते हैं. टीएमसी में ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के बीच विवाद पर सिन्हा ने स्पष्ट किया कि उनका नेता सिर्फ ममता बनर्जी हैं, और उन्होंने मुश्किल वक्त में उनका साथ दिया है, इसलिए वे भी उनका साथ देंगे. अभिषेक बनर्जी पर लगे आरोपों पर उन्होंने कहा कि वे उन्हें अपना नेता नहीं मानते. भाजपा में अपने 30 साल के अनुभव को याद करते हुए सिन्हा ने कहा कि अगर किसी पार्टी से फोन आता है, तो वे पहले सुनेंगे, फिर सोचेंगे, लेकिन फिलहाल ममता बनर्जी की पार्टी छोड़ने का कोई इरादा नहीं है. उन्होंने विपक्ष की एकता और मजबूती पर जोर दिया, खासकर 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए. प्रधानमंत्री मोदी के 12 साल के कार्यकाल की तारीफ की और उनकी ऊर्जा व सक्रियता की सराहना की. अमित शाह को उन्होंने योग्य और तर्कशील बताया. साथ ही, राहुल गांधी के संदर्भ में उन्होंने राजनीति में शब्दों की मर्यादा को जरूरी बताया. पेश है बातचीत के मुख्य अंश: सवाल: राजनीतिक पार्टियों में भागमभाग क्यों मची है?जवाब: किसी भी निवारण से पहले आपको कारण पे जाना बहुत ज़रूरी है. ये कारण क्या है? क्यों भागम भागम भाग मची है ये मचाया गया है. ये सीन क्रिएट किया गया है. इसके पीछे कहीं बहुत ज्यादा लालच, प्रलोभन या भय या फिर कई बार ऐसा होता है. डूबते हुए जहाज को जब लगता है कि वो जहाज डूब रहा है, कई लोग भागने की दिशा में आ जाते हैं. सवाल: टीएमसी के बागी गुट ने ममता बेनर्जी को चेयरमैन पद से हटा दिया. अभिषेक बेनर्जी को भी सस्पेंड कर दिया है. इस पूरी घटना पर आप क्या कहते हैं? अब ममता बेनर्जी अपनी पार्टी से बाहर हो गई हैं. क्या भतीजे के मोह ने उन्हें मार दिया पॉलिटिकली?जवाब: अभी इसका फैसला नहीं हुआ है. सवाल: वो कह रहे है कि ममता जी अभिषेक बेनर्जी का मोह नहीं छोड़ पा रही, इसलिए हमें उन्हें पार्टी से बाहर करना पड़ा.जवाब: उनको तो मुझसे दूर जाना था तो बहाने बना लिए. सवाल: आपने कोई बहाना नहीं बनाया. इस मुश्किल घड़ी में दो बिहारी सब पर भारी पड़ गए.जवाब: देखो हमारा, खासकर अगर मेरा आप जानना चाहोगे, फिर से तो अमिश मैं आपसे कह सकता हूं कि मेरा तो मामला इमोशनल ज्यादा है. पॉलिटिकली कोई बात नहीं की मैंने. मैंने कहा कि इमोशनल रीजन है, जिन्होंने सुख-दुख की दुःख की घड़ी है, मुसीबत की घड़ी है… मेरा साथ दिया ममता जी ने, तो आज मेरा फर्ज और कर्तव्य बनता है. मैं ममता जी का साथ दूं, उनकी इस मुसीबत की घड़ी में. सवाल: बीजेपी में 30 साल रहे… सुख-दुःख कि तो वो भी आपकी साथी रही है.जवाब: बिल्कुल-बिल्कुल साथ दिया. 30 साल आपने खुद ही कह के सवाल में जवाब जोड़ दिया, आपने जी कितना बढ़िया आ रहा 30 साल रहा अच्छा रहा… मैं तो हमेशा कहता हूं, मेरा लालन-पालन तो भारतीय जनता पार्टी में ही हुआ. मेरा तो आज भी जो रेगार्ड्स है अटल जीके बारे में, आडवाणी जीके लिए… तो ये लोग तो बहुत अच्छे हैं, उनकी याद जाएगी नहीं, उनका रेगार्ड्स जाएगा नहीं. सवाल: क्या आपको लगता है कि खाली बहाना नहीं हो सकता? अभिषेक बेनर्जी पर सिलसिलेवार तरीके से आरोप लगे हैं. क्या आपको लगता है कि कहीं ना कहीं तो कोई चूक हुई होगी? ऐसे ही तो कोई बेवफ़ा नहीं होता.जवाब: हां ठीक… कहा कुछ तो मजबूरियां नहीं होंगी. यूं ही कोई बेवफ़ा नहीं होता, ये ठीक है लेकिन किस समय… टाइमिंग देखिए… आप जब उनकी नजरों में जहाज़ डूब रहा था तब छोड़ने की घड़ी में जम करने की जम्पिंग कर रहा है. और उसके बाद जंपिंग जैक बनकर बहाना नहीं मिल रहा. ममता जी के बारे में कह नहीं सकते. ममता जी का सबको पता है तो एक वहां डैशिंग, डायनामिक, डैशिंग, डायनामिक छोरा है.. वहां पे जो बढ़िया कर रहा है और वो है अभिषेक बेनर्जी तो उसी पे लगा है. बिकॉज़ सेक्रेटरी जनरल है वो. अभिषेक जो करते होंगे देखिए हमने देखा है मेरा तो नेता नहीं है अभिषेक. ना मैं उनको जानता हूं इतनी अच्छी तरह से, ना ही मैं उनको अपना नेता मानता हूं. मेरे नेता सिर्फ और सिर्फ ममता बनर्जी हैं. अभिषेक बनर्जी को अपना नेता नहीं मानता. मैं ममता जी के आग्रह पे गया था. सवाल: अभिषेक बनर्जी की रेपुटेशन कैसी है? अभिषेक बनर्जी के बारे में बहुत सारे आरोप लगते है बहुत सारी. बातें कही जा रही है और कुछ तथ्य भी सामने आ रहे हैं. आपका उनके साथ कैसा तालमेल था?जवाब: बहुत अच्छी. तो हम जो बैठते थे वो अच्छे से बैठते थे, बातचीत होती थी, रिस्पेक्टफुली बात करते थे. सवाल: आपने पॉलिटिक्स में हमेशा एक बड़ा शिष्टाचार रखा और आपने शब्दों की मर्यादा को हमेशा बरकरार रखा. राहुल गांधी ब्रांड ऑफ पॉलिटिक्स स्टाइल ऑफ पॉलिटिक्स को जिस तरह की वो तू तड़ाक की भाषा इस्तेमाल कर रहे हैं. प्रधानमंत्री के लिए रोएगा मोदी, ये होगा मोदी के साथ… क्या आपको लगता है वो सही है?जवाब: शब्दों का चयन और भाषा के मर्यादा का सबको ध्यान रखना चाहिए. राजनीति में बड़े-बड़े जो काम होते हैं. हमने एक चीज़ सीखी है कि इससे घबराने की जरूरत नहीं है. पहले तो कूल रहो, हमेशा कूल रहो… आपने अच्छे-अच्छे जनरल्स को भी देखा होगा. उनसे सीखा है. कितनी बड़ी-बड़ी बातें भी आती है. आपने उनको कूल देखा है. आपने ईरान के लोगों को देखा है, कितना कूल होकर… कितने बड़े बड़े डिसीजन लिए? उन्होंने अमेरिका के प्रेसिडेंट साहब का जिक्र अगर ना करे ट्रंप साहब का तो बहुत लोगों को देखा, बहुत कूल रहते हैं और कूल रहे. सवाल: ट्रंप आपको कूल नहीं लगते.जवाब: उनके अंदर बड़ी जोश भी है. कई बार इरिटेट हो जाते हैं, चिढ़ जाते हैं, ज़ोर से बोल देते हैं. सवाल: एक सवाल है मेरा… अचानक अगर देश के गृह मंत्री अमित शाह का फ़ोन आए या देश के प्रधानमंत्री का? फ़ोन आए

झारखंड

ब्रेसलेट हुआ पुराना अब है फेसलेट का जमाना..! मेहंदी-हल्दी हो या प्री...

Last Updated:June 25, 2026, 11:58 IST Jamshedpur’s Sheetal Selling Facelets: आजकल मेहंदी, हल्दी के फंक्शन में या प्री वेडिंग शूट में लड़कियां फेसलेट खूब पसंद कर रही हैं. जमशेदपुर की शीतल सिर्फ 350 रुपये में कस्टमाइज्ड फेसलेट बना रही हैं. इसमें बहुत सारी डिजाइन हैं जो आप अपनी पसंद के मुताबिक चुन सकते हैं. ख़बरें फटाफट जमशेदपुर. शादी का सीजन हो और नए फैशन ट्रेंड की चर्चा न हो, ऐसा संभव नहीं है. समय के साथ शादी समारोहों की तैयारियों और सजावट में लगातार बदलाव देखने को मिल रहे हैं. खासकर मेहंदी और हल्दी जैसे प्री-वेडिंग फंक्शन में युवतियां अब पारंपरिक ज्वेलरी के साथ-साथ नए और यूनिक एक्सेसरीज को भी पसंद कर रही हैं. इन्हीं ट्रेंड्स में इन दिनों एक खास प्रकार के फेसलेट (Facelets) का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है, जो सोशल मीडिया से लेकर शादी समारोहों तक आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. बिना कांच वाला स्टाइलिश चश्मायह फेसलेट देखने में एक स्टाइलिश चश्मे की तरह होता है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कांच (ग्लास) नहीं होता. केवल खूबसूरत फ्रेम और सजावटी डिजाइन के कारण यह चेहरे की खूबसूरती को और अधिक निखारता है. मेहंदी, हल्दी, संगीत और प्री-वेडिंग फोटोशूट में इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. बॉलीवुड और हॉलीवुड की कई अभिनेत्रियां भी ऐसे फेसलेट पहनकर फोटोशूट कराती नजर आ चुकी हैं, जिसके बाद युवाओं में इसका आकर्षण और बढ़ गया है. लोगों के बीच लोकप्रियबाजार में उपलब्ध इन डिजाइनर फेसलेट्स की कीमत आमतौर पर 1000 से 1200 रुपये तक होती है. हालांकि, जमशेदपुर की रहने वाली शीतल ने इस ट्रेंड को स्थानीय स्तर पर नया रूप दिया है. शीतल अपने हाथों से आकर्षक और कस्टमाइज्ड फेसलेट तैयार कर रही हैं, जिन्हें मात्र 350 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है. कम कीमत और शानदार डिजाइन के कारण उनकी यह पहल लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हो रही है. कस्टमाइज भी कर देती हैंशीतल बताती हैं कि उन्होंने सोशल मीडिया पर इस ट्रेंड को देखा और सोचा कि इसे स्थानीय स्तर पर भी लोगों तक पहुंचाया जा सकता है. इसके बाद उन्होंने विभिन्न डिजाइन, रंगों और थीम पर काम करना शुरू किया. आज उनके पास कई तरह के फेसलेट कलेक्शन उपलब्ध हैं, जिनमें फ्लोरल थीम, मोती वर्क, मिरर वर्क, पर्ल डिजाइन और नाम लिखवाने जैसे कस्टमाइज्ड विकल्प भी शामिल हैं. हर डिजाइन को अलग और आकर्षक बनाने की कोशिश की जाती है, ताकि पहनने वाला खुद को खास महसूस कर सके. इन फेसलेट्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये फोटो में बेहद खूबसूरत दिखाई देते हैं. मेहंदी और हल्दी समारोह में रंग-बिरंगे परिधानों के साथ इनका मेल तस्वीरों को और भी आकर्षक बना देता है. यही कारण है कि युवा वर्ग के बीच इनकी मांग लगातार बढ़ रही है. छोटे स्तर से काम लेकिन बड़ी पहचानजमशेदपुर की शीतल न केवल एक नए फैशन ट्रेंड को बढ़ावा दे रही हैं, बल्कि अपनी रचनात्मकता और हुनर के दम पर स्थानीय स्तर पर एक सफल पहचान भी बना रही हैं. उनका यह प्रयास साबित करता है कि अगर सोच नई हो और मेहनत सच्ची हो, तो छोटे स्तर से शुरू किया गया काम भी लोगों के बीच बड़ी पहचान बना सकता है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand Source link

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